उसे लगा कि पूनम को ऐसे मोहक और सेक्सी रूप में देखकर यहाँ बैठी सभी महिलाएँ अपने परिवार के सभी पुरुषों से पूनम की खूबसूरती की तारीफ़ करेंगी और वे सभी पुरुष पूनम पर फिदा हो जाएँगे और सुंदरी को भूल जाएँगे। मेरा कोई वजूद नहीं रहेगा। जो लोग आज मेरे माल के पीछे रहते है वह सभी अब पुनाम की गांड के छेद की कल्पना में अपना लंड खाली करते रहेंगे। एक अद्भुत स्त्रीसहज जलन।
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अब आगे............
सुंदरी को लगा कि बहुत जल्द ही यह जवान लड़की पूनम उसे ब्यूटी क्वीन के सिंहासन से उतार देगी।
"कोई बात नहीं मेरी ही बेटी है...।" लेकिन आखिर जलन तो जलन ही है फिर वह बेटी हो या कोई और।
अब तक मौसी ने छोटी बहू की तरफ़ साड़ी फेंक दी थी और उसने भी पूनम के साथ कदम मिलाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं कर पाई।
लीला ने साड़ी मोड़ी। उसने देखा कि साड़ी के एक कोने में कुछ भारी और कागज़ बंधा हुआ है, लेकिन उसने उसे खोला नहीं। उसे नहीं पता था कि यह उसके ससुर ने पूनम को दिया है। उसने उसे अच्छी तरह मोड़ा और अपने पास रख लिया।
पूनम अब खुलकर नाच रही थी और उसने कई बार अपने कूल्हे और चूतड़ हिलाए, फिर मौसी उठीं और पूनम की कमर पकड़ ली। लेकिन पूनम ने मौसी का हाथ हटाने की कोशिश नहीं की। मौसी ने अपनी चूत पूनम के कूल्हे पर रगड़ी और पीछे से उसके पेट को सहलाया और धीरे-धीरे उसके हाथ पूनम की कसी हुई चूची तक पहुँच गए। पूनम ने उसके हाथ हटा दिए, लेकिन अपना शरीर हिलाती रही। और मौसी फिर से पूनम की चुची को दबाने लगी। फनलव की रचना।
अचानक मौसी ने दोनों हाथों को पूनम की बांहों के नीचे धकेल दिया और चुचियों को दबाने लगी। महिलाएं सीटियां बजाने लगीं और तालियां बजाने लगीं। उसमे उसकी माँ पुष्पा भी शामिल थी।
“तेरा दूल्हा भी ऐसे ही तेरे बोबले दबायेगा…।” महेका ने रेखा से कहा।
“रेखा के लिए ये क्या नई बात है! अपना परम तो रोज़ ही ऐसे ही बोबला मसलता है रेखा का।”
“चुप साली…।” महक ने कहा।
“देखो ना, कितनी देर हो गइ, परम अभी तक नीचे नहीं आया…!” रेखा को परम की चिंता थी, “मैं देख कर आती हूँ।”
“हमें पता है तू ऊपर जाकर क्या करेगी… चुप चाप बैठ कर मेरी इस वेश्या का नाच देख।”
महक ने इधर-उधर देखा तो उसकी नज़र एक आकर्षक चेहरे वाली दुबली पतली लड़की पर पड़ी...सलोनी! महक ने उसे रेखा के कमरे में जाने और परम को बुलाने के लिए कहा। लड़की झिझकी लेकिन महक ने जिद की।
“अरे डर मत, वो तुझे नहीं चोदेगा…।” आसपास बैठी सभी लड़कियाँ हँस पड़ीं।
“अरे....उसमे क्या है चोद भी लेगा तो.....हमारा काम ही तो चुदवाना है....लंड सही होना चाहिए, हैं ना!” क्सिसी लड़की ने मजाक की।
सलोनी शरमा कर ऊपर की ओर भागी। फनलव की पेशकश।
“मुझे जाने देती तो, तेरे बाप का क्या जाता! थोड़ा मजा ले लेती परम से…।” रेखा ने फुसफुसाया, “महेक, मैं अब भी तेरी भाभी बनने को तैयार हूं। यह लग्न जाए भाड में अगर परम मुझे यहाँ से उठा के ले जाए तो।”
सलोनी जल्द ही महक के पास आई और बताया कि परम रेखा के बिस्तर पर सो रहा है।
