अडुल्टेरी भाभी माँ (कम्प्लेटेड) - Page 57 - SexBaba
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अडुल्टेरी भाभी माँ (कम्प्लेटेड)

ह्म्म्मम्म्म्म

गुड उपदटेस

अंकित को सच्चे दोस्त मिल ही gaye....par क्या ये वाकई सच्चे hai....Akki की फिऑन्स ही वो काफी है जो अंकित को तिवारी के करीब ले जायेगी....

तो डिफीकल्टीज होना शुरू हो gayi....Anita के saath....or अंकित के मर्डर वाले रूप के कारण उसने इस का कारण सोनू को नहीं बताया....

जब भी अनीता और सोनू साथ होते है तो वो काफी खुशनुमा पल होते है....

है आखिर सच बात सोनू के मुँह से निकल ही gayi...ki वो खुद भी शिवा बन ने मई ज्यादा इंटरेस्टेड है न की sonu.....jise से की वो बदला ले sake.....raaju से....

वही बात जो मज़ा और ज्यादा बिगड़ने मई HAI......WO सुधरने मई कहा....

और फिर क्राइम वर्ल्ड मई सिर्फ आने का रास्ता होता hai....u टर्न नहीं....

खैर देखते है आगे क्या होता है

अन्य्वयस

गुड अपडेट

थैंक्स
 
अपडेट 55
ट्रैन तेजी से हमारे बाजु वाले पटरी से गुजर गयी , हम दोनों ने एक पल के लिए एक दूसरे को छोड़ा और एक दूसरे की आँखों में देकः , मौत का कही दर hi नहीं था ..

हम दोनों hi जोरो से हंस पड़े ….

भाभी के वो गुलाबी से होठ मुझे ललचा रहे थे , सांसे तेज थी धड़कनो ने भी थोड़ा आराम करना सिख लिया था, उनके आँखों में आंसू था ,मेरे आँखों में वो था या नहीं मैं नहीं जनता ..

,मैंने फिर से उन्हें अपनी तरफ खिंच लिया था और हमारे होठ फिर से मिल गए थे ..

ये अहसास क्या था , मैंने पहले भी कई लड़कियों के होठो को को चूसा था लेकिन ये क्या था , एक अलग hi खुशबु थी उनके शरीर में जो मेरे नाक से होते हुए मेरे मस्तिष्क को हिला जा रही थी , उनके होठ महज मांस के टुकड़े नहीं थे वो रास से भरे हुए अंगूर के दानो की तरह कड़े थे , मेरे दन्त कभी कभी उन्हें उन्हें खा जाने को व्याकुल हो रहे थे , कभी वो मेरे होठो को अपने दांतो से कान्त जाती ,

चूसने पर उनके होठ जो रास बहा रहे थे वो क्या था , मांस के एक टुकड़े पर इतना लगाव कैसे पनप रहा था , उनके लार से साणे हुए मरे जीभ अब मेरे नहीं रह गए थे वो बस शेर पर थे कभी यंहा तो कभी वंहा …

मदहोशी बढ़ाने लगी थी और उत्तेजना के साथ hi हरकते भी , दीवारे मन से तो गिर hi गयी थी बस तन से गिरना hi बाकि रह गया था, एक बार जो मन के बंधन खुल जाए तो फिर दुनिया में और कोई बंधन बच hi नहीं पते, जो बंधा है वो बस मन से hi बंधा है …….

उनके खुले हुए बल फ़ैल गए थे और मेरे ऊपर आ रहे थे , वो मेरे ऊपर hi थी , मैंने उनके बालो को हलके हटाया और उनके गले में अपने होठो से हलके से स्पर्श करवा दिया ..

“आह सोनू , मेरे बेटे “

उन्होंने इतनी मदहोशी , उत्तेजना और प्रेम से कहा की सभी को अलग करना hi मुश्किल था, और कौन ये समझने की जहमत भी उठता की वो क्या था ..

उन्होंने मुझे सीधे निचे उसे ऊपर कर दिया , उनमे इतनी ताकत थी ये मैंने आज hi जाना था , ट्रैन की पटरी में बिछे बड़े बड़े पत्थर भी हमर फूलो की तरह लग रहे थे ये हमारे सुहाग वाली सेज थी ..

