D-3 में मिली रांड। - SexBaba
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D-3 में मिली रांड।

hotaks444

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Nov 15, 2016
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जैसे ही ट्रेन सीटी बजाते हुए प्लेटफॉर्म पर आ रुकी, स्टेशन पर खड़ी कोलकाता जाने की भीड़ तित्तर-भित्तर होकर अपनी आरक्षित बोगियों के सामने अपना सामान लिए, मुंबई की ज़मीन छोड़ने को बेचैन हो उठी।<br/><br/>दरवाज़े के सामने खड़ी भीड़ के शांत होने तक मैं बाहर गाने गुनगुनाते हुए ठहरा रहै। अपना बैग उठाकर मैं ट्रेन में घुसा और अपनी सीट ढूंढने चल पड़ा।<br/><br/>48 का आंकड़ा देख मैं रुखा। अपना सामान ऊपर बर्थ पर रखकर, मैं 47 नंबर की सीट पर बैठे आदमी से बातचीत बढ़ाने में जुट गया। वोह काफी अच्छे लग रहे थे। हमारे साइड 2 सीटें थीं और दूसरे साइड 6 सीटें। उस साइड की सीटों पर बस एक लड़की करीबन 18 या 19 के, अपनी मां के साथ बैठा हुई थी। सिर्फ एक सेकंड के लिए मेरी नज़र उसकी छाती पर अटकी।<br/><br/>थोड़ी ही देर बाद, मुंबई में ट्रेन की आखरी सीटी के बाद, सारे लोग अपने अपने आरक्षित सीटों पर बैठ चुके थे, और दूसरी सीटो पर बैठे लोगों से जान पहचान बनाने लगे थे। मुझे थोड़ी थकान हो रही थीं तो मैं ऊपर अपने बर्थ पर जाकर लेटा और AC की ठंड की वजह से अपने शरीर पर चद्दर ओढ़ लिया। फोन चलाते-चलाते मेरी नज़र उसी लड़की पर पड़ी। वह सबसे ऊपर की बर्थ पर चढ़ रही थी। उसकी गांड मेरे नज़रों के बिल्कुल सामने थी। चद्दर के अंदर मैं अपना हाथ अपने लंड की ओर ले गया। जीन्स के अंदर मेरा मोटा, चिकना लंड खड़ा हो रहा था।<br/><br/>वो ऊपर चढ़ गई और आश्चर्य से मेरे मुंह की तरफ मुड़के पेट के बल लेट गई। उसकी कमीज़ के कटे होल से मुझे उसके चूचे साफ़-साफ़ दिखाई पड़ रहे थे। जब मैं उसके चेहरे की तरफ मुड़ा, वो मुझे ही देख रही थी। चद्दर के ऊपर से उसे मेरा लंड खड़ा होता हुआ दिख रहा था। बोहोत धीरे से वो मुस्कुराई।<br/><br/>उसके बर्थ पर एक स्टील की पानी की बोतल थी। बोतल का ढक्कन निकालकर वो पानी पीते-पीते मेरे ढके लौड़े को ताड़ने लगी। उसकी आंखो के लिए मैंने जीन्स खोलकर लौड़ा और आंड दोनों निकाले और धीरे-धीरे लौड़ा हिलाने लगा। साथ ही मैं ये भी देख रहा था कि हमे कोई देख तो नहीं रहा। फिर मैं इशारा करके उस्से उसका फोन नंबर मांगने लगा। थोड़ा सोचने के बाद वोह इशारों में ही नंबर बक दी। एक हाथ से मैंने उसे 'हेल्लो' मैसेज किया। उसने फोन खोलकर मैसेज देखा, और लिखी, "लंड जोरसे हिला।"<br/><br/>उसका मैसेज पढ़कर मैं चौक गया पर लंड जोर जोर से हिलाने लगा। मैंने उसे मैसेज किया, "अपने चूचे मसल।"