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- Dec 5, 2013
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यहाँ मैं सलमा क्र घर उसकी ननद को छोड़ रहा था और कही दूर एक ायरत ने गुंडों से एक आदमी को किडनैप करवा लिया....
गुंडे ने फोन लगाया तो सामने किसी ायरत ने कॉल लिया.....
गुंडा- madam.....wo मिल गया....
Aourat(has कर)- hmm..le आओ उसे.....
Aourat(call रख कर)- golu.....ab तू gaya....hehehehehe..........
अब आगे..........
वह वो ायरत अपनी कामयाबी पर खुश हो रही थी और यहाँ उसके गुंडे भी उस आदमी को साथ लिए अपने अड्डे पर जा रहे थे.....
तभी उसकी कार के पीछे 2 कार आ gai....thodi देर तक वो पीछे hi चलती रही फिर अचानक एक कार आगे आ कर उन गुण्डो की कार के aage-aage दौड़ने लगी....
ये देख कर गुंडों को थोड़ी घबराहट तो hui...par इससे पहले की वो सब कुछ समझ पते....
आगे चल रही कार ने जोरदार ब्रेक मारा और तिरछी हो कर कड़ी हो गई...
आगे कार रुकते hi गुंडों ने भी जोर दे ब्रेक लगा कर अपनी कार रोक li....aur उनके रुकते hi पीछे चल रही कार तिरछी हो कर रुक गई....
अब गुंडे चाहते हुए भी कही नहीं जा सकते the....wo फास चुके थे....
गुंडा1- ये कौन मरने आ gaya....chalo sab...jo भी दिखे उसे मार डालो...
ये बोल कर चरों गुंडे बहार aaye...par इससे पहले की वो कुछ karte....aage और पीछे की कार से फायर हुए और उन चरों की बंदूके नीचे गिर गई....
ये देख कर चरों की जान हलक में आ gai...wo समझ गए की अब उनका मरना पक्का है...
तभी दोनों कार्स में से 2-2 लोग उतरे और उन चार गुंडों को गन दिखा कर घेर लिया.....
गुंडा1- कौन हो तुम log...kya चाहते ho....bolo..bolo...
तभी आगे वाली कार से एक hatta-katta आदमी सिगरेट पिटे हुए बहार निकला....
आदमी- यहाँ सवाल सिर्फ हम karege...samjha....
फिर उस आदमी ने गुंडों की कैद से उस आदमी को छुड़वाया और अपनी कार में बैठा दिया.....
गुंडा- तुम ये क्यों कर रहे ho....koun हो तुम...
Aadmi(joor से)- ssshhhh....bola na...sawaal nhi....ab तुम सब अपने परिवार का पता लिख कर do....nhi तो मारो....
थोड़ी देर की na-nukur के बाद उन गुंडों ने अपने एड्रेस लिख कर दे दिए....
आदमी- hmm..ye सही hua...ab suno...tum सब जिसके लिए ये काम कर के आये the...use बोल देना की आदमी सही जगह hai...ye मत बोलना की कोई उसे ले gaya...samjhe...
गुंडा- nhi...agar झूठ पकड़ा गया तो वो मार डालेंगे...
आदमी- पर सच बोलै तो तुम्हारी फॅमिली maregi....soch lo....unka पता तो तुम दे hi चुके ho...hmm..
गुंडा- ठीक hai...hum ऐसा hi करेंगे...
आदमी- good...ab तुम सब niklo...aur अपने बॉस को बोल देना की काम पूरा hua....theek hai....ab jao....are एक minute....tum में से एक हमारे साथ chalega....chalo एक को ले कर बाकि को जाने दो......
फिर बाकि के गुंडे मन मार के निकल गए और वो आदमी भी अपने रस्ते निकल गया......
=================================
सलमा के घर पर मैं उसकी ननद ज़ेबा की चुदाई कर के उससे छिपा हुआ लेता था.....
हम दोनों काफी देर से चिपके हुए पड़े the.....jisse मेरे अरमान फिर से जागने लगे the....aur यही हाल ज़ेबा का भी tha...par उसे अभी भी दर्द हो रहा था तो वो चाहते हुए भी और चुदाई नहीं करना चाहती थी.....
मैं- ज़ेबा....
ज़ेबा- हम्म...
मैं- मेरा तो मूड बन gaya....tumhara क्या हाल है....
Zeba(sharma कर)- कुछ nhi....need आ रही है....
मैं- ओह accha....to फिर तुम सो jao....theek...
ये बोल कर मैं दूर हैट गया और बीएड से उठ कर खड़ा हो gaya...ye देख कर ज़ेबा का चेहरा hi उतर गया......
