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- Dec 5, 2013
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मैंने बाहर आ कर देखा तो बाकि बच्चे खेल रहे थे पर राज नहीं tha...fir मैंने उसकी घर की तरफ देखा तो घर पर टाला भी नहीं था....
Main(man में)- घर भी बंद नहीं मतलब बहार तो नहीं gaya...fir आया क्यों nhi....kahi रश्मि ने मन तो नहीं kiya....nhi वो क्यों मन karegi....koi ऐसी बात hi नहीं hui...chalo चल कर देखता हु की बात है क्या...
मैंने गेट नॉक किया तो गेट खुलते hi रश्मि मेरे सामने आ gai....jo थोड़ा परेशान सी दिख रही थी....
पर तभी मेरी नजर उसके चेहरे से हैट कर उसके सीने पर padi...to उसकी चूचियां देख कर मेरे अरमान जागने lage....itni मस्त chuchiya...pallu से ढकी थी फिर भी बिजली गिरा रही thi....jab खुल कर सामबे आएगी तब क्या हाल करेगी...
रश्मि- aap...aaiye अंदर आइये...
Main(sambhalte हुए)- अरे मैं wo...wo राज नहीं आया आज खेलने...
Rashmi(paresaani में)- राज बीमार hai....use बहुत तेज बुखार है....
मैं- kya...to उसे डॉक्टर के पास ले जाना tha...kaha है वो...
मैं रश्मि के साथ अंदर गया और राज को छू कर dekha....to मेरे होश hi उड़ gaye....uska बदन तो कुछ ज्यादा hi गरम था....
मैं- अरे इसको तो बहुत तेज बुखार है...
रश्मि- देखिये na...kabse मैं गीली पत्तिया लगा रही हु माथे पर पर कोई असर hi नहीं हो रहा...
मैं- तुम पागल हो kya...aisi हालत में खुद डॉक्टर नहीं बनना chahiye..seedha डॉक्टर के पास ले जाना था न...
Rashmi(ruaashi हो कर)- मैंने राज के पापा को कॉल किया tha...par उनका फोन बंद आ रहा hai...aur मैं अकेली thi...pata hi नहीं की डॉक्टर कहा है aas-paas...
मैं- अरे तो मुझे बता deti...main नहीं ले जाता kya...jab मूवी ले जा सकता हु तो डॉक्टर के पास नहीं जाउगा क्या...
रश्मि- अरे मैं आपको बुलाने आई थी पर आपकी नौकरानी बे बोलै की आप घर पर nhi...to मैंने सोचा की तब तक गीली पट्टी hi लगा lu...thoda चैन मिलेगा मेरे बकव्हे को....
Main(man में)- अरे मैंने सन्नो से क्यों बोलै की कोई भी आय तो बोल देना की मैं नहीं hu...taki मैं सो सकू...
रश्मि- आप जानते है किसी डॉक्टर को....
मैं- are...tum रेडी हो jao...main कार निकलता hu....abhi चलते hai...main आता हु...
इतना बोल कर मैं घर आया और पुरष ले जार कार निकाल ली और फिर राज को लेकर रश्मि के साथ डॉक्टर के यहाँ पहुंचे...
वह हमने इलाज करवाया और बापिस रश्मि के घर पहुंच गए....
Rashmi(raj को लिटा कर)- थैंक यू...
मैं- अरे इसमें थैंक्स kaisa....ye तो मेरा फ़र्ज़ था....
रश्मि- जिसका फ़र्ज़ था उसका तो कुछ पता hi nhi...uske बदले आपको ये फ़र्ज़ निभाना पड़ा....
मैं- तो क्या hua...time आने पर मैं उसके सारे फ़र्ज़ निभा लगा...
Rashmi(aankhe दिखा कर)- क्या कहा...
Main(muskura kar)-are तुम भी कहा फ़र्ज़ में फांसी ho...mudde की बात ये है की अपने फ्रंड की मुसीबत में हेल्प करना चाहिए bas...dekho सब ठीक हो गया na...aur राज जल्दी hi पहले की तरह हो jayga...dont वोर्री...
Rashmi-hhmmm....frnd का बुरे वक़्त में साथ दे वही सच्चा फ्रंड होता है...
मैं- ok अब ये सब भूल jaiye...kuch पिने का मन hai...pilaygi...
रश्मि- ohk....kya पियेंगे आप...
Main(rashmi के बूब्स देख कर)- वैसे मन तो है ki......dhoodh....par...huh..
रश्मि ने जब मुझे घूरते देखा तो मेरी नजर का पीछा किया और तुरंत hi अपना पल्लू सही कर के बोली....
Rashmi(muskura कर)- अभी nhi....matlab घर में ढूढ़ नहीं hai...kuch और बोलिये...
Main(rashmi को देखते हुए)- तो फिर गुलाबी sharbat....milega क्या...
Rashmi(sharma कर)- मैं ब्लैक कॉफी लती हु...
रश्मि शर्मा कर किचेन में आ गई और मन hi मन मेरी बातों को सोच कर बड़बड़ाने लगी...
Rashmi(man में)- गोलू जी भी na...bade फ़ास्ट hai....rashmi जी से rashmi...aap से tum...fir सदी सेलेक्ट ki...aur aaj....mere dhoodh...hey maa....gulabi sharbat...sab समझती हु mai...par मैं भी बड़ी होसियार hu..haaa...
रश्मि ने कॉफी मुझे दी और खुद मेरे सामने राज के बाजु में बैठ गई और उसका सर सहलाने lagi...ab बीएड पर राज के एक बाजु मैं था और दूसरे बाजु रश्मि...
रश्मि- राज का सर थोड़ा ठंडा हुआ hai...lagta है दवाई असर कर रही है...
Main(raj के सर पर हाथ रख कर)- hmm...pahle से ठीक है अब तो...
तभी मैंने हाथ सरका कर रश्मि के हाथ पर रख दिया...
Rashmi(chounk कर)- गोलू जी...
मैं- अब तुम भी रेस्ट कर lo...kafi परेशान हुई तुम आज ...हम्म..
रश्मि- पर आप भी तो परेशान हुए न...
मैं- अरे अपनों के लिए मैं हमेशा परेशान हो सकता hu...samjhi...chalo रेस्ट कर लो...
