Mera Nikah Meri Kajin Ke Saath
01-06-2022, 02:40 PM,
#11
RE: Mera Nikah Meri Kajin Ke Saath
मेरे   निकाह  मेरी  कजिन  के  साथ 5 Part 1


छोटी बीवी जूनि





मेरा नाम सलमान है और हम लखनऊ के नवाब खानदान से ताल्लुक रखते है, हमारे यहाँ शादी केवल खानदान में ही होती है। हमारे खानदान में सिर्फ़ दो लड़के है में और मेरी मौसी का लड़का रिज़वान, जिसका निकाह मेरी बहन रुकसाना से हुआ है। मेरे दो और बहनें है सलमा और फ़ातिमा और उनका निकाह भी रिज़वान से ही होगा। मेरी मौसी के दो लड़कियाँ है ज़ीनत और आरसी, मेरे चाचा के दो लडकियाँ है रुक्सर और ज़ूनी, ज़ीनत 26 साल की, आरसी 18 साल की, रुक्सर 20 साल की और ज़ूनी 19 साल की है। फिर तय हुआ की मेरा निकाह ज़ीनत और आरसी से एक दिन और रूक्सर और ज़ूनी से दूसरे दिन हो जाए और रिज़वान का निकाह सलमा और फातिमा से हो जाए, ताकि खानदान घर में ही बढ़े और सब हवेली में ही रह जाए। फिर मैंने मेरी पहली सुहागरात ज़ीनत के साथ चुनी और हर एक महीने के बाद सुहागरात मनाने का फ़ैसला लिया और क्योंकि उम्र में सब उससे छोटी थी इसलिए घरवालों को भी कोई ऐतराज़ नहीं हुआ।

जब अब्बू छड़ी लहराते हुए सांतने लगे बर्खुदारो तुम्हे कितना समझाया था आराम से करना l अपनी तहजीब का ख्याल रखना, हम दोनों वहाँ से अपनी गांड बचाकर भाग गए । भागते हुए मैं अपने कमरे में जा रहा था तो वहाँ हमे रास्ते में मुझे आरसी मिल गयी और आरसी ने मेरे पास आकर कहा कि पूरी हवेली को रातभर सोने नहीं दिया, ऐसा क्या कर डाला जीनत के साथ?

तो मैंने कहा कि अगले महीने तेरी भी यही हालत करूँगा साली, तो आरसी ने कहा कि तो कर लेना, आओ तो सही, में चैलेंज देती हूँ तुम हार जाओगे, जीनत तो सीधी थी मीठी, नमकीन और कमसिन का मज़ा तो में ही दूँगी ।


अब तक मैंने आपको अपनी बड़ी बीवी जीनत आपा जो की मेरी की चुदाई की दास्ताँ सुनाई और फिर मेरी मौसी का लड़का रिज़वान, जिसका निकाह मेरी सगी बहन रुकसाना और सलमा की चुदाई की दस्ताने सुनाई । अब आप को जूनि मेरी सबसे छोटी कजिन की कहानी सुनाता हु । जूनि के साथ मेरा निकाह तो हो गया था लेकिन उम्र में सबसे छोटी होने के कारन उसकी सुहागरात मेरे साथ दो साल बाद होनी थी और उसकी बड़ी बहनो रुक्सार और आरसी की सुहागरात पहले होनी थी ।


तो तय तो ये हुआ था कि ज़ीनत के बाद आरसी की सुहागरात होगी लेकिन खुदा के खेल न्यारे हैं । और उसी पहले चुदाई हो गयी मेरी सबसे छोटी बीवी जूनि की ।

हमारे रात भर चलने वाले चुदाई कम्पटीशन से परेशान हो कर घरवालों ने रामपुर के पास हमारी बहुत बड़ी खेती है और एक हवेली भी है और इस बार खेती के काम के सिलसिले में मेरा वहाँ 15 दिन रहने का प्रोग्राम बना डाला ताकि मेरे हनीमून भी हो जाए और घरवाले रात भर आराम से सो सकें इसलिए ज़ीनत के साथ मेरा प्रोग्राम बन गया, लेकिन ज़ीनत ने कहा की अकेले उसका मन नहीं लगेगा इस लिए जूनि भी जाएगी और इस तरह हम हवेली के लिए निकल पड़े ।

क्योंकि दोनों मेरी बीविया थी इसलिए मैंने सबसे बड़े कमरे में सोने का प्रोग्रम बनाया जिसमे की बहुत बड़ा पलंग या आप समझ लीजिये जिसमे दो पलंग लगे हुए थे, इसका एक और कारन था की जूनि को अलग सोने में डर लग रहा था और अभी वह 18 साल की उम्र को क्रॉस ही की थी लेकिन वह लगती बिलकुल 14 साल की थी ।

मैंने जीनत से बोला क्या बेगम तुम कबाब में हडि  साथ ले आयी हो और अब उसे साथ में भी सुलाने जा रही ही । अब कैसे होगा । तो जीनत आप बोली । आप तो दिन भर खेती का काम देखोगे और मैं बोर हूँगी इसीलिए इसे साथ ले आयी हूँ और फिर वह अकेली सोने में डरती है । तीसरी इससे कैसी शर्म एक तो मेरी बहन है ,  दूसरा आपकी बीवी है और इससे कैसे शर्म । कुछ देख लेगी तो सीख जायेगी उसमे आपका ही फायदा है? मुझे बात जचि.  पर फैसला किया उसके सोने के बाद ही हम कुछ करेंगे ।

रामपुर की हवेली में पहली रात मुझे लगा वह गहरी नींद सोयी हुई थी और उसके सोने के बाद मैंने ज़ीनत की 3 बार चुदाई की। । लेकिन पूरे रूम में हमारी चुदाई का नंगा नाच जूनि लेटे हुए चुपचाप देख रही थी उसने सुबह मुझ से पुछा?

उसने कहा भाई जान आपा की पेशाब वाली जगह आपने क्या घुसा दिया था और आपा और जोरसे और जोरसे क्यों बोल रही थी । मैंने बोलै तुम चुप चाप सो जाय करो नहीं तो अकेले सोना पड़ेगा और आपा की बात अपनी आपा से पूछ लेना । मैंने ज़ीनत आपा से बाद में जूनि के बारे में पूछा इसको पीरियड्स चालू हो गए क्या? इसको कुछ पता है के नहीं सेक्स के बारे में, तो उन्होंने बताया अभी वह 18 साल की उम्र को क्रॉस ही की  है लेकिन वह लगती बिलकुल 14 साल की है और पीरियड्स 6 महीने पहले स्टार्ट हो गए है पर सलमान अभी बिलकुल नाजुक बच्ची है इसको अभी मत  छूना , मर जाएगी बेचारी ।

बाद में जब में खेती देखने चला गया तो जून ने जीनत से वही सवाल किया - आपा रात   भाई जान ने आपकी पेशाब वाली जगह क्या डाला था और आप जोर से और जोर से क्यों चिल्ला रही थी?

ज़ीनत आपा ने जूनी से पूछा-जूनि, तुझे सेक्स और सुहागरात के बारे में कुछ नालेज है कि उस रात शौहर और उसकी बीबी के बीच क्या होता है? फिर न कहना कि मुझे इस बारे में किसी ने कुछ बताया ही नहीं था।

जूनी थोड़ी अनजान तो थी ही उसे पढाई भी बहुत पहले छोड़ दी थी और मुश्किल से 6-7. क्लास पास की थी और उसने जीनत आपा से शरमाकर पूछा-क्या होता है आपा, उस रात को? बताइये, मुझे कुछ नहीं मालूम।

ज़ीनत आपा बोली-पगली, इस रात को शौहर और उसकी बीबी का  जिस्मी मिलन होता है।

'कैसे आपा, जरा खुल के बताओ न, कैसा मिलन?'

'अरी पगली, शौहर और उसकी बीबी एक दूसरे को प्यार करते हैं। शौहर और उसकी बीबी के ओठों का चुम्मन लेता है, उसके ब्लाउज के हुक खोलता है और फिर उसकी ब्रा को उतार कर उसकी चूचियों का चुम्मन लेता है, उन्हें दबाता है। धीरे-धीरे शौहर अपना हाथ बीवी के सारे शरीर पर फेरने लगता है, वह उसकी छातियों से धीरे-धीरे अपना हाथ उसकी जाँघों पर ले जाता है और फिर उसकी दोनों जाँघों के बीच की जगह को अपनी ऊँगली डाल कर उसका स्पर्श करता है।'

'फिर क्या होता है आपा, बताइये न, आप कहते-कहते रुक क्यों गईं?'

'कुछ नहीं, मैं भी तुझे कैसी बातें बताने लगी। ये सारी बातें तो तुझे खुद भी आनी चाहिए, अब तू बच्ची तो नहीं रही।' ज़ीनत आपा ने नकली झुंझलाहट का प्रदर्शन किया।

'आपा, बताओ प्लीज, फिर शौहर क्या करता हैअपनी बीवी के साथ?'

'उसे पूरी तरह से नंगी कर देता है और फिर खुद भी नंगा हो जाता है। दोनों काफी देर तक एक दूसरे के अंगों को छूते हैं, उन्हें सहलाते हैं और अंत में शौहर अपनी बेगम की योनि में अपना लिंग डालने की कोशिश करता है। जब उसका लिंग आधे के करीब योनि के अन्दर घुस जाता है तो बीवी की योनि की झिल्ली फट जाती है और उसे दर्द होता है, योनि से कुछ खून भी निकलता है। कोई-कोई बीवी तो दर्द के मारे चीखने तक लगती है। परन्तु शौहर अपनी मस्ती में भर कर अपना शेष लिंग भी बीवी की योनि में घुसेड़ ही देता है।'

ओह तो आपा इसीलिए आप और सलमा बाजी सुहागरात वाली रात चिल्ला रही थी 'फिर क्या होता है आपा?'

'आपा, बताओ प्लीज, फिर शौहर क्या करता है बीवी के साथ?'

'होता क्या, थोड़ी-बहुत देर में बीवी को भी पति का लिंग डालना अच्छा लगता है और वह भी अपने कूल्हे मटका-मटका कर शौहर का साथ देती है। इस क्रिया को सम्भोग-क्रिया या मैथुन क्रिया कहते हैं।'


कहानी जारी रहेगी

Aamir..
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01-12-2022, 03:46 PM,
#12
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मेरे निकाह मेरी कजिन के साथ 


भाग 08 

 

 छोटी बीवी जूनि



अब   जूनी  के बारे  में बताता हूँ उसका  रंग  गोरा , कद  5-5″,फीचर्स  लम्बा  चेहरा  तब्बू  जैसा  आवाज़  वैसी  ही  तब्बू  जैसी  भोली   पर बजन  39 kg, बूब्स  34″, कमर  20″ और  चुतर  34″ के हैं  , मैंने  अभीतक  उसको चोदने   की  नज़र  से  नहीं  देखा  था  क्योंकि  मुझे  वह  बहुत  छोटी  लगती  थी ।

उस रात  के लाइव चुदाई देखने के बाद से मुझे देख  वो  उसका लिप्स बाइट करना,नज़रे मटकाना. उसके बाद उसकी रसीली  मटकती हुई गान्ड  जिसे देख लगता  था कि जैसे 2 लीटर पानी से भरे बलून्स हो . छूकर ही  स्खलन  हो जाए. आख़िर खाते पीते घर की हैं.  उसे भी पता था वो मेरी बीबी है ऐसे में उसका मेरी ओर खिंचाव प्राकृतिक था। वह हमेशा मुझे आकर्षित करने लगी रहती थी  और मेरे आस पास मंडराने लगी ।  

जूनि ने  एक  दिन   एक टी-शर्ट और स्कर्ट पहना था जिसमे उसके मस्त और मांसल टांगे दिखाई दे रही थी.   यार क्या फिगर था यार मस्त माल थी . उसका जिस्म बहोत ही गरम हैं. बेहद खूबसूरत,गोरी चिट्टि, बेबी डॉल   रेड टाइट टी-शर्ट में उसके  स्तन अभी बड़े होने आने शुरू हो गए  थे  साफ़ दिख रहे थे  , पर उसके निपल्स बड़े सेन्सिटिव हैं उसकी बूब्स एक दम नोकिले और टाइट लग रहे थे और उसकी गाँड मस्त थी . मैं काफ़ी देर तक उसे देखता रहा   उसके मुममे बाहर की तरफ उभरे हुए थे, होंठ मस्त और उसकी गाँड फूली हुई. फिर मुझे ज़ीनत आप की बात याद आयी.   अभी बच्ची है . तो मैने उस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया।

एक  दिन जब मैं खेतो से लौटा तो   ज़ीनत आपा रसोई  में मेरे लिए चाय  बना रही थी,  तो जूनि  तेजी से मेरी पास पानी लेकर आ रही थी  फर्श गीला था और अचानक उसका   पांव  फिसल गया और  वो धड़ाम से गिर गई। गिरने की आवाज़ और चीख सुनकर मैं  भागा भागा उसके पास गया । जूनि  के  दाहिने पैर में मोच आ गई थी और उसने  अपना दाहिना घुटना पकड़ा हुआ था। 

मैंने उसका  पैर सीधा किया और घुटने की तरफ देख कर पूछा,"क्या हुआ?"