Main(zeba को देख कर)- are..aise क्या देख रही ho....hmm...
Zeba(najren चुरा कर)- कुछ nhi....aap जा रहे हो....
मैं- haa...ab यहाँ रुकने से फायदा hi क्या है....
ज़ेबा- क्या matlab...kya सिर्फ फायदे के लिए hi आये थे....
Main(muskura कर)- और kya....par मेरे आने से सिर्फ मेरा hi फायदा नहीं hua....tumhara भी हुआ है न....
ज़ेबा- mera....mera क्या hua....mujhe तो दर्द hi मिला....
Main(zeba का गाल सहला कर)- तो क्या तुम्हे मज़ा नहीं aaya....hmm...
ज़ेबा मेरी बात सुन कर शर्मा कर नीचे देखने lagi....to मैंने आगे बाद कर उसका एक दूध दवा दिया.....
ज़ेबा- सस्शह्ह्ह्ह.....
मैं- dekha....dard में hi मज़ा है न....
मेरी बात सुन कर ज़ेबा मुस्कुरा di.....aur मैंने फिर से उसका दूध जोर से दवा दिया तो वो फिर से सिसक उठी....
ज़ेबा- aaaahhhh....nhi न.....
Salma(gate से)- क्या नहीं zebaaaaa....aaa ...aaaapppp..aap यहाँ ..इस waqt....aur ye...zeba....ye sab.....kya हो रहा है यहाँ.....
सलमा की आवाज़ सुन कर हमारा ध्यान गेट की तरफ गया तो सामने सलमा को खड़ा paya....jise देख कर ज़ेबा सहम गई और उसने तुरंत चद्दर उठा कर खुद को धक् liya....par मैं सीधा hi खड़ा raha...aur साथ में मेरा लुंड bhi...jo अब लगभग खड़ा hi हो चूका था....
Salma(gusse से)- ये सब हो क्या रहा है...
मैं- sshhh....chup...thoda धीरे...
सलमा- क्या shhh....aap रात को यहाँ कैसे aaye....aur zeba..tumne ये क्या kiya...kyo kiya...haa....
Main(joor से)- chup....bilkul chup....ek बार का समझ नहीं आता kya.....bola न शांत raho...fir बताता hu...ok....
मेरी बात सुन कर सलमा भी सहम गई और चुप हो gai....maine इसारे से उसे गेट लॉक करने को बोलै तो उसने जल्दी से गेट लगा लिया और मैंने उसे अपने पास बुला लिया.....
सलमा पास आ कर ज़ेबा को घूरने lagi...jo dari-sahmi सी अपने नंगे जिश्म को चादर में समेटे बैठी हुई थी....
सलमा- अब बताओगे भी की आप यहाँ क्या कर रहे है...
Main(muskura कर)- तू इतनी नादाँ तो नहीं की तुझे ये बताना pade...chalo पूछा hi है तो ise(lund) dekho....sab समझ जाओगी...
Salma(aankhe चुरा कर)- wo...wo मैं जानती hu...par kyo..kaise...aur ज़ेबा tum...tum ऐसा कैसे कर सकती हो....
Main(gusse से)- kyo...kyo नहीं कर sakti...jab तुम कर सकती हो तो वो क्यों nhi...kya छूट सिर्फ तुम्हारे hi पास hai...uske nhi...haa...
सलमा- पर इसको क्या जरूरत थी....
मैं- क्यों नहीं thi....choot उसकी भी गरम होती hai....wo भी एक तगड़ा लुंड चाहती hai....bilkul तुम्हारी तरह....
सलमा- wo..wo mana...par इसका निकाह हो चूका hai.....souhar भी अच्छा है तो fir....fir क्यों....
मैं- accha...to फिर मुझे samjhao....ki तुम्हारे पास इन सब में से क्या nhi....kya तुम्हारा निकाह नहीं हुआ या फिर तुम्हारा सौहार nhi...hmm...
Salma(najre झुका कर)- सब है....
मैं- तो फिर तुम क्यों मेरे पास आई thi....kyo...
सलमा कुछ नहीं boli...bas नजरें झुकाये कड़ी रही...
मैं- मुझे समझ नहीं आ रहा की तुम्हे परेशानी क्या hai...kya तुम्हे ज़ेबा से जलन होने lagi...haa....
सलमा- nhi...aisa नहीं hai....main तो bas.....wo अचानक देखा to...baki मुझे कोई जलन नहीं....
मैं- hmm..ye हुई न baat....chalo अब ये बात ज़ेबा को भी समझाओ....
