अपडेट 59
और इक खालिस जो मेरी दिल को बेकरार कर रही थी
वो आपि का प्यार था
पर मुझे आपि को हासिल करना था
चाहे कैसे भी
ये दिमाग में बिठा लिया था तो शायद में कुछ दिल सुन्ना या समझना hi नहीं छह रहा था
अब आगे.........
कैर में असद से अलग हुआ
और असद के साथ चाचू के घेर में घुस गया
मैंने हलीमा को देखा वो सोफे पे बैठी थी
मुझे गुस्से भरी नज़रो से देखा और उठ कर चली गयी
फिर समीर और असद दोनों बातें करने लगे
में आयेजा आपि के पास चला गया जो अभी अपने रूम में थी
में जैसे hi रूम में गुसा मेरे लुंड ने फिर झटका मारा
आपि बाद पर लेती थीं
आपि ने इक सफ़ेद लग्गिंग और कुर्ती पहन राखी थी
आपि दूसरी तरफ मुँह करके लेती थी आयपी की गांड गेट के की तरफ थी
और कुर्ती गांड में से हटी थी
और लग्गिंग बहुत टाइट पूरी गांड से चिपकी थी
आपि की बड़ी गांड देख मेरा लुंड खड़ा हो गया
में दिल में
उफ्फ्फ्फ़ मेरी रंडी बहन किया गांड है तेरी साली
कितने लुंड लेती है अपनी गांड में randiiiiiiiiiiii
कही चाचू ने तुझे तो नहीं छोड़ा था बेहोश करके
बहनचोद तू hi चूड़ी हुए है
और हॉट भी बहुत है तुझे hi छोड़ा होगा पाका
में आपि की गांड देख रहा था
फिर आपि को अहसास हुआ जैसे कोई आया है मेरे रूम में
आपि की आवाज़ से मुझे होश आया
आपि - रिहान किया हुआ खः खोया है
में - कही नहीं आयपी
आपि - कुछ काम है
में - नहीं आपि एरर कुछ काम होगा तभी आऊंगा किया
आपि - नहीं मेरे भाई आजा बैठ
में - आपि इक बात पूछू .
आपि - हाँ बोल
में - आपि आप बहुत खूबसूरत हो
दोस्तों ये सच था आयेजा आपि भी मेरी सना आपि की तरह बहुत खूबसूरत थीं
यूँ कहूं के दोनों शामे hi लगती थी थीं
बस थोड़ा सतलए और फिगर वगैरा चेंगे था
आयेजा आपि का छुड़वा छुड़वा क्र फिगर बाद गदा था
पर कैसा हुआ hi था
( आयेजा आपि का सच बहुत बड़ा है जो दोस्तों आपको बाद में पता चलेगा
शायद सना आपि की तरह दिखना उसी वजह से था )
आपि - अच्छा मेरे भाई वो तो में हूँ
पर मुझे लग रहा तुझे कुछ काम है मुझसे
जो मुझे मस्का लगा रहा ह
में - नहीं आपि में आपको मतलबी लगता हूँ
आपि - पता है मुझे बचपन से आज तक तूने मुझे कितनी बार इस्तिमाल किया है
में - अरे आपि वो तो आप मेरी हिल कर देती हो
तो में किया कृ
ऐसे hi बातों बातों में मैं आपि के जिस्म के घूरता और नसरो से hi मसलता रहा
फिर बाहर आया मुझे साजिद मेरा छोटा भाई दिखा
मैं साजिद को अपने रूम में ले जाने लगा
क्यू की आयेजा आपि ने मेरा लुंड खड़ा कर दिया था
तो मुझे आयेजा आपि के बारे में जानना ता आखिर आपि किस किस से चुदवाती हैं
मैंने असद से कहा एरर तुम दोनों बातें करो मुझे साजिद से काम में अपने रूम में हु
असद - ok तू जा में आ जाऊंगा
में फिर साजिद को अपने रूम में ले गया
साजिद - भैया किया काम है
में - पहले चल रूम लॉक करके आ
साजिद रूम लॉक कर आया
में - अब ये बता तू अभी से पोर्न देखता है
साजिद - डरते हुए नहीं भैया में कब देखता हु
में - बचन तुझे अभी
पहले मैंने तुझे पकड़ा था इक बार याद है
उस टाइम तो मैंने तुझसे कुछ नहीं कहा
साजिद - साजिद दर के

सॉरी सॉरी बोलने लगा
भैया प्लीज माफ़ कार्डो में आज के बाद कभी नहीं देखूंगा
में - इधर आ
मैंने साजिद को अपने से चिपका बोलै
