- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 143,196
अपडेट - 48
ऐसे हसीं माहौल में भी मेरा दिमाग अचानक निशु की टेंशन की तरफ घूम गया....
निशु ने बताया था की वो अमीर भी है और पहुंच वाली फॅमिली से bhi....ye सब आसान नहीं होने wala.....kuch खास करना hoga.....apni hi स्टाइल में.....
यहाँ मैं निशु की परेशानी के बारे में सोच रहा था और वह कही दूर दो लोगो के बीच मेरे बारे में गंभीर चर्चा हो रही थी....
अब आगे........
और ये चर्चा करने वाली थी दो aourten....aasha और सलमा.....
[ सलमा के घर ]
सलमा ने आज आशा को अपने घर बुलाया tha...kyoki उसके मन में uthal-puthal मची हुई thi...jise सिर्फ आशा hi शांत कर सकती थी....
आशा- अब bol....koun सा जरूरी काम आ गया तुझे जो दो दिन से बुला रही है....
सलमा- बताती hu...par पहले ये बता की तू कल क्यों नहीं आई thi...haa...
Aasha(najre चुरा कर)- अरे कल काम था mujhe...aur अगर तेरा काम इतना hi जरूरी था तो मेरे घर आ जाती....
सलमा- आ तो jati...par कोई फायदा नहीं tha...kyoki मुझे जो काम है वो अकेले में hi hoga...aur तेरे घर तो इतने लोग गई तो अकेले कैसे रह पते ...है की नहीं...
Aasha(ghoor कर)- ऐसा क्या काम पद गया तुझे जो अकेले में hi होगा,...
Salma(chai की चुस्की ले कर)- है kuch....asal में मुझे कुछ पूछना रहा tujhse....wo भी बंद कमरे me...jaha सिर्फ हम दोनों hi हो बस....
Aasha(man में)- जानती hu...tu यही पूछेगी की मैं और गोलू चिपक कर क्यों सो रहे the....puch....main पूरी तयारी से आई हु....
सलमा- अरे चाय पि na...thandi हो रही hai....sochna बाद में....
Aasha(sakpaka कर)- huh...haa...aur सोचना kya...main कुछ नहीं सोच रही...
Salma(muskura कर)- ठीक है चाय तो pi....fir बात करते है....
फिर दोनों चाय पिने लगे और apne-apne मन में सोचने लगे की आगे क्या होगा....
Aasha(man me)-ye सलना भी na....saalo से जानती हु ise...ye बाल की खाल निकलने वालो में से hai....isiliye तो मैं कल आई नहीं thi....puri तयारी जो करनी thi.....tu जो भी puchegi...uska सटीक जवाब milega...puch ले...
Salma(man में)- आशा की bacchi...main जानती हु की तू सब झूठे बहाने सोच कर आई hogi...par मैं भी सलमा hu....tujhe आज हिला के न रख दिया तो सलमा नाम नहीं....
यु hi सोचते हुए दोनों ने चाय ख़त्म की और फिर सलमा , आशा को ले कर अपने बैडरूम में आ गई और बीएड पर बैठ कर बात सुरु की.....
Salma(cigrate निकाल कर)- तुम लोगी...
आशा- ये kya...tune घर में hi सिगरेट राखी hai....tere पति को पता नहीं चला....
Salma(cigrate जला कर)- अरे उसको तो मैं भी नहीं दिखाई देती तो सिगरेट क्या दिखेगी....
आशा- hmm....mujhe भी de...ghar में तो बच्चो के सामने पि hi नहीं pati...la ले....
फिर दोनों ने सिगरेट के कास मारने सुरु कर दिए....
आशा- fffuuuu....ab बताएगी भी की काम क्या था....
सलमा- hmm....golu से कब से चुद रही है....
सवाल सुन कर hi आशा की गांड फैट गई और हड़बड़ाहट में सिगरेट जा धुआँ गले में अटक गया और वो jor-joor से खस्ने लगी....
आशा- kho..kho...kho....ye tu...kho...kho...ye क्या बोल रही hai...sharm नहीं आती तुझे....
Salma(kas मार कर)- hmm....nhi aati....are जब तुझे छोड़ने में शर्म नहीं आई तो मैं पूछने में क्यों शर्मो....
Aasha(gusse से)- देख salma...apni हद में rah....mere बारे में ऐसा सोचा भी कैसे tune....samjh क्या रखा है मुझे....
Salma(muskura कर)- इतना gussa....are ये गुसी की आध में अपनी घटिया हरकते छुपाने की कोसिस मत kar....seedhe से बता की कब से चल रहा है ये....
Aasha(gusse से)- salma....bas बहुत हो gaya....main जा रही hu...aur आज के बाद मुझसे बात भी मत karna...huh....
Salma(cigrate बुझा कर)- wah....kya तेवर है मैडम ke...are मैं कोई अनादि नहीं जो कुछ भी समझ न saku....main देखते hi समझ गई थी की तू रात को चूड़ी थी....
