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- Dec 5, 2013
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अपडेट 110
अम्मी बाहर जाती ह
सब पूछते ह आखिर क्या माज़रा हमें मिलने क्यू. नहीं दया जा रहा ह
अम्मी... अभी में कुव्ह्ह बताने की हालत में नहीं हु
पापा... आयशा आखिर हुआ क्या ह मेरी बेटी ठीक ह तो है न
अम्मी... वो ठीक ह बस ये जो कुछ हो रहा ह वो ठीक नहीं हो रहा ह
पापा... क्या हो रहहा ह आयशा
अम्मी बहुत परेशां हो गयी
अब आगे......
पापा.. आयेशा क्या हो रहा ह
और रिहान कहा ह
अम्मी.. वो दोनों अंदर ह ऐसा करो तुम सब जाओ में हूँ यहाँ
आपि... अम्मी हम कैसे चले जाये माहि से अब्बी तक तो मिलने भी नहीं दया
और रिहान तो बाहर आये
तभी डॉक्टर बाहर आ जाता ह और सबसे बोलता ह
तुम सब कजिन हो रिहान के चलो सब लोग उनकी शादी में शामिल हो जाओ
पापा... क्या शादी मतलब
डॉक्टर... तुमने बताया नहीं इनको
अम्मी... हाँ. शादी हैं वो हम आ रहे ह आप चलो डॉक्टर साहब
फिर डॉक्टर के जाते hi
पापा... आयेशा ये सब ककिया है
अम्मी... में क्या बचन तुम्हे
माहि का कोई एक्सीडेंट नहीं हुआ ह सब रिहं कमीने की गलती
उसकी हवस की वजह से हो रहा ह ये सब में सब कुछ तुम सब को बता नहीं सकती हु
आयेजा... अम्मी हमें कुछ समझ नहीं आ रहा साफ़ साफ़ बताओ हमें
फिर अम्मी सबको दांत क्र बोलती ह
अम्मी... मेरे पास तुम्हारे सवालो के जवाब नहीं ह बीएस इतना जान लो रिहान की शादी माहि से हो रही
और मज़बूरी ह कोई और रास्ता नहीं
सना.... अम्मी ऐसा नहीं हो सकता ह में ऐसा नहीं होने दूंगी
फ़िज़ा.. हाँ अम्मी ऐसा नहीं हो सकता ह
और माहि कृत्य कैसे मान गयी
में ऐसा नहीं होने दूंगी
Ammmi...chup रहो तुम सब अगर उस डॉक्टरर को पता चल गया तो हमें जेल भिजवा देगा
सानिया... अम्मी हम ऐसा किया किया ह बताओ तो
क्यू जेल भिजवा देगा
अम्मी... रिहान की गलती में समझा नहीं सकती तू इतना समझ लो हम सब मज़बूर ह अभी
फ़िज़ा... अम्मी पर माहि क्यू मान गयी आप ने उसे क्यू कुछ नहीं बोलै
अम्मी... उस डॉक्टर के सामने कुछ नहीं कहा सकती थी में
पापा अम्मी को साइड में ले जाते ह और साड़ी बायत पूछते ह
अम्मी पापा को सब सच बता देती हैं
पापा.... उफ्फ्फ रिहान ये किया क्र दिया इसने
अब बच्चियों को कैसे समझाएं
अम्मी.... कुछ मत बताओ वर्ण इनपे बुरा असर पड़ेगा
धीरे धीरे सब को बताएँगे अभी कुछ मत बताओ
फिर आते ह और सब को बोलते
शादी रिहान की करना पड़ेगी तुम सब को बाद में सब समझा देंगे हम
सना..... पापा पर हमें जानना ह
पापा.... बीटा रिहान से गलती हो गयी उसने माहि को अपनी गिर्ल्फ्रेंड बता दिया डॉक्टर को
अब वो ज़बरदस्ती शादी करा रहा ह
आयेजा... पापा ये कोण सी बड़ी बात ह इतनी सी बात पे शादी करा देगा वो डॉक्टर
पापा करने दो उसे जो करता ह
अम्मी... तुम लोंगो को समझ नहीं आ रहा ह और कोई भी बात ह
मज़बूर ह हम
पापा... मामला तो बिगड़ गया अब कुछ नहीं हो सकता ह
समीर... बड़ी अम्मी होने देते ह कोई असली शादी थोड़ी ह ये नकली शादी तो ह
चाचू... पगल ह तू शादी खेल ह असली hi शादी होती ह समझे ह नकली नहीं होती
डॉक्टर... तुम सब अभी तक यही हो
चलो जल्दी
और याद रखो मेरी बच्ची के खिलाफ अगर कोई साज़िश हुयी तो अंजाम बुरा होगा
में अंदर था मोलबी और क़ाज़ी और वकील सब आ गए
थे
फिर अम्मी और सब लोग आ गए
सब मुझे बहुत घूर घोर कर खा जाने वाली नजरो से देख रहे थे
में समझ गया अब मेरी खैर नहीं ह
फ़िज़ा जाने क्यू रोने लगी उसका सपना भी था मेरे साथ शादी करने का और पूरा माहि क्र रही ह
में... कुछ नहीं क्र सकता था
मोलबी ने अपना काम चालू कर दया
सब लोग माहि के पास जा जा कर उसे निकाह से मन करने के लिए बोल रहे थे उसके कान में
पर माहि पे किसी की बात का कोई असर नहीं हो रहा था
वो चुप चाप अपना काम में लगी थी
और जब मुझसे मुझसे मोलबी ने पुछा तुम्हे ये निकाह कबूल ह
मुज्जे बोलना पड़ा है क़बूल ह और इक ख़ुशी भी हो रही और दुःख भी अपनी साड़ी फॅमिली को नाराज़ करने का
और फिर माहि से पुछा गया तुम्हे ये निकाह क़बूल ह
उसने भी झट से क़बूल ह बोल दया
फिर हम दोनों के वकील ने दस्तखत लिए और इक मर्रिज सडिफिसिद बना कर दे दया
और सब लोग मुझे खा जाने वाली नजरो से देखे
सब के जाने के बाद
आपि... रिहान ये तुमने गलत क्या आखिर किया क्र दिया तुमने ऐसा
अम्मी भी कुछ नहीं बता ह रही
माहि का एक्सीडेंट hi हुआ ह न
आपि थोड़े शक की निगाह से बोली उहने मामला कुछ अलग लग रहा था
वो शायद समझ रही थी कुछ कुछ
मैंने ज़रूर माहि के साथ गलत किया ह
पापा... रिहान बीटा हम मानते तू हमारे लिए सबसे अहम् ह तू पर बहन से शादी गलत ह
बाकि चाहे तू कुछ भी क्र हम मन नहीं करेंगे तुझे
चची... रिहान हाँ शादी ये गलत हुआ ह
हाय... मेरे कान में बोली ))) भैय्या कोई बात नहीं सब सही ह अभी सब को गलत लग रहा ह इक दो दिन में सब एक्सेप्ट क्र लेंगे
में... गद्य तुझे बुरा लग रहा ह
Haya...nhi भैया मुझे क्यू लगेगा हाँ में भी चाहती थी आपके साथ शादी करके सुहागरात मानों
और आप मेरी पहली चुदाई करो
पैर मेरी तो पहली चुदाई hi 4 गैर मर्दों से हो गयी
में.... तू टेंशन मत मेरी दूसरी बीबी तू बन जा
4 शादी क्र सकते ह पगल
ायेजहा आपि... अम्मी से बोली
अम्मी अब जो होना था हो गया अब हमें आगे बढ़ना चाहिए अब माहि को आप बहु के रूप में एक्सेप्ट करलो
या फिर तलाक दूसरा ोपेशन ह
माहि.... अम्मी में तलाक नहीं लुंगी
अम्मी... चुप नहीं बैठ रही ह तू
किया मुँह लेके जाएगी सबके सामने सोचा ह तूने
