अडुल्टेरी भाभी माँ (कम्प्लेटेड) - Page 2 - SexBaba
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अडुल्टेरी भाभी माँ (कम्प्लेटेड)

डॉ. साब आपकी छुट्टिया सिर्फ एक हफ्ते के लिए hi सैंक्शन हुई है .. 1 जनुअरी 2020 पर फिर से लिकना शुरू कर देना .. और रही बात आपकी दिक्कतों की .. तो हमे नहीं पता .. आपकी दिक्कत आपको मुबारक .. पारर हमे 'भाबी माँ' पर एक तारीख से नए अपडेट चाहिए ... "है नहीं तो" ...

और दिक्कत क्या आ गयी .. जरा हमे भी तो बताओ .. आप कौनसा शादी शुदा हो .. जो कोई आपकी घर वाली को भगा कर ले गया ...

अब्ब ज्यादा भाव खाने की जरुरत नहीं है .. नहीं तो मोंगा डाकू से कह कर घर से उठवा लेंगे .. फिर न डॉ. चुटिया और न hi काजल दोनों में से कोई भी आपको ढूंढ पाएंगे ...
 
नहीं भाई ऐसा नहीं है मैंने इससे भी बुरे बुरे कमैंट्स देखे है ,सालो से लिख रहा हु ..इसलिए बुरा तो कभी नहीं मंटा है लड़ाई जरूर करता हु अभी थोड़ी देर बाद उधर भी जाऊंगा लड़ने के लिए :ः:

काम में फंसा हु इसलिए दिक्कत है ..और कोई बात नहीं है

स्टार्ट करूँगा इसे फिर से जब टाइम मिलेगा
 
अपडेट 2

बात तब की है जब मैं स्कूल से निकला था और तभी माँ पापा की एक कार एक्सीडेंट में मौत हो गई ,कहते है ना की जब दुःख आता है तो हर तरफ से आता है मेरे साथ भी वही हुआ था..

माँ पापा का साया छीन जाने से मुझे लगा की मैं अनाथ हो गया लेकिन तभी भाई सामने आया और उसने पापा का पूरा कारोबार खुद के अंदर ले liya,lekin पता नहीं उसके दिल में क्या था वो मुझसे ठीक से बात भी नहीं करता ,लेकिन भाभी का साया hi था जिसने मुझे कभी अनाथ होने नहीं दिया था ..

मैंने अभी कॉलेज जाना शुरू hi किया था ,एक दिन मैं कॉलेज से आया hi था की लगा की भाभी और भैया जो की अब हमारे पुराने घर में रहते थे उनके बिच कोई बहस सी हो रही है ..मैं बस ध्यान लगा कर सुनता रहा ..

“अरे कमाऊ मैं और वो बैठा बैठा बस खायेगा क्या ??”

ये मेरे भाई की आवाज थी जो की बहुत hi गुस्से में लग रहे थे

“वो अभी बच्चा hi है अभी अभी तो स्कूल से निकला है ,उसे पड़ने दीजिये ना ,वो कहा ये सब काम कर पायेगा..”

मेरी भाभी ने भाई को समझने की कोशिस की थी

“तुम उसका जयदा सपोर्ट मत करो ,आखिर मैंने भी तो उस उम्र में काम करना शुरू कर दिया tha,uske उम्र में मैंने परिवार की पूरी जिम्मेदारी ले ली थी ,पापा मुझे सर आँखों में बिठाते थे लेकिन फिर ..जीवन hi बर्बाद हो गई “

भाई के आवाज में एक अलग hi बात थी जो मुझे उस समय तो समझ नहीं आई

“क्या बर्बाद हो गया आपका जीवन “

भाभी की आवाज थोड़ी डाब सी गई

“क्या बर्बाद हुआ ,साली तुझे पता नहीं क्या की मैं किसलिए बरदाद हुआ हु ..तेरी छूट के चक्कर में मेरा पूरा जीवन hi बर्बाद हो गया ,मेरे माँ बाप ने मुझे छोड़ diya,Sali बापू सही था तू थी hi रैंड जिसने अच्छे परिवार का अच्छा मर्द देखा तो बस फंस aliya,Sali मेरे भाई को भी अपने चुद के चक्कर में फंसना चाहती है क्या ..”

