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ये देखते hi सुगंधा ने गुस्से से मेरे गाल पर एक जोरदार थप्पड़ मारा और चंदा के पॉलस जा कर एक आदमी की गन चीन ली और मेरे ऊपर तान दी....
सुगंधा- चुप कर harami.....tu गया....
और फिर सुगंधा ने गुस्से से मेरे सर पर निशाना लगाया और गोली की आवाज़ से रूम एक बार फिर से गूँज उठा.......
देखते गई गोली किसका शिकार कर गई.....??????
अब आगे.........
जैसे hi गोलू चली तो सुगंधा चीखती हुई अपना हाथ पकडे फर्श पर जा giri....aur उसकी हालत देख कर वह मौजूद हर साक्ष परेशान रह gaya....aur साथ में मैं भी....
क्योकि मुझे अंदाजा था की सुगंधा पर चलने वाली गोली मेरे hi आदमी की hogi....jise मैंने अपनी ghadi(wrist वाच) से सिग्नल भेजा था....
असल में मेरे कुछ आदमी पहले hi घर में छुपे हुए थे और मेरे इसारे के इंतज़ार में थे....
पर यहाँ तो मामला hi कुछ और nikla.....goli चलने वाली एक खूबसूरत ायरत thi.....jo यहाँ आरिफ के साथ पहुंची थी....
उस ायरत को देख कर मैं कुछ समझने की कोसिस hi कर रहा था की तभी रूम में एक और गोली chali...aur एक ायरत फराह पर चीखते हुई जा giri....ye थी chanda....jo मौका पा कर मुझे मारने चली thi...par तभी मेरे आदमी ने उसके हाथ में गोली डांस दी.....
Main(apne आदमी से)- saabaash....par पहले क्यों नहीं मारा sale...main मर जाता तो...
आदमी- नहीं sir..pahle भी मैंने मारा tha...par साथ में इस लेडी ने भी गोली चला di....aap देख सकते हो....2 गोलियां चली थी....
मैं- पर आवाज तो एक hi आई थी...
ायरत- क्योकि मेरी गन ख़ामोशी से शिकार करती hai....(aur उसने मुझे अपनी गन दिखा दी )
मैं- ohh...silencer.....good....par आप है koun....aur आपने.
Aourat(beech में)- नंगे hi सब जान loge...chalo पहले कपडे pahno.....aur तुम सब बेन के tako.....ja कर उस कोने में बैठ jao....aur अगर जरा सी भी chi-pata की na....to ऐसी जगह छेड़ करूगी की न मोटे बनेगा और न hagte...samjhe....chalo सारे....
जय- मैं भी....
Aourat(muskura कर)- तुम्हे पता है की तुम्हे क्या करना hai.....hmm...
इन सब बातों के बीच मैंने और राजू भाई ने जल्दी से अपने कपडे पहन liye...aur फिर उस ायरत के पास पहुंच गए....
मैं- तो अब bataiye....koun है आप.....
ायरत- naam......rajni....kaam....teri hifajat....rishta.....ankaha.....bas मेरे पास इतना hi है....
मैं- hmm...kafi इंट्रेस्टिंग ho....ab थोड़ा उस भाषा में भी समझा do...jo मुझे समझ आ जाए....
रजनी- ठीक hai....asal में कभी हम पडोसी हुआ करते the....aur तब मैंने तुम्हे अपनी गॉड में बहुत खिलाया hai...kuch याद आया....
रजनी की बात सुन कर मैं और राजू भाई ek-dusre का मुँह ताकने lage....par हममे से किसी के पास कोई जवाब नहीं था.....
Rajni(muskura कर)- मैं जानती थी की तुम्हे कुछ याद नहीं hoga....aur सही भी hai...us वक़्त तुम्हारी उम्र hi कितनी थी...5 या 6 saal....aur मेरी उम्र थी 19 saal....kuch याद करने की कोसिस तो करो....
मैं- ुम hu...main सच में नहीं समझ प् रहा की आप क्या बात कर रही ho.....kyo राजू भी....
राजू- haa...maine तो इसका बचपन देखा hai....par मैं भी तुम्हे नहीं जनता....
रजनी- असल में ये तब की बातें थी जब तुम अपने maa-baap के साथ रहते the.....raju के maa-baap के साथ नहीं....
Main(chounk कर)- kya....matlab तुम मेरे **** गाओं की ho....par वह तो सब जल गए the...to तुम...
Rajni(beech में)- dard....haa...saayad उपरवाले ने तुम्हारी तरह मुझे भी दर्द सहने के लिए जिन्दा छोड़ दिया tha....(ye बोलते हुए रजनी की आँखे नाम हो गई )
मैं- माफ़ karna.....saayad ये सवाल सही न lage....par आपने किसे khoya.....kya आपके maa-baap....ya fir....kya तुम बताओगी...
रजनी- hmm...main एक अनाथ thi....par haa...mere भी सेज maa-baap से भी बढ़कर प्यार करने वाले maa-baap the....behen से बाद कर प्यारी वाली ननद thi....bhai से ज्यादा प्यारा देवर tha....aur पूरी दुनिया से मेरे लिए लड़ जाने वाला मेरा प्यारा भोलू था....
Main(choun कर, जोर से)- मेरी घरवाली........
मेरे मुँह से ये सब्द सुन कर वह मौजूद हर साक्ष चौंक gaya.....aur रजनी की आँखे ख़ुशी से चमक उठी....
रजनी- है मेरे गोल मटोल golu....main तेरी घरवाली.....
रजनी का इतना बोलना hi था की मैंने उसे अपनी बाहों में कास लिया और उसने भी मुझे बाहों में समेत कर अपनी आँखों में रुके आंशुओ को खुला छोड़ दिया....
हम दोनों इस वक़्त ख़ुशी के मारे रो रहे the....aur हमे यु देख कर रूम में मौजूद बाकि सब हैरान the.....raju भाई भी...
मैं- मुझे लगा था की मैंने तुम खो दिया.....
रजनी- मुझे bhi.....par सायद भगवान् को हम पर तरस आ gaya....aur मुजगे तुझ तक पंहुचा diya....uuummm..
और रजनी ने मेरा चेहरा हाथो में ले कर मुजगे कई सारे चुम्बन दे डेल....
रजनी- uuummmhh...mera golu-molu....kitna बड़ा हो गया तू....
Main(muskura कर)- पर तुम बड़ी नहीं hui..meri gharwali....uuummmmhhh....
राजू- bhai....maaf karna....par मुझे कुछ बताओगे की ये सब है kya...koun है ye....sur ये gharwali...ye क्या hai...kya ये तेरी...
Main(beech में)- भाभी hai....jinhe मैं अपनी घरवाली बोलता था.....
राजू- पर तूने बताया नहीं कभी...
मैं- क्या बताता bhai....mujhe लगा था की उस आग में मैंने सबको खो दिया hai...aur उस हादसे की वजह से मैं बहुत कुछ भूल चूका था....
राजू- ये तू सही बोल रहा hai....us हादसे के 4-5 महीने तक तू बहुत गुमसुम रहता tha....doctor ने भी बोलै था की तुझे सदमा लगा है...
मैं- है bhai...asal में मेरे एक ताऊजी भी the...unke दो संतान thi,..bholaram उर्फ़ भोलू bhaiya....aur बबीता उर्फ़ बिब्बो didi....aur भोलू भैया की पत्नी थी हमारी रजनी bhabhi....yahi मेरी gharwali....haha....
Raju(has कर)- ghawrwali...ye समझ न आया mujhe....samjhayga....
मैं- अब क्या bolu...us वक़्त मैं बहुत छोटा tha....aur मेरे भैया, दीदी मुझे बड़ा प्यार करते the....isliye वो अपने लिए जो लेते थे वही मुझे भी देते the....to मेरी आदत थोड़ी खराब हो गई थी...
फिर भैया ने रजनी भाभी से साडी ki....aur जब मैंने पूछा की ये कौन hai...to सबने बोलै की राजू भैया अपनी घरवाली लाये है....
