Hayaan - Ek Insaan Ya Shaitaan - Page 3 - SexBaba
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Hayaan - Ek Insaan Ya Shaitaan

Abb..takk...

मीरा और रचना ने कबीर को समझने की बहुत कोसिस की, की इस तरह अचानक घर छोड़ना ठीक नहीं....

लेकिन कबीर अपने फैसले पर अडिग रहा...

मज़बूरन दोनों को कबीर की बात माननी पड़ी...


अपडेट No..14

Abb...Aage....

दोपहर हो चुकी थी

कबीर किसी भी वक़्त आने वाला था,

मीरा और रचना ने सारा जरुरी सामान पैक कर लिए the...jitna हो सका उनसे...

तभी कबीर और शंकर चाचा आते हुए दिखे....

कबीर - माँ जी सारा सामान बांध गया क्या...??

रचना - है लल्ला जितना बन सका हमने बांध लिया,

अब सब थोड़े न ले जा सकते है....

कबीर - शकर चाचा,

हम अब ये गांव छोड़कर जा रहे है,

ये लीजिये इस घर की चाभी आपको रहना हो तो रहो या फिर किसी और को दे dena....Ab ये सब आपका है...

हम लोग kabhi-Kabhar घूमने आते रहेंगे.....

शंकर - पर बीटा ऐसे कैसे गांव छोड़ रहे ,

तुम रहोगे कहा,

पहले जाकर घर खोज लेते फिर सामान लेकर जाते,

कबीर - चाचा जी बहुत मुश्किल से मई राज़ी हुआ हु,

यह गांव छोड़ने के लिए,

अब और रुका तो सायद मई नहीं जा पाउँगा...

""मुझे माफ़ करना चाचा जी!!""

शंकर - ठीक है बीटा जैसी तुम्हारी मर्जी !!

बस आते rahna...Apna और मीरा बिटिया का ख्याल रखें !!

घर के बहार भीड़ जमा thi....Kabeer के गांव छोड़ने खबर फ़ैल चुकी थी,

कबीर, मीरा और रचना सभी लोगों से mel-milap करने लगे...

कबीर कुछ लोगों की मदद से सामान को गुफा के बहार तक ले गया जहा एक गाड़ी कड़ी थी उसी में लाड दिया...

गाडी में बैठ गए...

गाडी चल पड़ी....

""मई अपनी यादों में खो gaya....har बीता हुआ पल याद आने लगा..""



""शहर की उस भीड़ में जा तो रहा हूँ....

ज़ेहन में, पर गांव का नक़्शा छुपाये रखा है..!!""


गाडी dhire-dhire आगे बढ़ रही थी और गांव, लोग, घर सब पीछे छूटा जा रहा था..... मई अपनी उधेड़बुन में खाया हुआ था, तभी....

""हम कहाँ जा रहे है Kabeer"",Meera बोली,

कबीर - मुझे नहीं पता, समझ नहीं आ रहा कहा जॉन,

कैसे करेंगे शुरुआत...

मीरा - एक रे दू,

कबीर - क्या..??

मीरा - देहरादून चलते है, रश्मि दीदी के पास,

सुर किसी शहर में तो कोई पहचान का भी नहीं,

रचना - है लल्ला, मीरा सही कह रही,

रश्मि के यहाँ रुक कर ठन्डे दीमक से रास्ता निकल आएगा....

अभी सब jaldi-Jaldi से बूढी काम नहीं कर रही होगी...

कबीर - ठीक है माँ जी देहरादून hi चलते है,

वहीँ से शुरुआत करेंगे...

""भाई गाड़ी को देहरादून की तरफ राजपुर रोड ले चलो""

ड्राइवर ने गाड़ी को देहरादून की ओर ले चला.... हम 1.30हरष बाद पहुँच gaye..aur गाडी राजपुर रोड की तरफ बढ़ती चली जा रही thi.....Shaam ढल चुकी थी..

सड़क के दोनों किनारे सुन्दर पेड़ और बगीचे

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चौड़े बरामदे और सुन्दर ढालदार छतों वाले बंगले,

घंटाघर से आगे तक फैला हुआ रंगीन पल्टन बाजार,

घंटाघर...

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मेरे ध्यान को आकर्षित कर रहे थे,

मई वह की नयी खूबसूरती को निहार रहा था,

तभी मीरा बोल पड़ी,

""बस भैया गाड़ी यहीं साइड में लगा दो,

गाड़ी राजपुर रोड स्थित एक छोटे से बंगले सामने रुक चुकी थी,

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हम सब गाड़ी से उतारकर उस बंगले की तरफ बढ़ गए,

मीरा ने जाकर दूर बेल्ल बजायी....

रश्मि दीदी

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थोड़ी देर बाद एक 28 साल की लेडी ने दरवाजा खोला,

जिसे देखते hi मीरा दौड़कर जेक गले लग गयी...

""मीरा तू यहाँ, अचानक"" लड़की बोली,

""अरे मौसी आप भी मुझे तो सच में विश्वास नहीं हो रहा""

""आइये सभी अंदर चलिए...""

मई भी उनके साथ अंदर चल दिया....

""आप लोग बैठो मई अभी आती hu,""itna बोलकर वो दूसरे कमरे में चली गयी,

मई घर को देखने लगा, पक्का माकन था, घर में सजावट की हुयी थी, ज्यादा बड़ा तो नहीं, लेकिन 10 लोग आराम से रह सकते है""

मई सब देख hi रहा था की....

""चलिए सब फ्रेश हो जाओ मई नाश्ता लगाती हु,""

हम चरों नाश्ता करने लगे,

मीरा ने baton-Baton में सब बता दिया, मेरी भी पहचान करवा दी,

रश्मि - चलिए बहार के रूम में गाड़ी से सामान उतारकर रख देते है,

हम सबने मिलकर सामान को बहार बने एक रूम में रख दिया,

मैं गाडी वाले को किराया दिया जाने को कहा और वो चला गया,

हम अंदर चल दिए,

रचना - रश्मि बेटी, विजय नहीं दिख रहा,

रश्मि - अभी वो ऑफिस से नहीं आये,

रात 10 बजे के बाद आएंगे,

मैंने आज छुट्टी कर राखी थी,

रात के 9 बज चुके थे हम सबने मिलकर खाना खाया

अच्छा मीरा तुम लोग उस कमरे में जाओ और रेस्ट करो कल सुबह सब मिलकर बात करते है..

कमरे में दो बीएड लगे थे,

एक बीएड में मई लेट गया और दूसरे में मीरा और माजी लेट गयी,

अनजान शहर, नया घर,

सफर में थके होने के कारन नींद आ गयी और हम सो गए.....

अभी के लिए बस इतना hi...

गिव में योर सुग्गेस्टिव एंड वैल्युएबल रिव्यु.....

 
हो सकता है भाई ऐटिटूड स्टोरी जैसे भी..

बूत मैंने इंसान और शैतान की शैतान की उत्पत्ति को मुस्लिम कम्युनिटी के बेस पर लिया था, और एडिट करके मिक्सउप करके एक नई फंतासी बनाने की कोसिस की....

