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- Dec 5, 2013
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सुबह मेरी आँख अलार्म के बजने से खुली, पास में किरण नहीं थी मई बे उठ के चली गयी होगी, मैं खड़ा हुआ और बाथरूम में घुस गया और फिर जादू से रेडी हुआ और निचे आया और ब्रेकफास्ट के लिए बैठा hi था की फ़ोन बजा मेरा, इसलिए मैंने हाथ में उठाया हुआ टोस्ट निचे रखा और कॉल पिक किया.
मैं:- hello कोण?
राज:- राज बोल रहा हु मैं.
मैं:- हम्म्म, बोलो आज कैसे याद कर लिया अभी तो दिन hi हुए मेरे से अलग हुए.
राज:- एक जरूरी काम है क्या तुम अभी ऑफिस आ जाओगे.
मैं:- नहीं आ सकता क्युकी मैंने सब उलटे सीधे काम छोड़ दिए है और मैं अब स्कूल जा रहा हु, हां लेकिन बाद में टाइम मिला तो आ जाऊंगा.
राज:- एक कम सर को तुमसे मिलना है, मुँह मांगी कीमत मिलेगी और स्कूल की मैं देख लूंगा.
मैंने 30 सेकंड तक अपने दिमागी कीड़े दौड़ाये की क्या बात है? मुझसे hi क्यों मिलना है? लेकिन मेरी एक जगह जाके अटक गयी मुँह मांगी कीमत एंड ी लव मनी तो मैंने 30 सेकंड बाद hi बोलै.
मैं:- ोककक ों माय वे.
किरण:- अब क्या हुआ?
Main:-bol रहे है कम को मिलना है मुझसे.
किरण:- तो तुमने हां क्यों बोल दिया.
मैं:- पैसा किरण पैसा और इससे बड़ी चीज़ क्या हो सकती है. चलो मैं चलता हु ख्याल रखना अपना.
किरण:- हम्म्म ोकक वैसे भी मैं बहार जा रही हु कंपनी सेटअप करनी है न और मैंने एक डिसिशन ले लिया है.
मैं:- हां बोलो.
किरण:- हम लोग इतना कॅश नहीं रख सकते इसलिए मैंने तुम्हारा एक बिज़नेस अकाउंट खुलवाया है और उसमे तुम्हारे नाम से एक कंपनी रजिस्टर करके उस अकाउंट में सारा पैसा डलवा दिया बस इनकम टैक्स भरना पड़ेगा तुम्हे और वो मैं देख लुंगी कैसा पैसो को वाइट करना है.
मैं:- जो तुम्हे ठीक लगे वो करो बस मैं उसे कर पाउ पैसे...
इतना बोलके मैं वापिस अपने रूम में आया और यूनिफार्म उतर के एक ब्लैक शेडेड जीन्स और एक ब्लैक हुड डाला और निकल पड़ा सीबीआई हेडक्वार्टर, सुबह का टाइम था इसलिए थोड़ा ट्रैफिक था पर टाइम से पहुंच गया मैं.
मैंने बाइक पार्किंग में लगायी और अंदर आया तो लौड़े लोगो ने तलाशी ली मेरी और मैं जल्दी से लिफ्ट में आया और 401 मीटिंग रूम में पंहुचा तो वह राज एंड टीम और वो लौड़ा आशीष और दिल्ली का कम बैठे थे, बैठे बस राज और कम hi थे बाकी सब तो खड़े थे "पुअर एम्प्लाइज" :रोफ्लोल: लेकिन मैं जाके उनके सामने एक चेयर खींच के बैठ गया और टेबल पे राखी पानी की बोतल उठा के पानी पिया और फिर दो तीन लम्बी सांस ली और फिर उन सब की तरफ देखा तो वो सब लोग मुझे घर रहे थे लेकिन बोलै कोई कुछ नहीं और इसी बात का मैं फायदा उठा रहा था क्युकी मैं फ़िलहाल डिमांड में था.
मैं:- ऐसे क्या घूर रहे हो पहली बार हैंडसम लड़का देखा है क्या?
आशीष:- सर इसे बोलने की तमीज नहीं है क्या काम करेगा.
राज:- शट उप आशीष.
राज:- देखो खुशाल बहुत बड़ी प्रॉब्लम है और हम लीगल तरीके से कुछ नहीं कर सकते क्युकी ये बहुत बड़ा इशू बन जायेगा.
