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अपडेट 24
सुबह उठ कर वही रोज का रनिंग करके खेत पर जाना वह मजदूरों को काम समझा कर पड़े करना और फिर घर आ जाना
घर आके नाहा धो कर तैयार होक निचे आके खाना खा कर गांव में निकल गया
me-
aaj ममता के घर की तरफ जाता हु देखता हु कही बहार मिल गयी तो किसी ह पूछ लूंगा )
फिर में वह से ममता के घर की तरफ निकल गया रस्ते में ठाकुर की हवेली ह तो में उसके सामने से जा रहा था
तभी ठाकुर की बेटी रानी स्कूटर लेके आयी और मुझसे टकरा गयी
हम दोनों निचे गिर गए
में खड़ा हुआ और देखा तो रानी निचे से उठ रही थी और अपनी स्कूटर को उठा रही थी
रानी-: बद्तमीज देख कर नहीं चल सकता क्या
में-: में तो रस्ते पर जा रहा था तुम्ही इधर से आयी और मुझे थोक दिया
रानी-: अच्छे पता ह मुझे तुम गरीबो का पहले तो आके टकराते हो फिर हमसे पैसे लेते हो
Me-
yy मेडम इल्जाम मत लगाओ गलती तेरी ह
रानी-: माय फुट
फिर वो स्कूटी लेके निकल गयी
में-: बस ये अमीरो की लड़कियों के नक् पर hi घम्मंड रहता ह
इसका घमंड तो में अपने लुंड से चूर करूंगा रुक तू वैसे हे बड़ी सेक्सी य्र्र ये इसको तो तड़पा तड़पा के छोडूंगा
फिर में वह से ममता के घर की तरफ निकल गया
मेरी किस्मत अच्छी थी मुझे वो घर के बहार hi मिल गयी
मुझे देख कर वो मेरे पास आयी
mamta-:vibhu धन्यवाद तुमने मेरी इज्जत बचायी
में-: कोई बात नहीं ये तो मेरा फर्ज था वैसे अब तुम किसी हो
ममता-: में ठीक हु तुम कैसे हो तुम्हे कही चोट तो नहीं लगी न
me-
dil पर लगी ह jan)nhi में भी ठीक हु
इतने में ममता की छोटी बहन सोना आ गयी बहार
सोना-: दी आपको मम्मी भुला रही ह
ममता-: आयी सोना
विभु में जाती हु माँ भुला रही ह बाद में मिलती हु
फिर ममता चली गयी
सोना-: (दी के चहरे पर स्माइल कही विभु से सेटिंग तो नहीं ह पर दी कभी सही से हमसे भी बात नहीं करती तो सेटिंग कैसे होगी पर कुछ तो बात ह वार्ना ये किसी भी लड़के से बात नहीं करती )
वो मुझे अजीब नजरो से देखने लगी में उसे देख कर स्माइल दी और चल दिया घर की तरफ
में घर जा रहा था की मुझे नीता चची मिल गयी उसके साथ निशा भी थी
में-: चची कहा जा रही हो
नीता चची-: बीटा निशा को डॉ. के पास लेके जा रही हु
में-: अब किसी तबियत ह दी आपकी
निशा मेरी तरफ देख कर हैरान हो गयी
निशा_:: अब थी हु में पहले से
चची-: बीटा बादमे मिलते ह अभी डॉ. के पास जाना ह
फिर वो दोनों वह से चल दी और में निशा दी को जाते हुवे देख रहा था उसकी निगाह मेरे ऊपर hi थी जब तक की में उसकी निगाह से ओझल नहीं हो गया

फिर में वह से निकल कर बड़े पापा के घर आ गया थोड़ी देर वह टाइम पास करता हु
में बड़े पापा के घर गया तो प्रिय दी हॉल में टीवी देखते हुवे मिल गयी
में-: हिय दी अकेली बाटी हो बाकि कहा ह
प्रिय दी-: मम्मी खेत पर गयी ह और पूनम दी सीमा से मिलने तेरे घर
अब बच्ची केवल में
में-: आप अकेली कहा में भी तो हु यह
(में प्रिय दी को केवल प दी लिखूंगा आप उसे प्रिय दी समझ लेना )
प दी -: है भाई आके बेथ मेरे पास
में दी के पास जेक बेथ गया
दी-: और कैसे चल रही ह तेरी पड़े और खेत का काम
में-: दी मस्त चल रहे ह दोनों
में-: और आपके क्या हल ह
दी-: मेरा क्या में तो पुरे दिन घर ने रहती हु पड़े 12 तह hi की उसके बाद बैठी हु घर पर
में-: तो क्या हुआ 1 साल में आपकी सदी हो जाएगी फिर करना इंजॉय
(में ये क्या बोल गया)
प दी-: इंजॉय है बीटा में तो कर लुंगी पर तू अपना दयँ रखना
बोल कर हहहहहहहहह बनाने लगी
me-di आप भी न में तो अपना दयँ अच्छे से रख लूंगा
दी-: है पता ह मेरी भाभी अच्छे से दयँ रखेगी
में-: सदी तो होने दो मेरी पहले अभी तो बहुत टाइम ह
दी-: वैसे सदी के लायक तो तू हो गया ह
में-: वो तो कसरत करके मेरा सरीर फेल गया ह बाकि में अभी बच्चा हु
di-
muje पता ह तू बच्चा ह अभी कड़ी हो जाऊ तो मेरी गांड को hi घूरता rhega)ha वो तो ह
में-: दी आज चाय नहीं पिलाओगी क्या
दी-: है बेथ में लती हु
में-: में भी चलता हु यह बैठा बोर हो जाऊंगा
दी-: (मुझे सब पता ह तू क्यों आ रहा ह )चल भाई