भाई की बात सुनकर मैं बिलकुल hi स्तब्ध था ,मैं इतना तो बड़ा हो चूका था की मुझे रैंड और छूट जैसी बातो का मतलब पता था और ये भी की वो क्या बोल रहा है वो भी उस लड़की से उसने उसके साथ इतना बुरा समय भी बिताया था जब भाई को घर से धक्के मार्कर निकाल दिया गया था..

“आप पागल हो गए हो kya,aap तो मुझसे प्यार करते थे फिर इन सालो में क्या बदल गया है आपके अंदर ,ना तो आप मुझे पहले जैसा प्यार करते है ना hi मेरी कोई इज्जत है ,और सोनू तो मेरे भाई जैसा है उसके लिए आप ऐसा बोल रहे है “

वो फुट फुट कर रो रही थी लेकिन भाई के दिल में थोड़ी भी रहम ने जमन नहीं लिया

“साली रैंड मैं भी तेरे हुस्न का अँधा हो गया था ,साली 2 साल हो गए शादी को एक बच्चा भी नहीं दे पा रही है मुझे और कहती है की प्यार क्यों काम हो गया ,साली तुझसे शादी करना मेरे जीवन की सबसे बड़ी गलती थी ,मुझे फुटपात में लाकर छोड़ दिया था ,वो तो अच्छा हुआ की ये माँ पापा मर गए वर्ण आज भी दो वक्त की रोटी के लिए इधर उधर दौड़ता रहता ,साली गरीब घर की लड़की है ना तू अपनी ावुकत तो दिखाएगी hi ,जब मैं काम में जाता था तब सोनू को बुलाती थी ,साली उसका भी लौड़ा अपने चुद में लेती रही होगी मजा तो आता होगा न रंडी साली तुझे भी ,भागकर मुझसे शादी कर ली शादी से पहले hi अपनी चुद मुझे दे दिया था तूने यद् है naa,sala मेरा भी भेजा ख़राब था जो तेरे जैसी रैंड से शादी कर लिया ..”

भाई की बात से मैं पूरी तरह से टूट सा गया था ,वो मेरी भाभी माँ के बारे में ऐसे कैसे बोल सकता था ,है वो उसकी बीवी थी लेकिन हमारा रिस्ता बहुत hi पवित्र था ,मैं दरवाजा खोलकर अंदर चला गया था ..

“भाई आप भाभी के बारे में ऐसा कैसे बोल सकते हो ,उन्होंने हमेशा मुझे बेटे जैसा पैर दिया है आप उनपर hi इल्जाम लगा रहे हो “

मेरी आँखों में उस भाई के लिए गुस्सा था जिसके सामने मैं अच्छी आवाज में बात भी नहीं करता था

मुझे देखकर वो जोरो से हंसा ,वही भाभी अब भी रो रही थी और मुझे देखकर उनकी आँखों में बस एक दहसत hi थी शयद भाई की दहसत ..

“वह देखो कैसे इस रैंड का आशिक़ फड़फड़ा रहा है ,सेल निकल जा इस घर से अगर फिर से दिखा न तो तेरे हाथ पेअर तोड़ दूंगा “

मैं तो बिलकुल hi निश्छल सा हो गया था आखिर मेरे भाई को आज हुआ क्या था ,उसने मेरी भाभी पर इल्जाम लगाया था वही वो मुझे मेरे hi घर से निकाल रहा था ..