<br/><br/>वो ये पढ़कर मुस्कुरा दी और कमीज़ से ही मसलने लगी। ये देखकर मेरा लौड़ा और सख्त हो गया। अब मैं जोर जोरसे मुठिया पेलने लगा। मेरे टट्टे काफी सूज गए थे।<br/><br/>मैंने उसे फिर मैसेज किया, "तेरी चूत गीली है क्या?"<br/>वो इशारों में हां बोली। मैंने जोर की सांस लेकर इशारों में बोला 'मादरचोद साली'।<br/><br/>लंड से हाथ निकालकर मैंने उसे मैसेज किया, "लेगी सूअर का मांस?" ये पढ़कर उसकी सांसे अटक गई। मेरी धड़कने भी तेज़ हो रही थी और लौड़े का अमृत चद्दर को गीला कर रहा था।<br/><br/>ये देखकर वह मुझे मैसेज की, "टॉयलेट में जाके रुक, चुदूंगी तुझसे।" मेरी आंखे धरी की धरी रह गई। कुतिया साली!<br/><br/>जल्दी से मैं जीन्स में सूजा लौड़ा ठूसा और बटन लगाकर नीचे उतरा। उसे एक नज़र मारकर मैं टॉयलेट की ओर चला गया। वहा पर कोई नहीं था। उसके आने तक मैं बाहर ही रूका रहा।<br/><br/>कुछ देर बाद वो पानी की बोतल लेकर टॉयलेट की तरफ, मेरे पास आयी। मैंने जल्दी से टॉयलेट का दरवाजा खोला और अपने साथ उसे भी अंदर धकेल दिया।<br/><br/>उसकी गरम जवानी देखकर मेरे मुंह से कुत्ते की तरह लार टपकने लगी। टॉयलेट कुछ खास साफ़ नहीं था और इससे मेरा लंड अपनी दरिंदगी खुलेआम जाहिर कर रहा था। आखिर हर रोज कहा ट्रेन के गंदे टॉयलेट में मस्त कुतिया चोदने मिलती है? मूत की बास में ठोकुंगा रंडी को।<br/><br/>मैंने जबदस्ती उसकी सलवार उतारी और उसे छूने लगा, फिर उसकी मस्त मलाईदार चूत में उंगली करने लगा। वो कराहने लगी और मेरी जीन्स की बटन खोलकर पैंट में हाथ डाल दी। मैंने तीखी सांस ली। उसका दूध सा सफेद हाथ, मेरा देसी काला लंड सहलाने लगा। वो मुझे देखकर हाफने लगी।<br/><br/>"क्या चिकना और मोटा है!! चूत फाड़ देगा साला।" ये बोलकर वो मेरे लौड़े को थप्पड़ मारी और मेरे टट्टे दबाने लगी।उसकी कुतिया सी जबान देखकर मेरे लौड़े से दो बूंद मलाई छूट गई।<br/><br/>अचानक वो अपनी पानी की बोतल खोलकर सारा पानी टॉयलेट में डाल दी और बोतल मेरे मुंह के सामने पकड़ी।<br/><br/>"थूक इसमें।" मैं थूका। दूसरे हाथ से वो मेरा काला लंड पकड़ कर अपनी मलाई से सनी चूत के पास ले गई और मेरे लौड़े पर मलाई सहलाने लगी।<br/><br/>"तब तक इसमें थूकता रह, जब तक तेरा माल नहीं निकल जाता।" ये सुनकर में कुत्ते की तरह बोतल में थूकने लगा। उसे टॉयलेट की दीवार से चिपकाकर और उसका हाथ लंड से हटाकर, मैं उसका गला चूमने लगा। मेरे बोतल में थूकने से वो और गरम हो गई थी। उसे झटका देने के लिए, मैंने एक ही बार में पूरा लंड उसकी कुतिया चूत में घुसा दिया। वह बोहोत जोर से चिल्लाई पर ट्रेन की आवाज़ में उसकी आवाज़ दब गई। मैं उसकी चूत में इतना अंदर चला गया की उसके जांघ मेरे आंड दबाने लगे। क्या गरम चूत थी कुतिया की!!