Intimate Partners अंतरंग हमसफ़र
03-05-2021, 01:14 PM,
#11
RE: Intimate Partners अंतरंग हमसफ़र
Update 11


अंतरंग हमसफ़र 11- रूबी और रोजी एक साथ.

अंतरंग हमसफ़र पिछले भाग में आपने पढ़ा;

"क्या तुम उस चीज़ को नियंत्रित नहीं कर सकते,"हँसते हुए रोजी ने कहा।


"क्षमा करें, आप जानते हैं कि इसका खुद का दिमाग है। यह आप दोनों के आसपास होने से अब बिलकुल बेकाबू है।"मैंने जवाब दिया, मैं अपनी असहज भावना को छिपाने की कोशिश कर रहा था ।

मैं दीपक आपने मेरी कहानिया झट शादी पट सुहागरात-1-4 में पढ़ा कैसे मेरी सहयोगी प्रीती दुल्हन बन कर सुहागरात मनाने को तैयार हो गयी और उसके बाद मेरी और मेरे घर की देखभाल करने वाली रोजी और रूबी मिली और मेरी पहली चुदाई के बारे में पूछने लगी तो मैंने उसे बताया किस तरह मैं रोज़ी और रूबी से मिला और कैसे मेरी और रोजी की पहली चुदाई हुई और उसके बाद कैसे मैंने रूबी को चोदा और फिर हमारे गाँव के प्रवास के आखिरी दिन जंगल में हमने ग्रुप सेक्स और प्रेमिकाओ की अदला बदली का कार्यक्रम बनाया और रोजी ने हमे अपनी सहेली टीना से मिलवाया और टीना की पहली चुदाई कैसे हुई फिर छोटे योनि के छेद वाली मोना को मैंने चोदा रात में एकबार फिर सबका एक साथ ग्रुप सेक्स हुआ और रोजी मेरे साथ शहर आ गयी उसके बाद मेरी बुआ और उनकी तीन बेटियों लंदन से दिल्ली हमारे घर आये और मैं और मेरी बुआ की सबसे बड़ी बेटी जेन के साथ शाम के समय मैदान में घूमने गया और वहां उससे प्रेम निवेदन किया और रात में रोजी और रूबी के साथ हमारा पहला थ्रीसम शुरू हुआ ( मेरे अंतरंग जीवन की हमसफ़र -1 -10)

अब आगे

रोजी बोली ठीक है हरेक का अपनी भावना व्यक्त करने का और धन्यवाद करने का अलग तरीका है और इसका ये तरीका बहुत शानदार है। ये कह कर रोजी मेरे ऊपर झुकी और मुझे एक बहुत गरमा गर्म लिप किस करि। कुछ देर बाद हमने चुंबन तोड़ दिया तो रूबी ने मजाक में पूछा रोजी मुझे लगता है मुझे भी धन्यवाद देना चाहिए।"

"इसका लाभ उठाएं।"रोजी ने कहा।

उस टिप्पणी के बाद, एक सेकंड के अंदर ही रूबी के होठों ने मेरा एक जबरदस्त चुंबन किया ।

फिर रोजी बोली एक धन्यवाद मेरी तरफ से तो रूबी तुम्हारा भी बनता है जो तुमने मुझे दीपक जी से मिलवाया और प्रेम शास्त्र का अद्भुत अनुभव दिलवाया और रूबी को किश करने लगी ।रूबी भी उसी शिद्दत से रोजी को चूमने लगी । मैंने भी बोला रूबी का धन्यवाद तो मुझे भी देना चाहिए जो मुझे रोजी जैसी शानदार प्रेमिका से मिलवाया और रोजी का धन्यवाद के उसने मुझे इतना शुद्ध निर्मल और स्वार्थ रहित पूर्ण समर्पित प्रेम किया और उन चुम्बन करती हुई बहनो के चुम्बन में मैं भी शामिल हो गया।

इस तरह हमने एक थ्रीसम चुम्बन किया जिसमे तीनो एक दुसरे के ओंठो को चूस रहे थे।. ये बहुत शानदार अनुभव था। मैं रोजी और रूबी का ऊपर का ओंठ चूस रहा था तो रूबी और रोजी मेरा आधा नीचे का ओंठ चूस रही थी और तीनो की जीभे आपस में मिल रही थी। कुछ पता नहीं किसकी जीभ किसके साथ पेच लड़ा रही थी। तीनो की आँखे आनंद में बंद थी।

पता नहीं हम तीनो कितनी देर किस करते रहे। मेरे हाथ उनकी पीठ पर फिरते रहे और पीठ से होकर उनके एक स्तन पर पहुँच कर रोजी के दाए स्तन और रूबी के बाए स्तन से खेलने लग गए।

मेरे लिए ये शानदार सेक्स की सबसे शानदार शुरुआत है जो एक गर्म किश से शुरू होती है। योनि प्रवेश से पहले खुद को हुए अपने साथी को तैयार करना इसमें चूमना किश करना, सहलाना, प्यार करना,. मीठी बाते करना एक अच्छे सेक्स का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा हैl इससे सेक्स का पूरा मजा मिलता है।

रूबी चुम्बन तोड कर सांस लेने के लिए रुकी तो तीनो ने एक दुसरे को देखा तो मैंने उसे वापिस नीचे खींच लिया और हमने दुबारा एक दुसरे को चूमना शुरू कर दिया और रूबी ने मेरी जांघों को रगड़ना शुरू कर दिया। फिर रोजी ने चुंबन तोड़ दिया , मैं रूबी की ओर मुड़ते हुए बोला मुझे लगता है मैं आप दोनों से बेहतर कर सकता हूँ। "

एक धीमी गति से मौन मंजूरी के साथ, रूबी ने उसकी सहमति दे दी है और रोजी ने मुझे एक और गर्म चुंबन दे दिया और जैसे रूबी मेरी जाँघे रगड़ रही थी वैसे ही उसका हाथ भी नीचे पहुँच गया और मेरी कठोर लंड को सहलाते हुए उसने उसे कस कर पकड़ कर दबोच लिया ।

जब रोजी ने अपना चुम्बन तोडा तो रूबी ने भी गर्म चुम्बन से लेकर मेरी छाती को अपने हाथो से सहलाते हुए उसका हाथ भी मेरे लंड पर पहुंचा । उसकी जांघो ने मेरी जांघ को रगड़ा और फिर उसने भी लंड को सहलाते हुए दबोच लिया ।

फिर जब रूबी का चुंबन समाप्त हो गया है, हमने आगे और पीछे एक दूसरे को देखा, ये हमारे लिए एक नया रोमांच था।

10 सेकंड के अंदर ही वे दोनों में झुक कर मेरी गर्दन को चूमने और चाटने लगी और मेरे सारे बदन पर उनके हाथ चल रहे थे फिर जब रोजी मेरी छाती को चूम और चाट रही थी तो रूबी मुझे लिप किश करने लगी । फिर जहाँ रोजी ने छाती को चूमना रोका वही से रूबी मेरी छाती को चूमना और चाटना शुरू कर देती थी और रोजी मुझे लिप कस करने लगी इस तरह बारी बारी से वैकल्पिक चुंबन और मुझे चूमना और चाटना चलता रहा और वह दोनों मेरे निप्पलों से बारी बारी खेलने और चूसने लगी। .ये एक अभूतपूर्व अनुभव था पूरा शरीर कुछ नया अनुभव कर रहा था । एक साथ ओंठो का चुम्बन और छाती के निप्पल को चुसवाना. मेर लंड फुफकार रहा था ।

इसके बाद पता नहीं कब मेरा हर हाथ से एक अलग चूत पर पहुँच गया था और तभी मैंने महसूस किआ कि दो जोड़ी हाथ मेरे बहुत खड़े हुए लंड से खेल रहे हैं।
मैंने शुरू में प्रत्येक चूत को अपने हाथ से सहलाया और फिर उन्हें रगड़ना शुरू कर दिया । जबकि मेरी उंगलियों ने हर एक के अंदर अपना रास्ता ढूंढ लिया। रूबी की चूत के अंदर मेरे एक हाथ की उंगलियाँ थीं, जबकि मेरे दूसरे हाथ की उंगलियाँ रोजी की चूत के अंदर थीं। मैं वो कर रहा था जो मुझे लगता था कि कभी भी नहीं होगा, एक ही समय में दो अलग-अलग महिलाओं की योनियों में अपनी उंगलियों के साथ खेलना । सच में ये एक अद्भुत अनुभव था । इस दौरान हमारी किस चलती रही ।

उनकी चूत पर हाथ फेरने के कुछ ही मिनटों के बाद रूबी और रोजी दोनों ने अपनी स्थिति बदल ली और अपने सिर को मेरे पैर की ओर करके बिस्तर पर लेट गईं। इस बदलाव के बबाद भी वे दोनों मेरे लंड के साथ खेलती रही , और लंड के ऊपर अपने हाथ एक साथ चलाती रही इससे पहले कि मुझे यह समझ आये कि क्या हो रहा है । मैंने महसूस किया कि होंठों की एक जोड़ी ने मेरे लंड को घेर लिया है और नीचे की ओर से उँगलियों से लंड को पकड़ लिया था, जिससे लंड सीधा खड़ा रहे ।

मैंने नीचे देखा और देखा कि रूबी मेरा लंड अपने मुँह में लेकर चूस रही थी जबकि रोजी ने मेरा लंड पकड़ रखा था। रोजी ने रूबी के लिए एक ऐसे स्थिति में मेरा लंड अपने हाथ से उसके बेस पर पकड़ रखा तह जिससे रूबी को लंड चूसने में कोई दिक्कत न हो । इस तरह से रूबी ने मेरे लंड को पहली बार चूसा था । कुछ देर बाद इसी का अनुसरण करते हुए रोजी ने मेरा लंड चूसा और रूबी ने मेरा लंड उसके लिए पकड़ा । इसी तरह दोनों ने कई बार बारी बारी से मेरा लंड चूसा मैं उन्हें मेरा लंड चूसते हुए देखता रहा ।

मेरे लिए ये अद्भुत अनुभव था जब पहली बार इस तरह से मेरा लंड दो लड़कियों ने एक साथ बारी बारी से चूसा हो । फिर उन दोनों ने मेरा लंड अब एकसाथ चूसना शुरू कर दिया । रोजी मेरे लंडमुंड को मुँह में दाल कर चूसने लगी और रूबी बाकी के खड़े हुए कठोर लंड की पूरी लम्बाई को चूसने लगी।

उनका भी पहला थ्रीसम होते हुए भी उनका सामंजस्य अद्भुत था । ऐसा नहीं लग रहा था ये उनका भी पहला थ्रीसम है । फिर दोनों ने आधा आधा लंड चूसना शुरू कर दिया । रोजी ने दायी और से चूसना शुरू किया और रूबी ने बायीं और से चूसना शुरू कर दिया । दोनों ऊपर से शुरू करती फिर लंड पर झीभ फेरते हुए नीचे तक जाती फिर जड़ से वापिस ऊपर तक आती। मैं तो बस जन्नत में था।

फिर मेरा ध्यान मेरे सर के दोनों और उनकी चूत पर गया जो मेरे मुँह के पास थी । दोनों लड़किया इस तरह से लेटी हुई थी के उनकी चुत मेरे मुँह के बिलकुल पास थी ।रोजी की चुत बायीं और और रूबी की चूत सिर के बाईं ओर थीl मुझे केवल अपना सिर एक तरफ से दूसरी तरफ मोड़ना था और मेरा मुंह रूबी और रोजी की चूत पर टिका कर उन्हें बारी बारी चूसने लगा । मैं पहले एक चूत को चूसता और चाटता था फिर सर घुमा कर दूसरी को चूसने और चाटने लगता ।
मैं कई बार आगे पीछे होकर रूबी और रोजी की चुत को बारी बारी चूमता चूसता रहा । मैं उनकी चुत की पूरी लम्बाई और गहराई में अपनी जीभ चला रहा था । मैंने जीभ से उनकी चुत की गहराई की जांच करि । हालाँकि मेरा लंड कई बार उनकी चुत की गहराइयों की जांच कर चूका था पर जीभ से जांच करने का ये अनुभव स्पेशल था । मैंने उसकी चुत को इस प्रकार से चाटा बिल्ली कटोरे से दूध चाट जाती है । मैंने बिल्ली के समान गति का उपयोग करते हुए इसकी गहराई की जांच की।