Aasha(gusse से)- क्या देखा tune...haa...are घटिया सोच wali....maine तो बस एक डरे हुए इंसान को थोड़ी हिमायत देने के लाइट अपने पास लिटाया tha...aur तूने ये samjha...chheee...mujhe यहाँ रुकना hi नहीं अब....
और ये बोल कर आशा होने लगी और गेट खोला hi था की सलमा joor-joor से ताली बजने लगी....
Aasha(gusse से देख कर)- तुझसे ऐसी उम्मीद नहीं थी salma....bahut घटिया सोच है तेरी....
Salma(uth कर)- accha.....to ऐसा hi sahi....waise तेरी चुदाई तगड़ी हुई थी उस raat...khoon निकाल दिया था tera....hai न....
सलमा की ये बात सुन कर आशा के पैरों टेल से जमीन खिसक gai...aur वो एक तक सलमा को घूरने लगी....
सलमा- ऐसे मत dekh....dekha था maine....khoon के साथ बहुत सा कॉमर्स भी लगा था बेडशीट par....maza आया होगा न....
सलमा की बातें सुन कर आशा की हालत ऐसी हो गई की ""काटो तो खून नहीं " .....आशा की नजरें अब जमीन में गड गई thi....aur उसी वक़्त सलमा उसके पास आई और गेट बंद करके बापूस लॉक कर दिया.....
Salma(aasha के गले में हाथ दाल कर)- अब भी जाना है या फिर बात karogi....waise मुझे लगता है की तुझे बैठ जाना chahiye....aa जा...
और फिर सलमा , आशा को बापिस लाइ और बीएड पर बैठा दिया....
Salma(baju में बैठ कर)- तो अब batao....kab से चल रहा है ये....
Aasha(najren झुका कर)- salma....ye बात किसी को...
Salma(beech में)- अरे paagal...kisi को पता न चले तभी तो तुझे यहाँ bulaya....tu मुझ पर भरोषा कर सकती हो....
Aasha(sisakte हुए)- समझ नहीं आ रहा की क्या kahu...bas ये समझ ले की आँखों के सामने कुछ ऐसा आया की जिसे देखते hi बरसों से देवी हुई प्यार उबाल मार कर बाहर आने lagi....aur उसी प्यार की लहरों में न जाने मैं बाह गई और fir....fir तो baar-baar बहने का मन होने laga...bas....
Salma(aasha को सहला कर)- मैं समझ सकती हु aasha...aakhir मैं भी एक ायरत hu,....ye ायरत की प्यास भी बड़ी अजीब होती है na....ise बुझाने जाओ तो समाज का dar...aur अंदर दवा लो तो toofaan....aur तूफ़ान की भी एक सीमा होती hai...ye कभी न कभी तो बाहर आ hi जाता है....
आशा- salma....sukriya मुझे समझने के liye....bas ये बात किसी ko..uumm...
Salma(aasha के होंठ पर ऊँगली रख कर)- naa....ye बात मेरे सीने में दफ़न samjho....main समझ सकती hu....aakhir हम दोनों एक hi दर्द सह रहे है....
Aasha(choun कर)- matlab....kya तू भी किसी के साथ....
Salma(muskura कर)- अरे मेरी तक़दीर ऐसी kaha....main तो ये बोल रही थी की तेरी तरह मैं भी बरसों से जिश्म की प्यास से जल रही हु...
आशा- पर तेरा पति तो तेरे साथ रहता है na....fir क्यों...
सलमा- sath...huh...wo साथ रहे या न rahe..koi फर्क नहीं....
आशा- मतलब....
सलमा- aah...kya bolu,....bas ये समझ ले की मेरे सोहर ने मुझे सालो से छुआ भी नहीं...
आशा- और तू चुप बैठी rahi...tune उसे मजबूर क्यों नहीं kiya....are तेरा जिश्म देख कर तो कोई भी पागल हो jaaye....haa...
सलमा- अरे वो भी kiya....aur बदले में ये सुना की मैं एक रंडी की तरह हरकत कर रही hu....ab तू hi bata....aisa सुन कर मैं क्या karti...,bas अपने आप को समझा कर प्यासी hi रह गई....
Aasha(salma का हाथ सहला कर)- मैं तेरी हालत समझ सकती हु salma....ye जिश्म की प्यास बड़ा तड़पती hai.....waise तूने कब से ये सब नहीं किया.....
सलमा- huh....ab तो याद भी nhi....bas एक बेटी दे दी मेरे सोहर ne....fir कभी ठीक से देखा भी नहीं....
आशा- ओह salma....udaas मत ho...main समझ सकती हु....
सलमा- khair....ye chhod....pahle मुझे बता की ये सब कैसे hua.....suru se...aur खबरदार जो कुछ chhupaya...samjhi...