फिर में दी के पीछे रसोई में आ गया वह जेक में एक स्टूल में बेथ गया और दी वह कड़ी रहा कर चाय बनाने लगी
ब्लेक कलर के फिटिंग कपडे उन पर क़यामत लग रहे थे उनके गोर चिकने जिस्म पर ये काळा कपडे खूब कहर ध रहे थे
मेरी निगाह उनकी गांड पर चली गयी और इधर मेरा कोबरा हलचल करते हुवे खड़ा हो गया
me-
bc प्रिय दी की गांड में अशी क्या बात ह जो ये झट से खड़ा हो जाता ह मेरे मन से पूछता हु सायद उसे पता हो फिर मेने उसे यद् किया )
हम दोनों मन में hi बाटे करेंगे
मन-: क्या हुआ भाई आज मुझे क्यों यद् किया
में-: अरे तुजे तो सब पता ह मेने तुजे क्यों यद् किया
मन-: है तुजे इस गांड का राज जानना ह न
में-: हम्म
मन-: ये गांड तेरे लिए hi बानी ह जब भी तेरी निगाह इस पर जाएगी तेरा लुंड खड़ा हो जायेगा फिर बैठने का नाम नहीं लेगा जब तक की तू इसे संत नहीं कर लेता या किसी की छूट मद दाल कर अपनी प्यास नहीं भुजा लेता
में-: अरे वो तो मुझे उस दिन पता चल गया पर इसका राज क्या ह
nam-:ye तो मुझे पता नहीं ह भाई पर है इसकी कोई तो वजह ह
में-: ठीक ह अब तुम जाओ
मुझे इतने गहन सोच में देख कर प्रिय दी मेरे पास आयी और मुझे हिलाया
में-: क्या हुआ दी
दी-: अरे इतनी सोच में क्यों डूबा आशा क्या सोच रहा मुझे भी बता दे
में-: कुछ नहीं दी बस ाशे hi (अब क्या बताऊ आपकी गांड के बारे में सोच रहा हु आखिर ये आशा क्यों ह )
दी-: चल चाय बन गयी ह पिले आजा
फिर दी ने मुझे चाय दी और मेरे पास रखी एक स्टूल पर बेथ कर वो भी चाय बनाए लगी
में-: चाय तो बड़ी स्वादिष्ट बानी ह दी
दी-: आखिर बनाई किसने ह मेरे भाई
में-: मेरी स्वादिष्ट दी ने बड़ी स्वादिष्ट चाय बनाई ह
दी-: मस्का मत लगा और चुप चाप चाय पि
फिर में उनको देखते हुवे चाय पिने लगा
बड़ी hi गजब लग रही थी मुझपे कहर ध रही थी अपनी स्माइल से
इधर मेरा लुंड बैठने का नाम hi नहीं ले रहा था मुझे अब तो मुठ मर कर इसे बैठना hi होगा मुझे मेरा वादा तोडना होगा
मुठ नहीं मरने का
फिर मेने एक नजर दी की तरफ देखा तो वो दोनों हाथ अपनी छाती से लपेट कर बेथ गयी जिससे उनके दूध का उभर मेरी आँखों के सामने आ गया
मुझे उनके दूध उनके ब्लैक टॉप में से आधे दिखने लगा जिससे मेरा कण्ट्रोल खो गया
मेने देखा तो वो ाशे बैठी मेरी तरफ hi देख रही थी
दी-: ाशे क्या देख रहा ह मुझे कुछ चाहिए क्या भाई
में-: नहीं दी बस आपकी खूबसूरती में खो गया हु .
दी-: रहने दे इतनी भी खूबसूरत नहीं हु
में-: सुच दी आप बहुत खूबसूरत हो
दी-: झूठे
में-: सुच दी अगर आप मेरी दी न होती तो में आपको प्रपोज़ कर देता
दी-: ओह्ह्ह्हह्ह (मुझपे लाइन मर रहा ह)
में-: सुच दीदी
दी-: रहने दे मुझे सब पता ह
हम ये बाटे कर रहे थे की बड़ी मम्मी खेत से घर आ गयी
बी मम्मी -: बीटा तू कब आया
में-: मम्मी में तो अभी जस्ट आया hi हु
मुझे झूट बोलते देख प्रिय दी मेरी तरफ देखने लगी और मुस्कुराने लगी
मेरी भी हंसी चल गयी
बड़ी मम्मी-: बीटा पानी लाना
दी पानी लेने चली गयी और में अपने लुंड को लोअर में एडजस्ट करके बड़ी मम्मी को टॉयलेट का बोल कर बाथरूम में घुस गया
और अपने लुंड पर ठन्डे पानी के चित्ते डालने लगा पर मेरा लुंड तो बैठने का नाम hi नहीं ले रहा था मेने उसे लोअर मद सही से एडजस्ट किया पर फिर भी मेरा हल्का सा उभर दिख रहा था
मेने रहत की साँस ली और बहार आ गया .दी मेरी तरफ hi देख रही थी उनके चेहरे पर हलकी स्माइल थी जो मुझे hi दिख रही थी
में उनको बी बोलकर वह से निकल गया
me-
bach गया आज बस इसे कैसे बिठू नीता चची होगी तो उनको लुंड चुसवा कर इसको संत करवा दूंगा )
फिर में वह से नीता चची के घर की तरफ चल दिया
ीदार प्रिय दी मेरे जाने के बाद अपने कमरे में आ गयी और बीएड पर लेट गयी
प्रिय di-
iska तो मेरी गांड देख कर हमेसा खड़ा hi हो जाता ह पर उसका ह कितना बड़ा केसा दीखता ह जैसे कोई रोड हो बाप रे
नव्या से बात करनी पड़ेगी इसके बारे में)
फिर मेने रस्ते से चची को फोन किया यो पता चला की वो अभी तक हॉस्पिटल hi ह मेरा मन उधास हो गया
तभी
मन-: भाई तेरे पास निधि भाभी और ज्योति ह उनको कॉल कर तेरा काम हो जायेगा .
