Hindi Porn Kahani अदला बदली
10-21-2018, 11:53 AM,
#31
RE: Hindi Porn Kahani अदला बदली
फिर इधर उधर की बात करके शेखर ने फ़ोन बन्द कर दिया।
राज सोचने लगा कि उसकी मासूम लड़की की गाँड़ मारने की कितनी जल्दी है शिवा और शेखर को? और शायद राजेश भी उसकी गाँड़ नहीं छोड़ेगा। ये सोच के वो मस्त होने लगा की उसकी बेटी की गाँड़ की कितनी क़ीमती है।

घर पहुँचकर उसने देखा की सरिता अभी भी गयी नहीं थी।वो सरिता को बोला: सुनो आज शाम को तुम ज़रा जल्दी आ जाना, आज शालू की गाँड़ खोलेंगे।

सरिता: अरे आज एक दिन ही में कैसे खोलेंगे आप, फट जाएगी उसकी।आज आप एक और बाद में दो ऊँगली की प्रैक्टिस कीजिए फिर लंड कल डालिएगा।वरना हमारी बच्ची को बहुत दुखेगा।और आप बग़ल के केमिस्ट से वो चिकनायी वाली ट्यूब भी ले आयियेगा।

राज: ठीक है मैं के आऊँगा। फिर वो उसको चूमते हुए अपनी बाहों में लेकर बोला: तुम्हारा पिरीयड कब ख़त्म होगा, चोदने का मूड कर रहा है।

सरिता: चलो छोड़ो अभी टाइम है । आज शालू की ही चूत और गाँड़ मार लो। ऐसा कहते हुए उसका लंड मसल देती है।

राज उसके चूतरों को मसलते हुए उसकी गाँड़ में सलवार के ऊपर से ऊँगली डाल देता है , वो आह कर उठती है।
राज: चलो तुम ही गाँड़ मरवा लो, मेरी भी प्रैक्टिस हो जाएगी।

सरिता: आप इतनी बार मार चुके हो कि आपको कोई ज़रूरत नहीं है प्रैक्टिस की।

फिर वो हँसते हुए शाम को जल्दी आने का बोलकर चली जाती है। राज भी अपने काम मेंलग जाता है।

शालू घर पहुँची तो पापा उसका खाने पर इंतज़ार कर रहे थे,वो आकर पापा को को किस की और कपड़े बदलने चली गयी।उसके पापा ने बोला: बेटी तुमको पता है ना कि मैं घर पर चड्डी नहीं पहनता और मैंने सरिता की भी चड्डी पहननी बन्द करवा दी है।अब तुमको भी घर मेंचड्डी नहीं पहननी चाहिए।वो हँसती हुई भाग गयी।थोड़ी देर में वो फ़्रेश होकर आयी।उसने टॉप और स्कर्ट पहना हुआ था,और बड़ी क्यूट लग रही थी।वो आकर राज की गोद में बैठ गयी और बोली: आज आप मुझे खाना खिलाओगे जैसे मैं जब बच्ची थी तो आप खिलाते थे।राज को भी उसपर बहुत प्यार आया और वो बोला: अरे तुम तो अभी भी बच्ची ही मेरे लिए, चलो आज मैं ही खिलाऊँगा अपने हाथ से।अब वो उसके गोद मेंबैठी थी और उसका स्कर्ट ऊपर खिसक गया था,और उसकी गोरी जाँघें राज को साफ़ ऊपर तक दिख रही थीं। उसको टॉप मेंकसी हुई उसकी छातियाँ भी अपने सामने से दिख रही थी, और बिना चड्डी के लोअर के अंदर उसका लंड खड़ा होने लगा।शालू को भी अपनी गाँड़ के नीचे लंड के कड़ेपन का अहसास हुआ और वो बोली: क्या पापा आप फिर खड़ा करके मुझे नीचे चुभाने लगे।क्या आपका ये थोड़ी देर भी शांत नहीं रह सकता?

राज:जिसकी गोद में इतनी हसीन लड़की बैठी हो उसका लंड तो खड़ा होगा ही ना?

शालू: आप बस लंड ही चुभाएँगे या खाना भी खिलाएँगे?

राज :दोनों काम करेंगे, कहते हुए वो उसको खाना खिलाने लगा और वो भी लाड़ में आकर उसको खिलाने लगी।राज बीच बीच में अपने गाल उसके चिकने गाल से रगड़ देता था, और वो बोलती थी, आपने शेव नहीं किया आपकी दाढ़ी गड़ती है ना।

फिर राज ने पूछा: चड्डी पहनी हो क्या?

शालू: आपको खाने के बीच मेंमेरी चड्डी क्यों याद आ गयी?

राज: अरे मैंने तुमको कहा था ना कि चड्डी नहीं पहना करो घर पर, बस इसीलिए पूछा।

शालू हँसते हुए बोली :आप चेक कर लीजिए पहनी हुई की नहीं?

राज ने अपने एक हाथ को उसके जाँघों पर फेरा और उसको स्कर्ट के अंदर से सहलाते हुए ऊपर उसकी चूत तक ले गया और ख़ुश हो गया क्योंकि उसकी उँगलियाँ सीधी चूत तक पहुँच गयीं थीं, आऽऽहहह उसने चड्डी नहीं पहनी थी।फिर शालू हँसते हुए बोली: पापा,अब पता चल गया की पहनी है या नहीं?

राज: उसके गाल पर चुटकी काटके बोला: हाँ बेबी तुमने मेरा दिल ख़ुश कर दिया,बहुत प्यारी लड़की हो तुम।

फिर खाना खाके वो दोनों सोफ़े पर बैठके TV देखने लगे।शालू राज की गोद में अधलेटि पड़ी थी।उसका आधा शरीर उसकी गोद में था और उसकी पीठ में राज के खड़े लंड का अहसास हो रहा था।राज ने झुक कर उसके होंठ चूम लिए और उसकी छातियों को हल्के से दबाने लगा।शालू भी मज़े से उसकी गोद मेंपड़े हुए मस्त हो रही थी,तभी राज के हाथ नीचे को गए और उसका स्कर्ट ऊपर को किए।अब उसकी चूत उसकी आँखों के सामने थी,राज ने शालू को कहा: बेटी, ज़रा जाँघों को फैलाओ ना। शालू ने शर्मीली मुस्कराहट के साथ अपनी जाँघों को फैला दिया और उसकी चूत की फाँकें राज को उत्तेजित करने लगीं।राज बोला: क्या आराम करना है, या मज़ा लेना है? वैसे एक बात बोलनी थी, आज मैं और सरिता तुम्हारी गाँड़ मारने का प्लान बनाए हैं।ठीक है ना? दरअसल में सभी ग्रूप सेक्स मेंलड़कियों की गाँड़ भी मारी जाती है।अगर वहाँ किसी ने तुम्हारी गाँड़ मार दी तो तुमको बहुत दुखेगा।इसलिए हमने सोचा है कि आज हम तुम्हारी गाँड़ मारने की कोशिश करेंगे ताकि कम से कम दर्द में तुम्हारी गाँड़ खुल जाए।ऐसा बोलते हुए राज ने अपनी ऊँगली नीचे की ओर खिसका कर उसकी गाँड़ की छेद पर के गया और उसको सहलाने लगा।पहले चूत पर और अब गाँड़ पर उसके स्पर्श ने शालू को गरम कर दिया।
वो बोली: ठीक है पापा, आप जो करोगे वो ठीक ही होगा।पर सरिता दीदी तो देर से आएँगी ना?

राज: नहीं वो आती ही होगी, आज मैंने उसको जल्दी बुलाया है।मैं दुकान से एक ट्यूब भी लाया हूँ जो गाँड़ के छेद को ढीला करने में मदद करेगी।

शालू हँसते हुए बोली: तो आज बेटी की गाँड़ फाड़ने का पूरा इंतज़ाम कर लिया है आपने?

राज भी हँस कर बोला: मेरी नाज़ुक बेटी की गाँड़ भी बड़े धीरे से फाडूंगा ताकि तुमको ज़्यादा दर्द ना हो।

शालू को पापा की इस बात पर उनपर प्यार आ गया और वो उचकके उनके होंठ चूसने लगी।

तभी कॉल बेल बजी, शालू ने दरवाज़ा खोला और सरिता अंदर आयी।शालू सरिता से दीदी कहके लिपट गयी। सरिता अंदर आयी और उसकी निगाह राज के लोअर में बने तंबू पर पड़ी,वो पास आके लंड को दबाके बोली: लगता है बाप बेटी मज़ा कर रहे थे, तभी तो ये इतना अकड़ा हुआ है। राज और शालू हँसने लगे, शालू बोली: सही पकड़ा है! और सब हँसने लगे।

शालू सरिता से बोली: पापा बोल रहे थे कि उन्होंने तुम्हारी पैंटी पहनना बन्द करवा दिया है।सच में अब तुम पैंटी नहीं पहनती?

राज:अरे सलवार में हाथ डालके चेक कर लो ना,कहते हुए उसकी कुर्ती उठा दिए और सलवार के ऊपर से उसकी चूत कोमुट्ठी में भर के बोले: देखो, कहाँ है पैंटी? शालू ने भी देखा की उसकी पतली सलवार मेंपैंटी का कोई नामोनिशान नहीं था और पापा उसकी चूत को मसल रहे थे। 

सरिता बोली: आऽऽहहहह क्या कर रहे हैं? छोड़िए ना, सीधा यहीं पर हमला कर दिया। और वो पीछे होकर उसकी पकड़ से अपनी चूत को छुड़ा लेती है।

फिर राज उन दोनों को अपनी गोद मेंखिंच लेता है और उनकी एक एक चुचि दबाते हुए उन दोनों को चूमता है।फिर तीनों गरम होने लगते हैं,अब शालू हाथ को नीचे ले जाके राज के लंड को मुट्ठी में लेकर दबाने लगती है।

उसी समय सरिता का हाथ भी वहीं पहुँचता है, और शालू के साथ वो भी उसके बॉल्ज़ को सहलाने लगती है।फिर राज बोलता है कि चलो बेडरूम में चलते हैं।फिर वो सब बेडरूम मे जाके राज के कहने पर कपड़े खोलने लगते हैं।

जब तीनो नंगे हो जाते है,तो राज उन दोनों को बाहों मेंभरके चूमने लगता है और उनकी चूचियाँ दबाते हुए उनको बारी बारी से चूसने लगता है। सबके बदन गरम हो जाते है, और लड़कियाँ उसके लंड को दबाके मज़ा लेती है।अब राज शालू को बिस्तर पर लिटा देता है, और उसके ऊपर आके उसके होंठ चूसते हुए उसकी छातियाँ दबाता है और फिर नीचे आके उसकी कमर के नीचे एक तकिया रख देता है।फिर उसकी ऊपर उठ आयी चूत पर अपने होंठ रखके चूमने और चाटने लगता है।वो सरिता को उसकी छातियों को मसलने और चूसने का इशारा करता है।अब शालू की चूत पूरी तरह से इस डबल हमले से पनिया जाती है। और वो कमर उठाके उसके मुँह पर अपनी चूत रगड़ती है।अब राज ने देखा कि शालू मस्त हो गयी है तो उसने उसको चौपाया बनने को बोला: वो घूम के अपने घुटनो के बल आगयी और अपने चूतरों को ऊपर उठा दिया। सरिता उसके लटके हुए अनारों को दबा रही थी,और राज ने पीछे से उसकी चूत को चाटा और फिर उसके मस्त चूतरों को दबाते हुए उसकी गाँड़ की चुम्मी ले ली।शालू आह्ह्ह्ह्ह्ह कर रही थी, फिर उसने झीभ की नोक से उसके गाँड़ के छेद को खोदना चालू किया।सरिता उसके निपल्ज़ को उमेठ रही थी और वो अलौकिक आनंद के सागर में डूबे जा रही थ।फिर राज ने उसकी गाँड़ में ट्यूब से लूब डाला और अपनी एक ऊँगली मेंभी लूब लगाके उसकी गाँड़ में एक ऊँगली डालने लगा। जैसे ही उसने ऊँगली अंदर की उसकी गाँड़ का छल्ला उसकी ऊँगली को रोकने लगा तब राज बोला: बेटी, अपने गाँड़ के छेद को अंदर की ओर मत खिंचो ऐसे करो जैसे टट्टी करते समय ज़ोर लगाती हो बाहर की ओर।शालू ने ऐसा ही किया और अब उसकी छेद फैल गयी,और उसकी ऊँगली अंदर चली गयी।अब वो उसको अंदर बाहर करने लगा।