Aasha(sharma कर)- अच्छा सब बताती hu...par तू हसना mat...aur मेरा मजाक भी मत udana....samjhi....
Salma(has कर)- ठीक है मेरी rani.....ab बता bhi.....main सुनने के लिए मरी जा रही हु....
और फिर आशा ने बताना सुरु kiya....usi रात se....jis रात से ये सब सुरु हुआ.....
Salma(beech में)- या allah....tu चुपचाप पड़ी रही और वो तेरे सरीर से खेलता raha,....tu कुछ बोली भी नहीं....
आशा- अरे क्या bolti...main खुद मस्ती में चूर thi....isliye चुपचाप पड़ी रही....
सलमा- पर ऐसे kaise...koi यहां मर्द तुझे छूटा रहा और तू मस्त हो gai....yakeen नहीं होता...
आशा- अरे मुझे पता था की वो ये सब करने वाला hai....maine सुन लिया tha....aur फिर उसका वो देख कर to....aaahh....mere जिश्म में मस्ती चढ़ गई thi....kya करू....
सलमा- kyaa....tune ये कैसे dekha....aur तुझे कैसे पता की वो तेरे साथ ये सब करने वाला है...
आशा- अरे हुआ ऐसा की जब मैं रूम में थी तो बाथरूम के लिए uthi....to वह जा कर देखा की बाथरूम का गेट खुला है और अंदर गोलू अपने बड़े से उसको मसलते हुए बोल रहा था की आज मेरे साथ क्या karega....are उसका आकार देख कर hi मेरा जिश्म मस्ती में कांप utha....to फिर सोच लिया की आज रात उसे मस्ती करने do....bas...
सलमा- तो फिर उसने kya-kya किया....
आशा- ज्यादा कुछ nhi...bas मेरे सरीर को छूटा रहा....
सलमा- तेरे दूध दवाये थे....
Aasha(sharma कर)- हम्म....
सलमा- और तेरा पिछवाड़ा भी....
Aasha(sharma कर)- hmm...wo भी...
सलमा- अब शर्माती क्यों hai...yaha कोई nhi....accha तेरी मुनिया को हाथ लगाया था kya....sach बताना....
Aasha(sharma कर)- तू भी kya....ha....chhua tha.....aur मसला भी था....
सलमा- है allah....tu कितनी बेशरम hai,....sab छूने diya....hmm....aur तूने भी उसका छुआ की nahi....dekh झूठ मत बोलना....
Aasha(soch कर)- मैंने तो nhi...par उसने मेरे हाथ में पकड़ा दिया था...,
सलमा- haay....fir तूने क्या किया....
आशा- क्या karti....main तो चुपचाप पड़ी rahi....nhi तो वो जान जाता की मैं सो नहीं रही....
सलमा- अच्छा ये बता की कितना बड़ा tha,....naap तो लिया होगा न....
आशा- अरे नाप कैसे leti.....ha इतना पता है बहुत बड़ा है....8 इंच का hoga....aur मोटा भी बहुत था....
सलमा- haay....tujhe तो मज़ा आ गया होगा na....hai न....
Aasha(sharma कर)- hmm....wo तो aaya...tabhi तो चुपचाप रही...
सलमा- अच्छा फिर क्या hua....usne कुछ और नहीं किया...
आशा- nhi...bas चिपक कर लेता रहा और वैसे hi सो gaya...aur मैं भी चिपकी हुई सोती rahi....jaisa तूने देखा था....
सलमा- ohh...to फिर चुदाई कब हुई तेरी....
Aasha(sharma कर)- दूसरी रात....
सलमा- तो क्या तूने खुद बोलै था या उसने बोलै था....
आशा- अरे बोलै किसी ने nhi....asal में उस रात उसने मेरी bra-panty भी निकाल दी थी और फिर मेरी नंगी छूट को छूने laga...to मेरी सिसकी निकल gai....bas वो समझ गया की मैं सोइ nhi....aur बस फिर usne....samjh न....
सलमा- aahhh...fir उसने उस बड़े से हत्यार से तेरी मुनिया की धज्जियाँ उदा di...hai न...
Aasha(sharma कर)- हम्म्म...
सलमा- क्या बात है aasha...teri किस्मत से हालां हो रही है आज....
आशा- kyo....tu क्यों जलने लगी....
Salma(udaas हो कर )- अब जलु बा तो क्या karu...ek तू है पति के पास न होते हुए भी हर रात तगड़े लुंड के मज़े ले रही hai...aur एक मैं hu...jo पति के साथ सोती हु फिर भी प्यासी रहती hu.....meri किस्मत....
Aasha(salma का हाथ पकड़ कर)- मैं तेरी हालत समझ सकती hu....main भी इसी दौर से गुजरी हु....
सलमा- पर अब तो तू खुश है na...har रात dhamasaan...hai न....
Aasha(muskura कर)- hmm....aur तू कहे तो तेरे लिए भी ऐसा कर दू...