बस फिर क्या tha...maine भी घरवाली की जिद पजड़ li...khana-peena छोड़ कर बस रोटा हुआ घरवाली मांगने लगा......
तब मेरी भाभी मेरे पास आई और मुझे अपनी गॉड में बैठ कर खुद बोलै की वो मेरी घरवाली hai....aur ये सुन कर मैं खुश हो गया....
उस दिन के बाद मैं भाभी को मेरी घरवाली कह कर hi बुलाता tha...aur वो मुझे golu-molu....hai न भाभी....
Rajni(khushi से)- तुझे सब याद आ गया....
मैं- भूला hi कब tha...bas आप सबके बिछड़ने के दुःख की परत जैम गई thi...jo आपके मिलते hi हैट गई....
Rajni(mujhe गले लगा कर)- मेरा golu....aaaah....aaj मेरी तपस्या सफल hui....dhanyavaad bhagwaan...dhanyabaad....
और फिर रजनी मुझे बाहों में समेटे काफी देर रोटी रही और मैं उसे समझाता रहा....
Main(has कर)- बस कर मेरी gharwali....bas...aaj तो किशी का दिन hai....rone का नहीं...
रजनी- मैं क्या karu....dil का दर्द काफी आरसे से छिपाया हुआ tha...aaj तुझे देखते hi फुट पड़ा....
Main(aankh साफ़ कर के)- hmm.....ab और nhi...bilkul चुप....
Rajni(muskyra कर)- ठीक hai...ab रोना band....khush....
मैं- bahut....waise तुमने मुझे डूंडा kaise....aur आज yaha....wo भी आरिफ के sath...ye सब क्या है....???
रजनी- सब बताती हु....
असल में जिस दिन गाओं में आग लगाई gai...us दिन मैं तेरे भैया से कुछ नाराज हो गई thi...to उन्हें परेशान करने के लिए मैं तेरी दीदी के कमरे में चली गई....
पर मेरा मन तो तेरे भैया के बिना लग्न नहीं tha....isliye कुछ देर बाद hi वह से निकल कर अपने कमरे में जाने लगी...
तब मैंने देखा की कुछ लोग आगाँ में छिप कर घुस आये थे और वो आग लगाने की तयारी कर रहे थे....
ये देख कर मैं घबरा गसी और सीधा तेरे भैया को बोलने भागी.....
पर तभी मेरी पायल की आवाज ने उन सबका ध्यान मेरी तरफ कर दिया और उसमे से एक ने मुझे पकड़ लिया...
पर किस्मत से उसका हाथ मेरे मुँह के करीब था तो मैंने उसे कास्ट लिया...
और काटने के दर्द से वो इतना गुस्सा ह्या की साले ने मुब दवाया और मेरे बाल पकड़ कर मुझे जमीन पर दे मारा.....
और वो यहाँ hi नहीं ruka....usne मुझे 5-6 बार ja.een पर patka....jisse मेरे सर से खून निकल आया और मैं बेहोश हो गई...
तो उन कमीनो ने मुझे उठा कर बरामदे में डाला और घर में आग लगा दी...
फिर जब गर्मी की वजब से मुझे होश आया तो मैंने अपने आपको आग से घिरा paya...aur मेरी हालत ऐसी थी की मैं चाह कर भी जल्दी नहीं उठ प् रही thi...na hi मेरी पूरी आवाज निकल रही थी...
इतने में आग बढ़ते हुए मेरी साड़ी में लग gai....aur फिर जलन के मारे मेरे सरीर ने मेरा साथ दे दिया और मैं उठ कर bhaagi....aur भागते हुए hi अपनी साड़ी निकाल फेकि....
पर आग अब मेरे peticote-blouse को भी पकड़ चुकी thi...to मैंने उनको भी निकाल फेका और नंगी hi भागने लगी....
और मुझे भागते हुए पता hi नहीं चला की मैं कब गाओं से निकल कर सुनसान जंगल में पहुंच gai....kyoki मैं दर और जलन से चीखती हुई भागे hi जा रही थी....
और तभी मुझे पेअर में एक झटका लगा और मैं आगे बने कुए में गुलाटी कहते हुए गिर गई...
कुए में गिरने से मुझे बहुत चोट आई और मैं फिर से बेहोश हो gai...par मेरी किस्मत अच्छी थी की कुए में नाम मात्रा का पानी tha...aur मैं ऐसी गिरी की मेरा आधा जिश्म एक तरफ कुए की दीवाल से टिका था...
इसलिए मैं डूबी nhi....bas आधी पानी में बेहोश पड़ी रही....
और जब मुझे होश आया तो मैंने बहुत आवाजे di....to एक आदमी ने मेरी आवाज सुन li.....aur मुझे वह से निकाल कर डॉक्टर के पास ले गया.....
वो आदमी एक मन हुआ डाकू tha....aur जब उसने मुझे बचाया तो उस वक़्त उसने यही सोचा था की मेरे मज़े लूटेगा....
पर जब उसने मुजगे 5-6 महीनो तक संभाला तो उसे मुझ पर तरस आने laga....is दौरान मैं सदमे में thi...yo कुछ बोल भी नहीं पाई...
फिर जब कुछ बोलने लायक हुई तो उसने मेरी कहानी पूछी और उसे सुन कर उसने मुझे वचन दिया की वो मुझे एक दोस्त की तरह hi dekhega...kafi बुरी नजर नहीं डालेगा....
इस तरह मैं तो बच gai....par मेरा पूरा संसार ख़त्म हो चूका था......
और fir...jab मैं ठीक हुई तो सच जानने के लिए गाओं louti....to वह पता चला की सब ख़ाक हो चूका है.....
और सबने एक hi बास्त boli...ki इस आग के पीछे राजू के पिता का हाथ है...
बस ...मेरर फील में बदले की आग लग gai....aur मैं राजू और उसके परिवार को मिटने को बेताब होने लगी...
पर उसके पिता की पहुंच देख कर उस डाकू ने मुझे समझाया और रुकने का bola....aur फिर मैं बदला लेने की तैयारी करने लगी...
और इसमें मेरी मदद उसी डाकू ने ki.....usne मुझे अपने बाद पुरे गैंग का मुखिया बना diya...aur मुझे हर तरह से लड़ने के काबिल भी कर दिया...
फिर एक दिन वो पुलिस की गोली से मारा गया और मैं गैंग की मुखिया बन गई....
और तब मुझे राजू की खबर mili....par मुझद पता चला की राजू के maa-baap मर चुके hai...aur खुद राजू जेल में hai...isliye मैंने उसका इंतज़ार kiya...kyoki मैं तो पूरा परिवार मिटाना चाहती thi...jaisa मेरा मिट गया था....
और जब ये जेल से निकला तो मैंने इसे इस आरिफ के साथ देखा....
तो मैंने आरिफ को पैसे दे कर अपनी तरफ kiya...aur उससे hi मुझे पता चला की मेरा गोलू जिन्दा hai....aur राजू गोलू को मारना चाहता है....
आरिफ ने hi मुझे बताया की रकू अकेला nhi...balki कई लोग इसके साथ hai...jinhd गोलू भी ढूंढ रहा है...
तो मैंने आरिफ और ज़ोया को तुम पर नजर रखने को bola...auf खुद सही वक़्त का इंतज़ार करने lagi....ki कब मुझे राजू मिले और मैं उसे दबोच लू...
पर उससे पहले hi तुम्हे राजू को पकड़ लिया और फिर तुम दोनों साथ हो gaye...yd देख कर मैं हैरान तो thi..par मुझे शक था की सायद राजू को भी किसी ने फसाया होगा....
Bas...fir मैंने हमेशा तुम पर नजर बनाये rakhi...aur आज यहाँ पहुंच गई.....
मैं- पर मुझ पर नजर राखी कैसे....
Rajni(muskura कर)- tabu....usi ने मेरा काम आसान kiya....uska दिया ये पेन्डेन्ट पहना है न tumne...ye मुझे बताता है की तुम कहा हो....
मैं- ओह teri...ye तब्बू भी...