मैं:- देखो मुझे ये सब नहीं पता लीगल इललीगल इशू वगैरह सीधा मुद्दे की बात पे आओ.
राज:- देखो सीधी बात ये है की कम सर की बेटी किडनैप हो गयी है और तुम्हे उसे वापिस लाना है कैसे भी, बदले में मुँह मांगी कीमत मिलेगी तुम्हे.
मैं:- वो तो ठीक है पर तुम लोग भी तो ला सकते हो और हमारी पुलिस कहा है.
राज:- क्युकी वो इंडिया में किडनैप नहीं हुयी है, शी इस इन क्योटो सिटी इन जापान. और वह की पुलिस कुछ नहीं करेगी क्युकी वह एक लोकल किंगपिन टाइप का बाँदा है और वह की पुलिस उसकी जेब मैं है.
मैं:- व्हाट थे फ़क! सॉरी फॉर लैंग्वेज पर जब वो इंडिया का नहीं है और वह की पुलिस भी कुछ नहीं करेगी और वो कम की बेटी है तो गवर्नमेंट क्यों कोई एक्शन नहीं लेती.
कम:- बचे ऐसे hi गवर्नमेंट कोई फैसला नहीं ले लेती और मेरी कोई बेटी नहीं है ऐसा इंडियन रिकार्ड्स में है और अब मैं अपनी बेटी होने का दवा करता हु तो ओप्पोसिशन वाले सवाल उठाएंगे.
मैं:- फर्स्ट ऑफ़ आल don't कॉल में "बचा" अगर बचा लगता हु तो बुलाया hi क्यों और सेकंड थिंग तुम्हारी बेटी इम्पोर्टेन्ट है या ओप्पोसिशन.
कम:- तुम्हे सवाल जवाब करने के लिए नहीं बुलाया इस काम के मुँह मांगे पैसे मिलेंगे तुम्हे बोलो करोगे या नहीं.
मैं:- ोकक दोने लेकिन कुछ कंडीशंस है मेरी.
राज:- बोलो क्या कंडीशंस है तुम्हारी.
मैं:- देखो फर्स्ट ऑफ़ आल ी don't हैवे पासपोर्ट एंड वीज़ा और दूसरी बात मैं अकेला ये नहीं कर सकता और तीसरी बात मुझे परमिशन चाहिए की मैं जो चाहे जैसे चाहे कर सकू. और सबसे मैं बात मैं अंडरग्राउंड जाऊंगा तो वेपन्स वगैरह कहा, कब, और कैसे मिलेंगे और मैं मुँह मांगी कीमत तो लूंगा hi लेकिन मेरे वह का खर्चा भी तुम hi उठाओगे. और लास्ट एंड मैं बात आकर पर से सारे चार्ज हटा दिए जाए.
आशीष:- सर ये कल का लोंदा कुछ भी बोले जा रहा है और आप लोग मानते जा रहे हो. ये लड़का वह जाके क्या कर लेगा आप लोग मुझे भेजिए.
उसकी बात सुनके मुझे गुस्सा बहुत आया और मैं कुछ बोलने को हुआ लेकिन उससे पहले राज hi बोल पड़ा.
राज:- जिसे तुम का लड़का कह रहे हो न उसने हरयाणा, उप और दिल्ली में कुल मिलके 42 लोगो को मारा है बिना कोई सबूत छोड़े और मेरे हिसाब से इतने तो तुमने केस भी सोल्वे नहीं करे होंगे अपनी लाइफ में.
इसके बाद गांडू गांड सी सकल बांके शान्ति से खड़ा हो गया.
कम:- देखो मुझे तुम्हारी साड़ी शर्ते मंजूर है बस तुम मुझे मेरी बेटी वापिस ला दो तीन दिन के अंदर और पासपोर्ट, वीज़ा, वेपन और सब सम्मान वह मेरा आदमी है वो तुम्हे प्रोवाइड करा देगा और वो तुम्हारा लोकल गाइड भी होगा. अब तुम तीन लोग जा सकते हो कोई भी एक तो तुम हो hi दो और चुन लो इस टीम से.