अरे तू दर क्यू रहा है एरर
में तुझे मार थोड़ी रहा हूँ
एरर आज कल तो सब पोर्न देखते हैं
में भी तो देखता हूँ
चल अभी साथ में देखते हैं
मैंने फिर अपने फ़ोन में इक पोर्न चलायी और साजिद और में देखने लगे
में - अच्छा साजिद तुझे फॅमिली वाली पोर्न पसंद है न मुझे बता है
बता कोण से देखखए गए
बहन भाई वाली माँ सोन वाली
साजिद - भैया कोई भी लगाओ सब अच्छी लगती हैं
में - ok चल बहन भाई वाली देखते हैं
फिर मैंने इक बहन भाई वाली पोर्न लगा ली
जिसमे इक लड़की यानि उस लड़के की बहन सोती हुयी होती है
और उसका भाई नंगा होक पीछे से लेट जाता है
और धीरे धीरे अपनी बहन के बूब्स दवाने लगता है
में - साजिद को अपने से चिपकता हुआ
एरर साजिद ये साला अपनी बहन hi बूब्स दवा रहा है
कितनी मज़ा आता होगा इसे अपनी बहन के बूब्स दवाने में
साजिद - हाँ भाई बहुत मज़ा आता है बूब्स दवाने में अपनी बहन के
में - अपने लुंड साजिद की टांग के बीच जैसा कार्ल मसलता हुआ बोलै
हां एरर साजिद इन लोगों के मज़े हैं सेल अपनी सगी बहन से मज़े लेते ही
अह्ह्ह साजिद कैसे ये अपनी बहन के होंठ चूस रहा है
मैंने फिर अपना लुंड निकाल लिया
और मुठ लगाने लगा
साजिद - भैया ये किया सच्ची में इनकी बहन होती होंगी
में - हाँ साजिद ये किसी न किसी की तो वहां होती होंगी
सोच जब वो इन्हे ऐसे छुड़वाता हुआ देखते होंगे
तो उनका भी लुंड खड़ा हो जाता होगा
ये हमारी माँ बहन कैसे किसी से छुड़वा रही हैं
फिर बाद में वो भी उन्हें छोड़ते होंगे
साजिद - हाँ भैया ये तो है
में - चल अब मेरी मुठ मार
फिर साजिद मेरा लुंड हिलने लगा
साजिद - भैया तुम्हारा लुंड बहुत बड़ा है .
में - हम्म्म अब तो तेरा भी बड़ा हो गया चल तू भी नंगा होजा
फिर साजिद भी साजिद अपना लुंड हिलने लगा
वो अभी बच्चा था पर उसका लुंड करीब 5 इस का था और थोड़ा पतला भी था
अह्ह्ह साजिद चल पूरे कपडे उतार के के देखते हैं .
फिर हम दोनों पूरे नंगे हो गए
और पोर्न देखने लगे
वो लड़का धीरे धीरे अपनी बहन की छूट में लुंड दाल देता और अपनी बहन को छोड़ने लगता है
साजिद अपना लुंड तेज़ तेज़ हिलने लगता है
में - देख साजिद ये कैसे अपनी बहन को छोड़ रहा है अह्ह्ह्ह
साजिद - हैं बड़ा मज़ा आता होगा इसे अपनी बहन छोड़ने में अह्ह्ह्ह
में भी अब तेज़ तेज़ अपना लुंड हिला रहा था
साजिद अभी गरम था मुझे यही मौका सही लगा इससे सब उगलवाने का
मैंने फिर साजिद को फ़ोन पकड़ाया और उसे पतला और अपना लुंड उसकी टांगों के बीच में फसा लिया
अह्ह्ह साजिद एरर इनके खूब मज़े हैं
जब इसे चुदाई का दिल करता होगा ये अपनी अम्मी या अपनी बहन को छोड़ लेते होंगे
साजिद भी मज़े से अपनी गांड में मेरा लुंड दवाया हुआ था
मुझे भी अपने छोटे भाई की गांड में लुंड रगड़ना बहुत अच्छा लग रहा था
साजिद - हाँ भैया बड़ा मज़ा आता होगा इन्हे
में - तो तू भी तो फुल मज़े से आयेजा ापी को छोड़ता है
और जाने किस किस से छुड़वाता भी है
साजिद ये सुन का चौंक गया
नहीं भैया ये किया कह रहे हो
में - अपने लुंड को तेज़ तेज़ हिलाते हुए अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह
अरे तू दर क्यू रहा है मुझे सब पता है
मैंने आपि के फ़ोन में फोटो देख लिए है.
