अपडेट 39
साहिल चुप हो गया क्यू की हनिया साहिल की बड़ी बहन थी
मुझे फिर अपनी गलती का अहसास हुआ ये मैंने किया बोल दिया
साहिल - एरर किसी की बहुत दिनों से चुदाई नहीं की है किसी की दिलवा याररर
में - एरर किस की दुलवाऊं कोई है hi नहीं
साहिल - एरर कर न कुछ साला लुंड खड़ा ह .
में - भोस्डिके जब कोई नहीं ह तो किया अपनी बहन छुडवां तुझसे
साहिल - हस्ते हुए बोलै हाँ छुड़वा दे एरर अपनी बहन
अब आगे.....
में - जानवर जियादा फालतू मत बोल
साहिल - सेल तू hi तो बोल रहा मैंने किया कहा
हक़ीक़त में मुझे ये कह क्र साहिल से बहुत मज़ा आया
क्यू की ऐसी बातों से hi में साहिल से फ्री होता पर में कुछ ऐसा नहीं करना छह रहा था जिससे मेरी इज़्ज़त ख़राब हो
में -भोस्डिके छोड़ ले फिर मेर्री बहन (थोड़े बनावटी गुस्से से बोलै )
साहिल - भोस्डिके मज़ाक क्र रहा हूँ तेरी बहन मेरी भी तो बहन ह
में - अच्छा उस अन्त्य का किया हुआ जिसे पहले छोड़ा था जो अनिल के दोस्त की बहन थी न
साहिल - हाँ एरर वो साली भी बहुत मस्त माल थी
मैंने अनिल से बात की वो दुबई ह साली
में - अच्छा फिर चल एरर घर चलते ह
साहिल का घर आ चूका था
में - ठीक है एरर तू जा मैं चला जाऊंगा
साहिल - भोस्डिके आ न चाय पेक जाना
साहिल मेरा हाथ पकड़ के ले गया
मैं घर में गया और साहिल की अम्मी को सलाम किआ
और साहिल की बहनो ने मुझे सलाम किया फिर ऐसे उसकी अम्मी मुझसे बाते करने लगी कुछ देर बार हनिया चाय ले आयी
हनिया चाय देने झुकी तो हनिया के बूब्स आधे दिख गए
मेरी नजर हनिया के बूब्स पर जब पड़ी तो मेरा लुंड खड़ा हो गया
हनिया का फिगर भी कमल का था 36 36
हनिया इक टाइट लग्गिंग और इक कुर्ती पहन राखी थी उफ्फ्फ्फ़
हनिया इक नजर मुझे देखा और थोड़ा मुस्कुरायी
में भी उसे देख क्र मुस्कुराया
फिर वो अपने रूम में जाने लगी मैं हनिया की गांड देखने लगा उफ्फ्फ्फ़ किया कमल की गांड थी
मुझे साहिल ने देख लिया मैंने तुरंत उसे देख क्र स्माइल की साहिल भी मुस्कुराने लगा
थोड़ी देर बाद उसकी अम्मी भी रूम में चली गयी
हम दोनों बातें करने लगे
फिर साहिल की छोटी बहन रेनू मेरे पास आके बैठ गयी
रेनू के बारे में थोड़ा बता दूँ वो साहिल से इक साल छोटी ह
उसका फिगर 34 + 36 है जिसे देख कर सब हैरान रहते ह साली का इतना मस्त फिगर कैसे बन गया है छोटी उम्र में
वो देखने में काफी खूबसूरत थी इक बार मेरे दिल में उसे पटाने का ख्याल आया था
पर साहिल मेरा दोस्त था तो में कुछ नहीं क्र पाया था
रेनू की तरफ में बार बार देख रहा था जिसे. रेनू भी महसूस क्र चुकी थी
साहिल मुझे बोलै एरर रिहान तू बैठ में अभी आता हु
में - कहा जा रहा ह
साहिल - एरर मार्किट जा रहा हु 15 मिंट में आता हु जब तक तू रेनू से बातें क्र
मुझे साहिल ने तो फुल मौका दे दिया रेनू को पटाने का
फिर साहिल चला गया में और रेनू अब अकेले थे
रेनू - तुम्हारा काम कैसा चल रहा है
में - ठीक चल रहा है और तुम्हारी स्टडी
रेनू - मस्त एरर
में - अच्छा इक बात पूछूं
रेनू - हाँ पूछो
में - बुरा तो नहीं मानेगी
रेनू - नहीं में क्यू बुरा मानूगी बोलो तुम
में - अच्छा तेरा कोई बर्फ है किया
रेनू - थोड़ी शर्मा गयी और बोली नहीं मेरा कोई बर्फ नहीं ह
में - झूट मत बोल
रेनू - नहीं एरर सच कह रही हूँ मेरा कोई बर्फ नहीं ह
में - अच्छा किसी से प्यार करती है किया
रेनू - अभी तो नहीं पर अगर कोई पसंद आ जाये तो हो सकता ह