सेज भाई बहन हो तुम दोनों
मैंने रिहान की शादी शाज़िया से फिक्स की ह
क्या जवाब दूंगी उसे
तुझे तलाक लेनी पड़ेगी
माहि... नहीं अम्मी में तलाक नहीं लुंगी अग्र्र मुझे तलाक दी भैया ने तो में ज़हर खा क्र मर जाउंगी सच बोल रही हु
पापा... गद्य तू पगल हो गयी ह क्या रिहान तू कुछ बोलेगा क्या
समझा इसे ये रिश्ता गलत ह
में... पापा में क्या बोलू माहि नहीं मान रही तो क्या कृ
सना आपि... माहि देख तू अभी समझदार नहीं ह हम सब तेरे भला hi सोच रहे ह
तू ज़माने में सब को क्या मुँह दिखाएगी
माहि.... मुझे किसी की फ़िक्र नहीं ह मेरी शादी हो गयी ह बाज़ी
अब में फिर बेवा बन जॉन
आपि... पगल मर नहीं गया रिहान जो बेवा बनेगी तुझे समझ नहीं आ रहा ह
फ़िज़ा... भैया तुम अभी तलाक दो माहि को
माहि... नहीं भैय्या अगर तुम्नव तलाक दी तो में मर जाउंगी सच बोल रही हु
मेरी मोट के ज़िम्मेदार तुम होंगे
आयेजा आपि.. माहि मान जाओ तुम्हे अभी समझ नहीं ह
माहि.... बाज़ी में समझदार हो चुकी हूँ मुझे सब समझ ह
इतने में डॉक्टर आने लगता ह सब खामोश हो जाते ह
डॉक्टर... ठीक ह अब आप लोग घेर जाओ माहि दो दिन बाद डिस्चार्ज होगी
और रिहान और इक शक्श और रुक जाये यहाँ
बाकि लोग जाओ घर
और घर पे इनकी आने की तैयारी करो
में अपनी बेटी को दुल्हन बनाकर यहाँ से रुखसत करूँगा
सब को कुछ समझ नहीं आ रहा था डॉक्टर माहि को अपनी बेटी क्यू बोल रहा ह
फिर क्या सब लोग चले गए अम्मी और में हॉस्पिटल में रुक गया
पापा... अम्मी से बात करते हुए... आयशा तुम टेंशन मत माहि अभी न समझ ह
समझ आ जाएगी उसे वक़्त के साथ
अभी जो हो रहा ह होने दो
उसकी ख्याहिश पूरी करदो
अम्मी... हाँ मुज्जे भी यही लगता ह पर शाज़िया का क्या होगा
कुछ दिनों बाद उसकी पूरी फॅमिली आ रही ह रिश्ता फिक्स करने
माहि करने देगी क्या
पापा... देखते फिलहाल तुम रिलेक्स हो जाओ
रिहान समझदार ह सब संभाल लेगा
मुझे उस पर बिश्वाश ह
अम्मी... है बात करती हु उससे तुम बच्चियों का दयँ रखना
और काम पे जाओगे क्या
पापा... मुस्कुराते हुए अरे जणू काम पे जाना क्या हमारा
अम्मी... मुस्कुराने लगी उफ्फ्फ में भी भूल गयी अच्छा जाओ तुम
पापा... Ok
फिर सब चले गए
में... भी सब चोर्ने बाहर गया
हलीमा.. ोई एरर मुझे मत भूल जाना अपनी बीबी के चकक्केर में
में.... धीरे बोल कमीनी आपि है पास
हलीमा... सुनने दे न एरर मुज्जे तेरा लुंड लेने की लग रही एरर बहुत दिन हो गए
में... उफ्फ्फ मेरी बहन की छूट गरम हो रही फ़िक्र न क्र माहि के घेर आते hi तेरी hi पहली चुदाई करूँगा
हलीमा.. इन्तिज़ार करुँगी भाई पर मुज्जे तो आप बताओ ये सब किया ह
में.... बाद में बताऊंगा अभी टाइम नहीं ह तू घर जा
सोनी मेरे पास आयी
सोनी... भैया इक बात पूछू
में... पूछ बेटी
सोनी.... अआप्को कैसा लग रहा ह माहि से शादी करके
में... ये कैसा सवाल ह गद्य
सोनी... बताओ न भैया
में... तुझे क्यू जानना ह बाद में बाटूंगा अभी जा तू
पापा... सोनी जल्दी आओ चलो
सोनी... आयी पापा अच्छा में जा रही हूँ बी मिस यू भैया
में हैरान था मैंने इतना गलत क्र दिया पर मेरी कोई बहन मुझसे नाराज़ नहीं थी
अब में अम्मी रह गए
अम्मी... रिहान बात करनी ह तुमसे
में... अम्मी तुम इतनी क्यू टेंशन ले रही हो में हूँ न सब ठीक क्र दूंगा
अम्मी... रिहान टेंशन क्यू न किसी को पता चला तो मुँह दिखने लायक नहीं बचेंगे हम
में.. अम्मी अभी हम देहली ह यहाँ कोई नहीं जनता हमें अम्मी
अम्मी... फिर भी माहि नहीं मणि तो
में... अम्मी मान जाएगी वो भी
मुझपे विश्वाश नहीं ह क्या
अम्मी.. अपनी जान से जियादा विश्वाश ह बीटा तुझपे तो
में... तो टेंशन क्यू ले रही हो
अम्मी... क्या करू फिर
में जानती हूँ बीटा वैसे तलाक दिलवाना गलत ह तुज्जे पर किया करू
तुम दोनों का रिश्ता भी तो गलत ह
में... अम्मी शादी के बाद सब रिश्ते बदल जाते ह
आप जानती हो न
अम्मी... सगी बहन का रिश्ता नहीं बदलता कभी भी बीटा
में... मुझे लगता ह हमारा रिश्ता और बज़बूत हो गया
बहन के साथ साथ बीबी का रिश्ता भी जुड़ गया माहि से
अम्मी... आँखें दिखते हुए मुझे देखे
में... अरे अम्मी गुस्सा क्यू हो रही हो. मेंव गलत कहा कुछ
मजाक क्र रहा हु वैसे आज बहुत हॉट लग रही अम्मी जान
अम्मी... मुझे नहीं पता तू शाज़िया से शादी करेगा
वर्ण में तेरी खला को मुँह दिखने लायक नहीं बचूंगी
में... ठीक ह अम्मी जान कर. लूंगा साज़िया से शादी
मैंने मन कब किया ह उससे शादी करने के लिए
पर अम्मी वो बिगड़ी हुयी बहुत ह
अम्मी.. और तू सुधरा हुआ ह बहुत
में... अम्मी मतलब तुम जानती नहीं हो वो किस किस से चुदवाती ह
अम्मी... कोई बात नहीं ह छुड़वाने दे
में... अम्मी वो असद से भी चुदवाती ह
अम्मी.... किया सच में
में... हाँ अम्मी
अम्मी... तो तू भी तो अपनी बहनो को छोड़ता ह तूने तो अपनी अम्मी को भी नहीं छोरा
उस बेचारी ने अपने भाई से hi क्या ह
में... वो बेचारी का बस नहीं चलता वो अपने बाप के नीचे लेटने को तैयार ह
अम्मी.... तुझे सब बता कर करती ह वो या चुप चुप कर
में... छुपाती तो वो कुछ भी नहीं ह मुझसे
अम्मी... तो वो ठीक ह इक रिश्ते में विश्वाश सबसे ज़रूरी होता ह
में..... है ये तो ह अम्मी हम यहाँ ह
में.... ाचगा आप अब टेंशन न लो और रिलेक्स हो जाओ में सब संभाल लूंगा
आपने बोलै था हमारे भाई बहन और ह उनके पास लेकर जाओगी
मुझे उनके मिलने की बहुत तमनन्ना ह
अम्मी उनको हमारे बारे में सब पता ह क्या
अम्मी... है उन सब नव तुझव देखा तक ह बल्कि वो तो अपने सब बहन भाई को देख चुकी ह और तुझसे इक बहन तेरी मिली ह
