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- Dec 5, 2013
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जैसे की मैंने आपको बताया था की कैसे पहले मैंने फागुन नानी की चुदाई की और फिर उनकी मदत से दादी को भी पेला, अब आगे की कहानी वो दोनों खाना बना रही थी तो मैं जब सो के उठा तो थोड़ा बहार घूमने चला गया, मैंने बहार से एक वियाग्रा की बोतल खरीद ली और वापस चला आया हम तीनो ने साथ खाना खाया और सोने की तैयारी करने लगे की तभी पड़ोस वाली काकी फागुन नानी को बुला के ले गयी कुछ काम होगा, फागुन नानी ने जाने से पहले कहा की उन्हें आने में देर हो जाएगी, मैंने फागुन नानी के जाने के बाद 2 वियाग्रा की गोलियां खायी और घर पूरा बंद कर दिया मैं तुरंत जेक दादी से लिपट गया, वो तब सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थी और उन्हें किश करने लगा और हम दोनों पूरी तरह से मस्ती में थे वो तो जैसे मेरा मुँह चूस रही थी, तो मैंने तुरंत अपना लुंड निकला और उनके मुँह में दे दिया अब वो उसे पूरी जान से चूसने लगी और मैं अहहहह ाहाहाः की आवाज़े निकल रहा था बड़ा मज़ा आ रहा था, करीब जब 20 मिंट लुंड चूसने के बाद मेरा लुंड पूरा खड़ा हो गया उसकी लम्बाई 9 इंच थी.
कभी गांड नहीं मरवाई तो मैंने कहा की दादी आराम से करूँगा बस आज मरवा लो आपको भी मज़ा आएगा और मुझे भी पर वो तो राज़ी hi नहीं हो रही थी तभी फागुन नानी आ गयी, उन्होंने दरवाज़ा खत खतया मैंने टोलिया लपेटा और जेक दरवाज़ा खोला और वापस बंद किया फागुन नानी जैसे hi अबदार आयी मैंने उनके सारे कपड़े उतरे और बीएड पे लिटा दिया, मैंने फागुन नानी से कहा की आप दादी की गांड छतो वो तुरंत चाटने लगी, अब फागुन नानी दादी की गांड चाट रही थी तो मैं फागुन नानी की छूट मरने लगा फागुन नानी की छूट में लुंड आराम से अंदर चला गया इन दोनों रंडियों की छूटें तो इतनी बड़ी थी मुझे तो ये लगा की साली पुरे गाओं से चुद चुकी है, मैं फागुन नानी की छूट पूरी रफ़्तार से मरने लगा.
फागुन नानी चिल्ला रही थी छोड़ साले छोड़ आआआआआ अअअअअवववववव माआआआ आआह्ह्ह्हह संञ्जज्जुऊ aaaaaaaaaaa मर गईइइइइइइइइ आआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह और दादी कह रही थी है छोड़ सेल छोड़ दे इस रंडी को आज छोड़ भड़वे तुझसे तेरी माँ भी छुड़नी है मादरचोद तू सेल इतना हरामी है मादरचोद आआआअह्हह्ह्ह्हह छोड़ दे इस रंडी को निकल दे इसकी बच्चेदानी से बचा ahhhhhhhhhhhhh, मेरी रफ़्तार इन गालियों के साथ और तेज़ होती जा रही थी, फागुन नानी तो 3 बार झाड़ चुकी थी पर यहाँ तो लुंड हर मैंने को राज़ी नहीं था, तभी फागुन नानी चिलायी की उनका मूत निकल रहा है संजू निकल लुंड बहार
छूट के पानी से मेरा लुंड व् गिला होने गाला था.
मैंने लुंड निकलने के बदले उन्हें पकड़ के उठाया और हवा में छोड़ने लगा, अब उनकी चीख के साथ मेरे लुंड पे garam-garam उनका मूट आया मैंने उन्हें ज़मीन पे लिटा दिया और लुंड निकला, उनकी छूट जलन के कारन फटी जा रही थी और वो चिल्ला रही थी कमरे में फारस पर उनका मूट hi मूट था और दादी चिल्ला रही थी फटी भेनचोद रंडी माँ चुद गयी हरामखोर तूने तो हद hi करदी, जैसे hi फागुन नानी का मूट ख़तम हुआ मैंने तुरंत अपना लुंड फिर पेल दिया वो फिर चिल्लाई पर मैं उन्हें छोड़ता रहा
.