रश्मि- अरे अभी kaise...raj के पापा आ जाय फिर करुँगी...
मैं- वैसे तुम्हारा hath...ye भी गरम लड़ रहा hai....tumhe भी बुखार तो nhi...dikhao जरा....
और मैंने जल्दी से रहस्मई के माथे ओर हाथ रख diya...rashmi तो सकपका hi gai...par मैंने हाथ नहीं हटाया....
मैं- अरे तुम्हारा माथा तो गरम hai...chalo रेस्ट कर lo...main बैठा हु यहाँ...
रश्मि- नहीं कुछ नहीं हुआ मुझे ...वो बस टेंशन में थी तो बस...
मैं- अरे ये ठीक nhi...ek काम karo...tum लेट jao...main सर दवा देता hu...accha लगेगा...
रश्मि- नहीं गोलू ji...kuch नहीं hua...aap परेशान मत हो...
Main(gusse से)- बोलै न लेट jaao...suna karo...leto जल्दी...
मेरे कहते hi रश्मि शॉकेड सी हो gai...par तुरंत hi लेट गई...
मैं रश्मि के साइड आया और उसके सिरहाने बैठ gaya....par जगह थोड़ी काम थी इसलिए मैं रश्मि का सर अपनी गॉड में रख कर बैठ गया...
रश्मि ये देख कर पूरी हैरान थी फिर भी उसने कुछ न कहा...
मैंने फिर दोनों हाथो से उसके सर की मालिस सुरु कर di...rashmi आखे बड़ी कर के मुझे देखे जा रही थी...
मैं- ऐसे क्या देख रही hu...sir दवा रहा hu...bas...
Rashmi(sharma कर)- कुछ नहीं...
मैं यहाँ रश्मि के सर की मालिश करने लगा और वह रश्मि के दिल में कई सवाल पैदा होने लगे....
Rashmi(man में)- ये तो सच में बहुत hi ज्यादा फ़ास्ट hai...dekho कैसे मुझ पर हुकुम चला रहा है और मेरा सर अपनी गॉड में लेकर बैठ gaya...jaise मैं इसकी बीवी हु...
पर क्या ये सब यही कर रहा hai....kya मेरी मर्ज़ी भी है इस सब me...maine कैसे किसी गैर नारद की बात मान ली और तुरंत लेट gai...maine क्यों उसे नहीं roka...kyo उसकी गॉड में अपना सर रखा....
देखा जाय तो मैं काफी टाइम से उसकी बात मान रही hu...uske मन की साड़ी pahanna...usko साड़ी दिखने के लिए सज कर आना...
आज उसकी गॉड में सर rakhna...uske कहते hi लेट jana...uske साथ मूवी dekhna...uski चूसने वाली बात का जवाब dena...aur वो भी कैसा जवाब दिया रहा मैंने की मुझे चूसने वाली पसंद hai...hey माँ....
क्या हो रहा है रश्मि तुम्हे ....क्या तू गोलू जी को पसंद करने lagi...agar नहीं तो क्यों उनकी हर बात मानती hai...kyo उनके लिए मिल्कशेके बनाया tha...kyo उनके मुँह से अपनी तारीफ सुन्ना चाहती hai...aur जब वो तारीफ नहीं करते तो गुस्सा क्यों hui...aur उस दिन to...hey भगवन....
आखिर ये सब हो क्या रहा है तेरे sath...aaj तो हद hi हो gai....wo मेरे hi बूब्स देख कर ढूढ़ मांग रहे थे पिने ko...aur होंठो को देख कर गुलाबी sharbat...fir भी तू गुस्सा नहीं हुई उल्टा शर्मा gai...ye सब क्या है...
क्यों तू उसका साथ पसंद करती hai...kyo साम को उनके आने का इंतज़ार करती hai...kyo...kya तुझे उनसे pyaar...nhi..nhi....
मैं शादीसुदा hu...ek बेटे की maa...to मैं क्यों किसी से प्यार karu...mera पति है na...bas वो थोड़ा बिजी रहते hai...saayad isliye...par ये सही है kya...pata nhi....par ये अच्छा लगता hai...golu जी साथ होते है तो दिल खुश रहता है...
यही सब सोचते हुए रश्मि की आँखे बंद हो gai...uske चेहरे पर अजीब सा सुकून tha....use मेरे हाथो की गर्मी अच्छी लग रही thi...aur उसकी साँसे तेज हो चली थी....
रश्मि की साँसों के साथ hi उसका सीना uper-neeche हो रहा tha...aur उसके हिलते हुए बूब्स मेरे लुंड की गर्मी बड़ा रहे थे..,
ऊपर से बूब्स के बीच की गहराई भी थोड़ी बहुत नजर आने लगी थी क्योकि रश्मि का पल्लू थोड़ा सरक चूका था....
हम दोनों hi अपने आप में खोये इस खूबसूरत पल का आनंद ले रहे the...par तभी रश्मि का फोन बज उठा तो सारा मज़ा खराब हो गया....
रश्मि तो जैसे सुनहरे सपने से जाग गई और उसने गुस्से से फोन uthaya...par बात सुनते hi वो haa-haa बोलने लगी और फोन कट हो गया....
फोन के बाद रश्मि का चेहरा थोड़ा मुरझा सा गया था....
मैं- क्या हुआ rashmi...kiska फोन था...
Rashmi(mayoos हो कर)- वो राज के पापा ka...wo ऑफिस से निकल रहे hai...unka फोन डिस्चार्ज था तो ऑफिस से hi कॉल कर दिया...
मैं- ohh....theek है तो मैं अब चलता हु...
रश्मि- hhmm....waise आपका फिर से thanks....aap न होते तो पता नहीं मैं क्या करती...
मैं- अरे तुम मुझे थैंक्स कहते अच्छी नहीं lagti...are हक़ है तुम्हारा...
रश्मि- kya....haq...kaise...
मैं- बस wo...frnd...ha फ्रंड का हक़ होता hai....chalo अब चलता hu...aur तुम रेस्ट करो ok...waise पहले से फ्रेश दिख रही ho...bye...
रश्मि- bye..(man में) आपके हाथो की मालिस ने सच में मन और सरीर दोनों को फ्रेश कर diya...kuch तो बात है आपके andar...chalo सुकून तो फोन ले uda...ab पतिदेव का इंतज़ार करती hu...hmm...
