Samraat ..The Tales of Debauchery, Hate & Revenge - Page 4 - SexBaba
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Samraat ..The Tales of Debauchery, Hate & Revenge

Episode:11


राजस्थान के शहर जयपुर से 15कम दूर shergadh(kalpanik) नाम का एक बड़ा टाउन. जिसकी आबादी 9 हज़ार के करीब थी. शेरगढ़ टाउन में एक बड़ा 'स्टेडियम टाइप' ग्राउंड भी था. जो राजा ठाकुर ने स्पेशल जनता के लिए बनवाया था. जहाँ वह जनता की प्रोब्लेम्स जाना करते. प्रोब्लेम्स जान कर उन्हें सोल्वे किया करते.

वहां राजा ठकुआर सच में hi एक राजा बन कर रहते थे. कोई भी जुर्म करता तोह राजा ठाकुर खुद उसे सजा देते थे. या खुद किसी को सजा देने के लिए कह दिया करते थे.

आज भी ऐसे hi एक मामले का फैसला होने जा रहा था.

बात ये थी....

कुछ दिन पहले पास के एक गाओं की एक लकड़ी का कुछ आवारा लड़कों ने रपे कर दिया था. लड़की को जान से भी मार देना चाहते थे, पर लड़की कैसे भी करके नग्न अवस्था में वहां से भाग निकली. इज़्ज़त तोह वह बचा नहीं सकीय थी भेड़ियों से, जान बचने के लिए पूरी जान लड़ा कर चीखती हुई भाग निकली.. किस्मत की करनी, कुछ दूरी से कुछ राहगीर गुज़र रहे थे. रात का समय था. लड़की की मदद को भगवन ने उन्हें वहां भेज दिया था. लड़की की चीखें सुनकर लड़की की मदद को दौड़ पड़े सब.

राजा ठाकुर को पता चला तोह लड़के जो लड़की के चीखने और भाग निकलने के बाद खुद भी गाओं से भाग निकले थे. राजा ठाकुर के आदमियों ने सुबह होने से पहले hi सबको धार लिया.

चार लड़के थे....

जिन्हो ने लड़की का रपे किआ था. चरों खून से लत पैट पिल्लर्स के साथ बंधे हुए थे. पूरा स्टेडियम खचा खच भरा हुआ था. लड़की और उसके परिवार वाले भी वही मौजूद थे.

राजा ठाकुर उसके बेटे और पोते स्टेज पद राखी बड़ी बड़ी चेयर्स पर बैठे हुए थे. लड़की और लड़की के परिवार वाले राजा ठाकुर के पास hi मौजूद थे.

राजा ठाकुर : बेटी तुम्हारी गयी इज़्ज़त तोह अब वापिस नहीं लौट सकती. पर तुम अपने हाथों से चरों का ख़तम करके अपने शरीर, अपनी आत्मा पर लगे घाव कुछ काम कर सकती हो.

लड़की जिसे राजा ठाकुर की भरपूर सपोर्ट हासिल थी. इज़्ज़त खो बैठी थी, पर हिम्मत बहुत बढ़ गई थी. इज़्ज़त खो देने के बाद उसके अंदर की नारी ने उसके अंदर मर्दों के लिए नफरत बेदार करदी थी. ऐसे मर्द तोह समाज में रहने लायक नहीं हाँ. अपनी hi बहु बेटियों पर भूके कुत्तों की तरह टूट पड़ते हाँ. कैसे वह ऐसे दरिंदो को छोड़ सकती थी.

लड़की ने राजा ठाकुर के कहने पर सामने टेबल पर रखे हथियारों में से 11" खंजर उठाया, खंजर की धार तेज़ धुप में चमकने लगी थी.


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लड़की की आँखों में भी खून दिखने देने लगा था.. सब लड़की को दम साढ़े देख रहे थे. चरों लड़के लड़की को खौफनाक अंदाज़ में, तेज़ धार खनजर के साथ अपनी ऑर्डर बढ़ते देख कर ज़ोर ज़ोर से चीखने चिल्लाने लगे.

उनकी हवा तोह लड़की के भाग जाने से hi टाइट हो गई थी. उन्हों ने सोचा था, लड़की का रपे करके मार देंगे तोह किसी को पता भी नहीं चलेगा. इसलिए सब शेर हो गए थे.

पर अब.....

अब्ब अपनी मौत को लड़की के हथुन में मौजूद खनजर की धार की सूरत देख कर वह पागलों की तरह चीखो पुकार मचा रहे थे. कोई उनकी सुनने वाला नहीं था. कोई उनकी मदद करने वाला नहीं था. लड़को के परिवार वाले किसी को मोह दिखने लायक नहीं रहे थे. वह नहीं आना चाहते थे. पर राजा ठाकुर ने उन्हें भी बुलवा लिया था. वह भी अपने बिगड़े बेटों के आखरी समय को देख प् रहे थे.

लड़की छओरन लड़को के सामने पोहंची.....

लड़की : कितना रोइ थी मैं, कितना गिड़गिड़ाई थी मैं. कितना चिल्लाई थी मैं, कितनी मिन्नतें भी करि थी मैंने तुम सब की. पर तुम में से किसी ने मेरी नहीं सुनी और मुझे बर्बाद कर दिया. एक नारी की पवित्रता को hi पामाल नहीं किया तुम सबने कुत्तो. एक नारी को कहीं भी मोह दिखने लायक नहीं रहने दिए तुम सब ने. तुम सब को मार कर भी मेरा झुका सर नहीं उठ पायेगा. मेरी खोई इज़्ज़त लौट कर वापिस नहीं आएगी.

पारर.....

अब जो मैं खो चुकी हों, वो तोह वापिस नहीं प् सकती, पर तुम सब को अपने हथुन आखरी अंजाम तक पोहंचा कर अपने शरीर, अपनी आत्मा पर आये ज़ख्मो पर कुछ मरहम ज़रूर लगा सकती हों. राजा ठाकुर ने मुझे तुम चरों हरामियों को खुद से मारने की इजाज़त देकर मुझपर बहुत बड़ा एहसान किया है. वर्ण मैं तोह इज़्ज़त खो देने के बाद मर hi गई थी.

एक लड़का : मुझे शमा कर दो रूपा. मैं बहक गया था. मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई रूपा.

लड़का 2 : मैं अपनी हुई भूल को सुधारूँगा रूपा.. मैं तुमसे शादी कर लूंगा. मुझे एक मौका दो रूपा.. दूसरा भी रोटा गिड़गिड़ाते हुए बोलै.

लड़का 3 : रूपा तुझे तेरी माँ की सौगंध मुझे मैट मरना..

लड़का 4 कुछ बोलता उससे पहले से रूपा ने बड़े ग़ुस्से से लड़का 1 के सीने पर चिरका लगा दिए. वह तोह चीखा hi था. साथ में तीनो भी चीख पड़े थे. पुरे स्टेडियम में चरों की चीखें सुनाई दे रही थी. लड़की खुनी आँखों से सब को देखते हुए खंजर से छोटे छोटे चीरे देने लगी.

रूपा : याद करो रात मेरी भी ऐसी hi चीखों पर तुम सब क़हक़हे लगा रहे थे. मेरी इज़्ज़त, मेरे दर्द की कोई परवा नहीं की तुम सब ने. सब के सब वेह्शी दरिंदे बने हुए थे. रूपा फिरसे दूसरे लड़को को चीरा देने लगी. वो भी चीखने चिल्लाने लगी. रूपा को किसी पर दया नहीं आ रही थी.

दूर बैठे हुए राजा ठाकुर के होंटो पर स्माइल आ गई थी. लड़की को शांत मैं से धीरे धीरे सजा देते देख कर राजा ठाकुर को ख़ुशी मिली थी. ऐसे इज़्ज़तों के लुटेरों को फोरि मार देने से कहाँ खून खून हो चुकी आत्मा को शान्ति मिलती है.

लड़की के घर वाले भी वही बैठे हुए सब देख रहे थे. उनके दर्द का सामान भी राजा ठाकुर ने कर दिया था. उनकी बेटी अपनी लूटी इज़्ज़त का बदला खुद से ले रही थी.

राजा ठाकुर के लिए उनके दिलों में सम्मान और भी बढ़ गया था. ऐसे hi फैसलों के कारन तोह सब राजा ठाकुर को सम्मान दिया करते थे. बहुत काम लोग पाप किया करते थे. यदि कोई करता भी था तोह उन्हें भी ऐसी hi भयंकर सज़ाएं दी जाती थी.

चरों लड़के चीखते हुए, ज़ख्मो से चूर होते हुए लड़की से माफ़ी भी मांग रहे थे. लड़की पर तोह खून सवार था. कैसे वह किसी की सुनती.

कुछ मिंटो तक लड़की सब को हलके हलके चीरे देकर अपनी घायल आत्मा को सुकून पुहंचने लगी. अंत में लड़की ने बारी बारी सबके गले पर खंजर चला कर सबकी उखड़ी साँसों को समाप्त कर दिए.

लड़की वही घुटनो पर बैठ कर चीखने लगी. उसे फिरसे गुज़री रात का दर्द, इज़्ज़त खो देने का दर्द सताने लगा था.

राजा ठाकुर ने लड़की के परिवार को देखा, वह सब दौड़ पड़े और लड़की को लेकर राजा ठाकुर के पास आ गए.

राजा ठाकुर : चिंता मत करो बेटी. अब से तुम्हारे फ्यूचर की ज़िम्मेदारी मेरी है. तुम्हारी शादी एक अच्छे परिवार में जल्द hi करवा दी जायेगी. शादी होने तक तुम हवेली में रहोगी. लड़की और उसका परिवार राजा ठाकुर के पैरों में गिर पड़े.

राजा ठाकुर : ठीक है अब्ब उठो.. सब उठ कर साइड हो गए. राजा ठाकुर चरों और नज़र घुमा कर पुरे स्टेडियम में देखने लगे. फिर वह खड़े हुए और अपनी गूंजदार आवाज़ में बोलने लगे.


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साउंड सिस्टम का इंतेज़ाम मौजूद था.....

राजा ठाकुर : सब जानते भी हाँ, पाप करेंगे तोह दंड भी मिलेगा. फिर भी कुछ हराम के जाने पाप कर जाते हाँ. देश क्या, दुन्या के किसी भी कोने में जा छुपे. मेरी पोहंच से दूर नहीं निकल सकते. पर जो गंध उनके दिमाग में भरा हुआ होता है. कैसे वह खुद को पाप करने से रोक सकते हाँ.

चरों पाप करने वाले मारे गए. तुम सब ने देख लिया. फिर से कोई ऐसा घिनोना पाप करेगा उसे भी सजा देकर जान से मार दिए जाएगा. सब जानते हाँ, ऐसे मामलो में मुझे माफ़ करने की आदत नहीं है. फिर भी वह पाप कर जाते हाँ. और अपने परिवार का सर हमेशा के लिए झुका देते हाँ.

थूऊ है ऐसे बेटों पर जो उम्र भर अपने माता पिता का कहते हुए जवान होते हाँ. फिर बड़े होकर उनका नाम मिटटी में मिला देते हाँ. हर बार सजा के बाद मैं यही बातें करता हों. कुछ महीने शांति से बीतते हाँ. फिरसे कोई हरामी पाप कर जाता है. फिरसे यही खेल खेला जाता है.

बड़ा दुःख भी होता है मुझे ऐसा सब देख कर. अपना नहीं ख्याल तोह अपने परिवार का ख्याल कर लो. परिवार का एहसास नहीं है तोह काम से काम एक नारी की इज़्ज़त कितनी कीमती होती है, इतना तोह जान hi सकते हो.

अगली बार से कोई लड़का ऐसी घिनौनी हरकत करते पाया गया तोह उसके साथ जो होगा वह सब जानते hi हाँ. उसके परिवार वाकूं का भी हुक्का पानी बंद कर दिया जाएगा.

राजा ठाकुर की इस बात पर पुरे स्टेडियम में मोहर्रम मच उठा. ऐसा फैसला राजा ठाकुर ने पहले कभी नहीं लिया था. हुक्का पानी बंद कर देना. मतलब एक की सजा सबको मिलना. सब राजा ठाकुर की ऐसी सजा पर काँप उठे. राजा ठाकुर के बेटे और पोते भी वहीँ थे. वह सब भी ऐसे मामलों में ज़रूर शामिल रहा करते थे. राजा ठाकुर अपनी बात पूरी करके उठे तोह दूसरे सब भी उठ कर राजा ठाकुर के साथ स्टेज से उतरने लगे.

सब लोग खड़े होकर हाथ जोड़ कर राजा ठाकुर को परनाम करने लगे.


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राजा ठाकुर भी सबको जवाब देते हुए अपने बेटों और पोतों के साथ स्टेडियम से बहार जाने लगे.

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शूज वाली लड़की का नाम नताशा था.

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23 साला नताशा एक जीनियस स्टूडेंट भी थी. साइंस में टोपर थी. जंगल में रहते हुए शूज को देख कर वह कुछ तोह समझ hi गई थी. न्यूज़ सुनते समय भी शूज बारे बातें सुनकर वह कुछ कुछ समझ गई थी.

नताशा उसी रात 2 बजे के करीब जंगल से निकली, लोगों की नज़रों से बचती हुई कैसे भी करके वह साहिल तक पोहचने में कामयाब हो गई. वहीँ एक जगा बैठ कर नताशा ने "शूज जो उसके परिजन में खुले थे. उसके साइज से बड़े थे" अपने पहने कपडे से पत्तियां बना कर शूज को अपने पैरों में अच्छे से बाँध लिया. शूज के इस्तेमाल का तरीका वह समझ गई थी. टखने के अंदर वाली साइड्स से भी शूज एक्टिव हो सकते थे और पैरों की फिंगर्स द्वारा भी. शूज के इस्तेमाल में वह ट्रेंनेड नहीं थी. इसलिए कुछ घबराई हुई भी थी.

नताशा समुद्र में उतर गई. पानी के कुछ निचे रहते हुए उसने शूज एक्टिव किये तोह उसे एक झटका लगा. वह समुद्र की लहरों पर तोह कभी गहराई में बहुत स्पीड से तैरने लगी. कुछ देर लगी उसे, फिर उसका कण्ट्रोल शूज पर बन गया.

एक बार तोह बहुत गहराई में ले गए थे शूज नताशा को. बड़ी मुश्किल से नताशा वापिस ऊपर तक आई थी. उसकी सांस अंतिम सीमा पर पोहंच गयी थी. देरी होती तोह समुद्र की गहराई में hi उसकी लाश मछलियां खा गई होती.

जब नताशा का कण्ट्रोल सही से शूज पर बना तोह नताशा मुंबई की ऑर्डर बढ़ने लगी. नताशा ने सिर्फ अपने सर को hi पानी के ऊपर रखा था. बाकि पूरा शरीर पानी के अंदर hi था. उसे डर था, कहीं कोई उसे देख न ले.

सुबह होने में 1.6 ऑवर बाकि था. जब वह मुंबई पोहंची. ीनता कण्ट्रोल बना लिया था नताशा ने शूज के उपयोग पर. नताशा के लिए शूज के इस्तेमाल में कोई जान लेवा खतरा बाकी नहीं रहा था.

शूज पैरों को आगे प्रेस करने से स्पीड पकड़ते हुए. नताशा को परेशानी भी खूब उठानी पड़ी थी. कभी एक पेअर का दबाओ बढ़ जाता तोह कभी दूसरे पेअर का. जब भी ऐसा होता तोह नताशा की दिशा बदल जाया करती थी.

मुंबई पोहचने तक वह शूज पर अपना पूरा पूरा कण्ट्रोल बना चुकी थी. स्पीड कण्ट्रोल पर अभी उसे टाइम लगने वाला था.

नताशा समुद्र से निकल कर शहर की ऑर्डर बढ़ने लगी. जंगल में बिताये कुछ घंटों में नताशा बहुत से प्लान बना चुकी थी. बहुत दुःख में भी थी वह अपने परिवार को खो देने से. पर अब वह सब नहीं रहे थे. दुःख तोह जाने वाला था nahi.Haan उसकी खुद की जान ज़रूर शूज के चलते खतरे में आ गई थी. जैसे उसके परिवार वाले मारे गए थे. एक दिन वह भी किसी के हाथे चढ़ कर मारी जायेगी. ये सब भी नताशा ने सोच लिया था.

नताशा को सिर्फ खुद को hi नहीं बचाना था. अपने परिवार वळून के खून का बदला भी लेना था. ऐसी सोच भी उसके अंदर जनम ले चुकी थी.

सुबह होने तक नताशा एक मुस्लिम घर से कुछ पैसे, एक बुरखा, एक जोड़ी जुटे, एक सूट कपड़ो का वह चोरी कर चुकी थी. जान खतरे में थी तोह इतनी डेरिंग भी उसमे आ गई थी.

सुबह होने पर नताशा एक मुस्लिम गर्ल के गेटउप में मुंबई शहर की सड़कों को नाप रही थी. अगले दो घंटो में नताशा ने एक बंद पड़ी हुई कोठी भी ढूंढ ली. उस कोठी के आस पास कोई और कोठी नहीं थी. कुछ छोटे छोटे माकन थे. नताशा सब देख भाल कर उस कोठी में घुस गई.

रात तक वही रही. रात के 11 बजे नताशा कोठी से निकली और मुंबई की hi एक यूनिवर्सिटी में घुस गई. इस काम के लिए उसे बड़ी दलेरी का साबुत देना पड़ा था. बड़ी हिम्मत करि थी नताशा ने. यूनिवर्सिटी में घुस पाना आसान काम नहीं था.

नताशा साइंस लैब में घुसी और एक कपडे में बंद शूज को निकल कर उसपर काम करने लगी. शूज नताशा के परिजन में खुले थे. नताशा उन शूज का साइज तोह काम नहीं कर सकती थी. शूज में लगे हुए nimunica's मटेरियल को अलग करने लगी. उसे दर भी था, कहीं शूज ख़राब न हो जाएँ. पर वह बड़ी सावधानी से लगी रही. सुबह होने तक उसने बहुत सा वर्क कर लिया था.

सुबह होने पर सब सामान सेट किया. सब पहले जैसे सेट करने के बाद वह निकल पड़ी. दो रातें और लगीं नताशा को. इतने टाइम में निमुनिका शूज का पूरा मटेरियल earth's शूज पर सेट कर चुकी थी नताशा.

सब कर लेने के बाद नताशा कोठी पर वापिस पोहंच गई. उसकी एक बड़ी चिंता ख़तम हो गयी थी. अगले दिन नताशा शूज विथ बुरका शहर में आज़ादाना घूम फिर रही थी. और कोई उसे पहचानने वाला भी नहीं था. शूज देखने में आम शूज hi दिख रहे थे.

मुंबई में उसके बहुत से जानने वाले भी थे. उसके वर्कर्स की फैमिलीज़ भी थी. एक ऐसे hi परिवार के पास जा पोहंची नताशा. सब उसे देख कर शॉकेड हो गए. नताशा वहां कुछ देर रुकी, उनसे पैसे लेकर वहां से निकल पड़ी. वहां रह के वह किसी की जान खतरे में नहीं दाल सकती थी.

उसी दिन नताशा ने पुरे मुंबई शहर में बहुत सी बंद पड़ी हुई कोठियां देख डाली थी. यही बंद पड़ी हुई कोठियां hi अब उसका ठिकाना बनने वाली थी. नताशा जितनी ज़हीन थी, उसी हिसाब से अपने ब्रेन का उसे भी कर रही थी. इतने पैसों से उसका गुज़ारा भी नहीं होगा ये बात भी वह अच्छे से जानती थी. अपने अकाउंट से पैसा तोह वह निकलवा नहीं सकती थी. पकडे जाने का डर था. कोई और जुगाड़ लनगा पड़ेगा. ये बात वह समझ गई थी.

वह अब तक ये भी पता लगा चुकी थी, उसके परिवार को मारने वाले अंडरवर्ल्ड वाले थे. नताशा ने खुद को अंडरवर्ल्ड वळून से भिड़ने का मैं बना लिया. ज़रूरत थी तोह मज़ीद डेरिंग और फाइटिंग ट्रैंनिंग की.

शूज का एक्टिवेशन सिस्टम भी नताशा बदल चुकी थी. किसी से लड़ाई भी होती तोह शूज प्रेस होक खुद से एक्टिवटे नहीं हो सकते थे. एक खास तकनीक से hi मूव देने पर ावटिवटे हो सकते थे.




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अमेरिका के समुद्रो में 1500कम दूर 20कम के एरिया पर पहला हुआ एक आइलैंड.. जिसका कोई नाम नहीं था.

आइलैंड R.P.O का बेस no 3 था...

पुरे आइलैंड पर हज़ारों अलग अलग देशो से आये हुए गॉर्डस 24 हॉर्स सिक्योरिटी का काम किया करते थे. किसी को आइलैंड में घुसने की परमिशन नहीं थी. यदि कोई घुस भी जाता था तोह उसका सबकी नज़रों से बच पाना मुमकिन नहीं था. Hi-tech सिस्टम द्वारा आइलैंड का चप्पा चप्पा निगरानी में रहता था. फिर भी हज़ारों गॉर्डस रेगुलर डीएस अंजाम दिया करते थे.

इस आइलैंड पर बहुत से गलत काम भी हो रहे थे. दुन्या भर से टैलेंटेड लोगों को किडनैप करके उनकी brain-washing करके उनके ब्रैनवा में R.P.O से रिलेटेड इन्फो ट्रांफर करके उन्हें हमेशा के लिए R.P.O से जोड़ दिया जाता था. उन्हें हमेशा के लिए R.P.O का वफादार कुत्ता बना दिया जाता था.

गॉर्डस में भी दुन्या भर से किडनैप करके लाये गए गुंडे भी शामिल थे. पर अब वह R.P.O के वफादार कुत्ते थे. और कुत्तो का काम हमेशा मालिकों की, मालिकों की एक एक चीज़ की रक्षा करना होता है. दिन हो या रात ऑंखें खुली रख के वह आइलैंड की सुरक्षा कर रहे थे.

आइलैंड पर बना हुआ 600 मीटर का हेडक्वार्टर अपनी मिसाल आप था. उस बेस को बनाने में सालों लगे थे. पर जैसे वह बना था, आइलैंड पर अगर बग़ावत भी जनम लेती है तोह भी हेडक्वार्टर की बिल्डिंग को खतरा नहीं हो सकता था.

ऐसा नक़्शा बनाने वाले ने कहा था.....

15 सालों से उसका कहा सच भी सबत होता आया था. कई बार नए किडनैप होक आये हुओं ने मिलकर हंगामा बरपा कर दिए था. पर बिना देरी के उनकी बग़ावत को कुचल दिया जाता था.

600 मीटर पर बने हुए हेडक्वार्टर के अंदर बने हुए कमरे कभी भी एक जगा नहीं रहा करते थे. कमरे हमेशा अपनी जगा बदलते रहा करते थे. कभी खुद से टाइमर की बिना पर तोह कभी कण्ट्रोल रूम से.

R.P.O के इस आइलैंड वाले बॉस को रेड मास्टर कहा जाता था.

रेड मास्टर भी डीके षिमुना & दूसरे निमंस की सर्चिंग में लगे हुए थे. सॅटॅलाइट द्वारा

लाइव निमंस को ढूंढा जा रहा था. एक दो बार नज़र में आने के बाद R.P.O वाले निमंस को खो बैठे थे. निमंस की स्पीड बहुत थी. कोई उन्हें कैच नहीं कर पाया.

