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शॉकेड
आरव ने दीप्ति के कन्फूसिओं भरे चहेरे को देखा और कॉल को उठाया .
टीना ने रियेक्ट करने से पहने hi उनसे कॉल पैर पूछ लिया , “ मर आरव आप अभी कहा हो ? ”
आरव ने अपनी हाशि को दबाते हुए बोलै ,
“ आपसे बहोत दूर पैर आपकी आँखों के सामने . ”
टीना शॉक होते हुए घूम गई और हैरानी भरी आँखों से देखने लगी आरव को .
उसके सामने जो यंग लड़का खड़ा है उसने मर आरव क्या उसने कंपनी के 60 % शेयर को ख़रीदा है ?
! !
उसने एक्सपेक्ट नहीं किया था की शेयर खरीदने वाला इतना यंग होगा .
वो तो उससे भी छोटा लग रहा था .
दीप्ति तो टीना से भी जयदा सुरप्रीसेड थी , “ क्या अपने मेरी कंपनी खरीदी है ? ”
आरव ने हैश के जवाब दिया , “ क्यों मई नहीं खरीद सकता ? ”
दीप्ति ने जल्दी से ना मैं सर हिलाते हुए बोली , “ मेरी बात का गलत मत समझो मई तो बस सरप्राइज हु क्यों की ज़्होंगहे सिटी मैं बस कुछ hi लोग है जो मेरी कंपनी खरीद सकते है पैर मैंने ये उम्मीद नहीं की थी की तुम इतने पावरफुल निकलोगे . ”
“ दीप्ति अब हम बिज़नेस पार्टनर है तो क्यों न हम दोनों उससे थोड़ा आगे बढे और दोस्त बन जाये ताकि फ्यूचर मई कोई प्रॉब्लम न हो हम दोनों को और वैसे भी मई आपसे छोटा हु तो आप मुझसे तुम कह करर बात करर सकती हो . ” आरव ने कहा .
जैसे hi आरव ये कहा दीप्ति की आंखे रेड हो गई जैसे लग रहा था वो अब रू hi देगी.
आरव शॉक हो गया , “ आप रू क्यों रही है अगर आपको मई पसंद नहीं आया और मेरी इस कंपनी मैं आना तो मई नहीं खरीदूंगा पैर प्लीज आप रू मत . ”
दीप्ति ने ना मैं सर हिलाते हुए बोली , “ नहीं ऐसे बात नहीं है वो तो ये ख़ुशी के अंशु है , मई बहोत खुश हो अगर तुम नहीं होते तो मेरी कंपनी बन्क्रप्त हो जाती . ”
ये सुन्न करर आरव को थोड़ा आराम मिला की वो खुसी के मरे रू रही थी तो क्या इसकी कोई ज़रूरत
थी ?
“ पैर एक सीरत पैर मैं दोस्त बनूँगी तुम भी मुझे आप नहीं कहोगे बल्कि एक दोस्त की तरह ट्रीट करोगे . ” दीप्ति ने आरव से कहा .
दोनों की बात सुन्न करर लिंगयूं रियल एस्टेट के स्टाफ घबरा गए थे और सरप्राइज भी हो गए थे .
उन्होंने नहीं सोचा था जिस बन्दे को उन्होंने छिछोरा समझा है वो उनका नई बॉस निकलेगा .
इसका मतलब उनके ल लगने वाले है फ्यूचर मैं .
स्पेशलय उनसबको टेंशन हो रही थी जिन्होंने जयदा जोश दिखाया था उस लड़की को सपोर्ट करते हुए उनको ऐसा लग रहा था जैसे आज उनका आखिरी दिन है कंपनी मैं.
सबसे जयदा उस लड़की को ढक हो रहा था की उसने ये क्यों किया आरव के साथ .
अगर उसको पता होता की आरव इस कंपनी का नई बॉस होगा तो वो कभी हिम्मत नहीं करती उसके साथ सकाम करने की .
ये सोचते हुए उसने जल्दी से खुद को संभाला और प्यार भरी आवाज कहने कहने वाली थी आरव से ताकि वो बच सके .