यहाँ रश्मि अपने पति का वेट करने लगी और वह मैं खाने के बाद सन्नो की चुदाई की तयारी में था...
Sanno(room में आ कर)- saab...kya सोच रहे है...
मैं- कुछ nhi...waise भी ये टाइम सोचने का nhi...balki लुंड की कसरत करने का है...
Sanno(muskura कर)- तो फिर इंतज़ार किसका hai...kasrat का सामान हाजिर है साब...
ये बोल कर सन्नो ने अपने जिश्म पर पहना हुआ गौण निकाल diya...aur पूरी नंगी हो गई...
Main(muskura कर)- hmm...isiliye तो तुझे ये गौण ले कर दिया ताकि तुझे नंगा होने में टाइम न lage...chal aaja...ab कसरत करते है...
सन्नो मेरे पास आई और मेरे शार्ट से लुंड को आज़ाद किया और फिर अपनी जीभ फिरते हुए लुंड गीला करने लगी...
सन्नो- sssrrrruuuuuuppppp.....aaahhh...mere sartaj....kitna बेचैन करता है ये mujhe...sssrrrruuuppppp.....
मैं- अरे मेरी jaan...teri बेचैनी मिटने के लिए ये हमेशा तैयार रहता hai...bas तू इसे थोड़ा प्यार कर फिर देख ये तेरे हर अंग की बेचैनी मिटा देगा....
सन्नो- aahh...ha मेरे malik...mera हर अंग इसकी मार खा कर इसका सुक्रिया ऐडा करता hai...aur हमेशा karega...sssrrrruuuuupppppppp....sssrrruuupppp...
मैं- haayyy...tu ऐसे hi प्यार कर ise...fir देख इसका जलवा....
सन्नो- sssrrruuupppp....ha मेरे malik....uuuummmmmmmhhhhh.....
लुंड जैसे hi टनटनाया तो वैसे hi सन्नो ने बड़े प्यार से लुंड को पूरा मुँह में धूस लिया....
मैं- uuuffffff...teri ऐसी hi अदाए तो मुझे पागल कर जाती hai....aaahhh....bahut खूब....
Sanno-uuuuummmmmm......uuuummmmmmm....uuuummmmmmmmm.....uuuummmmmm....
मैं- शाबास मेरी randi...ab जगा अपने अंदर की रंडी ko....dikha...
Sanno(teji से लुंड चूसते हुए)- uummm....uuummm....uuummm....uuuummmmm.....uuummmmm...
मैं- aahh....bahut खूब मेरी raand....aur tej.....dikha दे की तू रंडी की भी अम्मा hai...chhoossss....aaaahhhh....
सन्नो ने फिर लुंड को मुँह से निकला और तेजी से पूरा गले में उतार liya...aisa करते हुए वो लुंड बराबर चूसे जा रही थी...
सन्नो- uuuuuuuuu..aahhh...uuummmmmm....aaahhhh...uuummmmmm...
मैं- आ ha....karti रह ...जोर से....
Sanno(teji से)- gggllluuuuppppp...ggggllluuuppppp....gggllluuuppppp....gggllluuuupppp....
मैं- yeess....aaahh....bas...ruk....meri randi......ab तेरे बाकि बचे छेदों की बारी है....
इतना बोलते hi सन्नो ने लुंड को बाहर निकाल दिया और मैंने अपने शार्ट को पैरों से निकाल कर दूर फेक दिया...
मैं- आजा मेरी rakhel...ab तेरी धज्जियाँ उडाता हु...
सन्नो- malik...sanno आपकी hai....chahe तो पूरी धज्जियाँ उदा दो......
मैं- फिर आजा...
मैंने सन्नो उल्टा लिटाया और उसकी जाँघे फैला कर लुंड को उसकी छूट में पेल diya...aadha लुंड उसकी छूट को चीयर कर घुस गया....
सन्नो- malik....aaahhhh...
मैंने बिना रुके दूसरा धक्का मारा और लुंड को छूट की जड़ में दास दिया....
सन्नो- आआआहहहहहहह......
मैं- चीख क्यों रही है कुटिया.... अब मज़े hi मज़े है ....
सन्नो- aaahhh...kutiya चीखे तभी मालिक खुश होगा na...maaro malik...kutiya...aaaiiiiiiiii.....
सन्नो की बात ख़त्म hi नहीं हो पाई थी और मैंने उसकी गांड पर जोरदार तमाचा जड़ दिया....
मैं- hahaha...aaj तो कुटिया की rula-rula कर लगा....
सन्नो- aaahh...aaahhh....jaisa मालिक kahe...kutiya हाज़िर hai...aaaiiiiiii...mmaarroooo...
मैंने एक के बाद एक थप्पड़ जड़ना सुरु कर दिया...
सन्नो की छूट में लुंड धसा हुआ था और उसकी गांड पर थप्पड़ बरस रहे the...sanno तो दर्द से तड़फड़ा रही thi...par मैं रुकने वाला नहीं था....
मैं- आज तो तुझे उधेड़ दुगा kutiya...ye ले...
और मैंने लुंड को पूरा निकल कर एक साथ छूट में दास दिया...
सन्नो- आआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह....
मैंने सन्नो की जाँघे आपस में जितना हो सकीय चिपका दी और टाइट हो चुकी में धक्के मारने लगा...
सन्नो- aaaiiiii...aaaahhh....mmmaaa....ooohhh....aaaahhhhhhh....
मैं ऐसे hi सन्नो को छोड़ता रहा जब तक की उसकी छूट बाह नहीं गई...
सन्नो के झड़ते hi मैंने लुंड निकला और सन्नो को कुटिया बना कर उसके ऊपर चढ़ गया और उसकी गांड में एक साथ पूरा लुंड पेल दिया....
सन्नो- aaaaaiiiiiiii....malik....aaaahh....aaaahhhhhhh....
मैं- क्यों kutiya...gaand फटी न....
सन्नो- aaaaahhhh.....malik.....haaa...mmaaarrrooo....
मैं- yesss....teri गांड का भारत बनता hu....kya कासी हुई है saali...ye ले...