डीके इंडिया से था और दूसरे निमंस भी एक बार इंडिया की ऑर्डर बढ़ते हुए देखे गए थे. इसलिए R.P.O वाले इंडिया के समुद्रो पर ख़ास नज़र बनाये हुए थे. चीन में मार्गरेट थी तोह यहाँ से सॅटॅलाइट द्वारा इस बेस वाले भी अपना काम अंजाम दे रहे थे. मार्गरेट का कनेक्शन डायरेक्ट मैं हेडक्वार्टर से था.

जब नताशा केरला से शूज पर कण्ट्रोल बनती हुई मुंबई की ऑर्डर बढ़ रही थी. लेट नाईट का समय था तोह समुद्र में निमंस को फंड करने वाला कण्ट्रोल रूम में बैठा हुआ एक वर्कर समुद्र में नताशा की हलचल देख कर मज़े लेने लगा. तब नताशा का केवल सर hi बहार था.


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और बालों की वजा से उसका फेस भी सही से नहीं से दिखाई नहीं दे रहा था.

बहुत देर तक वह नताशा को देखता रहा और साथ स्नैक्स भी खता रहा. उसके सीनियर आया वह स्क्रीन पर नताशा को देख कर चीख पड़ा.

सीनियर : ये लड़की कौन है.. तब जा के पहले वाले ने धयान से देखा तोह उसे भी दिख गया, इतनी देर से वह फिश समझ रहा था, वह एक लड़की थी. उसका मोह खुला का खुला रह गया. सीनियर उसे गलियां देने लगा.

सीनियर ने खुद से सारा कण्ट्रोल अपने हाथ में लिया और साथ hi साईरन भी बजा दिए. पुरे हेडक्वार्टर पर हलचल मच उठी.

रेड मास्टर भी उठा और कण्ट्रोल रूम को मूव करता हुआ अपने कमरे के पास ले आया. कण्ट्रोल रूम में घुस कर वह भी स्क्रीन पर नताशा को देखने लगा. अंदर मौजूद सब एक्टिव हो गए. सब सीधे खड़े हो गए.

रेड मास्टर : गुड जॉब दांय!

दांय खुश हो गया.

रेड मास्टर : इस पर रेगुलर निगाह बनाये रखो. इंडिया में सबको अलर्ट कार्डो. लड़की हाथ से निकलने न पाए. किसी दूसरी आर्गेनाइजेशन को भी खबर नहीं लगनी चाहिए. ये ज़रूर वही शूज वाली लड़की है.

नताशा के मुंबई पोहचने तक सब वही मौजूद रहे. मुंबई में फ़ौरन hi सबको खबर कर दी गई.

"लड़की मुंबई पोहंच चुकी है. कैच हेर!"

पर कुछ हाथ नहीं लगा. नताशा ऐसे ग़ायब हुई. जैसे गधे के सर से सींघ. सब एक दूसरे का मोह hi देखते रह गए थे. अगले 3 दिन तक ख़ामोशी से नताशा को ढूंढा जाता रहा पर नताशा का कहीं कोई सुराग़ नहीं मिला.

रेड मास्टर ने मुंबई में सबको 24 हॉर्स अलर्ट रहने को बोल दिए. मुंबई के सरे एजेंट्स 3 दिन 3 रातों तक खुवार hi होते रहे.

रेड मास्टर जितना खुश था, उतना hi मायूस भी हो गया था. वह ीनता तोह जान hi गया था, ये वही लड़की है जो जादूगर के पास से फरार हुई थी. जिसके परिवार को मार दिया गया था.

शूज R.P.O वलु के हाथ आते आते रह गए थे.




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तीसरे दिन सोफिए भी अलका से मिलने के लिए कोठी से निकल रही थी. उसके कानो में पहनी एअर्रिंग की टोन बजने लगी. टोन इतनी धीमे थी, कोई पास भी होता तोह सुन नहीं सकता था. टोन के साउंड से hi सोफिए समझ गयी राब्ता करने वाला कौन हो सकता है.

सोफिए ने यस कहा तोह डिटेल दी जाने लगी. डिटेल थी, मुंबई में रेड पावर के एजेंट्स को सर्चिंग करते देखा गया है.

खबर सुनकर सोफिए ने अलका से मुलाक़ात को पेंडिंग कर दिया. ीबन मार्श को सब समझा कर, चीन जाने का बोल कर चार्टर्ड प्लेन द्वारा मुंबई जा पोह्ची. वहां B.A.O की एक कोठी में उसका सवागत किया गया. सोफिए के सामने पिछले तीन दिन की R.P.O की रिपोर्ट पेश की गयी.

सोफिए : अच्छी खबर है. तुम सब भी एक्टिव रहते हुए उनके पीछे लगे रहो. ज़रूर ानोथेर प्लेनेट वळून से रिलेटेड कोई बात है या फिर शूज का कोई मटर है.

सोफिए : अपनी ऑर्डर से कोई भी फैसला मत लेना. छोटी से छोटी बात भी मुझ तक पोहनचनि चाहिए. मैं देखूंगी क्या करना है, क्या नहीं करना.

सब : जी मैडम..




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मुंबई के एक इलाके में गौरव(23) नाम का एक लड़का रहता था. सूरत के मामले में, सेहत के मामले में वह आम सा लड़का था. बाकि सब की तरह उसके भी बहुत से सपने थे. अच्छी लाइफ जीना, ढेरों पैसा हो, बांग्ला गाड़ी हो. जहाँ से गुज़रे लोग उसे झुक झुक कर सलाम करें.

बहुत कुछ गौरव में दुसरो के जैसा था. यदि कुछ हटकर था तोह वह था, गौरव के अंदर इन्तहा की हवस का होना. हिम्मत की कमी का होना. जब गौरव 12 साल का था. तोह

उसके माता पिता एक रोड एक्सीडेंट में चल बेस. एक घर था जिसमे वह रहता था. समय ने जहाँ गौरव को क़ाबलियत दी, वहीँ गौरव को बहुत से खवाब भी दिए. गौरव जीनियस तोह था. पर वह एक स्टुपिड जीनियस बन कर रह गया.

थोड़ा थोड़ा करके घर को बेचता गया अंत में 2 कैनाल की जगा सिर्फ 2 मार्ले रह गए. तब तक गौरव 12तह पास कर चूका था. साइंस में उसके अच्छे नंबर थे. वह भी बहुत कम् स्टडी करके आये थे.

गौरव स्कूल में लड़कियों को देख कर, मोहल्ले की लड़कियों को देख कर सेक्स की आग में जलने लगा. हिम्मत उसके अंदर थी नहीं. किसी लड़की के साथ रिलेशन बना कर सेक्स नहीं कर पाया. रिजल्ट ये निकला गौरव को मस्टरबैशन की आदत पद गयी. फिर तोह गौरव इस काम में इतना आगे निकल गया. चोरी छुपे स्कूल की, मोहल्ले की लड़कियों की पिक्स खेंचता और घर आ कर उन्हें नुदे इमेजिन करते हुए मुठ मारने लगता.

12तह के बाद गौरव को ज़रूरत पड़ी काम करने की तोह गौरब को अपना पेट भरने के लिए पेंटर बनना पड़ा.

यहाँ से शुरू हुई गौरव की एक नयी लाइफ.........

गौरव जिसके अंदर कभी हिम्मत नहीं आ सकीय थी, लड़कियों से बात करके उनके साथ सेक्स करने की. गौरव एक जीनियस लड़का भी था. पेंट को लेके वह अलग नज़रिये से सोचने लगा.

हिम्मत में कमी थी, मस्टरबैशन की आदत थी. पर ऐसे मामलो में गौरव जीनियस भी था.

गौरव के मैं में एक बात आई. जैसा कह उसने सुन रखा था, बुक्स में पढ़ा भी था. कुछ लोग ऐसे होते हाँ, जो कलर ब्लिंग होते हाँ. किसी के सामने रेड कलर आ जाए तोह उसे रेड कलर दिखाई नहीं देता. किसी को नीला तोह किसी को कोई और कलर दिखाई नहीं देता.

गौरब ने सोचा, क्यों न रंगो पर एक्सपेरिमेंट किया जाए, एक ऐसा रंग तैयार किया जाए. जो अगर किसी चीज़ पर कर दिया जाए तोह वह चीज़ किसी को दिखाई न दे. गौरव के मैं में ये था, ऐसे तोह उसमे हिम्मत आने से रही, किसी तरह इनविजिबल रह के वह लड़कियों से साथ कुछ भी कर सकता है.

इसी बात से उसकी हिम्मत बढ़ी और हर दिन नए नए एक्सपेरिमेंट्स करने लगा. दो साल लगे गौरव को और फिर गौरव एक ऐसा पेंट बनाने में सफल हो गया. जो अगर किसी चीज़ कर कर दिया जाए तोह वह पेंट के खुश्क हो जाने के बाद वह चीज़ ग़ायब हो जाए.

गौरव ने ब्लैक कलर के पेंट में कुछ मेटल्स मिक्स किये. एक पेंट तैयार हुआ तोह गौरव ने अपने कमरे में hi पड़ी लकड़ी की एक कुर्सी पर आधा पेंट कर दिया. रिजल्ट ये निकला जहाँ जहाँ कुर्सी पर पेंट किया था गौरव ने. कुर्सी का वह हिस्सा पेंट के खुश्क हो जाने के बाद ग़ायब हो गया.

वह पेंट कुछ ऐसा था. अगर नंगी आंख से देखा जाता तोह तो सिंपल एक पेंट hi दिखाई देता था. मिकरसकपे से देखे जाने पर नन्हे नन्हे से ऊंचे निचे स्फोरम बने हुए नज़र आते थे. इसी रीज़न के चलते इस पेंट को एक खासियत मिल गई. ऊंचे निचे तेलों के कारन पेंट पर रौशनी पड़ती तोह रिफ्लेक्ट नहीं हो पति थी. चूँकि रौशनी रिफ्लेक्ट होक वापिस नहीं आती थी, इसलिए इंसानी आंख उसे देख पाने से क़ासिर थी. गौरव का बनाया नया पेंट उन्ही घाटियों में गम होकर रह जाता. रौशनी मौजूद होने के बावजूद भी इंसानी आँखों के सामने से ग़ायब हो जाती थी.

"गौरव सफल हो गया है" ये जान कर उसकी ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा. उस दिन और पूरी रात मारे ख़ुशी के वह सो hi नहीं पाया. कमरे में hi रक़्स करने लगा.

इतनी कमाल की चीज बना कर भी गौरव की सोच लड़कियों को छोड़ने तक hi रही. उसी पेंट को अपने 3 जोड़ी कपड़ो पर उसने पेंट कर दिया. जब पेंट खुश्क हुआ तोह कपडे ग़ायब थे. गौरव फिर वही कपडे पहन कर मोहल्ले में रातों रत चुपके से निकल जाता और किसी घर में घुस कर लड़की को बेहोश करके, बांध कर उसका रपे कर देता. पहली तोह उसे ज़यादा हिम्मत नहीं मिली और छूट पर लुंड रखते hi झाड़ गया. फिर तोह उसकी ऐसी हिम्मत बढ़ी कह वह हर दूसरी तीसरी रात निकल पड़ता और किसी न किसी को छोड़ कर वापिस आ जाता.

ये ऐसी वारदात थी, कोई लड़की या औरत किसी को कुछ बता भी नहीं सकती थी. कौन उसकी बातों पर यकीं करता. इसलिए ये बात नहीं खुली.

गौरव को एक आदत और भी पद गई थी. किसी को नज़र तोह वह आता नहीं था. राह चलती हुई लड़कियों की गांड में भी ऊँगली करने लगा.




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नताशा अगले दिन के 4 चार बजे बुर्के में कहीं जा रही थी. नताशा पैदल थी. एक पार्क से कुछ पहले एक पेड़ के पास से वह गुज़री तोह किसी ने उसकी गांड की ऊँगली कर दी. ऊँगली बड़ी ज़ोर से नताशा की गांड के छेड़ पर चुभी थी. नताशा को बड़ा ग़ुस्सा आया. घुमते hi नताशा ने अपने एक हाथ को पूरा खोल कर घुमा दिया. नताशा का हाथ किसी के मोह पर लगा. अच्छी खासी आवाज़ भी हुई थी. नताशा ने मुद कर देखा तोह उसका मोहन खुला का खुला रह गया. उसे कोई दिखाई hi नहीं दिया था. अपनी गांड में ऊँगली किये जाने का एहसास अब भी था. उसका थप्पड़ भी किसी को लगा था. पर कोई दिखाई नहीं दिया था. नताशा बड़ी हैरान होकर देखने लगी..

कुछ फैसले पर कुछ लोग खड़े हुए थे. वह नताशा को देख कर हसने लगे. तोह कुछ बोलने लगे.

"लड़की शायद खिसकी हुई है"

कोई मनचला बोलै.

"मुझे तोह लगता है, किसी पागल खाने से भाग कर आई है"

नताशा ने सबको एक नज़र देखा, किसी से कुछ नहीं कहा. मुड़ने से पहले एक नज़र पीछे पेड़ वाली साइड में देखा. फि सर्र झटक कर सीधा रुख करते हुए चलने लगी. नाश्ता ने अभी 4 क़दम hi बढ़ाये थे. जैसे उसके ब्रेन में कुछ क्लिक सा हुआ. नताशा फ़ौरन घूमी और पीछे मुद कर बड़े धयान से एक जगह देखने लगी. ज़यादा देर नहीं गुज़री थी, नताशा को हवा में hi मोअल्लक़ कुछ दिखाई दिया.

नताशा नहीं जानती थी, जिसे वह देख रही है, वह एक इनविजिबल लड़का गौरव है. गौरव जो सोच रहा था. आज तोह बाल बाल बचा.

नताशा को अपनी ऑर्डर घोर करते देख कर चौंक गया. उसे कुछ समझ तोह नहीं आई. पर वह घबरा गया. फ़ौरन hi वह हरकत में आया.

नताशा जिस चीज़ पर धयान दिए हुए थे. वह था गौरव के मोह से टपकने वाला खून. वहीँ खून के क़तरे कुछ गौरव के पेंटेड मास्क पर छलक आये थे. गौरव ये बात नहीं जनता था. नताशा पहले तोह आहिस्ता से गौरव की और बढ़ने लगी. गौरव भी नताशा को अपनी ऑर्डर बढ़ते देख कर भागने लगा.

नताशा भी खून के धब्बे को खुद से दूर होते देख कर उसके पीछे भागने लगी. नताशा बुर्के में थी तोह लोग फिरसे उसे पागल लड़की बोलने लगे. नताशा को भला किसी की परवा कैसे हो सकती थी.

गौरव के तोह पसीने hi छोट गए थे. उसने कभी सोचा hi नहीं था. कुछ ऐसा भी उसके साथ हो सकता है. पूरी जान लड़ा कर वह भागने लगा. घूम कर दौड़ते हुए गौरव पार्क में जा घुसा. पार्क में कोई पास नहीं था. नताशा ने यहाँ अपनी स्पीड बढ़ा ली. गौरव ने किसी ऐसी hi मुसीबत से बचने के लिए लकड़ी के कुछ तख्तो पर पेंट करके इनविजिबल बना दिया था. गौरव उन्ही लकड़ी के तख्तो के पीछे जा छुपा. गौरव अपने हिसाब से नताशा से छुप गया था. पर नताशा जिसके अंदर हलचल मची हुई थी. शूज के बाद फिरसे उसे एक नायब चीज मिलने जा रही थी. उसका खून बहुत तेज़ रफ्तारी से उसकी रगों में दौड़ रहा था. गौरव ग़ायब तोह पहले से hi था. तख्तो के पीछे ग़ायब हुआ तोह नताशा पूरी रफ़्तार से उन तख्तो से टकरा गई.

गौरव वहीँ गिरा पड़ा थार थार काँप रहा था. खून के धब्बे कुछ और भी क्लियर हो गए थे. नताशा को गौरव के मोह की कुछ झलक दिखाई देने लगी. नताशा ने टटोल कर गौरव का हाथ पकड़ लिया.

गौरव : दीदी मुझे माफ़ कार्डो. दीदी मुझसे गलती हुई दीदी. फिरसे कभी आपको हाथ नहीं लगाऊंगा दीदी. गौरव रट हुए बोलै.

नताशा ने इर्द गिर्द देखा कोई नहीं दिखा. तोह नताशा गौरव से बोली.

नताशा : चुप चाप मेरे साथ चलो. वर्ण यही जान से मार दूंगी. नताशा गरजते हुए बोली. गौरव की हिम्मत एक बार फिरसे टूट चुकी थी. सेहत में भी वह कमज़ोर था. नताशा के खूंखार लहजे से वह सेहम गया.

गौरव : ठीक है दीदी, पर आप मुझे कुछ नहीं कहेंगी.

नताशा : नहीं कुछ नहीं कहूँगी. चलो मेरे साथ.

नताशा गौरव का हाथ पकड़ कर उसे अपने साथ करीब की एक कोठी पर ले जाने लगी. नताशा अंदर से बहुत ज़यादा झूमने भी लगी थी. शूज के बाद दूसरों की नज़रों से ग़ायब होने का बंदोबस्त भी हो गया था.





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एक हफ्ते एक अंदर hi षिमुना के हार्मोन्स में चेंज लाया जा चूका था. षिमुना के पसीने की महक बदली जा चुकी थी. एअर्थ पर आये निमंस अब षिमुना को महक से पहचान नहीं सकते थे.

Chi-fang : बधाई हो षिमुना बेटी, अब तुम भी हम इंसानो की तरह से दुन्या में घूम फिर सकती हो. फ़िलहाल के लिए तुम्हारे लिए खतरा ख़तम हो गया है. टेम्पल में रह के तुम भी हमारे हाँ की फिहितंग सीख कर खुद की रक्षा करना भी सीख सकती हो. कोशिश करना अपने अंदाज़ से किसी को पता न चलने दो. तुम इंसान नहीं किसी दूसरे प्लेनेट से आई लड़की हो. ऐसा अगर किसी को पता चला तोह फिरसे तुम्हारे पीछे पद जाएंगे. तुम्हारे अंदर के हार्मोन्स में बदलाव ला कर तुम्हारे पसीने की महक को बदल दिए गया है. ऐसा बार बार नहीं हो सकता. बार बार करने से तुम्हारे अंदर की लड़की मरती जायेगी. फिरसे ज़रूरत पड़े तोह कोई और जुगाड़ कर लेना, पर ऐसा कभी मत सोचना.

षिमुना : जी मास्टर जी! षिमुना इससे ज़यादा नहीं बोल सकीय. मास्टर के लिए रेस्पेक्ट भी बढ़ गई थी और साड़ी बातें भी उसकी समझ में आ गई थी.

दिल में वह बस एक hi बात बोली थी. जब भी मेरे लिए खतरा बढ़ा तोह मेरे पास एक ठिकाना है छुपने के लिए मास्टर.

Chi-fang : अब तुम मेरी पोती wang-zhi के साथ टाइगर बेटे से जा के मिल सकती हो. मेरी पोती के साथ रह के ट्रैंनिंग भी ले सकती हो. दुन्या वळून की नज़रों में रहते हुए ऊपर टेम्पल में एडमिशन फॉर्म फइलल कार्डो. टाइगर बीटा भी कुछ घंटे ऊपर रह के ट्रैंनिंग करेगा. तुम, टाइगर और wang-zhi तीनो एक साथ रहना.

षिमुना : मास्टर सूरत से मुझे देख के किसी को शक भी हो सकता है. और फिर मुझे यहाँ की भाषा भी तोह बोलनी नहीं आती.

Chi-fang कुछ सोचने लगे, फिर वह बोले.

Chi-fang : सूरत तो तुम्हारी बदली जा सकती है, पर भाषा के मामले में मैं कुछ नहीं कर सकता.

षिमुना जब आयी थी तोह दक्ष में समाते hi हिंदी और इंग्लिश को दक्ष के अंदर से अपने अंदर ट्रांफर कर लिया था.

वह बोली....

षिमुना : मास्टर! अगर आप इजाज़त दें तोह मैं wang-zhi के अंदर समां कर यहाँ की भाषा सीख सकती हों और टाइगर के अंदर समां कर उसे भी यहाँ की भाषा सीखा सकती हों. इस काम में देर भी नहीं लगेगी.

मास्टर chi-fang षिमुना की इस बात से खुश हो गए और षिमुना को इजाज़त दे दी. कुछ देर में wang-zhi आई, षिमुना wang-zhi को बता कर उसमे समां गई, और लगगे को अपने ब्रेन में उतरने लगी. षिमुना को देर नहीं लगी. कुछ देर में वह फिरसे बहार थी.

षिमुना ने चिनेसे भाषा में दोनों से बात की तोह षिमुना को चिनेसे में बात करते देख कर दोनों बड़े खुश हुए.

कुछ मिंटो में षिमुना और wang-zhi दोनों टाइगर के पास थी. टाइगर योग की एक मश्क़ के बाद रेस्ट ले रहा था. Wang-zhi के साथ षिमुना को देखा तोह ख़ुशी से उठ खड़ा हुआ. षिमुना भी बेपनाह ख़ुशी के साथ भगति हुई आई और कूद के टाइगर की बहन में समां गई.


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षिमुना को कोई शर्म नहीं थी. शर्म तोह टाइगर को भी नहीं थी. लड़कियां उसकी ज़िन्दगी में आती जाती रही थी. एक मर्द था तोह ज़रूरत पड़ती रहती थी. पर दिल से किसी के साथ आत्ताच नहीं हुआ था. एक षिमुना hi थी, जिसके लिए टाइगर के दिल में कुछ आ गया था.

षिमुना टाइगर को चूमने लगी. दोनों गालों पर, होंटो पर. षिमुना खुश hi इतनी थी.

Wang-zhi और मास्टर shoon-li के हसने की आवाज़ आई तोह टाइगर को कुछ होश आया. टाइगर ने आस पास देखा तोह दोनों को देख कर टाइगर शर्मा गया. पहले कभी किसी के सामने किसी लड़की के साथ ऐसा सब नहीं किया था टाइगर ने. और न hi किसी लड़की ने ऐसे खुले में उसे चूमा था. टाइगर दोनों को देख कर शरमाया तोह मास्टर shoon-li और wang-zhi दोनों खुल कर हसने लगे.

षिमुना थी कह उसका मैं hi नहीं भर रहा था टाइगर को चूमने से.

टाइगर : क्या करती हो षिमुना, wang-zhi और मास्टर दोनों यहीं हाँ.

षिमुना ने भी दोनों को देखा, एक स्माइल करि दोनों को और फिरसे टाइगर के होंटो से होंठ जोड़ कर एक ज़ोरदार किश करि, फिर अपनी दोनों टाँगें जो टाइगर के गिर्द लिपटी हुई थी, खोल कर टाइगर के बराबर कड़ी हो गई थी. हाइट में भी षिमुना टाइगर के बराबर की थी.



दोनों चमकती आँखों से एक दूसरे को देखने लगे.

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आज के लिए इतना Hi Mitro...Milte हाँ नेक्स्ट Episode के साथ जल्द Hi......
🤛🙏🤜

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Episode
:12


अगले दिन टाइगर षिमुना के साथ एक चमचमाती गाडी में बैठा टेम्पल में दाखिल हो रहा था.

