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मेरी नींद सुबह 6 बजे खुल गयी मुझे ज्योति ने उठा दिया
ज्योति-: विभु जल्दी उठ जाओ आज हमें स्कूल 8 बजे जाना
में-: है ीरर्र में तो भूल hi गया
निधि-: तुम जल्दी मुँह धोके आ जाओ में चाय बनती हु तब तक
में उठ कर बाथरूम में गया वह ज्योति पहले से नाहा रही थी मेने गेट बजाय
me-:jyoti गेट खोला
ज्योति-: में नाहा रही हु विभु
में -: गेट खोलो
मेने बोलै तो ज्योति ने गेट खोल दिया
में तो पहले से hi पूरा नंगा था में भी बाथरूम में घुस गया वह ज्योति पहले से नंगी थी
मेने जेक बाथरूम का शावर चला दिया और ज्योति को पकड़ कर बहो में भर लिया
मेने ज्योति के होठो पर अपने होठ रख दिए और हम गीले होते हुवे किश करने लगे
हम दोनों किश मरने में मगन हो गए हमारा सरीर लगातार पानी से भीग रहा था
में-: ज्योति मुझे नहलाओ न आज
ज्योति -: हम्म
फिर ज्योति ने मेरे पुरे सरीर पर साबुन लगाया और मेरे लुंड पर भी
फिर उसने शावर चला दिया और मेरे सरीर को पानी से साबुन धोने लगी
साबुन धो कर उसने मुझे अच्छे से साफ किया
ज्ज्योति-: अब आप जाओ में नाहा कर आ रही हु
में बहार आ गया जहा निधि भाभी पहले से टोलिया लेके कड़ी थी उन्होंने मेरे सरीर को तोलिये से साफ किया और मेरे गीले बल सूखने लगी
उन दोनों का इतना प्यार देख कर में खुस हो गया मेने निधि को बहो में भर कर किश किया और फिर में रूम में जेक अपने कपडे पहने और दोनों की पंतय को जेब में रख कर हॉल में बेथ गया
निधि-: ाशे रोज पंतय ले जाओगे तो हमरे पास ख़तम हो जाएगी न
में-: नई ले आना 10-10 सेट दोनों पर में तो जिसको भी छोडूंगा उसकी पंतय ले जाऊंगा
निधि-: पता ह जान लव ु
फिर निधि ने मुझे चाय दी मेने चाय पीकर वह से निकल कर घर आया.
में नाहा लिया था इस लिए रूम में जेक अपने कपडे पहन कर तैयार होक बैग लेके निचे आया में कुछ भूल रहा था में दौड के ऊपर जाने लगा
माँ-: बीटा चाय पिले
में-: आया माँ
में दौड कर ऊपर गया और सुमन के रूम में गया वो बीएड पर बैठी थी
मेने उसे खड़ा किया और गले लगा लिया उसने भी मुझे जोर से अपने में भींच लिया
सुमन-: में आपका hi वेट कर रही थी
में-: वैसे क्यों
सुमन-: रोज रोज झप्पी लेने की आदत जो दाल दी आपने उसके बिना कुछ अच्छा नहीं लगता अब
me-:wo तो ह तभी तो में आया अब चलो स्कूल जाना ह
सुमन-; हम्म चलो
और सुमन ने मेरे गलो पर किश करके निकल गयी बाहर में हँसते हुवे बहार आया हम दोनों निचे आये तो माँ चाय लेके कड़ी थी हमें चाय देदी माँ ने हम चाय पि कर निकल गए बहार पूजा वेट कर रही थी वो सुमन के साथ हो गयी और में आगे निकल गया
पूजा-: हम दोनों का आशिक जा रहा ह
सुमन-: है मेने उन्हें आज गलो पर किश
दी
पूजा-: होठो पर hi दे देती न जान
सुमन-: दे दूंगी पर अभी नहीं मेने बोलै न तुजे उस दिन में इन्हे सब दे दूंगी
पूजा-; में भी फिर करवाउंगी इनसे
सुमन-: है क्यों नहीं करवा ले हम दोनों के ह ये
पूजा-: 2 नहीं 3 ममता को मत भूल उससे भी विभु दिल से प्यार करता बी
सुमन-: है वो भी ह हमरी बहन हम तीन ह
पूजा-: हम तीनो होक इन्हे कोई कमी नहीं होने देंगे
सुमन-: मेरे और तेरे बारे में ममता को मत बताना
पूजा-: हम्म
वो दोनों बाटे करती हुई स्कूल आ गयी और में भी फिर हमने साडी क्लास ली ममता आज भी नहीं आयी थी मेरा दिल उधास हो गया आज उससे मिलना था ये सोच कर दिल को थोड़ा सुकून मिल रहा था
मेरी निगाह आज फिर माला पर गयी वो मुझे hi देख रही थी और स्माइल कर रही थी मेने उसे स्माइल किया अजय से बच कर वो देख लेता तो गड़बड़ हो जाती
देखते hi देखते लंच हो गया 10 बजे मेरा टिफ़िन सुमन के पास था में उससे ले आया और खाना खाने लगा
खाना खा कर फिर क्लास लग गयी और 12 बज गयी और छुट्टी हो गयी
आज सुबह पढ़कर मजा आया में वह से सीधा घर आया और बेग रख कर खेत पर चला गया में पहले देविका के खेत की तरफ देखने गया वो वही थी उसके साथ बुलबुल भी थी मेने उसे आने का इशारा किया उसने है में सर हिलाया