में-: है य्र्र में तो भूल hi गया
फिर मेने निधि भाभी के no. पर कॉल का र दिया
में-: hello भाभी
निधि-: भाभी नहीं केवल निधि
में-: हम्म निधि मेरा मन बहुत कर रहा ह अभी आप आ जाओ न कहि
निधि-: मेरे हस्बैंड यही ह कमरे में में कैसे आ सकती हु
में-: कुछ नहीं करूँगा केवल आप चूस कर मेरे लुंड को संत कर दो
प्ल्ज़ निधि
निधि बहभी-: अरे विभु में नहीं आ सकती
यह इनको पता चल गया तो गड़बड़ हो जाएगी
में-: व नहीं आ सकती तो बंय्यियय
फिर मेने गुस्से में फोन रख दिया
में -: जब मुझे जरुरत ह तब कोई काम नहीं आ रहा में गुस्से से मेरे घर चला गया
और दिन में छत पर चला गया
मेरा लुंड बैठने का नाम नहीं के रहा था
मेरा दयँ कही और नहीं था जबकि पूजा उसके छत पर कपडे दाल रही थी
मेने उसे नहीं देखा और एक बार फिर निधि भाभी को कॉल किया
में -: निधि प्ल्ज़ एक बार कार्डो न मेरा मन नहीं लग रहा कही
निधि-: अभी नहीं आ पाऊँगी में
में-: केवल चूस मर संत करना ह प्ल्ज़्ज़्ज़्ज़
निधि-: नहीं मतलब नहीं में कोई रिस्क नहीं लेना चाहती
मेने फिर फाइन कट कर दिया पूछे पूजा ने मेरी सब बात सुन ली और मेरे लुंड को भी देख लिया जो मेरे लोअर में तम्बू बना हुआ था
उसके क्या मन में आया की उसने मेरा हाथ पकड़ लिया
मेने अचानक पीछे देखा तो पूजा थी उसने मेरा हाथ पकड़ कर अपनी छत्त पर ले आयी और मुझे अपनी छत्त पर बने स्टोर रूम में ले आयी
वह अंधेर था पर इतना भी नहीं की हम एक दूसरे को देख न सके
उसने मेरा लोअर और अंडरवियर निचे किया और मेरे लुंड को देखने लगी
उसके चेहरे पर पसीना आ गया था
हलाकि ये लुंड उसने अपनी छूट मद ले लिए था पर उसने देखा नहीं था
पर आज ये लुंड उसकी आँखों से बस 5 इंच की दुरी पर था जो सीधा खड़ा था
उसने हिम्मत करके अपना हाथ मेरे लुंड पर रख दिया उसके सरीर में और मेरे सर्जरी में एक कम्पन हुई
उसने हिम्मत करके अपना मुँह निचे करके मेरे लुंड पर अपना हाथ चलने लगी
मुझे भ मजा आने लगा में तो यही छह रहा था की कोई मेरे लुंड से पानी निकल दे
और सायद पूजा ने मेरी और निधि भाभी की बात सुन ली जिससे उसे मेरी तकलीफ देखि नहीं गयी और मेरा काम करने लगी
वो लगातार अपने हाथ आगे पीछे करने लगी और मेरे लुंड को हिलने लगी
उसके चेहरा शर्म और गरम होने से लाल हो गया था वो मेरी तरफ बिलकुल भी नहीं देख रही थी और मेरे लुंड को हिलाये जा रही थी
मुझे भी आनंद की प्राप्ति हो रही रही थी
में-:: ाहः पूजा और जोररर सी हिलाऊ मजा आए रहा हहह सभा
अब वो मेरी आवाज सुन कर लुंड को जोर जोर से हिलने लगी
मुझे खुस करने के लिए उसने दोनों हाथो से मेरे लुंड को जोर जोर से हिलने लगी
में-: ाहाहाःहाहाज पुजाआआ माणसा आए रहा हीइ मेरी लुँड्ड्ड कोऊ मुह्हह्ह मीटी लीके चुसोऊ ना
मेरी आंखे बंद थी और में मजे के करना कुछ भी बोले जा रहा था
.पूजा मेरे लुंड को हिलाये जा रही थी
.में मजे से आँखे बंद करके मजे ले रहा था की मेरे लुंड पर मुझे कुछ गिला महसूस हुआ
मेने देखा तो पूजा का मुँह मेरे लुंड पर था और वो उसके टोपे को मुँह में लेके चूस रही थी
पूजा के अभी होठ hi मेरे लुंड को टच हुवे थे की मेरे मुँह से ाहाःहाह निकल गयी
फिर उसमे अपना मुँह थोड़ा खोल कर मेरे आधे लुंड को मुँह में ले लिया और उसे चूसने लगी
वो जिस तरीके से चूस रही थी उससे लग रहा था की वो लुंड पहली बार चूस रही ह
फिर उसने मेरे मुँह अपना मुँह आगे पीछे करने लगी और मुझे ब्लोजॉब देने लगी मेरे मजे में कोई नहीं रही
एक पतले होठ की लड़की मेरे लुंड को अपने प्यारे होठ में दबा मर मेरा लुंड चूस रही थी
