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- Dec 5, 2013
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सुमन भी अपने बेटे के साथ सेहर जाने के लिए पल भर में तैयार हो जाती है...
ओह्ह गुड ये पापा ने कहा फसा दिया राज को अब अपनी मम्मी को साथ लेकर सेहर जाना पड़ता है......
अब आगे....
अपडेट....20
राज अपनी मम्मी को लेकर घर से निकल जाता है...
राज और सुमन के निकलते hi अजय भी अपने
खेतो पर जाने लगता है..
आराधना अपने पापा को घर से जाते देखकर उनके पीछे पीछे
जासूसी करने अपने घर से निकल पड़ती है..
अपने पापा से छुपते छुपाते आराधना भी
खेतो पर पहुंच चुकी थी..
खेतो पर आते hi उसके पापा फौला लेकर अपने काम में लग जाते है..
आराधना टूबवेल के पास खड़े पेड़ पर चढ़ जाती है और अपने पापा की जासूसी करना शुरू कर देती है..
आराधना को पेड़ पर बैठे बैठे एक घंटा गुजर जाता है.. मगर उसके पापा तो अपने काम लगे हुए थे...
आराधना से अब पेड़ पर बैठना मुश्किल होने लगा tha..jese आराधना खुद चाहने लगी थी पापा यहाँ टूबवेल पर आकर अपनी रासलीला शुरू कर दे...
जब बैठे बैठे आराधना को दो घंटे हो जाते है तो आराधना पेड़ से उतरने लगती है..
जैसे hi आराधना पेड़ से उतरती है उसकी नज़र दूर से आती अपनी मधु चची पर पड़ती है...
आराधना अपनी चची को यहाँ खेतो पर देखकर चौंक जाती है...
आराधना... ये मधु चची यहाँ क्या करने आई है...
अभी आराधना ये सोच hi रही थी की मधु चची सीधा पापा के पास जाकर उनसे बाते करने लगती है...
कुछ hi देर बाद आराधना को अपनी चची टूबवेल की तरफ आते हुए दिखाई देने लगती है..
आराधना जल्दी से पेड़ के पीछे
चिप जाती है...
चची टूबवेल का टाला खोलकर अंदर चली जाती है..
कोई 5 मिनट बाद आराधना को अपने पापा भी टूबवेल की तरफ आते नज़र आते है...
आराधना के पापा जैसे hi टूबवेल के अंदर पहुंच कर दरवाज़ा बंद करते है..
ये सब अपनी आँखों से देखकर भी आराधना को अपनी आँखों पर विश्वाश नहीं होता.. आराधना इतनी आश्चर्य चकित थी की जैसे उसके पेरो टेल ज़मीन खिसक गई हो...
काफी देर यु hi स्टेचू बने कड़ी रहने के बाद आराधना अपने कदम टूबवेल की तरफ बढ़ा देती है...
जैसे hi आराधना अपनी आँखे दरवाज़े से लगाती है..
अपनी चची का ऐसा रूप देखकर आराधना के होश उड़द जाते है...
अंदर पापा सिर्फ पजामा पहने बाद पर लेते हुए थे और मधु चची पापा के पजामा का नाडा खोल रही थी..
और अगले पल चची पापा का पजामा एक झटके में उतरती चली जाती है..
आराधना को अपने पापा का लैंड किसी खम्बे की तरह खड़ा हुआ नज़र आता hai..jisko मधु चची अपने हाथो में थामकर सहलाने लगती है..
और अगले पल निचे झुकते हु मधु
चची पापा के लैंड को गोलगप्पा समझते हुए पूरा का पूरा मुँह में ले लेती है..
उह मयययय गुड ये सब क्या हो रहा था आराधना कभी सोच भी नहीं सकती थी मधु चची पापा के साथ ये सब भी कर सकती है.....
आराधना सोचती है उसका भाई तो शायद यक़ीन भी नहीं करेगा ..की पापा और मधु चची आपस में ये सब कर सकते है...
ये सोचकर आराधना अपना मोबाइल निकलकर पापा और चची को वीडियो बनाने लगती है...
