अपडेट 52
फ्लैशबैक ओवर
“तो क्या उसके बाद आपने उन लोगो को छोड़ दिया “
इस बार मैंने प्रश्न किया था , कोमल ने मेरे आँखों में ध्यान से देखा और फिर अपनी बेटी यानि भाभी को बड़े hi प्यार से देखा ..
“है बच्चो , उसके बाद hi मैंने और भुवन ने ये फैसला कर लिया था की हम दोनों इन सबसे दूर चले जायेंगे , मैं और कटले आम नहीं करना चाहती थी , इसलिए हम दोनों ने गांव में आकर बसने का फैसला किया ..
और रातो रत hi वंहा से भाग गए ,और भुवन के साथ रहते रहते मैं शांत होते गयी , ये सकती बड़ी hi अजीब चीज है .. प्रेम से hi जगती है और प्रेमी के साथ शांति से रहने पर धीरे धीरे ये काम होते जाती है और अंत में ख़त्म हो जाती है …. शायद मेरी माँ इसीलिए मारी गयी क्योकि उनकी सकती ख़त्म हो चुकी थी “
हम सभी रात से बैठे थे अभी सुबह के 6 बज चुके थे , चाय आ चुकी थी और चुस्कियों के साथ सभी अपने अपने खयालो में खो गए थे …अभी हमें बहुत कुछ जानना बाकि था लेकिन सबसे बड़ा सवाल जो मेरे दिल में आ रहा था वो ये था की क्या भाभी में भी वो ताकत होगी और आखिर कोण होगा उनका आशिक़ ..??
भैया तो नहीं थे ये बात तो साफ़ थी , अगर वो होते तो अभी तक उनमे ये पावर जाग गयी होती , कहे अनुसार भाभी उस प्रेमी को नहीं पहचान पायेगी लेकिन वो उससे मिलान को बेकरार रहेगा , आखिर कौन है जो उनसे मिलान को बेकरार रहता है …??
मैं सोच में पड़ा था की मेरी नजर भाभी पर गयी , वो मुझे अजीब निगाहो से देख रही थी और मेरे दिल में एक बिजली सी कौंध गयी ………
मैं …………
है मैं ……
मैं hi तो वो आशिक़ हु … मैं hi तो भाभी से मिलान के लिए बेकरार रहता हु , मैं भाभी के लिए वैसा hi हु जैसा कोमल के लिए भुवन था , जिससे भाभी भी बहुत प्यार करती है लेकिन उस प्यार का नाम कुछ अलग था , यही भुवन के साथ भी था , भुवन कोमल को प्यार करता था ,उसे अपना बनाना चाहता था , मजे की बात ये है की कोमल भी उसे प्यार करती थी लेकिन उसके प्यार को कभी पहचान नहीं पायी , जब तक की उसे तिवारी की बेवफाई के बारे में नहीं पता चल गया , और भुवन पर hi हमला होने पर कोमल की सकती बहार आयी थी ………?
यही शामे केस तो मेरे और भाभी के साथ भी था , भाभी को हमेशा hi लगा की वो भैया से प्यार करती है , लेकिन असल में वो मुझसे भाई से भी ज्यादा प्यार करती थी, लेकिन उस प्यार का स्वरुप कुछ अलग hi था … :अप्प्रोवे:
शायद हमारे बिच जो आकर्षण है , वो इसी की और संकेत दे रहा है की हम एक दूसरे के लिए hi है .. लेकिन मैं भाभी के लिए हु तो फिर नेहा ?? नेहा का क्या होगा ..
मेरी नजर नेहा पर पड़ी , वो भी बड़े hi गहरे सोच में डूबी हुई मुझे देख रही थी , ना जाने उसके दिल में क्या चल रहा हो ..
तभी मेरे फ़ोन का रिंग बजा , ये अक्की था …
“अक्की इतने सुबह सुबह कैसे फ़ोन कर रहा है “
मैंने अपने मन में hi कहा
“hello बीआरओ “
“भाई एक अजीब चीज हो गयी “
“क्या ..?”
“यार मुझे किसी ने धमकी दी है, वो खुद को शिवा बताता है , वही जिसने इतने सरे क़त्ल किये है ,वो बोल रहा था की जिस लड़की से मैं जयदा मिल जल रहा हु उससे न मिलु वर्ण मुझे भी वैसे hi मार डालेगा जैसे ** गांव में लोगो को मारा था, वो ये भी बोल रहा है की जिस ायरत गांव में वो लोग पकडे है वो असली शिवा नहीं है असली शिवा तो वो है …….”
अक्की की बात सुनकर मेरे चेहरे का रंग hi उड़ गया था ,
“तूने ये बात और किसी को बताई क्या ??”
“है सस को बताई थी , उसी ने कहा की तुम्हे कॉल करू ..”
“ोकक मैं तुझे एक no. दे रहा हु उससे बात कर ले मेरा नाम बताना और पूरी बात बता देना… और एक चीज बता आज कल क्या तू सस के साथ जयदा घूम रहा है “
“है तू और नेहा जब से यंहा से गए हो तब से सस के साथ hi घूमता हु , उसके साथ hi ट्यूशन जाता हु और आजकल वो मुझे कॉलेज के लिए लेने भी आ रही है “
मैंने एक गहरी साँस ली और उसे न डरने का बोलकर काजल का no. दे दिया ……
“क्या हुआ “
भाभी के पोछने पर मैंने साडी बात बता दी
“क्या ..?? लेकिन शिवा बनकर तो कतल कोमल hi कर रही थी न ..??”
