रवीना टंडन को देखकर तो लंड में करंट दौड़ जाता है…

वो 90 के दश्की मस्त माल, आज भी वैसी ही कातिल लगती है।
उनकी वो गहरी नाभि, साड़ी के नीचे से झांकती हुई, मन करता है जीभ डालकर चाटता रहूँ।
वो भरे-भरे बूब्स, टाइट ब्लाउज में फंसे हुए, जैसे बस फटकर बाहर आने को बेकरार हों।
निप्पल्स की उभरी हुई शक्ल साफ दिखती है, सोचता हूँ एक झटके में ब्लाउज फाड़ दूँ और दोनों चूचियों को मुंह में लेकर चूसता रहूँ।
जब वो हंसती हैं, होंठ इतने रसीले लगते हैं, जैसे अभी-अभी चूत चाटकर उठी हों।
उस लाल होंठों को देखकर बस जी चाहता है अपना मोटा लंड उनके मुंह में ठूंस दूँ,
गला तक घुसेड़ दूँ और उनका गला पकड़कर जोर-जोर से चोदूँ।
वो आंसू भरी आँखों से मेरी तरफ देखें और गुजारिश करें,
पर मैं नहीं रुकूँ, उनके मुंह में पूरा माल उड़ेल दूँ।
फिर नीचे आऊँ… साड़ी ऊपर उठाकर उनकी चिकनी जांघें चाटते हुए,
पैंटी एक तरफ सरका कर उस गुलाबी, गीली चूत को देखूँ।
उंगलियाँ अंदर डालकर देखूँ कितनी टाइट है अभी भी…
फिर अपना 8 इंच का लंड एक झटके में पूरा पेल दूँ।
वो चीखेंगी, कराहेंगी, “आह्ह… धीरे… फट जाएगी…”
पर मैं और तेज धक्के मारूँगा, उनकी कमर पकड़कर,
हर धक्के के साथ उनके बूब्स उछलते देखूँ।
फिर पोजीशन बदलकर डॉगी बनाऊँ…
उनकी मटकती हुई मादरचोद गांड को दोनों हाथों से फैलाकर,
गांड के छेद पर जीभ फेरूँ, फिर लंड से चूत चोदते हुए उंगली गांड में घुसाऊँ।
वो तड़पेंगी, चिल्लाएंगी, पर मैं नहीं रुकूँगा।
अंत में गांड में भी पूरा लंड पेल दूँगा…
धीरे-धीरे फिर तेज-तेज, जब तक उनकी गांड लाल न हो जाए।
पूरे दिन, पूरी रात बस चोदते रहूँ…
सुबह उठते ही फिर मुंह में लंड देकर जगाऊँ।
उनका चेहरा, बूब्स, पेट, चूत… हर जगह अपना गाढ़ा वीर्य मल दूँ।
रवीना मैम, बस एक बार हकीकत में मौका दे दो,
आपकी हर इंच को चाट-चाटकर, चोद-चोदकर स्वर्ग दिखा दूँ…
हर रात आपकी नंगी तस्वीरें देखकर मुट्ठ मारते-मारते थक जाता हूँ,
काश सच में आप मेरे नीचे नंगी चीखती-कराहती रहतीं!
आह्ह्ह… रवीना… बस तेरी… सिर्फ तेरी… चुदाई के ख्वाब में डूबा रहता हूँ!