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ये सुन कर तो फातिमा के पैरों टेल से ज़मीन hi खिसक gai.....use समझ में नहीं आ रहा था की सलना ने उन्हें कैसे देख liya....aur अब वो आदि के घर सारा के साथ जाने की क्या वजह बताये....
Salma(ghoor कर)- अब सच बताएगी की नहीं....
Fatima(man में)- क्या bolu.....sara को तो संभाल liya.....par अब इसे कैसे sambhalu.....uperwale....madad करना......
अब आगे........
फ़तिमे दिल hi दिल ऊपर वाले से दुआ मांग रही थी की उसे सलमा के सवालों से बचा le.......aur साथ hi साथ ये भी सोच रही थी की सलमा को क्या बोले....
और उपरवाले ने फातिमा की सुन li....aur सलमा के फोन पर उसकी खास सहेली का कॉल आ गया.....
Salma(phon देख कर)- तू अभी ja.....main बाद में तेरी खबर लेती हु....
ये बोल कर सलमा कॉल पर बात करते हुए बैडरूम में निकल gai....aur फातिमा राहत की सांस ले कर जल्दी से सारा के रूम की तरफ भाग गई......
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गाओं में........
शाम के वक़्त कल्लू और ठाकुर विक्रांत गाओं के बाहर बने एक ढाबे पर बैठे दारु पि रहे थे.....
एक तरफ कल्लू थोड़ा उदास tha...to वही विक्रांत उसे दिलाशा दे रहा tha...ki वो अपने आपको sambhale....sab ठीक हो जायगा....
असल में कल्लू के प्लान के हिसाब से उसका घर जल गया tha...aur ये बात गाओं से होते हुए दूसरे गाओं में विक्रांत तक भी पहुंच चुकी thi....isliye विक्रांत जल्दी से कल्लू के पास पंहुचा और उसे ले कर यहाँ ढाबे पर आ गया.....
( यहाँ बता दू की कल्लू और विक्रांत के गाओं ALAG-ALAG HAI....PAR इतने पास है की एक गाओं की बातें दूसरे तक पहुंच HI जाती HAI....LAGBHAG 4-5 कम की कच्ची रास्ता दोनों गाओं को जोड़ती HAI....TO वही दोनों गाओं दूसरी तरफ से सहर वाले हाईवे से जुड़े हुए थे.....)
विक्रांत- तू फ़िक्र मत कर kallu....ye ठाकुर है न तेरे साथ....
कल्लू- वो तो जनता हु ठाकुर साब....
Vikrant(beech में)- क्या bola....abe तुझे कितनी बार बोलै की मुझे विक्रांत बोलै kar....ye क्या saab-saab लगा रखा hai...tu दोस्त है मेरा...
कल्लू- अरे नहीं ठाकुर saab....main कहा और आप kaha...aur आप उम्र में भी तो...
Vikrant(beech में)- ohh..to उम्र का लिहाज कर रहा hai....hmm....janta हु की तू मुझ से 20 साल छोटा hai.......par तूने मेरी जान बचाई है dost....isliye मैं तुझे ये हक़ देता हु की तू मुझे विक्रांत bol...ya vikky....aur तुझे मेरी kasam...agar तू मुझे मंटा hai...to न नहीं bolega....samjha...
Kallu(muskura कर)- ठीक है vinkrant...ye ठीक है न....
Vikrant(has कर)- ये हुई न baat....ab chal...thoda मुस्कुरा भी de....sala जबसे आया है तबसे मुँह फुलाये बैठा है...
कल्लू- कैसे muskurau....tumhe तो पता है न की मेरा घर जल गया hai....ab ऐसे में क्या मुस्कुराओ.....
विक्रांत- जल गया to....fir से बन jayga...tu फ़िक्र मत kar...waise भी तेरे पास पैसों की कोई कमी है kya....aur अगर काम हो तो मुझे bol....haa....
कल्लू- बात पैसों की नहीं है yaar...par घर बनने में टाइम तो लगेगा na....to इतने दिन मैं कहा rahuga....kya झूड़ी बना कर राहु....
विक्रांत- अबे haat...thakur का दोस्त झोपडी me....kabhi nhi....tu to...aaa...ruk thoda...thakurain का फोन आया......
और फिर ठाकुर फोन पर अपनी पत्नी से बात करने laga.....jiska नाम है रेखा ठाकुर.....
विक्रांत जब अपनी पत्नी का कॉल उठता hai...to गलती से बटन दवाने से फ़ोन स्पीकर पर चला जाता hai....par विक्रांत को शराब के नशे में वो पता hi नहीं चल और वो वैसे hi बाते करने लगा......
विक्रांत – हेल्ल्लूओ.....
रेखा- ठाकुर saab....kaha हो aap.....bahut टाइम हो गया आपको निकले हुए......
विक्रांत- haa...main तो bas....yhi hu...paas में....
रेखा- क्या आज घर नहीं aana....thoda टाइम तो देखो की कितनी देर हो चुकी है......
विक्रांत - huh...haa...time....par टाइम तो वो hi कल वाला hi है न मेरी जानू......
विक्रांत की आवाज सुनते hi रेखा समझ गई thi....ki विक्रांत ने शराब पि राखी hai.....wo भी जरूरत से jyada......isliye उसे थोड़ा गुस्सा आ रहा tha.....fir भी रजनी ने गुस्से को दवाया और आराम से बात की.....
रेखा- क्या ठाकुर saab...aapne फिर से पि li....wo भी इतनी jyada....kya आपको हमारी कोई फ़िक्र नहीं hoti...jo इतना पि कर आते हो........
विक्रांत- अरे नहीं मेरी jaan...tu गुस्सा मत kar...maine कहा ज्यादा pi...bas थोड़ी सी...
रेखा- रहने dijiye...aapki आवाज से साफ़ पता चल रहा है की कुछ नहीं बल्कि बहुत ज्यादा हो गई है.....
विक्रांत- अरे जान....
Rekha(beech में)- क्या jaan....haa.....aap थोड़ी तो शर्म कर lo......ghar में 2-2 जवान बहुये बैठी hai.....aur आप ऐसे दारु के नशे में तुन बैठे ho.....wo देखेगी तो क्या sochegi...ki उनके ससुर दारूखोर है...
विक्रांत- kya....bacche आ gaye...kab आये...
रेखा- आये nhi.....kal aayge...main तो बस बता रही thi...ki अब ये सब ठीक नहीं hoga...wo अगले 3 महीने यही रहने वाले hai...jaante है न आप...,..
विक्रांत- कोई nhi....unke सामबे कुछ नहीं hoga...ab खुश....
रेखा- क्या khush....wo नहीं है तो kya...main तो यही hu...main आपको ऐसे देख कर खुश रहूगी क्या....