ये देख करर दीप्ति का गुस्सा सर पैर चढ़ गया , “ प्लीज चली जाओ यहाँ से लिंगयूं रियल एस्टेट कंपनी तुम जैसी एम्प्लोयी को कभी हिरे नहीं करना चाहेगी . ”
वो लड़की घबरा गई और आरव के हाथ पकड़ते हुए कहने लगी , “ मर आरव प्लीज मुझे माफ़ कर दीजिये मई मानती हु मुझसे गलती हो गई प्लीज मुझे इस जॉब की सख्त ज़रुरत है . ”
आरव को उससे मतलब नहीं था वो परेशां हो कर अपना सर हिलने लगा.
वैसे भी ये लड़की साप की तरह थी जिसको आप कभी नहीं पाल सकते हो अगर अपने पला तो वो वापस पलट करर ज़रूर कटेगी .
आरव तो बचपन से बहोत लज़ी था किसी के साथ आगे करने मैं तो उसने सिक्योरिटी गार्ड को बोलै उस लड़की को बहार निकलने के लिए .
वो लड़की दिल hi दिल मई बहोत रू रही थी उसकी आँखों मैं भी अंशु था ये देख करर वो एम्प्लाइज सास लेने की हिम्मत नहीं करर रहे थे .
आरव ने उन् एम्प्लाइज को इग्नोर किया क्यों की लज़ी है न थोड़ा .
वो एम्प्लाइज जिन्होंने कुछ जयदा hi जोश दिखाया था उन्होंने अपने पसीने पोछे जब उन्होंने देखा आरव ने कुछ नहीं बोलै उनको.
वही दीप्ति आरव को लेकर अपने ऑफिस मैं आ गई 30 मिनट्स मैं उन दोनों ने हैंडओवर प्रोसेस कम्पलीट किया .
दीप्ति के ऑफिसियल स्टाम्प पेपर पैर सींग करने के बाद उसको सील करर दिया उसके बाद उसको सुकून मिला .
उसने महसूस किया की उसके ऊपर जो परेसुरे था सुबह तक अब वो हैट चूका है .
हैप्पी मूड के साथ उसने आरव के लिए कॉफ़ी मंगवाई .
टीना जिसने वो सरे डाक्यूमेंट्स अर्रंगे करवाए थे वो ये देख करर शॉक हो गई.
कंपनी मैं दीप्ति का निकनेम रखा गया था सब उससे आइस डेविल बुलाते थे क्यों की वो हमेशा सब के साथ सकती से पेश आती थी खाश करर तब जब सामने वाला पर्सन मेल
हो .
ये बिलकुल ूनप्रेडिक्टेबले था टीना के लिए .
क्या इन दोनों के बिच कुछ चल रहा है जिसके बारे मैं किसी को पता नहीं है .
मई बे हो सकता है हां यही होगा वर्ण मर आरव क्यों ऐसे कंपनी को खरीदना चाहेंगे जो बन्क्रप्त होने वाला हो .
सच मैं टीना की इमेजिनेशन बहोत अछि थी जो वो इतना सोच रही थी .
उसने ये सोचते हुए दोनों के कूफ़े के कप्स को एक साथ जोड़ करर रख दिया जैसे दोनों का एक hi दिल हो और जल्दी से बहार आ गई ऑफिस से .
इतने बड़े प्रेजिडेंट ऑफिस मैं सिर्फ दोनों hi बचे थे .
माहौल थोड़ा ावक्वार्ड हो गया था .
“ आरव तुम रियल एस्टेट मार्किट के बारे मई क्या सोचते हो ? ” दीप्ति ने बातचीत सुरु करने की कोसिस की .
“ रियल एस्टेट अगर सच बोलू तो मुझे इसके बारे मैं कुछ नहीं पता . ” आरव ने सच बोलै .
वो सिस्टम की कृपा थी जो आरव को ये सब मिल रहा था वर्ण उसको इनसब चीजों के बारे मैं कुछ नहीं पता था .
“ क्या तुम्हे कुछ नहीं पता ? ” दीप्ति पूरी तरह से हक्का बक्का हो गई थी .
क्यों की उसने उसकी कंपनी के 60 % शेयर को ख़रीदा है और वो कह रहा है उसको कुछ नहीं पता है .
क्या वो एक मुर्ख इंसान है बहोत जयदा पैसो के साथ .
नाह ये नहीं हो सकता है .
वर्ण कोई इंसान ऐसे कैसे एक hi नज़र मैं नाइन ड्रैगन कप को पहचान सकता है ?
तो इसका सिर्फ एक hi मतलब निकलता है ?
वो यहाँ कंपनी को खरीदने नहीं आया है बल्कि वो यहाँ उसकी मुस्किलो को काम करने आया
है .