अब वो भी फूल गरम हो गयी थी वो जोर जोर से मेरे लुंड को चूसने लगी
वो पहली बार में hi अच्छे तरीके से मेरा लुंड चूस रही थी
में-: हाहाहाहा पूजा मजा आए रहा ोररररर जोररर सी चुशुओ अअअअअ अशी hi चुसू माजा आआ गया
इस्सस लुंदड़ में मुजीब बहुतत्त तड़पाया हहह
वो भी जी जान लगा के लुंड की गर्मी निकल रही थी
में-: आअह्ह पूजा चुसो मजा आ रहा हह जान लोवी उउउ
वो मेरे मुँह से पहली बार लव ु सुन कर पगला गयी और मेरे लुंड को पुरे जी जान से चूसने लगी
जिससे मेरा सबर टूट गया और मेरे अंडकोष से एक लहार निकली जो सीधा उसके मुँह में जेक गिरी मेने जोश के कारन उसका सर अपने लुंड पर दबा दिया जिससे मेरा सारा पानी उसके मुँह में और उसके चेहरे पर गिर गया
मेरा पानी निकलते hi मेरा लुंड उसके मुँह से निकल गया
प्रिय दी की गांड से सुरु हुई ये गर्मी मेने पूजा के मुँह में निकल दी थी
मेने उसकी तरफ देखा तो मेरा सारा पानी उसके चेहरे पर और मुँह में था उसका मुँह खुला होने से मुझे मेरा पानी दिख गया
वो मेरी तरफ hi देख रही थी जैसे कहना चाहती हो की तूने ये क्या कर दिया
फिर वो खुद को सँभालते हुवे पास में पड़े एक कपडे से अपना मुँह साफ किया और उसके मुँह में जो वीर्य था उसे वो जातक गयी अपने पेट में
इतने में मेने भी अपने अंडरवियर और लोअर पहन लिया
फिर पूजा कड़ी होक बहार जाने लगी
मेने उसका हाथ पकड़ कर रोक लिया और उसे अपनी तरफ खींचता चला गया वो भी मेरी तरफ आती रही और मेने उसे गले लगा लिया जोर से
कोई 5 मिनियत तक हम एक दूसरे के गले लगे रहे
फिर मेने उसे आवाज दी
में-: पूजा
पूजा-: हम्म
में-: मेरी तरफ देखो न
उसने मेरी तरफ देखा मुझे उसके चेहरे से मेरे लिए असीम प्यार झलकता हुआ दिखा
मेने उसके चेहरे को पकड़ कर पूछा
में-: तुमने ये क्यों किया अचानक
पूजा-: आँखे निचे करके मेने तुम्हे तड़पते हुवे देखा तो मुझसे रहा नहीं गया
में-: में कब तड़पा
पूजा-: वो किसी से ये करने का बोल थे थे पर सायद उसने मन कर दिया तो मेरा मन नहीं मन आपको ाशे छोड़ कर जाने का और अपने आप हो गया
वो ये बोल कर मुझसे गले लगा लिया
में-: इतना प्यार करती हो मुझसे
पूजा-: (रट huve)hmm
मेने उसके चेहरे को ऊपर उठाया और उसकी आँखों से आंसू को साफ कर दिया
में-: लव ु पूजा
पूजा-: सुच
me-:hmm पर ये बात दिनेश और किसी और को भी शो मत होने देना
पपोजजा-: हम्म विभु लव ु
फिर मेने उसके चेहरे को पकड़ कर हल्का सा किश उसके होंटो पर कर दिया
उसने भी हल्का सा मुझे किश किया और मेरी आँखों में देखने लगी हम दोनों में कितनी hi देर एक दूसरे की आँखों में देखते रहे
pooja-:ab हमें चलना चाहिए
में-: हम्म लव ु
और उसे फिर गले लगा लिया
पूजा-: लव ु जान
और फिर हम दोनों अपने अपने घर में चले गए
में निचे आके बीएड पर सो गया और मुझे नींद आ गयी
मेरी नींद शाम को 5 बजे खुली में निचे आया
सुमन हल में बैठी थी
में-: सुमन सर दर्द कर रहा ह चाय बनना मेरे लिए
सुमन-: क्या हुआ ज्यादा दर्द तो नहीं कर रहा न
में-: भी बस अच्छी कड़क चाय बना दे
फिर सुनाम उठ कर किचन में चली गयी और थोड़ी देर में मेरे लिए चाय बना कर ले आयी
मेने चाय पि और बैठा hi था की नव्या दी दाऊद के आयी और रोने लगी
भैया जल्दी चलो घर
तो नव्या क्यों रो रही ह और विभु को क्यों भुलाया ये नेक्स्ट अपडेट में टंक्स दोस्तों कल थोड़ा बिजी था
सुबह उठ कर वही रोज का रनिंग करके खेत पर जाना वह मजदूरों को काम समझा कर पड़े करना और फिर घर आ जाना
घर आके नाहा धो कर तैयार होक निचे आके खाना खा कर गांव में निकल गया
me-
फिर में वह से ममता के घर की तरफ निकल गया रस्ते में ठाकुर की हवेली ह तो में उसके सामने से जा रहा था