विक्रांत- अरे yaar......ab मूड मत bigaad...aaj मैं बड़े प्यारे मूड में घर aauga...aur तुझे पूरी raat...hahaha....samjh गई न...
रेखा- huh....rahne do..puri रात kya..aap तो 2 मिनट भी मेरे साथ नहीं rahte....aate hi ढेर हो जाते है.....
विक्रांत – ओह ho....meri जान को इतना गुस्सा hai.....hmm....lagta है आज रात तो निकलना hi पड़ेगा तेरा सारा गुस्सा.....
विक्रांत की बात सुन कर रेखा हसने lagi....kyoki वो जानती thi...ki भले hi विक्रांत नार्मल रहते हुए कुछ न kare....par गुस्से में आ कर चुदाई जरूर कर देता है....
और रेखा पिछले काफी टाइम से एक अच्छी चुदाई के लिए तरस रही thi....jiski उम्मीद उसे आज दिखने लगी थी....
( असल में रेखा , विक्रांत की दूसरी बीवी thi....jo उससे उम्र में काफी छोटी thi.....fir भी रेखा के maa-baap ने विक्रांत का रुतवा और पैसा देख कर रेखा की साडी विक्रांत से कर दी थी....
पर विक्रांत की पहली पत्नी मरी नहीं thi.....wo तो विक्रांत को रेखा किसी साडी में पसंद आई और उसने रेखा के maa-baap को ये बात बोल di...aur वो भी विक्रांत को न नहीं बोल सके.....
जबकि विक्रांत की पहली पत्नी माया अपने पति की दूसरी साडी की ज़िद से गुस्सा हो गई और उसे छोड़ कर दूसरी हवेली में रहने lagi...jo थी तो उसी गाओं me...par अलग थी...
अब एक हवेली में विक्रांत और रेखा रहते hai....aur खेत वाली हवेली में माया अकेली....
और विक्रांत और माया के bete-bahu और बेटी भी जब गाओं आते hai...to विक्रांत के दर से उसी की हवेली में रहते hai...halaki वो अपनी माँ यानि माया से खुल कर मिलने जाते रहते hai...us पर उन्हें कोई रोक नहीं....
विक्रांत भले hi माया से अलग हो गया tha....par आज भी विक्रांत की jameen-jaayjaad की मालकिन उसकी पहली बीवी माया hi थी.....)
रेखा को अब लगने लगा था की विक्रांत गुस्से में आज रात उसकी दोनों टंगे खोल कर उसे जैम कर छोड़ेगा....... सलमान स्लिये वो थोड़ी सरारती तरीके से बात करने लगी......
रेखा- accha....aap मेरे गुस्सा nikalege...uummm...to ठीक hai...aap पहले घर तो आ jayo.....fir निकल देना मेरा सारा gussa....theek है....
विक्रांत - क्या बात है मेरी jaan....aaj तो तुझे बहुत जल्दी हो रही है गुस्सा निकलवाने ki....mood में लगती है.....
रेखा- मैं तो हर रात मूड में रहती hu....bas आप hi पि कर सो जाते ho....huh...
विक्रांत- पर आज ऐसा नहीं होगा मेरी jaan...aaj रात तो तेरी शामत आ hi गई समझ....
रेखा- रहने do.....aap तो बस फ़ोन पर hi बाटे करते रहते ho....baki तो कुछ कर hi नहीं pate....huh...
रेखा jaan-boojh कर विक्रांत को भड़का रही thi....kyoki वो चाहती थी की विक्रांत अपना पूरा गुस्सा चुदाई में nikaale....taki उसे कई दिनों बाद चुदाई का मज़ा मिल sake....aur हो सके तो उसकी गॉड भर jaaye...jo आज तक सूनी थी.....
विक्रांत- ऐसी बात hai....to ruk....aaj रात तेरी जैम कर चुदाई करूँगा saali....abhi आता hoon....ruk....
रेखा- अच्छा ji....dekhte hai...aao fir.....roka किसने hai.....aa जाओ....
फिर विक्रांत ने फ़ोन कट किया और अपना पेग एक सांस में जातक लिया......
विक्रांत- कल्लू bhai...abhi जाना होगा...
कल्लू- क्या yaar....abhi se...thoda और पियो....
विक्रांत- बस yaar.....ab बहुत हो gai.....ab नहीं hoga....aur पिऊंगा तो लुढ़क जाउगा....
कल्लू- अरे यार थोड़ा और पि le.....bharosha रख कुछ नहीं hoga....main हु na.....aur वैसे भी तुम्हे घर जा कर भाभी का सारा गुस्सा भी तो निकलना hai....hai na....le एक और खिंच दे......
ये बोल कर कल्लू ने एक और कड़क पेग बनाया और विक्रांत ने उसे भी जातक लिया.....
विक्रांत- aah....maza आएगा अब......
कल्लू- hmm....lagta है आज भाभी पुरे मूड में hai.....haa....tumhari रात तो मस्त निकलेगी.....
Vikrant(has कर)- are...ab कहा yaar....ab वो पहले वाला सवाद नहीं रहा तेरी भाभी में.....
कल्लू- क्या बोल रहे ho.....maaf karna....par मैंने तो सुना है की भाभी के चर्चे aas-paas के गाओं तक फैले हुए hai.....log कहते है की बड़ी मस्त है नै thakurain.....matlab मेरी भाभी......
विक्रांत- ये क्या बोल रहा है yaar....kya ये सच है.....
कल्लू- हां yaar....maine तो कई बार सुना hai.....maaf karna...par लीग कहते है की भाभी को देख कर तो सरे मर्द पागल हो जाते hai......wo तो भाभी की खूबरूरति और उनके बदन की बहुत तारीफ़ करते hai.....sach में.....
विक्रांत- ऐसा kya....jara बता तो kya-kya कहते है log....haa....
कल्लू- रहने do....tumhe अच्छा नहीं lagega...log तो कुछ भी बोलते है na....tu मुझ पर गुस्सा करेगा...
विक्रांत- कर दी न वही baat...are दोस्त बनाया है tujhe.....aur विक्रांत दिसतो के लिए हाँ देता hai...gussa नहीं karta....waise भी दोस्त को हक़ है की दोस्त की बीवी की तारीफ kare...tu बिंदास बोल...
कल्लू- बताता hu...ek-ek पेग और हो जाए....
विक्रांत- अब तुझे मन कैसे कर सकता hu....chal bana....fir बता की कैसे चर्चे है मेरी जान के चारो तरफ...
फिर कल्लू ने 2 कड़क पेग बनाये और पेग गटकते हुए बात करने लगा.....
विक्रांत- अब bol....kaisi बातें होती है मर्दो के बीच मेरी बीवी को ले कर....
कल्लू- अब क्या बोलू yaar.....saare मर्द जब भी भाभी की बड़ी मोती गांड को हिलते हुए देखते hai.....to मर्दो के लुंड तुरंत तन जाते है ......