कैसे तू आपि को किसी लड़के से छुड़वा रहा है और सेल्फी ले रहा है
अच्छा ये बता ये सब कैसे स्टार्ट हुआ
पहली दफा तूने आपि को किस्से छुड़वाया
साजिद - भैया तुम सच में मुझे मरोगे तो नहीं
में - अरे तू दर क्यू रहा है में खुद आपि को छोड़ना चाहता हूँ
एरर आयपी किया मस्त लगती हैं उनकी छूट मारने में बहुत मज़ा आएगा
साजिद - सच में भैया तुम भी आपि को छोड़ना चाहते हो
में - हाँ मेरी जान तेरी गांड मारने का मन कर रहा है अभी
पर नहीं मरूंगा तू सह नहीं पायेगा
साजिद - तो मार्लो न भैया पर तेल लगा कर मारो और पूरा लुंड मत डालना
तुम्हारा लुंड बहुत बड़ा है
में - तू सह लेगा बहुत दर्द होगा जब तेरी गांड में लुंड डालूंगा
साजिद - हाँ पता है पर भैया मैंने पहले भी काफी लोगों से गांड मरवाई है
में - किया बोल रहा किस किस से मरवाई है
साजिद - भैया पहली दफा तो समीर भैया ने मारी थी
में - उफ्फ्फ सेल समीर से भी मरवा ली तूने
फिर तूने आपि के बारे में भी बताया होगा समीर को
साजिद - नहीं भैया को मैंने कुछ नहीं बताया
आपि ने मन किया है
में - अच्छा आयपी को तूने पहले कैसे छोड़ा
साजिद - वो आपि खुद मुझसे चिपकती थीं
इक बार में आपि के साथ लेता था तो आपि ने मेरा हाथ अपने बूब्स पर रखा और दवाने के लिए बोलने लगीं
साजिद - तो भैया उस तो मैंने आपि की बस बूब्स दवाये फिर आपि रोज़ रात को भी मुझे अपने पास सुलाने लगीं
दुसरे दिन मैंने आपि के बूब्स दवना स्टार्ट किये
मैंने आपि से कहा आपि मुझे चूसना ह आपके बूब्स
तो आपि ने अपने कपडे उतार दिए और पूरी नंगी हो गयी
मैंने उस दिन आपि को अपने हाथों से पूरा नंगा कर दिया और
आपि के बूब्स चूसने लगा
फिर आपि मेरा लुंड चूसने लगी
मुझे बहुत मज़ा आया लुंड चुसवाने में आपि से
में - अह्ह्ह फिर तेरा लुंड तो आपि पूरा मुँह लेती होगी न
और तेज़ थोड़ी तेज़ तेज़ अपना लुंड हिलने लगा
साजिद - हैं भैया पूरा मुँह में ले रही थी आपि आह्हः अह्ह्ह्ह
में - और
साजिद - फिर भैया आपि बोली साजिद मैंने तेरा लुंड चूसा ह तू मेरी छूट चाट
मैं फिर आयपी की छूट चाटने लगा फिर ऐसे hi छत्ते छत्ते आपि का पानी निकल गया
आपि ने मुँह में सारा पानी भर दिया
मैं भी आपि की छूट का सारा पानी पीए गया
फिर आपि ने मेरा लुंड चूसा और मेरा भी सारा पानी पी गयी
ऐसे hi हम रोज़ करते थे आपि मेरा लुंड चूसती थी में आपि की छूट चूसता था
और मैंने इक दिन बोलै आपि मुझे आपि की छूट में लुंड डालना है
तो आपि बोली नहीं हम दोनों भाई बहन हैं
ऐसा नहीं कर सकते हैं
फिर कुछ देर बाद खुद बोली आजा दाल मेरी छूट में अपना लुंड .
