Incest Sex Kahani परम-सुंदरी - Page 143 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Incest Sex Kahani परम-सुंदरी

उसने अपना लंड दोनों हाथों से पकड़ लिया और वीर्य की पिचकारी सलोनी की जांघों पर गिर पड़ी। सलोनी ने पहली बार लंड से वीर्य निकलता देखा था। यह बहुत गाढ़ा था। वीर्य की पिचकारी देखते हुए उसने अपनी उंगलियों पर कुछ बूँदें पोंछीं और अपनी आँखों के पास ले आई। और पूनम ने वीर्य से भरी उंगली सलोनी के मुँह में डाल दी।

********

अब आगे...............

“अरे रानी....चूस...चाट....बहुत टेस्टी है,मैं रोज सारा रस पीती हूँ, अमृत है औरतो के लिए।” पूनम बोली।


“तभी तो मेरे शरीर पर इतना चमक-दमक है…।” और ये कहते हुए पूनम ने सलौनी के शरीर पर गिरा सारा वीर्य चूस लिया,चाट लिया।

“साली जरूर, कुतिया रही होगी पीछे जन्म में…।” सलोनी को पूनम द्वारा बदन चाटने का मजा आया।

"सलोनी, ये तो मेरा बाप है। परम के साथ चुदवायेगी तो वो चोदने के बाद मुँह में ही रस गिरायेगा,और तेरा रस भी चाट जाएगा, उसको चुतरस बहोत प्यारा है।" महक ने सलौनी की छोटी सी चुची को दबाते और थोडा खींचते हुए कहा।
फनलवर की लेखनी।

“सलोनी ने तेरी चूत का स्वाद ले लिया है।” महक ने पूनम से कहा, “अब जरा हम भी तो देखेंगे कि सलोनी की जवानी कैसी है!”

उसने सलोनी को बिस्तर पर धकेल दिया। पूनम उसके ऊपर 69 की मुद्रा में लेट गई। अब सलोनी के पैर खिड़की की ओर थे और मुनीम ने कुंवारी योनि का भट्ठा देखा। महेक ने पैरों को अलग किया और महक और पूनम दोनों सलोनी की योनि को चूसने और चाटने लगीं।

“बाबुजी, आपका यह माल देख लो पहले....अभी आप को इस माल को अपने लंड से चौड़ा करना है, आपको उसकी चूत को आपके लंड के आकार के सुरंग बना के उसे वापिस भेजना है। और वह खुश हो के अपना चौड़ी चूत ले के घर जाये इसकी जिम्मेदारी आपकी है, और मुझे विशवास है अपने बाप के लंड पर।“

थोड़ी देर के बाद अब महक ने सलोनी की जगह ले ली। उसने अपने कूल्हे बाहर की ओर धकेल दिए मुनीम ने हाथ बढ़ाया। इस बार वो बेटी के फूले हुए गरम कूल्हों को सहला पा रहा था। पर उसकी गाद्न्द के छेड़ तक नहीं पहोच पाया।

“महक, तू तो मेरी बेटी है, अपने बाप का और बाप के लंड का ख्याल रखती है, तू ही चोदने दे।” मुनीम एक हाथ से लंड को मुठियाने लगा और दाएँ हाथ से बेटी के कूल्हों और चूतड़ को सहलाता रहा। सलोनी फिर से पूनम की चूत चूसने में व्यस्त हो गई और महक ने सलोनी की टाँगें ऊपर की ओर उठाईं और पूनम ने सलौनी की कसी हुई गांड का छेद देखा। उसने सलोनी की गांड के छेद में उंगली डालने की कोशिश की। पूनम उंगली अंदर नहीं डाल पा रही थी। फिर पूनम ने कूल्हे एक तरफ किए और सलोनी की गांड चाटी।

मुनीम को सलौनी की गांड को चाटते हुए देख मुंह में पानी आ गया। अगर मैं सलौनी की गांड तक पहुच सकता तो उसकी गांड का स्वाद मिल जाता। यह सोच के उसने निराशा के साथ उनकी मस्ती तरफ दयां दिया। मुनीम ने अब तक पूनम को कई बार चोदा है, लेकिन न तो मुनीम और न ही परम ने कभी उसकी गांड में उंगली डालने की कोशिश की। अब पूनम को सलौनी की गांड की खुशबू अच्छी लग रही थी। उसने अपनी थूक से गांड के छेद को चिकना किया और फिर से उंगली अंदर डाली।
फनलवर की प्रस्तुति।