मैं भी पागलो की तरह उनके गले और गलो को चूसने लगा , वो मकहलती हुई मेरे बालो को सहला रही थी , मेरे हाथ भी उन्मुक्त पंछी की तरह इधर उधर उड़ने लगे थे और सीधे भाभी की ममता से भरे हुए वक्षो को छूने लगे …….

“बीटा .. ओह्ह सोनू “

वो मचल गयी और मैंने अपने हाथो को थोड़ा और दबाते हुए उस कोमल सी रचना का थोड़ा और भी अवलोकन किया , वो कितने कोमल थे जैसे कठोर बाल पर किसी ने मक्खन की पालिश चढ़ा दी हो , रेशम जैसे मुलायम बदन की छुवन से मेरे लिंग का तनाव भी बढ़ने लगा था ..

मैं अपने हाथो से उनके उन्नत वक्षो को सहलाते हुए उनके गले से अपने होठो को उनके छतियो तक ले जाने लगा था, मेरे लार से उनकी छतिया सन्नी लगी थी , लाज की मर्यादा से बंधे हम दोनों आज सभी नियमो को तोड़ने में उतारू हो चुके थे ..

मैंने मेरे हाथ आपने आप hi भाभी के के पीठ की तरफ जाने लगे उन्होंने भी जैसे सहमति दिखाई और थोड़ा ऊपर उठ गयी जिससे मेरे हाथ उनके ब्लाउज के हुक पर चले गए थे , एक hi झटके में मैंने उसे निकाल लिया , शायद ये सस और रानी से ली गयी ट्रेनिंग का hi कमल था की मैं आसानी से उनके ऊपरी वस्त्रो को निकाल कर उन्हें ऊपर से पूर्ण तह नंगा कर दिया था,

मेरे भी कपडे उतरने लगे थे , क्या कब कैसे हो रहा था न hi मुझे कुछ समझ आ रहा था न hi भाभी को ..

थोड़ी hi देर में हम दोनों hi पुरे मार्जात नंगे ट्रैन की उस पटरी में एक दूसरे से घुठे हुए पड़े थे , मैं उन्हें जिस्म को चूसे जा रहा था वो बस मेरे सर को पकडे हुए अपनी आंखे बंद किया पड़ी थी …….

मेरे होठ उनके जिस्म का कोई भी कोना नहीं छोड़ना चाहते थे , हर जगह मेरे लार से उनका जिस्म गिला हो रहा था …

आखिर मैं उस जगह पंहुचा जिसे कोई जन्नत का दरवाजा कहता है तो कोई नर्क का .. मेरे लिए वो महज मेरे भाभी को अपना प्रेम दिखने का एक साधन था.

मैं भाभी के जांघो के बिच अपने जीभ से उनके योनि की दीवारों को सहला रहा था , उनके योनि में उगे हुए वो बाल भी मुझे एक सुखद सा अहसास दे रहे थे , अपनी जीभ से योनि से निकलते उस चिपचिपा पानी को चाट लिया जो की स्वाद में नमकीन था एक अजीब सी महक मेरे नाक में घुलने लगी थी ..

भाभी ने जोरो से मेरे बालो को पकड़ लिया था

“आहे सोनू मेरे बेटे ..”

उन्होंने मेरे बालो को खींच लिया और मुझे ऊपर खींचने लगी , हमारे होठ फिर से मिल चुके थे, मेरा लिंग जो की अपनी पूरी ताकत में खड़ा हुआ था वो भाभी के योनि की दीवारों पर हलके हलक प्रहार करने लगा था ,भाभी के चिपचिपे गीले रास से वो थोड़ा थोड़ा गिला होने लगा था ..

आखिर भाभी ने hi मेरे लिंग को पकड़ कर अपने प्रेम के अंतिम सिखर पर चढ़ा दिया, उन्होंने पहले तो मेरे लिंग को अपने योनि से हलके हलके घिसा , जब मैं उत्तेजना में हलकी हलकी सी सिसकिया लेने लगा था तो उन्होंने अपने उस छेड़ में मेरे लिंग को प्रवेश दिलाया जिसके बाद हम दोनों के बिच के हर दिवार हमेशा के लिए टूट जाने थे ..