जूनि बोली मेरा पाँव फिसल गया और मेरा पांव फिसलते वक्त मुड़ गया था और मैं घुटने के बल गिरी थी। मैंने  बिना हिचकिचाहट के उसकी स्कर्ट  को घुटने तक ऊपर किया और जूनि का हाथ घुटने से हटाने के बाद उसका मुआयना करने लगा। मैंने  जिस तरह   जूनि की टांगें घुटने तक नंगी की  उससे जूनि  को बहुत शर्म आई तभी उसने ज़ीनत आपा  को भी आते हुए देखा  और उसने  झट से अपना घाघरा नीचे खींचने की कोशिश की।

ऐसा करने में  जूनि के  मोच खाए पैर में ज़ोर का दर्द हुआ और वो  नीचे लेट गई। इतने में  ज़ीनत आपा  भी वहाँ आ गयी और बोली  "ओह... जूनि ... क्या हुआ?"

"यहाँ पानी किसने गिराया था? मैं फिसल गई..." जूनि  ने  करहाते हुए कहा।

"सॉरी  जूनि ... पानी की बोतल भरते वक्त गिर गया होगा..."  ज़ीनत  ने  कहा तुम भी थोड़ा ध्यान से चला  करो  अब  बच्ची नहीं रही हो ।

अब ज़ीनत आपा  की ये बात सुन कर मेरे कान खड़े हो गए। 

अब मैंने  अपने हाथ  जूनि   की गर्दन और घुटनों के नीचे डाल कर जूनी  को  उठा लिया और खड़ा हो गया।  जूनी ने अपनी दाहिनी टांग सीधी रखी और दोनों हाथ मेरी  गरदन में डाल दिए। उसने मुझे अपने बदन के साथ सटा लिया और मैं  छोटे छोटे कदमों से मेरे कमरे की ओर चलने लगा। मुझे उसके नरम जिस्म का स्पर्श  बहुत  अच्छा लग रहा था ।

मुझे  कोई जल्दी नहीं थी...  मैंने देखा जूनी ने हल्का मेकअप किया हुआ था और ओंठो पर गुलाबी लिपस्टिक भी लगा रही थी अपर दर्द से कराह रही थी .  मुझे उसकी  मजबूर हालत में मौका दिया था  जिससे  वो मेरे बिलकुल करीब हो गयी थी ।  जूनी को भी मेरा स्पर्श अच्छा  लग रहा था . उसकी पकड़ इस तरह थी कि जीनी का  एक स्तन मेरे  सीने में गड़ रहा था। मेरी  नज़रें  जूनी की  आँखों में घूर रही थीं... दर्द के मारे  जूनी ने अपनी आँखें बंद कर लीं थी ।

मैंने उसे  ठीक से उठाने के बहाने एक बार अपने पास चिपका लिया और फिर अपना एक हाथ जूनी की  पीठ पर और एक उसके  चूतड़ों  पर लगा दिया।   मुझे उसका स्पर्श अच्छा लग रहा था। पहली बारमैंने जूनी को  इस तरह उठाया था। मेरे बदन में एक सुरसुराहट सी होने लगी थी।

कमरे में पहुँच कर मैं ने धीरे से झुक कर जूनी को  बिस्तर पर  इस तरह से डालने की कोशिश की जिससे मैंने उसको  अपने बदन से सटाते हुए नीचे सरकाना शुरू किया जिससे मेरी पीठ उसके पेट से रगड़ती हुई नीचे जाने लगी और एक क्षण भर के लिए मेरे  उठे हुए लिंग का आभास कराते हुए जूनी की  पीठ बिस्तर पर लग गई।

अब वो  बिस्तर पर थी और मेरे दोनों हाथ उसके  नीचे। थे  मैंने  धीरे धीरे अपने हाथ सरकाते हुए बाहर खींचे... उसकी आँखों में एक नशा सा था और उसकी सांस मानो रुक रुक कर आ रही थी। वह मुझे एक अजीब सी नज़र से देख रही थी।मेरा  ध्यान मेरे स्तनों , पेट और जाँघों पर केंद्रित था।
वो भी  चोरी चोरी नज़रों से  हलके हलके कराहते हुए मुझे  देख रही थी। पर मैं उसे बेशर्मी से घूर रहा था आखिर मेरी बीबी थी  तो उससे मुझे क्या शर्म थी।

मैंने  सीधे होकर एक बार अपने हाथों को ऊपर और पीछे की ओर खींच कर अंगड़ाई सी ली जिससे मेरा  पेट और जांघें आगे को जूनी की  तरफ झुक गईं। अब मेरे  तने हुए लंड  का उभार मेरी पैन्ट में साफ़ दिखाई दे रहा था। कुछ देर इस अवस्था में रुक कर मैंने  हम्म्म्म की आवाज़ निकालते हुए अपने आप को सीधा किया। 

फिर मैंने जीनत आपा को थोड़ा गरम पानी और तौलिया लाने को कहा और बोलै जूनी  जब तक जीनत आपा ये लेकर आती  है   तब तक मैं तुम्हारी   चोट के बारे में कुछ करता हूँ। ठीक है?"

मैंने  बिना हिचकिचाहट के  एक बार फिर उसकी स्कर्ट  को घुटने तक ऊपर किया और जूनि के घुटने का मुआयना करने लगा।   जूनि  को बहुत शर्म आई तभी उसने ज़ीनत आपा  को  गरम पानी और तौलिया लाते हुए देखा  और उसने  झट से अपना घाघरा नीचे खींचने की कोशिश की।

  तो मैंने कहा जूनी अब इसे छोड़ो और मुझे देखने दो , मुझसे क्यों  शर्मा  रही हो मैं तुम्हारा शौहर हूँ ।

 सलमान तुम  जूनी को देखो  मैं तुम्हारे लिए चाय लाती हूँ "कुछ  चाहिए हो तो मुझे बुला लेना..." कहती हुई  जीनत आपा  ने मुझे पानी का गिलास पीने के लिए दिया और  चाय  के लिए  रसोई  में चली गई।

मैंने एक कुर्सी खींच कर बिस्तर के पास की और उस पर गरम पानी और तौलिया रख दिया... फिर खुद जूनी के  पैरों की तरफ आकर बैठ गया और जूनी  का  दाहिना पांव अपनी गोद में रख लिया। फिर   तौलिए को गरम पानी में भिगो कर उसी में निचोड़ा और गरम तौलिए से  जूनी के पांव को सेंक देने लगा। गरम सेंक से  जूनी को  आराम आने लगा। थोड़ा सेंकने के बाद मैंने उसके  पांव को हल्के हल्के गोल-गोल घुमाना शुरू किया। जूनी का  दर्द पहले से कम था पर फिर भी था। जूनी के  "ऊऊंह आह" करने पर मैंने पांव फिर से  अपनी जांघ पर रख दिया और गरम तौलिए से दुबारा सेंकने लगा। ठोड़ी देर में पानी ठंडा हो गया तो मैंने ज़ीनत आप को बुला कर और गरम पानी लाने को कहा।

जब तक वह लाती मैंने उसका  दाहिना  पैर और पिंडली को सहलाना और दबाना शुरू कर दिया। मैं प्यार से हाथ चला रहा था... सो  जूनी को भी मज़ा आ रहा था।

मैंने पुछा कैसा लग रहा है  तो वो बोली अब ठीक लग रहा है।  तो  मैंने कहा अब और देखने दो कहीं और चोट तो नहीं है?  और ये कह कर  मैने धीरे धीरे उसके जिस्म को टच करना स्टार्ट किया। अपनी उंगलियो से उसके पेट के उपरी हिस्सो को छूने लगा मज़ाक करते हुए. फिर मैने उसे अपनी बाहो मे लिया और उसके गालो पे किस  कर दी।  वो शरमाने लगी।

जूनी बोली आपा आ जायेगी !! मैं रुक गया और  मैने उसे चूमना बंद कर दिया पर अपने बाहो मे थामे रखा. और फिर उससे बाते करने लगा. मैने उसको कहा कि वो बहोत सुंदर और सेक्सी हैं. तो शरमा गयी. बोली ये सेक्सी क्या होता हैं??

कहानी जारी रहेगी

Aamir..
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01-14-2022, 10:25 AM,
#13
RE: Mera Nikah Meri Kajin Ke Saath
मेरे निकाह मेरी कजिन के साथ

भाग 09

सेक्सी- छोटी बीवी जूनी





"एक मिनट !" कहकर मैं वाशरूम जा कर फ्रेश हो कर आया और पेण्ट और अंडरवियर निकाल कर लुंगी पहन ली। और जीनत के पास गया तो वो सज संवर कर पड़ोस में जाने की तयारी कर रही थी । जीनत आपा बहुत सुंदर लग रही थी। उसे देख कर मेरा लंड अकड़ने लगा और मैंने जीनत आपा को चूमाँ और पुछा आज तो कयामत ढाने का इरादा है मेरी जान का । .. तो वो बोली मेरे सरताज अभी पड़ोस में ठाकुर साहब के पोता हुआ है उनके यहाँ फंक्शन में जा रही हूँ। मैंने आपा को चूमा और उन्हें गले लगाया और बोलै मुझे जूनी को देखना है। लगता है उसे ज्यादा चोट नहीं लगी है। वो नहीं जा पाएगी। और मुझे उसके लिए रुकना चाहिए । आप लाजो के साथ चली जाओ । मैं वापिस जूनी के पास लौट आया ।.

फिर लाजो आयी और गरम पानी देकर चली गई और बोली वो जीनत आपा के साथ जा रही है।फिर मैंने जूनी के दाहिने पैर को अपनी जाँघों के बीच में बिस्तर पर टिका दिया। मेरी दाईं टांग उसकी टांगों के बीच, घुटनों से मुड़ी हुई बिस्तर पर टिकी थी और मेरी बाईं टांग बिस्तर से नीचे ओर लटक रही थी। अब मैंने तौलिए को गीला करके जूनी के दाहिने घुटने की सेंक करना शुरू किया। ऐसा करने के लिए जब मैं आगे को झुकता तो जूनी का दाहिने पांव का तलवा मेरी जाँघों के बीच मेरी तरफ खिसक जाता। एक दो बार इस तरह करने से मेरा लंड उसके तलवे को छूने लगा। उसके छूते ही जहाँ मेरे शरीर में एक डंक सा लगा मैंने देखा कि जूनी के शरीर से एक गहरी सांस छूटी और मैंने एक क्षण के लिए घुटने की मालिश रोक दी। फिर मैंने अपने कूल्हों को हिला-डुला कर अपने आप को थोड़ा आगे कर लिया। अब जब मैंने आगे झुकता उसका तलवा मेरे लंड पर अच्छी तरह ऐसे लग रहा था मानो ड्राईवर ब्रेक पेडल दबा रहा हो। उसके तलवे पर लुंगी में छुपे मेरे लिंग का उभार महसूस हो रहा था।

"एक मिनट !" कहकर मैंने अपना हाथ से अपने लिंग को व्यवस्थित किया . फिर मैं पहले की तरह आगे खिसक कर बैठ गया और जूनी के तलवे का संपर्क दोबारा अपने अर्ध-उत्तेजित लिंग से करा दिया।

जूनि चुप रहीं, फिर उसने उठने की कोशिश की, लेकिन नहीं कर सकीं, उसे कमर के पीछे दर्द महसूस हुआ। उसने दर्द के साथ कहा, "ओह्ह ... भाई जान , मुझे अपने शरीर के पिछले हिस्से में तेज दर्द महसूस हो रहा है।"

मैंने चिंताजनक लहजे में कहा, "जूनि रुको, और उठने की कोशिश मत करो, मुझे कुछ प्राथमिक चिकित्सा-उपचार करने दो।"

यह कहकर मैं भाग कर आइस ,दर्द निवारक मरहम की एक ट्यूब और एक एंटीसेप्टिक ट्यूब के साथ लौटा। जूनी दर्द में थी। लेकिन वह मुझे सराहना और आभारी आँखों में देख रही थी।

मैंने कहा, "अब, जूनी आप पेट के बल पट्ट लेट जाओ ताकि मैं आपकी पीठ को जांच कर वहां मलहम लगा सकूँ जिससे आपको स्थायी रूप आराम मिल जाएगा । "


मैंने उसकी टी शर्ट को निकलने को कहा वह बहुत घबरायी हुई थी, और संकोच महसूस कर रही थी । फिर उसने एक चादर ओढ़ ली और उसके अंदर अपनी टी शर्ट निकाल दी और उसने नीचे ब्रा नहीं पहनी हुई थी।

मैंने जूनी चेहरे का अध्ययन किया और उसकी भावना को पढ़ा, और गंभीर स्वर में कहा, "जूनी डरने, शर्म करने और संकोच करने की कोई आवश्यकता नहीं है मैं आपका शौहर हूँ और शौहर और बीबी में संकोच का कोई काम नहीं है । मैं जो करने जा रहा हूं वह एक प्राथमिक उपचार है और इन परिस्तितियों में दर्द से तत्काल राहत के लिए जरूरी है।

मेरी शांत आवाज़ सुनने के बाद, जूनि पलटी और पेट के बल लेट गई, अपनी पीठ मेरे सामने नग्न थी ।

"ओह्ह ... माई गॉड, शानदार ," मैंने सोचा, मैं अपनी ही आंखों पर विश्वास नहीं हो रहा था जूनि का सफेद शरीर अद्भुत था । उसकी बल कहती हुई उसकी पतली कमर को देख मेरा लंड उग्र होने लगा इस नज़ारे ने मुझ पर जादू किया , स्कर्ट के नीचे उसके नितम्ब गोल और उठे हुए थे। मैंने उनके ऊपरी शरीर का बारीकी से अवलोकन किया। कही कोई चोट नजर नहीं आयी ।