सायद V.J. भाई ने भी लिया हो बूत मेरी स्टोरी बिलकुल डिफरेंट hai...wo बहुत अच्छे राइटर है, मई तो एक रीडर हु..

अगर आप ऐटिटूड स्टोरी से कपड़े करके पढ़ेंगे तो सायद मेरी स्टोरी बेकार lagegi....kyuki मई उतना अच्छा नहीं...


बूत एनीवे थैंक यू सो मच गिवेन योर कमेंट एंड सपोर्ट...

कीप रीडिंग एंड सपोर्टिंग...
 
ही फ्रेंड्स !!

थैंक यू वैरी मच,

मुझे यक़ीन नहीं था की मई जरा सा भी लिख पाउँगा...

लेकिन आप सभी के रेविएवस देख कर लग रहा hai......ki मई थोड़ा बहुत तो लिख सकता हु,

जो आप सभी को पसंद aaye....Aur पसंद आ भी रहा है...


थैंक्स ा लोट तो ेन्सॉरगे में..

नेक्स्ट अपडेट कुछ देर बाद...

स्टे हेरे एंड कीप रीडिंग एंड सपोर्टिंग...
 
Abb...takk..

अनजान शहर, नया घर, नए लोग...

सफर में थके होने के कारन नींद आ गयी और हम सो गए.....


अपडेट No. - 15 (लॉन्ग अपडेट )

Abb...Aage..

सुबह मेरी आँख मीरा के जगाने से खुली,

मीरा आज बिलकुल फ्रेश दिख रही थी,

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मैंने मीरा को पकड़ के अपनी तरफ खींच लिए और बाँहों में भरके उसके गलों को चूम लिया,

""छोडो न क्या करते हो दूसरे के घर में है कोई आ गया तो"" मीरा छुड़ाते हुए बोली,

कबीर - आज तुम बहुत खूबसूरत लग रही हो, G.M. किश तो लेने दो,

आज कितने दिनों बाद मुझे बहुत अच्छी नींद आयी पुरे एक महीने हो गए थे ठीक से सोये huye..har पल बीएस मौत की आहात सुनाई पफटी थी...

मीरा - बाकी सब बाद में पहले उठो, पहले फ्रेश हो जाओ,

दीदी और जीजू नाश्ते पे इंतज़ार कर रहे है...

मई उठा और बाथरूम में घुस gaya...Meera जा चुकी थी..

मई भी फ्रेश होकर हाल में पहुँच गया,

कबीर - ही एवरीवन गुड मॉर्निंग !!

विजय - 35यर (गोवत. एम्प्लोयी)

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विजय उठकर कबीर से हाथ मिलाया और गले मिला

""कैसे हो मेरे भाई !! मीरा ने सब बताया, सुनके बहुत दुःख हुआ..""

ऐसे hi baton-Baton में नाश्ता ख़त्म हो गया,

और हम सभी हॉल में सोफे पे बैठ गए,

रश्मि - आज मैंने और विजय ने छुट्टी कर राखी है,

आज तुम लोगो को अपना शहर दिखाएंगे,

विजय - देखो कबीर, पहले शहर देख लो, यहाँ का रहन सहन समझ लो,

फिर उसी हिसाब से काम के बारे में प्लानिंग करना...

कबीर - जैसा आप लोग ठीक समझे,

फिर Hum-Sabhi शहर घूमने चल पड़े...

मार्किट, गार्डन, रेस्टोरेंट, ऐसे hi कई जगह ghoomte-ghoomte शाम हो गयी और हम घर की तरफ वापस चल दिए...

काफी खूबसूरत और घनी आबादी वाला शहर है,

Chahal-Pahal बहुत थी, Deshi-Videshi सभी घुमते नजर आ रहे थे..

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मई एक चीज़ गौर की होटल और रेस्टोरेंट की संख्या काफी ज्यादा थी..

लेकिन कुछ गिने चुने को छोड़कर कुछ ज्यादा ख़ास नहीं दिख रहे थे...

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घर पहुंचकर सब फ्रेश हुए और हॉल में आकर बैठ गए...

विजय - तो कैसा लगा शहर...??

मीरा - बहुत badhiya..maza आ गया घूमने में

कबीर - बहुत खूबसूरत और काफी चहल पहल है यहाँ..

रश्मि - अब खूबसूरत है तो भीड़ होगी hi, हर जगह के लोग घूमने जो आते है...

मीरा - कबीर क्या तुमने कुछ नोट किया इस शहर में..

विजय - क्यों क्या हुआ..??

कबीर - कुछ नहीं जीजा जी !! बात ये है की मई और मीरा अपने गांव में Tour-Guide करते थे the...Bas उसी के बारे में बोल रही...

फिर मैंने और मीरा ने गांव में kya-kya किया सब बता दिया...

रश्मि - व्हाट ा surprise....Tum दोनों तो कमाल के हो,

विजय - हम्म ये बात है, तो अब तक तुम दोनों ने कितने पैसे जमा किये,

मीरा - 20 लाच कॅश और 16 लाच Jwellry(Kabeer की माँ + मीरा +रचना )

कबीर - किया ???

विजय - वाओ इतनी पूंजी में तो तुम लोगों की साडी प्रॉब्लम ख़त्म हो जाएगी...

कबीर - मीरा, तुमने तो मुझसे 16 लाच कॅश और 10 की ज्वेलरी बताई थी,..

मीरा - देखो जी ये औरते की बातें है इनपे न hi पदों तो अच्छा है,

रश्मि - सही बोली chhoti...good

विजय - यहाँ 4 घर छोड़के आगे दो बंगले खली है,

अभी बाइक नहीं है

एक 6.5 लाच का और दूसरा 9.5 लाच का...

मेरे हिसाब से 6.5 वाला बेस्ट rahega...aur बाकि पैसे का बुसिनेस्स स्टार्ट करो..

कबीर - हम्म ठीक आप मुझे और मीरा को ब्रोकर से मिलवा देना...

बाकी हम देख लेंगे..

और सब डिनर करके apne-apne रूम चल दिए...

मई और मीरा ऊपर छत में टहलने चले गए....

मैंने मीरा को अपनी बाँहों में भरते हुए कहा...

तो जान क्या सोंचा है क्या करना है...??

मीरा - मेरे ख्याल से हमें अपने पुराने काम को आगे बढ़ाना चाहिए जिसमें हम एक्सपर्ट है,

कबीर - मैं भी यही सोंच रहा, लेकिन अब हमे खुद की एक ट्रेवल एजेंसी खोलेंगे..

हम्म ठीक है सिसकते हुए,,

मत करो न, दूसरे क घर में है ऐसा न हो की बर्दाश्त करना मुश्किल हो जाये"" मीरा बोली...

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हुआ ये की कबीर मीरा को बाँहों में भरे हुए अपनी उँगलियों की उसकी कमर में फेर रहा था,

और अपने होंठो से मीरा की सुराही गर्दन पर किश करके garam-garam साँसे छोड़ रहा था,

जिसका असर ये हुआ की मीरा की सिसकियाँ निकलने लगी,,

मीरा ने खुद को छुड़ाया और निचे चलने को कहने लगी...

