मस्तराम की मस्त कहानी का संग्रह
06-11-2021, 12:33 PM,
RE: मस्तराम की मस्त कहानी का संग्रह
वो सारा नज़ारा देखकर पराग से और संयम नहीं हुआ और उसने मुझे अपने कड़क मोटे लौड़े से चोदना आरम्भ किया.

एक लौड़ा मुँह में और दूसरा चूत में, मैं तो सातवे क्या, सत्तरवें आसमान में उड़ने लगी.

"आह, भाभी कितनी लक्की हो तुम, दो दो लौड़े साथ में ले रही हो. मैंने तो सिर्फ तुमको चोदने के सपने देखे थे, ये कभी नहीं सोचा था की तुम थ्रीसम भी करती हो."

"अजय, कल तुम्हें एक और चूत दिलाऊंगा, मेरे ऑफिस की रिसेप्शनिस्ट और हमारी सेक्स पार्टनर डॉली. आज दिल भर के चोद ले अनु को," पराग हाँफते हुए बोला.

"चल, अब मैं भाभी को चोदूंगा और तुम अपनी अनु डार्लिंग से अपना लौड़ा चुसवाओ पराग भैया," कहकर अजय ने अपना सख्त हथियार मेरे मुँह से निकाला.

परागने उठकर मेरे स्तनोंको मसला और अपना लंड मेरे मुँह में देकर धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा.

अजय ने मिशनरी पोज में ही मुझे चोदना चाहा, मगर मुझे एक और विचार आया.

"पराग, तुम पीठ के बल लेट जाओ, मैं झुककर तुम्हारा लंड चूसती हूँ. अजय भैया, तुम मुझे पीछे से डॉगी पोज में चोदो।"

दोनों मेरे बताये हुए पोज में आ गए और मैं ज़िन्दगी का पहला दो मर्दोंके साथ थ्रीसम का आनंद लेने लगी. अजय मेरी योनि में अपने लौड़े से ठोकर मारने लगा और साथ में मेरे वक्षोंको मसलता गया. पराग अपनी आँखे बंद कर लेटा रहा और मैं उसका लंड चूसकर उसे सुख देती रही. हम तीनों भी अत्याधिक उत्तेजना के बहाव में डूब रहे थे. मेरी योनि से लगातार कामरस बह रहा था, और अजय भी लगभग झड़ने वाला था. पराग के लंडसे वीर्य की बूंदे मेरे मुखमें आ रही थी, जिन्हे मैं प्रेम से निगल रही थी.

"भाभी डार्लिंग, अब मेरा फव्वारा छूटने वाला हैं, तेरे अंदर ही छोड़ दूँ या मुँह में लोगी?" अजय ने पूछा.

"अंदर ही छोड़ दे तेरा गरम पानी मेरी जान," मैं पराग का लौड़ा चूसते और वीर्य की बूंदो को निगलते हुए बोली. उसी समय पराग के वीर्य की पिचकारी मेरे गले में उतर गयी. उसका नमकीन और गाढ़ा वीर्य मैं पीते गयी. और दो तीन पिचकारियोंमें और बहुत सारा वीर्य मेरे गले के नीचे उतर गया.

चार पांच झटके मारने के बाद अजय भी मेरी योनि के अंदर स्खलित हो गया. मैं पराग के बाजू में लेटी और अजय मेरी दूसरी ओर. दस मिनट विश्राम करने के बाद हम तीनो बाथरूम में गए. वहां दोनों भाइयोंने मुझे नहलाया, साबुन के झाग से मेरे स्तन, कूल्हे, पीठ, योनि और जांघोंको अच्छे से साफ़ कर दिया. शावर के नीचे मैंने एक एक करके दोनोंके लंड चूसे, उन्होंने भी मेरे निप्पल्स चूसकर और मेरी चूत को अपनी उंगलिया, होठ, जीभ और दातोंसे बहुत प्यार दिया.

तौलिये से अंग पोंछकर हम फिरसे कामक्रीड़ा में लग गए. पराग योनि चाटता गया और अजय ने मेरे बड़े बड़े वक्षोंके साथ टिट फकिंग किया. फिर पराग को बिस्तर पर लिटाकर मैं उसके लौंड़ेपर सवार हो गयी. उछलते हुए अजय के लंड को चूसती गयी. इस बार अजय जल्दी स्खलित हुआ और अब उसका वीर्य मैंने पी लिया.

