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- Dec 5, 2013
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अपडेट 22
मेरे सर में से काफी खून निकल रहा था
वो लड़की मेरे पास आयी
बोली प्लीज तुम हॉस्पिटल में चलो तुम्हारे सर से काफी खून निकल रहा ह
मैंने उसे देखा वो बहुत रो रो क्र मुझे हॉस्पिटल ले जाने के लिए बोल रही थी
अब आगे.......
फिर मुझे साहिल उठा कर हॉस्पिटल में ले जाने गया मुझे भी चक्कर आ रहा था सर में चोट लगने की वजह से
वो लड़की मेरा हाथ पकड़ हुए हॉस्पिटल में जा रही थी
में थोड़ा खुद भी बेहोश होना छह रहा था क्यू की में परेशां था
और में जल्दी hi बेहोश हो गया
उसके बाद किया हुआ मुझे कुछ पता नहीं मुझे जैसे hi होश आया में उठ क्र बैठ गया
मेरे सर पे पट्टी बढ़ी थी
में कोशिश करके वह से उठ गया और रूम से बाहर निकला मुझे देखते hi सब मेरी तरफ भागे चले आये
अम्मी - बीटा तू ठीक ह तो
सब लोग मुझसे पूछ रहे थे तू ठीक तो ह
मैं है है क्र रहा था
चाचू - ( थोड़े गगुस्से में बोले ) रिहान तुझे किया ज़रूरत थी उनसे लड़ने की
तेरी बहन िक में है .और तू लोगों से लड़ता फिर रहा ह पगल हो गया किया तू
में - चाचू वो उस लड़की को छेद रहे थे
चाचू - तो तुम उनको समझा भी सकते थे लड़ने की किया ज़रूरत थी
फिर मैंने पुछा आपि कहा ह चची बोली िक में है
जा मिल आ उससे होश आ गया ह सना को भी वो भी तेरी चोट का सुन और रो रही ह
मैंने धड़कते दिल से आपि के रूम का गेट खोला
आपि ने जैसे hi मेरी तरफ देखा आपि के आँखों में आंसू आ गए
मेरा दिल आपि को रोटा देख क्र पिगल गया
आखिर में आयपी से बहुत प्यार करता था
आपि बाद से उठने की कोशिश करने लगी
में - आयपी लेते रहो
मुझे बोल नहीं मिल रहा था में काफी देर अपना धड़कते दिल को लेकर खामोश बैठा रहा
आपि भी खामोश लेती रही
वो मेरे सर पे बढ़ी पाती पे हाथ रख के सिसक उठी
वो समझ गयीं थी ये चोट भी शायद मेरी भाई को मेरी वजह से hi मिली ह
अपनी गलती की नदामत की खातिर वो मुझे बोल hi नहीं प् रही थीं
मैं आपि से बहुत कुछ कहना चाहता था बहुत सवाल थे दिल में
बहुत शिक्वी शिकायतें थी
पर वक़्त मुझे इस बात की इज़ाज़त नहीं दे रहा था
के मैं कुछ आपि से कहु
और शायद यही हाल मेरी बहन का भी था
वो भी अपने जज़्बातों को दिल के किसी कोने में लिए बैठी सिसक रही थीं
और इस बे मुरव्वत वक़्त के आगोश से निकल क्र कैसे अपने भहै के बात करें
कैसे कहें
भाई मैं ऐसी नहीं हूँ जिस हालत में मुझे तूने देखा ह
हम दोनों की कैफियत शायद बयां करने के लिए मेरे पास लफ्ज़ नहीं हैं
फिर ाईकिस रूम खोल कर आयी और बोली
ाईकिस - भाई पायल बात करने के लिए बोल रही ह
में - कोण पायल
ाईकिस - भाई अभी जिस लड़की को आपने बचाया था उन आवारा लड़कों से
में - अच्छा उसका नाम पायल ह
उससे बोल दे मैं ठीक हु मुझे बात नहीं करनी उससे
फिर अम्मी और बहने भी आ गयी
अम्मी बोली
तेरी मामू वगैरा जा रहे हैं सब
जा उनसे मिल आ
में - ठीक ह मिल आता हूँ अम्मी
में लंड़ता हुआ बाहर गया मेरे पेअर में भी उन लड़को का डंडे मारे थे
मुझे उस वक़्त तो अहसास नहीं हुआ पर अब काफी दर्द हो रहा था
में सब लोंगो से मिलने लगा
मुझे सब यही बोल रहे बीटा ये लड़ाई झगड़ा ठीक नहीं
तेरी बहन की इतनी हालत ख़राब थी और तू बाहर लड़ता फिर रहा ह
बीटा ये अच्छी बात नहीं
मामू बोले - रिहान तू अब बड़ा हो गया समझदारी से काम लो
घर में तेरी साड़ी बहने हैं
उनका कोण ख्याल रखेगा अगर तू बच्चो वाली हरकतें करेगा
ममी बोली रिहान बीटा अब तेरी बहाने भी जवान हो रही उनकी शादी वगैरा का सोच
