अपडेट - 36
इस दौरान मैं आशा को नोटिस कर रहा tha....asal me...main जानना चाहता था की आशा को कल रात का कोई शक है की nhi....par वो बिलकुल नार्मल दिखी...
Main(man में)- अच्छा हुआ की आशा थकी हुई thi...saayad इसीलिए उसे रात में कुछ होश नहीं tha....khair मैं बच gaya....ab आज भी ये ऐसे hi सोती रहे to....kand hi हो jayga....hahaha....
अब आगे............
सबसे पहले मैंने निशु की warm-up में हेल्प ki...kal की hi tarah....aur आज तो कल से ज्यादा मज़ा आया....
फिर सीनू को स्ट्रेचिंग karwai....aur आज मैंने महसूस किया की सीनू कुछ ज्यादा hi मज़े ले रही thi...khair मज़े तो मैंने भी लिए....
फिर मैंने सबको नया लेशन bataya....yoga का लेशन....
मैं- तो सब लोग योग के लिए रेडी हो....
दीपा- पर तुमने तो कहा था की योग का अलग सेशन रहेगा....
मैं- कहा तो tha...par थोड़ा सा साथ में भी karwauga....ok
सुषमा- हम्म...
मैं- तो सब लोग घुटनो पर बैठो और ऐसे बैठो की पेअर के पंजे जांघो के नीचे ho...aur उसके बाद हाथो को ऊपर ले जा कर आपस में मिलाओ और फिर आगे की तरफ झुक jaao....kuch इस तरह se...dekho....
मैंने सबको पोजीशन बता di...aur सबने वैसा hi kiya...fir मैं सबके पीछे पंहुचा और देखने लगा की कौन कैसा कर रहा है...
असल में मेरा ध्यान तो सबकी गांड देखने में tha....,bas कहने के लिए उनकी पोजीशन चेक कर रहा था...
तभी मेरे दिमाग की घंटी बजी और मैं सीनू के पीछे पहुंच गया.,.,
Main(seenu को कमर से पकड़ कर)- ये क्या hai.....aage तक karo....tabhi फायदा होगा....
Seenu(chonk कर)- nhi...ho नहीं रहा....
मैं- रुको मैं करवाता हु....
और मैं सीनू के पीछे कुछ इस तरह आ गया की सीनू की गांड मेरे लुंड से चिपक gai....ye अहसास होते hi सीनू मुस्कुरा दी....
Main(seenu की गांड पर दवाब बना कर)- hmm...ab करो....
सीनू- नहीं हो रहा....
Main(thoda दवाब बड़ा कर)- अब....
सीनू- uuuummmm.....nhi...
Main(man में)- ये तो गई काम से....
सीनू- करवाओ न....
Main(gaand को हाथ से पकड़ कर)- करवाता hu.....ab करो....
Seenu(chounk कर)- आआह्ह्ह्ह....
Main(gaand दवा कर)- क्या हुआ....
सीनू- कुछ nhi...ab ठीक है न....
Main(gaand दवा kar)-:theek तो hai...par देखना पड़ेगा.....
सीनू- dekho...ab ठीक है...
मैं- ऐसे hi raho....aur तुम sab...agle 2 मिनट तक ऐसे hi रहना hai...samjhe...,
"" हआ""
सब अपना सर झुकाये हुए the....mouka अच्छा tha...aur मौके पर चौका मरना मुझे अच्छी तरह से आता है....
मैंने सीनू की गांड से लुंड सताया और अपने हाथो को आगे ले जा कर उसके बूब्स पकड़ लिए....
मेरी इस हरकत पर सीनू उछाल padi...par मुँह से कुछ नहीं boli...bas घूम कर मुझे आँखे दिखने लगी....
Main(muskura कर)- ऐसे hi raho....accha lagega....main थोड़ा चेक कर लू....
और फिर 2 मिनट तक मैं सीनू के बूब्स सहलाते होते उसकी गांड पर लुंड का प्रहार करता रहा....