“भाग मादरचोद यंहा से “

उसने सामने आकर मेरे गलो में दो तीन झापड़ भी लगा दिया ,मैं कुछ समझ पाटा उससे पहले मुझे बचने के लिए भाभी सामने आयी लेकिन भाई पता नहीं किस नाशी में था उसने भाभी के बालो को खींचा और उन्हें भी घर से बहार निकाल diya,ghar की इज्जत आज तमाशा बन कर रह गयी थी ,और आस पड़ोस वाले बस देखने वाले थे ..भाई ने हम दोनों को घर से बहार कर दिया था

“सेल मादरचोद अपने hi भाई की बीवी से नाजायज सम्बन्ध रखता है और ये साली रंडी जंहा अच्छा लड़का देखा नहीं की मुँह मरना शुरू कर दिया “

मुझे अब भी समझ नहीं आ रहा था की भाई ऐसा क्यों कर रहा है लेकिन उसने मुझे और भाभी को घर से भहर कर दिया था और सभी के सामने हमारे ऊपर ऐसा इल्जाम लगा रहा था ..

“ये सब आप क्या कर रहे हो दुनिया वाले देख रहे है “

भाभी उनके पैरो में गिर कर गिड़गिड़ा रही थी

“तो देखने दो इन्हे भी तो पता चले की साला मेरे घर में क्या हो रहा है देवर भाभी के बिच का ये असलील सम्बन्ध ..”

“प्लीज चुप हो जाइये ये आप क्या कह रहे है ..”

भाभी बस रोये जा रही थी वही मैं अभी भी स्तब्ध hi था ये सब मेरे दिमाग के पार हो रहा था ..लेकिन आखिर आस पड़ोस वाले बिच में आये उन्होंने भाई को समझाया लेकिन वो चाहता था की हम दोनों तुरंत hi उसका घर जो की मेरा भी घर था उसे छोड़ कर चले जाए ,उसने भाभी के मुँह पर उस घर की चाबी फेक दी जिसमे की वो लोग पहले रहते थे और साथ hi हमारा सामान भी बहार फेक दिया ,भाभी गिड़गिड़ाती रही मैं उनसे लड़ने लगा और बदले में मुझे सब ने मिलकर मारा ,पता नहीं वो कोण लोग थे जो मुझे मार रहे थे ,भाई ने एक दो हाथ भाभी पर भी उठाया था ,अखर शाम हो चुकी थी मुझे इतना मारा गया था की मैं अपने पैरो में खड़ा भी नहीं हो प् रहा था ,जैसे तैसे मुझे कुछ जानकार लोगो ने छुड़ाकर भाभी और भैया के पुराने घर में लेकर पटक दिया था ……..

मैं जैसे बेहोश hi हो गया था …

 
आखिर कर दी न अपनी डॉ. वाली बकचोदी शुरू .. भइया वाले स्टाइल में hi शुरू के अपडेट में hi maa-baap को khal-lass कर डाला ...

लगता है .. साले इस बड़े भाई को नयी छूट मिल गयी है छोड़ने के लिए .. जभी इतना फुदक रहा है .. और सबसे पहले hi अपने रास्ते के कांटे को एक ही झटके में उखाड़ फेका .. भाई भी आउट .. और घर वाली भी आउट ...

कही ऐसा तो नहीं chod-de गाम के लोदु ने किसी की बातो में आ कर खुद ही अपने maa-baap को उड़वा दिया हो .. सुपारी दे कर ...

नीस अपडेट .. सीधा ही ुप्तो ा पॉइंट स्टोरी है .. कोई ालतु - फ़ालतू की बकवास नहीं .. ी लिखे तहत ...

सही है .. अब ये Ch***yapa शुरू कर ही दिया है तो कुछ दिन इसको भी झेल लेते है ...
 
डॉक्टर साहब! सबसे पहले आपको आपकी पुरानी सारी कहानियों के लिए धन्यवाद और अपना नियमित मरीज बनाने के लिए भी क्योंकि मुझे वो सारी पसंद है।

अपडेट 1- शुरुवात कुछ अलग तरह से , भाभी मां के रूप का वर्णन कुछ हट के, फिर अपडेट -2 .........

डॉक्टर साहब ! आपके मरीज है हम , थोड़ा तो रहम कीजिए। 2 गोली मीठी वाली अपडेट 1 में खिलाकर 4 गोली कड़वी वाली अपडेट 2 में खिला दिए आप!