रजनी- वो अच्छी लड़की hai....bahut acchi....gussa मत करना उस पर....
मैं- hmm...usko तो बाद में dekhuga....pahle इन सब मेहमानो की खातिर तो कर ले...
रजनी- क्यों nhi.....jaroori भी hai...in कमीनो की वजह से हम सबकी hasti-khelti जिंदगी तवाह हो gai....ab इनकी जिंदगी नरक से बदतर बनाना है....
मैं- haa...aur उसका इंतज़ाम मैंने कर रखा hai.....chalo gharwali...thoda आराम कर lo....main इनकी सजा सुना जार आता हु....
रजनी- सजा सुना do...fir साथ में चलते है...
मैं- nhi...ye मुमकिन nhi...kyoki ये शिकारी की दी हुई सजा hogi...jise देखना तुम्हारे लिए ठीक नहीं...
Rajni(muskura कर)- hmm..samjh gai...main बहार रूकती हु...
ये बोल कर रजनी बहार चली गई और मैं अपने आदमी से गन ले कर सुगंधा और बाकि कमीनो के सामने आ गया....
मैं- है to...koun पहले aayga....umm..haa..chanda darling.....pahle tum....chalo कपडे निकालो...
चंदा- kya...nhi...main ऐसा कुछ नहीं करूगी...
मैं- ओह ho...theek hai....agar तुम नहीं निकाल सकती तो मेरे ये ख़ास वफादार तुम्हारे सारे कपडे फाड़ कर तुन्हे नंगा karege....wo चलेगा...
ये सुन कर चंदा ने मेरे गॉर्डस की तरफ देखा और उनका जिश्म देखते hi चंगा की गांड फैट गई और उसने बड़े प्यार से ek-ek कर के अपनी saree..peticote...bra...panty..nikaal फेकि....
मैं- hmm..bahut acche.....ab हुई न नंगों की बरात puri....sari रंडियां नंगी hi अच्छी लगती hai....hai की नहीं....
और फिर मैंने ठहाका मारा और मेरे साथ राजू और मेरे आदमियों ने भी ठहाका मार diya....jisse साड़ी नंदी एयरटेन सहम गई और वही सारे दुसमन आदमी (रमन, राज, वीर, राज का छोटा भाई, गणेश ) अपनी बेबसी पर सर झुका कर बैठ गए....
मैं- क्या कहते हो राजू bhai...abhi और मूड है क्या....
Raju(chana को घूर कर)- इस नए माल को तो चखना hi होगा....
मैं- hmm...theek hai....pahle इन सारे नामर्दों को बाँध do...chalo...fir खेल खेलते है....
मेरी बात सुनते hi मेरे आदमियों ने सारे दुश्मन मर्दो को बाँध कर कोने में पटक दिया.....
मैं- ok...to अब खेल कुछ ऐसा hoga...ki मैं और राजू भाई इस चंदा रंडी को bajayge....aur बाकि की बची ये maa-beti...inko तुम सब उढेल dalo...chalo saare....maze karo....jai...aarif....tum दोनों भी खुन्नस निकाल lo...hmm...
जय- पर ये तो हमारे लिए काम नहीं पद jaygi...hum बहुत है...
मैं- hmm..wo तो hai....par हम निपटने के बाद इस चंदा रंडी को भी भेजते hai....air आराम से लेते raho...jaldi किसे hai....aur haa..ek और रंडी बाकि hai....use भी बुलाता hu....maa की लौड़ी sushma....wo भी इन सबके साथ माँ छुड़ा रही thi....oye...koi एक जा कर उस सुषमा को ले aao...aur याद rahe....saali मेरे सामने नंगी hi आणि chahiye...samjhe....
तो मेरा आर्डर सुनते hi एक आदमी बहार निकल गया और यहाँ मेरे इसारे पर राजू भाई चंदा को अपने साथ ले gaye...aur बाकि सारे लोग सुगंधा और पायल के सामने नंगे होने lage...ye देख का दोनों maa-beti के साथ साथ उनके पतियों और उनके बाकि साथियों की गांड चरचराने लगी.....
यहाँ जैसे hi सुषमा को लाया गया तो वो अंदर का नजारा देख कर बुरी तरह चीख पड़ी....
एक तो वो साली पहले hi नंगी कर दी गई thi...aur अब अंदर अपने साथियों की हालत से वो समझ गई थी.... की उसका भी बुरा हश्र होने वाला है....
सुषमा- golu...mujhe माफ़ कर do...meri कोई गलती nhi...main तो इनके कहने पर...
Main(chilla कर)- chup....yaha रंडियों को बोलने की इजाजत nhi....inka साथ दिया था na....to आज भी de....oye....ise भी लो साथ में....
राजू- bhai...ise भी चखना बाकि है...
Main(muskura कर)- फ़िक्र मत करो bhai....ise तुम्हारे साथ hi छोड़ dege....bajate रहना....
सोमू- तो मैं चख lu...mast दिख रही है....
मैं- तो पूछ क्या रहा hai...jise चाहे chod....sab पर हक़ है tera....bas कैमरा को सही से लगाए रखना....
सोमू- वो सही जगह फिट hai......main अकेला इसे छोड़ूगा......
मैं- क्यों nhi...ye....sushma को सिर्फ सोमू छोड़ेगा pahle...baki सब उन दोनों की बजाओ......
राजू- जा somu...fir मैं भी आता हु....
मैं- आप भी बजा lena......par पहले जरा इस चंदा रंडी की तो बजा le....kyo chanda...kya ख्याल है...
चंदा- dekho...maine ये सब सिर्फ जायजाद की लालच में किता tha...aur इन लोहो ne(raj, वीर) उसके बदले मुझे कई बात छोड़ा hai......par मैं कसम से बोलती हु की मेरा तुम लोगो को मारने का कोई इरादा नहीं tha..sach में...
मैं- hmm..janta hu...khair...in लोगो को इनके किये की सजा जरूर milegi.....par अभी तुम्हारी baari....par haa...tum उतनी बुरी नहीं ho....isliye हम तुम्हे एक मौका देते है...
चंदा- कैसा mouka...kya करना होगा मुझे...
Main(muskura कर)- करना तो वही है जो हम करने वाले hai...par अगर तुम चाहो तो हमे प्यार से खुश कर के बच सकती ho...nhi तो हम भी तुम्हे रगड़ कर छोड़ेगे और फिर हमारे आदमी bhi...soch लो....
चंदा- इसमें सोचना kya....main तुम दोनों को खुश कर doogi...fir तो मुझे जाने डोज न...
मैं- jaroor....par एक बात aur....tum आज के बाद इस सहर और मेरे गाओं के aas-paas भी नहीं dikhogi....samjhi...
चंदा- कभी nhi...main आज hi अपने पति के साथ कही दूर चली जोगी...
मैं- ok...to अब देर किस बात ki....hum दोनों तुम्हारा रास चखने को बेताब hai....suru हो जाओ....
और ये बोल कर मैंने फिर से एक बार अपने कपड़ो को निकाल फेका और वही काम राजू भाई ने भी कर दिया...
और सुषमा के सामने हमारे आधे खड़े लुंड झूलने लगे.....
चंदा- ओह माँ....
Main(chanda का सर सहला कर)- अब सम्भालो इन्हे....
फिर सुषमा ने हम दोनों के लुंड अपने दोनों हाथ में पकडे और मुस्कुराते हुए हिलने लगी......
मैं - कैसा लगा हथ्यार....
सुषमा- मस्त hai....tumhara तो कुछ ज्यादा hi तगड़ा दीखता है...
मैं- तो फिर देर किस बात ki....tum भी अपनी अदाए दिखा दो....
चंदा- क्यों नहीं...
और चंदा ने बड़े प्यार से हमारे लुंड को हिलाते हुए उन्हें गरम किया और फिर चूसना सुरु कर दिया.....
तभी मैंने एक नजर बाकि सब पर मारी तो वह भी लुँडो की चुसाई सुरु हो चुकी थी....