Sanno-aaahhh....ha malik....faad do...uuuummmmm....aaaahhhhhhh......
मैं- है kutiya...ye le...ye le....yyyeeeeeeee....
मैं ताबड़तोड़ तरीके से सन्नो की गांड मरे जा रहा था और सन्नो भी चिल्लाते हुए अपनी गांड उचका रही thi...room में बस thap-thap की आवाज़े सुनाई दे रही थी....
सन्नो- aashhh...aashhh...aaa...aaahhh...mmarooo....teeejjjj.....
मैं- है ये le....yessss.....ye le.....ye ले....
सन्नो- मेरी choot...aaahhhh....fir se....aaahhh....gai malik...aaaahhhhhh....
सन्नो की छूट इस जोरदार गांड चुदाई से फिर से झड़ने lagi....aur झड़ते hi उसका सर बीएड पर झुक गया....
मैं- थक गई कुटिया,..
सन्नो- नहीं malik...kutiya की रास्त भर bhi...aaahhh...bajao तो भी nhi...aahh...thakegi....
मैंने फिर अपने लुंड को बाहर निकाल लिया और सन्नो को पलटा कर उसके कंधो के दोनों तरफ पेअर रख कर उसके मुँह में लुंड पेल दिया....
मैं- अब इस छेद को भी जी भर कर छोड़ lu....le kutiya...ab तेरे मुँह की धज्जियाँ उड़ेगी...
सन्नो- kkhhuuummm....kkkhhhuuuummmm....ssssssrrrrrrllllppppp....ssssrrrllllppppp.....kkkhhhhhmmmm.....
मैं- आ ha...tera मुँह है na...kisi छूट से काम nhi...aaahhhh....ise छोड़ने से दिल नहीं bharta...bas मारे jao...jao...
सन्नो- ggghhhhuuuuppppp....ggghhhuuuupppp...ggghhhuuuupppppp....ggghhhuuupppppp...
सन्नो के मुँह में सटासट लुंड जा रहा था और उसके गले में ठोकरे मार रहा tha...saanno की साँसे तो लुंड की वजह से गले में hi देव गई थी....
सन्नो- kkhhhuuummm...kkhhuummm...kkhhuummm...kkhhuummm...
सन्नो के मुँह दर्द देने लगा पर मैं dana-dan धक्के पेलता raha...aur फिर मुँह में झड़ने लगा...
मैं- yyeeessss...ye ले kutiya...malik का पानी pi...aaaahhh...aahhh...aaahhh....
और मैंने जोरदार पिचकारियां मर कर पूरा लुन्द्रास सन्नो के गले में उतार दिया और रुक गया....
मेरे रुकरे hi सन्नो ने अच्छी रखेल की तरह मेरा लुंड चूस कर साफ़ कर दिया और फिर मैं बाथरूम चला गया....
थोड़ी देर बाद हम दोनों लेट gaye...main बीएड पर और सन्नो neeche...aur मैं रश्मि के साथ हुई मुलाक़ात को सोचते हुए सोने लगा....
मैं रश्मि का सोच कर सो रहा था और मेरा लुंड रश्मि की याद में बड़ा हो रहा था...
दूसरी तरफ पंकज के बाजु में लेती रीमा बड़े गुस्से में thi...aaj फिर उसका पति लुंड को छूट में हिला कर सो gaya...aur रीमा फिर मन मार के रह gai....reema के मन में बड़ी uthal-puthal चल रही थी...
Reema(man में)- ये तो फिर सो gaye..meri तो कोई परवाह hi nhi...kabhi सोचते भी मेरे बारे me...ki बीवी को सिर्फ पति का साथ नहीं चाहिए hota...aur न सिर्फ paise-kapde...
बीवी के जिश्म की भी कुछ जरूरत होती hai...uski भी सेक्स लाइफ होती hai...par नहीं...
बस खुद का छोटा सा लुंड छूट में डाला और पानी निकाल कर सो gaya...par ये नहीं सोवहता कभी ये बीवी की छूट को ठीक से खोल भी नहीं पाया...
कितनी बार कहा की टेस्ट करा lo...saayad दवाइयों से अच्छा हो jaay...par nhi...isme मर्दानगी काम होती है...
और मेरा kya..main क्या karu...agar कोई दूसरा खाने लगी तो मर्दानगी के साथ इज़्ज़त भी jaygi...wo तो मैं हु जो सह लेती हु.....
अरे और कोई होती तो कबका कइयों के लुंड खा jati....seema को hi dekho...kaise उस मर्द का तगड़ा लुंड खाया usne...kya लुंड था wo...choot के परखच्चे उदा दिए....
काश मेरे नसीब में hi ऐसा कुछ होता to...haay....
Reema(apni छूट में ऊगली दाल कर)- खास इस ऊँगली की जगह वो लुंड मेरी छूट में जाता और मेरी छूट को फाड़ de...aahhhh...
अरे लुंड तो उसका bhi...haa...pankaj के बॉस का भी कितना मस्त है na...bilkul उस मर्द की तरह जिसने सीमा को ठोका था...
मैं तो देख कर hi पागल हो गई thi...sote हुए भी कितना बड़ा tha...chudaai के टाइम तो इससे भी बड़ा होगा...
क्या आज bhi...nhi..nhi....ye गलत है....
Reema(kuch देर बाद)- aaaahhhhh....haa...meri छूट तो उस लुंड का सोच के hi झाड़ gai.....ek बार देख लू क्या....
क्या वो सो गया hoga....chupke से देख hi तो रही hu...par कोई देख न ले...
चलो छज्जे पर जाती hu...koi नहीं दिखा तो देखूँगी की सोया है की nhi...bas एक बार देख कर आती hu...main छोड़ने थोड़ी जा रही hu...bas देख रही hu...isme क्या बुराई है...
और फिर रीमा ने निघ्त्य पहनी और पंकज को देख कर चुपके से छज्जे पर आ गई....
मेरे रूम में आज डिम लाइट thi...isliye दूर से साफ़ नहीं दिख रहा था...
रीमा ने चारो तरफ देखा और फिर dheere-dheere मेरे रूम की खिड़की पर आँख गदा ली....
और रूम के अंदर का नजारा देख कर रीमा का मुँह खुला रह gaya...aur उसकी धड़कने बाद गई....