टाइगर षिमुना के साथ ख़ुफ़िया रस्ते से निकल कर शहर में hi बानी एक कोठी पर चला गया था. जहाँ wang-zhi पहले से hi मौजूद थी. षिमुना का फेस भी बदला जा चूका था. षिमुना ने टाइगर के ब्रेन में भी चिनेसे लैंग्वेज ट्रांसफर कर दी थी.

अब कोई भी टाइगर या षिमुना को पहचान नहीं सकता था. यदि कोई पहचानता भी तोह टाइगर या षिमुना की hi कोई मिस्टेक होती या फिर पहचानने वाला कोई एक्सट्रा ब्रिलियंट ब्रेन वाला होता.

ब्रिलियंट ब्रेन तोह मार्गरेट के पास भी था. B.A.O वाले भी डीके और षिमुना के पीछे पद चुके थे. सब के पास एक से बढ़कर एक एजेंट था. देखना था, कब तक टाइगर और षिमुना सबकी नज़रों से बचे रह सकते थे. कोई ऐसा ब्रेन सामना आता भी आता है क्या जो डीके एंड षिमुना को फंड आउट कर सके.

गाड़ी को पार्किंग में छोड़ कर दोनों उस ईमारत की ऑर्डर बढ़ने लगे जहाँ से फॉर्म लेके फील करके सबमिट करना था.

अगले 25 मिंट में दोनों इस काम से फ्री हो चुके थे. दोनों पर्सनालिटी में सुपर थे, तोह पूरा टेम्पल भी एक से बढ़कर एक पर्सनालिटी होल्डर पर्सन से भरा पड़ा था. यहाँ पर सीख रहे सभी एक दूसरे से बढ़के थे. वर्ल्ड के कोने कोने से आये हुए लोग यहाँ पर मौजूद थे. ज़यादा तर पैसे वाले थे. बहुत से किसी आर्गेनाइजेशन से जुड़े हुए भी थे.

टाइगर और षिमुना को भी सबने सरसरी सा hi लिया. हाँ कुछ की नज़रों दोनों को देख के कुछ तारीफी ज़रूर थी. और ऐसी नज़रें अक्सरो के लिए हुआ करती थी.

दोनों टेम्पल में घूमने लगे. दोनों को 2 घंटे वेट करने के लिए बोलै गया था. दो घटने बाद टेम्पल में नए आने वाले स्टूडेंट्स को लेक्टर्स एंड ट्रैंनिंग पर ब्रीफिंग देने के लिए एक मास्टर आने वाले थे.

षिमुना का नाम कोई नहीं जनता था. कोई ये भी नहीं जनता था, डीके से जुड़ा हुआ निमन मेल है या फीमेल. षिमुना का नाम शार्ट करके शिमि कर दिए गया.

षिमुना : बड़ा खूबसूरत टेम्पल है टाइगर देख के बड़ा अच्छा लगा मुझे. देखो तोह कैसी डिफरेंट टाइप की बिल्डिंग्स बानी हुई है.

टाइगर : हज़ारों साल पुराण है शिमि ये टेम्पल. बहुत नाम भी है इसका पुरे वर्ल्ड में. यहाँ से सीख के गए हुए लोग दुन्या में बहुत नाम भी कमा चुके हाँ. टाइगर षिमुना के नॉलेज में इज़ाफ़ा करते हुए बोलै.

षिमुना : फिर भी देखो कैसे अब भी अपनी पूरी अब ो ताब से कड़ी हाँ. षिमुना टेम्पल की एक बिल्डिंग को देखते हुए बोली.

टाइगर : तुमने अभी तक मिस्र के अहराम नहीं देखे शिमि, वजह देखोगी तोह हैरान रह जाओ, कैसे हज़ारों साल पहले आजके ज़माने के हिसाब से फैसिलिटीज न होते भी ाहरमो को बनाया गया था.

षिमुना टाइगर को देखने लगी. फिर वह बोली.

षिमुना : फिर तोह ज़रूर मुझे वह सब देखने पड़ेंगे. तुम्हारी आँखों में देख के मुझे लगता है, वह सच में hi देखने लायक कोई चीज होगी.

टाइगर : पिक्स एंड डिटेल तोह मोबाइल से भी देखि जा सकती हाँ. पर रियल की बात hi अलग है. मैं गया हों एक बार वहां. देख के बड़ी अजीब सी फीलिंग्स आई थी मुझे. एक साइड रखे एक बेंच पे बैठते हुए टाइगर बोलै तोह षिमुआ भी टाइगर के साथ hi बैठ गई.

आस पास से गुज़र रहे स्टूडेंट्स को देखते हुए दोनों बातें भी करने लगे.

दो घंटे बाद सब एक ग्राउंड में मजा हुए. वहां सबके लिए उनकी सीख के हिसाब से सेक्शंस का बता दिए गया. किसके लिए कौनसा सेक्शन और कौनसा मास्टर है, वह बताया गया. डिसिप्लिन बारे ख़ास ज़िक्र किया गया. फाइन एंड पनिशमेंट बारे में सभी को डिटेल से बताया गया.

टेम्पल में घूमते हुए टाइगर और षिमुना को मार्गातीत भी दिखाई दी थी. मार्गरेट भी दोनों को देख के अपनी ट्रैंनिंग में बिजी हो गई थी. मार्गरेट दोनों में से किसी को पहचान नहीं पाई थी.

अगले तीन दिन यही रूटीन रही. टाइगर और षिमुना लेक्टर्स के बाद ट्रैंनिंग करते, वहां मौजूद स्टूंडेंट्स के कुछ बात चीत करते, wang-zhi से भी वही फिरसे मुलाक़ात की और तीन दिनों में wang-zhi के साथ दोनों ज़यादा क्लोज हो गए.. दोनों को टेम्पल में hi एक रूम में मिला था. मैं करे तोह वही रह भी सकते थे. नहीं तोह बहार कहीं जा के भी रह सकते थे. पर कुछ रूल्स बहार रहने के लिए भी बताये गए थे. कुछ भी ऐसा करने पर निकला जा सकता था, जिसके कारण टेम्पल की इज़्ज़त पे हर्फ़ आये.

कभी दोनों कमरे में रह लेते तोह कभी ट्रैंनिंग के बाद गाड़ी में बैठ के शहर घूमते और फिर कोठी पर वापिस पोहंच कर हिडन वे द्वारा टेम्पल के बेसमेंट में पोहंच जाते. वहां मास्टर SHOON-LI से असली ट्रैंनिंग लेते. Wang-zhi भी सभी फाइटिंग सीख चुकी थी. षिमुना फाइटिंग के साथ योग की खास क्लासेज लेने लगी. Wang-zhi षिमुना को गाइड करने लगती. षिमुना चाहती तोह पूरा कनौलेगे एक hi बार में हासिल कर सकती थी. Wang-zhi के ब्रेन में घुस के या किसी और के ब्रेन में घुस के भी सारा कनौलेदे हासिल कर सकती थी. षिमुना ने ऐसा नहीं किया. धीरे धीरे वह भी सब सीखना चाहती थी. अभी कोई इमरजेंसी भी नहीं थी. और वह सीख भी बड़ी जल्दी से रही थी.

4तह डे टाइगर, षिमुना और wang-zhi टेम्पल के होटल में बैठे हुए खाना खा रहे थे. मार्गरेट भी अपने असिस्टेंट के साथ वहीँ थी. टेम्पल बहुत बड़ा था तोह उसी हिसाब से यहाँ कैंटीन की जगा ट्रिप्पले फ्लोर वाला एक होटल मौजूद था.

टाइगर, षिमुना और wang-zhi बातें करते हुए लंच कर रहे थे. होटल के मैं दूर से एक 23-24 साल का लड़का दाखिल होता हुआ दिखाई दिया. वह बहुत घबराया हुआ चरों और देख रहा था. चेहरे नार्मल दिखने की भी कोशिश में था वह. पर उसके फेस एक्सप्रेसशन उसे स्टुपिड ज़ाहिर कर रहे थे.

कुछ लड़के उसे देख के हूटिंग करने लगे तोह सभी का धयान उसकी और हो गया. टाइगर, षिमुना और wang-zhi के साथ साथ मार्गरेट भी उसकी और देखने लगी.

हूटिंग होने से लड़का कुछ और भी घबरा गया. स्टुपिड लोगों के जैसे मोह खोल कर, उलटे हाथ से नाक साफ़ करते हुए चरों और देखने लगा. नक् साफ़ की तोह जो लड़के हूटिंग कर रहे थे उनमे से एक बोलै.

"ओह्ह यू स्टुपिड अग्ली गाए! देख नहीं रहे सब खाना खा रहे हाँ"

वह बुरा सा मोह बना के बोलै तोह कुछ और लड़के लड़कियां भी कमैंट्स पास करने लगे. स्टुपिड नाक से शूं शूं करता हुआ आगे बढ़ा तोह कइयों ने उसे देख के मोह टेढ़ा कर लिया.

Wang-zhi : हाहाहा ऐसे सैंपल भी टेम्पल में आने लगे हाँ.

षिमुना : लड़का तोह पूरा नमूना है. षिमुना भी हस्ते हुए बोली.

टाइगर लड़के को देखते हुए बोलै. मसल्स देखो बाकि सब छोड़ दो. स्टुपिड तोह दिख रहा है. पर बॉडी सहोदय बहुत मस्त बना राखी है उसने.

स्टुपिड लड़का आगे बढ़ा, एक वेटर आ रहा था स्टुपिड उससे बोलै.

स्टुपिड : ब्लो मैं कहाँ बैठों. स्टुपिड की शूं शूं करती नक् देख कर वेटर कुछ बोलना तोह चाहता था. पर उससे इतनी परमिशन नहीं थी. बड़ी मुश्किल से खुद पर काबू रखते हुए वह बोलै.

वेटर : सामने वह जो खली टेबल नज़र आ रही है, उसपर बैठ जाओ.

स्टुपिड : ुष टेबल पर बैठ जाऊं.

वेटर : हाँ जाओ बैठ जाओ, मैं आता हों अभी आपके पास और आर्डर लेता हों. दोनों की कन्वर्सेशन टाइगर और दूसरे कुछ और भी सुन रहे थे.. स्टुपिड फिरसे नक् साफ़ करता हुआ उस खली टेबल की ऑर्डर बढ़ गया. बहुत सी नज़रें उसका पीछा कर रही थी. उन्ही नज़रों में टाइगर एंड दोनों की नज़रें भी शामिल थी. वह भी इस स्टुपिड को को देख रहे थे.

स्टुपिड टेबल के पास पोहंचा और फिरसे चरों और देख के कुर्सी पर न बैठते हुए टेबल के ऊपर बैठ गया.

उस के टेबल के ऊपर बैठते hi जो भी होटल में था, वह इतने ज़ोर से हंसा कह पूरा होटल hi क़हक़हू से गूँज उठा. टाइगर, षिमुना और wang-zhi भी खुल कर हसने लगे. हसने से कइयों के तोह मोह से मौजूद निवाला तक निचे गिर पड़ा था.

सब अभी तक है रहे थे. और वह स्टुपिड सब को देख के फिरसे उलटे हाथ से अपने नक् को साफ़ करने लगा.

एक बोलै.. इस स्टुपिड को टेम्पल में किसने आने दिए.

दूसरा कोई बोलै.. टेम्पल में घुस hi गया है तोह होटल में आने की क्या ज़रूरत थी. स्टुपिड कहीं का.

एक वेट्रेस दौड़ती हुई उस स्टुपिड तक पोहंची. सब एकदुम्म से चुप हो गए. सब उस स्टुपिड की बातें सुन्ना चाहते थे. टाइगर, षिमुना और wang-zhi भी अपना खाना छोड़ कर उस स्टुपिड को देखने लगे.

वैट्रेस : सर आप टेबल पर क्यों बैठे हाँ. चेयर पर बैठे. वेट्रेस भी घबराई हुई जल्दी से बोली.

स्टुपिड : शोलय शिष्टर मुझे ब्लो ने बोलै था टेबल पे बैठने को. स्टुपिड की बात पे होटल हाल फिरसे सबके मुश्तर्का क़हक़हों से गूँज उठा. स्टुपिड फिरसे घबरा के चरों और देखने लगा.

वेट्रेस ने अपने माथे पे हाथ मारा और स्टुपिड को बाज़ो से पकड़ के चेयर पर बिठा दिए. वेट्रेस आर्डर लेके चली गई. और स्टुपिड सब को देखते हुए नक् साफ करने लगा.

सब फिरसे अपने खाने में बिजी हो गए.

षिमुना : कसम से टाइगर उस नमूने को देख के बहुत मज़ा आया मुझे. षिमुना अपनी हंसी दबाते हुए बोली. खुले में होती तोह शायद लूट पूत भी हो जाती.

ज़यादा तर स्टुपिड की hi बातें होती रही. खाने के बाद तीनो बहार निकलने लगे.

मार्गरेट भी उसी समय उठ कर बहार की और बढ़ने लगी. मार्गरेट टाइगर से आगे थी अपने असिस्टेंट के साथ. सामने से कुछ और लड़के अंदर आते हुए दिखे तोह मार्गरेट धीरे हो गयी. टाइगर जो षिमुना और wang-zhi से बात करते हुए उन्हें देख के चल रहा था. मार्गरेट के धीरे होते hi मार्गरेट से टकराते टकराते बचा. टाइगर को फ़ौरन hi एहसास हो गया था मार्गरेट के धीरे होने का. मार्गरट को अपनी गर्दन पर टाइगर की गरम साँसे फील हुई तोह वह ग़ुस्से से पलट के टाइगर को देखने लगी. वह कुछ बोलती उससे पहले hi wang-zhi बोल पड़ी.

Wang-zhi : मैडम आपके धीरे होने से टाइगर आपसे टकराते हुए बचा है. बड़ी कोशिश से टाइगर से खुद को आपके टकराने से बचाया है.

मार्गरेट को भी रीलीज़ हुआ कह टाइगर की गलती नहीं थी और फिर वह टकराने से खुद को बचा भी गया था. और फिर बोलने वाली भी तोह टेम्पल के सबसे बड़े मास्टर की पोती थी.

लम्बी सांस लेके मार्गरेट ने खुद को फ़ौरन hi नार्मल किया और बहार को जाने लगी. बोली कुछ नहीं.

टाइगर : बड़ी टेढ़ी है यार ये तो.

Wang-zhi : ऐसी वैसी, टेम्पल में कोई भी इससे भिड़ने की कोशिश नहीं करता. कुछ देर में hi उसे टेढ़ा कर देती है. बड़ी कमल की फाइटर भी है, और अगले को समझने की शक्ति भी इसमें बहुत हाँ.

तीनो कुछ देर में बहार थे. एक मैदान में चलते हुए बातें करने लगे.

अंदर b.A.O का स्टुपिड बैठा स्टुपिड लोगों के जैसे खाने में लगा हुआ था. अब काम hi लोग उसे देख रहे थे. खाने के बाद वह उठा और वाशरूम की और बढ़ने लगा. बीच रस्ते में hi उसे एक इंडियन लड़का दिखा, स्टुपिड उससे टकरा गया. स्टुपिड की बेल्ट पिन बहार को निकली हुई थी. इंडियन लड़के को लगी तोह वह चीख पड़ा. उसने स्टुपिड के मोह पे एक मुक्का जड़ दिए. स्टुपिड सॉरी बोलता बोलता हुआ वाशरूम में घुस गया. अब भी कैयो ने उसे देखा था. इस अब्र उसे नज़र अंदाज़ करके सब अपने खाने में बिजी हो गए. स्टुपिड वाशरूम में घुसा. बेल्ट पिन पर लड़के का खून लग गया था. स्टुपिड ने अपनी पॉकेट से पेन निकला और बेल्ट पिन को पेन पर बने हुए एक सुराख़ में घुसा दिए. फ़ौरन hi उस पेन पर ब्लड ग्रुप शो होने लगा.

डीके बारे जहाँ साड़ी डिटेल सबको मिल चुकी थी, वही डीके के ब्लड ग्रुप बारे भी सभी जान चुके थे. स्टुपिड अब इसी फॉर्मूले पे अमल करने वाला था. स्टुपिड का नाम सैंडी था. सैंडी वाशरूम से बहार निकला तोह फिरसे स्टुपिड बांके टेम्पल में घूमने लगा.





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जब षिमुना मास्टर CHI-FANG के पास थी और मास्टर CHI-FANG षिमुना को अंदर से चेंज कर रहे थे. तोह षिमुना एक मरहले से गुज़र रही थी इसलिए निमुनिका की सर्चिंग मशीन षिमुना को फंड नहीं कर पाई थी.

षिमुना के पसीने की महक चेंज हुई थी, उसके अंदर से निमुनिका वाला तोह बाकि सब कुछ वही था.

एक हफर बाद जब षिमुना नार्मल होक टाइगर से मिली तोह निमुनिका सर्चिंग मशीन से षिमुना के सिंगल भी मिलने लगे. सिंगल पॉवरफुल नहीं थे. पर वह जान गए कह एक और निमन को मशीन ने फंड आउट कर लिया है. लोजान को खबर दी गई तोह कुछ hi देर में वह ाँ पोहंचा.

लोजान : बहुत अच्छे जा रहे हो तुम सब. ये षिमुना hi हो सकती है. सबसे अलग कोई और निमन नहीं हो सकता और फिर सिग्नल भी किसी आइलैंड पर नहीं हाँ. क्या तुम सब इसे ज़ूम आउट नहीं कर सकते.

सकी 3 : थे ग्रेट किंग मशीन पर काम जारी है.

लोजान : कोशिश करो, जल्द से जल्द इसे कम्पलीट करो. लोजान कुछ और ऑर्डर्स देके रुखसत हो गया.

सकी 1 : तुम अपने साथ साथ हमें भी मरावोगे फ्रोज़न. तुम जानते हो ऐसा कुछ नहीं बनाया जा सकता. ज़ूम आउट जैसा कुछ भी मुमकिन नहीं है.

सकी 2 : तुम किंग के नज़रों में सदा रहने के लिए ऐसा सब बोल गए हो. अब आगे से कुछ भी करना हो तोह हमें बीच में मत घसीटना. इस मामले में मैं खुद को अलग करता हों.

सकी 2 बहुत घबरा गया था. घबरा तोह सब गए थे सकी 3 समेत. पर सकी 3 खुशामदी होने के साथ साथ कुछ ज़यादा जीनियस भी था. जैसा दोनों साइंटिस्ट बोल रहे थे. सच में वह कर पाना मुमकिन नहीं था. सेअचिन्ग मशीन बना लेना hi बड़ी बात थी. ज़ूम आउट करके वहां पर किसी को देख पाना सब के हिसाब से अभी नामुमकिन hi था. सबको अपनी जान खतरे में महसूस होने लगी.




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मार्गरेट भी इंडियन में बदल रहे हालत बारे साडी खबर रखती थी. पर उसे अपनी ट्रैंनिंग के साथ साथ डीके और षिमुना से ज़यादा ग़र्ज़ थी. R.P.O में नंबर रहने की छह तोह थी उसके दिल में. पर एक hi टाइम पे वह सब कर भी नहीं सकती थी. डीके के उसके हथु निकल जाने पर भी वह डीके मटर को अब चैलेंज की सूरत में ले रही थी. अपने हिसाब से टेम्पल में वह हर किसी को गेहटी नज़रों से देखती थी. पर वह किसी चिनेसे को गहरी नज़रों से कभी नहीं देखती थी. उसके मंद में ये नहीं आया था कह डीके अगर यहाँ आ भी गया है तोह उसका फेस बदल कर उसे चिनेसे भी बनाया जा सकता है. अगर चिनेसे फेस उसे दे भी दिया जाए तोह भी अपनी चल ढाल और बोल चाल से वह पहचाना जा सकता था. और अगर डीके ने ऐसा hi कुछ किया है तोह वह उसकी नज़रों से बच नहीं सकेगा. क्यूंकि पल्स्टिक सर्जरी से फेस इतनी जल्दी चेंज नहीं होता. मास्क द्वारा फेस चेंज किया जाए तोह इतना उसे खुद पे यकीं था कह वह उसे पहचान जायेगी.

पर षिमुना बारे वह कुछ नहीं जानती थी. षिमुना फिरसे टेम्पल लौटी या नहीं. अगर लौटी भी है तोह उसके अंदर क्या कुछ फीचर्स हाँ. और वह क्या कुछ कर सकती है. किस हद तक वह डीके को बदल सकती है.

मार्गरेट ट्रैंनिंग के साथ अपनी ऑंखें भी खुली रखे हुई थी. सुपीड़ को देख के भी उसे मंद में कुछ हलचल नहीं हुई थी. ऐसे कितने hi सैंपल तोह दुन्या भर में देख चुकी थी. फ़िलहाल वह स्टुपिड की और से रिलैक्स्ड थी.




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दिन गुजरने लगे, सबकी ट्रैंनिंग जारी रही. टाइगर हर गुज़रते दिन के साथ एक नयी hi शख्सियत में ढलता जा रहा था. उसके अंदर बहुत से चंगेस आते जा रहे थे. षिमुना जो अपने प्लेनेट पर योग से रिलेटेड कुछ नहीं जानती थी. वह भी एअर्थ पे योग करते हुए अपने अंदर कुछ चंगेस से महसूस करने लगी.

साथ में वह फाइटिंग में भी बहुत तेज़ी के साथ मास्टर होने लगी. इस मामले में षिमुना टाइगर से काम नहीं थी. कुछ भी सीखने की शक्ति उसमे टाइगर से कहीं बढ़कर थी.

टाइगर और षिमुना का साथ पा कर wang-zhi को भी अपनी ज़िन्दगी पहले की निस्बत हसीं लगने लगी थी. उसके दिल में टाइगर के लिए फीलिंग आने लगी थी. पर उसने टाइगर के लिए फीलिंग्स को अपने अंदर दबा लिया था. जैसे षिमुना अपने अंदर दबाये हुए थी. षिमुना तोह टाइगर की ऐसी आदि हो गई थी. उसका मैं चले तोह वह अपनी हर सांस भी टाइगर के साथ hi ले. पर टाइगर इस समय ट्रैंनिंग के मरहले से गुज़र रहा था. और षिमुना चाहती थी टाइगर जल्द से जल्द अपनी ट्रैंनिंग पूरी कर ले. फिर वह टाइगर के साथ लाइफ को खूब एन्जॉय करेगी.

मास्टर CHI-FANG ने अभी टाइगर को किसी किसम की कोई ट्रैंनिंग नहीं दी थी. मास्टर SHOON-LI hi टाइगर को साडी ट्रैंनिंग दे रहे थे. और मास्टर SHOON-LI बड़ी लगन से टाइगर को फाइटिंग सीखने के साथ साथ योग द्वारा मेंटली एंड फिजिकली स्ट्रांग बना रहे थे. टाइगर का वज़न भी भी काम होने लगा था. टाइगर के शरीर में चुस्ती पहले की निस्बत बहुत बढ़ भी गई थी. टाइगर 3 किसम की सांस द्वारा योग की प्रैक्टिस कर चूका था. और ऐसे कई मरहले अभी बाकि थे.

टेम्पल में स्टुपिड की हरकतें और उसे देख के दूसरों के क़हक़हे जारी रहे. मार्गरेट और उसके एजेंट्स की सर्चिंग जारी रही.