सलमा- अभी समझती hu....(zeba को देख kar)zeba....mujhe तुमसे कोई जलन nhi...agar तुम मन से ये करना चाहती हो तो karo....bas अपने भाई का ध्यान rakhna....ok
मैं- अरे मेरी सलमा jaan....aise नहीं समझाना.....
Salma(chounk कर)- तो fir...fir कैसे समझौ....
मैं- बताता hu....tum पहले अपने कपडे निकालो....
Salma(chounk कर)- क्या....
मैं- सुनो to....tum कपडे निकालो और ज़ेबा की छूट को थोड़ा आराम do....uski छूट में दर्द hai.....samjh गई....
Salma(muskura कर)- hmm..ab सब समझ gai....aap na....bade बेकार हो....
Main(muskura कर)- है मेरी jaan....ab जल्दी से सुरु हो jao....dekho मेरा लुंड कितना उछाल रहा है....
Salma(muh बना कर)- hmm...fir हमे उछलेगा...
फिर सलमा ने मुस्कुरा अपने कपडे निकाल दिए और ज़ेबा के पास जा कर चादर हटाने lagi....par ज़ेबा ने चादर को मजबूती से दवा लिया....
सलमा- are....ab शर्म आ रही hai...aur थोड़ी देर पहले जो नंगी लिपटी पड़ी थी tab..tab शर्म नहीं आई...
Zeba(najren झुकाये)- सॉरी भाभीजाण....
सलमा- अब सॉरी chhod....dekh...main एक ायरत की तड़प जानती hu...to तू शर्माना बंद कर और मुझे दिखा की गोलू जी ने तेरी मुनिया का क्या हाल kiya...dikha जल्दी....
सलमा की बात से ज़ेबा मुस्कुरा दी और चादर छोड़ di.....salma ने तुरंत चादर हटाई और ज़ेबा की टाँगे खोल कर उसकी छूट देखने लगी.,...
सलमा- है allaahh...kya हाल हो गया iska...ye तो फूल के डबल रोटी हो रही hai....kitna दर्द हुआ होगा न....
ज़ेबा- है bhabhi....bahut हुआ...
सलमा- गोलू ji....meei प्यारी ननद रानी को कितना कुचला है ....बेचारी की हालत hi ख़राब कर दी...
मैं- अरे ये तो प्यार से किया hai....tere जैसा इसे ठोकता तो ये मर hi jati...samjhi....
सलमा- जानती hu...mera भी काम बुरा हाल नहीं tha...par ये तो अभी नाजुक सी बच्ची hai...is पर तो तरस कहते.....
मैं- तरस hi खाया ....पूछ lo....maine प्यार से किया या बेदर्दी se...khud पूछो....
सलमा- zeba...tu hi bata....kaise किया...
Zeba(sharma कर)- प्यार से....
सलमा- oh...pyaar से ये हाल hai....kyo....kya तेरा सौहार तुझे छोड़ता नहीं था...
Zeba(sharma कर)- करते थे....
सलमा- तो फिर ऐसा kaise....teri छूट तो ऐसे लग रही है जैसे पहली बार चूड़ी हो....
Zeba(najren झुकाय) - wo..wo उनका....
सलमा- अरे saaf-saaf बोल न...
ज़ेबा- उनका छोटा tha.....(aur ज़ेबा शर्मा गई)
Salma(muskura कर)- हाय मेरी jaan....itni sharam....khair....golu जी का कैसा hai....pasand आया न....
Zeba(sharma कर)- हम्म...
Salma(meri तरफ देख कर)- hmm...to गोलू जी का पसंद आ गया....
मैं- अब पूछना हो गया तो तो आगे का काम kare....tum दोनों को देख कर मेरी हालत ख़राब हो रही है...
सलमा- हाय ...हालत तो मेरी भी ख़राब hai...par पहले इसकी मुनिया को थोड़ा चैन दे du..fir अपनी मुनिया तो ठंडा करूगी ये बोल कर सलमा ने ज़ेबा की छूट पर मुँह झुका लिया और जीभ चलने लगी.....
ज़ेबा- ssshhhhh...bhabhijaan......
सलमा- ssssrrruuuuupppppppp....ssssrrrruuuuuppppppp...ssrrruuupppppp.......
ज़ेबा- aaaahhhhh....bhabhijaannnnn.....aaahh...
मैं तो पहले hi गरम था और अब ये सब देख कर काफी गरम हो चूका tha...to मैं भी बीएड पर आ गया और लुंड को ज़ेबा के सामने कर दिया....
ज़ेबा ने लुंड देखने के बाद मुझे देखा और शर्मा गई....
सलमा- ssssrrruuuuuupppp....aaahhh...are देख क्या रही hai....choos न..
ज़ेबा- भाभीजाण....
