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Episode:59
राजा ठाकुर एंड सब आशाराम पोहंच चुके थे. आशाराम से जुडी एक कॉलोनी जहाँ अनेको परिवार रहते थे. राजा ठाकुर परिवार को भी एक हाउस रहने को मिल गया था. सबका अचे से सवागत हुआ था.
पर दक्ष पायल की वजा से जा नहीं सका था. वो बिजी था. या ये कहना सही रहेगा. अभी आशाराम पोहंच पाना उसके नसीब में नहीं था. अभी गुरु जी से मिल पाना उसके भाग्य में नहीं था.
रुपाली भी नहीं जा पायी थी आशाराम में.. गुरु जी की ऑर्डर से रुपाली के लिए पाबन्दी लगा दी गयी. अब रुपाली दक्ष एंड षिमुना उसी सेफ हाउस में थे.
दक्ष रुपाली को न मार सकता था. न छोड़ सकता था. न hi उसे हर पल अपने साथ रख सकता था. दक्ष का लक्ष उसे आवाज़ देने लगा था. दक्ष का लक्ष उसे किसी एक स्थान पर टिक के बैठने नहीं दे सकता था. दक्ष के भाग्य में हमेशा हरकत में रहना
लिखा जा चूका था. कहाँ कहाँ वो रुपाली को साथ लिए फिरता.. इस लिए वो रुपाली को उसी सेफ हाउस पर रखने पर मजबूर था..
भाग कर जा भी तो नहीं सकती थी रुपाली दक्ष के शिकंजे से निकल कर. ऐसा दक्ष और षिमुना का मानना था.
भागो में क्या लिखा है तो कोई नहीं जान सकता. इसलिए षिमुना और दक्ष भी अपने अपने भागो से अनजान थे. अब रुपाली को छोड़ कर पायल के लिए विचारों में व्यस्त थे.
और दक्ष सोच चूका था. उसे क्या करना है. कैसे करना है..
सोफिए डीके फर्स्ट मिशन बखूबी सोल्वे करके हर तरफ से बधाई प् रही थी. वो अभी भी ख़ुशी से पहली नहीं समां रही थी.
वो जिस हॉस्पिटल में एडमिट थी. वो हॉस्पिटल एक मिलिट्री स्पेशल हॉस्पिटल tha.jahan कोई भी आम पर्सन दाखिल नहीं हो सकता था.
इस समय मिलिट्री के बड़े बड़े ऑफिसर्स सोफिए के गिर्द मौजूद था.. ये एक नेशनल खुशखबरी थी. जिसे मिल कर सेलिब्रेट किया का रहा था.
आज तक बाओ के शिकंजे में कोई भी आया था. कोई उसे बाओ के शिकंजे से निकल नहीं सका था. इसलिए भी सब बढ़ चढ़ कर ख़ुशी मानाने लगे हुए थे. और ऐसी ख़ुशी को सेलिब्रेट करने के लिए बाओ के बड़े BA's भी मन नहीं किया करते थे. ऐसी hi खुशियों के चलते तो बाओ के नाम का डंका पूरी दुन्या में बज रहा था. छोटा सा देश था इजराइल.. पर काम वो बड़े बड़े किया करता था. कोई एक बड़ा कारनामा सर अंजाम दे तो खूब उसे अप्प्रेसियते किया जाता..
सोफिए एक जैम सब के साथ मिलकर पि रही थी.. एक हाथ इन्जुरेड था. दूसरे हाथ से जैम होंटो से लगाए घूंट घूंट पि रही थी..
ऐसे में दक्ष वहां जा पोहंचा.. वो तो पहले hi सोफिए के दिमाग में जा घुसा था. पर ऐसे में सोफिए का सेंसिटिव ब्रेन दक्ष की मौजूदगी जान गया था. सोफिए समझ नहीं पायी थी. कोई उसके दिमाग में आया है. पर उसे कुछ बेचैनी ज़रूर हुई थी.
पररर....
पर अब वो चूँकि इन्जुरेड थी. पूरी तरह से रिकवर नहीं हो सकीय थी. उसके टूटे कंधे और बाज़ू में कुछ कुछ दर्द रहता था. जिसके चलते उसका ब्रेन भी सेंसिटिव नहीं रहा था..
