अपडेट 38
सस अभी भी तैयार हो रही थी और मेहमान आने शुरू हो चुके थे …
तभी मेरी नजर पड़ी नेहा के ऊपर :ो
“तुम यंहा क्या कर रही हो ..”
मेरी बात सुनकर उसने बस मुझे गुस्से से देखा ..
“हूउउउउ”
इतना बोलकर वो सस के कर्मरे में चली गयी ..
मैं अवाक खड़ा रह गया था , मैंने तो किसी को इस पार्टी के बारे में नहीं बताया था :?:
तभी मुझे अक्की , अज्जू और मोनिका दिख गए … वो मेरी hi तरफ आ रहे थे
इससे पहले मैं कुछ बोल पता अक्की ने अपना सर ना में हिलाया
“बहुत बदल गया रे तू , मैंने तो बस सुना था की लड़की मिलने से लोग बदल जाते है आज देख भी लिया … “
अक्की ने दुःख के साथ सर हिजलाया ..
अब इन सालो को किसने यंहा बुलाया था .. शायद सस ने लेकिन वो मुझे बता सकती थी उल्टा उसके इस कदम से मैं फंस गया था ..
“वह अंकित वह दिखा दी दोस्ती तूने , सेल बहुत बड़ी बड़ी बात करता था …” इस बात बोलने वाला अज्जू था ..
उसने मेरे कंधे में हाथ रखा और मेरी कोई बात सुने बिना hi अक्की और अज्जू सीधे सस के कमरे की और चले गए
“अरे मेरी बात तो सुनो ..”
मैं उनको समझने के लिए पलटा hi था की मोनिका मेरे सामने आ गयी ..
“सेल लड़की क्या मिल गयी दोस्त hi पराये हो गए तेरे लिए “
इतना बोलकर वो भी सस के कमरे में चली गयी , मैं बस ठगा सा वही खड़ा रह गया था ..
जरूर इस सस ने hi कोई बात बताई होगी इन लोगो को ..
मेरा दिमाग सस के लिए ख़राब हो रहा था वही मेरे दोस्त मुझे गलत समझ रहे थे इस बात का भी मुझे दुःख हो रहा था ..
मैं भी सस के कमरे की और जाने लगा ..
जब मैं अंदर आया तो सस को देखकर मेरी सांसे hi रुक सी गयी ..
“वाओ..”
मेरे मुँह से अनायास hi निकल गया था , वो एक सफ़ेद रंग के घाघरे चोली में थी जिसपर बहुत से चमकीले सितारे लगे थे, ये वही कपडा था जिसे सस ने उस समय पहना था जब मेरी और सागेर की लड़ाई हुई थी लेकिन लड़ाई के कारण और सस के रोने के कारन मैं उस समय उसकी इस खूबसूरती को देख नहीं पाया था ..
अभी फिर से तैयार होने के बाद वो किसी पारी की तरह खिल रही थी ,
आश्चर्य की बात ये थी की नेहा और मोनिका जो की सस की सबसे बड़ी दुश्मन हुआ करती थी वो दोनों मिलकर उसके इस कपडे को सम्हाल और सवार रहे थे ..
“अबे क्या मुँह फाडे खड़ा हुआ है सामने से हैट “
अज्जू की बात सुनकर मुझे थोड़ा होश आया और मैं सामने से हैट गया , सस , नेहा और मोनिका के साथ बहार चली गयी थी ..
“ये सब हो क्या रहा है , ये बिल्लिया दोस्त कैसे बन गयी ..”
मेरे मुँह से अचानक से निकल गया ..
“तू तो बात hi मत कर “
अक्की मुँह बिगाड़ते हुए वंहा से निकल गया ..
“अबे … अरे सुन न यार बताओ तो सही की हुआ क्या है “
ये मेरे लिए इन्तजार का इन्तहां हो रहा था ..
“सेल नेहा ने तुझे प्रोपोज़ कर दिया लेकिन तूने हमें बताया भी नहीं , और ना hi इस पार्टी के बारे में बताया … सेल बड़ा आया बॉडीगार्ड कही का ..”
मैं थोड़ा चौक गया था
“तो क्या सस ने ये बताया ..”
“है वो कल हमारे पास आयी और नेहा के दिमाग से तेरे और उसके रिलेशन के बारे में सभी ग़लतफ़हमी को दूर कर दिया, और साथ hi मोनिका और नेहा से माफ़ी भी मांग ली और हमें पार्टी में इन्विते किया …”
“इसकी माँ की और कामिनी ने मुझे कुछ बताया भी नहीं “
सस दिन भर तो मेरे hi साथ थी पता नहीं वो कब इन लोगो से मिलने चली गयी थी , शायद उस समय जब मैं यंहा काजल के साथ कुछ घंटो के लिए सिक्योरिटी के निरक्छन में बिजी था ..