हम निचे आ गए और apne-apne बिस्तर में लेट गए,

मई मीरा की ओर मुँह करके लेट गया,

एक दूसरे की आँखों में खोते चले गए

नींद कब आ गयी पता न चला.....

आज सुबह मेरी जल्दी आँख खुल गयी,

मई फ्रेश होकर जब बहार आया तो माजी रूम से जा चुकी थी....

लेकिन मीरा अब भी सो रही थी, मई धीरे से दरवाजे को लॉक किया और मीरा के बाजु में आकर लेता गया,

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मीरा को अपनी बाँहों में भर लिया, धीरे उसके गलों में किश किया, लेकिन फिर भी मीरा ने इतनी काम आहात में भी आँखें खोल दी....

मीरा - गुड मॉर्निंग जान, मेरे गाल में किश कर दी...

कबीर - पगलू ऐसे थोड़े न G.M. विश किया जाता है....

मीरा - No no, मुझे जाने दो, नहीं मुझे नहीं जानना....

भला अब मई कहा छोड़ने वाला tha...maine झट से अपने होंठ मीरा के लिप्स पर रख दिए....

मीरा भी साथ देने लगी,

तभी दरवाजे पर नॉक hua...hum दोनों हड़बड़ाकर अलग हुए मीरा स्माइल देते हुए बाथरूम भाग गयी...

मैंने जाकर दरवाजा खोला, बहार रश्मि दीदी कड़ी थी, मैंने G.M. विश किया...

रश्मि - गम कबीर, निचे आ जाओ,

नाश्ता लग चूका hai....Meera को भी ले आना साथ में...

मई और मीरा नाश्ते की टेबल में बैठ गए सबको विश किया और नाश्ता करने लगे...

विजय - मैंने ब्रोकर से बात कर ली hai...wo 10 बजे तक aayega...tum दोनों साथ में चके जाना,

और सरे अरेंजमेंट चेक कर लेना तभी दोने करना..

कबीर - हम्म ok ! मुझे यहाँ के ट्रेवल एजेंसी की लिस्ट और डिटेल्स चाहिए कहा मिलेगी जीजिए जी !

विजय - शाम को मई लेते आऊंगा,

हम चलते है शाम को मिलते है, अगर बहार से कुछ काम हो तो बहार बद्री भैया रहते है उन्हीं से हेल्प ले lena...Bye bye

विजय और रश्मि दीदी ऑफिस के लिए निकल गए,

मीरा कपडे धुलने चल दी और माँ जी puja-path में लग गयी...

मई भी फ्री बैठा था..

मैंने सोंचा लाओ थोड़ा बद्री भैया से मिल लिया jaye....Sayad कोई काम की जानकारी मिल जाये...

बद्री - 42 यर (ससपेंड कांस्टेबल )

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अपने गार्डन में किसी फोन ंविं बात कर रहे थे टहलते हुए....

नमस्ते बद्री भैया मई कबीर यहाँ नया हु !!

बद्री - कहा के रहने वाले हो..?

मई - माना गांव से, और हमारी बातें शुरू हो गयी..

""यहीं बगल वाले घर को लेनी की सोंच रहा हु,

आप बताओ कैसा रहेगा...

बद्री - जगह तो अच्छी है दोनों,

यहाँ का माहौल भी अच्छा है न शोर सराबा न कोई भीड़- भड़क्का....

वैसे कौन सा बांग्ला ले रहे हो छोटा वाला या बड़ा....

मई - छोटा वाला,

जीजा जी कह रहे छोटा ले लो, बाकि का बुसिनेस्स कर लेना....

बद्री - ठीक hi तो कह रहे, वैसे गांव में क्या करते थे...??

मई - मई और मेरी पत्नी Tour-Guide करते थे,

बद्री - तो यहाँ भी इसी का बुसिनेस्स चालू कर लो वैसे भी कमी है यहाँ और पब्लिक ज्यादा बानी रहती है...

मेरी मनो तो बड़ा वाला बांग्ला लो जहा गाड़ियां कड़ी कर सको और ट्रेवल बुसिनेस्स स्टार्ट karo...khoob chalega...mai लिख के कह सकता हु...

मई इस शर की नस - नस को जनता हु..

मई - धन्यवाद् !! मेरा और मेरी पत्नी का भी यही मन्ना है,

इतने में बहार एक गाड़ी उसमें से एक सख्स आया और मेरे बारे में पूछने लगा...

चलिए मई hi कबीर हु,

बद्री भैया चलो आप भी देख lo..kaisa क्या इंतेज़ाम करना padega...uss हिसाब से,

मई मीरा और बद्री तीनो उस ब्रोकर के साथ चल दिए.....

दोनों बंगलो को अच्छे से देखने के बाद, मैंने पैसे की बात की....

छोटा वाला 1/2 बीघे की जमीन में,

और बड़ा वाला 2.5 बीघे Appr.2000acres में,

ब्रोकर - देखो साहब जी...2.5 बीघा की जमीन और ये बांग्ला दोनों का मिलाकर 9.5 लाच होता है जिसमे 25क मेरा कमिशन भी ऐड है, सौ की सीढ़ी बात है...

बद्री - लेकिन जो पहले देख कर गए उन्हें तो 9.40 की बात तय हुयी थी,

ब्रोकर - ठीक है थोड़ा ऊपर निचे होता रहता है....

कबीर - ये लीजिये I.D कार्ड मीरा नाम से घर के कागज़ बनवा दीजिये....9.25 लाच बिलकुल फिक्स, और पेमेंट कॅश दूंगा,

लेकिन जो भी फर्नीचर रखा अब वो हटना नहीं चाहिए जो मेरे काम का नहीं होगा मई खुद दे दूंगा...

ब्रोकर - बूत सर 9.25 लाच सही रेट नहीं है...

मीरा - हमने अपना रेट बता दिया,

आप ये ईद रखो... कल सुबह ईद दे जाना या फिर घर के Kagaz....Paise हैंड तो हैंड मिल जायेंगे...

ब्रोकर - ठीक है मम !! मई जाकर बात करता हु, साइट के मालिक से...

ब्रोकर चला गया और हम भी घर वापस आ गए....

मीरा - अपने नाम से डॉक्यूमेंट क्यों नहीं बनवा रहे आप..

कबीर - अब तुम्ही तो मेरा सब कुछ हो,

ऐसी hi प्यार भरी बातें करते रहे,. मैंने मीरा को बद्री भैया के बीच हुयी बात को भी बताया...

मीरा - यानि हमारा बुसिनेस्स प्लान बिलकुल सही है....

मीरा - जीजा जी तो, गोवत. जॉब है,

बूत रश्मि दीदी काम के सिलसिले में परेशां रहती है, वो भी कुछ खुद अपने बल पर करना चाहती है...