और फिर करीब 40 मिंट बाद मुझे लगा की मैं भी झड़ने वाला हूँ.
तो मैंने रफ़्तार बदहाई और फागुन नानी के अंदर तो चिल्लाने की भी जान नहीं बची थी वो बस सिसक रही थी सीसीसी सस्शह्ह्शह्ह्ह्ह आआअह्हह्ह्ह्ह और फिर हम दोनों झाड़ गए, मेरा इतना ज्यादा माल निकला की वो उनकी छूट से बहने लगा और हम दोनों वही पड़े रहे मूट में साणे हुए, फिर 10 मिंट बाद मैं उठा तो देखा फागुन नानी की छूट से मेरा माल लाल लाल निकल रहा था सायद आज फागुन नानी की कुछ ज्यादा hi छूट मरी थी मैंने उठके मैंने दादी को भी उसी मूट में लिटा दिया और उनकी गांड चाटने लगा, मैंने तय कर लिया था की आज दादी की गांड मारनी है करीब आधे घंटे तक, मैंने उनकी गांड छाती उनकी गांड का छेद भी लाल हो गया था वो तो जैसे पागल सी हो गयी थी, मैंने अपना लुंड फागुन नानी के मुँह में दे दिया वो तो अब तक बेहाल पड़ी थी, जब उन्होंने मेरा लुंड 10 मिंट चूसा तो वो खड़ा हो गया पर सिर्फ 7 इंच hi पंहुचा था तो मैंने एक कटोरी में ढेर सारा तेल लिया और पहले तो दादी की गांड तेल से भर दी और उसके बाद अपना लुंड तेल में सारा तर कर दिया, अब मैंने उन्हें कुटिया वाले पोज़ में खड़ा किया और वो अब भी दर रही थी तो मैंने थोड़ा सा ज़ोर लगाया तेल काफी था इसलिए चिकनाहट की वजह से लुंड का सुपत से उनकी गांड में चला गया.
वो तो सिसक उठी सीसीसीसीसीसी sssssssssssshhhhhhhh aaaaaaaaaahhhhhhhhhh संञ्जज्जुऊ aaaaaaawwwwwwwwwwwww निकल, मैंने थोड़ा इंतज़ार किया ताकि पैन काम हो मैं उनके बूब्स दबाने लगा, जब दर्द थोड़ा काम हुआ तो मैं तेज़ धक्के लगाने लगा
और करीब 25 मिंट ऐसे hi मरने के बाद मेरा आधा लुंड अंदर चला गया, अब मैं और ज़ोर से धक्के लगाने लगा, फिर मैंने अपना पूरा लुंड बहार निकला और उनकी गांड दोनों हाथो से फैला दी और एक ज़ोर दार शॉट मारा और मेरा लुंड अंदर चला गया, वो चिल्लाई मादरचोद बेहेन के लुंड तेरी माँ की छूट फागुन नानी भी कहने लगी साली कुटिया बहुत कह रही थी न अब बता केसा लग रहा है फैट गयी न तेरी भी अब पता चला साली बहनचोद मेरी बेटी की छूट फड़वाने की बात कर रही है, ये तो तेरी बेटी की भी फाड़ देगा तेरा खानदान ये अकेले छोड़ देगा और तब मेरे मन में कजरी काकी के साथ उनकी ननद के बारे में भी बुरे ख्याल आने लगे, मैं अपनी पूरी रफ़्तार पर आ गया और छोड़ने लगा दादी चिल्ला रही थी aaaaaaaaaahhhhhhhh aaaaaaaaaaahahahahahahahahah maaaaaaaaaaaa मैंनं तू माआर गायी बचाओ आआआअह्हह्ह्ह्हह अअअअअववववववव स्स्स्सह्ह्ह्हह्ह्ह्ह सीसीसीसीसीसीसीसीसीसीसीसीसीसीसीसीसीसिस.
