अपडेट - 120
यहाँ मैंने लुंड को छूट से निकला और एक तेज धक्का दे कर सूपड़ा कोमल की गांड में उतार diya.....jisse कोमल चीख उठी.....
पति- कुआ hua...tum छिलके क्यों....
कोमल- aaahhh...gaand फटी na..aaahh....
पति- kya...gaand में ले liya...par अभी तो छूट में था.....
कोमल- aahhh...mujhe नहीं pata...bas गांड फैट gaai...maa....
पति- मेरा लुंड तुम्हारी गांड me...aaahhh...komal...mera pani...aaahhhh...
कोमल- aahh..kya हुआ...
पति- aah..mera हो गया.....
कोमल- aaahhh...tum..tum rakho...(mujhse)- karo......aaaahhhhhhhh......
और कोमल का इसरा पाते hi मैंने एक और धक्का नैरा और आधे से ज्यादा लुंड कोमल की गांड में घुस गया....
पति- क्या hua...tum चीखी क्यों...
कोमल- aaahhh..aaahh...meri गांड मर रही hai....tu रख na....tujhse नहीं होगा...
कोमल को दर्द की वजह से ज्यादा hi गुस्सा आ रहा tha...isliye वो चाहती थी की उसका पति फोन रखे और वो मज़ा ले.....
पति- अरे गुस्सा मत karo...tum अपना खेल khelo...main सुनता हु.....
कोमल- aaahhh...to sun....bol मत....
पति- ठीक hai...main मार रहा हु न....
कोमल- nhi...main सर से मरवा rahi...sunna है तो suno..nhi तो rakho....sir...aap maaro...bada दुःख रहा...
और कोमल के कहते hi मैंने तीसरा धक्का लगा कर पूरा लुंड उसकी गांड में उतार diya...jisse कोमल की चीख पुरे रूम में गूज गई.....
कोमल- aaaaaiiiiiiiiii........maaar gaaii.....aaahhh...ssir.....aaahhh..
Pati(joor से)- क्या हुआ komal...aur ये सर कहा se...kya बक रही हो....
कोमल- aaaahhhhhh.....mmaa....sirr...meri to...aaahhhhh....
पति- अरे बोलो na...ye sir-sir क्या बक रही हो....
कोमल- aahhh..jalo mat....bas सर को सोच kar....aaahhhh...maza ले rahi....aaahhhh...
पति- पर वो kyo...main हु न....
कोमल- aaahhh...tum झाड़ gaye..,.aaahhh...aur ये खेल hai...aaahhh....to जलो mat....aahh..
मैं रुक कर कोमल को सहलाता हुआ उसे नार्मल कर रहा था और कोमल अपने पति को समझा कर उसका मूड ठीक कर रही थी....
थोड़ी देर बाद उसका पति राजी हो gaya...kyoki वो दोनों ऐसे खेल कई बार खेल चुके the...roll प्ले...
जैसे hi उसका पति हां बोलै तो कोमल ने मुस्कुरा कर मुझे इसरा कर diya....aur मैंने हलके ढके मारने सुरु कर दिए.......
ऐसे hi कुछ देर करने के बाद मैंने आधे से ज्यादा लुंड बहार खींचा और फिर दास दिया....
कोमल- aaaaahhhhhh....faaad दी रे....
पति- क्या hua.....jhad गई.....
कोमल- aaaaahhhhhh........chup raho...aaahhh.....
Main(dheere से)- अब उसे चुप hi रहने do....phon दूर रखो....
कोमल- aaaahhhhhh......ji सर......
और कोमल ने मुझे देखते हिये फोन उठा कर दूर खिसका दिया.....
मैं - अब मज़ा करता hu....yeehhh.....
और मैंने फिर से लुंड को बहार तक खींचा और एक झटके में अंदर दाल दिया.....
कोमल- aaaiiiiiiiiiii...sir .....ye...aaaahhhhh...
कोमल जोर से चीखी पर मैं नहीं ruka....maine 2 बार लुंड निकला और फिर pela...jisse गांड में जगह बनती गई और फिर मेरी स्पीड बाद gai...par कोमल अभी भी हर धक्के पर चीख रही थी.....
कोमल- aaahhh...aaahhh..sir....main मरी aaj...aaahhhhh......
पर 4-5 मिनट के बाद जब गांड ने लुंड को एडजस्ट कर लिया तो कोमल को आराम मिला और उसकी चीख सिसकियों में बदल गई...
कोमल- aaahhhh....ab आराम है सर...
मैं- बोलै था na...bas थोड़ा दर्द है बाकि मज़ा hi मज़ा...