क्यों न हम उन्हें भी अपना बुसिनेस्स पार्टनर बनाकर बड़े पैमाने में ट्रेवल बस. स्टार्ट करें...

मई - ठीक है शाम को बात कर लेना मान गयी तो हमारे लिए और भी अच्छा है....

अगली सुबह ब्रोकर कागज़ लेकर आ गया, मुझे यकीं था की मान jayega....Hame बंगले की के दी और पैसे लिए और निकल गया अपने रस्ते..

मई मीरा और माँ जी ने मिलकर बंगले की Saafayi-Dhulayi की,

पेंट की जरुरत नहीं पड़ी पहले से था, फर्नीचर भी मस्त था...

पुरे घर को धुलकर एकदम नई कर दिया....


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मई और मीरा मार्किट गए और दोनों के लिए 1-1 मोबाइल ले लिया, एक कंप्यूटर, घर और ऑफिस वर्क के कुछ जरुरी सामान,

पुरे 1 लाच की शॉपिंग + टूल्स की हम दोनों ने मिलके एक दिन में...

सारा सामन गाड़ी में लादकर नई घर ले गए और सेट कर दिया,

सेट करने के बाद रश्मि दीदी के घर चले गए..

ात डिनर टाइम -

मीरा - दीदी तो क्या सोंचा आपने इस बारे में ??

कबीर ने लिस्ट के सभी एजेंसी से बात कर ली है, जो जीजा ने दी थी...

विजय - तो कबीर क्या तय हुआ ?? सब से,

कबीर - 10 % कमीशन पर मान गए,

अब जितने भी टूरिस्ट आएंगे देहरादून सबको एक दिन के लिए हमारी एजेंसी के साथ टूर पर जाना होगा..

अगर टूरिस्ट को पसंद आया तो वो हमारे साथ कंटिन्यू कर सकते है... वर्ण वापस उसी एजेंसी के पास...

रश्मि दी - अगर न पसंद आया तो फिर हमारा लोस्स नहीं hoga...uper से 10 % भी गया....

मीरा - यक़ीन करो दीदी,

पहला टूर तो जाने do..fir देखना क्या होता है.....

विजय - अब इतना यक़ीन है तो तुम लोग कंटिन्यू करो,

वैसे भी मई इतना तो समझ गया hu...tum ने सिर्फ 1 दिन का 10℅ यूँही देने की बात न कही होगी...

रश्मि दी - कब से स्टार्ट करना है....??

मीरा - कल हम लोग नए घर में पूजा कराएँगे और तभी बुसिनेस्स का उद्घाटन भी होगा....

विजय - Okay गाइस !

पूजा और िन्नागुरेशन दोनों शाम को रखना मई हाफ डे करके आ जाऊंगा...

बातों - बातों में खाना भी हो गया और प्लानिंग भी.........

आज के लिए बस इतना hi..

कमेंट और रिव्यु का रखना dhyan....Aap सबका हयान..!!
 
स्फोरम ज्वाइन - 10 जान 2020

माय स्टोरी रैली - 10 जान

9 डेज एंड 15 अपडेट...

विएवेर्स - 20,000

मेस्सगेस - 246

लाइक्स - 277

ट्रॉफी पॉइंट्स - 63,


थैंक्स गाइस इतना प्यार देने के लिए...

कीप स्टेइंग रीडिंग एंड सपोर्ट...


( धन्यवाद )
 
Abb..takk..

विजय - Okay गाइस !

पूजा और इनॉगरेशन दोनों शाम को रखना मई हाफ डे करके आ जाऊंगा...

बातों - बातों में खाना भी हो गया और प्लानिंग भी.........



अपडेट No. 16 ( फर्स्ट जर्नी )


Abb..Aage...

अगली सुबह मई मीरा और बद्री भैया तीनो बैंक गए जहा पर बद्री भैया का पहले से अकाउंट था... हमने एकाउंट्स ओपन किये,

साड़ी ज्वेलरी को बैंक में देकर गोल्ड लोन लिया....

पैसे लेकर पहुँच गए व्हीकल्स एजेंसी..

मैंने और बद्री भैया ने अपने काम के मुताबिक 2 मिनी बस और एक 4-व्हीलर व्हीकल लिया,

कुछ डाउन पेमेंट्स कॅश और E.M.I पर...

ड्राइवर, स्टाफ और जरुरी सामान इकठ्ठा karte-Karte शाम हो gayi...Badri भैया की Jan-Pahchan के कारन काम में काम परेशानी उठानी पड़ी....

घर पहुँच कर फ्रेश हुआ और हॉल में पहुँच गया..

पंडित जी आ चुके थे...

मीरा और माजी ने मिलकर पूजा का सारा इंतेज़ाम कर लिया था,

रश्मि दीदी ने कुछ Jan-Pahchan के दोस्तों और पड़ोसियों को भी पूजा में इन्विते किया था...

हम सभी पंडित जी के साथ नए घर पहुँच गए और पूजा स्थल के चारो ओर बैठ gaye....Aur पूजा स्टार्ट हुयी..

घर का नाम कबीरा (Kab-eer + म -ीरा ) पैलेस रखा गया,

घर का शुद्धिकरण हुआ और फिर Grah-Pravesh हुआ,

पूजा समाप्त करने के बाद,

K.M. टूरिज्म ट्रेवल एजेंसी का इनॉगरेशन किया गया...

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सबने मिलकर पार्टी की डिनर एन्जॉय किया और धीरे - धीरे करके सब अपने घर को जाने लगे...

रात के 12.30 बज रहे

रश्मि दी और विजय जीजू भी कुछ देर बाद चल दिए अपने घर...

मैं मीरा और माजी ने मिलकर सारा सामान समेटा, और सब चीज़ सही करते -करते रात के 2 बज gaye....dinbhar के थके होने के कारन नींद बहुत आ रही थी....

फ्रेश होकर मई मीरा के साथ बीएड पर लेट गया और गहरी नींद में खो गया....

सुबह के 10 बज रहे थे लेकिन कबीरा पैलेस में अभी तक रात की थकावट उतरी जा रही थी....

बहार के बेल्ल की आवाज़ से मेरी नींद खुली,

लेकिन तब तक माजी ने जाकर दरवाजा खोल दिया tha...kyuki मीरा तो अभी भी मेरे पास लेती थी....

माजी - लल्ला जी, बद्री भैया बुला रहे है, गाड़िया आयी हुयी है....

मई झटपट उठकर फ्रेश हुआ,

मीरा उठ चुकी थी मैंने उससे Gm.wish किया,

बहार चल दिया

मैंने तीनो व्हीकल्स को बहार लॉन में पार्क करवा दिया....

और नाश्ता करते हुए मई और मीरा आज के टूर की प्लानिंग करने लगे...

हमारे लिए आज बहुत बड़ा दिन था अपना बेस्ट देना था...

हम दोनों ने मिलकर माना गांव के आसपास के जितने भी बेस्ट प्लेस थे,

जहा हम जा चुके थे, उनको सेलेक्ट किया...

और साडी प्लानिंग कम्पलीट की....