मैंने बोला जूनी मुझे जांच करने दो आपको चोट कितनी और कहाँ लगी है और फिर मैंने धीरे धीरे जूनी के कंधो से लेकर दबाब दे कर धीरे धीरे नीचे सरका कर पता लगाया अंदरूनी चोट ज्यादा गहरी नहीं थी और बोला जूनी खुशकिस्मती से आपकी चोट गहरी नहीं है. और पीठ में दर्द गिरने की वजह से है l

उसके बाद मैंने 10 मिनट तक आइस पैक को उसकी चिकनी पीठ पर धीरे से लगाया । फिर इस क्षेत्र को सुखा दिया। उसके बाद मैंने जूनी की पीठ पर औषधीय तेल मिला दर्द निवारक मरहम लगाया।

फिर मैंने पुछा अब कैसा लग रहा है तो भाभी बोली पहले से दर्द कुछ कम हुआ है पर अभी दर्द है l

मैंने उसकी रीढ़ की हड्डी और उसके किनारों पर मालिश करना शुरू कर दिया, मैंने अपनी उँगलियों से उसके उभरे हुए स्तनों के किनारे से मसलते हुए मालिश की जिससे मेरी हथेलियाँ उसकी रीढ़ के दोनों ओर दबाव डालते हुए तनाव को कम कर रही थी ।

मैं धीरे-धीरे उसकी पीठ की मालिश कर रहा था और फिर जैसे-जैसे समय बीतता गया मेरे हाथ ऊपर जाने लगे, और उसकी पीठ उसके कंधों पर। उसके स्तनों के बड़े और सुडोल होने में कोई संदेह नहीं था, और मुझे उसके नग्न स्तन दिख रहे थे। मुझे अपने कठोर हो चुके लण्ड को काबू में रखने के लिए कठिनाई हो रही थी क्योंकि मैंने सिर्फ लुंगी पहनी हुई थी और इसलिए इसे छुपाना और भी मुश्किल था क्योंकि जब मैं उसे मसाज दे रहा था मेरा लंड उसके बदन को छू रहा था l

मुझे लगा, वो भी मालिश का मज़ा ले रही थी। और जब मेरा लंड उसे बदन को छूता था तो उसकी एक आह निकलती थी जो मुझे और आगे जाने के लिए उत्साहित करती थी. हर बार जब मैंने उसके बाजू , कंधे और स्तन की मालिश की, तो वह झूम उठी थी ।

मेरी उँगलियाँ घुटने के पीछे वाले मुलायम हिस्से और घुटने से थोड़ा ऊपर और नीचे चलने लगी थीं। जूनी की मोच और घुटने का दर्द काफूर होता लगने लगा था। जूनी को लगा उसे सुसू आ रहा है और मैंने उसको रोकने के यत्न में अपनी जांघें जकड़ लीं।''


मैंने जूनी को अपने शरीर को पलटने पीठ के बल चित लेटने का का निर्देश दिया और वो एक आज्ञाकारी रोगी की तरह, उसने अपने शरीर को घुमाया पलटा और पीठ के बल चित लेट गयी। मैंने उसकी स्कर्ट ऊपर की और "ओह माय गॉड!" मैंने कहा , "मुझे लगता है जब जूनी तुम गिरी तो आपके शरीर के कुछ हिस्सों में हलकी खरोंच लग गयी है . जहाँ खरोच के निशान है मुझे वहां मुझे वहां एंटी-सेप्टिक मरहम लगाना होगा।"

कमर के नीचे उसके दाहिने जांघ क्षेत्र में एक खरोंच थी। मैंने वहां मरहम लगाया।

फिर मेरा दूसरा हाथ उसकी दूसरी टांग पर भी चलने लगा है। जूनी का शरीर में कंपकंपी सी होने लगी। मैंने थोड़ा और आगे हुआ जिससे जूनी के तलवे का मेरे लिंग पर दबाव और बढ़ गया था। मेरा लंड पहले से बड़ा हो गया और उसका रुख जूनी के तलवे की तरफ हो गया था। जूनी के तलवे के कोमल हिस्से पर लंड बेशर्मी से लग रहा था।

मैं थोड़ा आगे की ओर खिसका और अपने दोनों हाथ उसके घुटनों के ऊपर... निचली जाँघों तक चलाने लगा। जूनी ले तन-बदन में चिंगारियाँ फूटने लगीं। मेरी उंगलिया अब जूनी की अंदरूनी जाँघों तक जाने लगी थीं। बहुत मज़ा आ रहा था। जूनी का दर्द मालिश और मलहम के कारण काफूर हो गया था।

मैंने पुछा अब कैसा है घुटना तो वो बोली अब बहुत बेहतर है।

वो बोली भाईजान आपने बताया नहीं ?

मैंने पुछा क्या ?

वही सेक्सी क्या होता हैं??

मैंने कहा तुझे जीनत आपी ने बताया नहीं कुछ ?

जूनी बोली हाँ आप और आपी जो रात को करते हैं उसके बारे में कुछ बताया था ।

मैं हसते हुए बोला जो कुछ बताया था आपी ने वो तुझे समझ आया ?

जूनी बोली हां !

अच्छा बता क्या बताया था आपी ने ?

जूनी बोली आपी ने बताया था की निकाह के बाद रात को शौहर और उसकी बीबी का जिस्मी मिलन होता है।

और ?

फिर शौहर और उसकी बीबी एक दूसरे को प्यार करते हैं। शौहर और उसकी बीबी के ओठों को चूमता है। उसके ब्लाउज खोल उसकी ब्रा को उतार कर उसकी चूचियों का चुम्मन लेता है और उन्हें दबाता है। धीरे-धीरे शौहर बीवी के सारे शरीर पर हाथ फेरने लगता है, वह अपना हाथ उसकी जाँघों पर ले जाता है और फिर उसकी दोनों जाँघों के बीच की जगह को अपनी ऊँगली डाल कर उसका स्पर्श करता है। उसे पूरी तरह से नंगी कर देता है और फिर खुद भी नंगा हो जाता है। दोनों काफी देर तक एक दूसरे के अंगों को छूते हैं, उन्हें सहलाते हैं और अंत में शौहर अपनी बेगम की योनि में अपना लिंग डालता है तो बीवी की योनि की झिल्ली फट जाती है और उसे दर्द होता है, योनि से कुछ खून भी निकलता है। बीबी को दर्द होता है इसलिए वो थोड़ा बहुत चिल्लाती है थोड़ी-बहुत देर में बीवी को भी पति का लिंग डालना अच्छा लगता है और वह भी अपने कूल्हे मटका-मटका कर शौहर का साथ देती है। इस क्रिया को सम्भोग-क्रिया या मैथुन क्रिया कहते हैं।''

जूनी एक सांस में सब बोल गयी और अब उसकी आँखे बंद थी और चेहरे पर शर्म थी ।

मैंने फिर उसके गालो पे किस कर दी . उसे अपने बाहो मे थामे रखा. और कहा कि वो बहुत भोली प्यारी , सुंदर और सेक्सी हैं. ??

जूनी बोली भाई जान बताओ न "सेक्सी" का मतलब ?

मैंने कहा आपी ने जिस क्रिया को सम्भोग-क्रिया या मैथुन क्रिया बताया है उसे ही सेक्स भी कहते हैं। और सेक्सी शब्द का यौनिक अभिव्यक्ति के लिए उपयोग किया जाता है। जब किसी लड़का या लड़की की सुंदरता तथा बनावट को देखकर आप आकर्षित होते है या सेक्स करने का मन चाहने लगता है।

मेरी बात सुन वो शर्माने लगी और अपने हाथो में अपना मुँह छुपा लिया ।

तो मैंने कहा अगर छुपना है तो मेरे सीने में अपना चेहरा छुपा लो मुझे भी अच्छा लगेगा वो झट से मेरे से लिप्त गयी और अपना चेहरा उसने मेरे सीने में छुपा लिया।

मैने उसे बड़े प्यार से अपनी बाहों मे उठाया और इस तरह बैठाया अपनी गोद मे कि उसकी नाज़ुक गान्ड मेरे लेग्स पे आ जाए. मैं सब्र से काम लेना चाहता था सो अपने लंड से दूर ही रखा उसे. अब उसकी गान्ड मेरे पैर पे, हाथ मेरे हाथ मे और नज़र मेरे चेहरे पे और कुछ इंचस का डिस्टेन्स मेरे और उसके होंठो मे।

जूनी बोली भाई जान आपी कहाँ गयी ?

मैंने कहा पड़ोस के ठाकुर साहब के यहाँ बच्चा हुआ है। बधाई देने गयी है ।

मैने उससे कहा कि," जूनी तुम जानती हो क्या कि बच्चे कैसे होते हैं?" हर बच्चे की तरह उसे भी बकवास बाते बताई गयी थी। मैने उससे कहा की सब झूठ हैं। तो बोली,"फिर कैसे?". मैने उससे कहा कि मैं बताउन्गा उससे मगर तुम्हे मेरी फीस देनी पड़ेगी ।

तो बोली कितनी पर मेरे पास तो कुछ भी नहीं है।मैं तो कुछ भी पैसे साथ लेकर नही आयी ? आपो बताओ भाई कितनी मैं आपी से लेकर दे दूँगी।

मैने उस पे ज़ोर दिया कि पहले जो मांगूगा वो देगी हाँ बोल. फिर वो मानी।

मैने उसे अब धीरे धीरे अपनी बाहो मे उठाना स्टार्ट किया और अपने लंड की तरफ उसे खीचा।
फाइनली उसकी नरम गान्ड मेरे लंड पे आ टिकी. मैने उसे उठाया सिर्फ लुंगी पहनने की वजह से मेरा लंड उसकी गान्ड पे सॉफ महसूस हो रहा था जब मैने उससे अपनी बाहो मे उठाने की कोशिश की और फिर खेल खेल मे उसे पकड़ने लगा और जितना उसका जिस्म हो सके अपने जिस्म से दबाने लगा। अब मैने उसके हाथो को उसके सिर के उपर कर दिया और अपने हाथो से उसे दबा दिया और मिशनरी पोज़िशन मे आ गया।वो पैर झटक रही थी। मैने उसकी आखो मे देखा. बोली "भाईजान , छोड़ो मुझे!". आपने ये तो बताया नहीं बच्चे कैसे होते हैं ?

मैंने कहा ऐसे ही होते हैं जो मैं और तुम्हारी आपी करते हैं उसी से बच्चे होते हैं ।

कुछ देर सोच कर जूनी बोली भाई जान क्या रुखसाना आपी और सलमा आपी भी रिजवान भाई के साथ यही सेक्स करती है और बच्चे होने में कितना समय लगता है ?

मैंने कहा लगभग नौ महीने ।

और ये कब पता चलता है की बच्चा होने वाला है ?

जब लड़की का पेट फूलने लगता है।

लेकिन रुखसाना आपी के निकाह को तो साल से ऊपर हो गया उसके कोई बच्चा क्यों नहीं हुआ ?

अब मेरा मुँह बंद हो गया।

रुखसाना आपी की बात अपनी रुखसाना आपी से पूछना। अभी मैंने तुम्हे इतना कुछ बताया है चलो उसकी फीस दो !

वो बोली मतलब?? तब मैने उसकी आखो मे देखते हुए उसके लिप्स पे किस किया। सॉल्टी टेस्ट आया। वो शरम से तड़पने लगी पर मैने उसे दबा रखा था। मैने उसे उसका प्रॉमिस याद दिलाया । उससे कहा," कि बच्चे जिस तरह नंगे होते हैं उसी तरह उन्हे पैदा करने वाले भी नंगे ही होने चाहिए।." और फिर सीधा बता दिया कि जब लंड चूत मे जाता हैं तो बच्चा होता हैं। तो उसे कुछ समझ नही आया। मैने कहा जानना चाहती हैं । वो हाँ बोली । मैने उसे खड़ा किया और उसे नंगा करने लगा। और उसकी चड्डी निकालने के बाद तो मानो मेरी साँसे ही रुक गयी । दुनिया की सबसे कीमती,सुंदर चीज़ मेरे सामने थी। उसकी पिंक,बॉल्ड, स्मूद चूत। मन तो किया कि अभी उसी वक़्त उसे चोद डालु । एक भी बाल नही था। बिल्कुल कुवारि चूत । और जिस बात की खुशी मुझे हुई वो ये कि वो गीली थी। मतलब जो भी जिस्म से मैं खेल रहा था वो रेस्पॉंड कर रही थी !!.




कहानी जारी रहेगी
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01-22-2022, 07:57 PM,
#14
RE: Mera Nikah Meri Kajin Ke Saath
मेरे निकाह मेरी कजिन के साथ



भाग 10



चुदाई किसको कहते है





मैने सिर्फ़ उसकी पेंटी निकाली तो वो पीछे होने लगी. मैने फिर उसे अपनी बाहो मे जकड़ा और बेड पे पटक दिया. उसकी शक़्ल रोने जैसी हो गयी थी. मैने फिर उसे पुचकारा . . मैं खड़ा हो गया उसके सामने और मेरा लंड टेंट बनाए हुए था पॅंट मे. मैने उसे मेरा लंड पकड़ने को कहा. वो ना कहने लगी और खुद की नंगी चूत छुपाने लगी. . मैने उसका हाथ पकड़ा और अपने लंड पे घुमाने लगा और वो अपना हाथ पीछे लेने लगी. मैने उसको कहा कि तू जानती हैं ये क्या हैं.