में - अच्छा में तुझे कैसा लगता हूँ
रेनू - मेरी तरफ नजरे उठाते हुए फिर थोड़ा मुस्कुरा के बोली
अच्छे लगते हो तुम भी मुझे
में - मतलब अच्छा लगता हूँ किया
रेनू - एरर मतलब तुम हैंडसम हो अच्छी बोड्डी है तुम्हारी
तो अच्छे hi लगोगे न कोई भी लड़की तुम्हे पसंद कर लेगी
में - अच्छा फिर करलो न
रेनू - थोड़ी चौंकती हुयी किया
में - याररर कोई पसंद नहीं करेगी चोर एरर इतना अच्छा भी नहीं हूँ में
रेनू - एरर मुझे जो लगता ह मैंने बता दिया अब तुम जानो
फिर हनिया भी आ गयी में उसे देखने लगा और बोलै
आओ बैठो आयपी
हनिया - किया बातें हो रही हैं तुम दोनों में
में - कुछ नहीं बस ऐसे hi
में न चाहते हुए भी हनिया का जिस्म देखने लगा जो बिलकुल मेरी सना आपि की तरह लग रहा था और मेरा लुंड खड़ा होने लगा
उफ्फ्फ
हनिया मेरी नजरों को महसूस कर चुकी थी पर वो बोल कुछ नहीं प् रही थी
फिर साहिल आ गया और वो दोनों भी उठ कर जाने लगी मैंने साहिल की तरफ देखा वो भी हनिया की गांड की तरफ देख रहा था मेरे देखते hi वो मेरे पास आ गया और बोलै किया कर रहा ह
में - सेल अकेला चोर गया तो किया करता तेरी बहनो सी काम चला रहा था मतलब बातें कर रहा था
साहिल - चालले बीटा कोई बात नहीं
उस्सने ये बात कही तो मज़ाक में hi पर मुझे उसके लहज़े से बिलकुल नहीं लगा ये मज़ाक है
बल्कि मुझे तो ये लग रहा था के साहिल कह रहा हो के मेरी बहनो को पता और छोड़ डाल दोनों को
फिर कुछ देर में मैं घर आ गया
घर आकर में आपि के रूम में चला गया आपि लेती हुईं थीं में उनके पास जेक लेट गया
आपि - किया हुआ तू आज बहुत खुस लग रहा है
में - हाँ आपि आप से इक बात कहनी है
आपि - मुझसे चिपकते हुए हाँ बोल किया कहना है
आपि के बूब्स मेरे बाज़ू से चिपक गए मेरा लुंड खड़ा होने लगा
में - वो आपि आप बहुत क्यूट लग रही हो ( ये उस वक़्त की दिल की आवाज़ थी मेरी बहन बहुत जियादा अच्छी लग रही थी उस टाइम )
कुछ इस तरह लग्गिंग और कुर्ती में थी
आपि - मेरे मुँह पकड़के गालों को दावते हुए बोली मस्का मत लगा बात बता किया है
में - वो आपि याररर बाद में बताऊंगा
आपि - उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ याररर तू हमेशा hi ऐसा करता ह
में - अच्छा आपि अभी तुम फ़ोन में किया कर रही थीं
आपि - क्यू जानना है तुझे
में - याररर बताओ तो पहले
आपि - कुछ सोचते हुए थोड़ी मुस्कुराके के बोली तेरे जीजा ग से बात कर रही थी
में - मेरा ये सुन कर खून खुसक हो गया
आपि - किया हुआ पगल सिर्फ बात hi तो कर रही हूँ
में - तो क्यू कर रही हो अभी आपकी शादी थोड़ी हुयी ह
आपि - तो रिश्ता तो लग चूका ह
आपि मुझे सीधा करते हुए मेरे ऊपर बैठ गयीं
आपि मेरे लुंड से थोड़ी hi ऊपर बैठी थी
और मेरे गलों को खेचते हुए बोली मेरे पगल भाई ऐसा hi होता है आज कल
तू गफ बनाले कोई अपनी
में तेरी सेटिंग्स करा दूँ बता
में - में बनावटी हैरत होते हुए आयपी आपको शर्म नहीं आ रही अपने भाई की गफ बनवाते हुए
आपि - मेरे गाल पे थप्पड़ मरते हुए तुझे जैसे बहुत शर्म आती मुझसे उलटी सीढ़ी बातें करते हुए
आपि ने दुपट्टा नहीं लिया था आपि के बूब्स की तरफ मेरी नजर बार जा रही थी मेरी हालत ख़राब होने लगी अपनी सगी बहन को ऐसे अपने ऊपर बिठाने में और ऊपर से आपि मेरी क्रश
नीचे से मेरा लुंड खरा होने लगा
जो आपि को शायद महसूस होने लगा था
और अप्पी मेरे ऊपर से उतर गयी.