सलमा- अरे भाभीजाण kya.....abhi भूल जाओ की हम कौन hai...bas ये सोचो की हम दो गोलू जी की राखेले hai....aur रखेलों का काम होता है अपने मालिक को खुस karna....ab ले मुँह me....aur अच्छे से चूसना....
फिर ज़ेबा ने मुस्कुरा कर मुझे देखा और धीरे से लुंड को मुँह में भर कर चूसना सुरु कर दिया....
यहाँ सलमा ने भी दोवारा ज़ेबा की छूट चटाई सुरु कर दी.....
सलमा- ssssrrrruuuupppppp....sssrrruuupppp...aahhh...teri छूट तो फूल कर रसभरी गुजिया लग रही hai.....ssssrrruuuuppppppp.....
ज़ेबा- uuummm...uuuummmm...uuummmm...uummmm...
मैं- aahhh...ab आराम mila....aise hi चूस....
सलमा- sssrrruuuuppppp....sssrruuuuppppppp...sssrrrruuuupppp....
ज़ेबा- uuummm..uumm..uumm..uuummmmmmmmmmmmmmmmmm...aahhh....bhabhijaannnn.....aaaahhhhh.....
और इस मस्ती के साथ ज़ेबा झड़ने लगी और लुंड को मुँह से निकाल कर आहें भरने लगी....
मैं- अरे लुंड क्यों निकाल liya...choos....aahh...
मैंने दोवारा से ज़ेबा के मुँह में लुंड दाल दिया और वह ज़ेबा के झड़ते hi सलमा उठी और मेरे पास आ कर मेरी गांड पर जीभ फिरने लगी...
मैं- aahh..salma...ye क्या कर रही है....
सलमा- आपको नया मज़ा दे रही हु....
और ये बोल कर सलमा ने मेरे कूल्हे फैलाये और गांड का छेद चाटने लगी.....
ये मेरे लिए नया अनुभव तो नहीं tha...par ऐसा ज्यादातर एयरटेन करती नहीं thi...to मैं कुछ ज्यादा hi मस्ती में आ गया....
मैंने ज़ेबा का सर पकड़ा और उसका मुँह छोड़ने laga....aur यहाँ सलमा मेरी गांड को चाटने में लगी रही...
सलमा- sssrrruuuppppp...ssrruuuppp...ssrrruuupppp....
ज़ेबा- uuummmm..uummm...uummm...uummm..uummm..
मैं- aahh..salma...tu to...aahh...alag hi मज़ा है ye....uufff.....
सलमा- sssrrruupppo...sssrrruuuppppp....sssrruuupppp....
ज़ेबा- uuumm..uummm..uummm..uummmmm..
मैं- aahhh..salma...bas kar....jhada देगी kya....ruk.....oohh...
थोड़ी देर बाद जब मुझे लगा की मैं झड़ने के करीब पहुंच रहा हु तो मैंने ज़ेबा के मुँह से लुंड निकाल लिया और सलमा से भी दूर हैट गया....
सलमा- aahh..kya हुआ....
मैं- साली चाट कर hi झाड़ेगी क्या.....
Salma(muskura कर)- nhi....abhi तो आपको मेरी ननद रानी की छूट फडनी है....
ज़ेबा- नहीं bhabhijaan....dard होगा.....
सलमा- तो क्या hua....are छूट में दर्द न हो तो छोड़ने का क्या maza....chal अब नखरे chhod.....waise भी थोड़ा hi दर्द hoga....kal से तो तू uchhal-uchhal कर लौड़ा khaygi....chal आजा....
ज़ेबा कुछ नहीं बोली बस नजरें झुका कर शर्मा गई....
सलमा ने ज़ोया की टाँगे फैलाई और मुझे आने का इसरा कर diya....maine तुरंत पोजीशन बनाई और एक जोरदार धक्के के साथ आधे से ज्यादा लुंड ज़ेबा की छूट में पेल दिया....
ज़ेबा- aaaaaaaiiiiiiiiiiii.....
ज़ेबा की चीख सुनते hi सलमा ने उसका मुँह दवा लिया...
सलमा- अरे इतना मत chilla..tere भाईजान जाग जायगे....
ज़ेबा- aaahhh..sorry...par dard...aaahhhh...
सलमा- गोलू ji....thoda तो रहम karo...aaraam से करो न....
मैं- अरे आराम से hi किया hai...dekho...
और मैंने दूसरा धक्का मार कर पूरा लुंड अंदर दाल दिया....
ज़ेबा- aaahhhhhh...bhabhijaan...dard....aaaahhhhhhhhh........
सलमा- अब इतना तो सहना hi hoga...hmm...ab मज़ा aayga....golu ji....ab छूट का दर्द भी मिटा दो.....
