Adultery Chor (A journey of a thief ) - Page 11 - SexBaba
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Adultery Chor (A journey of a thief )

Episode 33

Rakshin....rakshin को किसी ने पुकारा..

रक्षिण : माँ आप


yahan..kaise..rakshin सामने सान्वी को देख हैरत से बोलै..

हां मई मुझे लगा तुम अकेले लड़ नहीं पाओगे इसलिए agayi..tum मेरे प्यारे बेटे हो न...

रक्षिण: हम्म mommy..ye स्नेहा बंगलोरे जा रही थी .

..रस्ते में मिली..

Accha..abhi मुझे पता चला रॉकी मेरा बीटा नहीं है.. डॉक्टर ने मुझे उसकी डीएनए रिपोर्ट दिखाई थी और वैसे hi मई यहाँ के लिए निकल gayi...usne मेरे साथ धोका किया है रक्षिण उसे मार do...wo आगे वाली कार में hai...wo देखो सामने..

रक्षिण पर फिर एक बम फूटा..

स्नेहा : ये क्या कह रही हो आंटी रॉकी की डीई.. n..aaaaa...aaahhh.

स्नेहा क्या hua..rakshin ने आगे बढ़कर गिर रही स्नेहा को थम लिया..

Didi...didi..kya हो रहा है aapko..rishu स्नेहा को देखने आ रही थी की सामने उसे गिरता देख वो चीखते हुए पास आयी..

रिशु : दीदी क्या हुआ

aapko..didi..tumne क्या किया इनके साथ..

रक्षिण : मैंने कुछ नहीं किया ये अपने आप ...

रिशु : छोरो मेरी दीदी को kamine...didi चल पाओगी आप..

स्नेहा ने सर हिला दिया..

रक्षिण से स्नेहा को लेकर सहारा देते हुए रिशु चल दी...

रक्षिण: इसे तो मई बाद में dekhunga...mom आप अकेली आयी ho..ki जूनियर भी साथ है...

अकेली..

रक्षिण: अच्छा मरना चाहती हो आप सच में..

समय बर्बाद मत करो ...jao..mai यहाँ तुम्हारा इंतज़ार कर रही हों..

रक्षिण आगे बढ़ गया...

Rakshin..rakshin को पुकारते हुए अश्रु कार से nikla..to उसे सामने रक्षिण जाता हुआ दिखा..

भागते हुए वो पास आया...

अश्रु: हे रक्षिण तू फ़ोन कार में hi भूल गया देख मदर की कॉल आ रही है...

रक्षिण ने रुक कर फ़ोन liya..phir नंबर देखने लगा..

हैरत से उसने सामने देखा..

सामने सान्वी कड़ी थी..

Jaao...use सान्वी ने आगे बढ़ने का इशारा किया ..

रक्षिण ने डरते हुए कॉल रइवे की और चलते हुए फ़ोन कानो पर लगा लिया..

Hello रक्षिण.. sweetheart..uski स्टेप माँ आगयी है.

रक्षिण ने सामने देखा..

रक्षिण: हम्म...

कहा पर पहुंचे tum...mai कह रही थी रॉकी से फाइट नहीं karna..use प्यार से लेकर aana...mujhe नींद नहीं आ रही थी सोंचा तुम से बात कर लून...

रक्षिण: बाद में बात करता हों..

रक्षिण ने फ़ोन कानो से हटा कर जेब में रखा..

सामने रक्षिण ने देखा सान्वी अब भी कड़ी थी...

रक्षिण: पीछे देख ड्राइविंग साइड में तुझे मां नजर आ रही है..

अश्रु : व्हाट मदर यहाँ कई... mother..abhi उनकी कॉल ..

रक्षिण : भाग अश्रु ..जितनी तेज भाग सकता hai...bhag....aur दोनों ने दौड़ लगा दी .

हहहहहहह...

पीछे एक भयानक कहकहा रोड पर गूँज गया..

**************************

Dhammm...dhammm...

कोई कार से उतर रहा था और हम सबके दिल की धधकने बढ़ रही थी...

अब जाकर ऐसा लगा जैसे कार पर से वजन हैट गया हो...

सामने कोण hai...ahana ने कहा..

उसका मुँह सामने के मिरर की तरफ था और मई उसके पैरो के पास बैठा था पीठ करके मेरी हिम्मत नहीं हुई की मई सर घुमा कर पीछे देखूं...

जस्मिने : ana...yahan...

मई : आना यहाँ kaise...light ों karo..maine गर्दन घुमा कर देखते हुए कहा.

जस्मिने : वो पेड़ को हटा रही है ...

लाइट ों हुई और मुझे क्लेअर्ल्य आना दिखी..

की वो रुक गयी ..मई खिड़की वाले ब्लैक मिरर से उसे देखने लगा..

वो पीछे हैट रही थी ...

मई :didi....mai chikha..kayi अनदेखे साये उसे जंगलो में ले जा रही थे..

लावण्या : ये उनकी कोई चल है बैठा रह चुप chap...abhi देखा नहीं कैसे वो माँ के रूप में ए थे..

जस्मिने : मई सूरे हों ये आना है...

मई लड़ रहा था एक तरफ दोस्ती थी अपने दोस्त सरस को गुलामी से बचाना एक तरफ बहन मई बहार जाता डेफिनिटेली मारा जाता..

मई : दीदी ध्यान से सुन ..अगर मई न लौटू तो विक्की और उसके तांत्रिक गुरु को तुझे मरना hai..kehte हुए मैंने जस्मिने का पेअर दबाया उसने मुझे देखा और मैंने दूर खोलने का इशारा किया .

लावण्या : तू कहा जा रहा है क्या कह रहा है ..

खत...

दूर अनलॉक hua......agle hi पल मैंने दूर खोल दिया..

मई बहार nikla...aur उस तरफ जंगल में दौड़ लगा दी जहाँ वो अदृश्य साये मेरी बहन को ले जा रहे थे..

रुकोऊ...

मैंने पीछे देखा अहाना मेरे पीछे आ रही थी...

पीछे देखते हुए मुझे साइड आईज से कोई अपनी और अत दिखा वो दो थे..

Rocky...hey rocky...mujhe अश्रु की आवाज़ aayi..mai रुक नहीं सकता tha..na मई सूरे था वो अश्रु hi था..

अहाना का हाथ पकड़ मई अंदर के लिए भागने लगा..

अंदर जंगल में गीली मिटटी में हमारे पेअर धंस रहे थे..

भागना मुश्किल हो रहा अब बस चल रहे थे हम...

अहाना : अन्य ...अन्य...

मई : didi...didi....

सन्नाटे में हमारी आवाज़ हमें hi डरा रही थी....

मिटटी से निकल हम घास पर चलने lage...jiska फायदा ये हुआ हमारी स्पीड बढ़ गयी थी...

Didi....didi...didi.

मई चारो तरफ देखते हुए पुकार रहा था...

और मेरे दिल की धड़कने बड़ी स्पीड से धड़क रही थी...

मेरे आंसू निकल aaye..mujhe दर लग रहा था की कही मेरी बहन को कुछ हो न गया हो..

अहाना : सामने देखो रॉकी..

सामने एक घर था टुटा फूटा सा जिसमे बहार एक पिले बल्ब की रौशनी निकल रही थी...

Rocky...rocky..ki मुझे लावण्या दीदी की आवाज़ आयी..

Rocky...rocky...

अगली आवाज़ मुझे अश्रु की आयी...

रॉकी कहा हो tum...jasmine भी मुझे पुकार रही thi...itni साडी आवाजे झूट नहीं हो सकती थी...

अहाना : हम यहाँ है ..lav...lav...

लावण्या : आवाज देती रहो..

मुझे लव की आवाज़ बहुत दूर से आयी..

Dhammm....dhammmm..Chrrrr..

...अगले hi पल मैंने अहाना के मुँह पर हाथ रख लिया...

और उसे सुनने का इशारा किया..

कोई भरी भरी कदमो से हमारी तरफ hi आ रहा था...

मैंने अहाना का हाथ पकड़ा और उसे लेकर पेड़ो के पीछे छुप गया...

रॉकी मेरे बच्चे कहा हो tum..rocky...

मुझे बेहद पास से अपने डैडी की आवाज़ aayi...mai जनता था वो मेरे डैडी नहीं थे...

हिल हाउस हमारा था याद है tumhe...rocky..

मेरी रिड की हड्डी में दर की एक सार्ड लहर दौड़ gayi...aur मेरी आंखे बंद हो गयी...

माँ ये मेरा भाई है..

हां मेरी लव ये तुम्हारा भाई है .देखो कितना प्यारा hai..aur मई तुम्हारी माँ hon..mere लादले बेटे..

तुम मेरी माँ नहीं ho..chhoro mujhe...na तुम मेरी दीदी हो .मेरी दीदी आना दीदी है..

देख रहे हो aap..ise ..

रॉकी यही तुम्हारी माँ है अब se..samajh गए..

No she's नॉट माय माँ..

चटककक...

जाओ अपने रूम में..

इस घर को छोड़ देते है ऋचा..

मुझे भी यहाँ दर लगता है..

ये सब मई रॉकी के लिए कर रहा हों...

रॉकी बीटा मेरी बात ध्यान से suno..agar मुझे कुछ हो जाये मई ना राहु तो तुम यहाँ आओगे और हर दिन एक मुर्गी और हर हफ्ते एक बकरा यहाँ काट कर rakhoge..wada करो..

रॉकी क्या हुआ तुम्हे याद नहीं...

अपने डैडी की आवाज़ से मई होश में आया..

मेरी आंखे भीग गयी thi...mere आंसू बारिश के पानी में बह रहे थे...

Rocky...rocky...awaz दो..

अहाना कहा हो तुम...

मुझे बार बार दीदी और जैस्मिन अश्रु की आवाज़े आ रही थी....

मेहे मेहे...

आवाज़ पर मैंने सर उठा कर dekha...wo बकरा लाल आंखे लिए मेरे सामने आ खड़ा हुआ था..

हमारी नजरे मिली और वो मुस्कुराया...

उसे इस तरह देख मेरी पलके झपकना भूल गयी थी मेरे हाथ कल्पने lage..meri आंखे फ़ैल gayi...wahi अहाना फिर से पैनिक करने लगी...

वो दर से जैम गयी थी...

अगले hi पल वो बकरा एक बड़े हेयले में बदल gaya...uski लम्बाई 20 फुट से जयदा पेड़ जितनी थी....

उसने अपना हाथ हवा में घुमाया...

उसके पंजे ऐसे थे जिन्हे देख कर hi दहसत से इंसान पागल हो जाये...

उसका वही पंजा मेरे और अहाना के नज़दीक आ रहा था लेकिन मुझमे इतनी हिम्मत नहीं थी की मई अहाना को लेकर भाग सकू...

मुझे अपना अंत होते महसूस हुआ..

धमममममममम....

एक बड़ा सा माउंटेन का हिस्सा उस हेयले पर आकर gira..aur उसकी वेब से कीचड़ पेड़ पत्थर मेरे और अहाना के ऊपर आकर gire..mere कपडे मुँह सब सं गए they...accha ये हुआ मई 15 कदम की दूरी पर था उससे और माउंटेन का सारा हिस्सा पीछे आकर gira..nhi तो हम भी उसके निचे डाब कर मर जाते...