में... कब अम्मी कोण ह
अम्मी... इक दिन रस्ते पे जो तुझसे बात क्र रही थी तू इक शॉप पे खरा था
सना तेरे साथ थी
अम्मी... है वो कुछः अदरीस पूछ रही थी और बहुत अजीब नज़रो से देख भी रही
मैंने इतना ड़याँ नहीं दया
अम्मी वो मेरी बहन थी क्या
अम्मी.... में उसके साथ hi वो तेरे से बात करने की बहुत ज़िद क्र रही थी तो उसे मैंने तेरे पास भेजा
मेरी बच्चियां बहुत उदास हो जाती मेरे जाते hi
हर बार जब बोलती अम्मी हम क्या तुम्हारे सेज बच्चे नहीं ह
जो हमें यूँ अनाथ आश्रम चोर रखा ह
मेरा कलेजा फैट जाता ह
मि... तो उनको ले आते ह
अम्मी... पहले यहाँ से घर तो जाये हमरे शहर में ह वो सब
में... कोईनहीं अम्मी जल्दी यहाँ से चलेंगे
अम्मी.... ज़िन्दगी में कम कलेस थे जो तूने माहि का कलेस बढ़ दिया
अब उसके पास
फिर में अम्मी माहि के पास आते ह माहि लेती थी
मुज्जे देखते hi माहि मुस्कुराने लगती ह
अम्मी... कमीनी तू हमें टेंशन देकर कितनी खुश ह
माहि.... गुस्से में ) अम्मी आप भी न क्या ब्रोब्लेम तुम्हे तो खुश होना चाहिए अब में ज़िन्दगी भर आपके hi पास रहूंगी
भैया समझो अम्मी को
अम्मी... शादी हो गयी ह तेरी इससे भैया फिर भी वहहह किया रिश्ता ह
माही... ो सॉरी अम्मी
अम्मी... में तो सास बन गयी तेरी अब तो तू सासु माँ बुला मुझे
कमीनी
माहि... अम्मी याररर आप इतनी जल्दी सब थोड़ी बदलेगा
अम्मी... अच्छा केसव बदलेगी सब
माहि तुझे तलाक लेनी पड़ेगी
चाहे तू रिहान से कुछ भी क्र में तुझे नहीं रोकूंगी
पर शादी इसकी साज़िया से होगी
माहि... अम्मी में ऐसा नहीं होने दूंगी
में अपना हक़ किसी को नहीं दूंगी
अम्मी... तू पगल हो गयी ह ये शादी मज़बूरी में हुयी ह समझी तू
माहि... अम्मी हमने ख़ुशी से की ह भैया बोलो न तुम
ो
अभी भैया hi निकल रहा ह मेरे मुँह से बाअद में बदल जायेगा
में.... में क्या बोलू गद्य तू समझदार ह लोग गलत समझते ह इस रिश्ते को
माहि... आपको मेरी फ़िक्र ह या लोंगो की
भैया ो मतलब आप मुज्जे समझते hi नहीं कुछ
ठीक चोर दो मुझे फिर उसके बाद मेरा मारा हुआ मुँह भी देखने को तैयार हो जाओ
अम्मी... चुप होजा माहि
माहि... क्यू चुप हो जॉन अम्मी
मेरी शादी को तो आप खेल समझ रही हो इक पल में शादी करवा दी
अब तलाक दिलवा दे रही हो में खिलौना हु अम्मी किया
और सच क्यू नहीं बताया डॉक्टर को इतना hi गलत था हमारा रिश्ता तो
माहि ये कहते कहते रोने लगी
अम्मी... माहि गद्य तू समझ नहीं रही ह में तुझे रिहान के साथ रहने की इज़ाज़त तो दे रही हु
अम्मी माहि को छुपाने लगी
माहि... तो शादी क्यू कराई मेरी मेरी आपको कोई फ़िक्र नहीं ह में सगी बेटी नहीं हु तुम्हारी लगता ह
अम्मी... बीटा तू मेरी सगी बेटी ह सबसे जियादा प्यार दिया ह तुझे
तू समझ नहीं रही ह
में खामोश खरा था और सोच रहा था एरर क्या करू
इस रिश्ते में मज़ा तो बहुत आ रहा ह पर रिश्तेदारों में पता चल गए तो नाक कट जाएगी
माहि... अम्मी में तलाक नहीं लुंगी मुझे भैया के साथ रहना ह
में उनको किसी का नहीं होने दे सकती हु
अम्मी.. गुस्से में फिर )) माहि फिर वही ज़िद्द तेरा दिमाग घास चरने गया ह किया
रिहान तू समझा इसे
मेरा सर फटा जा रहा ह में जा रही हु बाहर
अम्मी बाहर चली गयी
कुछ देर में भी नहीं बोलै
माहि... गुस्से में चुप क्यू बैठे हो तुम
में... किया बोलू तू hi बता
माहि... कुछ भी मुजसे बात करो में बीबी हूँ तुम्हारी मुझे खुश करना तुम्हारा हक़ ह
में.... अपनी बहनो को खुश करना भी मेरा हक़ ह
माहि... तभी तो मेरा हक़ दावल हो गया
में बहन भी हु और बीबी भी
में... उफ्फ्फ्फ़ ok तू खुश ह न
माहि... बहुत अगर आप मुझे एक्सेप्ट करते ह अपनी बीबी के रूप में
में... Ok है बोलै ह निकाह में एक्सेप्ट तो पहले hi कर लिया पगल
माहि... इधर मेरे पास आके लेटो अब
में... सिंगल बाद पे जगह नहीं ह
माहि इक तरफ हो गयी और बोली
लो हो गयी जगह आओ
में माहि के पास लेट गया
माहि.... भैया किश करनी ह आपको
में... मुस्कुराते हुए
सैयां हु तेरा भैया नहीं
माहि... भैया पहले सैयां बाद में
मेरा जो मन करेगा वो बोलूंगी
आप मुझे नहीं रोकोगे
अब करो किस्स्स
माहि मेरा सर पकड़ के किस्स्स करने लगी
मुझे भी अपनी छोटी बहन का प्यार बहुत अच्छा लग रहा था
में भी माहि का साथ देते हुए माहि के बूब्स दवाने लगा
में.... अह्ह्ह गद्य तेरे ढूढ़ अब में और मोठे मोठे क्र दूंगा
फिर तू सेक्सी बम लगेगी
माहि... कार्डो भैया आपकी बीबी हु जो चाहे करो अब
बीएस सेक्स अभी कुछ दिनों नहीं क्र पाऊँगी
सॉरी इसके लिए
में... कोई न मेरी जान अपने घर में बहुत छूटें ह कोई कोई मिल गई जाया करेगी
माहि... अच्छा
माहि... ी लव यू भैया आप बहुत प्यारे हो
आज अम्मी की चुदाई करो
भैया अम्मी को आप छोड़ पाओगे आज
में... तू चाहती ह में अम्मी को छोड़ू
माहि... है
मुझे अपनी अम्मी और भाई की चुदाई देखनी ह
अम्मी को आप छोड़ डालो फिर मेरे ऊपर अम्मी गुस्सा कम करेंगे
में..... कुछ देर की बात ह अम्मी को आने दे फिर अम्मी की छूट मरूंगा
वैसे अम्मी भी मस्त माल ह न
माहि.. है भैया अम्मी नव इतने बच्चे पैदा क्र दिए फिर भी अम्मी को जवामी नहीं ढल रही
अम्मी तो ओने पीस ह भैया
में... है. माही अम्मी की चुदाई देखि तूने कभी
माहि... है बहुत बार अम्मी को छुड़वाते हुआ देखा ह
Me...kisse
माहि... पहली बार तो अपने परोस में अंकल थे
उनके घर में में गयी थी अपने फ्रेंड से मिलने तो घर में कोई नहीं था
फिर मुझे इक रूम से आवाज़ें आयी
मैंने रूम में जनक क्र देखा अम्मी उन अंकल से खूब मज़े से चुद रही थी