में वापस अपने खेत पर आ गया और बेथ गया कुछ टाइम बाद वो दोनों सबसे बचके आ गयी मेने दोनों को जल्दी घर में घुसा दिया और में भी घुस गया
दोनों को अंदर लेक मेने उस कमरे का गेट खोला और लाइट्स चला दी उसे देखकर दोनों शॉकेड
देविका-: आपको इस कमरे की सफाई करना इसमें तो 2 घंटे लग जायेंगे
में-: है इसकी करनी ह
देविका-: मेने तो आधे घंटे का बोलै तेरे काका को
में-: तो आप रहने दो बाद में कर लेंगे
बुलबुल-: काकी हम शाम को 6 बजे आ जांयेंगे और कर देंगे
में-: है ये सही रहेगा
देविका-: है तो हम 6 बजे तक आते ह
में-: ठीक ह जान वैसे मेने तुजे मोबाइल लेन का बोलै था न लायी
देविका-: है घर पर रखा ह और में तो भूल hi गयी आपको no. देना
में-: पागल औरत मुझे no. दे तेरे और मेने no. सेव मेरे नाम से मत करना वार्ना तेरे घर में किसी ने देख लिया तो दिक्कत हो जाएगी
देविका-: ठीक ह ये लो no .. उसने एक कागज जो अपने ब्लाउज में छुपा रखा था जिस पर no. लिखे थे मुझे दे दिया
में-: ठीक ह जान अब मोबाइल हमेसा तेरे पास hi रखना में कब कॉल करदु
देविका-: हम्म्म्म
और मेने उसे बुलबुल के सामने पकड़ लिया और बहो में भर कर उसके होठो को चूसने लगा हमें किश करते हुवे बुलबुल देख रही थी
मेने देविका को चोर दिया बुलबुल हमसे शर्मा रही थी
में -: ठीक ह में बहार जेक देखता हु कोई ह तो नहीं फिर तुम्हे बताता हु
में बहार आया और सब तरफ देखा कोई नहीं था मेने दोनों को निकल दिया दोनों वह से निकल गयी
और में वापस अंदर आके चची को कॉल किया
चची-: है जी बोलो
में-: क्या कर रही हो नीता
चची-: आपको यद्
me-
hhh फिर तो आना पड़ेगा वह
चची-: अभी कोई चांस नहीं ह रत को हो सकता ह
me-:rat को तो निधि और ज्योति को बजाना ह इस लिए जाना पड़ेगा
चची-: आप रोज रोज मत जाया करो वह
में-: जान क्यों चिंता करती ह वैसे एक बार निधि प्रेग्नेंट हो जाये फिर तो दोनों को कभी कभी hi बजाऊंगा ज्योति को चोर दूंगा छोड़ना पर निधि भाभी अच्छी ह उसे देख कर मुजेवो अपनी लगती ह बहुत प्यारी ह वो
चची-: है ये ठीक रहेगा वैसे कल रत को किसी ने ठाकुर के बेटे को बहुत. मारा
मेने घर से बहार आके देखा कोई मुझे सुन तो नहीं रहा
में-: नीता जान वो मेने hi किया ह
चची-: है वो तो मुझे पता चल गया था पर आप ाशे काम आराम से किया करो कोई देख लेगा तो दिक्कत हो जाएगी
में-: है मेरी जान तू चिंता बिलकुल भी मत कर जब तू ह क्या टेंशन
चची-: ठीक ह ब्यय कॉल रखी हु बादमे बात करती हु
में-: रुको नीता
चची-: है
में-: तेरी गांड कब देगी तेरी गांड के चक्कर में दुसरो की भी नहीं मर प् रहा हु
चची-: मरना भी मत आपको पहले मेरी hi गांड मरना पड़ेगी रुको में कुछ करती हु अब
में-: जल्दी करो न नीता
चची-: है जल्दी hi करुँगी
में-: ठीक ह ब्ययययय
मेने चची से बात करके कुछ देर आराम करने लगा देखते hi देखते 1.30 बज गयी में वह से उठ कर ममता से मिलने चला गया
में कुछ देर में उसी जगह चला गया जहा में उस दिन उससे मिला था
अब 2 बज चुकी थी पर ममता अभी तक आयी नहीं मेने वेट करना सही समझा क्या पता किसी काम में लग गयी हो और अब आ जाये
देखते hi देखते 2.30 बज गयी और अब 3 बज चुकी थी मुझे वह 1 घंटा हो गया था पर अब तक ममता नहीं आयी थी मुझे कुछ बेचैनी होने लगी मेरे दिल की धड़कन बढ़ने लगी
में वह से निकल कर एक बार उसके घर की तरफ देखने का सोचा और चल दिया उसके घर की तरफ में जब घर पंहुचा तो देखा वह टाला लगा था मतलब यहाँ तो कोई नहीं ह
मेने सोचा क्या पता सब कही गए हो और ममता अब आयी हो में फिर उसी जगह गया और देखा पर वो मुझे नहीं दिखी
में वह से निराश होक घर लौट आया तभी मेरे मोबाइल पर चची का कॉल आया
में-: है नीता डार्लिंग बोलो
चची-: वो मेने आपसे वो गोलिया मंगवाया थी न क्या हुआ आप लाये
में-: ओह्ह्ह्हह्ह no वो में भूल गया अभी जेक लेके आता हु