मैंने बाहर आ कर देखा तो बाकि बच्चे खेल रहे थे पर राज नहीं tha...fir मैंने उसकी घर की तरफ देखा तो घर पर टाला भी नहीं था....
Main(man में)- घर भी बंद नहीं मतलब बहार तो नहीं gaya...fir आया क्यों nhi....kahi रश्मि ने मन तो नहीं kiya....nhi वो क्यों मन karegi....koi ऐसी बात hi नहीं hui...chalo चल कर देखता हु की बात है क्या...
मैंने गेट नॉक किया तो गेट खुलते hi रश्मि मेरे सामने आ gai....jo थोड़ा परेशान सी दिख रही थी....
पर तभी मेरी नजर उसके चेहरे से हैट कर उसके सीने पर padi...to उसकी चूचियां देख कर मेरे अरमान जागने lage....itni मस्त chuchiya...pallu से ढकी थी फिर भी बिजली गिरा रही thi....jab खुल कर सामबे आएगी तब क्या हाल करेगी...
रश्मि- aap...aaiye अंदर आइये...
Main(sambhalte हुए)- अरे मैं wo...wo राज नहीं आया आज खेलने...
Rashmi(paresaani में)- राज बीमार hai....use बहुत तेज बुखार है....
मैं- kya...to उसे डॉक्टर के पास ले जाना tha...kaha है वो...
मैं रश्मि के साथ अंदर गया और राज को छू कर dekha....to मेरे होश hi उड़ gaye....uska बदन तो कुछ ज्यादा hi गरम था....
मैं- अरे इसको तो बहुत तेज बुखार है...
रश्मि- देखिये na...kabse मैं गीली पत्तिया लगा रही हु माथे पर पर कोई असर hi नहीं हो रहा...
मैं- तुम पागल हो kya...aisi हालत में खुद डॉक्टर नहीं बनना chahiye..seedha डॉक्टर के पास ले जाना था न...
Rashmi(ruaashi हो कर)- मैंने राज के पापा को कॉल किया tha...par उनका फोन बंद आ रहा hai...aur मैं अकेली thi...pata hi नहीं की डॉक्टर कहा है aas-paas...
मैं- अरे तो मुझे बता deti...main नहीं ले जाता kya...jab मूवी ले जा सकता हु तो डॉक्टर के पास नहीं जाउगा क्या...
रश्मि- अरे मैं आपको बुलाने आई थी पर आपकी नौकरानी बे बोलै की आप घर पर nhi...to मैंने सोचा की तब तक गीली पट्टी hi लगा lu...thoda चैन मिलेगा मेरे बकव्हे को....
Main(man में)- अरे मैंने सन्नो से क्यों बोलै की कोई भी आय तो बोल देना की मैं नहीं hu...taki मैं सो सकू...
रश्मि- आप जानते है किसी डॉक्टर को....
मैं- are...tum रेडी हो jao...main कार निकलता hu....abhi चलते hai...main आता हु...
इतना बोल कर मैं घर आया और पुरष ले जार कार निकाल ली और फिर राज को लेकर रश्मि के साथ डॉक्टर के यहाँ पहुंचे...
वह हमने इलाज करवाया और बापिस रश्मि के घर पहुंच गए....
Rashmi(raj को लिटा कर)- थैंक यू...
मैं- अरे इसमें थैंक्स kaisa....ye तो मेरा फ़र्ज़ था....
रश्मि- जिसका फ़र्ज़ था उसका तो कुछ पता hi nhi...uske बदले आपको ये फ़र्ज़ निभाना पड़ा....
मैं- तो क्या hua...time आने पर मैं उसके सारे फ़र्ज़ निभा लगा...
Rashmi(aankhe दिखा कर)- क्या कहा...
Main(muskura kar)-are तुम भी कहा फ़र्ज़ में फांसी ho...mudde की बात ये है की अपने फ्रंड की मुसीबत में हेल्प करना चाहिए bas...dekho सब ठीक हो गया na...aur राज जल्दी hi पहले की तरह हो jayga...dont वोर्री...
Rashmi-hhmmm....frnd का बुरे वक़्त में साथ दे वही सच्चा फ्रंड होता है...
मैं- ok अब ये सब भूल jaiye...kuch पिने का मन hai...pilaygi...
रश्मि- ohk....kya पियेंगे आप...
Main(rashmi के बूब्स देख कर)- वैसे मन तो है ki......dhoodh....par...huh..
रश्मि ने जब मुझे घूरते देखा तो मेरी नजर का पीछा किया और तुरंत hi अपना पल्लू सही कर के बोली....
Rashmi(muskura कर)- अभी nhi....matlab घर में ढूढ़ नहीं hai...kuch और बोलिये...
Main(rashmi को देखते हुए)- तो फिर गुलाबी sharbat....milega क्या...
Rashmi(sharma कर)- मैं ब्लैक कॉफी लती हु...
रश्मि शर्मा कर किचेन में आ गई और मन hi मन मेरी बातों को सोच कर बड़बड़ाने लगी...
Rashmi(man में)- गोलू जी भी na...bade फ़ास्ट hai....rashmi जी से rashmi...aap से tum...fir सदी सेलेक्ट ki...aur aaj....mere dhoodh...hey maa....gulabi sharbat...sab समझती हु mai...par मैं भी बड़ी होसियार hu..haaa...
रश्मि ने कॉफी मुझे दी और खुद मेरे सामने राज के बाजु में बैठ गई और उसका सर सहलाने lagi...ab बीएड पर राज के एक बाजु मैं था और दूसरे बाजु रश्मि...
रश्मि- राज का सर थोड़ा ठंडा हुआ hai...lagta है दवाई असर कर रही है...
Main(raj के सर पर हाथ रख कर)- hmm...pahle से ठीक है अब तो...
तभी मैंने हाथ सरका कर रश्मि के हाथ पर रख दिया...
Rashmi(chounk कर)- गोलू जी...
मैं- अब तुम भी रेस्ट कर lo...kafi परेशान हुई तुम आज ...हम्म..
रश्मि- पर आप भी तो परेशान हुए न...
मैं- अरे अपनों के लिए मैं हमेशा परेशान हो सकता hu...samjhi...chalo रेस्ट कर लो...