शालू: आह्ह्ह्ह्ह्ह पापा जलन हो रही है।सरिता: अरे शालू बस थोड़ी देर फिर मज़ा आएगा।कहते हुए उसने शालू का मुँह अपनी छातियों पर रख कर उसके मुँह मेंअपनी छाती ठूँस दी।शालू उसकी छाती चूस रही थी और उसका पापा उसकी गाँड़ में ऊँगली अंदर बाहर कर रहा था।
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10-21-2018, 11:53 AM,
#32
RE: Hindi Porn Kahani अदला बदली
सरिता ने पूछा: शालू अब भी जलन हो रही है?
शालू: नहीं दीदी अब ठीक है।अब राज ने देखा कि वो मज़े से एक ऊँगली ले पा रही है तो उसने अब दो उँगलियाँ डाल दी। एक बार वो फिर से ह्ह्ह्ह्ह्य्य्य्य कर उठी।
सरिता राज को बोली: आप इसकी चूत के दाने को सहलाओ तो ये मस्त हो जाएगी।फिर वो शालू से बोली: अरे तुमको निलू जैसी रंडि बननाहै तो थोड़ा सा सहना पड़ेगा।तुम्हारे पापा तो प्यार से कर रहे हैं, बाक़ी के अंकल तो फटते तक चोदेंगे।
अब शालू को थोड़ी कम तकलीफ़ हो रही थी पापा की दो ऊँगलियाँ अंदर लेने में।उधर राज उसकी चूतके दाने को सहला रहा था और उधर सरिता उसकी निपल्ज़ को मसल रही थी। अब शालू चिल्लायी: आऽऽऽऽऽहहहह मैं jhaaaaadddddd जाऊँगीइइइइइइ। तब राज ने अपनी ऊँगली उसकी चूत से हटा ली,और सरिता को बोला:ये अब मेरा लंड ले लेगी गाँड़ में?
सरिता पीछे की ओर आयी और राज की उँगलियाँ हटाकर अपनी तीन उँगलियाँ lub में डुबाकर उसकी गाँड़ में डाली और अंदर बाहर करने लगी।जब शालू ने कोई हल्ला नहीं मचाया तो वो बोली: हाँ अब डाल दो, गाँड़ मस्त खुल गयी है।फिर राज को उसका छेद दिखाकर बोली: देखिए आपकी रंडि बेटी कैसे गाँड़ का छेद खोल रही है, लंड गपकने के लिए, पेलो साली की गाँड़ में, मगर धीरे से। वो फिर सामने आके उसकी छाती मसलने लगी, और राज ने ख़ूब सा lub लगाके उसकी कुँवारी गाँड़ में अपना लंड सेट किया, और धीरे से धक्का दिया।बड़ी मुश्किल से उसका सुपारा उसके बाहरी छल्ले को फाड़ता हुआ अंदर प्रवेश किया, और शालू घबराकर अपने चूतरों को हटाने की कोशिश करने लगी।पर राज ने उसको अपनी जाँघों के बीच ऐसा दबाया हुआ था कि वो हिल नहीं सकी।फिर राज ने अगले धक्के में आधा लंड पेल दिया। शालू की चीख़ें कमरे में गूँज रही थी: हाऽऽयय्यय म्र्र्र्र्र्र्र गायीइइइइइइइइइइ पापाऽऽऽऽ अब छोओओओओर दो। pleaseeeeeeee। निक्क्क्क्काऽऽऽललल्ल loooo नाऽऽऽऽ ।
पर राज ने आख़िरी धक्का मारा और उसका पूरा लंड जड़ तक अंदर चला गया।अब वो जैसे लस्त होके पेट के बल गिर गयी।राज ने उसकी चूत के दाने को फिर सहलाया और उधर सरिता उसके आँसू पोछते हुए उसके होंठ चूस रही थी।शालू रोते हुए बोली: पापा आप गंदे हो , कितना दुःख रहा है।
राज ने प्यार से कहा: बस बेटी अब तो सील फट गयी, अब मज़ा आएगा।ऐसा कहते हुए उसने हल्के से धक्के मारने शुरू किया।वो भी अब ज़्यादा नहीं चिल्ला रही थी।बस आहहहह आह्ह्ह्ह्ह कर रही थी।उधर सरिता और राज उसके सभी कमाँगों पर हमला किए हुए थे।अब शालू को अच्छा लगने लगा, और वो ह्हाय्य पापाऽऽऽऽ अब मज़्ज़्ज़्ज़्ज़ाऽऽऽ आऽऽऽ राह्ह्ह्ह्हा है।
राज ने भी अपने धक्कों की स्पीड बढ़ा दी और बोला: साली मज़ा तो आएगा ही, तेरी माँ भी मस्ती से चूतरों को उछाल के मरवाती थी, साली उसी की रंडि बेटी है ले साली ले और ले और ले।कहते हुए वो धक्के मारने लगा, अब वो भी अपनी कमर पीछे करके उसके धक्कों का जवाब देने लगी।अब सरिता बोली: बेबी मज़ा आ रहा है?
शालू: हान्न्न्न्न दीदी बहुउउउउत्त्त्त्त ।
सरिता: क्या करवा रही हो?
शालू: आऽऽह्ह्ह्ह्ह गाँड़ मरवा रही हूँ।
सरिता; अब तू पापा की पूरी रंडि बन गयी है ना?
शालू: हाऽऽऽऽनन्नन poooooriii रंडि बन गयी हुन्न्न्न्न्न आऽऽहहहह।
राज:अब सब अंकल लोगों से गाँड़ मरवाएगी ना?
शालू: जी पापा सबसे मरवाऊँगी।ह्ह्ह्ह्ह्य्य्य्य बहुत मजाऽऽऽऽ आ रहाऽऽऽऽऽ है पापाऽऽऽऽऽ।
राज की ऊँगली उसके चूत के दाने को रगड़ रही थी और सरिता उसकी छाती को मसल रही थी, वो झड़ने लगी।उसके पापा का पूरा हाथ उसके पानी से गीला हो गया, और वो भी उसकी मस्त टाइट गाँड़ में झड़ गया। जब उसने अपना लंड बाहर किया तो उसने ख़ून की कुछ बूँदें थीं,सरिता भी पीछे आके बोली: बेबी तुम्हारी गाँड़ का उद्घाटन हो गया , बधाई हो। थोड़ा सा फट गयी है, पर एक दो दिन में ठीक हो जाएगी।शालू सीधे होकर बैठी तो उसको पापा के लंड में और चादर में ख़ून दिखा।फिर वो उठकर शीशे के सामने आके अपनी गाँड़ के छेद को देखी तो वो डर गयी, छेद फटकर बड़ा सा हो गया था और पूरा लाल हो गया था।सरिता उसको बाथरूम ले गयी और उसके गाँड़ को गरम पानी से साफ़ करके उसपर दवाई लगा दी।सरिता को सीधे चलने में तकलीफ़ हो रही थी।राज ने भी उसको प्यार से लिटा दिया और बोला: बस बेबी थोड़ी देर में अच्छा लगेगा, वैसे बताओ गाँड़ मरवाने में मज़ा आया ना?
शालू: पूरी फाड़ दी और बोलते हैं की मज़ा आया।
सरिता: पर बाद में तो तुम रंडि की तरह कमर उछाल के चूदवा रही थी।
शालू: हाँ आख़री मेंमज़ा आया पर शुरू में बहुत दुखा।
राज: बस बेबी अब छेद खुल गया ना , अब आगे से दर्द कम और मज़ा ज़्यादा आएगा।
शालू ने हाँ में सर हिला दिया।
अब थोड़ी देर बाद सरिता ने इसके लंड को चूसना चालू किया। जब वो खड़ा हो गया तो बोली: आह राजा अब चोद दो ।
राज उसको लिटाकर उसकी चूतमेंलंड पेल दिया और ज़बरदस्त चूदाइ करने लगा।वो भी कमर उठाके चूदवा रही थी, फिर वो आऽऽहहह करके झड़ने लगी, तब राज ने उसको पलटी किया और उसकी गाँड़ मेंlub लगाया और ऊँगली से उसकी गाँड़ को ढीला किया और फिर अपना लंड उसकी गाँड़ में डाल दिया,वी अब मस्ती से चूतरों को पीछे करके उसके धक्कों का जवाब दे रही थी।शालू ने भी ध्यान से देखा कि सरिता बड़े मजे से गाँड़ मरवा रही थी।राज सरिता की गाँड़ मरते हुए बड़बड़ाने लगा: ले साली ले और ले मेरा पूरा लंड निगल गयी रंडि की ओलाद माँदरचोद ले ले और ले कहके धक्का मार रहा था।शालू हैरानी से पापा को देख रही थी क्योंकि उसने कभी उनको गाली देते नहीं सुना था।फिर राज गालियाँ देते हुए झड़ने लगा: ले रंडि, हरामज़ादि, ले कुतीया की बच्ची ,रांड , तेरी गाँड़ फाड़ दूँगा साऽऽऽल्ल्ल्ल्लीइइइइ , और वो झड़ गया।
अब तीनों आराम से लेटकर बातें कर रहे थे तब शालू ने पूछा: आप गालियाँ क्यों बक रहे थे?
राज:अरे बेबी, ऐसा बोलने से और उत्तेजना बढ़ती है, इसका और कोई मतलब नहीं होता। क्यों सरिता मज़ा आया या नहीं।
सरिता: बहुत मस्ती आयी आज तो , आपने बहुत दिन बाद इतना मज़ा दिया।
फिर सरिता किचन मेंचली गयी और राज ने सरिता को पेट के बल लिटाके उसकी गाँड़ की जाँच करी और वहाँ दवाई लगा दी। सरिता बोली:अब दर्द कम है पापा,मई ठीक हूँ, आप चिंता मत करो। राज ने उसको प्यार से चूम लिया।
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10-21-2018, 11:53 AM,
#33
RE: Hindi Porn Kahani अदला बदली
अगले दिन सुबह शालू कॉलेज नहीं गयी, उसके गाँड़ का दर्द पूरा ठीक नहीं हुआ था।जब निलू का फ़ोन आया , वो बोली: तू कॉलेज क्यों नहींआयी? तो उसने कहा:मेरा पिछवाड़ा फट गया है, इसीलिए नहीं आयी।
निलू हँसते हुए बोली:अरे वाह तो उद्घाटन हो गया? बधाई हो, अब तुम अपनी जवानी का पूरा मज़ा लोगी।मैं ये ख़ुशख़बरी पापा को बताती हूँ वो बहुत ख़ुश होंगे,वो भी तो मरे जा रहे हैं तेरी गाँड़ मारने के लिए।
शालू: ध्त्त्त्त,ये भी कोई बताने की बात है,वो सुनेंगे तो क्या सोचेंगे।तू भी ना, फ़ालतू बातें कर रही है।
निलू:अच्छा ये बता कल कॉलेज आएगी ना?
शालू: हाँ आऊँगी ना। फिर उसने फ़ोन बंद कर दिया।
अगले कुछ दिन ऐसे ही बीत जाते हैं,इस बीच राज काम में व्यस्त हो जाता है,और समय मिलने पर शालू और सरिता की चूत और गाँड़ बजाता रहता है।
एक दिन शिवा का फ़ोन आता है, शिवा: अरे भाई कहाँ हो, इतने दिन से कोई फ़ोन नहीं,रूबी की चूदायी के बाद हमें भूल ही गए।
राज: अरे नहीं यार पिछले दिनों काम ज़रा ज़्यादा था, इसीलिए बात नहीं हो पायी।
शिवा:और हमारी जान कैसी है?
राज: शालू बिलकुल बढ़िया है।
शिवा:तो फिर कब उसको चूदवा रहे हो हमसे? और हाँ उसकी नाज़ुक गाँड़ फाड़ी की नहीं?
राज: हाँ यार फाड़ दी, अब तो वो मज़े से गाँड़ मरवाती है।आप बोलो कब चूदवाना है उसको?
शिवा:अरे यार कल सलमान बोल रहा था कि आज रात उसने एक पार्टी रखी है और वो अपनी बहु नूरी को उसके फ़ार्म हाउस ले के जाएगा,वहीं मैं और रूबी भी जाएँगे,मैंने उसे तुम्हारे और शालू के बारे में बताया तो वो ख़ुश होकर बोला किहाँ हाँ ज़रूर ले आओ दोनों को। तो बोलो चलोगे? आज शनिवार है, कल छुट्टी है,दो रातों का मज़ा लेंगें और सोमवार सुबह वापस आ जाएँगे।
राज:ओह और कौन रहेगा पार्टी में?
शिवा:बस हम ६ लोग!
राज: ओह फिर ठीक है।तो कितने बजे चलना है?
शिवा: शाम ७ बजे निकलेंगे, तुम दोनों मेरे शाप आ जाना। वहाँ से साथ ही जाएँगे।
राज: ठीक है मिलते हैं शाम को।
जब राज शालू के कमरे में जाकर उसको बाहों में भरकर बताया कि अभी २/३ घंटों में वो दोनों एक पार्टी मेंजाएँगे जहाँ रूबी और उसके पापा भी होंगे,तो वो बोली: कैसी पार्टी है, नोर्मल वाली या स्पेशल वाली?
राज उसको चूमते हुए और उसकी छातियाँ दबाते हुए बोला: अरे स्पेशल चूदाइ वाली। ज़रा अच्छे से सजना, सब तुम्हें प्यार करेंगे,क्योंकि सबसे कमसिन जवानी तुम्हारी ही होगी।
शालू: पापा मैं क्या पहनूँ?
राज:अब मैं क्या बताऊँ, रूबी से पूछ लो, तुमने उसका नम्बर लिया था ना उस दिन?
शालू: ठीक है मैं उसको ही पूछती हूँ!
फिर वो रूबी को फ़ोन लगाके बोली: हाय रूबी, कैसी हो, हाँ मैं ठीकि हूँ।अच्छा ये बताओ कि तुम क्या पहन कर जा रही हो?
रूबी: मैं तो स्कर्ट टॉप पहुनूँगी।तुम भी वही पहन लो, ठीक है? वैसे एक बात बताऊँ,वहाँ जाते ही हम सब नंगे कर दिए जाएँगे और कपड़े कहाँ और हम कहाँ! ऐसा बोलके वो हँसने लगी।शालू भी हँसने लगी।फिर उसने चलो थोड़ी देर में मिलते हैं कहकर फ़ोन बंदकर दिया।
फिर वो नहाने चली गयी,वहाँ उसने देखा की उसकी झाँटें थोड़ी सी आ गयीं थी, तो उसने अपने बालोंको क्रीम से साफ़ किया।फिर अपने बग़लों के थोड़े से बालों को भी साफ़ किया।फिर नहा के उसने एक सेक्सी ब्रा और पैंटी पहना और फिर एक नया स्कर्ट टॉप पहना और शीशे मेंअपना रूप देखके वो ख़ुद पर ही मुग्ध हो गयी।फिर उसने अपने चेहरे पर मेक उप किया और लाल लिप्स्टिक लगाके पटाखा दिख रही थी।जब वो तय्यार होकर राज के सामने आयी तो वो बोला: हाय्य क्या माल दिख रही हो।सब लोग पागल हो जाएँगे तुमको देखके।फिर उसका हाथ अपने लंड पर रखके बोला: देखो मेरा भी खड़ा हो गया।किचन से सरिता बाहर आके बोली: हाय बेबी, क्या चक्कु लग रही हो,आज तो सब पागल हो जाएँगे तुम्हारा ये रूप देखके। सब हँसने लगे। फिर राज ने सरिता को दो दिन की छुट्टी दे दी और वो दोनों शिवा की दुकान की ओर चले गए।