बीच मैं कभी-कभी उनकी छत के दाने को भी चूसना शुरू कर देता और फिर उनकी योनि के बाहरी होठों की पूरी लंबाई को अपने मुँह में लेकर चूसता और फिर अचानक अपनी जीभ को जितना हो सके उनकी योनि की गहराइयों में घुसा देता था । हालांकि मुझे पता था कि मेरा मुँह दोनों में से किस की चुत पर था पर मैं उन्हें उनके स्वाद से भी बताने में सक्षम था। रोजी की चूत को स्वाद लगभग मीठा और हल्का था; जबकि रूबी की चूत का तीखा और तेज स्वाद था।

उसके बाद हमने स्थिति बदल दी जिसमे रोजी और रूबी दोनों एक-दूसरे के बगल में अपनी पीठ पर लेट गए। इसने मुझे प्रत्येक महिलाओं में से एक के साथ 69 करने की सुविधा दी। जब मेरा चेहरा रूबी या रोजी की चूत पर था, तो मैं उस पर लेट जाता और अपनी जीभ को उनकी चूत में जहाँ तक मैं पहुँच सकता था डाल देता था । वही मेरा लंड उसके मुँह में होता था ।

जिस तरह वो मेरे लंड को चूस रही थी मैं भी उसी तरह उसकी चूत के हिस्सों को अपने मुँह में ले लेता और उसे उसी तरह से चूसता जैसे वो चूस रही थी । पूरे समय यही होता रहा जब वो मेरा लंड मुँह की गहराइयों में लेकर चूसती रही और उसी तरह मैं उसकी चुत चूसता रहा । मैं फिर दूसरी लड़की के साथ ऐसा ही करता हूं, फिर से एक से दूसरे चुत पर बारी बारी से चूसने लगा । जब मैं अपना चेहरा रोजी या रूबी की चूत पर लगा कर चाटता था उसी समय दूसरी की चूत को मेरी उँगलियाँ जितनी हो सकती थीं और उसे अपने हाथ से चोद रहा था। इस दौरान दोनों दो बार झड़ चुकी थी ।

मैं आज दोनों को बराबर समय और प्यार देना चाहता था, तो रोजी बोली अब आप पहले रूबी को चोदिये मैं उसकी चूत का जितना हो सकता था चोदना चाहता था, लेकिन मैं रोजी को यह सोचने के लिए नहीं चाहता था कि मुझे आज केवल रूबी में दिलचस्पी थी। मैंने निश्चय किया मैं जो भी रोजी के साथ किया वही मैं रूबी के साथ करूंगा और मैं रूबी के साथ जो भी करूंगा वही मैं रोजी के साथ भी करूंगा। मैंने उनमें से प्रत्येक के साथ समान व्यवहार करने की कोशिश की।

रूबी और रोजी अपने समय को विभाजित करने के लिए स्वतंत्र थी । उन दोनों की हरकते और मेरे लंड को चूसने का समय अलग अलग था । हम आखिरकार मैं पीठ पर आ गया और रूबी या रोजी मेरे मुँह पर बैठ गयी और मैं उनकी चुत को खाने लगा जबकि इस दौरान दूसरी मेरे लंड को शानदार तरीके से चूसती । फिर उन्हों ने कई बार अपनी स्थिति बदली ताकि मैं उनकी चुत को अछि तरह से चाट सकू और फिर वो मेरा लंड भी चूस सके।

अब चुकी मैं प्रत्येक छोर पर एक समय में मैं एक को ही समायोजित कर सकता था, तो फिर मैंने सुझाव दिया क्यों न त्रिकोण बना कर किया जाए।इससे तीनो के मुँह और जानाँनग का भरपूर उपयोग हो सके, तो मैं साइड पर लेट गया और रूबी ने अपनी चुत मेरे मुँह के पर रखी और अपना मुँह मेरे लैंड के तरफ कर साइड पर लेट गयीl उसके बाद रोजी भी इस तरह से लेटी के मेरा लंड उसके मुँह में था और उसकी चुत रूबी के मुँह के पास थी। अब तीनो के मुँह चल रहे थे।
कुछ देर बाद दोनों ने अपनी स्थिति बदल ली इसके बाद मेरा मुँह रोजी की चुत पर चल रहा था और रोजी का मुँह रूबी की चुत पर था और रूबी का मुँह मेरे लंड पर था ।

इस पूरे समय में यह सब हो रहा था हमारे छह हाथ चार उपलब्ध स्तनों और निप्पल्स के साथ खेल रहे थे। इस तरह हम तीनों ने काफी समय बहुत सारे मौखिक सेक्स के अलावा एक-दूसरे के शरीर के साथ खेलने और और छेड़ छाड में बिताया।

मुझे इनमे से सबसे ज़्यादा मज़ा तब आया, जब रूबी और रोजी दोनों एक साथ अपने मुँह को मेरे लंड के दोनों तरफ रखेंगी और दोनों अपने मुँह को एक साथ ऊपर-नीचे करती थी इस मौके पर उनमें से एक ने मेरे लंड की पूरी लंबाई को अपने मुँह में ले लिया तब भी बहुत मजा आया ।

आगे क्या हुआ ये कहानी जारी रहेगी ..





दीपक

अगले भाग में पढ़े - रूबी और रोजी के साथ सामूहिक सेक्स- अंतरंग हमसफ़र भाग 12

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03-06-2021, 04:59 PM,
#12
RE: Intimate Partners अंतरंग हमसफ़र
Update 11

रूबी और रोजी के साथ सामूहिक सेक्स- अंतरंग हमसफ़र भाग 11

पिछले अंतरंग हमसफ़र भाग 10- रूबी और रोजी एक साथ को आप Update 9 के स्थान   पर Update 10 पढ़े

गतांक से उद्धृत

- "क्या तुम उस चीज़ को नियंत्रित नहीं कर सकते,"हँसते हुए रोजी ने कहा।

"क्षमा करें, आप जानते हैं कि इसका खुद का दिमाग है। यह आप दोनों के आसपास होने से अब बिलकुल बेकाबू है।"मैंने जवाब दिया, मैं अपनी असहज भावना
को छिपाने की कोशिश कर रहा था ।

अब तक का सार

मैं दीपक आपने मेरी कहानिया झट शादी पट सुहागरात-1-4 में पढ़ा कैसे मेरी सहयोगी प्रीती दुल्हन बन कर सुहागरात मनाने को तैयार हो गयी और उसके बाद मेरी और मेरे घर की देखभाल करने वाली रोजी और रूबी मिली और मेरी पहली चुदाई के बारे में पूछने लगी तो मैंने उसे बताया किस तरह मैं रोज़ी और रूबी से मिला और कैसे मेरी और रोजी की पहली चुदाई हुई और उसके बाद कैसे मैंने रूबी को चोदा और फिर हमारे गाँव के प्रवास के आखिरी दिन जंगल में हमने ग्रुप सेक्स और प्रेमिकाओ की अदला बदली का कार्यक्रम बनाया और रोजी ने हमे अपनी सहेली टीना से मिलवाया और टीना की पहली चुदाई कैसे हुई फिर छोटे योनि के छेद वाली मोना को मैंने चोदा रात में एकबार फिर सबका एक साथ ग्रुप सेक्स हुआ और रोजी मेरे साथ शहर आ गयी उसके बाद मेरी बुआ और उनकी तीन बेटियों लंदन से दिल्ली हमारे घर आये और मैं और मेरी बुआ की सबसे बड़ी बेटी जेन के साथ शाम के समय मैदान में घूमने गया और वहां उससे प्रेम निवेदन किया और रात में रोजी और रूबी के साथ हमारा पहला थ्रीसम शुरू हुआ ( मेरे अंतरंग जीवन की हमसफ़र -1 -10)

अब आगे:-

रोजी बोली ठीक है हरेक का अपनी भावना व्यक्त करने का और धन्यवाद करने का अलग तरीका है और इसका ये तरीका बहुत शानदार है। ये कह कर रोजी मेरे ऊपर झुकी और मुझे एक बहुत गरमा गर्म लिप किस करि। कुछ देर बाद हमने चुंबन तोड़ दिया तो रूबी ने मजाक में पूछा रोजी मुझे लगता है मुझे भी धन्यवाद देना चाहिए।"

"इसका लाभ उठाएं।"रोजी ने कहा।

उस टिप्पणी के बाद, एक सेकंड के अंदर ही रूबी के होठों ने मेरा एक जबरदस्त चुंबन किया ।

फिर रोजी बोली एक धन्यवाद मेरी तरफ से तो रूबी तुम्हारा भी बनता है जो तुमने मुझे दीपक जी से मिलवाया और प्रेम शास्त्र का अद्भुत अनुभव दिलवाया और रूबी को किश करने लगी ।रूबी भी उसी शिद्दत से रोजी को चूमने लगी । मैंने भी बोला रूबी का धन्यवाद तो मुझे भी देना चाहिए जो मुझे रोजी जैसी शानदार प्रेमिका से मिलवाया और रोजी का धन्यवाद के उसने मुझे इतना शुद्ध निर्मल और स्वार्थ रहित पूर्ण समर्पित प्रेम किया और उन चुम्बन करती हुई बहनो के चुम्बन में मैं भी शामिल हो गया।

इस तरह हमने एक थ्रीसम चुम्बन किया जिसमे तीनो एक दुसरे के ओंठो को चूस रहे थे।. ये बहुत शानदार अनुभव था। मैं रोजी और रूबी का ऊपर का ओंठ चूस रहा था तो रूबी और रोजी मेरा आधा नीचे का ओंठ चूस रही थी और तीनो की जीभे आपस में मिल रही थी। कुछ पता नहीं किसकी जीभ किसके साथ पेच लड़ा रही थी। तीनो की आँखे आनंद में बंद थी।

पता नहीं हम तीनो कितनी देर किस करते रहे। मेरे हाथ उनकी पीठ पर फिरते रहे और पीठ से होकर उनके एक स्तन पर पहुँच कर रोजी के दाए स्तन और रूबी के बाए स्तन से खेलने लग गए।

मेरे लिए ये शानदार सेक्स की सबसे शानदार शुरुआत है जो एक गर्म किश से शुरू होती है। योनि प्रवेश से पहले खुद को हुए अपने साथी को तैयार करना इसमें चूमना किश करना, सहलाना, प्यार करना,. मीठी बाते करना एक अच्छे सेक्स का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा हैl इससे सेक्स का पूरा मजा मिलता है।

रूबी चुम्बन तोड कर सांस लेने के लिए रुकी तो तीनो ने एक दुसरे को देखा तो मैंने उसे वापिस नीचे खींच लिया और हमने दुबारा एक दुसरे को चूमना शुरू कर दिया और रूबी ने मेरी जांघों को रगड़ना शुरू कर दिया। फिर रोजी ने चुंबन तोड़ दिया , मैं रूबी की ओर मुड़ते हुए बोला मुझे लगता है मैं आप दोनों से बेहतर कर सकता हूँ। "

एक धीमी गति से मौन मंजूरी के साथ, रूबी ने उसकी सहमति दे दी है और रोजी ने मुझे एक और गर्म चुंबन दे दिया और जैसे रूबी मेरी जाँघे रगड़ रही थी वैसे ही उसका हाथ भी नीचे पहुँच गया और मेरी कठोर लंड को सहलाते हुए उसने उसे कस कर पकड़ कर दबोच लिया ।

जब रोजी ने अपना चुम्बन तोडा तो रूबी ने भी गर्म चुम्बन से लेकर मेरी छाती को अपने हाथो से सहलाते हुए उसका हाथ भी मेरे लंड पर पहुंचा । उसकी जांघो ने मेरी जांघ को रगड़ा और फिर उसने भी लंड को सहलाते हुए दबोच लिया ।

फिर जब रूबी का चुंबन समाप्त हो गया है, हमने आगे और पीछे एक दूसरे को देखा, ये हमारे लिए एक नया रोमांच था।

10 सेकंड के अंदर ही वे दोनों में झुक कर मेरी गर्दन को चूमने और चाटने लगी और मेरे सारे बदन पर उनके हाथ चल रहे थे फिर जब रोजी मेरी छाती को चूम और चाट रही थी तो रूबी मुझे लिप किश करने लगी । फिर जहाँ रोजी ने छाती को चूमना रोका वही से रूबी मेरी छाती को चूमना और चाटना शुरू कर देती थी और रोजी मुझे लिप कस करने लगी इस तरह बारी बारी से वैकल्पिक चुंबन और मुझे चूमना और चाटना चलता रहा और वह दोनों मेरे निप्पलों से बारी बारी खेलने और चूसने लगी। .ये एक अभूतपूर्व अनुभव था पूरा शरीर कुछ नया अनुभव कर रहा था । एक साथ ओंठो का चुम्बन और छाती के निप्पल को चुसवाना. मेर लंड फुफकार रहा था ।