इंडियन में r.P.O के साथ साथ सोफिए भी नताशा को सर्च करने में लगी रही. पर कुछ भी हासिल नहीं हो प् रहा था. नताशा को गौरव मिला तोह नताशा जो खुद एक साइंस स्टूडेंट भी थी, गौरव की इन्वेंशन जान कर खुद भी एक्सपेरिमेंट्स करने लगी. एक हफ्ते गौरव को ज़िंदा रख के नताशा ने मार डाला था. गौरव को मार के नताशा ने अपनी ज़िन्दगी का पहला क़त्ल कर डाला था. गौरव एक स्टुपिड था और उसका ज़िंदा बच जाना खतरनाक था. किसी के हाथ लगता तोह उसकी इन्वेंशन बारे सब जान जाते और नताशा ऐसा नहीं चाहती थी.

गौरव को मार कर नताशा ने उसी कोठी में दफ़न कर दिए. गौरव को मार नताशा को हौसला भी मिला था. नताशा फिर गौरव की इन्वेंशन पर एक्सपेरिमेंट्स करने लगी. वह उसमे कुछ चेंज करना चाहती थी. कपड़प पर पेंट करके वह भी नज़रों में आया जा सकता था. कहीं से भी गुज़रते हुए कपडे कहीं पे अटके तोह विज़िबल होना तय था. और नताशा ऐसा कोई रिस्क नहीं लेना चाहती थी.




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निमुनिका से दोनों निमंस को एअर्थ के हिसाब से निकले 17 दिन बीत चुके थे.

नासा वाले फिरसे ानोथेर प्लेनेट वळून को आते देख के परेशान हो उठे. फिरसे पूरी दुन्या में खलबली मच उठी. इस बार पहले से hi आस्मां पर नज़र राखी जा रही थी. और 1 दिन पहले से hi आने वाले निमंस को देख लिया गया.

लोजान ने जो दो निमंस विथ कम्युनिकेशन डिवाइस के भेजे थे, वह नासा वळून की नज़रों में आ गए थे. अभी किसी को अंदाज़ा नहीं था उनकी आमद किस देश में, एअर्थ के किश एरिया में होने वाली है.

आने वाले निमंस बारे खबर सुनके एक बार फिरसे पुरे वर्ल्ड की आर्गेनाइजेशन हरकत में आ गई.

इस बार सब पहले से hi जान गए थे. तोह एक कोहराम तोह मचा hi साथ में hi एक रेस भी लग गई फिरसे.. हर कोई पहले निमंस को पा लेना चाहता था. सोफिए भी नताशा को भूल कर प्लेन में बैठी और सैंकड़ों मिले दूर समुद्र में बने एक आइलैंड पर b.A.O के एक बड़े हेडक्वार्टर पर जा पोहंची.

वहां नासा वळून से लाइव वीडियो सोफिए के पास भी भेजी जा रही थी. इतनी वैल्यू थी B.A.O की और सोफिए की.

सब बड़े उम्मीद के साथ आने वाले निमंस का इंतज़ार करने लगे.


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आज के लिए ीनता hi मित्रो.. मिलते हाँ नेक्स्ट episode के साथ जल्द hi...

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Episode:13

निमंस जब कुछ घंटों की मुसाफत पर रह गए तोह निमंस के एअर्थ पर आने की दिशा को जानते हुए सब उसी दिशा में दौड़ पड़े. समुद्र के उस एरिया में एक आइलैंड भी था. सब का धयान उसी आइलैंड की और होने लगा. R.P.O, B.A.O, ुंडेरवाले wale,RAW वाले भी सब तैयारी करते हुए उसी आइलैंड की और बढ़ने लगे.

रेड मास्टर फिरसे कण्ट्रोल रूम में आया और उसी आइलैंड को सॅटॅलाइट व्यू से देखने लगा. देखने पर उसे नज़र आये कुछ निमंस. फ़ौरन hi ये खबर दूसरे हेडक्वार्टर्स पर पोहंचे गई. इस बार निमंस को काबू करने के लिए एक मेसिले उस आइलैंड पर गिराने का प्लान बनाया गया. इसके शिव कोई और चारा भी नहीं था. निमंस की फुर्ती के आगे वह कुछ कर नहीं सकते थे. पास hi समुद्र था. किसी के भी उस आइलैंड पर पोहचने से पहले hi पल भर में निमंस वहां से समुद्र में ग़ायब हो सकते थे, या फ्लाई कर सकते थे.

एक मेसिले को उस आइलैंड की ऑर्डर छोड़ दिए गया. िब बात की भी परवा नहीं की गई, आने वाले निमंस को तोह आ लेने दिया जाए. वह रिस्क नहीं ले सकते थे. ज़यादा निमंस के चक्क्रों में पद कर बाकि के भी हाथ से निकल सकते थे.

उस मेसिले में बहुत hi भयंकर ज़ेहरेली गैस भी थी. उस गैस के कारण आइलैंड और आस पास के 10कम के एरिया में कोई भी जानदार चीज़ दूसरा सांस न लेती पाती और बेहोश हो जाती. मेसिले को छोड़ते hi सबको खबर कर दी गई. कोई भी उस आइलैंड के पास भी न जाए. वर्ण नुकसान का ज़िम्मेदार वह खुद होगा.

इस खबर के जारी होने hi हर तरफ हलचल मच उठी. B.A.O,RAW, अंडरवर्ल्ड वाले सब देखते रह गए. वह जो फ़ौरन hi आइलैंड पर पोहंच जाना चाहते थे. जहाँ ऊपर से आ रहे निमंस लैंड करने वाले थे. मेसिले की खबर सुनते hi झटके में आ गए और कई कम दूर रहते हुए आइलैंड पर होने वाली करवाई देखने लगे.




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निमुनिका से आने वाले दोनों निमंस एअर्थ पर हो रही करवाई बारे कुछ नहीं जानते थे. वह बड़ी स्पीड के साथ आइलैंड की ऑर्डर बढ़ रहे थे.



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चार बचे निमंस जिस आइलैंड पर थे वह खुश्क पहाड़ों से भरा हुआ आइलैंड था. निमंस वही रहते हुए आगे क्या करना ये प्लान बनाते रहते थे. कभी कभी दूर समुद्रों में भी निकल जाया करते थे. किसी आबादी में पोहंच कर वह षिमुना बारे इन्फो भी ले लिया करते थे. पर कुछ दिनों से सब जैसे शांत सा पद गया था. इंडिया में जूतों वाली बात सुनी तोह सब अपना सर पीट के रह गए थे. वेब सब अपने प्लेनेट की कोई भी चीज़ एअर्थ वळून के हाथ लगने नहीं देना चाहते थे. वह समझ गए जिन शूज का ज़िक्र छिड़ा है, वह निमुनिका शूज hi हाँ. पर अब वह कुछ कर नहीं सकते थे.

वह फिरसे आइलैंड पर लौट आये थे. वह नहीं जानते थे, लोजान ने उन्हें एक सर्चिंग मशीन द्वारा ढूंढ लिया है और दो निमंस को कम्युनिकेशन डिवाइस के साथ उनके पास भेज दिए है.

एअर्थ वाले आइलैंड पर उनके बारे में जान चुके हाँ. इस बात से भी वह अनजान थे. एक निमन समुद्र में रहते हुए बड़ी दूर चला गया था. वह जब वापिस लौट रहा था तोह समुद्र में उसने कुछ सबमरीन देखि. ऐसी कई सबमरीन वह पहले भी देख चुके था.

इसलिए शुरू में उसने इसे नोर्मल्ली लिया.

पर जैसे जैसे वह आइलैंड की ऑर्डर बढ़ रहा था, आगे और भी सबमरीन देख के उसे झटके लगने लगे. वह बड़ी स्पीड के साथ तैरता हुआ आइलैंड की ऑर्डर बढ़ने लगा. सबमरीन में भी लगे कामर्स से उसे देख लिया गया. फ़ौरन hi एक्शन लिया जाने लगा. एक सबमरीन से उसे पकड़ा नहीं जा सकता था. इस मामले में उस सबमरीन वळून ने खबर लीक कर दी.

फिर तोह नमूना के लिए आइलैंड पर पोहंच पाना मुश्किल होने लगा. सब उसे अंडरवाटर चलने वाली गन्स से शूट करने लगे. सब को चाहिए था एक निमन, वह ऊपर से आये हुओं में से कोई हो या समुद्र में मौजूद कोई. सब उस निमंस के पीछे पद गए. निमंस सब से बचता हुआ आइलैंड की ऑर्डर न बढ़ते हुए सबसे दूर होने लगा. बहुत दूर जा के वह सब की नज़रों से ओझल हुआ तोह घूम कर आइलैंड की ऑर्डर बढ़ने लगा.

अब्ब वह आने वाले खतरे को भांप चूका था. सोच समझ कर आगे बढ़ने लगा. बहुत दूर रहते हुए उसने सर पानी से बहार निकला तोह उसे अपनी सांस उखड़ती हुई महसूस होने लगी.

आइलैंड पर मेसिले छोड़ दिए गया था. निमंस ने पानी से बहार आ के सांस ली तोह वह भी दूसरा सांस नहीं ले सका. उसकी किस्मत अच्छी थी जो उसे झटका लगा और उसका सर पानी में निचे हो गया. ज़हरीले असरात ने कुछ देर के लिए उसके होश गम किये रखे. पर जल्द hi वह पानी के अंदर सांस लेने लगा.

वह समझ गया एअर्थ वळून ने उन्हें ढूंढ निकला है. वह बड़ा हैरान भी था. एअर्थ वाले कितने खतरनाक है. वह वापिस पलटा और उस एरिया से दूर होने लगा. दूर जा के डरते डरते उसने पानी से सर बहार निकल के सांस ली तोह इस बार उसे ज़हरीली हवा नहीं मिली. उसने सुकून से लम्बी लम्बी साँसे ली और सोचने लगा, अब तक तक तोह उसके साथी बेहोश हो चुके होंगे. वह सब पकड़ में भी आ चुके होंगे. क्या करना सही रहेगा. वापिस चला जाओ या यही एअर्थ पर रह के षिमुना को धुंडु या अपने साथियो को बचाओं.

एक दूसरी सोच भी उसके अंदर आई. नहीं एअर्थ वाले बहुत खतरनाक हाँ. ताक़त भले hi उसके एअर्थ वळून से कहीं बढ़कर है, पर दिमाग में एअर्थ वाले भी काम नहीं है. ऐसी ज़हरीली गैस तोह उसके प्लेनेट वाले भी नहीं बना सके थे. और फिर वह अकेला भी था. क्या कर सकता था वह. कुछ भी तोह नहीं. उसने लौट जाने का फैसला किया और वही से ऊपर उड़ान भरने लगा. यहाँ उसे देखने वाला कोई भी नहीं था. जैसे hi वह कुछ ऊपर उठा तोह उसे निमंस स्मेल आने लगी. जिस दिशा से स्मेल आ रही थी. वह बड़ी स्पीड के साथ उसी दिशा में उड़ने लगा. वह खुश हो गया था, उसके दो साथी आइलैंड से फरार होने में सफल रहे हाँ.

वह नहीं जनता था, वह नए आने वाले निमंस हाँ. वह उड़ता हुआ आइलैंड की और बढ़ने लगा. बहुत रहते हुए फ्लाई कर रहा था. बहुत ऊपर ज़हरीले असरात नहीं थे.

जब वह निमंस से कुछ दूर पोहंचा तोह आने वळून ने भी उससे देख लिया. पहले वाला निमन दोनों को देख के हैरान रह गया. फ़ौरन उनके पास पोहंचा और हाल चाल पूछे बिना वह बस इतना hi बोलै.

"मेरे पीछे चलो" जिस अंदाज़ में वह बोलै था. आने वाले निमंस भी समझ गए कुछ गड़बड़ है. वह बिना कुछ बोले उसके पीछे जाने लगे.

R.P.O के बहुत से एजेंट्स सेफ्टी है मास्क लगाए आइलैंड में घुसते चले गए. यहाँ कोई और आर्गेनाइजेशन सामने नहीं आ सकती थी. R.P.O ने बाज़ी मार ली थी. सब दूर रहते हुए तमाशा देखने लगे. जल्द hi तीन बेहोश पड़े निमंस को स्टील की हैवी हथकड़ियों से बांध दिए गया. कई किसम के इंजेक्शन भी उन्हें लगा दिए गए. उसके बाद तीनो निमंस को लेके अपने सबसे बड़े हेडक्वार्टर की ऑर्डर बढ़ने लगे.

सोफिए जो ये सब लाइव देख रही थी. देख कर उसे ग़ुस्सा नहीं आया. वह तोह किसी के भी हथुन से निवाला छीन लेने की आदि थी. और फिर अभी तोह खेल शुरू हुआ था. अभी तोह तीन निमंस hi हाथ आये थे और तीन निमंस और थे एअर्थ पर. और भी अब नजाने कितने आने वाले थे. सोफिए ये तोह नहीं समझ पाई, क्यों निमंस क्यों ज़मीन पर आ रहे है.. पर और भी आते रहेंगे इस बार का उसे पूरा पूरा एहसास हो रहा था.

असल बात थी, आने वळून के प्लेनेट बारे इन्फो निकलने की, और फिर उस प्लेनेट पर सबसे पहले पोहचने की.

और इस मामले में सोफिए निराश नहीं थी. उसे यकीं था, खुद पर अपनी B.A.O पर. ज़रूर वही सबसे आगे रहेंगे. सोफिए ने सबको कुछ आर्डर दिए और तीन बचे हुए निमंस को दूर होते हुए देखने लगी. अब वह सब नासा की नज़रों से भी जल्द hi दूर होने वाले थे. अपने तीन साथियो को खो कर बाकि तीन सावधान हो चुके थे. सबको आर्डर दे कर सोफिए वहां से निकल कर एक कमरे में जा घुसी और बैठ कर सोचने लगी.

वहीँ बच गया निमंस दोनों निमंस को लेके एअर्थ के एक गारी आबाद और दूर के एक आइलैंड पर जा पोहंचा. जहाँ पर कोई मेसिले नहीं पोहंच सकता था. ऐसा सोचने में वह सही भी था. इतनी दूर की मार करने वाला मेसिले किसी के पास नहीं थे. जब तक कोई वहां तक पोहंच पता, निमंस वहां से ग़ायब भी हो सकते थे. पास hi समुद्र भी था और इस बार कोई उन्हें पकड़ भी नहीं सकता था.

बच जाने वाले नमूना का नाम हैरान था. एक का नाम फिरां और तीसरे का नाम निरान था.

हैरान : मुझे सख्त हैरत हुई है तुम दोनों को देख के.. हैरान सबको एअर्थ की अब तक की डिटेल देने के बाद बोलै.

फिरां : तुम तोह जानते hi हो न हैरान! हमारे प्लेनेट वाले भी एअर्थ वळून से काम नहीं है. हमारे साइंटिस्ट्स ने निमंस सर्चिंग मशीन बनाई, फिर तुम चरों को ढूंढ निकला. एक ने ये राब्ता डिवाइस बनाई और हमें बेज दिए तुम सब के पास.

फिरां : पर यहाँ के तोह हालत hi बड़े खतरनाक बताये हाँ तुमने हैरान. कैसे हम एअर्थ वळून से बचते हुए षिमुना को ढूंढेंगे.

हैरान : मुझे इस डिवाइस के बारे में बताओ. हैरान के पूछने डिवाइस को निकल कर देखा गया तोह उसमे कुछ टेक्स्ट संस थे. उसे खोल के देखा गया तोह देख के चीख पड़े.

फिरां : किंग के इतने संस और हमें खबर hi नहीं हुई.

हैरान : पढ़ो क्या लिखा हुआ है. फिरां ने पढ़ा तोह लिखा था.

"षिमुना भी वही कहीं है, उसकी लोकेशन भी देखि जा रही है, लेकिन हम नहीं जानते वह एअर्थ का कौनसा एरिया है. तुम दोनों एअर्थ पर पोहंचो तोह मुझे बताओ, षिमुना की स्मेल आ रही है क नहीं"

दूसरा टेक्स्ट संस रीड किया गया.

"मेरा आदेश मिलने तक कोई भी स्टेप मत लेना"

हैरान : ये क्या अगर वह हमें देख रहे हाँ तोह ज़रूर आइलैंड पर फेंके गए मेसिले बारे में भी वह जान गए होंगे. हमारे तीन साथी एअर्थ वळून के कब्ज़े में आ चुके है. ये भी किंग लोजान जान चुके होंगे. फिर क्यों कोई और टेक्स्ट नहीं आया.

हैरान की इस बात पर फिरां और निरान दोनों फिरसे कम्युनिकेशन डिवाइस में देखने लगे.

फिरां : डेट तोह 5 दिन पहले की शो हो रही है इन टेक्स्ट की.

हैरान : मुझे लगता है, निमुनिका से संस सेंड करने के कई रोज़ बाद इस डिवाइस पर पोहंचता है.

निरान : ऐसा hi कुछ सन है.. हैरान ने डिवाइस ली और टाइप करने लगा.

फिरां : नहीं तुम बोलोगे तोह खुद से टाइप होने लगेगा. हैरान फिर बोलने लगा..

हैरान : थे ग्रेट किंग को आपके घुलम हैरान का सलाम. थे ग्रेट किंग जब हम एअर्थ पर पोहंचे तोह... ................................................ .................... ................................................. .................................. हैरान फिर पूरी डिटेल देने लगा. अंत में वह बोलै.. थे ग्रेट किंग आपकी ऑर्डर से मिले मैसेज हमें बहुत देर से मिल रहे हाँ. फिरां और निरान के पोहचते hi मैंने सब डिटेल आपको फारवर्ड कर दी है. उसी हिसाब से थे ग्रेट किंग सब समझ सकते हाँ. आपका हुकम नामा हम तक कितनी देर में पोहचता है. हमें बताया जाए थे ग्रेट किंग अब हम आगे क्या करें. वैसे मेरा सबसे पहला काम अपने साथिओं को एअर्थ वळून के चुंगल से निकलना है. मैं नहीं चाहता एअर्थ वाले मेरे साथिओं को हासिल निमुनिका बारे इन्फो हासिल कर पाएं.

ऐसी hi कुछ और बातों के बाद हैरान ने संस सेंड कर दिए.

फिरां : तुम से बहुत अच्छे से किंग को पैग़ाम भेजा है.

निरान : अपने साथिओं के लिए मैं भी जल्द से कुछ करना चाहता हों. वर्ण बहुत कुछ एअर्थ वळून के हाथ लग जाएगा.

हैरान : इतने दिनों से मैं एअर्थ पर मेरे दोस्तों. एअर्थ वळून के बारे में बहुत कुछ जान लिया है मैंने. सच कहूं तोह मैं एअर्थ वळून से बड़ा hi ख़ौफ़ज़दा हो गया हों. ऐसी ऐसी इन्वेंशंस बना राखी हाँ एअर्थ वळून ने. हम जो इतने पॉवरफुल हाँ, खुद को एअर्थ वळून से बचा नहीं सकते.

फिरां : अब आये हाँ एअर्थ पर तोह नाकाम तोह हम भी नहीं लौट सकते. कुछ तोह करना hi पड़ेगा न. वर्ण किंग हमें ज़िंदा नहीं छोड़ेगा.

निरान : और एअर्थ वाले भी हमें जान से मार देंगे.

हैरान : अगर जान जानी hi है तोह फिर कुछ करके मरेंगे. और दूसरा हम किसी भी मामले में एअर्थ वळून से कम् भी नहीं हाँ. आज रात होते hi हम निकल पड़ेंगे अपने साथियों को बचने के लिए. इस बार आबादी में दाखिल होने hi पड़ेगा हमें. इसके शिव कोई और चारा भी नहीं है.




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निमुनिका में लोजान सर्चिंग मशीन पर बैठा हुआ था. दोनों निमंस को आइलैंड से करीब तर होते हुए देख रहे थे.

सभी निमंस रेड डॉट की सूरत में दिखाई दे रहे थे. एक निमंस समुद्र में बहुत दूर था. कुछ देर गुज़री तोह समुद्र वाले रेड डॉट को अलग अलग दिशाओ में भागते देखा गया. ये देख सब कुछ हैरान हुए तोह लोजान चीख पड़ा.

लोजान : इसे क्या हो रहा है.

सकी 2 : थे ग्रेट किंग ज़रूर उसे कोई खतरा बना है, जो वो ऐसे दिशा बदल रहा है.

लोजान : खतरा! लोजान स्क्रीन पर देखते हुए बड़बड़ाया..

कुछ समय बाद सब तीन निमंस को बड़ी सुस्त रफ़्तार से कहीं लेजाया जाने लगा तोह लोजान फिरसे चीख पड़ा. "ये ऐसे अपनी मर्ज़ी से कहीं नहीं जा सकते. ज़रूर ये भी एअर्थ वळून की पकड़ में आ गए हाँ"

दूसरे सब भी ये देख के सन्नाटे में आ गए थे. कुछ देर में एक निमंस जब ऊपर उड़ता हुआ दूसरे निमंस तक पोहंचा तोह

लोजान : फ़ौरन पैग़ाम भेजो मेरे अगले आदेश तक कोई भी कुछ न करे. फिर वह बोलै. मेरे पहले वाले आदेशों का कोई जवाब क्यों नहीं दिए किसी ने. लोजान की इस बात के सकी 3 कुछ कंफ्यूज हुआ. फिर वह हालत पर काबू पाते हुए बोलै.

सकी 3 : थे ग्रेट किंग मेरे ख्याल से उनका आदेश देर से पोहंचा होगा. या फिर अभी पोहंचा hi नहीं होगा. लोजान उसकी बात सुनकर ग़ुस्से उठ खड़ा हुआ और उसे गर्दन से पकड़ लिया.

लोजान : खुनी आँखों से देखते हुए.. क्या कहा तुमने अभी, ज़रा फिरसे कहना.

सकी 3 थार थार कांपने लगा था लोजान को ग़ुस्से में देखा तोह. लोजान भी शोला बार आँखों से उसे देखने लगा. दूसरे साइंटिस्ट भी खुद को खतरे में महसूस करने लगे. लोजान को अक्सर hi ग़ुस्सा आ जाया करता था. लोजान को माफ़ करने की आदत भी नहीं थी.

सकी 3 : थे ग्रेट किंग.... गाला दबे होने के कारन वह फुसफुसा के बोलै तोह लोजान ने उसकी गर्दन पर अपनी पकड़ कुछ ढीली कर दी.

सकी 3 पहले खांसने लगा फिर वह बोलै.. थे ग्रेट किंग हमें समय तोह लगेगा hi. एअर्थ का फैसला भी तोह बहुत है न. सब समझने में समय तोह लगेगा hi. उनकी और से पैग़ाम आने के बाद मुझे सब समझने में आसानी रहेगी. ये सब हमारे लिए नया भी है न.

सकी अपनी सफाई देते हुए बोलै तोह लोजान ने उसे साइड में फ़ेंक दिए.

लोजान : मुझे जल्द से जल्द एअर्थ पर आने वाली सभी रुकावटों को ख़तम देखना है. इतनी देर से ाँस मिलेगा तोह हम कुछ नहीं कर पाएंगे. पहले hi बहुत टाइम वास्ते हो चूका है. अब बास और टाइम की बर्बादी मुझे गवारा नहीं. जल्द hi इसका कोई सलूशन निकालो और मुझे खबर दो. लोजान फिर वहां नहीं रुका, शहाणा अंदाज़ में वहां से रुखसत हो गया.