और मैं कह रहा था ाःह दादी बेहेन छोड़ तेरी गांड तो मस्त है आअह्हह्ह्ह्हह साली मैं तेरी बेटी क ो भी
छोडूंगा
और मई ऐसा कहते हुए टूट पड़ा
aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh रंडी मादरचोद बहुत गर्म है तेरी जायआंडद इसे आज ठंडा कर दूंगा, मैंने करीब एक घंटे दादी की गांड मारी और वो तो जैसे अध् मरी हो गयी थी पर साली मज़े भी पुरे ले रही थी, अब मैं झड़ने वाला था मैंने अपना पूरा ज़ोर लगा के करीब 80 शॉट मरे और झाड़ गया और जब मैंने लुंड निकला तो देखा दादी की गांड से ढेर सारा खून नीलक रहा था और वो वैसे hi पड़ी रही और सो गयी, मैंने अपना वैसा hi झाड़ा हुआ लुंड दादी की छूट में दिया और लेट गया मैं दादी फागुन नानी वैसे hi फागुन नानी के मूट में रात भर पड़े रहे, सुबह करीब 11 बजे दादी ने मुझे जगा के कहा कपडे पेहेन लो और मैं तुरंत उठा और जाके फ्रेश वगेरा होक तैयार हो गया, वो दोनों रंडियां ठीक से चल भी नहीं प् रही थी मल्लू माँ ने फ़ोन किया और कहा की वो अपनी बुआ के यहाँ एक वीक रुकने के बाद आएंगे और मुझे बड़ी खुसी हुई की क्या बात है मुझे पूरा एक वीक मिल गया है चुदाई का, मैंने फागुन नानी और दादी ने नास्ता किया और बाते करने लगे तो मैंने पूछा की फागुन नानी क्या कजरी काकी की छूट भी आपकी तरह मस्त है.
तो वो बोली मादरचोद उसकी छूट तो बहुत मस्त है मार के देखियो फिर तो हमारी छूट तुझे बेकार लगेगी, तो मैंने कहा की नहीं आपकी और दादी की छूट तो मैं ज़िन्दगी भर नहीं भूलूंगा और baato-baato में hi मेरा लुंड खड़ा हो गया पर उन दोनों रंडियों ने छोड़ने से मन कर दिया सिर्फ फागुन नानी ने चूस के hi उसे शांत कर दिया, अब बस मुझे इंतज़ार था और औरतों की छूट का अभी के लिए बस इतना hi आगे की कहानी अगले part में
जैसे की मैंने आपको बताया था की कैसे पहले मैंने फागुन नानी की चुदाई की और फिर उनकी मदत से दादी को भी पेला, अब आगे की कहानी वो दोनों खाना बना रही थी तो मैं जब सो के उठा तो थोड़ा बहार घूमने चला गया, मैंने बहार से एक वियाग्रा की बोतल खरीद ली और वापस चला आया हम तीनो ने साथ खाना खाया और सोने की तैयारी करने लगे की तभी पड़ोस वाली काकी फागुन नानी को बुला के ले गयी कुछ काम होगा, फागुन नानी ने जाने से पहले कहा की उन्हें आने में देर हो जाएगी, मैंने फागुन नानी के जाने के बाद 2 वियाग्रा की गोलियां खायी और घर पूरा बंद कर दिया मैं तुरंत जेक दादी से लिपट गया, वो तब सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थी और उन्हें किश करने लगा और हम दोनों पूरी तरह से मस्ती में थे वो तो जैसे मेरा मुँह चूस रही थी, तो मैंने तुरंत अपना लुंड निकला और उनके मुँह में दे दिया अब वो उसे पूरी जान से चूसने लगी और मैं अहहहह ाहाहाः की आवाज़े निकल रहा था बड़ा मज़ा आ रहा था, करीब जब 20 मिंट लुंड चूसने के बाद मेरा लुंड पूरा खड़ा हो गया उसकी लम्बाई 9 इंच थी.
कभी गांड नहीं मरवाई तो मैंने कहा की दादी आराम से करूँगा बस आज मरवा लो आपको भी मज़ा आएगा और मुझे भी पर वो तो राज़ी hi नहीं हो रही थी तभी फागुन नानी आ गयी, उन्होंने दरवाज़ा खत खतया मैंने टोलिया लपेटा और जेक दरवाज़ा खोला और वापस बंद किया फागुन नानी जैसे hi अबदार आयी मैंने उनके सारे कपड़े उतरे और बीएड पे लिटा दिया, मैंने फागुन नानी से कहा की आप दादी की गांड छतो वो तुरंत चाटने लगी, अब फागुन नानी दादी की गांड चाट रही थी तो मैं फागुन नानी की छूट मरने लगा फागुन नानी की छूट में लुंड आराम से अंदर चला गया इन दोनों रंडियों की छूटें तो इतनी बड़ी थी मुझे तो ये लगा की साली पुरे गाओं से चुद चुकी है, मैं फागुन नानी की छूट पूरी रफ़्तार से मरने लगा.