मैं:- इस मूर्खो की तौली से बस एक को चुनूंगा और वो है जॉन और तीसरा सख्स आकाश होगा मेरा दोस्त उसे उठा लो स्कूल से और उसके डाक्यूमेंट्स और कपडे पैक करो और यहाँ ले आओ, इतने मैं भी अपनी पैकिंग कस्र लू.
राज:- ोकक जाओ जब तुम वापिस आओगे तो तुम्हे तुम्हारी जरूरत का सब सामान और तुम्हारा आकाश उर्फ़ आकर भी मिल जायेगा.
मैं:- ोककक. और जॉन तुम्हे कोई प्रॉब्लम तो नहीं है न मेरे साथ में.
जॉन:- नहीं बल्कि तुम्हारे साथ मजा आ जाता है.
मैं:- थें पैक योर बैग, ी विल बे बैक इन फ्यू हॉर्स.
और इतना बोलके मैं तेज़ी से निचे आया और पार्किंग से बाइक निकल के सीधा घर के तरफ दौड़ा दी, कुछ मिनट में घर पंहुचा और अपने रूम में जाके अपने 2 जोड़ी कपडे बैग में डाले और फिर निचे आके लंच किया और फिर किरण को कॉल किया.
किरण:- क्या हुआ?
मैं:- लिसेन मैं जापान जा रहा हु 4 दिन क्व लिए तो ख्याल रखना अपना.
किरण:- यु अचानक क्या हुआ? कोई प्रॉब्लम है क्या?
मैं:- हां यही समझ लो बाकी बाते आके बताऊंगा.
किरण:- अपना ध्यान रखना.
उसके बाद मैंने फ़ोन कट किया और बहार आया अपना बैग लेके, बाइक उठायी और निकल पड़ा
हेडक्वार्टर्स की तरफ, शाम की फ्लाइट थी लेकिन बहुत सी बाते डिसकस करनी थी अभी वह जाके कुछ कांटेक्ट एक्सचेंज करने थे और भी बहुत कुछ था करने को.
मैंने बाइक पार्किंग में लगाया ुर बिल्डिंग में एंटर किया तो इस बार कोई चेकिंग नहीं हुयी इसलिए सीधा लिफ्ट में आया और 4तह फ्लोर पे पंहुचा और फिर वह उस बुद्धि रिसेप्शनिस्ट से पूछा कहा पे है सब तो उसने बताया की 402 में.
मैं वह गया तो आकाश वही था लेकिन वो डरा हुआ था और मुझे देखते hi वो भाग के मेरे पास आया.
आकाश:- देख एक मुझे बचा ले मैं कुछ नहीं किया ये लोग मुझे स्कूल से उठा लाये. देख मैंने सब तेरे कहने पे किया था.
मैं:- अबे भसडक शांत हो जा मैंने hi उठवाया है तुझे.
आकाश:- तू भी इनमे मिला हुआ है क्या?
मैं:- शांत हो जा लौड़े और ध्यान से सुन हम जा रहे है जापान एक लोकल किंगपिन को टपकने और एक लड़की को बचने और इसके बदले में मिलेंगे हमे पैसे, अब और कोई सवाल.
आकाश:- नहीं बाद में पूछूंगा.
मैं:- हम्म ठीक है अब जल्दी से रेडी हो जा और भेनचोद तू आकर है और एक का लेफ्ट हैंड ऐसे डरेगा तो कैसे काम चलेगा, नाक कटवा दी बस.
आकाश:- राइट हैंड कोण?
मैं:- सब कुछ अभी जान लेगा क्या? जा जाके रेडी हो.
फिर आकाश अपना बैग लेके दुसरे रूम में चला गया और मैं राज और कम के पास जाके बैठ गया जो हमे hi देख रहे थे, वैसे इन्होने हमारी बात नहीं सुनी थी क्युकी मैं और आकाश काफी दूर थे इनसे.
राज:- वैसे तुम पायल को भी साथ लेके जा सकते थे शी इस बेटर.
मैं:- बूत नॉट बेस्ट और मुझे सीधी सधी लड़की नहीं चाहिए और आकाश उससे बहुत ज्यादा फ़ास्ट है और मुझे कंपनी भी तो चाहिए और आकाश से बेटर ऑप्शन नहीं है मेरे पास.
राज:- जैसी तुम्हारी मर्ज़ी. वैसे कितना लोगे इस काम के.
मैं:- ××× करोड़! सीधा आकउंट में और वो भी लीगली अब वो तुम लोगी पे है कैसे देते हो.