तभी ठाकुर की बेटी रानी स्कूटर लेके आयी और मुझसे टकरा गयी
हम दोनों निचे गिर गए
में खड़ा हुआ और देखा तो रानी निचे से उठ रही थी और अपनी स्कूटर को उठा रही थी
रानी-: बद्तमीज देख कर नहीं चल सकता क्या
में-: में तो रस्ते पर जा रहा था तुम्ही इधर से आयी और मुझे थोक दिया
रानी-: अच्छे पता ह मुझे तुम गरीबो का पहले तो आके टकराते हो फिर हमसे पैसे लेते हो
Me-
रानी-: माय फुट
फिर वो स्कूटी लेके निकल गयी
में-: बस ये अमीरो की लड़कियों के नक् पर hi घम्मंड रहता ह
इसका घमंड तो में अपने लुंड से चूर करूंगा रुक तू वैसे हे बड़ी सेक्सी य्र्र ये इसको तो तड़पा तड़पा के छोडूंगा
फिर में वह से ममता के घर की तरफ निकल गया
मेरी किस्मत अच्छी थी मुझे वो घर के बहार hi मिल गयी
मुझे देख कर वो मेरे पास आयी
mamta-:vibhu धन्यवाद तुमने मेरी इज्जत बचायी
में-: कोई बात नहीं ये तो मेरा फर्ज था वैसे अब तुम किसी हो
ममता-: में ठीक हु तुम कैसे हो तुम्हे कही चोट तो नहीं लगी न
me-
इतने में ममता की छोटी बहन सोना आ गयी बहार
सोना-: दी आपको मम्मी भुला रही ह
ममता-: आयी सोना
विभु में जाती हु माँ भुला रही ह बाद में मिलती हु
फिर ममता चली गयी
सोना-: (दी के चहरे पर स्माइल कही विभु से सेटिंग तो नहीं ह पर दी कभी सही से हमसे भी बात नहीं करती तो सेटिंग कैसे होगी पर कुछ तो बात ह वार्ना ये किसी भी लड़के से बात नहीं करती )
वो मुझे अजीब नजरो से देखने लगी में उसे देख कर स्माइल दी और चल दिया घर की तरफ
में घर जा रहा था की मुझे नीता चची मिल गयी उसके साथ निशा भी थी
में-: चची कहा जा रही हो
नीता चची-: बीटा निशा को डॉ. के पास लेके जा रही हु
में-: अब किसी तबियत ह दी आपकी
निशा मेरी तरफ देख कर हैरान हो गयी
निशा_:: अब थी हु में पहले से
चची-: बीटा बादमे मिलते ह अभी डॉ. के पास जाना ह
फिर वो दोनों वह से चल दी और में निशा दी को जाते हुवे देख रहा था उसकी निगाह मेरे ऊपर hi थी जब तक की में उसकी निगाह से ओझल नहीं हो गया
फिर में वह से निकल कर बड़े पापा के घर आ गया थोड़ी देर वह टाइम पास करता हु
में बड़े पापा के घर गया तो प्रिय दी हॉल में टीवी देखते हुवे मिल गयी
में-: हिय दी अकेली बाटी हो बाकि कहा ह
प्रिय दी-: मम्मी खेत पर गयी ह और पूनम दी सीमा से मिलने तेरे घर
अब बच्ची केवल में
में-: आप अकेली कहा में भी तो हु यह
(में प्रिय दी को केवल प दी लिखूंगा आप उसे प्रिय दी समझ लेना )
प दी -: है भाई आके बेथ मेरे पास
में दी के पास जेक बेथ गया
दी-: और कैसे चल रही ह तेरी पड़े और खेत का काम
में-: दी मस्त चल रहे ह दोनों
में-: और आपके क्या हल ह
दी-: मेरा क्या में तो पुरे दिन घर ने रहती हु पड़े 12 तह hi की उसके बाद बैठी हु घर पर
में-: तो क्या हुआ 1 साल में आपकी सदी हो जाएगी फिर करना इंजॉय
(में ये क्या बोल गया)
प दी-: इंजॉय है बीटा में तो कर लुंगी पर तू अपना दयँ रखना
बोल कर हहहहहहहहह बनाने लगी
me-di आप भी न में तो अपना दयँ अच्छे से रख लूंगा
दी-: है पता ह मेरी भाभी अच्छे से दयँ रखेगी
में-: सदी तो होने दो मेरी पहले अभी तो बहुत टाइम ह
दी-: वैसे सदी के लायक तो तू हो गया ह
में-: वो तो कसरत करके मेरा सरीर फेल गया ह बाकि में अभी बच्चा हु
di-
में-: दी आज चाय नहीं पिलाओगी क्या
दी-: है बेथ में लती हु
में-: में भी चलता हु यह बैठा बोर हो जाऊंगा
दी-: (मुझे सब पता ह तू क्यों आ रहा ह )चल भाई
फिर में दी के पीछे रसोई में आ गया वह जेक में एक स्टूल में बेथ गया और दी वह कड़ी रहा कर चाय बनाने लगी