मैंने उस दिन से आपि की छूट मरना भी स्टार्ट कर दी
फिर जब आपि को पता चला में गांड भी मरवाता हूँ
तो आपि ने मुझे पहले बहुत डांटा
फिर मुझसे पूछने लगी किस किस से गांड मरवाता ह
मैंने आपि को बताया मोहल्ले के लड़के हैं
में -
अह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह ुह्ह्ह्ह साजिद ये बता किन किन से तूने गांड मरवाई है
फिर साजिद ने मुझे बताया साजिद 7 नाम बताये जिन से वो गांड मरवा चूका है
में सब को hi लगभग जानता पर दो नाम ऐसे निकले जो मेरे दोस्त थे
जिनके साथ मिलकर पहले मैंने रंडियों को भी छोड़ा था
पर अनिल साहिल मेरी जिगरी दोस्त थे मेरे सुख दुःख में बस वही साथ देते थे
वाकई पे मुझे इतना बिश्वास नहीं था
तो दोस्तों में बता दूँ उनमे से इक अय्यन भी था
जिसकी बहन हम कल छोड़ने वाले हैं
में - अय्यन से भी तूने गांड मरवाई है
साजिद - समीर भैया लेके आये थे पहली दफा उसको मेरी गांड मरवाने के लिए
में - अच्छा तो और आगे बता फिर आपि ने किया बोलै
साजिद - फिर जब भी आपि मुझसे चुदवाती तो सब के बारे में पूछती थी किस का लुंड कैसा है
मुझसे फोटो मानवती उनके लुंड के
में - और तो तू लाता था
साजिद - हाँ भैया
फिर इक दिन आपि खुद बोली साजिद मुझे करीम से छुड़वाना है प्लीज तू उसे बोलना
सच बताऊँ भाई मुझे भी मन होता था आपि को उन सब से छुडवां पर कहने की हिम्मत नहीं होती थी
क्यू की जब वो सब मेरी गांड मरते थे तो मेरी साड़ी बहनो के बारे में गन्दी गन्दी बाते करते थे
और गलियां देते थे
बोलते थे तेरी बहने कमाल की चीज हैं साली हमसे छुड़वा दे इक बार साजिद
सालियों को रंडी बनाएगी
फिर तू भी छोड़ना अपनी बहनो को हमारे साथ मिलकर
वो लोग रोज़ मुझे कहते थे अपनी किसी बहन को छुड़वा दे
में - में और तेज़ अपनी मुठ लगते हुए बोलै ा
अह्ह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह हरामी सेल बहनचोद कही के बता किस किस के लिए बोलते थे
साजिद - अह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह भैया धीरे धीरे करो अह्ह्ह
भैया वो सभी बहनो के लिए बोलते थे सना आपि ाईकिस आपि हलीमा आपि
सब के लिए
आयेजा आपि के लिए बोलते थे वो रंडी तो चूड़ी चुदाई उसे हमरे नीचे ले आ
में - साले तो तू कुछ नहीं बोलता उनसे
साजिद - भाई मुझे तो बहुत मज़ा आता था ये बातें करके उनसे
वो जब आपियों को गली देते मुझे तो और जोश चढ़ जाता था
में - सेल गांडू तेरी वजह से hi मतलब आपि चूड़ी हैं उनसे
चल आगे बता
साजिद - फिर मैं करीम भाई के पास गया
मुझे पहले तो काफी दर लग रहा था के कैसे कहु
फिर करीम भाई बोले सेल गांडू बता न अपनी किसी बहन को छुड़वाना है मुझसे
में भी फिर बोल दिया हाँ भाई
वो खुसी से उछाल पड़ा और बोले सेल बता कोण सी बहन को छोड़ना है तेरी
साली रंडियां इक से बाद कर इक माल है तेरे घर में
मैंने फिर आयेजा आपि के बारे में बताया
वो आपसे छुड़वाना चाहती हैं
वो बोलै तेरी बहन ने खुद भेजा है तुझे
में बोलै हाँ करीम भाई और आपि ने बोलै आज hi कही ले चलो उन्हें छोड़ने के लिए
और ये बात किसी को बताना मत अकेले hi छोड़ना है तुम्हे आपि को