पांच मिनट बाद पराग भी वीर्यपतन के करीब आ गया. मैंने नीचे उतारकर उसे चूसने लगी. मेरी खुद की योनिरस से लबालब लिंग चाटने लगी, तभी उसका वीर्य उमड़ा। आज कई दिनोंके बाद मैं खुद की योनि का रस और पराग के वीर्य का मिला-जुला स्वाद ले रही थी.

रात में पराग गहरी नींद में सो गए, मगर अजय को कहाँ नींद आने वाली थी. उसने मेरे स्तनोंको चूसते हुए जगाया और धीरे से कानों में फुसफुसाया, "चलो भाभी, दुसरे कमरे में जाकर एन्जॉय करेंगे."

उत्तेजित हो कर मैंने भी हाँ कर दी. अजय ने मुझे अपनी मजबूत बाहोंमें उठाया और दूसरे बैडरूम में ले गया. मुझे पलंग पर पटक कर वो मेरे बदन पर लेट गया.

मेरे होठ चूसते चूसते उसकी जीभ मेरी जीभ से खेलने लगी. अजय की दोनों हथेलिया मेरे स्तनोंको मसलने में व्यस्त हुई और उसकी बालोंसे भरी जाँघे मेरी मुलायम मांसल जाँघोंसे रगड़ने लगी. उसका लंड भी तन कर मेरी योनि पर घिसने लगा. मानो वो पूरे शरीर से मेरे साथ संभोग सुख लेने की कोशिश कर रहा था.

"आह, अनु, कितनी हॉट और सेक्सी हो तुम," अब अजय ने मुझे भाभी की जगह अनु बुलाया.

"चूस मेरे बॉल्स अजय डार्लिंग, तुझे पसंद आये न ये बड़े बड़े बूब्ज?"

"हाँ अनु," मेरे वक्षोंको मसलते और निप्पल्स चूसते हुए अजय पागल हो रहा था.

"आह, हाँ, ऐसे ही चूसता जा और चबाता जा मेरे निप्पल्स को. आह, यस्स, ओह फक, चूस और चूस मेरे राजा," मैं कामाग्नि में जल रही थी.

मेरे स्तनोंको चूसते हुए उसकी दो उंगलिया मेरी योनि में प्रवेश कर गयी. मैंने भी अपनी जांघें फैलाकर उन्हें अंदर ले लिया. अब अजय की स्तन चूसने और चूत को उंगलियोंसे चोदने की गति तीव्र हो गयी. मैं आँखें मूंदकर एन्जॉय कर रही थी और मेरे मुँह से आह आह की आवाज़े निकल रही थी.

मुझसे और अधिक सुख सहन नहीं हुआ और मेरी चिपचिप योनि से एक जबरदस्त फव्वारा निकला. अजय की दोनों उंगलिया ही नहीं, उसका हाथ भी उस कामरस से भर गया. अब अजय से भी रहा न गया और उसका लम्बा चौड़ा तगड़ा लिंग मेरी योनि में प्रवेश कर गया.

बीस पच्चीस मिनट मुझे मिशनरी पोज में चोदने के बाद मैं घुटनों और हथेलियोंके बल पर घोड़ी बन गयी. अजय दनादन मुझे पीछे से चोदता गया.

"अनु, अब मेरा भी छूटने वाला हैं," हाँफते हुए वो बोला।

"मेरे मुँहे में दे, मैं तेरा पानी निगल जाऊंगी मेरे राजा," मैंने कहा.

झट से उसने अपना हथियार निकाला और मैं घुटनोंपर बैठ गयी. उसके लौड़े के मुँह में लेकर चूसने और आँखों में आँखे डालकर मुस्कुराने लगी.
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06-11-2021, 12:33 PM,
RE: मस्तराम की मस्त कहानी का संग्रह
एक मिनट में ही उसका खीर सा गाढ़ा और स्वाद में नमकीन वीर्य मेरे मुँह में उतरने लगा. मैं निगलती गयी और वो पिचकारियां मारता गया. आखिर चूसते और निगलते हुए मेरा मुँह थक गया. उसके लौड़े के टोपे के ऊपर से वीर्य की आखरी बूंदे चाटकर मैं निढाल हुई.