सब पायल को प् के, डीके को एक बड़ी चोट दे के, डीके को घंटो पर झुकने के लिए, मजबूर करने के लिए पायल को किडनैप कर चुके थे...
ऐसे में डीके का असली सफलता मिली. इन्जुरेड सोफिए के ब्रेन में घुस कर दक्ष वो साडी इन्फो हासिल कर गया. जो उसे चाहिए थी..
दक्ष के लिए पायल को हासिल कर लेना मुश्किल ज़रूर था. पर अब नामुमकिन नहीं रहा था.
पायल इस समय कहाँ है. दक्ष जान चूका था. बाओ क्या है, बाओ के मकसद क्या हाँ, बाओ कहाँ कहाँ क्या क्या कर रही है. सोफिए के ब्रेन में मौजूद साडी इन्फो दक्ष ने निकाल ली.. वही एक पेपर पर दक्ष ने ज़रूरी इन्फो लिख भी डाली. साडी इन्फो याद रख पाना आसान नहीं था..
दक्ष का एक बहुत बड़ा काम सोफिए के इन्जुरेड होने के कारण हो चूका था. दक्ष बहुत खुश था..
वहीँ दक्ष को मिली अलका से रिलेटेड जानकारी. पर दक्ष ने वो सरसरी जान पर बाकि इन्फो कलेक्ट करने में लग गया था. दक्ष को जैसे अलका से कोई सरोकार hi नहीं रहा था. या वो खुद अलका को सोचना नहीं चाहता था..
सोफिए और कुछ ऑफिसर्स जैम का लुफ्त उठा रहे थे.. ऐसे में दक्ष ने एक मिलिट्री अफसर के दिमाग में जा घुसा..
अफसर: आज मैं इतना खुश हों. इतना खुश हों.. मैं कर रहा है.. नंगा hi नाचने लागूं..
पहले तो सब सुनकर चौंके. फिर हसने लगे..
कोई बोलै: ये तो गया!
दूसरा बोलै: कितनी बार देखा है हिब्रू ज़यादा पीने के बाद बहकने लगता है.
तीसरा बोलै: जाने आज हिब्रू क्या कर जाए.
हिब्रू के दिमाग में था दक्ष..
हिब्रू: मैं खुश हों. जल्द hi डीके हमारे कब्ज़े में होगा. फिर होगी वो लड़की जो दूसरे प्लेनेट से आयी है. जैसे hi वो मेरे कब्ज़े में आएगी. मैं उसपर सवार होकर उसे एक उड़ने वाला घोडा बना कर दूसरे प्लेनेट पर जाऊँगा. वहां मैं बनुगा सबसे बड़ा अफसर.. चलो सब मिलकर मुझे सलूट करो..
वो एक यदि बजा कर ज़ोर से सलूट करने लगा.. फिर बोलै: ऐसे!!
सब ज़ोर से हसने लगे.. सोफिए भी हिब्रू को देख कर हसी..
एकदम से हिब्रू सोफिए को देख कर बोलै
हिब्रू: सोफिए तुम मुझे बहुत ब्यूटीफुल दिखती हो. इतनी ब्यूटीफुल.. जिस दिन मैं घोड़े पर बेथ कर दूसरे प्लेनेट पर जाऊँगा न.. तब तुम मेरे आगे बैठोगी और मैं तुम्हारे पीछे.. चल मेरे घोड़े चुक्क चुक्क चुक्क.. चल मेरे घोड़े चुक्क चुक्क चुक्क.. मुझे और मेरे दिल की रानी को लेके चल दूसरी प्लेनेट में.. बड़ा मज़ा आएगा सोफिए दूसरे प्लेनेट पर हमारी पहली रात रंगीन बनाने में..
सोफिए हिब्रू की बात पर सीख प् हो गयी.. जैम वाला गिलास बड़े घुसे से निचे फ़ेंक कर तोड़ दिया..