कोमल- aahh...ab अच्छा लग raha....aisa पहले kabhi...aaahhhh....mahsoos नहीं हुआ...
मैं- अब हमेशा महसूस hoga...teri गांड मैं हमेशा maruga....yeeehhh...
कोमल- aaahhhhh....maro sir....tej करो थोड़ा....
मैं- है मेरी jaan...ab देख तेरी गांड के चीथड़े उड़ेगे......
मैंने कोमल को लिटा दिया और उसकी गांड को हाथो से थोड़ा ऊपर किया और धक्को की स्पीड बड़ा di...mere दो धक्को में hi कोमल की छूट ने पानी छोड़ दिया....
कोमल- aaaahhhhh....main गएआइइइइइ सिरकक...
मैं- बस इतनी jaldi...abhi तो मौसम बना hi है...
कोमल- aaahhhh...ye तो गांड मरै की खशी में झाड़ gai....aap ठोको sir...joor से....
और फिर कोमल की गांड में ताबड़तोड़ धक्के लगने lage...ab कोमल भी गांड utha-utha कर के पूरा मज़ा ले रही thi...aur मैं कोरी गांड मारने के....
कोमल- aahh...aahhh...aaahhh...aaahhh....
मैं- शाबाश मेरी jaan...gaand उछाल कर मज़ा ले रही है...
कोमल- aaahh...hhaa...sir...gaand aapko...aaahhh....sukriya...bol rahi...aaaahhhh.....
मैं- बहुत acche...ye le...ye le...yeeeee....yyyeeesssss.....
कोमल- aaahhh...saaab....mmmmmaaa...aaaiiiii....uuuuhhhh....aaaaaaaiiiiiii....
कोमल का मज़ा फिर से उसकी छूट के रस्ते निकल गया और मैं भी कासी हुई गांड के आगे जल्दी hi झड़ने को हो गया....
मैं- ये le....main भी aaya....lllleeeee....
और लुंड ने गांड को अपने रास से पूरा भर दिया.....
झगड़ने जे बाद मैंने लुंड को गांड से निकला तो लुंड रास के साथ खून भी बाह गया....
उसी तरह सना हुआ लुंड मैंने कोमल के मुँह के सामने कर दिया तो कोमल ने lete-lete hi लुंड चूसना सुरु कर दिया....
Main(lund चुसवा कर)- अब तुम उसे sambhalo....wo भोखला रहा होगा....
Komal(phon उठा कर)- hello....hello....
मैं- क्या हुआ....
कोमल- लगता है तुन हो कर सो गया....
मैं- hmm..chalo अच्छा hua...tum फ्रेश हो aao....fir तुम्हे आराम करता हु....
Komal(khadi हो कर)- aaahhh..bahut दर्द है सर....
मैं- तुम फ्रेश हो jao...fir टेबलेट ले lena...ok....subah तक ठीक हो जाओगी....
कोमल- हम्म..
और फिर थोड़ी देर बाद हम दोनों ek-dusre की बाहों में सो गए.......
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अगली सुबह मेरी नीड फिर से वॉचमैन की आवाज़ से खुली.....
Main(aankhe बाद किये)- uuuhhmmmm....kya हुआ yaar......kyo चिल्ला रहा है....
वॉचमैन- sir....koi मिलने आया है आपसे.....
मैं- बोल दो बाद में aana....abbi मैं सो रहा हु.....
वॉचमैन- sir....ek मैडम आई hai....saba नाम की...
सबा का नाम सुनते hi मेरी झक्की खुल गई और मैं उठ कर बैठ गया....
वॉचमैन- sir.....kua बोलू....
मैं- कुछ nhi....bol दो की आ रहा hu.....bas 2 मं...
वॉचमैन- जी सर....
वह वॉचमैन नीचे गया और यहाँ में जल्दी से फ्रेश होने निकल gaya.....aur फिर रेडी हो कर नीचे जाने hi वाला था की कोमल जाग गई....
कोमल- कहा जा रहे है...
मैं- ohh..tum जाग gai....hmm..ab क्या हाल है.....
Komal(apni गांड छू कर)- दुखता है.....
Main(paas आ कर)- तो फिर आराम karo...main बापिस आ कर इलाज करता hu...ok....uuummmhh....aaraam करो...
और मैं कोमल को किश कर के नीचे पहुंच gaya.....waha जैसे hi सबा ंद मुझे देखा तो खुश हो gai....par अगले hi पल अपनी नजरें झुका ली....
मैं- गुड मॉर्निंग सबा.....
Saba(muskura कर)- गुड मॉर्निंग......
Main(saamne बैठ कर)- to...kaisi है aap....aur पहले ये बताइये की क्या legi...chai या कॉफी....