सुबह देर तक हम दोनों बेहोशी की नींद सोते रहे. जैसे ही पराग जग गए, उसे पता चला की अजय और अनु दुसरे बैडरूम में जाकर चुदाई करे. मगर उसपर पराग को कोई आपत्ति नहीं थी.

तीनो साथ में नहाये और नाश्ता भी साथ में किया. कुछ समय के बाद हम तीनो डॉली से मिलने गए, तो उसने हमें एक बड़े से कॉफ़ी शॉप पर मिलने के लिए कहा.

छठा भाग पराग की जुबानी है.

मैं, अनु और अजय, हम तीनो डॉली से मिलने कॉफ़ी शॉप में पहुंचे. वहां पहुँचते ही डॉली ने हमें कहा, "ये है मेरा बॉयफ्रेंड लकी," और एक सुन्दर ३० वर्षीय युवक से हमें मिलाया.

"हेलो, पराग, अनुपमा. डॉली ने आप दोनोंके बारे में मुझे काफी कुछ बताया हैं. और आप कौन?" लकी ने अजय से पूंछा.

"मैं अजय, पराग का चचेरा भाई."

"तुम्हारा बॉयफ्रेंड," मैं तो एकदम हक्का-बक्का रह गया.

"हाँ, पराग, पिछले कुछ दिनोंसे हम एक दुसरे के अच्छे दोस्त बन चुके है और कल ही लकी ने मुझसे प्रेम प्रकट किया है. मैंने भी उसे अपना प्रेमी स्वीकार किया हैं."

अब सच बात तो ये हैं की मैं अजय को डॉली से मिलवाने लाया था ताकि अजय डॉली को चोद सके. मगर यहांपर तो कहानी ने कुछ और ही मोड़ ले लिया था.

फिर थोड़े समय तक यहाँ वहाँ की बाते करने के बाद, मैं, अनु और अजय वहांसे निकल गए.

"क्या पराग भैया, ये तो के एल पी डी (खड़े लौडे पर धोखा) हो गया यार. इतनी मस्त माल लड़की को चोदने के इरादे से मैं आया था मगर उसे तो कोई और ही उड़ा ले गया," निराशाजनक स्वर में अजय ने कहा.

"चलो अजय भैया, मैं आप को एक फाइव स्टार होटल में ले चलती हूँ. वहाँ हम दोनों खूब मजे करेंगे," अनु ने मुस्कुराते हुए अजय से कहा.

मेरी सुन्दर और सेक्सी पत्नी एक महीने पहले किसी और आदमी से संभोग करने के लिए मेरे मनाने के बावजूद मान नहीं रही थी. आज वही पत्नी मेरे चचेरे भाई के साथ फाइव स्टार होटल में अपनी मर्जी से जाकर पूरी रात चुदने वाली थी.

अब वो इतनी निर्भीक (बिनधास्त) हो गयी थी की इस बात के लिए उसने मुझसे अनुमति तक नहीं मांगी. मैं अनु की ओर हैरान होकर देखता रह गया.

मेरे जले पर नमक छिड़कते हुए अजय ने "थैंक यू पराग भैया," कहकर अनु को लेकर चला गया.

मेरा एकदम मूड ऑफ हो गया और मैं नजदीक के एक बार में चला गया. रम के दो-तीन पेग लगाने के बाद शायद मुझे नशा चढ़ गया.

मैं कार मैं बैठकर फिर से डॉली के घर पर गया. उसने दरवाजा खोला और मुझे देखकर वो अचम्भे में पड़ गयी.

"पराग, तुम तो शराब के नशे में धुत्त लग रहे हो, क्या हुआ?"

"साली अनु, उस अजय के साथ चली गयी और मैं इधर खाली बैठा हूँ. मेरे पास अनु भी नहीं और तुम भी नहीं, मेरी डॉली डार्लिंग."

मौके की नजाकत को देखके डॉली ने मेरे ड्राइवर को अपने घर पर भेज दिया और मुझे कार में बिठाकर एक पार्क के पीछे अंधरे में लेकर आयी. फिर हम दोनों पिछली सीट पर चले गये और मैं उसके बदन को सहलाने और फिर लगभग नोचने लग गया. उसे समझ में आया की मैं सेक्स का भूखा हूँ.