उसने बड़ी मासूमियत से कहा; लुल्ली . इसी को आप आपी की सुसु वाली जगह में घुसाते हो रात को .

मैने उसे कहा " छोटे बच्चो की लुल्ली होती है और इसे लंड कहते हैं और ये जो तेरे पैर के बीच हैं इसे चूत!!". मैने उससे कहा "देखेगी लंड?". तो वो ना कहने लगी मगर उसकी वो आखे मेरे लंड की ओर ही देखने लगी थी.

मैं समझ गया और अपने लंड को आज़ाद कर दिया. उसने एक झलक देख कर अपनी आखे बंद कर ली. अब उसके दोनो हाथ उसके चेहरे पे थे. उसने अपनी टाँगो को दबा लिया.

मैने उसे फिर से पकड़ा और अपने पास लाया और उसे बिठा दिया और टाँगे बिस्तर पर फैलाने के लिए कहा. उसने टाँगे फैलाई इस बार इसने अपनी टाँगे स्प्रेड कर ली थी. और नंगी होने की वजह से उसकी खूब सूरत चूत मेरी आखो के सामने थी.और मैं अपने दोनों हाथ जूनि के घुटनों के ऊपर... निचली जाँघों तक चलाने लगा। मैंने उससे पुछा अब दर्द कैसा है ?

वो बोली अब कम है .




मैं थोड़ा आगे हुआ और उसका तलवा अब मेरे लंड को छूने लगा था। मैं टांग और घुटने की मालिश करने लगा तो उसका दायाँ पांव अपने आप दायें-बाएं और ऊपर-नीचे होकर उसके लिंग को अच्छी तरह से से छूने लगा था। मेरे तन-बदन में चिंगारियाँ फूटने लगीं। वो टाँगे भींचने लगी जिससे लगा , वो अब खुद को रोक नहीं पा रही थी । उधर मेरी उँगलियाँ अब अंदरूनी जाँघों तक जाने लगी थीं।

मैं अब बेहिचक आगे-पीछे होते हुए अपने हाथ जूनि की जाँघों पर चला रहा था... जूनि का पैर मेरे लिंग का मर्दन कर रहा था। फिर मैं थोड़ा ज्यादा ही आगे की ओर हुआ और मेरे दोनों अंगूठे हल्के से जूनि की चूत से पल भर के लिए छू गए। जूनिएअसे काम्पी जैसे उसे कोई करंट लगा हो ... वो उचक गई और उसने अपनी टांगें हिला कर मेरे हाथों को वहाँ से हटाया और अपने दोनों हाथ योनि पर रख दिए। उसे शर्म आ रही थी कि उसका सुसू निकलने वाला है ।

जूनि की साँसें तेज़ होने लगी... वो बोली मुझे ज़ोरों का सुसू आ रहा है ।

मैं उसे पकड़ कर सहारा देकर बाथरूम ले गया इस बीच मैं उसकी पीठ सहला रहा था .. उसने सुसु करने के लिए बोली मुझे शर्म आती है आप बाहर जाओ तो मैं दरवाजा ब्नद कर बाहर खड़ा हो गया . दो मिनट वाद वो लंगड़ाती हुई बाहर आ गयी ।

मैंने पुछा सुसु हो गया तो वो बोली नहीं ?

तो मैं मुस्कुराया तो वो बोली भाईजान मुझे लगा मेरा सुसु निकल जाएगा पर आया ही नहीं .




"अब दर्द कैसा है?" मैंने पूछा।

"पहले से कम है...अब मैं ठीक हूँ।"

"नहीं... तुम ठीक नहीं हो... अभी लंगड़ा रही हो आराम करो चोट इतनी नहीं है।

तभी घंटी बजी मतलब जीनत आपा वापिस आ गयी थी ..

जूनी बोली आपा आ गयी !! मैं रुक गया और इस बीच जूनी ने जल्दी से अपने कपडे पहन लिए . मैने कंबल उसे से ढक दिया मैं दरवाजा खोलने गया.

उस रात मैंने ज़ीनत आपा की बड़ी धुआंदार चुदाई की . जूनी की कमसिन चूत देखकर मैं बहुत जोश में था और मैंने सारी कसर ज़ीनत आपा पर निकाल दी क्योंकि उस दिन ज़ीनत आपा भी बहुत खूबसूरत लग रही थी . जूनी सारी रात हमारी चुदाई का नंगा नाच देखती रही .

इस तरह 10 दिन निकल गए और जूनी की चोट भी ठीक हो गयी और फिर एक दिन ज़ीनत को पीरियड्स हो गए और मैं उस रात में ज़ीनत आपा को चोद नहीं पाया और ज़ीनत के बूब्स के अंदर ही अपना लैंड डालकर अपना पानी निकाल दिया और ज़ीनत सो गयी ,

इतने में जूनि बोली भाई आज ज़ीनत आपी के अंदर नहीं घुसाया , रोज़ कितना मज़ा आता था उनको , आज कैसा ख़राब लग रहा होगा .

मैंने बोला की ख़राब तो मुझे भी लग रहा है क्योंकि मेरा लैंड भी तो कही नहीं घुस पा रहा हु ज़ीनत को पीरियड्स है ,

जूनी बोली मेरे अंदर घुसा लो में भी तो तुम्हारी दुल्हन हु .

मैंने पूछा चुदाई किसको कहते है मालूम है , वह बोली ज्यादा नहीं, कुछ आपी ने उस दिन बताया था कुछ आपने, लेकिन इतना मालूम है की दूल्हे के अलावा कोई दूसरा मर्द मुझे छूये नहीं, और जब आप आपा में घुसाते हो तो मुझे अच्छा लगता है .




कहानी जारी रहेगी
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01-26-2022, 12:14 AM,
#15
RE: Mera Nikah Meri Kajin Ke Saath
मेरे निकाह मेरी कजिन के साथ

भाग 11

छोटी बेगम की सुहागरात



मेरी बीबी होने के बाबजूद मैंने अभीतक जूनी को चोदने की नज़र से नहीं देखा था क्योंकि मुझे वह बहुत छोटी लगती थी। उस रात उसकी बातों से मैं मस्त हो उठा और मैंने फैसला कर लिया की कल इसकी सुहागरात होगी। और जब सुबह मैंने ज़ीनत आपा को बताया तो वह गुस्सा हो गयी और बोली इसकी इज़ाज़त बड़ो से लेनी पड़ेगी।

तब मैंने कहा मेरा इसके साथ निकाह बड़ो की इजाजत से ही हुआ है अगर उन्हें कोई दिक्कत होती तो अभी इसके साथ मेरा निकाह नहीं करवाते। और मेरी दुल्हन है जब चाहे में इसे चोद सकता हु और जब आप ने अपनी उम्र से कई साल छोटे मुझसे चुदवालिया है तो क्या में अपने से कुछ साल-साल छोटी इस नाज़नीन को नहीं चोद सकता और फिर जहाँ तक बड़ो की इजाजत का सवाल है तो आप भी मुझ से बड़ी हो आप इजाजत दे दो । आप ही तो उसको उस दिन कह रही थी अब तुम बड़ी हो गयी हो और फिर उनको चूमा और प्यार किया और उनको मना लिया। और उन्होंने इजाजत देते हुआ कहा अगर जूनी नहीं ले पायेगी तो मैं जबरदस्ती उसे नहीं चौदूंगा और वह रात में कमरे में रहकर इस का ध्यान रखेगी ।

फिर दिन में आपा ने जूनी का मेकअप और वैक्सिंग करवा के जूनि को त्यार किया और उसका भरपूर शृंगार किया । उस रात जूनी सजने सवारने से बहुत खुश थी । रात में ज़ीनत जूनी को ले कर आयी जूनी ने पश्चिमी दुल्हने शादी के समय जो गाउन पहनती है वह गाउन पहना हुआ था और दुल्हन की तरह सजी हुई थी। ज़ीनत आप बोली सलमान आज जूनी की सुहागरात है तो यादगार तो बनानी ही पड़ेगी इसीलिए उसकी सजाया है ।



[Image: zmirror2.jpg]

फिर ज़ीनत आपा ने पुछा जूनी क्या तुम अपना सब कुछ सलमान को सौंपने के लिए तैयार हो ?जूनी बोली मेरा सब कुछ इन्हीं का है यही मेरे खाबिन्द है। इनके सिवा कोई और मर्द मुझे छु भी नहीं सकता?

अनुपमा बोली सलमान क्या तुम जूनी को चोदने के लिए तैयार हो मैं बोला जूनी की खिदमत में मैं और मेरा औज़ार दोनों हाज़िर और बेकरार हैं। फिर ज़ीनत आप बोली अब सलमान तुम जूनी को किश करो और सब हसने लगे। मैंने पहले-पहले ज़ीनत आपा को किस किया।

और अपनी गोद में उठा कर जूनी को अपने कमरे में अपने बिस्तर पर ले गया ।



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मैंने दरवाजा जैसे ही सरकाया तो अंदर लाल रंग की धीमी रौशनी थी और कमरा पूरा फूलो से सजा हुआ था कलियों फूलो से पूरा कमरा महक रहा था बिस्तर भी सुहाग की सेज बना हुआ था और मेरी गोद में दुल्हन भी ही जूनी थी जिसे मैं किस कर रहा था। पीछे-पीछे ज़ीनत आपा भी आ गयी।

मैंने जूनी को बिस्तर पर बैठा दिया एक तरफ ज़ीनत आपा बैठ गयी और जूनी ने अपने मुखड़े को नकाब में छुपा लिया।

मैं दोनों के बीच में बैठ गया और बोला मेरी तो आज लाटरी लग गयी जो मुझे ऐसी नाजनीन कमसिन हसीना सुहागरात मानाने के लिए मिल गयी है । अब-अब जूनि गुलाबी रंग की पोशाक में-में बिना ब्रा और पेंटी के मेरे बिस्तर पर थी और में बहुत आवेश में था।

मैंने जूनी को बांहों में भर लिया और जूनी के माथे पर एक चुंबन कर दिया! " और मैंने एक गुलाब उठाया और जूनी को पेश करते हुए बोला मल्लिका ऐ हुस्न ऐ नाजनीना पेश के खिदमत है आपके गुलाम की और से मोहब्बत का पहले नज़राना। जूनी ने हाथ आगे बढ़ाया तो मैंने उसे अंगूठी पहना दी। फिर धीरे से उसका नकाब हटा दिया।

पहले तो जूनी शर्म से दोहरी हो गई, फिर उसे गले लगा लिया और उसके ओंठो को चूम लिया ये उसका किसी पुरुष के साथ ऐसा आलिंगन पहली बार था, जूनी के कमसिन बदन में कंपकपी-सी हुई.। पर वह जल्द ही मेरा साथ देने लगी।

इतनी कमसिन और नाजनीन दुल्हन भी हुई जूनी आज सजने और मेकअप करके बहुत सुंदर लग रही थी । मैं उसकी देखे जा रहा था तो ज़ीनत बोली सलमाा ऐसी नाजनीन बहुत नसीब वालो को ही मिलती है । अब ये तुम्हारी है । देख क्या रहे हो इसे प्यार करो और मैंने उसको बांहो में भर लिया और दबा दिया । तो वह चिलायी आह! मर गयी ... तो ज़ीनत बोली सलमान आराम से करो ये तुम्हारी ही है । सलमान आराम से करोगे तो बहुत मजे करोगे नहीं तो जैसे हमारी सुहागरात के बाद तुम तड़पे थे वैसे ही पड़पोगे । मुझे भी बात सही लगी और मैंने धीरे-धीरे से करने का फैसला किया।

मैंने उसकी पोशाक उतारने के लिए उसका नक़ाब उतार दीया, मेरे दिल की धड़कनें और तेज होने लगीं, मैं उसके और करीब आ गया और उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए. वह घबराहट, शर्म और खुशी से लबरेज होने लगी।

मैं उसे चूम कर थोड़ा पीछे हटा तो जूनी मेरे पास हुई और इस बार उसने मेरे होंठों को चूमा।

फिर क्या था... मैंने उसे खूब चूमा... उसकी पूरी गुलाबी लिपस्टिक... मेरे होंठों में समा गई। मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था।

। फिर मैंने उसे खड़ा किया और उसके मम्मों को खूब भींचा और दबाया।



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मैंने उसकी ड्रेस की ज़िप खोल दी और निचे उतार दी। वह तो मेरे सामने नंगी हो चुकी थी, मैंने उसे उठाया और अपनी गोद में बिठा लिया उसका पतला शरीर मेरी गोद में पूरा समां गया।

मैंने उसके कंधे पर चुम्बन किया और उसने अपना चेहरा दोनों हाथों से ढक लिया। मैंने अपने एक हाथ से उसकी पीठ सहलाई और दूसरे हाथ से जांघों को सहलाने लगा।

मेरे छूने से उसके शरीर में सरसराहट होने लगी, जूनी के मोमो सख्त होने लगे, वह शर्म से लाल होकर मुझसे लिपट गयी।

मैंने उसके उरोजों को थाम लिया। उसके निपल्स को मैंने चूसा-चबाया... काटा... मींजा... खूब खेला... उसके मम्मे... जो मेरी हरकतों से बेहाल होकर लाल हो गए थे।


कहानी जारी रहेगी
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02-02-2022, 12:55 PM,
#16
RE: Mera Nikah Meri Kajin Ke Saath
मेरे निकाह मेरी कजिन के साथ