सोफिए: ये क्या बकवास शुरू कर दी आपने.. आप मिलिट्री अफसर हाँ. इसका ये मलतब नहीं है. आप कुछ भी बोलने लगे..
हिब्रू आगे बढे और सोफिए को बहन में थाम कर एक किश कर दिए..
किश तो किया था हिब्रू ने. पर असल में किश था दक्ष का.. किश का मज़ा भी मिला दक्ष को. दक्ष का पूरा पूरा कण्ट्रोल था हिब्रू पर..
एक पल को तो सोफिए दांग hi रह गयी. फिर बेपनाह घुसे में आते हुए हिब्रू के लौड़े पर किक मार दी.. हिब्रू का ज़रूर कोई न कोई अंडा फूट गया था. पर वो दर्द महसूस नहीं कर सकता था..
हिब्रू बिना लौड़े पर हाथ रखे, दर्द से अनजान बने सोफिए को देख कर ज़ोर से हस्ता हुआ बोलै
हिब्रू: देखा मेरा हथियार कैसा सॉलिड है.. तुझे स्वर्ग की सैर न कर दी तो कहना.
सोफिए की सबके बीच बाज़ारदास्त इंसल्ट होने लगी थी. ऐसी बात भी सबके बीच कोई उसे कर सकता था. सोफिए सोच भी नहीं सकती थी. सोफिए ने एक अफसर को देखा.. उसकी बेल्ट पर बंधे होलिस्टर में पिस्तौल था. सोफिए उसके पास गयी और एक झाकते में पिस्तौल निकल कर अपने हाथ में ले लिया..
सोफिए: बंद कर अपनी बकवास.. वर्ण कुत्ते की मौत की मार दूंगी.. यू सोन ऑफ़ थे बीच..
हिब्रू: ये तू खूब कहा. मैं जिस देश का रहने वाला हों. वहां मेरे जैसे कोई कोई कुटिया hi जनम दे सकती है. जैसे तुझे और सबको जनम देने वाली कुटिया है. ऐसे में मेरी माँ भी कुटिया हुई तो कोई नयी बात नहीं है.
सोफिए के साथ साथ इस बार सब शदीद घुसे में आ गए. सब कुछ न कुछ कहने लगे..
सोफिए ने इस बार कुछ और नहीं सोचा. पिस्तौल सीधा किया और सीधा हिब्रू की आँखों के बीच फायर कर दिए.. हिब्रू दूसरा सांस भी नहीं ले सका. और पीठ के बल गिर कर हमेशा के लिए ठंडा हो गया..
सोफिए: अफ़सोस होता मुझे. अगर तू देश के लिए मरता. पर तेरे नसीब में कुत्ते की मौत लिखी है.
उसी पल एक दूसरा अफसर ज़ोर ज़ोर से हसने लगा..
अफसर: अरे ोोू जाने मैं. ज़रा देख इधर.. किस किस को मारेगी तू.. तेरे लिए मर मिटने वळून की कमी नहीं है.. तू इतनी सुंदर है. तुझे देख के दिल मेरा डोले.. मेरे दिल की धड़कन बोले.. ोोोू सोफी मेरा दिल ले गयी... ोोू सोफी मेरा दिल ले गयी..
सोफिए इस बार भी हैरत की बेपनाह शिद्दत से उछाल पड़ी.. उसका गुसा आखरी सीमा तक जा पोछना.. वो उस अफसर को भी शूट कर देना चाहती थी.. जैसे hi उसकी ऊँगली ट्रिगर दबाने hi वाली थी..
उसके दिमाग में कुछ क्लिक हुआ..
सोफिए ने एक पल में hi अपना हाथ निचे गिरा लिया. और घोर से अफसर को देखने लगी.
दक्ष समझ गया. सोफिए जैसी सुपर एजेंट ने जान लिया है. वो अफसर के दिमाग में है. सम्राट के चर्चे तो अब घर घर होने लगे थे. ख़ास कर हर ऑर्ग में तो ये स्पेशल टॉपिक बन गया था..