सकी 2 : कहा था न, उछलोगे तोह मारे जाओगे. अब्ब निकालो कोई सलूशन. वर्ण मरने के लिए तैयार हो जाओ.

सकी 3 सकी 2 को ग़ुस्से से देखने लगा.

सकी 3 : बहुत जल्द मैं कुछ ऐसा बनाने में सफल हो जाऊँगा जो मुझे तुम सबब में मुमताज़ कर देगा. फिर ऐसे बात करने हिम्मत भी तुममे से किसी में नहीं रहेगी.




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रात के 1 बजे का समय था..

जिस सबमरीन में तीनो निमंस को लेजाया जा रहा था. R.P.O के headquarter:NO 2 से कुछ hi दूरी पर वह सबमरीन थी.

सबमरीन ऊपर उठने लगी. उस सबमरीन के आस पास और भी 4 सबमरीन्स थी. जो उसकी रक्षा कर रही थी. दुन्या की सभी आर्गेनाइजेशन R.P.O के मोह का निवाला छीन लेना चाहती थी. पर ऐसा कर पाना किसी के लिए मुमकिन नहीं था.

B.A.O वळून के पास भी बेपनाह वसयल थे, फिर भी वह कुछ नहीं कर सकती थी. R.P.O की टाइट सिक्योरिटी के बीचो बीच निमंस को हासिल कर पाना मुमकिन नहीं था उनके लिए भी. और फिर b.A.O वाले कभी भी R.P.O से नहीं उलझते थे.

साइड रहते हुए वह अपने मक़सद हासिल किया करते थे. सोफिए भी इसी लिए ठंडी पद गई थी. पर वह निराश नहीं थी. सच कहा था उसने बाज़ी तोह अभी शुरू हुई थी.

सबमरीन उअप्र सतह पर पोहंची तोह पास hi एक बहुत बड़ा आर्मी शिप मौजूद था. सबमरीन के ऊपर वाला दूर खुला और निमंस को निकला जाने लगा.

निमंस को शिप पर सवार कराया जाने लगा. कुछ देर की म्हणत के बाद तीनो बेहोश और बंधे हुए निमंस को आर्मी शिप पर थे. सब निमंस को हैरत से देखने लगे. उनके शूज, कपडे और सूरतें देख कर सब कुछ न कुछ बोलने लगे. आर्मी शिप पर जो लीडर्स अफसर था, उसके आर्डर पर टीनू निमंस को एक हेलीकाप्टर पर सवार कराया गया. निमंस के साथ जो कुछ भी सामान था, सब वैसे hi रहने दिए गया था.

हेलीकाप्टर के साथ और भी कई हेलिकोप्तेर्स फ्लाई करते हुए आइलैंड की ऑर्डर बढ़ने लगे. आइलैंड ज़यादा दूर नहीं था. बहुत सी मोटर बॉट्स भी हेलिकोप्तेर्स के निचे रहते हुए सुरक्षा का काम अंजाम दे रही थी. आर्मी शिप पर सब देखा जा रहा था. कोई वहां नहीं था, अगर होता और कोई गड़बड़ करता तोह उसके चीथड़े उदा देने के लिए सेंकडो इंतेज़ाम थे.

पर नहीं...

ये सब को लग रहा था वहां कोई नहीं था. वहां से कुछ फासले पर कोई था. बहुत ज़यादा स्पीड के साथ वह समुद्र के बीच से में निकलता हुआ उस हेलीकाप्टर के खुले दूर में जा घुसा जिस हेलीकाप्टर में निमंस लेजाए जा रहे थे.

फ़ौरन hi उसने अपनी बेपनाह फुर्ती के साथ हेलीकाप्टर में तीनो निमंस के गले पे तलवार का वॉर किया और तीनो निमंस के सर धड़ से अलग कर दिए. 4 गनमैन भी उसी हेलीकाप्टर में थे. वह कुछ कर पाते, उस व्यक्ति ने उन चरों गॉर्डस के गले भी एक hi वॉर में काट दिए. एक पायलट बचा था. उसे ज़िंदा रखने की कोई ज़रूरत नहीं थी. उस व्यक्ति ने बड़ी फुर्ती का मुज़ाहिरा करते हुए पायलट का सर भी धड़ से अलग कर दिए.

व्यक्ति सर से लेके पैरों तक काळा कपडे में लिप्त हुआ था. उसके बाद उसके तीनो निमंस के पेअर काटे और बिना पायलट के लड़खड़ा रहे हेलीकाप्टर के अंदर रहते हुए निमंस के पैरों से शूज अलग करने लगा. कुछ देर में वो इस काम से फ़ारिग़ हो चूका था.

इस बीच चरों और थड़थली मच चुकी थी. पहले तोह कोई समझ नहीं पाया. पायलट और गॉर्डस शिप वळून के राब्ते में थे. अननोन व्यक्ति ने ोधाम मचाया तोह सब को होश आई. पर होश आते आते भी सब को देर हो चुकी थी. निमंस और गॉर्डस मारे जा चुके थे.

फ़ौरन hi फायरिंग भी शुरू कर दी गई. जब काळा कपड़ो में छुपा हुआ व्यक्ति गिरते हेलीकाप्टर से बहार निकलने को हुआ तोह एक गोली उसके कंधे में छेड़ करती हुई गुज़र गई थी. उसके मोहन से निकली चीख कइयों ने सुन ली थी.

फ़ौरन hi वह व्यक्ति समुर्दा के पानी में कूड़ा और फिर फ़्लैश स्पीड से सबसे दूर होने लगा. समुद्र में जितनी भी सबमरीन्स थी, सब उसपर फायरिंग करने लगी. पर वह सब की रेंज से निकलता चला गया.


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मास्टर chi-fang टाइगर के कंधे पर आये ज़ख़्म का इलाज खुद से कर रहे थे. टाइगर होश में था. मास्टर को देख कर बोलने लगा.

टाइगर : मास्टर मैं अपने पहले मिशन में नाकाम तोह नहीं हुआ न. मास्टर chi-fang, मास्टर shoon-li, षिमुना और wang-zhi टाइगर को देख रहे थे.

मास्टर chi-fang ने टाइगर के सर पर हाथ फेरा, फिर वह बोले.

Chi-fang : यही वह मकसद है मेरे बच्चे. जिसके बारे मैंने बोल रहा था. अगर निमंस के शूज उनके हाथ लग जाते तोह दुन्या में बहुत तबाही मच जाती. पावर किसी एक के पास ज़यादा हो और किसी दूसरे के पास ज़यादा तोह बैलेंस नहीं रहता. अच्छे लोगों के पास पावर का होना अच्छी बात है, पर बुरे लोगों के बहुत ज़यादा पावर सरासर तबाही है, बर्बादी है. मेरे बच्चे तुमने बिना ट्रैंनिंग के hi अपने मिशन को बहुत अच्छे से अंजाम दिया है. आने वाले समय में निमंस के शूज या कुछ और दुन्या वळून के पास आता है क नहीं, वह बाद की बात है.

पर जितना हो सके हमे ऐसी चीज़ों को गलत हथुन में पोहचने से बचाना होगा. इन शूज को मैं अपने देश की सर्कार को भी दे सकता हों. पर मैं ऐसा नहीं करना चाहता. यहाँ भी पावर बढ़ेगी तोह बदअमनी फैलेगी मेरे बच्चे. ऐसी पावर जिसे भी प्राप्त होगी, वह तबाही hi लाएगा. हाँ समय आने पर अगर ज़रूरत पड़ी तोह फिर देखि जायेगी. और तुम भी खुद को ऐसी चीज़ों के बिना पॉवरफुल बनाने की कोशिश करो. ऐसी चीज़ें सदा काम भी नहीं आती मेरे बच्चे.

टाइगर उठ बैठा और सबको देखते हुए बोलै.

टाइगर : मास्टर मैं बता नहीं सकता अपनी ज़िन्दगी के पहले मिशन को अंजाम देके मुझे कितनी शांति मिली है. अंदर से मैं इतना हल्का हो गया है, जितना ज़िन्दगी में पहले कभी नहीं था. ऐसा लग रहा है, जैसे मेरे अंदर कही गार्ड की एक तेह थी जो अब उतर चुकी है. भलाई के काम करने से सच में hi बड़ा आनंद मिलता है मास्टर. अब्ब से मैं ऐसी hi लाइफ जियूँगा मास्टर. आत्मा सुख से बड़ा कोई सुख नहीं है मास्टर.

सब टाइगर की बातों पर दिली ख़ुशी महसूस कर पा रहे थे...

chi-fang : अब असली जुंग शुरू हो चुकी है मेरे बच्चे, वहां तुम अपना खून छोड़ आये हो, ज़रूर वह तुम्हे जान गए होंगे. ये भी बात खुल गई होगी, षिमुना ने तुम्हे छोड़ा नहीं है. तुम दोनों एक साथ हो और तुम दोनों में दोस्ती भी हो गई है. इस बात के चलते ज़रूर अब तुम्हे खुल कर सामने लाने की कोशिश की जायेगी और सामने लाने के लिए बहुत से ओछे हथकंडे इस्तेमाल किये जाएंगे. मास्टर की बात पर टाइगर और सब गहरी सोच में पद गए थे.

सच में भी अच्छे काम करने पर बहुत से परेशानियां भी उठानी पड़ती हाँ. इस बात का अंदाज़ा भी सबको हो रहा था.

नए आने वाले निमंस की खबर खुली तोह मास्टर समेत सबको भी खबर मिल गई थी.

खबर मिलते hi मास्टर ने टाइगर को षिमुना के साथ मिलकर निमंस को ख़तम कर देने का आर्डर जारी कर दिया था. मास्टर की बात पर दोनों ने सर tasleem-e-kham कर दिए था.


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R.P.O के सभी हेडक्वार्टर्स में जितनी खुशियां मनाई गई थी उतनी hi, अब्ब उतना hi मातम भी छाया हुआ था. वह सोच भी नहीं सकते थे. उनके हेडक्वार्टर no 2 के पास भी कोई फाटक सकता है. कोई इतनी हैवी फाॅर्स के रहते हुए भी उनके मोह का निवाला छीन सकता है.

सब बड़े ग़ुस्से में भी थे. फ़ौरन hi सब वहां पोहंच गए थे. हेलीकाप्टर समुद्र में ग़र्क़ होने लगा था. पर R.P.O की एक सबमरीन फ़ौरन hi उस हेलीकाप्टर के निचे ा कर उसे सुप्परत करने लगी. हेलीकाप्टर के अंदर निमंस के पेअर कटी लाशें hi पड़ी थी. गॉर्डस और पायलट की लाशों पर किसी ने धयान नहीं दिए. ऐसी कई लाशें उनके मिशन में देखने को मिलती थी.

फ़ौरन hi ऑर्डर्स मिले कह हेलीकाप्टर के अंदर की रिपोर्ट तैयार की जाए. जितने भी खून के सैम्पल्स मिले सब ले लिए गए. निमंस और इंसानो के खून के सैंपल अलग अलग थे. टाइगर के खून का सैंपल भी ले लिया गया. निमंस की लाशें भी आइलैंड पर लेजाई गई.

वहां कुछ और हासिल होता या न होता. निमंस के शरीरो पर तोह रिसर्च की hi जा सकती थी. वही काम चालू हुआ. साथ hi टाइगर के खून की रिपोर्ट भी सामने आई तोह सब अपना सर पीट कर रेग गए. सब को पता चल गया कह डीके hi ये सब करने वाला है. और डीके बिना उस निमंस की मदद के कुछ नहीं कर सकता.

फ़ौरन hi पुरे वर्ल्ड में पहले R.P.O एजेंट्स को डीके बारे ऑर्डर्स जारी कर दिए गए......

डीके जहाँ कहीं भी दिखे. उसे फ़ौरन हिरासत में लिया जाए...

डीके को अपने अंडर लेने के लिए उसे अपाहिज भी बनाना पड़े तोह भी सोचने में टाइम वास्ते न किया जाए...

डीके अब की बार नज़रों के सामने आये तोह कुछ भी करना पड़े उसे अपनी नज़रों से जाने न दिया, भले के फिर किसी भी देश का कितना भी नुकसान न हो. वह खुद जवाब दे देंगे उस देश की सर्कार को. पर अब डीके को हलके में न लिया जाए.

दूसरी ऑर्डर बिज़नेस के मामले में भी डीके के परिवार को झटके देने के ऑर्डर्स जारी कर दिए गए. डीके परिवार इंडिया समेत वर्ल्ड के बहुत से कन्ट्रीज में अपना बिज़नेस फैलाये हुए था. R.P.O फॉरेन में डीके परिवार के बिज़नेस को बर्बाद करने के ऑर्डर्स जारी कर चुकी थी.

ीनता ग़ुस्सा आ गया था R.P.O के लीडर्स को डीके पर. डीके ने उनके मोह का निवाला hi नहीं छीना था. डीके ने उनके इलाके में घुस एक उनके पायलट और गॉर्डस को भी जान से मार दिए था. कैसे R.P.O वाले सहन करते. डीके क्या उसकी नस्लों को भी वह अब चैन से नहीं बैठने देने वाले थे.

अगले दिन की शुरआत होने से पहले hi डीके परिवार के आस्मां की बुलंदियों को छू रहे शेयर्स ऐसे गिरने लगे, जैसे तूफ़ान के आने पर रेट के बनाये घर..

देर नहीं लगी और डीके परिवार के सभी मेंबर्स सर पकड़ कर बैठ गए. सब एक साथ बिना ब्रेकफास्ट के सिटींग रूम में बैठे हुए थे. एक बड़ी चेयर पर राजा ठाकुर बैठे सब को देख रहे थे. सब जान गए थे, ये सब दक्ष की वजा से hi हो रहा है. डीके बारे हर न्यूज़ वह भी जान पा रहे थे. निमंस से रिलेटेड जितनी भी ख़बरें नशर हुई थी. सबने सुन राखी थी. डीके के न रहने से भी सबको इतना नुकसान उठाना पद सकता है. किसी ने सोचा नहीं था.

सब राजा ठाकुर को देख रहे थे और राजा ठाकुर एक एक को देख रहे थे. राजा ठाकुर समेत सबके चेहरों पर अजीब से भाव थे.


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आअज के लिए इतना Hi मित्रो! मिलते हाँ नेक्स्ट Episode के साथ जल्द Hi....


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स्मार्ट तोह बहुत हाँ निमंस भी

और ये दिवार बार बार बीच में रुकावट बनती रहेगी.

पहचान तोह सामने आणि hi थी. इतनी टाइट सिक्योरिटी के बीच में बच पाना आसान नहीं था.

जैसा काम दक्ष ने किया है, दुश्मन उसे पकड़ कर अपने नुकसान की भरपाई न पाए तोह फिर उसकी फॅमिली को डिस्टर्ब करके करेंगे.

फ़िलहाल तोह ट्रैंनिंग में बिजी है. देखते हाँ...

धन्यवाद मित्र! साथ बने रहे ✨
 
कोशिश तोह करेगा hi डीके रपो या किसी और ऑर्ग शूज हासिल न कर पाएं.

ऐसा तोह होना hi था. जुंग में घाव तोह आते hi रहते हाँ और छुपे रहने का बावजूद भी कोई न कोई रह निकल hi आती है दुश्मनो के सामने आना पर जाता है. दसुहान जान जाते हाँ, सामना करने वाला कोण है.

इतना भी आसान नहीं है. एअर्थ बारे सुना था निमुनिका वळून ने. उसके बारे में अब कुछ कुछ जान्ने लगे हाँ. आगे चल के देखते हाँ, लोजान क्या फैसले लेता है.

धन्यवाद मित्र! साथ बने रहे ✨
 
रपो फैसले लेने में आज़ाद है और अभी उन्हें उनकी टक्कर का कोई मिला नहीं है, तोह खुद को बढ़कर समझ रहे हाँ. अब वास्ता पड़ा है तोह बहुत कुछ समझ भी आने लगेगा. कुछ भी कर जाना उनके लिए भी आसान नहीं होगा.

राजा ठाकुर का रिएक्शन तोह नेक्स्ट अपडेट में दिखा hi दिया जाएगा. राजा ठाकुर जैसे जब कोई फैसले ले लेते हाँ, फिर वापिस नहीं लेते. डीके ने पूरी वर्ल्ड से टक्कर ले के काम तोह सच में hi राजा ठाकुर की ाँ बाण और शान को बढ़ने वाला hi किया है. और मैं में शायद राजा ठाकुर भी बहुत खुश होंगे. देखते हाँ ज़ाहिर में कैसे रियेक्ट करते हाँ.

बुलेट जब लगती है तोह ज़रूरी नहीं भाई के खून निचे hi टपके. बुलेट टाइगर के कंधे में छेड़ करती हुई, खून में सनी हेलीकाप्टर में कही लगी थी. बुलेट साली तोह ब्लड उछलता भी है. कुछ निचे तोह कुछ ऊपर जा गिरा होगा. हेलीकाप्टर सारा पानी में नहीं गया था. एक सबमरीन ने उसे सपोर्ट देके ग़र्क़ होने से बचा लिया था. इसलिए ब्लड सैंपल मिल गया थे.

👆👆👆

जुंग में ऐसा सब होना तोह आम बात है. मिशन पूरा करते समय घाव तो आते hi हाँ. बिना पूरी ट्रैंनिंग के टाइगर ने मिशन पूरा कर दिखाया.

बहुत आगे की चीज है सोफिए.. जितनी हैरत बढ़ेगी, उतनी hi इंटेलिजेंस भी बढ़ेगी.

कुछ हाथ न ए तोह ऐसा hi होता है. लोजान भी अभी तक कुछ नहीं कर पाया. समय तोह उसे भी लगेगा hi.

:अप्प्रोवे: :thank_you:

ज़रूर भाई अपनी पूरी जान लड़ा दूंगा आपके लिए इस स्टोरी को आपके मैं मुताबिक़ बनाने के लिए.

बहुत बहुत शुक्रिया भाई इत्ते सोहने कमेंट के लिए.🙏👌👌👌👏👏👏👏
 
{टेलिपाथी के बेताज बादशाह दक्ष ठाकुर की दास्ताँ इ हयात}

कहानी एक ऐसे व्यक्ति की. जो अपने परिवार की आँखों का तारा था. सबका दुलारा था. शेर जैसी डेरिंग थी उसमे, शेर जैसे कलेजे का मालिक था. माँ जैसा दिल भी था उसके पास. Kam-umri में hi फूलों सी नाज़ुक लड़की अलका की ज़ुल्फ़ों का असीर हो गया.

पर परिवार के सभी सदस्य बेशुमार प्यार के बावजूद भी भरोसा नहीं कर पाए. किसी के बिछाए जाल में उलझ कर दक्ष पर भरोसा कायम न रख पाए.

अलका भी अपनी जान से बढ़कर दक्ष से प्यार करती थी. वह भी अपने प्यार पर भरोसा नहीं कर पाई. दुश्मनो के बिछाए जाल में वह भी उलझ कर अपने प्यार पर भरोसा कायम न रख पाई.


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राजा ठाकुर बलबीर सिंह का असली जानशीन. पुरे परिवार में कोई नहीं था, राजा ठाकुर की गद्दी सँभालने वाला. इकलौता "ठाकुर दक्ष सिंह" hi था जो अपने दादा की जगा ले सकता था. पर साज़िश करने वळून ने ऐसी साज़िश रची. एक शेर सबकी नज़रों में zaleel-o-khuwar हो कर रह गया. अपणु ने hi उसे धुत्कार दिया. ज़हरीले शब्दों का उपयोग करते हुए उसे घर से निकाल दिया.

कहानी है ठाकुर दक्ष सिंह के सफर की. कहानी है एक दूसरे प्लेनेट से आने वळून की. नाज़ुक मिज़ाज चुलबुली षिमुना नाम की एक लड़की की. जो अपने प्लेनेट की प्रिंसेस भी थी. पर वह भी साज़िशों के शिकार होक जान बचा कर एअर्थ पर ाँ पोहंची. वहां मिला उसे अपनी कहानी का हीरो ठाकुर दक्ष सिंह...


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प्यार है तोह भरोसा भी होना चाहिए. इस कहानी में आपको पढ़ने को मिलेगा, भरोसे न करने पर कितना नुकसान उठाना पड़ता है. सच के सामने आ जाने पर कैसे वह अपनी hi नज़रों में गिर जाता है.

कहानी में मिलेगा आपको भरपूर एक्शन, थ्रिल, Sci-Fi, फंतासी, इन्सेस्ट, एडल्ट, रोमांस.

भरोसे की कमी, प्यार और नफरत की इन्तहा. पावर का लालच, सबसे बरतर रहने की हवस....

वर्ल्ड के अलग अलग देशों का तज़करा एंड मच मोरे.........


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Episode:14


राजा ठाकुर : किसी को कुछ कहना है इस बारे me.Raja ठाकुर गरजदार आवाज़ में बोले तोह सब घबरा के एक दूसरे को देखने लगे. ऐसे hi हालराजा ठाकुर की कचेरी में हुआ करता था. घर में लगे या घर से बहार, सबकी हालत पतली हो जाया करती थी.

विक्रम सिंह ग़ुस्से से उठ खड़ा hua.Raja ठाकुर के सामने उसकी भी हवा टाइट हो जाया करती थी. पर जब बात दक्ष की हुआ करती थी तोह वह खुद में हिम्मत ला के बोल hi पड़ता था. अब भी वह दक्ष को सोचते हुए बहुत ग़ुस्से में था. दक्ष के कारण बहुत नुकसान उठाना पड़ा था. विक्रम सिंह का अपना जाती बिज़नेस bhi"jo फॉरेन कन्ट्रीज में था" थप हो चूका था.

विक्रम सिंह : बाबू जी वह अब हमारे बीच नहीं रहता, फिर भी वह ऐसा काम कर गया है. जिसके कारण हमें बोहतो को जवाब देना पद रहा है. कल के किये उसके काण्ड के कारण हमें कितना नुकसान उठाना पद रहा है. रातों रात हमारा फॉरेन बिज़नेस टोटली डिस्ट्रॉय हो चूका है. वह घट्टिया इंसान घर से----------

राजा ठाकुर : (दहाड़ते हुए) विकककककरमममममममम!!!

सब के सब आज भिराजा ठाकुर की गूंजदार आवाज़ पर देहल उठते थे. अब भिराजा ठाकुर ग़ुस्से से दहाड़े तोह सबके चेहरे पर पसीने की बूँदें चमकने लगी.

राजा ठाकुर : अपने शब्दों पर कंट्रोल बनाना सीखो विक्क्रमण. पुरे परिवार के बीच में हो तुम और ऐसे शब्दों कर उपयोग कर रहे हो. शर्म आणि चाहिए तुम्हे.

विक्रम सिंह अपने माथे पर आये पसीने को पॉकेट से रुमाल से रुमाल निकल कर साफ़ करते हुए बोलै.. शमा चाहता हों बाबू जी मुझसे भूल हुई. मुझे ग़ुस्सा hi उसपर इतना आ रहा था. उसके कारण पहले भी हमें--

राजा ठाकुर हाथ उठा के विक्रम सिंह को टोकते हुए बोले.. "पहले की बात का अब कोई मतलब नहीं बनता विक्रम. अब्ब की बात करो. कल रात जो लोस्स हमें उठाना पड़ा है, उसपर बात करो. गुज़री किसी बात पर कोई भी ज़िक्र नहीं होगा"

सबरजा ठाकुर और विक्रम सिंह को hi देख रहे थे. पहले जो किसी में हिम्मत आई थी दक्ष के बारे मेराज ठाकुर से बात करने की. अब वह खुद में हिम्मत को काम होते हुए महसूस करने लगा था. ऐसा hi गूँज थिराजा ठाकुर की गरजदार आवाज़ में.