में शॉक्ड हो गयी और मुझे भी अम्मी की चुदाई देख क्र मज़ा आने लगा
अंकल का लुंड अम्मी की छूट को फाड़ता हुआ सीधा अंदर घुस जा रहा था
में भी छूट में ऊँगली करने लगी
फिर दूररी बार चाचू के साथ अम्मी को छुड़वाते हुए देखा
में.... और किसी से भी देखा क्या
माहि... नहीं
और उस दिन वो आप शमसेर को लाये थे उसको छोड़ते हुए तो सब ने देखा अम्मी को
वैसे वो अम्मी को कैसे उठा उठा क्र छोड़ रहा था
कितनी जान थी न उसमे और लुंड भी मस्त था उसका
मेरी छूट उस दिन गीली हो गयी
इतनी टेंशन में भी
में... तेरी छूट में बहुत गर्मी भरी मेरी जान अछ्हा ऐसे तुझे भी उठा उठा क्र छोडूंगा मेरी जान तू बीएस ठीक होजा जल्दी से
माहि... है छोड़ लेना
माहि मेरे लुंड पकड़ के पंत से बाहर निकाल क्र हिलने लगी
माहि... अह्ह्ह भैया लुंड आपका बहुत मस्त ह
आज अम्मी को बेरहमी से छोड़ना
अपनी अम्मी की चुदाई अपने भैया स्व देखने का मन बहुत क्र रहा ह
आज अम्मी को छोड़ डालो किसी तरह भी
भैया आपको किया लगता ह आज तक अम्मी ने कितने लुंड लिए होने अपनी छूट में
में... अह्ह्ह हिला अह्ह्ह गद्य तुझे नहीं पता अम्मी अनगिनत लुंड ले चुकी ह अपनी छूट में
माहि... भैया अम्मी गर्म hi बहुत ह बचपन से लुंड लेने लगी
अह्ह्ह
इतने में अम्मी आ गयी माहि को मेरे लुंड हिलाते देख क्र बोली
अम्मी... तुम दोनों फिर रिहान अभी तो रुक जा उसकी तबियत ठीक नहीं ह
माहि डॉ गयी उसके लिए अम्मी के सामने कुछ करना मुश्किल था
में उठ क्र अम्मी की पास आया और अम्मी को कस क्र बाँहों में भर लिया
में... अह्ह्ह अम्मी आप तो ठीक हो न अम्मी लुंड खरा ह आज आपकी छूट मरूंगा पूरी रात
अम्मी... चोर रिहान कोई देख लेगा ये हॉस्पिटल ह घर नहीं ह
चोर मुझे
बेशरम कही के शर्म बेच क्र खा गया ह किया चोर मुझे मैंने कहा
अम्मी माहि के सामने नाटक कर रही थी
में... अह्ह्ह अम्मी जान माहि के सामने नाटक क्यू रही हो इससे किया शर्माना अब
में... इक किस्स्स देदो अपनी अम्मी जान की लीबीस्टिक मिटने का डिल क्र रहा ह
अम्मी वैसे लीबीस्टिक लगा क्र क्यू रहती हो आप
अम्मी.. माहि को देखे
में... अम्मी उससे क्यू डॉ रही हो उसे सब कुछ पता ह
माहि... है अम्मी अब हमारे बीच सब तो ओपन हो गया ह
मुझे कोई ऐतराज़ नहीं ह आप भैया के साथ करलो
में अम्मी को प्लाट अम्मी को ज़बरदस्ती बूब्स दवाने लगता हु
अह्ह्ह्हह अम्मी बहुत हॉट माल हो तुम आह्हः अम्मी दुध तेरे
फिर में अम्मी को पलटता हु और अम्मी को किश करने लगता हु
अम्मी इक मिंट मेरा साथ देती ह और फिर हैट जाती ह
माहि हैरान थी अम्मी इतनी जल्दी भैया से कैसे सेट हो गयी
अम्मी... रिहान खाना लेकर आ जा अब बहुत हुआ
अम्मी के लिए आसान नहीं था इक डीएम अपनी बेटी के सामने मुझसे छुड़वाना
में... में अम्मी को किश करनी की कोशिश करता हु फिर
अम्मी किस्स्स नहीं देती
अम्मी... नहीं अभी नहीं मेरी लाली बिगड़ जाएगी साडी थोड़ी तो बिगाड़ दी तूने
में.... अम्मी किसको दिखने के लिए लगायी ह
अम्मी... इक डीएम गहरी सांस लेकर बोली
तू नहीं समझेंगे मर्दो के लुंड खरे करने में कितना मज़ा आता ह
अम्मी ने भी माहि के सामने बोल दिया हिम्मत करके
शायद अम्मी ने सोच लिया माहि के साथ ओपन होना पड़ेगा
आखिर मेरी बेटी ह रान्दीपना तो इसमें भी कूट कूट कर भरा hi होगा
माहि... है अम्मी मज़ा तो आता ह
अम्मी... तुझे भी मज़ा आता ह
माहि... हां अम्मी जब कोई मर्द हमारे जिस्म को देखता ह तो मज़ा तो आता ह
अम्मी.. है बेटी इसे नहीं समझ आएगा चल जा अब खाना लेकर आजा पहले तू
में... सब समझ रहा हु अम्मी आता हु अभी फिर आपको मर्द की ताकत दिखाऊंगा
फिर में खाना लेकर आ गया
और हम साथ मिलकर खाने लगे माहि बहुत अम्मी का साथ पाकर बहुत खुश हो गयी
माहि... अम्मी तुम भैया से पहले भी चूड़ी हो क्या
अम्मी... है बेटी इस कमीने से कैसे बचती में
में... अम्मी तुम इतनी मस्त माल हो कैसे चोर देता
माहि... भैया में मस्त नहीं हु
अम्मी... तू भी मस्त ह माहि अभी तू छोटी ह वक़्त के साथ साथ तू और खिलती चली जाएगी
में... है तुझे तो में बहुत झक्कास माल बनाऊंगा मेरी जान
तुझे देख क्र hi लोंगो के लुंड खरे हो जाया करेंगे
माहि... भैया मेरी छूट में खुजली होने लगी ह. ऐसी बातों से
में... अभी तेरी छूट फटी ह फिर भी खुजली होने लगी
अम्मी.. मेरी बेटी ह मेरे ऊपर जाएगी
में जब पहली बार चूड़ी थी मेरी भी छूट फैट गयी थी
पर फिर भी में अगले hi दिन फिर चुद गयी
पर तेरे जितने बड़े लुंड से नहीं चूड़ी में
माहि... अम्मी आपका मन नहीं होता अपने सेज भैया से छोड़ने का
अम्मी.... होता ह बेटी पर अब तेरे मां कहा छोड़ेंगे मुझे
माहि... अम्मी जवानी में आपन मां स्व चीड़वाने की कभी कोशिश की
अम्मी... है बहुत ख्याल आते
जब मेरी भाई मुझपे शक्ति करते मुझे बाहर आने जाने से रोकते तो मुझे लगता था
खाश मेरे सब भाई मुझे मिलकर इक बार छोड़ डेल
फिर में जब चाहूंगी अपनी मर्ज़ी से छुडवाउंगी किसी से भी
कही भी जॉन कोई रोक टोक वाला नहीं होगा
और में कभी कभी अपने भयों के लुंड को अपनी छूट में महसूस करके बहुत गर्म हो जाती थी
में... अम्मी आपको अपने पापा से भी छोड़ने का मन होता था
अम्मी बाहर जाती ह
सब पूछते ह आखिर क्या माज़रा हमें मिलने क्यू. नहीं दया जा रहा ह
अम्मी... अभी में कुव्ह्ह बताने की हालत में नहीं हु
पापा... आयशा आखिर हुआ क्या ह मेरी बेटी ठीक ह तो है न
अम्मी... वो ठीक ह बस ये जो कुछ हो रहा ह वो ठीक नहीं हो रहा ह
पापा... क्या हो रहहा ह आयशा
अम्मी बहुत परेशां हो गयी
अब आगे......