यहाँ मैं सलमा क्र घर उसकी ननद को छोड़ रहा था और कही दूर एक ायरत ने गुंडों से एक आदमी को किडनैप करवा लिया....
गुंडे ने फोन लगाया तो सामने किसी ायरत ने कॉल लिया.....
गुंडा- madam.....wo मिल गया....
Aourat(has कर)- hmm..le आओ उसे.....
Aourat(call रख कर)- golu.....ab तू gaya....hehehehehe..........
अब आगे..........
वह वो ायरत अपनी कामयाबी पर खुश हो रही थी और यहाँ उसके गुंडे भी उस आदमी को साथ लिए अपने अड्डे पर जा रहे थे.....
तभी उसकी कार के पीछे 2 कार आ gai....thodi देर तक वो पीछे hi चलती रही फिर अचानक एक कार आगे आ कर उन गुण्डो की कार के aage-aage दौड़ने लगी....
ये देख कर गुंडों को थोड़ी घबराहट तो hui...par इससे पहले की वो सब कुछ समझ पते....
आगे चल रही कार ने जोरदार ब्रेक मारा और तिरछी हो कर कड़ी हो गई...
आगे कार रुकते hi गुंडों ने भी जोर दे ब्रेक लगा कर अपनी कार रोक li....aur उनके रुकते hi पीछे चल रही कार तिरछी हो कर रुक गई....
अब गुंडे चाहते हुए भी कही नहीं जा सकते the....wo फास चुके थे....
गुंडा1- ये कौन मरने आ gaya....chalo sab...jo भी दिखे उसे मार डालो...
ये बोल कर चरों गुंडे बहार aaye...par इससे पहले की वो कुछ karte....aage और पीछे की कार से फायर हुए और उन चरों की बंदूके नीचे गिर गई....
ये देख कर चरों की जान हलक में आ gai...wo समझ गए की अब उनका मरना पक्का है...
तभी दोनों कार्स में से 2-2 लोग उतरे और उन चार गुंडों को गन दिखा कर घेर लिया.....
गुंडा1- कौन हो तुम log...kya चाहते ho....bolo..bolo...
तभी आगे वाली कार से एक hatta-katta आदमी सिगरेट पिटे हुए बहार निकला....
आदमी- यहाँ सवाल सिर्फ हम karege...samjha....
फिर उस आदमी ने गुंडों की कैद से उस आदमी को छुड़वाया और अपनी कार में बैठा दिया.....
गुंडा- तुम ये क्यों कर रहे ho....koun हो तुम...
Aadmi(joor से)- ssshhhh....bola na...sawaal nhi....ab तुम सब अपने परिवार का पता लिख कर do....nhi तो मारो....
थोड़ी देर की na-nukur के बाद उन गुंडों ने अपने एड्रेस लिख कर दे दिए....
आदमी- hmm..ye सही hua...ab suno...tum सब जिसके लिए ये काम कर के आये the...use बोल देना की आदमी सही जगह hai...ye मत बोलना की कोई उसे ले gaya...samjhe...
गुंडा- nhi...agar झूठ पकड़ा गया तो वो मार डालेंगे...
आदमी- पर सच बोलै तो तुम्हारी फॅमिली maregi....soch lo....unka पता तो तुम दे hi चुके ho...hmm..
गुंडा- ठीक hai...hum ऐसा hi करेंगे...
आदमी- good...ab तुम सब niklo...aur अपने बॉस को बोल देना की काम पूरा hua....theek hai....ab jao....are एक minute....tum में से एक हमारे साथ chalega....chalo एक को ले कर बाकि को जाने दो......
फिर बाकि के गुंडे मन मार के निकल गए और वो आदमी भी अपने रस्ते निकल गया......
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सलमा के घर पर मैं उसकी ननद ज़ेबा की चुदाई कर के उससे छिपा हुआ लेता था.....
हम दोनों काफी देर से चिपके हुए पड़े the.....jisse मेरे अरमान फिर से जागने लगे the....aur यही हाल ज़ेबा का भी tha...par उसे अभी भी दर्द हो रहा था तो वो चाहते हुए भी और चुदाई नहीं करना चाहती थी.....
मैं- ज़ेबा....
ज़ेबा- हम्म...
मैं- मेरा तो मूड बन gaya....tumhara क्या हाल है....
Zeba(sharma कर)- कुछ nhi....need आ रही है....
मैं- ओह accha....to फिर तुम सो jao....theek...
ये बोल कर मैं दूर हैट गया और बीएड से उठ कर खड़ा हो gaya...ye देख कर ज़ेबा का चेहरा hi उतर गया......