इसके बाद पता नहीं कब मेरा हर हाथ से एक अलग चूत पर पहुँच गया था और तभी मैंने महसूस किआ कि दो जोड़ी हाथ मेरे बहुत खड़े हुए लंड से खेल रहे हैं।
मैंने शुरू में प्रत्येक चूत को अपने हाथ से सहलाया और फिर उन्हें रगड़ना शुरू कर दिया । जबकि मेरी उंगलियों ने हर एक के अंदर अपना रास्ता ढूंढ लिया। रूबी की चूत के अंदर मेरे एक हाथ की उंगलियाँ थीं, जबकि मेरे दूसरे हाथ की उंगलियाँ रोजी की चूत के अंदर थीं। मैं वो कर रहा था जो मुझे लगता था कि कभी भी नहीं होगा, एक ही समय में दो अलग-अलग महिलाओं की योनियों में अपनी उंगलियों के साथ खेलना । सच में ये एक अद्भुत अनुभव था । इस दौरान हमारी किस चलती रही ।

उनकी चूत पर हाथ फेरने के कुछ ही मिनटों के बाद रूबी और रोजी दोनों ने अपनी स्थिति बदल ली और अपने सिर को मेरे पैर की ओर करके बिस्तर पर लेट गईं। इस बदलाव के बबाद भी वे दोनों मेरे लंड के साथ खेलती रही , और लंड के ऊपर अपने हाथ एक साथ चलाती रही इससे पहले कि मुझे यह समझ आये कि क्या हो रहा है । मैंने महसूस किया कि होंठों की एक जोड़ी ने मेरे लंड को घेर लिया है और नीचे की ओर से उँगलियों से लंड को पकड़ लिया था, जिससे लंड सीधा खड़ा रहे ।

मैंने नीचे देखा और देखा कि रूबी मेरा लंड अपने मुँह में लेकर चूस रही थी जबकि रोजी ने मेरा लंड पकड़ रखा था। रोजी ने रूबी के लिए एक ऐसे स्थिति में मेरा लंड अपने हाथ से उसके बेस पर पकड़ रखा तह जिससे रूबी को लंड चूसने में कोई दिक्कत न हो । इस तरह से रूबी ने मेरे लंड को पहली बार चूसा था । कुछ देर बाद इसी का अनुसरण करते हुए रोजी ने मेरा लंड चूसा और रूबी ने मेरा लंड उसके लिए पकड़ा । इसी तरह दोनों ने कई बार बारी बारी से मेरा लंड चूसा मैं उन्हें मेरा लंड चूसते हुए देखता रहा।

मेरे लिए ये अद्भुत अनुभव था जब पहली बार इस तरह से मेरा लंड दो लड़कियों ने एक साथ बारी बारी से चूसा हो । फिर उन दोनों ने मेरा लंड अब एकसाथ चूसना शुरू कर दिया । रोजी मेरे लंडमुंड को मुँह में दाल कर चूसने लगी और रूबी बाकी के खड़े हुए कठोर लंड की पूरी लम्बाई को चूसने लगी।

उनका भी पहला थ्रीसम होते हुए भी उनका सामंजस्य अद्भुत था । ऐसा नहीं लग रहा था ये उनका भी पहला थ्रीसम है । फिर दोनों ने आधा आधा लंड चूसना शुरू कर दिया । रोजी ने दायी और से चूसना शुरू किया और रूबी ने बायीं और से चूसना शुरू कर दिया । दोनों ऊपर से शुरू करती फिर लंड पर झीभ फेरते हुए नीचे तक जाती फिर जड़ से वापिस ऊपर तक आती। मैं तो बस जन्नत में था।

फिर मेरा ध्यान मेरे सर के दोनों और उनकी चूत पर गया जो मेरे मुँह के पास थी । दोनों लड़किया इस तरह से लेटी हुई थी के उनकी चुत मेरे मुँह के बिलकुल पास थी ।रोजी की चुत बायीं और और रूबी की चूत सिर के बाईं ओर थीl मुझे केवल अपना सिर एक तरफ से दूसरी तरफ मोड़ना था और मेरा मुंह रूबी और रोजी की चूत पर टिका कर उन्हें बारी बारी चूसने लगा । मैं पहले एक चूत को चूसता और चाटता था फिर सर घुमा कर दूसरी को चूसने और चाटने लगता ।

मैं कई बार आगे पीछे होकर रूबी और रोजी की चुत को बारी बारी चूमता चूसता रहा । मैं उनकी चुत की पूरी लम्बाई और गहराई में अपनी जीभ चला रहा था । मैंने जीभ से उनकी चुत की गहराई की जांच करि । हालाँकि मेरा लंड कई बार उनकी चुत की गहराइयों की जांच कर चूका था पर जीभ से जांच करने का ये अनुभव स्पेशल था । मैंने उसकी चुत को इस प्रकार से चाटा बिल्ली कटोरे से दूध चाट जाती है । मैंने बिल्ली के समान गति का उपयोग करते हुए इसकी गहराई की जांच की।

बीच मैं कभी-कभी उनकी छत के दाने को भी चूसना शुरू कर देता और फिर उनकी योनि के बाहरी होठों की पूरी लंबाई को अपने मुँह में लेकर चूसता और फिर अचानक अपनी जीभ को जितना हो सके उनकी योनि की गहराइयों में घुसा देता था । हालांकि मुझे पता था कि मेरा मुँह दोनों में से किस की चुत पर था पर मैं उन्हें उनके स्वाद से भी बताने में सक्षम था। रोजी की चूत को स्वाद लगभग मीठा और हल्का था; जबकि रूबी की चूत का तीखा और तेज स्वाद था।

उसके बाद हमने स्थिति बदल दी जिसमे रोजी और रूबी दोनों एक-दूसरे के बगल में अपनी पीठ पर लेट गए। इसने मुझे प्रत्येक महिलाओं में से एक के साथ 69 करने की सुविधा दी। जब मेरा चेहरा रूबी या रोजी की चूत पर था, तो मैं उस पर लेट जाता और अपनी जीभ को उनकी चूत में जहाँ तक मैं पहुँच सकता था डाल देता था । वही मेरा लंड उसके मुँह में होता था ।

जिस तरह वो मेरे लंड को चूस रही थी मैं भी उसी तरह उसकी चूत के हिस्सों को अपने मुँह में ले लेता और उसे उसी तरह से चूसता जैसे वो चूस रही थी । पूरे समय यही होता रहा जब वो मेरा लंड मुँह की गहराइयों में लेकर चूसती रही और उसी तरह मैं उसकी चुत चूसता रहा । मैं फिर दूसरी लड़की के साथ ऐसा ही करता हूं, फिर से एक से दूसरे चुत पर बारी बारी से चूसने लगा । जब मैं अपना चेहरा रोजी या रूबी की चूत पर लगा कर चाटता था उसी समय दूसरी की चूत को मेरी उँगलियाँ जितनी हो सकती थीं और उसे अपने हाथ से चोद रहा था। इस दौरान दोनों दो बार झड़ चुकी थी ।

मैं आज दोनों को बराबर समय और प्यार देना चाहता था, तो रोजी बोली अब आप पहले रूबी को चोदिये मैं उसकी चूत का जितना हो सकता था चोदना चाहता था, लेकिन मैं रोजी को यह सोचने के लिए नहीं चाहता था कि मुझे आज केवल रूबी में दिलचस्पी थी। मैंने निश्चय किया मैं जो भी रोजी के साथ किया वही मैं रूबी के साथ करूंगा और मैं रूबी के साथ जो भी करूंगा वही मैं रोजी के साथ भी करूंगा। मैंने उनमें से प्रत्येक के साथ समान व्यवहार करने की कोशिश की।

रूबी और रोजी अपने समय को विभाजित करने के लिए स्वतंत्र थी । उन दोनों की हरकते और मेरे लंड को चूसने का समय अलग अलग था । हम आखिरकार मैं पीठ पर आ गया और रूबी या रोजी मेरे मुँह पर बैठ गयी और मैं उनकी चुत को खाने लगा जबकि इस दौरान दूसरी मेरे लंड को शानदार तरीके से चूसती । फिर उन्हों ने कई बार अपनी स्थिति बदली ताकि मैं उनकी चुत को अछि तरह से चाट सकू और फिर वो मेरा लंड भी चूस सके।

अब चुकी मैं प्रत्येक छोर पर एक समय में मैं एक को ही समायोजित कर सकता था, तो फिर मैंने सुझाव दिया क्यों न त्रिकोण बना कर किया जाए।इससे तीनो के मुँह और जानाँनग का भरपूर उपयोग हो सके, तो मैं साइड पर लेट गया और रूबी ने अपनी चुत मेरे मुँह के पर रखी और अपना मुँह मेरे लैंड के तरफ कर साइड पर लेट गयीl उसके बाद रोजी भी इस तरह से लेटी के मेरा लंड उसके मुँह में था और उसकी चुत रूबी के मुँह के पास थी। अब तीनो के मुँह चल रहे थे।
कुछ देर बाद दोनों ने अपनी स्थिति बदल ली इसके बाद मेरा मुँह रोजी की चुत पर चल रहा था और रोजी का मुँह रूबी की चुत पर था और रूबी का मुँह मेरे लंड पर था ।

इस पूरे समय में यह सब हो रहा था हमारे छह हाथ चार उपलब्ध स्तनों और निप्पल्स के साथ खेल रहे थे। इस तरह हम तीनों ने काफी समय बहुत सारे मौखिक सेक्स के अलावा एक-दूसरे के शरीर के साथ खेलने और और छेड़ छाड में बिताया।

मुझे इनमे से सबसे ज़्यादा मज़ा तब आया, जब रूबी और रोजी दोनों एक साथ अपने मुँह को मेरे लंड के दोनों तरफ रखेंगी और दोनों अपने मुँह को एक साथ ऊपर-नीचे करती थी इस मौके पर उनमें से एक ने मेरे लंड की पूरी लंबाई को अपने मुँह में ले लिया तब भी बहुत मजा आया ।

आगे क्या हुआ ... ये कहानी जारी रहेगी ..


अगले भाग में  रूबी और रोजी के साथ सामूहिक सेक्स की कहानी जारी  रहेगी- अंतरंग हमसफ़र भाग 12


दीपक
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03-07-2021, 05:56 PM,
#13
RE: Intimate Partners अंतरंग हमसफ़र
Update 12

रूबी और रोजी के साथ सामूहिक सेक्स- अंतरंग हमसफ़र भाग 12



अंतरंग हमसफ़र भाग 11 में आपने पढ़ा;

कुछ देर बाद दोनों ने अपनी स्थिति बदल ली इसके बाद मेरा मुँह रोजी की चुत पर चल रहा था और रोजी का मुँह रूबी की चुत पर था और रूबी का मुँह मेरे लंड पर था ।

इस पूरे समय में यह सब हो रहा था हमारे छह हाथ चार उपलब्ध स्तनों और निप्पल्स के साथ खेल रहे थे। इस तरह हम तीनों ने काफी समय बहुत सारे मौखिक सेक्स के अलावा एक-दूसरे के शरीर के साथ खेलने और और छेड़ छाड में बिताया।

मुझे इनमे से सबसे ज़्यादा मज़ा तब आया, जब रूबी और रोजी दोनों एक साथ अपने मुँह को मेरे लंड के दोनों तरफ रख और दोनों अपने मुँह को एक साथ ऊपर-नीचे करती थीl इस मौके पर उनमें से एक ने मेरे लंड की पूरी लंबाई को अपने मुँह में ले लिया तब भी बहुत मजा आया।