पापा.. आयेशा क्या हो रहा ह
और रिहान कहा ह
अम्मी.. वो दोनों अंदर ह ऐसा करो तुम सब जाओ में हूँ यहाँ
आपि... अम्मी हम कैसे चले जाये माहि से अब्बी तक तो मिलने भी नहीं दया
और रिहान तो बाहर आये
तभी डॉक्टर बाहर आ जाता ह और सबसे बोलता ह
तुम सब कजिन हो रिहान के चलो सब लोग उनकी शादी में शामिल हो जाओ
पापा... क्या शादी मतलब
डॉक्टर... तुमने बताया नहीं इनको
अम्मी... हाँ. शादी हैं वो हम आ रहे ह आप चलो डॉक्टर साहब
फिर डॉक्टर के जाते hi
पापा... आयेशा ये सब ककिया है
अम्मी... में क्या बचन तुम्हे
माहि का कोई एक्सीडेंट नहीं हुआ ह सब रिहं कमीने की गलती
उसकी हवस की वजह से हो रहा ह ये सब में सब कुछ तुम सब को बता नहीं सकती हु
आयेजा... अम्मी हमें कुछ समझ नहीं आ रहा साफ़ साफ़ बताओ हमें
फिर अम्मी सबको दांत क्र बोलती ह
अम्मी... मेरे पास तुम्हारे सवालो के जवाब नहीं ह बीएस इतना जान लो रिहान की शादी माहि से हो रही
और मज़बूरी ह कोई और रास्ता नहीं
सना.... अम्मी ऐसा नहीं हो सकता ह में ऐसा नहीं होने दूंगी
फ़िज़ा.. हाँ अम्मी ऐसा नहीं हो सकता ह
और माहि कृत्य कैसे मान गयी
में ऐसा नहीं होने दूंगी
Ammmi...chup रहो तुम सब अगर उस डॉक्टरर को पता चल गया तो हमें जेल भिजवा देगा
सानिया... अम्मी हम ऐसा किया किया ह बताओ तो
क्यू जेल भिजवा देगा
अम्मी... रिहान की गलती में समझा नहीं सकती तू इतना समझ लो हम सब मज़बूर ह अभी
फ़िज़ा... अम्मी पर माहि क्यू मान गयी आप ने उसे क्यू कुछ नहीं बोलै
अम्मी... उस डॉक्टर के सामने कुछ नहीं कहा सकती थी में
पापा अम्मी को साइड में ले जाते ह और साड़ी बायत पूछते ह
अम्मी पापा को सब सच बता देती हैं
पापा.... उफ्फ्फ रिहान ये किया क्र दिया इसने
अब बच्चियों को कैसे समझाएं
अम्मी.... कुछ मत बताओ वर्ण इनपे बुरा असर पड़ेगा
धीरे धीरे सब को बताएँगे अभी कुछ मत बताओ
फिर आते ह और सब को बोलते
शादी रिहान की करना पड़ेगी तुम सब को बाद में सब समझा देंगे हम
सना..... पापा पर हमें जानना ह
पापा.... बीटा रिहान से गलती हो गयी उसने माहि को अपनी गिर्ल्फ्रेंड बता दिया डॉक्टर को
अब वो ज़बरदस्ती शादी करा रहा ह
आयेजा... पापा ये कोण सी बड़ी बात ह इतनी सी बात पे शादी करा देगा वो डॉक्टर
पापा करने दो उसे जो करता ह
अम्मी... तुम लोंगो को समझ नहीं आ रहा ह और कोई भी बात ह
मज़बूर ह हम
पापा... मामला तो बिगड़ गया अब कुछ नहीं हो सकता ह
समीर... बड़ी अम्मी होने देते ह कोई असली शादी थोड़ी ह ये नकली शादी तो ह
चाचू... पगल ह तू शादी खेल ह असली hi शादी होती ह समझे ह नकली नहीं होती
डॉक्टर... तुम सब अभी तक यही हो
चलो जल्दी
और याद रखो मेरी बच्ची के खिलाफ अगर कोई साज़िश हुयी तो अंजाम बुरा होगा
में अंदर था मोलबी और क़ाज़ी और वकील सब आ गए
थे
फिर अम्मी और सब लोग आ गए
सब मुझे बहुत घूर घोर कर खा जाने वाली नजरो से देख रहे थे
में समझ गया अब मेरी खैर नहीं ह
फ़िज़ा जाने क्यू रोने लगी उसका सपना भी था मेरे साथ शादी करने का और पूरा माहि क्र रही ह
में... कुछ नहीं क्र सकता था
मोलबी ने अपना काम चालू कर दया
सब लोग माहि के पास जा जा कर उसे निकाह से मन करने के लिए बोल रहे थे उसके कान में
पर माहि पे किसी की बात का कोई असर नहीं हो रहा था
वो चुप चाप अपना काम में लगी थी
और जब मुझसे मुझसे मोलबी ने पुछा तुम्हे ये निकाह कबूल ह
मुज्जे बोलना पड़ा है क़बूल ह और इक ख़ुशी भी हो रही और दुःख भी अपनी साड़ी फॅमिली को नाराज़ करने का
और फिर माहि से पुछा गया तुम्हे ये निकाह क़बूल ह
उसने भी झट से क़बूल ह बोल दया
फिर हम दोनों के वकील ने दस्तखत लिए और इक मर्रिज सडिफिसिद बना कर दे दया
और सब लोग मुझे खा जाने वाली नजरो से देखे
सब के जाने के बाद
आपि... रिहान ये तुमने गलत क्या आखिर किया क्र दिया तुमने ऐसा
अम्मी भी कुछ नहीं बता ह रही
माहि का एक्सीडेंट hi हुआ ह न
आपि थोड़े शक की निगाह से बोली उहने मामला कुछ अलग लग रहा था
वो शायद समझ रही थी कुछ कुछ
मैंने ज़रूर माहि के साथ गलत किया ह
पापा... रिहान बीटा हम मानते तू हमारे लिए सबसे अहम् ह तू पर बहन से शादी गलत ह
बाकि चाहे तू कुछ भी क्र हम मन नहीं करेंगे तुझे
चची... रिहान हाँ शादी ये गलत हुआ ह
हाय... मेरे कान में बोली ))) भैय्या कोई बात नहीं सब सही ह अभी सब को गलत लग रहा ह इक दो दिन में सब एक्सेप्ट क्र लेंगे
में... गद्य तुझे बुरा लग रहा ह
Haya...nhi भैया मुझे क्यू लगेगा हाँ में भी चाहती थी आपके साथ शादी करके सुहागरात मानों
और आप मेरी पहली चुदाई करो
पैर मेरी तो पहली चुदाई hi 4 गैर मर्दों से हो गयी
में.... तू टेंशन मत मेरी दूसरी बीबी तू बन जा
4 शादी क्र सकते ह पगल
ायेजहा आपि... अम्मी से बोली
अम्मी अब जो होना था हो गया अब हमें आगे बढ़ना चाहिए अब माहि को आप बहु के रूप में एक्सेप्ट करलो
या फिर तलाक दूसरा ोपेशन ह
माहि.... अम्मी में तलाक नहीं लुंगी
अम्मी... चुप नहीं बैठ रही ह तू
किया मुँह लेके जाएगी सबके सामने सोचा ह तूने
सेज भाई बहन हो तुम दोनों
मैंने रिहान की शादी शाज़िया से फिक्स की ह
क्या जवाब दूंगी उसे
तुझे तलाक लेनी पड़ेगी
माहि... नहीं अम्मी में तलाक नहीं लुंगी अग्र्र मुझे तलाक दी भैया ने तो में ज़हर खा क्र मर जाउंगी सच बोल रही हु
पापा... गद्य तू पगल हो गयी ह क्या रिहान तू कुछ बोलेगा क्या