Salma(chounk कर)- kya....ye क्या बोलै tune,..tu क्या karegi....haa...
Aasha(muskura कर)- मैं कुछ नहीं karoogi....accha ये बता की अगर तुझे मौका मिले तो क्या तू गोलू के साथ chudaai...,bolo,....
Salma(sakpaka कर)- ये kya...,ye कैसे हो सकता hai...nhi....bilkul नहीं....
Aasha(ghoor कर)- hmm....matlab तुझे मौका मिले तो तू चौका जरूर maregi...hai न...
Salma(sharma कर)- चुप कर....
आशा- हाय मेरी शर्मीली chhamiya....man में लड्डू फुट रहे hai...haaye चेहरे की लाली तो देखो....
सलमा- चुप कर na....bas...
आशा- ठीक है काम की बात sun....agar तू चाहे तो तू भी मज़े ले le,...hmm...
सलमा- पर kaise....main तेरी तरह उसके साथ सो भी नहीं sakti....fir कैसे...
आशा- वो तू dekh...main बस इतना बोल सकती हु की तू कोसिस करे तो गोलू तुझे भी मज़ा दे dega....baki तू जाने तेरा काम...
Salma(soch कर)- ये कैसे हो सकता है....
आशा- अब ये तो तू hi soch....are ायरत अपनी पर आ जाए तो हर मुश्किल का तोड़ निकाल सकती hai...fir ये तो सिर्फ एक जवान लड़का hai....are तेरा जिश्म तो बुड्ढे को भी जवान कर de....haa....soch salma....tu कर सकती है....
Salma(muskura कर)- ठीक है सोच loogi...par वो chhod...abhi मुझे बता की पहली बार उसने kya-kya kiya...aur तेरा खून कैसे nikala...chal बता....
और फिर आशा शरमाते हुए आगे का किस्सा बताने lagi....par उसने गांड चुदाई की बात छुपा कर राखी...
वही सलमा चुदाई की बातें सुनते हुए मस्त हो रही thi...aur दिल hi दिल में ये सोच रही थी की आशा की तरह वो भी गोलू के साथ मस्ती कर सकती hai...par कैसे....?????
==================================
ऑफिस से मैं तब्बू के साथ निकला और कुछ देर बाहर घूमने के बाद उसे घर छोड़ कर मैं सीधा गणेश के घर पहुंच गया.....
Main(apne आप से)- चलो इनको ट्रेनिंग करा कर निकलता hu...aaj तो अपने घर hi souga....dekhu तो वह क्या हाल है....
खैर ट्रेनिंग ख़त्म होने के बाद मैं रूम में चेंज hi कर रहा था की आशा आ गई....
आशा- तैयार हो गए....
Main(muskura कर)- hmm...ho hi gaya...tumne चेंज नहीं किया...
आशा- कर loogi...pahle ये बताओ की जा क्यों रहे हो...
मैं- क्या matlab...bataya तो tha...yaha सिर्फ 4 दिन hi rukuga....yaad नहीं क्या...
Aasha(udaas हो कर)- रुक नहीं सकते...
Main(aasha को देख कर)- kyo...koi काम था क्या...
Aasha(gusse से)- कोई काम nhi....jao....
मैं- hmm...gate लॉक करो थोड़ा...
Aasha(chounk कर)- kyo....nhi...sochna भी नहीं...
मैं- करती हो या मैं करू...
Aasha(gate लॉक कर के)- कर diya....ab...
Main(baahen खोल कर)- यहाँ आओ....
आशा मुस्कुरा उठी और मेरी बाहों में समां गई...
मैं- मेरी jaan...itni उदास क्यों है...
आशा- तो क्या karu...tum जा रहे हो और मैं उदास भी नहीं सकती....
मैं- अरे yaar...bas 2 दिन की बात hai...aur ट्रेनिंग देने तो आउगा hi न....
आशा- उससे kya....training में कुछ नहीं hoga...aur दो रात कैसे निकलेगी मेरी....
मैं- जैसे पहले निकलती thi...so कर...
Aasha(mukka मार कर)- तो मेरी आदत क्यों बिगाड़ di....huh...
मैं- कौन सी आदत...
आशा- तुम जानते ho....mujhe रात में तुम्हारी आदत होने लगी hai....nhi तो नीड hi नहीं आती...
मैं- hmm...ye बात hai...koi nhi...do दिन संभल lo...fir मैं आ कर कमी पूरी कर दुगा....
आशा- hmm...yahi करना hoga....kosis karugi....or क्या....
Main(aasha का चेहरा थाम कर)- तो चलो अब मुझे bye bolo....par जरा प्यार से....
Aasha(muskura कर)- हम्म...
और फिर आशा ने अपने होंठो में मेरे होंठ कैद कर लिए और हम करीब 2 मिनट तक किश करते रहे और फिर मैं अपने घर निकल आया.....