मेरे लिंग की चमड़ी भाभी की योनि से घिसते हुए अंदर जाने लगी थी , मेरे लिंग में एक संवेदना का संचार हुआ और

“आअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह भाभी .. मेरी जान .. उम्म्मा आ ाः “

मेरे मुँह से अनायास hi न जाने क्या क्या निकलने लगा था , आज तक मुझे ऐसा अहसास कभी नहीं हुआ था, मुझे पता था की योनि में लिंग के जाने पर कैसा अहसास होता है लेकिन ये अहसास कुछ अलग hi था, मैं उनके अंदर पूरी तरह से धंस चूका था,

उनकी योनि और मेरा लिंग एक दूसरे में ऐसे कैसे हुए थे जैसे की वो कोई दो नहीं बल्कि एक hi अंग हो , उनकी योनि ने एक तेज धार छोड़ी और वो सिथिल हो गई ..

उनके चेहरे पर एक अजीब से ाँद का अतिरेक नाचने लगा था ..

उनकी आंखे बंद थी और होठो पर एक मुस्कान , ऐसा लगा जैसे भाभी ने बहुत सारा गर्म पानी छोड़ा हो , मैंने एक बार अपने लिंग को बहार खिंचा उसे भाभी के योनि के झरने से बहते हुए पानी से भिगो कर फिर से उनके योनि की दीवारों से रगड़ने लगा ..

इस बार मैं आसानी से अंदर बहार हो रहा था . मेरे कमर एक ले में चल रहे थे ..

थोड़ी देर तक तो भाभी भी आंखे बंद किये हुए hi लेती रही फिर उनकी हलकी हलकी सी आह निकलने लगी थी , जैसे जैसे मेरे कमर की तेजी बढ़ती गयी वैसे वैसे hi उनकी आहे भी तेज होने लगी थी ..

मैं हांफे जा रहा था उन्होंने मुझे कसकर जकड लिया था , हम दोनों hi एक दूसरे में घुलने लगे थे , जस्बात कभी आँखों से आंसू बनकर बहते तो कभी आह बनाकर निकल जाट , भाभी की आँखों में पानी था और होठो में एक हलकी सी मुस्कान , वो मुझसे ऐसे जकड़े हुए थी जैसे कभी अलग hi नहीं होना छाती हो ..

मैं और जो जोरो से धक्के मारे जा रहा था जैसे ये मेरी आखरी रात हो , ये मेरा आखरी मौका हो ये मेरे आखरी जन्नत हो … ये जीवन का आखरी पल हो ..

मैं हांफ रहा था वो हांफ रही थी , हम दोनों hi एक दूसरे में समां रहे थे , अपने दांतो और नाखुनो से वो मेरे जिस्म में प्यार के कई निशानिया छोड़े जा रही थी , और तभी

“अरे मादरचोद ये सेल कौन है पटरी में चुदाई “

किसी की आवाज हमारे कानो में आयी थी , ऐसा लगा जैसे कई लोग एक साथ झुण्ड बनाकर हमारे और आ रहा थे

“आह आह सोनू मेरे बेटे और जोरो से “

“है मेरी जान , हां मेरी जान आह आह आह “मैं और भी जोरो से धक्के लगाने लगा था

तभी उन्होंने अपने अपने टोर्च हमारे और घुमा दिए

“अरे मादरचोद ये लोग तो वही है न जिहने हमें सम्पत ने खोजने भेजा है , तस्वीर निकाल तो बे “

वो हमारे बिलकुल hi नजदीक खड़े थे

“सोनू रुकना मत बीटा आहा आह मैं तेरी हु बीटा मैं तेरी हु आज सॉरी मैंने तुझे इतने दिनों तक तडफाया आह मेरी जान “

मैं अपने कमर को और भी तेजी से चलने लगा था ,योनि और लिंग के रगड़ाव से एक मधुर सी आवाज पैदा होने लगी थी, कॉमर्स निकल कर बिखरने लग था और उस घर्षण से छाप छाप की आवाज पैदा होने लगी थी ..