विक्रम को बोलना तोह था hi. वो आगे बोलने लगा.

विक्रम सिंह : बाबू जी दक्ष के कल के किये काण्ड बारे हमें पूरी इन्फो प्राप्त हो गई है. कैसे दक्ष ने वहां पर हमला करके रपो के कई गॉर्डस को मार दिया. साथ hi दूसरी दुन्या से आये हुओं के पेअर भी काट दिए. कितनी म्हणत से रपो ने दूसरी दुन्या से आये हुओं को हासिल किया था. दक्ष ने उनकी म्हणत को मिटटी में मिला दिया और शूज लेकर कहीं ग़ायब हो गया. इसी बात के चलते रपो हमें नुकसान पोहंचा गयी है. मैं सिर्फ ये कहना चाहता हों, दक्ष को ऐसा कुछ भी करने से पहले सोचना ये सोचना चाहिए था. उसके ऐसे करने से हमें भी नुकसान पोहंच सकता है.

विक्रम सिंह ने बहुत कोशिश करके अपने लहजे में मौजूद ज़हर को कम् कर दिया था. फिर भी सब विक्रम सिंह की आवाज़ में दक्ष के लिए बेपनाह नफरत को महसूस कर गए थे. पर किसी को भी विक्रम सिंह के ऐसे लहजे पर फ़र्क़ नहीं पड़ा सिवाए परिधि के.

राजा ठाकुर विक्रम की बात सुनके सब को देखने लगे. वहां पर अलका मौजूद नहीं थी. वो अभी भी दिल्ली में थी. बाकि सभी परिवार के सभी मेंबर्स मौजूद थे.

राजा ठाकुर : किसी और को कुछ कहना है क्या??

राजा ठाकुर गूंजदार आवाज़ में बोले तोह सब अपने खुश्क होंटो पर जीब फेरने लगे. एक बार फिरसे सबकी हिम्मत जवाब दे रही थी.

राजा ठाकुर कुछ देर सबको देखते रहे, किसी और के बोलने का इंतज़ार करते रहे. पर कोई और नहीं बोलै.

राजा ठाकुर फिरसे सबको देखते हुए बोलने लगे.....

राजा ठाकुर : मैं जनता हों सबके मैं में दक्ष को लेके बहुत कुछ है. सब उसे इस मामले में भी कसूर वॉर ठहरा रहे हाँ... इतना बोल केराजा ठाकुर फिरसे सबको देखने लगे.

जब कह ऐसा नहीं है.......

"जब कह ऐसा नहीं है" इन वर्ड्स कोराजा ठाकुर ने रुक रुक के बोलै था. और ऐसी सख्ती इन वर्ड्स को अदा करते समय उनके लहजे में आ गई थी. विक्रम सिंह जो अभी भी खड़ा था, उसे अपने पेअर कांपते हुए महसूस होने लगे. विक्रम सिंह बहुत कुछ होते हुए भिराजा ठाकुर के जैसी पावर प्राप्त नहीं कर पाया tha.Raja ठाकुर के जैसी गूंजदार आवाज़ अपने अंदर नहीं ला पाया था. उनके दबदबे पर खुद को स्ट्रांग नहीं बना पाया tha.Raja ठाकुर के कहे वर्ड्स में जान hi इतनी हुआ करती थी, सुनने वाला अंदर से देहल जाया करता था. कमज़ोर दिल वाले तोह गिर hi पड़ते थे.

राजा ठाकुर : जब वह इस घर से निकाल दिया गया था. तोह फिर उसका इस घर से हर तरह का सम्बन्ध ख़तम हो गया था. उसके बाद वह कुछ भी करता फायर, कोई भी उसे पूछेगा नहीं, यही मेरा और सबका फैसला था. और हुआ भी ऐसा hi. पिछले गुज़रे 6 सालों में उसका कभी ज़िक्र भी इस हवेली में नहीं हुआ. गुज़रे 6 सालों में उसने भी कुछ ऐसा नहीं किया, जिस बिना पर हमें लगे कह वह एक बार फिरसे गलती कर रहा है. अगर ऐसा होता तोह हम वहीँ जा कर उसकी आँखों में आँखों दाल कर बात करते. उससे कहते कह जब तुम्हारा हवेली से, हम सब से कोई सम्बन्ध hi नहीं रहा तोह कोई भी बात हवेली से रिलेटेड क्यों तुम्हारे मोह से निकली. क्यों तुमने कुछ ऐसा किया, एक बार फिरसे तुम हवेली से जुड़े हुए कहलाने लगे. तुम्हारे कारण इस परिवार की इज़्ज़त पर एक बार फिरसे धब्बा क्यों लगा.

पर वह गलत होते हुए भी हमारा hi खून है. एक बार की गलती के बाद उसने फिर कभी कोई गलती नहीं करि. क्या तुम सब भूल गए हो. जब दूसरी दुन्या से आने वाले हमारी दुन्या में आये थे तो कोई भी नहीं जनता था, दक्ष हमारा खून है. डीके का असल नाम दक्ष है, कोई नहीं जनता था और न hi उसने किसी को पता चलने दिया. यहाँ से जाने के बाद उसने सब कुछ ऐसे किया, जिससे हमारी ाँ बाण शान पर कोई ऊँगली न उठा सके. कितने दिनों के बाद सभी आर्गेनाइजेशन वळून को पता चला, डीके हमारा खून है. और उसका नाम डीके नहीं ठाकुर दक्ष सिंह है.

दक्ष ने किसी को पता नहीं चलने दिया वह हमारे परिवार से हाँ. ये तोह रपो और दूसरी ऑर्गनिज़तिओन्स को बहुत बाद में पता चला था. और ऐसी इन्फो तोह मुर्दों से भी प्राप्त कर ली जाती है. दक्ष तोह फिर भी हमारा खून है. एक इंडियन है. कैसे न उसके बारे में सब जान पाते.

इस मामले में दक्ष ने हमारे hi असूलों पर चलते हुए खुद को सबत भी कर दिखाया है.

हमसे दूर है, पर ठउरुओं की ाँ बाण और शान को बढ़ने वाला काम किया है. मुझे इस पुरे मामले में दक्ष कहीं भी कसूरवार नज़र नहीं आता.

राजा ठाकुर की इस बात पर सब खुले मोह के साथराजा ठाकुर को देखते hi रह गए.

विक्रम सिंह : पर बाबू जी ये सब तोह दक्ष के कारण hi हुआ है न. उसी की वजा से hi तोह रपो ने हमें इतना नुकसान पोहंचा दिया है.

राजा ठाकुर : दक्ष ने कुछ गलत नहीं किया. उसने वही किया जो एक सच्चे इंसान को करना चाहिए था. जान पर खेल पर उसने दुन्या को के बड़ी तबाही से बचने की कोशिश की है. भूल गए हो तो मैं तुम्हे बता दूँ, उसे एक गोली भी लगी थी. वही गोली उसके कंधे पर न लगते हुए सर में भी लग सकती थी और वह हमेशा के लिए इस दुन्या को छोड़ कर भी जा सकता था. अगर ऐसा होता तोह दक्ष ठाकुर के वजा से न सिर्फ तःकुर खंडन न नाम रोशन होता, बल्कि पुरे देश में उसी का नाम लिया जाता. जब जब इंसानियत के लिए मर मिटने वळून का ज़िक्र होता, तब तक दक्ष ठाकुर का भी नाम लिया जाता.

राजा ठाकुर जब ये बात बोले थे तोह पहली बार अर्जुन सिंह, रोहिणी सिंह, पायल सिंह के दिल की धड़कन रुक सी गई थी. कंधे पर लगने वाली गोली सर में भी लग सकती थी. और यदि ऐसा होता तोह दक्ष का खेल हमेशा के लिए ख़तम हो जाता. रोहिणी सिंह बैठे बैठे अपने दिल को थाम गई थी. पायल सिंह को दर्द हुआ था. पर वह सर झटक गई थी. सबसे ज़यादा बुरी हालत पारधी की हो रही थी. बड़ी मुश्किल से वह खुद पर काबू पाए हुए थे. इस हवेली में एक वही तोह थी, जिसे दक्ष की हमेशा से पुरे मैं से छह रही थी. जो हमेशा से उसके लौट आने की आरज़ू किया करती थी. जाने कितनी बार मंदिर में जा के अपने भाई के लौट आने के लिए पूजा करवा चुकी थी.

राजा ठाकुर के शब्दों ने सबपर सन्नाटा सा तारी कर दिए था. कैयो की तोह सांस hi रुक सी गई थी. कुछ दक्ष के लिए ये सुनके परेशान हो गए थे तोह कुछराजा ठाकुर को दक्ष की फवौर में बोलते देख कर हैरान रह गए थे.

दक्ष को हवेली से निकलने में अकेलेराजा ठाकुर का hi हाथ नहीं था. सबने अपना अपना रोले प्ले किया था. पर दक्ष ठाकुर के हवेली बदर हो जाने के बाद उसका ज़िक्र नहीं हुआ था. आज उसका ज़िक्र hi नहीं हो रहा था, आज तोहराजा ठाकुर दक्ष ठाकुर की पूरी पूरी फवौर भी कर रहे थे.

राजा ठाकुर सब को बारी बार देखने लगे.

राजा ठाकुर : दक्ष ने जो किया वह सही किया.. पारर.. ये उसकी अपनी लाइफ है, वह जैसे चाहे जी सकता है. उसे ये रास्ता सही लगा तोह उसने इस रस्ते को अपना लिया. अब वह जिस रस्ते पर चल पड़ा है. उस रस्ते में उस ज़िन्दगी मिलती है या मौत. हमें इसपर चर्चा करने की ज़रूरत नहीं है.

ज़रूरत है तोह केवल इस बात की. रपो की हिम्मत भी कैसे हुई सब कुछ जानते हुए भी हमारे साथ ऐसा करने की. क्या वह नहीं जानते, पिछले 6 सालों से हमारा और दसख का सम्बन्ध हमेशा के लिए ख़तम हो चूका है. फिर भी अगर रपो और दूसरी ऑर्गनिज़तिओन्स हमें परेशां करती हाँ तोह क्या तुम सब ने हथुन में चूड़ियां पहन राखी हाँ. जो उनको जवाब नहीं दे सकते. कायरों की तरह दक्ष ठाकुर को दोष रहे हो. हमारे एक इशारे पर पूरी सर्कार डगमगा जाया करती है तोह क्या हम रपो की आँखों में ऑंखें दाल कर बात भी नहीं कर सकते.

रपो के साथ अब क्या करना तुम समझ सकते हो. या मैं ये समझ लून, इस घर में मेरे बाद एक hi शेर था, वह नहीं रहा तोह तो तुम सब नाकारा हो गए हो.

राजा ठाकुर की इस बात पर अर्जुन सिंह उठ खड़ा हुआ.

अर्जुन सिंह : बाबू जी! आपका कोई भी बीटा या पोता नाकारा नहीं है. हम इतनी हिम्मत और ताक़त रखते हाँ रपो या कोई भी ऑर्ग हो, उनकी आँखों में ऑंखें दाल कर बात कर सकें. ऐसे बहुत से रस्ते हाँ, जिनपर चलते हुए हम अपना नुकसान भी पूरा कर सकते हाँ. और रपो को वार्निंग भी दे सकते है. हमारा नुकसान वह करेंगे तोह उनका नुकसान भी करने की हिम्मत हम खुद में रखते हाँ.

राजा ठाकुर : अगर ऐसी बात है तोह फिर हवेली पर ये मातम जैसा माहौल क्यों बना रखा है तुम सबने. क्यों सब के सब एक साथ होक एक को निशाना बनाते हुए नुकसान का ज़िम्मेदार मान रहे हो. वह कुछ भी सही गलत करे. तुम सब मिलके अपना अपना डिफाह करो. अपने बिज़नेस की, अपने परिवार की रक्षा करो. दुश्मन अगर मूर्खता करता है तोह उसे जवाब दो. बंदूक की गोली से दो या फिर शब्दों के ज़हरीले वार से. हमारे साथ गलत करने वळून को चैन से बैठने का कोई हक़ नहीं है. फिर चाहे वह आम इंसान हो या रपो जैसी कोई आर्गेनाइजेशन.

इतना बोलने के बादराजा ठाकुर उठ खड़े हुए. सब भिराजा ठाकुर के सम्मान में उठ खड़े हुए..

राजा ठाकुर अपने कमरे की और बढ़ने लगे. कमरे में प्रवेश करने के बाद लॉक लगाया लाइट्स ों करके बीएड पर बैठ गए.

फ़ौरन हिराजा ठाकुर के ब्रेन में मास्टर CHI-FANG की आवाज़ सुनाई देने लगी.

CHI-FANG :राजा साब आज भी आपकी आवाज़ में गहन गरज बरक़रार है.

मास्टर CHI-FANG टेलिपाथी द्वारराजा ठाकुर से राब्ते में थे.

राजा ठाकुर : मास्टर! कैसा है अब मेरा pota.Raja ठाकुर की आवाज़ में ज़माने भर की मिठास थी, ज़माने भर का प्यार थरेजा ठाकुर के शब्दों में अपने पोते के लिए.

CHI-FANG :राजा साब, आपका पोता आपके जैसा hi शेर जवान है. गोली का घाव भी उसका कुछ नहीं बिगड़ सका. शेर है वोहराजा साब! बब्बर शेर.

राजा ठाकुर अपनी मूंछो को ताओ देने लगे. तोह मास्टर CHI-FANG जोरजा ठाकुर के दिगमग में थे. सब देख रहे थे. वह हलकी आवाज़ में हसने लगे.

राजा ठाकुर भी है पड़े.

राजा ठाकुर : मास्टर! ज़िनदगी के इन आखरी लम्हात में आपने मुझे मेरा पोता hi नहीं लौटाया है. मुझे अपनी मेरी गलती बता कर, मेरी ऑर्डर से हुए पहले और आखरी गलत फैसले को सुधरने का मौका भी दिया है.. मुझे ये बता दिए है मेरा पोता गलत नहीं था. क्कोई खेल खेला गया था मेरे पोते के साथ. पर आप मुझे सब सच नहीं बता रहे. आप तोह मेरे दिमाग में रहते हुए मेरे अंदर का सारा हाल जान चुके हाँ. कितनी बड़ी गलती हुई थी मुझसे. पर मई भी क्या करता, जैसा सब मेरे सामने आया था. मैं कैसे कोई और फैसला ले भी कैसे सकता था.

CHI-FANG :राजा साब आपसे कोई गलती नहीं हुई थी. समय ने अपनी चाल चली थी. कुछ शातिर लोग थे, जो खेल को बड़ी उम्दगी के साथ खेल गए. और सबने दक्ष बेटे को गलत जान लिया. पर आप सब ये भूल गए दरजा साब! दक्ष आपका hi खून था. इतनी बड़ी गलती वह कैसे कर सकता था.

राजा ठाकुर आंसू बहाने lage.Raja ठाकुर जिनकी आँखों से हमेशा शोले निकला करते थे. आज उन्ही आँखों से आंसू बह रहे थे. ये आंसू तोह कई दिनों से बह रहे थे.

दक्ष के टेम्पल पोहचने के बाद मास्टर ने टेलिपाथी द्वारराजा ठाकुर से राब्ता किया था. दक्ष के बारे में कुछ कुछ बता दिया था मास्टर नीरजा ठाकुर को. पहले तोहराजा ठाकुर को यकीं hi नहीं आया था. फिर जब मास्टर ने अपना पूरा परिचय करवाया तोहराजा ठाकुर को यकीं आ गया tha.Raja ठाकुर मास्टर CHI-FANG के बारे में बहुत कुछ जानते थे. कभी मिलना नहीं हुआ था, पर जानते बहुत कुछ थे मास्टर CHI-FANG के बारे में.

राजा ठाकुर मास्टर को अपने ब्रेन में भी घुसे हुए पा के यकीं कर गए थे.. तब सेराजा ठाकुर की हालत बहुत ख़राब थी.

बज़ाहिर वह सबके सामने वही रहते थे, पर अकेले में वह टूट जाया करते थे. कितना गलत फैसला वह अपनी ज़िन्दगी में ले बैठे थे. एक hi तोह उनके जैसा पोता था. वर्ण तोह पुरे परिवार में उनके जैसा कोई नहीं tha.Raja ठाकुर हमेशा दक्ष में खुद को देखा करते थे. दक्ष के काण्ड के बाद भी वह टूट गए थे. उन्हें दक्ष के बाद अपने जैसा कोई और नहीं दिखा था. इसी बात के चलतेराजा ठाकुर पत्थर दिल भी बन गए थे.

तभी लास्ट टाइम स्टेडियम में हुए फैसले परराजा ठाकुर ने सजा में भी इज़ाफ़ा कर दिए था. इज़्ज़तों के साथ खेलने वाले कभी भिराजा ठाकुर को अच्छे नहीं लगते थे. अपने शेर जैसे पोते को सजा सुना कर उनके अंदर का ग़ुस्सा और भी बढ़ गया ऐसो के लिए. जब उनका बेक़सूर पोता एंटी ज़िल्लत, इतनी बड़ी सजा झेल सकता था तोह दूसरों के लिए तोह माफ़ी का कोई ऑप्शन hi नहीं बनता था.

CHI-FANG :राजा साब आप की आँखों में आंसू अच्छे नहीं लगते.

राजा ठाकुर : मास्टर! ये आंसू तोह मेरी, मेरे पोते से मोहब्बत के हाँ, उसके साथ की गई नाइंसाफी के हाँ. ये तोह अब बहते hi रहेंगे. मास्टर मैं कब मिल सकूंगा अपने पोते से. क्या वो मुझे माफ़ करदेगा. क्या फिरसे मैं उसका वही पहले वाला दादा बन सकूंगा.

राजा ठाकुर बड़ी हसरत से बोले. मास्टर CHI-FANG ने एक लम्बी सांस ली तोह वह सांसराजा ठाकुर को अपने दिगमग में भी महसूस होने लगी. बड़ा अजीब सा एहसास थरेजा ठाकुर के लिए.

CHI-FANG :राजा साब, दिल का दर्द, अपणु से मिला दर्द, धुत्कार का दर्द तोह इतनी जल्दी जाएगा नहीं. ऐसे ज़ख़्म इतनी जल्दी नहीं भरा करतेराजा साब. पिछले 6 सालो से दसख बीटा एक मरीन लाइफ जीता आ रहा है. अब जा के उसकी लाइफ में कुछ चंगेस आने लगे हाँ. मुझे उम्मीद है ट्रैंनिंग के पुरे होते होते दक्ष बीटा अंदर से बहुत बदल चूका होगा. एक बार मैंने ज़िक्र भी किया था, निमंस के आ जाने से उसके परिवार पर भी खतरा बढ़ गया है. ये सुनके वह बहुत घुसे में आ गया था. उसके चेहरे के भाव देख के मैंने जान लिया. आप सब से मिली, नफरत, धुत्कार भी उसे हमेशा के लिए आप सब से दूर नहीं कर सकीय हरजा साब. आप सब पर बने खतरे में वह हमेशा सबसे आगे रहेगा.

राजा ठाकुर का सीना गर्व से चौड़ा हो गया.

राजा ठाकुर : आखिर पोता किसका है. भले hi हमने उसे धुत्कार दिए था. पर हमारे दिए संस्कार उसके अंदर से नहीं गए. अपने परिवार की रक्षा करके वह अपना फ़र्ज़ भी हमेशा hi निभाता रहेगा.

CHI-FANG : यही एक चीज़ तोह मुझे उसके अंदर सबसे ज़यादा अच्छी लगी हरजा साब. जितना दर्द उसे मिला है, उसे बदल जाना चाहिए था. पर वह नहीं बदला. बड़ों को सम्मान देना, अपणु के लिए जान पर खेल जाना, ये खासियत दक्ष बेटे के अंदर से कभी नहीं जा सकती. यही खासियत एक दिन दक्ष बेटे को आप सब के पास भी ले कर ायेगिरजा साब. पर दक्ष बेटे के लौटने से और सब कुछ जान लेने से आपके उम्र भर के बनाये उसूल भी रेज़ा रेज़ा हो जायेंगे.

राजा ठाकुर : मास्टर! यही बात आप पहले भी कई बार बोल चुके हाँ, पर मुझे कुछ बताते नहीं.

CHI-FANG : कैसे बतावराजा साब! वक़्त खुद बताएगा आपको. जैसी आग दक्ष बेटे के अंदर भर दी गई है. उसका कुछ तो रिजल्ट निकलेगा hi. अभी वह कुछ जनता नहीं हरजा साब. जब वह भी मेरी तरह टेलिपाथी में माहिर हो जाएगा तोह फिर कुछ भी उससे छुप नहीं सकेगा. जो सच सामने आएगा, दक्ष बीटा वह कुछ कर जाएगा, जो आप सोच भी नहीं सकते. मैंने जान लिया है सब सचराजा साब. पर मैं दक्ष बेटे को या आपको कुछ भी नहीं बताऊंगा. समय खुद hi दक्ष के सामने सब कुछ खोल कर रख देगा. फिर दक्ष बीटा खुद से hi फैसला लेकर हर किसी के साथ इंसाफ करेगा. ाछु के साथ अच्छा तोह बुरा करने वळून के साथ बुरा बर्ताव करेगा. उसकी रगों में आप सबब से मिला शब्दों का ज़हर दौड़ रहा हरजा साब. और शब्दों से रगों में भरा ज़हर दुन्या की कोई मेडिसिन, कोई जड़ीबूटी ख़तम नहीं कर सकती. दक्ष बीटा खुद चाहे तोह ख़तम कर सकता है अपने अंदर का ज़हर, वह भी खुद से लड़ के. पर मैंने इतना स्ट्रांग इंसान अपनी पूरी ज़िन्दगी में आज तक नहीं देखराजा साब. जो दक्ष बेटे जैसे हालातों से गुज़रा हो और फिर सब जान कर खुद पर कण्ट्रोल बना जाए. नामुमकिन है एराजा साब.

राजा साब मास्टर CHI-FANG की बातें सुनकर बहुत परेशान हो गए थे. वह कुछ कर भी तोह नहीं सकते थे. बोले तोह बस इतना hi.

राजा ठाकुर : मास्टर! मैंने अपनी ज़िन्दगी गुज़र ली है. अब मेरे बच्चों ने जीना है, इस दुन्या को अपने हिसाब से देखना है. दक्ष बेटे में हमेशा hi मैंने खुद को देखा है. उसके जाने के बाद मैं किसी और में खुद को नहीं देख पाया. मुझे कोई इस लायक दिखा hi नहीं. आपने मुझसे राब्ता करके जितना ज़रूरी था, मुझे बता कर मेरा पोता मुझे लौटा दिया है. ठीक है मेरे बाद दक्ष बीटा या कोई और मेरे जैसी ज़िन्दगी नहीं जी सकता. मेरा नाम मेरे हिसाब से आगे नहीं बढ़ा सकता. पर मुझे कोई ग़म नहीं है मास्टर. मेरे पोते ने तोह वह ज़िन्दगी चूसे कर ली है. जिसके बारे में मैं कभी खवाब में भी सोच नहीं सकता था. मैंने हमेशा hi अपने बाप दादा के नक़्शे क़दम पर चलते हुए उनके नाम को, अपने खंडन के नाम को आस्मां की बुलंदियों पर पोहंचाया है. पर दक्ष बेटे ने एक ऐसी ज़िन्दगी अपने लिए चुन ली है. जिसकी बराबरी मैं कभी भी नहीं कर सकता. मैंने तोह चाँद लोगों की भलाई के लिए अपना जीवन बिता दिया था मास्टर! पर मेरे पोता दक्ष ठाकुर तोह पूरी दुन्या के लोगों की भलाई के लिए खुद को त्याग रहा है. मैं बता नहीं सकता मास्टर! गर्व करने करने की अगर कोई लिमिट है तोह उस लिमिट से भी कहीं बढ़ कर मुझे अपने पोते पर गर्व है.