समझा इसे ये रिश्ता गलत ह
में... पापा में क्या बोलू माहि नहीं मान रही तो क्या कृ
सना आपि... माहि देख तू अभी समझदार नहीं ह हम सब तेरे भला hi सोच रहे ह
तू ज़माने में सब को क्या मुँह दिखाएगी
माहि.... मुझे किसी की फ़िक्र नहीं ह मेरी शादी हो गयी ह बाज़ी
अब में फिर बेवा बन जॉन
आपि... पगल मर नहीं गया रिहान जो बेवा बनेगी तुझे समझ नहीं आ रहा ह
फ़िज़ा... भैया तुम अभी तलाक दो माहि को
माहि... नहीं भैय्या अगर तुम्नव तलाक दी तो में मर जाउंगी सच बोल रही हु
मेरी मोट के ज़िम्मेदार तुम होंगे
आयेजा आपि.. माहि मान जाओ तुम्हे अभी समझ नहीं ह
माहि.... बाज़ी में समझदार हो चुकी हूँ मुझे सब समझ ह
इतने में डॉक्टर आने लगता ह सब खामोश हो जाते ह
डॉक्टर... ठीक ह अब आप लोग घेर जाओ माहि दो दिन बाद डिस्चार्ज होगी
और रिहान और इक शक्श और रुक जाये यहाँ
बाकि लोग जाओ घर
और घर पे इनकी आने की तैयारी करो
में अपनी बेटी को दुल्हन बनाकर यहाँ से रुखसत करूँगा
सब को कुछ समझ नहीं आ रहा था डॉक्टर माहि को अपनी बेटी क्यू बोल रहा ह
फिर क्या सब लोग चले गए अम्मी और में हॉस्पिटल में रुक गया
पापा... अम्मी से बात करते हुए... आयशा तुम टेंशन मत माहि अभी न समझ ह
समझ आ जाएगी उसे वक़्त के साथ
अभी जो हो रहा ह होने दो
उसकी ख्याहिश पूरी करदो
अम्मी... हाँ मुज्जे भी यही लगता ह पर शाज़िया का क्या होगा
कुछ दिनों बाद उसकी पूरी फॅमिली आ रही ह रिश्ता फिक्स करने
माहि करने देगी क्या
पापा... देखते फिलहाल तुम रिलेक्स हो जाओ
रिहान समझदार ह सब संभाल लेगा
मुझे उस पर बिश्वाश ह
अम्मी... है बात करती हु उससे तुम बच्चियों का दयँ रखना
और काम पे जाओगे क्या
पापा... मुस्कुराते हुए अरे जणू काम पे जाना क्या हमारा
अम्मी... मुस्कुराने लगी उफ्फ्फ में भी भूल गयी अच्छा जाओ तुम
पापा... Ok
फिर सब चले गए
में... भी सब चोर्ने बाहर गया
हलीमा.. ोई एरर मुझे मत भूल जाना अपनी बीबी के चकक्केर में
में.... धीरे बोल कमीनी आपि है पास
हलीमा... सुनने दे न एरर मुज्जे तेरा लुंड लेने की लग रही एरर बहुत दिन हो गए
में... उफ्फ्फ मेरी बहन की छूट गरम हो रही फ़िक्र न क्र माहि के घेर आते hi तेरी hi पहली चुदाई करूँगा
हलीमा.. इन्तिज़ार करुँगी भाई पर मुज्जे तो आप बताओ ये सब किया ह
में.... बाद में बताऊंगा अभी टाइम नहीं ह तू घर जा
सोनी मेरे पास आयी
सोनी... भैया इक बात पूछू
में... पूछ बेटी
सोनी.... अआप्को कैसा लग रहा ह माहि से शादी करके
में... ये कैसा सवाल ह गद्य
सोनी... बताओ न भैया
में... तुझे क्यू जानना ह बाद में बाटूंगा अभी जा तू
पापा... सोनी जल्दी आओ चलो
सोनी... आयी पापा अच्छा में जा रही हूँ बी मिस यू भैया
में हैरान था मैंने इतना गलत क्र दिया पर मेरी कोई बहन मुझसे नाराज़ नहीं थी
अब में अम्मी रह गए
अम्मी... रिहान बात करनी ह तुमसे
में... अम्मी तुम इतनी क्यू टेंशन ले रही हो में हूँ न सब ठीक क्र दूंगा
अम्मी... रिहान टेंशन क्यू न किसी को पता चला तो मुँह दिखने लायक नहीं बचेंगे हम
में.. अम्मी अभी हम देहली ह यहाँ कोई नहीं जनता हमें अम्मी
अम्मी... फिर भी माहि नहीं मणि तो
में... अम्मी मान जाएगी वो भी
मुझपे विश्वाश नहीं ह क्या
अम्मी.. अपनी जान से जियादा विश्वाश ह बीटा तुझपे तो
में... तो टेंशन क्यू ले रही हो
अम्मी... क्या करू फिर
में जानती हूँ बीटा वैसे तलाक दिलवाना गलत ह तुज्जे पर किया करू
तुम दोनों का रिश्ता भी तो गलत ह
में... अम्मी शादी के बाद सब रिश्ते बदल जाते ह
आप जानती हो न
अम्मी... सगी बहन का रिश्ता नहीं बदलता कभी भी बीटा
में... मुझे लगता ह हमारा रिश्ता और बज़बूत हो गया
बहन के साथ साथ बीबी का रिश्ता भी जुड़ गया माहि से
अम्मी... आँखें दिखते हुए मुझे देखे
में... अरे अम्मी गुस्सा क्यू हो रही हो. मेंव गलत कहा कुछ
मजाक क्र रहा हु वैसे आज बहुत हॉट लग रही अम्मी जान
अम्मी... मुझे नहीं पता तू शाज़िया से शादी करेगा
वर्ण में तेरी खला को मुँह दिखने लायक नहीं बचूंगी
में... ठीक ह अम्मी जान कर. लूंगा साज़िया से शादी
मैंने मन कब किया ह उससे शादी करने के लिए
पर अम्मी वो बिगड़ी हुयी बहुत ह
अम्मी.. और तू सुधरा हुआ ह बहुत
में... अम्मी मतलब तुम जानती नहीं हो वो किस किस से चुदवाती ह
अम्मी... कोई बात नहीं ह छुड़वाने दे
में... अम्मी वो असद से भी चुदवाती ह
अम्मी.... किया सच में
में... हाँ अम्मी
अम्मी... तो तू भी तो अपनी बहनो को छोड़ता ह तूने तो अपनी अम्मी को भी नहीं छोरा
उस बेचारी ने अपने भाई से hi क्या ह
में... वो बेचारी का बस नहीं चलता वो अपने बाप के नीचे लेटने को तैयार ह
अम्मी.... तुझे सब बता कर करती ह वो या चुप चुप कर
में... छुपाती तो वो कुछ भी नहीं ह मुझसे
अम्मी... तो वो ठीक ह इक रिश्ते में विश्वाश सबसे ज़रूरी होता ह
में..... है ये तो ह अम्मी हम यहाँ ह
में.... ाचगा आप अब टेंशन न लो और रिलेक्स हो जाओ में सब संभाल लूंगा
आपने बोलै था हमारे भाई बहन और ह उनके पास लेकर जाओगी
मुझे उनके मिलने की बहुत तमनन्ना ह
अम्मी उनको हमारे बारे में सब पता ह क्या
अम्मी... है उन सब नव तुझव देखा तक ह बल्कि वो तो अपने सब बहन भाई को देख चुकी ह और तुझसे इक बहन तेरी मिली ह
में... कब अम्मी कोण ह
अम्मी... इक दिन रस्ते पे जो तुझसे बात क्र रही थी तू इक शॉप पे खरा था