चची-: अब रहने दो कल चले जाना
में-: जान अभी लेके आ जाऊंगा
चची-: ठीक ह आराम से जाना
में-: हम्म जान
मेने कॉल कट करके निचे आया और माँ से बोलने उनके रूम में गया
में-: माँ
माँ-: हम्म्म्म बीटा
में-: माँ में सहर जेक आता हु चची के कुछ सामान लाना ह
माँ-: अब कल चला जाता
में-: अभी आया जेक माँ
माँ-: ठीक ह आराम से जाना बीटा
में-: हम्म्म माँ
में बाइक लेके निकल गया और सहर की और में कोई 45 मिनिट में सहर पहुंच गया वह जेक मेने मेडिकल से गोली ली उसने मुझे देने से मन कर दिया की हर किसी को गोली नहीं मिलती मेने उससे गोली का रेट पूछा उसने 700 रस बताये मेने उसे 500 के 2 नोट दिए और बोलै ये लो और अब देदो उसने मुझे गोली देदी में गोली लेके घर के लिए निकल गया
में घर जा रहा था की रस्ते में मुझे एक औरत स्कूटी को हाथ में लेके जाती हुई दिखी मेने बाइक उसके पास ले गया तो में ने उसे झट से पहचान लिया
me-
bc ये इसकी स्कूटी ख़राब हो गयी ये ाचा मौका ह इसे पटाने का और इसके परिवार में सेंध लगाने का )
मेने बाइक उसके लॉस जेक रोक दी
में-: नमस्ते ठकुराइन जी
ठकुराइन-: कोण हो तुम मेने पहचाना नहीं तुम्हे किसके लड़के हो तुम
है ये मेरी गांव की ठकुराइन ह रुक्मणि
में-: में विनय पटेल का बीटा विभु
ठकुराइन-: ओह्ह्ह्ह माया के लड़के हो तुम
में-: है ठकुराइन
तःकुरैन-: मेरी स्कूटी ख़राब हो गयी ह बीटा समझ नहीं आ रहा क्या हुआ स्टार्ट हो रही ह पर आगे hi नहीं बाद रही ह
में- ठाकुर सब को फोन लगा कर भुला लो न
ठकुराइन-: मेरा तो फोन में अपने रूम में भूल गयी और उनका no. मुझे यद् नहीं ह बीटा तुम कुछ करो न मुझे दर लग रहा ह और में थक भी गयी हु
में-: में देखता हु रुको
मेने अपनी बाइक साइड में लगा दी और ठकुराइन की स्कूटी देखने लगा मेने देखा तो उसकी तो चैन टूट गयी थी जिससे उसके गैर काम नहीं कर रहे थे
में-: इसके लिए तो मैकेनिक भूलना पड़ेगा
ठकुराइन-: अब यहाँ मैकेनिक कैसे आएगा
में-: आप यही रुको में अभी सहर से लेके आता हु
ठकुराइन-: जल्दी आना अँधेरा होने वाला ह
में-: है जल्दी hi आ जाऊंगा
मेने अपनी बाइक स्टार्ट की और सहर की तरफ डोडा दी
me-
is रफ़्चीक मॉल को तो छोड़ना पड़ेगा मजा आ जायेगा इसे छोड़ने में क्या दूध ह इसके ाहाहाः और गांड तो अशी थी 2 पहाड़ ह पीछे पर कैसे छोडूंगा कुछ तो करना पड़ेगा मुझे अँधेरा होने में अभी थोड़ा टाइम ह कुछ तो करना होगा है यद् आया चची ने बोलै था उस दिन की तेरा लुंड इतना बड़ा ह की कोई इसे देख ले तो वो चूड़े बिना नहीं रह सकती इससे तो मुझे कैसे भी करके आज ठकुराइन को मेरा खड़ा लुंड बताना ह फिर वो खुद मुझसे छोड़ने आएगी )
में सहर गया और एक मैकेनिक को भुलाया
में-: देखो भाई मेरी मैडम ह उनकी स्कूटी ख़राब हो गयी ह आप एक काम करना उनकी स्कूटी देख लो पर सही मत करना
मेकेनिक-: फिर मुझे वह ले जा क्यों रहे हो
में-: अरे ये लो 500 रस केवल चल के देखलो और इतना बोलना की इसके लिए स्कूटी को दुकान पर रखना पड़ेगा
मेकेनिक-: ठीक ह भाई चलो
फिर मेने बाइक स्टार्ट की और पीछे उसने भी अपनी बाइक स्टार्ट की और हम चल दिए वह जहा ठकुराइन थी
कुछ देर में हम वह पहुंच गए हमें देख कर ठकुराइन बहुत खुस हो गयी
मेकेनिक ने स्कूटी थोड़ी देर देखि और
मेकेनिक-: मेडम ये सही नहीं होगी इसके लिए आपको स्कूटी को दुकान पर चूर्ण होगा कल शाम तक मिलेगी आपको स्कूटी
ठकुराइन-: अभी में कैसे चोर सकती हु
में-: एक काम करते हे आपकी बाइक को हम भंध कर गांव ले जाते ह
ठकुराइन-: पर उसमे तो बहुत टाइम लग जायेगा
में-: है वो तो ह
ठकुराइन-: एक काम करते हे हम पहले स्कूटी दुकान पर रखते ह और फिर में वह से तुम्हारे साथ चल दूंगी गैब
में-: है ये सही रहेगा चलो फिर
.फिर मेने और मैकेनिक ने स्कूटी को बांध कर धीरे से दुकान पर ले आया