कम:- अमाउंट ज्यादा है पर हो जायेगा, बस मुझे मेरी बेटी वापिस ला दो.
मैं:- वैसे आपकी क्या दुश्मनी है जापान में जो आपकी बेटी को उठा लिया उसने.
कम:- पता नहीं क्या बात है बस मेरे एक आदमी ने मुझे इन्फॉर्म किया था की उसी ने उठाया है और वो भी सबके सामने.
मैं:- हम्म्म, देख लूंगा उसे तो.
राज:- वैसे तुम मानोगे तो नहीं मेरी, पर एक बात कहूंगा की खून खराबा काम करना वह पे और अपना ध्यान रखना.
मैं:- खून खराबा तो होगा और बहुत होगा और मुझे वह रोकने वाला भी कोई नहीं पर उससे आपलोग को कोई मतलब नहीं होना चाहिए बस आपकी बेटी वापिस मिल जाएगी आपको.
कम:- हमे तुमसे यही उम्मीद है बीटा, अगर तुमने ये काम कर दिया तो पूरी जिंदगी तुम्हारा एहसान मंद रहूँगा और तुम्हे कोई भी मदद चाहिए होगी तो हमेसा हाज़िर रहूँगा.
मैं:- वो तो मैं ले hi लूंगा और अपनी बेटी की डिटेल आप डोज या वही मिलेगी.
कम:- सब कुछ वही पे मिलेगा, और दो घंटे बाद फ्लाइट है तुम्हारी.
मैं:- ोकक.
उसके बाद हमलोगो की नार्मल बाते हुयी और फिर जॉन और आकाश भी आ गए और हमारी फ्लाइट का टाइम भी होने वाला था इसलिए एयरपोर्ट को निकल गए हम सीबीआई वालो ने ड्राइवर भेजा था हमे छोड़ने के लिए, खैर हम उतरे और एयरपोर्ट में धकिल हुए और सब किरियाकर्म निपटा के बैठे.
और थोड़ी देर बाद फ्लाइट की अनाउंसमेंट हुयी और हम फ्लाइट में बैठे.
हम तीनो की सीट एक साथ थी मतलब रस्ते में बोर नहीं होऊंगा और जॉन भी बेशक उम्र में मुझसे बड़ा हो पर बाँदा मस्त है वो, अगर सीबीआई में न होता तो अपनी टीम में ले लेता में.
जल्दी hi फ्लाइट ताकोफ्फ हुयी और मैंने आकाश और जॉन से बेहद जरूरी बात बोली..
मैं:- देखो हम तीनो ज़िंदा वापिस आएंगे या नहीं या सुसस्फुल होंगे या नहीं इस बात का मुझे नहीं पता, अगर तुम दोनों में से किसी को प्रॉब्लम है तो अभी कूद जाओ प्लेन से अभी तो दिल्ली में hi है हम.
अब जॉन तो बस मुस्कुरा दिया लेकिन आकाश बावली गांड पागल हो गया.
आकाश:- भसडक अब याद आ रही है तुझे ये बात, अबे मरवाएगा क्या वह पे, भेनचोद किसने इसे लीडर बना दिया, भाई मैं नहीं जा रहा तुम्हारे साथ, प्लेन रुकवाओ भेनचोद तू मरवा देगा वह.
वो non-stop बोले जा रहा था और हम दोनों हसे जा रहे थे.
आकाश:- है लो बीटा है लो एक तो पहली बार प्लेन में बैठने से गांड फैट रही है और एक ये बोल रहा है की सायद hi ज़िंदा वापिस आये, बस आरती का क्या होगा मेरे बिना.
मैं:- अबे रो मत कुछ नहीं होगा तुज...
एयरहोस्टेस:- सर क्या आप लोग थोड़ा शांति से बैठेंगे बाकी पैसेंजर्स को दिक्कत हो रही है.
मैं:- सॉरी मिस ये नया है थोड़ा.
वो बस मुस्कुरा के चली गयी और हम भी शांति से बैठ गए अब जॉन तो मागज़ीने पढ़ने लगा और आकाश ने अपने आखो पे वो कला पत्ता डाला और सो गया और मैं बहार बदलो में देखता देखता कब आँख लगी पता hi नहीं लगा.
तो बे कॉन्टिनोएड ??