रॉकी bhago...rocky...hosh में aao...bhago..yahan se..rocky...

वो सरस था...

मई होश में आया और मैंने अहाना के थप्पड़ mara..wo होश में आयी और हमने भागने के लिए दौड़ लगा दी...

हम दोनों एक दूसरे का हाथ पकडे अँधा ढूंढ भाग रहे थे...

की पत्तो की चरचराहट पर हमारा ध्यान पीछे gaya...aur हमने पीछे मुद कर देखा...

पीछे एक आदमी बैठा tha...aur हम रुक गए..

मुझे खोलो
साहब ji...usne हमें देख kaha..wo पेड़ से बंधा हुआ था..

मई : तू. Tu..tum..k.kon.

तू यहाँ है ...तुझे नहीं पता ये मेरे खाने का समय है..

इतने में एक बेहद लम्बा चौड़ा आदमी आया जो ब्लैंकेट में छुपा था मुझे बस उसकी आवाज़ hi आ रही thi..blanket के होने पर उसका चहेरा.. जिसमे नहीं दिखाई दे रहा था..

Aaaaaaaaaaaa..us बंधे हुए आदमी की एक दर्दनाक चीख जंगल में गूँज गयी..

उसने उस बंधे हुए आदमी का पेअर एक धारधार हथियार से कटा और वो उसे मुँह में लेकर चबाने लगा..

बिलकुल भी मजा नहीं तेरे पेअर me..us ब्लैंकेट वाले ने कहा..

इसके साथ वाली लड़की का मीट बड़ा स्वादिस्ट होगा देखने में भी बहुत सुन्दर है..

उस बंधे हुए आदमी ने कहा..

धम्म्मम्म...

अहाना दर से बेहोश होकर जा गिरी...

उसके गिरने से मुझे होश आया .

मैंने उन दोनों को देखा वो मुझे देख क्रिप्य स्माइल दे रहे थे...

फिर वो मेरी और बढ़ने लगे..

मैंने अहाना को उठाया और आगे के लिए दौर लगा दी..

रुक jao...ruk jaao..mujhe भूक लगी hai..ruk jao...piche मुझे उस ब्लैंकेट वाले की आवाजे आ रही थी..

मई बारिश में अहाना को उठाये भागता रहा जब तक वो घर नहीं आगया था जिसे अहाना ने देखा था..

वहां एक बल्ब जल रहा था अँधेरे में...

दरवाज़े पर मैंने हाथ मारा वो खुल gaya..andar एंटर होते hi मई अनजान से गुजरता हुआ बरामदे में आया...

कोण हो तुम...

इतने में मुझे पीछे से आवाज़ आयी...

मई पीछे मुदा तो एक आदमी पानी का मटका लिए खड़ा था...

मई दर से पीछे होने लगा..

कोण हो तुम यहाँ क्या कर रहे हो..

वो आदमी देखने में एक बूढ़ा था उसकी शकल बरामदे में लगे बल्ब की रौशनी में दिख रही थी..

मई : k.kya..kya तुम इंसान हो...

तुम कोण हो और मेरे घर में क्या कर रहे हो..

मई : ma..mai अपनी बहन .को ढूंढ रहा हों...

वो मुझे गौर से देकने लगा..

फिर चलते हुए मेरे पास आया..

AAah..kya कर रहे ho..maine नाख़ून उसके हाथ में मर कर देखा ...

वो बूढ़े आदमी दर्द में चिल्लाये..

और मेरी जान में जान aayi...mujhe काम रौशनी की वजह से उनका ब्लड नहीं दिखा लेकिन मई सूरे हो गया था ये इंसान है..

मई : माफ़ करना मई बस देख रहा था आप इंसान हो..

उसने सर हिलाया..

चर्रर्र की आवाज़ के साथ दूर खुला...

क्या ये है वो लड़की...

मई चलता हुआ रूम के पास आया..

अंदर दीदी एक चटाई पर लेती thi...jiske कपडे फाटे हुए थे...

दीदी...

मई भाग कर उसके पास gaya..ahana को मैंने बराबर में चटाई पर लिटाया दीदी के पास फिर दीदी को उठाने लगा...

मई : didi...didi...didi..

वो इसे मरने वाले थे की मई आगया तो वो चले गए इसे छोड़ kar..soncha कोई इसे ढूंढ़ता हुआ आएगा तो मई यहाँ ले आया..

Aaaah...didi कसमसाते हुए उठी...

Rocky...aur दीदी मेरे गले लग गयी...

अन्य : wo...wo..usse कुछ बोलै नहीं गया..

उसकी दध्कने मुझे अपने अंदर महसूस हो रही thi....uska जिस्म तप रहा था...

मई अलग हुआ..

मैंने उस आदमी के आगे हाथ जोड़ लिए...

मई: कैसे आपका अहसान चुकाऊं...

इंसान hi इंसान के काम अत hai..usne सख्त आवाज़ में कहा..

मई : आप यहाँ क्या कर रहे इतने घने जंगल में..

बस दुनिया से तंग आकर यहाँ घर बसा liya..duniya में अब सुकून किसे hai..tum बताओ तुम यहाँ कैसे..

मई ; बंगलोरे जा रहा था रस्ते me...aur मई उसे शार्ट में बताने लगा.

अभी aya..meri बात सुनकर वो चला गया..

कुछ देर बाद वापस aya..to उसके हाथो में एक ब्लैंकेट था..

ये तुम्हारे लिए..


उसने दीदी की तरफ ब्लैंकेट फेक कर कहा..

सुबह होने में ढेड़ घंटा है तब तक यही रहो फिर अपना सफर पूरा करना...

मई: मेरे साथ मेरे साथी है और मेरी दूसरी बहन मुझे लेने जाना है तब तक आप इनका ख्याल रखना..

अन्य : मुझे अकेला छोर कर मत jao...uski दर से कल्प्ति आवाज़ निकली..

मई लेकर अत hon...tum यहाँ सेफ rahoge...us बूढ़े आदमी ने कहा..

मैंने सर हिलाया और वो बूढ़ा आदमी चला गया...

मई वेट करने लगा..

करीब 10 मिनट बाद दूर बजा और मई रूम से बहार आकर देखने लगा...

आगे वही बूढ़े आदमी थे उनके पीछे अश्रु रक्षिण जस्मिने दीदी thi...aakhir में मेरे दोनों आदमी.

मई भाग कर दीदी के गले लगा...

मई : तू ठीक hai...usse कुछ नहीं कहा gaya..uske जिस्म का हाल भी दीदी के जिस्म की तरह था ..

Rakshin..ana दीदी उठने लगी उसे देख कर फिर लम्बे कदमो से उसकी तरफ बढ़ने लगी...

मेरे पास से गुजरी तो मैंने उसका हाथ पकड़ लिया..

मेरे जिस्म के खिचाव को देख लव अलग हुई फिर हैरत से आना और मुझे देखने lagi...ana दीदी भी मुझे सवाल भरी नजरो से देख रही थी की मेरी आँखों में नफरत और गुस्सा देख वो रुक गयी...

सुनो baccho...tum सब जाकर खुद को रूम में बंद कर lo...mai तुम से सुबह मिलूंगा..

उन बूढ़े आदमी ने कहा..

मैंने सर हिलाया..

रॉकी वो किसी कीमत पर तुम्हे जाने नहीं देंगे तो कुछ भी हो जाये दरवाज़ा नहीं खोलना जाओ सब अंदर.

मई : आप कैसे जानते है मेरा नाम..

तुमने बताया tha...ab जाओ...

मुझे याद था मैंने नहीं बताया था अपना नाम..

लावण्या : चल अंदर चल..

हम सब उसी रूम में आगये..

उस रूम में मिटटी के कुछ बर्तन थे और एक बल्ब जल रहा था..

सबके अंदर आते hi मैंने रूम लॉक कर लिया..

जिसे जहाँ जगह मिली वो बैठ गया..

अहाना ..hey..ahana...lav अहाना को उठाने लगी..

तुम ठीक हो didi...rakshin ने दीदी के पास आते हुए कहा..

अन्य : थे ओल्ड मन सेव में .


ोथेरविसे थे वोउल्ड हैवे किल me..ana ने रुआंसी आवाज़ में kaha..uske दर से आंसू निकल रहे थे...

मई दीवार से तक लगाए बैठा अपनी धधकने सँभालते हुए दर पर काबू कर रहा था की आना को रक्षिण के गले लगता देख मैंने आना को पकड़ कर खिंच लिया..

गुस्से में रक्षिण मुझे घूरने लगा...

रक्षिण : ये मेरी भी बहन है

मई : तो बहन छोड़ तू इसके साथ सोया kyo...gusse में मई खड़ा हो गया...

रक्षिण: सोया hi हों तेरी तरह अपनी पलने वाली मदर को मरने की कोशिश नहीं की...

लावण्या : ये क्या बकवास कर रहे हो तुम..

रक्षिण: इसने तुम्हारी माँ को मरने की कोशिश की वो तो मई ग्रैनी को देखने तुम्हारे घर आया तो उन्हें बचा लिया वर्ण इसके आदमी उसे मार देते...

बरी बरी से सबकी निगाहे मुझ पर आ जमी सब मुझे विल्लिअन की तरह देखने लगे...

लावण्या : क्या ये सच कह रहा है . बोल rocky...jawab दे मुझे...

मई : उसने मेरे डैड को चीट किया सो वो ये डेसेर्वे करती थी...

धम्मं dhammm..kyo किया तूने ye...kyo kiya..bol क्यों किया..

वो मुझे मर रही थी और रट हुए पूछ रही थी...

चटकककक....

मेरा हाथ चला और वो धड़ाम से अहाना पर जा giri...agle hi पल अहाना होश में आगयी..

मई : एक रंडी की इतनी औक़ात की मुझ पर हाथ उठाये...

वो हैरत से मुझे देखने लगी...

लावण्या : सब khatm..aaj से मेरा रिश्ता तुझसे ख़त्म हुआ.

मई : वो तो उसी दिन ख़त्म हो गया था जब मैंने तुझे हिल हाउस में पकड़ा tha...mai तुझे बर्दास्त कर रहा था तो बस तुझसे पीछा छुड़ाने के liye...bloody चिपकू बीच..

वो रोने lagi..aurat के पास जब कुछ नहीं बचता तो वो रोने लगती है..

मई : और तू मेरी बहन से दूर rahega...warna मई तुझे भी मार दूंगा और इसे भी...

रकहिं : मैंने कहा था तेरी माँ से मुझे पलने के liye..mai सड़को पर था वो मुझे laayi...aur अब ये मेरी बहन hai...tu रोक सकता है तो रोक ले...

वो चलते हुए दीदी के पास आने लगा..

उसने हाथ बढ़ाया दीदी के हाथ की तरफ..

Dhammmmm...agle hi पल मेरा घुसा उसके मुँह पर जा लगा...

मई : मेरी बहन को हाथ लगाया तो जान से मार दूंगा...

रक्षिण : दीदी क्या तू मेरी बहन नहीं है बस एक बार कह दे तुझे अपनी शकल भी नहीं दिखाऊंगा अगर तुझसे मेरा कोई रिश्ता नहीं...

