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दर के कारण दोनों 1 घंटे से भाग hi थे की अचानक पेअर में कुछ टकराया और धादम्म्मम्म्म्म....
एक जोर दर विसपॉर्ट होता और दोनों आगे घास पर जा क्र गिरते है .
हुआ ये की नक्सलियों ने ससफ के जवानो को पकड़ने के लिए कम पावर का बूम लगाया था जिसमे ये दोनों आ कर फास गए. दोनों को कोई जायदा चोट तो नहीं लगी थी लेकिन वो बेहोस हो गई थी नक्सलियों ने उन्हें पकड़ लिया था.
जब उन होस आया तो वो लोग अपने आप को एक झोपडी में एक कहते से हाथ बंधे हुए पते है तो वो दोनों जोर से चिल्लाती है.
कोई है खोलो हमे उन दोनों का चिल्लाना सुन क्र लेडी नक्सली कमांडर झोपडी के अंदर आयी और बोली क्यों हॉल मचा रखा है .
आरती - हमे क्यों पकड़ रखा है हमने क्या बिगाड़ा है आप का.
लंक - तुम लोग चुप रो नहीं तो अभी मर दूंगी तुम लोग पुलिस के लिए काम करती हो न सुबह बड़े कमांडर आये गए व्ही फैसला करेंगे तुम लोग का .
आरती - नहीं हमे छोड़ दो हम कोई पुलिस का काम नहीं करती हमे तो देवी माता मंदिर जाना है दिन में तो ससफ वालो ने जाने नहीं दिया इस लिए हम रत में निकले.
लंक - मई कुछ नहीं जानती ुम्हारा क्या करना है ये फैसला बड़े कमांडर hi करेंगे अब तुम लोग चुप चाप आराम करो सुबस तो ये बोल क्र वो निकल गयी
अब आरती और वर्षा के पास कोई चारा नहीं बचा था सुबह तक रुकने के लिए
दोनों थकन के कारण सो गयी
सुबह जब बड़े कमांडर आया तो लेडी नक्सली ने उसे बताया की दो महिलाये को रत में पकड़ा गया है.
बड़े कमांडर - लेकर आओ उनहे.
आरती और वर्षा को b,com. के पास जाया जाता है .
बी. कॉम .- उन दोनों को ऊपर से नीस देखता है फिर कहता तुम लोग यह रत में जंगल के अंदर क्या करने आई थी.
आरती - देखिये भाई साहब हम यह माता आदि शक्ति के मंदिर में जा रहे hai.din में ससफ वालो ने जाने नहीं दिया इसलिए रत को निकले.
B.comm. - (मन में ) ये लोग तो किसी अच्छे घर की ओराते लगती है.
(B.comm. भी थोड़ा धार्मिक टाइप का आदमी था )
नाम तो मैंने भी सुना है मंदिर के बारे में की वह सिर्फ ोर्टे हिजा सकती है मर्द नहीं जा सकते है और वैसे भी मंदिर अंदर बीहड़ इलाके में है .
फिर कुछ सोच क्र बोलै ठीक है तुम लोग जा सकते हो.
आरती और वर्षा - थैंक यू भाईसाहब .
B.comm. ने उन्हें आगे जाने का रास्ता btaya,fir दोनों उस रस्ते पर चले गए.
दोने के चले जाने के बाद .
लेडी कम.- कमांडर आपने उन जाने कैसे दिया हो सकता है वो लोग जासूसी करने आये हो.
B.comm. - इन आखो ने दुनिया देखि है चेहरा देख क्र बता सकता हु के कोण कैसा आदमी है वो लोग तो मामूली सी हाउस वाइफ है उनसे हमे कोई खतरा नहीं है.
इधर आरती और वर्षा चले जा रहे थे नक्सली कैंप में उन्होंने थोड़ा बहुत फॉल वगेरा खा लिए थे इस कारण थोड़ी एनर्जी थी सरीर में नहीं तो चलना मुश्किल हो जाता.
थोड़ी दूरिंग और चलने के बाद आदिवासियों के घर दिखाई दिया .
वह उन्होंने कबीले के सरदार से तहत आने का कारन बताया तो सरदार ने बताया की मंदिर पास में hi है ,मई आप लोगो की ठहरने की व्यवस्था क्र देता हु और आप लोगो के मंदिर जाने की और पूजा विदी बताने के लिए किसी को भेजता हु .
(यह की भासा और पहनावा कुछ अलग है ,मर्द सिर्फ एक कपडा कमर के निचे बढ़ते है और महिलाये सूती की साडी को पुरे सरीर को ढकती है )
सरदार ने अपनी बेटी को आरती के साथ जाने के लिए खा था .
कुछ देर रेस्ट करने और फ्रेश होने के बाद दोनों आदिवासियों महिला के साथ मंदिर की और चलने लगी .
मंदिर के पास पहुंच क्र दोनों देखते है की मंदिर बहुत hi पुराण है और कितनी सन्ति थी वह और वह पर आदिवासी महिलाये साफ सफाई क्र रही थी .
वर्षा - ये यह इतनी साफ सफाई क्यों हो रही है .
आदिवासी महिला - कल से नवरात्री सुरु होने वाली है आप लोग बहुत hi अच्छे समय पर आये हो नवरात्री में देवी माता की पूजा करने पर जल्द hi मनोकामना पूरी होती है वो दोनों मंदिर घूम क्र देखने लगी .
मंदिर के पीछे सरोवर है जिस्म स्नान क्र के पूजा पथ करते है .
फिर दोनों मंदिर देख क्र कबीले की और लोट गए...
तो बे कॉन्टिनोएड....,.