ब्लेक कलर के फिटिंग कपडे उन पर क़यामत लग रहे थे उनके गोर चिकने जिस्म पर ये काळा कपडे खूब कहर ध रहे थे
मेरी निगाह उनकी गांड पर चली गयी और इधर मेरा कोबरा हलचल करते हुवे खड़ा हो गया
me-
हम दोनों मन में hi बाटे करेंगे
मन-: क्या हुआ भाई आज मुझे क्यों यद् किया
में-: अरे तुजे तो सब पता ह मेने तुजे क्यों यद् किया
मन-: है तुजे इस गांड का राज जानना ह न
में-: हम्म
मन-: ये गांड तेरे लिए hi बानी ह जब भी तेरी निगाह इस पर जाएगी तेरा लुंड खड़ा हो जायेगा फिर बैठने का नाम नहीं लेगा जब तक की तू इसे संत नहीं कर लेता या किसी की छूट मद दाल कर अपनी प्यास नहीं भुजा लेता
में-: अरे वो तो मुझे उस दिन पता चल गया पर इसका राज क्या ह
nam-:ye तो मुझे पता नहीं ह भाई पर है इसकी कोई तो वजह ह
में-: ठीक ह अब तुम जाओ
मुझे इतने गहन सोच में देख कर प्रिय दी मेरे पास आयी और मुझे हिलाया
में-: क्या हुआ दी
दी-: अरे इतनी सोच में क्यों डूबा आशा क्या सोच रहा मुझे भी बता दे
में-: कुछ नहीं दी बस ाशे hi (अब क्या बताऊ आपकी गांड के बारे में सोच रहा हु आखिर ये आशा क्यों ह )
दी-: चल चाय बन गयी ह पिले आजा
फिर दी ने मुझे चाय दी और मेरे पास रखी एक स्टूल पर बेथ कर वो भी चाय बनाए लगी
में-: चाय तो बड़ी स्वादिष्ट बानी ह दी
दी-: आखिर बनाई किसने ह मेरे भाई
में-: मेरी स्वादिष्ट दी ने बड़ी स्वादिष्ट चाय बनाई ह
दी-: मस्का मत लगा और चुप चाप चाय पि
फिर में उनको देखते हुवे चाय पिने लगा
बड़ी hi गजब लग रही थी मुझपे कहर ध रही थी अपनी स्माइल से
इधर मेरा लुंड बैठने का नाम hi नहीं ले रहा था मुझे अब तो मुठ मर कर इसे बैठना hi होगा मुझे मेरा वादा तोडना होगा
मुठ नहीं मरने का
फिर मेने एक नजर दी की तरफ देखा तो वो दोनों हाथ अपनी छाती से लपेट कर बेथ गयी जिससे उनके दूध का उभर मेरी आँखों के सामने आ गया
मुझे उनके दूध उनके ब्लैक टॉप में से आधे दिखने लगा जिससे मेरा कण्ट्रोल खो गया
मेने देखा तो वो ाशे बैठी मेरी तरफ hi देख रही थी
दी-: ाशे क्या देख रहा ह मुझे कुछ चाहिए क्या भाई
में-: नहीं दी बस आपकी खूबसूरती में खो गया हु .
दी-: रहने दे इतनी भी खूबसूरत नहीं हु
में-: सुच दी आप बहुत खूबसूरत हो
दी-: झूठे
में-: सुच दी अगर आप मेरी दी न होती तो में आपको प्रपोज़ कर देता
दी-: ओह्ह्ह्हह्ह (मुझपे लाइन मर रहा ह)
में-: सुच दीदी
दी-: रहने दे मुझे सब पता ह
हम ये बाटे कर रहे थे की बड़ी मम्मी खेत से घर आ गयी
बी मम्मी -: बीटा तू कब आया
में-: मम्मी में तो अभी जस्ट आया hi हु
मुझे झूट बोलते देख प्रिय दी मेरी तरफ देखने लगी और मुस्कुराने लगी
मेरी भी हंसी चल गयी
बड़ी मम्मी-: बीटा पानी लाना
दी पानी लेने चली गयी और में अपने लुंड को लोअर में एडजस्ट करके बड़ी मम्मी को टॉयलेट का बोल कर बाथरूम में घुस गया
और अपने लुंड पर ठन्डे पानी के चित्ते डालने लगा पर मेरा लुंड तो बैठने का नाम hi नहीं ले रहा था मेने उसे लोअर मद सही से एडजस्ट किया पर फिर भी मेरा हल्का सा उभर दिख रहा था
मेने रहत की साँस ली और बहार आ गया .दी मेरी तरफ hi देख रही थी उनके चेहरे पर हलकी स्माइल थी जो मुझे hi दिख रही थी
में उनको बी बोलकर वह से निकल गया
me-
फिर में वह से नीता चची के घर की तरफ चल दिया
ीदार प्रिय दी मेरे जाने के बाद अपने कमरे में आ गयी और बीएड पर लेट गयी
प्रिय di-
नव्या से बात करनी पड़ेगी इसके बारे में)
फिर मेने रस्ते से चची को फोन किया यो पता चला की वो अभी तक हॉस्पिटल hi ह मेरा मन उधास हो गया
तभी
मन-: भाई तेरे पास निधि भाभी और ज्योति ह उनको कॉल कर तेरा काम हो जायेगा .