डॉली की स्कर्ट उठाकर उसकी पैंटी नीचे खींचकर मैं उसे कठिन पोज में पीछे की सीट पर चोदने लग गया. नशे के कारण मैं अनाप शनाप कुछ न कुछ बकता जा रहा था और डॉली मुझे पूरा सहयोग दे रही थी.

जब मैं अपना पानी छोड़कर निढाल हुआ, तब डॉली ने अनु को फ़ोन मिलाया.

"अनु, तुम और अजय कौनसे होटल में हो? यहाँ पराग की हालत खराब हुई जा रही हैं."

जैसे ही होटल का नाम और पता मिला, डॉली मुझे लेकर वहाँ चली गयी. होटल पहुँचने तक मैं पीछे की सीट पर लेटा हुआ था.

जैसे ही मैं और डॉली होटल के कमरे में पहुंचे, मेरी हालत देखकर अनु को बुरा लगा. वो मुझसे लिपट गयी और मुझे प्यार से चूमने लगी.

डॉली ने अजय को गले लगाकर सारा किस्सा बताया, उसे भी बुरा लगा.

अब डॉली भी बिनधास्त हो कर बोली, "मुझे पता हैं, यह सब तमाशा मेरे कारण हो रहा हैं. मैंने आप लोगोंको लकी से मिलाया, इसलिए आप सब मुझसे नाराज हैं. मगर मैं भी क्या करती, मुझे भी अपनी ज़िन्दगी जीनी है. मुझे भी एक जीवन साथी चाहिए."

"मैंने लकी को पिछले एक साल में मैंने जो भी सेक्स का आनंद लिया हैं, सब कुछ खुले रूप से बता दिया. उसकी भी भूतकाल में तीन गर्लफ्रेंड रह चुकी हैं जिनके साथ वो सब कुछ, यहां तक की ऐनल सेक्स भी कर चुका है. इसलिए उसे मुझे अपनाने में कोई समस्या नहीं हुई."
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06-11-2021, 12:33 PM,
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अजय ने कहा, "सॉरी डॉली, पराग ने तुम्हारी इतनी प्रशंसा करने के बाद मैं तुमसे प्यार करने के लिए बेताब हो गया था. फिर तुम्हारे बॉयफ्रेंड से मिलने के बाद मेरे अरमानोंपर पानी फिर गया ऐसा लगा. इसलिए अनु मुझे यहाँ लेकर आयी. अब मुझे क्या पता था की पराग भैया इस बात से इतना नाराज़ हो जाएंगे?"

पिछले कई महीनोंसे मैंने और अनु ने डॉली को इतना अपनापन, प्यार और संभोग सुख दिया था, की वो मुझे और उदास न देख सकी. डॉली बारी बारी मेरे और अजय के गले लगकर हमारे होठोंको चूमने और चूसने लगी.

मैं अनु के पास जाकर उसके स्तनोंको मसलते हुए उसके कपडे उतारने लगा.

"ओहो, डॉली आखिर मेरी किस्मत चमक ही गयी. साली कितनी माल हो तुम, क्या मस्त चूचियाँ हैं तेरी, आहे," अजय डॉली के स्तनोंको दबाते हुए और डॉली के वस्त्र हटाते हुए बोला।

अब बिस्तर पर अजय और डॉली एक तरफ और मैं और मेरी अनु डार्लिंग दूसरी तरफ सेक्स की आग में जलने लगे. जैसे ही अजय ने अपना कड़क हथियार डॉली की गीली योनि में घुसेड़ दिया, मैंने अनु की ओर देखा. मेरा इशारा पाकर, अनु डॉली के नजदीक पहुंची और उसके एक स्तन को पूरा का पूरा मुँह में लेकर चूसने लगी.

"वा, क्या नज़ारा हैं मेरी जान," कहते हुए मैंने डॉली के दुसरे स्तन को चूसना आरंभ किया. वो सब देख कर अजय और भी उत्तेजित होकर डॉली की चूत में लगातार जोर जोर से ठोकरे मारने लगा. इतने सारे सुख से डॉली मानो पागल हो रही थी. दो आदमी और एक सेक्सी लड़की का एक साथ प्यार एक साथ आज तक उसने पाया नहीं था.