सरिता: बहुत मस्ती आयी आज तो , आपने बहुत दिन बाद इतना मज़ा दिया।
फिर सरिता किचन मेंचली गयी और राज ने सरिता को पेट के बल लिटाके उसकी गाँड़ की जाँच करी और वहाँ दवाई लगा दी। सरिता बोली:अब दर्द कम है पापा,मई ठीक हूँ, आप चिंता मत करो। राज ने उसको प्यार से चूम लिया।
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10-21-2018, 11:53 AM,
#34
RE: Hindi Porn Kahani अदला बदली
राज और शालू जब शाप मेंपहुँचे तो सीधा अंदर के ऑफ़िस में दाख़िल हो गए।वहाँ शिवा अकेले बैठा काम कर रहा था,वो इनको देख कर ख़ुशी से खड़ा हो गया और उसने उठकर राज से गले लगा लिया।फिर वो शालू को भी बाहों में लेकर उसको चूम लिया।तभी रूबी कमरे मेंदाख़िल हुई ये बोलते हुए: पापा देखो मैं तय्यार हो गयी, कैसी लग रही हूँ? तभी उसने शालू और राज को देखा और शालू के गले लग गयी।फिर राज ने भी उसको गले लगा के चुम लिया।राज ने रूबी को ध्यान से देखा, वो बहुत ही खुले गले का टॉप पहनी थी और उसकी बड़ी बड़ी चूचियाँ आधी नंगी दिख रही थी।स्कर्ट भी बड़ी छोटी थी की और उसने से उसकी भारी जाँघें दिखायी दे रही थीं।उसने रूबी की जाँघों पर हाथ फेरा और उसका लंड उसके नाभि पर चुभने लगा।उधर शिवा कुर्सी पर बैठके शालू को अपनी गोद में खींच लिया।और उसके होंठ चूसने लगा।राज भी रूबी को बाहों मेंजकड़कर चूम रहा था।उधर शालू के होंठ चूसते हुए शिवा ने उसकी चुचि दबाना चालू किया।राज ने देखा कि शालू शिवा के गोद में बैठी अपनी चुचि मसलवा रही थी।वो भी रूबी की चुचि मसलने लगा।शिवा राज को अपने पास बैठने को बोला: राज रूबी को छोड़कर शिवा के पास बैठा और उसको शालू के अनारों को मसलते हुए देखने लगा।
शिवा बोला: यार ये शालू को कहाँ। छिपा के रखा था, क्या माल है यार,आह ये अनार कितने सख़्त हैं, मस्त चूचियाँ हैं।
राज: हाहा मज़ा आ रहा है ना,यार रूबी की बड़ी बड़ी चूचियाँ भी मस्त से भरी हुई है,कहते हुए पास खड़ी रूबी की चूचियाँ मसल दिया।
शिवा:चलो तुमको एक मस्त दृश्य दिखाता हूँ,रूबी बेटी ज़रा यहाँ आओ। रूबी आकर उन तीनों के सामने आके खड़ी हो गयी, फिर शिवा ने उसको घूमने को कहा,वो घूम गयी अब उसकी पीठ इन तीनों की तरफ़ थी,दोनों आदमी कुर्सी पर बैठे थे और शालू शिवा की गोद मैंने थी।फिर शिवा ने रूबी को कहा:अपनी स्कर्ट उठाके अपने चूतरों को दिखाओ। वो हँसते हुए अपना स्कर्ट पीछे से उठा दी,उसके गोरे गोरे बड़े बड़े चूतर अब उनके सामने थे।दोनों चूतरपूरे नंगे थे,उनके बीच में एक पतली पट्टी थी,जो कि उसकी गाँड़ की दरार में फँसी हुई थी।
शिवा:बताओ राज,साली के मस्त हैं ना? कहते हुए उसके चूतर को हथेली में भर के दबाने लगा।राज भी रुक ना सका और उसने भी दूसरा चूतर दबाना शुरू किया।फिर राज ने उसकी दरार में हाथ डालके उसकी गाँड़ के छेद को भी पट्टी के ऊपर से सहलाया।रूबी इस समय अपने स्कर्ट को उठाए हुए दो आदमियों से अपने चूतरों को मसलवाते हुए बिलकुल रँडी और छिनाल लग रही थी।फिर शिवा बोला:चलो हटो बेबी अब देखते हैं शालू कैसी दिखती है? रूबी हँसती हुई साइड में हो गयी,अब शालू को भी शिवा ने घूमकर स्कर्ट उठाने को कहा।शालू शर्माती हुई घूमकर अपने स्कर्ट को उठाके अपने चूतरों को नंगा किया।शालू के गोरे पुष्ट नितम्बों को देखकर शिवा तो जैसे दीवाना हो गया और झुक कर उसके चूतरों को चूमने लगा,और उनको दबाते हुए बोला:आह क्या मस्त चूतर हैं बेबी तुम्हारे।राज ने भी उसके चूतर को दबाते हुए कहा:हाँ यार ये भी साली मस्त जवान हो गयी है।
शिवा: यार इसने भी पट्टी वाली पैंटी पहनी है,देखो पूरे चूतर नंगे है,और गाँड़ भी मस्त दिख रही है।
फिर दोनों हँसते हुए खड़े हो गए।उन दोनों के पैंट सामने से उभरे हुए साफ़ दिख रहे थे।रूबी ने दोनों के लंड पैंट के ऊपर से पकड़के दबाया और बोली: अब चलना नहीं क्या फ़ार्म हाउस या यहीं सब कर लेंगे!
सब हँसते हुए खड़े हो गए,और रूबी एक बैग ले आयी,और बोली: शालू तुम लोगों का बैग क्या कार में है? राज ने कहा कि हाँ कार में ही है, और तुम लोग भी हमारी कार में ही चलो ना।
फिर सब बाहर आए, डिक्की में बैग रखे और शिवा पीछे का दरवाज़ा खोला और शालू को बोला: चलो बेबी घुसो अंदर,तुम मेरे साथ बैठो,और रूबी राज के साथ सामने बैठेगी,यहीं से अदला बदली शुरू करते हैं।रूबी हँसते हुए आगे बैठ गयी और शालू शर्माके पीछे बैठ गयी शिवा के साथ।
कार के चलते ही शिवा ने शालू का हाथ अपने हाथ में के लिया और उसको सहलाने लगा,और साथ ही उसके हाथ उसकी जाँघ ओर भी सरकने लगे।उधर रूबी भी अपना हाथ राज के जाँघ पर रख दी।जैसे ही कार शहर से बाहर आयी शिवा ने शालू को अपनी गोद मेंलिटा लिया।अब शालू की छातियाँ उसके पेट की पास थीं,उनको ऊपर से वो दबाने लगा।फिर उसने स्कर्ट उठाके उसकी जाँघों को सहलाते हुए उसकी पैंटी के ऊपर से उसकी चूतसहलाने लगा।फिर उसने एक ऊँगली उसकी चूतके अंदर कर दिया।शालू की आह निकल गयी।वो झुक कर उसके होंठ चूसने लगा।शालू की पीठ मेंउसका लंड चुभ रहा था और उसकी आँखें मज़े से बन्द हुई जा रही थी।उसकी आह निकल गयी, कार चलाते हुए राज मुड़ा और पीछे का दृश्य देखकर मुस्कुराया और बोला: मज़ा ले रहो शालू से? कैसी लगी हमारी बेबी?
शिवा: मस्त चीज़ है यार क्या टाइट अनार हैं और क्या मस्त चूत है, आऽऽहहहह ।
अब रूबी भी पलट कर देखी और हँसने लगी।शालू शर्माकर उठने की कोशिश करने लगी।पर शिवा की पकड़ मज़बूत थी,वह सफल ना हो सकी।फिर शिवा ने ऊँगली उसकी चूत से निकाली और रूबी को दिखाकर अपनी ऊँगली चूसने लगा और बोला: रूबी मस्त स्वाद है इसकी चूतका भी।रूबी और राज हंसने लगे।फिर रूबी अपना हाथ राज के पैंट के ऊपर से उसके लंड पर रख कर कहा:देखो शालू तुम्हारे पापा का लंड भी तुमको मस्ती लेते देखकर खड़ा हो गया।राज ने उसके हाथ पर अपना हाथ रखकर उसको दबाया। फिर वो फ़ार्म हाउस पहुँच गए।वह एक एकान्त में बना हुआ एक शानदार बंगला खड़ा था,वहाँ खड़े एक नौजवान चौकीदार ने उनको रोका और परिचय मिलने पर अंदर जाने दिया।अंदर पहुँचकर जब वो कार पार्क करके पोर्टिको मेंपहुँचे तो वहाँ सलमान उनके स्वागत की लिए खड़ा था।राज और शालू उसको पहली बार मिल रहे थे,वो एक छोटे क़द का बहुत तगड़ा मर्द था,जो टी शर्ट और जींस मेंबहुत आकर्षक लग रह था।सलमान शिवा से गले मिला और फिर राज से हाथ मिलाकर अपना परिचय दिया।फिर रूबी सलमान के गले लग गयी और बोली: अंकल कितने दिनों बाद मिल रहें हैं आप।सलमान ने उसको चूमते हुए कहा: हाँ बेबी इस बार सच मेंबहुत दिन हो गए,फिर उसके नितम्बों को दबाते हुए बोला:चलो पूरी कसर निकाल लेंगे इतने दिनों की।रूबी ने शालू को दिखाके बोला:अंकल ये शालू है,राज अंकल की बेटी। उसको देखके सलमान ने उसके सिर पर हाथ फेरा और पूछा: कैसी हो तुम बेटी? वो बोली: नमस्ते अंकल जी, मैं ठीक हूँ।फिर राज को देखते हुए बोला: अरे राज भाई यह शालू तो अभी पूरी जवान नहीं हुई है।शिवा बोला:यार शक्ल से भोली है मगर बदन जवान हो गया है,इसके अनार और चूत तो बिलकुल तय्यारहैं, मैंने अभी रास्ते में ही कार में चेक किया है। यह सुनकर सब हसने लगे और शालू शर्मा कर रह गयी।सलमान ने उसको शर्माते हुए देखा तो उसके गाल पर चुटकी लेते हुए बोला:सच बेबी तुम जवान हो गयी हो,और कहते हुए उसको चूम लिए। शिवा बोला: अरे हमारी बहु नूरी कहाँ है?
सलमान बोला:चलो सब लोग अंदर आओ और नूरी वहीं आपका इंतज़ार कर रही है।
सब अंदर पहुँचे और वहाँ राज और शालू ने पहली बार सलमान की बहु को देखा और देखते ही रह गए।
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10-21-2018, 11:53 AM,
#35
RE: Hindi Porn Kahani अदला बदली
राज और शालू ने नूरी को देखा तो देखते ही रह गए।उसने पारदर्शी साड़ी ब्लाउस पहना था और उसकी बड़ी चूचियाँ ब्रा के अंदर से साफ़ नज़र आ रही थीं।उसकी नाभि भी बहुत गहरी थी और उसकी साड़ी उसने बहुत नीचे बाँधी थी जिसके कारण उसका गोरा चिकना पेट बहुत सुंदर दिख रहा था।पतली कमर के साथ जब भरपूर जवान लड़की के बड़े वक्ष होते हैं और साथ मेंउठे हुए नितम्ब होते हैं तो वो बहुत मादक दिखती है,यही नूरी की ख़ासियत थी।वो क़रीब २४ साल की एक बहुत ही ख़ूबसूरत गोरी युवती थी।राज का लंड तो उसकी नाभि की गहरायी से ही तन गया था।
सलमान ने नूरी को कहा:बेटी,ये शालू है और ये इसके पापा राज
हैं।नूरी आकर शालू से गले मिली और राज को नमस्ते की। सलमान बोला:अरे अब ये भी हमारे ग्रूप मेमबर हैं,इनके भी गले लगो।अब नूरी शर्माते हुए राज के पास आयी और राज ने उसे अपनी बाहों में लेकर उसके गाल को चूमा और उसके कमर को सहलाते हुए अपने हाथों को उसकी उभरे हुए नितम्बों तक ले गया।फिर राज उससे अलग हुआ और नूरी रूबी के गले लगी और फिर जब वो शिवा की बाहों में आयी तो शिवा ने उसे बुरी तरह से जकड़ लिया और प्यार करने लगा, तो वो बोली:आज इतने दिनों बाद आपको मेरी याद आइ।शिवा ने कहा:अरे बेटी याद तो उसको करते हैं जिसे भुला दिया जाए।हम तो तुमको रोज़ याद करते हैं और कहते हुए उसके होंठ को चूसने लगा। तब सलमान बोला:अरे क्या उसको पूरा चूस लेगा,अब छोड़ उसे नहीं तो पानी भी पीने को नहीं मिलेगा।शिवा हँसते हुए नूरी से अलग हुआ और अपने लंड को अजस्ट करते हुए सोफ़े पर बैठ गया।सलमान और राज भी उसके साथ बैठ गए।सभी लड़कियाँ किचन में गयीं और थोड़ी देर में स्नैक्स और चाय वग़ैरह ले आयीं और सब चाय पीने लगे।तीनों लड़कियाँ साथ में सामने वाले सोफ़े पर बैठी थीं।शालू और रूबी की जाँघे देखकर तीनों मर्द मस्त हो रहे थे और नूरी भी जब हँसती थी तो उसके गालों के ग़ढे और हिलती छातियाँ सबके दिलों और लंडों में हाल हलचल मचा रही थीं।
राज धीरे से बोला:सलमान भाई क्या प्रोग्राम है?
सलमान:यार आइस ब्रेकिंग करना पड़ेगा। शालू पहली बार इसमें शामिल हो रही है ना,तो हमको ज़रा सोचना पड़ रहा है।
राज:अरे यार तुम लोगों के साथ वो पहली बार मिल रही है,पर वास्तव मेंएक बार हम ग्रूप सेक्स कर चुके हैं।
सलमान:अरे फिर ठीक है,तब तो ज़्यादा परेशान होने की ज़रूरत नहीं है।
शिवा:अरे यार ये तय कर लो अभी से कौन किसके साथ होगा,पहले राउंड में?
सलमान:अरे यार तुम लोग मेहमान हो,पहली पसंद तुम दोनों की।बोलो राज तुमको कौन चाहिए, पहले राउंड में?
राज: मेरे लिए तो नया माल नूरी ही है, मैं तो उसके साथ ही करूँगा।
शिवा: मेरे लिए भी नया माल शालू ही है,वो मेरी पहली पसंद है।
रहमान:वाह मेरी नज़र भी तुम्हारी बेटी पर ही है, क्या मस्त गदरा गयी है।वो उसकी मोटी जाँघों को घूरते हुए बोला।
उधर वो तीनों इनकी बातों से बेख़बर अपने कपड़ों की तुलना कर रही थीं और शालू उनको अपने कॉलेज की बातें भी सुना रही थी।
राज:फिर कैसे शुरू करें?
शिवा:चलो सबको दारू पिलाते हैं,फिर सब खुल जाएँगी।
सलमान:नहीं यार,हम सब स्विमिंग पूल में चलते हैं,वहाँ पानी में मस्ती करते हुए सब आराम से हो जाएगा।
दोनों एकसाथ बोले:ये ठीक रहेगा।
फिर सलमान ज़ोर से बोला:सब लोग सुनो,हम सब यहाँ से अभी स्विमिंग पूल में जाएँगे और थोड़ी देर वहाँ रिलैक्स करेंगे,ठीक है?
रूबी उछलते हुए बोली: हाँ ठीक है। फिर वो शालू से बोली: अंकल का स्विमिंग पूल पूरा कवर्ड है और बहुत माडर्न है,बहुत मज़ा आयेगा उसमें।
