Shikari- Dusron ki biwiyon ka - Page 4 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Shikari- Dusron ki biwiyon ka

अपडेट - 25

मैंने बाहर आ कर देखा तो बाकि बच्चे खेल रहे थे पर राज नहीं tha...fir मैंने उसकी घर की तरफ देखा तो घर पर टाला भी नहीं था....

Main(man में)- घर भी बंद नहीं मतलब बहार तो नहीं gaya...fir आया क्यों nhi....kahi रश्मि ने मन तो नहीं kiya....nhi वो क्यों मन karegi....koi ऐसी बात hi नहीं hui...chalo चल कर देखता हु की बात है क्या...

मैंने गेट नॉक किया तो गेट खुलते hi रश्मि मेरे सामने आ gai....jo थोड़ा परेशान सी दिख रही थी....

पर तभी मेरी नजर उसके चेहरे से हैट कर उसके सीने पर padi...to उसकी चूचियां देख कर मेरे अरमान जागने lage....itni मस्त chuchiya...pallu से ढकी थी फिर भी बिजली गिरा रही thi....jab खुल कर सामबे आएगी तब क्या हाल करेगी...

रश्मि- aap...aaiye अंदर आइये...

Main(sambhalte हुए)- अरे मैं wo...wo राज नहीं आया आज खेलने...

Rashmi(paresaani में)- राज बीमार hai....use बहुत तेज बुखार है....

मैं- kya...to उसे डॉक्टर के पास ले जाना tha...kaha है वो...

मैं रश्मि के साथ अंदर गया और राज को छू कर dekha....to मेरे होश hi उड़ gaye....uska बदन तो कुछ ज्यादा hi गरम था....

मैं- अरे इसको तो बहुत तेज बुखार है...

रश्मि- देखिये na...kabse मैं गीली पत्तिया लगा रही हु माथे पर पर कोई असर hi नहीं हो रहा...

मैं- तुम पागल हो kya...aisi हालत में खुद डॉक्टर नहीं बनना chahiye..seedha डॉक्टर के पास ले जाना था न...

Rashmi(ruaashi हो कर)- मैंने राज के पापा को कॉल किया tha...par उनका फोन बंद आ रहा hai...aur मैं अकेली thi...pata hi नहीं की डॉक्टर कहा है aas-paas...

मैं- अरे तो मुझे बता deti...main नहीं ले जाता kya...jab मूवी ले जा सकता हु तो डॉक्टर के पास नहीं जाउगा क्या...

रश्मि- अरे मैं आपको बुलाने आई थी पर आपकी नौकरानी बे बोलै की आप घर पर nhi...to मैंने सोचा की तब तक गीली पट्टी hi लगा lu...thoda चैन मिलेगा मेरे बकव्हे को....

Main(man में)- अरे मैंने सन्नो से क्यों बोलै की कोई भी आय तो बोल देना की मैं नहीं hu...taki मैं सो सकू...

रश्मि- आप जानते है किसी डॉक्टर को....

मैं- are...tum रेडी हो jao...main कार निकलता hu....abhi चलते hai...main आता हु...

इतना बोल कर मैं घर आया और पुरष ले जार कार निकाल ली और फिर राज को लेकर रश्मि के साथ डॉक्टर के यहाँ पहुंचे...

वह हमने इलाज करवाया और बापिस रश्मि के घर पहुंच गए....

Rashmi(raj को लिटा कर)- थैंक यू...

मैं- अरे इसमें थैंक्स kaisa....ye तो मेरा फ़र्ज़ था....

रश्मि- जिसका फ़र्ज़ था उसका तो कुछ पता hi nhi...uske बदले आपको ये फ़र्ज़ निभाना पड़ा....

मैं- तो क्या hua...time आने पर मैं उसके सारे फ़र्ज़ निभा लगा...

Rashmi(aankhe दिखा कर)- क्या कहा...

Main(muskura kar)-are तुम भी कहा फ़र्ज़ में फांसी ho...mudde की बात ये है की अपने फ्रंड की मुसीबत में हेल्प करना चाहिए bas...dekho सब ठीक हो गया na...aur राज जल्दी hi पहले की तरह हो jayga...dont वोर्री...

Rashmi-hhmmm....frnd का बुरे वक़्त में साथ दे वही सच्चा फ्रंड होता है...

मैं- ok अब ये सब भूल jaiye...kuch पिने का मन hai...pilaygi...

रश्मि- ohk....kya पियेंगे आप...

Main(rashmi के बूब्स देख कर)- वैसे मन तो है ki......dhoodh....par...huh..

रश्मि ने जब मुझे घूरते देखा तो मेरी नजर का पीछा किया और तुरंत hi अपना पल्लू सही कर के बोली....

Rashmi(muskura कर)- अभी nhi....matlab घर में ढूढ़ नहीं hai...kuch और बोलिये...

Main(rashmi को देखते हुए)- तो फिर गुलाबी sharbat....milega क्या...

Rashmi(sharma कर)- मैं ब्लैक कॉफी लती हु...

रश्मि शर्मा कर किचेन में आ गई और मन hi मन मेरी बातों को सोच कर बड़बड़ाने लगी...

Rashmi(man में)- गोलू जी भी na...bade फ़ास्ट hai....rashmi जी से rashmi...aap से tum...fir सदी सेलेक्ट ki...aur aaj....mere dhoodh...hey maa....gulabi sharbat...sab समझती हु mai...par मैं भी बड़ी होसियार hu..haaa...

रश्मि ने कॉफी मुझे दी और खुद मेरे सामने राज के बाजु में बैठ गई और उसका सर सहलाने lagi...ab बीएड पर राज के एक बाजु मैं था और दूसरे बाजु रश्मि...

रश्मि- राज का सर थोड़ा ठंडा हुआ hai...lagta है दवाई असर कर रही है...

Main(raj के सर पर हाथ रख कर)- hmm...pahle से ठीक है अब तो...

तभी मैंने हाथ सरका कर रश्मि के हाथ पर रख दिया...

Rashmi(chounk कर)- गोलू जी...

मैं- अब तुम भी रेस्ट कर lo...kafi परेशान हुई तुम आज ...हम्म..

रश्मि- पर आप भी तो परेशान हुए न...

मैं- अरे अपनों के लिए मैं हमेशा परेशान हो सकता hu...samjhi...chalo रेस्ट कर लो...

रश्मि- अरे अभी kaise...raj के पापा आ जाय फिर करुँगी...

मैं- वैसे तुम्हारा hath...ye भी गरम लड़ रहा hai....tumhe भी बुखार तो nhi...dikhao जरा....

और मैंने जल्दी से रहस्मई के माथे ओर हाथ रख diya...rashmi तो सकपका hi gai...par मैंने हाथ नहीं हटाया....

मैं- अरे तुम्हारा माथा तो गरम hai...chalo रेस्ट कर lo...main बैठा हु यहाँ...

रश्मि- नहीं कुछ नहीं हुआ मुझे ...वो बस टेंशन में थी तो बस...

मैं- अरे ये ठीक nhi...ek काम karo...tum लेट jao...main सर दवा देता hu...accha लगेगा...

रश्मि- नहीं गोलू ji...kuch नहीं hua...aap परेशान मत हो...

Main(gusse से)- बोलै न लेट jaao...suna karo...leto जल्दी...

मेरे कहते hi रश्मि शॉकेड सी हो gai...par तुरंत hi लेट गई...

मैं रश्मि के साइड आया और उसके सिरहाने बैठ gaya....par जगह थोड़ी काम थी इसलिए मैं रश्मि का सर अपनी गॉड में रख कर बैठ गया...

रश्मि ये देख कर पूरी हैरान थी फिर भी उसने कुछ न कहा...

मैंने फिर दोनों हाथो से उसके सर की मालिस सुरु कर di...rashmi आखे बड़ी कर के मुझे देखे जा रही थी...

मैं- ऐसे क्या देख रही hu...sir दवा रहा hu...bas...

Rashmi(sharma कर)- कुछ नहीं...

मैं यहाँ रश्मि के सर की मालिश करने लगा और वह रश्मि के दिल में कई सवाल पैदा होने लगे....

Rashmi(man में)- ये तो सच में बहुत hi ज्यादा फ़ास्ट hai...dekho कैसे मुझ पर हुकुम चला रहा है और मेरा सर अपनी गॉड में लेकर बैठ gaya...jaise मैं इसकी बीवी हु...

पर क्या ये सब यही कर रहा hai....kya मेरी मर्ज़ी भी है इस सब me...maine कैसे किसी गैर नारद की बात मान ली और तुरंत लेट gai...maine क्यों उसे नहीं roka...kyo उसकी गॉड में अपना सर रखा....

देखा जाय तो मैं काफी टाइम से उसकी बात मान रही hu...uske मन की साड़ी pahanna...usko साड़ी दिखने के लिए सज कर आना...

आज उसकी गॉड में सर rakhna...uske कहते hi लेट jana...uske साथ मूवी dekhna...uski चूसने वाली बात का जवाब dena...aur वो भी कैसा जवाब दिया रहा मैंने की मुझे चूसने वाली पसंद hai...hey माँ....

क्या हो रहा है रश्मि तुम्हे ....क्या तू गोलू जी को पसंद करने lagi...agar नहीं तो क्यों उनकी हर बात मानती hai...kyo उनके लिए मिल्कशेके बनाया tha...kyo उनके मुँह से अपनी तारीफ सुन्ना चाहती hai...aur जब वो तारीफ नहीं करते तो गुस्सा क्यों hui...aur उस दिन to...hey भगवन....

आखिर ये सब हो क्या रहा है तेरे sath...aaj तो हद hi हो gai....wo मेरे hi बूब्स देख कर ढूढ़ मांग रहे थे पिने ko...aur होंठो को देख कर गुलाबी sharbat...fir भी तू गुस्सा नहीं हुई उल्टा शर्मा gai...ye सब क्या है...

क्यों तू उसका साथ पसंद करती hai...kyo साम को उनके आने का इंतज़ार करती hai...kyo...kya तुझे उनसे pyaar...nhi..nhi....

मैं शादीसुदा hu...ek बेटे की maa...to मैं क्यों किसी से प्यार karu...mera पति है na...bas वो थोड़ा बिजी रहते hai...saayad isliye...par ये सही है kya...pata nhi....par ये अच्छा लगता hai...golu जी साथ होते है तो दिल खुश रहता है...

यही सब सोचते हुए रश्मि की आँखे बंद हो gai...uske चेहरे पर अजीब सा सुकून tha....use मेरे हाथो की गर्मी अच्छी लग रही thi...aur उसकी साँसे तेज हो चली थी....

रश्मि की साँसों के साथ hi उसका सीना uper-neeche हो रहा tha...aur उसके हिलते हुए बूब्स मेरे लुंड की गर्मी बड़ा रहे थे..,

ऊपर से बूब्स के बीच की गहराई भी थोड़ी बहुत नजर आने लगी थी क्योकि रश्मि का पल्लू थोड़ा सरक चूका था....

हम दोनों hi अपने आप में खोये इस खूबसूरत पल का आनंद ले रहे the...par तभी रश्मि का फोन बज उठा तो सारा मज़ा खराब हो गया....

रश्मि तो जैसे सुनहरे सपने से जाग गई और उसने गुस्से से फोन uthaya...par बात सुनते hi वो haa-haa बोलने लगी और फोन कट हो गया....

फोन के बाद रश्मि का चेहरा थोड़ा मुरझा सा गया था....

मैं- क्या हुआ rashmi...kiska फोन था...

Rashmi(mayoos हो कर)- वो राज के पापा ka...wo ऑफिस से निकल रहे hai...unka फोन डिस्चार्ज था तो ऑफिस से hi कॉल कर दिया...

मैं- ohh....theek है तो मैं अब चलता हु...

रश्मि- hhmm....waise आपका फिर से thanks....aap न होते तो पता नहीं मैं क्या करती...

मैं- अरे तुम मुझे थैंक्स कहते अच्छी नहीं lagti...are हक़ है तुम्हारा...

रश्मि- kya....haq...kaise...

मैं- बस wo...frnd...ha फ्रंड का हक़ होता hai....chalo अब चलता hu...aur तुम रेस्ट करो ok...waise पहले से फ्रेश दिख रही ho...bye...

रश्मि- bye..(man में) आपके हाथो की मालिस ने सच में मन और सरीर दोनों को फ्रेश कर diya...kuch तो बात है आपके andar...chalo सुकून तो फोन ले uda...ab पतिदेव का इंतज़ार करती hu...hmm...

यहाँ रश्मि अपने पति का वेट करने लगी और वह मैं खाने के बाद सन्नो की चुदाई की तयारी में था...

Sanno(room में आ कर)- saab...kya सोच रहे है...

मैं- कुछ nhi...waise भी ये टाइम सोचने का nhi...balki लुंड की कसरत करने का है...

Sanno(muskura कर)- तो फिर इंतज़ार किसका hai...kasrat का सामान हाजिर है साब...

ये बोल कर सन्नो ने अपने जिश्म पर पहना हुआ गौण निकाल diya...aur पूरी नंगी हो गई...

Main(muskura कर)- hmm...isiliye तो तुझे ये गौण ले कर दिया ताकि तुझे नंगा होने में टाइम न lage...chal aaja...ab कसरत करते है...

सन्नो मेरे पास आई और मेरे शार्ट से लुंड को आज़ाद किया और फिर अपनी जीभ फिरते हुए लुंड गीला करने लगी...

सन्नो- sssrrrruuuuuuppppp.....aaahhh...mere sartaj....kitna बेचैन करता है ये mujhe...sssrrrruuuppppp.....

मैं- अरे मेरी jaan...teri बेचैनी मिटने के लिए ये हमेशा तैयार रहता hai...bas तू इसे थोड़ा प्यार कर फिर देख ये तेरे हर अंग की बेचैनी मिटा देगा....

सन्नो- aahh...ha मेरे malik...mera हर अंग इसकी मार खा कर इसका सुक्रिया ऐडा करता hai...aur हमेशा karega...sssrrrruuuuupppppppp....sssrrruuupppp...

मैं- haayyy...tu ऐसे hi प्यार कर ise...fir देख इसका जलवा....

सन्नो- sssrrruuupppp....ha मेरे malik....uuuummmmmmmhhhhh.....

लुंड जैसे hi टनटनाया तो वैसे hi सन्नो ने बड़े प्यार से लुंड को पूरा मुँह में धूस लिया....

मैं- uuuffffff...teri ऐसी hi अदाए तो मुझे पागल कर जाती hai....aaahhh....bahut खूब....

Sanno-uuuuummmmmm......uuuummmmmmm....uuuummmmmmmmm.....uuuummmmmm....

मैं- शाबास मेरी randi...ab जगा अपने अंदर की रंडी ko....dikha...

Sanno(teji से लुंड चूसते हुए)- uummm....uuummm....uuummm....uuuummmmm.....uuummmmm...

मैं- aahh....bahut खूब मेरी raand....aur tej.....dikha दे की तू रंडी की भी अम्मा hai...chhoossss....aaaahhhh....

सन्नो ने फिर लुंड को मुँह से निकला और तेजी से पूरा गले में उतार liya...aisa करते हुए वो लुंड बराबर चूसे जा रही थी...

सन्नो- uuuuuuuuu..aahhh...uuummmmmm....aaahhhh...uuummmmmm...

मैं- आ ha....karti रह ...जोर से....

Sanno(teji से)- gggllluuuuppppp...ggggllluuuppppp....gggllluuuppppp....gggllluuuupppp....

मैं- yeess....aaahh....bas...ruk....meri randi......ab तेरे बाकि बचे छेदों की बारी है....

इतना बोलते hi सन्नो ने लुंड को बाहर निकाल दिया और मैंने अपने शार्ट को पैरों से निकाल कर दूर फेक दिया...

मैं- आजा मेरी rakhel...ab तेरी धज्जियाँ उडाता हु...

सन्नो- malik...sanno आपकी hai....chahe तो पूरी धज्जियाँ उदा दो......

मैं- फिर आजा...

मैंने सन्नो उल्टा लिटाया और उसकी जाँघे फैला कर लुंड को उसकी छूट में पेल diya...aadha लुंड उसकी छूट को चीयर कर घुस गया....

सन्नो- malik....aaahhhh...

मैंने बिना रुके दूसरा धक्का मारा और लुंड को छूट की जड़ में दास दिया....

सन्नो- आआआहहहहहहह......

मैं- चीख क्यों रही है कुटिया.... अब मज़े hi मज़े है ....

सन्नो- aaahhh...kutiya चीखे तभी मालिक खुश होगा na...maaro malik...kutiya...aaaiiiiiiiii.....

सन्नो की बात ख़त्म hi नहीं हो पाई थी और मैंने उसकी गांड पर जोरदार तमाचा जड़ दिया....

मैं- hahaha...aaj तो कुटिया की rula-rula कर लगा....

सन्नो- aaahh...aaahhh....jaisa मालिक kahe...kutiya हाज़िर hai...aaaiiiiiii...mmaarroooo...

मैंने एक के बाद एक थप्पड़ जड़ना सुरु कर दिया...

सन्नो की छूट में लुंड धसा हुआ था और उसकी गांड पर थप्पड़ बरस रहे the...sanno तो दर्द से तड़फड़ा रही thi...par मैं रुकने वाला नहीं था....

मैं- आज तो तुझे उधेड़ दुगा kutiya...ye ले...

और मैंने लुंड को पूरा निकल कर एक साथ छूट में दास दिया...

सन्नो- आआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह....

मैंने सन्नो की जाँघे आपस में जितना हो सकीय चिपका दी और टाइट हो चुकी में धक्के मारने लगा...

सन्नो- aaaiiiii...aaaahhh....mmmaaa....ooohhh....aaaahhhhhhh....

मैं ऐसे hi सन्नो को छोड़ता रहा जब तक की उसकी छूट बाह नहीं गई...

सन्नो के झड़ते hi मैंने लुंड निकला और सन्नो को कुटिया बना कर उसके ऊपर चढ़ गया और उसकी गांड में एक साथ पूरा लुंड पेल दिया....

सन्नो- aaaaaiiiiiiii....malik....aaaahh....aaaahhhhhhh....

मैं- क्यों kutiya...gaand फटी न....

सन्नो- aaaaahhhh.....malik.....haaa...mmaaarrrooo....

मैं- yesss....teri गांड का भारत बनता hu....kya कासी हुई है saali...ye ले...

Sanno-aaahhh....ha malik....faad do...uuuummmmm....aaaahhhhhhh......

मैं- है kutiya...ye le...ye le....yyyeeeeeeee....

मैं ताबड़तोड़ तरीके से सन्नो की गांड मरे जा रहा था और सन्नो भी चिल्लाते हुए अपनी गांड उचका रही thi...room में बस thap-thap की आवाज़े सुनाई दे रही थी....

सन्नो- aashhh...aashhh...aaa...aaahhh...mmarooo....teeejjjj.....

मैं- है ये le....yessss.....ye le.....ye ले....

सन्नो- मेरी choot...aaahhhh....fir se....aaahhh....gai malik...aaaahhhhhh....

सन्नो की छूट इस जोरदार गांड चुदाई से फिर से झड़ने lagi....aur झड़ते hi उसका सर बीएड पर झुक गया....

मैं- थक गई कुटिया,..

सन्नो- नहीं malik...kutiya की रास्त भर bhi...aaahhh...bajao तो भी nhi...aahh...thakegi....

मैंने फिर अपने लुंड को बाहर निकाल लिया और सन्नो को पलटा कर उसके कंधो के दोनों तरफ पेअर रख कर उसके मुँह में लुंड पेल दिया....

मैं- अब इस छेद को भी जी भर कर छोड़ lu....le kutiya...ab तेरे मुँह की धज्जियाँ उड़ेगी...

सन्नो- kkhhuuummm....kkkhhhuuuummmm....ssssssrrrrrrllllppppp....ssssrrrllllppppp.....kkkhhhhhmmmm.....

मैं- आ ha...tera मुँह है na...kisi छूट से काम nhi...aaahhhh....ise छोड़ने से दिल नहीं bharta...bas मारे jao...jao...

सन्नो- ggghhhhuuuuppppp....ggghhhuuuupppp...ggghhhuuuupppppp....ggghhhuuupppppp...

सन्नो के मुँह में सटासट लुंड जा रहा था और उसके गले में ठोकरे मार रहा tha...saanno की साँसे तो लुंड की वजह से गले में hi देव गई थी....

सन्नो- kkhhhuuummm...kkhhuummm...kkhhuummm...kkhhuummm...

सन्नो के मुँह दर्द देने लगा पर मैं dana-dan धक्के पेलता raha...aur फिर मुँह में झड़ने लगा...

मैं- yyeeessss...ye ले kutiya...malik का पानी pi...aaaahhh...aahhh...aaahhh....

और मैंने जोरदार पिचकारियां मर कर पूरा लुन्द्रास सन्नो के गले में उतार दिया और रुक गया....

मेरे रुकरे hi सन्नो ने अच्छी रखेल की तरह मेरा लुंड चूस कर साफ़ कर दिया और फिर मैं बाथरूम चला गया....

थोड़ी देर बाद हम दोनों लेट gaye...main बीएड पर और सन्नो neeche...aur मैं रश्मि के साथ हुई मुलाक़ात को सोचते हुए सोने लगा....

मैं रश्मि का सोच कर सो रहा था और मेरा लुंड रश्मि की याद में बड़ा हो रहा था...

