FunLove
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महक की नींद खुली तो उसके शरीर पर भारी-भरकम वजन था और उसकी चूत में एक मोटा, गर्म लंड धीरे-धीरे घुस-घुसकर हिल रहा था। उसने आँखें खोलीं, भोसडीका बबलू फिर से उसे चोद रहा था।
“क्या राजा... एक बार में मन नहीं भरा...?” महक ने कूल्हे समायोजित करते हुए, नींद भरी आवाज में कहा। “वैसे तुम बढ़िया चुदाई करते हो...” फनलवर की प्रस्तुति।
बबलू ने महक की कमर को कसकर पकड़ लिया और जोर से धक्का मारा। उसका मोटा लंड महक की चूत को पूरी तरह भर रहा था।
“रानी... तुझे कोई जिंदगी भर चोद दे तो भी मन नहीं भरेगा... सच कहता हूँ, तेरे जैसा मस्त माल कहीं नहीं है। मस्त गोलाई वाली चुचियाँ, भरे हुए कूल्हे, कसे हुए मस्त जाँघें... बहुत का तो तेरी मालपुए जैसी चूत देखकर ही पानी गिर जाएगा...”
बबलू ने और जोर से धक्का मारा। महक की चूत अब पूरी तरह गीली और चिपचिपी हो चुकी थी। हर धक्के के साथ चप-चप की आवाज़ कमरे में गूँज रही थी।
महक ने कूल्हे उचकाते हुए जवाब दिया,
“राजा... अभी तुमने माल देखा ही कहाँ है! मेरी माँ और एक सहेली को देखोगे तो तुम्हारा भी देखते ही पानी निकल जाएगा...”
उसने बबलू को चूमा और कहा, “5 बज गए हैं... जाना नहीं है क्या...?”
“सच बोलूँ... मन तो करता है कि न जाऊँ... बस तुम्हें प्यार करता रहूँ...” बबलू ने ज़ोर से धमाका किया।
बबलू ने महक को कुत्ते की तरह घुटनों पर मोड़ दिया। उसने महक की मोटी गांड को दोनों हाथों से फैलाया और अपना लंड गांड के छेद पर रख दिया।
“रानी... अब तेरी गांड भी फाड़ता हूँ...”
महक ने कूल्हे पीछे करके कहा, “हाँ... डाल दो... मेरी गांड में भी अपना लंड ठेल दो...”
बबलू ने धीरे-धीरे अपना मोटा लंड महक की गांड में घुसाया। महक दर्द और मजा के मिश्रण में चीखी,
“आह्ह्ह... बहुत मोटा है... फट जाएगी मेरी गांड... लेकिन मत रुको... चोदो... अपनी रंडी की गांड चोदो...” जूठ बोलने में माँ बेटी का जवाब नहीं। लेखिका फनलवर है।
बबलू ने महक की कमर पकड़कर जोर-जोर से गांड मारना शुरू कर दिया। हर धक्के के साथ महक की गांड लहरा रही थी।
“तेरी गांड भी कितनी टाइट है... उफ्फ... बहुत मजा आ रहा है...” बबलू ने कहा और गति बढ़ा दी।
महक ने हाथ पीछे ले जाकर अपनी चूत को सहलाना शुरू कर दिया।
“बबलू... और जोर से... मेरी गांड फाड़ दो... आह्ह्ह... बहुत अच्छा लग रहा है...”
बबलू ने महक को फिर से ऊपर बिठाया। महक अब बबलू के लंड पर उछल-उछलकर चुद रही थी। उसके स्तन जोर-जोर से हिल रहे थे। बबलू नीचे से ऊपर की तरफ धक्के मार रहा था।
“रानी... तेरी चूत कितनी गर्म और टाइट है... मैं तो दिन-रात तेरी चूत में लंड रखना चाहता हूँ...”
महक ने बबलू की छाती पर हाथ रखकर तेजी से कूल्हे हिलाए,
“हाँ राजा... चोदो... मुझे रंडी बनाकर चोदो... मेरी चूत और गांड दोनों तुम्हारी हैं...”
आखिरकार बबलू ने जोर से गरज कर महक की चूत में दूसरी बार गरम वीर्य भर दिया।
दोनों थोड़ी देर लिपटे रहे। फिर महक ने बबलू को चूमते हुए कहा, “5 बज गए हैं... जाना नहीं है क्या...?”
“सच बोलूँ... मन तो करता है कि न जाऊँ... बस तुम्हें प्यार करता रहूँ...तू मेरे लंड से खेलती रहे.....मेरा लंड को कभी भी मन करे माल निकालती रहे.....” बबलू ने महक की चूत पर हाथ फेरते हुए कहा।
“जैसे भगवान ने अभी मिलाया, वैसे ही बाद में भी तुम्हें मुझे चोदने का मौका देंगे, बस चुदवाना हमारा काम है और तुम लोगो का चोदने का काम है।” महक ने मुस्कुराते हुए कहा।
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बाकी कल दे दूंगी अभी समय का अभाव है ......................................