ऐसे हसीं माहौल में भी मेरा दिमाग अचानक निशु की टेंशन की तरफ घूम गया....
निशु ने बताया था की वो अमीर भी है और पहुंच वाली फॅमिली से bhi....ye सब आसान नहीं होने wala.....kuch खास करना hoga.....apni hi स्टाइल में.....
यहाँ मैं निशु की परेशानी के बारे में सोच रहा था और वह कही दूर दो लोगो के बीच मेरे बारे में गंभीर चर्चा हो रही थी....
अब आगे........
और ये चर्चा करने वाली थी दो aourten....aasha और सलमा.....
[ सलमा के घर ]
सलमा ने आज आशा को अपने घर बुलाया tha...kyoki उसके मन में uthal-puthal मची हुई thi...jise सिर्फ आशा hi शांत कर सकती थी....
आशा- अब bol....koun सा जरूरी काम आ गया तुझे जो दो दिन से बुला रही है....
सलमा- बताती hu...par पहले ये बता की तू कल क्यों नहीं आई thi...haa...
Aasha(najre चुरा कर)- अरे कल काम था mujhe...aur अगर तेरा काम इतना hi जरूरी था तो मेरे घर आ जाती....
सलमा- आ तो jati...par कोई फायदा नहीं tha...kyoki मुझे जो काम है वो अकेले में hi hoga...aur तेरे घर तो इतने लोग गई तो अकेले कैसे रह पते ...है की नहीं...
Aasha(ghoor कर)- ऐसा क्या काम पद गया तुझे जो अकेले में hi होगा,...
Salma(chai की चुस्की ले कर)- है kuch....asal में मुझे कुछ पूछना रहा tujhse....wo भी बंद कमरे me...jaha सिर्फ हम दोनों hi हो बस....
Aasha(man में)- जानती hu...tu यही पूछेगी की मैं और गोलू चिपक कर क्यों सो रहे the....puch....main पूरी तयारी से आई हु....
सलमा- अरे चाय पि na...thandi हो रही hai....sochna बाद में....
Aasha(sakpaka कर)- huh...haa...aur सोचना kya...main कुछ नहीं सोच रही...
Salma(muskura कर)- ठीक है चाय तो pi....fir बात करते है....
फिर दोनों चाय पिने लगे और apne-apne मन में सोचने लगे की आगे क्या होगा....
Aasha(man me)-ye सलना भी na....saalo से जानती हु ise...ye बाल की खाल निकलने वालो में से hai....isiliye तो मैं कल आई नहीं thi....puri तयारी जो करनी thi.....tu जो भी puchegi...uska सटीक जवाब milega...puch ले...
Salma(man में)- आशा की bacchi...main जानती हु की तू सब झूठे बहाने सोच कर आई hogi...par मैं भी सलमा hu....tujhe आज हिला के न रख दिया तो सलमा नाम नहीं....
यु hi सोचते हुए दोनों ने चाय ख़त्म की और फिर सलमा , आशा को ले कर अपने बैडरूम में आ गई और बीएड पर बैठ कर बात सुरु की.....
Salma(cigrate निकाल कर)- तुम लोगी...
आशा- ये kya...tune घर में hi सिगरेट राखी hai....tere पति को पता नहीं चला....
Salma(cigrate जला कर)- अरे उसको तो मैं भी नहीं दिखाई देती तो सिगरेट क्या दिखेगी....
आशा- hmm....mujhe भी de...ghar में तो बच्चो के सामने पि hi नहीं pati...la ले....
फिर दोनों ने सिगरेट के कास मारने सुरु कर दिए....
आशा- fffuuuu....ab बताएगी भी की काम क्या था....
सलमा- hmm....golu से कब से चुद रही है....
सवाल सुन कर hi आशा की गांड फैट गई और हड़बड़ाहट में सिगरेट जा धुआँ गले में अटक गया और वो jor-joor से खस्ने लगी....
आशा- kho..kho...kho....ye tu...kho...kho...ye क्या बोल रही hai...sharm नहीं आती तुझे....
Salma(kas मार कर)- hmm....nhi aati....are जब तुझे छोड़ने में शर्म नहीं आई तो मैं पूछने में क्यों शर्मो....
Aasha(gusse से)- देख salma...apni हद में rah....mere बारे में ऐसा सोचा भी कैसे tune....samjh क्या रखा है मुझे....
Salma(muskura कर)- इतना gussa....are ये गुसी की आध में अपनी घटिया हरकते छुपाने की कोसिस मत kar....seedhe से बता की कब से चल रहा है ये....
Aasha(gusse से)- salma....bas बहुत हो gaya....main जा रही hu...aur आज के बाद मुझसे बात भी मत karna...huh....
Salma(cigrate बुझा कर)- wah....kya तेवर है मैडम ke...are मैं कोई अनादि नहीं जो कुछ भी समझ न saku....main देखते hi समझ गई थी की तू रात को चूड़ी थी....