विक्रांत- accha....hahaha....
कल्लू- मजाक नहीं yaar....sach में भाभी की गांड के बहुत चर्चे hai.......are मैंने तो सुना है की जब भाभी अपनी गांड पूरी हिला कर चलती hai...toh मर्द तो chhodo....jawaan होते लड़को के दिलो में भी आग लग जाती है.....
कल्लू की बात सुन कर विक्रांत कुछ नहीं bolta....kyoki विक्रांत पुरे नशे में tha.....aur सच बात तो ये थी..... की विक्रांत को कल्लू की बात सुन कर गर्मी महसूस होने लगी thi....isliye वो बस मुस्कुराते हुए सुन रहा tha....aur इसी बीच कल्लू ने विक्रांत के खली ग्लास को फिर से शराब से भर दिया......
विक्रांत- एयर bata....aur क्या कहते है लोग....
कल्लू- और kya-kya बताऊ yaar....log तो भाभी के bade-bade दूधो के लिए भी पागल hai....bolte है ki.....bhabhi के दूध देख कर ऐसा लगता hai.....ki जैसे वो जान भुज कर अपने bade-bade दूध तंग ब्लाउज में रखती hai....taki वो ज्यादा बहार निकल कर dikhe.....aur जब वो लोगो के सामने nikle....to उनके bade-bade दूध देख कर कोई मर्द उसके दूध को मसल कर रख दे....
विक्रांत- ऐसा भी सोचते है log....aauummmmhh...aah....ek और bana.....aur आगे बता ..और क्या कहते है....
Golu(peg बनाते हुए)- हाँ यार लोग तो बहुत कुछ कहते hai.....jaise की कुछ कहते है ki.....bhabhi के मोठे- मोठे चूतड़ और dlbade-bade दूध देख कर ऐसा लगता hai.....jaise एक जीती जागती जलती जवानी सामने कड़ी ho...jiske साथ हर कोई जलना चाहता है......
Vikrant(peg जातक कर)- accha....sab...matlab तू bhi....sach bol....tu भी ऐसा सोचता है....
कल्लू जनता था की विक्रांत अब होश खो चूका hai...fir भी उसने विक्रांत के गिलास को फिर से भर diya...aur विक्रांत ने गिलास उठा कर पीना सुरु कर दिया....
विक्रांत- बोल न yaar...tu क्या सोचता है...
कल्लू- रहने दो na....tum बुरा मान जाओगे...
विक्रांत- फिर से वही baat....are दोस्त है तू mera...khul कर bol....kasam se...teri किसी बात का बुरा नहीं manuga...bol...bindaas बोल...
कल्लू- तुम कहते हो to....theek hai...suno...yaar सच कहु to....mujhe लगता है की भाभी की जवानी तो गरम दूध की तरह उबाल रही hai.....aur उसे देख कर मेरा तो मन करता है की भाभी को नंगा कर के उसे कुटिया banau......aur फिर अपना लुंड एक झटके में पूरा का पूरा उसकी गांड में जड़ तक घुसा du....aur फिर दवा कर छोड़ू उसे.....
विक्रांत ये सुन कर पूरा गरम हो जाता hai....aur फिर पूरा पेग जातक लेता है......
विक्रांत - इतनी पसंद है तुझे वो....
कल्लू- haa...par उसकी गांड देख कर ऐसा लगता hai....baki है तो वो तुम्हारी biwi.....to छोडो ये baat....ye तो आम बात है किसी खूबसूरत ायरत को देख कर उसके लिए सोचने ki.....par वो तुम्हारी hai...tum किस्मत वाले ho.....hai न....
विक्रांत- haa....bilkul....isliye अब चलते hai....aur मैं अपनी उस बीवी को ragduga...jiske लिए सारे मर्द पागल हो जाते hai...hahaha....
कल्लू- hmm...tum निकलो फिर....
विक्रांत- निकलो matlab.....tu भी चल रहा है मेरे sath.....samjha...
कल्लू- पर मैं क्यों...
विक्रांत- तेरा घर तो जल chuka....to कहा जायगा...
कल्लू- मैं आज रात यही रुक जाता hu...kal सोचुगा कुछ...
Vikrant(khada हो कर)- khabardaar....jo ऐसा सोचा to....tu मेरा दोस्त hai...isliye जब तक तेरा घर नहीं बन jata....tab तक तू मेरी हवेली में rahega...mere sath....samjha...chal मेरे साथ......
कल्लू - अरे yaar....tu इतनी तकलीफ क्यों कर रहे ho....main कुछ देख लगा न......
विक्रांत- nhi....aur कोई बात नहीं hogi....tu चल मेरे साथ.....
कल्लू- अच्छा ठीक hai....tu कार में baith...main यहाँ हिसाब कर के आता हु.....
विक्रांत- ठीक hai...par याद rakhna....tere बिना मैं नहीं जाने wala....to कोई होसियारी नहीं....
कल्लू- नहीं yaar....bas अभी आया....
फिर विक्रांत बाहर कार में आ गया और कल्लू ने उस ढाबे वाले को bulaya...aur उसे टेबल के नीचे रखे एक डिब्बे को ले जाने बोलै....
ढाबे वाला- साब ji...agar ठाकुर ने देख लिया की तुम शराब पिने की जगह नीचे दावे में डालते ho...aur उसे पिलाते रहते ho...to फिर क्या करेगा wo...jante हो na....wo अस्प्के साथ मुझे bhi...samjh रहे है न....
Kallu(muskura कर)- ऐसा कुछ नहीं hoga....tu बस इस शराब को और इन पैसों को sambhaal...thakur को मैं देख luga....aish कर....
ये बोल कर कल्लू बाहर आया और अपनी बाइक को साइड में रख कर विक्रांत की कार से उसकी हवेली निकल गया.....
कार कल्लू hi चला रहा tha...kyoki विक्रांत अभी इस लायक भी नहीं था की ठीक से चल भी सके......
और फिर दोनों हवेली पहुंच gaye...jaha कल्लू hi विक्रांत को सहारा दे कर हवेली के अंदर दाखिल hua....aur उसके रूम की तरफ चल पड़ा....
कल्लू इस वक़्त मन hi मन बहुत खुश tha......kyoki उसको रेखा की जवानी देखने को मिलने वाली thi...jo अब्बी विक्रांत के रूम में थी......
कल्लू ने पहले hi रेखा को देख रखा tha....aur उसके बड़े दूध और मोती गांड देख कर उसको छोड़ने का भी सोच चूका tha......par रेखा ऐसे hi तो हाथ नहीं आने वाली thi...aakhir ठकुराइन है यहाँ ki.....par आज कल्लू को करीब से रेखा को देखने का मौका tha....aur अब सायद पटाने का hi.....