दो आदमी पायल को....3 सुंगंधा ko....aur 1 आदमी सुषमा को लुंड चुश्वा रहा था......
और पुरे रूम में बस चुसाई की आवाज़े शोर मचा रही थी....
राजू- aaahh...bas कर saali....ab तेरी छूट khol....tere मुँह से काम नहीं बनेगा....
चंदा- uuuuummmmmm...uuuummmmhhh....aahh..golu ji....aap तो चूसने दो na...accha लग रहा है....
Main(muskura कर)- ठीक hai....jitna जी करे choose...par मेरी भाई को तेरी छूट hi chahiye....chal...khol दे अपनी छूट.......
चंदा- अभी लो....
और ये बोल कर चंदा उठी और मेरे सामने झुक कर मेरा लुंड चूसने lagi...aur अपनी टाँगे चौड़ी कर के राजू भाई को छूट पेश कर दी.....
राजू- अब मज़ा aayga....yeeehhhhh....
और राजू भाई ने दो धक्को में hi चंदा की छूट में लुंड उतार diya....jisse चंदा ने मेरे लुंड को मुँह में जोर से दवा लिया....
फिर राजू भाई ने चुदाई सुरु की और चंदा ने मेरे लुंड की चुसाई.....
राजू- yeeehhhh...yeeehhh..bhai...isli छूट भी मस्त है sali....maza आ गया....
मैं- आप बस मज़े lo...wo dekho...sugandha का क्या हाल हो रहा है....
वह सुंगंधा की चुदाई सुरु हो चुकी thi....wo भी इस वक़्त 3 मर्दो के लुंड को अपने जिश्म में घुसाए हुई thi...muh, छूट और gaand....sab पेग थे साली के....
और सुगंधा की मस्ती देख कर के उसके पति की हालत ख़राब हो रही थी....
वही सोमू ने भी सुषमा की चुदाई सुरु कर दी thi...wo सुषमा को आगे झुकाये तेजी से लुंड पेल रहा था.....
और पायल भी अब 3 मर्दो के साथ पूरी गरम हो कर चुदाई का मज़ा ले रही thi...use न अपने बाप की फ़िक्र थी और न पति की.....
यहाँ थोड़ी देर तक राजू भाई ने चंदा की छूट मरी तो उसकी छूट ने भी पानी छोड़ दिया....
और उसके झड़ते hi मैंने राजू भाई को इसरा कर दिया...
फिर राजू भाई सोफे पर बैठ गए और मैंने चंदा को उनका लुंड चूसने बोल diya....aur फिर खुद उसकी गांड गांड में लुंड पेल दिया.....
चंदा- aaaaaiiiiii......bata कर तो डालते....
मैं- तो तेरी चीख कैसे nikalti.....ab मज़े le....tere सामने भी एक हथ्यार hai...yeeeehhhhh...
और मैं चंदा की गांड मारने laga...aur वो भी मस्ती में आ कर राजू भी का लुंड चूसने लगी.....
अब रूम में सिर्फ और सिर्फ चुसाई और चुदाई की आवाज़े आ रही thi...wo भी aisi...jisse साफ़ पता चल रहा था की साड़ी एयरटेन दिल से चुदाई का खेल रही है....
मैंने नजर घुमा कर देखा तो मुझे सब alag-alag पोजीशन में दिखे....
सोमू ने सुषमा को फर्श पर कुटिया बनाया हुआ tha...aur उसकी गांड फाड़ रहा था.....
सुगंधा तो मज़े से तीन लुँडो से जिश्म की चटनी बनवा रही थी...
पायल भी अपनी माँ की तरह खुल कर अपनी अनोखी चुदाई के मज़े में डूबी हुई थी....
और यहाँ चंदा भी फिर से झाड़ चुकी thi....par मैंने उसकी गांड मरना चालू राखी...
थोड़ी देर बाद मैंने चंदा को छोड़ा तो राजू भाई ने उसे अपने लुंड पर बैठा का छूट में लुंड पेल दिया....
और मैंने उसकी गांड me...aur फिर दोनों भाई चंदा को दवा कर छोड़ने लगे....
ये सब खेल 30 मिनट तक लगातार चलता रहा......
और फिर जब हम झड़ने को हुए तो चंदा फर्श पर बैठ गई और हमारे लुंड हिलाते हुए अपने दूधो पर झाड़ा लिया...
और फिर बड़े प्यार से लुंड चूस कर साफ़ कर दिए.....
फिर हम तीनो ने कुछ देर बाकी सबकी चुदाई देखि और फिर कपडे पहन कर रेडी हो गए....
रेडी होने के बाद मैंने राजू भाई और चंदा को बहार भेज दिया.....
मैं- एक minute....suno sab...dekho....tum सब कल सुबह तक इन अयर्तों को chodoge....aur haa...agar तुम थक जाओ तो अपने दोस्तों को बुला lena....par इनकी चुदाई नहीं रुकनी चाहिए...
बस हर 1 घंटे में इनको 30 मिनट का रेस्ट dena...khana -पानी dena....aur फिर chodna....ye चुदाई तब तक chalegi...jab तक सुबह नहीं हो जाती...
और suno....jab ये एयरटेन आराम karegi....us बीच इन कमीने मर्दो की खाल खींची jaygi....samjhe.....
और haa....ye जितने भी मर्द hai....unki ऐसी हालत करना की सुबह ठीक से चल भी न paaye...aur टॉयलेट जाए तो गांड जल jaaye...samjh गए की क्या करना है इनके sath.....hmm..
मेरी बात सुन कर मेरे साड़ी आदमी मुस्कुरा कर हां बोलने लगे....
और मेरे सारे दुश्मन होने आपको छोड़ने की मिन्नतें करने लगे....
पर मैं बिना उनकी सुने बाहर आ gaya....aur बहार आते hi मेरे सामने आशा और नीलू कड़ी हो गई...
आशा- क्या अब मुझे बताओगे की ये सब हो क्या रहा है...
मैं- वो सब chhodo...tum बाकि सबको ले कर सिमी के साथ jao....aaj रात वही रुकना hai....baki मैं कल batauga....chalo जाओ....
आशा- पर kyo...aur जाना कहा है...
मैं- मुझ पर भरोषा है...
आशा- सबसे ज्यादा....
मैं- तो अभी कोई सवाल नहीं ..और haa...jaha मैं भेज रहा hu...wo मेरा hi घर hai....ab jaao...main सिमी को समझा देता हु...
ये बोल कर मैंने सिमी को कॉल किया और आशा की फॅमिली के बाकि बचे सा लोगो को उसके साथ भेज दिया...
मैं- चंदा को भेज दिया......
राजू- haa...aur उसे पैसों का भी बोल दिया...
मैं- वो मैं भिजवा duga....accha आप आरिफ के साथ मेरे फार्महाउस jaiye....ok....
राजू- hmm...chalo आरिफ.....
रजनी- मैं भी चालू....
Main(muskura कर)- haa...par मेरी घरवाली तो अपने घर hi जायगी न...
Rajni(muskura कर)- जहा घरवाले ले जाए...
मैं- तो चलिए fir....arrre...ek...ek minute...aap बहार कार के पास pahucho....main अभी आया...
इतना बोल कर मैं बापिस उसी रूम में आ गया जहा चुदाई चालू thi....asal में मुझे कैच याद आया था...
वो था राज और वीर का छोटा bhai....kyoki उसने मास्क लगाया हुआ था....
मैं तुरंत रूम में गया और सीधा जा कर उसका मास्क हटाया...
और जब मैंने उसकी सकल देखि तो हैरानी के मारे मेरा दिमाग घूम गया....
मैं सोच भी नहीं सकता था की मास्क के पीछे मुझे ये चेहरा देखने मिलेगा....
Main(hairani से)- tum...nhi....ye कैसे हो सकता hai....nhi..nhi....nhi...nhi.....hhhaaatttt....
नोट - अपडेट पोस्टेड frnds....hope ु लिखे आईटी.....
थैंक्स फ्रेंड्स.....
कीप रीडिंग.......