फिर करीम बोलै तू अपनी आपि को घेर से बाहर ला में रूम का इंतिज़ाम करता हूँ
फिर मैं आपि को मार्किट के बहाने घेर से बाहर ले आया
तो करीम हमें बाइक पे बिठा जेर इक घर में ले गया
वो किराये पर लिया था उसने
में - मुझे भी बहुत मज़ा आने लगा सुनने में
साला मेरी बहन कैसे किसी गैर मर्द के पास खुद छुड़वाने के लिए जा रही है
और उसका छोटा भाई खुद उसे पेश कर रहा है लो छोड़ो मेरी बहन को
खाश में साजिद की जगह होता
में - साजिद तू सब सबसे ज. अपनी गांड मरवाता है तो पूरा लुंड नहीं डालते तेरी गांड में
साजिद - भैया उनमे से किसी का इतना बड़ा नहीं है
तुम्हारा तो लगता 15 इस का है
में - नहीं एरर 9 इस का hi है
तुझे लग रहा है
चल और बता आगे अब
नहीं डालूंगा तेरी गांड में
और ऐसे hi धीरे धीरे अपना लुंड लीलने लगा
अच्छा ये बता आपि उस टाइम किया पहन क्र गयी थीं
साजिद - भैया ऊपर से तो भुरखा पहना था पर वो अंदर से सिर्फ ब्रा पंतय में गयी थी
में - साली रंडी hi है बिलकुल बहनचोद तुझे तो देख बहुत मज़ा आया होगा
साजिद - हैं भैया फिर जैसे hi हम अंदर घुसे करीम आपि पे झ्गपत पड़ा उसने आपि को दीवार से लगाया और आपि का मुँह से नकाब उतारा और आपि के होंठों पे अपने होंठ रख दिए
और पागलों की तरह आपि की होंठ चूसंस और काटने लगा
मुझे तो भैया देख बहुत मज़ा आया में अपना लुंड निकाल के हिलने लगा
में -
अह्ह्ह साजिद आपि रंडी भी किश कर रही होगी उसे अह्ह्ह साजिद काश में तेरी जगह होता तो आपि की तो छूट ऐसे फाड़ता के चीखों का सैलाब आ जाता
अह्ह्ह साली मेरी रंडी बहन घर से बाहर छुड़वाने गयी है अह्वग्ग अह्ह्ह्ह ुघ्हहह
अह्ह्ह सेल गांडू अगर में वह होता तो तेरी तरह देख कर लुंड नहीं हिलता
में भी अपनी आपि को पकड़ के उनके होंठ

चूसता
कभी में आपि के बूब्स देवता तो करीम आपि के होंठ

चूसता और जब में आपि के होंठ

चूसता तो करीम आपि के बूब्स देवता
और फिर अपनी बहन को खुद अपने हाथो से नंगा करता और आपि की छूट में करीम का लुंड अपने हाथो से पकड़के डालता और कहता छोड़ और तेज़ तेज़ धक्के लगता रह मेरी छूट में और ुर छोड़ तेज़
फिर में भी आपि की छूट में लुंड गुसा देता और
करीम से कहता चल मेरी बहन की गांड में अपना लुंड दाल और छोड़ मेरी बहन को मेरे साथ मिलकर
अह्ह्ह साजिद और बता
थोड़ा जल्दी जल्दी बता
साजिद - में भी यही करना छह रहा था पर करीं भाई आपि पे ऐसे टूट पड़े के मुझे मौका hi नहीं दिया
में - चल आगे बता
साजिद - भाई फिर किया आपि भी करीम से चिपक चिपक के किश करने लगीं
करीम - आह रंडी किया मस्त होंठ

हैं तेरे लग रहा खा hi जॉन
आपि - अह्ह्ह हरामी कुत्ते खा न फिर रुका क्यू हैं
आपि तो करीम भाई से ऐसे टूट पड़ी जैसे सदयों से चुदाई की प्यासी हों
करीम - अह्ह्ह रंडी चल अपना बुरखा उतार
करीम फिर आपि का बुरखा उतरने लगा जैसे hi बुरखा उतरा आपि सिर्फ ब्रा पंतय में थी
मुझे भी उसी टाइम पता चला
करीम - साजिद गांडू तेरी बहन तो पूरी रंडी hi है साली काली ब्रा पंतय में आयी ह
अप्पी - चल न भड़वे अब रंडी बोलता hi रहेगा या मुझे अपनी रंडी बनाएगा भी
करीम - अह्ह्ह में तो नंगा हो लूँ फिर तेरी जवानी उतार ता हूँ