मेने वह से देविका को कॉल किया पर उसने उठाया नहीं मुझे आज कैसे भी करके ठकुराइन को अपना बड़ा लुंड दिखना होगा अँधेरा होने से पहले
में-: चले अब ठकुराइन
ठकुराइन-: है चलो वैसे तुम्हरा क्या नाम था में भूल गयी
में-: विभु
ठकुराइन-: है विभु चलो वैसे में भी लेट हो गयी मुझे भी घर जाना ह सब इंतजार कर रहे होंगे मेरा
में-: तो फिर चलो
मेने बाइक स्टार्ट की और ठकुराइन अपनी बड़ी गांड को मेरी बाइक पर लेके बेथ गयी
ठकुराइन-: वैसे तुम्हारा सुक्रिया जो तुमने मेरी इतनी मदद की
में-: इसमें शुक्रिया क्या वो तो मेरा फर्ज ह आप हमरे गांव की ठकुराइन हो वैसे आप अकेली कहा गयी थी
ठकुराइन-: वो मेरा बीटा हॉस्पिटल में हे न उसको कल रत किसी ने बुरी तरह मारा ह उससे मिलने गयी थी
में-: कुछ पता चला किसने मारा ह छोटे ठाकुर को
ठकुराइन-: नहीं चला एक दिन पहले भी मारा था अगर पता चल गया न तो उसकी खाल खींच लेंगे हम
में-: है उसे तो जीने का कोई हक़ नहीं ह ठकुराइन जी
मेरी मन hi मन में हंसी चल रही थी में ये क्या कर रहा हु टाइम क्यों खराब कर रहा हु अँधेरा हो गया तो सारा प्लान ख़राब हो जायेगा उससे पहले मुझे कुछ करना होगा ठकुराइन को मेरा बड़ा लुंड दिखना hi होगा पर कैसे कैसे कैसे है आया आईडिया
में-: ठकुराइन मुझे जोर से पेशाब आया में अभी आया
मेने बाइक रोक दी के बाइक के पास hi खड़ा हो कर पेशाब करने लगा
मुझे अपने पास hi खड़ा हो कर पेशाब करते देख हैरान हो गयी उसे मुज पर गुस्सा आया और फिर पलट कर कड़ी हो गयी
में भी खड़े लुंड को अच्छे से हिलने लगा और खड़ा hi रहने दिया वो तो वैसे भी इतने हॉट मॉल को देख कर खड़ा हो गया तो बैठने का नाम hi नहीं ले रहा था
मुझे पेशाब करते ज्यादा टाइम हो गया तो ठकुराइन को गुस्सा आ गया और वो मेरी तरफ पलट गयी में यही मौका देख रहा था गाड़ी के गिलास में उसे hi देख रहा था और वो जेस hi पलटी में भी पलट गया अपने खड़े लुंड को लेके
जैसी hi उसकी नजर मुज पर गयी ठकुराइन ने निचे देखा और देख कर अपने मुँह पर हाथ रख लिया में भी अपने 9 इंच के लुंड को झटके देने लगा
मेरे लुंड की मोटाई और लम्बाई देख कर वो शॉकेड हो गयी और अपने मुँह पर हाथ रख लिया और घोर से मेरे लुंड को देखने लगी
मेने भी कोई जल्दबाजी नहीं की और उन्हें लुंड को देखने दिया
ठकुराइन की निगाह मेरे लुंड से हैट hi नहीं रही थी मेने देखा वो एक तुक मेरे लुंड को hi देखे जा रही थी उन्होंने अपनी पालक तक नहीं झपकाई उनकी सांसे जोर से चल रही थी जिस करना इनके चुके ऊपर निचे हो रहे थे
मेने अब अपने लुंड पर लोअर पहन ली और ठकुराइन के पास आए गया
में-: चले ठकुराइन
ठकुराइन मेरी आवाज सुनकर होश में आ गयी
ठकुराइन-: हहममहमंहम चलो
उसकी बौखलाहट देख मर मुझे हंसी आ गयी मेने अपनी बाइक सटार्ट की और उसे बिठा लिया और स्लो स्लो बाइक चलने लगा
thakurain-
mene जो देखा ये सुच ह की सपना क्या सुच में किसी का लुंड इतना बड़ा होता ह नहीं ये नहीं हो सकता पर मेने तो देखा और कैसे झटके खा रहा था बाप रे किसी की छूट में जायेगा तो उसकी क्या हालत करेगा मेरी छूट में चला गया तो उसकी तो हालत hi ख़राब कर देगा )
ठकुराइन अपनी सोच में गम थी की मेने एक गद्दा देख कर गाड़ी उसमे उतर दी और जोर से ब्रेक लगा दिया जिससे ठकुराइन मेरे ऊपर आए गयी और वो गिरने वाली थी की उसने मुझे जोर से पकड़ लिया जिस कारन उसके बड़े चुके मेरी पीठ में डाब गए
ठकुराइन-; अहःअहः क्याआ करतीए होओओओ नीचीई गिराऊ जेईई क्याआ
में-: सोइरी वो गद्दा आ गया था अचानक दयँ hi नहीं रहा
मेने गाड़ी बड़ा दी ठकुराइन अब भी मुझसे चिपक कर बैठी थी और उनका हाथ मेरी जांघ पर था की फिर एक गद्दा आया और इस बार ठकुराइन का हाथ सीधा मेरे लुंड पर चला गया जिसके अहसास से hi मेरे लुंड ने एक झटका खाया और ठकुराइन का पूरा सरीर hi कंपनी लगा
उन्होंने वह से जल्दी से अपना हाथ हटा लिया
ठकुराई-; आहा आराम सीए चलाऊ बेटा