तू समझदार ह आज कल माहौल देख रहा ह
कितना गलत होता जा रहा
सारे लोग मुझे बस समझा hi रहे थे और समझा क्र चले जा रहे थे
मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मुझे सब तने दे रहे हों
कोई भी ऐसा नहीं था जो मेरे दिल पे हाथ रखके कहता
रिहान तू फ़िक्र मत करना में तेरे साथ हु
तू ठीक ह तूने ठीक किया उस लड़की की हेल्प करके
मुझे बहुत अकेला पैन महसूस हो रहा था
इतनी लोंगो की भीड़ में मैं खुद को बहुत तनहा महसूस कर रहा था
फिर इक हाथ मेरे सीने पे महसूस हुआ
मैंने नज़रे उठायी तो इक चेहरा सामने आया
उस चेहरे की मासूमीयत इक अलग hi दुन्या में ले जा रही थी मुझे
हज़ारों शर्मिंदगी की लकीरें और किसी दर्द के आगोश में भरा हुआ चेहरा
वो कोई और नहीं मेरी छोटी बहन हाय थी जो बहुत उदासी की हालत में आयी मेरे पास
और बोली
भैय्यियया तुम ठीक तो हो
में - हम्म्म
हाय - भैय्यियया मुझे माफ़ कार्डो प्लीज
में बहक गयी थी
और रट हुए मेरे गले लग गयी
में कोई बात नहीं गद्य होता रहता है
वो लड़का ठीक नहीं था तेरे लिए
तूने देखा वो लड़का मार पड़ते hi कितनी जल्दी बदल गया
अगर वो सच्चा प्यार तुझसे करता होता तो ऐसे इतनी जल्दी न बदलता
हाय काफी रो रही थी भैया तुम सही बोल रहे हो
वो सही नहीं था
और बोली आपने उस लड़की की हेल्प करके बहुत अच्छा किया
में है गद्य अब हैजा सब देख रहे हैं
हाय - नहीं भाई मुझे कुछ देर ऐसे hi रहने दो
में - पागल सब देख रहे हैं देख खला आ रही हैं फिर हाय ने मुझे छोड़ दिया
खला - किया हो रहा था भाई बहन में यहाँ
में - कुछ नहीं खला बीएस ये आपि की वजह से रो रही थी
खला - चलो अब डॉक्टर ने छुट्टी क्र दी ह सना की
अब घर भी ले जाना ह उसे
में फिर डॉक्टर के पास गया डॉक्टर ने बताया कोई घबराने वाली बात नहीं है
उसने कुछ गलत दवाएं खा ली थीं
जिससे जहर शरीर में फैलने लगा था
और वो बेहोश हो गयी थी
हमने उस ज़हर को साफ कर दिया ह
और हाथ काटने की वजह से थोड़ा खून बाह गया था
तो थोड़ी कमज़ोरी होगी इक दो दिन में नार्मल हो जाएगी
में जब डॉक्टर के पास से आया तो किसी ने मेरा हाथ पकड़ लिया
में रुक गया मैंने उसकी तरफ देखा तो इक चेहरे पे जिसको मैंने बहुत तड़पाया था
मेरी नजर पड़ी
वो हिना थी
में - हिना तू
हिना - कैसे हो तुम तुम्हारी चोट कैसी ह
में - ठीक ह
हिना - वैसे ठीक किया तुमने उसकी हेल्प करके
वो लड़की बता रही काफी परेशां करते थे वो लड़के उसे
में - ह्म्म्मम्म
वो मुझे कुछ अजीब नज़रों से देख रही थी
में समझ नहीं प् रहा वो किया छह रही ह
हिना - मैंने तुम्हे मश्ग किया था सुबह देखा तुमने
में - नहीं मैंने तो नहीं देखा
हिना - पर सीन तो हुआ था
मुझे याद आया मेरा फ़ोन ाईकिस के पास था सुबह
में - एरर मैंने नहीं देखा ाईकिस ने देखा होगा उसके पास था फ़ोन
वैसे किया लिखा था
हिना - रहने दो अभी तुम अपनी आपि को घर ले जाओ
वर्ण जियादा रात हो जाएगी और फिर सुबह hi जाना पड़ेगा
में - ok तुम फिर मश्ग कर देना
में जब जा रहा था वो मुझे देखते जा रही थी
मैंने इक बात और नोटिस की वो मुझे भाई नहीं बुला रही थी वर्ण पहले तो जब मिलती भाई hi बोलती थी
फिर हम सब आपि को लेकर घर आ गए
अब मुझे काफी तकलीफ महसूस हो रही
मेरे सर में काफी दर्द और पेअर सूज गए थे
जो कपड़ों में किसी को दिख नहीं रहे थे
हम रात को आपि के पास बैठे थोड़ी देर
अम्मी बोली तुम सब सो जाओ अब सना को भी सोने दो
आपि मुझसे बोली रिहान तेरी चोट कैसी ह
में - आपि ठीक ह बस थोड़ा दर्द ह
आपि - दवा लेली .