“कमीने सेल मुझे तो यकीं hi नहीं हो रहा है की तेरे जैसे चूतिये को नेहा जैसी लड़की मिल गयी “
अक्की ने मुझे छेड़ते हुए कहा और फिर मेरे गले से लग गया
साथ hi अज्जू भी मेरे गले से लग गया था ..
“वो बहुत अच्छी लड़की है सेल उसका दिल मत दुखाना “
ये कहते हुए अक्की की आँखों में अनुस आ गए थे , अक्की दिल का बहुत hi मासूम लड़का था और नेहा उसकी सबसे अच्छी दोस्त थी , मैंने उसे दिलाशा तो दिया लेकिन मन के भीतर की गहराई में मैं भी जनता था की मैं कितना सही हु और कितना गलत …
पार्टी अपने शबाब पर थी , सस ने केक कटा और पार्टी शुरू हो गयी , काजल और तिवारी के बाकि के लोग भी अपने अपने कामो में लगे हुए थे, मोनिका ने भी मुझे पहले प्यार के लिए बधाई दी ..
मैं नेहा से कुछ बात नहीं कर प् रहा था क्यों की वो मुझसे थोड़ा शर्मा रही थी, वही सस को उसके पिता मेहमानो से मिलवा रहे थे थोड़ी देर बाद मेरे सभी दोस्त दज फ्लोर में जाकर नाचने लगे थे ..
सभी अपने अपने दोस्तों के ग्रुप के साथ मस्त थे पार्टी का शबाब पुरे जोरो पर चल रहा था सस भी हमारे ग्रुप को ज्वाइन कर चुकी थी और सभी दो दो पग लगा कर दज की धून पर थिरक रहे थे , ऐसे मैं भी सबके साथ नांच रहा था लेकिन फिर भी मेरा ध्यान कई जगह बनता हुआ था , मैं कभी कभी काजल को देख लिया करता कभी कभी उससे आँखों hi आँखों में बाटे भी हो जाया करती थी की सब सही है या नहीं …
क्योकि मेरा ध्यान बता हुआ था इसलिए मैं ठीक से एन्जॉय भी नहीं कर प् रहा था आखिर में मुझसे रहा नहीं गया और मैं काजल के पास चला गया ..
“सब ठीक तो है न “
“अभी तक तो ठीक hi लग रहा है , सभी जगह पर सिक्योरिटी लगे हुए है और कण्ट्रोल रूम से सब चेक किया जा रहा है ..”
“जीवा का कोई आदमी दिखा क्या ??”
“फ़िलहाल तो नहीं “
“आज निशाने पर कौन हो सकता है “
काजल ने मुझे घुरा
“तुम इतना दिमाग मत लगाओ यार .. जाओ आपने दोस्तों के साथ एन्जॉय करो “
और वो फिर से वाकई टोकि में किसी के साथ बात करने लगी ..
मुझे पता था की इस समय काजल बहुत hi चिंता में है और बिजी है , लेकिन फिर भी उसका मुझसे इस तरह से बात करना मुझे बिलकुल पसंद नहीं आया ..
तभी मैंने देखा की एक कपल ध्यान से सागेर की तरफ देख रहा है, वो मुस्लिम कपल था , महिला ने बुरका पहन रखा था वही पुरुष ने सफ़ेद रंग का पठानी शूट डाला हुआ था , और सर पर एक पठानी टोपी भी थी , उसकी लम्बी लम्बी दाढ़ी थी .. दाढ़ी को लाल रंग से रंगा गया था.. सब कुछ hi सामान्य सा लग रहा था लेकिन मर्द बार बार सागेर लो और इशारा कर रहा था ..
ये मुझे थोड़ा खटक गया .. मैं पास hi बने बार में चला गया जंहा पर सागेर भी आपने कुछ दोस्तों के साथ खड़ा हुआ था, मैंने एक पेग व्हिस्की आर्डर की और हलके हलके चुस्किया लेकर पिने लगा ..
मेरा ध्यान अब भी उस खातून (महिला) और सागेर पर hi ठिका हुआ था …
थोड़ी hi देर हुए थे की परदेश के मुखयमंती जी के आने के कारण माहौल थोड़ा गर्म हो गया था, सभी उनसे मिलने को बेताब हो रहे थे और तभी तिवारी ने सागेर को अपने पास आने का इशारा किया , सागेर ने हां में सर हिजलाया और अपने मोबाइल में कुछ देखा , उस समय तक तिवारी कम को सस से मिलवा रहा था साथ hi तिवारी की पूरी फॅमिली भी थी सागेर भी मोबाइल में कुछ देखता हुआ उनके और जाने लगा , तभी मेरा ध्यान उन महिला पर पड़ा जो की बुर्के में थी वो भी हलचल में आ गयी और सागेर के पास जाने लगी , मैं तुरंत hi हरकत में आया और अपना पेग पढ़कर जानबूझकर थोड़ा लड़खड़ाते हुए उस महिला और सागेर के बिच जा पंहुचा , महिला और मेरी आंखे मिल गयी ..