सुबह मेरी आँख अलार्म के बजने से खुली, पास में किरण नहीं थी मई बे उठ के चली गयी होगी, मैं खड़ा हुआ और बाथरूम में घुस गया और फिर जादू से रेडी हुआ और निचे आया और ब्रेकफास्ट के लिए बैठा hi था की फ़ोन बजा मेरा, इसलिए मैंने हाथ में उठाया हुआ टोस्ट निचे रखा और कॉल पिक किया.
मैं:- hello कोण?
राज:- राज बोल रहा हु मैं.
मैं:- हम्म्म, बोलो आज कैसे याद कर लिया अभी तो दिन hi हुए मेरे से अलग हुए.
राज:- एक जरूरी काम है क्या तुम अभी ऑफिस आ जाओगे.
मैं:- नहीं आ सकता क्युकी मैंने सब उलटे सीधे काम छोड़ दिए है और मैं अब स्कूल जा रहा हु, हां लेकिन बाद में टाइम मिला तो आ जाऊंगा.
राज:- एक कम सर को तुमसे मिलना है, मुँह मांगी कीमत मिलेगी और स्कूल की मैं देख लूंगा.
मैंने 30 सेकंड तक अपने दिमागी कीड़े दौड़ाये की क्या बात है? मुझसे hi क्यों मिलना है? लेकिन मेरी एक जगह जाके अटक गयी मुँह मांगी कीमत एंड ी लव मनी तो मैंने 30 सेकंड बाद hi बोलै.
मैं:- ोककक ों माय वे.
किरण:- अब क्या हुआ?
Main:-bol रहे है कम को मिलना है मुझसे.
किरण:- तो तुमने हां क्यों बोल दिया.
मैं:- पैसा किरण पैसा और इससे बड़ी चीज़ क्या हो सकती है. चलो मैं चलता हु ख्याल रखना अपना.
किरण:- हम्म्म ोकक वैसे भी मैं बहार जा रही हु कंपनी सेटअप करनी है न और मैंने एक डिसिशन ले लिया है.
मैं:- हां बोलो.
किरण:- हम लोग इतना कॅश नहीं रख सकते इसलिए मैंने तुम्हारा एक बिज़नेस अकाउंट खुलवाया है और उसमे तुम्हारे नाम से एक कंपनी रजिस्टर करके उस अकाउंट में सारा पैसा डलवा दिया बस इनकम टैक्स भरना पड़ेगा तुम्हे और वो मैं देख लुंगी कैसा पैसो को वाइट करना है.
मैं:- जो तुम्हे ठीक लगे वो करो बस मैं उसे कर पाउ पैसे...
इतना बोलके मैं वापिस अपने रूम में आया और यूनिफार्म उतर के एक ब्लैक शेडेड जीन्स और एक ब्लैक हुड डाला और निकल पड़ा सीबीआई हेडक्वार्टर, सुबह का टाइम था इसलिए थोड़ा ट्रैफिक था पर टाइम से पहुंच गया मैं.
मैंने बाइक पार्किंग में लगायी और अंदर आया तो लौड़े लोगो ने तलाशी ली मेरी और मैं जल्दी से लिफ्ट में आया और 401 मीटिंग रूम में पंहुचा तो वह राज एंड टीम और वो लौड़ा आशीष और दिल्ली का कम बैठे थे, बैठे बस राज और कम hi थे बाकी सब तो खड़े थे "पुअर एम्प्लाइज" :रोफ्लोल: लेकिन मैं जाके उनके सामने एक चेयर खींच के बैठ गया और टेबल पे राखी पानी की बोतल उठा के पानी पिया और फिर दो तीन लम्बी सांस ली और फिर उन सब की तरफ देखा तो वो सब लोग मुझे घर रहे थे लेकिन बोलै कोई कुछ नहीं और इसी बात का मैं फायदा उठा रहा था क्युकी मैं फ़िलहाल डिमांड में था.
मैं:- ऐसे क्या घूर रहे हो पहली बार हैंडसम लड़का देखा है क्या?
आशीष:- सर इसे बोलने की तमीज नहीं है क्या काम करेगा.
राज:- शट उप आशीष.
राज:- देखो खुशाल बहुत बड़ी प्रॉब्लम है और हम लीगल तरीके से कुछ नहीं कर सकते क्युकी ये बहुत बड़ा इशू बन जायेगा.