भाग 12



छोटी बेगम की सुहागरात 


फिर मैं जूनी के ओंठ चूसते-चूसते उसके बूब्स दबाने लगा जैसे-जैसे मैं उसके होंठों को चूसता रहा, उसे मज़ा आने लगा।


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उसकी चूचियाँ चकित कर देने वाली थी। सन्तरे के आकार की चूचियाँ और उसकी निप्पलों को नज़र ना लगे, बिल्कुल मटर के दाने से भी छोटे। मैंने उनको ख़ूब दबाया। जूनी बोली ऊई दर्द हो रहा है।



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मैंने उसे लिटा दिया और उसका सर एक और तकिया लगा कर ऊँचा किया और सर हो सहलाने लगा। मेरी उँगलियाँ उसके बालों में घूमने लगीं जैसे मुझे उसकी नस-नस से वाकफियत हो। कहाँ दबाना है... कितना ज़ोर देना है... कितनी देर तक दबाना है... मैं धीरे धीरे उसके बदन को सहलाता रहा। वह बस मज़े ले रही थी... गर्दन के पीछे... कान के पास... आँखों के बीच... ऐसी-ऐसी जगहों पर दबाव डाला कि ज़रा ही देर में सारा दर्द चला गया। अब मैं उसके गालों, ठोड़ी और सामने की गर्दन पर ध्यान देने लगा। जूनी ने अपनी आँखें मूँद लीं।

अब मेरे हाथ कन्धों पर चलने लगे थे। मैंने गर्दन और कन्धों पर जितनी गांठें थीं सब सहला डाला और मसल-मसल कर गांठें निकाल दीं। जूनी की टांगें अपने आप ज़ोर से जुड़ गई थीं... मैंने उसे चूमा और फिर औंधा लिटा दिया। और उसकी चिकनी पीठ पर हाथ फिराने लगा। उसकी चिकने कमसिन जिस्म को देख और महसूस करके मेरे रोंगटे खड़े होने लगे। मुझे बहुत मजा आ रहा था... उधर जूनी की चूत और बदन मेरे सहलाने से उत्तेजित हो रहा था और-और खुशी से तर हो चली थी।

अब मैं थोड़ा नीचे सरक गया और अपनी मुठ्ठियों से जूनी के गोल सुडोल और चिकने चूतड़ों को गूंथने लगा। जैसे आटा गूंदते हैं उस प्रकार मेरी मुठ्ठियाँ कूल्हों और जाँघों पर चल रही थीं। अब जूनी की टांगें अपने आप थोड़ा खुल गईं। मैंने आगे हो कर उसके चूतड़ों को चूम लिया।



[Image: pp11.jpg]

ऊ ऊ-ऊ ऊह... ये क्या कर रहे हो दूल्हे भाई मुझे कुछ हो रहा है? मैंने जूनी की जाँघों और चूतड़ों को कुछ देर सहलाया चूमा और चाटा। मेरी उँगलियाँ और अंगूठे उसकी चूत के बहुत करीब जा-जा कर उसकी चूत को छेड़ रहे थे। जैसइ वह कांप रही थी उससे साफ़ था की जूनी के बदन में रोमांच का तूफ़ान आने लगा था। उसकी योनि धड़क रही थी... योनि को मेरी उँगलियों के स्पर्श की लालसा-सी हो रही थी... और वह योनि को इस तरह से हिलाने लगी के मेरी उंगलिया उसकी योनि को छुए और छेड़े लेकिन मैं जा कर उसकी योनि को नहि छु रहा था मुझे उसे सताने और तड़पाने में मजा आ रहा था? फिर । मुझे उसकी योनि के गीली होने का अहसास हुआ और जूनी ने अपनी टांगें भींच लीं। लेकिन उसके चेहरे पर सकूं था क्योंकि उसे भी मज़ा आ रहा था... एक ऐसा मज़ा जो पहले कभी नहीं आया था।

मैंने फिर अपनी हथेलियों की एड़ी से जूनी के चूतड़ों को सहलाना, मसलना और गूंदना शुरू किया... और मेरे अंगूठे उसके चूतड़ों की दरार में दस्तक देने लगे। मैं बहुत चतुराई से जूनी के नाजुक कमसिन अंगों से खिलवाड़ कर रहा था... उसे धीरे-धीरे उत्तेजित कर रहा था। मैंने अपना ध्यान जूनि की लम्बी और चिकनी टांगों पर किया और उनको सहलाने लगा और कभी-कभी अपनी उँगलियाँ जूनि के घुटनों के पीछे के नाज़ुक हिस्से पर चलाता तो जूनिमजे से आअह्ह्ह-आअह्ह्ह करने लगती और उचक रही थी। मेरे हाथ उसके पैरो से लेकर उसके नितम्बो की बीच की दरार में उंगली फिराने के बाद पीठ और कंधो तक जा रहे थे।



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और जब मैंने अपनी जीभ उसके निप्पल्स पर लगाई तो वह सिसकारी लेकर उछाल पड़ी और मुझसे लता की तरह लिपट गयी और बोली भाई मुझे क्या हो रहा है बहुत ही मज़ा आ रहा है, थोड़े और जोरसे मसलो न मज़ा अत है और मैंने भी जहा तक वह बर्दास्त कर सके वह तक उसकी छतियो को मसलता रहा चूमता रहा चाटता रहा उफ़ बिना चुदाई केवल उसकी खुशबू से मुझे जन्नत की सैर का मज़ा आ रहा था, जूनि मेरे अब्बा के भाई द्वारा अपनी माँ की बहन मेरी चाची की मस्त चुदाई की संतान थी और अपने अब्बा के भाई के लड़के से छोड़ने की तयारी में मस्त हो रही थी ।


[Image: pp8.jpg]

जूनि नाज़ुक इतनी थी की मेरे किश करने से जहा मैंने ज्यादा होंठ के दवाब डाला था वहाँ की गोली स्किन गुलाबी हो गयी थी और नज़ाकत से भरी इस गुलाबी गोरी के खुले हुए घुटनो तक लहराते बालों से खेलते हुए मैंने उसके लम्बी घने रेशमी बालो को पूरे जिस्म पर पहला दिया, गज़ब का सेक्सी मौहाल था और में बड़े प्यार से उसके कमसिन चिकने गोरे जिस्म को अपनी बांहो में भर कर अपनी मर्ज़ी आये वही चूमता था। हलके-हलके दन्त का दवाब डालता था और फिर मैंने उसकी गर्दन पर जोर से उसकी स्किन की चुसाई की और वह तो वासना की आग में दधक उठी।


[Image: pp6.jpg]

फिर जल्द ही जूनि का पूरा बदन एक बार अकड़-सा गया और फिर उसमें अत्यंत आनन्ददायक झटके से आने लगे... पहले 2-3 तेज़ और फिर न जाने कितने सारे हल्के झटकों ने जूनि को सराबोर कर दिया... वह सिहर गई ...

जूनि बोली भाई बहुत मज़ा आ रहा है लेकिन कुछ और करो नहीं तो इस मज़े से मेरी पेशाब निकलने वाली है और में समझ गया की जूस निकलने वाला गुलाबो रानी का, आज जब चूदेगी तभी इसकी आग ठंडी होगी ।

उसकी योनि में एक अजीब-सा कोलाहल हुआ और चूत रस की कुछ बूंदे बाहर छलक गयी और फिर जूनि का शरीर शांत हो गया। शांत होने के बाद मैंने प्यार से अपना हाथ जूनि की पीठ पर कुछ देर तक फिराया। ये उसका अभूतपूर्व सेक्स के आनन्द का पहला अनुभव था।

लेकिन उस कमरे में अब सिर्फ मैं और जूनी ही उत्तेजित नहीं थे हमारी हरकते देख कर ज़ीनत भी गर्म हो गयी थी और अपनी चूत और बूब्स मींज रही थी ।

कुछ देर बाद मैंने जूनि को पलट कर सीधा होने के लिए इशारा किया। और वह झट से सीधी हो गई।

मैंने देखा ज़ीनत गर्म हो रही है तो मैंने ज़ीनत के ओंठो पर किश किया और फिर ज़ीनत के चुचों को किस किया। वह अधलेटी-सी हो गयी। उसने अपने शरीर का भार अपनी बांहों पर कर दिया। मैंने उसे देख कर मुस्काराते हुए उसके होंठों पर एक मीठी चुम्मी कर दी।

फिर मैं थोड़ा दूर हुआ और उसके खुले बालों को पीछे किया। वह अपना चेहरा आगे ले आयी और मैं उसे धीरे-धीरे किस करने लगा। मेरे हाथ उसके मम्मों को सहलाते हुए पेट, कमर, गांड पर चलने लगे।

मैंने फ़ौरन उसे अपने पास खींच लिया और उसकी चूचियाँ दबाने लगा, जूनि एक तरफ लेट गई और हमारा खेल देखने लगी। आज जीनत की चूचियों में जो कड़कपन था, वह और दिन के मुकाबले अलग ही था।

मैं उसकी चूचियों को चूसने में लग गया। मैंने 10-15 मिनट तक चूचियों को खूब चूसा, मेरा लंड और कड़क हो गया था। मैंने अपना कुरता उतार दिया।

मैंने जीनत आपा को बिस्तर पर लिटा लिया और उसकी बुर पर हाथ फ़ेरना शुरू कर दिया, उसने भी मेरा लंड पकड़ कर सहलाना चालू कर दिया। मैंने अपनी छोटी और कमसिन बीवी जूनि को इसी तरफ़ देखता देख, मैंने अपनी जीनत की बुर में उंगली करना शुरू कर दिया और जीनत अब काफ़ी हद तक गरम हो चुकी थी और हमे देख कर जूनि भी गर्म हो रही ।

मैं जीनत की चूचियों को चूसने में ही लगा हुआ था। तभी जीनत आपा ने मेरा पायजामा उतारा, अंडरवियर नीचे किया और लंड पकड़ कर सहलाने लगी और बोली जूनि अब तू बहुत मजे लेगी तैयार हो जा।



[Image: pp12.jpg]

अब मैंने जूनी की बुर को देखा वाह क्या कुंवारी और चिकनी बुर थी, एक भी बाल का नामोनिशान नहीं, बिल्कुल छोटा-सा गुलाबी छेद।

मैंने उसकी बुर को सहलाया तो जूनि 'आआआह हहहह करने लगी।'

इस पर ज़ीनत आपा बोली-मियाँ जी, कमसिन और कुंवारी है, इसकी बुर बहुत छोटी और टाइट है। थोड़ा प्यार से और आराम से काम लो जी।

"कैसा लग रहा है?" मैंने जूनि से पूछा।

जूनि कुछ नहीं बोली और आह ओह्ह करने लगी उसकी आवाज में दर्द कम मजा ज्यादा था।

"क्यों जूनि ... अच्छा नहीं लग रहा?" मैंने जान बूझ कर पुछा

जूनि चुप ही रही।

"ओह... शायद तुम्हें मज़ा नहीं आया... देखो शायद अब आये..." कहते हुए मैं ऊपर हुआ और अपने होंट जूनि के ओंठो पर रख दिए।

जूनि के ओंठो पर ओंठ रख कर मैंने अपनी जीभ के ज़ोर से पहले उसके ओंठ और फिर दांत खोले और अपनी जीभ को उसकी मुँह में घुसा दिया। फिर जीभ को दायें-बाएँ और ऊपर नीचे करके उसके मुँह के रस को चूसने लगा और अपनी जीभ से जूनि के मुँह का अंदर से मुआयना करने लगा। साथ ही उसने अपना हाथ जूनि के पेट और छाती पर दोबारा से घुमाना चालू कर दिया। कुछ देर अपनी जीभ से जूनि के मुँह में खेलने के बाद मैंने उसकी जीभ अपने मुँह में ले ली और उसे चूसने लगा।



[Image: ZEENAT2.jpg]


मैंने उसे खूब चूमा और अपनी बांहो में होले-होले दबाने लगा, जूनि भी उत्तेजित थी और मेरे चूमने का जवाब अपने चुंबनों से देने लगी । मैंने उसके दोनों बूब्स सहलाये और हल्के हलके दबाने लगा । क्या सख्त थे उसके बूब्स और बड़ी सेक्सी थी उसके बदन की खुशबू और उतनी ही मादक उसकी सिसकारियाँ ।

कहानी जारी रहेगी
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02-02-2022, 12:57 PM,
#17
RE: Mera Nikah Meri Kajin Ke Saath
मेरे निकाह मेरी कजिन के साथ


भाग 13



छोटी बेगम की सुहागरात 





जूनि नाज़ुक इतनी थी की मेरे किश करने से जहा मैंने ज्यादा होंठ के दवाब डाला था वहाँ की गोरी स्किन गुलाबी हो गयी थी गज़ब का सेक्सी मौहाल था और में बड़े प्यार से उसके कमसिन चिकने गोरे जिस्म को अपनी बांहो में भर कर अपनी मर्ज़ी आये वही चूमने लगा। हलके-हलके दन्तो का दवाब डाला और फिर मैंने उसकी गर्दन पर जोर से उसकी स्किन की चुसाई की और वह तो वासना की आग में दधक उठी।


[Image: TSS0.jpg]

उसकी गर्दन की थोड़ी देर ज्यादा चुंबन और चुसाई की तो मेरे चुम्बन से उसकी गर्दन पर हल्का नीला निशान पड़ गया था लेकिन वह इस फोरप्ले चूमा चाटो और चुसाई से-से मस्त हो रही थी और मुझे उसकी चूँचियो से नीचे जाने के पहले ही इतना मजा आ रहा था की मैंने फैसला किया की अभी इसको खूब प्यार करना है ।