उसकी आवाज में तोतला पैन आ गया जिसे सुनकर मेरे फेस पर स्माइल आ गयी में जो चाहता था वो मेने कर दिया अब अगर इसे लुंड पसंद आया तो ये मेरे पास जरूर आएगी छुड़वाने
मेने धीरे धीरे बाइक चलते हुवे गांव आ गया और ठकुराइन को उसके घर के सामने उतर दिया
.thakurain-:aao बीटा चाय पाइक जाना
में-; नहीं बाद में कभी पियुनंगा और चाय नहीं दूध पीना ह मुझे
मेने उनकी चूचियों को घूरते हुवे कहा अच्छा हुआ उसकी नजर मुज पर नहीं गयी
मेने बाइक स्टार्ट की क्र चल दिया घर की और
मेरी नींद सुबह 6 बजे खुल गयी मुझे ज्योति ने उठा दिया
ज्योति-: विभु जल्दी उठ जाओ आज हमें स्कूल 8 बजे जाना
में-: है ीरर्र में तो भूल hi गया
निधि-: तुम जल्दी मुँह धोके आ जाओ में चाय बनती हु तब तक
में उठ कर बाथरूम में गया वह ज्योति पहले से नाहा रही थी मेने गेट बजाय
me-:jyoti गेट खोला
ज्योति-: में नाहा रही हु विभु
में -: गेट खोलो
मेने बोलै तो ज्योति ने गेट खोल दिया
में तो पहले से hi पूरा नंगा था में भी बाथरूम में घुस गया वह ज्योति पहले से नंगी थी
मेने जेक बाथरूम का शावर चला दिया और ज्योति को पकड़ कर बहो में भर लिया
मेने ज्योति के होठो पर अपने होठ रख दिए और हम गीले होते हुवे किश करने लगे
हम दोनों किश मरने में मगन हो गए हमारा सरीर लगातार पानी से भीग रहा था
में-: ज्योति मुझे नहलाओ न आज
ज्योति -: हम्म
फिर ज्योति ने मेरे पुरे सरीर पर साबुन लगाया और मेरे लुंड पर भी
फिर उसने शावर चला दिया और मेरे सरीर को पानी से साबुन धोने लगी
साबुन धो कर उसने मुझे अच्छे से साफ किया
ज्ज्योति-: अब आप जाओ में नाहा कर आ रही हु
में बहार आ गया जहा निधि भाभी पहले से टोलिया लेके कड़ी थी उन्होंने मेरे सरीर को तोलिये से साफ किया और मेरे गीले बल सूखने लगी
उन दोनों का इतना प्यार देख कर में खुस हो गया मेने निधि को बहो में भर कर किश किया और फिर में रूम में जेक अपने कपडे पहने और दोनों की पंतय को जेब में रख कर हॉल में बेथ गया
निधि-: ाशे रोज पंतय ले जाओगे तो हमरे पास ख़तम हो जाएगी न
में-: नई ले आना 10-10 सेट दोनों पर में तो जिसको भी छोडूंगा उसकी पंतय ले जाऊंगा
निधि-: पता ह जान लव ु
फिर निधि ने मुझे चाय दी मेने चाय पीकर वह से निकल कर घर आया.
में नाहा लिया था इस लिए रूम में जेक अपने कपडे पहन कर तैयार होक बैग लेके निचे आया में कुछ भूल रहा था में दौड के ऊपर जाने लगा
माँ-: बीटा चाय पिले
में-: आया माँ
में दौड कर ऊपर गया और सुमन के रूम में गया वो बीएड पर बैठी थी
मेने उसे खड़ा किया और गले लगा लिया उसने भी मुझे जोर से अपने में भींच लिया
सुमन-: में आपका hi वेट कर रही थी
में-: वैसे क्यों
सुमन-: रोज रोज झप्पी लेने की आदत जो दाल दी आपने उसके बिना कुछ अच्छा नहीं लगता अब
me-:wo तो ह तभी तो में आया अब चलो स्कूल जाना ह
सुमन-; हम्म चलो
और सुमन ने मेरे गलो पर किश करके निकल गयी बाहर में हँसते हुवे बहार आया हम दोनों निचे आये तो माँ चाय लेके कड़ी थी हमें चाय देदी माँ ने हम चाय पि कर निकल गए बहार पूजा वेट कर रही थी वो सुमन के साथ हो गयी और में आगे निकल गया
पूजा-: हम दोनों का आशिक जा रहा ह
सुमन-: है मेने उन्हें आज गलो पर किश
दी
पूजा-: होठो पर hi दे देती न जान
सुमन-: दे दूंगी पर अभी नहीं मेने बोलै न तुजे उस दिन में इन्हे सब दे दूंगी
पूजा-; में भी फिर करवाउंगी इनसे
सुमन-: है क्यों नहीं करवा ले हम दोनों के ह ये
पूजा-: 2 नहीं 3 ममता को मत भूल उससे भी विभु दिल से प्यार करता बी
सुमन-: है वो भी ह हमरी बहन हम तीन ह
पूजा-: हम तीनो होक इन्हे कोई कमी नहीं होने देंगे
सुमन-: मेरे और तेरे बारे में ममता को मत बताना
पूजा-: हम्म
वो दोनों बाटे करती हुई स्कूल आ गयी और में भी फिर हमने साडी क्लास ली ममता आज भी नहीं आयी थी मेरा दिल उधास हो गया आज उससे मिलना था ये सोच कर दिल को थोड़ा सुकून मिल रहा था