दूसरी तरफ पंकज के बाजु में लेती रीमा बड़े गुस्से में thi...aaj फिर उसका पति लुंड को छूट में हिला कर सो gaya...aur रीमा फिर मन मार के रह gai....reema के मन में बड़ी uthal-puthal चल रही थी...

Reema(man में)- ये तो फिर सो gaye..meri तो कोई परवाह hi nhi...kabhi सोचते भी मेरे बारे me...ki बीवी को सिर्फ पति का साथ नहीं चाहिए hota...aur न सिर्फ paise-kapde...

बीवी के जिश्म की भी कुछ जरूरत होती hai...uski भी सेक्स लाइफ होती hai...par नहीं...

बस खुद का छोटा सा लुंड छूट में डाला और पानी निकाल कर सो gaya...par ये नहीं सोवहता कभी ये बीवी की छूट को ठीक से खोल भी नहीं पाया...

कितनी बार कहा की टेस्ट करा lo...saayad दवाइयों से अच्छा हो jaay...par nhi...isme मर्दानगी काम होती है...

और मेरा kya..main क्या karu...agar कोई दूसरा खाने लगी तो मर्दानगी के साथ इज़्ज़त भी jaygi...wo तो मैं हु जो सह लेती हु.....

अरे और कोई होती तो कबका कइयों के लुंड खा jati....seema को hi dekho...kaise उस मर्द का तगड़ा लुंड खाया usne...kya लुंड था wo...choot के परखच्चे उदा दिए....

काश मेरे नसीब में hi ऐसा कुछ होता to...haay....

Reema(apni छूट में ऊगली दाल कर)- खास इस ऊँगली की जगह वो लुंड मेरी छूट में जाता और मेरी छूट को फाड़ de...aahhhh...

अरे लुंड तो उसका bhi...haa...pankaj के बॉस का भी कितना मस्त है na...bilkul उस मर्द की तरह जिसने सीमा को ठोका था...

मैं तो देख कर hi पागल हो गई thi...sote हुए भी कितना बड़ा tha...chudaai के टाइम तो इससे भी बड़ा होगा...

क्या आज bhi...nhi..nhi....ye गलत है....

Reema(kuch देर बाद)- aaaahhhhh....haa...meri छूट तो उस लुंड का सोच के hi झाड़ gai.....ek बार देख लू क्या....

क्या वो सो गया hoga....chupke से देख hi तो रही hu...par कोई देख न ले...

चलो छज्जे पर जाती hu...koi नहीं दिखा तो देखूँगी की सोया है की nhi...bas एक बार देख कर आती hu...main छोड़ने थोड़ी जा रही hu...bas देख रही hu...isme क्या बुराई है...

और फिर रीमा ने निघ्त्य पहनी और पंकज को देख कर चुपके से छज्जे पर आ गई....

मेरे रूम में आज डिम लाइट thi...isliye दूर से साफ़ नहीं दिख रहा था...

रीमा ने चारो तरफ देखा और फिर dheere-dheere मेरे रूम की खिड़की पर आँख गदा ली....

और रूम के अंदर का नजारा देख कर रीमा का मुँह खुला रह gaya...aur उसकी धड़कने बाद गई....
 
:- शिकारी के शिकार :-

सिमी (पर्सनल सेक्रटरी / 2ंद बॉस ऑफ़ माय कंपनी )

सन्नो (माइड/ नौकरानी )

रश्मि (पडोसी )

सीमा ( रीमा की फ्रंड / एम्प्लोयी की वाइफ )

ज़ोया ( फार्महाउस के नौकर आरिफ की बीवी / रखेल )

तब्बू ( ज़ोया की बड़ी बेटी )

नसीमा ( ज़ोया की देवरानी )

आपसे ( नसीमा की बेटी )

सिया ( क्लाइंट )

कोमल ( एम्प्लोयी )

सबा ( पडोसी / एम्प्लोयी की वाइफ )

नेहा ( धर्मेश की बेटी / मीट इन party...siya हाउस )


सुगंधा

नूर

[ गणेश (एम्प्लोयी ) की फॅमिली ]

सुषमा ( बड़ी माँ )

आशा ( माँ )

दीपा ( चची )

चंदा ( बुआ )

पायल ( बीवी )

सुमि ( सुषमा की बड़ी बेटी )

निशु ( सुषमा की छोटी बेटी )

नीलू ( आशा की बेटी )

रीनू & सीनू ( दीपा की जुड़वाँ बेटियां )

पम्मी ( गणेश की पडोसी )

पारी ( पम्मी की बेटी )

माया ( पम्मी के भाई की बीवी )

तनु ( माया की बेटी )

सलमा ( गणेश की पडोसी )

ज़ेबा ( सलमा की ननद )

[ पंकज (एम्प्लोयी) की फॅमिली ]

रीमा - पंकज की बीवी

लता - पंकज की माँ


पूजा - पंकज की बहिन
 
अपडेट - 26

रीमा ने चारो तरफ देखा और फिर dheere-dheere मेरे रूम की खिड़की पर आँख गदा ली....

और रूम के अंदर का नजारा देख कर रीमा का मुँह खुला रह gaya...aur उसकी धड़कने बाद गई....

अब आगे......

आज मेरा लुंड फुल फॉर्म में तना हुआ tha....saayad सपने में किसी हसीना को छोड़ रहा था.....

Reema(lund देख जार)- ओह maa...aaj तो ये कल से भी बड़ा दिख रहा hai....dekho तो कैसे अंगड़ाई ले रहा hai...wah....kismat वाली होगी जो इसको छूट में लेगी....

तभी रीमा को अपने रूम से कोई आहात आई तो वो तुरंत अंदर भाग gai...aur लेट गई...

Reema(pankaj को देख कर, मन में)- मैं ऐसे नहीं जी पाउगी pankaj...par तुम्हे धोखा भी नहीं दे sakti...koi कड़ा कदम उठाना hi होगा मुझे....

और फिर रीमा मेरे लुंड को याद करते हुए सपनो में खो गई.....

अगले दिन मेरी सुबह एक नए फोन कॉल से hui...ye कॉल था गगन ka...wahi गगन जो अपनी सौतेली माँ के साथ आया था मुझसे डील करने....

( कॉल पर )

मैं- hello....

गगन- hello mr.golu...main गगन बोल रहा हु....

Main(aankh मलते हुए)- gagan...itni सुबह से कॉल क्यों kiya...sab ठीक है न...

गगन- अरे गोलू ji...subah नहीं दोपहर होने वाली hai...aankh खोल कर देखिते तो सही...

Main(baith कर)- अरे मेरी तो ये सुबह hi hai...khair chhodiye....battaiye कॉल कैसे किया....

गगन- अरे मैं बस पूछ रहा था की आपने जो कहा था na...wahi मेरे फायदे की baat...uska कुछ हुआ या नहीं....

मैं- अरे आप भी yaar...aise काम इतनी जल्दी नहीं hote...thoda सबर rakho...main करता हु न...

गगन- जनता hu...bas मैं पूछ रहा tha...socha की सायद कुछ बात बानी हो...

मैं- hmm...accha मैंने आपसे बोलै था न की मुझे कुछ डिटेल्स chahiye...wo भूल गए kya...uske बिना काम नहीं हो पाएगा...

गगन- एक्चुअली मैंने यही बताने कॉल किया था की मुझे डिटेल मिल चुकी है...

मैं- badiya...to आप जल्दी से वो मुझे दे jaiye...fir मैं आगे देखता हु...

गगन- आज...

मैं- haa..aaj hi दे दो तो बढ़िया hai...kaam जल्दी सुरु हो जायगा...

गगन- पर गोलू जी आज तो मैं बहार जा रहा hu...jaroori काम है...

मैं- कोई बात nhi...aap अपने किसी आदमी से भेज do...par यस्द रहे की वो भरोसेमंद ho...isme बड़ा रिस्क है...

गगन- मैं समझता हु गोलू ji...par यहाँ किसी पर आँख मूड कर भरोसा नहीं कर सकते...

मैं- तो फिर आप hi टाइम निकाल लो...

गगन- अरे मुझे अर्जेंट में जाना hoga....huh....yadi आप बुरा न मने तो क्या आप मेरे घर आ कर वो सब डिटेल्स ले लगे क्या...

मैं- hmm...theek hai...ab आपके लुटे इतनी म्हणत तो कर hi सकरा hu...fayda मेरा भी है na...hahaha...

Gagan(haste हुए)- ग्रेट ...तो आप आ haiye...main एड्रेस सेंड कर देता hu...aap फ्री होते hi ले jana...aur प्ल्ज़ ये काम जरा जल्दी कर dena...kahi हमारा तीसरा पार्टनर बीच में न आ जय...

मैं- अरे गगन ji...golu का प्रॉमिस hai...itni आसानी से फ़ैल नहीं hota...main फ्री हो कर आता hu...aap एड्रेस भेजो....

फिर कॉल कट हुई और गगन का मश्ग आते hi मैं फ्रेश होने चला gaya....aur रेडी हो कर निकल गया गगन के घर की तरफ...

गगन का घर कोई मामूली घर नहीं tha...balki एक बड़ा बंगलो tha...main गेट के अंदर फैला हुआ एक शानदार गार्डन और उसके beecho-beech एक शानदार बंगलो.....

इसके साथ उस बंगलो में लक्ज़री लाइफ जीने के सारे इंतज़ाम the...aur अभी भी वह पर कुछ न कुछ काम चल रहा था...

Main(man में)- अरे wah...jitna सोचा था उससे ज्यादा अमीर है ये gagan...isko तो जाल में फ़साना hi hoga....aise तगड़े मुर्गे baar-baar कहा मिलते hai....hmm...lagta है बनलौ में कुछ काम चल रहा hai...chalo देखते है की बाहर से शानदार दिखने वाला ये banlow...andar से कैसा दीखता है...

मैंने गेट पर गॉर्डस को अपना नाम बताया तो उन्होंने कॉल कर के अंदर कुछ बात की और एक गॉर्ड मुझे अंसार तक छोड़ गया....

गिर्द- सर आप यहाँ baithiye....memsab आती hi होगी...

मैं- memsaab...par गगन जी कहा है...

गॉर्ड- वो आपको मेमसाब hi bataygi...hume कोई जानकारी नहीं...

मैं- ohk...main वेट करता हु....

गॉर्ड चला गया और मैं चारो तरफ नजरें घुमा कर बंगलो का मुआयना करने लगा....

Main(man में)- saandaar....ab मैं भी ऐसा hi banwauga...kab तक साला फ्लैट में rahuga....ab बस जल्दी से वो डिटेल मिल जाय तो मैं काम पर lagu....tabhi ये गगन मेरे चंगुल में fasega....par ये मेमसाब कहा रह गई saali....waise ये कौन हो सकती hai...uski बीवी या फिर maa....dekhte है....

मैंने बोर हो रहा था इसलिए सामने टेबल पर पड़ी मागज़ीने पड़ने laga...aur उसमे इतना खो फाय की मुझे पता hi नहीं चला की कोई ऊपर ने नीचे आया और मेरे सामने hi खड़ा है...

""ूउम्महुउउ""

Main(aawaz सुनते hi सर उठा कर)- oh...sorry मैं wo....wow...

मेरे सामने एक खूबसूरत लड़की साडी पहने कड़ी हुई thi...usko देखरे hi मेरे मुँह से वाओ निकल gaya...jise सुनकर उस लड़की की आँखे मुझे घूरने लगी...

Main(magzine बंद कर के)- ओह्ह sorry...hello...(khada हो गया)

""hello...aap mr.aaditya...""

Main(muskura कर)- ji...aaditya...par लोग प्यार से मुझे गोलू कहते hai...waise आप...

""गगन मेरे पति है""

मैं- ohk...waise आपका नाम...

""ये lijiye...gagan ने आपको देने को कहा था...""

और उसने मुझे एक लिफाफा पकड़ा diya...par मेरी बात का जवाब नहीं दिया...

""आप कुछ लगे...""

Main(usko देख कर)- जी जरूर...

वो सायद मेरी असंख्य में छिपी भावना समझ गई थी इसलिए गुस्से से देखते हुए बोली....

""मेरा मतलब था चाय या कॉफी या कुछ ठंडा""

मैं- ohh..nhi...kuch नहीं...

""ok...baki बात आप मेरे पति से कर lena...abhi मुझे कुछ काम hai...bye...""

इससे पहले की मैं कुछ बोलू वो तो सीढ़ियां चढ़ने lagi...aur मैं उसकी लहराती पतली कमर और left-right करते चूतड़ों को देखता रहा....

पर कहते है न की लड़कियों के पीछे भी आँखे होती hai...to उन आँखों से सायद उसने मुझे अपनी गांड देखते हिये देख लिया तो वो रुकी और पलटी...

मेरी चोरी पकड़ी गई thi...aur उसकी आँखों में मुझे गुस्सा भी साफ़ दिख रहा था....

""क्या और कुछ चाहिए था""

मैं- नहीं ...मैं bas...chalta hu...bye...

और मैं नजरे चुरा कर बहार निकल आया और कार में बापिस आते हुए उसी के बारे में सोचता रहा...

Main(man में)- क्या चीज थी yaar...aourat नहीं बम थी bomb...baaton से भी और बॉडी से bhi....kya ख़ूबसूरती थी uski...saaf rang...dilkas chehra...balkhati kamar...aur उसके chhotad....uuummm....

फुर्सत से बनाया हुआ नायाब नमूना थी ये to...uper से तीखी baaten...saali से इतनी बार पूछा फिर भी नाम नहीं bataya....par कुछ भी kaho...masl तो कर्रा मिला साले गगन ko....khair...gagan का माल बाद me...pahle अपने मालो की खबर ले लू...

और मैंने कार गणेश के घर दौड़ा di....aur वह पहुंचने के बाद सबको बुला कर मीटिंग सुरु की....

मैं- hello everyone...aaj से आप लोगो का फिटनेस सेशन सुरु होता hai...well इसको 4 part में करेंगे...

1- वर्कआउट

2- योग

3- मस्सगे

4- फिजिकल मोटिवेशन....

ये सुनते hi सबमे लास्ट वाले पॉइंट मतलब फिजिकल मोटिवेशन के बारे में पूछा...

मैं- बताता hu...sab बताता हु बस चुप रहे थोड़ा....

असल में फिजिकल मोटिवेशन वो स्टेप है जिससे हम बॉडी को मोटीवेट करते hai....jaise आपने मंद को मोटीवेट करने के बारे में सुना hoga...waise hi फिजिकल मोटिवेशन हमारी बॉडी को मोटीवेट करता है...

सुषमा- पर गोलू ji...ye होता कैसे hai...aur इसका फायदा क्या है...

Main(muskura कर)- गुड question...asal में ये हमारी बॉडी को वो सब करने को मोटीवेट करता है जो की हमारी बॉडी ने कभी न किया हो या फिर वो करते हुए हम शर्मा जाते ho....isliye अगर हम बॉडी को मोटीवेट कर दे की उसे ये करना hi है तो इससे हमारे मंद में बसी हुई शर्म भी ख़त्म हो जायगी...

आशा- कुछ तो समझ आया पर पूरा नहीं...

मैं- अरे मैं हु na...bas आप लोग मेरा भरोसा kare...main dheere-dheere सब समझा duga...bolo मुझ पर भरोसा है आप सब को...

सुषमा- अगर भरोसा नहीं होता तो आपके यहाँ रहने की बात नहीं मानते और न hi घर की इज़्ज़त को आपके सामने नंगा होने की सलाह maante...aur अब भी आप कहते है भरोसा नहीं....

मैं- sorry...mera मतलब आपको हर्ट करने का नहीं tha...bas ये बोलना चाहता था की बस मुझ पर भरोसा रखो और मेरे हिसाब से chalo...result आपको ऐसा शानदार मिलेगा की आप मुझे कभी नहीं भूलेगी....

आशा- हम सब तैयार hai...aaj से हमारे बदन की जिम्मेदारी आपके हाथ में है...

Main(man में)- बस ऐसे hi मेरी बातें मानती jana...fir देखना की हर एक का जिश्म मेरे लुंड पर नाचेगा...

सुषमा- क्या हुआ गोलू ji...kya सोच रहे है...

मैं- कुछ nhi...main bas...are haa..main बात ये है की आप सब मुझे सिर्फ गोलू बोलेगी क्योकि मैं भी आप सबको नाम से hi boluga....yaha कोई सर nhi...koi आंटी nhi...bas नाम hi chalega...aur सिर्फ golu....golu जी nhi...samjh गई सुषमा...

Sushma(mushkura कर)- है गोलू jiii.....ooohh....golu...samjh गई गोलू...

Main(muskura कर)- तो आज से हम सब दोस्त hai...aur dosto...aaj तुम सब शॉपिंग करने jaoge....aur मैं जो लिस्ट duga...wo सामान khareedoge...apne लिए...

आशा- गोलू ji...matlab golu...main सोच रही थी की तुम भी हमारे साथ चलो तो हमे थोड़ा मदद मिल jaygi...kya है न की हमने ये सामान कभी लिए nhi...kyo सुषमा didi...sahi है न...

सुषमा- है golu...tumhe साथ आना होगा...

मैं- ohk..to तुम सब रेडी हो jao...fir चलते hai.....chalo जल्दी से तैयार हो jao....jao...

थोड़ी देर बाद हम सब शॉपिंग के लिए निकल गए और मॉल के उस सेक्शन में पहुंचे जहा िन्नेवेरे और एक्ससरसिस से रिलेटेड सारे कपडे मिलते थे....

मैं- चलो सब लोग अपने लिए सामन देख lo...list आपके हाथ में है और किसी को कोई दिक्कत आय तो मुझे bataay....main यही हु...

सब सामन देखने लगे और मैं मन hi मन खुश होने लगा...

Main(man में)- अब तक सब वैसा hi हो रहा है जैसा सोचा tha...bas अब आगे भी ऐसा hi होता रहे तो वो दिन दूर नहीं जब इन सबका जिश्म मेरे लुंड से छिड़ा हुआ होगा....

शॉपिंग के दौरान हर एक ायरत और लड़की ने मुझे उनकी ड्रेस, शूज. etc...dekhne का इनविटेशन दिया ताकि मैं बता सकू की ये उनके लिए परफेक्ट है या नहीं...

इसी दौरान मैंने उन्हको ड्रेस तरय करा कर.... हर एक के बूब्स और चूतड़ों का परफेक्ट नाप अपनी आँखों में बसा लिया......

शॉपिंग ख़त्म होने पर मैंने सबको रेस्ट करने का बोलै और आज की जगह कल से ट्रेनिंग स्टार्ट करने का बोल कर घर निकल आया....

थोड़ा रेस्ट करने के बाद रोज की तरह राज के साथ खेला और फिर पहुंच गया उसके ghar...vedio गेम khelne....par ये तो आप जानते hi है की मैं किस लिए जाता हु....

गेट खोलते hi रश्मि के चेहरे पर ख़ुशी झलक गई और आँखे शर्मा कर झुक gai...andar आते hi राज गेम में लग गया और रश्मि गेट बंद करके अंदर जाने लगी....

मैं- अरे rashmi...tumhara सर दर्द कैसा है अब...

Rashmi(muskura कर)- जी बहुत accha...matlab दर्द नहीं hai...sir अच्छा है...

मैं- तो फिर बैठिये न yaha...koi काम न हो तो...

Raj(mud कर)- आप नहीं खेलोगे क्या भेटा...

Main(rashmi को देखते हुए)- बीटा तू khel...main भी kheluga...bas थोड़ा टाइम लगेगा...

Rashmi(sharmate हुए)- आप बैठो मैं अभी आई...

यहाँ रश्मि अंदर आई और वह मुझे एक कॉल आ gaya....saamne वाले ने मुझे कुछ बताया तो मुझे थोड़ा गुस्सा aaya...par मैंने ठंडा दिमाग रख कर कुछ सोचा और सामने वाले को समझा कर कॉल कट दी...

खैर रश्मि बापिस आई और मेरी पसंदीदा कॉफी ले आई और फिर मेरे साथ hi सोफे पर बैठ गई....

राज गेम खेल रहा था और हम दोनों उसके जस्ट पीछे बैठे हुए the...jaha मेरा गेम खेलना सुरु हुआ...

मैं- to...aaj तो तुम बहुत hi....(ruk गया )

Rashmi(aankhe नचा कर)- बहुत hi क्या...

मैं- मतलब बहुत hi अच्छी लग रही हो...

रश्मि- accha...sayad मेरी साड़ी अच्छी लगी aapki(muskura दी)

मैं- यार तुम तो उसी पर अटक gai...bola न की तुम अच्छी लग रही हो...

रश्मि- ohh....thanks....

फिर थोड़ी देर हम चुप रह कर कॉफी पिटे रहे...

Main(coffy ख़त्म कर के)- to...kal की मालिस कैसी लगी...

Rashmi(sharma कर)- मालिस hi लगी और क्या...

मैं- hmm...accha hai...agar कभी करवाना हो तो batana...main कर दुगा.....

Rashmi(asnkhe बड़ी कर के)- क्या...

Main(muskura कर)- मालिस और क्या...

रश्मि- hmm...bataugi...

मैं- अभी तो कोई दर्द नहीं na...abhi hi कर दू...

रश्मि- मुझे नहीं करनी abhi...koi दर्द नहीं...

Main(rashmi से चिपककर)- अच्छा ये तो बता दो की वो मिल्कशेके कहा से मगाया था...

Rashmi(ghoor कर)- मुझे नहीं pata...huh...

मैं- अरे yaar...tum फिर गुस्सा हो गई...