Aasha(gusse से)- क्या देखा tune...haa...are घटिया सोच wali....maine तो बस एक डरे हुए इंसान को थोड़ी हिमायत देने के लाइट अपने पास लिटाया tha...aur तूने ये samjha...chheee...mujhe यहाँ रुकना hi नहीं अब....
और ये बोल कर आशा होने लगी और गेट खोला hi था की सलमा joor-joor से ताली बजने लगी....
Aasha(gusse से देख कर)- तुझसे ऐसी उम्मीद नहीं थी salma....bahut घटिया सोच है तेरी....
Salma(uth कर)- accha.....to ऐसा hi sahi....waise तेरी चुदाई तगड़ी हुई थी उस raat...khoon निकाल दिया था tera....hai न....
सलमा की ये बात सुन कर आशा के पैरों टेल से जमीन खिसक gai...aur वो एक तक सलमा को घूरने लगी....
सलमा- ऐसे मत dekh....dekha था maine....khoon के साथ बहुत सा कॉमर्स भी लगा था बेडशीट par....maza आया होगा न....
सलमा की बातें सुन कर आशा की हालत ऐसी हो गई की ""काटो तो खून नहीं " .....आशा की नजरें अब जमीन में गड गई thi....aur उसी वक़्त सलमा उसके पास आई और गेट बंद करके बापूस लॉक कर दिया.....
Salma(aasha के गले में हाथ दाल कर)- अब भी जाना है या फिर बात karogi....waise मुझे लगता है की तुझे बैठ जाना chahiye....aa जा...
और फिर सलमा , आशा को बापिस लाइ और बीएड पर बैठा दिया....
Salma(baju में बैठ कर)- तो अब batao....kab से चल रहा है ये....
Aasha(najren झुका कर)- salma....ye बात किसी को...
Salma(beech में)- अरे paagal...kisi को पता न चले तभी तो तुझे यहाँ bulaya....tu मुझ पर भरोषा कर सकती हो....
Aasha(sisakte हुए)- समझ नहीं आ रहा की क्या kahu...bas ये समझ ले की आँखों के सामने कुछ ऐसा आया की जिसे देखते hi बरसों से देवी हुई प्यार उबाल मार कर बाहर आने lagi....aur उसी प्यार की लहरों में न जाने मैं बाह गई और fir....fir तो baar-baar बहने का मन होने laga...bas....
Salma(aasha को सहला कर)- मैं समझ सकती हु aasha...aakhir मैं भी एक ायरत hu,....ye ायरत की प्यास भी बड़ी अजीब होती है na....ise बुझाने जाओ तो समाज का dar...aur अंदर दवा लो तो toofaan....aur तूफ़ान की भी एक सीमा होती hai...ye कभी न कभी तो बाहर आ hi जाता है....
आशा- salma....sukriya मुझे समझने के liye....bas ये बात किसी ko..uumm...
Salma(aasha के होंठ पर ऊँगली रख कर)- naa....ye बात मेरे सीने में दफ़न samjho....main समझ सकती hu....aakhir हम दोनों एक hi दर्द सह रहे है....
Aasha(choun कर)- matlab....kya तू भी किसी के साथ....
Salma(muskura कर)- अरे मेरी तक़दीर ऐसी kaha....main तो ये बोल रही थी की तेरी तरह मैं भी बरसों से जिश्म की प्यास से जल रही हु...
आशा- पर तेरा पति तो तेरे साथ रहता है na....fir क्यों...
सलमा- sath...huh...wo साथ रहे या न rahe..koi फर्क नहीं....
आशा- मतलब....
सलमा- aah...kya bolu,....bas ये समझ ले की मेरे सोहर ने मुझे सालो से छुआ भी नहीं...
आशा- और तू चुप बैठी rahi...tune उसे मजबूर क्यों नहीं kiya....are तेरा जिश्म देख कर तो कोई भी पागल हो jaaye....haa...
सलमा- अरे वो भी kiya....aur बदले में ये सुना की मैं एक रंडी की तरह हरकत कर रही hu....ab तू hi bata....aisa सुन कर मैं क्या karti...,bas अपने आप को समझा कर प्यासी hi रह गई....
Aasha(salma का हाथ सहला कर)- मैं तेरी हालत समझ सकती हु salma....ye जिश्म की प्यास बड़ा तड़पती hai.....waise तूने कब से ये सब नहीं किया.....
सलमा- huh....ab तो याद भी nhi....bas एक बेटी दे दी मेरे सोहर ne....fir कभी ठीक से देखा भी नहीं....
आशा- ओह salma....udaas मत ho...main समझ सकती हु....
सलमा- khair....ye chhod....pahle मुझे बता की ये सब कैसे hua.....suru se...aur खबरदार जो कुछ chhupaya...samjhi...