मैं दीपक आपने मेरी कहानिया "झट शादी पट सुहागरात-1-4" में पढ़ा कैसे मेरी सहयोगी प्रीती दुल्हन बन कर सुहागरात मनाने को तैयार हो गयीl उसके बाद मेरी और मेरे घर की देखभाल करने वाली रोजी और रूबी मिली और मेरी पहली चुदाई के बारे में पूछने लगी, तो मैंने उसे बताया किस तरह मैं रोज़ी और रूबी से मिला, कैसे मेरी और रोजी की पहली चुदाई हुईl उसके बाद कैसे मैंने रूबी को चोदाl फिर हमारे गाँव के प्रवास के आखिरी दिन जंगल में हमने ग्रुप सेक्स और प्रेमिकाओ की अदला बदली का कार्यक्रम बनायाl रोजी ने हमे अपनी सहेली टीना से मिलवाया और टीना की पहली चुदाई कैसे हुईl फिर छोटे योनि के छेद वाली मोना को मैंने चोदाl रात में एकबार फिर सबका एक साथ ग्रुप सेक्स हुआ, और रोजी मेरे साथ शहर आ गयीl उसके बाद मेरी बुआ और उनकी तीन बेटियों लंदन से दिल्ली हमारे घर आयेl मैं मेरी बुआ की सबसे बड़ी बेटी जेन के साथ शाम के समय मैदान में घूमने गया और वहां उससे प्रेम निवेदन किया और रात में रोजी और रूबी के साथ हमारा पहला थ्रीसम शुरू हुआ ( अंतरंग हमसफ़र भाग -1 -11)l

अब आगे:-

रोजी ने आखिरकार मुझसे कहा कि मुझे उसकी चुदाई करने से पहले रूबी को चोदना चाहिए। मुझे इस बात का इंतज़ार था, कि हम दोनों साथ-साथ रहें क्योंकि थ्रीसम का पूरा इरादा मेरे लिए रोजी और रूबी दोनों को चोदना था। मुझे पता था कि मेरा लंड त्यार था उस की चूत में घुसने के लिए और दोनों की जबरदस्त चुदाई करेगा

रोजी बिस्तर पर इस तरह से बैठ गयी ताकि वह मेरे लंड रूबी की योनि के अंदर जाते हुए आसानी से देख सकेl मैं अभी भी अपनी पीठ पर था और मेरे लंड की पूरी लंबाई रूबी के मुँह में थी। उसके बाद रूबी ने मेरे लंड को अपने मुंह से निकाला, मेरे कूल्हों के दोनों ओर एक एक पैर करते हुए खुद को खड़ा किया और और फिर नीचे बैठते हुए उसने मेरा लंड अपनी चूत में लेने के लिए तैयार किया।

रोजी ने मेरा लंड रूबी की चूत के द्वार पर लगा दिया। जब उसने खुद को मेरे लंड पर उतारा तो रूबी की चुत मेरे लंड को पूरा निगल गयी। रूबी की चूत अब पूरी तरह से मेरे लंड के चारों ओर लिपटी हुई थी। मैंने महसूस किया रूबी की चूत की योनि मोना की चुत जैसी ही टाइट हो गयी थी और उससे पहले मैंने जिस रूबी की चुदाई की थी, ये उससे बहुत टाइट हो गयी थीl मुझे लगा ये लड़की वह नहीं थी जिसे उससे पहले मैंने चोदा था। मैं काफी हैरान था पर उसकी टाइट चुत के कारण बहुत मजा आ रहा थाl ऐसा लग रहा था की आज मैं उसे पहली बार चोद रहा थाl

मेरे लंड पर बैठ कर जिस तरह से उसने उस दिन थ्रीसम के दौरान मुझे चोदा, तो मुझे कुछ नहीं करना था, बस वहीं लेटा रहा, और चुदाई का मजा ले रहा था। वो भी मेरे लंड को अपने अंदर लेने के एहसास को महसूस कर मजे ले रही थी और मुझे अपनी चूत को देने का आनंद ले रही थी। कुछ देर तक वो ऊपर नीचे होती रहीl इस तरह चोदने का आनंद लेने के बाद मैं भी उससे मिलने के लिए नीचे से अपने चूतड़ उठा कर जोर लगाने लगाl जब भी उसकी चूत नीचे और मेरे लंड के आसपास आती थी. मैं भी नीचे से एक धक्का ऊपर को लगा देता था. जिससे उसकी आह निकल जाती थी । फिर तो हम रिदम में ताल से ताल मिला कर चुदाई करने लगे जब मैं इस तरह रूबी को चोद रहा था. तो रोजी मेरे लंड को रूबी के अंदर बाहर जाते हुए देखने के लिए बगल में लेटी हुई थी ।

फिर रोजी उठी और मेरे लैंड को नीचे आकर मेरे अंडकोषों को चूमने लगी, और साथ के साथ जब रूबी ऊपर होती तो वो मेरे लंड को भी चूमने लगी और बीच बीच में रूबी की चूत को भी चूम लेती थीl इस तरह से रूबी की चुदाई का मजा दोगुना हो गया और इस बीच मैं उसके स्तनों से खेलता रहा कुछ देर बाद मेरे लंड के प्रहारों और रोजी के चूमने के कारण रूबी झड़ गयी और मेरे ऊपर हो होl आह! आह! ओह्ह! ओह्ह! करती गिर गयी ।

और इस तरह आखिरकार रूबी ने मुझे चोदना बंद कर दिया और नीचे उतर कर लेट गयी मैं अपनी पीठ से उठ गया और खुद रोजी के ऊपर आ गया । मैंने धीरे से उसकी बहुत गीली हो चुकी चूत में प्रवेश किया जो चुदाई के लिए एकदम तैयार थी। मैं चुदाई के दौरान उसकी चूत के भीतर हर लहर महसूस कर पा रहा था क्योंकि मैंने अपना पूरा लंड उसकी गहराइयों में सरका दिया था । इस तरह से मैंने रोजी को काफी देर तक चोदा।

मुझे जल्द ही पता चला कि रूबी की चुदाई के पसंदीदा आसन पीठ के बल लेटते हुए पैर फैला कर ऊपर उठा कर, चुदाई करवाना है। इस आसन में जब हमने चुदाई की तो मैं उसके ऊपर था इस पोज़िशन मैं उसके ऊपर था और मेरा लंड उसकी चूत में गहराई तक घुस गया। जब मैं रूबी को चोद रहा था, तो रूबी हमारे बगल में लेटी हुई. मुझे रूबी की चुदाई करते हुए देख रही थी और गर्म से गर्मतर हो रही थी

मैंने थोड़ी देर के लिए रूबी की चुदाई की और फिर अपना ध्यान रोजी की तरफ किया और रोजी को चोदने लगा और रूबी हमे देखने लगी । रोजी अपनी पीठ पर थी उसने अपने पैरों को ऊपर खींचा और घुटनों पर झुकाते हुए उन्हें दूर तक फैलाया और उसकी चुदाई करनी शुरू कर दीl इसने मेरे लंड को रोजी की चूत में गहराई तक घुसने दिया।

जब मैं रोजी को चोद रहा था रूबी लगातार हम दोनों को छू रही थी उसने पूरे समय हमारी चुदाई को देखा। कभी-कभी रूबी भी रोजी की चूत पर हाथ रख देती थी और रोजी को चोदते समय मेरे लंड को छू लेती थी। मुझे सहलाने और चुम्बन करने के बावजूद उसके हाथ मुख्य रूप से रोजी के निप्पल्स के साथ खेल रहे हैं और उसे चुंबन कर रहे थे । इस बीच मैं लंड को आगे पीछे करता रहा और फिर थोड़ी देर के लिए रोजी को चोदता रहा। .

फिर मैंने नए नए प्रयोग करना शुरू कर दिया जो मैं अगर मेरे पास चुदाई करने के लिए दो छूटे हो तो उनके साथ करने की सोच सकता था । उन दोनों ने उनकी पीठ के बल साथ साथ लेटाकर मैं पहले एक से चोदता और फिर दूसरी को । फिर मैं भी दोनों में से एक को चोदता और अपना चेहरा दूसरी की चूत में घुसा देता । फिर मैं लड़की बदल देता और जिसे छोड़ता था उसकी चूत को चूसता और दूसरी की चूत को चोदने लगा ।

जब मैं इनकी भगनासा को उसी तरह से चूसता था जिस तरह से वे पहले मेरा लंड चूसते रहे थे तो वे दोनों बेकाबू हो गयी । इसके इलावा जब मैं रूबी या रोजी को छोड़ता था तो उसे चोदने के दौरान दूसरी की चूत को चूसूंने लगा । उसके बाद बदल कर फिर मैं जिसको चोद रहा था उसकी चूत को चूसूंगा और जिसे चूस रहा था उसे चोदने लगता था ।

इन सब पर मैं पहले दोनों में से एक को चोदता और फिर दूसरे को और फिर ऐसा करते हुए दोनों को कई बार चोदता। ऐसा मैंने कई बार किया । जितनी बार मैं उनमें से एक को चोद रहा था, उतनी ही बार मेरा हाथ उसकी चूत में ज्यादा से ज्यादा छेद चाँद करता था या मैं उसकी क्लिटोरिस से खेलता था । मैं कभी-कभार महसूस करता हूँ कि जो मुझ से चुद नहीं रही होती थी, वह कभी कभी मेरे लंड और चुद रही चूत को छू रहा होता थाl इस दौरान दोनों लड़किया कई बार झड़ीl जो झड़ जाती थी उसे छोड़ कर मैं दूसरी को चोदने लग जाता था ।

मुझे आज तक इस बात का कोई अंदाजा नहीं है कि मैं उन्हें एक साथ इस तरह से चोदना चाहता थाl इस तरह बार बार चोदते हुए उन दोनों को बिना एक भी बार झड़े नॉन स्टॉप ओरल सेक्स करते हुए उन्हें चार घंटे तक चोद पाया और मैं झड़ने के कगार पर पहुँच गया। पता नहीं ये बीच बीच में पार्टनर बदल लेने का परिणाम था या भवनाओ का अतिरेक या उस दिन कोई जादू हुआ था।

जब मेरा लंड रूबी की चूत के अंदर था और रोजी ने देखा कि मैं झड़ने के करीब था तो वह बिस्तर पर एक तरफ हो गयी और हमे देखने लगी, जहाँ उसने मेरे द्वारा रूबी को चोदने और उसके अंदर झड़ने के लिए मेरा इंतजार किया। रोजी द्वारा हमें अकेला छोड़ने का इरादा मुझे रूबी के साथ अकेले रहने की अनुमति देता था ताकि हम एक-दूसरे को निजी तौर पर चोदते हुए चरमोत्कर्ष प्राप्त कर सके।

हालाँकि मुझे ज्यादा अच्छा लगता अगर रोजी उस समय जब मैं रूबी की चूत में झड़ने लगता, तो रोजी मेरे पास रहती और मुझे छूती चूमती और सहलाती। रोजी के एक तरफ हो जाने के बाद मैंने एक बार फिर खुद को रूबी की सीधी टांगों के बीच फँसा लिया और अपना लंड उसकी इंतज़ार करती हुई चूत में सरका दिया।
मैंने उसे इस प्रकार चोदना शुरू किया जैसे उसे उस रात में आखिरी बार चोद रहा हूँ। मैं रूबी को सबसे अच्छी चुदाई देना चाहता था जो कि मैं उसे बहुत मजबूत संभोग बनाकर करने में सक्षम था। मैं भी रूबी को चोदने की अपनी क्षमता से प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था और उसे दिखाना चाहता था कि चाहे वह कितने भी लड़को से चुदवा चुकी हो, मैं चुदाई करने में उन सबसे अच्छा और बेहतर था। उसके बाद मैंने रूबी की चूत में कस कस कर लम्बे लम्बे शॉट लगाए जिससे उसका पूरा बदन हिल जाता था और हर शॉट के साथ उसकी एक जोरदार आह निकलती थीl

इस जबरदस्त चुदाई से जैसे ही रूबी अपने कामोन्माद के पास पहुंची, उसने अपने हाथ ऊपर उठाते हुए उसके सिर पर वापस फेंक दिए और बिस्तर के हेडबोर्ड पर पकड़ लिया और जोर से कराहने लगी। उसने हेडबोर्ड पर अपनी पकड़ तब तक जारी राखी जब तक कि हम दोनों एक साथ नहीं चरमोत्कर्ष पर नहीं पहुँच गए। रूबी अब अपने शरीर पर पूरा नियंत्रण खो चुकी थी और एक जंगली चुदाई की मशीन बन गई थी। वह उस मुकाम पर पहुंच गई थी, जहां सिर्फ दो चीजें मौजूद थीं, उसकी चूत और मेरा लंड जो उसकी चूत को चोद रहा था ।