Khair....jab कल्लू अपने कंधे पका सहारा देते हुए विक्रांत के रूमटेक pahucha...to khat-khat सुन कर रेखा ने जल्दी से गेट खोल दिया...
पर गेट खोलते hi रेखा के चेहरे की हसी एकदम से मायूडी में बदल gai....jab उसने विक्रांत को नशे में धुत्त देखा......
वही कल्लू की आँखे चमक uthi...kyoki रेखा सिर्फ एक मैक्सी पहने हुए thi....jiske भीतर वो बिलकुल नंगी thi...na ब्रा और न hi पंतय....
जिससे रेखा का गदराया बदन कल्लू की आँखों के सामने झूल रहा tha....aur कल्लू के लुंड को कास लने लगा था.....
रेखा- तुम कौन ho....kya कल्लू हो....
कल्लू- हां....
रेखा- और इन्हे क्या हुआ.....
कल्लू- कुछ nhi....bas पि राखी है....
रेखा- और तुम बस देखते rahe...roka नहीं इन्हे....
कल्लू- अरे nhi....inhone मुझे भी साथ में pilaai....aur वैसे भी ठाकुर को कोई रोक सकता है क्या....
रेखा- hmm..wo तो hai...kidi की सुनते कहा hai....par तुम तो सही दिख रहे हो....
Kallu(muskura कर)- अब हम तो जवान है abhi....aur सरीर भी मस्त hai....to मुझे कुछ नहीं होता....
रेखा- ठीक hai....tum अब जा सकते ho....inhe मैं ले जाती हु....
विक्रांत- nhi....kallu यही rahega....isi हवेली me.....mera दोस्त है wo...maine उसको वादा किया है.....
रेखा- ठीक hai....kallu...tum नीचे वाले रूम में सो जाओ...
विक्रांत- nhi....neeche नौकर सोते hai...wo मेरा दोस्त है....
रेखा- अच्छा ठीक hai...kallu....wo तीसरे नंबर वाले रूम में सो jao....inge मैं ले जाती हु....
फिर रेखा आगे बड़ी और विक्रांत को सहारा देने कल्लू की जगह आ gai....ys बीच कल्लू और रेखा के बदन आपस में रगड़ gaye....to कल्लू को रेखा की गांड का और रेखा को कल्लू के लुंड को थोड़ा सा अहसास भी हो गया....
फिर रेखा ने कल्लू को रूम में जाने को बोलै और विक्रांत को अपने रूम में ले गई.......
और जैसे hi दोनों बिस्तर पर आये तो रेखा बिस्टेर पर गिर gai....aur विक्रांत उसके ऊपर लेट गया....
फिर विक्रांत ने नशे की हालत में hi रेखा के दूधो के ऊपर अपना मुँह रखा और कुस करने लगा......
विक्रांत- वह मेरी jaan.....bra भी नहीं पहनी.....
रेखा- nhi....utaar di.....kyoki मैं आपको ज्यादा इंतज़ार नहीं करना चाहती thi....isliye कुछ नहीं pahna....bas ये मैक्सी hai...neeche कुछ नहीं....
ये सुन कर विक्रांत ने रेखा के एक दूध को मैक्सी के साथ hi मुँह में दवा लिया......
रेखा- aaahhh.....aaraam se....kaato मत....
विक्रांत- uuuummmmhhh....meri jaan...main na...aaauuuummmmm....uuuummmmm...uumm..uumm..uu..uuum..uuuhhh...uuuhh.....
और दूध चूसा सुरु करते hi विक्रांत दूध को मुँह में दवाये hi पास्ट पद गया...
और जब रेखा ने देखा की विक्रांत दूध चूसने की जगह दूध को मुँह में दवाये hi सोने लगा hai....to उसका गुसा बगड़ाक गया और उसने विक्रांत को झकजोर दिया....
रेखा विक्रांत हो हिला कर उसे जगाने की कोसिस कर रही thi....par विक्रांत तो uum-uumm करते हुए आराम से सो चूका था.....
जब रेखा की कोसिसो के बाद भी विक्रांत नहीं जगा तो रेखा गुस्से से बौखला गई और उसने विक्रांत को एक जोर का धक्का मार कर अपने ऊपर से लुढ़का diya....par विक्रांत को इससे कोई फर्क नहीं pada....wo आराम से सोता रहा.....
रेखा का चेहरा अब गुस्से से तमतमा रहा tha.....wo विक्रांत को सोया हुआ देखते हुए अपनी किस्मत को कोस रही thi...use लग रहा था की अभी के अभी विक्रांत के ऊपर ठंडा पानी दाल de...par वो ऐसा करती bhi...tab भी सायद विक्रांत का कुछ नहीं hota...kyoki वो बहुत ज्यादा शराब पि चूका था.....
रेखा जानती थी की विक्रांत अब इस हालत में hi नहीं की कुछ कर sake....bhale hi वो उसे कुछ भी कर के जगा भी de...tab भी विक्रांत कुछ नहीं कर पाएगा....
इसलिए रेखा बस उसे गुरति हुई गुस्से से भभक रही thi.....aur तभी रेखा का ध्यान अपने सीने पर gaya....jaha विक्रांत ने थूक से उसकी मैक्सी गीली कर दी थी.....
रेखा - सेल बुड्ढे सोना hi था तो मुझे गीला क्यों kiya......haaye....ab मेरी छूट का क्या hoga.....ye तो कबसे पानी पर पानी निकल रही थी की आज इसकी चुदाई hogi....par ये तो sala.....huh....ab कैसे शांत hogi.....main अब क्या karu....sala बोल तो बड़े जोश में रहा था की आज तो जैम कर chodega....aur dekho...chodna तो दूर की baat....uska लुंड भी खड़ा नहीं हुआ और सो गया buddha.....aur मरी maxi....iski तो...
फिर गुस्से से भरी रेखा बीएड के नीचे कड़ी हो गई और अपनी मैक्सी को एक सेकंड में अपने जिश्म से अलग कर दिया और उस मैक्सी को विक्रांत के मुँह पर दे मारा....
रेखा- साला शराबी buddha......ise तो ायरत का नंगा जिश्म भी न जगा paya....to और क्या jagayega....sota रह ऐसे hi...aur मैं मरती rahugi....pata नहीं क्या सोच कर इस बुड्ढे से मेरी साडी कर दी मेरे बाप ne....kisi काम का नहीं sala....meri जवानी ऐसे hi निकाल दी इस कमीने ne...na खुद छोड़ paya....aur न कोई और छोड़ने की हिम्मत कर saka....rutwa जो है कमीने ka....to कोई मर्द इसकी बीवी को आँख उठा कर देखेगा kaise......darte है sab...huh......
तभी कल्लू की आवाज उस रूम में goonji...jise सुन कर रेखा घबरा गई...