फागुन नानी चिल्ला रही थी छोड़ साले छोड़ आआआआआ अअअअअवववववव माआआआ आआह्ह्ह्हह संञ्जज्जुऊ aaaaaaaaaaa मर गईइइइइइइइइ आआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह और दादी कह रही थी है छोड़ सेल छोड़ दे इस रंडी को आज छोड़ भड़वे तुझसे तेरी माँ भी छुड़नी है मादरचोद तू सेल इतना हरामी है मादरचोद आआआअह्हह्ह्ह्हह छोड़ दे इस रंडी को निकल दे इसकी बच्चेदानी से बचा ahhhhhhhhhhhhh, मेरी रफ़्तार इन गालियों के साथ और तेज़ होती जा रही थी, फागुन नानी तो 3 बार झाड़ चुकी थी पर यहाँ तो लुंड हर मैंने को राज़ी नहीं था, तभी फागुन नानी चिलायी की उनका मूत निकल रहा है संजू निकल लुंड बहार
छूट के पानी से मेरा लुंड व् गिला होने गाला था.
मैंने लुंड निकलने के बदले उन्हें पकड़ के उठाया और हवा में छोड़ने लगा, अब उनकी चीख के साथ मेरे लुंड पे garam-garam उनका मूट आया मैंने उन्हें ज़मीन पे लिटा दिया और लुंड निकला, उनकी छूट जलन के कारन फटी जा रही थी और वो चिल्ला रही थी कमरे में फारस पर उनका मूट hi मूट था और दादी चिल्ला रही थी फटी भेनचोद रंडी माँ चुद गयी हरामखोर तूने तो हद hi करदी, जैसे hi फागुन नानी का मूट ख़तम हुआ मैंने तुरंत अपना लुंड फिर पेल दिया वो फिर चिल्लाई पर मैं उन्हें छोड़ता रहा
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और फिर करीब 40 मिंट बाद मुझे लगा की मैं भी झड़ने वाला हूँ.
तो मैंने रफ़्तार बदहाई और फागुन नानी के अंदर तो चिल्लाने की भी जान नहीं बची थी वो बस सिसक रही थी सीसीसी सस्शह्ह्शह्ह्ह्ह आआअह्हह्ह्ह्ह और फिर हम दोनों झाड़ गए, मेरा इतना ज्यादा माल निकला की वो उनकी छूट से बहने लगा और हम दोनों वही पड़े रहे मूट में साणे हुए, फिर 10 मिंट बाद मैं उठा तो देखा फागुन नानी की छूट से मेरा माल लाल लाल निकल रहा था सायद आज फागुन नानी की कुछ ज्यादा hi छूट मरी थी मैंने उठके मैंने दादी को भी उसी मूट में लिटा दिया और उनकी गांड चाटने लगा, मैंने तय कर लिया था की आज दादी की गांड मारनी है करीब आधे घंटे तक, मैंने उनकी गांड छाती उनकी गांड का छेद भी लाल हो गया था वो तो जैसे पागल सी हो गयी थी, मैंने अपना लुंड फागुन नानी के मुँह में दे दिया वो तो अब तक बेहाल पड़ी थी, जब उन्होंने मेरा लुंड 10 मिंट चूसा तो वो खड़ा हो गया पर सिर्फ 7 इंच hi पंहुचा था तो मैंने एक कटोरी में ढेर सारा तेल लिया और पहले तो दादी की गांड तेल से भर दी और उसके बाद अपना लुंड तेल में सारा तर कर दिया, अब मैंने उन्हें कुटिया वाले पोज़ में खड़ा किया और वो अब भी दर रही थी तो मैंने थोड़ा सा ज़ोर लगाया तेल काफी था इसलिए चिकनाहट की वजह से लुंड का सुपत से उनकी गांड में चला गया.
