उसे पता था की ऐसा लंड अगर उसकी चूत में जाएगा तो सुजन तो होनी थी पर कितनी वह तो उसत के देखे तब पता चलता की चुत के पंखुडियो ने मूत द्वार को कवर कर लिया था शायद ही वह ठीक से मूत पाएगी सुबह।
अब आगे........................
Update 24
महक सो गई और तभी जागी जब पूनम ने उसे जगाया और उसने सुना,
“ओह......माँ मर गई.....।” यह सलोनी की आवाज़ थी।
"क्या हुआ सलोनी को!" महेक उठी और चारों ओर देखा और देखा कि उसके पिता उसके बगल में नग्न अवस्था में सो रहे थे और पूनम मुस्कुरा रही थी।
“बाबूजी यहाँ है तो फिर सलोनी चिल्ला क्यों रही है?” महक ने पूछा। फनलवर की पेशकश।
“अपना प्यारा परम उसकी चुदाई कर रहा है।” पूनम ने शिकायत की।
“मादरचोद को मैंने कहा है कि मुझे चोद तो बहनचोद बोलता है कि बहुत थक गया हूँ, और वह कुंवारी चूत देखते ही चूत में घुस गया।”
महक ने पापा के लंड की मुठ मारी और पूछा कि उन्होंने सलोनी को क्यों नहीं चोदा!
“क्या करु। कितना कोशिश किया,लंड खड़ा ही नहीं हुआ।” मुनीम दोनों लड़कियों की चूची दबाने लगा। उसने महक को खुश रखने के लिए नींद में ही बोल दिया।
महक यह सुन के बहोत खुश हुई, वह नहीं चाहती थी की मुनीम किसी भी लड़की को चोदे। और वह नयी लड़कियों को लाके देगी भी। पता नहीं यह ड्युअल सोच से वह क्या कर रही थी। लेकिन मुनीम तो आखिर मुनीम ही था।
'मेरे लंड को बस तुम दोनों का माल पसंद है, देखो कैसे फटा-फट टाइट हो रहा है। चल पूनम चोदने दे।'
“काका मैं तो हमेशा तैयार हूं, लेकिन अभी आप अपनी बेटी को चोदो। कल रात से इसकी चूत आंसू बहा रही है…।” पूनम ने महक को नीचे धकेला और उसकी टाँगें फैला दीं।
“काका, डरो मत्त.....आपका जवान लंड दल के बेटी को चोदो...।” फनलवर की प्रस्तुति।
महक से भी अब नहीं रहा जाता था पास में एक मस्त लोडा और वो भी उसका मनपसंद लंड..........फिर क्या कहना था......महक मान गई और पहली बार किसी की मौजूदगी में मुनीम को अपनी बेटी चोदने दिया।
सलोनी का चीखना-चिल्लाना कम हो गया और फिर सन्नाटा छा गया। अब सलोनी परम से चुदाई का मज़ा ले रही थी और बाहर पूनम, अपनी बेटी को अपने पिता द्वारा चुदवाते हुए देखकर खुश हो रही थी। मुनीम का मोटा सुपारा उसकी बेटी की चूत में तेज़ी से जा रहा था। पूनम यह देखकर हैरान थी कि बिना किसी दर्द या परेशानी के महक ने अपने पिता का पूरा लंड ले लिया था। “बहनचोद, मुझे चुतीया बना रही थी अब तक। साली मैं भी बुद्धू हूँ की अब तक महक की चूत से खेलते वक़्त चूत का द्वार जो की मुनीमजी के लंड के सुपारे जैसा हुआ था लेकिन ध्यान में क्यों नहीं आया!!!!!!!! उसे यकीन हो गया कि महक पहले ही मुनीम के मोटे लंड से चुद चुकी है, हालाँकि उसकी किसी सहेली की मौजूदगी में नहीं। उसने देखा कि कैसे पिता ने बेटी की चूत में वीर्यपात किया। उसने मुनीमजी के लंड को ढीला होते महक की चूत के बाहर आते देखा। उसके मुंह में अब पानी आ गया उस मलाई को निगल ने के लिए।
“महक, अब तू अपने बाप के बच्चे की माँ बनेगी।” पूनम ने चिढ़ाया।
“तो क्या! बेटा होगा तो पहले तुझे उससे चुदवाऊँगी…।” महक पापा का लंड लेके खुश थी। वह गर्व अनुभवी रही थी की उसका बाप अब उसकी चूत को सब से ज्यादा प्यार करता है। मेरी ही चूत की दीवाना है मेरा बाप।
जब पूरा लंड महक की चूत से बाहर आया तो पूनम ने लंड सहलाया और बोली।।
“राजा,चिंता मत करो,एक सलोनी की कुंवारी चूत नहीं मिली तो क्या! गाव मैं बहुत कुंवारी माल है…।”
पूनमने कहा: “कहते हैं....कि दाने दाने पर खाने वाले का नाम लिखा है वैसे ही हर चूत पर लंड का नाम लिखा है। उस रात मैं आई थी परम से 'सील' तुड़वाने और आप ने मुझे लड़की से मस्त औरत बना दिया और आज सलोनी को हम लाए थे आपका लंड खिलाने और परम ने चोद लिया…। खेर बात तो सलौनी की थी और अब वह औरत बन चुकी है, मतलब हर लंड के लिए अब वह उपलब्ध है....हा हा हा ह.....”
"मुझे पूनम के अलावा और कोई नहीं चाहिए..." उसने पूनम को चूमा और पूनम को अपने पैरो के बिच में ले लिया। अब पूनम तो वैसे भी मुनीम के लिए कही भी और कभी भी..... वह बड़े आराम से मुनीम के लंड ऊपर चढ़ गई और महक ने बाप का लंड पूनम की चूत में सरका दिया। दोनों लड़कियाँ मुनीम मुनीम से चुदवा कर सो गईं।
मुनीम ज़ोर की दस्तक से जाग गया, उसने समय देखा, मंगलवार सुबह के 9 बज चुके थे। उसने दरवाज़ा खोला।
मुनीम ने लुंगी पहनी और दरवाज़ा खोलने के लिए बाहर गया और उसके पीछे दोनों लड़कियों ने कुर्ता-टॉप पहना और बाहर आ गईं।
मुनीम ने दरवाज़ा खोला और सुंदरी किरण (जो कल रात सेठजी के घर पर परम से चुदी थी, याद है न??) के साथ अंदर आई। पूनम और महक की हालत देखकर उसे अंदाज़ा हो गया कि मुनीम ने उन दोनों को चोदा है। उसने देखा की मुनीम का वीर्य और चुतरस खड़े खड़े ही बाहर की ओर आ रही थी और दोनों के कपड़ो को भिगो रही थी। लेकिन उसे हैरानी हुई कि वे इतनी देर तक क्यों सोई रहीं। उसने मुनीम से दूध लाने को कहा। मुनीम बाहर चला गया। महक और पूनम कल शाम डांस प्रोग्राम के दौरान किरण से मिले थे। पूनम और महक अपने रोज़मर्रा के कामों में व्यस्त हो गईं और सुंदरी ने घर में झाड़ू लगाई। उसने देखा कि परम के कमरे का दरवाज़ा बंद है। फनलवर की लिखावट।
क्रमश..............