में-: है य्र्र में तो भूल hi गया
फिर मेने निधि भाभी के no. पर कॉल का र दिया
में-: hello भाभी
निधि-: भाभी नहीं केवल निधि
में-: हम्म निधि मेरा मन बहुत कर रहा ह अभी आप आ जाओ न कहि
निधि-: मेरे हस्बैंड यही ह कमरे में में कैसे आ सकती हु
में-: कुछ नहीं करूँगा केवल आप चूस कर मेरे लुंड को संत कर दो
प्ल्ज़ निधि
निधि बहभी-: अरे विभु में नहीं आ सकती
यह इनको पता चल गया तो गड़बड़ हो जाएगी
में-: व नहीं आ सकती तो बंय्यियय
फिर मेने गुस्से में फोन रख दिया
में -: जब मुझे जरुरत ह तब कोई काम नहीं आ रहा में गुस्से से मेरे घर चला गया
और दिन में छत पर चला गया
मेरा लुंड बैठने का नाम नहीं के रहा था
मेरा दयँ कही और नहीं था जबकि पूजा उसके छत पर कपडे दाल रही थी
मेने उसे नहीं देखा और एक बार फिर निधि भाभी को कॉल किया
में -: निधि प्ल्ज़ एक बार कार्डो न मेरा मन नहीं लग रहा कही
निधि-: अभी नहीं आ पाऊँगी में
में-: केवल चूस मर संत करना ह प्ल्ज़्ज़्ज़्ज़
निधि-: नहीं मतलब नहीं में कोई रिस्क नहीं लेना चाहती
मेने फिर फाइन कट कर दिया पूछे पूजा ने मेरी सब बात सुन ली और मेरे लुंड को भी देख लिया जो मेरे लोअर में तम्बू बना हुआ था
उसके क्या मन में आया की उसने मेरा हाथ पकड़ लिया
मेने अचानक पीछे देखा तो पूजा थी उसने मेरा हाथ पकड़ कर अपनी छत्त पर ले आयी और मुझे अपनी छत्त पर बने स्टोर रूम में ले आयी
वह अंधेर था पर इतना भी नहीं की हम एक दूसरे को देख न सके
उसने मेरा लोअर और अंडरवियर निचे किया और मेरे लुंड को देखने लगी
उसके चेहरे पर पसीना आ गया था
हलाकि ये लुंड उसने अपनी छूट मद ले लिए था पर उसने देखा नहीं था
पर आज ये लुंड उसकी आँखों से बस 5 इंच की दुरी पर था जो सीधा खड़ा था
उसने हिम्मत करके अपना हाथ मेरे लुंड पर रख दिया उसके सरीर में और मेरे सर्जरी में एक कम्पन हुई
उसने हिम्मत करके अपना मुँह निचे करके मेरे लुंड पर अपना हाथ चलने लगी
मुझे भ मजा आने लगा में तो यही छह रहा था की कोई मेरे लुंड से पानी निकल दे
और सायद पूजा ने मेरी और निधि भाभी की बात सुन ली जिससे उसे मेरी तकलीफ देखि नहीं गयी और मेरा काम करने लगी
वो लगातार अपने हाथ आगे पीछे करने लगी और मेरे लुंड को हिलने लगी
उसके चेहरा शर्म और गरम होने से लाल हो गया था वो मेरी तरफ बिलकुल भी नहीं देख रही थी और मेरे लुंड को हिलाये जा रही थी
मुझे भी आनंद की प्राप्ति हो रही रही थी
में-:: ाहः पूजा और जोररर सी हिलाऊ मजा आए रहा हहह सभा
अब वो मेरी आवाज सुन कर लुंड को जोर जोर से हिलने लगी
मुझे खुस करने के लिए उसने दोनों हाथो से मेरे लुंड को जोर जोर से हिलने लगी
में-: ाहाहाःहाहाज पुजाआआ माणसा आए रहा हीइ मेरी लुँड्ड्ड कोऊ मुह्हह्ह मीटी लीके चुसोऊ ना
मेरी आंखे बंद थी और में मजे के करना कुछ भी बोले जा रहा था
.पूजा मेरे लुंड को हिलाये जा रही थी
.में मजे से आँखे बंद करके मजे ले रहा था की मेरे लुंड पर मुझे कुछ गिला महसूस हुआ
मेने देखा तो पूजा का मुँह मेरे लुंड पर था और वो उसके टोपे को मुँह में लेके चूस रही थी
पूजा के अभी होठ hi मेरे लुंड को टच हुवे थे की मेरे मुँह से ाहाःहाह निकल गयी
फिर उसमे अपना मुँह थोड़ा खोल कर मेरे आधे लुंड को मुँह में ले लिया और उसे चूसने लगी
वो जिस तरीके से चूस रही थी उससे लग रहा था की वो लुंड पहली बार चूस रही ह
फिर उसने मेरे मुँह अपना मुँह आगे पीछे करने लगी और मुझे ब्लोजॉब देने लगी मेरे मजे में कोई नहीं रही