सना तेरे साथ थी
अम्मी... है वो कुछः अदरीस पूछ रही थी और बहुत अजीब नज़रो से देख भी रही
मैंने इतना ड़याँ नहीं दया
अम्मी वो मेरी बहन थी क्या
अम्मी.... में उसके साथ hi वो तेरे से बात करने की बहुत ज़िद क्र रही थी तो उसे मैंने तेरे पास भेजा
मेरी बच्चियां बहुत उदास हो जाती मेरे जाते hi
हर बार जब बोलती अम्मी हम क्या तुम्हारे सेज बच्चे नहीं ह
जो हमें यूँ अनाथ आश्रम चोर रखा ह
मेरा कलेजा फैट जाता ह
मि... तो उनको ले आते ह
अम्मी... पहले यहाँ से घर तो जाये हमरे शहर में ह वो सब
में... कोईनहीं अम्मी जल्दी यहाँ से चलेंगे
अम्मी.... ज़िन्दगी में कम कलेस थे जो तूने माहि का कलेस बढ़ दिया
अब उसके पास
फिर में अम्मी माहि के पास आते ह माहि लेती थी
मुज्जे देखते hi माहि मुस्कुराने लगती ह
अम्मी... कमीनी तू हमें टेंशन देकर कितनी खुश ह
माहि.... गुस्से में ) अम्मी आप भी न क्या ब्रोब्लेम तुम्हे तो खुश होना चाहिए अब में ज़िन्दगी भर आपके hi पास रहूंगी
भैया समझो अम्मी को
अम्मी... शादी हो गयी ह तेरी इससे भैया फिर भी वहहह किया रिश्ता ह
माही... ो सॉरी अम्मी
अम्मी... में तो सास बन गयी तेरी अब तो तू सासु माँ बुला मुझे
कमीनी
माहि... अम्मी याररर आप इतनी जल्दी सब थोड़ी बदलेगा
अम्मी... अच्छा केसव बदलेगी सब
माहि तुझे तलाक लेनी पड़ेगी
चाहे तू रिहान से कुछ भी क्र में तुझे नहीं रोकूंगी
पर शादी इसकी साज़िया से होगी
माहि... अम्मी में ऐसा नहीं होने दूंगी
में अपना हक़ किसी को नहीं दूंगी
अम्मी... तू पगल हो गयी ह ये शादी मज़बूरी में हुयी ह समझी तू
माहि... अम्मी हमने ख़ुशी से की ह भैया बोलो न तुम
ो
अभी भैया hi निकल रहा ह मेरे मुँह से बाअद में बदल जायेगा
में.... में क्या बोलू गद्य तू समझदार ह लोग गलत समझते ह इस रिश्ते को
माहि... आपको मेरी फ़िक्र ह या लोंगो की
भैया ो मतलब आप मुज्जे समझते hi नहीं कुछ
ठीक चोर दो मुझे फिर उसके बाद मेरा मारा हुआ मुँह भी देखने को तैयार हो जाओ
अम्मी... चुप होजा माहि
माहि... क्यू चुप हो जॉन अम्मी
मेरी शादी को तो आप खेल समझ रही हो इक पल में शादी करवा दी
अब तलाक दिलवा दे रही हो में खिलौना हु अम्मी किया
और सच क्यू नहीं बताया डॉक्टर को इतना hi गलत था हमारा रिश्ता तो
माहि ये कहते कहते रोने लगी
अम्मी... माहि गद्य तू समझ नहीं रही ह में तुझे रिहान के साथ रहने की इज़ाज़त तो दे रही हु
अम्मी माहि को छुपाने लगी
माहि... तो शादी क्यू कराई मेरी मेरी आपको कोई फ़िक्र नहीं ह में सगी बेटी नहीं हु तुम्हारी लगता ह
अम्मी... बीटा तू मेरी सगी बेटी ह सबसे जियादा प्यार दिया ह तुझे
तू समझ नहीं रही ह
में खामोश खरा था और सोच रहा था एरर क्या करू
इस रिश्ते में मज़ा तो बहुत आ रहा ह पर रिश्तेदारों में पता चल गए तो नाक कट जाएगी
माहि... अम्मी में तलाक नहीं लुंगी मुझे भैया के साथ रहना ह
में उनको किसी का नहीं होने दे सकती हु
अम्मी.. गुस्से में फिर )) माहि फिर वही ज़िद्द तेरा दिमाग घास चरने गया ह किया
रिहान तू समझा इसे
मेरा सर फटा जा रहा ह में जा रही हु बाहर
अम्मी बाहर चली गयी
कुछ देर में भी नहीं बोलै
माहि... गुस्से में चुप क्यू बैठे हो तुम
में... किया बोलू तू hi बता
माहि... कुछ भी मुजसे बात करो में बीबी हूँ तुम्हारी मुझे खुश करना तुम्हारा हक़ ह
में.... अपनी बहनो को खुश करना भी मेरा हक़ ह
माहि... तभी तो मेरा हक़ दावल हो गया
में बहन भी हु और बीबी भी
में... उफ्फ्फ्फ़ ok तू खुश ह न
माहि... बहुत अगर आप मुझे एक्सेप्ट करते ह अपनी बीबी के रूप में
में... Ok है बोलै ह निकाह में एक्सेप्ट तो पहले hi कर लिया पगल
माहि... इधर मेरे पास आके लेटो अब
में... सिंगल बाद पे जगह नहीं ह
माहि इक तरफ हो गयी और बोली
लो हो गयी जगह आओ
में माहि के पास लेट गया
माहि.... भैया किश करनी ह आपको
में... मुस्कुराते हुए
सैयां हु तेरा भैया नहीं
माहि... भैया पहले सैयां बाद में
मेरा जो मन करेगा वो बोलूंगी
आप मुझे नहीं रोकोगे
अब करो किस्स्स
माहि मेरा सर पकड़ के किस्स्स करने लगी
मुझे भी अपनी छोटी बहन का प्यार बहुत अच्छा लग रहा था
में भी माहि का साथ देते हुए माहि के बूब्स दवाने लगा
में.... अह्ह्ह गद्य तेरे ढूढ़ अब में और मोठे मोठे क्र दूंगा
फिर तू सेक्सी बम लगेगी
माहि... कार्डो भैया आपकी बीबी हु जो चाहे करो अब
बीएस सेक्स अभी कुछ दिनों नहीं क्र पाऊँगी
सॉरी इसके लिए
में... कोई न मेरी जान अपने घर में बहुत छूटें ह कोई कोई मिल गई जाया करेगी
माहि... अच्छा
माहि... ी लव यू भैया आप बहुत प्यारे हो
आज अम्मी की चुदाई करो
भैया अम्मी को आप छोड़ पाओगे आज
में... तू चाहती ह में अम्मी को छोड़ू
माहि... है
मुझे अपनी अम्मी और भाई की चुदाई देखनी ह
अम्मी को आप छोड़ डालो फिर मेरे ऊपर अम्मी गुस्सा कम करेंगे
में..... कुछ देर की बात ह अम्मी को आने दे फिर अम्मी की छूट मरूंगा
वैसे अम्मी भी मस्त माल ह न
माहि.. है भैया अम्मी नव इतने बच्चे पैदा क्र दिए फिर भी अम्मी को जवामी नहीं ढल रही
अम्मी तो ओने पीस ह भैया
में... है. माही अम्मी की चुदाई देखि तूने कभी
माहि... है बहुत बार अम्मी को छुड़वाते हुआ देखा ह
Me...kisse
माहि... पहली बार तो अपने परोस में अंकल थे
उनके घर में में गयी थी अपने फ्रेंड से मिलने तो घर में कोई नहीं था