सीनू इस हरकत से शॉकेड भी थी और उत्तेजित bhi....fir भी वह चुप rahi...bas बीच में मुझे आँख दिखा कर मन करती रही....
आखिर कार मैंने उस पर तरस खाया और उठ gaya....fir सबको उठने का बोलै और क्लास ख़त्म....
दीपा- aaahhh....pahle hi बॉडी का बुरा हाल tha..,aur आज ये yoga..,..ab दर्द ज्यादा होगा....
मैं- hmm...wo तो hoga...bas कुछ दिन aur...fir सब अच्छा होगा....
दीपा- पर ये दिन कैसे काटेंगे....
मैं- उसके लिए hi तो मस्सगे होता है...
दीपा- तो करिये na...der किस बात की....
मैं- देर मेरी तरफ से कोई नहीं hai....par 1 दिन में 1 का hi मस्सगे hoga....bolo सुरुवात किस्से करू...
""mujhe...mujhe...mujhe...mujhe...mujhe ""
मैं- chup.....sab chup....koi एक बोलो....
दीपा- मुझे....
मैं- ok...but याद है न की मस्सगे कैसा होने वाला है....
Deepa(yaad कर के)- ओह maa.....nhi मुझे nhi....pahle किसी और को करो...
मैं- dekho...,tum सब को पता है की मसाज कैसे hoga....par कोई भी सुरुवात खुद से नहीं chahta....but चाहते सभी hai....ye कैसे hoga...kisi को तो सुरुवात करनी होगी न.....
दीपा- hmm...par मैं सुरुवात नहीं कर sakti....koi और करे न.....
फिर सब एक -दूसरे को बोलने lage....par मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था.....
Main(gusse से)- chup....chup रहो sab...ab कोई एक bolega...warna मैं खुद hi किसी को चुन कर सुरुवात कर duga....samjhe सब....
आशा- अगर कोई तैयार नहीं है तो मैं....
Sushma(beech में)- सुरुवात मुझसे karo.....in सब में मैं बड़ी hu...isliye मुझे hi आगे होना chahiye.....aur फिर सबको पता चल जायगा की मस्सगे सही है या galat....hai की नहीं....
सबने सुषमा की हां में हां मिला दी और ये तय हो गया की आज शाम को सुषमा का मस्सगे होगा....
फिर क्लास के बाद मैं रेडी हो कर ऑफिस के लिए निकल गया और आरिफ को कॉल कर के तब्बू (आरिफ और ज़ोया की बेटी ) को भी ऑफिस लेन का बोल दिया.....
[ ऑफिस में ]
सिमी( मुझे देखते hi)- आ गए aap....welcome....
मैं- तूने पहचान लिया mujhe....kaise....
सिमी- अरे आप bhi...kal देखा तो था इस रूप me....bhool गए....
मैं- अरे haa....kya करू मंद में इतना कुछ चलता है तो भूल gaya....waise वो काम हो गया की नहीं....
सिमी- जी hujoor....terrece के रूम में आपका नया केबिन रेडी करवा दिया hai....aaj से आप वही milege...khush....
Main(simi को बाहों में खींच कर)- खुश हु मेरी jaan...par असली ख़ुशी बाकि है....
सिमी- haay....aapko हर ख़ुशी देने के लिए hi मैं बानी hu...sab तैयार है...
Main(simi की गांड पर थप्पड़ मार कर)- तो बता की कैसे देगी मुझे असली ख़ुशी....
सिमी- आपके लिए 2 हसीनाओ को तैयार कर दिया hai.....komal और तब्बू....
मैं- साली तूने तैयार kiya...bhool गई की तब्बू को लाया कौन है....
Simi(muskura कर)- अरे मेरे malik....laay तो आप hi hai....par उसे तैयार तो मैं hi करूगी न....