जब मैं उसे उसकी बाजुओ में उसकी बगल में चूम और सहला रहा था तो जूनि के मुंह से गर्म-गर्म सिसकारीया निकलने लगी, तभी मैंने उसके गर्दन के नीचे उसकी छाती को चाटा और चूमा और सीने की घाटी पर जीभ फिरा दी।

उसकी वाह क्या गोलाईयाँ थी उसके स्तन बिलकुल भी ढलके हुए नहीं थे और गुलाबी रंग के छोटे-छोटे निप्पल ... मैं निप्पल बारी-बारी किस कर चूसने लगा। और वह सिसकारियाँ भरने लगी ।

मैंने हलके से उसे कमर से पकड़ा और उसकी नाभि पर एक चुम्बन दिया और ज्यू ही मैंने अपनी जीभ उसके पेट पर फिराई तो वह मज़े के कारन मस्त हो गयी और अह्ह्ह उफ्फ्फ आह आहाहा वह और करो प्लीज जोर से चूमो प्लीज करते रहो कहने लगी । इतना मज़ा मुझे छोड़ने मैं भी नहीं आता उतना मज़ा मुझे उस नाज़नीन के बदन से खेल कर आ रहा था और मैंने उसे उल्टा कर उसकी पीठ को छाटा और पूरे बदन की पहले गीली चटाई की और फिर अपने थूक से पूरे बदन की मालिश कर डाली, जंहा जहाँ मैं चूमता था उसके बदन के मुलायम रोंगटे खड़े हो जाते थे और फिर मैंने उसके चुत्रो को चूमा दबाया और अपनी एक अंगुली से उसकी गांड के फांक को सहलाया लेकिन अंगुली अंदर नहीं की, क्योंकि जब जीनत आपा ने जूनि के साथ सुहागरात मानाने की इजाजत दी थी तो मैंने जूनि की गांड नहीं मारने का कौल दे रखा था ज़ीनत आपा को ।

इस तरह 2 घंटे गुजर गए, मैंने उसकी लम्बी गुलाबी गोरी जांघो से चूमते हुए प्यार करते हुए उसकी पांवो को भी चूमा और उसके पूरे बदन की अपनी जीभ से मालिश करि, उफ़ क्या मादक खुशबू थी।



[Image: TSS6.jpg]

मैंने कहा जूनि तुम्हारा शरीर बहुत नरम मुलायम और चिकना है मैंने पहली बार उसकी योनि में हाथ फिराया और खुश होकर बोला क्या बात है जूनि, इतनी मस्त मखमली चूत, रोयें तक नहीं हैं...! वाह जूनी वाह ... मेरी तो किस्मत खुल गई!

जूनी की बुर बिल्कुल भीगी थी और गरम भी। मौका अच्छा देख कर मैने उसे कहा जूनी मेरे लंड को अपने हाथ में ले। उसने तुरंत हाथ में ले लिया अब हिला वह लंड को शेक करने लगी मैंने कहा ऐसे नही। मैने उसका हाथ पकड़ा और उपर नीचे करने लगा।



अब वह मेरे लंड को हिला रही थी और मैं उसकी चूत को सहला रहा था। हम दोनों चरम पे पहुँच गये... मैने अचानक अपना हाथ रोक दिया उसका रियेक्शन देखने के लिए और खड़ा हो गया।

जूनी बोली क्या हुआ? रुक क्यू गये? करो ना!

ज़ीनत आपा ने देखा अब जूनि तड़फने लगी है तो बोली सलमान अब अपना लंड घुसा दो नहीं तो बेचारी मर जाएगी, मैंने भी अपनी अंगुली उसकी चूत के ऊपर राखी और उसकी बिना झांट के बाल वाली चूत पूरी गीली थी । और फिर अपनी जीभ उसकी चूत पर रख उसकी चूत चाटने लगा, छी भाई पेशाब की जगह चाट रहे हो, लेकिन मज़ा आ रहा है दूल्हे भाई, चूस डालो इसको ।

मैने अपने हाथो से उसके लेग्स को स्प्रेड किया। मैने अपनी जीभ निकाली और उसकी चूत के होंठों को धीरे-धीरे किस करने लगा। जीभ को मैं धीरे-धीरे उपर नीचे करने लगा और अपने हाथो से उसकी गान्ड मसल्ने लगा।: अया...ऐसे ही... मैं अपनी जीभ से खेल था-था वह सिसकारियाँ भर रहि थी ।आह, ओह्ह उंह।ह!

मैं उसकी चूत के होंठो को किस करने लगा। किस करते हुए मैने उसकी चूत के लिप्स को स्प्रेड किया और अपनी जीभ को धीरे-धीरे घुमाने लगा ।

आहह, ...बहोत अक्चा...आअहमम्म्म, उमुमूंम्म्मममममम । वो अब धीरे से अपनी गान्ड उपर नीचे करने लगी। मैं उसकी चूत को चूसने लगा। उसकी चूत से बहुत ज़्यादा जूस बह रहा था। टेस्ट में सॉल्टी और मस्की स्मेल आ रही थी...थोड़ी थोड़ी फिश जैसी । मगर मेरे दिमाग़ पर हवस चढ़ि थी रूम में आह...उऊहह...की आवाज़े आने लगी। ...आआहहहहहहः...आआहा आहा आ आहा आ वह अपनी गान्ड ज़ोर-ज़ोर से हिलाने लगी और मेरा लंड और ज़ोर से हिलाने लगी। ।मैं समझ गया कि अब वह पूरी तरह से गर्म है ।

आईई पीईशाब नननननिककाल जायेगा इससस्स्स्स ओह यह और उसे ओर्गास्म महसूस हुआ और उसकी आँखे बंद हो गयी और वह बोली अब में थक गयी हु ।

मैंने उसके साथ लेटा और उसके ओंठ चूमते हुए उसे बूब्स दबाने लगा और जूनि भी धीरे-धीरे चुंबन में मेरा साथ देने लगी और उसे इस तरह सहयोग करते देख मैंने अपने बदन को थोड़ा और नीचे खिसका दिया और अब मेरा लंड जूनि की चूत के छोटे से छेद पर दस्तक देने लगा।मेरे हाथ उसके स्तनों को मसलने लगे। उसके तन-बदन में आग लग गई। जूनि की टांगें अपने आप थोड़ा खुल गईं और मेरे लंड को उसकी जाँघों के कटाव में जगह मिल गई। लंड योनि से टकराया तो जूनि की हूक निकल गई और उसका बदन रह-रह कर ऊपर उचकने लगा। जूनि चुदने के लिए तड़प गई।

। उधर नीचे मेरा लण्ड सख्त हो चुका ... लण्ड चुत को ढूँढ रहा था, जूनि की बुर पर लंड ने दस्तक दी तो उसे लंड थोड़ा चुभा तो उसने लण्ड को हाथ लगा कर लम्बाई और आकार का अनुमान लगांने कोशिश की!

मेरे लिंग को छूने के बाद चिल्ला उठी है ज़ीनत आपी इनका लण्ड इतना बड़ा है और मेरा छेद तो छोटा-सा है यह तो मुझे चीर के रख देगा मेरी फाड़ देगा बहुत दर्द होगा मैं तो दर्द से मर जाऊँगी ... ज़ीनत आपा बोली जूनी घबराओ नहीं देखो मैं भी चुदी हूँ सलमान से मुझे कुछ नहीं हुआ सही सलामत लेटी हुई हूँ यहाँ तुम्हारे पास । जूनी यह तो मजे का औजार है जितना बड़ा तगड़ा होगा उतने ही ज्यादा मजे देगा।

ज़ीनत आपा बोली मेरी जान जूनी मैं तुझे कोई दर्द नहीं होने दूँगी, तेरा भाई तुझे बड़े प्यार से चोदेगा, तुझे पता भी नहीं चलेगा की कब तेरे भाई का लंड तेरी चूत में चला जायेगा, मेरी रानी बहन, ला मैं तुझे गरम कर डालूं, आ जा मेरी प्यारी बहन? जीनत आपा ने उसकी चूत के दाने को मेरे लंड से सहलाने लगी ।

मैंने सोचा अभी तो असली मज़ा बाकि है अभी लंड कहा डाला है, बेचारी ज़ीनत को चुदते देख समझती थी की लंड बड़ी आसानी से घुसता है, उस को क्या मालूम की कैसा दर्द होता है लेकिन में भी इस बार तयारी करके आया था और उसको तैयार भी बहुत अच्छे से किया था । मैंने k y जेली अपने खड़े लैंड पर लगाई और धीरे से होले-होले से उसकी योनि में अपना लण्ड पकड़ कर अपनी दो उँगलियों से चूत का मुँह खोल कर लण्ड के सुपांडे को अन्दर फसा दिया उसकी चूत में 1″ घुसाया जूनी मजे से कराहने और ओह्ह्ह आह करने लगी और फिर बोला देखो जूनि एक बार अभी तुम्हे दर्द होगा लेकिन फिर ता उम्र ज़ीनत के जैसे ऐश करोगी । काफी गीली होने के कारन अभी तक उसे दर्द का अहसास नहीं हुआ था इस लिए बोली मुझे तो मज़ा आ रहा है, मैंने कहा फिर भी बर्दाश्त करना और उसकी नाज़ुक हथेलियों को दबाकर उसके लिप्स को अपने लिप्स से चूसता हुआ मैंने एक करारा शॉट दे मारा । सरसराता हुआ लंड उसकी योनि की दीवारों से रगड़ते हुए अंदर चला गया और नाज़ुक झिल्ली को चीरता हुआ 6″ अंदर घुस गया । वह छटपटाने लगी लेकिन मेरे लिप्स के उसके लिप्स के ऊपर होने के कारन सिर्फ गु-गु की आवाज़ ही निकल प् रही थी । मैंने एक और शॉट जोर से मारा और उसकी मुलायम, टाइट चूत में पूरे लंड को घुसा दिया और उसकी निप्पल्स को मुंह में भर कर चूसने लगा । वह आईई अअअअअ-अअअअअ आआ दारररद ह्ह्ह्हूऊऊऊऊताहै हैईईई आआपा मर गयी ममेरी रररर ऊऊफफफफफफ अअअअअअअ आहाहा करने लगी। लेकिन 5 मिनट के बाद जब मैंने उसकी हलकी चुदाई शुरू की तो वह तुरंत झड़ गयी। उसके साथ ही उस गुलाबी चूत में उसके बूब्स को अपने सीने से दबाये में भी झड़ गया और जन्नत की सैर में चला गया । फिर उसको टॉयलेट में ले जाकर उसकी चूत साफ करि और चादर जिस पर खून के निशान पड़ गए थे उसे बदल कर फिर 30 मिनट बाद उस कमसिन हसीना को चौदा और उसकी चूत में लंड डाल कर करीब सुबह 8 बजे तक सोता रहा ।



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दुसरे दिन ज़ीनत बोली आप तो एक्सपर्ट हो गए हमारे साथ तो वहशीपना दिखाया था अब मेरी भी ऐसी ही चुदाई करना ।

कहानी जारी रहेगी
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02-02-2022, 12:59 PM,
#18
RE: Mera Nikah Meri Kajin Ke Saath
मेरे निकाह मेरी कजिन के साथ

भाग 14



छोटी बेगम की सुहागरात की सुबह 


सुबह सुबह ज़ीनत बोली आप तो एक्सपर्ट हो गए हमारे साथ तो वहशीपना दिखाया था अब मेरी भी ऐसी ही चुदाई करना। मेरे साथ आपको क्या हो गया था ?