“बहनचोद, तेरी माँ चुदवाती है या तू खुद चुद रही है! थोड़ी गांड को ढीला कर तो मैं तेरी इस गांड में ऊँगली को प्रवेश कराऊ और तुजे मस्ती दे सकू।“ सलौनी ने सोचा अब जो भी है सभी मेरे माल से खेल रहे है और मुझे भी तो खेलना है, मस्ती कर ले। उसने अपनी गांड को थोडा ढीला किया और अपने हाथ से दोनों कुलहो को विपरीत दिशा में ले गई और पूनम के सामने आपनी गांड को खोल दी। इस बार गांड पूरी तरह खुल गई और पूनम उंगली गांड में डालती रही। उसे गांड की गर्मी और कसाव अच्छा लग रहा था। उसने तय किया कि अगली बार जो भी उसे पहले चोदेगा, चाहे परम हो या मुनीम, वह उसे गांड में चोदने के लिए कहेगी। अब मुझे भी गांड मरवानी है, चाहे कुछ भी हो, उसे मुनीम का ख्याल आया और सोचा मुइमजी नहीं वह मेरी गांड फाड़ देंगे। सलोनी की गांड के कसाव से पूनम को पता चल गया था कि मुनीम जैसा मोटा लौड़ा गांड में लेने में बहुत दर्द होगा, लेकिन वह इसे आज़माना चाहती थी। देखना चाहती थी की मुनीम अगर इस छोटी गांड में प्रवेश करता है और सलौनी की गांड उस बड़े सुपारे को अन्दर तक समा लेती है तो वह भी मुनीम से........

और खिड़की पर, मुनीम यह देखकर निराश हो गया कि न सिर्फ़ सलोनी, बल्कि पूनम और महक ने भी उसे अनदेखा कर दिया था। वह अब और बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था। वह पहले कभी इतना उत्तेजित नहीं हुआ था जितना अब हुआ था, जब उसने तीनों लड़कियों को मज़े करते और पूनम को इस कुंवारी लड़की की गांड में चुदाई करते देखा। लगभग 5 मिनट बाद, पूनम ने पाया कि गांड काफी ढीली हो गई है और पूनम अपनी उंगली आराम से उस तंग छेद में डाल पा रही थी। पूनम ने चुदाई की गति बढ़ा दी और सलोनी ने भी उसकी गांड में उंगली लेने का आनंद लिया। गांड चुदाई (उंगली से) का यह पहला अनुभव था और सलोनी अपनी कमर हिलाना बंद नहीं कर पा रही थी। य्सकी गांड अब उसे दूसरी दुनिया में ले जा रही थी। दूसरी तरफ महक ने अपनी चूत के होंठों को जितना हो सके उतना फैला दिया था और वो अपनी जीभ से सलोनी को चोद रही थी। और अब सलोनी के लिए ये असहनीय हो रहा था। दो अनुभवी लड़कियाँ उसे सहला रही थीं, और चोद रही थी। सलोनी को लगा कि उसका शरीर फट जाएगा। उसे लगा जैसे पूरे शरीर से खून उसकी चूत की तरफ दौड़ रहा है।

उसका कांपना बढ़ गया और अचानक उसने महक की चूत को अपने हाथों से जकड़ लिया और घुरघुराने लगी।

फ्र्रर्र....कर के अपना चुतरस पूनम के मुंह में जमा कर दिया। और शरीर ढीला पड़ गया।

“ओह्ह्ह्ह....बहुत मज़ा आया।” उसने अपना चुतरस त्याग दिया पूनम के मुंह पर। लेकिन कुछ ही क्षणों में वहा एक भी बूंद चुतरस की नहीं थी सब पूनम के पेट में चली गई थी।

“ओह्ह्ह्ह...बहुत मज़ा आया..। पूनम तू कह रहीथी की माँ चुदवाने आई हो, मैं माँ नहीं अब अपने आप को चुदवाने आई हूँ माँ अपना भोसड़ा का इलाज खुद ही करेगी।”