Main(simi की गांड थपका कर)- अच्छी तरह जनता hu....chalo मैं चलता hu...tum ले आओ उन्हें....
थोड़ी देर बाद सिमी अपने साथ कोमल और तब्बू को ले कर टेर्रेस पर बने एक शानदार रूम में aai....jaha मैं पहले से hi उनका इंतज़ार कर रहा था....
Simi(meri तरफ इसरा कर के)- ये है Mr.aaditya....is कंपनी के असली बॉस....
कोमल और तब्बू ने तुरंत मुझे विश kiya.....tabu तो मुझे जानती thi...but कोमल अभी तक सिमी को hi बॉस समझती thi...isliye वो थोड़ा शॉकेड थी...
Main(komal से)- अरे शॉकेड मत ho....main hi यहाँ का बॉस hu...par सबकी नजरों में सिमी hi बॉस hai....samjhi...
कोमल- पर sir...aisa किस liye....matlab आपने ये छुपाया क्यों है...
मैं- उसकी कुछ खास वजह hai...par उसे chhodo....aur मेरी बात ध्यान से suno....par पहले बैठ जाओ....
फिर सब बैठ गए और मैंने उनको समझा दिया की मेरे बॉस होने की बात बहार न जाए...
मैं- वैसे तुम दोनों को आज से यही काम करना hai....mere साथ...
कोमल- जी सर...
मैं- और komal...tum तब्बू को टाइपिंग और कंप्यूटर sikhaogi...jo भी यहाँ जरूरी ho...aur जो तुम्हे भी न आय वो मुझसे पूछ लेना....
कोमल- जी सर...
मैं- simi....ab तुम कोमल को काम समझा do...main चलता hu...,kal aauga,,.aur तब्बू...
तब्बू- जी साब...
मैं- साब nhi...sir बोलना सुरु कर do....aur अभी मेरे साथ chalo...aao...
फिर मैं तब्बू को ले कर ऑफिस से निकल gaya....aur उसे अच्छे ड्रेस dilwai...aur फिर शानदार होटल में लंच करवाया....
Tabu(car में)- sir....aapne मेरे लिए इतना सब kiya...uske लिए सुक्रिया,...
मैं- अरे इसकी जरूरत nhi...tum खुश हो न.....
Tabu(muskura कर)- bahut...par एक बात hai...izazat हो तो पुछु क्या...
मैं- तुम्हे मुझसे कुछ पूछने के लिए इज़ाज़त की जरूरत nhi....khul के पूछो....
तब्बू- sir...aapne मेरे लिए ये सब क्यों किया...
मैं- क्या मतलब....
तब्बू- sir...is दुनियां में कोई बिना किसी फायदे के किसी के लिए कुछ नहीं karta....to फिर आपने क्यों....
Main(car साइड में रोक कर)- hmm...sabhi की तरह अपने फायदे के लिए...
Tabu(saham कर)- कैसा फायदा....
Main(tabu को देख जार)- दिल का फायदा...
Tabu(chonk कर)- मैं समझी नहीं...
मैं- देखो tabu....saayad तुम्हे मेरी बात झूठ lage....par तुम्हे देखते hi मुझे तुमसे प्यार हो गया था....
तब्बू मेरी बात सुन कर सहम सी gai....par बोली कुछ नहीं....
मैं- जनता हु तुम क्या सोच रही ho...tumhe सायद ऐसा लग रहा होगा की मैं पैसे का रॉब दिखा कर तुम्हारे जिश्म को पाना चाहता hu...par nhi...main तुमसे सच में प्यार करता हु.....
तब्बू अभी भी आँखे फाड़े मुझे देख रही thi...par एक सब्द भी नहीं बोली....
मैं- tabu...i लव you....par ये प्यार तुम्हे हासिल करने के लिए nhi....bas प्यार के बदले pyaar...,aur haa..,maine तुम्हे जॉब दी तो मैं उसके बदले में प्यार नहीं मांग raha...aur न hi तुम्हारे मन करने से तुम्हारी नौकरी jaygi...aisa सोचना भी मत...