“अबे मादरचोद ये लोग तो वही है देखो , पकड़ो इन्हे “

वो हमें घेर कर खड़े होने लगे थे

“आह भाभी आह भाभी , मेरी जान मैं निकलने वाला हु “

मैं अपने तेजी के चरम पर था

“आजा मुझे भिगो दे बीटा… ाआअह मेरे सोनू .. आह आह आए जा आ जा मेरे बेटे “

भाभी ने मुझे जोरो से जकड लिया था मैं बस उनके योनि के अंदर छूटने वाला था

“अरे मादरचोदो उठो … “

किसने एक लात मेरे पिछवाड़े में लगा दी

“आह भाभी मैं आ रहा हु “

मैं जोरो से चिल्लाया

“आजा मेरे बेटे आज भिगो दे मुझे “

भाभी चिल्लाई

“मादरचोदो को मारो ऐसे नहीं सुनेंगे “

वो चिल्लाये

“आह भाभी …”

मेरे अंदर का एक सैलाब फटा और मैं जोरो से भाभी के अंदर hi झाट्ने लगा …

“आह मेरी जान “

उन्होंने मुझे और hi जोरो से अपनी और खिंच लिया ..

तभी एक लंडा घूमते हुए आया लेकिन ……………..

मैं आराम से भाभी के ऊपर hi गिर गया था , मेरे पीठ में पड़ने वाले धंदे को भाभी ने हाथो से रोक लिया था, एक हाथ से उन्होंने मुझे जकड़ा हुआ था ..

“ी लव यू भाभी “

मैं उनके होठो को हलके से चूमते हुए बोलै

“ी लव यू मेरी जान .. मेरा प्यारा बीटा ,मेरा सोनू “

उन्होंने भी मेरे होठो को अपने होठो में भर लिया

“अबे देख क्या रहे हो सालो एक साथ मारो “

जिसने डंडा चलाया था वो चिल्लाया , भाभी ने तुरत hi मुझे साइड कर दिया था वो ऐसे कड़ी हुई जैसे उनके अंदर कोई बिजली का करंट दौड़ रहा हो ..

मैं अभी भी अपनी सांसे सम्हाल रहा था, उन लोगो ने टॉर्च जलाया हुआ था जिसके प्रकाश में मुझे दिखाई दे रहा था की कोई 10-15 लोग थे . सभी के हाथो को डंडे थे कुछ शायद बड़ी बड़ी बन्दूखे भी पड़के हुए थे..

इससे पहले मैं कुछ करता सभी ने एक साथ हमारे ऊपर डंडा चला दिया , भाभी नग्न hi थी बाल फैले हुए थे,

उनका गोरा बदन और बड़े निकले हुए पिछवाड़े को देखकर मेरा लिंग फिर से खड़ा होने लगा था , मेरी नजर उनके नंगे बदन पर hi तिकी हुई थी ..

“वाओ ..” मेरे मुँह से अनायास hi निकल गया था चारो तरफ दुश्मन थे लेकिन मैं उनके उठे हुए नितम्भो को निहार रहा था ,मेरे मुँह में पानी आने लगा , मैं थोड़ा ऊपर उठा और उन्हें मुलायम गद्देदार नितम्भ को चुम लिया ..

भाभी ने मेरे बालो को सहलाया

“बीटा थोड़ी देर रुक जा “

सभी डंडे एक साथ चले थे लेकिन भाभी ने अपने पैरो से साइड एक आदमी के गले पर वार किया,

“आह मर गाय “ वो गिरा hi था की उसका दहन्दा उठा कर बाकि के वॉर को रोक दिया , एक hi झटके में भाभी ने ऐसे लंडा चलाया था की सभी लोग तीतर बितर हो गए थे ..

“मादरचोदो को मार डालो “

उनमे से एक चिल्लाया , किसी ने तलवार तो किसी ने बंदूख हमारे और कर दी थी कुछ अभी भी डंडा लिए hi खड़े थे , मैं कुछ समझता उससे पहले hi मेरी नजरे भाभी की झूलते हुए उरोजों पर पद गयी ..

जैसे कोई आम किसी पेड़ पर लटक रहा हो , लेकिन फिर भी तना हुआ हो ,

भाभी तुरंत hi घूमी और

“आह मर डाला मादरचोद “

किसी का सर फटा , वो उछली और किसी के पेअर तोड़ डेल ..

उनके हाथो में एक तलवार थी शायद उसकी जिसका कभी कभी उन्होंने पेअर तोडा था..