Saba(muskura कर)- जी कुछ nhi...sukriya....
मैं- अरे nhi....aise नहीं hota....are आज तो हमारे रिश्ते की नै सुरुवात hai....kuch तो लेना होगा.....
Saba(chounk कर)- rishta....matlab....
Main(muskura कर)- are...bhool gai...aaj से हम दोस्ती के रिश्ते में बढ़ने जा रहे hai...hai न....
Saba(hichakte हुए)- गोलू ji...wo मैं कह....
Main(beech में)- जी nhi...sirf गोलू....
सबा- ji...golu...theek....par मेरी बात तो सुनिए....
मैं- है boliye.....par pahle....haa...ye रहे....
और मैंने सबा के बाजु में रखे टिफिन को उठाया और खुसबू लेने लगा....
मैं- wow....samose....uumm..i लव समोसा.....
और मैं टिफिन खोलने लगा तो सबा ने मुझे रोक लिया और फिर टिफिन ले कर किचेन में गई और एक प्लेट में समोसे को चटनी और शॉउस के साथ सजा कर ले आई....
सबा- ये lijiye....ab आपको खाने का मज़ा aayga....lijiye....
मैं- थैंक you....par ये क्या...1 hi plate.....tum नहीं खाओगी....
सबा- main...nhi...main खा चुकी....
मैं- खा चुकी हो या nhi....isse कोई फर्क नहीं padta....dekho....agar मुझे अपना दोस्त समझ कर आई हो तो मेरे साथ खाना hoga...nhi तो फिर ये rahe.....main भी नहीं खता....
सबा- पर मैं सच में खा चुकी हु....
मैं- फिर bhi...accha थी डा sa...bas एक tukda....ok
Saba(has कर)- आप बहुत जिद्दी हो....
मैं- दोस्त के साथ तो जिद करने का हक़ होता है na....ye लीजिये....
और मैंने सबा की तरफ समोसा किया तो उसने एक बाईट ले li...aur फिर वही समोसा मैं भी खाने लगा....
सबा- अरे nhi...rukiye....wo मेरा झूठा है...
Main(muskura कर)- तब तो और भी टेस्टी hoga...aauuumm...
और मैं वही समोसा खा gaya...aur सबा मेरी बात सुन कर शर्मा कर नीचे देखने लगी....
मैं- wow...mast टास्ते tha...to...ab हम ऑफिशियली दोस्त हो gaye...hai न...
Saba(mujhe देख कर)- गोलू ji.....meri बात समझिये na....hum दोस्त नहीं बन सकते.....
मैं- kyo...kya मैं तुम्हारा दोस्त बनने के लायक नहीं हु....
सबा- nhi...aisi बात नहीं hai.....aap जैसा दोस्त हो तो अच्छा hi hoga....par मैं आपसे दोस्ती नहीं कर सकती....
मैं- और उसकी wajah....kuch तो होगी na...bataiye....
सबा- dekhiye...mujhe गलत मत samjhiye....par मेरा निकाह हो चूका hai....ghar में सौहार hai...beta hai....to सायद मैं आपकी दोस्त बनने के लायक नहीं...
मैं- ये तुमसे किसने कह दिया की सौहार और बीटा हो तो दोस्ती नहीं कर सकते....
सबा- are...aap समझ नहीं रहे....
मैं- तो फिर तुम्ही समझा do....mujhe एक तो ऐसी वजह बताओ की मैं मान लू की तुम मेरी दोस्त नहीं हो सकती....
Saba(najren झुकाये)- wajah....wo...log कहते है की ladka-ladki दोस्त नहीं हो सकते....
मैं- तो फिर क्या होते है....
Saba(sakpaka कर)- wo...wo...mujhe नहीं पता....
मैं- ठीक hai...to जो हो सकते hai...wahi बना लो....
मेरी बात सुन कर सबा की आँखे बड़ी हो gai...aur वो मुझे एक तक देखने लगी....
मैं- ऐसे मत देखो saba.....main सच बोल रहा hu....maine जब तुम्हे पहली बार देखा tha....tabhi तुम मुझे पसंद आ गई thi....bas तभी से मैं तुम्हारा दोस्त बनना चाहता था....
सबा- गोलू ji...ye aap...main जा रही हु....
Main(beech में)- जाने से पहले मेरी बात सुन lo...dekho saba....main तुम्हे मजबूर नहीं कर raha...par मैं दिल से तुम्हे पसंद करता hu....isliye आज इतना बोलने की हिम्मत कर रहा hu....agar तुम्हे लगता है की मैं सही hu....to मुझे कॉल karna....warna एक बुरा सपना समझ कर भूल jana....theek है...