अब कड़वी गोली खिलाएं है इसीलिए जल्दी जल्दी अपडेट दीजिए डॉक्टर साहब! हमसे इंतजार नहीं हो पा रहा है।
 
यहाँ सफ पर तो आप दोनों महा धरंदार लेखकों की कहानिया पढ़ पढ़ कर अब तो सबके दिल मजबूत हो चुके है .. अभी तो सिर्फ मेरे ही रिव्यु आये है .. अभी 2 आफत और है .. आज उनके दर्शन नहीं हुए .. ( और ) वे तो आते हे बम फोड़ देते है .. वैसे बम फोड़ने का शोक तो भाई को है .. मगर इन दोनों के फंदे कुछ अलग ही है ...
 
डॉ साहब ..................बड़ी मेहरबानी.... की आपने इस कहानी को दोबारा शुरू किया

अभी तक तो लग रहा hai............ki ये आपकी तर्क के दायरे से बहार एक इमोशनल रोमांटिक स्टोरी होगी

इसे थ्रिल सस्पेंस से मसालेदार बेशक बना देना.............. लेकिन ककोल्ड aursex-addiction वाले ठरकी मसाले मत डालना

िस्ता ज्यादा गरम मसाला ठरक का दाल देते हो कहानी में की वो रीयलिस्टिक लगने की bajay............fantassy लगने लगती हैं

इस कहानी में अपना एक्चुअल हुनर दिखाना.................. फ़न्तासी वाला नहीं......... इमोशंस वाला
 
बहुत hi अच्छा अपडेट भाई. ये क्या आपने तो सन hi बदल क्र रख दिया. और जिस तरह से बड़ा भाई बात कर रहा हे उससे तो लगता हे की अपने माँ बाप को इसी ने ार वाया होगा. और जो वो इतने गंदे तरीके से अपनी बीवी से बात क्र रहा हे तो पक्का इसका कही और जुगाड़ चल रहा हे और उसी ने इसे भड़काया हे. ये सब मेरे दिमाग की उपज हे लेकिन डॉ. साहब की स्टोरी में कुछ भी प्रेडिक्टिबले नहीं होता हे. इसलिए वेट 4 चरननिंग थे टेबल.

वेटिंग 4 नेक्स्ट अपडेट
 
वह भैया भोत अछि स्टोरी है पहले अपडेट पढ़ के लगा सायद ये लाडला देवर जैसी रहेगी लेकिन 2ंद अपडेट में तो सब उल्टा हो गया ...अब आएगा मजा और जैसे सोनू के भाई के तेवर बदले है ऐसा लग रहा है या तो इसे पैसे का लालच आ गया है और इसका कही और अफेयर है ...चलो देखते है क्या होता है और भाई ेआगेरली वेटिंग फॉर अपडेट

ऐसे hi लिखते रहो भैया बे हैप्पी एंड स्टे ब्लेस्ड
 
अपडेट 3

ऐसा लगा जैसे कोई मेरे माथे पर कुछ लगा रहा है ,मैंने तुरंत hi आँखे खोली सामने सिसकती हुई भाभी बैठी थी …

“अब कैसा है मुन्ना “

उन्होंने बड़े hi मुश्किल से ये बोलै था ,आँखों के आंसू रह रह का रूण नाजुक से गलो में उतर जाते थे ,साड़ी के पल्लू से अपना मुँह छुपा छुपा कर वो रो रही थी

मैं बिलकुल hi आश्चर्यचकित होकर उन्हें देख रहा था इतना सब कुछ होने के बाद भी वो मेरा धयान रख रही थी ,मैंने पास hi खड़े सोहन को भी देखा ,सोहन मेरे बचपन का दोस्त था लेकिन दुनिया दरी में मुझे कही आगे था ..