एक गोली चली लेकिन बेकार गयी और दूसरे hi पल गोली चलने वाले का सर हवा में उड़ रहा था

सभी ऐसे ख़ामोशी हो गए थे जैसे मौत को नाचते हुए देख लिया हो ..

मौत का सन्नाटा बिखरा हुआ था, टॉर्च का प्रकाश भाभी के जिस्म पर पद रहा था , यंका सभी के लिए जीती जगती नंगी मौत थी , गोर जिस्म में खून के छींटे बिखर रहे थे ..

लाल खून और गोरा रंग गजब धा रहा था , अभी अभी खून की बुँदे उनके सुराहीदार कमर में तैरती हुई उनके पिछवाड़े तक जा रही थी , मेरा लिंग फिर से अकड़ने लगा था ..

भाभी की नजर मुझपर गयी , मैं ललचाई हुई आँखों से उन्हें देख रहा था उन्होंने एक बार लिंग को देखा .. उनके होठो पर मुस्कान आ गयी …….

“थोड़ी देर रुक जा बेटे जल्दी ख़त्म करती हु ये सब “

वो तुरंत hi एक्शन मोड़ में आयी और सभी जगह बस चींखे hi चीखे थी और थोड़ी hi देर में एक आदमी उनके पैरो में गिरा पड़ा था ..

“माफ़ कर दो मुझे माफ़ कर दो मुझे “ वो रो रहा था

“तू वही है न जिसने मेरे सोनू को लात मारी थी “

भाभी की बात सुनकर वो चुप हो गया उसने एक बार भाभी को देखा नंगे गोर रंग का ये देख उसके साथियो के खून से भीगा हुआ था , वो मानो काँप hi गया था , उसका दर उसके आँखों से छलक रहा था ……

वो चुप hi रहा

भाभी ने उसके बालो को पकड़ लिया और उसके गले में तलवार टिका दिया

“तूने अगर मुझे मारा होता तो शायद मैं तुझे माफ़ भी कर देती लेकिन तूने मेरे सोनू को चोट पहुंचे “

और तलवार चला उसका सर उसके धड़ से अलग था , भाभी ने वो सर उठा लिया , मनो खून का झरना बाह रहा हो , उन्होंने सर उठा कर अपने जिस्म से ऊपर किया और उसका गर्म खून अपने जिस्म में टपकने दिया , भाभी के चेहरे और बालो को छोड़ कर पूरा जिस्म hi खून से भीग चूका था , सर को फेककर वो मेरी और बढ़ने लगी ……….

ये वीभत्स्य (घृणा के लायक ) था डरावना था लेकिन मेरे लिए नहीं , अभी मेरी मनो दशा अजीब hi स्तिथि में थी, मुझे बस भाभी का हुस्न दिख रहा था मुझे उनकी वो सुंदरता दिख रही थी , वो इठलाती हुई मेरे पास आयी , खून से सना हुआ उनका बदन देखकर मेरा लिंग ऐसे अकड़े जा रहा था जैसे अब तब बाद टूट hi जायेगा ,

मेरे लिंग में खून की तेजी इतनी बाद गयी थी की लगा जैसे नशो को फाड़ कर खून बहार आने वाले है ..

मैंने भाभी को दबोच लिया और उन्होंने मुझे दोनों ने एक दूसरे के होठो में अपने होठो को घुसा दिया था ..

मेरा लिंग सीधे उनके योनि से टकराया उन्होंने खुद फिर से मेरे लिंग को अपने उस छेड़ में घुसा दिया था ..

हम दोनों hi अभी खड़े थे और एक दूसरे से जुड़ चुके थे , मैंने भाभी ने अपने पेअर मेरे कमर में फंसा लिए ..

मैं तेजी से धक्के दिए जा रहा था , चारो तरफ लोगो की लाशें पड़ी हुई थी , हम किसी के लाश में खड़े थे किसी के हाथ पर , मैं उन्हें अपनी गॉड में hi उठाये हुए अपने से मिलाने की कोशिस कर रहा था मैं चलते हुए एक पेड़ के पास पहुंच गया ..

मैंने भाभी को पेड़ से टिका दिया और जोरो से धक्के मरने लगा ..