में - किया हुआ आपि
आपि - तुझे कुछ कहना तो है नहीं बीएस यूँही बकवास करता रहेगा
अब जा मुझे काम ह कुछ
में - काम है या निहाल से बातें करनी है ( आपि को चीरते हुए और खुद सुलगते हुए बोलै )
आपि - रिहान प्लीज जा न एरर आपि मेरा हाथ पकड़ के मुझे खींचती हुयी बाहर ले गयी
मेरा बिलकुल जाने का मन नहीं था
क्यू की मेरे जाने के बाद आपि निहाल से बात करने वाली थी
जो मुझे बहुत बुरा लग रहा था और बर्दाश्त नहीं हो रहा था
मैं बहुत मज़बूर होकर आपि के रूम से निकला
मेरे निकलते hi आपि ने रूम लॉक कर लिया
मुझे अब बहुत गुस्सा आने लगा
ऐसे लगने लगा जैसे निहाल को अभी जाकर बहुत मारु
में जेक बाहर बैठा था के सानिया मेरी गॉड में आके बैठ गयी
मैं सानिया से उसके स्कूल वगैरा के बारे बात करने लगा
पर मेरा ज़हन बार बार आपि की तरफ जाता
वो निहाल से क्यू बात कर रही हैं
पर इक परेशानी ये के सानिया बिलकुल मेरे लुंड पर गांड रख के बैठ गयी
वो काफी गरम हो रही थी पता नहीं क्यू उसकी बदन की गर्मी मेरे लुंड को खड़ा करने लगी
जैसे जैसे सानिया की गांड की गर्मी से मेरा लुंड खड़ा हो रहा
वैसे वैसे hi मेरा आपि की तरफ से धियान हैट रहा था
अजीब खस्मकश थी
और मुझ पर हवस सवार हो रही थी
शायद सानिया को भी ये अहसास हो गया था के मेरा लुंड खड़ा हो गया है
क्यू की वो इधर उधर हो रही थी
और में उसे अपने लुंड पर पकड़ के बिठाया हुआ था
उसे उठने नहीं दे रहा था
मैंने दिल में सोचा रिहान सानिया भी अब छोड़ने लायक हो चुकी है
मैंने सानिया के बूब्स देखे मुझे काफी हैरानी हुयी
उसके बूब्स काफी बड़े हो रहे थे
में खुद से बोलते हुए Uffffffffff रिहान ये भी बहुत कड़क माल हो रही इसकी जवानी भी फूट फूट क्र बाहर आ रही ह
अह्ह्ह्हह रिहान आगे बढ़ सानिया कुछ नहीं कहेगी
साली जब तेरे कड़े लुंड पर बैठी ह
और उठ नहीं रही तो हो सकता है इसके दिल में भी कुछ हो
मैंने हिम्मत करते हुए सानिया के बूब्स पर हाथ फेर दिया पर दवाया नहीं
मैंने ये हरकत जैसे hi की सानिया मुझसे बोली
भैय्यियया चोरो में हाय बाज़ी के पास जा रही हूँ
में - क्यू जा रही है उसके पास
सान्या - भैय्यियया कुछ बाज़ी से काम है
और सानिया गॉड में से उठ गयी
उसने उठ क्र इक नजर मेरे लुंड की तरफ देखा जो लोअर में साफ़ दिख रहा था
मुझे सानिया के साथ ऐसा करना अजीब लग रहा था
क्यू की सानिया इतनी छोटी भी नहीं थी वो भी जवान हो चुकी थी
पर बचपन से वो मेरे साथ ऐसे hi रही ह तो आदत ह बीएस
और बो चली गयी मैं कुछ भी नहीं क्र पाया
पर इन सब के दरमियान भी आपि मेरे ज़हन से नहीं निकली
भले से सानिया से मेरा लुंड फुल खड़ा क्र दिया था
पर आपि का निहाल से बात करना बार बार याद आ रहा था
सानिया के जाते hi में सिर्फ आपि का सोचने लगा
कुछ देर बाद आयपी बाहर आ गयी
आपि मेरे पास आके बैठ