फिर सलमान बोला:ऐसा करते हैं कि यहीं हम अपने कपड़े उतार देते हैं और अंडर्गार्मेंट्स में ही पूल में चलते है।क्यूँ ठीक है?
सभी ने हाँ में सर हिला दिया।फिर सलमान ने अपनी टी शर्ट उतार दी और उसका चौड़ा सीना जिसने काफ़ी बाल थे सबके सामने था।उधर राज और शिवा ने भी अपनी शर्ट उतार दी।अब रूबी ने भी अपना टॉप उतारा और ब्रा में कसे उसके बड़े दूध सबके सामने थे।नूरी ने भी अपनी साड़ी खोल दी और उसका मस्त बदन ब्लाउस और पेटीकोट में जगमगा रहा था,शालू ने भी टॉप उतारा,और ब्रा में क़ैद उसकी अनार जैसी छातियाँ सबके सामने थीं।अब तक तीनों मर्द अपनी पैंट उतार चुके थे और चड्डियों से उनके उभरे और खड़े लंड साफ़ दिख रहे थे।अब शालू और रूबी भी पैंटी में आ चुकी थीं,और नूरी ने भी ब्लाउस खोल दिया था।सिर्फ़ ब्रा और पेटीकोट में उसकी जवानी ग़ज़ब ढा रही थी।अब तीनोंलड़कियाँ उनके चड्डियों में फँसे लंडों को देख रही थीं।और तभी नूरी ने अपना पेटीकोट का नाड़ा खोलके उसे नीचे गिरा दिया,राज को लगा उसका लंड अकड़के टूट जाएगा,वह क्या साँचे में ढाला बदन था,वो क़रीब२४ साल की भरपूर लड़की थी।पतली कमर और बड़े चूचे और मोटे नितम्ब किसी हिजड़े को भी मर्द बना देते।अब तीनों मर्द उन लड़कियों को खा जाने वाले अन्दाज़ में देख रहे थे,फिर सलमान बोला:रूबी मेरे पास आओ और जब रूबी उसके पास आइ तो उसने उसकी कमर में हाथ डाल दिया और बोला:चलो बेबी स्विमिंग करते हैं।और उसकी कमर सहलाते हुए उसके नितम्बों को दबाने लगा।
शिवाभी उठकरशालू को बुलाया और उसकी पतली कमर मेंहाथ डालके बोला:चलो हम भी चलते हैं। और वी भी सलमान के पीछे चल पड़ा।शिवा के सामने उसकी बेटी चल रही थी, पैंटी से उसके गोल चूतर बाहर थे और सलमान उनको मस्ती से सहला और दबा रहा था।शिवा का लंड सख़्त हो गया था,वो भी शालू के छोटे गोल नितम्बों को दबाने लगा।
उधर राज ने नूरी को अपनी बाहों में लेकर उसको चूमते हुए बोला: चलो हम भी चलते हैं।वो भी शिवा के पीछे चल पड़ा नूरी की कमर में हाथ डालकर। उसने देखा सामने शिवा चलते हुए उसकी बेटी के चूतरों को मसल रहा था।वो बहुत उत्तेजित हो गया था।
सब पूल पहुँच गए,वहाँ पर बाहर में नहाने के शॉवर लगे थे।सलमान रूबी के साथ शॉवर के नीचे खड़ा हो गया और अपना और रूबी का शरीर गीला करने लगा।फिर जब वो दोनों अलग हुए तो शिवा का लंड पूरा गीली चड्डी से साफ़ दिख रहा था और रूबी की चूत की फाँकें भी गीली पैंटी से साफ़ दिख रही थी।फिर शिवा शालू के साथ शॉवर के नीचे खड़ा हुआ और वो भी गीले होकर अपने गुप्तांगों का प्रदर्शन कर रहे थे।फिर राज भी नूरी के साथ चिपक कर शॉवर लिया।अब लगभग नंगे सब पानी मेंउतर गए और तैरने लगे।पानी में सलमान रूबी के साथ मस्ती करने लगा और उसके होंठ चूसते हुए उसकी छातियाँ चूमने लगा जो ब्रा के बाहर आने को तड़प रही थीं।उसने जल्द ही उसकी ब्रा खोल दी और उसकी चुचि पीने लगा।रूबी भी आह करती हुई सलमान के लंड को चड्डी से निकाल के सहलाने लगी।उधर राज भी नूरी की ब्राखोल चुका था और उसने निपल्ज़ चूस रहा था।नूरी भी उसके लंड को चड्डी के क़ैद से आज़ाद करके उसको सहला रही थी।और शिवा भी शालू की कमसिन जवानी को ब्रा खोलकर मसल रहा और वो भी चड्डी के ऊपर से उसके लंड को दबा रही थी।
थोड़ी देर बाद सलमान बाहर आकर बैठ गया पूल की साइड पर और उसकी टाँगें पानी में डूबी हुई थी।और उसने अपनी चड्डी उतार दी थी,और उसका मोटा लम्बा लंड ऊपर नीचे हो रहा था,रूबी ने पानी के अंदर खड़े होकर उसका लंड मुँह में लिया और चूसने लगी।उसकी बड़ी चूचियाँ आधी पानी के बाहर थीं, और ऊपर नीचे हो रही थीं,क्योंकि उस जगह पर पानी कम था। अब शिवा ने शालू को गोद में उठकर पूल के बाहर सलमान के पास बिठा दिया, और ख़ुद पानी में रहकर उसकी टाँगें उठाकर और फैलाकर उसकी चूत में अपना मुँह डाल दिया।और वो उसकी चूत चाटने लगा।राज नूरी के साथ बाहर आया और ख़ुद पूल साइड में लेट गया और नूरी को अपने ऊपर ६९ पज़िशन में ले लिया और वो दोनों एक दूसरे के गुप्तांगों को चूसने लगे।
क्या दृश्य था तीनों जोड़े अपनी अपनी दुनिया में मस्त थे।
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10-21-2018, 11:53 AM,
#36
RE: Hindi Porn Kahani अदला बदली
थोड़ी देर बाद सलमान ने रूबी का मुँह उठाया अपने लंड के ऊपर से,रूबी ने ऐसे देखा जैसे किसी बच्चे के मुँह से लॉलीपॉप खींचलिया हो।उसने बड़े प्यार से सलमान के चिकने सुपारे को जीभ से चाटा और बोली: क्या हुआ अंकल? क्या ठीक से नहीं चूस रही हूँ? वो बोला: अरे बेबी तुम तो बहुत मस्त चूसती हो ।फिर उसने अपने लंड को उसकी चूतके पूरे छेद के ऊपर रगड़ने लगा।रूबी हाय्य्य्य्य्य कर उठी और बोली: अंकल डाल दो ना, क्यूँ तड़पा रहे हो? सलमान मुस्कराया और बोला: हाँ बेबी,लो मेरा लंड और धक्का मारके अपना सुपारा उसकी चूत के छेद मेंघुसेड़कर उसको मस्त कर दिया।फिर उसने अपना आधा लंड उसकी चूतमें डाल दिया और वो मस्त होकर हाऽऽऽऽय्यय करके अपनी चूत ऊपर को उछलके उसका लंड अंदर कर ली।सलमान इस भरी बदन वाली लड़की जो उसका मोटा लम्बा लंड कितनी आसानी से निगल गयी पर मर मिटा था। वो भी मस्ती में आकर उसकी छातियाँ चूसने लगा और धक्के मारने लगा।रूबी भी उसकी पीठ को अपनी हाथों से दबाकर और ज़ोर से चोदने का मज़ा ले रही थी।
उधर राज नूरी की चूतमें अपना लंड डाल चुका था और मस्ती से उसकी गरम चूत का मज़ा ले रहा था।नूरी भी राज के धक्कोंका बराबर से जवाब दे रही थी,और फ़च फ़चकी चूदाइ वाली आवाज़ ज़ोरों से आ रही थी।नूरी की बड़ी बड़ी छातियाँ उसने पंजों मेंदबोच रखी थीं और ज़ोर ज़ोर से धक्के मार कर नूरी को मस्त कर रहा था।
और अब शिवा भी शालू के ऊपर था और उसकी नाज़ुक सी चूतपर अपना लंड सेट करके उसने हल्का सा धक्का लगाया,अब उसका आधा लंड अंदर घुस गया।शालू आह्ह्ह्ह्ह करके मस्त हो गयी।फिर उसने अपना पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया।शिवा को अचरज हुआ की बच्ची सी दिखने वाली हे लौंडिया उसका लंड आसानी से गटक गयी।वो समझ गया की ये भी उसकी बेटी के जैसी रंडि का मज़ा देगी।फिर वो निडर होके उसकी धुआँधार चूदाइ में जुट गया।
महोल काफ़ी गरम था, तीनों लड़कियाँ मर्दों से मज़े से चूदवा रहीं थीं और उनकी सिसकारियाँ और आऽऽहहह और हाय्य्य्य्य से वो जगह गूँज रही थी।फिर एक के बाद एक सब झड़ गए और शांत हो कर लेट गए।
सबसे पहले सलमान बोला: यार शिवा क्या मस्त लौंडिया है ये तेरी बेटी, क्या रंडि जैसे चूदवाइ है, आह मज़ा आ गया,और देख कैसे भर गया है इसका बदन! कहते उसकी बड़ी चूचियाँ दबा दिया।
शिवा: यार सच बोला तू, मस्त माल है रूबी और ये देख इस शालू को,इसको मैं बच्ची समझता था, क्या चुदक्कड निकली,मेरा लंड मज़े से ले ली।फिर एक ऊँगली उसकी गाँड़ में डालके बोला:मुझे तो लगता है की ये अब गाँड़ भी मरवा लेगी।
शालू आह करके बोली: अंकल उँगली सुखी तो मत डालिए दुखता है ना।शिवा ने हँसते हुए ऊँगली निकाल ली और उसको सूँघने लगा।
राज बोला:यार शालू की गाँड़ का उद्घाटन मैं कर चुका हूँ, थोड़ा चिकनायी लगाने से वो मज़े से गाँड़ मरवा लेगी।वैसे सलमान भाई तुम्हारी बहु भी क्या मस्त जवान माल है।भरपूर मज़ा मिला इससे चूदाइ में।कहते उसके मोटे नितम्बों को दबाने लगा।
फिर सब शॉवर लिए और बदन सुखाकर अंदर हाल में आए। सलमान बोला: कोई भी अंडर गर्मेंट नहीं पहनेगा ,सब हँसने लगे।मर्दों ने अपने सामान से लोअर निकालके पहने और लड़कियाँ एक गाउन पहनके आयीं, बिना ब्रा के उनकी छातियाँ मस्त लग रही थीं।
फिर लड़कियाँ किचन में गयीं और खाना गरम करके लायीं।सब टेबल पर बैठके बातें करते हुए खाना खाने लगे।
बाद में जब सब एक साथ बैठे तो शालू को सलमान ने अपनी गोद में बैठाया, इसका मतलब था की वो अब उसे चोदेगा,राज ने रूबी को गोद मेंखिंच लिया और शिवा कीगोद में नूरी बैठ गयी।
राज ने सलमान से कहा: तुम्हारा बेटा अमेरिका में है तो नूरी उसके साथ क्यों नहीं गयी?
सलमान: असल में पहले वीज़ा नहीं मिला और अब ये जाना ही नहीं चाहती,क्यूँ ठीक कहा ना, नूरी मैंने?
नूरी: जी डैडी, बिलकुल ठीक कहा आपने।पहले तो मैंने बहुत लड़ायी की नज़ीर से(उसका पति),कि मुझे भी साथ जाना है उसके,पर अब तो डैडी(ससुर) के बिना मैं रह ही नहीं सकती।
सलमान: हाहा ऐसे बोलो की डैडी और उसके दोस्तों के बिना नहीं रह सकती। तुम्हारी जैसी मस्त जवानी मेरे अकेले से कहाँ सम्भलेगी मेरी रानी बच्ची।
नूरी शर्माके: डैडी आप भी ना, कुछ भी बोलते हो।
शिवा नूरी की चुचि दबाते हुए बोला: यार सलमान ये ये तो बताओ कि तुमने इसको पटाया कैसे? जब मैं इन दोनों की शादी में शामिल हुआ था तब तो ये बड़ी शर्मीली सी लड़की थी,ये इतना बड़ा परिवर्तन इसमें आया कैसे? ऐसा बोलते हुए उसने नूरी का गाउन उठा दिया और उसकी जाँघें सहलाने लगा,जो मस्त गोरी और गदरायी दिख रही थी।
सलमान: ये एक लम्बी कहानी है, तुम लोग सुनोगे या अभी चूदाइ का राउंड चालू करोगे।
राज: अरे भाई चूदाइ तो होगी ही, पर तुम्हारी कहानी सुनने की भी इच्छा है।ऐसा कहते हुए राज ने रूबी को अपनी गोद मेंउलटा लिटा दिया और उसके गाउन को ऊपर करके उसके मस्त गोल बड़े नितम्बों को दबाने लगा।
सलमान ने भी शालू की चुचि उसके गाउन के ऊपर से दबाते हुए बोला: ठीक है मैं शुरू से सुनता हूँ कि नूरी कैसे मेरी बहू से मेरी रंडि बनी? फिर नूरी को बोला: बता दूँ ना सबको ?
नूरी भी शिवा की उँगलियों के छेड़ छाड़ से गरम हो रही थी,उसने हाथ नीचे लाके शिवा का लंड उसके लोअर के ऊपर से पकड़ लिया और उसको दबाते हुए बोली: आह डैडी सुना दीजिए अब तो ये सब अपने ही हैं ना ।
सलमान ने शालू का गाउन ऊपर किया और उसकी चूतमसलते हुए बोलना शुरू किया-----------
अब ये कहानी सलमान की ज़बानी-------
मेरा एक ही बेटा है नज़ीर और उसकी माँका देहांत तभी हो गया जब वो १६ साल का था। मैंने उसे एक बोर्डिंग स्कूल में डाला और वो engineer बन गया और उसने बंगलोर मेंएक कम्पनी में नौकरी कर ली।जब वो २४ साल का था तो मैंने उसकी शादी के लिए लड़कियाँ देखनी शुरू कीं। यहाँ ये बता दूँ कि पत्नी के देहांत के बाद मैंने अपनी ऑफ़िस की औरतों को पटा के चोदने का काम जारी रखा।मैंने कभी किसी के साथ ज़बरदस्ती नहीं की,मैं ऐसी औरतों को पटाता था जो की किसी कारण से दुखी होती थीं।ज़्यादातर औरतें अपनी पतियों से शारीरिक या मानसिक रूप से असंतुष्ट थीं और कुछ को पैसा चाहिए था। मेरा काम चल रहा था मुझे ज़िंदगी से कोई शिकायत नहीं थी।बस नज़ीर के लिए एक अछी सी लड़की चाहिए थी।
एक बार मैं अपने ऑफ़िस की एक औरत को घर लाया चोदने के लिए।वो अपने पति से नाराज़ थी कि वो वेश्याओं के पास जाता है।मैंने उसको सहानुभूति दिखाकर पटा लिया।वो क़रीब ४० साल की मस्त औरत थी, भरा हुआ बदन और गोरी chitti उसका नाम नग़मा था।मैंने दो बार उसकी चूदाइ की और जब हम नंगे लेते हुए थे और वो मेरा लंड सहला रही थी, तो वो बोली:आपका बेटा तो जवान हो गया है। उसकी शादी कब करेंगे?
मैं बोला: अरे कोई ढंग की लड़की मिले तो मैं कल ही कर दूँ।
इस पर वो बोली:अगर आप चाहो तो मेरी छोटी बहन की लड़की है ,BSc किया है,और बहुत सुंदर और शरीफ़ लोग हैं।उसके पापा आर्मी में हैं।मैं बोला: ज़रूर क्यों नहीं, तुम बात चलाओ।