<br/><br/>बिना वक़्त गवाए, मैं उसे चोदने लगा और एक हाथ से उसकी गांड मसलने लगा। चुदते चुदते वह बोतल फिर मेरे मुंह के पास लाई और मैं फिर उसमें थूका। थूकते थूकते मैं दूसरे हाथ से उसके चूचे जोर जोर से दबाने लगा। मेरा लंड उसकी चूत फाड़ रहा था और वो भी उछल उछलके चुद रही थी।<br/><br/>"आह साली!" मैं उसकी तारीफ करते करते सिसकियां भरने लगा। वो भी मेरे एक एक धक्के से कराह रही थी। मेरा माल बस थोड़ी ही देर में गिरने वाला था। मैं और जोरसे उसे चोदने लगा।<br/><br/>अचानक वो मुझे धक्का मारी और मेरा लंड चूत से निकल गया। वो अपने घुटनों पर बैठ गई और मेरा लंड हाथ से हिलाने लगी। मैं और जोर से कराह उठा। बस और एक सेकंड में मैं झड़ने वाला था। उसी वक़्त वो बोतल मेरे लौड़े के पास लाई और मेरा माल गिरने लगा।<br/><br/>कुछ देर तक मेरा माल गिरता रहा और वो देखेने लगी। 3-4 बड़े ढक्कन के बराबर माल उस थूक वाली बोतल में गिर गया। वो बोतल में झांकने लगी।<br/><br/>"मूत इसमें।" मैं आश्चर्य से उसकी ओर देखा। वो बोतल में मेरा काला लंड भर ली। लंबी सांस छोड़कर मैं बोतल में ही मूतने लगा। मेरी गरम मूत से बोतल भरने लगा। मैं जान बूझकर थोड़ा सा मूत उसके हाथ पर भी गिरा रहा था। धीरे धीरे मेरी थूक, मेरा माल और मेरी गरम मूत से बोतल पूरा भर गया। बचा हुआ मूत मैंने टॉयलेट में बहा दिया।<br/><br/>अब मुझे लगा कि वो बोतल का माल टॉयलेट में डाल देगी, मगर उसने बोतल का ढक्कन लगा लिया, और बोतल जोर जोरसे हिलाने लगी। बोतल बसिन में रखकर, वो सलवार पहन ली, और मैंने जीन्स उठा ली।<br/><br/>बोतल लेकर पहले वो बाहर निकली, फिर थोड़ी देर बाद मैं टॉयलेट से निकल गया। अपनी सीट पर जाकर मैंने देखा, वो सबसे ऊपर वाले बर्थ पर चढ़कर मुझे ऊपर से देख रही थी। मैं भी अपने ऊपर वाले बर्थ पे चढ़ा, और उसे देखने लगा। वो बोतल उसके हाथ में ही थी।<br/><br/>मुझे यकीन नहीं हो रहा था उस बोतल में मेरा अमृत है। धीरे से वो बोतल खोली और मुझे आंखो में देखकर मस्ती में मेरा अमृत पीने लगी। साली! मेरे लौड़े की मलाई पी रही थी, मेरा थूक पी रही थी, और मेरा मूत तक पी रही थी। कुतिया!<br/><br/>उसे मेरा देसी जूस पीता देख, मेरा काला लंड फिर खड़ा हो गया। मैंने अपना फोन निकालकर उसे मैसेज लिखा, "साली, दो टके की रंड! मेरा मूत पी रही है!! गंदी नाली की कुतिया को मूत पीने का शौक है, हां? फिर अकेली मिल, गरम मूत से नेहलाऊंगा तुझे।"<br/><br/>जो उसे देखेगा, उसे लगेगा साली पानी पी रही है। आह, पीला मूत पी रही है मेरा। अपने सुझे हुए लौड़े को सहलाते सहलाते मुझे नींद आ गई।<br/><br/>जब मैं 2 या 3 घंटे बाद नींद से उठा, मैं टॉयलेट जाने के लिए उतरा। तब मुझे ऊपर वाले बर्थ से एक पहचानी सी आवाज़ आयी।<br/><br/>"ये बोतल भरके लाएंगे प्लीज़?"
 
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