“सोनू भाई तुम्हारे भाई का चक्केर तुम्हारे पड़ोस की उस लड़की चंचल से है ,मैं कई दिन से उन्हें देख रहा हु लेकिन कुछ बोलै नहीं सोच की सब ठीक हो जायेगा ,वो साली बहुत hi गन्दी लड़की है भाई उसके चक्कर में भैया ने भाभी को घर से निकाल दिया ताकि उनका रास्ता साफ हो जाए और पूरी जैजात खुद हड़पने के लिए तुझे भी निकाल दिया, भाभी और तेरे रिश्ते के बारे में बुरा भला बोलकर ..”

मैं अब भी मुँह फाडे उसकी बात सुन रहा था, मुझे मेरे कानो पर यकीं नहीं था मेरा भाई ऐसे कैसे कर सकता था, जिस भाभी को मैंने अपनी माँ समझा था अपनी बड़ी बहन समझा था उसके hi बारे में वो ऐसे कैसे बोल सकता tha…lekin ये हुआ था और पुरे गांव ने देखा भी था…

“भाभी आप फ़िक्र मत करो हम पंचायत बुलाएँगे और देखते है की भैया कैसे जैजात का बटवारा नहीं करते “सोहन फिर से बोलै ,वो गुस्से में था ,मुझे भी गुस्से में होना था लेकिन मैं बस बेसुध था मुझे कुछ समझ hi नहीं आ रहा था की ये आखिर हो क्या रहा है ..

तभी भाभी बोल उठी

“नहीं भैया, मैं कुछ भी नहीं करुँगी , मैं ये गांव hi छोड़कर चली जाउंगी ,सोनू को उसका हक़ मिल जाए बस ..जिसके सहारे घर परिवार सब छोड़कर आयी थी वो hi ऐसा निकल गया तो अब मेरे पास बचा hi क्या है जीने के लिए ,मैं कही भी चली जाउंगी ,कुछ भी करके गुजरा कर लुंगी “

भाभी को ऐसी हालत में मैंने आज तक नहीं देखा था….. पहले माँ पापा के बुरा भला कहने को भी मैंने देखा था ,गांव वालो की तरह तरह की बातो को भी मैंने सुना था लेकिन ये ...भाभी कभी नहीं टूटी थी लेकिन आज उन्हें देखकर ऐसा लगा जैसे वो टूट चुकी है ,जिससे प्यार किया था उसने hi जब इल्जाम लगा दिया, वो hi जब नहीं रहा तो उनकी दुनिया में आखिर और क्या बचा था ……..

“भाभी आपके बारे में कोई ऐसे कैसे कुछ भी बोल सकता है , जब तक मैं हु तब तक आप यही रहोगी और मैं देखता हु की कैसे भाई उस लड़की को घर में लाता है और आपकी जगह देता है सेल को वही काट दूंगा ..”

मेरा भी खून आखिर खोलने लगा था मुझे भी समझ आ चूका था की बात क्या हुई है ..

“नहीं सोनू तुझे मेरी कसम है तू कुछ भी नहीं करेगा , आखिर जब प्यार hi नहीं रहा तो उनके साथ रहना भी किसी लाश के साथ रहने जैसा hi होगा ..”

उनकी बात मुझे समझ नहीं आ रही थी

“भाभी उस आदमी ने आप पर इतना बड़ा इल्जाम लगाया है मैं उसे जिन्दा नहीं छोडूंगा “

मैं अभी खड़े होने की हालत में भी नहीं था लेकिन जैसे तैसे खड़ा हो गया ..

“सोनू तुझे मेरी कसम तू ऐसा कुछ भी नहीं करेगा, उसने गांव के लोगो को अपने पक्ष में कर लिया है, और गांव के सभी गुंडों को अपनी तरफ कर लिया है तू वंहा जायेगा तो वो लोग तुझे नहीं छोड़ेंगे “

भाभी ने मेरा हाथ अपने सर में रख दिया, मेरा खौलता हुआ खून ठंडा तो हो hi नहीं रहा था लेकिन भाभी की कसम ने कही न कही मुझे थोड़ा ठंडा जरूर कर दिया था ..

“भाभी लेकिन ..”