काफी देर तक मधु चची पापा के लैंड को अपने मुँह में लेकर चुस्ती रहती है...
जैसे कोई इसक्रीम चुस्त है...
इतना कामुक नज़ारा देखकर आराधना की छूट भी गीली होने लगती है...
थोड़ी देर बाद पापा मधु चची से जाने क्या कहते hai..ki मधु चची अपने मुँह से लैंड बहार निकलकर अपनी कमीज उतरने लगती है और कुछ hi पालो में अपने जिस्म से सरे कपडे उतर देती है.. पापा और चची दोनों बिलकुल नंगे हो जाते है...
पापा मधु चची को अपने ऊपर खींचते हुए उनके होंटो को चूमने लगते है..
मधु चची खुद भी पापा से किसी बेल की तरह लिपटती हुई पापा के होंठ चुम रही थी...
पापा होंठ चूसते हुए अपने हाथ में मधु चची के ब्रैस्ट भी पकड़कर मसल रहे थे..
अब चची के मुँह से सिसकारियां निकलते हुए आराधना के कानो तक पहुंच रही थी...
चची.. आअह्ह्ह सस्सी ोुह्ह्ह उउउउम्मम्म ससससीईईई आअह्ह्ह्ह ooohhhhhhhhhhh
कुछ hi पालो बाद पापा ने चची को गद्दे पर लिटा दिया और खुद चची की टैंगो के बिच आकर बेथ जाते है ...
आराधना की नज़र बिलकुल अपने पापा के खड़े लैंड पर थी..
जो इस वक़्त चची के छूट के मुहाने पर टिका हुआ अंदर घुसने वाला था...
पापा अपने लैंड को काफी देर तक छूट की फैंको में फसा कर रगड़ते जा रहे थे...
जिससे चची तड़पने लगती है..
और अपनी कमर को ऊपर उठाते हुए लैंड को अपनी छूट के अंदर लेने की कोशिश करने लगती है..
मगर शायद चची को ऐसे तड़पने में पापा को मज़ा आ रहा था...
चची... क्यों सत्ता रहे हो भाईसाहब अब अंदर दाल भी दो..
चची के कहते hi पापा अपने लैंड को छेद पर लगते हुए ऐसा धक्का मरते है.. की एक hi झटके में पापा का पूरा लैंड चची की छूट में समां जाता है...
चची... आअह्ह्ह्ह मर्डरर गइईईई भाईसाहब aaaaaaahhhhhhhhhh
आआह्ह्हह्ह्ह्ह aaaaaaaaaaaaaa
एक दम पापा पर जाने क्या भूत सवार होता hai..papa अपने लैंड को दे दाना दान अंदर बहार करते हुए धक्के पर धक्का लगाने लगते है...
अपने पापा की ऐसी जबरदस्त चुदाई देखकर आराधना वीडियो रिकॉर्डिंग छोड़कर अपनी सलवार में हाथ डालकर अपनी छूट में ऊँगली करने लगती है.. और अपनी चची से पहले आराधना अपना पानी छोड़ देती है...
आराधना के मुँह से झड़ते झड़ते सिसकारियों के साथ अपने पापा का नाम भी निकलने लगता है ...
आराधना... आआह्ह्हह्ह्ह्ह पप्पपाआपपपपायआ
और आराधना की आँखे बंद होती चली जाती है..
अंदर अब तक चची भी चुड़ते हुए झाड़ चुकी थी
मगर अजय फिर भी लगातार चची की छूट में अपने लैंड को अंदर बहार करता रहता है जब तक
अजय के लैंड से वीर्य का फव्वारा नहीं चोट जाता..
------
कुछ देर बाद आराधना अपने आप को नार्मल
करते हुए वह से हटकर दूर चली जाती है..
और करीब 20 मिनट बाद चची टूबवेल से बहार निकलती हुई घर की तरफ जाने लगती है..
आराधना भी अपनी चची से कुछ फैसला बना का पीछे पीछे अपने घर पहुंच जाती है...