मैं:- देखो मुझे ये सब नहीं पता लीगल इललीगल इशू वगैरह सीधा मुद्दे की बात पे आओ.
राज:- देखो सीधी बात ये है की कम सर की बेटी किडनैप हो गयी है और तुम्हे उसे वापिस लाना है कैसे भी, बदले में मुँह मांगी कीमत मिलेगी तुम्हे.
मैं:- वो तो ठीक है पर तुम लोग भी तो ला सकते हो और हमारी पुलिस कहा है.
राज:- क्युकी वो इंडिया में किडनैप नहीं हुयी है, शी इस इन क्योटो सिटी इन जापान. और वह की पुलिस कुछ नहीं करेगी क्युकी वह एक लोकल किंगपिन टाइप का बाँदा है और वह की पुलिस उसकी जेब मैं है.
मैं:- व्हाट थे फ़क! सॉरी फॉर लैंग्वेज पर जब वो इंडिया का नहीं है और वह की पुलिस भी कुछ नहीं करेगी और वो कम की बेटी है तो गवर्नमेंट क्यों कोई एक्शन नहीं लेती.
कम:- बचे ऐसे hi गवर्नमेंट कोई फैसला नहीं ले लेती और मेरी कोई बेटी नहीं है ऐसा इंडियन रिकार्ड्स में है और अब मैं अपनी बेटी होने का दवा करता हु तो ओप्पोसिशन वाले सवाल उठाएंगे.
मैं:- फर्स्ट ऑफ़ आल don't कॉल में "बचा" अगर बचा लगता हु तो बुलाया hi क्यों और सेकंड थिंग तुम्हारी बेटी इम्पोर्टेन्ट है या ओप्पोसिशन.
कम:- तुम्हे सवाल जवाब करने के लिए नहीं बुलाया इस काम के मुँह मांगे पैसे मिलेंगे तुम्हे बोलो करोगे या नहीं.
मैं:- ोकक दोने लेकिन कुछ कंडीशंस है मेरी.
राज:- बोलो क्या कंडीशंस है तुम्हारी.
मैं:- देखो फर्स्ट ऑफ़ आल ी don't हैवे पासपोर्ट एंड वीज़ा और दूसरी बात मैं अकेला ये नहीं कर सकता और तीसरी बात मुझे परमिशन चाहिए की मैं जो चाहे जैसे चाहे कर सकू. और सबसे मैं बात मैं अंडरग्राउंड जाऊंगा तो वेपन्स वगैरह कहा, कब, और कैसे मिलेंगे और मैं मुँह मांगी कीमत तो लूंगा hi लेकिन मेरे वह का खर्चा भी तुम hi उठाओगे. और लास्ट एंड मैं बात आकर पर से सारे चार्ज हटा दिए जाए.
आशीष:- सर ये कल का लोंदा कुछ भी बोले जा रहा है और आप लोग मानते जा रहे हो. ये लड़का वह जाके क्या कर लेगा आप लोग मुझे भेजिए.
उसकी बात सुनके मुझे गुस्सा बहुत आया और मैं कुछ बोलने को हुआ लेकिन उससे पहले राज hi बोल पड़ा.
राज:- जिसे तुम का लड़का कह रहे हो न उसने हरयाणा, उप और दिल्ली में कुल मिलके 42 लोगो को मारा है बिना कोई सबूत छोड़े और मेरे हिसाब से इतने तो तुमने केस भी सोल्वे नहीं करे होंगे अपनी लाइफ में.
इसके बाद गांडू गांड सी सकल बांके शान्ति से खड़ा हो गया.
कम:- देखो मुझे तुम्हारी साड़ी शर्ते मंजूर है बस तुम मुझे मेरी बेटी वापिस ला दो तीन दिन के अंदर और पासपोर्ट, वीज़ा, वेपन और सब सम्मान वह मेरा आदमी है वो तुम्हे प्रोवाइड करा देगा और वो तुम्हारा लोकल गाइड भी होगा. अब तुम तीन लोग जा सकते हो कोई भी एक तो तुम हो hi दो और चुन लो इस टीम से.