रश्मि- अरे अभी kaise...raj के पापा आ जाय फिर करुँगी...
मैं- वैसे तुम्हारा hath...ye भी गरम लड़ रहा hai....tumhe भी बुखार तो nhi...dikhao जरा....
और मैंने जल्दी से रहस्मई के माथे ओर हाथ रख diya...rashmi तो सकपका hi gai...par मैंने हाथ नहीं हटाया....
मैं- अरे तुम्हारा माथा तो गरम hai...chalo रेस्ट कर lo...main बैठा हु यहाँ...
रश्मि- नहीं कुछ नहीं हुआ मुझे ...वो बस टेंशन में थी तो बस...
मैं- अरे ये ठीक nhi...ek काम karo...tum लेट jao...main सर दवा देता hu...accha लगेगा...
रश्मि- नहीं गोलू ji...kuch नहीं hua...aap परेशान मत हो...
Main(gusse से)- बोलै न लेट jaao...suna karo...leto जल्दी...
मेरे कहते hi रश्मि शॉकेड सी हो gai...par तुरंत hi लेट गई...
मैं रश्मि के साइड आया और उसके सिरहाने बैठ gaya....par जगह थोड़ी काम थी इसलिए मैं रश्मि का सर अपनी गॉड में रख कर बैठ गया...
रश्मि ये देख कर पूरी हैरान थी फिर भी उसने कुछ न कहा...
मैंने फिर दोनों हाथो से उसके सर की मालिस सुरु कर di...rashmi आखे बड़ी कर के मुझे देखे जा रही थी...
मैं- ऐसे क्या देख रही hu...sir दवा रहा hu...bas...
Rashmi(sharma कर)- कुछ नहीं...
मैं यहाँ रश्मि के सर की मालिश करने लगा और वह रश्मि के दिल में कई सवाल पैदा होने लगे....
Rashmi(man में)- ये तो सच में बहुत hi ज्यादा फ़ास्ट hai...dekho कैसे मुझ पर हुकुम चला रहा है और मेरा सर अपनी गॉड में लेकर बैठ gaya...jaise मैं इसकी बीवी हु...
पर क्या ये सब यही कर रहा hai....kya मेरी मर्ज़ी भी है इस सब me...maine कैसे किसी गैर नारद की बात मान ली और तुरंत लेट gai...maine क्यों उसे नहीं roka...kyo उसकी गॉड में अपना सर रखा....
देखा जाय तो मैं काफी टाइम से उसकी बात मान रही hu...uske मन की साड़ी pahanna...usko साड़ी दिखने के लिए सज कर आना...
आज उसकी गॉड में सर rakhna...uske कहते hi लेट jana...uske साथ मूवी dekhna...uski चूसने वाली बात का जवाब dena...aur वो भी कैसा जवाब दिया रहा मैंने की मुझे चूसने वाली पसंद hai...hey माँ....
क्या हो रहा है रश्मि तुम्हे ....क्या तू गोलू जी को पसंद करने lagi...agar नहीं तो क्यों उनकी हर बात मानती hai...kyo उनके लिए मिल्कशेके बनाया tha...kyo उनके मुँह से अपनी तारीफ सुन्ना चाहती hai...aur जब वो तारीफ नहीं करते तो गुस्सा क्यों hui...aur उस दिन to...hey भगवन....
आखिर ये सब हो क्या रहा है तेरे sath...aaj तो हद hi हो gai....wo मेरे hi बूब्स देख कर ढूढ़ मांग रहे थे पिने ko...aur होंठो को देख कर गुलाबी sharbat...fir भी तू गुस्सा नहीं हुई उल्टा शर्मा gai...ye सब क्या है...
क्यों तू उसका साथ पसंद करती hai...kyo साम को उनके आने का इंतज़ार करती hai...kyo...kya तुझे उनसे pyaar...nhi..nhi....
मैं शादीसुदा hu...ek बेटे की maa...to मैं क्यों किसी से प्यार karu...mera पति है na...bas वो थोड़ा बिजी रहते hai...saayad isliye...par ये सही है kya...pata nhi....par ये अच्छा लगता hai...golu जी साथ होते है तो दिल खुश रहता है...
यही सब सोचते हुए रश्मि की आँखे बंद हो gai...uske चेहरे पर अजीब सा सुकून tha....use मेरे हाथो की गर्मी अच्छी लग रही thi...aur उसकी साँसे तेज हो चली थी....
रश्मि की साँसों के साथ hi उसका सीना uper-neeche हो रहा tha...aur उसके हिलते हुए बूब्स मेरे लुंड की गर्मी बड़ा रहे थे..,
ऊपर से बूब्स के बीच की गहराई भी थोड़ी बहुत नजर आने लगी थी क्योकि रश्मि का पल्लू थोड़ा सरक चूका था....
हम दोनों hi अपने आप में खोये इस खूबसूरत पल का आनंद ले रहे the...par तभी रश्मि का फोन बज उठा तो सारा मज़ा खराब हो गया....
रश्मि तो जैसे सुनहरे सपने से जाग गई और उसने गुस्से से फोन uthaya...par बात सुनते hi वो haa-haa बोलने लगी और फोन कट हो गया....
फोन के बाद रश्मि का चेहरा थोड़ा मुरझा सा गया था....
मैं- क्या हुआ rashmi...kiska फोन था...
Rashmi(mayoos हो कर)- वो राज के पापा ka...wo ऑफिस से निकल रहे hai...unka फोन डिस्चार्ज था तो ऑफिस से hi कॉल कर दिया...
मैं- ohh....theek है तो मैं अब चलता हु...
रश्मि- hhmm....waise आपका फिर से thanks....aap न होते तो पता नहीं मैं क्या करती...
मैं- अरे तुम मुझे थैंक्स कहते अच्छी नहीं lagti...are हक़ है तुम्हारा...
रश्मि- kya....haq...kaise...
मैं- बस wo...frnd...ha फ्रंड का हक़ होता hai....chalo अब चलता hu...aur तुम रेस्ट करो ok...waise पहले से फ्रेश दिख रही ho...bye...
रश्मि- bye..(man में) आपके हाथो की मालिस ने सच में मन और सरीर दोनों को फ्रेश कर diya...kuch तो बात है आपके andar...chalo सुकून तो फोन ले uda...ab पतिदेव का इंतज़ार करती hu...hmm...