“आह मेरा बीटा जोर से बेटे और जोरो से “

वो उत्तेजना में मनो रोने लगी थी , वही हालत मेरी भी थी मैं भी अपना पूरा ताकत लगा रहा था ..

भाभी अपने पेअर मेरे कमर से लपेटे हुए थी और उन्हें उचका उचका कर धक्के मार रहा था उनके हाथ मेरे गले से लिपटे हुए थे ..

उनके जिस्म का खून मेरे जिस्म से लग रहा था ..

“भाभी ी लव यू भाभी .. मैं आपके बिना नहीं जी सकता .. आह भाभी .. आह भाभी “

मैं उन्हें अपना बना लेना चाहता था और पूरी ताकत भी लगा रहा था और इसी उत्तेजना में मनो पागल सा हो गया था ………..

हम दोनों hi अपने में मस्त थे दुनिया जैसे हमारे लिए अब थी hi नहीं , हम दुनिया और दुनिया की साडी बंदिशों से आजाद हो चुके थे ..

हम मस्त थे अपनी hi मस्ती में लेकिन दुनिया ……………

दो आंखे अब भी दूर से हमें देख रही थी लेकिन इसका इल्म न मुझे था न hi भाभी को …………



 
डॉ जी आज के अपडेट ने तो अपडेट में धमाल मचा दिया भाभी-सोनू का शारीरिक व् आत्मिक मिलन के साथ-साथ आरती का शक्ति रूप तो बहुत रौद्र रहा की साला खड़ा हुआ लंड भी बैठ गया पता नहीं सोनू का दोबारा कैसे खड़ा हो गया :lotpot:

देखने वाली आँखें शायद कोमल या फिर निशा की रही होंगी ?

ऐसा आक्रमक फाडू अपडेट था की सोनू ने मर्दानगी के तो भाभी ने शक्ति व् कामुक रूप के झंडे गाड़ दिए
 
थे ट्रैन पास्ड थ्रू थे साइड ट्रैक एंड ी फेल्ट थे ट्रैन किंग ों थेइर ट्रैक. बोथ हैवे फालेन इन लव सीइंग एच इतर, वाओ! :गिरलकीस: थे सन वास् सो ब्यूटीफुल एंड लवली, :लोवीएड2: ी जस्ट फाउंड थे प्लेस ा बिट वीयर्ड, हु लव्स ों थे ट्रैन ट्रैक्स. :हम्म: फॉर थे फर्स्ट टाइम बोथ अरे क्रासिंग थे बॉर्डर, थे लव फॉर व्हिच बोथ वेरे एअर्निंग है बीन फाउंड टुडे. :heart:You हैवे प्रेसेंटेड थे फीलिंग्स ऑफ़ बोथ इन ा वैरी गुड वे. ी लिकेड थे व्होले अपडेट एंड सोनू आल्सो एंजोयेड आईटी. सडनली, वेयर दीद थे गूंस के फ्रॉम एंड थे फेल सो इन लव तहत थे didn't इवन क्नोव. भाभी इस बीटिंग आल थे गूंस एंड सोनू इस सीइंग थे ब्यूटी ऑफ़ भाभी. :लोटपोट: वाओ अलोंग विथ सेक्स अस वेल अस एक्शन. :applause:I'm सूरे नेहा वास् वाचिंग everything.:shocking:

तेरे वास् ा वैरी सेंसुअल अपडेट. यू अरे राइटिंग वैरी वेल, नाउ let's सी व्हाट हप्पेंस नेक्स्ट, टिल थें वेटिंग फॉर थे नेक्स्ट part ऑफ़ थे स्टोरी.

थैंक यू...

???
 
गजब डॉ. साहब क्या खतरनाक और उत्तेजना से भरा हुआ अपडेट दिया हे. तो आपने मेरी बात झूटी साबित कर hi दी. यानि सोनू और भाभी का मिलान करवा hi दिया आपने. उसके बाद जो नर संघार हुआ उससे ये साबित हो गया की भाभी को उनकी सकती मिल गयी हे. और ये जो 2 आँखे उन दोनों का प्रेम देख रही थी वो किसकी थी कोमल डॉ या नेहा की.