अन्य : बस करो रॉकी तुम्हारी तरह ये भी मेरा भाई hai...tum मनो की न मनो सच्चाई यही hai..aur तू इससे माफ़ी मांग और मई भी मांगती हों थे मैं कुलप्रीत वास् में rocky...rakshin मुझे रोक रहा था..

मैंने मरने के लिए हाथ उठाया लेकिन मैंने मारा नहीं ..आना दर से सहम गयी ..

मई : मैं कुलप्रीत तो तू hi hai..aurat की मर्जी के बिना मर्द उसका कुछ नहीं कर सकता...

धम्म्म्म धम्म...

खिड़की बंद करो jaldi...arshu ने कहा और जस्मिने uthi...khidki उसी के सर पर thi....wo जल्दी से बंद करने लगी..

जस्मिने : शायद हवा से...

अश्रु ने ना में सर हिला दिया..

खोलो मई hon...usi बूढ़े आदमी की आवाज़ आयी....

रक्षिण : तूने सुन लिया न इससे मेरा क्या रिश्ता hai...tune इस पर हाथ उठाने की गलती की तो मई तेरा हाथ तोड़ dunga...ye लावण्या की तरह बे सहारा नहीं है इसका भाई ज़िंदा है...

मई : इसका भाई सिर्फ मई हों...

Ssssshhh..tum दोनों चुप रहो उसी बूढ़े आदमी की आवाज़ है जिसने हमें बचाया ...जस्मिने ने हमें रोकते हुए कहा .

मई : तूने हाथ भी लगाया इसे तो मई तेरा हाथ उखड दूंगा...

रक्षिण: accha..phir तेरी ये ग़लतफहमी भी दूर कर देता हों...

वो चलते हुए आना के पास aya...aur उसने उसे छूने के लिए हाथ आगे बढ़ाया...

की मेरा हाथ चला ...वो तैयार था पंच मुँह पर लगने से पहले hi उसने पकड़ लिया...

Dhammmmm...dhammmmmmm...

Dhammmm..aaaaahhh...

उसके 2 घुसे पड़े और मई दीवार से जा takraya..dard से मेरी सिसकी nikli...aur मेरे मुँह से खून निकलने लगा..

मेरे साथ सरस नहीं था मेरी जगह कोई दिमाग से सोंचने वाला होता तो वो रक्षिण से लड़ने की बेवकूफी नहीं करता लेकिन जो लोग एक लम्हा भी ब्रोकर जैसी ज़िन्दगी जीने की जगह मौत को ज्यादा इम्पोर्टेंस दे वो न समय देखते है न उन्हें ज़िन्दगी के खोने का दर होता है..

Rocky...rocky...rakshin प्लीज स्टॉप...

मुझे पुकारते हुए आना ने रक्षिण को पकड़ liya...wo मेरे पास आ रहा था की वो रुक गया...


1 मिनट तक मुझे होश नहीं था apna...dard काम हुआ तो मई उठा...

मई : मरेगा तू ....अअअअअ ...मई भगा उसे मरने...

अश्रु रोकने के लिए उठा की उसे जस्मिने ने रोक लिया..

जस्मिने : इन्हे अपनी भड़ास निकलने दो ..

उसने दीदी को धक्का दिया...

अगले hi पल उसने जम्प मरी और मुझ पर कूड़ा...

मई उसके जिस्म से लगा उसका घुसा मेरे सीने पर पड़ा..

मई पीछे गिरने को हुआ की मैंने उसका कल्लोर पकड़ लिया...

उसने गर्दन से पकड़ कर मुझे पास kiya..mai फिर उससे laga..is बार मैंने अपने दन्त उसके कंधो में घुसा दिए...

मई : अअअअअअअ...

Dhammmm..dhammm..dhammm...

उसने घुटनो की बरसात मुझ पर कर di..aur उसके जिस्म का कपडा मुँह में लिए मई एक बार फिर दीवार से जा laga...phir निचे गिरा पेट के बल ...

रक्षिण: चूतिये तू तो काटने लगा...

मई : aaaahh..teri maa..ki..

Dhammm...dhammm...mai आगे कुछ कहता की उसकी लात मेरे सर पर padi...aur मेरा मुँह जमीन में धंस gaya...dard इतना ज्यादा था की मेरी आंखे बंद हो gayi...mai बेहोश हो गया था...

बस करो..

रॉकी के बेहोश होते hi आना ने अपनी पावर से रक्षिण को पीछे खींच लिया...

अन्य : बस करो...

वो जमीन में बैठ कर घुटनो में मुँह दाल कर रोने लगी...

अहाना उठी रॉकी के पास जाने के लिए की उसका हाथ लव ने पकड़ लिया....

उसने गुस्से में लव को देखा फिर अपना हाथ छुड़ा कर भागते हुए रॉकी के पास आयी..

रॉकी Rocky..aankhe खोलो रॉकी... प्लीज आंखे खोलो..

इतने में जस्मिने पास ayi...usne अहाना का गीला ब्लेजर निचोड़ा और पानी की बुँदे रॉकी के मुँह पर गिरी फिर वो उस गीले ब्लेजर को रॉकी के फेस पर रगड़ने लगी..

खो kho...mujhe खांसी आयी और मेरे मुँह से ब्लड निकला...

जस्मिने : अंदर से निकला ..मैंने ना में सर हिला diya...blood मेरे मुँह से निकला था..

जस्मिने : तुम्हारी नाक पर कुछ बांधना होगा ये टूट गयी है..

अहाना ने जल्दी से अपने शार्ट को फायदा..

वो दोनों काम चलौ कपडे फाड़ कर मेरा खून रोकने लगी...

कॉंग्रट्स यू वोन थे fight..arshu पास आकर रक्षिण को घूरते हुए बोलै..

अश्रु: तू जनता था वो ैदा है लेकिन तेरी गांड में चुल्ल थी उससे भिड़ने ki...ye बता बहन को छोड़ने के बाद कोण सा भाई बहन का रिश्ता रहा...

रक्षिण: अश्रु जबान को लगाम दे..

अश्रु : ये तो तुझे करना tha..ham किस सिचुएशन में है ..चूतिये ये तो देख लेता atleast....sun इन आवाज़ों ko..arshu खिड़की से आ रही खिड़की खोलने को आवाज़ों की तरफ हाथ करते हुए बोलै..

अश्रु : ऐसा दुश्मन जिसका सामना तो दूर हम उसके सामने खड़े भी नहीं हो सकते और तुझे इस टाइम बहन भाई का रिश्ता निभाना hai....ana रॉकी रियली ा फूकिं फूल बिकॉज़ यू अरे हिज sister..jiske पास पावर तो थी बूत वो उसे पित्त देखती रही...

रक्षिण: अब तेरा बहुत हो गया है..

ख़ामोशी से अश्रु चलता हुआ मेरे पास आगया..

मेरे पट्टी बांध चुकी थी...

जस्मिने : क्या कर रहे हो .बैठे raho...rocky प्लीज...

दीवार का सहारा लेकर मई खड़ा हुआ...

मई : aaah..teri ...तेरी वजह se..isne ...aaah..mera ये हाल kiya..aaj से तुझसे भी मेरा रिश्ता ख़त्म...

आना खुद में और सिमट गयी उसकी सिसकियाँ तेज हो गयी...

मई ; सुन बे अभी लड़ाई ख़त्म नहीं hui...harami sale..tujhe मेरी माँ ने पला और आज तू हमें hi काट रहा hai...mai लड़ाई के पोज़ में आगया....

रक्षिण: तुझसे अभी मई लड़ा भी नहीं हों तो तू ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा है...

मई ; तेरा बाप कोण है पता है तुझे हरामी...


गुस्से में उसकी पलके चढ़ गयी दन्त आपस में लड़ गए...

मार दो एक दूसरे ko...tum में से जो जीता वो मुझे मार दे..

वो मेरी और बढ़ा की आना की आवाज़ पर उसके कदम जैम गए..


मई : चुप वैश्य जिसे भाई कहती है उसी के साथ मुँह कला करती है...

रक्षिण : मुझे अब परवाह नहीं की माँ मेरा क्या करेगी लेकिन तू marega...aaaaaa...gusse में वो मेरी और बढ़ा...


Khattttt...khatttt...koi है यहाँ.. प्लीज ओपन थे दूर... प्लीज ओपन थे दूर..

रक्षिण : Sneha...ki वो रुक गया..

हमारे दरवाज़े वाला रूम बज रहा था जिसमे हम सब बंद थे..

प्लीज ओपन कर दो वो हमें मार देंगे...

वो रिशु की आवाज़ थी..

प्लीज ओपन थे दूर.. प्लीज..

कोई है यहाँ..

आदित्य की आवाज़ के बाद मुझे रोनी की आवाज़ आयी...

प्लीज खोलो प्लीज....

स्नेहा क्या ये तुम ho..door के पास आकर रक्षिण ने पूछा...

स्नेहा : rakahin..kya ये तुम हो...

रक्षिण : है हम सब है यहाँ..

Rocky..kya तुम हो... रॉकी दरवाज़ा खोलो rocky..mujhe रोनी की आवाज़ आयी..

रुक उस आदमी ने क्या कहा था दूर हरगिज़ नहीं खोलना...

रक्षिण को दूर खोलता देख अश्रु ने पास आकर रोकते हुए कहा..

मई : रिशु स्नेहा यहाँ कैसे हो सकती hai...ahana रोनी कहा है..

अश्रु : स्नेहा भी आयी थी रॉकी...

अहाना: लावण्या रोनी कहा है...

लावण्या : वो कार से निकला hi नहीं..

अहाना : दंणित

प्लीज खोलो न रक्षिण वो पास आ रहे है...

चले जाओ please..sneha के बाद मुझे रोनी की आवाज़ आयी...

मई : दरवाज़ा खोल अश्रु..

अश्रु: रक्षिण तू बहार जाकर देख..

अगले hi पल रक्षिण अदृश्य हो गया..

अश्रु दूर ओपन kar..arshu...bahar से मुझे रक्षिण की चीखे सुनाई दी...

दूर ओपन हुआ और स्नेहा रिशु रोनी अंदर आये लेकिन रक्षिण नहीं था वही अश्रु शॉक में खड़ा सामने देख रहा था...

मई : दूर क्लोज कर arshu..hurry..

जस्मिने ; दूर क्लोज करो..

सब अश्रु पर चीख रहे थे लेकिन वो हिल भी नहीं पा रहा था..

मई किसी तरह चल कर दूर पर आया दीवारों को पकड़ कर..

सामने देख मेरे पेअर भी जैम गए...

कोई रक्षिण को पकडे हुए tha...use तंग दिया था रक्षिण हवा में हाथ पेअर मार रहा था ..उसकी आंखे बहार आ रही थी...

उसे छोर दो तुम्हे मई चाहिए मार दो mujhe..meri दर से कल्प्ति हुई आवाज निकली ..

उसने रक्षिण को छोड़ दिया .

वो निचे गिरकर बुरी तरह खस्ने laga..wahi एक साया मेरी और बढ़ा..

रक्षिंण....