यहाँ रश्मि अपने पति का वेट करने लगी और वह मैं खाने के बाद सन्नो की चुदाई की तयारी में था...
Sanno(room में आ कर)- saab...kya सोच रहे है...
मैं- कुछ nhi...waise भी ये टाइम सोचने का nhi...balki लुंड की कसरत करने का है...
Sanno(muskura कर)- तो फिर इंतज़ार किसका hai...kasrat का सामान हाजिर है साब...
ये बोल कर सन्नो ने अपने जिश्म पर पहना हुआ गौण निकाल diya...aur पूरी नंगी हो गई...
Main(muskura कर)- hmm...isiliye तो तुझे ये गौण ले कर दिया ताकि तुझे नंगा होने में टाइम न lage...chal aaja...ab कसरत करते है...
सन्नो मेरे पास आई और मेरे शार्ट से लुंड को आज़ाद किया और फिर अपनी जीभ फिरते हुए लुंड गीला करने लगी...
सन्नो- sssrrrruuuuuuppppp.....aaahhh...mere sartaj....kitna बेचैन करता है ये mujhe...sssrrrruuuppppp.....
मैं- अरे मेरी jaan...teri बेचैनी मिटने के लिए ये हमेशा तैयार रहता hai...bas तू इसे थोड़ा प्यार कर फिर देख ये तेरे हर अंग की बेचैनी मिटा देगा....
सन्नो- aahh...ha मेरे malik...mera हर अंग इसकी मार खा कर इसका सुक्रिया ऐडा करता hai...aur हमेशा karega...sssrrrruuuuupppppppp....sssrrruuupppp...
मैं- haayyy...tu ऐसे hi प्यार कर ise...fir देख इसका जलवा....
सन्नो- sssrrruuupppp....ha मेरे malik....uuuummmmmmmhhhhh.....
लुंड जैसे hi टनटनाया तो वैसे hi सन्नो ने बड़े प्यार से लुंड को पूरा मुँह में धूस लिया....
मैं- uuuffffff...teri ऐसी hi अदाए तो मुझे पागल कर जाती hai....aaahhh....bahut खूब....
Sanno-uuuuummmmmm......uuuummmmmmm....uuuummmmmmmmm.....uuuummmmmm....
मैं- शाबास मेरी randi...ab जगा अपने अंदर की रंडी ko....dikha...
Sanno(teji से लुंड चूसते हुए)- uummm....uuummm....uuummm....uuuummmmm.....uuummmmm...
मैं- aahh....bahut खूब मेरी raand....aur tej.....dikha दे की तू रंडी की भी अम्मा hai...chhoossss....aaaahhhh....
सन्नो ने फिर लुंड को मुँह से निकला और तेजी से पूरा गले में उतार liya...aisa करते हुए वो लुंड बराबर चूसे जा रही थी...
सन्नो- uuuuuuuuu..aahhh...uuummmmmm....aaahhhh...uuummmmmm...
मैं- आ ha....karti रह ...जोर से....
Sanno(teji से)- gggllluuuuppppp...ggggllluuuppppp....gggllluuuppppp....gggllluuuupppp....
मैं- yeess....aaahh....bas...ruk....meri randi......ab तेरे बाकि बचे छेदों की बारी है....
इतना बोलते hi सन्नो ने लुंड को बाहर निकाल दिया और मैंने अपने शार्ट को पैरों से निकाल कर दूर फेक दिया...
मैं- आजा मेरी rakhel...ab तेरी धज्जियाँ उडाता हु...
सन्नो- malik...sanno आपकी hai....chahe तो पूरी धज्जियाँ उदा दो......
मैं- फिर आजा...
मैंने सन्नो उल्टा लिटाया और उसकी जाँघे फैला कर लुंड को उसकी छूट में पेल diya...aadha लुंड उसकी छूट को चीयर कर घुस गया....
सन्नो- malik....aaahhhh...
मैंने बिना रुके दूसरा धक्का मारा और लुंड को छूट की जड़ में दास दिया....
सन्नो- आआआहहहहहहह......
मैं- चीख क्यों रही है कुटिया.... अब मज़े hi मज़े है ....
सन्नो- aaahhh...kutiya चीखे तभी मालिक खुश होगा na...maaro malik...kutiya...aaaiiiiiiiii.....
सन्नो की बात ख़त्म hi नहीं हो पाई थी और मैंने उसकी गांड पर जोरदार तमाचा जड़ दिया....
मैं- hahaha...aaj तो कुटिया की rula-rula कर लगा....
सन्नो- aaahh...aaahhh....jaisa मालिक kahe...kutiya हाज़िर hai...aaaiiiiiii...mmaarroooo...
मैंने एक के बाद एक थप्पड़ जड़ना सुरु कर दिया...
सन्नो की छूट में लुंड धसा हुआ था और उसकी गांड पर थप्पड़ बरस रहे the...sanno तो दर्द से तड़फड़ा रही thi...par मैं रुकने वाला नहीं था....
मैं- आज तो तुझे उधेड़ दुगा kutiya...ye ले...
और मैंने लुंड को पूरा निकल कर एक साथ छूट में दास दिया...
सन्नो- आआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह....
मैंने सन्नो की जाँघे आपस में जितना हो सकीय चिपका दी और टाइट हो चुकी में धक्के मारने लगा...
सन्नो- aaaiiiii...aaaahhh....mmmaaa....ooohhh....aaaahhhhhhh....
मैं ऐसे hi सन्नो को छोड़ता रहा जब तक की उसकी छूट बाह नहीं गई...
सन्नो के झड़ते hi मैंने लुंड निकला और सन्नो को कुटिया बना कर उसके ऊपर चढ़ गया और उसकी गांड में एक साथ पूरा लुंड पेल दिया....
सन्नो- aaaaaiiiiiiii....malik....aaaahh....aaaahhhhhhh....
मैं- क्यों kutiya...gaand फटी न....
सन्नो- aaaaahhhh.....malik.....haaa...mmaaarrrooo....
मैं- yesss....teri गांड का भारत बनता hu....kya कासी हुई है saali...ye ले...
