Incest Sex Kahani परम-सुंदरी - Page 23 - SexBaba
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Incest Sex Kahani परम-सुंदरी

हालाकि आज मुनीमजी की गांड भी सेठजी ने बजाई थी, और सेठजी की गांड का स्वाद उसके लंड को भी मिला था, दोनों ने एक दुसरे का लंड को गांड मार मार के चाट के साफ़ किया था। फिर भी घर में अक अजीब सी छुट की सुगंध फ़ैल राखी थी। और वैसे भी उसे पता था की आज महक अकेली है क्यों की सुंदरी और परम सेठजी के घर जाने वाले थे तो उसने सेठजी से कह रखा था की आज जल्दी घर जाएगा। सेठजी ने काफी बार पूछने पर उसे सेठजी को बता दिया की वह महक (अपनी बेटी को चोद ने के प्रयास में है पर मौक़ा नहीं मिला रहा लेकिन आज सुंदरी और परम आपके घर जानेवाले है तो शायाद मौक़ा मिल जाए तो मेरे इस लंड की प्यास बुज जाए।

सेठजी ने कहा अरे वाह अपनी बेटी से बहोत प्यार है तुजे और अब हम एक जैसे ही है तो मैं तुम्हे मन नहीं करूँगा पर तुम तो जानते हो आज सुंदरी नहीं आएगी क्योकि शाम को घर आएगी और वह मुझे उसको चोदने का कोई मौक़ा नहीं मिलेगा शायद सेठानी और अहू होंगे तो!

मुनीम: “हां, यह तो है आज सुंदरी को नहीं चोद पायेंगे आप।“

सेठजी: “पर अब मुझे कोई चिंता नहीं, क्योकि हमारे बिच अच्छा सौदा हुआ है तुमको मैंने सुदरी के बदले में सेठानी दी है और साथ में बहु और मौक़ा मिले तो रेखा भी और पैसा भी!”

मुनीम: “जी सेठजी पर उसका मतलब यह नहीं की सुंदरी को मेरे सामने चोदो, कहिपर छोड़ो लेकिन उसे मालूम नही होना चाहिए की मुझे मालूम है और मैंने उसे आपको एक तरीके से बेच दिया है।“

सेठजी: “देखो मुनीमजी चुतिया जैसी बात मत करो, यह सब हमारे बिच में हुआ है और हमारे बिच में ही रहेगा, और यह सब बार-बार बताने की भी जरुरत नहीं।“ कह कर उसे आगे बोला: “हमारी एक डील और भी है पता है ना!”

मुनीम: “अरे हा, पता क्यों नहीं होगा? यह हमारे बिच का आपस का मजा है।” मुनीम चाहता था की सेठजी कुछ पहल करे उसकी गांड में कुछ कुछ होने लगा था पर सेठजी ने कुछ नहीं किया था। वह थोडा निराश था, आज सुबह से वह अपनी गांड को तैयार कर के काम पे आया था।

सेठजी:” एक काम और भी है मेरी बहु आ रही है शायद आज कोई मौक़ा नहीं मिलेगा और सुदरी ऐसे ही कोरी रह जायेगी।“ वह सिर्फ सुंदरी के बारे में ही सोच रहा था।

अब मुनीम से कंट्रोल करना मुश्किल हो रहा था, और इसकी यह परवशता की वजह से उसका हाथ सेठजी की धोती के आसपास जाने लगे। सेठजी समज गया था वह उसकी परीक्षा कर रहा था की वह पहल कर सकता है या नहीं!
मैत्री और नीता की अनुवादित रचना।

सेठजी उठ के पीछे के रूम की तरफ चले गए और मुनीम उनके पीछे-पीछे चला गया।

अन्दर जा के सेठजी सोफे पर बैठ गए जब की मुनीम वही खड़ा रहा। सेठजी को लगा की शर्म की वजह से मुनीम कुछ बोल नहीं रहा या कुछ कर नहीं रहा।

सेठजी: “देखो मुनीम,मैं धंधे में तुम्हारा सेठ हु और तुम मेरे मुनीम लेकिन उसके बाद हम एकदूसरे की बीवीया है समजे कुछ?”