दर के कारण दोनों 1 घंटे से भाग hi थे की अचानक पेअर में कुछ टकराया और धादम्म्मम्म्म्म....
एक जोर दर विसपॉर्ट होता और दोनों आगे घास पर जा क्र गिरते है .
हुआ ये की नक्सलियों ने ससफ के जवानो को पकड़ने के लिए कम पावर का बूम लगाया था जिसमे ये दोनों आ कर फास गए. दोनों को कोई जायदा चोट तो नहीं लगी थी लेकिन वो बेहोस हो गई थी नक्सलियों ने उन्हें पकड़ लिया था.
जब उन होस आया तो वो लोग अपने आप को एक झोपडी में एक कहते से हाथ बंधे हुए पते है तो वो दोनों जोर से चिल्लाती है.
कोई है खोलो हमे उन दोनों का चिल्लाना सुन क्र लेडी नक्सली कमांडर झोपडी के अंदर आयी और बोली क्यों हॉल मचा रखा है .
आरती - हमे क्यों पकड़ रखा है हमने क्या बिगाड़ा है आप का.
लंक - तुम लोग चुप रो नहीं तो अभी मर दूंगी तुम लोग पुलिस के लिए काम करती हो न सुबह बड़े कमांडर आये गए व्ही फैसला करेंगे तुम लोग का .
आरती - नहीं हमे छोड़ दो हम कोई पुलिस का काम नहीं करती हमे तो देवी माता मंदिर जाना है दिन में तो ससफ वालो ने जाने नहीं दिया इस लिए हम रत में निकले.
लंक - मई कुछ नहीं जानती ुम्हारा क्या करना है ये फैसला बड़े कमांडर hi करेंगे अब तुम लोग चुप चाप आराम करो सुबस तो ये बोल क्र वो निकल गयी
अब आरती और वर्षा के पास कोई चारा नहीं बचा था सुबह तक रुकने के लिए
दोनों थकन के कारण सो गयी
सुबह जब बड़े कमांडर आया तो लेडी नक्सली ने उसे बताया की दो महिलाये को रत में पकड़ा गया है.
बड़े कमांडर - लेकर आओ उनहे.
आरती और वर्षा को b,com. के पास जाया जाता है .
बी. कॉम .- उन दोनों को ऊपर से नीस देखता है फिर कहता तुम लोग यह रत में जंगल के अंदर क्या करने आई थी.
आरती - देखिये भाई साहब हम यह माता आदि शक्ति के मंदिर में जा रहे hai.din में ससफ वालो ने जाने नहीं दिया इसलिए रत को निकले.
B.comm. - (मन में ) ये लोग तो किसी अच्छे घर की ओराते लगती है.
(B.comm. भी थोड़ा धार्मिक टाइप का आदमी था )
नाम तो मैंने भी सुना है मंदिर के बारे में की वह सिर्फ ोर्टे हिजा सकती है मर्द नहीं जा सकते है और वैसे भी मंदिर अंदर बीहड़ इलाके में है .
फिर कुछ सोच क्र बोलै ठीक है तुम लोग जा सकते हो.
आरती और वर्षा - थैंक यू भाईसाहब .
B.comm. ने उन्हें आगे जाने का रास्ता btaya,fir दोनों उस रस्ते पर चले गए.
दोने के चले जाने के बाद .
लेडी कम.- कमांडर आपने उन जाने कैसे दिया हो सकता है वो लोग जासूसी करने आये हो.
B.comm. - इन आखो ने दुनिया देखि है चेहरा देख क्र बता सकता हु के कोण कैसा आदमी है वो लोग तो मामूली सी हाउस वाइफ है उनसे हमे कोई खतरा नहीं है.
इधर आरती और वर्षा चले जा रहे थे नक्सली कैंप में उन्होंने थोड़ा बहुत फॉल वगेरा खा लिए थे इस कारण थोड़ी एनर्जी थी सरीर में नहीं तो चलना मुश्किल हो जाता.
थोड़ी दूरिंग और चलने के बाद आदिवासियों के घर दिखाई दिया .
वह उन्होंने कबीले के सरदार से तहत आने का कारन बताया तो सरदार ने बताया की मंदिर पास में hi है ,मई आप लोगो की ठहरने की व्यवस्था क्र देता हु और आप लोगो के मंदिर जाने की और पूजा विदी बताने के लिए किसी को भेजता हु .
(यह की भासा और पहनावा कुछ अलग है ,मर्द सिर्फ एक कपडा कमर के निचे बढ़ते है और महिलाये सूती की साडी को पुरे सरीर को ढकती है )
सरदार ने अपनी बेटी को आरती के साथ जाने के लिए खा था .
कुछ देर रेस्ट करने और फ्रेश होने के बाद दोनों आदिवासियों महिला के साथ मंदिर की और चलने लगी .
मंदिर के पास पहुंच क्र दोनों देखते है की मंदिर बहुत hi पुराण है और कितनी सन्ति थी वह और वह पर आदिवासी महिलाये साफ सफाई क्र रही थी .
वर्षा - ये यह इतनी साफ सफाई क्यों हो रही है .
आदिवासी महिला - कल से नवरात्री सुरु होने वाली है आप लोग बहुत hi अच्छे समय पर आये हो नवरात्री में देवी माता की पूजा करने पर जल्द hi मनोकामना पूरी होती है वो दोनों मंदिर घूम क्र देखने लगी .
मंदिर के पीछे सरोवर है जिस्म स्नान क्र के पूजा पथ करते है .
फिर दोनों मंदिर देख क्र कबीले की और लोट गए...
तो बे कॉन्टिनोएड....,.