में आपि को बहुत हसरत भरी नज़रों से देखने लगा
में बिलकुल शांत था और इक सोच परेशां क्र रही थी
के मेरी ये इतनी प्यारी बहन पर मेरी नहीं ह
में बीएस अपनी बहन को देख hi सकता हूँ मेरा कोई हक़ नहीं किया मेरी बहन पे
मुझे ये भाई बहन का रिश्ता बुरा लगने लगा आपि के साथ
बाकि साड़ी बहनो के लिए ये फीलिंग नहीं थी
उन सब का बहन होना बुरा नहीं लग रहा था बल्कि उनका सब का बहन होना बहुत ख़ुशी देता मुझे
में खुद परेशां था आखिर आपि मेरी सगी बहन क्यू हैं कोई और क्यू नहीं
आखिर दिन काट hi गया रात मुझे नींद नहीं आ रही थी
में उठ क्र छत पर चला गया
और में अपनी ज़िन्दगी में हो रही साड़ी बातो को सोचने लगा
मैंने फ़ोन निकला और नोट लिखने लगा आखिर मुझे अब किया किया करना है
पहले किया करू
(1) सबसे पहले आपि का ख्याल आया
मुझे अब आपि का रिश्ता ख़तम करना ह और आपि को पाने का हर तरीका आज़माना है
(2) उस पगल लड़की का पता करना जिसने मुझे बहुत परेशां क्र रखा ह
(3) पायल बहुत फ़ोन करती ह उसका भी कुछ करना ह
(4) असद से किसी तरह खुलना ह पर अपने बारे में नहीं बताना कुछ
मतलब उस I'd बलि पहचान से नहीं बल्कि खुद जाकर किसी तरह उससे इन्सेस्ट वाली फीलिंग जननी ह
(5) आयेजा आपि से बात करनी ह है किया
उस दिन आपि को नंगा देखा था
(6) साजिद से बात करनी ह उस दिन उसे फॅमिली पोर्न देखते हुए पकड़ा था
शायद साजिद कुछ काम बनवा दे
नहीं तो उसकी hi गांड मरूंगा
बहन की छूट न सही छोटे भाई की गांड hi मारलू
(7) अम्मी का पता करना ह
उनपर मुझे बहुत शक ह आखिर वो कही छुड़वा रही हैं
(8) और ाईकिस बहुत हॉट माल किसी तरह उसे भी छोड़ना ह
में फिर नीचे गया आपि मुझे दिखी
आपि - रिहान तू ऊपर किया कर रहा था अभी तक सोया नहीं
में - वो आपि नींद नहीं आ रही थी वैसे आप क्यू नहीं सोई
आपि - अरे यार मुझे भी नींद नहीं आ रही थी
मैंने आपि की हाथ में फ़ोन देखा
मुझे आपि पर शक हुआ
आपि कही निहाल से बात तो नहीं क्र रही थी
में - अच्छा फिर में सोने जा रहा
अप्पी - ( मुझे रोकते हुए ) किया हुआ रिहान तुझे
तेरा मूड क्यू ख़राब ह कुछ बात है
में - ( सच में बहुत उदास हो गया था आपि को किसी और का होते हुए देख क्र ) नहीं आपि कुछ नहीं हुआ में सोने जा रहा
अप्पी - मेरे गले में हाथ दाल क्र मुझे अपने रूम में ले जाते हुए बोली
अच्छा तू आजा मेरे साथ सजा मुझे भी नींद नहीं आ रही
में - आपि से छूटता हुआ नहीं आपि मुझे नहीं लेटना
आपि - तू मुझसे गुस्सा क्यू हो रहा आपि मुझे ज़बरदस्ती रूम में ले गयी
ये नयी बात नहीं थी में जब भी परेशान होता था तो आपि मुझे कभी अकेला नहीं चोरटी थी
आपि मुझसे बहुत प्यार करती ह ये मुझे भी पता था
मुझे आपि ने बाद पर गिरा दिया और खुद भी आकर लेट गयी
आपि मुझसे बिलकुल चिपक गयी
इक टांग आपि ने मेरी टांग पर रख ली
और इक हाथ मेरे सीने पे रख क्र बोली अच्छा बता किया बात ह