ये सुन कर तो फातिमा के पैरों टेल से ज़मीन hi खिसक gai.....use समझ में नहीं आ रहा था की सलना ने उन्हें कैसे देख liya....aur अब वो आदि के घर सारा के साथ जाने की क्या वजह बताये....
Salma(ghoor कर)- अब सच बताएगी की नहीं....
Fatima(man में)- क्या bolu.....sara को तो संभाल liya.....par अब इसे कैसे sambhalu.....uperwale....madad करना......
अब आगे........
फ़तिमे दिल hi दिल ऊपर वाले से दुआ मांग रही थी की उसे सलमा के सवालों से बचा le.......aur साथ hi साथ ये भी सोच रही थी की सलमा को क्या बोले....
और उपरवाले ने फातिमा की सुन li....aur सलमा के फोन पर उसकी खास सहेली का कॉल आ गया.....
Salma(phon देख कर)- तू अभी ja.....main बाद में तेरी खबर लेती हु....
ये बोल कर सलमा कॉल पर बात करते हुए बैडरूम में निकल gai....aur फातिमा राहत की सांस ले कर जल्दी से सारा के रूम की तरफ भाग गई......
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गाओं में........
शाम के वक़्त कल्लू और ठाकुर विक्रांत गाओं के बाहर बने एक ढाबे पर बैठे दारु पि रहे थे.....
एक तरफ कल्लू थोड़ा उदास tha...to वही विक्रांत उसे दिलाशा दे रहा tha...ki वो अपने आपको sambhale....sab ठीक हो जायगा....
असल में कल्लू के प्लान के हिसाब से उसका घर जल गया tha...aur ये बात गाओं से होते हुए दूसरे गाओं में विक्रांत तक भी पहुंच चुकी thi....isliye विक्रांत जल्दी से कल्लू के पास पंहुचा और उसे ले कर यहाँ ढाबे पर आ गया.....
( यहाँ बता दू की कल्लू और विक्रांत के गाओं ALAG-ALAG HAI....PAR इतने पास है की एक गाओं की बातें दूसरे तक पहुंच HI जाती HAI....LAGBHAG 4-5 कम की कच्ची रास्ता दोनों गाओं को जोड़ती HAI....TO वही दोनों गाओं दूसरी तरफ से सहर वाले हाईवे से जुड़े हुए थे.....)
विक्रांत- तू फ़िक्र मत कर kallu....ye ठाकुर है न तेरे साथ....
कल्लू- वो तो जनता हु ठाकुर साब....
Vikrant(beech में)- क्या bola....abe तुझे कितनी बार बोलै की मुझे विक्रांत बोलै kar....ye क्या saab-saab लगा रखा hai...tu दोस्त है मेरा...
कल्लू- अरे नहीं ठाकुर saab....main कहा और आप kaha...aur आप उम्र में भी तो...
Vikrant(beech में)- ohh..to उम्र का लिहाज कर रहा hai....hmm....janta हु की तू मुझ से 20 साल छोटा hai.......par तूने मेरी जान बचाई है dost....isliye मैं तुझे ये हक़ देता हु की तू मुझे विक्रांत bol...ya vikky....aur तुझे मेरी kasam...agar तू मुझे मंटा hai...to न नहीं bolega....samjha...
Kallu(muskura कर)- ठीक है vinkrant...ye ठीक है न....
Vikrant(has कर)- ये हुई न baat....ab chal...thoda मुस्कुरा भी de....sala जबसे आया है तबसे मुँह फुलाये बैठा है...
कल्लू- कैसे muskurau....tumhe तो पता है न की मेरा घर जल गया hai....ab ऐसे में क्या मुस्कुराओ.....
विक्रांत- जल गया to....fir से बन jayga...tu फ़िक्र मत kar...waise भी तेरे पास पैसों की कोई कमी है kya....aur अगर काम हो तो मुझे bol....haa....
कल्लू- बात पैसों की नहीं है yaar...par घर बनने में टाइम तो लगेगा na....to इतने दिन मैं कहा rahuga....kya झूड़ी बना कर राहु....
विक्रांत- अबे haat...thakur का दोस्त झोपडी me....kabhi nhi....tu to...aaa...ruk thoda...thakurain का फोन आया......
और फिर ठाकुर फोन पर अपनी पत्नी से बात करने laga.....jiska नाम है रेखा ठाकुर.....
विक्रांत जब अपनी पत्नी का कॉल उठता hai...to गलती से बटन दवाने से फ़ोन स्पीकर पर चला जाता hai....par विक्रांत को शराब के नशे में वो पता hi नहीं चल और वो वैसे hi बाते करने लगा......
विक्रांत – हेल्ल्लूओ.....
रेखा- ठाकुर saab....kaha हो aap.....bahut टाइम हो गया आपको निकले हुए......
विक्रांत- haa...main तो bas....yhi hu...paas में....
रेखा- क्या आज घर नहीं aana....thoda टाइम तो देखो की कितनी देर हो चुकी है......
विक्रांत - huh...haa...time....par टाइम तो वो hi कल वाला hi है न मेरी जानू......
विक्रांत की आवाज सुनते hi रेखा समझ गई thi....ki विक्रांत ने शराब पि राखी hai.....wo भी जरूरत से jyada......isliye उसे थोड़ा गुस्सा आ रहा tha.....fir भी रजनी ने गुस्से को दवाया और आराम से बात की.....
रेखा- क्या ठाकुर saab...aapne फिर से पि li....wo भी इतनी jyada....kya आपको हमारी कोई फ़िक्र नहीं hoti...jo इतना पि कर आते हो........
विक्रांत- अरे नहीं मेरी jaan...tu गुस्सा मत kar...maine कहा ज्यादा pi...bas थोड़ी सी...
रेखा- रहने dijiye...aapki आवाज से साफ़ पता चल रहा है की कुछ नहीं बल्कि बहुत ज्यादा हो गई है.....
विक्रांत- अरे जान....
Rekha(beech में)- क्या jaan....haa.....aap थोड़ी तो शर्म कर lo......ghar में 2-2 जवान बहुये बैठी hai.....aur आप ऐसे दारु के नशे में तुन बैठे ho.....wo देखेगी तो क्या sochegi...ki उनके ससुर दारूखोर है...
विक्रांत- kya....bacche आ gaye...kab आये...
रेखा- आये nhi.....kal aayge...main तो बस बता रही thi...ki अब ये सब ठीक नहीं hoga...wo अगले 3 महीने यही रहने वाले hai...jaante है न आप...,..
विक्रांत- कोई nhi....unke सामबे कुछ नहीं hoga...ab खुश....
रेखा- क्या khush....wo नहीं है तो kya...main तो यही hu...main आपको ऐसे देख कर खुश रहूगी क्या....