अफसर: मार na..(officer माथे पर ऊँगली रखता हुआ) मार न.. इधर इछ एक गोली दाग न.. हाय तू दिल नहीं देगी अपना. गोली hi दे दे मुझे.. हाय रे ज़ालिम लड़की तू दिल ले गयी मेरा.. एक hi दिल था मेरा.. वो भी चोरी कर लिया तूने..
दक्ष अब हिंदी बोल रहा था. इस बात पर सोफिए का हाथ निचे गिर गया था. अफसर के मोह से हिंदी गण गए रहा था.. दूसरे अफसर भी अब पागलों जैसा मोह लिए सब देख रहे थे.. वो जान गए थे.. सम्राट इनके बीच मौजूद है.. इतने जीनियस तो थे hi सब. आखिर को मिलिट्री ऑफिसर्स थे
सोफिए खूंखार अंदाज़ में: सम्राट! तुम यहाँ किस लिए आये हो
दक्ष: हाहाहा.. ताकत... पावर... अरे ये चीज जिस के पास हों. वही बलवान है. वही शक्तिशाली है.. वही सूरमा है. वहीँ भगवन है.. अब तक तुम सब इस धरती के भगवन थे.. पर अब्ब से नहीं रहोगे.. भगवन तुझ जैसे बनने लगे तो धरती पर सब कुछ नष्ट होक रह जाए... न न न जाने मैं तो तुझ जैसियन तो केवल मुझ जैसों के बिस्टेर गरम करने के लिए होती हाँ.. इससे बढ़कर कुछ और तुझ जैसियों को करना भी नहीं चाहिए.. नाज़ुक सा बदन चूर मुरा जाएगा.. सेज पर तो ये सब चलता है. पर कहीं और... न न न न न सोफिए डार्लिंग. तेरा एक बाज़ो बकर हो गया है. ऐसे hi किसी काण्ड के चलते.. इतना सुंदर शरीर ऐसे hi बेकार कर डौगी क्या.. अरे मैं हों सम्राट.. तुझे मेरे लिए खुद को बना संवर कर रखना चाहिए.. कभी आऊँगा तेरे इस सुंदर शरीर के मज़े लेने..
सोफिए: हो चुकी बकवास या कुछ और भी कहना है.
दक्ष: हाहाहा! कुछ और भी! हाहाहा.. कहा न अभी तो मेरा समय हुआ है.. अभी तो पार्टी शुरू होइ है जाने मैं. अब से मेरा राज चलेगा. और रोज़ पार्टी होगी. बंदूक तलवार चलना छोड़.. नाचना सीख.. नाचना.. तुझे मुझे खुश करते रहना है.. कुछ और सोचा तो मुझे बुरा लगे.. हाहाहा.. और तुझे पाआप
सोफिए: क्या आये हो तुम यहाँ. हम नहीं आये न तुम्हारी राह में.. क्यों हमें डिस्टर्ब कर रहे हो तुम..
दक्ष: हाँ अब तुमने किया है सही सवाल.. ाँस ये है मेरी जान.. तुमने एक डीके को पाने के लिए मेरे देश में जो काण्ड किया है... वो मुझे बिलकुल भी पसंद नहीं आया.. बोले तो बहुत hi बुरा लगा मेरे को.... मेरे देश में प्यार नहीं बाँट सकते तुम लोग.. तो आतंक भी मत फेलाओ.. और वो ससुसरा डीके..
chiii..chiiii..chiiii..
बहुत सुना था उसके बारे में. सुना था.. बड़ा hi जीदार बाँदा है.. सालों तक खतरों से भरपूर लाइफ जी है उसने.. उस दूसरे प्लेनेट वाली छोकरी.. क्या नाम है उसका भला.. हाँ याद आया.. शिमि.. अरे मैंने तो सोचा था. दोनों बड़े काम के होंगे. दुन्या पर धमाका करेंगे.. पर हुआ क्याआआआ?? ठेंगा.. ससुसरा अपने परिवार की रक्षा करने में असफल रहा. किस्मत अछि थी उसकी जो बाकि सब बच गए. पहले तो मैंने सोचा था. उसे अपने साथ मिलाऊँगा तो मेरी फाॅर्स तगड़ी हो जायेगा.. पर डीके और उस शिमि जैसे नाकारा लोग मुझे नहीं चाहिए.. एक hi फटके में साला साली दोनों खल्लास
दक्ष की इस बात पर सोफिए ने सुख का सांस लिया.