मैंने कहा आपा आप सबसे सुन्दर ,गोरी और मेरे से बड़ी होने के बावजूद मस्त माल हो।आपको देखकर मैं पागल हो जाता हूँ । मेरा मन आपको देखते हे बेकाबू हो जाता है। आप मेरे दिल की मल्लिक्का हो और आपकी गोल गोल बूब्स से भरी उसकी छाती और भरे भरे गालों के साथ नशीली आंखें मुझे नशे में कर देती हैं ।

और जब आपने सुहाग रात में कहा था की मुझे मसल दो, मुझ पर छा जाओ, में मदहोश हूँ, आओ मेरे राजा मेरी प्यास बुझा दो। तो मुझे अलग ही मस्ती चढ़ गयी थी और मेरा मन आपको देख कर आज भी , कर रहा है कि बस आपको चूमता, चाटता रहूँ और अपनी बाहों में जकड़ कर मसल डालूँ ! और जब आप कहती थी और जोर से और तेज करो तो मेरा जोश बढ़ जाता था और मैं कर तेज करने लगा ।



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ये बोल कर मैं जीनत पर चढ़ कर उन्हें बेकरारी से चूमने लगा। और चूमते चूमते हमारें मुंह खुले हुये थे जिसके कारण हम दोनों की जीभ आपस में टकरा रही थी और हमारे मुंह में एक दूसरे का स्वाद घुल रहा था। कम से कम 15 मिनट तक उसका लिप्स किस लेता रहा मैंने अपना हाथ उठाया और उनके बूब्स दबाने लगा, वो भी मेरा साथ देने लगी, और मैंने उसके कपडे निकाल दिए और फिर मेरा ध्यान फिर उसके मम्मो पर चला गया के मम्मे बिल्कुल गुलाबी थे, उनकी जिल्द बहुत ज्यादा चिकनी थी.. कोई दाग.. कोई धब्बा या किसी पिंपल का नामोनिशान नहीं था।

उनके गुलाबी मम्मों पर हरी नीली रगों का जाल था और एक-एक रग साफ देखी और गिनी जा सकती थी। मुकम्मल गोलाई लिए हुए जीनत आपा के मम्मे ऐसे लग रहे थे.. जैसे 2 प्याले उल्टे रखे हों.. इतनी मुकम्मल शेप मैंने आज तक किसी फिल्म में भी नहीं देखी थी।थोड़े बहुत तो लटक ही जाते हैं हर किसी के.. लेकिन जीनत आपा के मम्मे बिल्कुल खड़े थे.. कहीं से भी ढलके हुए नज़र नहीं आते थे।

जीनत के गुलाबी मम्मों पर गहरे गुलाबी रंग के छोटे-छोटे सर्कल थे और उन सर्कल के बीच में भूरे गुलाबी रंग के छोटे-छोटे निप्पल अपनी बहार फैला रहे थे।



[Image: mn6.jpg]

मै उनकी चुचियों को मसलने लगा, और वो मादक आवाजें निकालने लगी, आह उह आह की आवाजें पुरे कमरे में गूंज रही थी। फिर मैंने उनके मोमो को चूसना शुरू कर दिया उनके मोमो कड़क हो गए थे और चुच्चिया कह रही थी हमे जोर से चूसो।मैंने चूचियों को दांतो से काटा तो जीनत आपा कराह उठी आह यह आह उनके बूब्स लाल हो चुके थे। फिर मैंने उनकी नाभि को चूमा अपनी जीभ उनकी नाभि में डाल दी ।आपा मस्त हो गयी और मेरे सर अपने पेट पर दबाने लगी आपा का पेट एकदम सपाट था कमर पतली और नाजुक मैंने उनके एक एक अंग को चाट डाला। उन्होंने मुझे कस कर पकड़ लिया और मुझसे लिपट गयी, उनका गोरा बदन सुर्ख लाल हो गया था। आपा ज़ोर-जोर से हाँफ रही थी ।मेरे हाथ उनके बूब्स को मसलने लगे फिर मैं उनकी चूचियों को खींचने लगता था तो आपा सिहर जाती थी और सिसकने लगती थी। उनकी चूत गीली होने लगी बदन कांपने लगा और आपा झड़ गयी ।


आपा की आह ओह्ह और कराहने सुन कर जूनी भी उठ गयी और मैं उसको लिप किश करने लगा मेरे किस करने से वह सिहरने लगी तो मैंने उसको ममो को दबाना शुरू कर दिया उसकी बूब्स बिलकुल छोटे छोटे संतरो जैसे थे और उसके निप्पल गुलाबी थे .. मैं उसके निप्पल चूसने लगा उसके मोमो मेरे मुँह में पूरे आ गए. मैं अपनी जीभ उसके निप्पलों पर फेरे लगा उसकी सिसकारियां छूट रही थी वह ओह्ह्ह आअह्ह्ह कर रही थी ।

मैंने उसको अपनी गोद में बिठा कर उसकी टांगों को अपने दोनों तरफ कर दिया उसकी छातिया मेरी छाती से चिपकी हुई थी. बहुत नरम नरम लग रहा था मेरे को ।



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फिर मैंने योनि को अपने लिंग से सहलाया और एक ही बार में अपना तना हुआ लिंग योनि की जड़ तक बिठा दिया। इस पर कमरा ‘आहह ऊहह..’ की आवाजों से गूंज उठा। फिर एक हल्का सा धक्का मारा और अब लंड बिना किसी रोक टोक अंदर चला गया।

मैंने महसूस किया कि जूनि का शरीर अब काफी रिलैक्स हो गया और उसकी जांघें पूरी तरह से खुल गई थी।




[Image: mia1.jpg]

तब मैं धीरे से धक्कों की स्पीड बढ़ाने लगा और साथ ही उसके मम्मों को चूमने और चूसने लगा, उसके लबों पर एक बड़ी हॉट किस जड़ दी और अपना मुंह उस के मुँह पर रख कर उसकी जीभ के साथ अपनी जीभ से खेलने लगा।



उसके चूतड़ों के नीचे हाथ रख कर अब ज़ोर से धक्के लगाने शुरू कर दीये मैंने जीनत आपा की तरफ देखा, उन्होंने आँख के इशारे से कहा- लगे रहो!

फिर मैंने लंड को चूत में ही रखे रखे धक्के मारने लगा, साथ ही उसके गोल और सॉलिड मुम्मों को मुंह में लेकर चूसने लगा और उसकी चूचियों को मुंह में लेकर गोल गोल घुमाने लगा।

अपने हाथों को उसके चूतड़ों के नीचे रख कर अब गहरे धक्के मारने लगा और जैसे जैसे ही मैं तेज़ी पकड़ रहा था जूनी मेरे से और भी ज़्यादा चिपक रही थी और अब वो खुद ही मुझको चूमने और चाटने लगी थी।



[Image: pp7.jpg]

मेरे धक्कों की स्पीड इतनी तेज़ होती गई कि थोड़ी ही देर में जूनी हाय हाय… करते हुए झड़ गई और उसका शरीर झुरझुरी से कम्पित हो गया।

हालाँकि वो झड़ चुकी थी फिर भी उसकी बाहें मेरे गले में ही थी और वो मुझसे बुरी तरह से चिपकी हुई थी।

अब मैंने उसको अपने से अलग किया और फिर मैंने उससे पूछा- क्यों दुल्हनिया मज़ा आया या नहीं?

जूनी थोड़ी सी शरमाई और बोली- बहुत मज़ा आया .. आप कमाल के जादूगर हो बहुत मजे देते हो ।


कहानी जारी रहेगी
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02-02-2022, 01:01 PM,
#19
RE: Mera Nikah Meri Kajin Ke Saath
मेरे निकाह मेरी कजिन के साथ


भाग 15



छोटी बेगम की सुहागरात की सुबह 





जूनि के खूबसूरत चेहरे पर उसके खुले हुए बालों की लटे पड़ी हुई थी और उस के रस भरे होंठ और स्तन मेरे थूक से चमक रहे थे। बिस्तर पर बिछे फूल बुरी तरह से मसले जा चुके थे और पैरो के पास पायल टूट कर गिरी हुई थी। बालो का गजरा टूट कर फ़ैल चूका था परन्तु बालो में ही लटका हुआ था। हाथो के पास कुछ कांच की चुडियो के टुकड़े थे और कलाईयों पर निशाँ थे गले का हार टूट कर पता बिखर गया था, कान के झुमके गिर गए थे। बाल खुल कर फैले हुए। जूनि की चूत मेरे मोटे और बड़े लंड की जबर्जस्त चुदाई की वजह से सुर्ख हो कर फूल गई थी।

जूनि, ज़ीनत आपा और मेरे शरीर पर जहाँ तहँ कुछ फूलो की पंखुडिया चिपकी हुई थी और बिस्तर की चादर चुदाई के पानी से जगह-जगह से भीग कर तर हो चुकी थी।

जूनि अपनी टाँगें खोले बिस्तर पर कमर के बल बे सुध पड़ी हुई थी। मेरे लंड ने जूनी की फूल जैसी कोमल और टाइट चूत की वाकई में हालत खराब करके रख दी थी और वहाँ का नजारा देख कर स्पष्ट हो रहा था कि यहाँ सुहागरात में जबरदस्त चुदाई का खेल खेला गया है।



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जूनी का सारा शृंगार बिगड़ गया था लेकिन अब उसका ये रूप अलग ही मोहकता लिए हुए था। जूनी की आँखे बंद थी और मैंने उसके चेहरे पर संतुष्टि के भाव देखे। तो मैं आगे बढ़ा और उसे चूमने लगा।

ज़ीनत आपा फिर जूनी का बदन देखने लगी जगह-जगह मेरे चूसने और दांतो के दबाब देने के कारण निशान पड़ गए थे और जीनत आप सब निशानों पर किस करने लगी तो जूनि कराहने लगी । ज़ीनत आपा बोली सलमान तुमने बेचारी फूल जैसी जूनी का हाल बेहाल कर दिया है! तुमने फूल से भी कमसिन और कोमल जूनि का देखो क्या हाल कर दिया है ।



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जब साँसे सम्भली तो जूनी उठी और शीशे के सामने खड़ी हो कर अपने जवान बदन का जायज़ा लेने में मसरूफ़ हो गई और एक-एक अंग तो बड़े गौर से देखने लगी।


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मैंने कभी अपनी किसी बहन को आईने के सामने अपने नंगे बदन का जायजा लेते हुए नहीं देखा था, इसीलिए आज अपनी छोटी बेगम जूनि को इस तरह शीशे के सामने खड़े हो कर अपने जिस्म का जायज़ा लेने का मंज़र मेरे लिए एक अनोखी बात थी । इसीलिए मैं कमरे में खड़ी अपनी छोटी बेगम को आयने के सामने इश्तियाक से देखने लगा और जूनी की अल्हड़ और मचलती जवानी को देख कर मस्ती से बेक़रार हो रहा था।



[Image: mirror.jpg]

आज जूनी की अल्हड़ जवानी एक अनोखा ही रस दे रही थी फिर मेरे देखते ही देखते जूनी ने एक बहुत ही मदहोश अंगड़ाई ली।

जूनी की इस अंगड़ाई से उस के मम्मे ऊपर की तरफ़ छलक उठे। तो जूनी की इस मदहोश अदा से मैं मज़ीद गरम और बेचैन हो गया।

बेड रूम में आयने के सामने खड़ी जूनी के जवान, बदन को देख-देख कर अपनी आँखे सेकने में मुझे बहुत मज़ा आ रहा था आगे पीछे पूरा बदन साफ़ नजर आ रहा था।

इस तरह उस सुबह जूनि की छोटी-छोटी चूचियाँ जिसपे हलके पिंक कलर के निप्पल गजब लग रहे थे मैं आगे हुआ और तुरंत ही उसे अपने बाजुओं में भर लिया और उसकी टाइट टाइट-सी छोटी-छोटी चूचियाँजब मेरे हाथ में आयी तो मेरा तन बदन में आग लग गयी और मेरा लौड़ा सलामी देने लगा मेरी धड़कन तेज हो गयी और उसकी जिस्म की गर्मी और तेज-तेज साँसे जब मेरे बदन को छूई तब मुझे बहुत मजा आया।

मैं उसके मम्मे मींज रहा था। जूनि-सी 2 की आवाज कर रही थी। से ऐसा करते देख मेरा जोश और भी ज्यादा हो गया। मैं और जोर-जोर से उसके मम्मों को दबा दबा कर पीने लगा। जोर से दूध पीते ही कभी-कभी मेरे दांत उसके निप्पल में गड़ जाते थे। पुष्पा “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. ऊँ—ऊँ…ऊँ….” की आवाज निकाल देती थी।

मैंने उसके होठ को छुआ तो उसने मेरा हाथ पकड़ लीया और अपनी नशीली आँखों से निहारने लगी, वह निहारती रही और मैं उसकी चूचियों को दबाने लगा, फिर मैंने उसको खड़ा किया और उसके रसीले होठ को चूसने लगा, वह भी मेरे होठ को डीप किश कर रही थी।

मैं जूनी के बूब्स को जोर-जोर से दबाता जा रहा था। वही दूसरी ओर मेरे लौड़े पर ताव आता जा रहा था। मेरी और जूनी की साँसे धौकनी की तरह दौड़ रही थी। हम दोनों की गरम हो रहे थे। तभी मैंने उसके बड़े से चुत्तड़ पर एक जोर की चपट लगायी। फिर उसकी जुस्फों से मैं उसके जिस्म की खुसबू लेने लगा।

मैंने अपने में सटा के उसके दोनों चूतड़ को पकड़ कर अपने लौड़े से सटा लिया, मैं उसकी मेरे लौड़े के पास आ गया मैंने ऊपर से ही लौड़े को उसके गांड में रगड़ने लगा, वह व्याकुल हो गई और मेरे बाल को सहलाने लगी। तभी ज़ीनत आपा ने मुझे रोक दीया, मेरे हाथ पकड़ लिया, मैंने कहा मैंने आप को कौल दिया है अभी इसकी गांड नहीं मारूंगा पर मुझे छूने तो दो।

मैंने उसको बेड पर उलटी लिटा दिया और-और फिर उसके चूतड़ को दबाने लगा। वह भी मजे लेने लगी। फिर मैं उसकी पीठ और गर्दन चूमने और चूसने लगा और टाँगे फैला कर बीच में बैठ करचूतड़ों ऊपर से ही लौड़ा रगड़ने लगा। वह खूब मजे ले रही थी और मैं भी मजे ले रहा था पर बर्दाश्त के बाहर हो रहा था।

फिर मैं उसके चूतड़ों की दरार के बीच में से उसकी चूत पर हाथ फेरने लगा ओह्ह्ह उसकी चूत गीली हो चूकी थी । वह जोर से चिल्ला उठी आआहह, ओमम्म्मममम, सस्स्सस्स हहा और मचलने लगी और कसमसाते हुए अपनी गांड को इधर उधर घुमाने लगी। अब वह सिसकारियाँ मारने लग गई थी। अब वह अहाह, आहहह, आहहह कर रही थी।

मैंने उसकी चूत पर ऊँगली फिराई और चूत के रस को ऊँगली पर लगायी और चाट गया। ओह कितना नमकीन पानी था उसकी चूत का।

फिर मैंने उसको घोड़ी बना दिया और उसकी चूत पर लंड को रगड़ने लगा.