विक्रांत- अरे yaar......ab मूड मत bigaad...aaj मैं बड़े प्यारे मूड में घर aauga...aur तुझे पूरी raat...hahaha....samjh गई न...
रेखा- huh....rahne do..puri रात kya..aap तो 2 मिनट भी मेरे साथ नहीं rahte....aate hi ढेर हो जाते है.....
विक्रांत – ओह ho....meri जान को इतना गुस्सा hai.....hmm....lagta है आज रात तो निकलना hi पड़ेगा तेरा सारा गुस्सा.....
विक्रांत की बात सुन कर रेखा हसने lagi....kyoki वो जानती thi...ki भले hi विक्रांत नार्मल रहते हुए कुछ न kare....par गुस्से में आ कर चुदाई जरूर कर देता है....
और रेखा पिछले काफी टाइम से एक अच्छी चुदाई के लिए तरस रही thi....jiski उम्मीद उसे आज दिखने लगी थी....
( असल में रेखा , विक्रांत की दूसरी बीवी thi....jo उससे उम्र में काफी छोटी thi.....fir भी रेखा के maa-baap ने विक्रांत का रुतवा और पैसा देख कर रेखा की साडी विक्रांत से कर दी थी....
पर विक्रांत की पहली पत्नी मरी नहीं thi.....wo तो विक्रांत को रेखा किसी साडी में पसंद आई और उसने रेखा के maa-baap को ये बात बोल di...aur वो भी विक्रांत को न नहीं बोल सके.....
जबकि विक्रांत की पहली पत्नी माया अपने पति की दूसरी साडी की ज़िद से गुस्सा हो गई और उसे छोड़ कर दूसरी हवेली में रहने lagi...jo थी तो उसी गाओं me...par अलग थी...
अब एक हवेली में विक्रांत और रेखा रहते hai....aur खेत वाली हवेली में माया अकेली....
और विक्रांत और माया के bete-bahu और बेटी भी जब गाओं आते hai...to विक्रांत के दर से उसी की हवेली में रहते hai...halaki वो अपनी माँ यानि माया से खुल कर मिलने जाते रहते hai...us पर उन्हें कोई रोक नहीं....
विक्रांत भले hi माया से अलग हो गया tha....par आज भी विक्रांत की jameen-jaayjaad की मालकिन उसकी पहली बीवी माया hi थी.....)
रेखा को अब लगने लगा था की विक्रांत गुस्से में आज रात उसकी दोनों टंगे खोल कर उसे जैम कर छोड़ेगा....... सलमान स्लिये वो थोड़ी सरारती तरीके से बात करने लगी......
रेखा- accha....aap मेरे गुस्सा nikalege...uummm...to ठीक hai...aap पहले घर तो आ jayo.....fir निकल देना मेरा सारा gussa....theek है....
विक्रांत - क्या बात है मेरी jaan....aaj तो तुझे बहुत जल्दी हो रही है गुस्सा निकलवाने ki....mood में लगती है.....
रेखा- मैं तो हर रात मूड में रहती hu....bas आप hi पि कर सो जाते ho....huh...
विक्रांत- पर आज ऐसा नहीं होगा मेरी jaan...aaj रात तो तेरी शामत आ hi गई समझ....
रेखा- रहने do.....aap तो बस फ़ोन पर hi बाटे करते रहते ho....baki तो कुछ कर hi नहीं pate....huh...
रेखा jaan-boojh कर विक्रांत को भड़का रही thi....kyoki वो चाहती थी की विक्रांत अपना पूरा गुस्सा चुदाई में nikaale....taki उसे कई दिनों बाद चुदाई का मज़ा मिल sake....aur हो सके तो उसकी गॉड भर jaaye...jo आज तक सूनी थी.....
विक्रांत- ऐसी बात hai....to ruk....aaj रात तेरी जैम कर चुदाई करूँगा saali....abhi आता hoon....ruk....
रेखा- अच्छा ji....dekhte hai...aao fir.....roka किसने hai.....aa जाओ....
फिर विक्रांत ने फ़ोन कट किया और अपना पेग एक सांस में जातक लिया......
विक्रांत- कल्लू bhai...abhi जाना होगा...
कल्लू- क्या yaar....abhi se...thoda और पियो....
विक्रांत- बस yaar.....ab बहुत हो gai.....ab नहीं hoga....aur पिऊंगा तो लुढ़क जाउगा....
कल्लू- अरे यार थोड़ा और पि le.....bharosha रख कुछ नहीं hoga....main हु na.....aur वैसे भी तुम्हे घर जा कर भाभी का सारा गुस्सा भी तो निकलना hai....hai na....le एक और खिंच दे......
ये बोल कर कल्लू ने एक और कड़क पेग बनाया और विक्रांत ने उसे भी जातक लिया.....
विक्रांत- aah....maza आएगा अब......
कल्लू- hmm....lagta है आज भाभी पुरे मूड में hai.....haa....tumhari रात तो मस्त निकलेगी.....
Vikrant(has कर)- are...ab कहा yaar....ab वो पहले वाला सवाद नहीं रहा तेरी भाभी में.....
कल्लू- क्या बोल रहे ho.....maaf karna....par मैंने तो सुना है की भाभी के चर्चे aas-paas के गाओं तक फैले हुए hai.....log कहते है की बड़ी मस्त है नै thakurain.....matlab मेरी भाभी......
विक्रांत- ये क्या बोल रहा है yaar....kya ये सच है.....
कल्लू- हां yaar....maine तो कई बार सुना hai.....maaf karna...par लीग कहते है की भाभी को देख कर तो सरे मर्द पागल हो जाते hai......wo तो भाभी की खूबरूरति और उनके बदन की बहुत तारीफ़ करते hai.....sach में.....
विक्रांत- ऐसा kya....jara बता तो kya-kya कहते है log....haa....
कल्लू- रहने do....tumhe अच्छा नहीं lagega...log तो कुछ भी बोलते है na....tu मुझ पर गुस्सा करेगा...
विक्रांत- कर दी न वही baat...are दोस्त बनाया है tujhe.....aur विक्रांत दिसतो के लिए हाँ देता hai...gussa नहीं karta....waise भी दोस्त को हक़ है की दोस्त की बीवी की तारीफ kare...tu बिंदास बोल...
कल्लू- बताता hu...ek-ek पेग और हो जाए....
विक्रांत- अब तुझे मन कैसे कर सकता hu....chal bana....fir बता की कैसे चर्चे है मेरी जान के चारो तरफ...
फिर कल्लू ने 2 कड़क पेग बनाये और पेग गटकते हुए बात करने लगा.....
विक्रांत- अब bol....kaisi बातें होती है मर्दो के बीच मेरी बीवी को ले कर....
कल्लू- अब क्या बोलू yaar.....saare मर्द जब भी भाभी की बड़ी मोती गांड को हिलते हुए देखते hai.....to मर्दो के लुंड तुरंत तन जाते है ......