अब डॉली को भी शरारत सूझी और अपना हाथ बढ़ाकर अपना मोबाइल फ़ोन अपने मुँह के पास लाया.

"लकी डार्लिंग, तुमको एक बड़ा सरप्राइज देना हैं, तुम अभी के अभी यहाँ पहुँच जाओ. कमरे का दरवाजा खुला ही रखूंगी, तुम अंदर आ जाना," कहकर उसने होटल का नाम और पता उसे बता दिया.

कमरे का दरवाजा खुला ही रक्खा और हम तीनो फिर से सुख लेने में लग गए. अजय ने डॉली की दोनों टाँगे अपने कन्धोंपर रख दी थी. अब उसका सख्त लौड़ा गहराई तक जाके डॉली की योनि में ठोकरे मारने लगा, जिससे डॉली पागल होने लगी.

अब मैं डॉली के एक एक स्तन को चूसता रहा मेरी प्यारी अनु अब डॉली के मुँह पर बैठ गयी. सेक्स में मारे बेहाल डॉली अनु की चूत में जीभ डालकर चाटने लगी और बहता हुआ रस पीने लगी. अनु कामसुख के चरम सीमा पर पहुंची और खुद के स्तनोंको मसलने लगी. डॉली ने एक हाथ बढ़ाया और मेरे कड़क लौड़े को सहलाने लगी.

इतने में कमरे का दरवाज़ा खुला और लकी अंदर दाखिल हुआ. बिस्तर पर चार लोग जिस तरह से लगे हुए थे, वो समझ गया की डॉली ने कौनसे सरप्राइज के लिए उसे बुलाया हैं. अपनी तीन गर्लफ्रेंड के साथ रंग रलिया मनाया हुआ वो भी संभोग के मामले में मंझा हुआ खिलाडी था. डॉली के मुँह पर बैठी नंगी अनु को देख कर उसका लिंग तुरंत खड़ा होकर सलामी देने लगा. अपने सारे कपडे उतारकर वो अनु के पास खड़ा हुआ.

"आहा, डॉली मेरी जान, कितना मस्त है री तेरा बॉयफ्रेंड," कहते हुए अनु ने लकी का लंड को चूमना और उसकी गोटियोंको चाटना आरम्भ किया.

अब लकी ने अनु को डॉली के मुँह पर से उठाकर अपनी नयी नवेली गर्लफ्रेंड डॉली के बाजू में लिटाया. अनु के पूरे नंगे बदन पर लकी चढ़ गया और उसके रसीले होटोंको चूसते हुए अनु के कठोर वक्षोंको सहलाने लगा.

अनु को भी एक और नए मर्द के स्पर्श से बड़ा मजा आया. दोनों एक दुसरे की जीभ चूसने लगे. उन्मादित होकर अनु पलट कर लकी के ऊपर आ गयी. लकी की बालोंसे भरी छाती को चूमते हुए अब अनु उसके निप्पल्स को चूसने और चबाने लगी. लकी के दोनों हाथ अनु की कमर और गांड को टटलोने लगे. लकी का लिंग पूरा नब्बे डिग्री में खड़ा हो गया था. निप्पल्स से नीचे आते अनु ने लकी के मोटे तगड़े लिंग के ऊपर की त्वचा हटाई और उसके टोपे को चाटने लगी.

"ओह माय गॉड, कितनी हॉट और सेक्सी हो तुम अनु. जितनी डॉली अच्छे से लंड चूसती हैं, तुम भी वैसे ही लौड़े चूसने में माहिर हो. आहां, ऐसे ही ऊपर से चाटो फिर पूरा मुँह में लेकर चूसती जाओ."

जैसे ही अनु उसके लौड़े को मुँह में लेकर पूरा चूसने लगी, लकी के पूरे बदन में सिहरन सी दौड़ गयी. उसने अनु की जांघोंको नीचे की तरफ खींचा। अब अनु की गीली योनि लकी के मुँह पर आयी, जिसे वो पूरी ताकत लगाकर चाटने लग गया. अनु और लकी दोनों सिक्सटी नाइन के पोज में ओरल सेक्स का भरपूर आनंद लेने लगे.
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