मैंने उसकी चूत में भड़के हुए शोले को खत्म करने के लिए अपना लंड उसकी चूत के छेद पर सटा दिया। मेरे लंड के ठीक निशाने पर ही उसकी चूत की छेद थी। मैंने जोर से धक्का मार कर अपना आधा से अधिक लंड उसकी चूत में घुसा दिया। जूनी के मुंह से चीखें निकल गई। वह बहुत तेज से“……अम्मी आपि …..सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ. .ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ..” की आवाज निकालने लगी।




और फिर मैंने उसकी चूत में पीछे से लंड को डालकर चोदना शुरू किया । उसकी चूत बहुत टाइट लगी और मुझे लगा पीछे से लंड ज्यादा अन्दर तक गया और पहले से ज्यादा मजा आया। फिर में उसे लगातार धक्के देकर चोदता रहा।

मुझे उसे चोदने के लिए और भी ज्यादा उत्तेजना होने लगी। मैंने अपनी स्पीड को बढ़ा दी। मैं जल्दी-जल्दी अपनी कमर और चूतड़ आगे पीछे कर उसकी चूत में अपना लंड अंदर बाहर कर रहा था। जूनी घोड़ी बनी हुई चुदाई का मजा ले रही थी। उसकी“….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” की आवाज से पूरा कमरा भरा हुआ था।

बीच-बीच में पीछे से जूनी के मोमो पकड़ कर दबाता रहा और ज़ीनत आपा मेरे पास आकर मुझे किस करने लगी.

मै भी बहोत ही मजे ले ले कर उसकी घोड़ी बना कर पीछे से चूत चुदाई शुरू कर दी। उसकी चूत मेरे पूरे लंड को खा रही थी। मैने उसकी चुदाई को और भी ज्यादा तेज कर दी। उसकी मटकती कमर को पकड़ कर अपना लंड जोर जोर से उसकी चूत में घुसा कर निकालने लगा। मैं अपने लंड को जड़ तक पेल रहा था। वो अपनी गांड को मटका कर “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” की आवाजो के साथ चुद रही थी।


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मैं उनके लिप्स चूसते हुए करीब 25 मिनट तक लगातार जूनि को घोड़ी बना कर चोदा वह कई बार झड़ चुकी थी । उसकी टाइट चूत की रगड़ से मैं भी झड़ने की कागार पर पहुच चुका था। आखिर में उसकी चूत में मैंने एक बार फिर अपना पानी डाल दिया ।



[Image: Z06.jpg]

मैंने अपनी पिचकारी उसकी चूत में छोड़ दी।

जब मेरे और जूनि के रस का आपस में मिलाप हुआ तो जूनि पलटी और हम दोनों के जवान पसीने से भीगे हुए शरीर भी एक दूसरे लिपट गये। जूनि निढाल हो कर लेट गयी । कुछ देर तक तो मैं अपना लंड उसकी चूत में डालकर ही बिस्तर पर पड़ा रहा। मेरा लंड धीरे-धीरे सिकुड़ने लगा। मेरे लंड के सिकुड़ते ही उसकी गांड से माल बाहर आने लगा। बिस्तर पर पड़े चादर पर माल बिखर गया। उसने चादर पर बिखरे हुए सारे माल को पोंछ कर उस पर लेट गई। मैं उसको प्यार से सहलाने लगा और किस करने लगा और जूनि की कमसिन नाजुक चूत बुरी तरह से सूज चुकी थी ।

इसी दौरान बिस्तर पर लेटे-लेटे और अपनी छोटी बहन की गरम सिसकियों को सुनते हुए ज़ीनत आपा को अपनी चूत में कसमसाहट महसूस हुई।

अपनी चूत पर खारिस करने के लिए ज़ीनत आपा ने ज्यों ही अपने हाथ से दुबारा अपनी चूत को छुआ तो ना सिर्फ़ ज़ीनत आपा के नीचे की चादर उसी की चूत के पानी से गीली हो गई। बल्कि उनका अपना हाथ भी उस की अपनी चूत के बहते पानी से भीग-सा गया।

अपनी चूत की इस काफियत पर ज़ीनत सन्न रह गई। क्योंकि उस ने तो कभी खवाब में भी नहीं सोचा था कि जूनी की चुदाई देख कर उनकी चूत अपना पानी इस तरह छोड़ने लगेगी कि उनकी चूत से निकलता हुआ पानी चूत से निकल-निकल कर उस की मोटी गान्ड की तरफ बहने लगेगा। उन्हें ये महसूस करके बहुत हैरत हुई।


कहानी जारी रहेगी
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02-02-2022, 01:03 PM,
#20
RE: Mera Nikah Meri Kajin Ke Saath
मेरे निकाह मेरी कजिन के साथ

भाग 16



दोनों कजिन्स चुदासी हुई 


सेक्स... एक ऐसा शब्द जिसको नवजात शिशुओं को छोड़कर हर कोई जानता है। दैनिक आधार पर हम प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कितनी ही घटनाये देखते हैं और देख सकते हैं जिनसे हम आसानी से अंदाजा लगा सकते हैं कि कैसे लोग सेक्स के लिए मानसिक रूप से निराश हैं। चाहे रोड पर गन्दा कमेंट करने वाला कोई लड़का हो या छत के किसी कोने पर छूप कर किसी से कोई बात कर रहा हो या मोबाइल पर कोई परम देख या पढ़ रहा हो या फिर किसी लड़की को बुरे तरीके से घुरता हुआ कोई बुड्ढा अंकल हो या ओपन ब्लाउज से अपनी एसेट्स को दिखाती कोई लड़की या महिला हो। सेक्स का हर कोई प्यासा होता है, समय पर सेक्स करना उनका हक है कुदरती जरूरत है। लकिन ये हर किसी को टाइम पर नहीं मिल पाता, अगर मिल पाता तो कितनो की लाइफ में कभी भी कोई गलत कदम उठा ही नहीं होता।

उस दिन शाम को जब खेत से लोटा तो देखा की जूनि मेरे इंतज़ार में हवेली के गेट पर खड़ी थी। मुझे देखते ही शर्माकर अंदर चली गयी और खाना खिलाते वक़्त जब जीनत चल रही थी तो ज़ीनत की बड़ी-बड़ी गांड़ हौले-हौले हील रही थी और उसकी टाइट साड़ी से उसकी अंड़रवियर का उभार साफ़ दिख रहा था जिसे देख कर मेंरा लण्ड़ बुरी तरह से खड़ा हो गया। खाना खिलाने के बाद जूनि मेरे सामने खड़ी हुई शर्मा रही थी तो मुझे उसकी इस मनमोहक अदा पर बड़ा प्यार आया।

मेरे मुंह तो नया-नया खून (या चूत कहें?) लगा ही था। इधर ज़ीनत आपा भी पीरियड्स में कसमसा रहा थी और जूनि ने पहली बार चुदाई का मजा लिया था। दोनों कजिन्स आँखों ही आँखों में अपनी प्यास ज़ाहिर कर रही थी। जीनत आपा भी चुदाई के लिए बेचैनी से तिलमिला उठी थी।

जूनि का शर्मिलापन मेंरे लिये काफ़ी सुखद और आकर्षक था और जूनि का शानदार जिस्म, गोरा बदन, सुंदर चेहरा, बेह्तरीन चिकनी जांघे, बाहर की तरफ़ निकलती हुई गोल-गोल गांड और मदहोश करने वाली रसीली शानदार उभारों वाली उसकी दोनों छातियाँ।

मेंरा ध्यान पूरी तरह से जूनि की कड़्क जवानी के रस से भरपूर छातीयों पर ही था। झिनी साड़ी के भीतर से दिखने वाले उसकी छाती के क्लिवेज का तो मैं दिवाना बन गया था और मैं भी उसे बुरी तरह से घूर रहा था तो जीनत और जूनि दोनों पूरी तरह से समझ गयी थी कि मैं जूनि के कौन से अंग को निहार रहा हूँ। वह बुरी तरह से झेंप गयी, लेकिन हाय रे उसकी शरम वह चाह कर भी मेंरे सामने अपना पल्लु ठीक नहीं किया और मैं उसके शर्म का भरपूर फ़ायदा उठाते हुए उसके जिस्म को घूरने का पूरा मजा लेने लगा।

उसे देख मेरा लंड़ खड़ा हो गया और मुझे ऎसी ईच्छा हुई कि मैं इसे तुरंत नंगी कर ड़ालू और उसकी रसीली छातियों में भरे हुए जवानी के रस को जी भर कर पिऊ। कमसिन लड़की एक रात की चुदाई में ही चुदासी हो गयी थी मैंने उसे गोद में उठाया और चूमते हुए बिस्तर पर ले गया।

वो मेरे बिस्तर में ही मेरे साथ लेट गयी और हमने आज खेत पर क्या-क्या काम किया मैंने उसे सब बताया।

उस दिन खेत पर बहुत काम था इसलिए मैं बहुत थका हुआ था सो लेट गया और उसे चूमता रहा और उसकी दांई गांड़ से अपना हाथ घुमाते हुए उसकी बाई गांड़ पर घुमाते हुए उसके कमर और पीठ पर घुमाते हुए जूनि के कंधो पर रख दिया।

मेंरे हाथ उसके कंधो पर ठीक उसकी ब्रा की पट्टी पर थे, अब मैंने अपनी ऊंगलियों को ढीला छोड़ दिया और अब वह ठीक उस जगह के उपर थी जहाँ से उसके स्तन का उभार शुरु हो रहा था। बाते करते-करते मैं जूनि के बूब्स को दबाने लगा ।

जूनि बोली आज इतना काम किया है तो थक गए होंगे मेरी बांहो में ही सो जाओ, मैंने देखा की ज़ीनत आपा बहुत दुखी थी की ऐसी कमसिन अल्हड जिस्म की मल्लिका को छोड़ सलमान उसके पास तो बड़ी मुश्किल से ही आएगा।

में जैसे ही जूनी के साथ लेटा तो ज़ीनत भी मेरे बिस्तर पर मुझसे चिपक कर लेट गयी,। अब एक तरफ जीनत मेरे साथ चिपकी हुई थी और एक तरफ जूनि मेरे साथ चिपकी हुई थी और मैं उन दोनों को बारी-बारी किश कर रहा था। मैंने सोचा काश मेरी बाकी दोनों बीबियाँ आरसी और रुक्सार भी मेरे पास होती तो उनको नीचे और ऊपर लेता कर बॉक्स बना देता।



खैर चूँकि मैं थका हुआ था मैं 2 घंटे जम कर सोया और दोनों कजिन्स भी मेरे साथ ही सो गयी और जागने के बाद जीनत को चूमते-चूमते मैं उसके बूब्स को दबाने लगा।


[Image: KIS1.jpg]


जीनत की सांसे कुछ तेज हो गई थी और वह जरा जोर से गहरी सांस ले रही थी। गहरी सांसे लेने के कारण उसके स्तन उपर नीचे हो रहे थे, जब उसके दोनों स्तन उपर की तरफ़ उठते तो मेंरी उंगलियाँ उसके स्तनों के उभार शुरु होने वाले स्थान से काफ़ी नीचे तक अपने आप चली जाती और उसके स्तन का काफ़ी हिस्सा उससे छुआ जाता। मैं जीनत के शरीर से उसी तरह चिपका हुआ था जैसे लोहा चुंबक से। लेकिन इस तरह स्तन के छुआने से मेंरे लिये खुद पर कबू रखना मुश्किल हो रहा था। फिर मैं अपना हाथ जीनत की नरम गांड़ के पास ले गया, चार पांच बार हल्के से अपने हाथ को उसकी गांड़ से टकराने के बाद मैंने अपना हाथ हिलाना बंद कर दिया और मेंरा हाथ अब उसकी गांड़ से चिपक गया। 30-40 सेकण्ड़ तक उसी तरह से अपना हाथ का उपरी भाग उसकी गांड़ पर रखने के बाद मैंने फ़िर से अपने हाथ को घुमा लिया और अपनी हथेली को उसकी गांड़ से लगा दिया, अब उसकी गांड़ मेंरी हथेली में थी। मैंने अपनी हसीना की गांड़ को जरा जोर से दबा दिया और उसकी गांड़ में हल्के से हाथ घुमाते हुए उसकी अंडरवियर को तलाशते हुए अपना हाथ उसकी अंडरवियर के उभार पर रख दिया।


[Image: Z08.jpg]

जब मैंने ज़ीनत की गांड़ को जरा जोर से दबाया तो ज़ीनत ने कहा की कोई हर्ज़ नहीं है सलमान आज मेरे पीरियड्स का चौथा दिन है अब पीरियड्स बहुत हलके ही गए हैं और तुम तो मेरे को पीरियड्स में ही चोद दो और बोली तुम तो सिर्फ पड़े रहो तुम्हारा लंड खड़ा कर के में ही ऊपर से चोदूंगी और तुम्हारे को जन्नत की हूर कैसे चोदती है वह दिखाऊंगी।

में भी बड़ा लकी हूँ सारी कजिन्स किसी हीरोइन से कम नहीं थी, ज़ीनत सुष्मिता की तरह, जूनि तब्बू की तरह, रुक्सार रवीना जैसी और आरसी अमिशा जैसी। जूनि और रुखसार पतली कमर वाली, तो आरसी के पतले बदन पर हड्डिया बहुत सेक्सी थी।


कहानी जारी रहेगी
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