Tabu(najren झुका कर)- sir...ye क्या कह...
Main(beech में)- ssshhheeee....meri बात अभी ख़त्म नहीं hui....main तुमसे प्यार करता hu...par तुम्हे मजबूरी में कुछ करने की जरूरत nhi...agar मुझसे प्यार नहीं तो कोई बात नहीं....
तब्बू चुपचाप नीचे देखती रही....
मैं- तुम मेरी कंपनी में जॉब karogi...aur बिना किसी दर ke....main तुम्हे मजबूर नहीं karuga....tumhe प्यार पसंद हो तो hi हां bolna....bolo tabu....main पसंद हु तुम्हे....
Tabu(bina देखे)- aap...aap अच्छे hai...par आपसे pyaar,..,maine kabhi...kabhi सोचा भी नहीं....
मैं- कोई बात nhi...tum सोच lena....jo दिल करे वो batana....abhi ऐसा मुँह मत banao...,tum हस्ती हुई अच्छी लगती ho...chalo तुम्हे घर छोड़ du...fir मुझे कुछ काम hai....ab मुस्कुरा भी दो....
तब्बू मुझे देख कर मुस्कुरा uthi....aur फिर मैंने उसे घर छोड़ा और खुद फार्महाउस पर पहुंच गया.....
फार्महाउस पहुंचते hi मैंने देखा की मेरे दो क्लाइंट ( सिंह और खान) वह बैठे हुए थे और उनकी गॉड में काम करने वाली लड़कियां थी....
Main(car से निकल कर)- benchod...ye साले क्या अपने बाप का फार्महाउस समझ कर बैठे hai....abhi देखता हु सालो को....
मैं आगे कुछ करता उसके पहले hi दोनों की नजरें मुझ पर पद गई और वो जल्दी से उठ कर मेरे पास आ गए....
मैं- आप लोग यहाँ kaise....wo भी बिना बताये....
सिंह- अरे हमने सिमी को कॉल किया tha...usne बोलै की हम आपका यहाँ वेट kare....aap सायद बोल कर निकले थे की यही आ रहे है...
मैं- ओह ha...bola tha...waise आज कैसे याद आ gai...koi काम....
सिंह- अरे हम आज बिज़नेस की बात करने नहीं आये....
मैं- तो fir...ohh.....maze मारने आये है....
खान- अरे वो to....asal में हम कुछ पूछने आये है...
मैं- अरे कहिये न...
सिंह- आपको याद होगा की हमने बोलै था की हम यहाँ अपनी फैमिलीज़ को लाना चाहते है....
खान- hmm....aapka फार्महाउस एक रेसॉर्ट की तरह hai....socha की फॅमिली भी कुश हो जायगी और हम bhi....hahaha,...
Main(muskura कर)- अरे haa...to ले aaiye...swagat है आपका...
सिंह- पर आपने hi कहा था न ki...ki पहले आप हमारे घर aayge...aur डील फाइनल karege....fir यहाँ का प्रोग्राम होगा...
मैं- ओह haa....accha किया याद दिला दिया....
खान- तो कब आ रहे है...
मैं- hmm...jaldi hi aauga....final डेट बाद में batauga...ok...
खान- ok....par डील किस के घर karege...mere या सिंह साहब के....
मैं- वो मैं डीडे कर के batauga....par फिलहाल आप आय hi है तो मज़े udaaye....mujhe कुछ काम hai...isliye आप मज़े ले कर निकल jana...ok...
Singh(muskura कर)- कोई बात nhi....kaam pahle....chalo khan...hum मज़े करे....
फिर मैंने दोनों को लड़कियों के साथ रूम में पंहुचा दिया और खुद अपने रूम में आ gaya..,jaha ज़ोया मेरा इंतज़ार कर रही थी....