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“सेठजी, खान साहब आये हैं।”
“सेठजी, मुनीम को कभी पता नहीं होना चाहिए कि मैं यहां हूं, उसे अंदर मत आने दो।” पूनम डर गई, उसकी चूत मुनीम के छोड़ देने के डर से अपने आप सिकुड़ गई और दो बूंद मूत के बाहर आ गए। (आप समजिये की किस हद तक वह मुनीम के लंड से प्रेम करती थी)
“ठीक है,ऐसी ही रहो,फिर चोदूंगा।” सेठ ने कहा।
मुनीम अंदर आना चाहता था। ”सेठजी, कौन सा माल है मैं भी देखूं!”
“तुम बाद में देखना, पहले खान साहब को देखने दो।” सेठजी ने मुनीम का हाथ पकड़ लिया दरवाजे से बहार ही रोका और वह खुद कमरे से बहार आ गया।
उसने दरवाज़ा अंदर से बंद कर लिया।
असल में यह सुनने के बाद कि खान आया है, सेठजी चाहते थे कि उनका दोस्त इस चेरी को चोदे और चखे।
क्या खान पूनम को चोद सकता था?
****
बने रहिये..................
“सेठजी, मुनीम को कभी पता नहीं होना चाहिए कि मैं यहां हूं, उसे अंदर मत आने दो।” पूनम डर गई, उसकी चूत मुनीम के छोड़ देने के डर से अपने आप सिकुड़ गई और दो बूंद मूत के बाहर आ गए। (आप समजिये की किस हद तक वह मुनीम के लंड से प्रेम करती थी)
“ठीक है,ऐसी ही रहो,फिर चोदूंगा।” सेठ ने कहा।
मुनीम अंदर आना चाहता था। ”सेठजी, कौन सा माल है मैं भी देखूं!”
“तुम बाद में देखना, पहले खान साहब को देखने दो।” सेठजी ने मुनीम का हाथ पकड़ लिया दरवाजे से बहार ही रोका और वह खुद कमरे से बहार आ गया।
उसने दरवाज़ा अंदर से बंद कर लिया।
असल में यह सुनने के बाद कि खान आया है, सेठजी चाहते थे कि उनका दोस्त इस चेरी को चोदे और चखे।
क्या खान पूनम को चोद सकता था?
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