में - हाँ आपि
अम्मी - ठीक ह रिहान अब जाओ सो जाओ
हम सब भाई बहन अपने अपने रूम में चले गए
रात काफी हो चुकी थी हाय मेरे पास आयी बोली भैया में तुम्हारे रूम में लेट जॉन
में- क्यू सान्या के पास किया हुआ
हाय - वो भाया मेरा मन हो रहा था आपके साथ लेटने का
में - हाय मेरे पैरों में काफी दर्द ह तू और कभी लेट जाना
हाय - उदास चेहरा लेकर बोली ठीक ह भैया
रॉक को मुझे नींद नहीं आ रही थी
कुछ ख्याल थे जो मुझे सोने नहीं दे रहे थे
ये एक दिन मुझे सालों बराबर लग रहा था
ऐसा लग रहा था के सैलून की परेशानी इस एक दिन में सिमट आयी हों
वो पिक्स आपि के मुझे बार बार याद आ रहे थे
और आपि की इस हालत का में खुद मुजरिम लग रहा था
किसी तरह करवटें बदलता हुआ में सो गया
दिन गुज़र रहे थे
मैं आयपी से बात करना छह रहा था पर नहीं कर प् रहा था
इन दिनों में इक बात थांन ली थी मैंने असद से बदला ज़रूर लेना ह
और इन दिनों में हिना ने बहुत मश्ग किये मुझे
वो मुझसे हमेशा अधूरी hi बात करती थी
मेरे सर में से काफी खून निकल रहा था
वो लड़की मेरे पास आयी
बोली प्लीज तुम हॉस्पिटल में चलो तुम्हारे सर से काफी खून निकल रहा ह
मैंने उसे देखा वो बहुत रो रो क्र मुझे हॉस्पिटल ले जाने के लिए बोल रही थी
अब आगे.......
फिर मुझे साहिल उठा कर हॉस्पिटल में ले जाने गया मुझे भी चक्कर आ रहा था सर में चोट लगने की वजह से
वो लड़की मेरा हाथ पकड़ हुए हॉस्पिटल में जा रही थी
में थोड़ा खुद भी बेहोश होना छह रहा था क्यू की में परेशां था
और में जल्दी hi बेहोश हो गया
उसके बाद किया हुआ मुझे कुछ पता नहीं मुझे जैसे hi होश आया में उठ क्र बैठ गया
मेरे सर पे पट्टी बढ़ी थी
में कोशिश करके वह से उठ गया और रूम से बाहर निकला मुझे देखते hi सब मेरी तरफ भागे चले आये
अम्मी - बीटा तू ठीक ह तो
सब लोग मुझसे पूछ रहे थे तू ठीक तो ह
मैं है है क्र रहा था
चाचू - ( थोड़े गगुस्से में बोले ) रिहान तुझे किया ज़रूरत थी उनसे लड़ने की
तेरी बहन िक में है .और तू लोगों से लड़ता फिर रहा ह पगल हो गया किया तू
में - चाचू वो उस लड़की को छेद रहे थे
चाचू - तो तुम उनको समझा भी सकते थे लड़ने की किया ज़रूरत थी
फिर मैंने पुछा आपि कहा ह चची बोली िक में है
जा मिल आ उससे होश आ गया ह सना को भी वो भी तेरी चोट का सुन और रो रही ह
मैंने धड़कते दिल से आपि के रूम का गेट खोला
आपि ने जैसे hi मेरी तरफ देखा आपि के आँखों में आंसू आ गए
मेरा दिल आपि को रोटा देख क्र पिगल गया
आखिर में आयपी से बहुत प्यार करता था
आपि बाद से उठने की कोशिश करने लगी
में - आयपी लेते रहो
मुझे बोल नहीं मिल रहा था में काफी देर अपना धड़कते दिल को लेकर खामोश बैठा रहा
आपि भी खामोश लेती रही
वो मेरे सर पे बढ़ी पाती पे हाथ रख के सिसक उठी
वो समझ गयीं थी ये चोट भी शायद मेरी भाई को मेरी वजह से hi मिली ह
अपनी गलती की नदामत की खातिर वो मुझे बोल hi नहीं प् रही थीं
मैं आपि से बहुत कुछ कहना चाहता था बहुत सवाल थे दिल में