विक्रांत- accha....hahaha....
कल्लू- मजाक नहीं yaar....sach में भाभी की गांड के बहुत चर्चे hai.......are मैंने तो सुना है की जब भाभी अपनी गांड पूरी हिला कर चलती hai...toh मर्द तो chhodo....jawaan होते लड़को के दिलो में भी आग लग जाती है.....
कल्लू की बात सुन कर विक्रांत कुछ नहीं bolta....kyoki विक्रांत पुरे नशे में tha.....aur सच बात तो ये थी..... की विक्रांत को कल्लू की बात सुन कर गर्मी महसूस होने लगी thi....isliye वो बस मुस्कुराते हुए सुन रहा tha....aur इसी बीच कल्लू ने विक्रांत के खली ग्लास को फिर से शराब से भर दिया......
विक्रांत- एयर bata....aur क्या कहते है लोग....
कल्लू- और kya-kya बताऊ yaar....log तो भाभी के bade-bade दूधो के लिए भी पागल hai....bolte है ki.....bhabhi के दूध देख कर ऐसा लगता hai.....ki जैसे वो जान भुज कर अपने bade-bade दूध तंग ब्लाउज में रखती hai....taki वो ज्यादा बहार निकल कर dikhe.....aur जब वो लोगो के सामने nikle....to उनके bade-bade दूध देख कर कोई मर्द उसके दूध को मसल कर रख दे....
विक्रांत- ऐसा भी सोचते है log....aauummmmhh...aah....ek और bana.....aur आगे बता ..और क्या कहते है....
Golu(peg बनाते हुए)- हाँ यार लोग तो बहुत कुछ कहते hai.....jaise की कुछ कहते है ki.....bhabhi के मोठे- मोठे चूतड़ और dlbade-bade दूध देख कर ऐसा लगता hai.....jaise एक जीती जागती जलती जवानी सामने कड़ी ho...jiske साथ हर कोई जलना चाहता है......
Vikrant(peg जातक कर)- accha....sab...matlab तू bhi....sach bol....tu भी ऐसा सोचता है....
कल्लू जनता था की विक्रांत अब होश खो चूका hai...fir भी उसने विक्रांत के गिलास को फिर से भर diya...aur विक्रांत ने गिलास उठा कर पीना सुरु कर दिया....
विक्रांत- बोल न yaar...tu क्या सोचता है...
कल्लू- रहने दो na....tum बुरा मान जाओगे...
विक्रांत- फिर से वही baat....are दोस्त है तू mera...khul कर bol....kasam se...teri किसी बात का बुरा नहीं manuga...bol...bindaas बोल...
कल्लू- तुम कहते हो to....theek hai...suno...yaar सच कहु to....mujhe लगता है की भाभी की जवानी तो गरम दूध की तरह उबाल रही hai.....aur उसे देख कर मेरा तो मन करता है की भाभी को नंगा कर के उसे कुटिया banau......aur फिर अपना लुंड एक झटके में पूरा का पूरा उसकी गांड में जड़ तक घुसा du....aur फिर दवा कर छोड़ू उसे.....
विक्रांत ये सुन कर पूरा गरम हो जाता hai....aur फिर पूरा पेग जातक लेता है......
विक्रांत - इतनी पसंद है तुझे वो....
कल्लू- haa...par उसकी गांड देख कर ऐसा लगता hai....baki है तो वो तुम्हारी biwi.....to छोडो ये baat....ye तो आम बात है किसी खूबसूरत ायरत को देख कर उसके लिए सोचने ki.....par वो तुम्हारी hai...tum किस्मत वाले ho.....hai न....
विक्रांत- haa....bilkul....isliye अब चलते hai....aur मैं अपनी उस बीवी को ragduga...jiske लिए सारे मर्द पागल हो जाते hai...hahaha....
कल्लू- hmm...tum निकलो फिर....
विक्रांत- निकलो matlab.....tu भी चल रहा है मेरे sath.....samjha...
कल्लू- पर मैं क्यों...
विक्रांत- तेरा घर तो जल chuka....to कहा जायगा...
कल्लू- मैं आज रात यही रुक जाता hu...kal सोचुगा कुछ...
Vikrant(khada हो कर)- khabardaar....jo ऐसा सोचा to....tu मेरा दोस्त hai...isliye जब तक तेरा घर नहीं बन jata....tab तक तू मेरी हवेली में rahega...mere sath....samjha...chal मेरे साथ......
कल्लू - अरे yaar....tu इतनी तकलीफ क्यों कर रहे ho....main कुछ देख लगा न......
विक्रांत- nhi....aur कोई बात नहीं hogi....tu चल मेरे साथ.....
कल्लू- अच्छा ठीक hai....tu कार में baith...main यहाँ हिसाब कर के आता हु.....
विक्रांत- ठीक hai...par याद rakhna....tere बिना मैं नहीं जाने wala....to कोई होसियारी नहीं....
कल्लू- नहीं yaar....bas अभी आया....
फिर विक्रांत बाहर कार में आ गया और कल्लू ने उस ढाबे वाले को bulaya...aur उसे टेबल के नीचे रखे एक डिब्बे को ले जाने बोलै....
ढाबे वाला- साब ji...agar ठाकुर ने देख लिया की तुम शराब पिने की जगह नीचे दावे में डालते ho...aur उसे पिलाते रहते ho...to फिर क्या करेगा wo...jante हो na....wo अस्प्के साथ मुझे bhi...samjh रहे है न....
Kallu(muskura कर)- ऐसा कुछ नहीं hoga....tu बस इस शराब को और इन पैसों को sambhaal...thakur को मैं देख luga....aish कर....
ये बोल कर कल्लू बाहर आया और अपनी बाइक को साइड में रख कर विक्रांत की कार से उसकी हवेली निकल गया.....
कार कल्लू hi चला रहा tha...kyoki विक्रांत अभी इस लायक भी नहीं था की ठीक से चल भी सके......
और फिर दोनों हवेली पहुंच gaye...jaha कल्लू hi विक्रांत को सहारा दे कर हवेली के अंदर दाखिल hua....aur उसके रूम की तरफ चल पड़ा....
कल्लू इस वक़्त मन hi मन बहुत खुश tha......kyoki उसको रेखा की जवानी देखने को मिलने वाली thi...jo अब्बी विक्रांत के रूम में थी......
कल्लू ने पहले hi रेखा को देख रखा tha....aur उसके बड़े दूध और मोती गांड देख कर उसको छोड़ने का भी सोच चूका tha......par रेखा ऐसे hi तो हाथ नहीं आने वाली thi...aakhir ठकुराइन है यहाँ ki.....par आज कल्लू को करीब से रेखा को देखने का मौका tha....aur अब सायद पटाने का hi.....