Saba(jate हुए)- bye गोलू जी.....
Main(piche से)- कल रात 12 बजे तक मैं इंतज़ार karuga....nhi तो fir...alvida....
पर सबा मेरी बात सुन कर भी नहीं रुकी और तेज कदमो से अपने घर निकल गई....
मैं- कुछ जल्दी तो नहीं kardi...khair जो भी ho...abbi समोसे तो खाने do....aur सबा नहीं यो kya....komal तो ऊपर hi hai.....tab तक उसी से काम चलेगा.....
और फिर मैंने समोसे खाये और कोमल के ोास पहुंच गया.....
कोमल अभी भी बिस्टेर पर गांड उठाये लेती हुई थी....
तो मैं उसके पास पंहुचा और बड़े प्यार से उसकी गांड सहला दी.....
Komal(bina देखे)- uummmm.....fir से मन हो गया क्या....
Main(gaand दवा कर)- hmm..thoda सा.....
कोमल- aaahh.....bahut दर्द है....
मैं- कोई बात nhi......filhaal छूट से काम चला लगा....
Komal(has कर)- मानेगे नहीं na....janti thi...waise मेरा भी मन था की आपका पानी पि कर दिन की सुरुवात karu....aaiye...uuummmmmm...
और कोमल ने मुझे बीएड पर खींचा और मेरे ऊपर आ कर किश करने लगी.....
कोमल- uuummm...uumm....bade बेरहम हो aap....kitna दर्द diya...uuummmm...
मैं- uuummm..maza भी तो दिया....
Komal(muskura कर)- hmm..bahut....uuummmm...uuummmm...
और फिर कोमल कुछ देर तक मुझे किश करती रही और फिर नीचे खिसक कर मेरा लोअर निकला और लुंड चूसने लगी....
Komal(lund को थपकी मार कर)- यही है वो badmaas....kitna जोर से करता है .haa...(aur कोमल ने एक हैजा थप्पड़ मार दिया)
मैं- are...wo ऐसे नहीं manega....use dawa-dawa कर उसका रास निकाल lo...tabhi मानेगा....
कोमल- hmm...abhi बताती hu....aaauuummmm....uuuummmm...uummmm....uuummm..
मैं- aah....aise hi...ab manega....aah...joor से करो....
कोमल- uuummmm...uuuummmm..uuummm...aahh...ise तो रोज सजा doogi....bahut बुरा हाल किया न mera....ab मैं भी karoogi...uuummm...uuummm...
और कोमल ने कुछ देर तक लुंड choos-choose कर तैयार कर diya....aur फिर ऊपर आ कर लुंड पर उछालने लगी.....
कोमल- aaahhhh....kitna बेकार hai....ye नहीं मंटा.......
मैं- manega....tum अपनी छूट की गर्मी से इसे पिघला do.....aur joor-joor से इसको kuchlo...hmm...ho जाओ सुरु....
और फिर कोमल ने तेजी से उछालते हुए चुदाई सुरु कर दी.....
फिर अगले 30 मिनट तक कोमट की छूट बजने के बाद मैं उसकी छूट में hi झाड़ गया.......
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शाम को करीब 4 बजे मैं एक आदमी को ले कर आशा के घर पहुंच gaya.....jise देख कर फिर से सब लोग चौंक गए....
पर मैंने उन्हें समझा दिया की ये गुरूजी के सिस्य hai...jo हवं में हेल्प करने आये है.....
सुषमा- तो क्या ये भी यही रहेंगे....
मैं- nhi...ye तो बस हवं की तैयारी karayge...aur हवाब सुरु होते hi चले jayge....par आयगे रोज...
सुषमा- ohh...theek hai...waise हवन कब सुरु हो रहा hai...matlab कितने बजे....
मैं- अब वो तो गुरु जी jaane....main उनसे मिल कर आता hu...fir batauga....ok..
और फिर मैं उस आदमी के साथ ऊपर आ gaya...raju भाई के पास...
राजू- ये कौन है...
मैं- आपका सिस्य है गुरु ji...aapki मदद करने आया है.....
राजू- मजाक छोडो golu...sach बताओ...
मैं- राजू bhai....ye वो इंसान hai...jo हमे बताएगा की सीमा ने आपको धोखा क्यों diya...aur किसके कहने par......aur ये bhi...ki आखिर वो सीमा से दीपा क्यों bani....kyo....?????
नोट - उपदटेस पोस्टेड फ्रेंड्स......
होप ु विल लिखे आईटी.....
Gif विल एडेड सून....
थैंक्स फ्रेंड्स.......
कीप रीडिंग...........