इतने में आना चीखती हुई आयी ..उसके हाथो से एनर्जी निकली जिसने रक्षिण को खींच लिया...

अगले hi पल आना ने मुझे खींचा और अश्रु ने तुरंत दूर क्लोज कर दिया...

हम तीनो निचे आकर गिरे..

धम्म्म्म धम्म्म्म धम्म...

दूर इतनी तेज तेज बजने लगा की हमने अपने कानो पर हाथ रख लिए....

10 मिनट तक दूर बजता रहा....

10 मिनट बाद सब कुछ खामोश हो गया....

और हम सब ने चैन की साँस ली...

रॉकी jee...rishu मेरे पास आयी .

रिशु : ये कैसे हुआ ..

मई : तुम यहाँ क्या कर रही ho...pagal लड़की..

मई तुमसे मिलने aayi...usne झिझकते हुए कहा..

मैंने उसे नफरत से देखा...

अगर मई बदल जॉन तो प्लीज मुझसे नफरत मत करना वो मई नहीं होंगी मेरी नयी दुनिया होगी...

मई खामोश हो गया...

बहार से चिडियो के चहचाने की आवाज़े आ रही थी शायद सुबह हो गयी थी....

**********************

रक्षिण को देख कर आद्या सबसे पीछे हो गयी ...वो 2 k.m पीछे चल रही थी...

ऐ जल्दी चलो वो निकल न jaye..aadhya ने अपने ड्राइवर हवलदार से कहा..

स्लो कर स्लो kar...samne रक्षिण और स्नेहा की कार देख उसने गाडी स्लो करने के लिए कहा..

बहार मुँह निकल कर आद्या ने आगे देखा...

आद्या : ये सब तो रुके हुए है ..आ गाड़ी पीछे कर..

आद्या ने ड्राइवर से कहा और गाडी पीछे होने लगी .

आद्या : गाईतोंडे अपने साथ 2 हवलदारों को लेकर जंगल के रस्ते से जा और देख ये लोग क्या कर रहे है...

आद्या की बात सुनकर ड्राइवर ने कार रोक दी..

गाईतोंडे हवलदारों को लिए बहार निकला..

आद्या : हम तुम्हे पीछे milenge..hamari जरुरत हो तो विरलेस पर बताना..

गाईतोंडे ने हामी भरी और आगे बढ़ गया ...वही आद्या की कार पीछे करीब 2 किलो मीटर आगयी..

जंगल में गाईतोंडे और हवलदारों को साये चलते दिखे .

गाईतोंडे और हवलदारों की आहत पर उन सायो का ध्यान इन तीनो पर गया..

वही अनजान खतरे को भांप कर गाईतोंडे के कदम पीछे होने लगे.

हवलदार : वो लोग चीख रहे hai..kyo..

गाईतोंडे : जल्दी वापस chalo...jaldi..

हवलदारों की भी फैट कर हाथ में आगयी थी उन्होंने भी भागना ठीक समजा...

आआअह्ह...

भागते हुए एक हवलदार का पेअर पेड़ की हद में फास गया और वो गिरा..

गाईतोंडे सार bachao..saar बचाओ..

गाईतोंडे जो आगे निकल गया था उसने रुक कर पीछे देखा...

की उन सयो ने उस हवलदार को पेड़ पर खींच लिया...

Aaaaaaaaa...ki उसकी एक दर्दनाक चीख गूंज गयी..

दर से गाईतोंडे की पेंट गीली हो गयी ..उसने रट हुए अपने कदम आगे बढ़ा दिए..

सर वो हमारा साथी सर ...दूसरे हवलदार ने गाईतोंडे को रोकना चाहा...

करीब 30 मिनट बाद आद्या को गाईतोंडे एक हवलदार के साथ आता दिखा..

आद्या: आय गाड़ी आगे ले chalo..samne गाईतोंडे को आता देख आद्या ने कहा.

ड्राइवर गाडी दोनों के पास लाया..

गाईतोंडे और हवलदार गाडी में बैठे..

आद्या : आद्या क्या रिपोर्ट है और हरी राम कहा है .

गाईतोंडे : wap..wasap..

गाईतोंडे से बोलै भी नहीं जा रहा.

वापस चलो madam..jaldi..warna सब मरे jayenge..hari राम को उन्होंने मार दिया .. हवलदार ने हिम्मत करके हफ्ते हुए कहा..

आद्या : क्या मतलब किसने मारा...

गाईतोंडे : चलो यहाँ से जान प्यारी है जल्दी chalo..aage सब बताऊंगा..

मैडम वो आ रहे है जल्दी चलो..

गाडी में बैठे सरे पुलिसवालो को अब दर लगने लगा था..

आद्या के इशारे पर ड्राइवर कर पीछे ले जाने लगा..

काफी पीछे आने पर आद्या ने गाडी रुकवाई..

आद्या : अब बताओ क्या उन माफ़ियास ने हरी राम को मारा..

हवलदार : nhi...wo कुछ और थे इतने ऊँचे और लम्बे साये ...ऐसा कुछ मैंने न सुना न देखा मैडम उन्होंने हरी को मार दिया .

गाईतोंडे : वो माफिया परिवार बुरी तरह से चीख रहे थे शायद उन्हें भी मार दिया गया है...

आद्या : what...aur उससे कुछ न कहा गया...

**************************

रॉकी दूर खोलो ...मई hon..din निकल आया है..

अश्रु ने दूर खोला सामने वही बूढ़े आदमी थे...

एक एक करके सब बहार आये ..अब दिन निकल आया tha...baarish भी रुक गयी थी....

रॉकी तुम बैठो मई तुम सबके लिए छाए लेकर अत हों...

उस आदमी ने हमारी जान बचायी थी उसकी बात न मैंने का सवाल hi नहीं था..

हम सब वही बरामदे में बैठ गए ...

मई : रिशु जाओ उनकी मदद करो जाकर..

वो ख़ामोशी से चली गयी..

कुछ देर बाद वो छाए लेकर आयी...

रोनी मेरे पास आकर बैठ gaya..usne वही कपडे पहन लिए जो उतरे थे..

रोनी : ये हल उन्होंने किया..

मैंने ना में सर हिला दिया...

इतने में रिशु आयी और सबको छाए देने लगी....

फिर खुद हमारे पास बैठ कर पिने लगी...

रिशु : दीदी को अपना lo...wo अब..

मैंने गुस्से में उसे ghura...wo चुप हो गयी सहम कर..

जस्मिने : तुम जो भी हो तुम्हे नहीं पता हम किस मुसीबत से निकले है..

रिशु : सॉरी जी..

मई : तुम सब क्यों आये हो मेरे piche...mai तुम सबसे पूछ रहा हों...

सबके सर निचे हो गए ...

मई : जवाब क्यों नहीं dete..tumhare प्यार से मई तंग आगया hon...mai जनता हों तुम में से कोई भी मुझसे प्यार नहीं karta...tumhare बिच एक रेस लगी है उस इंसान को पाने की जिसके पास पावर hai..jo एक डॉन लेडी का सागा बीटा hai...lekin सच कहां मेरे पास कोई पावर नहीं जिसका साबुत मेरा ये हाल है..

उन बूढ़े आदमी को चिलम पीते आता देख मई चुप हो गया...

मई : अब इजाज़त दीजिये बाबा जाने की...

उसने सर हिलाया और वो जो चिलम पि रहे थे उसका धुआं हवा में छोड़ दिया..

तुम इतनी ज्यादा तादाद में थे इसलिए बच gaye...unhone कहा और धुआं मुझ पर छोड़ दिया...

अपना सफर रात होने से पहले पहले कर lena...wo दिन में कमज़ोर पढ़ जाते है लेकिन वो तुम्हे फिर रोकने आएंगे ..

मैंने सर हिलाया..

यू सेव्ड माय फॅमिली थिस इस फॉर यू..

आना दीदी ने आगे आकर अपना कार्ड उन बूढ़े आदमी क आगे कर दिया..

वो मुस्कुरा दिया..

मई : इजाज़त दीजिये..

उन बूढ़े आदमी ने सर हिलाया..

और हम सब घर से निकले...

रोनी मुझे सहारा दिए ले चल रहा था...

की मुझे दर्द फील होना बंद हुआ.

और मैंने अपने ज़ख्मो को देखा..

मई : छोर मुझे..

जहाँ जहाँ पत्तिया बंधी थी मई जगहों को पत्तिया खोल कर देखने लगा...

मैंने नाक को चूहा सर को छुआ हाथो को छुआ सब जगह बस खून के दाग थे लेकिन कोई भी ज़ख्म खुला हुआ नहीं था...

मेरी आँखों के सामने वो लम्हा घूम गया जब उन बूढ़े आदमी ने मुझ पर धुआँ छोड़ा था वो मेरी इंसल्ट नहीं थी...

मई सीधा हो गया...

सबसे आगे रक्षिण चल रहा था.

बारिश की वजह से जगह कीचड़ थी जिस वजह से हमारे चलने की स्पीड बहुत काम हो गयी थी...

अहाना : तुमने उसे बचाया क्यों..

मई : ताकि मई उसे मार सकू..

रक्षिण ने नहीं सुना लेकिन आना ने सुन लिया और वो उदास नजरो से मुझे देखने लगी...

जस्मिने : रॉकी अब हम तुमसे जुड़ चुके hai...aur मैंने ...हम सबने वो देखा है जिस पर बिलीव नहीं था.. काइंडली एक्सप्लेन तुम बंगलोरे क्यों जा रहे हो और ये सब क्या चल रहा है..

Aaaaaaaaa...aaaaaaaaaa

अचानक से स्नेहा चीखने लगी उसकी चीखे सुन मेरी बहन लव और रिशु भी .

वो रुक गयी थी...

मई आगे आया...

आगे एक लाश पेड़ से निचे गिरी थी स्नेहा के पास ..जो रक्षिण के साथ चल रही थी...

रोनी : ये पोलिसवाले है यहाँ कैसे aya..ughh..kya हालत कर दी इसकी...

उस पुलिस वाले को खाया गया था बुरी तरह से हमने उसके कपड़ो से उसे पहचाना...

मई : आगे बढ़ो सब.

मेरी आवाज़ पर एक बार फिर सब चलने लगे...

जस्मिने : इसकी जगह हम भी हो सकते they...wo हमारे साथ ऐसा hi करते I'm राइट रॉकी..

मई : हम्म..

जस्मिने: फिर बताओ hame...ham sabko..kyoki ये सब भी जुड़ गए है इससे..

मई : मई चोरी करने एक दिन एक घर में gaya..mai नहीं जनता था मेरा अतीत मेरे सामने ajayega...aur मई चलते हुए बताने लगा...

बताते बताए रोड आगया था जहाँ हमारी कार्स कड़ी थी मेरे आदमी दोनों कार्स के बहार खड़े थे मुझे देख मेरी और आने लगे..

मई : मैंने तुम्हे इसलिए नहीं बताया तुम लोग मुझसे जुड़ गए हो बल्कि इसलिए बताया है की वो तुम्हारे नहीं सिर्फ मेरे पीछे है तुम्हारे पास चांस है मुझसे दूर जाने का...

जस्मिने : लेटस मीट थिस फूकिंग साधू..

अहाना : मई तुम्हारे साथ रहूंगी..