“जब ये लौड़ा तेरी चूत को फाड़ेगा तो और भी ज़्यादा मज़ा आएगा। “

और उसका शरीर मुर्दे की तरह ढीला पड़ गया। उसकी साँसें तेज़ हो गईं। उसकी छोटी सी बोबला तेज़ी से ऊपर-नीचे हो रही थी और इसी के साथ पूनम ने सलोनी की गांड में दो उंगलियाँ डाल दीं। उसने पूनम को कुछ मिनट और अपनी गांड मारने दी, फिर अचानक उसने अपनी गांड खींच ली और उठकर बैठ गई। वह फिर से झड गई। लेकिन पूनम ने फिर से उसकी कमर पकड़ी और उसके कुल्हे को फैला कर फिर से एक ऊँगली दाल दी। सलौनी को यह पसंद नहीं आया क्योकि अब वह २ बार झड चुकी थी उसकी चूत अब थोडा आराम मांग रही थी। पर साथ-साथ उसने कोई विरोध भी नहीं किया क्यों की यह दिन फिर कभी आये या ना आये आज जो है उसे जी भर के चुदवा ले, फिर चाहे गांड हो या चूत। महक ने पीछे आके सलौनी की गांड को चौड़ा किया और पूनम का मुंह खीच के अपने बाबूजी के सामने उसकी गांड का छेद रखा और बोली: “बाबूजी, यह आज का आपका माल का दूसरा छेद। स्वीकार करे।“

“क्या घंटा स्वीकार करे बेटी, मेरा लंड अब फट जाएगा।“ मुनीम को अब रुकना मुमकिन नहीं था उसने महक को थोडा खिंचा और सलौनी की गांड के छेद पर अपनी ऊँगली रखी और अन्दर डालने की नाकामयाब कोशिश की। क्यों की सलौनी की गांड उसकी पुरे पहोच के बहार थी।

आखिर सलौनी ने अपनी गांड आगे की ओर खिंची और बोली: “मुझे नहीं पता था की मेरी गांड भी इतना मजा देगी। क्या सब की गांड इतना मजा देती है,जितना मुझे मेरी गांड ने दिया? मेरी गांड पर मुझे गर्व है अब मैं गांड भी मरवाउंगी जी भर के।”

पूनम भी यही सोच रही थी की मुनीम का लंड अब उसकी गांड फाड़ दे, उसकी गांड उतनी चौड़ी करे की टट्टी आराम से बहार निकल जाए। मेरा भी वोही हाल करे, यह सोच के थोडा मुस्कुराई।
फनलवर की पेशकश।

यही हाल महक का था की बाप का लंड उसकी गांड में जाए लेकिन भाई के लंड में और बाप के लंड में काफी अंतर है, भाई का लंड आराम से साबुन की वजह से अन्दर चला गया था लेकिन यह बाप.......ओह्ह माय गोड....माँ चुद जाएगी मेरी गांड की। लेकिन बाप का लंड को मेरी गांड की सैर करवाउंगी जरुर।

सलौनीने अपार खुशी के लिए पूनम और महक दोनों को धन्यवाद दिया।

“महक, तूने गलत कहा था…सिर्फ पूनम ने नहीं, तूने भी चोदकर मुझे मस्त कर दिया। मुझे अब किसी भी लड़की से चुदवाना या उसको चोदने का अनुभव प्राप्त हो गया और लगता है की लंड भी और लड़की भी, कोई भी हो मेरी गांड मुझे मजा दे सकती है, अगर तुम दोनों जैसी माल मेरे माल को तोड़ सके वैसे।”


****

बस आज के लिए यही तक फिर मिलेंगे एक नए एपिसोड के साथ तब तक फनलवर की तरफ से।

।। जय भारत ।।
 
आपके इस कोमेंट के बारे में क्या कहू कुछ सूझ नहीं रहा

बस इतना कह सकती हूँ की सराहने के लिए आपका बहोत बहोत धन्यवाद

शुक्रिया
 
अच्छा लगा की मेरा भी कोंसेप्ट चुराया जा सकता है..............................

क्या आप मुझे इस कहानी की लिंक दे सकते है ???? शायद पढ़ लू और लूई के पन्ने के लिए कोई आइडिया मिल जाए ..................
 
Ji aapka bahot bahot dhanyawad

Agale update me shayad aapko aapki pasand ka mile. Asha rakhte hai aur kahani ko aage janenge.

Shukriya friend
 
Ji aapka bahot bahot dhanyawad

Kal ek update de dungi sure...
 
Back
Top