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राज अपनी मम्मी को लेकर सेहर पहुंच चूका था..
राज की मम्मी सुमन पहली बार किसी सेहर में आई थी..
राज अपनी मम्मी को पहले पूरा घर दिखता है...
2 बेडरूम
राज.. मम्मी ये वाला रूम तुम्हारे बेटे का है और दूसरे रूम में पायल और सोनिया रहती है..
अपने बेटे का पूरा घर देखकर मम्मी बोलती है..
mammi..beta घर तो बहुत प्यारा है मेरा तो दिल यही रहने को करने लगा है ...
राज मुस्कुराते हुए..
Raj..aap hi का घर है मम्मी जब तक आपका दिल करे ख़ुशी ख़ुशी यहाँ रहिये..
suman..beta इस घर में बस एक कमी है.
अगर वह भी पूरी हो जय तो में हमेशा के लिए तेरे पास रह जाउंगी...
राज अपनी मम्मी की बात सुनकर सोचते हुए
राज.. वह क्या मम्मी
सुमन.. इस घर में मेरे बेटे के लिए एक प्यारी सी दुल्हन आ जय..
अपनी मम्मी की बात सुनकर राज शर्मा जाता है..
राज... मम्मी आप भी न अभी मेरी शादी कोई शादी करने की उम्र है..
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यु hi बाते करते करते राज की कंपनी से बॉस का फ़ोन आ जाता है..
राज.. मम्मी मुझे अभी कंपनी जाना होगा अर्जेन्ट काम है..
सुमन.. ठीक है बीटा तुम चले जाओ तब तक में घर की सफाई कर लेती हु..
राज.. ठीक है चलता हु ...bye
सुमन... bye बीटा
राज के जाने के बाद सुमन पुरे घर में झाड़ू लगाती है और उसके बाद राज के बिस्टेर की चादर बदलने लगती है...
जैसे hi सुमन बाद की चादर खींचती है उसकी नज़र चादर के निचे रक्खे कंडोम के पैकेट पर पद जाती है..
सुमन हेररान होते हुए कंडोम का पैकेद अपने हाथ में लेकर देखने लगती है...
ओह्ह गुड ये पापा ने कहा फसा दिया राज को अब अपनी मम्मी को साथ लेकर सेहर जाना पड़ता है......
अब आगे....
अपडेट....20
राज अपनी मम्मी को लेकर घर से निकल जाता है...
राज और सुमन के निकलते hi अजय भी अपने
खेतो पर जाने लगता है..
आराधना अपने पापा को घर से जाते देखकर उनके पीछे पीछे
जासूसी करने अपने घर से निकल पड़ती है..
अपने पापा से छुपते छुपाते आराधना भी
खेतो पर पहुंच चुकी थी..
खेतो पर आते hi उसके पापा फौला लेकर अपने काम में लग जाते है..
आराधना टूबवेल के पास खड़े पेड़ पर चढ़ जाती है और अपने पापा की जासूसी करना शुरू कर देती है..
आराधना को पेड़ पर बैठे बैठे एक घंटा गुजर जाता है.. मगर उसके पापा तो अपने काम लगे हुए थे...
आराधना से अब पेड़ पर बैठना मुश्किल होने लगा tha..jese आराधना खुद चाहने लगी थी पापा यहाँ टूबवेल पर आकर अपनी रासलीला शुरू कर दे...
जब बैठे बैठे आराधना को दो घंटे हो जाते है तो आराधना पेड़ से उतरने लगती है..
जैसे hi आराधना पेड़ से उतरती है उसकी नज़र दूर से आती अपनी मधु चची पर पड़ती है...
आराधना अपनी चची को यहाँ खेतो पर देखकर चौंक जाती है...
आराधना... ये मधु चची यहाँ क्या करने आई है...
अभी आराधना ये सोच hi रही थी की मधु चची सीधा पापा के पास जाकर उनसे बाते करने लगती है...
कुछ hi देर बाद आराधना को अपनी चची टूबवेल की तरफ आते हुए दिखाई देने लगती है..
आराधना जल्दी से पेड़ के पीछे
चिप जाती है...