Aasha(sharma कर)- अच्छा सब बताती hu...par तू हसना mat...aur मेरा मजाक भी मत udana....samjhi....
Salma(has कर)- ठीक है मेरी rani.....ab बता bhi.....main सुनने के लिए मरी जा रही हु....
और फिर आशा ने बताना सुरु kiya....usi रात se....jis रात से ये सब सुरु हुआ.....
Salma(beech में)- या allah....tu चुपचाप पड़ी रही और वो तेरे सरीर से खेलता raha,....tu कुछ बोली भी नहीं....
आशा- अरे क्या bolti...main खुद मस्ती में चूर thi....isliye चुपचाप पड़ी रही....
सलमा- पर ऐसे kaise...koi यहां मर्द तुझे छूटा रहा और तू मस्त हो gai....yakeen नहीं होता...
आशा- अरे मुझे पता था की वो ये सब करने वाला hai....maine सुन लिया tha....aur फिर उसका वो देख कर to....aaahh....mere जिश्म में मस्ती चढ़ गई thi....kya करू....
सलमा- kyaa....tune ये कैसे dekha....aur तुझे कैसे पता की वो तेरे साथ ये सब करने वाला है...
आशा- अरे हुआ ऐसा की जब मैं रूम में थी तो बाथरूम के लिए uthi....to वह जा कर देखा की बाथरूम का गेट खुला है और अंदर गोलू अपने बड़े से उसको मसलते हुए बोल रहा था की आज मेरे साथ क्या karega....are उसका आकार देख कर hi मेरा जिश्म मस्ती में कांप utha....to फिर सोच लिया की आज रात उसे मस्ती करने do....bas...
सलमा- तो फिर उसने kya-kya किया....
आशा- ज्यादा कुछ nhi...bas मेरे सरीर को छूटा रहा....
सलमा- तेरे दूध दवाये थे....
Aasha(sharma कर)- हम्म....
सलमा- और तेरा पिछवाड़ा भी....
Aasha(sharma कर)- hmm...wo भी...
सलमा- अब शर्माती क्यों hai...yaha कोई nhi....accha तेरी मुनिया को हाथ लगाया था kya....sach बताना....
Aasha(sharma कर)- तू भी kya....ha....chhua tha.....aur मसला भी था....
सलमा- है allah....tu कितनी बेशरम hai,....sab छूने diya....hmm....aur तूने भी उसका छुआ की nahi....dekh झूठ मत बोलना....
Aasha(soch कर)- मैंने तो nhi...par उसने मेरे हाथ में पकड़ा दिया था...,
सलमा- haay....fir तूने क्या किया....
आशा- क्या karti....main तो चुपचाप पड़ी rahi....nhi तो वो जान जाता की मैं सो नहीं रही....
सलमा- अच्छा ये बता की कितना बड़ा tha,....naap तो लिया होगा न....
आशा- अरे नाप कैसे leti.....ha इतना पता है बहुत बड़ा है....8 इंच का hoga....aur मोटा भी बहुत था....
सलमा- haay....tujhe तो मज़ा आ गया होगा na....hai न....
Aasha(sharma कर)- hmm....wo तो aaya...tabhi तो चुपचाप रही...
सलमा- अच्छा फिर क्या hua....usne कुछ और नहीं किया...
आशा- nhi...bas चिपक कर लेता रहा और वैसे hi सो gaya...aur मैं भी चिपकी हुई सोती rahi....jaisa तूने देखा था....
सलमा- ohh...to फिर चुदाई कब हुई तेरी....
Aasha(sharma कर)- दूसरी रात....
सलमा- तो क्या तूने खुद बोलै था या उसने बोलै था....
आशा- अरे बोलै किसी ने nhi....asal में उस रात उसने मेरी bra-panty भी निकाल दी थी और फिर मेरी नंगी छूट को छूने laga...to मेरी सिसकी निकल gai....bas वो समझ गया की मैं सोइ nhi....aur बस फिर usne....samjh न....
सलमा- aahhh...fir उसने उस बड़े से हत्यार से तेरी मुनिया की धज्जियाँ उदा di...hai न...
Aasha(sharma कर)- हम्म्म...
सलमा- क्या बात है aasha...teri किस्मत से हालां हो रही है आज....
आशा- kyo....tu क्यों जलने लगी....
Salma(udaas हो कर )- अब जलु बा तो क्या karu...ek तू है पति के पास न होते हुए भी हर रात तगड़े लुंड के मज़े ले रही hai...aur एक मैं hu...jo पति के साथ सोती हु फिर भी प्यासी रहती hu.....meri किस्मत....
Aasha(salma का हाथ पकड़ कर)- मैं तेरी हालत समझ सकती hu....main भी इसी दौर से गुजरी हु....
सलमा- पर अब तो तू खुश है na...har रात dhamasaan...hai न....
Aasha(muskura कर)- hmm....aur तू कहे तो तेरे लिए भी ऐसा कर दू...