मैं:- इस मूर्खो की तौली से बस एक को चुनूंगा और वो है जॉन और तीसरा सख्स आकाश होगा मेरा दोस्त उसे उठा लो स्कूल से और उसके डाक्यूमेंट्स और कपडे पैक करो और यहाँ ले आओ, इतने मैं भी अपनी पैकिंग कस्र लू.
राज:- ोकक जाओ जब तुम वापिस आओगे तो तुम्हे तुम्हारी जरूरत का सब सामान और तुम्हारा आकाश उर्फ़ आकर भी मिल जायेगा.
मैं:- ोककक. और जॉन तुम्हे कोई प्रॉब्लम तो नहीं है न मेरे साथ में.
जॉन:- नहीं बल्कि तुम्हारे साथ मजा आ जाता है.
मैं:- थें पैक योर बैग, ी विल बे बैक इन फ्यू हॉर्स.
और इतना बोलके मैं तेज़ी से निचे आया और पार्किंग से बाइक निकल के सीधा घर के तरफ दौड़ा दी, कुछ मिनट में घर पंहुचा और अपने रूम में जाके अपने 2 जोड़ी कपडे बैग में डाले और फिर निचे आके लंच किया और फिर किरण को कॉल किया.
किरण:- क्या हुआ?
मैं:- लिसेन मैं जापान जा रहा हु 4 दिन क्व लिए तो ख्याल रखना अपना.
किरण:- यु अचानक क्या हुआ? कोई प्रॉब्लम है क्या?
मैं:- हां यही समझ लो बाकी बाते आके बताऊंगा.
किरण:- अपना ध्यान रखना.
उसके बाद मैंने फ़ोन कट किया और बहार आया अपना बैग लेके, बाइक उठायी और निकल पड़ा
हेडक्वार्टर्स की तरफ, शाम की फ्लाइट थी लेकिन बहुत सी बाते डिसकस करनी थी अभी वह जाके कुछ कांटेक्ट एक्सचेंज करने थे और भी बहुत कुछ था करने को.
मैंने बाइक पार्किंग में लगाया ुर बिल्डिंग में एंटर किया तो इस बार कोई चेकिंग नहीं हुयी इसलिए सीधा लिफ्ट में आया और 4तह फ्लोर पे पंहुचा और फिर वह उस बुद्धि रिसेप्शनिस्ट से पूछा कहा पे है सब तो उसने बताया की 402 में.
मैं वह गया तो आकाश वही था लेकिन वो डरा हुआ था और मुझे देखते hi वो भाग के मेरे पास आया.
आकाश:- देख एक मुझे बचा ले मैं कुछ नहीं किया ये लोग मुझे स्कूल से उठा लाये. देख मैंने सब तेरे कहने पे किया था.
मैं:- अबे भसडक शांत हो जा मैंने hi उठवाया है तुझे.
आकाश:- तू भी इनमे मिला हुआ है क्या?
मैं:- शांत हो जा लौड़े और ध्यान से सुन हम जा रहे है जापान एक लोकल किंगपिन को टपकने और एक लड़की को बचने और इसके बदले में मिलेंगे हमे पैसे, अब और कोई सवाल.
आकाश:- नहीं बाद में पूछूंगा.
मैं:- हम्म ठीक है अब जल्दी से रेडी हो जा और भेनचोद तू आकर है और एक का लेफ्ट हैंड ऐसे डरेगा तो कैसे काम चलेगा, नाक कटवा दी बस.
आकाश:- राइट हैंड कोण?
मैं:- सब कुछ अभी जान लेगा क्या? जा जाके रेडी हो.
फिर आकाश अपना बैग लेके दुसरे रूम में चला गया और मैं राज और कम के पास जाके बैठ गया जो हमे hi देख रहे थे, वैसे इन्होने हमारी बात नहीं सुनी थी क्युकी मैं और आकाश काफी दूर थे इनसे.
राज:- वैसे तुम पायल को भी साथ लेके जा सकते थे शी इस बेटर.
मैं:- बूत नॉट बेस्ट और मुझे सीधी सधी लड़की नहीं चाहिए और आकाश उससे बहुत ज्यादा फ़ास्ट है और मुझे कंपनी भी तो चाहिए और आकाश से बेटर ऑप्शन नहीं है मेरे पास.
राज:- जैसी तुम्हारी मर्ज़ी. वैसे कितना लोगे इस काम के.
मैं:- ××× करोड़! सीधा आकउंट में और वो भी लीगली अब वो तुम लोगी पे है कैसे देते हो.