वेटिंग 4 नेक्स्ट अपडेट
 
वाह क्या बात, इस बार घमासान भी हुआ और कत्ले आम भी,,,,, :हहै:

ये वाला अपडेट जितनी जल्दी मैंने पढ़ा है उतना जल्दी शायद hi किसी दोस्त भाई ने पढ़ा होगा. वजह डॉ साहब को बखूबी पता है,,,,, :डी

आरती को उसका सच्चा प्यार मिल गया और इस प्यार के मिलान से उसके अंदर शक्ति भी जागृत हो गयी. जिसका नतीजा ये निकला की आये हुए दुश्मनो को यमपुरी की तरफ तुरंत hi प्रस्थान करना पड़ा,,,,, :क्लाप्स:

प्यार अँधा होता है और जब उसमे गर्मी या उत्तेजना आती है तो vivek-heen भी हो जाता है. वर्ण भला ये क्या बात हुयी की ट्रैन की पटरी पर hi शुरू हो जाओ. :lol: हालांकि दोनों ने प्रेम का काम हवस का ज़्यादा परिचय दिया मगर कोई बात नहीं. डॉ साहब से हमें अगर ऐसी आशा न हो तो लानत है हमारी समझदारी par,,,,:D

शक्ति का उदय हो चूका है इस लिए देखते हैं की इसका क्या क्या प्रभाव पड़ता hai....aur ये दो आँखे किसकी हैं.??? :हम्म:
 
ह्म्म्मम्म्म्म

गुड उपदटेस

वैसे ये काफी पुराण आईडिया hai.....lekin बड़े गेम मई हमेशा काम करता है.....

अगर लंका को गिरना हे तो विभीषण को साथ ले लो....

अब भले ही वो तिवारी की बेटी हो लेकिन उसकी baato....haav भाव और एक्सप्रेशन से पता चलता है की उसे अपनी फॅमिली से पैसे के सिवा कुछ नहीं mila.....na प्यार न टाइम...

ऐसे में उसको साथ करना आसान होगा...

भाभी और हीरो का सन धीरे धीरे आगे बढ़ रहा है...

खैर देखते है आगे क्या होता है

अन्य्वयस

गुड अपडेट

थैंक्स
 
:सुपर्ब: :गुड: अमेजिंग अपडेट है डॉ साहब,

बेहद hi शानदार और लाजवाब अपडेट है भाई,

सोनू और भाभी का आज का सेक्स इस स्टोरी का सबसे बेस्ट सेक्स सन था,

सोनू और आरती तो आज बिलकुल दुनिया से बेखबर हो गए हैं,

और खून से सनी हुई आरती को भी देख कर सोनू को उत्तेजना hi हो रही थी,

अब ये कौन है जो दो प्यार के पंक्षी को छुप कर देख रहा है,

वेटिंग फॉर नेक्स्ट अपडेट
 
ह्म्म्मम्म्म्म

वैरी गुड अपडेट

आल उपदटेस अरे अवेसमे....

और बेस्ट part था नेहा का past....kaafi अच्छा दिखाए गया है....

एक माँ जिसके पास कुछ नहीं है अपनी बेटी के alawa.....ak लड़की जिसकी आँखों के सामने उसके बाप का कातिल और उसका परिवार hai.....lekin उसकी मज़बूरी की वो कुछ करे नहीं sakti.....bas दूर से देख सकती हे.....

हीरो की ये बात सही है की यंहा के लोग जीवा के वह दर hai.....wo उसके अगेंस्ट कुछ नहीं bolenge.....uski टैरिफ ही करेंगे.....

अनीता और हीरो की नज़दीकिया बढ़ रही hai.....o4 अनीता को देख कर ऐसा लगता है की वो भी कुछ कुछ ऐसा ही चाहती hai.....kyoki उसे भी तो कभी प्यार नहीं मिला....

खैर देखते है आगे क्या होता है

अन्य्वयस

गुड अपडेट

थैंक्स
 
अवेसमान्द हॉट अपडेट.

आख़िरकार सोनू और भाभी का मिलान हो hi गया, हुआ भी तो ऐसी जगह और ऐसे हालत में की क्या कहना .

भाभी की शक्ति मिल गयी और ऐसी बहाने आपने अपना रायता फैला दिया और फिर से हीरो चुटिया हो गया और भाभी लीड रोले में .

अब देखते है की ये दोनों आंखे किसकी है....
 
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