अप्पी के बूब्स मेरे बाज़ू से सटे हुए बहुत परेशां क्र रहे थे
मेरा लुंड खड़ा होने लगा
मुझे कभी कभी खुद हैरानी होती आखिर आपि मुझसे ऐसे कैसे चिपक सकती ह
हम दोनों जवान हैं
आपि - मेरे चेहरा मेरी तरफ करते हुए नहीं बताएगा मुझे किया हुआ है
में फिर भी कुछ नहीं बोलै
और बोलता भी किया इक तो आपि से चिपक के लेटने में लुंड खरा हो रहा था
ऊपर से आपि मेरी नहीं ये सोच क्र दिमाग ख़राब हो रहा था
आपि - अच्छा सजा मुझे भी नींद आ रही है
आपि ऐसे hi सोने लगी इक बार बार आपि ने अपनी टांग थोड़ी ऊपर की तो मेरा खरा लुंड आपि की राण पर टच हुआ
ापी ने तुरंत नीचे क्र लिया
पर आपि मुझसे और चिपक गयी
अब मुझे नींद कहा आने वाली थी
अपनी सगी बहन के साथ ऐसे चिपक क्र सोना मुझे अलग दुन्या में ले जा रहा
आपि भी जाग रही थी उन्हें शायद इस बात का अहसास हुआ के में जिस तरह अपने सेज भाई के साथ सो रही हूँ
उसे कैसे नींद आएगी आखिर उसके उसके अंदर भी सेक्स की फीलिंग है जो इक लड़की के इस तरह चिपकने से बाहर आ सकती ह
भले से में उसकी बहन हु आखिर हूँ इक लड़की hi
और वो थोड़ा मुझसे अलग हो गयी
आपि ने अपने बूब्स मुझसे अलग क्र लिए
में अभी अभी थोड़ा डिस्टर्ब था तो मैंने कुछ नहीं किया और में ऐसे hi सो गया
सुबह मेरी आँख जैसे hi खुली मैंने जिस हालत में खुद को पाया
मेरा तुरंत लुंड खरा हो गया
आपि का मुँह दूसरी तरफ था आपि की गांड में मेरा लुंड फसा था और आपि से में चिपका पड़ा था
और आपि का इक बूब्स मेरे हाथ में था
मैंने मौका देखते hi आपि का बूब्स दवाने लगा और मेरा लुंड खड़ा होकर आपि की गांड में दोनों टांगो के बीच में घुस गया
में आपि का बूब्स डीईएएरे धीरे दवाने लगा
आपि के 36 के गोल मटोल तने हुए बूब्स दवाने में इतना मज़ा आने लगा जितना दूसरी लड़की छोड़ने में भी न आये
ये मेरी ज़िन्दगी का इक अलग hi अहसास था जो पागल कर दे रहा था
अपनी सगी बहन का अहसास
आपि उठ गयी मैंने इक डीएम से आपि को चोर दिया
आपि भी ऐसे रिएक्शन देने लगी जैसे कुछ नहीं हुआ हो
में फिर उठ कर नास्ता करके बाहर चला गया
अपने आवारा दोस्तों के साथ मस्ती की और उस दिन जिस लड़की को ब्लैकमेल करने का प्लान किया था उसके बारे बात करने लगा
में - सेल मणि किया नहीं वो
आदिल - साले मान तो गयी ह पर मुझसे hi छुडवायेगी बोल रही है ( वो आदिल की hi गफ थी )
में -भोस्डिके तो हम किया करेंगे साली को मुझे ज़रूर छोड़ना बहुत मस्त ह एरर
आदिल - भोस्डिके मैंने बोलै ह मेरे दोस्त भी छोड़ेंगे तुझे
और फ़िक्र क्यू क्र रहे हो तुम सब साली जब आएगी तो गरम करके छोड़ लेंगे सब
जब गर्म हो जाएगी तो मन नहीं करेगी
में - साले ये तो बता कब आ रही है
आदिल - आज आ रही ह
में - उफ्फ्फ याररर आज hi छोड़ने को मिल जाएगी
मेरे बाकि दोस्त भी खुसी से उछाल पड़े