रश्मि- मैं क्यों गुस्सा hougi...aur ये yaar-yaar क्या hai..main कोई यार नहीं आपकी...

मैं- तो हिम तो यार है न तुम्हारे..

Rashmi(aankh दिखा कर)- इसका क्या मतलब...

Main(muskura कर)- अरे हम दोस्त है na...wahi तो यार होता hai....dost..yaar...frnd...sab एक hi है...

रश्मि- जानती hu...par हम दोस्त कब बन गए...

मैं- kya...hum दोस्त नहीं है...

रश्मि- नहीं...

मैं- तो ठीक hai...chalo दोस्त बन जाते hai...(hath बड़ा कर)- मुझसे दोस्ती करोगी...

Rashmi(ghoor कर)- nhi...kabhi नहीं...

मैं- क्यों bhala...main क्या दोस्ती के लायक भी नहीं...

रश्मि- nhi...aap मेरे dost...jindgi में नहीं हो सकते...

Raj(beech में)- मम्मी बन जाओ न भैया की दोस्त...

Rashmi(chilla कर)- तू गेम खेल apna...(mujhe घूर कर) इनसे dosti....kabhi nhi...ye दोस्ती करने लायक नहीं है....

Main(man में)- ये तो यार बिलकुल hi उल्टा डाव पद gaya....sala बेइज़्ज़ती सी कर दी ये तो....

पर इससे पहले की मैं कुछ bolta....rashmi का फोन बजने laga....jo की अंदर पड़ा हुआ tha...to रश्मि उठ कर चली गई और कॉल पर लग गई....

Main(man में)- साला मेरा पोपट कर के खुद फोन पर चिपक gai....ab मैं क्यों बैठा hu...aur इंसल्ट करना है kya...chal गोलू...

और मैं राज को काम है बोल कर गुस्से से वह से निकल gaya....par घर पर nhi....car निकाल कर सीधा फार्महाउस निकल गया....
 
अपडेट - 27

Main(car चलते हुए)- आज क्या हो रहा है sala...subah से पनोती लगी पड़ी hai...pahle वो गगन की wife...saali ने baar-baar पूछने पर भी नाम नहीं bataya...aur अब साली ये rashmi....kamini कहती है मुझसे दोस्ती नहीं कर sakti...sala आज तो मेरा इंसल्ट डे हो gaya...hhaatttttt...

मैं गुस्से से भरा फार्मोसे pahucha...taki ज़ोया की फाड़ कर सारा गुस्सा निकाल saku...par ज़ोया को आरिफ अपने साथ खेत ले गया tha...taki थोड़ा साथ टाइम गुजार ले...

ये सुनते hi मेरा पारा और चढ़ गया....

मैं- साले इस आरिफ की to...aur ज़ोया की इतनी हिम्मत की मेरी इज़ाज़त के बिना आरिफ के साथ गई...

आज दोनों को सबक सिखाता hu...us ज़ोया को पता चलेगा की रखेल क्या होती है और बड़वे आरिफ को आज खुली आँखों से जहन्नुम dikhauga....saalaaaaaa...

मैनेकाम करने वाली लड़की से ज़ोया को बुलाने का बोलै और खुद आरिफ को कॉल कर दिया...

मेरा कॉल आते hi आरिफ की गांड फैट gai....wo जनता था की मेरी मर्ज़ी के खिलाफ जाने का नतीहै खतरनाक होता है...

Aarif(zoya से)- मर गए zoya....malik बड़े गुस्से में लग रहे hai...pata नहीं क्या हो गया...

Zoya(man में)- अरे मैं बिना बताय तुझसे मिलने आ gai...meri तो गांड मरना पक्का है आज....

Aarif(zoya को हिला कर)- zoya...tu एक काम kar...tu आराम से ja...main भागता hu..aur मालिक पूछे तो बोल देना की तू यही घूम रही thi...mera मत बताना...

Zoya(man में)- अरे मैं तो छिप कर hi ऐसी थी बिन batay...par यहाँ वो लड़की घूम रही thi...aur उसने सब बक दिया hoga...aaj तो पक्का मरेंगे....

असरीफ ज़ोया को छोड़ जार भागता हुआ निकल गया और ज़ोया darte-darte फार्महाउस चल दी.....

मैं यहाँ गुस्से में बैठ पेग पर पेग जातक रहा था पर गुस्सा है की काम hi नहीं hua...tabhi आरिफ हफ्ता हुआ आ गया...

Aarif(haafte हुतये)- malik...malik....salaam....aaahh...kis काम से याद किया...

Main(gusse में)- क्यों बे जब काम हो तभी आएगा क्या...

Aarif(hath जोड़ कर)- नहीं saab....hum तो आपके गुलाम hai....aapka जो मन करे वो करे...

मैं- accha...to तू मेरा गुलाम hai...meri हर बात मानेगा....

आरिफ- जी malik...hukum करो...

Main(pag का सिप मार के)- सोच ले aarif...kahi बाद में मुकर मत जाना...

Aarif(sahma हुआ)- नहीं malik....aap बोल कर तो देखो...

Main(pura पेग जातक कर)- तो अपनी ज़ोया को मेरे पास bhej...aaj पूरी रात के लिए.....

Aarif(thook जातक के)- malik...ye आप...

Main(beech में)- क्या हुआ saale...puri गुलामी निकल gai...huh...

आरिफ- मालिक मेरी biwi...wo तो सुन कर hi मर jaygi...nhi मालिक ऐसा जुल्म मत karo...main पेअर पड़ता हु आपके...

और आरिफ नीचे बैठ कर मेरे पेअर दावने लगा......

मैं- साले पेअर chhod....ya तो बीवी को भेज या आज के बाद अपनी सकल मत दिखाना...

Aarif(rote गए)- नहीं malik...aisa जुल्म मत karo...raham करो मालिक...

Main(peg बनाते हुए)- dekh...ye चापलूसी chhod....ja कर अपनी बीवी को बोल की तू उसे मेरी रखेल बना रहा hai...ja कर बोल...

आरिफ- नहीं saab...aisa न kahe...wo मर जायगी saab...wo बहुत सरीफ hai...aisa सोच भी नहीं सकती वो...

Main(man में)- अबे तेरी बीवी ये सोचती hi nhi....balki मेरे लुंड की गुलाम बन चुकी है साली रंडी...

आरिफ- saab...aap चुप क्यों ho....raham करो malik...raham करो...

मैं- देख aarif...aaj मुझे तो किसी की बीवी छोड़नी hi hai...puri raat...to अब तू या तो किसी की बीवी ले आ नहीं तो खुद की biwi...aur तू कुछ बोले उससे पहले बता दू की अब मैं कुछ नहीं सुनने wala...tere पास 1 घंटा hai....jo भी डीडे kare....use मेरे रूम में भेज dena...main इंतज़ार कर रहा हु....

फिर मैं आरिफ को वही छोड़ कर उठ गया और उसे बिना देखे बोलता गया....

Main(jate हुए)- अगर आज किसी की बीवी नहीं आई na...to कल से तू भी मत dikhna...samjha...

और मैं रूम में पेग पर पेग मरते हुए अपना गुस्सा काबू करने की कोसिस करने laga...aur इंतज़ार करने लगा ये देखने का की अब आरिफ कैसे ज़ोया को मनाता hai...wo भेजेगा भी या नहीं.....

यहाँ आरिफ ज़ोया के रूम तक पहुंच चूका tha...par उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी ज़ोया को बुलाने ki...uske मन में अजीब सा दर tha...ek तो मेरा और दूसरा ज़ोया का...

Aarif(man में)- अब क्या करू main...zoya को क्या bolu...aur बोलू भी तो kaise...aur malik...wo तो मेरी कोई बात सुनने को तैयार hi nhi..aakhir ऐसा क्या कर दिया मैंने...

Nahi...main ज़ोया से ऐसी बात भी नहीं कर sakta...nhi तो bechari...kya सोचेगी मेरे बारे me...kaisa सोहर है जो खुद अपनी बीवी को दूसरे से छोड़ने का बोल रहा है...

Nahi...mujhse ये नहीं hoga...main कैसे...

की तभी ज़ोया ने गेट खोला और सामने आरिफ को इस हालत में देख कर चौंक गई...

ज़ोया- अरे tum...tum यहाँ क्यों खड़े ho...aur ये कैसा हाल बना रखा hai...kya हुआ...

Aarif(rote हुए)- zoya...main बुरी तरह फास गया हु aaj...samjh नहीं आता की क्या karu...kaha जाओ...

Zoya(aarif के हाथ थम कर)- तुम पहले अंदर aao...aur रोना बंद कर के मुझे बताओ की आखिर हुआ क्या है...

फिर ज़ोया आरिफ कोअंदर ले गई और उसे पानी pilaya...uske बाद आरिफ ने सुबकते हुए ज़ोया को साड़ी बात बता दी....

Zoya(chounk कर)- kya...malik ने ऐसा कहा...

आरिफ- है zoya...aaj पता नहीं उन्हें क्या sujha...mujhse इतने खफा थे की क्या bolu...aur फिर गुस्से में इतनी बड़ी बात बोल di...ab तुम hi बताओ मैं क्या करू....

ज़ोया- सबसे पहले तो रो mat...aur suno...tum ये नौकरी छोड़ do...aur फिर हम दोनों यहाँ से भाग चलते hai...fir कुछ बुरा नहीं hoga...haa...

Aarif(sir हिला कर)- ये नहीं हो सकता ज़ोया...

ज़ोया- पर kyo...kyo नहीं हो सकता...

आरिफ- क्योकि मालिक का मुझ पर इतना कर्जा है की मैं साड़ी जिंदगी नहीं चूका sakta...uper से उनका पावर इतना है की वो हमे पाताल से भी ढूढ़ निकलेंगे....

Zoya(gusse में)- तो फिर फेक दो मुझे उनके saamne....aur चढ़ जाने दो तुम्हारी बीवी par...bana लेने दो मुजगे अपनी rakhel...haa...

Aarif(nam आँखों से)- नहीं zoya...main ऐसा सोच भी नहीं सकता...

ज़ोया- तो फिर जाओ और मन कर दो....

आरिफ इस बात पर कुछ नहीं bolta...bas सर झुकाये ना में सर हिला देता है...

Zoya(kuch देर बाद)- तुम कहो तो मैं एक बार बात karu...saayad मेरे आँशु देख कर वो पिघल जाए...

आरिफ- मुझे नहीं लगता zoya...ki वो मानेगे...

Zoya(aarif का हाथ थम कर)- एक बार कोसिस तो कर lu...fir वो मने या न mane...kosis तो कर सकते है न...

आरिफ- ठीक hai...par तुम अकेली नहीं jaogi....main भी साथ आउगा...

ज़ोया- ठीक hai...par बात सिर्फ मैं karugi...tum बस दूर खड़े सुनते rahna..samjhe...

Aarif-hmm...

ज़ोया- चलो फिर...

फिर ज़ोया और आरिफ मेरे रूम तक आये और मुझसे परमिसदिओं मिलने के बाद ज़ोया मेरे सामने कड़ी हो गई और आरिफ थोड़ा दूर...

ज़ोया- malik...ijajat हो तो एक बात कहु...

Main(pag की सिप मार कर)- hmm...ab तुम भी बोल लो...

ज़ोया- malik...hum गरीबों के पास सिर्फ 1 इज़्ज़त hi होती hai....agar इज़्ज़त गई तो हम जीते जी मर jayge...(aur ज़ोया सुबकने लगी )

Main(man में)- बड़ी ड्रामेबाज है randi...kar तू अपना ड्रामा...

Zoya(rote हुए)- malik...hum पर रहम kare....aur इसके सिबा कुछ भी कह de...hum khushi-khushi मान lege...par हमारी इज़्ज़त बक्श दे...

Main(thoda सोच कर)- hmm...samjh gaya...aarif...yaha आ...

Aarif(bhagte हुए पास आ गया)- जी मालिक...

मैं- देख aarif...tu जनता है की मैं बिना मर्ज़ी किसी को नीचे नहीं lata...janta है न...

आरिफ- जी मालिक...

Main(haste हुए)- तो तूने कैसे सोच लिया की मैं बिना ज़ोया की मर्जी के कुछ करुगा उसके sath...haa...

Aarif(chounk कर)- पर malik...aap to...aur आपका गुस्सा देख कर...

Main(beech में)- अरे गुस्सा तो इस बात का था की तू मेरे हुक्म के खिलाफ gaya...par ज़ोया की बात सिर्फ तुझे तड़पने को बोली thi...samjha...

Aarif(khushi से)- सच malik...malik main..(aur मेरे पैरों पर गिर गया)

मैं- dekh...tune आज ज़ोया को यहाँ से ले जाने की जो गलती ki...us पर मुझे गुस्सा aaya...uper से तू ज़ोया को घर ले जाने वाला tha...wo भी मेरे मन करने के baad...is पर मेरा गुस्सा और भड़क gaya...bas तभी सोच लिया था की आज तेरे पैरों के नीचे से जमीन सरका दुगा...

Aarif(pair पकड़ कर)- गलती हो गई malik..bahut बड़ी गलती हो gai...ab आगे से ऐसा कभी नहीं hoga...aap जो कहेगे वो karuga...bas 1 बार माफ़ी देदो malik...maafi दे दो...

Main(zoya को स्माइल दे कर)- ok..,chal उठ ja...par एक सजा मिल कर rahegi...aur एक चीज aur...wo तो तुझे देनी hi पड़ेगी...

Aari(khada हो कर)- हुक्म malik..jo आप बोले...

मैं- पहली बात तो ये की अब ज़ोया 6 महीनो तक घर नहीं jaygi...ha जिसे मिलना है वो यहाँ आ कर मिल सकता hai...par हफ्ते में 2 दिन बस...

Aarif(zoya को देख कर)- जी मालिक...

मैं- टेंशन न le...zoya की इज़्ज़त मेरे हाथ में सुरक्षित rahegi...ye मेरा वडा है...

आरिफ- मालिक आप वादे के पक्के ho...isliye मैं बेफिक्र hu...aur दूसरी चीज क्या थी मालिक..

Main(zoya को देख कर)- तुम अपने रूम में jao...aaraam karo...fir तुम्हे काम भी तो करना hai...hmm...

Zoya(muskura कर)- जो आप कहे malik....sukriya मेरी इज़्ज़त का ख्याल रखने के liye...main चलती हु...

Main(zoya के जाने के बाद)- aarif...tujhse कहा था न की मुझे किसी की बीवी ला दे...

आरिफ- है मालिक...

मैं- तो बस तुझे यही काम करना है mera...dekh ज़ोया को छोड़ने की कीमत है ye...samjha...

Aarif(udaas हो कर)- पर malik..main kaise...meri क्या ावुकत...

Main(pag जातक कर)- इसमें ावुकत की बास्त nhi...bas किसी को समझाना है और उसे मेरे पास लाना hai...itna hi काम hai...baki मैं देख luga...kaam बना तो ठीक नहीं तो मेरी किस्मत...

आरिफ- मैं समझा नहीं malik...mujhe करना क्या है...

Main(khada हो कर)- देख aarif...mujhe तेरे दोस्त असलम की बीवी बहुत भा gai...ab वो मुझे chahiye...bas...

Aarif(chounk कर)- पर malik...usse तो मैंने आज तक बात भी नहीं ki...main तो बस असलम का hi दोस्त hu...uski बीवी से तो बात भी नहीं करता...

Main(muskyra कर)- तू टेंशन मत le...tu बस असलम को ये समझा की वो अपनी बीवी को यहाँ काम पर लगा de...bas बाकि मैं देख लगा...

Aarif-par वो मेरी बात manega...ye पक्का नहीं...

मैं- तू अपन बीवी का बता dena...aur बोल देना की पैसा अच्छा milega...aur मुझे यकीन है की ज़ोया का पता चलते hi वो मान जायगा...

आरिफ- पर malik...uski बीवी भी ज़ोया की तरह बड़ी सरीफ hai...maine तो ठीक से चेहरा भी नहीं देखा आज तक...

मैं- तो ठीक hai...agar वो खुद नहीं देगी तो मैं जबरन नहीं leta..ye तू जनता gai...par एक तरय तो बनता hi है na...wo तो करने de...tu बस वो कर जो मैंने कहा...

आरिफ- जो हुक्म मालिक..

मैं- अब तू ja...xoya से मिल कर बोल दे की सब ठीक hai...aur उसे असलम की बीवी का मत bolna...ab jaa...teri बेटियां भी अकेली होगी घर में...

Aarif(mere पेअर छू कर)- बड़ी मेहरवानी maalik...badi मेहरवानी...

और आरिफ मेरे गुणगान करते हुए निकल gaya....aur करीब 30 मिनट बाद ज़ोया रूम में aai....aur गेट लॉक करते hi हसने लगी....

Zoya(haste हुए)- वह साब wah...maan गए आपको.....

Main(muskura कर)- आजा मेरी raand...ab कोई टेंशन नहीं देगा तुझे...

ज़ोया तुरंत फुदक कर मेरी गॉड में बैठ गई और मेरे सीने पर हाथ घूमने लगी...

ज़ोया- मुझे तो लगा था की आज आरिफ मुझे चूड कर hi manega...par आपने तो अगले 6 महीनो का सूखा कर दिया...

Main(zoya के बूब्स दवा कर)- अरे तू मेरी रखेल hai...aur मेरी रखेल को कोई साला छू भी नहीं sakta....bhale hi उसका सोहर hi क्यों न हो...

Zoya(mere गले पर किश कर के)- uuummhhh....main भी तो बस अपने मालिक को खुश करना चाहती hu...ab ये जिश्म सिर्फ मेरे मालिक के नाम है...

मैं- तो फिर जिश्म पर ये पर्दा kyo...maine बोलै था न की तू मेरे सामने कपड़ों में नहीं rahegi....samjhi...

Zoya(khadi हो कर)- जो हुक्म मेरे मालिक....

और ज़ोया ने अपने जिश्म पर से हर एक कपडा निकाल feka...aur उसका दूध सा गोरा नंगा बदन मेरी आँखों में हवस भड़काने लगा...

Main-ye हुई न baat...chal अब पेग bana...aaj मैं शराब और सब्बाब का एक साथ मज़ा लगा....

ज़ोया ने तुरंत एक पेग बनाया और मैंने वो पेग ज़ोया के मुँह पर फेक दिया...

Zoya(ghabra कर)- क्या हुआ मालिक...

मैं- कुछ nhi...aaj मैं सबाब को शराब से नहला कर मज़ा लगा...

Zoya(muskura कर)- अगर ये बात है तो lo...ye नंगा सबाब खुद hi नशीली शराब में नाहा लेगा...

और ज़ोया ने बोतल उठाकर अपने ऊपर उढेल li...aur शराब उसके जिश्म को भीगती हुई टपकने लगी...

Zoya(mere सामने झुक कर)- malik....sabaab हाजिर hai...aapko मज़ा देने...

मैंने उठ कर ज़ोया को बालो से पकड़ा और उसके सर को पीछे करके उसके होंठो को चूसने लगा.....

ये सिलसिला चल hi रहा था की मैंने शराब की दूसरी बोतल उठाई और ज़ोया के होंठो पर डालते हुए चूसने लगा....

ज़ोया के गुलाबी होंठो का रास और शराब एक साथ चखने का मज़ा hi अलग था...

मैं- uuummmm...koun कहता है की ायरत के जिस्ज्म का नशा hi काफी hai...kabhi शराब को सबाब से मिला कर तो piyo....asli नशा समझ आ jayga...uuimmmmmm....

ज़ोया- uuummm...aahh...malik....maza....uuummmmm....

ज़ोया के होंठो को चूसते हुए मैंने शराब उसकी गर्दन से टपकनी सुरु कर di...jo नीचे उतर कर उसके फूले हुए बूब्स पर सरकने लगी...

Main(boob को मुँह में भर kar)--uuummmmmm....uuummmm...aahh....ye नशा सबसे accha...uuummm....uummm...

ज़ोया- aaahhh...chooso malik....aaahhhh....jjoor se....nichod दो....

Main-uummmm....uuuummmm....uuuummmm....uummmhhhh....tere ढूढ़ मुझे पागल बना देते है saali....jee करता है इन्हे बस चोइसते hi rahu....uuummmmmmm.....

ज़ोया- aaahhh....malik....jitna मन करे choiso....aaahhh....zoya हर वक़्त चुसवाने के liye...aaaahhhh...taiyaar है...

मैं bari-bari बूब्स पर शराब dal-dal का चूसता रहा और बीच में निप्पल को kheevhta...kabhi काट ta...to ज़ोया और तड़प जाती....

ज़ोया- aaaaaiiiiiii...mmalik...aaahhhh....nhi na...aaauuucccchhhhh....aaaaaa...

Main-uuummm....uuummmm....uuummm...

थोड़ी देर तक जोरदार बूब्स चूसने के बाद मैंने ज़ोया को लिटा दिया और एक बार फिर उसके जिश्म को शराब से नहला दिया....

ज़ोया- aaaahhh...malik....kitni शराब पियेंगे....

मैं- अरे मेरी raand...aaj नशे की कोई हद नहीं hogi....aur जो तू सोच न sake...wo बात भी hogi...bas मज़ा कर....

Zoya(apne हस्त ऊपर कर के और जसघो को फैला कर)- ज़ोया हाज़िर है मालिक....

मैंने ज़ोया के ऊपर लेट कर उसके बदन को फिर से चूसना चेतना सुरु कर diya...aur dheere-dheere मैं उसकी छूट तक पहुंच gaya...to मैंने बोतल उठाई और उसकी छूट को मलते हुए शराब से नहला दिया और उसकी छूट को चाटने लगा...