ये देखते hi सुगंधा ने गुस्से से मेरे गाल पर एक जोरदार थप्पड़ मारा और चंदा के पॉलस जा कर एक आदमी की गन चीन ली और मेरे ऊपर तान दी....
सुगंधा- चुप कर harami.....tu गया....
और फिर सुगंधा ने गुस्से से मेरे सर पर निशाना लगाया और गोली की आवाज़ से रूम एक बार फिर से गूँज उठा.......
देखते गई गोली किसका शिकार कर गई.....??????
अब आगे.........
जैसे hi गोलू चली तो सुगंधा चीखती हुई अपना हाथ पकडे फर्श पर जा giri....aur उसकी हालत देख कर वह मौजूद हर साक्ष परेशान रह gaya....aur साथ में मैं भी....
क्योकि मुझे अंदाजा था की सुगंधा पर चलने वाली गोली मेरे hi आदमी की hogi....jise मैंने अपनी ghadi(wrist वाच) से सिग्नल भेजा था....
असल में मेरे कुछ आदमी पहले hi घर में छुपे हुए थे और मेरे इसारे के इंतज़ार में थे....
पर यहाँ तो मामला hi कुछ और nikla.....goli चलने वाली एक खूबसूरत ायरत thi.....jo यहाँ आरिफ के साथ पहुंची थी....
उस ायरत को देख कर मैं कुछ समझने की कोसिस hi कर रहा था की तभी रूम में एक और गोली chali...aur एक ायरत फराह पर चीखते हुई जा giri....ye थी chanda....jo मौका पा कर मुझे मारने चली thi...par तभी मेरे आदमी ने उसके हाथ में गोली डांस दी.....
Main(apne आदमी से)- saabaash....par पहले क्यों नहीं मारा sale...main मर जाता तो...
आदमी- नहीं sir..pahle भी मैंने मारा tha...par साथ में इस लेडी ने भी गोली चला di....aap देख सकते हो....2 गोलियां चली थी....
मैं- पर आवाज तो एक hi आई थी...
ायरत- क्योकि मेरी गन ख़ामोशी से शिकार करती hai....(aur उसने मुझे अपनी गन दिखा दी )
मैं- ohh...silencer.....good....par आप है koun....aur आपने.
Aourat(beech में)- नंगे hi सब जान loge...chalo पहले कपडे pahno.....aur तुम सब बेन के tako.....ja कर उस कोने में बैठ jao....aur अगर जरा सी भी chi-pata की na....to ऐसी जगह छेड़ करूगी की न मोटे बनेगा और न hagte...samjhe....chalo सारे....
जय- मैं भी....
Aourat(muskura कर)- तुम्हे पता है की तुम्हे क्या करना hai.....hmm...
इन सब बातों के बीच मैंने और राजू भाई ने जल्दी से अपने कपडे पहन liye...aur फिर उस ायरत के पास पहुंच गए....
मैं- तो अब bataiye....koun है आप.....
ायरत- naam......rajni....kaam....teri hifajat....rishta.....ankaha.....bas मेरे पास इतना hi है....
मैं- hmm...kafi इंट्रेस्टिंग ho....ab थोड़ा उस भाषा में भी समझा do...jo मुझे समझ आ जाए....
रजनी- ठीक hai....asal में कभी हम पडोसी हुआ करते the....aur तब मैंने तुम्हे अपनी गॉड में बहुत खिलाया hai...kuch याद आया....
रजनी की बात सुन कर मैं और राजू भाई ek-dusre का मुँह ताकने lage....par हममे से किसी के पास कोई जवाब नहीं था.....
Rajni(muskura कर)- मैं जानती थी की तुम्हे कुछ याद नहीं hoga....aur सही भी hai...us वक़्त तुम्हारी उम्र hi कितनी थी...5 या 6 saal....aur मेरी उम्र थी 19 saal....kuch याद करने की कोसिस तो करो....
मैं- ुम hu...main सच में नहीं समझ प् रहा की आप क्या बात कर रही ho.....kyo राजू भी....
राजू- haa...maine तो इसका बचपन देखा hai....par मैं भी तुम्हे नहीं जनता....
रजनी- असल में ये तब की बातें थी जब तुम अपने maa-baap के साथ रहते the.....raju के maa-baap के साथ नहीं....
Main(chounk कर)- kya....matlab तुम मेरे **** गाओं की ho....par वह तो सब जल गए the...to तुम...
Rajni(beech में)- dard....haa...saayad उपरवाले ने तुम्हारी तरह मुझे भी दर्द सहने के लिए जिन्दा छोड़ दिया tha....(ye बोलते हुए रजनी की आँखे नाम हो गई )
मैं- माफ़ karna.....saayad ये सवाल सही न lage....par आपने किसे khoya.....kya आपके maa-baap....ya fir....kya तुम बताओगी...
रजनी- hmm...main एक अनाथ thi....par haa...mere भी सेज maa-baap से भी बढ़कर प्यार करने वाले maa-baap the....behen से बाद कर प्यारी वाली ननद thi....bhai से ज्यादा प्यारा देवर tha....aur पूरी दुनिया से मेरे लिए लड़ जाने वाला मेरा प्यारा भोलू था....
Main(choun कर, जोर से)- मेरी घरवाली........
मेरे मुँह से ये सब्द सुन कर वह मौजूद हर साक्ष चौंक gaya.....aur रजनी की आँखे ख़ुशी से चमक उठी....
रजनी- है मेरे गोल मटोल golu....main तेरी घरवाली.....
रजनी का इतना बोलना hi था की मैंने उसे अपनी बाहों में कास लिया और उसने भी मुझे बाहों में समेत कर अपनी आँखों में रुके आंशुओ को खुला छोड़ दिया....
हम दोनों इस वक़्त ख़ुशी के मारे रो रहे the....aur हमे यु देख कर रूम में मौजूद बाकि सब हैरान the.....raju भाई भी...
मैं- मुझे लगा था की मैंने तुम खो दिया.....
रजनी- मुझे bhi.....par सायद भगवान् को हम पर तरस आ gaya....aur मुजगे तुझ तक पंहुचा diya....uuummm..
और रजनी ने मेरा चेहरा हाथो में ले कर मुजगे कई सारे चुम्बन दे डेल....
रजनी- uuummmhh...mera golu-molu....kitna बड़ा हो गया तू....
Main(muskura कर)- पर तुम बड़ी नहीं hui..meri gharwali....uuummmmhhh....
राजू- bhai....maaf karna....par मुझे कुछ बताओगे की ये सब है kya...koun है ye....sur ये gharwali...ye क्या hai...kya ये तेरी...
Main(beech में)- भाभी hai....jinhe मैं अपनी घरवाली बोलता था.....
राजू- पर तूने बताया नहीं कभी...
मैं- क्या बताता bhai....mujhe लगा था की उस आग में मैंने सबको खो दिया hai...aur उस हादसे की वजह से मैं बहुत कुछ भूल चूका था....
राजू- ये तू सही बोल रहा hai....us हादसे के 4-5 महीने तक तू बहुत गुमसुम रहता tha....doctor ने भी बोलै था की तुझे सदमा लगा है...
मैं- है bhai...asal में मेरे एक ताऊजी भी the...unke दो संतान thi,..bholaram उर्फ़ भोलू bhaiya....aur बबीता उर्फ़ बिब्बो didi....aur भोलू भैया की पत्नी थी हमारी रजनी bhabhi....yahi मेरी gharwali....haha....
Raju(has कर)- ghawrwali...ye समझ न आया mujhe....samjhayga....
मैं- अब क्या bolu...us वक़्त मैं बहुत छोटा tha....aur मेरे भैया, दीदी मुझे बड़ा प्यार करते the....isliye वो अपने लिए जो लेते थे वही मुझे भी देते the....to मेरी आदत थोड़ी खराब हो गई थी...
फिर भैया ने रजनी भाभी से साडी ki....aur जब मैंने पूछा की ये कौन hai...to सबने बोलै की राजू भैया अपनी घरवाली लाये है....