Khair....jab कल्लू अपने कंधे पका सहारा देते हुए विक्रांत के रूमटेक pahucha...to khat-khat सुन कर रेखा ने जल्दी से गेट खोल दिया...
पर गेट खोलते hi रेखा के चेहरे की हसी एकदम से मायूडी में बदल gai....jab उसने विक्रांत को नशे में धुत्त देखा......
वही कल्लू की आँखे चमक uthi...kyoki रेखा सिर्फ एक मैक्सी पहने हुए thi....jiske भीतर वो बिलकुल नंगी thi...na ब्रा और न hi पंतय....
जिससे रेखा का गदराया बदन कल्लू की आँखों के सामने झूल रहा tha....aur कल्लू के लुंड को कास लने लगा था.....
रेखा- तुम कौन ho....kya कल्लू हो....
कल्लू- हां....
रेखा- और इन्हे क्या हुआ.....
कल्लू- कुछ nhi....bas पि राखी है....
रेखा- और तुम बस देखते rahe...roka नहीं इन्हे....
कल्लू- अरे nhi....inhone मुझे भी साथ में pilaai....aur वैसे भी ठाकुर को कोई रोक सकता है क्या....
रेखा- hmm..wo तो hai...kidi की सुनते कहा hai....par तुम तो सही दिख रहे हो....
Kallu(muskura कर)- अब हम तो जवान है abhi....aur सरीर भी मस्त hai....to मुझे कुछ नहीं होता....
रेखा- ठीक hai....tum अब जा सकते ho....inhe मैं ले जाती हु....
विक्रांत- nhi....kallu यही rahega....isi हवेली me.....mera दोस्त है wo...maine उसको वादा किया है.....
रेखा- ठीक hai....kallu...tum नीचे वाले रूम में सो जाओ...
विक्रांत- nhi....neeche नौकर सोते hai...wo मेरा दोस्त है....
रेखा- अच्छा ठीक hai...kallu....wo तीसरे नंबर वाले रूम में सो jao....inge मैं ले जाती हु....
फिर रेखा आगे बड़ी और विक्रांत को सहारा देने कल्लू की जगह आ gai....ys बीच कल्लू और रेखा के बदन आपस में रगड़ gaye....to कल्लू को रेखा की गांड का और रेखा को कल्लू के लुंड को थोड़ा सा अहसास भी हो गया....
फिर रेखा ने कल्लू को रूम में जाने को बोलै और विक्रांत को अपने रूम में ले गई.......
और जैसे hi दोनों बिस्तर पर आये तो रेखा बिस्टेर पर गिर gai....aur विक्रांत उसके ऊपर लेट गया....
फिर विक्रांत ने नशे की हालत में hi रेखा के दूधो के ऊपर अपना मुँह रखा और कुस करने लगा......
विक्रांत- वह मेरी jaan.....bra भी नहीं पहनी.....
रेखा- nhi....utaar di.....kyoki मैं आपको ज्यादा इंतज़ार नहीं करना चाहती thi....isliye कुछ नहीं pahna....bas ये मैक्सी hai...neeche कुछ नहीं....
ये सुन कर विक्रांत ने रेखा के एक दूध को मैक्सी के साथ hi मुँह में दवा लिया......
रेखा- aaahhh.....aaraam se....kaato मत....
विक्रांत- uuuummmmhhh....meri jaan...main na...aaauuuummmmm....uuuummmmm...uumm..uumm..uu..uuum..uuuhhh...uuuhh.....
और दूध चूसा सुरु करते hi विक्रांत दूध को मुँह में दवाये hi पास्ट पद गया...
और जब रेखा ने देखा की विक्रांत दूध चूसने की जगह दूध को मुँह में दवाये hi सोने लगा hai....to उसका गुसा बगड़ाक गया और उसने विक्रांत को झकजोर दिया....
रेखा विक्रांत हो हिला कर उसे जगाने की कोसिस कर रही thi....par विक्रांत तो uum-uumm करते हुए आराम से सो चूका था.....
जब रेखा की कोसिसो के बाद भी विक्रांत नहीं जगा तो रेखा गुस्से से बौखला गई और उसने विक्रांत को एक जोर का धक्का मार कर अपने ऊपर से लुढ़का diya....par विक्रांत को इससे कोई फर्क नहीं pada....wo आराम से सोता रहा.....
रेखा का चेहरा अब गुस्से से तमतमा रहा tha.....wo विक्रांत को सोया हुआ देखते हुए अपनी किस्मत को कोस रही thi...use लग रहा था की अभी के अभी विक्रांत के ऊपर ठंडा पानी दाल de...par वो ऐसा करती bhi...tab भी सायद विक्रांत का कुछ नहीं hota...kyoki वो बहुत ज्यादा शराब पि चूका था.....
रेखा जानती थी की विक्रांत अब इस हालत में hi नहीं की कुछ कर sake....bhale hi वो उसे कुछ भी कर के जगा भी de...tab भी विक्रांत कुछ नहीं कर पाएगा....
इसलिए रेखा बस उसे गुरति हुई गुस्से से भभक रही thi.....aur तभी रेखा का ध्यान अपने सीने पर gaya....jaha विक्रांत ने थूक से उसकी मैक्सी गीली कर दी थी.....
रेखा - सेल बुड्ढे सोना hi था तो मुझे गीला क्यों kiya......haaye....ab मेरी छूट का क्या hoga.....ye तो कबसे पानी पर पानी निकल रही थी की आज इसकी चुदाई hogi....par ये तो sala.....huh....ab कैसे शांत hogi.....main अब क्या karu....sala बोल तो बड़े जोश में रहा था की आज तो जैम कर chodega....aur dekho...chodna तो दूर की baat....uska लुंड भी खड़ा नहीं हुआ और सो गया buddha.....aur मरी maxi....iski तो...
फिर गुस्से से भरी रेखा बीएड के नीचे कड़ी हो गई और अपनी मैक्सी को एक सेकंड में अपने जिश्म से अलग कर दिया और उस मैक्सी को विक्रांत के मुँह पर दे मारा....
रेखा- साला शराबी buddha......ise तो ायरत का नंगा जिश्म भी न जगा paya....to और क्या jagayega....sota रह ऐसे hi...aur मैं मरती rahugi....pata नहीं क्या सोच कर इस बुड्ढे से मेरी साडी कर दी मेरे बाप ne....kisi काम का नहीं sala....meri जवानी ऐसे hi निकाल दी इस कमीने ne...na खुद छोड़ paya....aur न कोई और छोड़ने की हिम्मत कर saka....rutwa जो है कमीने ka....to कोई मर्द इसकी बीवी को आँख उठा कर देखेगा kaise......darte है sab...huh......
तभी कल्लू की आवाज उस रूम में goonji...jise सुन कर रेखा घबरा गई...