ज़ोया- aaahhhhh.....ye तो कभी सोचा भी नहीं था malik...aaahhhh....karte रहो....

मैं- sssrrruuuppppp....sssrrruuuppppp....sssrrruuuppppp....sssrruuuppppp.....

ज़ोया- ओह मेरे khuda...ye कैसा नशा hai...aaahhh...aaj मेरी छूट ज्यादा hi ....ोुह्ह्ह्हह्ह....

Main(choot में शराब भर के चूसने लग्गा)- ssssrrruuuupppppp....sssrrruuuppppp...ssdrrruuuppppp....

ज़ोया- aaa...aaalllaaahhhhhhh.....main मर jaugi...aaspki जीभ ने hi...aaahhhhh...malik....

मैं- aasuummmm...uuummm...uuumm....sssrrrruuuuuuuuuuuuuuuuppppppppppp.....

Zoya(jhadte हुए)- मर गई maa....malik...main...maainnn....aaaahhhhh...aaahhhh...aaaiiiiii..aaahhhhhhh....

ज़ोया मज़े में कुछ जल्दी hi झाड़ फै और हफ्ते हुए लास्ट पद gai....uske हाफने से उसके बूब्स uper-neeche होने लगे जिससे मेरा मन फिर ललचा गया और मैंने फिर से बूब्स पर अत्रवः कर दिया...

मैं- uuummmm...uuummmm...uuummm...uuummm...

Zoya(mera सर दवा kar)-aahh...karo malik...kha लो inhe....ye aapke...aaahhh...aapke लिउलये hai...aaahhh...

थोड़ी देर तक मैंने बूब्स को dawa-dawa कर चॉइस और kata...aur फिर जब मन भर गया तो मैं खड़ा हो गया और ज़ोया को इसरा कर दिया..

मेरा इसरा पते hi ज़ोया उठी और जल्दी से मुझे नंगा कर दिया और मुझे बैठा कर मेरे लुंड को चाटने लगी...

मैंने भी लुंड पर शराब उढेल दी और ज़ोया मुस्कुरा कर शराब से tar-batar लुंड को चाटने लगी.....

मैं- aaahhh...thodi सी तू भी चख le...fir तेरा बदन और नशीला हो जायगा....

ज़ोया- ssssrrrruuuuuuppppppp......sssssrrrruuuuppppp....sssrrruuuppppp...

Main(sharab डालते हुए)- aahhhh....pi मेरी raand...aur pi....nashe को और बढ़ने दे....

ज़ोया- ssssrrruuuuuppppp....ssssrrruuuuppppp....sssrruuuppp...aahhh....nasha तो इस लुंड का लग गया malik....uuummhhhhh....iske बिना अब चैन nhi...sssrrruuuuppppp....

थोड़ी देर तक लुंड चाटने के बाद ज़ोया ने आगे बाद कर लुंड को मुँह में दाल diya...aur मेरी बॉल्स sahlatehuye.....lund को तेजी से चूसने लगी....

ज़ोया- sssrruuuggg...sssrruuggg...ssrruuggg....uuuummmmmmm.....

मैं- वह मेरी raan...jaldi सीख रही hai....yes...yess...

ज़ोया- sssrruuggggg....sssrrruugggg....sssrruuggg...sssrrruuugggg...

मैं- क्या बात hai....chhos..joor से चूस....

ज़ोया- sssrrruuuggg...sssrrruuuggg...uuuuummmmmmm.....uuummmmmm....

ज़ोया पूरी रफ़्तार से लुंड चूस रही थी और मेरा लुंड बस चुदाई के लिए तैयार hi था की तभी गेट पर आरिफ आ गया......

Zoya(aarif की आवाज़ सुन कर)- या allaaah.....aaj तो मरी.....
 
अपडेट - 28

ज़ोया पूरी रफ़्तार से लुंड चूस रही थी और मेरा लुंड बस चुदाई के लिए तैयार hi था की तभी गेट पर आरिफ आ गया......

Zoya(aarif की आवाज़ सुन कर)- या allaaah.....aaj तो मरी.....

अब आगे......

आरिफ- maalik...malik....

आरिफ की आवाज़ सुनते hi ज़ोया अटक gai...uske मुँह में अभी भी लुंड फसा हुआ था...

मैं- तू क्यों रुक gai....choosti ja...main देखता हु इसे....

ज़ोया तुरंत लुंड चूसने में लग गई....

आरिफ- malik...malik...

Main(gusse से)- क्या है maderchod...kyo डिस्टर्ब कर रहा है...

Aarif(ghbra कर)- माफ़ी मालिक mafi....par बात hi ऐसी है की मुझे आना पड़ा...

मैं- तो बोल वही se...main बिजी हु अभी....

आरिफ- मालिक बात बहुत गुप्त hai...yaha से बोलना अच्छा नहीं होगा...

मैं- accha....chal तू ये बता की बात किस बारे में hai...fir मैं बताउगा की वह से बोलना है या अंदर आ कर....

आरिफ- मालिक ..वो बात चरण ठाकुर की है...

Main(man में)- तब तो इसे अंदर बुलाना hi hoga...par मेरा लुंड इस वक़्त चुदाई मांग रहा hai...ise बीच में तो छोड़ नहीं सकता....

आरिफ- malik...baat जरूरी है न...

Main(zoya से)- तू जा कर लाइट ऑफ कर de....fir तेरी चुदाई करता हु...

Zoya(darte हुए)- malik...aarif के saamne..nhi malik...aisa जुल्म न करो...

मैं- साली तू मेरी रखेल है rakhel...tujhe जहा भी चाहुगा जिस के सामने चाहुगा वही choduga...chal लाइट बुझा...

Zoya(sahmi सी)- पर आरिफ को पता...

Main(beech में)- मैं हु na...tu बस मज़े kar...aur आज पति के सामने छोड़ने का मज़ा भी मार le...kismat वाली है तू जो पति के सामने गैर मर्द का लौड़ा khaygi...wo भी उसी की मर्जी se...samjhi....

Zoya(muh खोल कर)- aaww...ye नहीं हो सकता मालिक...

Main(muskura कर)- और अगर ऐसा हो गया to...soch की आरिफ खुद यहाँ बैठ कर तुझे चुदाई करने का बोले तो....

Zoya(man में)- ये सोच कर टी मेरी गांड फैट रही hai...par सुनने में कितना मज़ा aaya...mere शोहर के सामने मालिक मेरी छूट fadege...wo भी उसी के कहने par...ye allah...ye सोच कर hi मेरा जिश्म मचल उठा....

मैं- hmm...hai न mazedaar...ab लाइट ऑफ कर और मज़ा maar....aur खिड़कियों के परदे भी लगा de...room में पूरा अँधेरा होना चाहिए....

ज़ोया- पर malik...aap करोगे कैसे...

मैं- सुन मेरी baat...(kaan में सब बोल कर) अब जैसा कहा वैसा करते rahna...fir देख कैसे आरिफ के सामने तेरी चुदाई होती है...

ज़ोया शर्मा गई और जल्दी से सब सेट करके बापिस मेरे पास आ gai...maine उसे लुंड चूसने को दिया और आरिफ को अंदर बुला लिया...

मैं- aarif..andar aaja..par पीठ दिख कर आना और आते hi गेट लॉक कर देना...

आरिफ ने ठीक वैसा hi किया और बोलै...

आरिफ- मालिक मुद जाओ या ऐसे hi खड़ा राहु...

मैं- तू अभी ऐसे hi rah...jab तक मैं लुंड चुसवा lu...(zoya से) तू क्यों रुक गई चूस न रांड....

Aarif(haste हुए)- malik...aaj कौन मिल गई..

मैं- है एक बदनसीब biwi....par है बड़ी गरम...

आरिफ- आप मिल गए तो बदनसीब कहा रही...

मैं- सुना आरिफ क्या बोल रहा है....

ज़ोया मन hi मन मुस्कुराते हुए लुंड चूसती रही...

आरिफ- मालिक बात बोलना सुरु करू या aap...matlab रुक कर बताऊ...

Main-tu रुक thoda...pahle चुदाई फिर बात...

और मैंने ज़ोया को बीएड पर लिटा और उसकी जांघो को खोल कर छूट पर जीभ फिरने लगा....

मैं- sssrrruuupppp....sssrrruuupppp....aahh...yaar इसकी छूट बड़ी चिकनी hai...Aur शराब के साथ तो और चिकनी hogi...hai न आरिफ...

आरिफ- है malik...sharab के साथ तो बात hi अलग है...

Main(zoya से)- ऐसा तेरे पति ने भी नहीं किया न तेरे साथ...

Zoya(dheere से)- नहीं...

मैं- aarif....tu एक बोतल ले कर aa...tab तक मैं इसकी छूट से पेग पिता हु...

और मैंने शराब को छूट में दाल कर चूसना सुरु कर दिया...

ज़ोया- aaahhh...malik...use भगा दो na....main खुल kar...aashhh...bol भी नहीं प् रही...

मैं- अरे तू बोलेगी भी और वो सुनेगा भी... सब मुझ पर छोड़ de....tu बस वैसा करती जाना जैसा मैं कहु...

जोता- पर वो समझ गया to...maar hi देगा मालिक....

मैं- उसे घंटा समझ aayga...abhi उसे 2-3 पेग पिलाता हु फिर तू दिल खोल कर chudwana...use कुछ समझ नहीं आता fir...sssrruuuppppp.....

ज़ोया- aaaahhh....sambhal लेना आप....

मैं- uuummm...uummm...uuummm....

थोड़ी देर बाद आरिफ बोतल ले कर आ गया और पेग बनाने लगा....

Main(zoya को पेग दे कर)- मेरी raand...aaj तू भी पेग मार ले...

ज़ोया (ना में सर हिला दिया)

मैं- aarif....ye साली तो पि hi नहीं rahi...bolti है की पति को पसंद नहीं...

Aarif(peg जातक कर)- पि लो न मेडम....

मैं- अच्छा aarif...agar तू इसका पति होता तो इसे कैसे मनाता...

आरिफ- मैं तो कहता की जान पि लो sharaab...taki मालिक का लुंड जब तेरी फाड़े तो दर्द काम महसूस हो...

Main(zoya को पेग दे कर)- अब तो pilo....tumhara शोहर भी बोल रहा hai...matlab समझ lo...(aarif से) आरिफ तू और पेग bana...aur तू जितनी चाहे pi...ok...

Aarif(khush हो कर) जी malik...abhi लो...

आरिफ पेग बना कर देता रहा और मैं पेग से ज़ोया के जिश्म को नहलाता gaya...waha आरिफ अब नशे की आगोश में आ गया था...

मैं- aarif....ek बात bolu...bura तो नहीं मानेगा...

Aarif(hath जोड़ कर)- माली आपका गुलाम hu.....boliye न...

Main(zoya को बाहों में भर कर)- आज जबसे तेरी बीवी के बारे में बोलै है na...tabse उसी का नाम मंद में घूम रहा hai...use छोड़ने की बड़ी िक्षा हो रही है...

Aarif(saham कर)- maalik...aisa जुल्म...

Main(beech में)- अबे उसे नहीं छोड़ raha...bola था न....

आरिफ- to...zoya ...मैं समझा नहीं...

मैं- देख मैंने उसे तो छोड़ diya...par मेरे साथ जो गरम माल है na...ise मैं ज़ोया समझ कर छोड़ना चाहता hu...bas...

Aarif(khush हो कर)- इसमें मुझे क्या परेशानी malik....samjhne में क्या hai...aap जो चाहे...

मैं- चल पेग लगा फिर ध्यान से सुन.....

आरिफ ने पेग लगाया और वह ज़ोया मुझे सहलाते हुए पूछने लगी की मैं कर क्या रहा हु...

आरिफ- aaahhhh...ji malik...kahiye...

मैं- dekh...ab मैं ये चाहता हु की तू ऐसा सोच की तेरी बीवी मेरे साथ नंगी बैठी hai...aur उसकी चुदाई होने वाली hai....haa...

Aarif(thoda नशे में)- हँ...

मैं- तो अब तू इसे अपनी बीवी ज़ोया समझ कर इसे छोड़ने के लिए bolega....har बात पर ये hi समझना की ये तेरी बीवी ज़ोया है और मुझसे चुद रही hai...jabki उसका सोहर मतलब तू यही बैठा hai...samjha...

Aarif(nashe में)- samjha...par पूरा नहीं...

मैं- समझ jayga...chal मैं सुरु करता हु तेरी ज़ोया को चुदाई...

( ज़ोया को धीरे से समझा कर)

मैं- आजा ज़ोया मेरी रांड अब फिर से लुंड चूस...

ज़ोया- जी malik...par मेरे सोहर के saamne...main कैसे ...

मैं- आरिफ बोल न अपनी बीवी को ...ये चूस नहीं रही...

आरिफ- ज़ोया begam...chooso na...dekho मालिक को कोई शिकायत न होने do....pura मुँह में भर के चूसो..

Zoya(lund हिला कर)- पर ये तो बहुत बड़ा hai...tumse तो दुगना hai...aur मैंने कभी तुम्हारा भी नहीं कोसा तो फिर ये कैसे...

आरिफ- अरे begam...aisa लुंड हर किसी को नहीं milta...asli मर्द को hi मिलता hai...ab इनके आगे तो मेरी नुन्नी hi hai...use क्या chuswata...asli लुंड मिला hai...ise choos...haa...

Zoya(muskura कर)- तुम कहते हो तो चूसती hu...uuummmmmm....aaahh...ye तो गले तक hai...itna lamba...aur मुँह में भी मुश्किल से समां रहा hai...mota भी बहुत है...

आरिफ- ज़ोया begam...aisa लुंड मिलना तुम्हारी खुशनसीबी hai....chooso तो sahi...fir रोज यही मांगोगी...

ज़ोया- ठीक hai...ssssrrruuupppp....sssllluupppp...sssllluuupppp...sssrruuggggg...mmmuuuuuuu....

मैं- aaahhh...aarif...teri बीवी तो कमाल का चूस रही hai...wah zoya...aise hi चूसे....

फिर ज़ोया लुंड चूसने में बिजी रही और आरिफ शराब पिने में.....

मैं- aaahhh...aarif...teri बीवी तो एक नंबर की रांड है saali...kya चूस रही hai...aaahhh...ise तो अपनी रखेल बनाऊगा...

आरिफ- जैसा आप kahe...ye आज से आपकी रखेल हुई...

मैं- सुना zoya...tere सोहर ने तुझे मेरी रखेल बना diya...ab तेरे जिश्म पर मेरा hi हक़ है सिर्फ...

ज़ोया- uuummmmmm...uuummmhhhh....to आज से ये जिश्म इस बड़वे को छुड़े भी मत देना malik...ab मैं आपकी रखेल हो gai....uuummmmm...uuummmm...

मैं- aaahhh...yaa....aarif अब इसे बोल की छूट marwale...mera लुंड छूट मांग रहा है...

आरिफ- ज़ोया मेरी jaan...ab मालिक के लुंड को अपनी छूट की सैर कराओ.....

Zoya-uuummhhhh...aahh....karati hu...par इतने तगड़े लुंड से मेरी छूट के फाके फैट jayge...fir मुझे गुस्सा मत करना...

आरिफ- अरे मेरी jaan...ab तू मालिक की रखेल hai...meri क्या हिम्मत की मैं कुछ kahu...choot के फाके फाटे या धज्जियाँ ude...ab हमेशा मालिक का लुंड अपनी छूट में उतरवाना है tume...samjhi...

Zoya(lund हिला कर)- ठीक hai...ab तुम्हे ये छूट साडी जिंदगी नसीब नहीं hogi...ab ये सिर्फ मालिक के लुंड की गुलाम hai...aaaiye malik...faad दीजिये अपनी रखेल की छूट ...और इतनी जोर से फाड़ना की मेरी चीख सुन कर मेरे सोहर को समझ आ जाये की असली मर्द क्या होता hai...aao मालिक...

मैं- aarif...tu अपनी बीवी को अपनी गॉड में लिटा le...tabhi उसकी फाडूगा...

आरिफ- जो हुक्म मालिक...

फिर आरिफ अँधेरे में टटोलता हुआ बीएड पर आ गया और मैंने ज़ोया को उसकी गॉड में लिटा कर उसकी छूट में लुंड सेट कर दिया...

मैं- aarif...teri बीवी की छूट तो gai...ye ले...

और मैंने शराब से सराबोर छूट में जोर से झटका मारा और पूरा लुंड एक साथ अंदर पेल दिया...

Zoya(uchal कर)- aaaallllllaaaaahhhhhhhhhh.....aaaaaaaaaaaaaiiiiiiiiiii....

मैं- आरिफ miya....tumhari बीवी ज़ोया की फैट gai....thoda सम्भालो इसे...

Aarif(zoya के कंधे टटोल कर)- बस ज़ोया... बस kar....ab फैट chuki....ab दर्द नहीं hoga....bas मालिक को खुश kar...aur तुझे भी तो तगड़े लुंड का मज़ा मिल रहा है न...

Ziya-aaahhhhh....aarif....meri choot...aaaahhhhh.....aaarif....aaaahhh.....

आरिफ- बस zoya....ab आदत दाल le...aaj से मालिक का hi लुंड खाना है tume....hmmm....thoda सह le....malik...aap छोड़िये ...इसको चीखने do....ye आपकी रांड hai...chodo malik...joor से छोड़ो..

Main(muskura कर)- देखा zoya...bola था maine...aarif तेरी चीख सुन कर भी यही बोलेगा की chodo...chalo aarif...ab तुम्हारी बीवी को असली लुंड का मज़ा देता hu...ye ले...

और मैंने लुंड को मुहाने तक खींच कर दोवारा से पूरा पेल दिया...

जिया- aaaarrriiifffffff....mmmaaarr...gggaasiii...aaaahhhh...

Main(dhakke मरते हुए)- अब लुंड खा saali...tera शोहर कुछ नहीं bolega...maza kar...yeehhh...yeehhh....

ज़ोया- aahh...aahhh...aaahhh...aaahhh....mmaaalliikkk...

मैं- शाबाश randi...dekh aarif...teri बीवी कैसे गांड utha-utha कर मज़ा ले रही है...

Aarif(haste हुए)- मालिक का लुंड है hi aisa...koi भी गांड उठा दे....

ज़ोया- aaahh...hhaa...malik...aapke आगे तो मेरे शोहर की नुन्नी hai.....aaahhh.....sach बोल rahi...aaaahhhh.....

मैं- hahaha...kyo aarif...teri नुन्नी hai...saale कभी तवियत से चुदाई नहीं की ज़ोया की....

Aarif(sharminda हो कर)- क्या करू malik....jo है सो है...

मैं- तो रोटा क्यों hai...aaj से तेरी बीवी मेरा लुंड khaygi...aur खुश rahegi.....haa...

ज़ोया- हां malik...aaahhhh....aapke लुंड से to...aaahhh...meri जिंदगी बन gaaaiiIiii....haaaa...

मैं- तो फिर सोहर को छोड़ और मज़े खुस kar...ye le...ye le...yeeeee....yyyeeesssss.....

और फिर मैंने धक्को को स्पीड बड़ा di...aur ज़ोया की छूट इन धक्को के आगे जल्दी hi ढेर हो गई....

ज़ोया- aaahhh...saaab....mmmmmaaa...aaaiiiii....uuuuhhhh....aaaaaaaiiiiiii....

ज़ोया के झड़ते hi मैंने उसकी छूट से लुंड निकाल लिया...

मैं- क्यों zoya...ab कैसा लग रहा है....

ज़ोया- aaahhhh...malik...aaj अहसास हुआ की छूट का खुलना क्या होता hai....mera सोहर तो इसके आधे तक hi पंहुचा tha...par आपके लुंड ने तो पूरी सुरंग hi खोल दी...

मैं- aarif...aaj तेरी बीवी की छूट खुली hai...isi ख़ुशी में ek-ek पेग हो जाय...

आरिफ- जी malik...abhi बनता हु...

यहाँ आरिफ बीएड से उठा और वह ज़ोया बैठ कर मेरे गले लग गई....

Zoya(kaan में)- malik....accha उल्लू बनाया मेरे सोहर ko...khud की बीवी को गॉड में लिटा कर छूट मरवाता रहा और पता भी नहीं चला....

Main(zoya की गांड दवा कर)- अरे आगे dekhna...aaj आरिफ दिल खोल कर अपनी बीवी को मेरे लुंड पर nachwayga...aur उसकी बीवी पूरी बेशर्मी से चुदाई करेगी...

Zoya(mere गाल पर किश कर के)- आज से ज़ोया के तन के साथ उसका मन भी आपका हुआ malik...bas अब मुझे मेरा सोहर छू न पाय...

मैं- अरे तू अब मेरी रखेल hai...aarif की बीवी nhi....ab तेरा सब कुछ मेरा hai...sirf mera....tu बस मज़ा kar...dekh तेरा सोहर आ gaya...chal तू भी थोड़ी पि le...fir तेरी गांड मरता हु....

ज़ोया- आप जो kahe......apne सोहर के सामने गांड भी maregi.....wah...soch कर hi गुदगुदी होने लगी...

Aarif(piche से)- कहा हो malik...ye आपका पेग...

मैं- अरे मैं यहाँ hu....ruk...are zoya...tera सोहर पेग लाया hai...le ले और फिर अपने हाथो से अपने मालिक को पीला...