सोफिए: मैं तो समझी थी तुम हमारे मोह का निवाला छीनने ए हो.
दक्ष: हाहाहा.. मोह का निवाला.. छी छी छी ये क्या कह दिया तुमने सुंदरी.. मोह का निवाला.. अरे शेर को निवाला छीनने की क्या ज़रूरत है.. मैं चहु तो पूरी दुन्या को एक hi फटकी में इधर से उधर कर डॉन.. तेरे मोह से निवाला.. तू ऐसा बोल में मेरी इंसल्ट कर रही है. तुझे रानी बनाने का सोचा है मैंने.. दसियों जैसी बातें मत कर....
अरे अब तो मैं भी उत्सुक हों. कैसे डीके तेरे शिकंजे से अपनी बहन को बचता है.. देखो तो सही.. वो सच में शेर है.. या ढोल का पोल है.. खतरनाक लाइफ जीने वाला सच में खतरनाक है. या सिर्फ वो पागल है.. देखना तो पड़ेगा hi.
सोफिए अब रिलैक्स थी और एक चेयर पर बेथ गयी थी.
सोफिए: डीके हम से टकराता है. तो हम देख लेंगे.. सम्राट तू हमारी राह में नहीं आएगा तो मेरे दिल में भी तेरे लिए सम्मान बढ़ जायेगा..
दक्ष: फिर तो खुद को मेरी सेज पर ले आएगी... क्यों? ऐसा hi है न..
सोफिए घुसे में: देख सम्राट! मेरी लाइफ में कुछ है तो मेरा देश के लिए मोहब्बत. जिस्म से मुझे छह है तो बास इतनी.. की देश की सेवा करती रहूं.. जिस्म सलामत रहेगा तो देश सेवा कर सकती हों. इसलिए अपने जिस्म से मुझे प्यार है.. इससे ज़यादा मैंने कभी अपने जिस्म के बारे में कभी नहीं सोचा..
दक्ष: तो सोचो न.. अब तो तुझे सोचना hi पड़ेगा.. तेरे जिस्म पर कहाँ कहाँ कैसे कैसे निशान हाँ. वो मुझसे छुपे हुए नहीं हाँ..
सोफिए झटके में उठ कड़ी हुई: kyaaaaaaaaaaaaa?? नॉनसेंस.. बेहूदा.. घट्टिया.. कुत्ता..
सोफिए को एकदम से घुसा आ गया था.. क्यूंकि कुछ अफसर के होंटो पर मुस्कान आ गई थी दक्ष की इस बात पर..
दक्ष: हाय रे तीखी मिरछी.. अपना तीखा काम मत होने देना.. मीठा मुझे पसंद नहीं और तीखे के लिए तो मैं पागल हों..
सोफिए ने हाथ उठा दिए: बससससससस.. अब और नहीं.. कुछ और बात करनी है तो ठीक.. वर्ण गेट लॉस्ट!!
दक्ष: हाहाहा! अरे मैं तो वो हों. जो कहीं भी घुस जाए. तू मुझे "गेट लॉस्ट" बोल रही है...
सोफिए ने कुछ नहीं सुना और वहां से जाने लगी.. दक्ष ने उसे नहीं रोका.. सोफिए घुसे में तंतानति हुई कमरे से निकल कर दूसरे कमरे में चली गयी... दूर लॉक करके वो एक चेयर पर बेथ कर सर थाम गयी..
दक्ष उसके दिमाग में घुसा तो मुस्कुराये बिना नहीं रह सका... सोफिए कुछ ऐसा सोच रही थी..