कम:- अमाउंट ज्यादा है पर हो जायेगा, बस मुझे मेरी बेटी वापिस ला दो.
मैं:- वैसे आपकी क्या दुश्मनी है जापान में जो आपकी बेटी को उठा लिया उसने.
कम:- पता नहीं क्या बात है बस मेरे एक आदमी ने मुझे इन्फॉर्म किया था की उसी ने उठाया है और वो भी सबके सामने.
मैं:- हम्म्म, देख लूंगा उसे तो.
राज:- वैसे तुम मानोगे तो नहीं मेरी, पर एक बात कहूंगा की खून खराबा काम करना वह पे और अपना ध्यान रखना.
मैं:- खून खराबा तो होगा और बहुत होगा और मुझे वह रोकने वाला भी कोई नहीं पर उससे आपलोग को कोई मतलब नहीं होना चाहिए बस आपकी बेटी वापिस मिल जाएगी आपको.
कम:- हमे तुमसे यही उम्मीद है बीटा, अगर तुमने ये काम कर दिया तो पूरी जिंदगी तुम्हारा एहसान मंद रहूँगा और तुम्हे कोई भी मदद चाहिए होगी तो हमेसा हाज़िर रहूँगा.
मैं:- वो तो मैं ले hi लूंगा और अपनी बेटी की डिटेल आप डोज या वही मिलेगी.
कम:- सब कुछ वही पे मिलेगा, और दो घंटे बाद फ्लाइट है तुम्हारी.
मैं:- ोकक.
उसके बाद हमलोगो की नार्मल बाते हुयी और फिर जॉन और आकाश भी आ गए और हमारी फ्लाइट का टाइम भी होने वाला था इसलिए एयरपोर्ट को निकल गए हम सीबीआई वालो ने ड्राइवर भेजा था हमे छोड़ने के लिए, खैर हम उतरे और एयरपोर्ट में धकिल हुए और सब किरियाकर्म निपटा के बैठे.
और थोड़ी देर बाद फ्लाइट की अनाउंसमेंट हुयी और हम फ्लाइट में बैठे.
हम तीनो की सीट एक साथ थी मतलब रस्ते में बोर नहीं होऊंगा और जॉन भी बेशक उम्र में मुझसे बड़ा हो पर बाँदा मस्त है वो, अगर सीबीआई में न होता तो अपनी टीम में ले लेता में.
जल्दी hi फ्लाइट ताकोफ्फ हुयी और मैंने आकाश और जॉन से बेहद जरूरी बात बोली..
मैं:- देखो हम तीनो ज़िंदा वापिस आएंगे या नहीं या सुसस्फुल होंगे या नहीं इस बात का मुझे नहीं पता, अगर तुम दोनों में से किसी को प्रॉब्लम है तो अभी कूद जाओ प्लेन से अभी तो दिल्ली में hi है हम.
अब जॉन तो बस मुस्कुरा दिया लेकिन आकाश बावली गांड पागल हो गया.
आकाश:- भसडक अब याद आ रही है तुझे ये बात, अबे मरवाएगा क्या वह पे, भेनचोद किसने इसे लीडर बना दिया, भाई मैं नहीं जा रहा तुम्हारे साथ, प्लेन रुकवाओ भेनचोद तू मरवा देगा वह.
वो non-stop बोले जा रहा था और हम दोनों हसे जा रहे थे.
आकाश:- है लो बीटा है लो एक तो पहली बार प्लेन में बैठने से गांड फैट रही है और एक ये बोल रहा है की सायद hi ज़िंदा वापिस आये, बस आरती का क्या होगा मेरे बिना.
मैं:- अबे रो मत कुछ नहीं होगा तुज...
एयरहोस्टेस:- सर क्या आप लोग थोड़ा शांति से बैठेंगे बाकी पैसेंजर्स को दिक्कत हो रही है.
मैं:- सॉरी मिस ये नया है थोड़ा.
वो बस मुस्कुरा के चली गयी और हम भी शांति से बैठ गए अब जॉन तो मागज़ीने पढ़ने लगा और आकाश ने अपने आखो पे वो कला पत्ता डाला और सो गया और मैं बहार बदलो में देखता देखता कब आँख लगी पता hi नहीं लगा.
तो बे कॉन्टिनोएड ??