एजेंसी से बात करके आज आने वाले टूरिस्ट्स की डिटेल ली

रश्मि दी के जरिये कंप्यूटर में डिटेल्स फीड करवाया और इतर वर्क इन्क्लुडे किया....

टोटल 27 पर्सन the...jinhein आज हमें एंटरटेन करवाना था...

साड़ी फॉर्मेलिटी होने के बाद, मीरा और रश्मि दी को रेडी रहने का बोलके,

मई टूरिस्ट को पिक करने ड्राइवर को लेकर, बद्री भैया के साथ निकल गया....

बद्री भैया ने हमारी बहुत मदद की थी इस liye...unhe भी आज के टूर पर ले जा रहा था.....

सभी टूरिस्ट को वन में लेकर वापस चल दिए मीरा और रश्मि दी को पिक करने....

दोनों मेरे पास आकर आजु बाजु बैठ gayi..Aur हमारी वन ने रफ़्तार पकड़ ली माना गांव की ओर...

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मौ ड्राइवर को रास्ता बताते जा रहा था.... और मीरा टूरिस्ट को उस जगह के बारे में इन्फो. दे रही थी...

रश्मि दी और बद्री भैया बड़े गौर से मीरा को देख रहे थे.... रश्मि दी तो सीख रही थी की कैसे टूरिस्ट को गाइड करना है,

ऐसे hi 2हरष में हम लोग माना गांव पहुँच गए..3 बजे तक्क...

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हमारी वन माना पॉइंट के ढाबे के सामने रुकी,

सबको फ्रेश होने का बोलकर मैंने ढाबे वाले से गरम जलेबी और चाय का इंतेज़ाम करने को कहा....

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सब मिलकर खूब मस्ती से गरम जलेबी का आनद उठा रहे थे,

Pet-puja करने के बाद,

अपनी सेलेक्ट की हुयी जगह की तरफ चल दिए जहाँ खूबसूरत पहाड़ और छोटी सी नदी बाह रही थी,

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सब ने वह खूब एन्जॉय किया,

रात 8 बजे तक मैंने और मेरे वर्कर ने मिलकर पास के जंगल में कैंप का काम और जलने के लिए लकड़ियों कब इंतज़ाम कर लिया...

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ड्राइवर और बद्री भैया भी डिनर पैक करवा कर ले आये...

मैं आग जला रहा था तभी मीरा सबके साथ वापस आती दिखी...,

हम सभी पास की नदी में फ्रेश हुए और आग के पास घेरा बनाकर बैठ गए...

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दुन्नेर करते हुए फिर सभी की बातों का जो सिलसिला शुरू हुआ रात के 1 बजे ख़त्म हुआ...

सबने खूब मज़ा किया, alag-alag कंट्री के होने के बाद भी सब ने मिलकर सिंगिंग डांसिंग का लुत्फ़ उठाया....

मैंने सबको सुबह 5.30 बजे रेडी रहने को बोलकर कैंप में जाने को कहा...

अब सिर्फ मई मीरा और रश्मि दीदी बचे थे...

फिर शुरू हुयी हमारी फॅमिली डिस्कशन ख़त्म hote-hote 2.30 बज गए...

रश्मि दी और मीरा को एक कैंप में लेटने को कहकर मई बद्री भैया के कैंप में अलार्म लगाकर लेट गया....

सोये हुए कुछ hi देर हुए थी अलार्म बजने लगने लगा..

.3हरष की नींद ऐसे गुज़री जैसे बस 15 मं hi हुए थे सोये हुए...

मैंने सबके कैंप में Ja-Jakar सबको जगाया और नदी की तरफ फ्रेश होने चल दिए...

जल्दी से सबको वन में बैठने को कहा और गाडी बढ़ा दी पहाड़ की Taraf...Jaha पर एक Water-fall था...

सब वॉटरफॉल देखकर खुश हो गए, सब झरने की तरफ जाने लगे, मैंने सबको रोक कर पहाड़ पर चलने को कहा,

Na-Nukur करके सब पहाड़ पर चल दिए...

सबको आँख बंद करके ek-Taraf हाथ फैलाकर खड़े होने को Kaha...bs 1 hi मं बाद सूर्य की पहली किरण ने अपना खूबसूरत जलवा बिखेरा...

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सब तो मुँह फाड़े उस खूबसूरत नज़ारे में खो से गए...

चिड़ियों का Shor...Thandi हवा में सूरज की पहली किरण का अहसास मनो स्वर्ग में है...

सभी टूरिस्ट, मेरा और मीरा का

शुक्रिया ऐडा करते नहीं थक रहे थे...

इतने खूबसूरत नज़ारे के लिए थैंक्स.....

फिर हमने वॉटरफॉल में सबने बहुत मस्ती की...

ढाबे पे आकर गरम पकोड़े और चाय का नाश्ता किया...

और हमारी वन चल दी फिर से देहरादून,

रश्मि दीदी और बद्री भैया भी बहुत खुश the..Sare रस्ते सबने हमारी तारीफ की...

कल नई एडवेंचर के बारे में बताकर

सबको उनकी एजेंसी पर छोड़ा...

और हम भी अपने घर आकर रेस्ट करने लगे...

रात डिनर में कल की प्लानिंग ki...different करने की

क्युकी हमें यक़ीन था ki..Jo भी हमारे साथ गए सबको अच्छा लगा है...

वो शायद दुबारा आये तो उनको कुछ अलग एंटरटेन करवाना पड़ेगा....

नेक्स्ट मॉर्निंग 9 बजे उसी एजेंसी से कॉल aayi...aur इस बार 72 टूरिस्ट की डिटेल्स di..jismein 27 पहले वाले थे....

मैंने जब ये बात मीरा और रश्मि दी को बताई तो बहुत खुश हुए....

बद्री भैया भी हमारे साथ ज्वाइन हो गए थे...

संडे था तो इस बार विजय जीजू को भी साथ ले गए...

इस बार एक वन में मैं बद्री भैया थे,

दूसरी में वन में मीरा, रश्मि और विजय थे....

2 बजे हम माना पॉइंट पहुँच गए...

नाश्ता करने के बाद सीधा पहाड़ी इलाके के जंगल की तरफ निकल गए और वही कैंप लगाने का बंदोबस्त किया...

सबको रिवर, Jharna,Jungal,Pahad,.

देखने के बाद

सरे टूरिस्ट कैंप में इकठ्ठा हुए,

और यहाँ से हमने अपनी बुसिनेस्स स्किल उसे करनी चालू कर दी...

एक्स्ट्रा चार्ज पर नई एडवेंचर और एंटीक प्लेस दिखने का वडा किया...

सब मान भी gaye....dubara वही थोड़े न देखते....

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फिर क्या था सबको माना गांव की गुफा,

और ओल्ड ब्रिज सेतु ले gaye...jise देखकर सबकी आँखे फटी की फटी रह गयी...

और ऐसे hi कई जगह दिखाई जहा सबने मिलकर एन्जॉय किया..

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रात में आग के चारो ओर मस्ती..