पैर उसने ऐसा क्यों किया ?
‘ क्या वो मुझे पसंद करता
है ? ’
ये सब सोचते हुए दीप्ति का फेस रेड हो गया .
आरव को दीप्ति का ऑफिस बहोत पसंद आया पैर अचानक से उसने देखा की दीप्ति के चहेरे पैर स्माइल थी और वो ब्लश करर रही थी उसको ये थोड़ा स्ट्रेंज लगा तो उसने पूछ लिया , “ क्या तुम ठीक हो ? ”
दीप्ति अभी भी गहरी सोच मैं थी इसीलिए उसने इग्नोर करर दिया .
आरव ने फिर से ज़ोर से बोलै , “ क्या तुम ठीक हो ? ”
“ यह ! ”
दीप्ति शॉकेड हो गई जिससे उसके हाथ से कॉफ़ी का कप उसकी पैरो पैर गिर गया जिससे उसको दर्द हुआ बहोत .
“ अहह it's हर्ट ! ”
आरव ने जल्दी से उसकी स्कर्ट को थोड़ा उठा दिया उसने देखा दीप्ति की सफ़ीद बिलकुल दूध जैसे पेअर लाल हो गई थी .
“ आह मत करो . ” दीप्ति और जयदा शॉकेड हो गई उसने आरव के हाथ को हटते हुए बोली .
“ मत हिलो तुम , ” आरव ने ज़ोर से कहा .
ये देख करर आरव थोड़ा चिंतित
था .
दीप्ति जो आमतौर पैर अपने एम्प्लाइज के सामने स्ट्रिक्टली रहती थी उसको भी हिम्मत नहीं हो रही थी आरव की बात को टालने की .
“ तुम्हारे पास मेडिसिन बॉक्स है ? ” आरव ने जले हुए एरिया को देखने के बाद सर उठाये दिए बोलै .
“ वह पैर है ? ” दीप्ति ने एक तरफ इशारा करते हुए कहा .
आरव ने जल्दी से मेडिकल किट मैं से मेडिसिन निकल करर उसकी पैरो पैर जाली हुई जगह पैर कॉटन से लगाने लगा बड़े प्यार से .
“ आठ आराम से ! ”
कंटिन्यू
शॉकेड
आरव ने दीप्ति के कन्फूसिओं भरे चहेरे को देखा और कॉल को उठाया .
टीना ने रियेक्ट करने से पहने hi उनसे कॉल पैर पूछ लिया , “ मर आरव आप अभी कहा हो ? ”
आरव ने अपनी हाशि को दबाते हुए बोलै ,
“ आपसे बहोत दूर पैर आपकी आँखों के सामने . ”
टीना शॉक होते हुए घूम गई और हैरानी भरी आँखों से देखने लगी आरव को .
उसके सामने जो यंग लड़का खड़ा है उसने मर आरव क्या उसने कंपनी के 60 % शेयर को ख़रीदा है ?
! !
उसने एक्सपेक्ट नहीं किया था की शेयर खरीदने वाला इतना यंग होगा .
वो तो उससे भी छोटा लग रहा था .
दीप्ति तो टीना से भी जयदा सुरप्रीसेड थी , “ क्या अपने मेरी कंपनी खरीदी है ? ”
आरव ने हैश के जवाब दिया , “ क्यों मई नहीं खरीद सकता ? ”
दीप्ति ने जल्दी से ना मैं सर हिलाते हुए बोली , “ मेरी बात का गलत मत समझो मई तो बस सरप्राइज हु क्यों की ज़्होंगहे सिटी मैं बस कुछ hi लोग है जो मेरी कंपनी खरीद सकते है पैर मैंने ये उम्मीद नहीं की थी की तुम इतने पावरफुल निकलोगे . ”
“ दीप्ति अब हम बिज़नेस पार्टनर है तो क्यों न हम दोनों उससे थोड़ा आगे बढे और दोस्त बन जाये ताकि फ्यूचर मई कोई प्रॉब्लम न हो हम दोनों को और वैसे भी मई आपसे छोटा हु तो आप मुझसे तुम कह करर बात करर सकती हो . ” आरव ने कहा .
जैसे hi आरव ये कहा दीप्ति की आंखे रेड हो गई जैसे लग रहा था वो अब रू hi देगी.