वो तो सिसक उठी सीसीसीसीसीसी sssssssssssshhhhhhhh aaaaaaaaaahhhhhhhhhh संञ्जज्जुऊ aaaaaaawwwwwwwwwwwww निकल, मैंने थोड़ा इंतज़ार किया ताकि पैन काम हो मैं उनके बूब्स दबाने लगा, जब दर्द थोड़ा काम हुआ तो मैं तेज़ धक्के लगाने लगा
और करीब 25 मिंट ऐसे hi मरने के बाद मेरा आधा लुंड अंदर चला गया, अब मैं और ज़ोर से धक्के लगाने लगा, फिर मैंने अपना पूरा लुंड बहार निकला और उनकी गांड दोनों हाथो से फैला दी और एक ज़ोर दार शॉट मारा और मेरा लुंड अंदर चला गया, वो चिल्लाई मादरचोद बेहेन के लुंड तेरी माँ की छूट फागुन नानी भी कहने लगी साली कुटिया बहुत कह रही थी न अब बता केसा लग रहा है फैट गयी न तेरी भी अब पता चला साली बहनचोद मेरी बेटी की छूट फड़वाने की बात कर रही है, ये तो तेरी बेटी की भी फाड़ देगा तेरा खानदान ये अकेले छोड़ देगा और तब मेरे मन में कजरी काकी के साथ उनकी ननद के बारे में भी बुरे ख्याल आने लगे, मैं अपनी पूरी रफ़्तार पर आ गया और छोड़ने लगा दादी चिल्ला रही थी aaaaaaaaaahhhhhhhh aaaaaaaaaaahahahahahahahahah maaaaaaaaaaaa मैंनं तू माआर गायी बचाओ आआआअह्हह्ह्ह्हह अअअअअववववववव स्स्स्सह्ह्ह्हह्ह्ह्ह सीसीसीसीसीसीसीसीसीसीसीसीसीसीसीसीसीसिस.
और मैं कह रहा था ाःह दादी बेहेन छोड़ तेरी गांड तो मस्त है आअह्हह्ह्ह्हह साली मैं तेरी बेटी क ो भी
छोडूंगा
और मई ऐसा कहते हुए टूट पड़ा
aaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh रंडी मादरचोद बहुत गर्म है तेरी जायआंडद इसे आज ठंडा कर दूंगा, मैंने करीब एक घंटे दादी की गांड मारी और वो तो जैसे अध् मरी हो गयी थी पर साली मज़े भी पुरे ले रही थी, अब मैं झड़ने वाला था मैंने अपना पूरा ज़ोर लगा के करीब 80 शॉट मरे और झाड़ गया और जब मैंने लुंड निकला तो देखा दादी की गांड से ढेर सारा खून नीलक रहा था और वो वैसे hi पड़ी रही और सो गयी, मैंने अपना वैसा hi झाड़ा हुआ लुंड दादी की छूट में दिया और लेट गया मैं दादी फागुन नानी वैसे hi फागुन नानी के मूट में रात भर पड़े रहे, सुबह करीब 11 बजे दादी ने मुझे जगा के कहा कपडे पेहेन लो और मैं तुरंत उठा और जाके फ्रेश वगेरा होक तैयार हो गया, वो दोनों रंडियां ठीक से चल भी नहीं प् रही थी मल्लू माँ ने फ़ोन किया और कहा की वो अपनी बुआ के यहाँ एक वीक रुकने के बाद आएंगे और मुझे बड़ी खुसी हुई की क्या बात है मुझे पूरा एक वीक मिल गया है चुदाई का, मैंने फागुन नानी और दादी ने नास्ता किया और बाते करने लगे तो मैंने पूछा की फागुन नानी क्या कजरी काकी की छूट भी आपकी तरह मस्त है.
तो वो बोली मादरचोद उसकी छूट तो बहुत मस्त है मार के देखियो फिर तो हमारी छूट तुझे बेकार लगेगी, तो मैंने कहा की नहीं आपकी और दादी की छूट तो मैं ज़िन्दगी भर नहीं भूलूंगा और baato-baato में hi मेरा लुंड खड़ा हो गया पर उन दोनों रंडियों ने छोड़ने से मन कर दिया सिर्फ फागुन नानी ने चूस के hi उसे शांत कर दिया, अब बस मुझे इंतज़ार था और औरतों की छूट का अभी के लिए बस इतना hi आगे की कहानी अगले part में