बस फिर क्या tha...maine भी घरवाली की जिद पजड़ li...khana-peena छोड़ कर बस रोटा हुआ घरवाली मांगने लगा......
तब मेरी भाभी मेरे पास आई और मुझे अपनी गॉड में बैठ कर खुद बोलै की वो मेरी घरवाली hai....aur ये सुन कर मैं खुश हो गया....
उस दिन के बाद मैं भाभी को मेरी घरवाली कह कर hi बुलाता tha...aur वो मुझे golu-molu....hai न भाभी....
Rajni(khushi से)- तुझे सब याद आ गया....
मैं- भूला hi कब tha...bas आप सबके बिछड़ने के दुःख की परत जैम गई thi...jo आपके मिलते hi हैट गई....
Rajni(mujhe गले लगा कर)- मेरा golu....aaaah....aaj मेरी तपस्या सफल hui....dhanyavaad bhagwaan...dhanyabaad....
और फिर रजनी मुझे बाहों में समेटे काफी देर रोटी रही और मैं उसे समझाता रहा....
Main(has कर)- बस कर मेरी gharwali....bas...aaj तो किशी का दिन hai....rone का नहीं...
रजनी- मैं क्या karu....dil का दर्द काफी आरसे से छिपाया हुआ tha...aaj तुझे देखते hi फुट पड़ा....
Main(aankh साफ़ कर के)- hmm.....ab और nhi...bilkul चुप....
Rajni(muskyra कर)- ठीक hai...ab रोना band....khush....
मैं- bahut....waise तुमने मुझे डूंडा kaise....aur आज yaha....wo भी आरिफ के sath...ye सब क्या है....???
रजनी- सब बताती हु....
असल में जिस दिन गाओं में आग लगाई gai...us दिन मैं तेरे भैया से कुछ नाराज हो गई thi...to उन्हें परेशान करने के लिए मैं तेरी दीदी के कमरे में चली गई....
पर मेरा मन तो तेरे भैया के बिना लग्न नहीं tha....isliye कुछ देर बाद hi वह से निकल कर अपने कमरे में जाने लगी...
तब मैंने देखा की कुछ लोग आगाँ में छिप कर घुस आये थे और वो आग लगाने की तयारी कर रहे थे....
ये देख कर मैं घबरा गसी और सीधा तेरे भैया को बोलने भागी.....
पर तभी मेरी पायल की आवाज ने उन सबका ध्यान मेरी तरफ कर दिया और उसमे से एक ने मुझे पकड़ लिया...
पर किस्मत से उसका हाथ मेरे मुँह के करीब था तो मैंने उसे कास्ट लिया...
और काटने के दर्द से वो इतना गुस्सा ह्या की साले ने मुब दवाया और मेरे बाल पकड़ कर मुझे जमीन पर दे मारा.....
और वो यहाँ hi नहीं ruka....usne मुझे 5-6 बार ja.een पर patka....jisse मेरे सर से खून निकल आया और मैं बेहोश हो गई...
तो उन कमीनो ने मुझे उठा कर बरामदे में डाला और घर में आग लगा दी...
फिर जब गर्मी की वजब से मुझे होश आया तो मैंने अपने आपको आग से घिरा paya...aur मेरी हालत ऐसी थी की मैं चाह कर भी जल्दी नहीं उठ प् रही thi...na hi मेरी पूरी आवाज निकल रही थी...
इतने में आग बढ़ते हुए मेरी साड़ी में लग gai....aur फिर जलन के मारे मेरे सरीर ने मेरा साथ दे दिया और मैं उठ कर bhaagi....aur भागते हुए hi अपनी साड़ी निकाल फेकि....
पर आग अब मेरे peticote-blouse को भी पकड़ चुकी thi...to मैंने उनको भी निकाल फेका और नंगी hi भागने लगी....
और मुझे भागते हुए पता hi नहीं चला की मैं कब गाओं से निकल कर सुनसान जंगल में पहुंच gai....kyoki मैं दर और जलन से चीखती हुई भागे hi जा रही थी....
और तभी मुझे पेअर में एक झटका लगा और मैं आगे बने कुए में गुलाटी कहते हुए गिर गई...
कुए में गिरने से मुझे बहुत चोट आई और मैं फिर से बेहोश हो gai...par मेरी किस्मत अच्छी थी की कुए में नाम मात्रा का पानी tha...aur मैं ऐसी गिरी की मेरा आधा जिश्म एक तरफ कुए की दीवाल से टिका था...
इसलिए मैं डूबी nhi....bas आधी पानी में बेहोश पड़ी रही....
और जब मुझे होश आया तो मैंने बहुत आवाजे di....to एक आदमी ने मेरी आवाज सुन li.....aur मुझे वह से निकाल कर डॉक्टर के पास ले गया.....
वो आदमी एक मन हुआ डाकू tha....aur जब उसने मुझे बचाया तो उस वक़्त उसने यही सोचा था की मेरे मज़े लूटेगा....
पर जब उसने मुजगे 5-6 महीनो तक संभाला तो उसे मुझ पर तरस आने laga....is दौरान मैं सदमे में thi...yo कुछ बोल भी नहीं पाई...
फिर जब कुछ बोलने लायक हुई तो उसने मेरी कहानी पूछी और उसे सुन कर उसने मुझे वचन दिया की वो मुझे एक दोस्त की तरह hi dekhega...kafi बुरी नजर नहीं डालेगा....
इस तरह मैं तो बच gai....par मेरा पूरा संसार ख़त्म हो चूका था......
और fir...jab मैं ठीक हुई तो सच जानने के लिए गाओं louti....to वह पता चला की सब ख़ाक हो चूका है.....
और सबने एक hi बास्त boli...ki इस आग के पीछे राजू के पिता का हाथ है...
बस ...मेरर फील में बदले की आग लग gai....aur मैं राजू और उसके परिवार को मिटने को बेताब होने लगी...
पर उसके पिता की पहुंच देख कर उस डाकू ने मुझे समझाया और रुकने का bola....aur फिर मैं बदला लेने की तैयारी करने लगी...
और इसमें मेरी मदद उसी डाकू ने ki.....usne मुझे अपने बाद पुरे गैंग का मुखिया बना diya...aur मुझे हर तरह से लड़ने के काबिल भी कर दिया...
फिर एक दिन वो पुलिस की गोली से मारा गया और मैं गैंग की मुखिया बन गई....
और तब मुझे राजू की खबर mili....par मुझद पता चला की राजू के maa-baap मर चुके hai...aur खुद राजू जेल में hai...isliye मैंने उसका इंतज़ार kiya...kyoki मैं तो पूरा परिवार मिटाना चाहती thi...jaisa मेरा मिट गया था....
और जब ये जेल से निकला तो मैंने इसे इस आरिफ के साथ देखा....
तो मैंने आरिफ को पैसे दे कर अपनी तरफ kiya...aur उससे hi मुझे पता चला की मेरा गोलू जिन्दा hai....aur राजू गोलू को मारना चाहता है....
आरिफ ने hi मुझे बताया की रकू अकेला nhi...balki कई लोग इसके साथ hai...jinhd गोलू भी ढूंढ रहा है...
तो मैंने आरिफ और ज़ोया को तुम पर नजर रखने को bola...auf खुद सही वक़्त का इंतज़ार करने lagi....ki कब मुझे राजू मिले और मैं उसे दबोच लू...
पर उससे पहले hi तुम्हे राजू को पकड़ लिया और फिर तुम दोनों साथ हो gaye...yd देख कर मैं हैरान तो thi..par मुझे शक था की सायद राजू को भी किसी ने फसाया होगा....
Bas...fir मैंने हमेशा तुम पर नजर बनाये rakhi...aur आज यहाँ पहुंच गई.....
मैं- पर मुझ पर नजर राखी कैसे....
Rajni(muskura कर)- tabu....usi ने मेरा काम आसान kiya....uska दिया ये पेन्डेन्ट पहना है न tumne...ye मुझे बताता है की तुम कहा हो....
मैं- ओह teri...ye तब्बू भी...