उस समय मैं उसे ऐसे चोद चोद रहा था जैसे कि वह फिर कभी नहीं चुदी होगी और चिल्लाने लगी "दे दो बेबी। यह मुझे दे दो बेबी। और जोर से । " मैं आज उस लड़की को खुल कर चोद रहा था जिसे मैंने सबसे पहले अपने फूफेरे भाई बॉब से चुदते हुए देखा था और पूरी तरह से उसके साथ चुदाई का आनंद ले रहा था
क्योंकि मैं उसे वही दे रहा हूं जो वह चाहती है। "

मैं अपने नीचे मेरी जबरदस्त चुदाई के कारण हो रही रूबी के शरीर की प्रतिक्रिया को महसूस कर रहा था क्योंकि उसका शरीर कांपने लगा वह एक जबरदस्त ओर्गास्म अनुभव कर रही थीl उसने मेरे लंड को अपने जलाशय के अमृत से पूरा नहला दिया। लगभग उसी के साथ रूबी ने ऐसे चिल्लाना शुरू किया जैसे उसे बहुत तीव्र दर्द हो रहा हो । रूबी की उस कम्पन भरी चिल्लाहट से चार घंटे से ज्यादा देर से उत्तेजित मेरे लंड ने भी रूबी की चूत में बड़ी भारी मात्रा में लावे का विस्फोट कर दियाlजिसके बाद मेरे आधा दर्जन अतिरिक्त डिस्चार्ज और थे, प्रत्येक पूर्ववर्ती की तुलना में मात्रा में छोटे थे । रूबी की चूत में मेरे आखिरी शॉट के साथ मैंने कुछ शॉट और लगाए और उसके बाद उसके ऊपर गिर गया, थक गया। उसकी आश्चर्यजनक रूप से कसी हुई चूत के कारण रूबी ने मुझे एक बहुत अच्छी चुदाई का भरपुर मजा दिया ।

हम दोनों कुछ देर तक एक दुसरे की बाहों में बिस्तर पर लेट, वह मुझे पकड़ कर आलिंगन करती रही और हम चुंबन का आदान-प्रदान करते रहे । रूबी कुछ देर वैसे ही लेते रहना चाहती थी और एक दुसरे की बाहो में लिपटे हुए चुंबन कर रही थी जैसे हम दोनों अमर प्रेमी हो ।

जब हम्मारी साँसे कुछ संयत हुई तो रोजी और मैं आखिरकार बिस्तर से उठ गए तो रोजी जो हमे देख रही थी और हमारा इंतजार कर रही रोजी ने हमें उसके चेहरे पर मुस्कान के साथ अभिवादन किया और मुझसे कहा, "क्या आपको रूबी को चोदने में मज़ा आया?" जिस पर मैंने जवाब दिया, "बेशक।" उसकी अगली टिप्पणी थी, "मुझे यह नहीं पूछना है कि क्या रूबी को मज़ा आया। मैंने यह सुना।" हम तीनों के बीच थोड़ी सी बातचीत हुई और यह निर्णय लिया गया कि हमें अक्सर थ्रीसम के लिए मिलते रहना चाहिए । फिर रूबी बोली अगर अब आप चाहते हैं तो कुछ देर आराम कर लीजिये या एक बार रोजी को भी चोद लीजिये
भले ही मैं रूबी और रोजी दोनों को चोदने से थक गया था, और विशेष रूप से रूबी को , मैंने एक बार रोजी की चूत में लंड घुसा दिया और उसे चोदना शुरू कर दिया। हम वहां अंधेरे में लेटे रहे, एक-दूसरे से प्यार करते रहे, और फिर तीनो साथ में जो हुआ था उसके बारे में बात करते हुए चिपक कर सो गए।
अगली सुबह रूबी अपने कमरे में चली गयीl अगला दिन मौसम शानदार था और मैंने रोजी से कहा शायद आज कमरे में कोई मेहमान आएगा. तो जरूरी व्यवस्था कर देना जैसे ही नाश्ता खत्म हुआ तो बुआ और फूफा किसी रिश्तेदार से मिलने चले गए और बाकी लोग अपने पूर्व निर्धारित कार्य बॉब पुस्तक पढ़ रहा था, टॉम बिस्तर पर था , और जेन की बहने TV. देखने में व्यस्त हो गयीl

मैंने और जेन ने टहलना शुरू कर दिया, विशेष रूप से मेरे दिमाग में था की बुआ और फूफा लंच के लिए वापस आ सकते हैं ।

मैं और मेरी खूबसूरत फूफेरी बहन के साथ बगीचे से आगे और मैदान से बाहर निकल गए, मैंने उसकी तारीफ करनी शुरू कर दी थी और धीरे धीरे हमारी बातचीत बहुत गर्म हो गई, और शर्म के मारे जेन का चेहरा उसके दौड़ते गर्म खून के कारण सुर्ख लाल हो गया ।

" आप बहुत बदमाश हो गए है दीपक। जब हम पहले यहाँ आये थे तो आप इतने अशिष्ट लड़के नहीं थे। मुझे आपके बात करने के तरीके पर शरम आ रही है, दीपक!" वह आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ती हुई बोली।

" मेरी प्यारी, जेन," मैंने जवाब दिया, "सुंदर लड़कियों, सुंदरियों की शानदार टाँगे उनके पैरों और सुन्दर उन्नत छातियों की, और उन सभी के बारे में और उनके साथ मस्ती करने और मस्ती की बात करने के ज्यादा और अधिक सुखदायक क्या हो सकता है?

मैं आपको बता नहीं सकता मैं आपकी ख़ूबसूरती का कैसा दीवाना हो गया हूँ कल के बाद से आज मैं आपके ही खयालो में डूबा रहा हूँ मैं आपके खूबसूरत टांगो की एक झलक देखने को बेकरार हूँ जिनकी मुझे एक झलक मिली है और मैं यही सोच रहा हूँ के आपकी ख़ूबसूरती को किस तरह से प्यार करना चाहिए?"

ये कह कर मैं एक छायादार पेड़ के नीचे रुक गया और उसे अपने पास खींच लिया, फिर वही घास का मैदान जो की पेड़ो के झुरमुट में छिपा हुआ था उसमे लेट कर, अपने पास घास पर नीचे, आधे मन से विरोध करती हुई जेन को अपने पास खींच लिया , और उसको ओंठो पर पूरी शिद्दत के साथ चूमने के बाद मैं बड़बड़ाया, "ओह! जेन, आपका चुम्बन बिलकुल आपकी ही तरह मीठा है, मीठे प्यार की तरह जीने लायक कुछ और भी है क्या?"

उसके होंठ मुझे एक उग्र आलिंगन में मिले थे, लेकिन अचानक खुद को मुझ से अलग करते हुए, उसकी आँखें नीचे झुक गईं, और भयानक रूप से हतोत्साहित दिखते हुए, उसने हकलाते हुए कहा, "यह क्या है? तुम्हारा क्या मतलब है, दीपक?"

"आह, मेरी प्यारी जेन, तुम इतनी मासूम तो नहीं हो? तुम देखो इधर प्रेम औजार तुम्हारी गदरायी जाँघों के बीच समाने के लिए बेताब हैl " मैं फुसफुसाते हुए ,उसका हाथ पकड़ कर मेरे लंड पर जिसे मैंने पेण्ट की ज़िप से बाहर निकाल लिया था और अब तक पूरा कठोर हो चूका थाl उस पर रख कर बोला " इसे अपने हाथ में पकड़ लो, प्रिय, क्या यह संभव है कि आप यह नहीं समझती कि यह किस लिए है?"

उसका चेहरा उसके बालों की जड़ों तक लाल हो गया था, क्योंकि उसके कांपते हुए हाथ ने मेरे उपकरण को पकड़ लिया था, और उसकी आँखें लंड श्री के अचानक स्पष्ट होने पर डर के मारे लाल हो गयी थी। वह डर भी रही थी और हैरान भी हो रही थी और इसके मुँह से बस इतना निकला "ओह माय गॉड! इतना बड़ा! " और उसका हाथ मेरे लंड के ऊपर ऐसे सरक रहा था जैसे वह माप ले रही होl उसके बाद वो आवाक सी मेरे लंड् को ताकने लगी . मैंने उसके अवाक भ्रम का फायदा उठाते हुए, उसकी लाल लंग की स्कर्ट के अंदर नीचे फिसलते हुए, जल्द ही उसके जांघो के बीच के जगह पर कब्जा कर लिया, और उसकी जांघों के घबराहट भरे संकुचन के बावजूद, मेरी उंगलियों ने अग्रदूत की तरह उसकी कुंवारी भगशेफ की खोज शुरू की ली । उसने अपनी जाँघे कस कर भींच ली ।

"आह! ओह! ओह! नहीं प्लीज दीपक नहीं वहां नहीं? आप क्या चाहते हो? आप क्या खोज रहे हो?"

उसे नए सिरे से सुस्वाद चुंबन के साथ उसे अपने साथ लपेटते हुए , उसके होंठ के बीच मेरी जीभ की मखमली अगले हिस्से को घुसाते हुए मैं फिर से फुसफुसाया

"यह सब प्यार है , प्रिय जेन , प्लीज अपनी जांघों को थोड़ा सा खोलिये और मेरी ऊँगली आप को मजे का अद्भुत अनुभव देगी ।"

"ओह! ओह! नहीं आप चोट करेंगे और मुझे दर्द होगा!" वह बोलने के बजाए आहें भरती दिख रही थी, लेकिन चुम्बन से मिलने वाले आनंद से उसके पैरों ने अपने अकड़ने वाले संकुचन को थोड़ा ढीला कर दिया था।

मेरे होंठ उसके ओंठो के साथ चिपके रहे, हमारी भुजाओं ने एक दूसरे को कमर के करीब से जकड़ा हुआ था, उसका हाथ मेरे कठोर लंड की ऐंठन को पकडे हुए था, जबकि मेरे दुसरे हाथ की उंगलियां क्लिटोरिस और उसकी योनि के साथ व्यस्त थींl उस समय केवल हमारे चुंबन और हमारी आह की आवाज ही वहां सुनाई दे रही थीl ये तब तक चलता रहा जब तक मेरे द्वारा उसकी चूत की छेड़ छाड़ और उसके चूत के दाने को सहलाने के कारण उसका शरीर हल्का सा थर्र्राया और मेरी उंगलियो ने उसकी योनि से निकलता हुआ गीलापन महसूस किया। और वह तेज तेज साँसे लेती हुई धीमे से मेरे कानो में बोली "ओह! दीपक मजा आ गया! अरे ये मुझे क्या हुआ?" "मुझे माफ़ कीजियेगा मैंने आपका हाथ गीला कर दिया।" वह शर्माते हुए बोलीl

ये कह कर मैं चुप हो गया क्योंकि मैं भी उस अनुभव की यादो में खो गया था, तो प्रीती बोली आगे क्या हुआ जेन के साथ आपका मिलन, कैसे, और कहाँ हुआ.. बताइये प्लीज!