वो हँसते हुए बोली: आपका मेरा ये वाला रिश्ता सबको बता नहीं देना , नहीं तो मैं तो गयी।
मैं हँसते हुए बोला: अरे तब तो तुम मेरी समधन हो जाओगी, और रिश्ते की चूदाइ में और मज़ा आएगा।फिर मैंने उसकी चूत चाटी और एक राउंड और चोदा। वो इस बारे में जल्दी बताने का बोलके चली गयी।
तीन दिन बाद वो मेरे ऑफ़िस में आइ और सामने बैठ गयी।मैंने उसको कहा: आज तो मस्त दिख रही हो, तुमको देखकर मेरा खड़ा हो गया।
वो हंस कर बोली: आज मैं आपसे नज़ीर की शादी की बात करने आइ हूँ, मेरी बहन ने ये फ़ोटो भेजी है, आप इसको देख लो और चाहो तो बेटे को भेज दो अगर पसंद आए तो फिर आगे की बात की जाएगी।
मैं फ़ोटो देखातो बहुत ख़ुश हुआ,सच मेंलड़की बहुत प्यारी भोली सी दिख रही थी।मैंने कहा : ठीक है मैं इसको स्कैन करके नज़ीर को मेल भेज देता हूँ,आगे की बात फिर देखते हैं।
नग़मा: ठीक है फिर मैं चलती हूँ। आप जो भी हो मुझे बता देना।
मैं बोला: अरे ऐसे कैसे मेरा लंड खड़े करके चली जाओगी?
नग़मा:अरे लेकिन ये तो ऑफ़िस है यहाँ कैसे?
मैं: अरे ये देखो ये मेरा बाथरूम है, वहाँ सब बढ़िया से हो जाएगा। ऐसा कहते हुए मैंने दरवाज़े की कुंडी लगाई और एक रेड लाइट का बटन ऑन कर दिया।मैं जब खड़ा हुआ तो मेरी पैंट का उभार देखकर वो बोली: हाय रब्बा, ये तो पूरा तना हुआ है,और उसने पैंट के ऊपर से उसे दबा दिया। मैं उसे लेकर बग़लवाले बाथरूम में गया और उसको बाहों में भींचकर उसके होंठ चूसने लगा।फिर उसकी साड़ी का पल्लू गिराके उसकी चूचियाँ चूमने लगा। फिर मैं अपना लंड बाहर निकाल लिया और वहाँ रखे कोमोड पर बैठ गया। वो झुक कर नीचे होकर मेरा लंड चूसने लगी।बार बार अपनी जीभ से मेरे सुपारे को चाट रही थी।मैंने उसके ब्लाउस और ब्रा खोलकर उसकी छातियाँ मसलनी चालू की।फिर उसने खड़े हो कर अपनी पैंटी उतार दी और साड़ी पेटीकोट के साथ ऊपर करके मेरे लंड पर बैठ गयी और उसको धीरे से अंदर करने लगी। जब वो पूरा बैठी तो लंड उसकी चूत में जड़ तक चला गया था,फिर उसने जो उठा पटक की मैं तो मस्त ही हो गया।मैं एक हाथ से उसकी चुचि दबा रहा था और उसकी दूसरी चुचि मेरे मुँह मेंथी।और मेरा दूसरा हाथ उसके पिछवाड़े का मज़ा लेते लेते मैंने एक ऊँगली उसकी गाँड़ में डाल दी। वो मस्ती से भरकर और ज़ोर से ऊपर नीचे होकर चूदाइ का मज़ा लेने लगी।क़रीब २० मिनट के बाद हम दोनों झड़ गए।फिर उसने मेरे सामने पेशाब किया और मैंने उसके सामने। फिर कपड़े पहनकर वो बाहर चली गयी ,और मैं भी नज़ीर को मेल किया और थोड़ी देर बाद उससे फ़ोन पर बात की।वो बोला:डैडी मुझे लड़की की फ़ोटो तो अछी लगी।फिर मैंने उसको दो दिन बाद इतवार को फ़्लाइट से आने को कहा ताकि वो लड़की को देख ले,और मैंने नग़मा को भी ये बता दिया।
अगले इतवार को नज़ीर के साथ हम नग़मा के घर पहुँचे,वहाँ नग़मा,उसके पति शकील और नग़मा की बहन सलमा ने हमारा स्वागत किया।सलमा को देख कर मेरा लंड खड़ा होने लगा,नग़मा से भी वो ज़्यादा हसीन और जवान लग रही थी।उसके पति फ़ौज में थे इसलिए वो नहीं आ सके थे।थोड़ी देर बाद उनकी बेटी शर्माते हुए हमारे लिए चाय लायी, और हम दोनों बाप बेटे उस सुंदर लड़की को देखते ही रह गए, परी सी लग रही थी वो सलवार कुर्ती में।कुछ देर इधर की बात करने के बाद हमने लड़का लड़की को अकेला छोड़ दिया।बाद में उन्होंने हमसे कहा कि वो दोनों इस शादी के लिए तय्यार हैं।हम सब बहुत ख़ुश हुए और जल्द ही सगाई और शादी करने का फ़ैसला करके वापस आये।नज़ीर वापस चला गया और मैं शादी की तय्यारियों में लग गया।अब मेरी मुलाक़ात नग़मा से अक्सर होती और हम समय निकाल के चूदाइ भी कर लेते थे,फिर मैंने नग़मा से कहा की तुम्हारी बहन सलमा यानी मेरी होने वाली समधन भी मस्त माल है, एक बार उसको भी चूदवा दो हमसे।वो हंस दी पर मेरे बार बार कहने से वो बोली:हाँ ये सच है की उसका पति फ़ौज में है और वो चूदाइ के लिए हमेशा तरसती थी,पर उसने अपना एक पक्का इंतज़ाम कर लिया है।
मैं चौंक कर पूछा: कैसा इंतज़ाम?
वो बोली:आप किसी को बतायिगा मत, वो एक कॉलेज में पढ़ाती है,और उसने एक जवान लौंडा ड्राइवर रखा है, वो उसके सर्वंट क्वॉर्टर मेंही रहता है, और रात को उसका जब मन करता है, वो उससे चूदवा लेती है।रामू बड़ा वफ़ादार ड्राइवर है, वो दिन मेंउसको पूरी इज़्ज़त देता है, और रात मैं उसका मर्द बनकर ज़बर्दस्त चूदाइ करता है।
मैंने पूछा: क्या तुम भी उससे चूदवा चुकी हो?
वो शर्मा कर बोली: जी कई बार,वो पक्का जवान मर्द है, वो रात में हम दोनों बहनों की २/३ बार बजा लेता है।
मैं बोला: तब तो तुम अपनी बहन को मुझसे भी चूदवा सकती हो।
वो बोली: ये रिश्ते का चक्कर नहीं होता तो मुश्किल नहीं थी,पर पता नहीं वो मानेगी या नहीं। चलो मैं कोशिश करती हूँ।
मैं ख़ुश हो गया, मुझे लगा कि शायद बात बन जाएगी।
पर कुछ नहीं हुआ। नग़मा बहाने बनाकर समय निकाल दी और नज़ीर की शादी हो गयी।शादी मेंसलमा के पति से मेरी मुलाक़ात हुई।
शादी के बाद हमारी बहु घर आ गयी, और इस तरह नूरी हमारी बहु बन गयी।
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10-21-2018, 11:54 AM,
#37
RE: Hindi Porn Kahani अदला बदली
अब इतना कहकर सलमान ने शालू की चूत में२ ऊँगली डाल दी और वो आह कर उठी,फिर वो बोला: यार मेरे से अब रहा नहीं जा रहा, मुझे शालू को अभी चोदना है,बाक़ी की कहानी बाद में। फिर वो शालू को उठाके बग़ल के रूम में के गया ।वहाँ पूरे कमरे में ज़मीन में गद्दे बिछे थे, और उसने शालू को लिटाया और उसके ऊपर आकर उसकी चूत में अपने लंड को आधा एक ही धक्के में डाल दिया।शालू मस्ती और दर्द से चिल्लायी: अंकल आराम से । वी हँसते हुए एक और धक्का मारा और पूरा लंड उसकी चूतमें घुस गया, फिर उसने धुँआधार चूदाइ शुरू कर दी।तबतक राज भी रूबी को लेकर कमरे में आया और अपनी बेटी के बग़ल में रूबी को लिटाकर उस पर चढ़ गया और उसको चोदने लगा।शिवा कहाँ पीछे रहने वाला था, उसने भी अपनी बेटी के बग़ल में नूरी को लिटाया और उसको पूरी ताक़त से ठोकने लगा।कमरा तीनों लड़कियों की आऽऽऽहहहह हाऽऽयय्यय और मर्र्र्र्र्र गायीइइइइइइ की आवाज़ों से भर गया था। थपप्प फ़छ् की आवाज़ भी सबको गरम कर रही थी।तीनों लड़कियाँ अपनी कमर उछाल कर चूदाइ का भरपूर मज़ा ले रहीं थीं और पक्की रंडिया लग रही थीं।फिर एक एक करके सब झड़ गए और वहीं लेते रहे। शालू ने तो करवट ले ली और सो गयी।
फिर राज बोला: यार कहानी चालू करो सलमान भाई।
नूरी बोली: ये तो मेरी ही कहानी है, इसलिए मैं भी सोती हूँ,आप लोग सुनो। फिर वो भी शालू के बग़ल में सो गयी।
अब तीनों मर्द और रूबी एक कोने मेंलेट गए और सलमान ने कहानी शुरू की,रूबी बीच में लेती थी राज और शिवा उसकी जाँघें सहला रहे थे और सलमान ने उसका सर अपनी गोद में रख लिया था और वो उसकी छाती, गाल और पेट सहला रहा थ।
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सलमान ने आगे बोलना शुरू किया:
नज़ीर और नूरी की सुहागरत के बाद मैंने उनका सारा समान बंगलोर भेज दिया और वो दोनों कुछ दिन मेरे पास रह कर बंगलोर चले गए।मैं फिर अपने नोर्मल काम और चूदाइ मेंव्यस्त हो गया।मैं अब भी नग़मा को सलमा की चूत दिलवाने को बोलता था, पर वो टाल जाती थी। ख़ैर ऐसे ही दिन कट रहे थे कि एकदिन नज़ीर का फ़ोन आया कि उसको अमेरिका जाना होगा २ साल के लिए और नूरी को वीज़ा मिलने तक उसको मेरे साथ रहना होगा,वो भी चाहती है कि इसी बहाने वो आपकी सेवा कर लेगी।मैंने कहा ठीक है।
फिर वो दोनों वापस आ गए और ३ दिन बाद नज़ीर को अमेरिका जाना था। रात को मुझे प्यास लगी तो मैं किचन में गया और पानी पीकर वापस आने लगा तो मुझे कुछ घुटी हुई सी आवाज़ आइ तो मैं समझ गया कि बच्चे चूदाइ में मस्त होंगे,तभी नूरी की हल्की से चीख़ने की आवाज़ आइ जैसे वो लड़ रही हो।मुझे थोड़ा अजीब लगा और उत्सुकता वश मैं एक खिड़की के पास आकर अंदर की आवाज़ सुनने लगा, उधर नूरी नज़ीर को किसी बात के लिए मना कर रही थी, पर शायद वो मान नहीं रहा था।अब मुझसे रहा नहीं गया और मैंने अंदर पर्दा हटाने झाँका।अंदर का दृश्य जैसे मुझे स्तब्ध कर गया, नूरी पूरी नंगी पीठ के बल लेती हुई थी। उसका साँचें में ढला बदन बहुत ही कामुक दिख रहा था,और नज़ीर अपना खड़ा लंड अपने हाथ से मसल रहा था, और उसको उलटा होने को बोल रहा था।वो मना कर रही थी।फिर वो बोली: मुझे ये समझ नहीं आता की आपको सामने से ज़्यादा पीछे से करने में क्यों ज़्यादा मज़ा आता है? और मुझको पिछवाड़े मेंबहुत दर्द होता है। नज़ीर बोला: मैंने कल तो तुम्हारी चूत मारी थी आज गाँड़ मरवा लो।नूरी: मुझे नहीं मरवानी हैं गाँड़, मुझे बहुत दुखता है।नज़ीर भी ज़िद पर अड़ा था, मुझे बड़ा अजीब लगा, मैं भी गाँड़ प्रेमी हूँ पर मैंने हमेशा रज़ामन्दी से ही गाँड़ मारी है,ऐसी ज़बरदस्ती कभी की ही नहीं।ख़ैर थोड़ी देर के बाद नज़ीर ने हार मान कर उसकी चूतमें लंड डाल दिया और सिर्फ़ १० मिनट चोदने के बाद वो झड़ गया।मुझे लगा कि शायद नूरीतृप्त नहीं हुई थी,पर मैं पक्का नहीं कह सकता था। बाद मेंमुझे अपने पर शर्म आइ किमैंने अपने बच्चों की चूदाइ देखी।
अब दिन मेंभी मैंने ग़ौर किया की नूरी और नज़ीर मेंउतना प्यार नहीं है जितना उसकी माँऔर मुझमें था शादी के बाद।ख़ैर अब मुझे भी चस्का पड़ गया था और रात को मैं फिर उनकी चूदाइ देखने पहुँच गया। आज नूरी गाँड़ मरवाने को मान गई।अब वो चौपाया बन गयी और उसके उठे हुए नितम्बों को देखकर मैं भी पागल हो गया और फिर नज़ीर ने थूक लगाके उसकी गाँड़ मारनी शुरू किया और क़रीब दस मिनट तक नूरी कराहती रही और वो उसकी गाँड़ में झड़ गया।
मुझे आज भी लगा की नूरी को मज़ा नहीं आया है।अगले दिन नूरी लँगड़ा कर चल रही थी। मैंने अनजान बनकर पूछा : बेटी क्या हुआ लँगड़ा क्यों रही हो, वो बोली डैडी कुछ नहीं बाथरूम में पैर फिसल गया था, मैं बोला बेटी वहाँ दवाई लगा लो। ऐसा बोलते हुए उसकी गाँड़ की सूजन का सोचके मेरा लंड खड़ा होने लगा।अब तक मैं नूरी के बदन का दीवाना हो चुका था और उसके नाम की मूठ मार लेता था।
फिर नज़ीर चला गया और नूरी मेरे पास रहने लगी, उसके यहाँ रहने के कारण मैं नग़मा को घर नहीं ला सकता था और मेरी चूदाइ बन्द थी, और मेरा ठरकी लंड मुझे तंग कर रहा था।दिन मेंघर में हरसमय सजी धजी नूरी दीखाई देती थी और मुझे उसका नंगा बदन याद आता था।इस बीच में उसकी माँ और उसकी मौसी यानी मेरी नग़मा भी उससे मिलने आयीं और मेरा लंड और गरम कर गयीं।कुछ दिन बाद मैं पानी लेने किचन मेंगया और फिर मुझे नूरी के कमरे से अजीब सी आवाज़ आ रही सुनाई दी। मैंने खिड़की से झाँका और सन्न रह गया।नूरी ने अपना गाउन अपनी छाती से भी ऊपर उठा रखा था और अपनी छातियाँ मसलते हुए अपनी चूत मेंऊँगली कर रही थी और सिसकारियाँ भर रही थी। क़रीब १५ मिनट तक वो अपनी चूतके दाने को सहलाती और उँगली अंदर बाहर करती रही और फिर एक घुटी हुई चीख़ के साथ वो झड़ गयी।मुझे को काटो ख़ून नहीं।अपनी प्यारी बहू की नंगी जवानी देख कर मैं सब रिश्ते भूल गया और उसको चोदने का मन बना लिया।कमरे में आके मैंने मूठ मारी, और सो गया।