रजनी- वो अच्छी लड़की hai....bahut acchi....gussa मत करना उस पर....
मैं- hmm...usko तो बाद में dekhuga....pahle इन सब मेहमानो की खातिर तो कर ले...
रजनी- क्यों nhi.....jaroori भी hai...in कमीनो की वजह से हम सबकी hasti-khelti जिंदगी तवाह हो gai....ab इनकी जिंदगी नरक से बदतर बनाना है....
मैं- haa...aur उसका इंतज़ाम मैंने कर रखा hai.....chalo gharwali...thoda आराम कर lo....main इनकी सजा सुना जार आता हु....
रजनी- सजा सुना do...fir साथ में चलते है...
मैं- nhi...ye मुमकिन nhi...kyoki ये शिकारी की दी हुई सजा hogi...jise देखना तुम्हारे लिए ठीक नहीं...
Rajni(muskura कर)- hmm..samjh gai...main बहार रूकती हु...
ये बोल कर रजनी बहार चली गई और मैं अपने आदमी से गन ले कर सुगंधा और बाकि कमीनो के सामने आ गया....
मैं- है to...koun पहले aayga....umm..haa..chanda darling.....pahle tum....chalo कपडे निकालो...
चंदा- kya...nhi...main ऐसा कुछ नहीं करूगी...
मैं- ओह ho...theek hai....agar तुम नहीं निकाल सकती तो मेरे ये ख़ास वफादार तुम्हारे सारे कपडे फाड़ कर तुन्हे नंगा karege....wo चलेगा...
ये सुन कर चंदा ने मेरे गॉर्डस की तरफ देखा और उनका जिश्म देखते hi चंगा की गांड फैट गई और उसने बड़े प्यार से ek-ek कर के अपनी saree..peticote...bra...panty..nikaal फेकि....
मैं- hmm..bahut acche.....ab हुई न नंगों की बरात puri....sari रंडियां नंगी hi अच्छी लगती hai....hai की नहीं....
और फिर मैंने ठहाका मारा और मेरे साथ राजू और मेरे आदमियों ने भी ठहाका मार diya....jisse साड़ी नंदी एयरटेन सहम गई और वही सारे दुसमन आदमी (रमन, राज, वीर, राज का छोटा भाई, गणेश ) अपनी बेबसी पर सर झुका कर बैठ गए....
मैं- क्या कहते हो राजू bhai...abhi और मूड है क्या....
Raju(chana को घूर कर)- इस नए माल को तो चखना hi होगा....
मैं- hmm...theek hai....pahle इन सारे नामर्दों को बाँध do...chalo...fir खेल खेलते है....
मेरी बात सुनते hi मेरे आदमियों ने सारे दुश्मन मर्दो को बाँध कर कोने में पटक दिया.....
मैं- ok...to अब खेल कुछ ऐसा hoga...ki मैं और राजू भाई इस चंदा रंडी को bajayge....aur बाकि की बची ये maa-beti...inko तुम सब उढेल dalo...chalo saare....maze karo....jai...aarif....tum दोनों भी खुन्नस निकाल lo...hmm...
जय- पर ये तो हमारे लिए काम नहीं पद jaygi...hum बहुत है...
मैं- hmm..wo तो hai....par हम निपटने के बाद इस चंदा रंडी को भी भेजते hai....air आराम से लेते raho...jaldi किसे hai....aur haa..ek और रंडी बाकि hai....use भी बुलाता hu....maa की लौड़ी sushma....wo भी इन सबके साथ माँ छुड़ा रही thi....oye...koi एक जा कर उस सुषमा को ले aao...aur याद rahe....saali मेरे सामने नंगी hi आणि chahiye...samjhe....
तो मेरा आर्डर सुनते hi एक आदमी बहार निकल गया और यहाँ मेरे इसारे पर राजू भाई चंदा को अपने साथ ले gaye...aur बाकि सारे लोग सुगंधा और पायल के सामने नंगे होने lage...ye देख का दोनों maa-beti के साथ साथ उनके पतियों और उनके बाकि साथियों की गांड चरचराने लगी.....
यहाँ जैसे hi सुषमा को लाया गया तो वो अंदर का नजारा देख कर बुरी तरह चीख पड़ी....
एक तो वो साली पहले hi नंगी कर दी गई thi...aur अब अंदर अपने साथियों की हालत से वो समझ गई थी.... की उसका भी बुरा हश्र होने वाला है....
सुषमा- golu...mujhe माफ़ कर do...meri कोई गलती nhi...main तो इनके कहने पर...
Main(chilla कर)- chup....yaha रंडियों को बोलने की इजाजत nhi....inka साथ दिया था na....to आज भी de....oye....ise भी लो साथ में....
राजू- bhai...ise भी चखना बाकि है...
Main(muskura कर)- फ़िक्र मत करो bhai....ise तुम्हारे साथ hi छोड़ dege....bajate रहना....
सोमू- तो मैं चख lu...mast दिख रही है....
मैं- तो पूछ क्या रहा hai...jise चाहे chod....sab पर हक़ है tera....bas कैमरा को सही से लगाए रखना....
सोमू- वो सही जगह फिट hai......main अकेला इसे छोड़ूगा......
मैं- क्यों nhi...ye....sushma को सिर्फ सोमू छोड़ेगा pahle...baki सब उन दोनों की बजाओ......
राजू- जा somu...fir मैं भी आता हु....
मैं- आप भी बजा lena......par पहले जरा इस चंदा रंडी की तो बजा le....kyo chanda...kya ख्याल है...
चंदा- dekho...maine ये सब सिर्फ जायजाद की लालच में किता tha...aur इन लोहो ne(raj, वीर) उसके बदले मुझे कई बात छोड़ा hai......par मैं कसम से बोलती हु की मेरा तुम लोगो को मारने का कोई इरादा नहीं tha..sach में...
मैं- hmm..janta hu...khair...in लोगो को इनके किये की सजा जरूर milegi.....par अभी तुम्हारी baari....par haa...tum उतनी बुरी नहीं ho....isliye हम तुम्हे एक मौका देते है...
चंदा- कैसा mouka...kya करना होगा मुझे...
Main(muskura कर)- करना तो वही है जो हम करने वाले hai...par अगर तुम चाहो तो हमे प्यार से खुश कर के बच सकती ho...nhi तो हम भी तुम्हे रगड़ कर छोड़ेगे और फिर हमारे आदमी bhi...soch लो....
चंदा- इसमें सोचना kya....main तुम दोनों को खुश कर doogi...fir तो मुझे जाने डोज न...
मैं- jaroor....par एक बात aur....tum आज के बाद इस सहर और मेरे गाओं के aas-paas भी नहीं dikhogi....samjhi...
चंदा- कभी nhi...main आज hi अपने पति के साथ कही दूर चली जोगी...
मैं- ok...to अब देर किस बात ki....hum दोनों तुम्हारा रास चखने को बेताब hai....suru हो जाओ....
और ये बोल कर मैंने फिर से एक बार अपने कपड़ो को निकाल फेका और वही काम राजू भाई ने भी कर दिया...
और सुषमा के सामने हमारे आधे खड़े लुंड झूलने लगे.....
चंदा- ओह माँ....
Main(chanda का सर सहला कर)- अब सम्भालो इन्हे....
फिर सुषमा ने हम दोनों के लुंड अपने दोनों हाथ में पकडे और मुस्कुराते हुए हिलने लगी......
मैं - कैसा लगा हथ्यार....
सुषमा- मस्त hai....tumhara तो कुछ ज्यादा hi तगड़ा दीखता है...
मैं- तो फिर देर किस बात ki....tum भी अपनी अदाए दिखा दो....
चंदा- क्यों नहीं...
और चंदा ने बड़े प्यार से हमारे लुंड को हिलाते हुए उन्हें गरम किया और फिर चूसना सुरु कर दिया.....
तभी मैंने एक नजर बाकि सब पर मारी तो वह भी लुँडो की चुसाई सुरु हो चुकी थी....