ये कहानी जारी रहेगी

अगले भाग में जेन  की कहानी जारी  रहेगी- अंतरंग हमसफ़र भाग 12


दीपक
Reply
03-16-2021, 05:42 AM,
#14
RE: Intimate Partners अंतरंग हमसफ़र-13
Update 13

जेन के साथ सेक्स.- अंतरंग हमसफ़र भाग 13

"मेरे अंतरंग जीवन की हमसफ़र -12 " में पढ़ा



मेरे होंठ जेन के ओंठो के साथ चिपके रहे, हमारी भुजाओं ने एक दूसरे को कमर के करीब से जकड़ा हुआ था, उसका हाथ मेरे कठोर लंड की ऐंठन को पकडे हुए था, जबकि मेरे दुसरे हाथ की उंगलियां क्लिटोरिस और उसकी योनि के साथ व्यस्त थींl उस समय केवल हमारे चुंबन और हमारी आह की आवाज ही वहां सुनाई दे रही थीl ये तब तक चलता रहा जब तक मेरे द्वारा उसकी चूत की छेड़ छाड़ और उसके चूत के दाने को सहलाने के कारण उसका शरीर हल्का सा थर्र्राया और मेरी उंगलियो ने उसकी योनि से निकलता हुआ गीलापन महसूस किया। और वह तेज तेज साँसे लेती हुई धीमे से मेरे कानो में बोली "ओह! दीपक मजा आ गया! अरे ये मुझे क्या हुआ?" "मुझे माफ़ कीजियेगा मैंने आपका हाथ गीला कर दिया।" वह शर्माते हुए बोलीl "


मैं दीपक आपने मेरी कहानिया "झट शादी पट सुहागरात-1-4" में पढ़ा कैसे मेरी सहयोगी प्रीती दुल्हन बन कर सुहागरात मनाने को तैयार हो गयीl उसके बाद मेरी और मेरे घर की देखभाल करने वाली रोजी और रूबी मिली और मेरी पहली चुदाई के बारे में पूछने लगी, तो मैंने उसे बताया किस तरह मैं रोज़ी और रूबी से मिला, कैसे मेरी और रोजी की पहली चुदाई हुईl उसके बाद कैसे मैंने रूबी को चोदाl फिर हमारे गाँव के प्रवास के आखिरी दिन जंगल में हमने ग्रुप सेक्स और प्रेमिकाओ की अदला बदली का कार्यक्रम बनायाl रोजी ने हमे अपनी सहेली टीना से मिलवाया और टीना की पहली चुदाई कैसे हुईl फिर छोटे योनि के छेद वाली मोना को मैंने चोदाl रात में एकबार फिर सबका एक साथ ग्रुप सेक्स हुआ, और रोजी मेरे साथ शहर आ गयीl उसके बाद मेरी बुआ और उनकी तीन बेटियों लंदन से दिल्ली हमारे घर आयेl मैं मेरी बुआ की सबसे बड़ी बेटी जेन के साथ शाम के समय मैदान में घूमने गया और वहां उससे प्रेम निवेदन किया और रात में रोजी और रूबी के साथ हमारा पहला थ्रीसम हुआl अगले दिन सुबह अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मैं और जेन नाश्ते के बाद घूमने निकले ( मेरे अंतरंग जीवन की हमसफ़र -1 -12)।


अब आगे


ये कह कर मैं चुप हो गया क्योंकि मैं भी उस अनुभव की यादो में खो गया था तो प्रीती बोली आगे क्या हुआ? जेन के साथ आपका मिलन कैसे और कहाँ हुआ.. बताइये प्लीज ।


तो मैं बोला;


थोड़ी ही देर में जेन की उखड़ी हुई साँसे, संयत हो गयी और फिर मैंने उसे समझाया कि जिस परमानंद को उसने अभी महसूस किया था, वह केवल उस खुशी का थोड़ा सा संकेत मात्र था जो मैं उसे दे सकता था, अपने लंड को उसकी योनि में डालकर। मेरी मजेदार प्रेरक वाक्पटुता और उसकी इच्छाओं की गर्माहट ने जल्द ही उसके सभी स्त्री सुलभ डर और दबाव को खत्म कर दिया, और वो मुझे चूमने लगी मेरे लिए इतना इशारा काफी था।


फिर उसकी ड्रेस को नुकसान पहुंचने के डर से, या मेरे हल्के सफ़ेद रंग की पतलून के घुटनों पर घास का हरा दाग लगने के डर से, मैं उसे एक गेट जो वहां था उस पास ले गयाl मैंने उसे गेट के पास खड़े होने के लिए राजी कर लिया और मैं उसके पीछे आ गया। उसने गेट का एक हिस्सा पकड़ते हुए अपना चेहरा अपने हाथों में छिपा लिया, जैसे ही मैंने धीरे से उसकी ड्रेस उसके नितम्बो से ऊपर कर दी, तो मेरे देखने के लिए क्या नजारा मेरे सामने आया थाl मेरा लंड जो पहल ही पेण्ट से बाहर था, उसकी गोल चिकने नितंबों को देखते हुए एक पल में अपने पूरे विकराल रूप में आ गयाl लंड की कठोरता नवीनीकृत हो गई थीl उसकी गांड की दरार को मैंने मह्सूस किया.आअह्ह्ह उसकी सिसकी निकल गयी ।


मैंने उसके नितम्बो के बीच की सफ़ेद सुंदर दरार को सहलाया तो वह कहराने लगी जैसे उसे बहुत राहत मिली हो। मैंने नितम्बो को दबाया क्या नरम और मजबूत नितम्ब थे मैंने दरार को थोडा खोला और उसके मांस को उजागर किया, तो मैं उसकी योनि के मोठे होंठों को देख सकता था, जो दो पंखो जैसे लग रहे थे , जो नीचे की तरफ नरम थेl उसकी सुदृढ़ पुष्ट जाँघे, सुन्दर घुटने उसके प्यारे पैर, लम्बी केले के पेड़ के तने जैसी लम्बी चिकनी टाँगे, सुन्दर लम्बे जूते सब मिला कर, बहुत सुन्दर बना रहा था, जिसे मैं लिख और वर्णन करता हूँ तो आज भी मेरा लंड उत्साहित हो कठोर हो रहा है ।


ये नज़ारा मेरे लंड की सूजन के विकराल होने का कारण बन गया l सबसे खूबसूरत और शानदार दृश्य था। मैं उसके नीचे झुका, और उसके नितम्बो को चूमा, और सब कुछ जहाँ तक मेरी जीभ तक पहुँच सकता थी उसको भी चूमा । यह सब मेरा था, मैं उठ कर खड़ा हुआ और प्रेम सिंघासन का कब्जा लेने के लिए तैयार हो । ऐसे में गोरी चिट्टी जेन को मुँह से गू गू आवाजे निकली वो गाये के रम्भाने जैसी थी।


अपना प्रेम औजार को पकड़ कर प्रेम की गुफा के द्वार के पास लाने ही वाला था की जेन अचानक से चीखी! बचाओ! जेन बेहद परेशान हो गई और डर गयी थी । उसकी गु गु की आवाज सुन कर एक सांड आकर्षित हो कर उसी और आ गया था। उसे एक बहुत बड़ा भयानक सांड अप्रत्याशित रूप से उसके सामने की तरफ दिखाई दिया,और उस सांड की ठंडी नम नाक जेन के माथे से अचानक छूने से मेरी प्यारी जेन उस समय बहुत ज्यादा डर गयी। वह पलटी और सीधी खड़ी हो गयी और मेरे साथ लिपट गयी और उसके कपड़े उसके बदन पर गिर गए, हमारी सारी व्यवस्था एक पल में उलट पलट हो गयी।


जेन चिल्लाते हुए बेहोश होने वाली थी, " दीपक, दीपक! बचाओ मुझे इस भयानक जानवर से बचाओ!" मैंने उस जानवर को देखा और बोला ऐ भागो यहाँ से। ये देख कर ये वो गाय नहीं है जिसकी पुकार सुन कर वो यहाँ आया था. वो आज्ञाकारी सेवक की तरह एक तरफ को चला गया। जेन मुझ से लिपटी हुई थी और बोली प्लीज दीपक यहाँ से चलो मुझे बहुत डर लग रहा है। मैंने जेन को भरोसा दिलाया के गेट बंद है और गेट की इस तरफ हम दोनों बिलकुल सुरक्षित हैं। और फिर खुले और जंगल में प्यार का यही तो रोमांच है। जो इस प्यार को ख़ास बनाता है।

मैं शान्ति के साथ उसे गेट के मध्य के पास ले गया, वहां पर लगा हुआ ताला दिखाया और गेट की ग्रिल और ताले को को हिला कर दिखाया के वो मजबूत हैं तो जेन आश्वस्त हो गयी के हम सुरक्षित हैं।


पर फिर भी वह बोली प्लीज यहाँ से चलो मुझे कुछ ठीक नहीं लग रहा है यहाँ। तो मैंने उसे कुछ प्यार भरे चुम्बन किये तो वह कुछ संयत हो गयी और चुम्बन में मेरा साथ देने लगी।


उसने अपनी ड्रेस थोड़ी ठीक की, मैंने भी अपनी पेण्ट थोड़ी ठीक की जिससे मैं चल पाऊ और फिर हमने दोनों ने चलना फिर शुरू किया, और कोई और अनुकूल जगह ढूंढने लगे । जल्द ही एक अनुकूल छायादार स्थान हमने ढूंढ लिया । मैंने कहा क्या यह जगह आपको ठीक लगती है प्रिय जेन तो उसने सहमति में सर हिला दिया। "आओ, प्रिय जेन , मेरे पास बैठ जाओ और मुझे यकीन है, प्रिय उस चौंकाने वाली रुकावट से उबरने और उसकी भरपाई के लिए ये अच्छी जगह है आप बहुत घबरा गयी थी।"


मैंने उसे अपने साथ लायी बोतल जिसमे शराब और ख़ास देसी दवा की कुछ बूंदे मिली हुई थी वह उसे पीने को दी। उसने कुछ घूँट पि तो मैंने भी उसके कुछ घूँट भर लिए।. वैसे दवा कुछ बूंदे मैंने जेन से छुपा कर उसके नाश्ते में भी मिला दी थी ताकि आज वह मेरे साथ खुल कर बेजिझक संसर्ग कर सके। कुछ देर मैं उसकी खूबसूरती की तारीफ करता रहा आपकी बड़ी बड़ी नीली मदमस्त आँखे गुलाबी होंठ सुनहरे रंग के लम्बे बाल, बड़े बड़े गोल गोल बूब्स. नरम चूतड़, पतली कमर, सपाट पेट, पतला छरहरा बदन और फिगर 36 26 36 था. कद 5 फुट 7 इंच था, मीठी कोयल जैसी आवाज़ मुझे मदहोश करती है। बहुत सुन्दर हो आप जब से मैं जवान हुआ हूँ और आप को देखा है तब से आप से बहुत प्यार करता हूँ और आप को पाना चाहता था।आज आप मेरी हो गयी हैं ।


आप बहुत सुन्दर , सबसे गोरी मस्त माल हो . आपको देखकर मैं तो दीवाना हो गया हूँl मैंने हल्की सी आवाज में ' आई लव यू जेन' आपको मालूम नहीं है. मेरे मन आपको देखते हे बेकाबू हो जाता है आपने मेरे दिल दिमाग पर काबू कर लिया हैl मैं उसको बोला आपके गुलाबी नरम गुलाब के पंखुरियों जैसे होठों का रस चूसना शुरू करे तो रूकने का नाम ही न ले।


जिसे सुन कर वह शर्माने लगी और उसका चहेरा लाल हो गया । मैंने पुछा क्या आपको अभी भी डर लग रहा है तो वह बोली नहीं । मैंने फिर उसको अपने से हल्का सा दूर किया हाथो से उसका चेहरा ऊपर किया और होंठो पर एक लम्बी किस की । उसकी आँखे बंद थी मैंने उसके होंठो को छोड कर चेहरा ऊपर किया तो उसने आँखे खोली और मुस्करायी। मैं फिर तो मैंने उसे चूमना शुरू किया। उसके ओंठ बेहद नरम और गीले थे लेकिन इस बार वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी।


फिर एक हाथ उसकी छाती पर ले गया और उसे सहलाते हुए उसके मुलायम बदन को महसूस कर रहा था और उसके गोल गोल बूब्स को सहला दबा रहा था। धीरे धीरे दवा ने भी अपना असर दिखाना शुरू कर दिया और वह भी मेरी छाती पर अपने हाथ फिराने लगी। मैंने उसकी छाती को कस कर दबाया तो वह मुझसे लिपट गयी थी और उसकी 36 साईज की चूचीयां मेरे सीने से दब गयी।


फिर मैंने उत्तेजना में उन्हें जकड़कर अपनी बाहों में मसल डाला. तो जेन ने कहा कि दीपक प्लीज धीरे करो बहुत दर्द होता है। फिर मैंने उनके गालों पर अपनी जीभ फैरनी चालू कर दी और फिर उसके होठों को चूमता हुआ, नाक पर अपनी जीभ से चाट लिया। अब जेन भी उत्तेजित हो चुकी थी और सिसकारियां भरती हुई मुझसे लिपटी जा रही थी। अब में उनके चेहरे के मीठे स्वाद को चूसते हुए उनकी गर्दन को चूमने, चाटने लगा था और मेरे ऐसा करते ही वो सिसकारी लेती हुई मुझसे लिपटी जा रही थी। मैं उसका पूरा चेहरा गाल नाक माथा आँखे धीरे धीरे सब चूमते चूमते चाट गया।