अगले दिन मैं जानबूझकर बिस्तर पर पड़ा रहा, नूरी ने देखा की मैं सुबह की चाय भी नहीं पीने के लिए बाहर आया हूँ तो वो कमरे के दरवाज़े को खटखटाई और बोली: डैडी आप ठीक तो हैं। अभी तक बाहर नहीं आए?
मैं : बेटी शरीर दुःख रहा है, बुखार सा लग रहा है।
वो बोली: मैं अंदर आ जाऊँ?
मैं: हाँ बेटी आ जाओ।
वो अंदर आके मेरे पास आयी,उसने रात वाला गाउन पहना था,वो झुक कर मेरे माथे पर हाथ रखी और बोली: डैडी बुखार तो नहीं लग रहा है आपको।उसके झुकने से उसकी गोलायियाँ मुझे गाउन से दिखने लगी और मेरा लंड तनने लगा।फिर वो बोली: डैडी चाय यहीं ला देती हूँ, और बाहर जाने लगी। मैंने उसके मस्त नितम्बों को देखा और आह कर उठा।वो थोड़ी देर बाद चाय लायी और साइड टेबल पर रख दी। मैंने ऐसे नाटक किया जैसे उठने में भी कष्ट हो रहा हो,फिर उसने मुझे सहारा देने के लिए मेरे सर के पीछे हाथ रखा और मुझे उठाने की कोशिश करने लगी। कहाँ वो नाज़ुक कली और कहाँ मैं भैंस जैसा मर्द,पर मैंने उठने का नाटक किया और उसकी छातियाँ मेरे मुँह से भीड़ गयीं।वो हड़बड़ाके पीछे हुई,तब तक मैं बैठ गया था और फिर उसने मुझे चाय दी।फिर वो मेरा सर दबाने लगी, मैंने उसे बिस्तर पर बैठने का इशारा किया और उसके बैठते ही उसके कुल्हे मेरे बदन से टकरा गए। आह कितने नरम थे उसके कुल्हे। मेरा लंड अब तन गया था, उसको छिपाने के लिए मैंने अपने घुटने मोड़ लिए।उसके बदन से उठने वाली ख़ुशबू जैसे मुझे पागल कर रही थी।फिर वो बोली:डैडी नज़ीर का फ़ोन आया था, आपके बारे में पूछ रहे थे, मुझे बोले किडैडी का पूरा ध्यान रखना। मैंने कहा की हाँ और आज ही देखिए आप अपनी तबियत ख़राब करके बैठ गए। मैं बोला: अरे बेटी कुछ नहीं हुआ है, तुम्हारी सेवा से मैंअभी ठीक हो जाऊँगा, तुम्हारी हाथ की चाय और ये जो मेरा सर दबा रही हो मुझे अच्छा लग रहा है,बस अब सिर्फ़ पीठ का दर्द है, वो भी ठीक हो ही जाएगा। वो फ़िक्रमंद होकर बोली: आप उलटे लेट जायीये मैं पीठ भी दबा देती हूँ।मैं उलटा लेट गया और वो मेरी पीठ दबाने लगी।मैंने कहा बेटी ज़रा कुर्ता उठा के दबा दो।वो थोड़ा झिझकी पर उसने कुर्ता ऊपर किया और उसके नर्म हथेलियों के स्पर्श से मेरे नीचे दबा लंड जैसे टूटने को आ गया।अब वो बोली: डैडी आराम मिला क्या? मैं बोला: हाँ बेटी बहुत अच्छा लगा पर ज़रा नीचे करो वहाँ ज़्यादा दुःख रहा है।उसका हाथ नीचे गया और मेरे चूतरों तक पहुँचने के पहले रुक गया। अब वो मेरी पीठ से लेकर मेरे चूतरों के पहले तक ही दबा रही थी, जब उसका हाथ नीचे को जा रहा था और मेरे चूतरों के पहले रुकने वाला था मैं बोला: आह बेटी थोड़ा और नीचे तक जाओ।इसका मतलब साफ़ था कि उसको मेरी चूतरों के दरार में हाथ डालना पड़ेगा।मैंने अपनी कमर उठाके कहा : बेटी थोड़ा पजामा नीचे कर लो।अब मैंने साइड मेंलगे शीशे मेंउसके चेहरे पर उलझन के भाव देखे और फिर उसने पजामा नीचे किया अब मेरी चूतरों की दरार उसके सामने थी,उसने अपना हाथ धीरे से नीचे किया और उसका हाथ मेरी दरार में चला गया। मैंने कहा: हाँ यहीं और थोड़ा नीचे यहीं तक दर्द है। वो थोड़ा हिचकते हुए अपना हाथ नीचे मेरी गाँड़ के ठीक पहले तक ले गयी, मेरे उस हिस्से मेंबहुत बाल थे, वो बोली: डैडी आपके शरीर मेंकितना बाल है।सब जगह बाल ही बाल है। मैंने कहा: अरे बेटी मर्द के शरीर में तो बाल होता ही है, नज़ीर के बदन मेंनहीं है। वो शर्मा कर बोली: जी है तो पर इतना नहीं। तभी बात करते हुए उसका हाथ बेध्यानी मेंमेरी गाँड़ के छेद को छू गया। मैंने देखा कि वो काँप उठी थी।मैंने भी जानबूझकर आह की आवाज़ निकाली। वो बोली: डैडी क्या हुआ? मैं बोला: वो बेटी तुम्हारा हाथ मेरी गा-- मतलब मेरी नीचे वाले छेद में छू गया और वो जगह बड़ी सेन्सिटिव होती है ना, इसीलिए आह निकल गयी। वो शर्मा गयी और बोली: सारी डैडी वो ग़लती से हाथ वहाँ छू गया। मैं बोला: अरे बेटी तो क्या हुआ,मुझे तो बहुत अच्छा ही लगा, पर वो क्या है ना पता नहीं तुमको शायद गंदा लगा होगा, वहाँ छूना।मैंने जानबूझकर बात को आगे बढ़ाया। वो बोली: नहीं डैडी ऐसा कुछ नहीं,वो मेरा मतलब है की मेरा हाथ ग़लती से वहाँ लग गया था।मैं बोला: बेटी फिर क्या हुआ,थोड़ा सा और दबा दो फिर शायद मैं ठीक हो जाऊँगा।नीरू ने फिर से मेरी पीठ दबानी शुरू की और उसका हाथ इस बार गाँड़ के छेद से पहले ही वापस हो गया, पर मैं भी मस्ती मेंथा, मैंने ज़ोर से खाँसने का नाटक किया और अपने बदन को ऊपर खिंच लिया अब उसका हाथ फिर से मेरी गाँड़ जे छेद पर आ गया।अब वो थोड़ी सी असमंजस की स्तिथि मेंथी।उसका हाथ अभी भी मेरी गाँड़ पर ही था।मैंने अपनी कमर ऊपर नीचे करके उसका हाथ अपनी गाँड़ पर रगड़ लिया।फिर वो होश मेंआइ और उसने अपना हाथ बाहर निकाल लिया।अब वो अभी आती हूँ कहके चली गयी। उसकी छातियाँऊपर नीचे हो रही थी।मैं समझ गया था कि वो उत्तेजित हो गयी है। यही तो मैं चाहता था।
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10-21-2018, 11:54 AM,
#38
RE: Hindi Porn Kahani अदला बदली
मैं थोड़ी देर में नहा कर बाहर आया और नूरी बोली: अरे आप बाहर क्यों आए,आराम करिए ना।
मैंने मुस्करा के कहा: अरे तुम्हारी सेवा से मैं एकदम ठीक हूँ। फिर मैंने जानबूझकर उसको सताने के लिए कहा: बेटी, तुमने हाथ धोया या नहीं?
वो बोली: आप ऐसा क्यों पूछ रहे हैं?
मैं बोला: अरे बेटी तुम्हारा हाथ मेरे पीछे मतलब वहाँ लग गया था ना, इसीलिए पूछा।
वो शर्म से लाल होकर बोली: छी डैडी आप भी ना, वो तो मैंने उसी समय धो लिया था।
फिर मैं बोला: अब,आज ऑफ़िस की छुट्टी है चलो तुम्हारी माँ के घर चलते हैं, उनको भी अच्छा लगेगा।या तुम चाहो तो मैं तुम्हें शॉपिंग करा लाता हूँ।और चाहो तो मूवी भी देख लेना।
वो बोली:डैडी, माँ तो पापा के पास गयी हैं, कुछ दिनों के लिए,हम शॉपिंग ही कर लेते हैं।और आज बाहर खाना खाएँगे।
मैंने कहा: चलो ये ठीक है,मैंने भी अपनी बहु को कोई गिफ़्ट नहीं दिया है, चलो आज दिलाएँगे।
वो ख़ुश होकर तय्यार होने गयी।जब वो तय्यार होकर आइ तो मेरा लंड फिर से सर उठाने लगा। उसने नाभि दर्शना बहुत ही पतली सी साड़ी पहनी थी,जिसने उसके चूचे बड़े दिख रहे थे और उसका गोरा पेट और उसके उभरे नितम्ब तो जैसे मेरे लंड को कड़क किए जा रहे थे।मुझे इस तरह अपनी ओर देखते हुए देख कर वो शर्मा कर बोली: डैडी,चलना नहीं है क्या?
मैं होश में आकर बोला:चलो बेटी,अब चलते हैं।
हम बाहर आए और कार से एक ज़ौहरी की दुकान मेंपहुँचे।वहाँ उस दुकान के मालिक ने कहा: अरे सलमान भाई, बड़े दिन बाद आए । मैंने कहा: हाँ भाई ये हमारी बहु है, इनके लिए अछे ज़ेवरात दिखाओ।उसने हमें एक कमरे में बैठा दिया और एक सेल्ज़ मैन आया और हमें हार दिखाने लगा। मैंने कहा: बेटी इसको गले में पहन कर देखो, कैसा लगता है? वो उठके शीशे के सामने खड़ी होकर हार अपने गले में रख कर बोली: डैडी, ये कैसा है?
मैंने उसकी चूचियों को घूरते हुए कहा: अच्छी हैं बेटी, बड़ी बड़ी हैं।
वो हड़बड़ा करके बोली: आप क्या बोल रहे हैं?
मैं समझ गया की मेरे मुँह से ग़लत बात निकल गई है, मैंने बात सम्भालते हुए कहा:मेरा मतलब है अच्छा बड़ा हार है।
वो बोली: पर डैडी ज़्यादा सुंदर नहीं है।भय्या और दिखाओ।
उसने कई हार दिखाए और आख़िर एक हार हम दोनों को पसंद आ गया। उसने दाम पूछा, वो बोला: तीन लाख।वो बोली: ये तो बहुत महँगा है, कोई दूसरा दिखायीये।
मैं बोला: हम यही लेंगे,और उस सेल्ज़ मैन को बोला: जाओ बिल बनाओ। उसके जाने के बाद मैं बोला: बेटी पहन के देख लो एक बार।
वो शीशे के सामने जाके पहन्ने लगी।वो उसका पेंच नहीं लगा पा रही थी। मैं उसके पीछे जा कर खड़ा हुआ और उसके हार का पेंच लगा दिया। ऐसा करते हुए मैंने अपना लण्ड उसके नितम्बों पर दबा दिया।उसने मेरे खड़े लंड को महसूस किया पर वो हटी नहीं। मेरा मन खिल उठा।फिर मैंने उसके हार को ठीक करने के बहाने उसकी छातियों पर हार को अजस्ट किया।मेरा हाथ उसकी छातियों को छूने लगा।पर उसने विरोध नहीं किया।अब मेरा लंड उसके नितम्बों पर अच्छी तरह से चुभ रहा था और मेरा मुँह उसके गले को छू रहा था और मेरा हाथ उसकी छातियों पर था। तभी किसी के आने की आहट हुई और मैं उससे अलग हो गया।वो भी थोड़ा सतर्क हो गयी।
फिर मैंने अपना क्रेडिट कार्ड से बिल पटाया और बाहर आ गए। नूरी ने वो हार का पैकेट ले लिया और अपने पर्स मेंडाल लिया।फिर जब वो कार मेंबैठी तो बोली: डैडी, आपने इतना महँगा हार क्यों ले लिया, आपका बेटा मुझसे नाराज़ होगा,की मैंने आपके इतने पैसे क्यों खर्चाए?
मैंने उसके हाथ पर अपना हाथ रख दिया और बोला: अरे बेटी, पहली बार तुम्हें कोई उपहार दिया है तो वो बढ़िया ही देंगे ना।
उसने अपना हाथ बग़ैर खिंचे हुए हमको एक प्यारी सी मुस्कान दी। मैंने उसका हाथ सहलाते हुए बोला: बेटी चलो अब तुम्हें कुछ मस्त कपड़े दिलवाते हैं, जिसमें तुम बहुत सुंदर लगोगी।
वो बोली: और ख़र्च करेंगे तो ये ग़ुस्सा होंगे।
मैं बोला: अरे उसे बताना ही नहीं। वो मुस्कुरा दी।
थोड़ी देर बाद हम एक शानदार शो रूम में पहुँचे वहाँ मैं उसको साड़ीवाले काउंटर में ले गया और हम स्टूल पर बैठ कर साड़ियाँदेखने लगे। क़रीब एक घंटे लगे उसे एक साड़ी पसंद करने में।वो हर साड़ी को अपने ऊपर लपेट के देखती और मुझसे पूछती कि वो कैसी लग रही है। और मैं हर बार उसको मस्ती भरे कामेंट्स देता जाता। जैसे बहुत सुंदर या सेक्सी या मस्त और आख़िरमेंमैंने उसके कान में कह दिया की मस्त माल लग रही हो, और उसको दिखा कर अपना लंड पैंट के ऊपर से मसल दिया। वो थोड़ी सी सकपका गयी। उसको शायद मुझसे ऐसी उम्मीद नहीं थी।फिर साड़ी लेकर मैं उसे एक दूसरे काउंटर पर ले गया जहाँ नाईटी मिल रही थी,वो बोली: डैडी मुझे नहींचाहिए मेरे पास है। मैं बोला: अरे तुम्हारी नाईटी मुझे नहीं पसंद हैं, ज़रा मस्तवाली लो ना।फिर जब वो नाईटी पसंद कर रही थी मैं उसके बग़ल में खड़ा था और मैंने हिम्मत करके उसकी कमर पर हाथ रख दिया,उसने कोई विरोध नहीं किया।मैंने एक पारदर्शी नाईटी पसंद की काले रंग की, और बोला: बेटी,ये तुम्हारे गोरे रंग पर बहुत सुंदर लगेगी।वो धीरे से बोली: पर डैडी इसमें सब दिखेगा ना। मैं बोला: अरे तुम घर पर ही तो पहनोगी कोई बाहर तो नहीं पहनोगी।फिर मेरा हाथ उसकी कमर को सहलाते हुए मैंने नीचे खिसकाया और उसके नितम्ब पर रख दिया। मेरा दिल धड़क रहा था कि कहीं वो नाराज़ ना हो जाए।पर उसने ऐसा दिखावा किया किजैसे उसे फ़र्क़ ही नहीं पड़ा।फिर भी मैंने उसके नितम्बों को नहीं दबाया बस सिर्फ़ हाथ रखे रहा।फिर मैंने उसके कान मेंकहा कि कुछ अंडर गर्मेंट्स तो नहीं लेना?