चची टूबवेल का टाला खोलकर अंदर चली जाती है..
कोई 5 मिनट बाद आराधना को अपने पापा भी टूबवेल की तरफ आते नज़र आते है...
आराधना के पापा जैसे hi टूबवेल के अंदर पहुंच कर दरवाज़ा बंद करते है..
ये सब अपनी आँखों से देखकर भी आराधना को अपनी आँखों पर विश्वाश नहीं होता.. आराधना इतनी आश्चर्य चकित थी की जैसे उसके पेरो टेल ज़मीन खिसक गई हो...
काफी देर यु hi स्टेचू बने कड़ी रहने के बाद आराधना अपने कदम टूबवेल की तरफ बढ़ा देती है...
जैसे hi आराधना अपनी आँखे दरवाज़े से लगाती है..
अपनी चची का ऐसा रूप देखकर आराधना के होश उड़द जाते है...
अंदर पापा सिर्फ पजामा पहने बाद पर लेते हुए थे और मधु चची पापा के पजामा का नाडा खोल रही थी..
और अगले पल चची पापा का पजामा एक झटके में उतरती चली जाती है..
आराधना को अपने पापा का लैंड किसी खम्बे की तरह खड़ा हुआ नज़र आता hai..jisko मधु चची अपने हाथो में थामकर सहलाने लगती है..
और अगले पल निचे झुकते हु मधु
चची पापा के लैंड को गोलगप्पा समझते हुए पूरा का पूरा मुँह में ले लेती है..
उह मयययय गुड ये सब क्या हो रहा था आराधना कभी सोच भी नहीं सकती थी मधु चची पापा के साथ ये सब भी कर सकती है.....
आराधना सोचती है उसका भाई तो शायद यक़ीन भी नहीं करेगा ..की पापा और मधु चची आपस में ये सब कर सकते है...
ये सोचकर आराधना अपना मोबाइल निकलकर पापा और चची को वीडियो बनाने लगती है...
काफी देर तक मधु चची पापा के लैंड को अपने मुँह में लेकर चुस्ती रहती है...
जैसे कोई इसक्रीम चुस्त है...
इतना कामुक नज़ारा देखकर आराधना की छूट भी गीली होने लगती है...
थोड़ी देर बाद पापा मधु चची से जाने क्या कहते hai..ki मधु चची अपने मुँह से लैंड बहार निकलकर अपनी कमीज उतरने लगती है और कुछ hi पालो में अपने जिस्म से सरे कपडे उतर देती है.. पापा और चची दोनों बिलकुल नंगे हो जाते है...
पापा मधु चची को अपने ऊपर खींचते हुए उनके होंटो को चूमने लगते है..
मधु चची खुद भी पापा से किसी बेल की तरह लिपटती हुई पापा के होंठ चुम रही थी...
पापा होंठ चूसते हुए अपने हाथ में मधु चची के ब्रैस्ट भी पकड़कर मसल रहे थे..
अब चची के मुँह से सिसकारियां निकलते हुए आराधना के कानो तक पहुंच रही थी...
चची.. आअह्ह्ह सस्सी ोुह्ह्ह उउउउम्मम्म ससससीईईई आअह्ह्ह्ह ooohhhhhhhhhhh
कुछ hi पालो बाद पापा ने चची को गद्दे पर लिटा दिया और खुद चची की टैंगो के बिच आकर बेथ जाते है ...
आराधना की नज़र बिलकुल अपने पापा के खड़े लैंड पर थी..
जो इस वक़्त चची के छूट के मुहाने पर टिका हुआ अंदर घुसने वाला था...
पापा अपने लैंड को काफी देर तक छूट की फैंको में फसा कर रगड़ते जा रहे थे...
जिससे चची तड़पने लगती है..
और अपनी कमर को ऊपर उठाते हुए लैंड को अपनी छूट के अंदर लेने की कोशिश करने लगती है..
मगर शायद चची को ऐसे तड़पने में पापा को मज़ा आ रहा था...