एक पतले होठ की लड़की मेरे लुंड को अपने प्यारे होठ में दबा मर मेरा लुंड चूस रही थी
अब वो भी फूल गरम हो गयी थी वो जोर जोर से मेरे लुंड को चूसने लगी
वो पहली बार में hi अच्छे तरीके से मेरा लुंड चूस रही थी
में-: हाहाहाहा पूजा मजा आए रहा ोररररर जोररर सी चुशुओ अअअअअ अशी hi चुसू माजा आआ गया
इस्सस लुंदड़ में मुजीब बहुतत्त तड़पाया हहह
वो भी जी जान लगा के लुंड की गर्मी निकल रही थी
में-: आअह्ह पूजा चुसो मजा आ रहा हह जान लोवी उउउ
वो मेरे मुँह से पहली बार लव ु सुन कर पगला गयी और मेरे लुंड को पुरे जी जान से चूसने लगी
जिससे मेरा सबर टूट गया और मेरे अंडकोष से एक लहार निकली जो सीधा उसके मुँह में जेक गिरी मेने जोश के कारन उसका सर अपने लुंड पर दबा दिया जिससे मेरा सारा पानी उसके मुँह में और उसके चेहरे पर गिर गया
मेरा पानी निकलते hi मेरा लुंड उसके मुँह से निकल गया
प्रिय दी की गांड से सुरु हुई ये गर्मी मेने पूजा के मुँह में निकल दी थी
मेने उसकी तरफ देखा तो मेरा सारा पानी उसके चेहरे पर और मुँह में था उसका मुँह खुला होने से मुझे मेरा पानी दिख गया
वो मेरी तरफ hi देख रही थी जैसे कहना चाहती हो की तूने ये क्या कर दिया
फिर वो खुद को सँभालते हुवे पास में पड़े एक कपडे से अपना मुँह साफ किया और उसके मुँह में जो वीर्य था उसे वो जातक गयी अपने पेट में
इतने में मेने भी अपने अंडरवियर और लोअर पहन लिया
फिर पूजा कड़ी होक बहार जाने लगी
मेने उसका हाथ पकड़ कर रोक लिया और उसे अपनी तरफ खींचता चला गया वो भी मेरी तरफ आती रही और मेने उसे गले लगा लिया जोर से
कोई 5 मिनियत तक हम एक दूसरे के गले लगे रहे
फिर मेने उसे आवाज दी
में-: पूजा
पूजा-: हम्म
में-: मेरी तरफ देखो न
उसने मेरी तरफ देखा मुझे उसके चेहरे से मेरे लिए असीम प्यार झलकता हुआ दिखा
मेने उसके चेहरे को पकड़ कर पूछा
में-: तुमने ये क्यों किया अचानक
पूजा-: आँखे निचे करके मेने तुम्हे तड़पते हुवे देखा तो मुझसे रहा नहीं गया
में-: में कब तड़पा
पूजा-: वो किसी से ये करने का बोल थे थे पर सायद उसने मन कर दिया तो मेरा मन नहीं मन आपको ाशे छोड़ कर जाने का और अपने आप हो गया
वो ये बोल कर मुझसे गले लगा लिया
में-: इतना प्यार करती हो मुझसे
पूजा-: (रट huve)hmm
मेने उसके चेहरे को ऊपर उठाया और उसकी आँखों से आंसू को साफ कर दिया
में-: लव ु पूजा
पूजा-: सुच
me-:hmm पर ये बात दिनेश और किसी और को भी शो मत होने देना
पपोजजा-: हम्म विभु लव ु
फिर मेने उसके चेहरे को पकड़ कर हल्का सा किश उसके होंटो पर कर दिया
उसने भी हल्का सा मुझे किश किया और मेरी आँखों में देखने लगी हम दोनों में कितनी hi देर एक दूसरे की आँखों में देखते रहे
pooja-:ab हमें चलना चाहिए
में-: हम्म लव ु
और उसे फिर गले लगा लिया
पूजा-: लव ु जान
और फिर हम दोनों अपने अपने घर में चले गए
में निचे आके बीएड पर सो गया और मुझे नींद आ गयी
मेरी नींद शाम को 5 बजे खुली में निचे आया
सुमन हल में बैठी थी
में-: सुमन सर दर्द कर रहा ह चाय बनना मेरे लिए
सुमन-: क्या हुआ ज्यादा दर्द तो नहीं कर रहा न
में-: भी बस अच्छी कड़क चाय बना दे
फिर सुनाम उठ कर किचन में चली गयी और थोड़ी देर में मेरे लिए चाय बना कर ले आयी
मेने चाय पि और बैठा hi था की नव्या दी दाऊद के आयी और रोने लगी
भैया जल्दी चलो घर
तो नव्या क्यों रो रही ह और विभु को क्यों भुलाया ये नेक्स्ट अपडेट में टंक्स दोस्तों कल थोड़ा बिजी था