जैसे उसने बुरका पहन रखा था सिर्फ उसकी आंखे hi मुझे दिखाई दे रही थी ..
एक पल के लिए ऐसा लगा की साडी दुनिया hi रुक सी गयी हो…
क्योकि मैं उन आँखों को पहचानता था , अच्छे से जनता था , बचपन से इन्ही आँखों ने तो मुझे ममता का घुट पिलाया था ..
“भाभी ..??”
मेरे मुँह अनायास hi निकला , वही वो मुझे देखकर हड़बड़ाई और जल्दी से पलट कर दूसरी और जाने लगी .. मैं भी उनके पीछे हो लिया .. लेकिन तभी मेरी नजर उस शख्स पर पड़ी जो भाभी के साथ आया था उसने गन निकाल लिया था और ..
धाय धाय धाय…
तीन गोली कम और तिवारी के ऊपर चलाई गयी लेकिन तीनो निशाने पर नहीं लगी , उससे पहले की सभी का ध्यान उस तक जाता वो अपने पीछे उगे हुए पेड़ो की और छलांग लगा देता है … वही भाभी बंगले के मुख्य मकान की और भाग रही थी ..
कम और तिवारी के सिक्योरिटी वाले पागलो की तरह उस आदमी के पीछे दौड़े और गोलिया चलने hi वाले थे की दूसरी और से
धाय धाय .. कुछ और गोलिया चली , सभी झुक गए थे यंहा तक की सिक्योरिटी वालो को भी अब समझ नहीं आ रहा था की इधर जाए दो तरफ से गोली चल रही थी .. वो लोग बात गए थे कुछ एक तरफ तो कुछ दूसरी तरफ भागे ..
लेकिन तब तक वो चालाक व्यक्ति न जाने कहा गायब हो गया था वही दूसरी और से गोली चलने वाला अब भी किसी की नजर में नहीं आया था , सभी सिक्योरिटी वाले कम और तिवारी के परिवार को घेर कर मुख्य भवन की और चल पड़े थे , मुझे भी जब इन सबसे होश आया तब तक भाभी मुख्य भवन में जा चुकी थी , मैं उन्हें पकड़ने के लिए भाग hi रहा था की काजल भी वंहा आ गयी ..
“तुम उसे पकड़ने की बजाय इधर कहा भाग रहे हो “
“भाभी …भाभी इधर भागी है , वो उसके hi साथ hi जिसने गोलिया चलाई है “
“क्या “ काजल भी चौकी ,
सभी तरफ अफरा तफरी का माहौल था ,
जनाः तिवारी का परिवार सिक्योरिटी के घेरे में था वही तिवारी इस हमले से मनो बौखला गया हो …
वो सिक्योरिटी घेरे को तोड़ कर बहार आ गया था ..
“कौन है मादरचोद जो मुझे और मेरे परिवार को मरना चाहता है “
वो अपनी बंदूख निकाल कर गरजा …
मैं और काजल जब मुख्य माकन में पहुंचे तो वंहा भाभी हमें कही नहीं दिखी , बस एक वाशरूम से एक बुरका जरूर मिला ..
“लगता है वो भाग गयी है ..”
बुर्के को देखकर मैंने कहा था
“यंहा से भागना इम्पॉसिबल है … उनोहोने भेष बदला था और अटैक के बाद तुरंत hi अपने कपडे उतार कर फेक दिए , अब वो सामान्य कपड़ो में मेहमानो के साथ घुल मिल गए होंगे …लेकिन कक्तव फुटेज से कैसे बचेंगे , जाने के सभी रस्ते तो बंद है ..”
अब तक सभी गाठ बंद कर दिए गए थे , उस व्यक्ति का भी कपडा और बंदूख मिल चूका था जिसने गोली चलाई थी , मजेदार बात ये थी की जो गोली दूसरी तरफ से चलाई गयी थी वंहा कोई था hi नहीं बल्कि बस एक आटोमेटिक बंदूख को सेट किया गया था जो बिना किसी टारगेट के हवा में गोलिया चला रहा था …
सभी को पता था की जिसने भी ये सब किया है वो अभी यही मौजूद है , सिक्योरिटी के साथ साथ पुलिस वाले भी गुस्त लिस्ट से सभी का नाम और पहचान मिलान कर रहे थे ताकि जिस पर भी शक हो उसे अलग कर पूछतज किया जाए ..