बहुत शिक्वी शिकायतें थी
पर वक़्त मुझे इस बात की इज़ाज़त नहीं दे रहा था
के मैं कुछ आपि से कहु
और शायद यही हाल मेरी बहन का भी था
वो भी अपने जज़्बातों को दिल के किसी कोने में लिए बैठी सिसक रही थीं
और इस बे मुरव्वत वक़्त के आगोश से निकल क्र कैसे अपने भहै के बात करें
कैसे कहें
भाई मैं ऐसी नहीं हूँ जिस हालत में मुझे तूने देखा ह
हम दोनों की कैफियत शायद बयां करने के लिए मेरे पास लफ्ज़ नहीं हैं
फिर ाईकिस रूम खोल कर आयी और बोली
ाईकिस - भाई पायल बात करने के लिए बोल रही ह
में - कोण पायल
ाईकिस - भाई अभी जिस लड़की को आपने बचाया था उन आवारा लड़कों से
में - अच्छा उसका नाम पायल ह
उससे बोल दे मैं ठीक हु मुझे बात नहीं करनी उससे
फिर अम्मी और बहने भी आ गयी
अम्मी बोली
तेरी मामू वगैरा जा रहे हैं सब
जा उनसे मिल आ
में - ठीक ह मिल आता हूँ अम्मी
में लंड़ता हुआ बाहर गया मेरे पेअर में भी उन लड़को का डंडे मारे थे
मुझे उस वक़्त तो अहसास नहीं हुआ पर अब काफी दर्द हो रहा था
में सब लोंगो से मिलने लगा
मुझे सब यही बोल रहे बीटा ये लड़ाई झगड़ा ठीक नहीं
तेरी बहन की इतनी हालत ख़राब थी और तू बाहर लड़ता फिर रहा ह
बीटा ये अच्छी बात नहीं
मामू बोले - रिहान तू अब बड़ा हो गया समझदारी से काम लो
घर में तेरी साड़ी बहने हैं
उनका कोण ख्याल रखेगा अगर तू बच्चो वाली हरकतें करेगा
ममी बोली रिहान बीटा अब तेरी बहाने भी जवान हो रही उनकी शादी वगैरा का सोच
तू समझदार ह आज कल माहौल देख रहा ह
कितना गलत होता जा रहा
सारे लोग मुझे बस समझा hi रहे थे और समझा क्र चले जा रहे थे
मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मुझे सब तने दे रहे हों
कोई भी ऐसा नहीं था जो मेरे दिल पे हाथ रखके कहता
रिहान तू फ़िक्र मत करना में तेरे साथ हु
तू ठीक ह तूने ठीक किया उस लड़की की हेल्प करके
मुझे बहुत अकेला पैन महसूस हो रहा था
इतनी लोंगो की भीड़ में मैं खुद को बहुत तनहा महसूस कर रहा था
फिर इक हाथ मेरे सीने पे महसूस हुआ
मैंने नज़रे उठायी तो इक चेहरा सामने आया
उस चेहरे की मासूमीयत इक अलग hi दुन्या में ले जा रही थी मुझे
हज़ारों शर्मिंदगी की लकीरें और किसी दर्द के आगोश में भरा हुआ चेहरा
वो कोई और नहीं मेरी छोटी बहन हाय थी जो बहुत उदासी की हालत में आयी मेरे पास
और बोली
भैय्यियया तुम ठीक तो हो
में - हम्म्म
हाय - भैय्यियया मुझे माफ़ कार्डो प्लीज
में बहक गयी थी
और रट हुए मेरे गले लग गयी
में कोई बात नहीं गद्य होता रहता है
वो लड़का ठीक नहीं था तेरे लिए
तूने देखा वो लड़का मार पड़ते hi कितनी जल्दी बदल गया
अगर वो सच्चा प्यार तुझसे करता होता तो ऐसे इतनी जल्दी न बदलता
हाय काफी रो रही थी भैया तुम सही बोल रहे हो
वो सही नहीं था
और बोली आपने उस लड़की की हेल्प करके बहुत अच्छा किया
में है गद्य अब हैजा सब देख रहे हैं
हाय - नहीं भाई मुझे कुछ देर ऐसे hi रहने दो
में - पागल सब देख रहे हैं देख खला आ रही हैं फिर हाय ने मुझे छोड़ दिया