ज़ोया मुस्कुरा कर पेग लेती है और मुझे पिलाती hai....aadha पेग पि कर मैं रुक गया...

मैं- अरे aarif....teri बीवी को पीला दू थोड़ी...

आरिफ- जी malik..aapki रंडी hai...pilao न...

Zoya(dheere से)- पिलाओ न....

मैं- sshh...are aarif...ye बोल रही है की मेरे लुंड से hi piyegi...ab क्या करू...

आरिफ- तो पीला दो malik...maza आएगा...

मैं- पर ऐसा कैसे hoga...tu बता na...kaise पुलाव...

Zoya(dheere से)- आप तो इसकी गांड hi मार लोगे...

मैं- hmm...bata aarif...idea दे कुछ...

आरिफ- अरे साब उसमे क्या hai...aap इसे लिटा दो और इसका मुँह खोल कर उसके ऊपर लुंड रखो और शराब को लुंड पर dalo....fir वो पि लेगी...

मैं- बहुत acche...to बोल अपनी ज़ोया से ...

आरिफ- अरे begam...let jao...aur मालिक के लुंड से शराब का मज़ा लो...

ज़ोया- आप जैसा kahe....malik...mere सोहर ने बोल दिया अब तो पीला hi दो...

और मैंने ज़ोया को लिटा कर उसके मुँह पर लुंड रखा और पेग उढेल diya...zoya भी गटागट शराब पि gai..aur मेरा लुंड चूसने लगी...

मैं- मज़ा आया न zoya...aaahhh...choos-choos कर पूरी शराब जातक le....hhhmmm...

ज़ोया- ssssrrruuuuuuppppppp....aaaauuuummmmm.....uuummmmm....uuuummmmm...

मैं- aahh..aarif...teri बीवी लुंड बड़ा अच्छा चूसती hai...dekh साली ने लुंड की भूख बड़ा di....ab तो इसकी गांड मार के hi manega....bol मार लू...

आरिफ- अरे malik...maaro जितनी मरना हो...

मैं- पर ये न बोल रही hai...tu hi बोल दे न...

आरिफ- अरे zoya...maalik को न नहीं karte...gaand मरवा लो न...

Zoya(lundko उगल कर)- uummhh....par मेरी गांड तो तुमने भी कभी नहीं maari...aur मालिक का लुंड to...ye allahh....meri गांड फैट गई तो...

आरिफ- अरे zoya...gaand लुंड से फटेगी तो मज़ा hi degi...choot से भी ज्यादा गांड चुदाई मज़ा देती hai...marwa ले...

ज़ोया- तो फिर तुमने क्यों नहीं faadi...haa...

आरिफ- मेरी प्यारी begam...mere लुंड में तेरी छूट को पूरा खोलने का डैम नहीं था तो गांड क्या खोल pata...are गांड फाड़ने के लिए तो मालिक की तरह लुंड chahiye...ab मिला है तो मरवा लो न जान...

मैं- अरे ये तो डर्टी rahegi...tu एक काम कर aarif...main इसे कुटिया बनता hu...tu खुद hi इसकी गांड फैला dena...theek...

मेरे बोलने की hi देरी थी की ज़ोया जल्दी से कुटिया बन गई और सर को बीएड में छुपा लिया ताकि आरिफ को अँधेरे में कुछ समझ भी आय तो वो चेहरा न देख सके और आरिफ ने भी मालिक का हुक्म मिलते hi ज़ोया के बगल में बैठ कर उसकी गांड फैला दी...

Aarif(gaand को फैला जार)- मारिये malik...faad डालिये साली की गांड...

Main(gaand में ऊँगली दाल कर)- बड़ी टाइट गांड है तेरी बीवी की...

आरिफ- मालिक आपका लुंड कहेगी तो ढीली पद jaygi...ab सोचो mat...daal दो ये lund...aur जोर से मारो...

Zoya(man में)- या अल्लाह... क्या नज़ारा hai...mera खुद का sohar...jo कभी मेरी गांड मारने का बोलै भी nhi...aaj खुद उसी गांड को गैर मर्द के सामने खोल कर बैठा hai...aur साला फाड़ने का भी बोल रहा hai...aaahhhhh....kamaal है मालिक....

मैं- ज़ोया मेरी raand...dekh तेरा सोहर क्या बक रहा hai...bolta है की फाड़ दू तेरी गांड....

ज़ोया- तो फाड़ो न malik....main तो हमेशा hi गांड मरवाना चाहती thi...par मेरे सोहर के लुंड में डैम hi नहीं tha...aaj आप अच्छी तरह से फाड़ दो इसे...

आरिफ- आज क्या malik...ab रोज faadna...dhajjiyan उदा देना....

ज़ोया- accha...ab तो ऐसे मारना मालिक की मैं ठीक से चल भी न saku...faado malik...aur दिखा दो मेरे सोहर को की गांड कैसे मारते hai...dalo malik...ab देर न करो...

मुझे तो दोनों की बातें सुन कर बड़ा मज़ा आ रहा tha...par लुंड को भी मज़ा चाहिए tha...isliye मैंने लुंड को ज़ोया की गांड में सेट किया और बिना रुके 2 शॉट मार कर लुंड को अंदर पेल दिया....

ज़ोया- mmmaaallliiikkkkkm....aaaaahhhhhh....faaad...dddiiiii....

मैं- aarif...fat गई तेरी बीवी की गांड...

Aarif-(zoya की गांड सहला कर)- मेरी jaan...ab मज़ा aayga...thoda दर्द सह ले...

Zoya-aaaaahhhh....haa....ab तुम दूर hato...aur मुझे मज़े से गांड मरवाने do...chalo हटो यहाँ से...

मैं- है aarif...tu आराम से बैठ कर पेग laga...main तेरी बीवी की गांड फाड़ता hu..,aur तुझे उसकी चीखे भी सुनाता हु...

ज़ोया- aahh....asli लुंड कैसे ायरत की चीख निकलता hai...aaj वो भी देख le....malik...gaand को ऐसे मारना की मेरी चीख सुन कर मेरे सोहर के कान सांबा jaaye...joor से malik...jor से...

मैं- क्यों नहीं मेरी raand...ye ले....

और मैंने ज़ोया की कमर पकड़ कर तेजी से गांड मरना सुरु कर diya...aur आरिफ पेग मरते हुए चुदाई का आनंद लेने लगा....

Zota-aahh...aahh...aahh...aahh....jooor ssee...jjjooorrrr....aahhh...aaahhh...

मैं- है तो ले मेरी jaan...aur जोर se...yeeeehhhhhhh...

ज़ोया- aaahaahhh...aaaaahhh...mmaaa....dekh aarif...aaahhh....faaat...raahhhiii...mmmeeerriiii....aaaaiiiiiiii....

मैं- वो देख रहा hai...ye le...ye fati...yess..yeessss....

ज़ोया- सुन meri....aaaaahhhhhhh....cchheekkkhhh....aaaaahhhh....aaarrriiffff....aaaaaaahhhhhhh....

मैं- अभी तेरी चीखे बढ़ाता हु saali...dekh तू...

मैंने रुक कर ज़ोया के पेअर सीधे कर diye...aur गांड को दोनों तरफ से दवा कर लुंड पेलना जारी rakha....ab गांड चिपक चुकी थी तो दर्द बढ़ना hi था...

ज़ोया- aaaaaaaajhhhhhhhhhh......mmmaaalliiikkkk....mmaaaaarrrr....dddaaaallllaaa....mmmmaaaaa....

Aarif(chounk जार)- क्या hua...itni ज़ोर से क्यों चिल्लाई...

Zoya-aaaaaahhhhh...are asli...aaahhh...asli मर्द मिला hai....tere जैसा नहीं ....फ़ायद दी meerrriiiii....aaaaaiiiiiiii.....

आरिफ- और फाड़ो malik...saali बहुत बोल रही hai...faad डालो...

ज़ोया- aaahhh...ha gandu...main खुद fatwaugi...aaahhhh....faad दो malik....mere सोहर को ...aaahhh....dikha दो की उसकी biwi....aaahhh...kitni बड़ी lundkhorr..hhaaaiiiiii....

मैं- है मेरी randi...wo जान जायगा की उसकी मासूम सी बीवी कितनी बड़ी रंडी hai...ye le...yeess...yyesss...

ज़ोया की गांड पूरी स्पीड में मर रही thi...lund सटासट गांड में सुरंग खोद रहा था और मेरी जाँघे जोता की गांड से thapa-thap टकराते हुए पुरे रूम गूँज रही थी....

Ttthhhaaappppp...tthhaapp...aaahhh...aashh...yyee...llee...ye le....uummm....mmmaaa....aaaaiiii....thaap-thap...aahh...aashh...aahhh...aaasiii....aaahhh...ttyhhaappp-tthhaaa....ppppp....

और ऐसी hi आवाजों के बीच ज़ोया के झड़ने की चीख सुनाई दी....

ज़ोया- aaaaaahhhhh...malik...meri chhoottt...aaaahhh....gggaaaii..malik...gaiiiii....aaahhhhhhh...aaahhhhh...

और ज़ोया झाड़ कर सुस्त पद गई और हाफने lagi...par मेरा झड़ना भी aas-paas tha...tabhi मैंने कुछ सोचा और ज़ोया को पलट दिया...

Main(zoya se)-chal तेरे सोहर से तेरी छूट चटवा दू...

Zoya(dheere से)- aahhh...wo चाटेगा...

मैं- तू bol..chatwana है...???

Zoya(muskura कर)- छूट के साथ गांड भी...

Main(zoya के निप्पल मरोड़ कर)- कमीनी कुटिया...

ज़ोया- aaahhh...aaapki कुटिया...

मैं- तो गिर dekh...kaise चतवता hu...bas एक मिनट रुक....

मैं ज़ोया के सर के दोनों तरफ घुटने रख कर उसके सीने पर चढ़ गया... और ज़ोया ने समझदार रखेल की तरह मेरे लुंड को मुँह में भर लिया...

Main(lund चुसवाते हुए)- aarif...tune कभी तेरी बीवी की छूट छाती...

Zoya(lund निकाल कर)- कभी नहीं....

Aarif(chounk कर)- ये क्या बोली...

मैं- अरे भूल gaya...ye अभी तेरी बीवी है zoya...isliye बोल रही है...

आरिफ- पर इसे कैसे पता की मैंने...

Zoya(sakpaka कर)- वो मैंने माहौल को गरम करने ऐसे hi बोल दिया...

Main(zoya के मुँह में लुंड दाल कर)- अबे aarif...kyo बोलै ये chhod...tu बता की छाती कभी...

Aarif(sharma कर)- नहीं मालिक..

.

मैं- hmm...to आज तू इसकी छूट चाट...

Aarif(khush हो कर)- जैसा मालिक कहे...

Zoya(man में)- अब ये मेरी छूट चाटेगा malik...jo साले ने आज तक ठीक से देखि भी नहीं थी....

मैं- तो आजा और लग जा काम पर और haa...iski गांड भी चेतना hai...samjha...

Zoya(man में)- साले को छूट छतना पसंद था तो अपनी बीवी की क्यों नहीं chaati...sach में बीवी की कोई कदर nhi...aur दूसरी मिल जाए तो सब karo...kameena कही का...

आरिफ अँधेरे में लड़खड़ाते हुए बीएड तक पंहुचा और ज़ोया के पेअर पकड़ liye...to ज़ोया ने भी अपने पेअर फैला कर अपने सोहर के सामने अपना भोसड़ा खोल दिया...

आरिफ टटोलते हुए आगे आया और फिर मुँह को ज़ोया की छूट पर रख diya...ye अहसास मिलते hi ज़ोया जोर से लुंड चूसने लगी...

मैं- अरे वह aarif...tere छूट चाट ते hi तेरी बीवी जयादा hi गरम हो gai....dekh साली को कैसे लुंड चूसने lagi...jaise खा hi jaygi...tu ऐसे hi चाट...

आरिफ- sssrrruuuppppp....sssrrruuupppppp....sssrrruuuuupppp.....sssrrruuuppppp...

ज़ोया- uuummm....uuummmm....uuuummmmm....uuuummmmmmmmmmm....

मैं- aahhh....maza दोगुना हो gaya...bas थोड़ा aur..aaahhh....

आरिफ ज़ोया की छूट और गांड में जीभ घुसता रहा और उसने ज़ोया के छूट रास को चाट कर साफ़ कर diya...waha ज़ोया भी मेरे लुंड को मुँह में भरे चूसे जा रही थी....

ज़ोया की गर्मी फिर से बढ़ने लगी thi...uske सोहर की जीभ ने उसकी छूट को फिर से पानी छोड़ने पर मजबूर कर दिया था...

ज़ोया गर्मी से मचलने lagi...aur ये देख कर मैंने ज़ोया का सर पकड़ कर उसका मुँह छोड़ना सुरु कर दिया...

आरिफ- ssssrrruuuupppppp....sssrrruuupppppp...sssrrruuuppppppp...sssrrruuuuppppp....

ज़ोया- gggguuummmmmmm...gggguuuummmm...gggguuuummmm....kkkghhhuuummmm...kkkuuummm.....

मैं- बस मेरी randi...main आने वाला hu...ye...ye...ye...

ज़ोया- kkhhhuummmm....kkhhuummmm....kkhhuuummm......gghuuummm....

Aarif-sssrrruuupppppp...ssdrrrruuupppppp...uuummmmmmm....uuuummmm.......uuummmmmmm.....

ज़ोया मस्ती में झड़ने लगी और आरिफ उसकी छूट को मुँह में भर कर चुतरस पिने laga...yaha मैंने भी धक्के मरते हुए ज़ोया के मुँह में झाड़ गया....
 
अपडेट - 29

रूम में अब चुदाई का तूफ़ान थम चूका tha...main और ज़ोया बीएड पर नंगे पड़े थे और आरिफ चुतरस पिने के बाद बीएड पर hi बैठा था....

Main(thodi देर बाद)- मज़ा आया आरिफ...

आरिफ- है malik...choot का पानी बड़ा मस्त था...

Zoya(gusse में)- तो आज तक छूट को मुँह क्यों नहीं लगाया था...

आरिफ- पता nhi...ab जरूर लगाऊगा....

Zoya(man में)- अब कभी छूने भी नहीं मिलेगी saale...teri बीवी तो गई तेरे हाथ se...huh...

मैं- aarif...teri बीवी कमाल की रंडी hai...aaj के बाद ये मेरी रखेल बन कर rahegi...samjha...

आरिफ- जी malik...iski तो किस्मत खुल gai...aapki रखेल बनना बड़ी बात है...

मैं- तो zoya...tu अब मेरी रखेल hai...to अब अपने सोहर को दफा करो यहाँ से....

ज़ोया- जो hukm...chalo aarif......dafa हो यहाँ se....yaha मालिक अपनी रखेल के साथ rahege...tumhara यहाँ कोई काम nahi...chalo दफा हो जाओ...

Aarif(chounk कर)- kya...malik..ye क्या...

Main(beech में)- मेरी रखेल ने बोल दिया na...chalo जाओ यहाँ se...jao...

आरिफ भी मेरी बात मान कर रूम से निकल गया और उसके जस्ते hi ज़ोया मुझसे लिपट गई...

ज़ोया- मालिक आज to.......kya बोलू मैं...

Main(haste हुए)- बोलै था न की तेरा दोहर भी कुछ नहीं कर pauga..are अपने पास हर बात का तोड़ hai...hum चाहे तो कुछ भी कर सकते है...

Zoya(joor से लिपट जार)- कसम से maalik...aap सच में कमाल ho....mere सोहर के सामने hi मेरी बजा डाली और ऊपर से उसी ने मदद ki...main तो सपने के सपने में भी ऐसा सोच नहीं सकती थी....

मैं- अरे मेरी randi...abhi तो ऐसा बहुत कुछ होगा जो तूने सोचा भी नहीं hoga...are आज तो अँधेरे में hua...ek दिन उजाले में hoga...wo भी तब जब आरिफ पुरे होश में hoga...bas तू देखती जा...

ज़ोया- kyaa...aisa कैसे हो सकता है...

मैं- अरे अभी से क्यों सोचने lagi...jab होगा तब hoga...aur तू खुद एंजोये karegi...par उसमे टाइम lagega....to वो सोचना बंद कर...

ज़ोया- आप है तो मुझे क्या tention...aap बस हुक्म karo...zoya वैसा hi करेगी...

Main(zoya की गांड पर थपकी मार कर)- शाबास मेरी randi...chal अब कुछ खा लेते hai....fir तेरी रात भर faduga...hmm...

फिर फ्रेश होने हमने खाना खाया और फिर से चुदाई का दौर chala.....aur मैंने ज़ोया को सुबह 4 बजे तक छोड़ा....

सुबह जब मैं सो कर उठा तो दोपहर के 1 बज चुके the....zoya अपने रूम में जा चुकी थी...

मैं फ्रेश हुआ और लंच कर के ज़ोया को बुला liya.......aur साम तक उसकी चुदाई की...

शाम को फ्रेश हुआ और वह से निकल आया और आज रात गणेश के घर रुकने का प्लान बना कर कार दौड़ा दी......

और जा पंहुचा गणेश के ghar...jaha सब लोग मेरा hi इंतज़ार कर रहे थे...

Sushma(gate खुलते hi)- golu...tum अब आ रहे ho...pata है शाम के 6 बज रहे है...

Main-janta hu...to क्या hua...main आज से यही रुकने वाला हु न...

सुषमा- है bilkul...aur उसका इंतज़ाम भी 2ंद फ्लोर पर कर दिया hai...par अब आज की ट्रेनिंग का क्या ..

मैं- असल में मैं सोच रहा था की मॉर्निंग से hi सुरुवात करे तो सही hoga...to कल सुबह 6 बजे रेडी रहना सब...

सुषमा- तो क्या सिर्फ सुबह hi karege...shaam को नहीं...

मैं- अरे करेंगे na...shaam को भी karege...par सुरुवात सुबह के साथ और फिर कल से डेली सुबह और sham...samjhi...

सुषमा- hmm...to कल सुबह 6 baje...theek है...

आशा- अच्छा अब तुम अपना रूम देख lo....aao मेरे साथ...

फिर आशा मुझे 2ंद फ्लोर पर ले gai...ye फ्लूरे मेरा होने वाला tha...matlab मैं रहने वाला था...

असल में गणेश का घर बहुत बड़ा था...3 फ्लोर the...1st फ्लूरे काफी बड़ा बना tha...jabki बाकि दोनों फ्लोरे पर एक साइड hi कमरे थे.....

पहले फ्लोर पर hi 4-5 बीएड रूम the...aur फिर हॉल, किचेन ेट्स...

और 2ंद फ्लोरे पर एक तरफ हॉल tha....aur एक तरफ 3भक flate.....kya शानदार जगह थी....

और 3रद फ्लोर पर तो पूरा गयम का सेक्शन tha...jo मेरी कर्मभूमि बनने वाला है....

Well...flate देखने के बाद मैंने गणेश की फॅमिली के साथ खाना खाया और अपने फलते में आ कर सो gaya....aur सपनो में खो gaya....kal से ट्रैंनिंग स्टार्ट....

मैं सो तो गया पर जल्द hi मेरी खुल gai....kuch मज़ा नहीं आ रहा tha....ek तो नै जगग थी और ऊपर से मेरा लुंड भी भूखा था.....

मेरी तो हर रात सन्नो की चुदाई के साथ hi पूरी होती thi...par यहाँ सन्नो तो है nhi...fir क्या करू...

Main(man में)- क्या घंटा कुसमट है aaj...is घर में इतनी साड़ी छूट है फिर भी लुंड bhukha....kya टाइम आ गया यार....

पर करता भी kya...kisi का रपे तो कर नहीं सकता tha...isliye लुंड को शांत रखने के लिए उठ कर घूमने लगा....

थोड़ी देर बाद मैं रूम से निकल आया aaya...par लुंड अभी भी मचल रहा था...

Main(man में)- क्या करू yaar...ye चुदाई की ऐसी आदत लग गई ki...aahh...shant हो जा yaar...aaj छूट नहीं मिल sakti...shant हो जा...

पर लुंड माने तब na...lag रहा था की साला मुट्ठ मारने के बाद hi मानेगा...

पर तभी मेरे खुरापाती दिमाग ने सोचा की क्यों न नीचे का एक राउंड मार lu...saayad मन बहाल jaay...ya कोई जगता मिल जाय तो बातें hi हो जायगी...

यही सोच कर मैं दावे पेअर नीचे आ gaya...aur हॉल में घुस gaya...yaha हॉल में घाना अँधेरा फैला हुआ था और साथ में सन्नाटा भी.....

Main(man में)- यहाँ तो कुछ दिख hi नहीं raha....lagta है साले सब सो gaye...huh...ab तो मुट्ठ मरना hi hogi...tabhi सो पाउगा...

पर सायद मेरी किस्मत इतनी ख़राब नहीं thi...balki कुछ ज्यादा hi खराब थी...

क्योकि मैं जैसे hi आने के लिए मुदा तो मेरा हाथ किसी चीज से टकरा gaya...mujhe बस कुछ गिरने की आवाज़ आई...

मैं सोच hi रहा था की निकल लो यहाँ se...tabhi अंदर से एक आवाज़ आई....

""koun...koun है"

आवाज़ तो आई पर बहुत dheere......par इसका मतलब था की कोई तो है जो जाग रहा है...

मैंने तय कर लिया की ये जो भी है उसे मिल कर hi jauga...par kaise...chalo बेडरूम्स की तरफ देखता हु...