आदिल - सैलून जियादा मत उछलो अभी इक दो बार पहले में छोड़ लू वर्ण कुछ गड़बड़ हो गई तो फालतू में मारे जाओ गए
और रिहान एरर तू अयान ( उसका भाई ) पे नजर रख उसको न पता हमारा अच्छा दोस्त है भी
साहिल - सालो उसे पता है हम लोग किसी लड़की को छोड़ने का प्लान कर रहे है
और वो मुझसे बोल रहा मैं भी छोडूंगा
साहिल हस्ते हुए बोलै उस भोस्डिके वाले को किया पता उसकी सगी बहन को hi छोड़ने का प्लान चल रहा है
में - सालो उसे किसने बताया
साहिल - याररर में रोहित से बात कर रहा था तो वो आ गया और उसने सुन लिया
पर अच्छे को मैंने नाम नहीं लिया था तो बच गया
आदिल - अरे एरर अब वो साला हमरे पीछे पड़ेगा मुझे भी दिलाओ
में - अरे में देख लूंगा उसे तू जल्दी कर जो करना अब रहा नहीं जा रहा ह
फिर थोड़ी देर में निकल आया और शॉप पे बैठा उस लड़की का पिछ देखने लगा
और इक बात मेरे दिल को दुख रही थी आखिर हम अपने hi दोस्त की सगी बहन को छोड़ने जा रहे हैं
ये कैसी दोस्ती है कल को अगर ये सब दोस्तों की नजर मेरी बहनो पर पारी तो ये साले मेरी बहनो को चोदे वगैर पीछे नहीं हटेंगे
पर मुझे अपनी बहनो के बारे में गंदे ख्याल अच्छे लगते थे पर में खुद को ये सब से रोकता था
और इक मेरी आपि का मेरे दिल में सच्चा प्यार जो मुझे हर बुरी आदत से दूर भागता
और मैं हवस का शिकार न चाहते हुए भी बुरी आदतों की तरफ खींच जाता
और होश आते hi आपि का जूनून सर पे सवार हो जाता और ये भूल जाता
और यूँही दो दिन गुज़र गए आदिल ने उस लड़की 3 बार छोड़ा और हम सब से इक साथ छोड़ने का प्लान बना लिया था के अब मिलकर छोड़ेंगे सब
इन दो दिनों में मैं सेक्स के लिए तरस गया
साज़िया को छोड़ने के लिए बुलाता तो वो घर में फास जाती और आ नहीं पता
और असद से अम्मी के बारे में बात करके लुंड हिलता और उसकी बहन छोड़ने की बातें करता
और सबसे बड़ी बात में आपि पे बहुत गरम हो रहा था ऐसा लग रहा था किसी तरह से आपि को अपने नीचे ले आऊं उन्हें जल्दी छोड़ दालु और अपना बना लूँ हमेशा के लिए ककी वो इतनी हॉट फिगर वाली लड़की और खूबसूरत बेमिसाल
गज़ब का माल थी मेरी बहन
ऐसे hi में ये सब सोच रहा था
और घर में जैसे hi गया मेरा दिमाग ख़राब हो गया
निहाल घर आया हुआ था और मेरी आपि उससे चिपक कर बैठी थी आपि के बूब्स निहाल के बाजु से चिपके थे
और घर सिर्फ आपि और हाय थी बाकि कोई नहीं था साड़ी बहने चाचू की तरफ और अम्मी परोस में थी
आपि का निहाल से चिपकना कितना बुरा लगा में ये बयान नहीं कर सकता
मेरे आते hi आपि उससे अलग हो गयी
मैंने निहाल को सलाम किया और उससे बातें करने लगा
फिर आपि मुझसे बोली रिहान तू अम्मी को बुला ला न
में - मुझे किया पता अम्मी कहा आपको पता है किया
आपि - नहीं मुझे नहीं पता तू ढूंढ़ना प्लीज रिहान चला जा
मैंने अपनी बहन को देखा आपि ने बहुत टाइट और पतली कुर्ती जिसमे आपि की ब्रा नजर आ रही थी