सुबह सनराइज और वाटरफॉल्स...

दोपहर को देहरादून वापस...

अब तो जैसे हमारी लाटरी लग गयी...

वर्कर, वन, मनी, साइट्स सब बढ़ते चले गए...

सोनपुर के एडवेंचर का सबसे ज्यादा चार्ज लगाया...

टूरिस्ट्स को 3 ग्रुप में बनता

कबीर, सोनपुर एडवेंचर, ओल्ड टूरिस्ट..

मीरा, माना गांव एंटीक प्लेस, मध्यम टूरिस्ट

रश्मि दीदी एंड बद्री भैया - नई टूरिस्ट....

भगवन की महिमा तो जैसे हमपर मेहरबान हो गयी...

बुसिनेस्स ने बुलंदी रफ़्तार ऐसे पकड़ी की...

सबकुछ बदलता चला गया...

आज के लिए बस इतना hi

कीप स्टेइंग एंड सपोर्ट...!!

कमेंट और लिखे का रखना ध्यान आपका हयान !!
 
सच तो ये है स्टोरी की थीम बिगड़ गयी है..

शुरू के अपडेट एडिट करने और इब्लीस को एन्ड करने में...

मैंने जो भी सोंच के स्टोरी स्टार्ट की thi..Wo सोंच इब्लीस के साथ एन्ड हो गयी है...


बूत गाइस आपसे वडा hai...Mai एक नयी सोंच के साथ इस कहानी को आगे बढ़ता रहूँगा....

मुझे तो लगा था यहाँ भावनाओ के साथ खिलवाड़ किया जाता hai...but यहाँ भी Rule-Regulation,.....Dharm जाती घुसा हुआ hai....logon को ठेस पहुँचती है

नेक्स्ट अपडेट कल आएगा....
 
Abb..Takk...

गेरयों के शांत होते hi मनो सब कुछ थम gaya...Har तरफ सन्नाटा...

ये एक शांति थी या फिरर कोई भयावह तूफ़ान आने का संकेत......



अपडेट No. 17

Abb..Aage...


दोस्तों ईश्वर की महिमा कबीर और मीरा के कठिन परिश्रम और लगन से बहुत खुश है....

और उन दोनों का बुसिनेस्स भी खूब चलने लगा...

""तो अब ऐसा करते है इनको थोड़ा तरक्की करने दो नाम कमाने do.......Tab तक देख लें गेरयों शांति पूर्वक क्या करने की कोशिश कर रहा है...??""

शैतान लोक


गेरयों अब शांत हो gaya....aur ध्यान में बैठ गया एलिज़ाबेथ को ढूंढने लगा.....

गेरयों ध्यान में baithe-baithe अपनी सर्च लाइट रेज़ पावर को भ्रमहैन्ड के हर एक कोने तक भेज दिया,

एलिज़ाबेथ को खोजने के लिए,

साथ में अपने पिता इब्लीस को भी एक बार ढूंढने की कोसिस ,

आजमाने के लिए अपने पिता की कही गयी बातों को,

किन्तु गेरयों को न तो एलिज़ाबेथ की कोई खबर मिली न hi इब्लीस का कोई ata-pata मिला,

सर्च लाइट पुनः वापस आकर गेरयों में समां गयीं, और ध्यान टूट गया

गेर्योन बहुत मायूस हुआ,

खीजते हुए, मन को शांत करने की कोसिस करने लगा,

गेरयों खुद hi बात करने लगा...

वैसे इतनी भी बाड़ी बात भी न हुयी की पिता जी अचानक खुद का अस्तित्व hi छिपा लें,

उनके लिए ये सब तो चुटकियों का खेल है,

"" वो तो शतरंज के खेल के बादशाह है,

जरूर कोई चाल चलके खामोश बैठ गए है,

अगली चाल के इंतज़ार में,""

अब तो समय आने पर hi पता चल पायेगा,??

"पहले मई खुद का ासयित्व तो बचा लूँ,"

"" इसके पीछे जरूर कोई रहस्य है,. जो पिता जी मुझे नहीं बताना चाहते.""

गेरयों ने एक बार फिर प्रयास किया,

फिर से खुद के मस्तिष्क को फ्री करके ध्यान मुद्रा में लीं हो गया,

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इस बार गेरयों के बॉडी के चारो ओर काळा साये का घेराव होने होने लगा,

धीरे - धीरे वो काला अंधेर पूरे शैतान लोक,

फिर पुरे ब्रम्हांड में फ़ैल गया,

कुछ पल के लिए पूरी दुनिया में अँधेरा हो गया,

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पिसाच लोक और धरती लोक में भी दिन के वक़्त अँधेरा था,

सब अचानक रहस्यमयी विचित्र अंधकार से घबरा गए,

और हरा तरफ Afra-Tafri का माहौल सा बन गया,

""लेकिन इसका प्रभाव पारी लोक और जीन लोक में नहीं देखने को मिला,""

दरअसल हुआ ये था की, ध्यान बैठे हुए गेरयों ने अपनी सम्पूर्ण ऊर्जा को अपने बॉडी से निकल दिया और एलिज़ाबेथ को खोजने लगा,

गेरयों को एलिज़ाबेथ तो नहीं मिली किन्तु इस ब्रम्हांड में और पृथ्वी लोक में छुपी असीमित शक्तियों का जैसे भंडार दिखा,

जिससे गेरयों आज तक अनजान रहा,

अँधेरा छत चूका था,

गेरयों की आँखे खुल चुकी थी,

पहले भूकंप झटके फिर अचानक दिन की रौशनी का रात में बदल जाना,

किसी को भी कुछ समझ नहीं आ रहा था,

सबने रहत की सांस ली और इस एकसमायिक घटना के बारे में चर्चा करने लगे,

गेरयों को भी अब ज्ञात हो चूका था की उसके पिता इब्लीस जाते - जाते क्या बता गए है,

अपनी ऊर्जा को आज़ाद करने के माध्यम से,

उसके पिता की कही हुयी बात सच हो रही थी,

की वो अब एलिज़ाबेथ को नहीं खोज पायेगा,

""कोई था जो इस वक़्त मुस्कुरा रहा था,

गेरयों इन हरकतों को देखकर""

अब गेरयों को कौन बताये की,, ""एलिज़ाबेथ दुनिया में कही हो तो दिखे...""

इसका अर्थ है की अब गेरयों को,

अनंत गहराई की कैद में जाना तय है,

गेरयों फिर बाद बदबया..

""पिता ने कहा है ..मई वापस aaunga...Ek दिन मई फिर से आज़ाद हो जाऊंगा...??""

तो सच hi कहा होगा,

उनका कहाँ गया कथन कभी भी असत्य नहीं होता,

आखिरकार वो दूर दृष्टि जो ठहरे,

""अब मुझे अपने पिता के दिखाए गए मार्ग में चलना चाहिए,

और सबसे पहले ब्रम्हांड में छुपी सभी शक्ति के अनंत श्रोत को मई हासिल करूँगा""

जिससे मई और ताकतवर हो जाऊंगा..