ये सोच कर मैं आगे बाद तो गया पर सच बोलू तो दर से फैट रही thi...dar था की किसी ने देखा तो क्या boluga...koi बहाना सोचना hoga...wo भी सॉलिड.....

पर मैंने कुछ सोच पता उससे पहने hi कोई मेरे पास आया और मेरा हाथ टटोलने लगा....

""आज टाइम मिला hai....main कब से इंतज़ार कर रही thi.....yahi रुको""

ये आवाज एक लड़की की thi...par बोल बहुत धीरे रही थी ....

मैं कुछ बोलना चाहता था पर उसके पहले hi उसने मेरे मुँह पर हाथ रख दिया....

लड़की- मुँह मत खोलना गलती se....chalo यही सोफे par....aur कोई आवाज़ nhi....jara सी आवाज़ भी खतरे में दाल देगी....

Main(man में)- ये है koun...aur मुझसे इस तरह चिपक क्यों रही hai...kahi ये मेरी व्हाट न लगा दे....

इतने में वो मुझे सोफे पर ले आई थी और मुझे बैठा कर मेरी गॉड में आ gai...ye सच में चौकाने वाली बात थी...

Ladki(dheere से)- hmm...chalo हिम्मत तो हुई tumhari...mujhe तो लगा था ki...chalo छोडो...

मैं- असल मममम...

Ladki(mere मुँह पर हाथ रख कर)- बोलो mat...koi मर्द की आवाज़ सुनेगा तो मरेंगे dono...tum बस वो करो जो करने की सोच रहे हो...

मैं- छ्हम्म...

Ladki(dheere से)- sshhh....muh मत kholo...pent खोलो...

Main(man में)- साला किस्मत इतनी भी बुरी nahi...pent खुलेगा और छूट milegi...maza आ गया...

लड़की- अब बैठे hi रहोगे kya....puri रात नहीं है हमारे paas...samjhe...

Main(man में)- अरे मैं तो रेडी hi हु saali...ab देख तू...

मैंने जल्दी से उसका चेहरा पकड़ा और उसके होंठो को चूसने laga...aur वो साली तो मुझसे भी गरम nikli...usne भी मेरे होंठो को चावना सुरु कर दिया...

हम किश करते रहे और मेरे हाथ उसके सीने पर पाहुवह gaye...uske बूब्स काफी बड़े the...hath में भी न समाय इतने...

मैंने बूब्स को मसलना सुरु कर दिया और वो उतेज्जित होकर मेरे होंठो को तेजी से चूसने लगी...

लड़की- uuuummmm....uuummmm.....aaaahh....kabse तड़प रही thi....uuummm....uuummmm....

मैं- uuummmmm....uuummmmm...uuuummmmmm...uuummmmmm....

रूम में सिर्फ होंठ चूसमे की हो आवाज़ आ रही थी की तभी एक सिसकी सुनासी di...ye उस लड़की की thi...kyoki मैंने उसका निप्पल मरोड़ दिया था...

लड़की- aaahhh...badmaas...kapde तो निकालने दो मेरे raja....fir अच्छे से मसल dena...par ऐसा मत करना की मेरी चीख निकल जाय...

लड़की उठी और एक hi झटके में निघ्त्य निकाल कर नंगी हो गई...

अँधेरे में कुछ दिखा तो नहीं पर उसके बापिस गॉड में बैठने से पता चल गया था की वो बिलकुल नंगी है...

Ladki(kiss कर के)- अब और मत tadpao...jaldi कपडे nikalo...aur कुचल डालो मेरे जिश्म को...

Main(man में)- अरे मुझे तो जल्दी hi है साली...

मैंने लड़की को साइड में बैठाया और जड़ली से नंगा हो gaya..aur फिर से उसे गॉड में बैठा लिया...

Ladki(lund के ऊपर बैठते hi)- मर gai...itna बड़ा है tumhara...ye तो फाड़ देगा मेरी...

Main(dheere से)- nhi...maza देगा...

Ladki(mere मुँह पर किश कर के)- आराम से karna...itna बड़ा खाया नहीं आज तक....

Main(dheere से)- हम्म...

लड़की- अब karo...jaldi से...

मैं- तेरी छूट देख लू...

Ladki(mere गाल को थपका कर)- क्या बोलते ho..lagte नहीं पर बड़े बदमाश ho...aur तुम्हारी आवाज़ bhi....aauch...

लड़की की बात पूरी होती उससे पहले hi मैंने उसे सोफे पर लिटा दिया और उसकी जांघो को फैला कर छूट पर मुँह लगा दिया...

लड़की- nhi...ye kya...aaahhhhh....time काम है....

पर मैं कहा उसकी सुनने वाला tha...mere सामने खुली छूट हो और उसे चाखू भी na...aisa हो सकता है भला....

मैं- sssrrrrruuuuuuppppppp.....ssssrrrruuuuuppppppp......sssrrruuuuppppp.....

लड़की ने जल्दी से अपने मुँह पर हाथ रख कर अपनी सिसकियों को दवाने की कोसिस ki....usko मज़ा तो आ रहा था पर दर के मारे जल्दी में थी...

पर मैं थोड़ा जल्दी में tha...maine छूट chat-chat कर पूरा मज़ा लिया और फिर जीभ को नलीला कर के छूट छोड़ने लगा...

लड़की- uuummm...nnnnhhhiii.....aaaahhhh...marwaoge kyaaaa.....uuummmm....mmmaaa...

मैंने उसकी एक न सुनी और khach-khaj छूट में जीभ पेलता raha...aur जल्द hi छूट ने नमकीन पानी छोड़ दिया...

Ladki(dheere से)- aaahhhhh....ab तो जल्दी karo....aise hi करोगे kya...usko डालो na...koi जाग गया तो कुछ नहीं मिलेगा...

Main(man में)- साली की बात में डैम तो hai..ye आराम का मामला nhi...ise जल्दी hi करना hoga...aur वैसे भी मेरा लुंड तो कबसे भरा हुआ hai..ise निपटा hi लू pahle...fir आराम से देखेंगे अगले राउंड में...

Ladki(taage फैला kar)-aao भी ab...kitni देर...

Main(jaagho को सहला कर)- हम्म...

मैंने जल्दी से लुंड को छूट पर सेट किया और एक झटके में सूपड़ा अंदर...

लड़की की तो माँ चुद gai...wo उछाल कर दूर भागने लगी पर मैंने उसे कास के पकड़ा हुआ tha...isliye वो अपने मुँह को दवाये तड़पने लगी....

लड़की- aaaaiiiii....nikalo ise...mujhe नहीं karna...maaaa....maar देगा ye....aaaaaiiiii....

Main(gaand सहला कर)- थोड़ा dard...bas...yeeehhhh....

एयर दूसरा शॉट लगते hi लुंड छूट को चीरता हुआ जड़ तक धस gaya...aur लड़की तड़फड़ाती हुई idhar-udhar हिलने लगी....

Ladki(aawaz दवा कर)- oohhh...oohhh...mmmaaaa...nniikkkaaalllooo....pplllzzzz....aaahhhhh....mmmar jaugi....nikalooooo.....aaaahhh...

मैं तुरंत झुक कर उसके होंठो को चूमने लगा और साथ में उसके बॉब्स को halke-halke मसलने लगा....

करीब 3-4 मिनट के बाद उसकी हालत थोड़ी नार्मल हुई और मैंने मौका देख कर धीरे से लुंड हिलना सुरु किया....

लड़की- aaauummm....maar hi दिया tha...bahut बड़ा है ये ...आराम se....haa ऐसे hi...aaaahhhhhhh....

मैं dheere-dheere चुदाई करता हुआ उसके बूब्स को चूसता- मसलता raha...aur इस सब से उसे जल्दी hi आराम मिल गया....

लड़की- अब ठीक hai...joor से karo...aahhh....thoda और....

मैं अपनी स्पीड बढ़ाता गया और लड़की नार्मल होते हुए पूरा साथ देने लगी....

लड़की- aahhh...ab जोर से karo...aashhh....aur tej....haa...aise hi...pelte रहो...

मैं भी अब फुल स्पीड में आ गया और dana-dann छूट फाड़ने laga....ladki भी फुल मस्ती में गांड utha-utha कर लुंड खाने लगी और थापाको की आवाज़ हॉल में फैले सन्नाटे को चीरने लगी...

लड़की- aaahhhh...main aai...ohhh...isne तो पानी निकाल diya....aaaahhhh....aaaahhhhh...aahhh....

लड़की झाड़ गई और पास्ट पद कर लेट gai...main भी उसके ऊपर लेट गया और हम दोनों ek-dusre के होंठो को चवणे लगे....

Ladki-uumm....uummmhhh...tumhara तो सच में बड़ा बेकार hai...turant hi पानी निकाल diya...aur देखो खुद फूला पड़ा है...

मैं- छ्हम्म....

लड़की- अब जल्दी से इसे शांत karo...time काम hai...fir कभी फुर्सत में जी भर कर मार लेना...

मैं- hmm....palto और कुटिया बन जाओ...

लड़की- क्या बोलै...

मैं- डोगग्य स्टाइल me...jaldi होगा...

लड़की- hmm....aisa बोलो na...ruko...

और लड़की तुरंत कुटिया के पोज़ में आ gai....aur मैंने भी जल्दी से लुंड को छूट में फसाया और लड़की के बूब्स दावते हुए धक्के मरने लगा....

लड़की- aah...aah...aaahhh...aaahhhh...aaahhhhh...

मैं धक्के मरता और हर धक्के पर लड़की अपनी गांड टकरा कर siskti...isse चुदाई की आवाज़ पुरे सन्नाटे को चूर- चूर कर रही थी...

Aahhhhh....aaahh....aaahhh...tthhpp...tthhppp...uuummm....yyyeee....yyeeee...aaahhh...tthhhhaapppp...uuummm...ttthhhaaappp....

ऐसी hi आवाज़े सुनते हुए हम दोनों चुदाई का भरपूर आनंद ले रहे the...aur कुछ देर बाद लुंड और छूट को परम आनंद की प्राप्ति हो गई....

लड़की- aaahhhh......main फिर se...aaaahhhh....aaaaiiiiiiiii.....

Main(dhakke मरते हुए)- मैं bhi...kaha करू....

लड़की- aaahhh....daal do....sambhal lugiiii...aaahhh...

मैं- yes..,yyyeeeehhhh...yye aaaya...yyyeeehhhhh........

लड़की- aaaahhhhh....itna sara....aaaaahhhhh.......daaal do....aaahhh...aaahhh...

झड़ने के मैं उसके ऊपर hi लेट गया और उसकी पीठ पर किश करने लगा...

लड़की- aahh....kitna तगड़ा है tera....maar hi dala....par मज़ा बहुत आया...

मैं- ऊम्महहहह...

लड़की- अब मुझे चेतना छोडो और निकलो यहाँ se...kahi कोई आ गया तो रंग में भांग पद जायगा...

उसका बोलना hi था की अंदर से गेट खुलने की आवाज़ आई और साथ में किसी के चलने की आहात भी....

Ladki(dheere se)-mar gaye....abhi हिलना भी mat...ruko मैं देखती hu..fir आ कर तुम्हे बहार nikalwaugi...tab तक चुपचाप बैठे rahna...samjhe...

मैं- हम्म...

लड़की आराम से उठी और अपने कपडे ढूढ़ कर pahne...fir dheere-dheere अंदर निकल गई...

उसके जाते hi मैंने भी मौके पर चौका मारा और अपने कपडे पहन कर chup-chap ऊपर निकल आया...

Main(man में)- पता नहीं कौन थी और किस्से छुड़वाने बैठी thi....par अपन को kya...jo चाहिए था मिल gaya...aur साला उसे पता भी नहीं चला की किस से छूट फतवा li....hahaha...

वैसे ये थी koun....figure से तो लग रहा था की कोई खेली हुई खिलाडी hai...par ये कौन hogi....yaha तो 1 से ज्यादा खुली हुई छूट hai...pata लगाना padega...khair वो बाद में dekhege....abhi तो सो जाते hai...kal से ट्रेनिंग भी देना है हसीनो को...
 
अपडेट - 30

और फिर मस्त चुदाई के बाद मुझे मस्त नीड आई ...और मेरी आँख तब खुली जब गेट नॉक करने की आवाज़ आई....

Main(gate खोलते हुए)- कौन है साला....

मेरे सब्द सुनते hi सामने कड़ी सुषमा गुस्से से घूरने lagi....yaha मैं भी शॉकेड रह gaya...kyoki सुषमा को देखने के बाद मुझे याद आया की ये मेरा घर नहीं....

मैं- ohh...ii..mmm सॉरी सुषमा ji...wo असल में मुझे याद नहीं raha...maine सोचा की...

Sushma(beech में)- की तुम अपने घर में ho...(muskura दिया)

मैं- जी वो main...i म सॉरी...

Sushma(muskura कर)- अरे कोई बात nhi....aisa हो जाता है kabhi-kabhi...nai जगह है na...khair वो chhodiye...ye लीजिये आपकी chai....aur रेडी हो jaiye...training करनी है न...

मैं- जी bilkul...mujhe याद hai...aur मैंने अलार्म लगाया था.. ...पता नहीं मेरा अलार्म क्यों नहीं बजा...

सुषमा- अरे अलार्म की गलती nhi...main सायद जल्दी आ गई...

Main(ghadi देख कर)- ओह ha....abhi तो 30 मं है अलार्म के लिए...

Sushma(muskura कर)- sorry...par मुझे लगा की आज पहला दिन है तो आपको जगा du....wo क्या है न की मैं जल्दी hi सो जाती हु इसलिए जगती भी जल्दी hi हु...

मैं- ohk...ye अच्छी बात hai....theek है आप सबको रेडी कर के गयम में आ jaay...main भी आता हु...

सुषमा ok बोल कर निकल gai...aur साथ में ये भी कन्फर्म कर दिया की रात वाली ये नहीं हो सकती....

Main(man में)- ये नहीं हो sakti...to कौन hogi....dekhte hai...filhal तो गयम चलता hu...dekhe तो ये मस्त माल टाइट कपड़ों में दीखते कैसे है.....

थोड़ी देर baad....GYM में.....

मैंने जैसे hi गयम में एंट्री की तो खुसी से मेरी आँखे बड़ी हो gai...aaj तक जिनको कपड़ो में कैद देखा tha...aaj वो सब अपने जिश्म को छोटे कपड़ों में jaise-taise छुपाने की कोसिस में लगी थी...

Well...sharmana तो ायरत जाट का कीमती गहना hai...aur इस वक़्त उनकी आँखों में छुपी शर्म देख कर मैं ये अच्छी तरह से समझ रहा था की सभी काफी उनकंफर्टबले फील कर रही थी...

Main(man में)- माल तो सब तगड़े लग rahe...pahle से भी jyada...par सायद सब सहमे हुए hai...ab इन्हे कैसे ठीक करू....

""गुड मॉर्निंग सर ""

ये आवाज़ सुनते hi मैं सोचना बंद किया और उनके पास आ गया...

मैं- गुड morning...but ये सर क्या hai..haa...maine समझाया था न की हम सब फ्रंड hai...isliye no sir...only golu...samjhe....

" जी"'

मैं- बहुत khoob...ab..haa...sabse पहले तो तुम सबकी टीम बनाते है...

आशा- team...team किस लिए...

पम्मी- लो ji...hum तो सोच कर आय थे की कसरत karege..par गोलू तो खेल खिलने वाले hai....badiya ji...mainu तो खेलना बड़ा पसंद है ji....bolo क्या खेल खेलना है....

पम्मी की बात सुनते hi सब है pade...par मैं उसे घूरने लगा...

मैं- यहाँ क्या होना है ये मैं बताउगा pammi...tum नहीं...

Pammi(saham कर)- सॉरी जी...

Main(muskura कर)- अरे दर गई kya...are hasi-majak तो चलते hi रहना chahiye...relax......waise पॉइंट पर आते hai...team...aap लोगो की टीम बनाई जायगी....

आशा- पर गोलू ji...areee...matlab golu...ye टीम का हम कुछ समझे नहीं...

मैं- समझाता hu...jaisa की आप सब जानती है की ॉउटरों का जिश्म वक़्त और आगे के साथ बदलता जाता hai....hai की नहीं....

सुषमा- hmm...ye तो hai...par उससे क्या...

मैं- असल me...kahne का मतलब ये है की जब एक लड़की जवान होती hai...i मैं teenage...to उसके सरीर की बनावट काफी कासी हुई होती hai...hai न...

मेरी बात पर सब शर्मा गए और कुछ ने हां में सर हिला दिया...

मैं- और उसके baad...hab वही लड़की सदी कर लेती है तो शादीसुदा लाइफ में होने वाले कुछ कामो की वजह से उसकी बॉडी के कुछ पार्ट्स चेंज होने लगते hai....hai की नहीं...

और इस बात को सुन कर तो उन सबको इतनी शर्म आई की क्या kahu...koi भी कुछ नहीं boli...bas सर झुका कर मुस्कुराने लगी...

मैं- यार plz...hasne की बात nhi...ye फैक्ट है...

Sushma(haste हुए)- हम्म्म...

मैं- और फिर शादीसुदा लाइफ आगे बढ़ने par...i मैं बच्चे होने के बाद सरीर की बनावट बिलकुल अलग होने लगती hai....hai की नहीं...

मेरी बातों पर सब अभी भी है रहे the...par कोई भी नज़र नहीं मिला रहा था...

मैं- तो इसलिए एक्ससरसीसे भी हर एक बॉडी के हिसाब से अलग hogi....aur इसके लिए टीम बनेगी....

1सत टीम- कुवारी लड़कियां

2ंद टीम - वो सब जो बच्चे को जन्म दे चुकी है..

3रद टीम - इसमें वो होगी जो शादीसुदा तो है बूत अभी तक माँ नहीं bani...ok

मेरी बात सुन कर सबने हसना बंद कर दिया और बात को समझ कर हां में सर हिला दिया.....

मैं- ok....ab जिसका नाम boluga...wo सब राइट में आ जाये....

"" जी""

फिर मैंने सबकी आगे और बॉडी के हिसाब से 3 टीम बना di.....ye रही तीनो टीम्स के मेंबर्स.....

1सत टीम

सुषमा ( गणेश की बड़ी माँ )

आशा ( गणेश की माँ )

दीपा ( गणेश की चची )

चंदा ( गणेश की बुआ )

सलमा ( गणेश की पडोसी)

परमजीत उर्फ़ पम्मी ( गणेश की पडोसी )

2ंद टीम

निशु ,नीलू ,रीनू, सीनू ( गणेश की बहने )

3रद टीम

सुमि ( गणेश की बड़ी बहिन, सुषमा की बड़ी बेटी )

पायल ( गणेश की बीवी )

मैं- है to...sab समझ गए न....

सबने एक साथ हां बोल दिया....

मैं- तो आज की ट्रैंनिंग सुरु करते hai....to टोटल 12 लोग hai...to तुम लोग 4-4 की लाइन बना लो और haa...side में 1 हाथ का गपे और aage-piche भी गैप रखना....

सबने बिलकुल वैसा hi किया और अब सब रेडी थे ट्रेनिंग के लिए.....

मैं- तो चलो warm-up करते hai....aaj सब thoda-thoda hi karege....pahla दिन है na...to चलो सुरु हो जाओ....

और ट्रैंनिंग का पहला दिन बड़े hi आराम से ख़त्म hua....halki-fulki एक्ससरसीसे, थोड़ा yoga....bas इतना कर के hi आज की क्लास ख़त्म....

पर इतने में hi सबकी बंद बज gai...kyoki ये सब किसी ने पहले किया hi नहीं tha...isliye आज तो दर्द होना बनता hi है....

ट्रैंनिंग के बाद सबने दर्द की शिकायत की पर मैंने सबको समझाया की ये दर्द कुछ दिन होगा hi....aur haa...dard के लिए टेबलेट्स मत lena...aur अब कल सुबह hi आना ...साम की छुट्टी....

यहाँ तो ट्रैंनिंग सेशन निपटा diya...par कुछ था जो मुझे परेशान कर रहा tha...,wo थी वो aourat...jisne कुत्ते की वजह से मुझे काफी कुछ सुना डाला था,..

इसलिए मैं लंच के बाद पहुंच गया मेरे office....simi के पास.....

मैं जैसे hi सिमी के केबिन में पंहुचा तो वो jor-jor से हसने लगी.....

मैं- अब तुझे क्या hua...muh क्यों फाड़ रही है...

Simi(mere पास आ कर)- बस आपकी हालत पर हसी आ gai...ye क्या चेहरा बना कर आय hai....ye बड़ी dadi....badi moochh....huh...

मैं- अब क्या bolu...sala कोई देख न ले isliye....tu जानती तो है sab...main नहीं चाहता की किसी को पता चले की कंपनी का बॉस यहाँ है....

सिमी- ohk...to फिर मुझे बुला lete...aapne क्यों तकलीफ की...

Main(baithte हुए)- aaah....are बताता hu...pahle तू गेट लॉक कर...

फिर सिमी ने गेट लॉक किया और आ कर मेरी गॉड में गांड टिका दी...

मैं- ओह ho...tu सुधरेगी nahi...god में hi maregi...aur कोई जगह नहीं मिलती...

Simi(gale लग कर)- nhi...aapki गॉड में जो सुकून hai...wo कही और नहीं...

Main(peeth सहला कर)- ohhh....tere पति की गॉड में जा na....sab मिल जायगा....

सिमी- ुम hu....wo सिर्फ नाम का पति hai...mujh पर पूरा हक़ तो आपका hi है....