और टाइट लग्गिंग जिसमे आपि की गांड क़यामत ध रही थी
मेरा लुंड खरा होने लगा आपि को इस हालत में देख क्र
पर आपि का मुझे बाहर भेजना और निहाल के साथ मस्ती करना
ये मेरे दिल को चीयर रहा था
मेरे जाने के बाद मेरी आपि जिसे मैं हर कीमत पे चाहता हु वो मेरे जाने के बाद उस लड़के से चिपके गई जाने किया किया करेगा वो मेरी बहन के साथ
ये बात सोचते hi मेरा मूड बहुत ख़राब हो गया मेरा लुंड बैठ गया गुस्से की बजह से ुर मेरा आपि का मुझसे बार बार कहना जा यहाँ से
मुझे ऐसा लग रहा जैसे आपि बोलती हो जा रिहान तड़प तड़प के मरजा बाहर
आपि का मासूम और और पुरकशिश चेहरा मुझे देखने से और दिल का दर्द बढ़ रहा था
में अब हर लड़की को भूल गया मेरे दिमाग में सिर्फ इक ख्याल में जिसे चाहता हु वो अभी किसी और के साथ ह
में गुस्से में बाहर चला गया
में बच्चा नहीं था जो समझ न पता के आपि मुझे बाहर क्यू भेज रही हैं
में बाहर सरक पे इक बार चीख उठा ahhhhhhhhhh
आयपी
मुझे लोग देखने लगे
मुझसे आपि के मामले में गुस्सा कण्ट्रोल नहीं होता था
में फिर चलने लगा और सोचने लगा इस निहाल माँ मामला क्लोज hi करना है बहुत जल्दी
पर इक कालिश कही में अपनी बहन की ज़िन्दगी ख़राब तो नहीं कर रहा हूँ
अगर मुझे आपि का साथ न मिल पाया तो किया होगा
सगी बहन है मेरी कैसी कर पाउँगा ये सब
ये सब कहानियां में कितना आसान होता ह पर रियल लाइफ में दोस्तों बहुत मुश्किल होता ह शायद hi ये क़यामत किसी पे गुज़री हो
में जाके इक बैंच पर बैठ गया मुझे उस बेनाम लड़की की कॉल आने लगी
मैंने कॉल पिचकूप की और चीख पर बोलै
तुम्हे समझ नहीं आता किया नहीं करता में तुमसे प्यार
नहीं चाहिए मुझे किसी साथ मुझे
परेशां करना बंद करो
मैं फिर चुप हो गया उधर से भी वो कुछ नहीं बोली बीएस उसकी सिसकियों को आवाज़ आने लगी
मतलब वो रोने लगी थी
मेरा दिल भी उसकी सिसकियों से सिसक उठा
और धीरे से बोलै
में भी किसी से प्यार करता हु वो नहीं मिल प् रही मुझे
मुझे उसका पाना बहुत मुश्किल लग रहा ह
जैसे दुन्या ज़माने की मुसीबतें मेरे प्यार से आ टकराई हों
लड़की - में ज़िन्दगी भर तुम्हारा इन्तिज़ार करुँगी
अगर वो तुम्हे मिल गयी तो इसे अपनी क़िस्मत समझ क्र ज़िंदगी गुज़ारूंगी
और अगर वो तुम्हे न मिली तो मुझसे वडा करो तुम मुझसे प्यार करोगे
में - थोड़ा रिलैक्स होते हुए अच्छा ये तो बता दो तुम कोण हो अब
लड़की - में ख़ासिश बोल रही हूँ
में - ख़ासिश यानि वो
लड़की - तुम्हारे अशरफ मां की लड़की
में - उफ्फ्फ याररर तुम हो पहले क्यू नहीं बताया तुमने
कशिश - रट हुए बोली बता देती तो मुझसे प्यार कर लेते किया
में - एरर सॉरी पर में बहुत प्यार करता हु उस लड़की से में शायद मैं छह hi नहीं पौन कभी किसी को
ख़ासिश - में ज़िन्दगी भर तुम्हारा इंतज़ार करुँगी
और उसने फ़ोन काट दिया