मई : हमारा साथ यही तक का था आगे का सफर अब सिर्फ मेरा होगा..


तुम्हारी दोस्त जा रही है अहाना तुम उसके साथ jaao..maine लव को उसकी कार में बैठते देख कहा...

अहाना ने मुझे बेहद दर्द भरी आँखों से देखा...

Pi..pi..

की इतने में लव ने हॉर्न बजा कर उसे बुलाया...

वो अच्छी लड़की थी उससे किसी को भी प्यार हो जाये ऐसी लड़की ..लेकिन मेरे वीरान दिल में प्यार के लिए जगह नहीं थी अब..

मई : जाओ अहाना..

अहाना : तुमने कहा था तुम्हारे भाई को तुम्हारी ज़रूरत है और अब तुम छोड़ कर जा रही हो ..वो चीखी लावण्या पर..

मई: जाओ अहाना .अश्रु जस्मिने को ले jaao..junior अंकल के पास जीने की वजह यही है..

अश्रु : मई तुम्हारे साथ चलूँगा जस्मिने अपने आप भी जा सकती है आना के साथ...

अन्य : मई नहीं जा रही kahi...jab जान गयी हों इसकी जान को खतरा है तो मेरे कही जाने का सवाल hi नहीं बनता...

इतने में कार से लावण्या निकल कर अहाना के पास आ कड़ी हुई...

मई : मैंने कहा न मई तुमसे रिश्ता ख़त्म कर चूका हों तुमने अपना फ़क बॉय चुन लिया है...

अन्य : ी लव यू रॉकी माय बरोथेर ी लव यू सो much...wo थके से लहजे में बोली...

स्नेहा : मई भी आपके साथ जाउंगी रॉक जी..

ऐसा लगा मुझे जैसे मेरी दीप्ती ने कहा हो लेकिन मई जनता था स्नेहा के आगे रिशु ने सब उगल दिया है..

मई : तुम सब मतलबी खुदगर्ज़ अय्याश ho..tumhe मेरी परवाह क्यों होने lagi...sneha अगर तुम दुनिया की आखिरी लड़की भी बची तब भी मई तुम्हे अब नहीं apnaunga...tum से आदित्य की एक्टिंग बहुत hi ख़राब हुई hai..rishu की बची तूने इसे ठीक से नहीं सिखाया..

उसका सर झुक गया..

रिशु : दीदी को अपना लो उन्होंने गलती की उन्हें अहसास है...

मई : तू भी तो मुझसे प्यार करती है..

रिशु : नहीं करती मेरे दस बॉयफ्रेंड है कॉलेज में ..दीदी करती है दीदी से शादी कर लो..

मैंने उसका हाथ पकड़ा और उसे अपनी और khicha..agle hi पल वो मुझसे आ चिपटी...

मई : तू इन माफ़िअस से दूर rahegi..aur तुम सब bhi...ab से तेरी कोई स्नेहा दीदी नहीं hai..aaditi मर चुकी है ये लड़की मेरी आदित्य नहीं hai..samajh gayi...ab घर जा..

मैंने उसके सर को चुम liya...phir अलग हो गया..

स्नेहा का चहेरा उतर गया था वही अहाना मुझे हसरत से देखने लगी...

मई : जाओ अपने अपने घर...

अन्य : मई साथ आ रही हों...

मई : अपने यार के साथ जा..

अन्य : मेरे लिए तुम दोनों एक सामान हो.. प्लीज तरय तो अंडरस्टैंड माय सिचुएशन..

मई ; no तू इस हरामी का बिस्तर गर्म करती है और मई वो जिसने तुझसे अनजाने में शादी की फिर पता चला तू मेरी hi बड़ी बहन है तो तुझसे दूर हो गया ..हम दोनों एक सामान तो बिलकुल भी नहीं है..

मैंने रक्षिण को देखा गुस्से में उसके दन्त बज रहे they...muthhiya भींच गयी थी उसकी..

रक्षिण: तूने एक बार और मेरी बहन की डिसरेस्पेक्ट की तो मई तेरा मुँह तोड़ dunga..ab तो मई जान गया हों तेरे पास कोई पावर नहीं है एक सेकंड लगेगा तुझे मसलने me..janta है सेल तेरे पीछे पूरा माफिया गैंग पड़ा hai...wo बस रुके हुए है की तेरे पास पावर है उन्हें पता चला तेरे बारे में तो तेरी बोटियन कर देंगे ..और मुझे अपने हाथ भी गंदे नहीं करने पड़ेंगे...

मई : चल आजा फिर bastard..maine उसे ललकारा फिर

मई लड़ने के पोज़ में आगया..

अन्य : बस करो तुम dono..rakshin को अत देख वो बिच में आगयी..

मई : आगयी अपने यार को बचने..

अश्रु : रॉकी ज़रूरी तेरा लड़ना नहीं है बंगलोरे जाना hai..arshu मुझे कार की तरफ खींचते हुए बोलै..

मई : यही बास्टर्ड फाॅर्स कर रहा है..

अन्य : चल चलते है ham...anya खींच कर उसे ले जाने लगी..

लावण्या : तू आ रही है की मई जॉन...

अहाना ने सर हिलाया और चल दी साथ...

मई : जस्मिने जीप खली है तुम रिशु को ले जाओ वापस ..और तुम सब अपनी अपनी कार से पीछे aao..maine आखिर में अपने आदमीओ से कहा जो वापस हो लिए कार की तरफ..

जस्मिने : जीप से हम जा रहे है रिशु अपनी दीदी के साथ चली jayegi..jaise आयी यहाँ..

मैंने रिशु को देखा वो सर हिलने लगी ..

मई अश्रु के साथ जीप पर बैठ गया ...

मई : बोलो उन्हें साथ आने के liye..tum दोनों भी उनके साथ आओ..

मेरे दोनों आदमी उतर gaye..piche जस्मिने आकर बैठ gayi..rony के पास..

जीप अश्रु ने आगे बढ़ा दी...

अश्रु : ऑलमोस्ट 700 k.m का सफर बचा है..

मई : दिन में hi करना है...

मेरी बात सुनकर अश्रु ने स्पीड बढ़ा दी...

मिरर में मुझे अहाना स्नेहा रिशु को लिए ले जाते दिखी आखिर में आना और रक्षिण...

मैंने आंखे बंद कर li..raat भर जागने की वजह से मेरी आँख लग गयी...

Rocky..hey रॉकी...

मैंने आंखे खोली..

एक मिनट तक मई अपने अस्स पास का जायजा लेने लगा..

जीप रुकी हुई thi...ek रेस्टुरेंट के सामने...

मई : aaahh...bhuk लगी है..

अश्रु : हम्म और फ्रेश भी होना है तुम सबसे ज्यादा गंदे ho..mooh वगैरह सब सना हुआ है मिटटी में..

मैंने हामी भरी..

अश्रु : उठाओ इसे ..रोनी चल तू भी उठ जा..

मई जीप से उतरा.

मई : hey..jasmine ..चलो फ्रेश हो लो जस्मिने..

Aaaaaaaaaa...

मेरे उठाने पर उसने चीख मरी...

मई : क्या हुआ तुम ठीक हो .

वो जीप से उत्तरी फिर मेरे गले लग गयी...

मई : क्या hua...koi डरावना सपना देखा..

अलग होकर उसने सर हिला दिया...

वो पसीने से भीग रही थी मैंने भी फाॅर्स नहीं किया...

मई : मेरे आदमी कहा गए अश्रु...

मैंने अपने आदमीओ को अस्स पास देखा वो गायब हो गए थे..

अश्रु : तुम्हारे सोते hi उन्होंने कार वापस कर ली thi...maine भी रोका नहीं जाहिर है वो भी डरे हुए थे..

मैंने जीप में सूटकेस देखा पैसो का..

Damnit..wo पैसे भी ले gaye..maine फ़्रस्ट्रेटेड होकर खा..

आंखे खोलते hi सुकून कही गायब हो रहा था..

अश्रु : don't वोर्री मेरे पास है..

हम अंदर रेस्टुरेंट में बढ़ गए....

आना और रक्षिण ने सबके साथ कार बैक की सबके आगे निकलने के बाद उसने वापस कार घुमाई और बंगलोरे रोड की तरफ बढ़ने लगा...

अन्य : दूर hi रखना देख न पाए..

रक्षिण: मई उसके पीछे नहीं जा रहा hon...mujhe कुछ काम है बंगलोरे में..

अन्य : accha...mujhe वही छोड़ देना..

रक्षिण ने सर हिलाया...

अन्य : तुमने उसे ब्लामे kiya..uske लिए जो उसने नहीं kiya..tumhare बिच का रिश्ता ख़राब तुम्हारी मिसुन्दरस्टण्डींग की वजह से hua..even हे एस्प्लेनेड उस तहत हे wasn't हु तरय तो किल में आईटी वास् थे एंटिटी हु पोस्सेस्सेड him..ana का लहजा एक डैम शांत था...

रक्षिण: सो what..use जब पता चलता हमारे बिच damnit..rakshin ने गुस्से में स्टेरिंग पर हाथ मारा..

रक्षिण: हे कॉल्ड में बास्टर्ड अगेन एंड again...I हेट him..mai नहीं चाहता तुम उससे रिलेटेड मुझसे कोई बात करो... अगर वो आपका भाई न होता तो वो मुझसे मौत की भिक मांगता..

आना मिरर से बहार देखने lagi..jagi होने की वजह से उसने आंखे बंद कर ली...

रक्षिण: I'm सॉरी तुम्हारा दिल dukhaya...agar तुम मुझसे दूर हुई ी बिकम ा villian...aur मई ऐसा नहीं चाहता .

अन्य : it's okay समझ सकती हों उसने भी दुश्मनी निभाने में कोई कसार नहीं छोरी बूत व्हाट अबाउट me..for में यू बोथ अरे equal..tum उससे दूर rahoge...wada करो..

Wada..rakshin ने हाथ आगे बढ़ा diya..jiske हाथ पर आना ने हाथ रख दिया..

रक्षिण: सो jao...banglore आते hi मई उठा दूंगा..

आना ने आंखे बंद कर ली..

************************

खाना वन खा कर फ्रेश होकर हमारा सफर फिर शुरू हो गया..

अश्रु बहुत फ़ास्ट ड्राइविंग कर रहा था...3 बज कर 20 मिनट पर हम रेस्टुरेंट से निकले they...abhi भी बंगलोरे 200 किलो मीटर tha...safar बहुत हद रहा था हमें.. बस किसी तरह चाहता था एन्ड हो...

पीछे से आ रही मुझे कर कर की आवाज़े परेशां कर रही थी जस्मिने चिप्स खा रही थी एक हाथ में कोल्ड कॉफ़ी liye...mai उससे कुछ कहने का भी नहीं था..

जस्मिने : तो अब प्लान बनाये क्या करना है..

मई : बंगलोरे आने पर तुम मेरा किसी होटल में वेट karoge...wahan से आगे का अपना सफर मई अकेले तये करूँगा...

जस्मिने : थिस नॉट गोंना हैपन ढूढे..

अश्रु : एक्साक्ट्ली..

रोनी : मेरे पास जीने की वजह सिर्फ तुम हो मेरे दोस्त..