आरव शॉक हो गया , “ आप रू क्यों रही है अगर आपको मई पसंद नहीं आया और मेरी इस कंपनी मैं आना तो मई नहीं खरीदूंगा पैर प्लीज आप रू मत . ”
दीप्ति ने ना मैं सर हिलाते हुए बोली , “ नहीं ऐसे बात नहीं है वो तो ये ख़ुशी के अंशु है , मई बहोत खुश हो अगर तुम नहीं होते तो मेरी कंपनी बन्क्रप्त हो जाती . ”
ये सुन्न करर आरव को थोड़ा आराम मिला की वो खुसी के मरे रू रही थी तो क्या इसकी कोई ज़रूरत
थी ?
“ पैर एक सीरत पैर मैं दोस्त बनूँगी तुम भी मुझे आप नहीं कहोगे बल्कि एक दोस्त की तरह ट्रीट करोगे . ” दीप्ति ने आरव से कहा .
दोनों की बात सुन्न करर लिंगयूं रियल एस्टेट के स्टाफ घबरा गए थे और सरप्राइज भी हो गए थे .
उन्होंने नहीं सोचा था जिस बन्दे को उन्होंने छिछोरा समझा है वो उनका नई बॉस निकलेगा .
इसका मतलब उनके ल लगने वाले है फ्यूचर मैं .
स्पेशलय उनसबको टेंशन हो रही थी जिन्होंने जयदा जोश दिखाया था उस लड़की को सपोर्ट करते हुए उनको ऐसा लग रहा था जैसे आज उनका आखिरी दिन है कंपनी मैं.
सबसे जयदा उस लड़की को ढक हो रहा था की उसने ये क्यों किया आरव के साथ .
अगर उसको पता होता की आरव इस कंपनी का नई बॉस होगा तो वो कभी हिम्मत नहीं करती उसके साथ सकाम करने की .
ये सोचते हुए उसने जल्दी से खुद को संभाला और प्यार भरी आवाज कहने कहने वाली थी आरव से ताकि वो बच सके .
ये देख करर दीप्ति का गुस्सा सर पैर चढ़ गया , “ प्लीज चली जाओ यहाँ से लिंगयूं रियल एस्टेट कंपनी तुम जैसी एम्प्लोयी को कभी हिरे नहीं करना चाहेगी . ”
वो लड़की घबरा गई और आरव के हाथ पकड़ते हुए कहने लगी , “ मर आरव प्लीज मुझे माफ़ कर दीजिये मई मानती हु मुझसे गलती हो गई प्लीज मुझे इस जॉब की सख्त ज़रुरत है . ”
आरव को उससे मतलब नहीं था वो परेशां हो कर अपना सर हिलने लगा.
वैसे भी ये लड़की साप की तरह थी जिसको आप कभी नहीं पाल सकते हो अगर अपने पला तो वो वापस पलट करर ज़रूर कटेगी .
आरव तो बचपन से बहोत लज़ी था किसी के साथ आगे करने मैं तो उसने सिक्योरिटी गार्ड को बोलै उस लड़की को बहार निकलने के लिए .
वो लड़की दिल hi दिल मई बहोत रू रही थी उसकी आँखों मैं भी अंशु था ये देख करर वो एम्प्लाइज सास लेने की हिम्मत नहीं करर रहे थे .
आरव ने उन् एम्प्लाइज को इग्नोर किया क्यों की लज़ी है न थोड़ा .
वो एम्प्लाइज जिन्होंने कुछ जयदा hi जोश दिखाया था उन्होंने अपने पसीने पोछे जब उन्होंने देखा आरव ने कुछ नहीं बोलै उनको.
वही दीप्ति आरव को लेकर अपने ऑफिस मैं आ गई 30 मिनट्स मैं उन दोनों ने हैंडओवर प्रोसेस कम्पलीट किया .
दीप्ति के ऑफिसियल स्टाम्प पेपर पैर सींग करने के बाद उसको सील करर दिया उसके बाद उसको सुकून मिला .
उसने महसूस किया की उसके ऊपर जो परेसुरे था सुबह तक अब वो हैट चूका है .
हैप्पी मूड के साथ उसने आरव के लिए कॉफ़ी मंगवाई .
टीना जिसने वो सरे डाक्यूमेंट्स अर्रंगे करवाए थे वो ये देख करर शॉक हो गई.
कंपनी मैं दीप्ति का निकनेम रखा गया था सब उससे आइस डेविल बुलाते थे क्यों की वो हमेशा सब के साथ सकती से पेश आती थी खाश करर तब जब सामने वाला पर्सन मेल
हो .