मुनीम: “सेठजी कुछ कुछ समजा! लेकिन जरा खुल के बताओ तो ठीक रहेगा।“

सेठजी: “डियर, उसका मतलब है अगर तुम्हारी इच्छा है की तुमको मेरी गांड मारना है आया मेरा लंड से तुम्हारी गांड मरवाना है तो तुम बेधड़क कह सकते हो, जैसे तुम्हारी बीवी का हाथ पकड़ कर कोने में जा सकते हो वैसे ही मई या तुम एक दुसरे के साथ कर सकते है। हम दोनों में कोई बंधन शर्म नहीं होनी चाहिए। अब समजे!”

मुनीम ने बिना कोई जवाब दिए अपनी धोती को खोल दी और उसका लंड सेठजी के सामने लहराने लगा। सेठजी हसे और बोले “चुतिया, अभी तक शरमा रहा था! चल ला इस महेंगे माल को मेरे मुह में। अब्तुम्हे पता होना चाहिए की मेरा मुह और पेट तेरे वीर्य का कितना भूखा है। और हरदम रहेगा।“

मुनीम थोडा आगे की ओर खिसका और लंड को अपने हाथो से पकड़ के सेठजी के मुह में दाल दिया। सेठजी शायद यही चाहते थे उसने भी बिना मौक़ा गवाए उस लंड को अपने मुह में गायब कर दिया। मुनीम ने उसका मुह चोदना चालू कर दिया जैसे एक चूत को बेरहमी से चोद रहा हो।

और कुछ देर के बाद चित्र यह था की मुनीम का लंड सेठजी की गांड को भोसड़ा बनाने में लग गया था और सेठजी बड़े शौक से उसके हर धक्के को खा रहे थे। जब तक मुनीम का लंड काबू में था तब तक सेठजी की गांड बजती रही बाद में मुनीम ने उसके लंड को निकाल के सेठजी के मुह में रख दिया और अपना पानी उसके मुंह में छोड़ दिया।


थोड़ी देर माहोल शांत रहा पर थोड समय के बाद सेठजी का लंड मुनीम के मुह में था और सेठजी मुनीम की गांड को चाट रहे थे। बस इस तरह सेठजी ने मुनीम की गांड का बाजा बजाया, दोनों खुश थे। एकदूसरे की क=गांड को चाट के साफ़ किया और दोनों ने एक दुसरे के लैंड को चाट के साफ़ किया। और दोनों थोड़ी देर के बाद अपनी चाल में बदलाव के साथ कमरे से बाहर आ गये, जैसे कुछ हुआ ही नही लेकिन दोनों थोड़े थोड़े समय पर अपनी गांड को सहलाते रहे।

बने रहिये और आपका बहुमूल्य मंतव्य दे इस एपिसोड के बारे में ...........
 
Ji bilkul sahi kaha aapne

Ek mauka mila nahi ki param taiyaar....

Rhanks jude rahiye
 
Ji usha ko bhi sundari ne apne eang me rang diya hai....

Dekhte hai kaise kya kya hota hai aage....

Jaaniye mere sath kahani me
 
Ji shukriya dost

Usha ka aur uske sath kya kya aur kaise hota hai jaanenge kahani me age

Madak hi rahega guaranteed
 
Ha ha ha...

Bisexual...... Agar lesbianism me maja aati ho to isme bhi aani chahiye.....

Sirf do comment hai ab tak

Kher.....

Aapka bahot bahot dhanyawad
 
thanks friend

but which one episode is good one???????/
 
धन्यवाद मैं समजती हु की आपने सभी मेरे अपडेट्स पढ़े है ..............
 
Shukriya dost

Aap ka sneh bana rahe is kahani ko.....
 
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