मई : तुम लोग समझ क्यों नहीं रहे तुम्हे कुछ हुआ तो मई खुद को माफ़ नहीं कर पाउँगा...

अश्रु : कुछ भी हो हम साथ में फेस करेंगे..

जस्मिने : और तुम हमें भी अपनी बहनो की तरह इंसल्ट करके भगा डोज..

मई ; उन्हें भगाया इसलिए उनके दिलो में मेरे लिए कुछ नहीं hai..mai साथ ले जाऊंगा लेकिन मुझसे दूर रहोगे..

उनकी ज़िद्द के आगे मैंने हार मान ली..

जस्मिने : let's डिसकस थे प्लान..

मई : बंगलोरे में एक पंडित कृष्णा नारायण मूर्ति का आश्रम है जंगलो में वहां काम से काम तेन थाउसंड साधू ब्लैक मैजिक परफॉर्म करते है उनमे hi साधु तांत्रिक घनश्याम दस है और उसका चेला लव का एक्स बॉयफ्रेंड vicky..wo वहां युग परफॉर्म कर रहा है सरस को कैप्चर करने के liye..hame बस छुप कर उस आश्रम में घुसना है और विक्की का जाप तोडना है िफ़ वे नीड वे विल किल हिम...

अश्रु : what's थे देन्गेरौस..

मई : जिनसे हम रात मिले वो विक्की को प्रोटेक्ट कर रहे है..

जस्मिने : wth..phir हम उसे किस तरह रोकेंगे..

अश्रु : बंगलोरे में हमें तुम्हारी माँ के बहुत से आदमीओ की ज़रूरत padegi...agar तुम चाहो ...जयदा लोग होंगे उनका ध्यान भटकेगा वो बिजी होंगे और हम में से कोई विक्की को रोकेगा..

मई ; क्या माँ बंगलोरे की भी डॉन है..

अश्रु : तुम्हारी माँ के लोग सिर्फ इंडिया में hi नहीं लंदन में भी है...

मई ; मुझे उनकी हेल्प की ज़रूरत नहीं hai..na मई lunga...arshu मैंने सभी रिश्ते तोड़ दिए है उनसे...

अश्रु : okay मई तो ले सकता हों न तू इस में कभी न फास्ट अगर उस दिन मेरी आना की जान बचने के लिए लक्समी को न मरता...

मई : नहीं मैंने बहुत पहले से प्लान बना लिया था उसे मरने का तुम लोगो को असल में मैंने उसे किया उसे मरने के लिए...

अश्रु : व्हाटएवर यू सेव्ड में एंड आना...

मई : मेरी फॅमिली का नाम लिए बिना कोई बात नहीं होगी तुम लोगो की....

वो सब चुप हो गए...

अश्रु : hello साडी रेडडी it's में अश्रु हंड्रेड लोगो के साथ मुझे बंगलोरे हाईवे पर milo..hmm..aisa hi है.. ऑवर में मई पहुंच रहा हों...

कॉल लगा कर अश्रु बात करने लगा...

करीब ऑवर बाद हमें बंगलोरे हाईवे के बोर्ड दिखे ..

कुछ दूर आकर हमारा सामना बंगलोरे की भीड़ से हुआ...

अश्रु कॉल पर बात करते हुए ड्राइव करने लगा...

कुछ देर बाद अश्रु ने एक गाड़ियों के काफिले के आगे जीप रोकी..

अश्रु : मई इन्हे गाइड करके अत hon..tum जगह का नाम बताओगे...

मैंने अपनी आंखे बंद कर ली...

रेलवे station...nhi वो रेलवे लाइन्स थी मगर वहां जाने के लिए रेल्स नहीं छोटी बोगिआन thi...train की लाइन पर चलन वाली...

आंखे बंद किये मई बोल रहा था..

मैंने आंखे खोली तो अश्रु को अपना सर पकडे हुए पाया..

अश्रु: ऐसे नहीं एक्सएक्ट लोकेशन बता यार...

मई ; ऐसे याद नहीं तू मुझे ले चल मई पढ़ पढ़ कर बताता रहूँगा..

अश्रु : चल ठीक hai...wo चला गया पीछे....

पांच मिनट बाद आया..

और उसने जीप आगे बढ़ा दी..

अश्रु : हमारे अंदर जाने के बाद ये साधुओ पर ओपन फायरिंग कर देंगे जिससे वो बाला उन साधुओ को बचने आएगी और हमारे पास यही मौका होगा उसे रोकने का..

प्लान अच्छा था अश्रु ka..bas जैसा सोंचा था वैसा हो जाये...


मई : यहाँ तो मुंबई से भी अच्छे घर hai...ek एक घर में करोड़ो रुपए होंगे..

अश्रु : एड्रेस...

मई : वो एक पार्क था बड़ा सा पार्क उसका naam...aaa...kya tha...yaad नहीं वहां बहुत से वाइट रोज फ्लावर्स they...aur अस्स पास jungle..andar जाने के लिए कई सीढ़ियां..

अश्रु : ऐसे कहा ढूंढूंगा..

उसने कॉल लगा दी फिर जो डिटेल मैंने उसे दी वो अपने बंगलोरे के आदमीओ को बताने लगा...

अश्रु : और कोई डिटेल...

मई : उस गार्डन में एक घर है बड़ा सा घर जहाँ से अंदर जाने के लिए रास्ता है.. रेलवे ट्रैक ka..maine याद करते हुए कहा..

अश्रु फिर डिटेल देने लगा..

अश्रु : ये कह रहे इन्हे कोई आईडिया nhi..acche से याद करके डिटेल de.usne फ़ोन स्पीकर पर दाल दिया..

मई ; वहां जंगल है और रोड के पास बना है वो गार्डन..

ऐसे तो बहुत से गार्डन है अश्रु भाई...

अश्रु : तू जब यहाँ आया था तब तूने नोट नहीं की जगह..

मई ; मई कभी नहीं आया सपने में देखि ये jagah...not सूरे वो सपना था ..

जस्मिने : अश्रु रॉकी ने एक नाम बताया था..

अश्रु : साडी पंडित कृष्णा नारायण मूर्ति का आश्रम कहा hai...usne जल्दी से कहा..

साडी : वो तो अपुन को पता है..

अश्रु : ठीक है तू आगे आ और हमें गाइड कर...

साडी :ा सबको ओवरटेक करके आगे ले chal..bhai शहर के बहुत अंदर है करीब 4 हॉर्स लग jayenge...isse जयदा भी..

मई : इतना टाइम नहीं है अश्रु अभी 7: 30 हो रहे है 12 बजते hi वो हमें रोकने ाजेंगे .

जस्मिने: शायद जो रास्ता तुमने देखा वो जल्दी जाने का हो ठीक से याद करो...

मई ; वहां पास में hi एक बहुत बड़ा होटल है ..

अश्रु: होटल के पास कोई पार्क ..

साडी : होटल के पास तो सिर्फ एक hi है था प्लाजा गार्डन जिसमे जंगल भी है और वहां कॉलेज के लौंडे डेट मरने आते है...

अश्रु : वही हमें ले chalo...aur स्पीड तेज रखना..

वो आगे निकला हमसे और हम उसके पीछे हो लिए...

हाफ ऑवर बाद हम उस गार्डन के पास ए..

अश्रु : यही है..

मैंने स्टैर्स को देखा फिर चढ़कर अंदर झाँका...

फिर अश्रु को देख कर सर हिलाया...

अश्रु: ाजाओ सब आगे का रास्ता पैदल तये करना है .

हम सब पैदल hi पार्क में चल दिए...

10 मिनट चलने के बाद पार्क ख़त्म हुआ और जंगल आया ..

दो मिनट और चलने के बाद हमें एक बोर्ड टेंगा मिला..

आगे जाना मन hai...aur खतरे का निशान था...

मई : उसी घर के अंदर से रास्ता hai...thode चलने के बाद जैसे hi मुझे वो घर दिखा मैंने कहा..

अश्रु : अंदर रास्ता ट्रैन का..

वो उदास हो गया था न उसे मुझ पर ट्रस्ट था बस मेरा दिल रखने के लिए चल रहा था...

हम अंदर ए तो हमें बहुत से गार्ड दर्द में तड़पते हुए मिले और दूर टुटा हुआ ..

तुम सबको किसने mara..rony ने एक गार्ड से पूछा....

की उसने गन निकली रोनी को शूट करने के लिए..

Dhaye...arshu ने उससे पहले उसे शूट कर दिया..

अश्रु : हम बस अंदर जायेंगे यहाँ क्या हुआ it's नॉट आवर बिसनेस...

साडी : भाई ये हम कहा जा रहे है ...साला यहाँ रहते हुए कभी हमने इस जगह को नहीं देखा..

गाइड करता हुआ मई उन्हें बेसमेंट में ले गया ..जहाँ अंदर एक टनल थी..

जैसे hi हम बेसमेंट से निकले सामने एक रेलवे ट्रैक था...

अश्रु : तूने तो सच कहा tha...wo रही bogie...sab लोग चढ़ jao...usne सामने बोगी देखते हुए कहा...

एक hi बोगी पर हम चढ़ गए कुछ लटक gaye...ye माल गाडी वाली बोगी थी..

बोगी आगे badhi...aur मई देखने लगा हमें कहा उतरना है...

अश्रु से जस्मिने ने कान में कुछ कहा..


अश्रु : सो गाइस तुम लोगो को क्या करना लिसेन करेफुल्ली.....

और अश्रु वही प्लान समझने लगा जो हमने बनाया था ..

भाई अपुन ने ाखा लाइफ में किसी साधु को नहीं मारा..

एक गुंडे ने कहा..

अश्रु : तू मुंबई से hai..arshu उसके पास आकर उसके कंधो पर हाथ रख कर बोलै..

उसने सर हिलाया..

अश्रु : देख मुन्ना जो साधू ब्लैक मैजिक करे उन्हें मरने में कोई बुराई नहीं...

लेकिन भाई पहचानेगे कैसे वो ब्लैक मैजिक hi करते है... पंडित कृष्णा नारायण मूर्ति तो बहुत बड़े साधू महाराज है ...दुनिया भर में उनके अनुयायी है उनके साथी साधू कैसे ब्लैक मैजिक कर सकते है...

अश्रु सोंच में पढ़ गया क्या जवाब दे..

मई : जो ह्यूमन एंड एनिमल सैक्रिफाइस करते जिनके पास डॉल होती बाल होते है है ब्लैक मैजिक करने वालो की यही पहचान है..

अश्रु : समझ गए न अब कोई सवाल नहीं ये जा चूका है इसने देखा है ये सब करते hue...usne मुझे देखते हुए कहा..

मई : यही से रास्ता hai...hame उतरना होगा..

अश्रु : उससे बोल रोकने के लिए...

बोगी के रुकते hi हम सब उतरे...

अश्रु : वो सामने वाली बिल्डिंग...

दूर हमें एक बिल्डिंग रौशनी में जगमगाती दिखाई दी ...

मई ; नहीं जंगल का रास्ता...

मई उन्हें लेकर चलने लगा...