Funlover की तरफ से जय भारत।।
387.
“क्या राजा... एक बार में मन नहीं भरा...?” महक ने कूल्हे समायोजित करते हुए, नींद भरी आवाज में कहा। “वैसे तुम बढ़िया चुदाई करते हो...” फनलवर की प्रस्तुति।
बबलू ने महक की कमर को कसकर पकड़ लिया और जोर से धक्का मारा। उसका मोटा लंड महक की चूत को पूरी तरह भर रहा था।
“रानी... तुझे कोई जिंदगी भर चोद दे तो भी मन नहीं भरेगा... सच कहता हूँ, तेरे जैसा मस्त माल कहीं नहीं है। मस्त गोलाई वाली चुचियाँ, भरे हुए कूल्हे, कसे हुए मस्त जाँघें... बहुत का तो तेरी मालपुए जैसी चूत देखकर ही पानी गिर जाएगा...”
बबलू ने और जोर से धक्का मारा। महक की चूत अब पूरी तरह गीली और चिपचिपी हो चुकी थी। हर धक्के के साथ चप-चप की आवाज़ कमरे में गूँज रही थी।
महक ने कूल्हे उचकाते हुए जवाब दिया,
“राजा... अभी तुमने माल देखा ही कहाँ है! मेरी माँ और एक सहेली को देखोगे तो तुम्हारा भी देखते ही पानी निकल जाएगा...”
उसने बबलू को चूमा और कहा, “5 बज गए हैं... जाना नहीं है क्या...?”
“सच बोलूँ... मन तो करता है कि न जाऊँ... बस तुम्हें प्यार करता रहूँ...” बबलू ने ज़ोर से धमाका किया।
बबलू ने महक को कुत्ते की तरह घुटनों पर मोड़ दिया। उसने महक की मोटी गांड को दोनों हाथों से फैलाया और अपना लंड गांड के छेद पर रख दिया।
“रानी... अब तेरी गांड भी फाड़ता हूँ...”
महक ने कूल्हे पीछे करके कहा, “हाँ... डाल दो... मेरी गांड में भी अपना लंड ठेल दो...”
बबलू ने धीरे-धीरे अपना मोटा लंड महक की गांड में घुसाया। महक दर्द और मजा के मिश्रण में चीखी,
“आह्ह्ह... बहुत मोटा है... फट जाएगी मेरी गांड... लेकिन मत रुको... चोदो... अपनी रंडी की गांड चोदो...” जूठ बोलने में माँ बेटी का जवाब नहीं। लेखिका फनलवर है।
बबलू ने महक की कमर पकड़कर जोर-जोर से गांड मारना शुरू कर दिया। हर धक्के के साथ महक की गांड लहरा रही थी।
“तेरी गांड भी कितनी टाइट है... उफ्फ... बहुत मजा आ रहा है...” बबलू ने कहा और गति बढ़ा दी।
महक ने हाथ पीछे ले जाकर अपनी चूत को सहलाना शुरू कर दिया।
“बबलू... और जोर से... मेरी गांड फाड़ दो... आह्ह्ह... बहुत अच्छा लग रहा है...”
बबलू ने महक को फिर से ऊपर बिठाया। महक अब बबलू के लंड पर उछल-उछलकर चुद रही थी। उसके स्तन जोर-जोर से हिल रहे थे। बबलू नीचे से ऊपर की तरफ धक्के मार रहा था।
“रानी... तेरी चूत कितनी गर्म और टाइट है... मैं तो दिन-रात तेरी चूत में लंड रखना चाहता हूँ...”
महक ने बबलू की छाती पर हाथ रखकर तेजी से कूल्हे हिलाए,
“हाँ राजा... चोदो... मुझे रंडी बनाकर चोदो... मेरी चूत और गांड दोनों तुम्हारी हैं...”
आखिरकार बबलू ने जोर से गरज कर महक की चूत में दूसरी बार गरम वीर्य भर दिया।
दोनों थोड़ी देर लिपटे रहे। फिर महक ने बबलू को चूमते हुए कहा, “5 बज गए हैं... जाना नहीं है क्या...?”
“सच बोलूँ... मन तो करता है कि न जाऊँ... बस तुम्हें प्यार करता रहूँ...तू मेरे लंड से खेलती रहे.....मेरा लंड को कभी भी मन करे माल निकालती रहे.....” बबलू ने महक की चूत पर हाथ फेरते हुए कहा।
“जैसे भगवान ने अभी मिलाया, वैसे ही बाद में भी तुम्हें मुझे चोदने का मौका देंगे, बस चुदवाना हमारा काम है और तुम लोगो का चोदने का काम है।” महक ने मुस्कुराते हुए कहा।
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