मेरी निगाह आज फिर माला पर गयी वो मुझे hi देख रही थी और स्माइल कर रही थी मेने उसे स्माइल किया अजय से बच कर वो देख लेता तो गड़बड़ हो जाती
देखते hi देखते लंच हो गया 10 बजे मेरा टिफ़िन सुमन के पास था में उससे ले आया और खाना खाने लगा
खाना खा कर फिर क्लास लग गयी और 12 बज गयी और छुट्टी हो गयी
आज सुबह पढ़कर मजा आया में वह से सीधा घर आया और बेग रख कर खेत पर चला गया में पहले देविका के खेत की तरफ देखने गया वो वही थी उसके साथ बुलबुल भी थी मेने उसे आने का इशारा किया उसने है में सर हिलाया
में वापस अपने खेत पर आ गया और बेथ गया कुछ टाइम बाद वो दोनों सबसे बचके आ गयी मेने दोनों को जल्दी घर में घुसा दिया और में भी घुस गया
दोनों को अंदर लेक मेने उस कमरे का गेट खोला और लाइट्स चला दी उसे देखकर दोनों शॉकेड
देविका-: आपको इस कमरे की सफाई करना इसमें तो 2 घंटे लग जायेंगे
में-: है इसकी करनी ह
देविका-: मेने तो आधे घंटे का बोलै तेरे काका को
में-: तो आप रहने दो बाद में कर लेंगे
बुलबुल-: काकी हम शाम को 6 बजे आ जांयेंगे और कर देंगे
में-: है ये सही रहेगा
देविका-: है तो हम 6 बजे तक आते ह
में-: ठीक ह जान वैसे मेने तुजे मोबाइल लेन का बोलै था न लायी
देविका-: है घर पर रखा ह और में तो भूल hi गयी आपको no. देना
में-: पागल औरत मुझे no. दे तेरे और मेने no. सेव मेरे नाम से मत करना वार्ना तेरे घर में किसी ने देख लिया तो दिक्कत हो जाएगी
देविका-: ठीक ह ये लो no .. उसने एक कागज जो अपने ब्लाउज में छुपा रखा था जिस पर no. लिखे थे मुझे दे दिया
में-: ठीक ह जान अब मोबाइल हमेसा तेरे पास hi रखना में कब कॉल करदु
देविका-: हम्म्म्म
और मेने उसे बुलबुल के सामने पकड़ लिया और बहो में भर कर उसके होठो को चूसने लगा हमें किश करते हुवे बुलबुल देख रही थी
मेने देविका को चोर दिया बुलबुल हमसे शर्मा रही थी
में -: ठीक ह में बहार जेक देखता हु कोई ह तो नहीं फिर तुम्हे बताता हु
में बहार आया और सब तरफ देखा कोई नहीं था मेने दोनों को निकल दिया दोनों वह से निकल गयी
और में वापस अंदर आके चची को कॉल किया
चची-: है जी बोलो
में-: क्या कर रही हो नीता
चची-: आपको यद्
me-
चची-: अभी कोई चांस नहीं ह रत को हो सकता ह
me-:rat को तो निधि और ज्योति को बजाना ह इस लिए जाना पड़ेगा
चची-: आप रोज रोज मत जाया करो वह
में-: जान क्यों चिंता करती ह वैसे एक बार निधि प्रेग्नेंट हो जाये फिर तो दोनों को कभी कभी hi बजाऊंगा ज्योति को चोर दूंगा छोड़ना पर निधि भाभी अच्छी ह उसे देख कर मुजेवो अपनी लगती ह बहुत प्यारी ह वो
चची-: है ये ठीक रहेगा वैसे कल रत को किसी ने ठाकुर के बेटे को बहुत. मारा
मेने घर से बहार आके देखा कोई मुझे सुन तो नहीं रहा
में-: नीता जान वो मेने hi किया ह
चची-: है वो तो मुझे पता चल गया था पर आप ाशे काम आराम से किया करो कोई देख लेगा तो दिक्कत हो जाएगी
में-: है मेरी जान तू चिंता बिलकुल भी मत कर जब तू ह क्या टेंशन
चची-: ठीक ह ब्यय कॉल रखी हु बादमे बात करती हु
में-: रुको नीता
चची-: है
में-: तेरी गांड कब देगी तेरी गांड के चक्कर में दुसरो की भी नहीं मर प् रहा हु
चची-: मरना भी मत आपको पहले मेरी hi गांड मरना पड़ेगी रुको में कुछ करती हु अब
में-: जल्दी करो न नीता
चची-: है जल्दी hi करुँगी
में-: ठीक ह ब्ययययय
मेने चची से बात करके कुछ देर आराम करने लगा देखते hi देखते 1.30 बज गयी में वह से उठ कर ममता से मिलने चला गया
में कुछ देर में उसी जगह चला गया जहा में उस दिन उससे मिला था
अब 2 बज चुकी थी पर ममता अभी तक आयी नहीं मेने वेट करना सही समझा क्या पता किसी काम में लग गयी हो और अब आ जाये
देखते hi देखते 2.30 बज गयी और अब 3 बज चुकी थी मुझे वह 1 घंटा हो गया था पर अब तक ममता नहीं आयी थी मुझे कुछ बेचैनी होने लगी मेरे दिल की धड़कन बढ़ने लगी
में वह से निकल कर एक बार उसके घर की तरफ देखने का सोचा और चल दिया उसके घर की तरफ में जब घर पंहुचा तो देखा वह टाला लगा था मतलब यहाँ तो कोई नहीं ह