फिर करीम भाई भी नंगे हो गए और आपि को गॉड में उठा कर बाद पे ले जाने लगे
और ाप्पी बाद पर पटक दिया
और बोले चल बे गांडू अपनी लुल्ली यहाँ आगे हिला तेरी बहन छोड़ने के बाद तेरी भी गांड मारूंगा
आपि - भोसड़ीवाले मुझे तो पहले सांत कर
मेरे भाई की गांड बाद में मार लेना
करीम भाई फिर आपि के बूब्स दवाने लगे और ब्रा भी उतार के बूब्स चूसने लगे
फिर आपि की पंतय भी उतार दी
और आपि की छूट में लुंड डालने लगे
अप्पी - आह बहनचोद कही के पहले मेरी छूट चाट फिर अपना लुंड डालना
क्रीम - साली रंडी तू पहली बार मुझसे छुड़वाने आयी है और गलियां ऐसे दे रही है जैसे पक्की रंडी हो
बता रंडी आज तक कितने लोग तेरे ऊपर चार चुके हैं
आपि - अह्ह्ह बहुत लोग चारे हैं तुझे किया लेना
अब बहनचोद पहले मेरी छूट चाट जाने कब से मुझे किसी ने नहीं छोड़ा है
फिर करीम भाई आपि की छूट चाटने लगे और कुछ देर छूट छाती आपि को सीधा लिटाया और अपना लुंड आयपी की छूट में दाल दिया
आयपी पहली बार थोड़ा चीखी फिर कुछ hi झटको में आपि मज़े से छुड़वाने लगीं
में - अह्ह्ह साजिद बड़ा मज़ा आता होगा तुझे आपि को सामने छुड़वाता हुआ देख केर
अह्ह्ह अह्ह्ह याररर
मैं भी अब फूल जोश में थस अपना तेज़ तेज़ हिला रहा था
और आयपी और साजिद को गालियां दे रहा
अह्ह्ह साले दल्ले अप्पी मेरी रंडी बहन अह्ह्ह कैसे पहली बार में रंडी बन गयी अह्ह्ह्ह
अच्छा और आगे बता फिर किया हुआ
में - अच्छा तू समीर की भी गांड मारता है
साजिद - हाँ उनकी भी मारता हूँ
में - अहह चल अब बता आगे आपि को कहा कहा छुड़वाया तूने
साजिद - भाई फिर उस दिन करीम भाई ने आपि को हर तरह से छोड़ा
कभी घोड़ी बनाकर छोड़ते कभी कड़े करके .
और तीन बार अपना पानी आपि की छूट में भर दिया
फिर उसके बाद करीम भाई ने मेरे साथ भी किया
मैं आपि से बोलै आपि मज़ा आया आज आपको
आपि - हाँ मेरी प्यारे भाई आज मुझे बहुत मज़ा आया .
कितने टाइम से किसी ने मुझे नहीं छोड़ा था
और तू अभी बच्चा है तू मेरी प्यास कहा बुझा पता था
पर मुझे तेरे साथ में इस हरामी से छुड़वाने में काफी मज़ा आ रहा है
करीम - ाचा ये बता तूने कितने लोंगो से छुड़वाया है
आपि - एव काफी लोग मुझे छोड़ चुके हैं
में जब छोटी थी तभी मेरी सील टूट चुकी थी
साजिद - आपि आपको पहली बार किसने छोड़ा था
आपि - पहली बार मुझे स्कूल टीचर ने छोड़ा था में 9 में थी
मुझे उस टीचर ने ज़बरदस्ती छोड़ा था मैंने अम्मी को बताया तो पापा स्कूल गए थे टीचर को मारा भी पापा ने
पैर बदनामी के दर से पापा ने ये बात किसी को नहीं बताई
फिर दो महीनो बाद तीन टीचरों मुझे फिर ज़बरदस्ती छोड़ा
और मेरी वीडियो बनायीं
उस टाइम कमरे चलते जियादा फ़ोन तो काफी काम hi थे
फिर उन तीनो टीचरों ने मुझे बरी बरी छोड़ा
और मुझे धमकाया अगर मैंने किसी को बताया तो वो मेरी वीडियो सब को दिखाएंगे
और मुझे जान से मार देंगे
में बहुत दर गयी
फिर वो मुझे रोज़ ज़बरदस्ती छोड़ते
मुझपे काफी लड़को को शक हो गया
तो मैंने बचने के लिए उन लड़को से भी छुड़वा लिया
फिर मुझे आदत सी लग गयी सेक्स की
में उस स्कूल में इक साल पड़ी