वही कक्तव फुटेज से उस पठान शूट वाले आदमी और उस बुरका वाली महिला की भी पहचान चल रही थी ..
माहौल गमगीन हो गया था ..
कही किसी को कोई भी नहीं मिल रहा था ..
“तिवारी ये सब क्या है , तमाशा बना कर रखा है तुमने अभी इलेक्शन सर पर है और ये सब ..”
कम तिवारी पर चिल्ला रहा था
“अरे भैया जी , आप ये क्या कह रहे हो , मैं इतना तो नहीं गिर सकता की मैं खुद के परिवार पर hi हमला करवा दू ..”
“तुम चुनाव जितने के लिए कितने गिर सकते हो तिवारी ये तो हमें अच्छे से पता है लेकिन अगर ये तुम्हारा प्लान है भी तो काम से काम हमें तो बता देते .. इससे जो सिम्पथी मिलेगी उससे हमारी पार्टी का hi तो फायदा है “
कम की बात सुनकर तिवारी बुरी तरह से झुंझला गया था ..
“अरे भैया जी आप समझते क्यों नहीं ये सब मैंने नहीं करवाया है “
तिवारी बुरी तरह से झुंझला गया था ..
“अरे तुमने नहीं करवा है तो किसकी इतनी हिम्मत हो गयी जो भरी पार्टी में इतनी सिक्योरिटी में आकर खुले आम गोलिया चला दे और पकड़ाए भी नहीं … साफ़ दिख रहा है की इसमें किसी अंदर के आदमी का हाथ है “
कम की बात सुनकर तिवारी को जैसे सांप hi सूंघ गया था ..
“सर फिक्र मत कीजिये कक्तव की फुटेज चेक होइ रही है वो मिल hi जायेगा “ काजल ने कहा था
“अरे क्या घंटा मिलेगा सब सेल मिले हुए है , कही मुझे hi मारकर कम की ख़ुर्शी हथियाने का प्लान तो नहीं था तेरे तिवारी ..”
कम की इस बात से तिवारी का भेजा hi गर्म हो गया था ..
“सेल अब चुप कर , अगर तुझे मरना होता न तेरे घर में घुसकर मरता और तू मेरा झांट भी नहीं उखड पता … जनता है न मैं कौन हु … जिसके नाम से तेरे जैसे लोग कभी पेण्ट में मूत दिया करते थे वो दया संकर तिवारी हु मैं ..”
तिवारी के इस रूप को देखकर कम सकते में आ गया था वो कुछ बोलने वाला था लेकिन फिर कुछ सोचकर चुप हो गया .. भाई जान का दर सभी को होता है , भले hi वो कम था लेकिन वो अभी तिवारी के घर में था … और तिवारी ठहरा पुराण गैंगस्टर..
तभी एक सिक्योरिटी का आदमी दौड़ता हुआ आया ..
“सर दो महिलाये पकड़ी गयी है … उनका नाम गुस्त लिस्ट में नहीं है और किसके साथ आयी है वो भी नहीं बता रही ..”
हम सभी तेजी से वंहा से बहार की और भागे ..
जब हम वंहा पहुंचे तो उन दोनों को देखकर हम सभी का मुँह खुला का खुला रह गया था …
पहली महिला नेहा की आँखों में देख रही थी ..
“माँ…???”
नेहा की आंखे गीली थी और मेरे बाकि के दोस्त अपना मुँह फाड़े उसे hi देख रहे थे ..
“ये .. इन्हे मैंने बुलाया है …”
सस ने नेहा के कंधे पर हाथ रखकर कहा और सिक्योरिटी ने उन्हें सम्मान के साथ छोड़ दिया , अब बरी थी दूसरी महिला की जिसकी नजर तिवारी के ऊपर थी ..
और मेरी नजर उस महिला के ऊपर ..
वही तिवारी का मुँह खुला का खुला था , सफ़ेद सलवार में लिपटी हुई यौवन की उस देवी की तो मैं पूजा किया करता था, लेकिन उन्होंने मेरी और देखा तक नहीं ..
“कोमल ..????”
तिवारी के मुँह से अनायास hi निकल गया ..
“आप किसके साथ बताइये ..”
सिक्योरिटी की एक महिला ने भाभी से कहा , उन्होंने कुछ भी नहीं कहा , मैं आगे बढाकर कुछ hi वाला था की ..
“इन्हे छोड़ दो इन्हे मैंने इन्विते किया था …”
तिवारी ने कहा था .. उसका मुँह अब भी खुला का खुला hi था ….