मेने सोचा क्या पता सब कही गए हो और ममता अब आयी हो में फिर उसी जगह गया और देखा पर वो मुझे नहीं दिखी
में वह से निराश होक घर लौट आया तभी मेरे मोबाइल पर चची का कॉल आया
में-: है नीता डार्लिंग बोलो
चची-: वो मेने आपसे वो गोलिया मंगवाया थी न क्या हुआ आप लाये
में-: ओह्ह्ह्हह्ह no वो में भूल गया अभी जेक लेके आता हु
चची-: अब रहने दो कल चले जाना
में-: जान अभी लेके आ जाऊंगा
चची-: ठीक ह आराम से जाना
में-: हम्म जान
मेने कॉल कट करके निचे आया और माँ से बोलने उनके रूम में गया
में-: माँ
माँ-: हम्म्म्म बीटा
में-: माँ में सहर जेक आता हु चची के कुछ सामान लाना ह
माँ-: अब कल चला जाता
में-: अभी आया जेक माँ
माँ-: ठीक ह आराम से जाना बीटा
में-: हम्म्म माँ
में बाइक लेके निकल गया और सहर की और में कोई 45 मिनिट में सहर पहुंच गया वह जेक मेने मेडिकल से गोली ली उसने मुझे देने से मन कर दिया की हर किसी को गोली नहीं मिलती मेने उससे गोली का रेट पूछा उसने 700 रस बताये मेने उसे 500 के 2 नोट दिए और बोलै ये लो और अब देदो उसने मुझे गोली देदी में गोली लेके घर के लिए निकल गया
में घर जा रहा था की रस्ते में मुझे एक औरत स्कूटी को हाथ में लेके जाती हुई दिखी मेने बाइक उसके पास ले गया तो में ने उसे झट से पहचान लिया
me-
मेने बाइक उसके लॉस जेक रोक दी
में-: नमस्ते ठकुराइन जी
ठकुराइन-: कोण हो तुम मेने पहचाना नहीं तुम्हे किसके लड़के हो तुम
है ये मेरी गांव की ठकुराइन ह रुक्मणि
में-: में विनय पटेल का बीटा विभु
ठकुराइन-: ओह्ह्ह्ह माया के लड़के हो तुम
में-: है ठकुराइन
तःकुरैन-: मेरी स्कूटी ख़राब हो गयी ह बीटा समझ नहीं आ रहा क्या हुआ स्टार्ट हो रही ह पर आगे hi नहीं बाद रही ह
में- ठाकुर सब को फोन लगा कर भुला लो न
ठकुराइन-: मेरा तो फोन में अपने रूम में भूल गयी और उनका no. मुझे यद् नहीं ह बीटा तुम कुछ करो न मुझे दर लग रहा ह और में थक भी गयी हु
में-: में देखता हु रुको
मेने अपनी बाइक साइड में लगा दी और ठकुराइन की स्कूटी देखने लगा मेने देखा तो उसकी तो चैन टूट गयी थी जिससे उसके गैर काम नहीं कर रहे थे
में-: इसके लिए तो मैकेनिक भूलना पड़ेगा
ठकुराइन-: अब यहाँ मैकेनिक कैसे आएगा
में-: आप यही रुको में अभी सहर से लेके आता हु
ठकुराइन-: जल्दी आना अँधेरा होने वाला ह
में-: है जल्दी hi आ जाऊंगा
मेने अपनी बाइक स्टार्ट की और सहर की तरफ डोडा दी
me-
में सहर गया और एक मैकेनिक को भुलाया
में-: देखो भाई मेरी मैडम ह उनकी स्कूटी ख़राब हो गयी ह आप एक काम करना उनकी स्कूटी देख लो पर सही मत करना
मेकेनिक-: फिर मुझे वह ले जा क्यों रहे हो
में-: अरे ये लो 500 रस केवल चल के देखलो और इतना बोलना की इसके लिए स्कूटी को दुकान पर रखना पड़ेगा
मेकेनिक-: ठीक ह भाई चलो
फिर मेने बाइक स्टार्ट की और पीछे उसने भी अपनी बाइक स्टार्ट की और हम चल दिए वह जहा ठकुराइन थी
कुछ देर में हम वह पहुंच गए हमें देख कर ठकुराइन बहुत खुस हो गयी
मेकेनिक ने स्कूटी थोड़ी देर देखि और
मेकेनिक-: मेडम ये सही नहीं होगी इसके लिए आपको स्कूटी को दुकान पर चूर्ण होगा कल शाम तक मिलेगी आपको स्कूटी
ठकुराइन-: अभी में कैसे चोर सकती हु
में-: एक काम करते हे आपकी बाइक को हम भंध कर गांव ले जाते ह
ठकुराइन-: पर उसमे तो बहुत टाइम लग जायेगा
में-: है वो तो ह
ठकुराइन-: एक काम करते हे हम पहले स्कूटी दुकान पर रखते ह और फिर में वह से तुम्हारे साथ चल दूंगी गैब
में-: है ये सही रहेगा चलो फिर
.फिर मेने और मैकेनिक ने स्कूटी को बांध कर धीरे से दुकान पर ले आया
मेने वह से देविका को कॉल किया पर उसने उठाया नहीं मुझे आज कैसे भी करके ठकुराइन को अपना बड़ा लुंड दिखना होगा अँधेरा होने से पहले
में-: चले अब ठकुराइन
ठकुराइन-: है चलो वैसे तुम्हरा क्या नाम था में भूल गयी
में-: विभु