“अकेला है…ना?” रेखा ने पूछा।
“रानी, तू यहाँ है तो किसकी हिम्मत है तेरे परम के लोडे को हाथ लगाए!” सलोनी ने रेखा को चिढ़ाते हुए कहा, “चिंता मत कर,बिल्कुल अकेला है…तैयार रह,रात में आज जम कर चोदेगा।”
सलोनी की ऐसी भाषा सुनकर महक और रेखा दोनों दंग रह गईं, वह कितनी डरपोक लड़की मानी जाती है। उन्होंने सलोनी के किसी भी अफेयर के बारे में नहीं सुना था, किसी के भी साथ।
“ओह्ह…पूनम क्या मस्त है…देख मौसी कैसे रगड़ रही है…।” वह बैठ गई और फुसफुसाइ। “मैं भी पूनम को चोदूंगी…उसके चूत के रस को निचोड़ लुंगी।” सलोनी ने अपनी इच्छा व्यक्त की।
“उफ़्फ़ मेरे हाथ ख़ुजला रहे हैं पूनम के बोबले को मसलने के लिए।। और तनी हुई चुंची को खींचने के लिए।“
महक ने आवाज़ की तरफ़ अपना सिर घुमाया। वह सलोनी थी, उसकी हम उम्र सहेली। सलोनी पढ़ने में बहुत खराब थी, पढ़ाई में बिल्कुल भी रुचि नहीं रखती थी। साथ ही, वह पूनम या पूनम की तरह ज़्यादा विकसित भी नहीं थी। वह एक दुबली-पतली और लंबी लड़की थी, जिसकी चुचियाँ और कूल्हे बहुत छोटे थे। महक को याद आया कि उसके पिता (मुनीम) किसी और कुंवारी लड़की को चोदना चाहते थे (पूनम ने उसे बताया था), इसलिए महक ने सोचा, सलोनी की बिना चुदी हुई (उसे उम्मीद थी) चुत उसके पिता को गिफ्ट देने के लिए। उसने सलोनी को कभी किसी लड़के के साथ न तो सुना था और न ही देखा था।
“इसमें क्या है?” महक ने सलोनी की जाँघों पर हाथ रखा और कहा; “आज रात पूनम मेरे साथ रहेगी।“
“तू भी साथ रह और पूनम की नंगी जवानी का पूरा मजा ले…।” उसने धीमी आवाज में कहा; “पूनम जब चोदेगी, तो तू स्वर्ग में पहुंच जाएगी।”
सलोनी शुद्ध और पवित्र थी, उसे अभी तक किसी पुरुष ने नहीं छुआ था।
"वो कैसे चोदेगी? वो भी तो लड़की है...!" उसने एक ऊँगली अपने दांतों के बिच दबाते हुए बोली।
“अरे सिर्फ हम खास सहेलियों को मालूम है…।” महक ने कहा: "उसके पास एक मस्त लम्बा मोटा लंड है, हर रात मुझे और सुंदरी को भी चोदती है। बहुत मजा आता है उसकी चुदाई में। चूत की वह चटनी बना देती है और किसी को कानो कान खबर तक नहीं पड़ती।" महक ने चुटकी ली सलोनी की। फनलव की तरफ से।
“धत्त…। तू बहुत गंदी है!" सलोनी बोली, लेकिन उसकी चूत लंड के लिए गीली हो गई।
"ये सलोनी तो गई, महक ने उसे पटाना चालु कर दिया है।" सुधा ने रेखा से फुसफुसाते हुए कहा। किसके लिए उसकी चूत चाहिए महक? सुधा ने अपनी झांग पर हाथ फिराते हुए कहा।
महक ने फिर पूछा “ रहेगी ना मेरे और पुनम के साथ एक रात, मस्त कर दूंगी तुम्हे, तेरे इस माल को मजा आएगी।“
सलोनी को समझ नहीं आया, लेकिन वो पूनम की नग्नता का आनंद लेना चाहती थी। उसने महक से कहा; “मुझे तुम लोगो के साथ रात भर बाहर रहेने के लिए मेरी माँ की अनुमति लेनी पड़ेगी।“
"ओह्ह मेरी पक्की माल, उसमे क्या है, मैं प्रभा काकी को मना लूँगी," महक ने जवाब दिया।
सुधा को कुछ अंदाजा आ गया था की सलौनी आज किसी मस्त लंड से अपनी सिल तुदावाएगी और वह भी उसे पता तक नहीं चलेगा। महक कुछ ना कुछ कसी के लिए इन्तेजाम कर रही है एक फ्रेश चूत के लिए। कौन हो सकता है परम ? काका?