Salma(chounk कर)- kya....ye क्या बोलै tune,..tu क्या karegi....haa...
Aasha(muskura कर)- मैं कुछ नहीं karoogi....accha ये बता की अगर तुझे मौका मिले तो क्या तू गोलू के साथ chudaai...,bolo,....
Salma(sakpaka कर)- ये kya...,ye कैसे हो सकता hai...nhi....bilkul नहीं....
Aasha(ghoor कर)- hmm....matlab तुझे मौका मिले तो तू चौका जरूर maregi...hai न...
Salma(sharma कर)- चुप कर....
आशा- हाय मेरी शर्मीली chhamiya....man में लड्डू फुट रहे hai...haaye चेहरे की लाली तो देखो....
सलमा- चुप कर na....bas...
आशा- ठीक है काम की बात sun....agar तू चाहे तो तू भी मज़े ले le,...hmm...
सलमा- पर kaise....main तेरी तरह उसके साथ सो भी नहीं sakti....fir कैसे...
आशा- वो तू dekh...main बस इतना बोल सकती हु की तू कोसिस करे तो गोलू तुझे भी मज़ा दे dega....baki तू जाने तेरा काम...
Salma(soch कर)- ये कैसे हो सकता है....
आशा- अब ये तो तू hi soch....are ायरत अपनी पर आ जाए तो हर मुश्किल का तोड़ निकाल सकती hai...fir ये तो सिर्फ एक जवान लड़का hai....are तेरा जिश्म तो बुड्ढे को भी जवान कर de....haa....soch salma....tu कर सकती है....
Salma(muskura कर)- ठीक है सोच loogi...par वो chhod...abhi मुझे बता की पहली बार उसने kya-kya kiya...aur तेरा खून कैसे nikala...chal बता....
और फिर आशा शरमाते हुए आगे का किस्सा बताने lagi....par उसने गांड चुदाई की बात छुपा कर राखी...
वही सलमा चुदाई की बातें सुनते हुए मस्त हो रही thi...aur दिल hi दिल में ये सोच रही थी की आशा की तरह वो भी गोलू के साथ मस्ती कर सकती hai...par कैसे....?????
==================================
ऑफिस से मैं तब्बू के साथ निकला और कुछ देर बाहर घूमने के बाद उसे घर छोड़ कर मैं सीधा गणेश के घर पहुंच गया.....
Main(apne आप से)- चलो इनको ट्रेनिंग करा कर निकलता hu...aaj तो अपने घर hi souga....dekhu तो वह क्या हाल है....
खैर ट्रेनिंग ख़त्म होने के बाद मैं रूम में चेंज hi कर रहा था की आशा आ गई....
आशा- तैयार हो गए....
Main(muskura कर)- hmm...ho hi gaya...tumne चेंज नहीं किया...
आशा- कर loogi...pahle ये बताओ की जा क्यों रहे हो...
मैं- क्या matlab...bataya तो tha...yaha सिर्फ 4 दिन hi rukuga....yaad नहीं क्या...
Aasha(udaas हो कर)- रुक नहीं सकते...
Main(aasha को देख कर)- kyo...koi काम था क्या...
Aasha(gusse से)- कोई काम nhi....jao....
मैं- hmm...gate लॉक करो थोड़ा...
Aasha(chounk कर)- kyo....nhi...sochna भी नहीं...
मैं- करती हो या मैं करू...
Aasha(gate लॉक कर के)- कर diya....ab...
Main(baahen खोल कर)- यहाँ आओ....
आशा मुस्कुरा उठी और मेरी बाहों में समां गई...
मैं- मेरी jaan...itni उदास क्यों है...
आशा- तो क्या karu...tum जा रहे हो और मैं उदास भी नहीं सकती....
मैं- अरे yaar...bas 2 दिन की बात hai...aur ट्रेनिंग देने तो आउगा hi न....
आशा- उससे kya....training में कुछ नहीं hoga...aur दो रात कैसे निकलेगी मेरी....
मैं- जैसे पहले निकलती thi...so कर...
Aasha(mukka मार कर)- तो मेरी आदत क्यों बिगाड़ di....huh...
मैं- कौन सी आदत...
आशा- तुम जानते ho....mujhe रात में तुम्हारी आदत होने लगी hai....nhi तो नीड hi नहीं आती...
मैं- hmm...ye बात hai...koi nhi...do दिन संभल lo...fir मैं आ कर कमी पूरी कर दुगा....
आशा- hmm...yahi करना hoga....kosis karugi....or क्या....
Main(aasha का चेहरा थाम कर)- तो चलो अब मुझे bye bolo....par जरा प्यार से....
Aasha(muskura कर)- हम्म...
और फिर आशा ने अपने होंठो में मेरे होंठ कैद कर लिए और हम करीब 2 मिनट तक किश करते रहे और फिर मैं अपने घर निकल आया.....