नेहा चिल्ला उठी थी ..
वही कोमल ने नेहा को अजीब निगाहो से देखा
“तुम पागल हो गयी हो क्या , मैंने कब कहा की मैं क़त्ल कर रही थी .. मैंने तो बस ये बताया की मैं hi सकती थी , और है अभी गांव में जो चंचल को फसाय था उसमे मेरा हाथ जरूर था , ये काम मैंने और सोनू ने मिलकर किया था .. लेकिन बाकि के कतल से मेरा कोई लेना देना नहीं है “
उनकी बात सुनकर सभी के चेहरे का रंग उड़ गया था , अभी तक तो सभी उन्हें hi वो कातिल समझ रहे थे जिसने शहर में भी शिवा के नाम से कतल किये थे ..
“अभी भी फ़ोन करने वाला मर्द hi था और सभी कतल तो एक ायरत ने किये है , ऐसा फ़ोन मुझे भी आया था जब मैं सस के साथ ज्यादा घूम रहा था मेरे ख्याल से इसके पीछे सस के भाई सागेर भी हो सकता है क्योकि वो सस के पीछे पागल है “
“उन सबका पता काजल लगा लेगी , तुम लोग अभी थोड़ा आराम कर लो रात भर से जाग रहे हो “
इस बात बोलने वाला डॉ. था …
हम सभी ने हां में सर हिला दिया .. और अपने अपने कमरे में चले गए , अभी भी बहुत साडी बाटे खुलनी बाकि थी , शायद आज की महफ़िल में बाकि की बाटे पता चले ……
दोपहर का वक़्त था हम सभी फिर से एक जगह इकठ्ठे हुए थे अभी बहुत साडी बाटे जननी बची थी …
“तो आप लोगो ने बताया नहीं की कोमल जी आपके साथ कब से थी “
मैंने सबसे पूछा , भाभी और महिमा (नेहा की माँ) ने एक दूसरे को देखा ..
फिर महिमा बोल पड़ी
“शुरुवात तो तुम्हे hi करनी चाहिए अंकित “
मैंने मुस्कुराते हुए कोमल की और देखा उन्होंने भी आँखों के इशारे से मुझे आगे बढ़ने की हामी दे दी ..
“हम्म बात तब की है जब भाभी और भैया की शादी हुई , उसके बाद से hi मैं कभी कभी कॉलेज की तरह घूमने जाता तो इनकी चाय की दूकान में जरूर जाता था , वंहा ye(komal ) मुझे प्यार से बिस्कुट, या समोसे खिलाया करती थी ,इसलिए मैं और मेरे दोस्त फ्री की बिस्कुट या समोसे खाने पहुंच जाते थे …और ये क्योकि मेरी भाभी माँ की तरह दिखती थी मुझे इनके पास जाना और भी अच्छा लगता था…
गांव छोड़ने के बाद मुझे कभी कभी इनकी चिंता होते रहती थी की कही भैया इनपर भी अपना गुस्सा न दिखा दे ..
जब उस दिन मैं अपने दोस्तों के पास गांव गया था और वंहा से लौट रहा था तो यंहा आने के बाद मैं फिर से वापस गांव चला गया , मैं उन लोगो को जान से मार देना चाहता था जिन्होंने मेरी भाभी और भाई की ये हालत कर दी थी , मैं वापस जा hi रहा था की मुझे ये मिल गयी .. ये डॉ. के बुलावे पर वापस आ रही थी , मैं बेहद नशे में था और मैंने इन्हे बताया की मैं चंचल का कतल करना चाहता हु , तो इन्होने मेरी मदद की बात की , मुझे लगा की यही शिवा भी है और इसलिए लोगो को मारना इनके लिए कोई बड़ी बात नहीं होगी, तो हम दोनों मिलकर मेरे पुराने घर पहुंच गए… मैं अपने घर के बारे में अच्छे से जनता था इसलिए मुझे जयदा दिक्कत नहीं हुई और जो हुआ वो आप सबके सामने है …….”
सभी ने एक बार कोमल की तरफ देखा जो की हलके हलके मुस्कुरा रही थी ..
“देखो मैंने उस दिन सोनू की मदद इसलिए की क्योकि उन लोगो की वजह से मेरी बेटी को ये दिन देखना पड़ा था, वो तो मैं इस गांव में नहीं थी वर्ण इन लोगो को पहले hi सबक सीखा देती … लेकिन मैं शिवा नहीं हु , बस इस कतल के लिए शिवा का नाम लिया था “
कोमल ने बड़े hi मासूम से अंदाज में कहा , इतने लोगो को गाजर मूली की तरह कटाने वाली मासूम सी कोमल :lol1:
“और आप दोनों .. आपको ये कब मिल गयी थी “
मैंने भाभी और महिमा ( मेरी सास :ब्लश1: ) को देखते हुए कहा ..
दोनों के चेहरे खेल गए थे ..
“तो पहले कौन बताएगा “
भाभी ने महिमा की और देखा …
और महिमा के कहना शुरू किया …………