चची... क्यों सत्ता रहे हो भाईसाहब अब अंदर दाल भी दो..
चची के कहते hi पापा अपने लैंड को छेद पर लगते हुए ऐसा धक्का मरते है.. की एक hi झटके में पापा का पूरा लैंड चची की छूट में समां जाता है...
चची... आअह्ह्ह्ह मर्डरर गइईईई भाईसाहब aaaaaaahhhhhhhhhh
आआह्ह्हह्ह्ह्ह aaaaaaaaaaaaaa
एक दम पापा पर जाने क्या भूत सवार होता hai..papa अपने लैंड को दे दाना दान अंदर बहार करते हुए धक्के पर धक्का लगाने लगते है...
अपने पापा की ऐसी जबरदस्त चुदाई देखकर आराधना वीडियो रिकॉर्डिंग छोड़कर अपनी सलवार में हाथ डालकर अपनी छूट में ऊँगली करने लगती है.. और अपनी चची से पहले आराधना अपना पानी छोड़ देती है...
आराधना के मुँह से झड़ते झड़ते सिसकारियों के साथ अपने पापा का नाम भी निकलने लगता है ...
आराधना... आआह्ह्हह्ह्ह्ह पप्पपाआपपपपायआ
और आराधना की आँखे बंद होती चली जाती है..
अंदर अब तक चची भी चुड़ते हुए झाड़ चुकी थी
मगर अजय फिर भी लगातार चची की छूट में अपने लैंड को अंदर बहार करता रहता है जब तक
अजय के लैंड से वीर्य का फव्वारा नहीं चोट जाता..
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कुछ देर बाद आराधना अपने आप को नार्मल
करते हुए वह से हटकर दूर चली जाती है..
और करीब 20 मिनट बाद चची टूबवेल से बहार निकलती हुई घर की तरफ जाने लगती है..
आराधना भी अपनी चची से कुछ फैसला बना का पीछे पीछे अपने घर पहुंच जाती है...
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राज अपनी मम्मी को लेकर सेहर पहुंच चूका था..
राज की मम्मी सुमन पहली बार किसी सेहर में आई थी..
राज अपनी मम्मी को पहले पूरा घर दिखता है...
2 बेडरूम
राज.. मम्मी ये वाला रूम तुम्हारे बेटे का है और दूसरे रूम में पायल और सोनिया रहती है..
अपने बेटे का पूरा घर देखकर मम्मी बोलती है..
mammi..beta घर तो बहुत प्यारा है मेरा तो दिल यही रहने को करने लगा है ...
राज मुस्कुराते हुए..
Raj..aap hi का घर है मम्मी जब तक आपका दिल करे ख़ुशी ख़ुशी यहाँ रहिये..
suman..beta इस घर में बस एक कमी है.
अगर वह भी पूरी हो जय तो में हमेशा के लिए तेरे पास रह जाउंगी...
राज अपनी मम्मी की बात सुनकर सोचते हुए
राज.. वह क्या मम्मी
सुमन.. इस घर में मेरे बेटे के लिए एक प्यारी सी दुल्हन आ जय..
अपनी मम्मी की बात सुनकर राज शर्मा जाता है..
राज... मम्मी आप भी न अभी मेरी शादी कोई शादी करने की उम्र है..
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यु hi बाते करते करते राज की कंपनी से बॉस का फ़ोन आ जाता है..
राज.. मम्मी मुझे अभी कंपनी जाना होगा अर्जेन्ट काम है..
सुमन.. ठीक है बीटा तुम चले जाओ तब तक में घर की सफाई कर लेती हु..
राज.. ठीक है चलता हु ...bye
सुमन... bye बीटा
राज के जाने के बाद सुमन पुरे घर में झाड़ू लगाती है और उसके बाद राज के बिस्टेर की चादर बदलने लगती है...
जैसे hi सुमन बाद की चादर खींचती है उसकी नज़र चादर के निचे रक्खे कंडोम के पैकेट पर पद जाती है..
सुमन हेररान होते हुए कंडोम का पैकेद अपने हाथ में लेकर देखने लगती है...