और जाने से पहले उस पारी लोक का तो अस्तित्व hi मिटा dunga....Ab होगा सर्वनाश..!!

Hahaha....Qaid से वापस आने पर मई सर्वशक्तिमान बन जाऊंगा"", गेरयों मुस्कुराया

इतना सब बोलकर गेरयों जोरर से शैतानी हंसी हंसने लगा...

गेरयों जोरर से चिल्लाया, "टम्मूलल्लूऊ..??"

तामुलु - जी मालिक !!

""सभी प्रमुख और सेना को,

जितनी जल्दी हो सके शैतान लोक में इकठ्ठा करो "", गेरयों ने आदेश दिया !!

कुछ देर बाद....

गेरयों अपनी माँ बल्ला के साथ सिंघासन में बैठा हुआ था,

आज पुरे शैतान लोक में Had-kamp मचा हुआ था,

पूरा शैतान लोक एक से बढ़कर एक खतरनाक और खूंखार शैतान से भरा हुआ था,

सामने जहा तक भी निगाह जाती बस दानव, राक्षस, असुर, पिशाच, चुड़ैल, न जाने कैसी कैसी घिनौनी शक्ल की सेना hi नज़र आ रहे थे,

सब इस तरह अचानक बुलाने से चिंतित थे, और चर्चा कर रहे थे,

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सब अपनी सेना के साथ लाइन से खड़े थे सबसे आगे उनकी सेना का हेड थे,

"सब आ गए", "गेरयों ने जोरर से दहाड़ कर कहा"

एक डैम सन्नाटा छ गया,

""महामहिम !! कसदेया मालिक नहीं आये अभी"",. 'तामुलु ने सर झुका कर कहा,'

अचानक सभा में जोररदर तूफ़ान और बिजली के शोर के साथ कोई प्रकट हुआ,..??

आज के लिए बस इतना hi...

कीप रीडिंग एंड सपोर्टिंग..!!

""कमैंट्स, लाइक्स, और रेविएवस का रखना Dhyan.....Aapka दोस्त हयान..!!""
 
Abb...takk...

""महामहिम !! कसदेया मालिक नहीं आये अभी"", 'तामुलु ने सर झुका कर कहा,'

अचानक सभा में जोररदर बिजली के शोर के साथ कोई प्रकट हुआ,


अपडेट No. 18 (बिग अपडेट)

Abb..Aage...


""कैसे हो मेरे भाई, कैसे याद किया"" ""कसदेया बोलै"",

जिसने अभी अचानक एंट्री मारी,.

बल्ला को गले लगाकर,

गेरयों की बगल में खड़ा हो गया,

गेरयों - सब एकदम शांत,

जैसे की तुम्हे ज्ञात है कल एक विचित्र घटना घाटी,

जिसके कारन मैंने तुम सबको बुलाया है,

""शैतान लोक का भविस्य खतरे में है, और सभी डेविल प्रजातियों के जीवन पर भी खतरा मंडरा रहा है""

गेरयों के कहे गयी इस बात से एक बार फिर कोहराम मच गया !!

""गेरयों एक बार फिर दहाड़ा", "सब सर झुककर एक डैम खामोश हो गए"!!

""मेरी बात ध्यान से सुनो सब, अब एक भी शोर नहीं होना चाहिए, अंजाम तुम्हें पता है"",

गेरयों - डेविल और एंजेल की जंग सदियों से चली आ रही है,

किन्तु हर बार डेविल को hi सर झुकाने के लिए मज़बूर किया गया,,

""आज एक बार फिर हमारे अस्तित्व को मिटने के लिए षड़यंत्र रचा गया है,""

""एक गलती और सारे डेविल और डेमों वर्ल्ड को नेस्तनाबूद करने की साज़िश रची जा रहे है,,""

""इस परिस्थिति से कैसे निपटना है बस एहि समझने के लिए आज मैंने तुम सबको बुलाया है""

""अब हम सभी को ek-hokar अपनी चाल चलनी है, बिना लाडे hi

हम उनसब के मनसूबे पर पानी फेर देंगे..""

""ये इतना आसान नहीं किन्तु असंभव भी नहीं,

वैसे डेविल का काम hi है असंभव को संभव बनाना""

सुनो !!, गौर से, मेरी सेना के नुमाईंदो,

ये वक़्त जोश का नहीं होश का है,

अगर हमे खुद को बचाना है तो हमे और भी शक्तिशाली होना पड़ेगा,

और शक्तिशाली होने के लिए,

अब हमे खुद के अस्तित्व को अब सबकी नज़रों से छुपाना होगा,

ताकि वक़्त आने पर हम अपनी असीमित शक्तियों से हमला कर सके,

रचे गए षड़यंत्र का Muh-Tod जवाब दे सकें,

तब फिर इस ब्रह्माण्ड पर सिर्फ डेमों का राज्य hoga...Hum पर किसी का काबू नहीं होगा..

""हम होंगे Sarv-Shaktiman !!""

पूरा शैतान लोक हु है हु है के शोर से गूँज उठा, शोर इतना बढ़ गया की जमीन थर्राने लगी,

आज पूरी डेमों सेना का जोश देखने लायक था,

शांत !! एकदम शांत !!

सभी हेड सामने आएं,, ""गेरयों जोरर से बोलै"".

सभी सेना प्रमुख गेरयों के सामने सर झुककर खड़े हो गए

(बल्ला और कसदेया को छोड़कर )

बल्ला - Geryon's मदर, वैम्पायर क्वीन, पावर ऑफ़ डार्कनेस,

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कसदेया - नोन अस थे फिफ्थ शैतान, मोस्ट पावरफुल, डेविल सेना का हेड

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तामुलु - ा डेमों ऑफ़ डार्कनेस एंड मिस्चीएफ़,

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बुमलीन - गॉड ऑफ़ थे अंडरवर्ल्ड, क्लेवर एंड इंटेलीजेंट,

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सक्कूबी - ा मैथोलॉजिकल स्परिट ऑफ़ थे फारेस्ट,

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नरकिसा - वारियर ऑफ़ वैम्पायर वर्ल्ड, ब्यूटी विथ डेविल मंद,

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गेरयों - मई कुछ समय के लिए अनंत गहरी खायी में अपनी शक्ति को और बढ़ने के लिए जा रहा हु,

मेरे जाने के बाद मेरी जगह ""कसदेया"" के हुक्म की तामील हो,

तामुलु - तुम्हे पटल लोक के रक्षा की जिम्मेदारी दी जाती है जिसमें तुम्हारी सहायता कसदेया भी करेगा, उसकी तुम पर नजर होगी !!

बुमलीन - तुम्हें धरती लोक में जाकर एक आम इंसान की तरह रहना होगा,

वह की गतिविधि पर तुम्हारी नजर होनी चाहिए,

बिना शक्ति के प्रयोग के तुम्हें वह बुराई और काले साम्राज्य का विस्तार करना है,!!