Main(zeba को देख कर)- are..aise क्या देख रही ho....hmm...
Zeba(najren चुरा कर)- कुछ nhi....aap जा रहे हो....
मैं- haa...ab यहाँ रुकने से फायदा hi क्या है....
ज़ेबा- क्या matlab...kya सिर्फ फायदे के लिए hi आये थे....
Main(muskura कर)- और kya....par मेरे आने से सिर्फ मेरा hi फायदा नहीं hua....tumhara भी हुआ है न....
ज़ेबा- mera....mera क्या hua....mujhe तो दर्द hi मिला....
Main(zeba का गाल सहला कर)- तो क्या तुम्हे मज़ा नहीं aaya....hmm...
ज़ेबा मेरी बात सुन कर शर्मा कर नीचे देखने lagi....to मैंने आगे बाद कर उसका एक दूध दवा दिया.....
ज़ेबा- सस्शह्ह्ह्ह.....
मैं- dekha....dard में hi मज़ा है न....
मेरी बात सुन कर ज़ेबा मुस्कुरा di.....aur मैंने फिर से उसका दूध जोर से दवा दिया तो वो फिर से सिसक उठी....
ज़ेबा- aaaahhhh....nhi न.....
Salma(gate से)- क्या नहीं zebaaaaa....aaa ...aaaapppp..aap यहाँ ..इस waqt....aur ye...zeba....ye sab.....kya हो रहा है यहाँ.....
सलमा की आवाज़ सुन कर हमारा ध्यान गेट की तरफ गया तो सामने सलमा को खड़ा paya....jise देख कर ज़ेबा सहम गई और उसने तुरंत चद्दर उठा कर खुद को धक् liya....par मैं सीधा hi खड़ा raha...aur साथ में मेरा लुंड bhi...jo अब लगभग खड़ा hi हो चूका था....
Salma(gusse से)- ये सब हो क्या रहा है...
मैं- sshhh....chup...thoda धीरे...
सलमा- क्या shhh....aap रात को यहाँ कैसे aaye....aur zeba..tumne ये क्या kiya...kyo kiya...haa....
Main(joor से)- chup....bilkul chup....ek बार का समझ नहीं आता kya.....bola न शांत raho...fir बताता hu...ok....
मेरी बात सुन कर सलमा भी सहम गई और चुप हो gai....maine इसारे से उसे गेट लॉक करने को बोलै तो उसने जल्दी से गेट लगा लिया और मैंने उसे अपने पास बुला लिया.....
सलमा पास आ कर ज़ेबा को घूरने lagi...jo dari-sahmi सी अपने नंगे जिश्म को चादर में समेटे बैठी हुई थी....
सलमा- अब बताओगे भी की आप यहाँ क्या कर रहे है...
Main(muskura कर)- तू इतनी नादाँ तो नहीं की तुझे ये बताना pade...chalo पूछा hi है तो ise(lund) dekho....sab समझ जाओगी...
Salma(aankhe चुरा कर)- wo...wo मैं जानती hu...par kyo..kaise...aur ज़ेबा tum...tum ऐसा कैसे कर सकती हो....
Main(gusse से)- kyo...kyo नहीं कर sakti...jab तुम कर सकती हो तो वो क्यों nhi...kya छूट सिर्फ तुम्हारे hi पास hai...uske nhi...haa...
सलमा- पर इसको क्या जरूरत थी....
मैं- क्यों नहीं thi....choot उसकी भी गरम होती hai....wo भी एक तगड़ा लुंड चाहती hai....bilkul तुम्हारी तरह....
सलमा- wo..wo mana...par इसका निकाह हो चूका hai.....souhar भी अच्छा है तो fir....fir क्यों....
मैं- accha...to फिर मुझे samjhao....ki तुम्हारे पास इन सब में से क्या nhi....kya तुम्हारा निकाह नहीं हुआ या फिर तुम्हारा सौहार nhi...hmm...
Salma(najre झुका कर)- सब है....
मैं- तो फिर तुम क्यों मेरे पास आई thi....kyo...
सलमा कुछ नहीं boli...bas नजरें झुकाये कड़ी रही...
मैं- मुझे समझ नहीं आ रहा की तुम्हे परेशानी क्या hai...kya तुम्हे ज़ेबा से जलन होने lagi...haa....
सलमा- nhi...aisa नहीं hai....main तो bas.....wo अचानक देखा to...baki मुझे कोई जलन नहीं....
मैं- hmm..ye हुई न baat....chalo अब ये बात ज़ेबा को भी समझाओ....
सलमा- अभी समझती hu....(zeba को देख kar)zeba....mujhe तुमसे कोई जलन nhi...agar तुम मन से ये करना चाहती हो तो karo....bas अपने भाई का ध्यान rakhna....ok
मैं- अरे मेरी सलमा jaan....aise नहीं समझाना.....