“लेकिन वेकिन कुछ नहीं तू कही नहीं जायेगा बस ,और रही बात मेरी तो मैं आज hi ये गांव छोड़कर चली जाउंगी ,और कल तू पंचायत बुलकर अपने हिस्से की जमीं ले लेना “

उनकी बात ऐसी लगी जैसे दिल में कोई तलवार सी चल गई हो ..

“भाभी आप मुझे छोड़कर चली जाएँगी ??”

मेरा गाला hi भर गया था ,माँ तो छोड़कर चली गई थी ,बहन थी hi नहीं जिसके अंदर ये दोनों रूप देखा करता था जो मेरे लिए प्रेम की जीती जगती प्रतिमा थी वो भी मुझसे दूर जाने वाली थी..

“हां बाबू मैं इस अपमान के साथ नहीं जी सकती ,जिसे मैंने अपना छोटा भाई समझा ,अपने बेटे की तरह जिसे प्यार दिया उसके साथ मेरा नाम बदनाम किया जा रहा है ,मैं ऐसी जगह नहीं रह सकती “

वो फिर से फुट फुट कर रोने लगी थी ,पास खड़ा सोहन भी कुछ भी बोल रहा था…

“अगर आप की यही इक्च्चा है तो मैं भी आपके साथ जाऊंगा “

आखिर कार मैंने कहा ,भाभी और सोहन दोनों hi मुझे देख रहे थे

“तू पागल हो गया है ये तेरा घर है ,वो तेरी जमीं है जिसपर तेरे भाई ने कब्ज़ा किया हुआ है तू ये सब छोड़कर कैसे जा सकता है “

भाभी की बात स्वाभाविक थी लेकिन मैं अपने दिल से जनता था की मेरे लिए क्या जरुरी है ..

“आपके बिना मुझे ये सब मिल भी जाए तो क्या ?? आप जंहा रहोगी मैं भी वही रहूँगा ,आप कहती थी ना की आप मेरे लिए कुछ भी कर सकती हो ,तो सुनो मैं भी आपके लिए कुछ भी कर सकता हु ,”

भाभी मुझे बस देखती hi रह गई थी ,जिसे उन्होंने एक बच्चा hi समझा था वो आज अचानक से बड़ा हो गया था ……

तभी कोई और भी उस घर में आया ,वो हरिया था मेरे बचपन का दोस्त ,ऐसा लग रहा था जैसे वो दौड़ते हुए आया हो उसकी सांसे तेज थी ..

“सोनू ,भाभी …..”

“क्या हुआ हरिया ऐसे हांफ क्यों रहा है..” उसे देखते hi सोहन ने कहा

“राजू भैया (मेरा भाई ) आप लोगो को मरने के लिए आ रहा है ,मैंने सुना है की वो लोग इस घर को आग लगाने वाले है और आप दोनों को जान से मरने की बात कर रहे थे ..”

उसकी बात सुनकर हम तीनो hi स्तब्ध थे …तभी भाभी अचानक से उठी और मेरा हाथ पकड़ लिया ..

“चल सोनू ..”

“मैं आपको आपका हक़ दिला कर hi जाऊंगा, मैं मरने से नहीं डरता “

मेरी बात सुनकर उनके चेहरे में चिंता की लकीरे और भी बाद गई थी

“वो तू दिला सकता है ,लेकिन आज नहीं बीटा ,अगर तुझे मेरी वजह से कुछ हो गया तो मैं खुद को कभी माफ़ नहीं कर पाऊँगी चल जल्दी से चल..”

उन्होंने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे खिंचा ..

“लेकिन कहा “सोहन ने कहा था ..

“जंहा किस्मत ले जाए ..”

भाभी ने कहा ,हमारे लिए अभी यही सही रास्ता था और हरिया और सोहन की मदद से हम गांव के बहार चले आये ,उन्होंने हमें शाम की आखिरी बस में बैठा दिया था जो शहर को जा रही थी, वो बस आखिर कहा जा रही थी मुझे नहीं पता था और उसका अंतिम ठिकाना कहा था वो भी नहीं, लेकिन वो जंहा भी जा रही थी वही हमारा ठिकाना होने वाला था ………

 
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