और अचानक उसे लाईट हुई की हाँ काका के लिए वह एक फ्रेश चूत का इंतजाम कर रही होगी। परम के लिए क्यों की परम का माल रेखा अभी यही है और वह जानती थी की परम उसको लंड से निचे लेगा।
सुधा तू भी आ सकती है अगर तुम्हे नजारा देखने और अनुभव करने में जा आएगी तो।“ महक ने सुधा से कहा।
सुधा उसके सामने देख रही थी और धीरे से बोली “काका?”
“हाँ और कौन हो सकता है!”
सुधा: “ उनके लिए तो मैं हूँ ना फिर क्यों मेहनत कर रही है?” सुधा को मुनीम का लंड किसी और की चूत फाड़े वह पसंद नहीं आया था। पर क्या करे हर बार तो मुनीम का लंड लेने की ताकत उसमे भी कहा थी। और बुराई भी क्या थी उसके मनपसंद लंड को कोई नई चूत की सिल फाड़ने को मिले।
और महक ने सुधा को भी पार्टी में शामिल होने और मुनीम के साथ सलोनी की पहली चुदाई देखने के लिए आमंत्रित किया।
"उसे आज सलोनी का पूरा मज़ा लेने दो। मैं बाद में आऊँगी..।" सुधा मुनीम के साथ कई बार चुद चुकी थी। लेकिन वह भी मुनीम के लंड को शेर करना नहीं चाहती थी पर उसके हाथ में ऐसा कुछ नहीं था।
दूसरी तरफ मौसी ने पूनम को ज़मीन पर गिरा लिया था और उसके ऊपर लेट गई थी। वो पूनम के साथ बिल्कुल वैसा ही व्यवहार कर रही थी जैसा कोई औरत किसी औरत के साथ करती है। मौसी को पूनम को चूमते और सहलाते देखकर वहाँ बैठी सभी औरतें और लड़कियाँ दंग रह गईं। किसी ने उन्हें अलग करने की कोशिश नहीं की। पूनम ने भी मौसी को अपनी बाहों में जकड़ लिया था, और दोनों जोश से चूमा, चूमते हुए मौसी ने दोनों हाथों से दोनों चूचियों को दबाया। उसने ऐसा कुछ मिनट तक किया और धीरे-धीरे हाथ बढ़ाकर पूनम की जांघों को सहलाना शुरू कर दिया।
पूनम को अब होश आ गया था कि क्या हो रहा है। उसने महसूस किया कि उसके कपड़े खींचे जा रहे हैं और उसे पता था कि उसके पैर घुटनों तक खुले हुए हैं। उसने मौसी के बड़े गोल कूल्हों पर हाथ फेरा और उन्हें कसकर दबाया। फनलव द्वारा निर्मित।
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शुक्रिया दोस्तों आज के लिए बस यही तक कल फिर मिलेंगे अगले अपडेट के साथ तब तक अगर हो सके तो अपनी राय जुरूर दीजिये।
फनलव की तरफ से।
।। जय भारत ।।