जैसा आपने बताया मास्टर! मुझे अपनी ज़िन्दगी के रूल्स टूटते हुए भी देखने पड़ेंगे. कुछ ऐसा देखने सुनने को भी मुझे मिल सकता है. जिसे देखने सुनने की शक्ति मुझमे नहीं है. तोह मास्टर आप मैं आपसे कहता हों. मुझे जितनी भी पीडन आने वाले समय में झेलनी पड़ने वाली हाँ, उससे कहीं बढ़कर शांति प्राप्त होगी मुझे मास्टर. मेरा बीटा अनेकों को जीवन देकर, अनेकों की ज़िन्दगी बनाने जा रहा है. यही बात मुझे मिलने वाली हर पीडन में भी रहत देगी मास्टर. मैं अपने सरे असल टूटते हुए भी देखने के लिए तैयार हों मास्टर और दक्ष बेटे की और से मिलने वाली पीडन झेलने के लिए भी.

राजा ठाकुर की आँखों से आंसू एक तसलसल से बह रहे थे. ऐसा रोनराजा ठाकुर को पहले कभी नहीं आया था. ये आंसू पीडन के नहीं थे, ये आंसू उस ख़ुशी के थे, जोरजा ठाकुर को अपने ज़लील ो खुवार करके निकाले गए पोते की ऑर्डर से मिली थी. ऐसे पोते की ऑर्डर से मिली ख़ुशी के थे, जीसेराजा ठाकुर ने, सबने मिलकर धुतकारा था, धक्के मार मार कर हवेली से निकाल दिया था.

जिस ख़ुशी की उम्मीदराजा ठाकुर को कभी नहीं थी. वह खुशिराजा ठाकुर को मिल रही थी. पोता hi नहीं मिला था. एक ऐसा पोता मिला था. जिसका सांई पूरी दुन्या में कोई नहीं था. जिसने अभी ट्रैंनिंग शुरू hi की थी कह एक बड़ा मिशन भी sar-anjaam दे दिया था. कैसे न फिरराजा ठाकुर अपने पोते की ऑर्डर से मिलने वाली इतनी बड़ी ख़ुशी पर आंसू बहते.

कुछ देर और बातें होती रही, फिर मास्टर CHI-FANG ने राब्ता ख़तम कर dia.Raja ठाकुर उठे और लाइट्स ों करके दक्ष ठाकुर की एक तस्वीर निकल कर उसपर हाथ फेरने लगे.

राजा ठाकुर : मुझे माफ़ कर देना दक्ष बीटा. अपने अहंकार के चलते मैं अपनी बूढी का उपयोग भूल गया था. सबसे ज़यादा मैं कसूरवार हों दक्ष बीटा. दूसरे सब तोह मंद बूढी थे. पर मैं तोह हमेशा hi बूढी के खेल में मास्टरमाइंड रहा हों. पर तुम्हारे मामले में मैं अहंकार का शिकार हो गया था दक्ष बीटा. बहुत बड़ी गलती हुई है मुझसे. हो सके तोह मुझे माफ़ कर देना दक्ष बीटा. दूसरों की ज़िन्दगी के सही फैसले करते करते उम्र गुज़र दी. पर अपने hi पोते की ज़िन्दगी का एक फैसला सही नहीं कर सका. मुझे माफ़ कर देना मेरे बेटे.

राजा ठाकुर दक्ष के बारे में जान कर पुरे hi बदल गए थे. बहार से सबके लिए वही थे. पर अंदर से उनका कुछ भी पहले जैसा नहीं रहा था. न सोच और न hi अब असल पहले जैसे रहे थे. असूलों की hi वजा से, अहंकारों की वजा से वो अपने पोते को खो बैठे थे. अब कैसे अहंकार और असल सलामत रह सकते थे. अहंकार और असूलों का अब सिर्फ दिखावा hi रह गया था.





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मास्टर CHI-FANG खुद में बहुत कुछ थे. शारीरिक और मानसिक बहुत से मामलों में उनका पुरे चीन में कोई जोड़ नहीं था. टेलिपाथी वाली स्किल भी पुरे चीन में कोई प्राप्त नहीं कर पाया था. ये खालिस हिंदुस्तानी स्किल थी. मास्टर CHI-FANG भी एक बार इंडिया किसी कमा से आये थे तोह उस समय के एक महान ज्ञानी ने लोक सेवा के चलते मास्टर CHI-FANG को टेलिपाथी सीखने में मदद दी थी. मास्टर CHI-FANG कभी भी इसे सीख नहीं सकते थे. इसे सीखने के लिए एक महान गुरु की ज़रूरत हुआ करती है. और चीन में क्या उस समय पूरी दुन्या में कोई गुरु नहीं था. सिवाए हिंदुस्तान के.

मास्टर CHI-FANG दक्ष को पा के बहुत खुश थे. एक तोह उन्हें अपने पुरखु की विरासत के लिए दक्ष मिल गया था. दूसरा टेलिपाथी वाली स्किल फिरसे हिंदुस्तान के एक जायले को लौटा कर मास्टर CHI-FANG उस महान ज्ञानी का क़र्ज़ भी चूका देना चाहते थे. दक्ष भी तोह लोक सेवा के लिए hi खुद को त्याग चूका था. मास्टर CHI-FANG कैसे न फिर दक्ष को अपना सब कुछ और महान ज्ञानी की ऑर्डर से मिली टेलिपाथी की स्किल से न नवाज़ते.

मास्टर CHI-FANG योग की अलग अलग और हार्ड किसम की एक्सरसाइज करवा कर दक्ष को मेंटली बहुत स्ट्रांग बना रहे थे. मास्टर SHOON-LI जो कुछ भी सीखा रहे थे. उसका 70% उसी महान ज्ञानी का सिखाया हुआ था. जो मास्टर SHOON-LI दक्ष को सीखा रहे थे.




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कंधे का ज़ख़्म टाइगर के लिए कुछ दिन की रेस्ट ले कर आया था. टाइगर फाइटिंग ट्रैंनिंग नहीं कर पा रहा था. दोनों मास्टर मिलकर टाइगर को योग की ट्रैंनिंग देने लगे.

ऐसा एक हफ्ते तक चलता रहा और टाइगर के कंधे का ज़ख़्म पूरी तरह से ठीक हो गया. टाइगर खुद को एंटी जल्दी कंधे के भयंकर ज़ख़्म से निजात पाते देख कर बड़ा हैरान हुआ था. मास्टर CHI-FANG ने षिमुना से कह के कुछ और समुद्री जड़ीबूटियां मंगवा ली थी. उसी के बल पर एक तोह टाइगर का ज़ख़्म जल्द ठीक हो गया था. दूसरा टाइगर के ब्रेन को और भी पावर मिल गई थी. मास्टर CHI-FANG टेलिपाथी खुद 7 मोनथस में सीख पाए थे. पर वह टाइगर को जल्द से जल्द से सीखना देना चाहते थे. और टाइगर के लिए इसे सीख पाना अब्ब बिलकुल भी मुश्किल नहीं रहा था.

टेलिपाथी सीखने के लिए इन्तहा की विल पावर की ज़रूरत रहती है. जो दक्ष में अलदी थी. मेंटली पावर उसे षिमुना के कारण पहले खायी रेयर थिंग्स से मिल चुकी थी. मज़ीद अब की मंगवाई रेयर जड़ीबूटियों ने और मास्टर की अलग अलग पोज़ की योग एक्सरसाइज ने पूरी कर दी थी.

रोज़ सुबह सवेरे पहाड़ की छोटी पर बैठ कर टाइगर सूरज को देखते हुए, बिना पलकें झपकाए योग करने लगता. उसे कुछ भी पता नहीं था. मास्टर उससे ऐसा क्यों करवा रहे हाँ. पर वह लगा रहा.

सब कुछ बेहद स्पीड से हो रहा था. एक हफ्ते में hi टाइगर की आँखों की कशिश बहुत ज़यादा बढ़ गई थी.

अगले एक हफ्ते में मास्टर ने टाइगर को टेलिपाथी पर लेक्चर दिया तोह सुनके टाइगर बड़ा हैरान हुआ.

टाइगर : मास्टर मेरी ट्रैंनिंग से टेलिपाथी का क्या सम्बन्ध है.

मस्टर CHI-FANG और मास्टर SHOON-LI दोनों टाइगर के पास थे. षिमुना उस समय wang-zhi के साथ थी. कोई भी इतने दिनों से ऊपर टेम्पल पर नै जा रहा था. मास्टर टाइगर की ट्रैंनिंग में बदलाव ले आये थे.

CHI-FANG : (स्माइल) टाइगर बीटा ये जितनी भी ट्रैंनिंग तुमसे करवाई जा रही है. इसका 70% सम्बन्ध टेलिपाथी से hi है.

टाइगर :(शोकसद) kyaaaaaaaaaaaaaaaa??

Chi-Fang : हाँ टाइगर बीटा. मैं टेलिपाथी भी जनता हों और सालों से इसी टेलिपाथी द्वारा तुम्हारे बारे में सब जानता रहा हों. कभी ज़ाहिर करने की कोशिश नहीं की मैंने. तुम भी जब सीख जाओ, तोह किसी को पता मत चलने देना. मुझे टेलिपाथी तुम्हारे hi देश के एक महान ज्ञानी ने सिखाई थी. वह मेरी लोक सेवा से बहुत खुश हुए थे. अब मैं चाहता हों तुम भी टेलिपाथी सीख जाओ. इससे लोगों की परेशानियों को जानने में आसानी रहेगी और साज़िशों को बेनक़ाब करने में भी आसानी बन जायेगी.

टाइगर पर तोह मास्टर CHI-FANG के एक एक शब्द पर हैरतों के पहाड़ टूट रहे थे. टाइगर टेलिपाथी के बारे में बहुत कुछ जानता था. ये भी जनता था, बहुत से ज्ञानी टेलिपाथी भी जानते हाँ. वह भी कभी इसे सीख पायेगा, ये नहीं सोचा था टाइगर ने.

टाइगर हैरत की तस्वीर बना दोनों मास्टर्स को बारी बारी देख रहा था....


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आज के लिए ीनता Hi मित्रो! मिलते हाँ अगले Episode के साथ जल्द Hi...

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पॉइंट boss...Hero तो दक्ष hi है.. अलका और दक्ष दोनों बचपन से एक दूसरे से प्यार करते हाँ तोह अलका दक्ष के लिए सबसे ख़ास हुई. दक्ष को दुत्कारने वळून में अलका भी शामिल है . देखना होगा दक्ष और अलका कैसे फिरसे एक दूसरे से मिलते हाँ. मिलते भी हाँ या नहीं..

सबसे मज़ेदार बात ये है कह स्टोरी में दक्ष एक सम्राट है, पुरे वर्ल्ड के साथ साथ निमुनिका के किंग के साथ उसका टकरा रहेगा.

अब तक षिमुना, मारगरेट, सोफिए और नताशा मैं फीमेल चरक्टेर्स सामने आ चुके हाँ. और सभी में कुछ न कुछ ख़ास है. अलका एक सिंपल लड़की है. कभी दक्ष से प्यार किया करती थी. अब भी करती है. पर नफरत भी उसके दिल में दक्ष के लिए है.

अलका अगर कुछ ख़ास न बानी तोह दक्ष के साथ काम देखने को मिलेगी. षिमुना तोह रहेगी hi दक्ष के साथ..

पर धरतीलोक के लिए भी एक स्पेशल हीरोइन होनी ज़रूरी है दक्ष के लिए. वो अलका होती है या कोई और ये देखने वाली चीज होगी.
 
Episode:15


टाइगर टेलिपाथी के बारे में मास्टर CHI-FANG से सुनके हैरान रह गया था. जैसा सब उसके सामने डिसकस किया गया था. टाइगर सब सुन और जान के हैरान रह गया था.

उसकी ट्रैंनिंग का 70% टेलिपाथी से रिलेटेड था. ये जान के उसके अंदर हलचल मच उठी थी. पॉवरफुल होना, फिहितंग में एक्सपर्ट हो जाना और बात थी. षिमुना की पावर का उसे मिल जाना भी ख़ास बात थी. पर टेलिपाथी की बराबरी कोई भी चीज़ नहीं कर सकती थी. टाइगर जनता था, ऐसा इंसान फिर चाहे तोह पूरी दुन्या पर राज कर सकता था. ये सब सोचकर टाइगर के दिल की धड़कने बेकाबू होने लगी थी. टाइगर बहुत ज़यादा पुरजोश भी हो गया था. दोनों मास्टर्स टाइगर को और टाइगर दोनों को देख रहा था.

टाइगर : मास्टर टेलिपाथी सीखने के लिए तोह मैंने सुना है, सालों भी लग जाते हाँ और कई तोह पागल भी हो जाते हाँ. बहुत मुश्किल काम है टेलिपाथी सीखना. टाइगर अपने दिल की बिगड़ी हालत पर काबू पाते हुए बोलै.

CHI-FANG : टाइगर बीटा कुछ भी आसान नहीं है तोह कुछ भी नामुमकिन नहीं है इस दुन्या में. कठिन परीक्षा में तुम सफल रहे हो. जैसी परीक्षाएं तुमसे ली गई हाँ, उन परीक्षाओं में तुम्हारे शिव कोई और सफल हो hi नहीं सकता था.

पहली परीक्षा में तुम नहीं डगमगाए तोह अब भी नहीं dag-magaoge. मुश्किल होगी, परेशानी भी बहुत बनेगी, पर तुम सफल रहोगे. जो ज़रूरी था, वह तुम्हारे आते hi शुरू करवा दिया था हमने. अब के मरहल कुछ और भी कठिन होंगे. पर तुम्हारे लिए उन मरहल को पार कर जाना भी मुमकिन रहेगा. तुम अंदर से बहुत स्ट्रांग बन चुके हो.

अब से तुम्हे रात 1 बजे सोना होगा और 4 बजे उठना होगा. दिन में 1 घंटे सोने के लिए तुम्हे दिया जाएंगे.

टाइगर : मास्टर 24 हॉर्स में सिर्फ 4 घंटे की नींद.. ऐसे तोह मैं बीमार पद जाऊँगा.

CHI-FANG : ये ज़रूरी है टाइगर बीटा. तुम्हे ज़रूरत है एक बेस्ट ब्रेन की, बहुत ज़यादा ब्रेन पावर की, बहुत समय तक ब्रेन के उपयोग की. कई कई दिन तक तुम्हे रेगुलर जागना भी पद सकता है. मैं भी जब अपने मिशन अंजाम दिया करता था, तोह 8-10 तक सोने का भी समय नहीं मिलता था.

टाइगर : क्याआआआ? टाइगर हैरान रह गया था मास्टर की इस बात पर. मास्टर कोई इतने दिन तक कैसे बिना सोये रह सकता है.

टाइगर की बात पर मास्टर CHI-FANG मंद मंद मुस्कुराने लगे.

CHI-FANG : टाइगर बीटा, ज़रा यार करके बताना, 6 साल पहले जब तुम घर से निकले थे. तो कितने रातें चैन की नींद सोये थे.

टाइगर मास्टर की बात पर सोच में पद गया. उसे याद आने लगा, जैसा सलूक उसके साथ करके उसे घर से निकल दिया गया था. पहले एक महीना तोह वो चाँद घंटों के लिए भी सो नहीं पाया था. बहुत बाद में उसे कुछ घंटों की नींद आने लगी थी. वर्ण साडी साडी रात hi करवटें बदलता रहता था, या कमरे में टहला करता था.

CHI-FANG : जब हम टेंशन में होते हाँ, किसी गहरे सदमे में होते हाँ, तब हम कई कई रातें बिना सोये काट लेते हाँ. तो फिर खुद से बिना किसी परेशानी के क्यों नहीं. कुछ भी असंभव नहीं होता. हाँ दिमागी थकन बहुत बढ़ जाती है. उसी थकन को कम् करने के लिए तुम्हे योग की अलग अलग एक्सरसाइज करके, समुद्री जड़ीबूटियां खा के अपने दिमाग को स्ट्रांग बनाना होगा.

टाइगर बीटा तुमने पूरी दुन्या देख डाली है. दुन्या के कई मुल्कों में घूम ए हो. पर तुम दुन्या के बारे में कुछ भी नहीं जानते. न तोह मैं अपने आप में अकेला हों, मुझ जैसे और भी कई इस दुन्या में होंगे. तुम मुझसे ट्रैंनिंग ले रहे हो. बहुत कुछ बन जाओगे. टेलिपाथी सीख रहे हो, फिहितंग सीख रहे हो, जिस्मानी और डीएमजी तौर पर बहुत ज़यादा स्ट्रांग बन रहे हो. पर ऐसे बनने वाले तुम पहले नहीं होंगे.

लार्ड बुद्धा ने कोई भी कला किसी एक इंसान में नहीं राखी. कोई भी किसी भी कला को प्राप्त कर सकता है. मैं समझता हों, इस पुरे चीन में मेरे जैसा कोई नहीं है. पर मैं गलत भी हो सकता हों. सब सामने भी तोह नहीं आते. सामना करने पर hi सामने आते हाँ. मैं जब अपने मिशन को अंजाम देने के लिए अलग अलग देशो में अलग अलग तरह के बुरे लोगों से टकराया करता था तोह मुझे कई ऐसे भी मिले जो देखने में मुझे खुद से काम भी नहीं लगे थे. तुम भी इस बात को सामने रख के सब सीखने की कोशिश करना. इस दुन्या में सेर पर सवा सेर मौजूद हाँ टाइगर बीटा. तुम्हारी राह में अभी से hi बहुत से दुश्मन आने लगे हाँ. आगे चल के ऐसे बहुत से दुश्मन भी तुम्हे मिलेंगे, जिनका सामना करते हुए तुम्हारी टेलिपाथी भी काम नहीं आएगी.

अपने दिमाग को स्ट्रांग बनाओ, लड़ना सीखो, चालाकी सीखो, डायलो बनो, दरिंदो के लिए दरिंदे बनो. प्यार करने वळून के साथ प्यार करो, बुरों को ख़तम करो. और ऐसा सब तुम सिर्फ खुद को मेंटली स्ट्रांग बना के hi कर सकते हो. फिसिकल स्ट्रांग होना अच्छी बात है. पर जहाँ बात दिमाग की आती है, किसी और चीज़ की वैल्यू नहीं रहती. इसलिए खुद को दिमागी तौर पर स्ट्रांग से स्ट्रांग बनाने पर ज़यादा धयान दो.

टाइगर मास्टर की एक एक बात पर पूरा पूरा धयान दे रहा था. कुछ भी आसान नहीं था. सुन लेना और बात थी, उसपर अमल करना और बात.

रात 10 से 1 बजे तक टाइगर को एक ऐसे कमरे में रहना था. उस कमरे की उत्तर दिशा में एक रोशन दान था, दो हाथ के फासले पर एक छोटी टेबल पर एक मोमबत्ती धरी थी. टाइगर उसे देखते हुए टेलिपाथी की मश्क़ करने लगा. पहले दिन टाइगर की आँखों में बहुत जल्द पानी आने लगा, दर्द भी होने लगा. पर उसे रत एक बजे तक शमा बीनी करनी थी. फिर सो जाना था.

टाइगर की टेलिपाथी की ट्रैंनिंग शुरू हो चुकी थी...

सुबह उठ के पहाड़ की छोटी पर जाता, वहां बैठ के सूरज के निकलने तक योग करता.

वही एक पेड़ पर चाकू से डेन बराबर एक निशान बना दिए मास्टर ने.

मास्टर ने टाइगर से कहा, उस निशान को देखते रहना है. अपने मैं में ये बोलना है, मैं जिस निशान को देख रहा हों उसका कलर वह नहीं जो दिख रहा है, उसका कलर नीला है. फिर जिस कलर को टाइगर अपने मैं में दोहराएगा, पेड़ पर बने निशान का कलर भी वही दिखना चाहिए.

टाइगर के लिए ये काम शमा बीनी से भी मुश्किल तरीन काम था. भला एक बालक कलर के दिख रहे निशान का कलर कोई और कैसे हो सकता है. पर टाइगर को ऐसा करना तो था hi. ये टेलिपाथी सीखने के लिए सबसे ज़यादा ज़रूरी था. टाइगर लगा रहा, पर कोई फर्क नहीं पद रहा था. तीन घंटे तक उसी निशान को ताकता रहा.

एक हफ्ते तक टाइगर की यही रूटीन चलती रही...

दूसरी रात से शमा बीनी करते हुए टाइगर की आँखों का पानी काम होने लगा था. 2 दिन में पानी आना बंद हो गया. टाइगर और भी धयान लगा कर शमा बीनी करने लगा. अगले 4 दिनों में टाइगर को अपनी आँखों में मैग्नेटिक पावर का एहसास होने लगा. बड़ी जल्दी टाइगर में चेंज आ रहा था. वर्ण इस स्टेज तक पोहंच पाने के लिए भी कई लोगों को 4 4 महीने लग जाया करते थे.

टाइगर विल पावर में कइयों से बेटर था. मरीन लाइफ ने टाइगर की विल पावर को और भी बढ़ा दिया था. सालों से अपने परिवार से दूर रहा था. इस बात से भी टाइगर की विल पावर बढ़ी थी. षिमुना के कारण समुरदी फल और भी नजाने क्या कुछ खा चूका था. मास्टर chi-fang ने षिमुना से और भी कुछ जड़ीबूटियां मंगवा कर टाइगर को खिला दी थी. उस कारण भी टाइगर में बहुत स्पीड से बदलाव आ रहे थे. षिमुना की लाइ गई रेयर थिंग्स मिलना मुमकिन नहीं थी. इसलिए कोई टाइगर के जैसा नहीं था. दुन्या में कहीं और टाइगर से बढ़कर हो सकता था. पर जिस मामले में टाइगर आगे बढ़ रहा था. ऐसे कोई और आगे नहीं बढ़ रहा था.

मास्टर SHOON-LI ने मास्टर CHI-FANG को टाइगर की आँखों में ै मैग्नेटिक अट्रैक्शन बारे बताया तोह मास्टर CHI-FANG टाइगर के पास पोहंच के टाइगर को आगे का लेक्चर देने लगे.

टाइगर की दिलचस्पी और भी अब बढ़ गई थी. टाइगर और भी मैं लगा क्र सीखने लगा.

दिन गुजरने लगे और टाइगर की आँखों में मैग्नेटिक अट्रैक्शन बढ़ने लगी. एक महीने के बाद hi टाइगर को महसूस होने लगा, मोमबत्ती का नन्हा सा शोला उसके दिमाग को छूने लगा है, उसकी आँखों में उतरने लगा है. उसके उसके इर्द गिर्द रस्क करने लगा.