जंगल के बिच में एक रास्ता बना tha...ass पास घने पेड़ थे ...बिच में रास्ता जिस पर हम चल रहे थे

दस मिनट चलने के बाद हमें आश्रम दिखा..

और अश्रु ने हाथ से सबको रोक दिया..

अश्रु ने मोबाइल निकला apna..phir ज़ूम करके देखने लगा...

साडी : हम तो 1 ऑवर में agaye...apun को पता होता तो इधर से hi आता...

अश्रु : तुम सब हमारा यही वेट karo...usne फ़ोन जेब में रखते हुए कहा..

अश्रु : अंदर से हम तुम्हे सिग्नल देंगे तब तुम सब गेट से फायरिंग करते हुए एंटर होना और जो रस्ते में ए कुचल देना...

साडी : कैसा सिग्नल भाई ..

अश्रु : किसी के पास फायर गन है .

सब ने ना में सर हिला दिया..

अश्रु: आग का hi होगा... तुम समझ jaoge...ab जाओ जंगल में छुप जाओ 2 लोग हमारे जाने के बाद रेंगते हुए सामने वाली घास के निचे सिग्नल का वेट karenge..usne ऊँगली से इशारा किया..

मई : दो नहीं 4 log..koi खतरा हुआ तो कोई एक वाक़िआ को इन्फॉर्म कर देगा

..अश्रु : समझ गए...

सबने सर हिलाया...

वो जंगल की तरफ बढ़ gaye..aur हम 9 लोग आगे झुक कर छुप छुपाते...

अश्रु : बस यही par..jao तुम sab..sari सामने नजर रखना..

साडी : don't वोर्री भाई...

हम आगे बढ़ गए...

आश्रम के चारो तरफ स्टील वायरिंग थी एक बड़ा सा गेट था जहाँ दो गार्ड थे....

अंदर एक बहुत बड़ा मैदान था उस मैदान के बिच में एक बिल्डिंग थी साथ आत्ताच एक टेम्पले...

अर्श
ु: आगे से जाना होगा..

रेंगते हुए तो कभी झुक कर हम आगे बढ़ने लगे...

हम गेट से बहुत दूर के रस्ते में ए...

अश्रु : हमें साधुओ के भेस में आना चाहिए tha...inme आसानी से घुल मिल जाते..

हम में से किसी ने ऐसा नहीं सोंचा था...

जस्मिने : चेक करो इसमें करंट तो नहीं है..

अश्रु : कॉइन है किसी के पास .

मैंने अपनी जेब से एक सिक्का निकल कर दिया उसे एक रुपए का..

उसने वायर पर फेका..

अश्रु : आगे बढ़ो जल्दी...

अर्थ न होने पर उसने कहा..

अगले hi पल नाइफ से वायर कट कर हम अंदर दाखिल हुए...

अंदर आते hi हम पेड़ो की आड़ में छुप गए..

साधु कोई चल रहा था तो कोई पूजा कर रहा था....

अश्रु : आगे बढ़ो पेड़ो की आड़ में..

और हम बढ़ने लगे..

कुछ hi देर में में हम मैदान के किनारे पर आगये और पेड़ ख़त्म हुए...

अश्रु : abhi...kisi को न पाकर अश्रु आगे बढ़ा ...

वो एक ऐसा एरिया था जहाँ चार स्तम्भ लगे थे छत थी ऊपर लेकिन कोई दरवाजा नहीं चारो तरफ से खुला..

पास में कुछ बेंच बिछी थी...

हम बेंच तक आये ..

अश्रु : अब भागना hoga....jaise hi कोई सामने आएगा सब लेट जायेंगे..

हमने हामी भरी ..

सामने किसी को न पाकर हम आगे badhe...arshu ने मोबाइल की रौशनी जला ली thi...door hi हमें टेम्पल दिखा..

चर्रर्र... की हमें हड्डियां टूटने की आवाज़ आयी..

हमने पीछे देखा...

और मेरा कलेजा मुँह को आगया...

वाकई सब हैरत से देखने लगे..

हम उन स्तम्भ की आड़ में चल रहे they...ki आवाज़ पर मैंने पीछे देखा...

कोई अभी अभी बुझी चिटा की हड्डियां निकल कर खा रहा था...

हमारी आवाज़ पर उसने हमें देखा और हमने उसे ..

हहहहहह....

की हमें देखते हुए उसने कह कहा mara...wo उठा तो हमने देखा उसे वो पूरा नंगा था रख से नहाया हुआ..

रोनी : ये नागा साधु है..

डस्ट तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरी साधना भांग करने की...

उसने कहा और हमारी और गुस्से में बढ़ने लगा...

अश्रु : पीछे हो जाओ हम कोई झगड़ा नहीं चाहते .

हँ murkh...tu हमें आदेश dega..wo और गुस्से में हमारी और बढ़ने लगा..

जस्मिने : क्या ये इंसान है .

रोनी : है..

आआ. ..अगले hi पल जस्मिने ने जम्प मरी और वो उड़ती हुई हवा में कलाबाजियां कहती हुई उस साधु के पास आयी...

Aaaaaaaaahhh...agle hi पल हवा की सी फुर्ती से उसका हाथ चला और साधु की दर्दनाक चीख गले में hi डाब गयी ..अपना गाला पकड़ कर वो निचे जा गिरा...

जस्मिने : तुम्हे चीखना चाहिए था...

उसने अपना नाइफ घास से साफ़ किया फिर अपनी जांघ में लगा लिया...

हैरत से उसे देखते हुए मैंने अपना थूक निगल लिया....

अश्रु : सामने सब खली hai...bhago.....

देर किये बिना सामने उस टेम्पल की तरफ हमने दौड़ लगा दी...

Aaaa...aaaaa...aaaa..

भागते हुए एक आवाज़ पर अश्रु रुका उसके साथ hi हम सब..

हमने आवाज़ की दिशा में देखा सामने एक बचा रो रहा tha...aur उसके हाथ पेअर बंधे हुए थे..

हम सब एक दूसरे का फेस देखने लगे...

अश्रु : कोण हो तुम...

अंकल दोपहर में मम्मी डैडी के साथ दर्शन करने ए हम उसके बाद कुछ साधुओ ने हमें यहाँ बांध दिया ..ये कहते हुए आधी रात में तेरी बलि दी जाएगी... प्लीज अंकल मुझे खोलो न ..बहुत भूक लगी है...

उसके रोने में इतना दर्द था हमारे दिल पसीजने लगे .हलकी चाँद की रौशनी में उसका प्यारा से चहेरे पर बाला की इनोसेंट थी उसे रोटा देख जैसे हमारे दिल फटने लगे...

रोनी : अश्रु ये कोई चल हो सकती है...

अश्रु को पास जाता देख रोनी ने रोकते हुए कहा..

अश्रु ने रुकने का इशारा kiya..phir अपनी नाइफ निकला..

अश्रु : बस चेक करे गए की तुम इंसान हो फिर हम तुम्हे आज़ाद कर देंगे..

अअअअअ...

अश्रु ने नाइफ उस लड़के के हाथ में मारा हलके se...aur लड़का चीख पड़ा ...

अश्रु : खून .क्या ये इंसान है rony..arshu ने नाइफ पर लगे खून को देखते हुए पूछा..

रोनी : ऐसा है तो फिर हां..

कोण है ..कोण है wahan...hame दायी और से आवाज़े सुनाई दी लोगो की .

अश्रु : damnit...rony हम निकल रहे है .तुम इसे छुड़ा कर जंगल में हमारा वेट करो .हम अगर हाफ ऑवर से ओने ऑवर के बिच में न आये तो सिग्नल दे देना..

अश्रु ने गन feki..phir नाइफ..

रोनी : बीटा चीखो मत मई अभी तुम्हे बचने आऊंगा .बस खामोश रहना..

हम आगे के लिए भागे रोनी नाइफ गन लेकर पीछे मरघट की तरफ भगा...

मंदिर हम से 200 मीटर की दूरी पर रह गया था की हमारा सामना हुआ 50 के करीब साधुओ से जिनमे कुछ नागा साधु भी थे...

वो हमारे सामने से आ रहे they...wo हमें देख रुके हम उन्हें..

कोण हो tum..unme से एक साधु ने हमें आवाज़ दी ..

मई: दर्शन के लिए आये थे इधर घूमने lage...ab वापस दर्शन करने जा रहे है .

ये विदेशी कन्या तुम्हारे साथ क्या कर rahi...usi साधु ने फिर pucha..jasmine की रंगत को देख..

अश्रु : हम दोनों इसके गाइड है..

अश्रु की बात सुनकर वो पास आने लगे..

हम तीनो ने एक दूसरे को देखा..

इसे हमें सौंप दो बालक इसे हमने देव दासी के लिए स्वीकार कर लिया है...

जस्मिने : मुझे इनके हवाले कर तुम दोनों निकलो...

बहार किसी को इसके बारे में मत batana...badle हम तुम दोनों को उपहार देंगे...

दूसरे दो साधू हमारे बिलकुल करीब आगये और उन्होंने जस्मिने को पकड़ने के लिए हाथ आगे बढ़ाये..

अश्रु ने मुझे देखा जैसे परमिशन मांग रहा ho..maine हामी भरी.....

ढाये ढाये....

अगले hi पल अश्रु ने फायर खोल diya...dono साधुओ का भेजा उदा दिया था usne..dono धड़ाम से गिरे .

मुर्ख ये तूने क्या kiya...usne गुस्से में कहा..

जाओ पकड़ लो इन्हे..

इतने में अश्रु ने नाइफ दोनों हाथो में निकल कर पकड़ लिए थे .

अश्रु : हम इन्हे उलझायेंगे तुम अंदर जाओगे रॉकी...

साधु भागते हुए हमारी और आने लगे.

जस्मिने: ये तो हमारी hi तरफ आ रहे hai....un पीछे वालो को roko..wo दुसरो को इन्फॉर्म करने जा रहे है..

2 साधु पीछे भाग रहे थे भीड़ से निकलकर ...

मई : अब....

ढाये ढाये dhaye....dhaye...

जस्मिने ने उन साधुओ पर फायर खोल दिया...

जिस साधु के गोली लग रही थी वो निचे गिर रहा था...

Aaaaaaa...gusse में साधुओ ने हमारी और तिरशुक फेके...

आआआअह्ह्ह्हह....

सबसे आगे बढ़कर अश्रु लड़ रहा था एक तिरसुल उसकी कमर में जा लगा..

अश्रु : रुको मत भागो...

उसकी चीख पर मई रुका की उसने मुझे आगे बढ़ने के लिए कहा..

दोनों को छोड़ मई आगे भागने लगा..

मेरे पीछे बहुत से साधु आ रहे थे....

Aaah....mere कान के पास से एक तिरशूल बिलकुल बराबर से निकल मेरे आगे आकर गिरा...

और मेरा दिल जैसे हलक में आगया..

मैंने गन निकली...

Aaaaaaa...Dhaye ढाये dhaye...dhaye..

आंखे बंद किये मैंने उन पर फायर खोल दिया...

वो चार थे मेरी फायरिंग से चारो निचे गिर गए थे..

मैंने फिर दौड़ लगा di..mandir की तरफ जा रहे साधुओ के पीछे...

वो आगे थे वो निकल सकते they..jo देख मई ruka..aur मैंने दूर से उन पर फायर किये..