मैंने इक साल में स्कूल के आधे टीचर्स से छुड़वा लिया था
और स्कूल के कितने लड़को ने मुझे छोड़ा इसका तो मुझे अंदाजा hi नहीं
फिर पापा को भी पता चल गया के में स्कूल में किया गुल खिला रही हूँ
मेरे शरीर चुदाई से जवानी आने से पहले hi जवान हो गया
तो पापा ने मेरा स्कूल बंद करा दिया
और में सारा दिन घर hi रहती
बड़ी अम्मी ( यानि मेरी अम्मी ) मुझे बिलकुल अकेला नहीं चोरटी बड़ी अम्मी अगर बाहेर जाती तो अम्मी मुझे ड़याँ रखती
पर मेरी छूट में तो आग लग चुकी थी
में उतनी पाबन्दी के बाद भी किसी न किसी से छुड़वा लिया करती थी
हम पहले जिस शहर में रहते थे पास के काफी लड़को को मैंने फसा लिया था
मौका मिलते hi में उनमे से किसी से भी छुड़वा लेती थी
महीने में इक बार तो पक्का छुड़वा लेती
ऐसे hi 3 साल गुज़र गए मुझे काफी चुदाई करने की लगती पर मुझे छुड़वाने को नहीं मिलता फिर बड़ी अम्मी ने मुझे इक बार पकड़ रात को पास के इक अंकल थे
मैं चाट पैर उनसे छुड़वा रही थी
मुझे बड़ी अम्मी ने बोलै तू सुधरे गई नहीं किया
फिर पापा को पता चला पापा कुछ नहीं बोले और मामला ख़तम करवा दिया
फिर पता नहीं मुझे क्यू सब ने फिर आज़ादी देदी कोई मुझपे जियादा ड़याँ नहीं देता था
मैंने फिर अपने बहुत यार बनाये और सब से छुड़वा टी थी यहाँ तक में रात को अपने hi घेर में तीन तीन लड़को को बुला कर रात रात भर चुदवाती थी
मुझे पापा ने रात को कई बार पकड़ा छुड़वाते हुए
और दो तीन थप्पड़ मारते और जाने देते
पर मुझे पापा की नियत भी ठीक नहीं लगती थी
साजिद - भैया करीम भाई ने आपि से पुछा मतलब तेरे पापा की नियत मतलब
तो आपि ने बात गुमा दी और कुछ नहीं बोली
और आगे बताया
आपि - फिर मैंने इक साल खूब जैम के छुड़वाया
फिर हमने वो शहर चोर दिया
मैंने पापा को बहुत बोलै यही रहो पर पापा नहीं माने और हम यहाँ आ गए
फिर बड़ी अम्मी मुझसे बोली आयेजा देख यहाँ मुझे तेरी कोई शिकायत सुनने को न मिले वर्ण तुझे घर से बाहर निकाल दूंगी .
और पापा ने भी मुझे वार्निंग दी
4 5 महीने ऐसे hi गुज़रे मेरी छूट की आग भड़की और मैंने फिर इक आदमी से छुड़वा लिया वो किरायेदार था पास वाले मकान में
फिर जब मुझे मौका मिलता में उससे छुड़वा लिया करती थी
मुझे महीने में इक दो बहार hi मौका मिलता
ऐसे hi इक साल गुज़र गयी फिर पापा को मुझपे शक हो गया के में रात को चुदवाती हूँ
तो पापा मुझे नींद की गोली देने लगे
मुझे सुबह उठ कर बहुत बेचैनी होती
वो गोली का केर मुझे कुछ होश नहीं रहता
सुबह को मेरे बाल बिखरे मिलते और मेरी छूट में
चोरो ये सब
मैंने जब पापा से बोलै पापा में प्रॉमिस करती हूँ में किसी के साथ कुछ नहीं करूंगी प्लीज मुझे नींद की गोली मत दो
फिर पापा ने गोली रोक दी फिर भी कभी पापा को शक होता तो पापा मेरे खाने या पीने की कोई चीज़ में गोली मिलाकर मुझे खिला देते
और मेरा फिर वही हाल होता
में - ये सुन कर में समझ गया साला हरामी मेरी चाचा नींद की गोली दे कर अपनी लोंड़िया छोड़ता था
आपि को किया पता बेहोशी में रोज़ उसकी चुदाई होती है
फिर मैंने इक और लड़के को फसा लिया
वो मुझे होटल में छोड़ने के लिए ले गया था