Salma(chounk कर)- तो fir...fir कैसे समझौ....
मैं- बताता hu....tum पहले अपने कपडे निकालो....
Salma(chounk कर)- क्या....
मैं- सुनो to....tum कपडे निकालो और ज़ेबा की छूट को थोड़ा आराम do....uski छूट में दर्द hai.....samjh गई....
Salma(muskura कर)- hmm..ab सब समझ gai....aap na....bade बेकार हो....
Main(muskura कर)- है मेरी jaan....ab जल्दी से सुरु हो jao....dekho मेरा लुंड कितना उछाल रहा है....
Salma(muh बना कर)- hmm...fir हमे उछलेगा...
फिर सलमा ने मुस्कुरा अपने कपडे निकाल दिए और ज़ेबा के पास जा कर चादर हटाने lagi....par ज़ेबा ने चादर को मजबूती से दवा लिया....
सलमा- are....ab शर्म आ रही hai...aur थोड़ी देर पहले जो नंगी लिपटी पड़ी थी tab..tab शर्म नहीं आई...
Zeba(najren झुकाये)- सॉरी भाभीजाण....
सलमा- अब सॉरी chhod....dekh...main एक ायरत की तड़प जानती hu...to तू शर्माना बंद कर और मुझे दिखा की गोलू जी ने तेरी मुनिया का क्या हाल kiya...dikha जल्दी....
सलमा की बात से ज़ेबा मुस्कुरा दी और चादर छोड़ di.....salma ने तुरंत चादर हटाई और ज़ेबा की टाँगे खोल कर उसकी छूट देखने लगी.,...
सलमा- है allaahh...kya हाल हो गया iska...ye तो फूल के डबल रोटी हो रही hai....kitna दर्द हुआ होगा न....
ज़ेबा- है bhabhi....bahut हुआ...
सलमा- गोलू ji....meei प्यारी ननद रानी को कितना कुचला है ....बेचारी की हालत hi ख़राब कर दी...
मैं- अरे ये तो प्यार से किया hai....tere जैसा इसे ठोकता तो ये मर hi jati...samjhi....
सलमा- जानती hu...mera भी काम बुरा हाल नहीं tha...par ये तो अभी नाजुक सी बच्ची hai...is पर तो तरस कहते.....
मैं- तरस hi खाया ....पूछ lo....maine प्यार से किया या बेदर्दी se...khud पूछो....
सलमा- zeba...tu hi bata....kaise किया...
Zeba(sharma कर)- प्यार से....
सलमा- oh...pyaar से ये हाल hai....kyo....kya तेरा सौहार तुझे छोड़ता नहीं था...
Zeba(sharma कर)- करते थे....
सलमा- तो फिर ऐसा kaise....teri छूट तो ऐसे लग रही है जैसे पहली बार चूड़ी हो....
Zeba(najren झुकाय) - wo..wo उनका....
सलमा- अरे saaf-saaf बोल न...
ज़ेबा- उनका छोटा tha.....(aur ज़ेबा शर्मा गई)
Salma(muskura कर)- हाय मेरी jaan....itni sharam....khair....golu जी का कैसा hai....pasand आया न....
Zeba(sharma कर)- हम्म...
Salma(meri तरफ देख कर)- hmm...to गोलू जी का पसंद आ गया....
मैं- अब पूछना हो गया तो तो आगे का काम kare....tum दोनों को देख कर मेरी हालत ख़राब हो रही है...
सलमा- हाय ...हालत तो मेरी भी ख़राब hai...par पहले इसकी मुनिया को थोड़ा चैन दे du..fir अपनी मुनिया तो ठंडा करूगी ये बोल कर सलमा ने ज़ेबा की छूट पर मुँह झुका लिया और जीभ चलने लगी.....
ज़ेबा- ssshhhhh...bhabhijaan......
सलमा- ssssrrruuuuupppppppp....ssssrrrruuuuuppppppp...ssrrruuupppppp.......
ज़ेबा- aaaahhhhh....bhabhijaannnnn.....aaahh...
मैं तो पहले hi गरम था और अब ये सब देख कर काफी गरम हो चूका tha...to मैं भी बीएड पर आ गया और लुंड को ज़ेबा के सामने कर दिया....
ज़ेबा ने लुंड देखने के बाद मुझे देखा और शर्मा गई....
सलमा- ssssrrruuuuuupppp....aaahhh...are देख क्या रही hai....choos न..
ज़ेबा- भाभीजाण....