ठकुराइन-: है विभु चलो वैसे में भी लेट हो गयी मुझे भी घर जाना ह सब इंतजार कर रहे होंगे मेरा
में-: तो फिर चलो
मेने बाइक स्टार्ट की और ठकुराइन अपनी बड़ी गांड को मेरी बाइक पर लेके बेथ गयी
ठकुराइन-: वैसे तुम्हारा सुक्रिया जो तुमने मेरी इतनी मदद की
में-: इसमें शुक्रिया क्या वो तो मेरा फर्ज ह आप हमरे गांव की ठकुराइन हो वैसे आप अकेली कहा गयी थी
ठकुराइन-: वो मेरा बीटा हॉस्पिटल में हे न उसको कल रत किसी ने बुरी तरह मारा ह उससे मिलने गयी थी
में-: कुछ पता चला किसने मारा ह छोटे ठाकुर को
ठकुराइन-: नहीं चला एक दिन पहले भी मारा था अगर पता चल गया न तो उसकी खाल खींच लेंगे हम
में-: है उसे तो जीने का कोई हक़ नहीं ह ठकुराइन जी
मेरी मन hi मन में हंसी चल रही थी में ये क्या कर रहा हु टाइम क्यों खराब कर रहा हु अँधेरा हो गया तो सारा प्लान ख़राब हो जायेगा उससे पहले मुझे कुछ करना होगा ठकुराइन को मेरा बड़ा लुंड दिखना hi होगा पर कैसे कैसे कैसे है आया आईडिया
में-: ठकुराइन मुझे जोर से पेशाब आया में अभी आया
मेने बाइक रोक दी के बाइक के पास hi खड़ा हो कर पेशाब करने लगा
मुझे अपने पास hi खड़ा हो कर पेशाब करते देख हैरान हो गयी उसे मुज पर गुस्सा आया और फिर पलट कर कड़ी हो गयी
में भी खड़े लुंड को अच्छे से हिलने लगा और खड़ा hi रहने दिया वो तो वैसे भी इतने हॉट मॉल को देख कर खड़ा हो गया तो बैठने का नाम hi नहीं ले रहा था
मुझे पेशाब करते ज्यादा टाइम हो गया तो ठकुराइन को गुस्सा आ गया और वो मेरी तरफ पलट गयी में यही मौका देख रहा था गाड़ी के गिलास में उसे hi देख रहा था और वो जेस hi पलटी में भी पलट गया अपने खड़े लुंड को लेके
जैसी hi उसकी नजर मुज पर गयी ठकुराइन ने निचे देखा और देख कर अपने मुँह पर हाथ रख लिया में भी अपने 9 इंच के लुंड को झटके देने लगा
मेरे लुंड की मोटाई और लम्बाई देख कर वो शॉकेड हो गयी और अपने मुँह पर हाथ रख लिया और घोर से मेरे लुंड को देखने लगी
मेने भी कोई जल्दबाजी नहीं की और उन्हें लुंड को देखने दिया
ठकुराइन की निगाह मेरे लुंड से हैट hi नहीं रही थी मेने देखा वो एक तुक मेरे लुंड को hi देखे जा रही थी उन्होंने अपनी पालक तक नहीं झपकाई उनकी सांसे जोर से चल रही थी जिस करना इनके चुके ऊपर निचे हो रहे थे
मेने अब अपने लुंड पर लोअर पहन ली और ठकुराइन के पास आए गया
में-: चले ठकुराइन
ठकुराइन मेरी आवाज सुनकर होश में आ गयी
ठकुराइन-: हहममहमंहम चलो
उसकी बौखलाहट देख मर मुझे हंसी आ गयी मेने अपनी बाइक सटार्ट की और उसे बिठा लिया और स्लो स्लो बाइक चलने लगा
thakurain-
ठकुराइन अपनी सोच में गम थी की मेने एक गद्दा देख कर गाड़ी उसमे उतर दी और जोर से ब्रेक लगा दिया जिससे ठकुराइन मेरे ऊपर आए गयी और वो गिरने वाली थी की उसने मुझे जोर से पकड़ लिया जिस कारन उसके बड़े चुके मेरी पीठ में डाब गए
ठकुराइन-; अहःअहः क्याआ करतीए होओओओ नीचीई गिराऊ जेईई क्याआ
में-: सोइरी वो गद्दा आ गया था अचानक दयँ hi नहीं रहा
मेने गाड़ी बड़ा दी ठकुराइन अब भी मुझसे चिपक कर बैठी थी और उनका हाथ मेरी जांघ पर था की फिर एक गद्दा आया और इस बार ठकुराइन का हाथ सीधा मेरे लुंड पर चला गया जिसके अहसास से hi मेरे लुंड ने एक झटका खाया और ठकुराइन का पूरा सरीर hi कंपनी लगा
उन्होंने वह से जल्दी से अपना हाथ हटा लिया
ठकुराई-; आहा आराम सीए चलाऊ बेटा
उसकी आवाज में तोतला पैन आ गया जिसे सुनकर मेरे फेस पर स्माइल आ गयी में जो चाहता था वो मेने कर दिया अब अगर इसे लुंड पसंद आया तो ये मेरे पास जरूर आएगी छुड़वाने
मेने धीरे धीरे बाइक चलते हुवे गांव आ गया और ठकुराइन को उसके घर के सामने उतर दिया
.thakurain-:aao बीटा चाय पाइक जाना
में-; नहीं बाद में कभी पियुनंगा और चाय नहीं दूध पीना ह मुझे
मेने उनकी चूचियों को घूरते हुवे कहा अच्छा हुआ उसकी नजर मुज पर नहीं गयी
मेने बाइक स्टार्ट की क्र चल दिया घर की और