खला - किया हो रहा था भाई बहन में यहाँ
में - कुछ नहीं खला बीएस ये आपि की वजह से रो रही थी
खला - चलो अब डॉक्टर ने छुट्टी क्र दी ह सना की
अब घर भी ले जाना ह उसे
में फिर डॉक्टर के पास गया डॉक्टर ने बताया कोई घबराने वाली बात नहीं है
उसने कुछ गलत दवाएं खा ली थीं
जिससे जहर शरीर में फैलने लगा था
और वो बेहोश हो गयी थी
हमने उस ज़हर को साफ कर दिया ह
और हाथ काटने की वजह से थोड़ा खून बाह गया था
तो थोड़ी कमज़ोरी होगी इक दो दिन में नार्मल हो जाएगी
में जब डॉक्टर के पास से आया तो किसी ने मेरा हाथ पकड़ लिया
में रुक गया मैंने उसकी तरफ देखा तो इक चेहरे पे जिसको मैंने बहुत तड़पाया था
मेरी नजर पड़ी
वो हिना थी
में - हिना तू
हिना - कैसे हो तुम तुम्हारी चोट कैसी ह
में - ठीक ह
हिना - वैसे ठीक किया तुमने उसकी हेल्प करके
वो लड़की बता रही काफी परेशां करते थे वो लड़के उसे
में - ह्म्म्मम्म
वो मुझे कुछ अजीब नज़रों से देख रही थी
में समझ नहीं प् रहा वो किया छह रही ह
हिना - मैंने तुम्हे मश्ग किया था सुबह देखा तुमने
में - नहीं मैंने तो नहीं देखा
हिना - पर सीन तो हुआ था
मुझे याद आया मेरा फ़ोन ाईकिस के पास था सुबह
में - एरर मैंने नहीं देखा ाईकिस ने देखा होगा उसके पास था फ़ोन
वैसे किया लिखा था
हिना - रहने दो अभी तुम अपनी आपि को घर ले जाओ
वर्ण जियादा रात हो जाएगी और फिर सुबह hi जाना पड़ेगा
में - ok तुम फिर मश्ग कर देना
में जब जा रहा था वो मुझे देखते जा रही थी
मैंने इक बात और नोटिस की वो मुझे भाई नहीं बुला रही थी वर्ण पहले तो जब मिलती भाई hi बोलती थी
फिर हम सब आपि को लेकर घर आ गए
अब मुझे काफी तकलीफ महसूस हो रही
मेरे सर में काफी दर्द और पेअर सूज गए थे
जो कपड़ों में किसी को दिख नहीं रहे थे
हम रात को आपि के पास बैठे थोड़ी देर
अम्मी बोली तुम सब सो जाओ अब सना को भी सोने दो
आपि मुझसे बोली रिहान तेरी चोट कैसी ह
में - आपि ठीक ह बस थोड़ा दर्द ह
आपि - दवा लेली .
में - हाँ आपि
अम्मी - ठीक ह रिहान अब जाओ सो जाओ
हम सब भाई बहन अपने अपने रूम में चले गए
रात काफी हो चुकी थी हाय मेरे पास आयी बोली भैया में तुम्हारे रूम में लेट जॉन
में- क्यू सान्या के पास किया हुआ
हाय - वो भाया मेरा मन हो रहा था आपके साथ लेटने का
में - हाय मेरे पैरों में काफी दर्द ह तू और कभी लेट जाना
हाय - उदास चेहरा लेकर बोली ठीक ह भैया
रॉक को मुझे नींद नहीं आ रही थी
कुछ ख्याल थे जो मुझे सोने नहीं दे रहे थे
ये एक दिन मुझे सालों बराबर लग रहा था
ऐसा लग रहा था के सैलून की परेशानी इस एक दिन में सिमट आयी हों
वो पिक्स आपि के मुझे बार बार याद आ रहे थे
और आपि की इस हालत का में खुद मुजरिम लग रहा था
किसी तरह करवटें बदलता हुआ में सो गया
दिन गुज़र रहे थे
मैं आयपी से बात करना छह रहा था पर नहीं कर प् रहा था
इन दिनों में इक बात थांन ली थी मैंने असद से बदला ज़रूर लेना ह
और इन दिनों में हिना ने बहुत मश्ग किये मुझे
वो मुझसे हमेशा अधूरी hi बात करती थी