Incest Sex Kahani परम-सुंदरी - Page 131 - SexBaba
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Incest Sex Kahani परम-सुंदरी

शुक्रिया दोस्त बस बने रहिये
 
जी शुक्रिया दोस्त

बस आप सभी रीडर्स को पसंद आया तभी यह मुमकिन हो रहा है

बस साथ,सुझाव और सहकर देते रहिये
 
आपको पसंद आया जानकर ख़ुशी हुई
 
शुक्रिया दोस्त

दिलगीरी से कह रही हूँ की मैं कुछ समय के लिए इस साईट से दूर थी या फिर बहोत ही कम समय के लिए, तभी तो मैं यहाँ भी अपडेट नही दे पाई

फिर भी चेक कर लुंगी
 
दोस्तों आज एक छोटा सा अपडेट दे रही हूँ समय के आभाव से ज्यादा नहीं लिख पाऊँगी

आशा है की आप को पसंद आयेगा
 
जी शुक्रिया दोस्त

आप से बिलकुल सहमत हूँ सब से पहले परिवार काम फिर सब कुछ................
 
चालिए कहानी में आगे बढ़ते है
 
“मुझे अपनी महक और पूनम कि जवानी का मज़ा लेने का मन करता है, लेकिन वो दोनो भी बस चुदाई के लिए ठीक है…।” सेठ ने उसे पूरी भावना से चूमा और निष्कर्ष निकाला।

“लेकिन प्यार तो मैं सिर्फ तुमसे करता हूँ।”

****

अब आगे..........

“क्या तुमने उन दोनों लड़कियों को भी चोद डाला?” सुंदरी को संदेह हुआ…! ” मुझसे झूठ मत बोलो…सच बोलो, मैं कुछ नहीं कहूंगी…।“

सुंदरी ने लंड बाहर निकाला और मुठ मारने लगी।

सेठ ने शाम को जो कुछ हुआ सब बताया और कहा कि कल वो पूनम की चुदाई करेगा।

“तब पता चलेगा कि महक और पूनम में कौन ज्यादा मजा देती है…।”

उसने सुंदरी के हाथ में लंड का आनंद लिया और दुख व्यक्त किया कि वह महक को उस तरह नहीं चोद सका जिस तरह वह सुंदरी, छोटी बहू और अन्य को चोदता है।

“देखो राजा, महक आग है…उसे ठंडा करना आसान नहीं है…। वो बहुत गरम भी है और जंगल भी…उसे तो परम, और आपका मुनीम जैसा बड़ा और मोटा लंड वाला मर्द ही ठंडा कर सकता है। इतना कह के सुंदरी ने मन में सोचा की तुम भी अच्छे हो लेकिन पैसो तक, तुम हमें पैसा देते रहो तो महक और सुंदरी माँ-बेटी तुम्हारे लंड से खेलेंगे, लेकिन खुद की हवस तो हम दुसरे लंड से ही पूरा करेंगे।

वह सेठजी के ऊपर लेट गई, उनकी छाती पर चूची रगड़ी और उन्हें सलाह दी कि उन्हें महक को दोबारा चोदने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

“हर बार महक को चोदने के बाद आपको शर्म आएगी कि आप उसे ठंडा नहीं कर पाएंगे।”

सुंदरीने आगे कहा, "कल पूनम को चोदकर बोलिए कि उसे भी आप ठंडा कर सके नहीं!" उसने खुद कमेंट किया।

“मैंने देखा है कि छोटी बहू आपकी चुदाई से खुश हो जाती है, उसे परम का मस्त लोडा भी ठंडा करता है और आपका ये प्यारा लंड भी। मुझे लगता है कि आप पूनम को आराम से चोदेंगे, जैसे अपनी बहू को चोदते हैं…।”

“जानती हो, अपनी बहू को अपने सामने तेरे मुनीम से चुदवाया है। लीला तो बहुत मस्त हो गई थी…वो फिर से मुनीम से चुदवाना चाहती है…।”

फिर सेठ ने बताया कि कैसे मुनीम ने परम और उसके सामने लीला को चोदा। सुंदरी मुस्कुरा रही थी और पहली बार सुन रही हो ऐसा नाटक कर रही थी।

“लेकिन मुनीम को नहीं मालूम कि उसने छोटी को चोदा है…परम ने लीला के चेहरे को उसके बालों से कवर किया कर दिया था।”

“आपको मालूम है, आपका यह मुनीम आपकी बड़ी बहू को भी चोद चुका है…?”

लेकिन सेठ को उस एपिसोड में कोई दिलचस्पी नहीं थी।

“दोनों किस से चुदवाती है, मुझे कोई मतलब नहीं। मुझे तो बस अपनी सुंदरी रानी चाहिए…।” सेठ ने अधीरता से कहा।

दोनों ने प्यार किया और सुंदरी ने कहा कि वह 'पीरियड' का आखिरी दिन में है।

“राजा, आज बस ऊपर से मजा लो…कल से फिर खूब जम कर चुदाई दूंगी…।” उसने लंड को जोर से दबाया।

“बोलो बड़ी बहू को चोदोगे…मैं उसे तैयार कर दूंगी। आपको बहुत मजा आएगा अपनी बड़ी बहू कि मोटी-मोटी बोब्लो के बीच लौड़ा पेलने के लिए…और वो लौड़ा भी बहुत प्यार से चुस्ती है…।”

“उसे छोड़, मेरा लंड चूसकर ठंडा कर दे। हो सके तो गांड को खोल दे। मेरा लंड उसमे थोडा आराम कर के आएगा।”

“हटो जी, ऊपर आपकी बीवी सब सुन रही होगी, अगर ऐसा हुआ तो कल मेरी गांड की जगह आपकी गांड में वह डंडा डाल सकती है। हा...हा...हा.. ।“ वह थोडा सा सेठजी के कान के पास जाके हस दी।

और सुंदरी सेठ के ऊपर 69 मे आ गई, ऊपर सेठजी अपनी प्यारी के चूत और मस्त जांघों का मजा लेते रहे और नीचे सुंदरी ने लंड को चुसना शुरू कर दिया। सेठजी उसकी झंगो को मसल रहे थे जैसे उसके स्तनों को दबा रहे हो और कभी कभी हाथ सरका के सुंदरी के स्तनों को पकड़ के मसल रहे थे। सुंदरी को भी अब मजा आने लगा था उसकी झांगे और कुलहो को मसलते हुए। उसने सेठजी के लंड पर अपने मुंह की गर्मी देनी शुरू कर दी थी। थोड़े समय में सेठजी ऊपर निचे होने लगे, सुंदरी अमज गई की कभी भी उसका मुंह में वीर्य रूपी प्रसाद आनेवाला है। उसने लंड को चुसना जारी रखा और आखिर चूस चूस कर ठंडा कर दिया,और तब तक चुस्ती रही जब तक लंड ने उसके मुंह में पानी नहीं छोड़ा…। उसने हा एक बूंद को पेट में जमा कर दिया और लंड ने अपनी ताकत छोड़ दी और उसके मुंह में ही ढीला होक बहार की ओर आने के लिए सिकुड़ गया।

फिर दोनो नंगे वह एक दूसरे से चिपक कर सो गए। लेकिन यह बात कोई और भी सुन रहा था, और सुंदरी जानबुज कर यह बात सूना रही थी।

आज के लिए बस यही तक शुक्रिया।


फनलव की ओर से....

।। जय भारत ।।
 
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