अब में जेन की की ड्रेस के ऊपर का हिस्सा खोल कर उसके बूब्स को दबाने लगा था ।. उसके मांसल बूब्स दबाने से वो सिहरने, सिकुड़ने और छटपटाने लगी थी, मैंने उसकी ड्रेस के टॉप को बिलकुल ढीलाकर दिया। उसने उसके नीचे लाल रंग की ब्रा पहन रखी थी । मैंने पहले उसकी ब्रा पर हाथ फिराया और उसके नरम बूब्स को महसूस किया। बहुत शानदार अहसास था!! फिर उसकी लाल ब्रा भी खोल दी तो उसने भी अपनी बाजुए ऊपर कर दी तो मैंने खींच कर ब्रा उतार दी। उफ़फ्फ़! भगवान् ने उसे क्या खूबसूरती से बनाया था! अब मेरा लंड तनकर पूरा खड़ा हो गया था और खुले हुए पोस्ट बॉक्स में से अपने आप ही उत्तेजित होकर बाहर आ गया जैसे वह भी उन शानदार बूब्स की पहली झलक देखना चाहता हो। उसके गुलाबी निपल भी उत्तेजित होकर कड़े हो गए थे।


मैंने महसूस किया उसके अनछुए बूब्स बहुत नरम मुलायम गोल और सुडोल थे। मैंने उसके निप्पल कड़क मह्सूस किये और उसकी छातियों को हाथो से पकड़ लिया और जोर से दबाने लगा। मेरे दबाने से दोनों गोरे बूब्स एक दम लाल हो गए।


मैंने उनके निप्पल्स को पकड़ लिया और मसलने लगा । दोनों बूब्स एक दम नरम मुलायम गोल सुडोल थे । जेन के पिंक गुलाबी निप्पल उत्तेजना से खड़े हो चुके थे । मेरे हाथों ने उनके स्तनों को अपनी हथेलियों में भरा और उन्हें किस करने लगा। मैंने स्तनों को सहलाना शुरू कर दिया। हम दोनों की साँसे तेज तेज चलने लगीl उसके कंधो और बाँहों पर किस करने लगा। मैंने उसके बूब्स को चूमा और निप्पल्स को चूसा।


उसका सुडोल, चिकना, गोरा बदन, मेरी बाहों में था। मैंने उसको अपने गले लगाया और पीठ पर हाथ फिराया उसकी पीठ बहुत चिकनी थी ।


मैंने अपनी शर्ट को खोल दिया और जेन को अपनी छाती से लगा लिया और अपनी बाँहों में जकड लिया। उसके नरम मुलायम बूब्स का मेरी छाती से दबने लगे। मैं अपने आनंद को बयां नहीं कर सकता। मैंने जेन का मुँह चूमा और लिप किस करि. फिर मैं उनके निप्पल के साथ खेल रहे था। मैं उसके स्तनों को देखे जा रहे था और उसका दिल जोर जोर से धड़क रहा था । मैंने एक निप्पल अपने मुह में रखा और उसे चूसने लगा। हे भगवान्! मैं बता नहीं सकता की उस पल क्या अनुभूति हुयी।


मैंने उसके दुसरे निप्पल को किस किया और उसे भी चूसना शुरू कर दिया। उसने अपना सर उत्तेजना और आनंद के मारे पीछे की और कर लिया। मैंने चूचियों को दांतो से काटा। जेन कराह उठी आह! आह! दीपक!! प्लीज धीरे करो, प्लीज काटो मत।


मै उनकी चुचियों को मसलने लगा, और वो मादक आवाजें निकालने लगी, आह, उह, आह! फिर मैंने उनके मोमो को चूसना शुरू कर दियाl उनके मोमो कड़क हो गए थेl मैंने चूचियों को दांतो से कुतरा तो जेन कराह रही थी, आह1 यह1 आह1


जेन बोली धीरे प्रिय धीरे प्यार से चूसो, खेलो सब तुम्हारा ही हैl उसके बूब्स अब सुर्ख लाल हो चुके थेl


मैं बार बार बाएँ और दायें निप्पल को चूसना जारी करे रहा, जब तक की उसके पूरे शरीर में एक आग सी न लग गयी। पहली बार कोई ऐसा उसके साथ सम्भोग कर रहा था। उसके शरीर में एक उफान सा आया। उसका शरीर अकड़ा और फिर कांपने लगा और वह निढाल सी हो गयी और उसकी चूत को छूआ मुझे योनी में एक बार फिर गीलापन महसूस हुआ।


कुछ देर वह मेरी बाहो में ऐसे ही लेटी रही और हम लिप किश करते रहे । मैं उसके होंठो को चूमने लगा और वह भी मेरा साथ देने लगी । फिर मैंने अपनी जीभ उसके मुँह में डाल दी और वह मेरी जीभ को चूसने लगी। फिर मैंने भी उसकी जीभ को चूसा । मैं जेन को बेकरारी से चूमने लगा। और चूमते चूमते हमारें मुंह खुले हुये थे, जिसके कारण हम दोनों की जीभ आपस में टकरा रही थी और हमारे मुंह में एक दूसरे का स्वाद घुल रहा था। कम से कम 5-10 मिनट तक उसका लिप्स किस लेता रहा ।


जब मुझे लगा जेन की उखड़ी हुई सांस संयत हो गयी है तो फिर मैं उसके बूब्स दबाने लगा, वो भी मेरा साथ देने लगी, मेरी जीभ जब उसकी जीभ से मिली तो उसका शरीर सिहरने लगा । वह बोली आज मार ही डालोगे क्या? मैंने कहा इसके अलावा मैं चाहता हूँ के हमारे प्रेमालाप में उस बैल के कारण आये व्यवधान से हुई निराशा की भरपाई करि जाए और इसके लिए आप अभी और उत्तेजना को प्राप्त करें। "


ये जान कर के कि अब वो समय लगभग आ गया, उसके प्यारे चेहरे पर गर्म लाल खून की धारें बहने लगती है। उसने अपनी आँखें नीचे झुका ली तो मैंने उसे अपनी तरफ खींचा और एक दुसरे को देखते हुए हम कंधे से कंधा मिलाकर गहरी घास पर लेटे रहे और एक दुसरे को एक प्रगाढ़ आलिंगन में चुमबन करने लगे।


" जेन! ओह! जेन!" मैंने हांफते हुए कहा, " मेरी प्यारी जेन मुझे अपनी जीभ की नोक दो ।" जैसे उसे पहले से ही कामना के अनुरूप उपजने वाली रमणीय प्रत्याशा हो की मैं ऐसा ही कुछ करूंगा या मांगूंगा उसने मेरी कामना की पूर्ती करते हुए बिना किसी हिचकिचाहट के, बिना किसी झिझक के, अपनी मखमली जीभ एक गहरी आह के साथ मेरे मुँह में डाल दी। मेरा एक हाथ उसके सिर के नीचे था, और दूसरे के साथ मैंने धीरे से उसके स्कार्फ़ को हटा दिया, और एक तरफ अपने शर्ट को उतार कर फेंक दिया, और इस दौरान उसकी जीभ को चूसता और चूमता रहा।


आगे क्या हुआ ..

[b]अगले भाग में [b]जेन के साथ मुखमैथुन और सेक्स की [/b]कहानी जारी रहेगी- अंतरंग हमसफ़र भाग 12[/b]
Reply
03-19-2021, 04:56 AM,
#15
RE: Intimate Partners अंतरंग हमसफ़र
Update 14

जेन के साथ सेक्स.- अंतरंग हमसफ़र भाग 14

"मेरे अंतरंग जीवन की हमसफ़र -13 " में पढ़ा

" जेन! ओह! जेन!" मैंने हांफते हुए कहा, " मेरी प्यारी जेन मुझे अपनी जीभ की नोक दो ।" जैसे उसे पहले से ही कामना के अनुरूप उपजने वाली रमणीय प्रत्याशा हो की मैं ऐसा ही कुछ करूंगा या मांगूंगाl उसने मेरी कामना की पूर्ती करते हुए बिना किसी हिचकिचाहट के, बिना किसी झिझक के, अपनी मखमली जीभ एक गहरी आह के साथ, मेरे मुँह में डाल दी । मेरा एक हाथ उसके सिर के नीचे था, और दूसरे के साथ मैंने धीरे से उसके स्कार्फ़ को हटा दिया, और एक तरफ अपने शर्ट को उतार कर फेंक दियाl इस दौरान उसकी जीभ को चूसता और चूमता रहा । "


मैं दीपक आपने मेरी कहानिया "झट शादी पट सुहागरात-1-4" में पढ़ा कैसे मेरी सहयोगी प्रीती दुल्हन बन कर सुहागरात मनाने को तैयार हो गयी और उसके बाद मेरी और मेरे घर की देखभाल करने वाली रोजी और रूबी मिली और मेरी पहली चुदाई के बारे में पूछने लगी तो मैंने उसे बताया किस तरह मैं रोज़ी और रूबी से मिला और कैसे मेरी और रोजी की पहली चुदाई हुई । उसके बाद कैसे मैंने रूबी को चोदा और फिर हमारे गाँव के प्रवास के आखिरी दिन जंगल में हमने ग्रुप सेक्स और प्रेमिकाओ की अदला बदली का कार्यक्रम बनाया और रोजी ने हमे अपनी सहेली टीना से मिलवाया और टीना की पहली चुदाई कैसे हुई । फिर छोटे योनि के छेद वाली मोना को मैंने चोदा । रात में एकबार फिर सबका एक साथ ग्रुप सेक्स हुआ और रोजी मेरे साथ शहर आ गयी । उसके बाद मेरी बुआ और उनकी तीन बेटियों लंदन से दिल्ली हमारे घर आये और मैं और मेरी बुआ की सबसे बड़ी बेटी जेन के साथ शाम के समय मैदान में घूमने गया । वहां उससे प्रेम निवेदन किया और रात में रोजी और रूबी के साथ हमारा पहला थ्रीसम हुआ अगले दिन सुबह अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मैं और जेन नाश्ते के बाद घूमने निकले वहां हमने संसर्ग शुरू किया ही था की एक बैल वहां आ गया जिससे जेन डर गयी और हमने जगह बदल कर दुबारा संसर्ग शुरू करने की कगार पर थे ( अंतरंग हमसफ़र -1 -13) ।

अब आगे

तो मैं बोला प्रीती फिर मैंने जेन के गले पर बेतहाशा किस किया और काटने लगाl

वो बोली प्लीज काटो मत निशाँ पड़ जाएंगे l कोई पूछेगा तो क्या जवाब दूँगी?

मैंने फिर उसकी कंधो पर किस किया फिर मैं उसके गालो पर टूट पड़ा। उसके गाल बहुत नरम मुलायम सॉफ्ट और स्वाद में मीठे थे । वह कराहने लगी आअह्ह्ह्ह! आयीीी! ऊह्ह्हह्ह! मर गयी, मार डाला, प्लीज प्यार से करो, दर्द होता है ,और उसकी कराहट से मेरे जोश और बढ़ गया।.

मैं अपने हाथ उसके पीछे ले गया और उसकी मुलायम नरम पीठ को पहले सहलाया फिर कस कर पकड़ लिया। कुछ देर बाद मैंने उसे थोड़ा ऊपर किया और फिर मैंने मैं उसके दाए निप्पल को चूसा और काटाl फिर मैंने बाए निप्पल को चूसा और काटा, और पहली को हाथ से दबोच रहा था! वो बहुत फूल चुकी थी।और बोला जेन तू बहुत मीठी हैl मैं तुझे खा जाऊँगाl

जेन बोली अगर खा जाओगे तो प्यार किसे करोगेl मेरे दोनों चुची को एक साथ चूसने से वह कराह रही थी, आआहह, ओमम्म्मममम, चाटो ना जोर से, सस्स्सस्स हहा और मचलने लगीl जेन अपनी गांड को इधर उधर घुमाने लगी। अब वो सिसकारियाँ मारने लग गई थी।

अब मैंने फैसला कर लिया. अब मुझे उसे पूर्ण नग्न देखना है और मैंने उसे नग्न करने के लिए उसकी स्कर्ट खोलने का और उसे उतारने का उपक्रम शुरू करने लगा, तो उसने बहुत हल्का सा प्रतिरोध किया । तो मैंने उसे प्यार से उसके स्तन चूमते हुए बोला क्या तुम्हे अपने बाकी जिस्म को छूने , सहलाने और चूमने का जादू अनुभव नहीं करना है तो उसने प्रतिरोध छोड़ते हुए अपना जिस्म ढीला कर मेरे हवाले कर दियाl

जेन बोली "जैसा आप ठीक समझो करो, मेरे प्रिय प्रेमी! अब सब कुछ तुम्हारा ही है ।"

मैंने खींच कर उसकी स्कर्ट को उतार डाला और उसकी पैंटी को खींचा तो उसने चूतड़ उठा कर पेंटी उतारने में मेरा साथ दिया और मैंने उसे पूरी नंगी कर दिया।