"सम्राट तो किसी के भी दिमाग में घुस जाता है. क्या मैं उसे उल्लू बना कर, अपना पालतू कुत्ता नहीं बना सकती. हाँ मैं सुपर एजेंट हों और मैं ऐसा कर सकती हों. सम्राट मुझपर लाटू है. मैं उसे मोहब्बत के जाल में फाँस कर अपने वश में कर सकती हों. फिर वो जहाँ भी होगा.. दौड़ा दौड़ा मेरे पास आएगा.. पर क्या मैं ऐसा कर सकती हों. क्या वो मेरी मोहब्बत के जाल में फस जाएगा.. तुरंत hi उसके दिमाग में दूसरी बात आयी.... क्यों नहीं आएगा. हमें ट्रैंनिंग hi ऐसी दी जाती है. हम कुछ भी कर सकती हैं. कैसे भी मिशन हो. हम उसे अचीव कर सकती हाँ.. मुझे भी तो मर्दों को लुभाने की ट्रैंनिंग दी गयी है.. आज से पहले कभी ऐसा मिशन मुझे नहीं मिला.. पर मैं वो कर तो सकती हों.. हाँ मैं करुँगी.. मैं सम्राट को अपने वश में करुँगी.. सम्राट मुझसे मोहब्बत करेगा तो हमारा होकर रह जायेगा.. हमारे देश को एक और पावर मिल जाएगी. और जैसी पावर सम्राट के पास है. वो हमें प्राप्त हो जाए तो पूरी दुन्या पर हम राज कर सकते हाँ.. किसी को भी अपना घुलम बना सकते हाँ...
सोफिए ऐसी hi बातें सोचती रही. दक्ष सब जान कर ख़ामोशी से उसके दिमाग से निकल गया.. वो अभी सोफिए को नहीं बताना चाहता था. वो उसके दिमाग में रहते सब जान गया है...
दक्ष षिमुना के पास हाज़िर हुआ.. तो षिमुना उसका hi मोह टेक जा रही थी..
षिमुना: पायल बाओ के कब्ज़े में है और तुम हो की किसी के दिमाग में घुस के मज़े ले रहे थे.. दक्ष बे सीरियस!
दक्ष: सीरियस तो मैं हों षिमुना.. पर जैसा की तुम जानती हों. मैं कितना बदल चूका हों. कैसे इतना सीरियस रह सकता हों. और फिर मुझे पायल दी को पाना है. उसके लिए मुझे ज़यादा से ज़यादा होश से काम लेना है. और होश में केवल एक एक्टिव बाँदा hi रह सकता है. मैं योहनी खुद को रिलैक्स भी कर रहा था. और मिशन पायल दी को भी अंजाम दे रहा था.
षिमुना: वो कैसे?
दक्ष षिमुना को सब बताने लगा.. जो जो दक्ष वहां कर के आया था..
सुनकर षिमुना इतनी खुश हुई.. षिमुना ने दक्ष को वहीँ गिरा कर उसे किश करना शुरू कर दिए.. दक्ष भी षिमुना के शामनबी होंटो का रास पीटा उसके चुके दबाने लगा.. पायल बाओ के कब्ज़े में थी.. पर डीके सम्राट भी था.. तो टेंशन कैसी
किश करते करते दोनों की मस्ती बढ़ने लगी... देखते hi देखते दोनों नंगे हुए एक दूसरे से चिपके एक दूसरे को किश कर रहे थे...
षिमुना: लव यू दक्ष.. ी रियली लव दक्ष..
षिमुना की मिनी छूट रिसने लगी थी. वो किश करते हुए दक्ष के लौड़े पर अपनी छूट रगड़ने लगी..
दक्ष: सही किया न मैंने..
षिमुना: तुम कुछ गलत कर भी कैसे सकते हो दक्ष.. कसम से मुझे भी आईडिया नहीं आया था. तुम ऐसे भी उलझा सकते हो.. ऐसे तो हमारा खेला गया खेल बड़ा hi शानदार होगा..
दक्ष: पहले तो तुम मुझे चखने दो न अपने शानदार शरीर को..
षिमुना: वो तो है hi तुम्हारा दक्ष! आह्हः चखना क्या है.. खूब जी भरो मेरे शरीर से दक्ष.. इतना की प्यार तुम करो और पेट मेरा और दिल मेरा भर जाए..
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आज के लिए इतना hi मित्रो.. मिलते हाँ जल्द hi अगले episode के साथ...
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