पेड़ पर बनाये निशान को अब टाइगर मैं में रंग बदल बदल कर देखने लगा. टाइगर अपने ब्र्रैं में बोलता, पेड़ पर सामने जो निशान नज़र आ रहा है, वह ब्लू कलर का है. सच में hi टाइगर को वह ब्लू कलर का नज़र आने लगा. टाइगर फिर बोलता, नहीं निशान ब्लू कलर का नहीं, ग्रीन है, तोह वह निशान टाइगर को ग्रीन नज़र आने लगता.

टाइगर अपनी डेली रिपोर्ट मास्टर SHOON-LI को दे रहा था. कुछ भी टाइगर में बदलाव आता तोह मास्टर SHOON-LI मास्टर CHI-FANG को बताये. वह खुद भी तोह टेलिपाथी नहीं जानते थे. मास्टर CHI-FANG फिर आगे का टाइगर को बताने लगते.

जब टाइगर इस स्टेज पर पोहंचा तोह मास्टर ने टाइगर को बुला लिया. टाइगर ख़ुशी ख़ुशी मास्टर CHI-FANG के पास जा पोहंचा.

मास्टर CHI-FANG भी टाइगर को देख कर बहुत खुश हुए. टाइगर को लेकर मास्टर CHI-FANG उसी कमरे में ले गए, जहाँ एक बार मास्टर टाइगर और षिमुना को लेकर गए थे. जैसे षिमुना के लिए मास्टर ने स्मेल वाला एक्सपेरिमेंट किया था. अब वहीँ मास्टर CHI-FANG ने उसी कमरे को इतना ठंडा बना दिए, टाइगर थार थार कांपने लगा.

टाइगर : मास्टर इतनी ठण्ड. क्या मेरी कुल्फी बनाने का इरादा है.

CHI-FANG : टाइगर बीटा, मुझे देखो मैं भी तोह तुम्हारे साथ hi हों. मैं तोह बूढा भी हों, मुझे तुमसे कहीं बढ़कर ठण्ड लगनी चाहिए. पर मैं नार्मल हूँ.

टाइगर : इसी बात पर मैं हैरान हों मास्टर.

CHI-FANG : टाइगर बीटा तुम इतनी दिनों से शाम बीनी कर रहे हो. क्या तुम खुद को इस सर्दी से बचा भी नहीं सकते.

टाइगर : शमा बीनी का इस सर्दी से क्या ताल्लुक़ मास्टर.. टाइगर के अब दन्त बजने लगे थे.

CHI-FANG : टाइगर बीटा अपनी हथेली को देखते हुए वैसे hi धयान लगाओ. जैसे शमा बीनी करते समय लगते हो, देखो मोमबत्ती की वही लो तुम्हे अपनी हथेली में दिखती है क नहीं. टाइगर हैरान तो हुआ पर मास्टर की बात पर अमल करते हुए अपनी हथेली को देखते हुए धयान लगाने लगा. अपने दिमाग से हर किसम से ख्याल निकल कर टाइगर अपनी हथेली पर शमा को देखने लगा. कुछ देर लगी, पर टाइगर का धयान बांध गया और टाइगर को अपनी हथेली पर शमा की लो दिखाई देने लगी. साथ hi टाइगर को अपने पुरे जिस्म में गर्मी भी बढ़ती हुई महसूस होने लगी.

कुछ देर में टाइगर नार्मल हो गया. अब उसे सर्दी नहीं लग रही थी. अब तोह उसे गर्मी के कारण पसीना आने लगा था.

मास्टर CHI-FANG टाइगर को देख कर मंद मंद मुस्कुराने लगे. फिर वह टाइगर को बधाई भी देने लगे.

CHI-FANG : टाइगर बीटा यही है, तुम्हारे इतने दिनों की म्हणत प् फल. शमा की लो अब तुम्हारे बरिन में, तुम्हारी आँखों में उतर आई है. अब देर नहीं लगेगी और तुम टेलिपाथी सीख जाओगे. जानते हो इस स्टेज तक आने के लिए मुझे 5 महीने लगे थे. वो भी एक महान ज्ञानी के रहते हुए. मैंने तुम्हे सीखने का प्रयास किया है. सीखा तुमने खुद के बलबूते पर है. औरों को इस स्टेज पर पोहचने में 3-4 साल लग जाते हाँ. कई तो इस स्टेज तक आते आते पागल भी हो जाया करते हाँ. पर तुम सफल रहे हो.

अब मुझे पेड़ वाले निशान के मुतल्लक़ बताओ. टाइगर बताने लगा, अपनी प्रोग्रेस देने लगा. मास्टर सुनके और भी खुश होगये.

CHI-FANG : कल से धयान लगाना, इस दुन्या में पहेली हुई आवाज़ों को सुनने की कोशिश करना. फिर मुझे बताना कह तुम्हे आवाज़ें सुनाई देती हाँ या नहीं.

अगले दिन टाइगर ने पेड़ पर धयान लगाया, पेड़ पर बने निशान को देखते हुए धयान लगाने लगा. अपने दिमाग को हर किसम के ख़यालात से खली करने लगा. जल्द hi वह पुरे मैं से धयान में हो गया. टाइगर ने आस पास की पहेली हुई आवाज़ों को सुनने की कोशिश की तोह बेपनाह शोर से साथ, हरजोन लाखों आवाज़ें एक साथ टाइगर को सुनाई देने लगी. टाइगर हड़बड़ा कर धयान से बहार निकल आया. टाइगर बड़ा हैरान था.

मास्टर CHI-FANG से मिलके उन्हें बताता तोह मास्टर CHI-FANG टाइगर से बोले.

CHI-FANG : वो आवाज़ें पूरी दुन्या पर पहले हुए इंसानो और जीवो की आवाज़ें थी टाइगर बीटा, जो तुम सुन रहे थे. कल से अब केवल उस निशान को अपने साइज से थोड़ा बड़ा करके धयान लगाना है, और उन आवाज़ों में से किसी एक आवाज़ पर अपना फोकस बनाना है. जब ऐसा कर जाओ तो फिर मुझे बताना.

टाइगर लग गया अपने नए काम पे. और ये काम टाइगर के लिए अब तक की ट्रैंनिंग का सबसे मुश्किल काम था. टाइगर जैसे डेरिंग मन के भी होश तक गुम्म होने लगे, जब उन आवाज़ों के साथ hi उसे अजीब ो गरीब एहसासात ने ाँ घेरा. टाइगर को ऐसा लगने लगा, जैसे उसके आस पास कोई मौजूद हो और लम्बी लम्बी साँसे ले रहा हो. जब भी ऐसे एहसासात टाइगर में पैदा होते तो टाइगर के रोंगटे खड़े हो जाया करते थे.

शमा बीनी करते समय भी ऐसा hi कुछ उसके साथ होने लगा था. शमा की लो को तकते हुए उसे लगता, जैसे कोई उसे देख रहा हो. कोई आत्मा, कोई भूत प्रीत, कोई चुड़ैल.

टाइगर ने जब मास्टर को ये सब बताया. तोह मास्टर CHI-FANG टाइगर से बोले.

Shi-fang : ये सब तुम्हारे ब्रेन पावर के कारण ऐसा हो रहा है टाइगर बीटा. वर्ण ऐसा कुछ नहीं है. तुम टेलिपाथी सीख रहे हो तोह ब्रेन के अंदर के बहुत से हिस्से वर्किंग करने लगे हाँ, जागने लगे हाँ, जिसके कारण ऐसे एहसासात का सामना तुम्हे करना पद रहा है. तुम बस अपना धयान यहाँ पर मत टूटने देना, वर्ण बिला किसी शक ो शुबे के तुम पागल हो जाओगे.

टाइगर एक बार तोह डरा, लेकिन फिर वह डट गया. टाइगर की ऐसी hi लगन के कारण तोह मास्टर CHI-FANG ने टाइगर को सेलेक्ट किया था. इतनी बड़ी ज़िम्मेदारी ऐसे hi तोह नहीं टाइगर के कन्धों पर दाल रहे थे.





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षिमुना भी wang-zhi के साथ अपनी योग और फाइटिंग ट्रैंनिंग को जारी रखे हुए थे. अब वह अक्सर wang-zhi के साथ ऊपर टेम्पल में जाने लगी थी. दोनों बहुत अच्छी फ्रेंड्स भी बन गई थी. दोनों का टाइम अच्छे से स्पेंड होने लगा था. जबसे टाइगर की हार्ड ट्रैंनिंग शुरू हुई थी, टाइगर और षिमुना बहुत काम एक दूसरे से मिल पाते थे. टाइगर के पास टाइम hi कहाँ बचता था, षिमुना या wang-zhi से मिलना का.





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जब राजा ठाकुर ने सबके सामने दक्ष की फवौर में बात करि थी. तोह सब बहुत हैरान हुए थे. परेशान भी हुए थे. कुछ ने la-tallaqi का इज़हार किया था.

परिधि को ज़रूर अपने भाई के लिए दर्द हुआ था. इतने सालों बाद अपने दादा के मोह से अपने भाई के लिए इतने अच्छे शब्द सुने थे. वहीँ जब राजा ठाकुर ने दक्ष के लिए ऐसा बोलै tha"kandhe पर लगने वाली गोली, कंधे पर न लगते हुए सर पर भी लग सकती थी" तोह परिधि पूरी जान से लरज़ उठी थी.

राजा ठाकुर के जाने के बाद परिधि भी अपने कमरे में घुस के दक्ष की पिछ निकल कर देखते हुए आंसू बहाने लगी थी.

परिधि : भाई, कहाँ हो तुम, लौट कर क्यों नहीं आ जाते, मेरी तोह कोई गलती नहीं है न भाई. ी लव भाई, आ जाओ भाई. मैं नहीं रह सकती आपके बिना भाई. लौट आओ भाई प्ल्ज़ लौट आओ. मुझे भी अपने साथ ले जाओ भाई. मुझे भी अपने साथ रहना है भाई.

हिचकियों में रट हुए परिधि अपने भाई की पिछ से बात करने लगी थी.

परिधि : भाई आज दादा जी ने कितने अच्छे शब्दों में आपका ज़िक्र किया है. कैसे कह रहे थे. आपने कुछ भी गलत नहीं किया, आपकी अपनी लाइफ है, आप जैसे चाहे जी सकते हाँ. पता है भाई, दादा जी को आपकी ऐसी लाइफ पर कितनी ख़ुशी मिली है. वो भी आपसे नाराज़ हाँ, फिर भी आपके लिए अच्छे शब्द बोल गए. पर वह ऐसे क्यों बोले भाई.. पिछले 6 साल से किसी ने भी आपका ज़िक्र नहीं किया. दादा जी ने भी नहीं किया. आज किया तोह फिर क्यों वो आपके लिए इतने अच्छे शब्दों पर उपयोग कर रहे थे.

परिधि जैसे होश में आई. वो उठी और एक फैसले पर पोहचते हुए उठ कड़ी हुई. परिधि अपने आंसू साफ़ करते हुए अपने कमरे से निकली और अपने दादा के कमरे में जाने लगी. आज वो कुछ हिम्मत अपने अंदर पैदा कर गई थी. शायद आज उसे अपने दादा का मूड अपने भाई के लिए बेटर लग रहा था.

परिधि अपने दादा के कमरे में पोहंची. दूर को नॉक किया तोह राजा ठाकुर ने पुछा कौन है बहार..

परिधि : दादा जी मैं हो परिधि.

राजा ठाकुर जो मास्टर CHI-FANG से बात करके अभी कुछ देर पहले hi फ्री हुए थे. वो भी दक्ष की पिछ देख कर रो चुके थे. अब भी उनके चेहरे पर ग़म की परछाइयां मौजूद थी.

राजा ठाकुर : क्या बात है बेटी, मुझसे कोई काम है क्या. राजा ठाकुर ने अपनी आवाज़ को कड़कदार बनाने की पूरी कोशिश की, पर बना नहीं सके. ये बात परिधि ने नोट कर्ली.

उसे लगा जैसे राजा ठाकुर कुछ देर पहले रोये हों.

परिधि के अंदर तोह जैसे तूफ़ान सा आने लगा. इतनी समझदार तोह वो थी hi.

परिधि ; दादा जी आप दरवाज़ा खोलें मुझे आपसे कुछ ज़रूरी बात करनी है.

राजा ठाकुर ने मजबूरन दूर खोल दिए. परिधि ने अंदर आते hi दूर को अंदर से बंद कर दिए. राजा ठाकुर ने परिधि को हेरात से देखा.

राजा ठाकुर : परिधि बेटी दूर क्यों बंद किया तुमने.

परिधि तोह अपने दादा ठाकुर की आँखों में नमी देख hi चुकी थी.

परिधि : आज राजा ठाकुर की आँखों में ये नमी किसी. परिधि आगे बढ़ी और हिम्मत करते हुए बोल पड़ी.

राजा ठाकुर ने एक ऊँगली से अपनी एक आंख मसलते हुए.

राजा ठाकुर : नमी और मेरी आँखों में. ऐसा पहले कभी हुआ है जो आज होगा. राजा ठाकुर अपनी आवाज़ में सख्ती लाने की लाने की कोशिश करते हुए बोले.

परिधि : दादा जी आप को नाटक करना नहीं आता. आप भले hi राजा ठाकुर हाँ, पर इस समय आप राजा ठाकुर नहीं, इस समय आप केवल एक दादा जी दिख रहे हाँ. वजा जान सकती हों मई दादा जी.

राजा ठाकुर तो परिधि की बात और डेरिंग जान कर हैरान hi रह गए थे. आज तक कभी किसी ने उसके साथ ऐसी कोई बात नहीं की थी. उनकी किसी बात को झुटलाया तक नहीं था.

राजा ठाकुर अपनी हालत पर काबू नहीं रख पाए तोह ग़ुस्से में आ गए.

राजा ठाकुर : तुम अपनी हद को भूल रही हो परिधि बेटी. जाओ अपने कमरे में.

अब की बार राजा ठाकुर की आवाज़ में कड़कपन लौट आया था. परिधि राजा ठाकुर को देखती हुई उनके पैरों में गिर पड़ी. "मेरा भाई गलत नहीं हो सकता दादा जी" और फूट फूट कर रोने लगी.

राजा ठाकुर जानते थे, अकेली परिधि hi ऐसी है, जो दक्ष से नफरत नहीं करती. जिसने दक्ष को बुरा नहीं कहा था. आज भी वह दक्ष के लिए रोया करती थी. मास्टर CHI-FANG भी सब समझते हुए कई बार राजा ठाकुर को बोल गए थे परिधि के लिए. परिधि को उसके भाई के बारे में कुछ बता दिए जाए. उसका दर्द कुछ काम कर दिए जाए.

पर राजा ठाकुर खुद में इतनी हिम्मत नहीं पाते थे, परिधि को दक्ष का सच बता देते. खुद भी तोह उसकी नज़रों में गिर जाते. कैसे बताते फिर परिधि को दक्ष के बारे में.

अब जब परिधि हिम्मत करके राजा ठाकुर के सामने ा hi गई थी. राजा ठाकुर की आँखों में नमी भी देख गई थी. वो नमी जो दक्ष के लिए थी. परिधि भी तो दक्ष के लिए hi आंसू बहा रही थी.

राजा ठाकुर सोचने लगे, वो सिर्फ दक्ष के hi तोह कसूरवार नहीं हाँ, परिधि के भी तोह हाँ. दसख को घर से निकला तोह एक बेहेन से उसके भाई को भी दूर किया है. राजा ठाकुर को मास्टर CHI-FANG की बातें याद आने लगीं. वह बातें जो मास्टर CHI-FANG ने आने वाले समय से रिलेटेड की थी.. समय आने पर राजा ठाकुर के सरे असल, रूल्स टूट कर रेज़ा रेज़ा हो जाएंगे. फिर भी तो उन्हें ऐसी hi सिचुएशन का सामना करना पड़ेगा.

राजा ठाकुर परिधि को अपने भाई के लिए यौन रट देख कर पिघलने लगे. उनकी आँखों में भी आंसू आने लगे. झुक कर परिधि को कंधो से पकड़ कर उठा दिए.

परिधि उठी और राजा ठाकुर की आँखों में देखते हुए, हिचकियों में रट हुए बस इतना hi बोली.

मेरा भाई......

राजा ठाकुर का तोह कलेजा hi छलनी हो गया था, परिधि के दर्द को महसूस करके . राजा ठाकुर ने तड़प कर परिधि को खेंच कर अपने सीने लगा लिया.

"मत रो मेरी बच्ची, मैं जान गया हों दक्ष बेटे ने कोई पाप नहीं किया था. उसके साथ कोई खेल खेला गया था. जल्द hi तेरा भाई लौट के आने वाला है. मैं जानता हों वह कहाँ है"

राजा ठाकुर दर्द भरे लहजे में बोले. तोह परिधि झटका खा गई. एक तोह राजा ठाकुर दक्ष के लिए दुखी थे, दूसरे वह दक्ष के बारे में जानते थे, तीसरा वह दक्ष के लौट आने की बात कर रहे थे. छोटी और सबसे बड़ी बात वह दक्ष को सही बोल रहे थे.

"दादा जी" परिधि और भी ज़यादा रोने lagi."dada जी कहाँ है मेरा भाई. मुझे उसके पास जाना है दादा जी. मुझे उनसे मिलना है दादा जी."

परिधि को अपने दादा का सीना मिला अपने दर्द को बयां करने के लिए, तोह 6 सालों का दर्द परिधि के लहजे में पा के राजा ठाकुर और भी छलनी छलनी होने लगे.

शर्मिंदी के कारन उनका सर झुकने लगा, आवाज़ में भी पछतावे का एहसास छलकने लगा.

राजा ठाकुर : परिधि बेटी, मैं दक्ष बेटे का hi दोषी नहीं हों. तुम्हारा भी दोषी हों. मुझे माफ़ कार्डो परिधि बेटी, मुझे माफ़ कार्डो.

परिधि : नहीं दादा जी, आप मुझसे माफ़ी मत मांगें. बस मुझे मेरे भाई के पास ले जाएँ. मुझे मेरे भाई से मिला दीजिये दादा जी.

राजा ठाकुर : परिधि बेटी! अभी तुम दक्ष बेटे से नहीं मिल सकती.

परिधि : क्यों दादा जी! अब्ब भी मैं अपने भाई से नहीं मिल सकती. उसे गोली भी लगी है न. परिधि को याद आया उसके भाई को गली भी लगी थी. तोह वह फिरसे आवाज़ में रोने लगी. भाई को मेरी ज़रूरत होगी दादा जी..

राजा ठाकुर परिधि को जितना ज़रूरी था, उतना बताने लगे. सब सुन और जान कर परिधि खुश हो गई. पूरी दुन्या hi दक्ष की दुश्मन बन गई थी. ये बात जान के परिधि दर्द परेशान हो गई थी. पर दक्ष के बारे में जब ये सुना, वह मास्टर CHI-FANG के पास है और बड़ी हार्ड ट्रैंनिंग कर रहा था तोह वह बहुत खुश भी हो गई.

राजा ठाकुर : परिधि बेटी! किसी को कुछ पता न चलने देने. वर्ण हालत हमारे कण्ट्रोल से बहार हो जायेंगे. बहुत से दुश्मन भी उसकी राह पर लग चुके हाँ. दुश्मन जानते हाँ, इस हवेली में एक तुम hi ऐसी हो, जिसे अपने भाई से सबसे ज़यादा प्यार है. एक तुम hi उसके लौट आने का इंतज़ार कर रही हो. दुश्मनो ने अगर तुम्हे प् लिया तोह वो सब जान जाएंगे. बहुत से हथकंडे इन ऑर्गनिज़तिओन्स वळून के पास होते हाँ. तुम बच के रहना. वर्ण दक्ष बेटे के लिए भी खतरा बन जाएगा.

परिधि बच्ची नहीं थी, वह भी सब जानती थी. राजा ठाकुर की ऑर्डर से मिली अपने भाई के बारे में खबर पर परिधि के अंदर ज़िन्दगी की लेहेर दौर गई थी. परिधि खिल उठी थी. उसके बाद के दिन चहकते हुए गुजरने लगे. दूसरों के सामने वो नार्मल hi रहती थी. कमरे में अपने भाई की पिछ से ढेरों बातें करती.





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निमंस भी उस रात अपने साथियों को आज़ाद करवाने के लिए जाना चाहते थे. पर एकदुम्म से उन्हें अपने साथी निमंस की बू आना बंद हो गई. वह समझ गए. उनके साथी अब इस दुन्या में नहीं रहे. तीनो निमंस बहुत दुखी हो गए थे. बहुत ग़ुस्से में भी आ गए थे. पॉवरफुल होते हुए भी वह कुछ नहीं कर पा रहे थे.

अगली सुबह हैरान एक आबादी वाले बीच पर पोहंचा और एक इंसान से इन्फो प्राप्त करके उसे जान से मार दिया. वहीँ मौजूद एक दूसरे आदमी की टांगें काट के उसके ब्रेन में एक मैसेज छोड़ दिया.

"एअर्थ वालो हम एअर्थ पर अपने किसी काम से आये थे. हमारी तुम सब से कोई दुश्मनी नहीं थी. हमारे आते hi तुम सब हमारे पीछे पद गए. और हमें परेशान करना शुरू कर दिया. हमारे तीन साथियों को मार दिया गया. हम भी तुमसे कम् नहीं हाँ एअर्थ वालो. हम अपने साथियों की मौत का बदला लेके रहेंगे. डीके से और तुम सब से... डीके हमारे साथियों को मार के तुमने सही नहीं किया. जल्द hi हम सब मिलकर तुम्हारी ज़िन्दगी में, तुम्हारे चेहरे वळून की ज़िन्दगियों में भूंचाल ले आएंगे. तब तुझे पता चलेगा, किसी अपने का खून बहे तोह कितना दर्द होता है. जैसा दर्द हम सब महसूस कर रहे हाँ. ऐसे hi दर्द से तुम भी गुजरोगे डीके. इंतज़ार करो.. जल्द hi तुमसे मुलाक़ात होगी."

वहां से हैरान अपने दोस्तों के पास पोहंचा. उन्हें सब बताया, वो भी दुखी हो गए. बदले की आग में वह भी जलने लगे. पावर में निमंस एक इंसान से कहीं बढ़ कर थे. '

हैरान ने निमुनिका अपने किंग को डिटेल के साथ पैग़ाम भेज दिया. कुछ दिनों बाद लोजान का पैग़ाम आया, एअर्थ वळून के बारे में जितनी इन्फो कलेक्ट हो सकती है. वह कलेक्ट करो, और वापिस लौट आओ.

लोजान भी अब बहुत कुछ सोचने पर मजबूर हो गया था. वह जान गया था, इतनी जल्दी वह एअर्थ पर रहते हुए षिमुना को पा नहीं सकेगा. उसके लिए उसे कुछ ख़ास करना पड़ेगा.




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निमन ने जो पैग़ाम उस लंगड़े के ब्रेन में छोड़ा था. उस लंगड़े से वह पैग़ाम मीडिया द्वारा पूरी दुन्या में फेल चूका था. सब निमन के पैग़ाम बारे जान चुके थे. सब उसकी धमकी बारे जान चुके थे. चहरों और ख़ौफ़ो ह्रास फेल गया था.


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आज के लिए इतना Hi मित्रो! मिलते हाँ अगले Episode के साथ जल्द Hi..

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