सलमा- अरे भाभीजाण kya.....abhi भूल जाओ की हम कौन hai...bas ये सोचो की हम दो गोलू जी की राखेले hai....aur रखेलों का काम होता है अपने मालिक को खुस karna....ab ले मुँह me....aur अच्छे से चूसना....
फिर ज़ेबा ने मुस्कुरा कर मुझे देखा और धीरे से लुंड को मुँह में भर कर चूसना सुरु कर दिया....
यहाँ सलमा ने भी दोवारा ज़ेबा की छूट चटाई सुरु कर दी.....
सलमा- ssssrrrruuuupppppp....sssrrruuupppp...aahhh...teri छूट तो फूल कर रसभरी गुजिया लग रही hai.....ssssrrruuuuppppppp.....
ज़ेबा- uuummm...uuuummmm...uuummmm...uummmm...
मैं- aahhh...ab आराम mila....aise hi चूस....
सलमा- sssrrruuuuppppp....sssrruuuuppppppp...sssrrrruuuupppp....
ज़ेबा- uuummm..uumm..uumm..uuummmmmmmmmmmmmmmmmm...aahhh....bhabhijaannnn.....aaaahhhhh.....
और इस मस्ती के साथ ज़ेबा झड़ने लगी और लुंड को मुँह से निकाल कर आहें भरने लगी....
मैं- अरे लुंड क्यों निकाल liya...choos....aahh...
मैंने दोवारा से ज़ेबा के मुँह में लुंड दाल दिया और वह ज़ेबा के झड़ते hi सलमा उठी और मेरे पास आ कर मेरी गांड पर जीभ फिरने लगी...
मैं- aahh..salma...ye क्या कर रही है....
सलमा- आपको नया मज़ा दे रही हु....
और ये बोल कर सलमा ने मेरे कूल्हे फैलाये और गांड का छेद चाटने लगी.....
ये मेरे लिए नया अनुभव तो नहीं tha...par ऐसा ज्यादातर एयरटेन करती नहीं thi...to मैं कुछ ज्यादा hi मस्ती में आ गया....
मैंने ज़ेबा का सर पकड़ा और उसका मुँह छोड़ने laga....aur यहाँ सलमा मेरी गांड को चाटने में लगी रही...
सलमा- sssrrruuuppppp...ssrruuuppp...ssrrruuupppp....
ज़ेबा- uuummmm..uummm...uummm...uummm..uummm..
मैं- aahh..salma...tu to...aahh...alag hi मज़ा है ye....uufff.....
सलमा- sssrrruupppo...sssrrruuuppppp....sssrruuupppp....
ज़ेबा- uuumm..uummm..uummm..uummmmm..
मैं- aahhh..salma...bas kar....jhada देगी kya....ruk.....oohh...
थोड़ी देर बाद जब मुझे लगा की मैं झड़ने के करीब पहुंच रहा हु तो मैंने ज़ेबा के मुँह से लुंड निकाल लिया और सलमा से भी दूर हैट गया....
सलमा- aahh..kya हुआ....
मैं- साली चाट कर hi झाड़ेगी क्या.....
Salma(muskura कर)- nhi....abhi तो आपको मेरी ननद रानी की छूट फडनी है....
ज़ेबा- नहीं bhabhijaan....dard होगा.....
सलमा- तो क्या hua....are छूट में दर्द न हो तो छोड़ने का क्या maza....chal अब नखरे chhod.....waise भी थोड़ा hi दर्द hoga....kal से तो तू uchhal-uchhal कर लौड़ा khaygi....chal आजा....
ज़ेबा कुछ नहीं बोली बस नजरें झुका कर शर्मा गई....
सलमा ने ज़ोया की टाँगे फैलाई और मुझे आने का इसरा कर diya....maine तुरंत पोजीशन बनाई और एक जोरदार धक्के के साथ आधे से ज्यादा लुंड ज़ेबा की छूट में पेल दिया....
ज़ेबा- aaaaaaaiiiiiiiiiiii.....
ज़ेबा की चीख सुनते hi सलमा ने उसका मुँह दवा लिया...
सलमा- अरे इतना मत chilla..tere भाईजान जाग जायगे....
ज़ेबा- aaahhh..sorry...par dard...aaahhhh...
सलमा- गोलू ji....thoda तो रहम karo...aaraam से करो न....
मैं- अरे आराम से hi किया hai...dekho...
और मैंने दूसरा धक्का मार कर पूरा लुंड अंदर दाल दिया....
ज़ेबा- aaahhhhhh...bhabhijaan...dard....aaaahhhhhhhhh........
सलमा- अब इतना तो सहना hi hoga...hmm...ab मज़ा aayga....golu ji....ab छूट का दर्द भी मिटा दो.....