ढाये ढाये दिए...

कई गोलियन चली और दोनों साधु मंदिर की सीडीओ पर गिर गए...

Aaaaaaaaa...aaaaaaa...aaaa...

मंदिर से चीखते हुए लोग निकले और बहार की तरफ भागने लगे..

लोगो को भागता देख मई उनके बिच से होता हुआ मंदिर में आ घुसा...

मंदिर में आया तो मेरी आंखे चूंडिया गयी...

मंदिर में हर तरफ पीली रौशनी थी...

सब तरफ सोने का सामान रखा था सोने की देवी देवताओ की मुर्त्या थी..

खट्ट... मंदिर का एक गेट खुला...

Hahaha..hahaha..

कई लड़कियां बेहद काम कपड़ो में पुराने ज़माने की ड्रेस में उस दरवाज़े से मंदिर में दाखिल hui..jo अबूसरो से जड़ी थी ..सोना हीरे के हार मलये उनोहने गले हाथो में पहनी हुई थी हर लड़की एक से बढ़कर एक खूबसूरत thi...aise सुन्दर चहेरे उन पर अबुशरो की चमक देख मई खो सा गया...

Maharaj..aa गए आप...

मेरे करीब आकर उन्होंने कहा..

रानी को खबर कर दो महाराज आ गए है...

बैठए यहाँ महाराज..

एक लड़की ने मुझसे kaha..maine उसे देखा वो एक बेहद सुन्दर सिंगसन की तरफ इशारा कर रही thi..jo जमीन पर बिछा tha..jis पर गद्दे नरम पुराने ज़माने की पिलो राखी थी...

मेरे न जाने पर दो लड़कीओ ने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे वहां बिठा दिया..

महाराज लेट जाईये हम यहाँ आपको आनंदित करने के लिए hi तो है..

मई : क्या बकवास कर रही ho..kon हो तुम sab...vicky कहा है...

विक्की महाराज गृह ककछ में है और हम सब आपकी दासिया...

कहते हुए वो लड़कियां मुझे लिटाने लगी...

मेरे लेटने पर कोई मेरे पेअर दबा रही थी कोई सर कोई हाथ और दो लड़किया मेरी पंत के ऊपर से मेरा पेनिस मसल रही थी

मई : छोरो मुझे ...जाने दो प्लीज..

मुझे उनके साथ इतना मजा आ रहा था मई उनसे कह तो रहा था छोड़ने के लिए लेकिन मई अपने जिस्म की पावर का उसे नहीं कर रहा था उन्हें हटाने के liye...mai उनके हुस्न में खो रहा था..

मेरे हाथ दबा रही लड़की के हिप्स पर मेरा हाथ अपने आप hi चला गया...

Aaaaahh...meri एक सिसकारी nikli..uske हिप्स इतने कठोर और नरम थे मई उनमे खो गया...

की मुझे अपनी पंत उतरती महसूस हुई...

हैट जाओ...

चीखता हुआ मई उठ gaya...aur अपनी पंत सही करने लगा..

Swami...mere स्वामी...

उसी दरवाज़े से एक बेहद सुन्दर उन्ही दासी लड़कियों की तरह लड़की निकली मुझे देख तड़पते हुए मेरे पास आने लगी...

रानी agayi...daasiyon के पुकारने पर मुझे पता चला वो रानी है..

पास आकर वो मुझसे लिपट गयी....

कहा चले गए थे swami...uske जिस्म से लग कर मई अपना आप खोने लगा.

साख्यीो महाराज के लिए कुछ खाने को लाओ ये थके हरे ए है..

उसने मुझे बिठा दिया ...

मई : विक्की कहा है.

रानी : आप कुछ खा लो महाराज फिर मई आपको गृह कक्ष में ले चलूंगी उनके पास..

दासिया और रानी अंगूर लीची मुझे लिटा कर खिलने लगी..

रानी : मदिरा लेकर आओ सखियों..

यहाँ से खाएंगे maharaj..ek लड़की दासी ने अपनी कमर के निचे के हिस्से पर अंगूर लगाया..

मई उसे बेहद ललचाई नजरो से देख रहा tha...mera इशारा समझ उसने अपनी साड़ी जैसी ड्रेस उतर di..aur मुझे उसका बहस सुन्दर यौवन dikha..safed छूट सुनहरे बालो से भरी...

वो मेरे सीने पर बैठी और उसने अपनी पुसी पर अंगूर rakhe..phir मेरे मुँह पर वो अपनी छूट रखने लगी.

He's योर फ़क boy..not योर बरोथेर...

तूने माँ को मर दिया कुत्ते..

तू एक रंडी है रंडियो की इतनी औकात नहीं वो मुझे मरे...

हटो sab.....mai चीख पड़ा..

फिर उठ खड़ा हुआ..

क्या हुआ स्वामी...

रानी मेरे करीब आयी.

मई : तू कोण है...

यहाँ अतिथियों के साथ ऐसा hi व्यव्हार किया जाता है स्वामी..

मई : विक्की को मरने के बाद तुम सबको मई अपने साथ ले चलूँगा ..

यहाँ खून नहीं वह सकता कोई ..एक अथिति तो कतई नहीं...

मई : मई उसका जाप तोड़ दूंगा तुम्हारे लिए मरूंगा nhi...mera इंतज़ार करो...

मई उसी दरवाजे की तरफ भगा जहाँ से वो दासिया आयी थी..

रुक जाओ swami...wahan मत जाओ...

Aaaaaaaaa....mat जाओ ...आआआह...

पीछे मुझे उनके रोकने और रोने की आवाजे आ रही thi..lekin मई रुका नहीं...

मई उस जगह को देखने laga...jo पूरी तरह से अँधेरे में डूबी हुई थी...

मई आगे आया और मैंने अपने मोबाइल की लाइट ों की ..

सामने hi मुझे एक पेड़ के निचे साधु घनश्याम बैठा दिखा अल्टी पलटी मार के...

मई : तुम यहाँ ho...tumne मेरी ज़िन्दगी बर्बाद कर di...maine गन निकल ली...

निक्की : हहहहह ....

मई : nicky....mai दये मुदा जहाँ से आवाज़ आयी...

निचे दये दरवाजे से बहार आ रहा tha..mujhe देख दरवाजे पर रुक गया..

मई : तू यहाँ...

निक्की : हहहह जनता हों हैरत में हो और बहुत से प्रश्न होंगे..

मई ; मेरा कोई सवाल नहीं है सेल तेरे यहाँ होने से मई समझ गया हों तू इससे मिला हुआ था....पहले ये साधु मरेगा फिर तू...

निक्की : ख़बरदार अभी साधु महाराज साधना में है उन्हें डिस्टर्ब मत करो वो तुमसे सुबह बात करेंगे...

मई : तू मरेगा सेल..

निक्की : हहहहहहह....

मई : बहुत हुआ...

हथियार दाल दो रॉकी वर्ण वो ajeynge...wo यही है तुम्हरे सामने...

मैंने बायीं तरफ देखा वहां विक्की खड़ा था एक दरवाज़े के बहार...

मई : vicky...ye तूने क्या हाल बना लिया अपना...

लम्बे बाल बेहद गंदे और वैसे hi गंदे कपडे..

विक्की : बस 9 दिन और उसके बाद मेरी ये दशा बदल जाएगी और सरस होगा मेरा gulam....uske बाद मई लावण्या से विवाह करूँगा...

मई : लावण्या तेरी कभी नहीं होगी लेकिन मई ऐसा पॉसिबल कर सकता hon...agar तू ये जाप छोड़ de...kehte हुए मई अपने कदम इस सब की जड़ घनश्याम की तरफ बढ़ा रहा था...

निक्की : ये तुझे पागल बना रहा hai...janta है रॉकी ी फुकेद योर फूकिंग माँ हेर पुसी इस स्टिल..

आआआअह्ह्ह...

मैंने गुस्से में घनश्याम पर फायरिंग की की मेरे हाथो में गन की जगह एक बड़ा सा कला सांप agaya..aur दर से मेरी चीख निकल गयी...

निक्की : हहहहहह पकड़ लो ise...vicky अंदर जा वो आ रहे है..

उन दोनों ने कमरे को बंद कर लिया..

Chatttt...chatttt....chattt...

मुझे अपने अस्स पास हड्डियों के टूटने की आवाजे आने lagi....awaje इतनी डरावनी थी मेरे रोंगटे खड़े हो गए....

मई : कोण है ..सामने aao...maine कहा सामने आओ...

Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa...

दूर से एक चीख मेरे कानो को फाड़ने lagi...jameen हिलने लगी..

मैंने आवाज की दिशा में देखा सामने कोई बड़ी स्पीड से मेरी और आ रहा था....

मेरे कदम जैम गए ...

मैंने बचने के लिए अपने चहेरे पर हाथ रख लिया...

मेरे कानो से कुछ निकला और वो मेरे गालो पर रेंगने laga..wo खून था जो मेरे कानो से निकल रहा था....

Aaaaaaaaaaaaaaaaa...

उसकी डरावनी चिंघाड़ मुझे अपने फेस पर सुनाई दी चिंघाड़ की वेब से मेरे बाल उड़ने लगे...

मुझे अपने हाथ पर किसी का खुरदुरा स्पर्श फील हुआ नाख़ून मेरी कलाई में गढ़ने लगे और इतना गर्म जैसे किसी ने मेरे हाथ आग की भट्टी में रख दिए हो....

और मेरे हाथ झटके से मेरे चहेरे से अलग हुआ ..

तक तक tak....mujhe दांतो के बजने की आवाज़ आयी...

और मैंने आँखे खोली....

सामने देख मेरा मुँह खुला का खुला रह गया और मेरी आंखे फ़ैल गयी....

धम्म्मम्म्म्म....

दर से बेहोश होकर रॉकी जमीन पर जा गिरा.....
 
ठक्स वरो

हाहाहा

बूत वरो नाउ रॉकी एंड थे सिचुएशन इस कम्प्लीटली चेंज्ड

अब उसका रोले आने वाला है

वरो अभी उसके दिन अच्छे है

हां वरो रक्षिण ने रॉकी के साथ अच्छा किआ की बुरा ये तो अपकमिंग episode में hi पता चलेगा

वरो उनके लिए ये कासुअल है बूत नॉट फॉर रॉकी

सही गेस है वरो

वरो सभी रीडर्स ने एक पॉइंट मिस कर दिया

वो था रॉकी का फ्लैशबैक
 
क्या इस तपिश पर डिटेल्स हो स्टोरी में बताना ज़रूर वरो

है वरो रॉकी ने उस बूढ़े आदमी से हेल्प नहीं मांगी ये शक्श कोण है ये सिम्पथी स्टोरी में पता चलेगा

ये जगह भी वही है वरो

डेमों को वरो वाकई डिटेल स्टोरी में hi मिलेगी जानने को

वरो उसकी सिचुएशन को समझो he's जस्ट ा कॉमन ह्यूमन

ऐसे नहीं वरो ये 40.episode तक रहेगा

नहीं वरो वो ऐसा नहीं क्र सकता क्योकि रॉकी की मदर ने उस एपल है

ठक्स

Let's सी वरो
 
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