वो बोली: लेना है पर आपको उधर जाना पड़ेगा क्योंकि आपके सामने लेने मेंमुझे शर्म आएगी।मैंने उसको कान मेंकहा: इसने शर्म की क्या बात है, सभी ब्रा पैंटी पहनते हैं,और मैंने ख़ुद काउंटर वाली लड़की को कहा: इनको अछी ब्रा और पैंटी दिखाओ।उस लड़की ने साइज़ पूछा और नूरी के गाल शर्म से लाल हो गए,वो मुझे धीरे से बोली:इसीलिए मैं आपको कह रही थी किआप उधर चले जाओ।पर मैंने अब हिम्मत करके उसके नितम्बों पर हाथ फेरा और उसकी छातियों को घूर के धीरे से उसके कान में बोला:३६ की तो होंगी तुम्हारी,मेरी बीवी की तुमसे बड़ी थीं और वो ३८ की लेती थी।ये सुन कर वो और लाल हो गयी और बोली: डैडी आप भी ना, बड़े बेशर्म हो।फिर वो उस लड़की को ३६ साइज़ का ही दिखाने को बोली।अब मैं समझ गया था कि वो मुझसे पट रही थी। सो मैंने उसके नितम्बों को हलके से दबा दिया,वो मुझे धीरे से बोली:डैडी क्या कर रहे हैं, कोई देख लेगा ना।मेरा मन ख़ुशी से खिल उठा, मैं समझ गया की उसको कोई ऐतराज़ नहीं है जब तक कोई ना देखे।मैं उसके पीछे आ गया और अब मेरा लंड उसके नितम्बों पर था और मेरा हाथ उसके कमर और पेट को सहला रहा था साड़ी के अंदर से।वो धीरे से आह कर उठी, और ब्रा फ़ाइनल करती रही।हमारी हरकत उस ऊँचे काउंटर की वजह से किसी को नहीं दिख सकती थी।फिर उसने पैंटी दिखाने को कहा,और जब वो पसंद कर रही थी तो मैं धीरे से बोला: अरे वो जाली वाली लो ना उसमें तुम मस्त दिखोगी। वो बोली: छी इसने पूरी नंगी दिखूँगी।
मैं बोला:अरे सेक्सी पैंटी है यही ले लो।उसने हाथ पीछे लाके मेरी जाँघ मेंचुटकी काटी और बोली:बड़ी मस्ती छा रही है।
मैं बोला: ये मस्ती तुम्हारे कारण ही छा रही है बेबी। वो हँसते हुए बोली: चलो अब आप हटो और कहते हुए उसने अपनी कमर को पीछे की ओर दबाके मेरे लंड को मस्ती से भर दिया।
फिर पैसे देकर हम बाहर आए और वो बोली: डैडी भूक लगी है।सामने एक ठेले में फल वाला था, मैंने आँख मारके कहा: केला खाओगी? वो शर्मा कर बोली: डैडी आप भी ना, ये कोई केला खाने का टाइम है, मुझे खाना खाना है।मैंने कहा: अरे वो सामने केले देखकर मैं ऐसे ही बोला था।और फिर हम एक रेस्तराँ में पहुँचे। वहाँ एक कोने के टेबल पर बैठ गए,अग़ल बग़ल की कुर्सियों में।
फिर मैंने उसका अपना हाथ अपने दोनों हाथों में लेकर कहा: बोलिए, बेगम नूरी क्या खायीयेगा?
वो हँसकर बोली: जी जो आप खिलाइएगा! हम दोनों हंस पड़े।
फिर मैंने कहा: बेबी तुम्हारे हाथ कितने नाज़ुक हैं, और मैंने उसके हाथ चूम लिए,
वो शर्माकर बोली:डैडी क्या करते हैं, कोई देख लेगा।
मैंने कहा: यहाँ हम दोनों के सिवाय और कौन है,देखो यहाँ की सब सीट ख़ाली हैं।
वो शर्मा कर बोली: आपको याद है ना मैं आपकी बहू हूँ और आपके बेटे की अमानत।
मैं बोला: अगर वो नहीं याद होता तो मैं तुमको अब तक आह्व्ह्ह्ह ।फिर मैं चुप हो गया।
वो शरारत से बोली: वरना क्या करते?
मैं बोला: अब तक तुमको बहुत प्यार कर लेता और जी भर के चो---।
मैं फिर रुक गया।
वो एक झटके में आ गयी, शायद वो समझ गई थी की मैं उसको चोदने की बात कर रहा हूँ। उसने अपना सर झुका लिया,और उसकी आँखों में आँसू आ गए।
मैं डर गया और बोला: अरे बेटी क्या हुआ?
वो बोली:एक आप है जो इतने प्यार से बात कर रहे हैं,और एक आपके बेटे हैं जिनको मेरी परवाह ही नहीं है।
मेरी जान मेंजान आइ, मैं तो कुछ और ही सोच चुका था।
मैंने अपने हाथो से उसके नरम गालोंके आँसू पोंछे और बोला: बेटी तुम इतनी प्यारी हो कितुम्हें कोई कैसे रुला सकता है। मैं नज़ीर को डाँटूँगा।फिर मैंने बड़े प्यार से उसके गाल को चूम लिया। वो शर्मा गयी और इधर उधर देखी, जैसे कोई देख तो नहीं लिया।जब उसने देखा की कोई नहीं है तो वो मुस्करा दी। मैं समझ गया कि अब वो पटने ही वाली है।तभी वेटर आया और मैंने पूरा खाना उससे ही ऑर्डर करवाया।फिर मैंने उसका हाथ सहलाते हुए बोला:बेटी,एक बात बताओ, नज़ीर तुमको प्यार यानी कि, मेरा मतलब है, अब कैसे बोलूँ---।
वो बोली: पूछिए ना डैडी, क्यों इतना हिचक रहे हैं।
मैं बोला:बेटी, वो तुमको ठीक से चो-- यानी सेक्स का मज़ा देता है है ना?
वो शर्मा के बोली: डैडी बस मैं इतना बोल सकती हूँ, की नज़ीर बड़ा ही सेल्फ़िश है।वो अपना मज़ा ले लेता है पर मेरी उसको कोई फ़िक्र नहीं रहती।
मैं बोला:अरे ये तो बड़ी बुरी बात है,यानी वो तुमको चोद के मज़ा लेता है, और तुमको प्यासी छोड़ देता है? मैंने जानबूझकर चोदना शब्द का इस्तेमाल किया था।
वो थोड़ा चौंक कर बोली: क्या डैडी आप कैसे शब्द बोल रहे हैं।
मैं बोला:अरे बेटी, इसको सेक्स कहो या चूदाइ या फ़किंग इससे क्या होता है!
वो लाल हो गयी और बोली: फिर भी डैडी,बड़ा अजीब लगता है ना,इसलिए बोली।
मैं बोला:चलो कोई भी नाम ले लो,पर ये नज़ीर तुमको ठीक से चोदता क्यों नहीं,वो तो अच्छा ख़ासा तगड़ा मर्द है?
वो धीरे से बोली: डैडी,असल में नज़ीर को बस अपने मज़े की पड़ी रहती है,वो अपना करके सो जाता हैऔर मैं प्यासी रह जाती हूँ।
मैं बोला: ये तो बड़ी ग़लत बात है,उसको तुम्हारा भी ख़याल रखना चाहिए।
वो बोली: एक बात और डैडी,वो ना हमेशा पीछे से करना चाहते हैं , सामने से उनको लगता है ज़्यादा मज़ा नहीं आता।
मैं हँसते हुए बोला: ( हालाँकि मैं जानता था की वो गाँड़ मरवाने की बात कर रही थी। मैंने ये सब देखा हुआ था) बेबी, अरे उसमें तो मज़ा आता है, मैंने कई बार तुम्हारी सास को कई बार पीछे से चोदा था,इसमें उसको भी मज़ा आता था।
वो बोली: वैसे नहीं डैडी, वो मेरे पीछे के छेद में डालना चाहते हैं हमेशा।
मैं बोला: ओह इसका मतलब उसको गाँड़ मारने में ज़्यादा मज़ा आता है।मैं अब समझा।पर बेटी कई लड़कियाँ तो मज़े से गाँड़ मरवाती हैं।
वो बोली: कभी कभी तो ठीक है, पर वो तो हमेशा वहीं करना चाहते हैं, सामने से उनको मज़ा नहीं आता।
मैं बोला: हाँ! ये तो ग़लत बात है, कभी कभी ठीक है गाँड़ मारना पर लड़की को तो चूत चूदाने की भी इच्छा होती है।
मैं जान बूझकर गंदे शब्द बोल रहा था।अब वो भी ऐतराज़ नहीं कर रही थी।फिर मैंने अपना हाथ उसके कंधे पर रख कर कहा: मुझे अपने बेटे से ऐसी उम्मीद नहीं थी।उसने तुम्हें काफ़ी तंग किया है ना।फिर मैंने झुक कर उसके गाल को चूम लिया और बोला:मैं अपने बेटे की तरफ़ से तुमसे माफ़ी माँगता हूँ।कहते हुए मैंने फिर से उसको चूम लिया।वो मना नहीं कर रही थी।मैंने उसके चेहरे को अपने हाथ में लेकर उसके होंठ चूम लिए।वो सिहर उठी और बोली: डैडी,यहाँ कुछ नहीं करिए, प्लीज़,कोई देख लेगा।
तभी वेटर खाना लाया और हमने शांति से खाना खाया और घर के लिए निकल गए।मुझे विश्वास था कि वो पट चुकी है।
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10-21-2018, 11:54 AM,
#39
RE: Hindi Porn Kahani अदला बदली
कारमेंवापस जाते हुए मैंने उसका हाथ सहलाना जारी रखा, मैंने उसकी वासना भड़का दी थी, मैं नहीं चाहता था कि वो रास्ते में शांत हो जाए।
मैंने उसकी जाँघों पर हाथ रखा और बोला: बेटी,सच में नज़ीर से मुझे ऐसी उम्मीद नहीं थी कि वो तुम्हारे साथ ज़बरदस्ती करेगा।अगर लड़की ख़ुशी से मज़ा दे तो मज़ा दुगुना हो जाता है,पर ज़बरदस्ती तो करनी ही नहीं चाहिए।
फिर मैंने उसकी जाँघ को सहलाते हुए हल्के से दबाया और हाथ को ऊपर की ओर लेजाने लगा।जब मेरा हाथ उसके चूत के पास पहुँचने वाला था तो उसने मेरा हाथ पकड़ कर रोक लिया।मैंने वहाँ ही दबाना जारी रखा।
मैं फिर बोला: तुम्हारी सास की गाँड़ मैं उसकी मर्ज़ी से मारता था। और मैं ख़ूब सारा lub यानी चिकनाई इस्तेमाल करता था,जिससे उसे दर्द नहीं होता था और वो मज़े से मरवाती थी।
मैं गंदी भाषा का उपयोग उसको गरम करने के लिए कर रहा था और उसका असर भी उसपर पड़ रहा था क्योंकि उसकी साँसे फूलने लगी थीं। उसकी मस्त छातियाँ ऊपर नीचे हो रही थीं।
वो बोली:डैडी,आप इतना गंदा क्यों बोल रहे हो?
मैं बोला:अरे ये तो सचाई है,इसने मज़ा ही मज़ा है ये भी एक सच है।
वो बोली:आजतक मुझसे ऐसी बात कोई नहीं किया है,आप पहले हो जो ऐसी बातें कर रहे हैं।
उसने अपना हाथ अब मेरे हाथ के ऊपर से हटा दिया था।
मैं बोला: अच्छा,तो मैं ही पहला आदमी हूँ जो तुमसे ऐसी मस्त बातें कर रहा हूँ,और अब मैं ही पहला आदमी बनना चाहता हूँ जो तुमको चूदाइ का असली मज़ा दे दे।
ऐसा बोलते हुए मैंने साड़ी के ऊपर से उसकी चूत को पकड़ लिया और दबाने लगा। वो हड़बड़ा गयी,और मेरा हाथ हटाने की कोशिश की और बोली:हाय्य्य्य्य डैडी ये क्या कर रहे हैं? मैं आपकी बहू हूँ।
मैं बोला:तुम्हें जो मज़ा मेरा बेटा नहीं से सका वो मैं देना चाहता हूँ,और मैंने उसकी चूत को दबाना चालू रखा।
वो मेरा हाथ हटाने को बोली,और मैंने हाथ उसकी चूत से हटा लिया।उसने अपनी साड़ी ठीक की,और बोली:डैडी, ये सब अगर नज़ीर को पता चलेगा तो वो मेरी जान ले लेगा।
मैंने हाथ बढ़ाके उसकी एक चुचि अपने पंजे में भर ली और बोला: जब हम दोनों नहीं बताएँगे तो उसे कैसे पता चलेगा?
वो बोली:डैडी, कार चलाइए ध्यान से,और मेरा हाथ हटाके बोली:क्या कर रहें हैं, प्लीज़ मुझे डर लग रहा है। तभी घर आ गया और हम अंदर पहुँचे। अंदर आकर मैंने अपना उतावलापन दिखाते हुए उसको अपनी बाहों में भर लिया,उसने अपने आप को छुड़ाने की कोशिश की तो मैंने उसको छोड़ दिया।
वो बोली:डैडी,ये ग़लत हो जाएगा,मैं नज़ीर को क्या मुँह दिखाऊँगी।
मैं बोला: देखो, मैंने तुम्हें अपनी प्यास बुझाने के लिए अपनी चूत मेंऊँगली करते हुए देखा है,मैं तुम्हें ख़ुश देखना चाहता हूँ, वो ख़ुशी देना चाहता हूँ जो मेरा बेटा नहीं दे सका।
वो शर्मा गयी, और बोली:हाय, आप क्या मेरे कमरे में झाँकते रहते हैं?
मैं हँसके बोला: मेरा तो मन करता है कि हमेशा तुमको ही देखता रहूँ।और इतना प्यार करूँ कि तुम्हारा जीवन ख़ुशियों से भर दूँ।
वो भावुक होकर बोली:डैडी, क्या सच मेंआप मुझे इतना चाहते हैं?
मैं भी बोला: हाँ बेटी,तुम्हें मैं पागलों की तरह चाहता हूँ।
ये कहते हुए मैंने अपनी बाहें फैला दिया और उसकी तरफ़ आशा भरी नज़रों से देखने लगा।वो थोड़ी परेशान दिख रही थी और फ़ैसला नहीं कर पा रही थीकिमेरी बात माने या ना माने।मैंने आख़री तीर मारा और बोला: एक बार मेरी बात मान जाओ और मैं तुम्हारा जीवन ख़ुशियोंसे भर दूँगा! मैं अपने बेटे जैसा वहशी नहीं हूँ,तुमहे बहुत प्यार करूँगा।
और अचानक जैसे उसने फ़ैसला किया और दौड़ के आयी और मेरी बाहों में समा गयी।मेरा हाथ उसकी पीठ पर था,और मेर होंठ उसकी गरदन पर थे और मैंने उसका चुम्बन लेना चालू किया,गले का,फिर गालों का, फिर नाक का, फिर उसके माथे का और आख़िर मेंउसके होंठों का चुम्बन लेने लगा।वो भी मेरा साथ देने लगी,अब मेरे हाथ उसकी पीठ से नीचे आकर उसके मोटे नितम्बों पर आ गए,मैंने उसके नितम्बों को दबाना चालू किया।वो भी मेरी हरकतों से गरम हो गयी थी।फिर मैंने उसके ब्लाउस के बाहर झाँकती हुई छातियोंको चुम्बन लेने लगा। फिर मैंने उसकी छातियाँ ब्लाउस के ऊपर से दबाने लगा।वो अब मस्त होने लगी,उसकी आँखें भारी होने लगी।फिर मैंने उसे गोद में एक बच्ची की तरह उठा लिया और बेडरूम मेंलेज़ाकर बिस्तर पर लिटा दिया।
बिस्तर पर लेती हुई नूरी बहुत सेक्सी दिख रही थी, मेरी छेड़छाड़ से उसके साड़ी का पल्लू एक तरफ़ को हटा हुआ था और उसकी साड़ी आधी खुल गयी थी। ब्लाउस मेंकसे उसके मस्त कबूतर जैसे फड़फड़ा रहे थे बाहर आने को।उसका गोरा पेट बहुत सुंदर दिख रहा था और गहरी नाभि भी ऐसी दिख रही थी, जैसे वो भी लंड लेने को तैयार हो। मैंने उसको देखते हुए अपने कपड़े उतार दिए और सिर्फ़ जाँघिए में आ गया।मेरा लंड पूरा खड़ा था,और उससे बाहर आने के के लिए जैसे तड़प रहा था। नूरी की आँखें मेरे लंड के उभार को देख कर शर्म से झुक गयी।अब मैं उसके बग़ल मेंलेटकर उसको बाहों में लेकर चूमने लगा।वो भी थोड़ी देर बाद मेरा साथ देने लगी और हमारे होंठ जैसे एक दूसरे से चिपक गए थे।मेरा हाथ उसकी पीठ और नितम्बों पर था। फिर मैंने उसके ब्लाउस को खोला,उसने पूरा सहयोग दिया और ब्रा में क़ैद उसकी छातियों को देखकर मैं उनको दबाते हुए चूमने लगा। फिर ब्रा उतारकर मैंने उसकी छातियों का मर्दन करते हुए उनको चूसना शुरू किया।उसके निपल्ज़ बड़े होकर तन गए थे।मैंने उनको मसला और चूस।मैंने क़रीब १५ मिनट तक उसके दूध चूसे।वो भी मेरे सर को दबाकर छातियाँ चूस्वा रही थी,और आह्ह्ह्ह्ह्ह डैडी और हाय्य्य्य्य कर रही थी।