ये बिलकुल ूनप्रेडिक्टेबले था टीना के लिए .
क्या इन दोनों के बिच कुछ चल रहा है जिसके बारे मैं किसी को पता नहीं है .
मई बे हो सकता है हां यही होगा वर्ण मर आरव क्यों ऐसे कंपनी को खरीदना चाहेंगे जो बन्क्रप्त होने वाला हो .
सच मैं टीना की इमेजिनेशन बहोत अछि थी जो वो इतना सोच रही थी .
उसने ये सोचते हुए दोनों के कूफ़े के कप्स को एक साथ जोड़ करर रख दिया जैसे दोनों का एक hi दिल हो और जल्दी से बहार आ गई ऑफिस से .
इतने बड़े प्रेजिडेंट ऑफिस मैं सिर्फ दोनों hi बचे थे .
माहौल थोड़ा ावक्वार्ड हो गया था .
“ आरव तुम रियल एस्टेट मार्किट के बारे मई क्या सोचते हो ? ” दीप्ति ने बातचीत सुरु करने की कोसिस की .
“ रियल एस्टेट अगर सच बोलू तो मुझे इसके बारे मैं कुछ नहीं पता . ” आरव ने सच बोलै .
वो सिस्टम की कृपा थी जो आरव को ये सब मिल रहा था वर्ण उसको इनसब चीजों के बारे मैं कुछ नहीं पता था .
“ क्या तुम्हे कुछ नहीं पता ? ” दीप्ति पूरी तरह से हक्का बक्का हो गई थी .
क्यों की उसने उसकी कंपनी के 60 % शेयर को ख़रीदा है और वो कह रहा है उसको कुछ नहीं पता है .
क्या वो एक मुर्ख इंसान है बहोत जयदा पैसो के साथ .
नाह ये नहीं हो सकता है .
वर्ण कोई इंसान ऐसे कैसे एक hi नज़र मैं नाइन ड्रैगन कप को पहचान सकता है ?
तो इसका सिर्फ एक hi मतलब निकलता है ?
वो यहाँ कंपनी को खरीदने नहीं आया है बल्कि वो यहाँ उसकी मुस्किलो को काम करने आया
है .
पैर उसने ऐसा क्यों किया ?
‘ क्या वो मुझे पसंद करता
है ? ’
ये सब सोचते हुए दीप्ति का फेस रेड हो गया .
आरव को दीप्ति का ऑफिस बहोत पसंद आया पैर अचानक से उसने देखा की दीप्ति के चहेरे पैर स्माइल थी और वो ब्लश करर रही थी उसको ये थोड़ा स्ट्रेंज लगा तो उसने पूछ लिया , “ क्या तुम ठीक हो ? ”
दीप्ति अभी भी गहरी सोच मैं थी इसीलिए उसने इग्नोर करर दिया .
आरव ने फिर से ज़ोर से बोलै , “ क्या तुम ठीक हो ? ”
“ यह ! ”
दीप्ति शॉकेड हो गई जिससे उसके हाथ से कॉफ़ी का कप उसकी पैरो पैर गिर गया जिससे उसको दर्द हुआ बहोत .
“ अहह it's हर्ट ! ”
आरव ने जल्दी से उसकी स्कर्ट को थोड़ा उठा दिया उसने देखा दीप्ति की सफ़ीद बिलकुल दूध जैसे पेअर लाल हो गई थी .
“ आह मत करो . ” दीप्ति और जयदा शॉकेड हो गई उसने आरव के हाथ को हटते हुए बोली .
“ मत हिलो तुम , ” आरव ने ज़ोर से कहा .
ये देख करर आरव थोड़ा चिंतित
था .
दीप्ति जो आमतौर पैर अपने एम्प्लाइज के सामने स्ट्रिक्टली रहती थी उसको भी हिम्मत नहीं हो रही थी आरव की बात को टालने की .
“ तुम्हारे पास मेडिसिन बॉक्स है ? ” आरव ने जले हुए एरिया को देखने के बाद सर उठाये दिए बोलै .
“ वह पैर है ? ” दीप्ति ने एक तरफ इशारा करते हुए कहा .
आरव ने जल्दी से मेडिकल किट मैं से मेडिसिन निकल करर उसकी पैरो पैर जाली हुई जगह पैर कॉटन से लगाने लगा बड़े प्यार से .
“ आठ आराम से ! ”
कंटिन्यू