सक्कूबी - तुम्हें धरती लोक के जंगलों में जहा भी शक्तियों का वास हो वहां अपनी काली शक्ति का मायाजाल बिछाना है उनकी रक्षा करनी hai..aur खुद के वंस को मज़बूत और ज्यादा संख्या में बढ़ाना है...

नरकिसा - तुमको धरती लोक पर अपने डेविल मंद और ब्यूटी के डैम पर अपनी सेना को बढ़ने का जिम्मा दिया जाता है,

बुमलीन, सक्कूबी, नरकिसा तीनो एकदूसरे की मदद करेंगे,

याद रहे कभी अपनी डेविल पावर का उसे नहीं करना है, पावर को सिर्फ बढ़ने पर अग्रसर रहना,

अगर तुमने पावर का उसे किया तो सायद तुम लोगों के अंत का समय आ जाये,

क्युकी उसको पता लग जायेगा,,. जो हमारे प्लान के लिए अच्छा नहीं होगा,

""जो आज्ञा महामहिम !!"" चारों ने एक साथ बोलै,

बल्ला - माँ, आप अपना पिशाच लोक सम्भालिये,

अपनी सेना को और बढ़ैय्ये

और कसदेया की मदद से उन्हें और ताक़तवर बनायें !!

कसदेया - भाई तुम्हें तुम्हारा कर्तव्य तो समझ आ hi गया होगा, नयी प्रकार पावरफुल गैंस का निर्माण करना जो (वैम्पायर + डेमों + अन्य प्रजाति) का मिक्स हो,

विशाल सेना का निर्माण करना, और उसके सञ्चालन करने की जिम्मेदारी,

समस्त शैतान लोक जिम्मेदारी अब तुमपर है,

किसी बड़ी शक्ति के जन्म लेने का मुझे अंदेशा है,

तुम कभी भी धरती लोक नहीं जाओगे,

समस्त डेविल सेना को तीन भागो के Mix-up( वैम्पायर + डेमों + जीन ) में बनता जाता है,

पहली टुकड़ी, पटल लोक,

दूसरी, शैतान लोक,

तीसरी, पिशाच लोक में प्रस्थान करें,

मेरे दिए गए आदेश का उल्लंघन नहीं होना चाहिए,

वर्ण "कसदेया" खुद आकर तुम्हें सजा देगा,

सभी अपने कर्तव्य की ओर बढ़ें और दिए गए आदेश का पालन करें,

""मुझे वापस आने में बहुत वक़्त लग सकता है,

लेकिन मई वापस जरूर आऊंगा, सम्पूर्ण शक्ति का मालिक बनकर,,""

""तुम सब पर मेरी नज़र रहेगी हमेशा, कोई भी अपनी सजा से बच नहीं पायेगा""

""महामहिम की जय हो !!""

""हर एक आज्ञा का वचन के अनुसार पालन होगा !!"" ,,सम्पूर्ण डेविल सेना एक साथ जोर से चिल्लाई,,

""अब तुम सब जा सकते हो,"" गेरयों बोलै,

सभी अपने - अपने दिए गए काम के अनुसार अपनी मंज़िल की ओर चले गए,

अब केवल गेरयों, बल्ला, कसदेया रह गए थे,

बल्ला और कसदेया जो अब तक शांत थे,

प्रश्नो की झड़ी लगा दी,.

""सब तुम्हें hi महामहिम !!

क्यों बुला रहे थे"", पिता जी कहा गए, ""क्या हुआ उनके साथ ??""

गैरों ने एक लम्बी साँस लेकर बोलना सुरु किया,

उसके और इब्लीस के बीच हुयी सभी बातों को दोनों को बता दिया,

जिसे सुनकर गेरयों पर,

बल्ला और कसदेया को बहुत क्रोध आया किन्तु शांत रहे,

बल्ला और कसदेया - एलिज़ाबेथ कहा है..??

जररयों - कहा गयी Elizabeth...ye तो किसी को नहीं gyat...Lekin जिस दिन उसका अस्तित्व सामने आएगा

उस दिन जरूर कहीं न कही किसी लोक में कोई एकसमायिक घटना घटित होगी

गेरयों - जिस दिन भी तुम्हे कहीं भी मुझसे से ज्यादा या काम एनर्जी महसूस हो,

समझ लेना उसकी शक्तियां जागृत हो गयी है...

तुम्हें उस पर नजर रखवानी है बस, कोई कदम नहीं उठाना मेरे आने से पहले...

कसदेया - भाई ये किश मुसीबत में हम सबको दाल दिया..??


गेरयों - ""है मुसीबत तो बहुत बड़ी है तभी तो मुझे कैद में जाना पद रहा है,

और पिता जी ने भी अपना अस्तित्व छिपा लिया है,""

मुझे अब बीएस तुम पर भरोसा है मेरे भाई,

मई जनता हु हम बहुत शक्तिशाली है किन्तु आने वाले संकट के हिसाब से काम है,

और अब मुझे

""अपनी समस्त शक्ति को त्यागकर एक सुरक्षा कवच बनाना होगा""

जो मेरे वापस लौटने तक तीनो लोको की रक्षा करेगा,

अगर मैंने ऐसा नहीं किया तो सायद हमारा अंता नज़दीक है,

""मुझे वचन दो मेरे भाई, मेरे लौटने तक तुम धैर्य से काम लोगे, और अपना कर्तव्य निभाओगे"",

कसदेया - जब पिताजी ने कहा है तो सब सत्य hi होगा, मई तुम्हारे साथ हु....

""मई वचन देता हु अपना कर्तव्य धैर्य और निष्ठां के साथ निभाउंगा !!"" , कसदेया बोलै !!

गेरयों -" मेरी भूल के लिए मई तुम दोनों से क्षमा याचना मांगता हु""

लेकिन माँ, मेरे वापस आने पर तुम्हे बहुत गर्व होगा,

अब मुझे चलना होगा कुछ जरूरी काम करना है,

आज और कल hi समय बचा है मेरे पास !!

दोनों से गले मिला और गेरयों अंतर्ध्यान हो गया...??

बल्ला पिशाच लोक के सिंघासन और कसदेया शैतान लोक के सिंघासन पर विराजमान हो गए !!

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गेरयों गायब होकर एक घने जंगल में आकर प्रकट हुआ......

माय डिअर फ्रेंड्स आज के लिए बस इतना hi..


  • कमेंट, लाइक्स, रेविएवस का रखना Dhyan...Aapka प्यारा dost...Hayaan !!
 
नोट - ही फ्रेंड्स मैं आज आउट ऑफ़ स्टेशन जा रहा...

शंकर नेत्रालय चेन्नई...

अपनी आँखों के चेकउप के लिए...

गाइस अगर बिजी न हुआ तो अपडेट जरूर करूँगा...

अगर इलाज़ चालू हो गया तो सायद इन्फॉर्म भी न कर पौन.

सो फ्रेंड्स वेट करना मैं....

वापस आऊंगा...

कोई जरुरी नहीं ki...Kal अपडेट न आये...

आ भी सकता और नहीं भी...

थैंक्स गाइस !!
 
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