मैं- ohk...ab ये सब रहने de...aur मेरी बात ध्यान से सुन....

और मैं काफी देर तक सिमी को कुछ समझाता raha...humari बात चल hi रही थी की टेबल पर रखा लैंडलाइन बजने लगा....

सिमी ने फोन पर बात की और किसी को अभी अंदर भेजने से मन कर diya...par मेरे कहने पर उसे अंदर भेजने को बोल diya....kyoki कोई लड़की अंदर आना चाहती thi...naam था कोमल....

Simi(phon रख कर)- आपने ऐसा क्यों bola...main उससे बाद में मिल लेती...

Main(muskura कर)- अब क्या karu...main किसी लड़की को वेट नहीं करवा सकता na...dil hi कुछ ऐसा है...

Simi(gate खोलते हुए)- बड़ी अच्छी तरह जानती हु इस दिल ko....hehehe....

मैं- वैसे ये है कौन...???

सिमी- अरे नई एम्प्लोयी hai....waise इसका पति अपने यहाँ की सिक्योरिटी में hai....usi के कहने पर इंटरव्यू लिया tha....typing के लिए....

मैं- ohh...security गार्ड की biwi...hmm...

सिमी- haa...abhi-abhi सदी हुई hai...bas 2-3 मंथ हुए होंगे...

मैं- बहुत acche...chalo अब तुम बॉस की कुर्सी sambhalo...main सामने बैठता हु....

फिर सिमी बॉस की जगह बैठी और मैं उसके saamne...aur कुछ देर बाद hi कोमल अंदर आ गई....

कोमल- क्या मैं अंदर आ सकती हु मेम...

सिमी- ओह komal...aa जाओ...

मैंने कोमल की आवाज़ सुन जार तुरंत पलट कर dekha....to बस देखता hi raha...kya शानदार ायरत thi...are ायरत नहीं लड़की hi thi....koi 22-23 साल की खूबसूरत हसीना थी वो....

साड़ी में लिपटी मखमली जिश्म की malkin...uper से खुले लहराते baal....chikni kamar....gulaabi होंठ और दो mast-mast aankhe....jinme झाकते हुए उसे प्यार करने का दिल करने लगा....

मैं तो उसे देख कर खो सा गया था पर सिमी को मेरी ख़ुशी बर्दास्त नहीं हुई सायद और उसने बीच में टोक दिया....

सिमी- बैठो komal...aur बताओ की तुम kya-kya जानती हो....

कोमल- mem...main कंप्यूटर वर्क कर लेती hu...aur टाइपिंग तो मैंने सीखी हुई है और काम भी किया है....

सिमी- good...waise कहा काम किया है तुमने....

कोमल- मेम मैं सदी से पहले पवत. स्कूल में टीचर thi...aur पड़ने के अलावा वह के कंप्यूटर वर्क भी मैं करती थी और टाइपिंग bhi...asal में टाइपिंग का पूरा ज़िम्मा मेरा hi था वह..,

सिमी- good....ek बात batao,...tum जॉब क्यों करना चाहती हो...??

कोमल- mem...aap तो जानती है की मेरे पति की सैलरी कितनी hai...usme घर तो चल सकता hai...but पैसा सेव करना भी जरूरी है na..,future के liye....to मैंने सोचा की कुछ मैं भी कमाने लागु तो अच्छा होगा...

सिमी- वैरी गुड thought....i लिखे आईटी....

कोमल- थैंक यू mem...waise मुझे काम कहा करना होगा....

ये सुनते hi सिमी कुछ बोलने वाली थी पर मैंने उसे आँखों से इसरा कर diya...jise समझ कर सिमी चुप रह गई और कोमल को बोल दिया की वो अभी बहार baithe...usko जल्दी hi काम बता दिया जायगा....

कोमल- ठीक है मेम....

कोमल के जाने के बाद सिमी मुझे घूरने लगी....

Simi(aankhe घुमा कर)- क्या हुआ boss...kya चल रहा है मंद में...

Main(muskura कर)- hmm....bas इस खूबसूरत हसीना को देख कर इसको काम देने का सोच रहा हु...

सिमी- ohh...dil आ गया इस पर bhi...aur आएगा क्यों nhi...maal तो हॉट hi था...

मैं- वही to....bas इसके लिए काम सोच lu...fir अपना काम देखु...

सिमी- तो क्या सोचा....

Main(khade हो कर)- batauga....aaj साम तक सोच कर बताता hu...tab तक तुम संभल लो use.....filhaal मैं चलता हु...

Simi(muskura कर)- आज मेरी प्यास नहीं बुझाओगे...

मैं- तुम्हारी प्यास अच्छे से bujhauga....par आज nhi....bad me...abhi मेरा टारगेट कोई और hai...bye....

और फिर मैं नकली dadi-mooch के साथ ऑफिस से निकल गया और कार दौड़ा दी फार्म हाउस की तरफ......,

फार्महाउस पहुंचते hi मैंने आरिफ को वह paya....jise देख कर मुझे बड़ा गुस्सा aaya....par मैंने अपने आपको शांत रखा....

Main(man में)- ये साला जरूर ज़ोया से मिलने आया hoga....iski तो मैं बंद बजता हु....

Aarif(mujhe देखते hi)- अरे malik...accha हुआ आप आ gaye....main आपके बारे में hi पूछने आया था....

मैं- accha....par मुझे तो लग रहा है की तू अपनी बीवी से मिलने आया hai...bola था न की....

Aarif(beech में)- नहीं malik....main उसके लिए नहीं aaya....sab याद है mujhe...main सच में आपको देखने hi आया था....

मैं- kyo...mujhse क्या जरूरी काम पद gaya....haa...

Aarif-batata हु malik....aap बैठो na....main बस अभी आया....

Main(baith कर)- साला मुझे बैठा कर कहा निकल gaya....ab कौन सी मुसीबत आ गई इसे....

आरिफ मुझे बैठा कर गया था तो मुझे उस पर गुस्सा आ रहा tha...par जब वो लौट कर आया तो मेरा गुस्सा छू हो gaya...kyoki बापिस आते वक़्त उसके साथ थी उसकी खूबसूरत बेटी....

Main(man में)- साला ये तो मेरे शिकार को लाया hai....hmm....bekaar में गुस्सा हो रहा tha....ye तो मूड बनाने आया था sala....hahaha....

Aarif(paas आ कर)- malik...ye मेरी बड़ी बेटी hai....aapko याद है na...tabu...

मैं- huh....ha याद aaya.....ye उस दिन ज़ोया के साथ आई तो thi....are कैसी हो तब्बू...

तब्बू- नमस्ते साब....

मैं- namaste....aaj कैसे आना hua...apni अम्मी से मिलने आई थी क्या....

तब्बू ने मेरी बात का जवाब नहीं दिया बल्कि अपने अब्बू की तरफ देखने लगी...

मैं- अरे क्या hua...chup क्यों हो...

आरिफ- malik...asal me..,ye आपसे hi मिलने आई थी....

Main(muskura कर)- ओह्ह मुझसे milne....bolo fir...koi काम था क्या...

Tabu(sir झुकाये)- साब वो आपने नौकरी का बोलै tha..,to main...bas...

Main(man me)-are तेरी ki...ye तो दिमाग से निकल hi गया tha...,are इसकी जवानी का शिकार करने के लिए नौकरी का दाना डाला tha...kaise भूल गया...

आरिफ- malik....kya इसे कोई नौकरी मिल सकती है...

मैं- अरे जब मैंने बोलै था तो मिलेगी hi na...koi शक है तुम्हे....

Aarif(hath जोड़ कर)- अरे malik...aap पर शक तो सपने में भी नहीं कर sakta...main तो बस...

Main(beech में)- तुम चुप raho,...aur tabu...jaisa की मैंने बोलै था की तुम नौकरी karogi....matlab करोगी hi...tum कल hi ऑफिस आ jana...are आ क्या jana...kal मेरे साथ hi ऑफिस chalna...main तुम्हे घर से उठा luga....theek....

Tabu(khush हो कर)- जी साब....

मैं- aarif....kal इसे तैयार rakhna....aur tabu...aur कुछ बात होगी तो मैं फोन कर दुगा tumhe.....theek....ab तो खुश हो न...

तब्बू- जी साब...

आरिफ- सुखरिया malik...ab मैं इसे घर भेज औ...

मैं- theek...bhej aao....aur बापिस यही aana.....tumse कुछ काम है...

आरिफ- जो हुकुम मालिक....

फिर आरिफ तब्बू को लेकर निकल gaya...aur मैं पीछे से तब्बू की मटकती हुई गांड देखते हुए उसकी जवानी का रास चखने का सोचने लगा....

नोट- hello frnds.....updates पोस्टेड....

Well...ek एडवाइस चाहिए thi....seduction के बारे में....

काफी लोगो ने कहा की सेडक्टिव dalo...to मैं जानना चाहुगा की आप सब किस टाइप का सेडक्टिव पसंद करते है...

और क्या जो सेडक्टिव इस स्टोरी में hai...wo ठीक नहीं..??

बताये जरूर....

नाउ एंजोये थे स्टोरी.....

थैंक्स......
 
अपडेट - 31

ऑफिस में कोमल को देखने के बाद मैं फार्महाउस पंहुचा तो वह तब्बू मिल गई....

एक hi दिन में दो फ्रेश maal...in दोनों का जुगाड़ तो करना hi hoga....yahi सोच कर मैंने कोमल और तब्बू को ऑफिस में सेट कर दिया....

फिर आरिफ तब्बू को लेकर निकल gaya...aur मैं पीछे से तब्बू की मटकती हुई गांड देखते हुए उसकी जवानी का रास चखने का सोचने लगा....

अब आगे......

Main(man में)- इस साली तब्बू की गांड तो क़त्ल कर देती है mera....aaahh....kab मिलेगी ye...chalo ये अच्छा raha.....ab कोमल और तब्बू का काम एक साथ बन gaya....dekhte है इस दोनों से मेरा काम कब निकलेगा....

पर जब तक बेटी नहीं मिलती तब तक माँ तो hai....beti के मिलने तक माँ से hi काम चलता हु न....

ये सोच कर मैं अपने आलीशान बैडरूम में पंहुचा और ज़ोया को भेजने का आदेश दे diya....aur मेरा आदेश होते hi बिना देरी किये ज़ोया मेरे रूम में आ गई....

ज़ोया ने आते hi गेट लॉक किया और मुस्कुराती हुई मेरे पास आ गई और अपनी गांड मेरी गॉड में टिका di....aur अपनी बाहें मेरे गले में लपेटने लगी....

पर इस से पहले की वो मुझे बाहों में भर sake...wo सीधा फरसे पर जा giri...aur उसकी मुस्कान गायब हो गई...

Zoya(mujhe गुस्से से घूर कर)- ये क्या किया...

मैं- क्या बोलै साली....

और मैंने उठ कर ज़ोया के गाल पर एक थप्पड़ जड़ दिया....

ज़ोया- आआह्ह्ह्हह...

मैं- साली मुझे गुस्सा dikhaygi...mujhe....

और ज़ोया को एक और थप्पड़ pada...aur इस बार उसकी चीख पहले से भी ज्यादा निकली....

ज़ोया- aaaaaiiiiiiiii.....malik....

मैं- haa...ab याद आया na...main तेरा मालिक hu...aur तू मेरी rakhel....yaad आया...

Zoya(gaal पकड़ कर)- जानती हु malik....isliye तो अच्छी रखेल की तरह आपको खुश करने आई thi...isme गलत क्या किया....

मैं- galti....hmm...tune बिना पूछे मेरी गॉड में अपनी मोती गांड क्यों टिका di....malik से पूछ कर hi काम करना होता hai..yahi रखेल का काम hai....malik जब कहे तब hi कुछ करना होता hai...apni मर्ज़ी से nhi...samjhi....

Zoya(gaal सहला कर)- जी मालिक...

मैं- आगे से याद rakhna...ab चल मेरे लिए पेग bana....aur ये kya...tune कपडे क्यों पहने hai....mere रूम में आते hi तुझे नंगा होना chahiye....ye भी याद rakh...ab chal....suru हो जा...

ये बोल कर मैं बापिस बीएड पर बैठ गया और ज़ोया भी जल्दी से उठी और नंगी हो कर मेरे लिए पेग बनाने लगी....

Zoya(peg देते हुए)- ये लीजिये मालिक...

Main(muskura कर)- hmm...ab कुछ ठीक hai...chal टिका ले अपनी गांड मेरी गॉड me...aaja....

ज़ोया जैसे hi मेरी गॉड में बैठी तो मैंने शराब को उसके होंठों पर उड़ेल दिया और फिर उसके होंठो को चूसते हुए शराब पिने लगा....

Main(peg ख़त्म होने के बाद)- sssrrruuuupppppp.....aaahhhhh....aaj तो नशा कुछ ज्यादा hi हो रहा hai....lagta है तेरा जिश्म आज कुछ ज्यादा hi नशीला है....

Zoya(muskura कर)- बस आपको देख कर hi tan-badan नशीला होने लगता hai...taki आपको नशा दे सकू....

Main(muskura कर)- बातें तो बड़ी अच्छी करने lagi...chal एक काम kar....puri बोतल ले aa....aaj पानी की जगह तेरे जिश्म का रास मिलाउंगा और चखने की जगह तुझे hi खाऊंगा.....

Zoya(angdaai ले कर)- आपके लिए चखना बहुत है malik....jee भर के लीजिये....

Main(gaand पर थपकी मार कर)- वो तो hai...chal बोतल ले आ....

ज़ोया उठ कर बोतल ले आई और उसके आते hi मैंने उसे khade-khade शराब से नहला दिया.....

ज़ोया- aaa.....ye kya...puri खली कर दी....

मैं- टेंशन मत le....mere पास न hi शराब की कमी है और न hi शराब ki....ruk...aisi hi कड़ी रहना....

फिर मैंने एक कॉल किया और कुछ देर बाद काम करने वाली लड़की शराब की बॉटल्स से भरी ट्रॉली ले कर आ गई.....

Main(zoya से)- जा गेट ओपन कर और शराब ले aa....aaj तुझे शराब से इतना नहलाऊंगा की तेरा ang-ang नशीला हो jayga....ja ऐसे hi जा....

ज़ोया शराब से भीगी हुई नंगी hi गई और गेट ओपन कर के ट्रॉली अंदर ले ली....

मैं- अब aaja...gate बंद कर de...par लॉक मत करना....

ज़ोया- क्यों मालिक...

मैं- साली फिर से ावुकत भूल gai....mujhse सवाल....

ज़ोया- माफ़ी malik....galti हो gai....maafi....

और ज़ोया जल्दी से गेट लटका का आ gai...aur उसके आते hi मैंने 2 और बोतल शराब से उसे नहला दिया....

Zoya(anglai ले कर)- aaahhhh....ab कितना नहलेगे malik....piyege नहीं क्या....

और ज़ोया जल्दी से गेट लटका का आ gai...aur उसके आते hi मैंने 2 और बोतल शराब से उसे नहला दिया....

Zoya(anglai ले कर)- aaahhhh....ab कितना नहलेगे malik....piyege नहीं क्या....

मैं- पिऊंगा मेरी jaan....jee भर के piuga....bas थोड़ा इंतज़ार kar....koi आने वाला है.....

Zoya(saham कर)- malik...kya मुझे आप के अलावा किसी और के साथ भी...

मैं- kyo...agar मैं कहुगा तो नहीं करेगी क्या....

ज़ोया- main...kyo nhi....aapki रखेल hu...jo आप कहे वो करुँगी....

Main(zoya का सर पकड़ कर)- क्या बात है मेरी raand....shabaas.....par आज ऐसा कुछ नहीं hoga....aaj तो तुझे सिर्फ मैं पिने वाला हु....

ज़ोया- तो फिर इंतज़ार किस लिए....

Main(kiss कर के)- बस देखती ja...wo आय फिर.....

मेरी बात पूरी भी नहीं हुई की गेट पर आरिफ आ गया....

Aarif(bahar से)- malik.....malik....

आरिफ की आवाज़ सुनते hi ज़ोया की फैट gai...hamesha की tarah...aur वो घबराई हुई सी मुझे देखने लगी.....

Main(muskura कर)- क्या hua....are...lagta है भूल gai....tujhe याद नहीं की मैं जब भी चुदाई करता हु तो पेग आरिफ hi बनता hai....yaad है न....

ज़ोया- है malik....par आज कैसे karege....towel से चेहरा छुपा लू या अँधेरा कर दू....

मैं- naa.....ek hi चीज को दोहराना नहीं chahiye....ye मुझे पसंद nhi....mujhe हर बार नया करने में मज़ा आता है....

Zoya(sahmi हुई)- वो सब तो ठीक है malik....par आज करेंगे कैसे....

मैं- hmm....kuch सोचता हु......

Aarif(bahar से)- malik....mere लिए क्या हुक्म है....

मैं- ये saala....tu ruk....main बताता हु...

आरिफ- जी मालिक...

Zoya(gate को देखने के बाद मुझे देख कर)- मालिक......

मैं- अरे ऐसी सूरत मत bana....ku ह सोच रहा हु na....hmmm....idea...ab देख कैसे तेरे सोहर से तेरा hi पेग बनवा कर गटकता hu.....dekh बस....

Zoya(ghabra कर)- क्या करने वाले है malik....mujhe मरवा मत देना....

Main(joor से)- साली तुझे मरवा दोय तो गांड किसकी maruga....tere सोहर ki....chupchap देखती ja....aaj मज़ा आए वाला है.....

फिर मैंने आरिफ को अंदर बुला लिया और अंदर आते hi आरिफ ने गेट बंद किया और जैसे hi पलटा तो उसकी आँखे बड़ी हो गई.....

आरिफ के सामने ज़ोया शराब से सराबोर नंगी कड़ी हुई thi....par इस वक़्त आरिफ के सामने उसकी बीवी का पिछवाड़ा था....

आरिफ- malik....malik...ye sab....ye क्या है....

मैं- kyo....aisa क्या देख लिया जो सकपका gaye...tune तो मेरे रूम में कई बार अयर्तों को नंगा देखा hai...fir आज इतना चौंक क्यों गया....

आरिफ- नहीं malik....mera matlab....wo नंगा तो कई आयतों को dekha...par शराब से नहाया हुआ नशीला बदन आज तक नहीं देखा....

मैं- अरे wah....tujhe पता चल गया की ये शराब से नहीं हुई hai....haa...

आरिफ- अरे malik....shraab को तो दूर से hi पहचान लेता हु main....khusbu hi ऐसी hai...par aaj....uuuummm...sharab के साथ इसके जिश्म की खुसबू और भी मज़ेदार hai....uuummmm.....

Zoya(man में)- साले gaandu....apni बीवी की खुसबू पहचान नहीं पता और बातें badi-badi....kameena....

Main(gusse से)- aarif....teri इतनी हिम्मत की मेरे माल की खुसबू ले....

Aarif(sakpaka कर)- नहीं malik...main तो bas...wo आपने पूछा to...maaf कर दो....

मैं- hahaha,....are घबरा mat....aaj तुझे खुली छूट hai...aaj इसके अंग को तू सूंघना भी और चाटेगा भी....

Aarif(khush हो कर)- सच मालिक....

Main(bed पर लेट कर)- bilkul....par जब मैं कहु और जहा मैं kahu....samjha....

Aarif(khush हो कर)- जी मालिक....

मेरी बात सुन कर ज़ोया ने तिरछी नज़रों से मुझे dekha....wo काफी दरी हुई दिख रही thi...aur उसकी आँखों से पता चल रहा था की वो मुझसे मिन्नत कर रही थी ki....par आज मेरा मूड कुछ अलग hi था.....

मैं- hmm...chalo अब बहुत hua....ab मूड बना लू jara....aaja मेरी raand...thoda लुंड चूस के इसे तैयार तो कर de...chal आजा....

ज़ोया की हालत तो वैसे hi दर के मारे बेहाल थी ऊपर से लुंड चूसने का aadesh...uski तो फटी पड़ी थी आज....

फिर भी ज़ोया dheere-dheere आरिफ से चेहरा छुपाते हुए मेरे पास आई और बैठ कर मेरे लुंड को आज़ाद किया और हाथ में थमा....

तभी मैं थोड़ा पीछे खिसक gaya...aur ज़ोया को आगे आना पड़ा...

अब ज़ोया आधी लेती हुई मेरा लुंड चाटने लगी और आरिफ ये नज़ारा देखते हुए मन hi मन खुश होने लगा....

ज़ोया- ssssrrrrrrruuuuuupppppp.....ssssrrrruuuuuppppp.....sssrrruuupppppp.....sssrrruuuppppp....

मैं- aaahhh...dekh aarif....kya चूसती है मेरी raand....kabhi तेरी बीवी ने चूसा ऐसे....

Aarif(sakpaka कर)- kk...kya मालिक...

मैं- अरे बोल na...aaj मैं तेरे और तेरी बीवी की सेक्स लाइफ पर बात करते hai...to चल bol....zoya ने चूसा कभी aise...huh...

मेरा सवाल सुन कर ज़ोया रुकी पर मेरे इसारे से दोवारा काम में लग gai...waha आरिफ भी मेरी बात सुन कर सकते में आ gaya...ki आखिर जवाब क्या दे....

मैं- aahhh....kya बात hai....aise hi चूस ज़ोया....

इतना बोल कर मैं जान- बूझ कर रुक गया और आरिफ को देखने लगा....