फिर मैंने उसकी आँखों मेंझाँकते हुए पूछा: मज़ा आया बेटी?
वो मस्ती में बोली: हाय डैडी बहुत मज़ा आया, हाय क्या चूसते हैं आप। नज़ीर तो बस चार पाँच बार इनको दबाकर एक दो किस
लेकर डालने के चक्कर मेंपड़ जाते हैं। हाय्यय ऐसा सुख तो पहली बार मिला है डैडी आप बहुत अच्छे हैं।
उसकी साड़ी उतारते हुए मै बोला: अरे ये तो ग़लत बात है, चूदाइ का मज़ा तो फ़ोरप्ले में ही आता है।और फिर मैंने उसका पेटीकोट का नाड़ा भी खोल कर उसकी पेटिकोट भी उतारने लगा।उसने अपनी कमर उठा दी ताकि मेरा काम आसान हो जाए, मैं समझ गया लौड़िया चूदवाने को एकदम तय्यार है।अब मैंने उसके नंगे पेट और नाभि को चूमा और चाटा और फिर उसकी जाँघों को भी सहलाते हुए जीभ से चाटने लगा।अब वो सिसकियाँ लेने लगीं और बोली: आह डैडी क्या कर रहें हैं आप।
मैं बोला: अपनी प्यारी बहू को मज़ा दे रहा हूँ।
वो बोली: हाय इसमें इतना मज़ा है, मुझे तो पता ही नहीं था!
फिर मैंने उसकी पैंटी को सहलाना शुरू किया और उसकी गीली चूत का पानी उसकी पैंटी को भीगा चुका था।मैंने मस्ती से कहा: देखो तुमने सु सु कर दिया है।
वो शर्माके बोली: धत्त, कुछ भी बोल रहे हैं।
फिर मैंने उसकी चूत मेंअपनी नाक रख दी पैंटी के ऊपर से और उसको सूँघने लगा।
वो बोली: छि डैडी क्या सूंघ रहे है गंदी जगह को।
मैं बोला: इसको तुम गंदी जगह बोलती हो? अरे मर्दों के लिए तो ये जन्नत का दरवाज़ा है जिसके अंदर बस मज़ा ही मज़ा है,हे कहते हुए मैंने उसकी पैंटी के इलास्टिक में उँगलिया डालके पैंटी को नीचे खींचना शुरू किया।उसने भी कमर उठाके मेरा साथ दिया, और मेरे आँखों के सामने उसकी मस्त फुद्दी थी,आहक्या मस्त फूली हुई और साफ़ चिकनी फुद्दी थी। मैंने उसपर उँगलियाँ फेरीं और वो कांप उठी। फिर मैंने उसमें अपना मुँह डाल दिया और उसको चूमने लगा। वो फिर बोली: आऽऽऽऽहहह डैडी, वहाँ क्यों चूम रहे हो, वो गंदी जगह है।
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10-21-2018, 11:54 AM,
#40
RE: Hindi Porn Kahani अदला बदली
मैं बोला: अरे मेरी बच्ची,तुम्हारे बदन का सबसे प्यारा अंग है, इसे तो मैं पूरे समय चूम सकता हूँ। और उसकी टाँगे फैलाकर उसकी चूत चूमते हुए जीभ से चाटने लगा। वो सिसकारियाँ भरने लगी: हाऽऽय्यय डैडी क़याऽऽऽऽऽ कर रहे हो?आह्ह्ह्ह्ह मर जाऊँगीइइइइइइ।
मैं बोला: अच्छा लग रहा है बेटी?
वो बोली: आऽऽऽंब्ब डैडी बहुउउउउत्तत्त अछ्ह्ह्ह्ह्हा लगता है।
फिर मैंने अपना मुँह नीचे करके उसकी गाँड़ के छेद को भी चाटना शुरू किया।
वो चिल्लायी:आह्ह्भ्ह्ह डैडी छीइइइइ वहाँ मत चाटो। हाह्ह्ह्ह्य्य्य्य्य वो तो मतलब वह। से तो मैं चीइइइइइ गंदी जगह है।
मैं उसकी गाँड़ को और ज़ोर से चाटा और बोला: हाँ तुम यहाँसे टट्टी करती हो, यही ना, पर मेरी जान, ये भी मस्त छेद है और इसको चाटने और चोदने में भी बहुत मज़ा आएगा।
वो बोली: आऽऽऽहहहह ऐसा नज़ीर ने तो कभी किया नहीं। मैं वापस उसकी फुद्दी चाटा और बोला:अरे अब मुझसे चूदवाने के बाद तुम नज़ीर को भुला कर मेरी होकर रह जाओगी। अब मैंने उसकी फुद्दीमेंदो उँगलियाँ डाली और उसके दाने को जीभ से रगड़ने लगा। वो ज़ोर से चिल्ल्लायी:आह्ह्ह्ह्ह्ह dasddddyyyyy मेरा हो जाएगा, ह्हाऽऽऽऽयय्यय । फिर मैंने अपने को रोक दिया और अपनी चड्डी से लंड को बाहर निकला और उसकी जाँघों को ऊपर करके उसकी चूत के छेद में अपने लंड का मोटा सुपाडा रखके उसको छेद की लम्बाइ में रगड़ने लगा और उसके दाने पर भी छुआ देता था, वो मज़े से उछल पड़ती थी।फिर मैंने बोला: बेटी, अब क्या करूँ?
वो बोली: हाऽऽऽय्यय डैडी क्यों तड़पा रहे हो, डाल दो ना।
मैं बोला; क्या डाल दूँ और कहाँ डालूँ?
उसने मेरी छाती पर एक हल्का से मुक्का मारा और बोली: आपका लंड मेरी चूत में डाल दीजिए।
मैं मस्ती से भर कर बोला: लो डाल दिया, और मैंने धक्का लगाया और आधा लंड अंदर फँसते हुए चला गया,फिर मैंने एक और धक्का मारा और पूरा लंड पेल दिया। वो आह्ह्ह्ह्ह करके चिल्लायी।मैंने अब उसके ऊपर आकर उसकी चूचियाँ और होंठों पर हमला किया। थोड़ी देर में वो गरम हो गयी अपनी कमर हिलाके बोली: हाय्य्यय डैडी, अब करिए ना।
मैं बोला: क्या करूँ? बोलो अपने मुँह से।
वो बोली: आप बहुत गंदे हैं, मुझसे गंदी बातें बुलवा रहे हैं।अच्छा लीजिए बोल देती हूँ, मेरे अच्छे डैडी जी आप अब मुझे चोद दीजिए और ये कहते हुए उसके मेरे कंधे पर अपने दाँत गड़ा दिए।
मैं मस्त ही गया और उसकी चूदाइ चालू कर दी। मैं पूरा ध्यान दे रहा था की उसको पूरा मज़ा मिले,और वो थोड़ी देर में चिल्लाने लगी: हाऽऽय्यय मेरा होने वाला है, डैडी जीइइइइइइइ ! मैं रुक गया और उसके होंठ चूसने लगा। थोड़ी देर बाद मैंने उसको पूछा: अब रुक गयी हो ना, या झड़ जाओगी?
वो शर्माकर बोली: नहीं अब रुक गया है।
मैंने कहा: तो अब चोदूँ?
वो शर्माकर बोली: जी करिए।
मैं बोला: क्या करूँ?
वो बोली: हाय्यय आप भी ना, चोदीये मुझे और ज़ोर से चोदीये।
मैं अब मस्ती से धक्के मारने लगा, और उसको मैंने कान मेंकहा: तुम भी अपनी कमर उछालो, जब मैं नीचे आता हूँ तुम ऊपर की ओर अपने चूतरोंको उछालो, और जब मैं ऊपर जाऊँ तब तुम भी नीचे जाओ। इस तरह से हमारे लंड और चूत का मिलन ज़बरदस्त होगा। वो बहुत जल्दी कमर उछालना सीख गयी।अब हम चूदाइ का पूरा मज़ा लेने लगे। हर धक्के में हम दोनों मज़े से आवाज़ें निकालते थे।वो अब फिर से चिल्लायी: आह्ह्ह्ह्ह्ह डैडी अब नहीं रुक रहा, मैंने कहा: कोई बात नहीं और ज़ोर ज़ोर से चूदाइ करने लगा।और जल्दी ही हम दोनों साथ में झड़ने लगे।झड़ते हुए वो बड़बड़ा रही थी: हाय्य्यय फाड़ दो मेरी चूत, आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह डैडी क्या मस्त चोद रहें है आप, आह इतना मज़ा आ रहा है, उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़ मैं गइइइइइइइइइइइ और फिर हम दोनों शांत होकर लेट गए, मैंने उसको अपनी बाहों में भरके चूमना चालू किया और उसकी छातियों को भी चूसा ।वो बहुत मस्त थी, बोली: हाय डैडी उसने इतना मज़ा है, मुझे तो ज़रा सा भी इल्म नहीं था, आह ऐसा लगता है कि असली सुहागरत तो आज हो हुई।मैंने प्यार से उसकी चुचि को चूसते हुए कहा: आज से तुम मेरी जान बन गयी ,है ना?
वो मुझसे लिपट गयी और बोली: हाँ जी डैडी, बिलकुल।
मैं बोला: अच्छा बताओ, क्या अच्छा लगा, चूत या गाँड़ चटवाना या चूदवाना ?
वो बोली: सब कुछ, पहले मुझे अजीब लगा की आप गंदी जगह को क्यूँ चाट रहे हैं पर बाद मेंबहुत मज़ा आया।
फिर मैंने उसको कहा: चलो बाथरूम चलते हैं और उसको लेकर बाथरूम में ले गया।फिर उसके सामने मैंने अपना लंड कोमोड की तरफ़ करके मूतना चालू किया,वो हैरानी से देख रही थी, मैंने हाथ पकड़के उसके हाथ में अपना लंड दे दिया।वो मेरे लंड से निकलती धार को देख रही थी।फिर उसने आख़री बूँद के लिए लंड को हिलाया, मैं ख़ुश हो गया।वो धीरे से अब खुल रही थी।फिर फ़्लश करके मैंने उसको कोमोड में बिठाया और मूतने को बोला।वो शर्मा के आँख नीची की पर मूतने लगी।उसकी चूत से सिटी जैसी बज रही थी, जो मुझे मस्त कर रही थी।वो खड़ी हुई और फ़्लश की फिर अपनी चूत धोने के लिए हैंड शॉवर उठाने लगी। मैंने कहा: मेरी जान अब तुम्हारी चूत मैं साफ़ करूँगा,ये कहके मैंने नीचे स्टूल में बैठ गया और उसकी चूत को साबुन पानी से अच्छी तरह से साफ़ किया, फिर उसको घूमकर उसकी गाँड़ की भी अच्छी तरह से सफ़ाई किया।उसके मस्त चूतरों को भी दबा दबा के साफ़ किया।अब मैं खड़े हो गया,और एक तौलिए से उसकी चूत और पिछवाड़े को सुखाया,और उसको बैठने का कहा,वो समझ गई की मैं क्या चाहता हूँ, उसने मेरे लंड और बॉल्ज़ और झाँटों पर साबुन लगाया और अच्छी तरह से सफ़ाई की।फिर मैं ख़ुद ही घूम गया और उसने मेरे चूतरों और गाँड़ की भी सफ़ाई की।अब मैं फिर पलटा और उसको तौलिया दिया तो उसने मेरे सामने और पीछे को सुखाया। अब मैंने अपना लंड अपने हाथ में लेकर उसकी छातियों पर फिराया, वो बैठे बैठे मेरी हरकतों का आनंद ले रही थी। फिर मैंने लंड उसके निपल्ज़ पर रगड़ा।उसके बाद मैंने उसके गालों पर छुआया।वो सिहर उठी, उसे आभास होने लगा था की मैं क्या चाहता हूँ। फिर मैंने लंड का सुपाड़ा उसकी नाक को लगाया।आख़िर में उसके होंठों से सटा कर उसको रगड़ने लगा।थोड़ी देर उसका मुँह बंद था पर फिर खुला और मैंने उसके मुँह में हल्का सा धक्का दिया और सुपाड़ा उसके अंदर चले गया।मैं बोला: बेटी, इसे लॉलीपॉपकी तरह चूसो, तो वो थोड़ा सा चूसी, शायद उसको अच्छा लगा, फिर मैंने उसको कहा कि इसको जीभ से सहलाओ । वो अब जीभ भी फेरने लगी। क़रीब पाँच मिनट की ट्रेनिंग के बाद ही वी मस्ती से मेरा लंड चूसने लगी। मैं हैरान हो गया की ये लौंडिया कितनी जल्दी सब सीख रही है।थोड़ी देर चूस्वाने के बाद मैंने उसको खड़ा किया और बिस्तर पर लेट गया और ६९ की पज़िशन में अपने ऊपर लिटाया। उसको समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या चाहता हूँ, पर जब वो मेरे ऊपर उलटी आयी तो समझ गयी की मैं उसकी चाटूँगा और वो मेरा चूसेगी।फिर मैंने उसके मोटे चूतरों को फैलाकर उसकी चूत और बाद में गाँड़ भी चाटा, और वो मेरे सिखाने पर मेरा लंड और बॉल्ज़ चाट रही थी।थोड़ी देर बाद वो जब मस्त हो गयी तो मैं बोला: बेटी, एक बार और चूदाइ हो जाए?
वो बोली: आह जी डैडी, चोदीये ना प्लीज़!
मैं ख़ुश हो कर बोला: चलो अबकि बार तुम मुझे चोदो।
वो मुझे हैरानी से देख रही थी, तो मैं बोला: अरे तुम घूम जाओ,और मेरी जाँघों पर बैठो। जब वो बैठ गयी, तो मैंने उसे उठाकर अपनी चूत फैलाकर मेरे लंड के ऊपर धीरे से बैठाया।फिर वो ख़ुद ही अपनी कमर नीचेकर के मेरा लंड अंदर कर ली।फिर मैंने उसको ऊपर नीचे होकर मुझे चोदने मो कहा।अब वो मुझपर कूदने लगी और मैंने उसकी उछलती हुई छातियों को दबाना और चूसना चालू कर दिया।मैंने उसको झुकाके उसके होंठ भी चूसे।अब वो मस्ती से मुझे चोद रही थी। मैंने उसकी छातियाँमसलते हुए कहा: बेटी क्या कर रही हो?
वो मस्ती लेते हुए बोली: हाऽऽयय्यय डैडी मैं आपको चोद रही हूँ, आऽऽऽऽऽऽहहहह कितनाऽऽऽऽऽऽऽ माऽऽऽऽ आऽऽऽऽ रहाऽऽ है।डैडी आपका बहुत मस्त लंड है, कितना मोटा है, हाय्य्यय कितना गरम है, मर्र्र्र्र्र्र गीइइइइइइइइइ ,उद्द्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़ ।और चिल्लाते हुए बोली: डैडी मैं झड़ रहीहीहीही हुन्न्न्न्न्न्न।मैंने भी नीचे से धक्के मारे और उसके साथ झड़ने लगा।
फिर वो मेरे ऊपर गिर गई और मैंने उसको बाहों मैंलेकर चूमने लगा।मैंने उसके नितम्बों पर हाथ फेरा और उसको चूमते जा रहा था।

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