मैंने उनको एक तरफ रख दियाl उसकी योनि पर कोई बाल नहीं था । मैंने हाथ फिराया तो बोली मैंने आज ही साफ़ किये हैंl जैसे आप किश करते हैं, उससे मुझे लगा आपको यहाँ बाल बिलकुल पसंद नहीं होंगे।

मैंने जेन के एक हाथ को अपने तैयार कठोर लंड पर रखा, जो उत्तेजना के कारण फटने की स्थिति में थाl मैंने उसकी जीभ को एक पल के लिए छोड़ दिया और कहा "जेन , हमारे प्यार के हथियार को अपने हाथ में ले लो।"

उसने घबराते हुए उसे पकड़ लिया और वह धीरे-धीरे मेरे कान में फुसफुसाते हुए बड़बड़ा रही थी: "ओह, दीपक , अभी भी मुझे बहुत डर लग रहा है, और फिर भी, आप मुझे सबसे प्यारे लगते हो । हालाँकि मैंने पढ़ा और सुना है ये ही वह यह निषिद्ध फल है जिसके कारण आदम और ईव को जन्नत से निकाला गया था । मुझे लगता है, अगर इसमें मैं मर भी जाऊं तो भी, मुझे प्यार की इस सबसे सुस्वादु मिठाइ का स्वाद लेना चाहिए। "

उसकी आवाज़ बहुत धीमी थी फिर उसने मेरे लंड को दबाया और मेरे लंड पर ऊपर नीचे हाथ फेरा। उसके द्वारा लंड को प्यार से सहलाने से लंड और व्यग्र हो गया और नसे कुछ ज्यादा फूल गयी।

उधर मेरा हाथ भी नीचे अपना रास्ता खोजने में व्यस्त था वहीँ मैंने फिर से उसका मुँह चूमने लग गया, और उसकी जीभ को तब तक चूसा, जब तक कि मैं उसकी बढ़ी हुई उत्तेजना के अतिरेक के कारण उसके पुरे बदन का कंपन महसूस नहीं किया और मेरा हाथ, जो आनंद की गुफा के द्वार पर पहुँच गया था, उसके गर्म रज से भीग गया।

चुकी रोजी और रूबी के साथ थ्रीसम में मुझे मुखमैथुन के जादू के बारे में पता चल चूका था तो मैं जेन को भी इस अमृत से परिचित करवाना चाहता थाl

" मेरी प्यारी जेन! अब मैं तुम्हें वहाँ चुंबन करूंगा, और तुम्हारे प्रेम का अमृत का स्वाद चखना चाहूंगा ।" मैंने कहा और चुम्बन तोड़ कर होंठ अलग करते हुए अपनी स्थिति को उलटते हुए अपना चेहरा उसकी जाँघों के बीच घुसा दिया, उसने या उसकी जांघो ने कोई प्रतिरोध नहीं किया। उसकी योनि पर और उसके आसपास कोई बाल नहीं थाl

मैंने उसके तंग योनि के होंठों को आनंद के साथ चूसा, फिर मेरी जीभ ने अपनी संवेदनशील भगशेफ को छेड़ने लगी , जिसने उसे चुदने की पागल इच्छा के उन्माद में डाल दिया, उसने आनंद लेते हुए अपने टांगो को मेरे सिर के ऊपर घुमायाl मेरे सिर को अपनी शानदार चिकनी और मजबूत जांघों के बीच दबा दिया।

मैंने अपनी ऊँगली उसकी चूत की दरार में डाली तो वह गीली हो गयीl मैंने आसानी से अपनी ऊँगली को उसके छेद में डाल दियाl मेरी जीभ उसके कड़े छोटे से भगशेफ को टटोलने, छेड़ने में व्यस्त थीl मेरी ये हरकते उसे इतनी उग्र अवस्था में ले गयी कि उसने मेरा लंड पकड़ लिया, और अपने मुँह को मेरे लंड को पर ले आयी और उसने लंड मुंड पर एक मीठी किस करिl

मैं भी उसे ऐसा करने का मौका देने के लिए उसके ऊपर लेटा हुआ थाl उसने अपनी जीभ को लंड के सिर पर फिराया और फिर उसने अपने ओंठ खोलते हुए लंडमुंड को मुँह के अंदर ले लिया उसने ख़ास ख़याल रखा के लंड को उसके दांत न लगें। दोनों कामोत्तेजक आनंद में कराह रहे थे । फिर अत्यधिक उत्तेजना से उसके जलाशय में बाढ़ में आ गयी, जिसे मैं चूस गया और उसने भी लंड से हुए शुक्राणु विस्फोट की हर बूंद को चाट गयी।

हम दोनों अपनी भावनाओं की अधिकता से निढाल होकर लगभग बेहोश हो गएl थके हुए हौं दोनों तब तक वैसे ही लेटे रहेl जब तक मुझे लगा कि उसके प्यारे होंठ फिर से मेरे प्यार के इंजन को दबाने और चूसने लगे हैं। इसका प्रभाव जादुई था और मेरा लंड हमेशा की तरह कठोर हो गया था।

"अब प्रिय, क्या तुम प्यार के असली स्ट्रोक के लिए तैयार हो ।" मैंने कहा। मैंने अपनी जगह को बदला और उसकी खूबसूरत स्पंदन करती हुई जांघों को अलग किया, ताकि मैं उनके बीच अपने घुटने टेक सकूं। मैंने अपने घुटनो को उसकी जांघो के बीच में रखा और उसकी और देखा ।

वह मेरे सामने एक प्रसन्नचित्त अवस्था में लेटी हुई थीl उसका गोरा खूबसूरत चेहरा शर्म के मारे लाल हो गया था और काली पलकें बंद, उसके होंठ थोड़े खुले हुए, और उसके बड़े बड़े उभरे हुए गोल सुडोल स्तन और उन पर ललचाते हुए उत्तेजना से कठोर हो चुके निप्पल, जो साँसों के साथ ऊपर नीचे हो कर मुझे ललचा रहे थे यह दृश्य बेहद उत्तेजक थाl मैं वासना से पागल हो गया था, और अब अपने आप को इसके बाद योनि प्रवेश से रोक नहीं सकता था।

मुझे मन ही मन अफसोस हो रहा था की ये सुंदर युवती जो मुझे पूरी तरह समर्पित है, उसका कौमार्य भंग करते समय मैं उसे असहनीय दर्द देने जा रहा था! और ये भी अफसोस था की मेरे पास कोई ऐसा उपाय नहीं था जिससे मैं उसे इस दर्द से बचा सकू। यह वह दर्द भरी राह थी जिस से गुजर कर ही हम दोनों उस अलौकिक आनंद को अनुभव कर सकते थे। उसके कौमार्य के लिए! मैं अपने लंड के सर को उसकी योनि के होंठों के बीच में लगाया।

जैसे ही मेरे लंड ने उसकी योनि को स्पर्श किया, मुझे उसी समय आनंद की एक सिहरन उसके बदन से गुजरती हुई महसूस हुई, उसकी आँखें खुलीं, और वह एक नरम, प्यार भरी मुस्कान के साथ, फुसफुसायी, "मुझे पता है कि मुझे अब चोट लगेगी और दर्द होगा, लेकिन दीपक, मेरे प्रिय दीपक, आप दयालु और दृढ़ दोनों रहें। मुझे पूरे आनंद की खोज में इस से गुजरना ही होगा, शायद ये दर्द मुझे मार ही डालेl तब भी मैं इस दर्द से गुजरना चाहूंगीl "

उसने मेरी गर्दन के चारों ओर अपनी बाहों को फेंकते हुए, वो मेरे होंठों को अपने पास ले आयीl मुझे किस किया और फिर उसने अपनी जीभ को मेरे मुंह में डालते हुए बेहद प्यार के साथ चूमने चूसने लगी, और मेरे लंड से मिलने के लिए अपने चूतड़ ऊपर उठा दिए और बोली मुझ में समा जाओ दीपक। .

मैंने अपना एक हाथ उसके नितंबों के नीचे रखा, जबकि दूसरे से, मैंने अपना लंड सीधे निशान पर रखा; फिर जोर से धक्का दिया, लंडमुंड लगभग एक इंच तक घुस गयाl मैंने फिर तब तक जोर लगता रहा जब तक कि यह कुदरती विरोध करने वाले अवरोधक हाइमन तक नहीं पहुंच गया। जब लंड ह्यमन से टकराया तो उसे दर्द की शुरुआत हो गयी की, लेकिन तब भी उसकी आँखों ने मुझे पूरे उत्साह से देखा।

वो दर्द से कराहते हुए बोली "ओह्ह, आह , मेरे दर्द की परवाह मत करो, आप अपना काम पूरा करोl "

"अपने पैरों को मेरी पीठ पर ले जाओ , प्रिय," मैं सांस लेने के लिए रुकाl मैंने एक पल के लिए उसकी जीभ को छोड़ कर बोला और फिर दुबारा दुगने जोश के साथ उसे चूमने लगा। उसने सबसे ज्यादा होने वाले दर्द को सहन करने की दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ अपनी टांगो से मेरी कमर और नितम्बो को लपेट लिया। फिर जब मैंने एक निर्दयी धक्का दिया, तब उसके नितम्ब भी इस तरह ऊपर को उठ गए और उसकी टांगो ने मेरे नितम्बो को नीचे की और इस तरह दबा दिया, जैसे वो मुझसे मिलने के लिए तड़प रही हो और काम पूरा हो गया था।

मेरे लंड महाराज ने हमारे आनंद भोग के मार्ग की सभी बाधाओं को तोड़ दिया था। उसने अपने दर्द को वश में करते हुई दर्द से कराही, और मैं अपने सबसे बड़े आकर्षण को उसके कब्जे में कठोर और फूलता हुआ महसूस कर रहा था। .

" जेन डार्लिंग! मेरी जान! तुम मुझसे बेहद प्यार करती हो! मेरी बहादुर जेन, तुम कितनी अच्छी तरह से इस असहनीय दर्द को झेल गयी। चलो हम एक-दो पल के लिए लेटे और फिर प्यार की खुशियों लूटेंगे।" मैंने कहा, और उसके चेहरे, माथे, आंख, मुंह और ओंठो को जीत के आनंद में चूमा।

उसके बाद मैं उसकी योनि के तंग म्यान को अपने लंड पर सिकुड़ता महसूस कर रहा था । मेरे लंड के आवेग के लिए यह चुनौती बहुत ज्यादा थी। मैंने एक हल्का सा झटका दिया तो मैं उसके खूबसूरत चेहरे पर दर्द की ऐंठन से देख सकता था, कि यह अभी भी उसके लिए दर्दनाक थाl

लेकिन, अपनी ललक को रोकते हुए, मैंने बहुत धीमे से काम किया, और धीरे धीरे लंड को हिलाना शुरू कियाl

हालाँकि मेरी वासना और उत्तेजना इतनी ज्यादा थी कि मैं अपने चरमोत्कर्ष को रोक नहीं सका और उनकी योनि के अंदर मैंने अपने वीर्य से भर दियाl मेरे लंड के घर्षण के कारण वह भी मेरे साथ ही कांपती हुई झड़ गयी और मेरे लंड को उसने अपने जलाशय के रस से भिगो दिया और मैं आंनद और प्यार की सुस्ती में उसकी छाती पर गिर गया।

यह केवल कुछ ही क्षणों के लिए था, मैं उसे अपने से नीचे कांपती हुई महसूस कर सकता था, और उसकी म्यान अब अच्छी तरह से चिकनी हो गयी थी, और मेरा लंड भी अभी तक कठोर ही थाl हमने परमानंद के लिए एक रमणीय संसर्ग की शुरुआत की और मैंने धीरे धीरे धक्के लगाने शुरू किये। उसका सारा दर्द गायब हो गया था, मेरे वीर्य के बहाव से उसकी योनि के घायल हुए भाग अब केवल प्रेम के रमणीय घर्षण का आंनद ले रहे थेl

मेरा प्रसन्नचित्त लंड उसमें घुसा, फिर मेरा लंड मेरे पूरे मर्दाना जोर से अंदर-बाहर हो रहा था और वो बार बार झड़ रही थीl इस तरह मैं भी उसके अंदर तीन चार बार झड़ गयाl जब तक हमारी काम प्रचंडता काफी हद तक कम नहीं हो गयी।

आगे क्या हुआ? ये कहानी जारी रहेगीl.. अंतरंग हमसफ़र भाग 15

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