आरिफ के चेहरे का तो रंग hi ुध गया tha...aur यहाँ ज़ोया भी लुंड को मुँह में भरे शॉकेड हो गई...

मैं- अरे मेरा मतलब था की ज़ोया भी तेरा चूसती है aisa...wo बात पूरी hi नहीं ki...to बोल aarif...bata न....

आरिफ- जी wo....malik...zoya तो बहुत seedhi-saadi hai....wo ये sab...nhi malik...wo ऐसा करने का सोच भी नहीं सकती....

मैं- ओह ho...suna मेरी raand....iski बीवी ज़ोया तो लुंड चूसने का सोचती भी nhi...aur तू तो बड़े मज़े से चूसती hai....kamaal है न....

Zoya(man में)- अरे गांडू तेरे को क्या पता की तेरी बीवी चीज क्या hai....are लुंड चूसना तो chhod....teri बीवी तो तेरे hi सामने चुद गई और तुझे हवा भी नहीं lagi....aur आज भी तू अपनी बीवी को गैर मर्द का लुंड चूसते देख रहा है और मज़े ले रहा है.....

मैं- है तो aarif....aur बताओ कुछ ज़ोया के बारे me....kya है न की ये मेरी रांड तेरी बीवी की बातें सुन कर ज्यादा मूड में aaygi....accha ये बताओ की उसका जिश्म कैसा hai...mera मतलब उसके boobs...chutad....batao कुछ....

आरिफ मेरी बात सुन कर शॉकेड हो gaya....kyoki कोई भी मर्द अपनी बीवी के जिश्म की चर्चा सबके सामे नहीं karta....to शॉकेड होना लाज़मी था...

और दूसरी तरफ ज़ोया के दिल की धड़कन भी बाद gai....ye सोच कर की आरिफ उसके बारे में क्या बोलेगा और किस अंदाज़ में बोलेगा.....

माहौल अजीब सा tha....koi परेशान था और कोई utsuk....aur इस सब में सिर्फ मैं मज़े में tha...waise मज़ा तो आरिफ और ज़ोया को भी आ रहा था....

मैं- अरे इतना क्या सोच रहा है aarif....bata न....

आरिफ- huh...ha malik...wo मेरी बीवी to....wo तो बस सीढ़ी सी hai....kuch खास है hi नहीं बताने ko...to क्या बोलू....

Main(zoya का सर सहला कर)- सुना मेरी raand....ye कहता है की इसकी बीवी में कुछ खास है hi nhi....hahaha.....

Zoya(man में)- साले kutte....tujhe मुझ में कुछ खास नहीं dikhta....tu तो सच में गांडू hi hai...ye देख मेरे जिश्म की khasiyat....malik को दीवाना बना diya...aur तुझे कुछ खास नहीं dikha....kutta कही का....

मैं- अरे aarif....aise मज़ा नहीं aayga....accha एक काम kar...tu यहाँ आ कर मेरी रांड को छू कर dekh...aur फिर याद करके बताना की इसके मुकावले तेरी बीवी का अंग कैसा hai...chal aaja....aur सुरुवात कर इसकी जाघों se....aaja....

मेरी बात सुनते hi ज़ोया की फिर fati....usne तुरंत मुझे dekha....wo मुझे रुकने को बोल रही thi.....par मैंने उसे मन कर diya...aur वो फिर से लुंड चूसने में लग गई....

Aarif(man में खुश होता हुआ)- जो हुक्म मालिक....

Main(zoya को थपकी मार कर)- dekha....tera जिश्म छूने की कितनी तम्मन्ना है iski....ab ये बताएगा की इसकी बीवी क्या बाला है.....

Zoya(man में)- आ saale....aur छू कर पहचान की ये तेरी बीवी है की nahi....aur अल्लाह kasam...aaj अगर तू मुझे नहीं पहचान पाया na....to आज से तुझे शोहर नहीं manugi...bas मालिक की रखेल hi rahugi....aaja....

मेरी बात सुन कर आरिफ हमारे पास आया और उलटी लेती हुई ज़ोया के पैरों के पास खड़ा हो गया.....

मैं- अरे इसकी जाँघे pakad....thoda sahla....naap इन्हे हाथो se....fir ज़ोया के बारे में सोच और बता की उसकी जाँघे कैसी है....

आरिफ झुका और दोनों हाथो से ज़ोया की जाँघे थम li...aur हलके हाथो से सहलाने लगा....

आरिफ ने जैसे hi ज़ोया की जाँघे थमी तो ज़ोया उत्तेजित हो गई और मेरा लुंड जोर से चूसने lagi....ab हम तीनो apne-apne मज़े में लीं होने वाले the...par तभी किसी ने गेट नॉक किया और रंग में भांग पद गया....

Main(gusse से)- कौन है मादरचोद....

मेरे सवाल के जवाब में काम करने वाली लड़की की आवाज़ aai...aur मैंने उसे अंदर बुला लिया....

Main(gusse से)- क्या hua....tujhe पता है न की मैं इस वक़्त बिजी हु....

लड़की- sir....sorry...but बहार एक गेस्ट आपसे अर्जेंट मिलना चाहता है....

मैं- कौन सा गेस्ट....??????

लड़की- एक लेडी आई hai....naam hai...huh...yes ...mrs.siya....aur वो काफी जल्दी में hai...isliye....sorry सर....

मैं- ohk....koi nhi...main आता hu....tum जाओ...
 
अपडेट - 32

सिया का नाम सुन कर मेरा गुस्सा काम हो gaya...aur मैंने आरिफ को बहार भेजा और खुद भी रेडी हो कर निकल gaya.....aur हमारे जाने के बाद ज़ोया भी रेडी हो कर निकल गई....

Main(siya के सामने)- hello siya.....kaisi है आप....

Siya(khadi हो कर)- hello गोलू ji....main ठीक hu...aap बताये....

मैं- अरे आप कड़ी क्यों हो gai....baithiye न...

सिया- nhi....main बैठने नहीं आई hu...balki आपको लेने आई हु...

मैं- ओह ho....ok...par जाना कहा है....

सिया- लगता है आपकी याददास्त कमजोर hai....baadaam खाया kijiye....hehehe....

Main(muskura कर)- ठीक hai....ab बताइये तो सही की मैं क्या भूल गया.....

सिया- अरे आपने बोलै था न की अपबा फार्म dikhayge....yaad है...

मैं- ओह ho....aisa कहिये na....chaliye चलते है....

सिया- ी म रेडी....

फिर मैं सिया के साथ फार्म में निकल gaya.....khet के किनारे पतली मेड (ऊँची गली) से होते हुए हम आगे बढ़ने लगे....

सिया मेरे आगे चल रही थी और मैं पीछे से उसकी मटकती हुई गांड देखते हुए आगे बाद रहा था.....

सिया- aaa....aaauuucchhh.....

अचानक सिया स्लिप हुई और उसका पेअर मुद गया.....

मैं- अरे आप ठीक तो है....

सिया- aahh....nhi...mera pair...oh माँ....

मैं- पर aap....hua क्या आखिर....

सिया- aahhh....ye सब हाई हील सांडले की वजह से hua....oh माँ....

मैं- एक minute...main देखता हु....

सिया- लगता है मोच आ गई....

मैं- है bilkul....mujhe देखने दीजिये....

मैंने फिर सिया का पेअर पकड़ा और हल्का सा घुमा diya....pair की नस चटक गई और दर्द गायब.....

सिया- aaaaaaaaa.....aaahhh.....ye kya....sara दर्द ख़त्म....

Main(muskura कर)- देखा न....

सिया- आप तो जादूगर nikle....ye भी जानते है....

मैं- जनता तो बहुत कुछ hu....filhal आप ठीक है न,...

Siya(khadi होते हुए)- aaahhh....nhi....sayad चल नहीं पाउगी....

मैं- अरे कोसिस kijiye....laiye मैं हेल्प करता हु....

फिर मैंने सिया को सहारा दे कर उठा लिया और आगे बढ़ने lage....siya को चलने में दर्द हो रहा tha...,par मेरा सहारा प् कर वो आराम से चलने लगी.....

मैं- लगता है आज भी आप घूम नहीं paygi...chaliye बापिस चलते है....

सिया- kyo.....are चल तो रही हु....

मैं- पर बिना सहारे के नहीं....

सिया- तो आप है न सहारा देने ko....aapko कोई प्रॉब्लम हो तो....

Main(beech में)- बिलकुल nhi....chalte है....

और मैंने सिया का एक हाथ अपने कंधे पर फसाया और दूसरे हाथ से उसकी कमर को पकड़ा और आगे बढ़ने लगे.....

सिया का जिश्म मेरे जिश्म से चिपक गया tha....ek तरफ उसके ब्लाउज से जानते हुए बूब्स मेरी आँखों के सामने थे और दूसरी तरफ मेरे कड़क हाथ उसकी चिकनी कमर को जकड़े हुए थे....

Siya(najar घुमा कर)- काफी hara-bhara खेत है....

Main(boobs घूरते हुए)- hmm....meri नजर तो घाटों पर है.....

सिया- ghaati....par मुझे तो नहीं दिखी....

Main(boobs घूरते हुए)- मेरी नजर से देखिये...

तभी सिया ने मेरी नजरों को पकड़ लिया.....

Main(najar हटा कर)- matlab....mujhe पता है की हरियाली के साथ घातिया भी है yaha....abhi झाड़ियों में छिप गई है न....

Siya(muskura कर)- hmm....aapki najar....main क्या कहु....

मैं- waise.....ghaatiyan बहुत चिकनी hai....aur बड़ी भी....

Siya(sharma कर)- अच्छा....

मैं- और नीचे का हिस्सा भी फिसलन भरा है....

सीता- संभल कर rahna....kahi फिसल मत जाना....

मैं- अरे nhi....mujhe ऐसी घाटियों पर चढ़ने का पुराण तजुर्बा hai....aur खाइयों में उतरने का भी....

इतना बोलने के बाद मेरी नजर सिया की नजरों से mili.....hum कुछ पल ek-dusre को घूरते रहे की तभी अचानक बारिश सुरु हो गई....

सिया- ओह माय god....barish को भी अभी आना tha....aur कितनी tej,...hum भीग जायगे....

मैं- nhi....wo देखो waha....waha झोपडी hai....chalo....

हम आगे बढ़ने लगे और बारिश भी बढ़ने लगी....

सिया- ऐसे तो हम पहुंचने के पहले hi भीग जायगे....

मैं- सही kaha....aise काम नहीं banega....ek मिनट....

और मैंने सिया को बाहों में उठा लिया और झोपडी की तरफ चल दिया....

सिया- अरे ये kya....mujhe उतरो.....

मैं- अरे तुम चल तो प् नहीं rahi....isliye उठा luya....jaldi पहुंच जायगे....

सिया कुछ नहीं boli...balki अपनी बाहें मेरे गले में दाल दी ताकि मुझे आसानी ho....aur हम दोनों भीगते हुए झोपडी तक पहुंच गए....

Main(siya को खड़ा कर के)- लो पहुंच गए....

सिया- पर फायदा kya....hum तो पुरे भीग चुके है....

मैं- बारिश तेज थी न....

और फिर मेरी नजर सिया पर टिक gai....barish की वजह से उसकी साड़ी उसके जिश्म से चिपक गई थी....

साड़ी के ऊपर से hi उसका ब्लाउज साफ़ दिख रहा tha....aur उसके ब्लाउज के चिपकने से निप्पल भी सर उठा रहे the.....bade-bade बूब अपना आकार दिखा रहे थे.....

सिया ने जब मुझे यु घूरते हुए देखा तो वो थोड़ा गुस्सा हो gai....aur अपनी साड़ी से ब्लाउज को पूरा धक् लिया....

मैंने भी अपनी नजरें घुमा ली और कुछ देर तक हम खामोश खड़े रहे...

Siya(kuch देर बाद)- golu....mujhe सर्दी लग रही hai,...mere कपडे bhi....ab क्या करे....

मैं- एक काम karo....tum अंदर जा कर कपडे निकाल lo.....sardi नहीं लगेगी....

Siya(gusse से)- kya....fir क्या karu....aise hi घूमू क्या....

मैं- अरे nhi....main कपडे मगवाता हु न.....

सिया- पर मेरे कपडे कहा से आयगे....

मैं- अरे तुम्हारे nhi....mere फार्महाउस पर तुम्हारे लिए कपडे मिल jayge....ok...

सिया- जल्दी मगवाइये fir....main तभी चेंज करूगी....

मैं- पर कपडे आने में देर lagegi....tum अंदर जाओ और कपडे निकाल lo....gate लॉक कर lena....ok....

Siya(gusse से)- अब ये भी आप batayge....bina गेट लॉक किये कोई कपडे निकलता है kya...huh....

मैं- sorry...main कॉल करता हु.....

फिर मैंने कॉल कर के कपडे मगवा liye...par सिया अंदर नहीं gai...wo कपड़ों का वेट करने लगी....

मैं- waise....baarish की बूंदों ने आपकी खूबसूरती बड़ा दी है....

Siya(aankhe दिखा कर)- क्या कहा....

मैं- कुछ nhi....aap तो हमेशा खूबसूरत दिखती है....

सिया- वैसे ये लाइन कितनो से बोली है...

मैं- किसी से nhi....main बड़ा सरीफ बाँदा हु....

सिया- ओह ho....dekhi है आपकी sarafat....(dheere से) आपके हाथ ने मेरी कमर पर बड़ी सराफत dikhaai....aur आपकी आँखे bhi....huh...

मैं- अरे मैंने क्या kiya....main तो बस सहारा दे रहा tha....usi चक्कर में थोड़ा हाथ yaha-waha हो गया होगा....

Siya(ghoor कर)- hmm...sab समझती हु मैं....

Main(siya के पास जा कर)- क्या समझ gai...mujhe भी समझा दो न....

सिया- tum...mere पास क्यों आआह्ह्ह्ह.....

मैंने सिया को कमर से पकड़ liya....siya इस हरकत से शॉकेड हो गई....

सिया- tt...tum क्या कर रहे ho...aaaaaa....

मैंने सिया को कमर से पकड़ कर उठाया और दूसरी तरफ कर diya....meri इस हरकत से सिया का गुस्सा इतना बड़ा की उसने मेरे गाल पर थप्पड़ खींच दिया....

सिया- ये क्या बदतमीज़ी है....

मैं- battamizi.....wo dekho....agar तुम्हे उठता नहीं तो वो कीड़े काट लेता tumhe...dekho वह कितने कीड़े है....

सिया ने जब देखा तो सच में वह कई खीदे the....aur उन्हें देखने के बाद सिया को अपनी हरकत पर शर्मिंदगी महसूस हुई...

Siya(aankhe झुका कर)- sorry....wo आपने अचानक मुझे पकड़ा तो....

Main(beech में)- छोडो na....kam से काम इस बहाने मुझे छुआ to....hahaha....

Siya(muskura कर)- आप भी अजीब hai.....har बात में मज़ा ढूढ़ लेते है....

मैं- देखो siya....mera फंदा hi है की प्यार दो और प्यार lo....ab देखते है की मिलेगा की nhi....haa....

Siya(mujhe देख कर)- मुश्किल है....

मैं- आसान काम तो पसंद भी nhi....hum मुश्किल काम hi आसान कर देते है.....

Siya(muskura कर)- hmm.....dekhte है....

मैं- वैसे देखने की बात करे to....abhi सामने का नजारा काफी hara-bhara है.....

सिया ने मेरी नजरों का पीछा किया और नजरों को अपने जिश्म पर पाया.....

Siya(sharma कर)- हरयाली में जाते वक़्त ख्याल rakhna....kaante बहुत milege....chot भी लग सकती है.....

मैं- इस हरयाली में उतरने के लिए कांटे भी सह luga....ghaatiya चढ़ कर खाई में कुण्ड जाउगा.....

Siya(sharma कर)- बेशरम हो तुम....

मैं- अरे जिसने की sharm....uske फूटे karm....hum बेशरम hi acche..,,.hai न....

Siya(apne हाथ बांड कर)- पुरे बेशर्म ho.....hariyali का रास्ता band....ab कुछ नहीं दिखेगा....

मैं- रस्ते तो हम बना lege....aage से या पीछे से....,.

Siya(sharma कर)- कोई रास्ता नहीं मिलेगा....

Main(siya के पास जा कर)- रस्ते आसानी से नहीं milte...par मुझे बनाना आता है....

इतना बोल कर मैंने अपना हाथ बड़ा कर सिया की कमर पर रख दिया.....

Siya(chounk जार)- क्या कर रहे है....

मैं- अरे ये कीड़ा चढ़ा था yaha....wahi हटाया.....

सिया- ohh....ab हैट गया हो तो हाथ हटा लीजिये.....

मैं- अरे बारिश हो रही hai....koi दूसरा कीड़ा आ गया to....main यही रखता हु....

Siya(mera हाथ पकड़ कर)- कोई जरूरत nhi....main संभल loogi....waise भी बारिश रुक gai.....aur ye....kapde भी आ gaye...plz हाथ हटा लो न.....

Main(hath हटा कर)- जो तुम kaho.....ab कपडे निकलने की तयारी कर लो....

Siya(ghoor कर)- क्या....

मैं- दूसरे कपडे पहनने है na....ye तो निकलने होंगे न....

सिया- bilkul....isliye मैं चली अंदर....

फिर कपडे चेंज करने के बाद हम दोनों आगे बाद gaye....aur खेत के लास्ट में झरने के पास पहुंच गए.....

ये dekho....yahi है वो surprize......kaisa लगा.....

Siya(jharne को देख कर)- wow.,...ye कितना खूबसूरत hai....aur यहाँ to...ye नीचे तो पूरा स्विमिंग पूल की तरह hai....really इतस जस्ट वाओ.....

Main(muskura कर)- अरे मेरी हर चीज वाओ hi होती hai.....wo क्या है न की मुझे शानदार चीजों का सूक है....

Siya(muskura कर)- ohh....good....waise आपने इसे छुपा कर क्यों रखा hai...i मैं यहाँ एक छूटा सा रेसॉर्ट बना सकते है na....log यगा आ कर कुदरत की खूबसूरती का मज़ा उठा सकते hai....hai न....

मैं- अरे nhi....yaha की खूबसूरती सिर्फ मेरे लिए बुक hai...yaha मैं खूबसूरत लोगो के साथ आ कर कुदरत की खूबसूरती में मज़े करता hu....yaha किसी और को ""no एंट्री""

सिया सायद मेरी बात का मतलब समझ गई thi...isliye चुप hi rahi...bas उअके होंठो पर हलकी सी मुस्कान फ़ैल गई.....

मैं- वैसे तुम्हारा मन नहीं हो रहा इस सुन्दर जगह पर मज़ा लेने का....

Siya(gusse से घूर कर)- कैसा मज़ा....

मैं- अरे मेरा मतलब था की यहाँ झगड़ने के नीचे nahana....is पूल जैसे तालाब में tairna....yahi sab....aur क्या....

Siya(ghoorte हुए)- ओह ho....ye बात thi....hmm...man तो है...

मैं- तो देर किस बात ki...chalo मज़े मारते है.....

Siya(gusse से)- क्या......

सिया आगे कुछ बोल पति उससे पहले hi मोबाइल की रिंग सुनाई di....ye सिया का मोबाइल था जो की उसके हैंड बेग में था....

सिया- लगता hai...mera phon....mera फोन तो बैग में hai...are इस बारिश की वजह से हैंड बैग तो भूल hi गई thi....oh no....

और सिया ने जल्दी से फोन लिया तब तक कॉल कट हो गई थी....

Siya(phon देख कर)- ओह गॉड....7 मिस कॉल और मश्ग bhi...(msg पढ़ कर)- ओह no....mere हस्बैंड कब से कॉल कर रहे the....msg भी hai....urgent में बुलाया hai....mujhe जाना hoga....chalo गोलू.....

मैं- पर यहाँ तक आ कर ऐसे hi....

Siya(beech में)- मुझे जाना है ok...chalo....

सिया अपनी बात पर अदि थी इसलिए मैं उसको सहारा देते हुए बापिस चल diya....aur पुरे रस्ते सोचता रहा की साला ये हसीं जिश्म मुझे मिलेगा की नहीं....

फार्महाउस पर आ कर सिया ने अपने कपडे लिए और घर निकल gai....aur एक बार फिर मेरा लुंड गरम होकर रह गया....

Main(man में)- साली आई hi क्यों thi...zoya को भी नहीं छोड़ पाया और खुद भी नशीला जिश्म दिखा कर कलपद कर gai....ab टाइम भी नहीं की ज़ोया को छोड़ saku.....ganesh के घर जाना है ट्रेनिंग देने....

फिर मैं अपनी किस्मत को कोस्टा हुआ गणेश के घर निकल पड़ा....

और जब मैं गणेश के घर के पास पंहुचा तो वह 2-3 लोगो को बात करते suna...jise सुनते hi मेरे कान खड़े हो गए और दिमाग दौड़ने लगा.....

नोट- उपदटेस पोस्टेड frnd....Enjoye....
 
कूल फ्रंड...

ी डोंट थिंक तहत थिस इस ा गुड टॉपिक फॉर अन्य argu....its जस्ट मटर ऑफ़ thought....so फॉरगेट जब्त आईटी....

Well....i डोंट वांट तो डिसअप्पोइंटेड अन्य रिलिजन और अन्य रीडर्स....

फॉर me...story इस इम्प थें name....so ी विल टेक केयर नेक्स्ट टाइम....

ु एंजोये डी स्टोरी.....

थैंक्स......
 
Back
Top