Sanno-aaahhh....ha malik....faad do...uuuummmmm....aaaahhhhhhh......
मैं- है kutiya...ye le...ye le....yyyeeeeeeee....
मैं ताबड़तोड़ तरीके से सन्नो की गांड मरे जा रहा था और सन्नो भी चिल्लाते हुए अपनी गांड उचका रही thi...room में बस thap-thap की आवाज़े सुनाई दे रही थी....
सन्नो- aashhh...aashhh...aaa...aaahhh...mmarooo....teeejjjj.....
मैं- है ये le....yessss.....ye le.....ye ले....
सन्नो- मेरी choot...aaahhhh....fir se....aaahhh....gai malik...aaaahhhhhh....
सन्नो की छूट इस जोरदार गांड चुदाई से फिर से झड़ने lagi....aur झड़ते hi उसका सर बीएड पर झुक गया....
मैं- थक गई कुटिया,..
सन्नो- नहीं malik...kutiya की रास्त भर bhi...aaahhh...bajao तो भी nhi...aahh...thakegi....
मैंने फिर अपने लुंड को बाहर निकाल लिया और सन्नो को पलटा कर उसके कंधो के दोनों तरफ पेअर रख कर उसके मुँह में लुंड पेल दिया....
मैं- अब इस छेद को भी जी भर कर छोड़ lu....le kutiya...ab तेरे मुँह की धज्जियाँ उड़ेगी...
सन्नो- kkhhuuummm....kkkhhhuuuummmm....ssssssrrrrrrllllppppp....ssssrrrllllppppp.....kkkhhhhhmmmm.....
मैं- आ ha...tera मुँह है na...kisi छूट से काम nhi...aaahhhh....ise छोड़ने से दिल नहीं bharta...bas मारे jao...jao...
सन्नो- ggghhhhuuuuppppp....ggghhhuuuupppp...ggghhhuuuupppppp....ggghhhuuupppppp...
सन्नो के मुँह में सटासट लुंड जा रहा था और उसके गले में ठोकरे मार रहा tha...saanno की साँसे तो लुंड की वजह से गले में hi देव गई थी....
सन्नो- kkhhhuuummm...kkhhuummm...kkhhuummm...kkhhuummm...
सन्नो के मुँह दर्द देने लगा पर मैं dana-dan धक्के पेलता raha...aur फिर मुँह में झड़ने लगा...
मैं- yyeeessss...ye ले kutiya...malik का पानी pi...aaaahhh...aahhh...aaahhh....
और मैंने जोरदार पिचकारियां मर कर पूरा लुन्द्रास सन्नो के गले में उतार दिया और रुक गया....
मेरे रुकरे hi सन्नो ने अच्छी रखेल की तरह मेरा लुंड चूस कर साफ़ कर दिया और फिर मैं बाथरूम चला गया....
थोड़ी देर बाद हम दोनों लेट gaye...main बीएड पर और सन्नो neeche...aur मैं रश्मि के साथ हुई मुलाक़ात को सोचते हुए सोने लगा....
मैं रश्मि का सोच कर सो रहा था और मेरा लुंड रश्मि की याद में बड़ा हो रहा था...
दूसरी तरफ पंकज के बाजु में लेती रीमा बड़े गुस्से में thi...aaj फिर उसका पति लुंड को छूट में हिला कर सो gaya...aur रीमा फिर मन मार के रह gai....reema के मन में बड़ी uthal-puthal चल रही थी...
Reema(man में)- ये तो फिर सो gaye..meri तो कोई परवाह hi nhi...kabhi सोचते भी मेरे बारे me...ki बीवी को सिर्फ पति का साथ नहीं चाहिए hota...aur न सिर्फ paise-kapde...
बीवी के जिश्म की भी कुछ जरूरत होती hai...uski भी सेक्स लाइफ होती hai...par नहीं...
बस खुद का छोटा सा लुंड छूट में डाला और पानी निकाल कर सो gaya...par ये नहीं सोवहता कभी ये बीवी की छूट को ठीक से खोल भी नहीं पाया...
कितनी बार कहा की टेस्ट करा lo...saayad दवाइयों से अच्छा हो jaay...par nhi...isme मर्दानगी काम होती है...
और मेरा kya..main क्या karu...agar कोई दूसरा खाने लगी तो मर्दानगी के साथ इज़्ज़त भी jaygi...wo तो मैं हु जो सह लेती हु.....
अरे और कोई होती तो कबका कइयों के लुंड खा jati....seema को hi dekho...kaise उस मर्द का तगड़ा लुंड खाया usne...kya लुंड था wo...choot के परखच्चे उदा दिए....
काश मेरे नसीब में hi ऐसा कुछ होता to...haay....
Reema(apni छूट में ऊगली दाल कर)- खास इस ऊँगली की जगह वो लुंड मेरी छूट में जाता और मेरी छूट को फाड़ de...aahhhh...
अरे लुंड तो उसका bhi...haa...pankaj के बॉस का भी कितना मस्त है na...bilkul उस मर्द की तरह जिसने सीमा को ठोका था...
मैं तो देख कर hi पागल हो गई thi...sote हुए भी कितना बड़ा tha...chudaai के टाइम तो इससे भी बड़ा होगा...
क्या आज bhi...nhi..nhi....ye गलत है....
Reema(kuch देर बाद)- aaaahhhhh....haa...meri छूट तो उस लुंड का सोच के hi झाड़ gai.....ek बार देख लू क्या....
क्या वो सो गया hoga....chupke से देख hi तो रही hu...par कोई देख न ले...
चलो छज्जे पर जाती hu...koi नहीं दिखा तो देखूँगी की सोया है की nhi...bas एक बार देख कर आती hu...main छोड़ने थोड़ी जा रही hu...bas देख रही hu...isme क्या बुराई है...
और फिर रीमा ने निघ्त्य पहनी और पंकज को देख कर चुपके से छज्जे पर आ गई....
मेरे रूम में आज डिम लाइट thi...isliye दूर से साफ़ नहीं दिख रहा था...
रीमा ने चारो तरफ देखा और फिर dheere-dheere मेरे रूम की खिड़की पर आँख गदा ली....
और रूम के अंदर का नजारा देख कर रीमा का मुँह खुला रह gaya...aur उसकी धड़कने बाद गई....