दो आदमी पायल को....3 सुंगंधा ko....aur 1 आदमी सुषमा को लुंड चुश्वा रहा था......
और पुरे रूम में बस चुसाई की आवाज़े शोर मचा रही थी....
राजू- aaahh...bas कर saali....ab तेरी छूट khol....tere मुँह से काम नहीं बनेगा....
चंदा- uuuuummmmmm...uuuummmmhhh....aahh..golu ji....aap तो चूसने दो na...accha लग रहा है....
Main(muskura कर)- ठीक hai....jitna जी करे choose...par मेरी भाई को तेरी छूट hi chahiye....chal...khol दे अपनी छूट.......
चंदा- अभी लो....
और ये बोल कर चंदा उठी और मेरे सामने झुक कर मेरा लुंड चूसने lagi...aur अपनी टाँगे चौड़ी कर के राजू भाई को छूट पेश कर दी.....
राजू- अब मज़ा aayga....yeeehhhhh....
और राजू भाई ने दो धक्को में hi चंदा की छूट में लुंड उतार diya....jisse चंदा ने मेरे लुंड को मुँह में जोर से दवा लिया....
फिर राजू भाई ने चुदाई सुरु की और चंदा ने मेरे लुंड की चुसाई.....
राजू- yeeehhhh...yeeehhh..bhai...isli छूट भी मस्त है sali....maza आ गया....
मैं- आप बस मज़े lo...wo dekho...sugandha का क्या हाल हो रहा है....
वह सुंगंधा की चुदाई सुरु हो चुकी thi....wo भी इस वक़्त 3 मर्दो के लुंड को अपने जिश्म में घुसाए हुई thi...muh, छूट और gaand....sab पेग थे साली के....
और सुगंधा की मस्ती देख कर के उसके पति की हालत ख़राब हो रही थी....
वही सोमू ने भी सुषमा की चुदाई सुरु कर दी thi...wo सुषमा को आगे झुकाये तेजी से लुंड पेल रहा था.....
और पायल भी अब 3 मर्दो के साथ पूरी गरम हो कर चुदाई का मज़ा ले रही thi...use न अपने बाप की फ़िक्र थी और न पति की.....
यहाँ थोड़ी देर तक राजू भाई ने चंदा की छूट मरी तो उसकी छूट ने भी पानी छोड़ दिया....
और उसके झड़ते hi मैंने राजू भाई को इसरा कर दिया...
फिर राजू भाई सोफे पर बैठ गए और मैंने चंदा को उनका लुंड चूसने बोल diya....aur फिर खुद उसकी गांड गांड में लुंड पेल दिया.....
चंदा- aaaaaiiiiii......bata कर तो डालते....
मैं- तो तेरी चीख कैसे nikalti.....ab मज़े le....tere सामने भी एक हथ्यार hai...yeeeehhhhh...
और मैं चंदा की गांड मारने laga...aur वो भी मस्ती में आ कर राजू भी का लुंड चूसने लगी.....
अब रूम में सिर्फ और सिर्फ चुसाई और चुदाई की आवाज़े आ रही thi...wo भी aisi...jisse साफ़ पता चल रहा था की साड़ी एयरटेन दिल से चुदाई का खेल रही है....
मैंने नजर घुमा कर देखा तो मुझे सब alag-alag पोजीशन में दिखे....
सोमू ने सुषमा को फर्श पर कुटिया बनाया हुआ tha...aur उसकी गांड फाड़ रहा था.....
सुगंधा तो मज़े से तीन लुँडो से जिश्म की चटनी बनवा रही थी...
पायल भी अपनी माँ की तरह खुल कर अपनी अनोखी चुदाई के मज़े में डूबी हुई थी....
और यहाँ चंदा भी फिर से झाड़ चुकी thi....par मैंने उसकी गांड मरना चालू राखी...
थोड़ी देर बाद मैंने चंदा को छोड़ा तो राजू भाई ने उसे अपने लुंड पर बैठा का छूट में लुंड पेल दिया....
और मैंने उसकी गांड me...aur फिर दोनों भाई चंदा को दवा कर छोड़ने लगे....
ये सब खेल 30 मिनट तक लगातार चलता रहा......
और फिर जब हम झड़ने को हुए तो चंदा फर्श पर बैठ गई और हमारे लुंड हिलाते हुए अपने दूधो पर झाड़ा लिया...
और फिर बड़े प्यार से लुंड चूस कर साफ़ कर दिए.....
फिर हम तीनो ने कुछ देर बाकी सबकी चुदाई देखि और फिर कपडे पहन कर रेडी हो गए....
रेडी होने के बाद मैंने राजू भाई और चंदा को बहार भेज दिया.....
मैं- एक minute....suno sab...dekho....tum सब कल सुबह तक इन अयर्तों को chodoge....aur haa...agar तुम थक जाओ तो अपने दोस्तों को बुला lena....par इनकी चुदाई नहीं रुकनी चाहिए...
बस हर 1 घंटे में इनको 30 मिनट का रेस्ट dena...khana -पानी dena....aur फिर chodna....ye चुदाई तब तक chalegi...jab तक सुबह नहीं हो जाती...
और suno....jab ये एयरटेन आराम karegi....us बीच इन कमीने मर्दो की खाल खींची jaygi....samjhe.....
और haa....ye जितने भी मर्द hai....unki ऐसी हालत करना की सुबह ठीक से चल भी न paaye...aur टॉयलेट जाए तो गांड जल jaaye...samjh गए की क्या करना है इनके sath.....hmm..
मेरी बात सुन कर मेरे साड़ी आदमी मुस्कुरा कर हां बोलने लगे....
और मेरे सारे दुश्मन होने आपको छोड़ने की मिन्नतें करने लगे....
पर मैं बिना उनकी सुने बाहर आ gaya....aur बहार आते hi मेरे सामने आशा और नीलू कड़ी हो गई...
आशा- क्या अब मुझे बताओगे की ये सब हो क्या रहा है...
मैं- वो सब chhodo...tum बाकि सबको ले कर सिमी के साथ jao....aaj रात वही रुकना hai....baki मैं कल batauga....chalo जाओ....
आशा- पर kyo...aur जाना कहा है...
मैं- मुझ पर भरोषा है...
आशा- सबसे ज्यादा....
मैं- तो अभी कोई सवाल नहीं ..और haa...jaha मैं भेज रहा hu...wo मेरा hi घर hai....ab jaao...main सिमी को समझा देता हु...
ये बोल कर मैंने सिमी को कॉल किया और आशा की फॅमिली के बाकि बचे सा लोगो को उसके साथ भेज दिया...
मैं- चंदा को भेज दिया......
राजू- haa...aur उसे पैसों का भी बोल दिया...
मैं- वो मैं भिजवा duga....accha आप आरिफ के साथ मेरे फार्महाउस jaiye....ok....
राजू- hmm...chalo आरिफ.....
रजनी- मैं भी चालू....
Main(muskura कर)- haa...par मेरी घरवाली तो अपने घर hi जायगी न...
Rajni(muskura कर)- जहा घरवाले ले जाए...
मैं- तो चलिए fir....arrre...ek...ek minute...aap बहार कार के पास pahucho....main अभी आया...
इतना बोल कर मैं बापिस उसी रूम में आ गया जहा चुदाई चालू thi....asal में मुझे कैच याद आया था...
वो था राज और वीर का छोटा bhai....kyoki उसने मास्क लगाया हुआ था....
मैं तुरंत रूम में गया और सीधा जा कर उसका मास्क हटाया...
और जब मैंने उसकी सकल देखि तो हैरानी के मारे मेरा दिमाग घूम गया....
मैं सोच भी नहीं सकता था की मास्क के पीछे मुझे ये चेहरा देखने मिलेगा....
Main(hairani से)- tum...nhi....ye कैसे हो सकता hai....nhi..nhi....nhi...nhi.....hhhaaatttt....
नोट - अपडेट पोस्टेड frnds....hope ु लिखे आईटी.....
थैंक्स फ्रेंड्स.....
कीप रीडिंग.......