फिर मुझे इक रूम से आवाज़ें आयी
मैंने रूम में जनक क्र देखा अम्मी उन अंकल से खूब मज़े से चुद रही थी
में शॉक्ड हो गयी और मुझे भी अम्मी की चुदाई देख क्र मज़ा आने लगा
अंकल का लुंड अम्मी की छूट को फाड़ता हुआ सीधा अंदर घुस जा रहा था
में भी छूट में ऊँगली करने लगी
फिर दूररी बार चाचू के साथ अम्मी को छुड़वाते हुए देखा
में.... और किसी से भी देखा क्या
माहि... नहीं
और उस दिन वो आप शमसेर को लाये थे उसको छोड़ते हुए तो सब ने देखा अम्मी को
वैसे वो अम्मी को कैसे उठा उठा क्र छोड़ रहा था
कितनी जान थी न उसमे और लुंड भी मस्त था उसका
मेरी छूट उस दिन गीली हो गयी
इतनी टेंशन में भी
में... तेरी छूट में बहुत गर्मी भरी मेरी जान अछ्हा ऐसे तुझे भी उठा उठा क्र छोडूंगा मेरी जान तू बीएस ठीक होजा जल्दी से
माहि... है छोड़ लेना
माहि मेरे लुंड पकड़ के पंत से बाहर निकाल क्र हिलने लगी
माहि... अह्ह्ह भैया लुंड आपका बहुत मस्त ह
आज अम्मी को बेरहमी से छोड़ना
अपनी अम्मी की चुदाई अपने भैया स्व देखने का मन बहुत क्र रहा ह
आज अम्मी को छोड़ डालो किसी तरह भी
भैया आपको किया लगता ह आज तक अम्मी ने कितने लुंड लिए होने अपनी छूट में
में... अह्ह्ह हिला अह्ह्ह गद्य तुझे नहीं पता अम्मी अनगिनत लुंड ले चुकी ह अपनी छूट में
माहि... भैया अम्मी गर्म hi बहुत ह बचपन से लुंड लेने लगी
अह्ह्ह
इतने में अम्मी आ गयी माहि को मेरे लुंड हिलाते देख क्र बोली
अम्मी... तुम दोनों फिर रिहान अभी तो रुक जा उसकी तबियत ठीक नहीं ह
माहि डॉ गयी उसके लिए अम्मी के सामने कुछ करना मुश्किल था
में उठ क्र अम्मी की पास आया और अम्मी को कस क्र बाँहों में भर लिया
में... अह्ह्ह अम्मी आप तो ठीक हो न अम्मी लुंड खरा ह आज आपकी छूट मरूंगा पूरी रात
अम्मी... चोर रिहान कोई देख लेगा ये हॉस्पिटल ह घर नहीं ह
चोर मुझे
बेशरम कही के शर्म बेच क्र खा गया ह किया चोर मुझे मैंने कहा
अम्मी माहि के सामने नाटक कर रही थी
में... अह्ह्ह अम्मी जान माहि के सामने नाटक क्यू रही हो इससे किया शर्माना अब
में... इक किस्स्स देदो अपनी अम्मी जान की लीबीस्टिक मिटने का डिल क्र रहा ह
अम्मी वैसे लीबीस्टिक लगा क्र क्यू रहती हो आप
अम्मी.. माहि को देखे
में... अम्मी उससे क्यू डॉ रही हो उसे सब कुछ पता ह
माहि... है अम्मी अब हमारे बीच सब तो ओपन हो गया ह
मुझे कोई ऐतराज़ नहीं ह आप भैया के साथ करलो
में अम्मी को प्लाट अम्मी को ज़बरदस्ती बूब्स दवाने लगता हु
अह्ह्ह्हह अम्मी बहुत हॉट माल हो तुम आह्हः अम्मी दुध तेरे
फिर में अम्मी को पलटता हु और अम्मी को किश करने लगता हु
अम्मी इक मिंट मेरा साथ देती ह और फिर हैट जाती ह
माहि हैरान थी अम्मी इतनी जल्दी भैया से कैसे सेट हो गयी
अम्मी... रिहान खाना लेकर आ जा अब बहुत हुआ
अम्मी के लिए आसान नहीं था इक डीएम अपनी बेटी के सामने मुझसे छुड़वाना
में... में अम्मी को किश करनी की कोशिश करता हु फिर
अम्मी किस्स्स नहीं देती
अम्मी... नहीं अभी नहीं मेरी लाली बिगड़ जाएगी साडी थोड़ी तो बिगाड़ दी तूने
में.... अम्मी किसको दिखने के लिए लगायी ह
अम्मी... इक डीएम गहरी सांस लेकर बोली
तू नहीं समझेंगे मर्दो के लुंड खरे करने में कितना मज़ा आता ह
अम्मी ने भी माहि के सामने बोल दिया हिम्मत करके
शायद अम्मी ने सोच लिया माहि के साथ ओपन होना पड़ेगा
आखिर मेरी बेटी ह रान्दीपना तो इसमें भी कूट कूट कर भरा hi होगा
माहि... है अम्मी मज़ा तो आता ह
अम्मी... तुझे भी मज़ा आता ह
माहि... हां अम्मी जब कोई मर्द हमारे जिस्म को देखता ह तो मज़ा तो आता ह
अम्मी.. है बेटी इसे नहीं समझ आएगा चल जा अब खाना लेकर आजा पहले तू
में... सब समझ रहा हु अम्मी आता हु अभी फिर आपको मर्द की ताकत दिखाऊंगा
फिर में खाना लेकर आ गया
और हम साथ मिलकर खाने लगे माहि बहुत अम्मी का साथ पाकर बहुत खुश हो गयी
माहि... अम्मी तुम भैया से पहले भी चूड़ी हो क्या
अम्मी... है बेटी इस कमीने से कैसे बचती में
में... अम्मी तुम इतनी मस्त माल हो कैसे चोर देता
माहि... भैया में मस्त नहीं हु
अम्मी... तू भी मस्त ह माहि अभी तू छोटी ह वक़्त के साथ साथ तू और खिलती चली जाएगी
में... है तुझे तो में बहुत झक्कास माल बनाऊंगा मेरी जान
तुझे देख क्र hi लोंगो के लुंड खरे हो जाया करेंगे
माहि... भैया मेरी छूट में खुजली होने लगी ह. ऐसी बातों से
में... अभी तेरी छूट फटी ह फिर भी खुजली होने लगी
अम्मी.. मेरी बेटी ह मेरे ऊपर जाएगी
में जब पहली बार चूड़ी थी मेरी भी छूट फैट गयी थी
पर फिर भी में अगले hi दिन फिर चुद गयी
पर तेरे जितने बड़े लुंड से नहीं चूड़ी में
माहि... अम्मी आपका मन नहीं होता अपने सेज भैया से छोड़ने का
अम्मी.... होता ह बेटी पर अब तेरे मां कहा छोड़ेंगे मुझे
माहि... अम्मी जवानी में आपन मां स्व चीड़वाने की कभी कोशिश की
अम्मी... है बहुत ख्याल आते
जब मेरी भाई मुझपे शक्ति करते मुझे बाहर आने जाने से रोकते तो मुझे लगता था
खाश मेरे सब भाई मुझे मिलकर इक बार छोड़ डेल
फिर में जब चाहूंगी अपनी मर्ज़ी से छुडवाउंगी किसी से भी
कही भी जॉन कोई रोक टोक वाला नहीं होगा
और में कभी कभी अपने भयों के लुंड को अपनी छूट में महसूस करके बहुत गर्म हो जाती थी
में... अम्मी आपको अपने पापा से भी छोड़ने का मन होता था