जब में होटल से चुदाई करवा के निकल रही थी तो मुझे समीर ने देख लिया और पापा को बता दिया
फिर पापा ने मेरी शादी करा दी
मेरे पति ने जब मुझे सुहाग रात को छोड़ा तो वो काफी मायूस हुआ
पर सेल लड़के कोण से शादी से पहले किसी को नहीं छोड़ते
और कुछ नहीं हुआ
हमारी शादी ऐसे hi चली इक साल वो मुझे छोड़ता भी ठीक था
पर उसकी फॅमिली से मेरी नहीं बनती थी
और मेरा बच्चा नहीं हो रहा था
अब एरर मेरा बच्चा नहीं हो रहा तो में किया कृ
इसी वजह से हमारी लड़ाई हो गयी और बात तलाक तक आ गयी
और मेरी तलाक हो गयी
करीम - सो साद एरर सॉरी पर तू पक्की रंडी थी शादी से पहले
अच्छा ये बता फिर शादी के बाद तूने किसी से नहीं छुड़वाया
आयपी - हाँ छुड़वाया मैंने फब पे कई लूंगा बात की और उनसे छुड़वाया
मुझे पैसो की ज़रूरत होती तो में पैसे ले केर भी चुदवाती थी
और शादी से पहले जितना से छुड़वाया
मैंने कुछ न कुछ सब से लिया था
फिर मुझे इक दिन फिर पापा ने बुलाया अकेले में और बोले
बेटी देख में तुझे आखिरी बार समझा रहा हूँ मुझे बाहर के लोंगो से पता चला ह तेरी हरकतों का
और बात मेरी इज़्ज़त टाक आ गयी है
में तेरी दूसरी शादी जल्दी hi करा दूंगा
तू अब मेरी इज़्ज़त मिलती में मत मिला
पापा के आंसू निकल आये
बस वो मेरे दिल को लग गए उसके बाद मैंने 2 साल तक किसी से बात नहीं की और शादी तो मुझे करना hi नहीं है
फिर मुझे बर्दास्त नहीं हुआ तो मैंने अपने इस गांडू भाई से hi छुड़वाने का फैसला किया
फिर जब मुझे पता चला ये तुम लोंगो से गांड भी मरवाता है तो मेरी छूट में भी खुजली होने लगी और आज में तुमसे छुड़वा रही हूँ
और बाकि बहुत राज़ हैं जो में तुझे नहीं बता सकती हूँ
में - उफ्फ्फ एरर साजिद मुझे यकीन नहीं हो रहा ह आपि इतनी बड़ी चुड़क्कड़ हैं
बहनचोद इसकी तो गिनती hi नहीं कितनो से छुड़वा लिया
अह्ह्ह्हह
साजिद -भाई वही तो मुझे खुद बिश्वास नहीं हो रहा था
और करीम भी मानने तो तैयार नहीं
करीम भाई ने आपि से कहा
अगर तुम सच में उतने लोंगो से छुड़वा चुकी हो तो तेरे बूब्स अभी तक ढीले क्यू नहीं पड़े आखिर सबसे hi दवाये होंगे
और तेरी छूट भी इतनी टाइट कैसे ह
आपि - तुम मनो या नहीं में नेचुरल hi ऐसी हूँ
और कुछ लड़कियों का फिगर जल्दी ढीला नहीं होता
अब मेरी बड़ी अम्मी को hi देख लो आज तक उनका फिगर कैसा हुआ है
बूब्स ऐसे हैं जैसे किसी लड़की के बड़े बड़े बूब्स हों
और गांड तो क़यामत ह
और वो कितनी बच्चो की मा हैं
फिर आपि अम्मी के बारे में भी ऐसा hi बोले
आपि - और मेरी अम्मी भी ऐसी hi है बस वो थोड़ी मोती हो गयी हाई है फिगर उनका भी ऐसा hi है
करीम - उफ्फ्फ साली रंडी तू मुझसे शादी करले में तुझे फुल अय्याशी करूँगा
तुझे रोज नए नए लुंड लेक दिया करूँगा
और खुद तेरी छूट में डलवाया करूँगा
बोल करेगी मुझसे शादी
साजिद - आपि ने मन कर दिया बोली मुझे अब शादी नहीं करनी है और करनी होगी तो बता दूंगी
में - मेरी अम्मी का फिगर तो वाकई में कैसा हुआ है
अह्ह्ह साजिद तुझे पता चाचू भी आयेजा आपि को छोड़ चुके हैं
साजिद - अह्ह्ह भाई किया कह रहे हो सच में अह्ह्ह में गया