- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 138,074
अपडेट - 22
अब तक
क्लास में से मुझे और दब को निकलने की पूरी तैयारी कर के आये थे आज पंकज के पिता ji....jo की हमारे स्कूल के प्रोफ. hai...Kadho ke...unhone दब के साथ साथ मुझे भी लपेटे में लिया और मुझसे एक सवाल kiya....aur वो बिलकुल सूरे थे की मैं नहीं बता पाउँगा और फिर मुझे और दब दोनों को hi क्लास से जाना होगा....
सवाल :- आपके किसी दोस्त के खून में कोई जहरीला द्रव्य मिल गया ho...kisi भी कारण से किसी कीड़े ने काट लिया ho....yaa सांप ne,...to आप उसको कैसे बचाएंगे...
अब आगे.
मैं - वैसे तो बहुत से जवाब है इस सवाल के liye...par आपके लिए मैं बेस्ट जवाब दूंगा....
मेरी बात सुन के एक मुस्कान फैल गयी प्रोफ. के चेहरे pe....aur मुझे देखते हुए बोले...
प्रोफ - बहुत से तरीके hai....accha ठीक है हम भी देख लेंगे कोण कोण से तरीके है आपके पास बताओ jazza....par याद रहे गलत जवाब होने pe...aap और दब जी आप याद है ना क्या hoga...ab ज्यादा वक़्त ना लेते हुए जल्दी से जवाब दे ताकि बाकी की क्लास कम्पलीट कर सकू main....waqt नहीं है हमारे पास....
प्रोफ. के इसी बात से किसी को भी पता चल जाता वो आये hi हम दोनों को निकलने के लिए hai...par भला किसी सब्जेक्ट के होड़ से कोण बेकार में पन्गा le...sab बस चुप रहे....
मैं - वैसे तो इस सवाल के जवाब के लिए 2 केसेस बनाने honge....kyunki जहरीले इन्सेक्ट और जहरीले सांप के काटने से अलग अलग प्रभाव पड़ता है और उनका इलाज भी अलग अलग है पर मैं ऐसा एक इलाज बताऊंगा जिससे दोनों hi केसेस में इलाज हो सकता है.....
इतना बोलने के बाद में जान बुझ के रुक gaya...aur इसके बाद वापस se....charo ओर भुनुर भुनुर की आवाजें फैलने lagi...main बस प्रोफ. को देखना चाहता था वैसे फटती हुई मेरी भी thi....jo मेरी हेल्प कर रहा tha...uspe याक्किन करना... :स्वेट: ..बहुत मुश्किल tha....prof. के चेहरे पे एक विजयी मुस्कान आ gayi....wahi मैंने जब दब की ओर देखा तो वो अपना सामन समेत रहा tha....wo तो रेडी हो रहा था की कब मैं पूरा जवाब दू और वो निकल जाए वह से...
मैं (गहरी सांस लेते हुए) - डेमोस वर्ल्ड से कुछ hi दुरी पे एक बहुत hi छोटा सा प्लेनेट hai....waha पे सिर्फ जंगली ड्वार्फस की एक प्रजाति पायी जाती hai....Wo प्लेनेट छोटा है और ना हो वो प्रमुख प्लैनेट्स में आता है साथ hi उधर बस जंगल hi hai...waha पे एक नीले रंग का पौधा पाया जाता है जिसके पत्ते छोटे छोटे होते hai....aur वो पानी के पास hi उगता hai..uss पौधे की ये खासियत है वो किसी भी तरह के जाहे को काट सकती है अब चाहे वो किसी कीड़े के वजह से हो या फिर सांप....
मैंने अपना जवाब पूरा kiya....DB सामान उठा के निकलने laga...sab अभी भी भुनुर भुनुर किये जा रहे the....wahi प्रोफ. ने एक किताब उठायी और पढ़ना शुरू कर diya....main बैठ गया अपने जगह pe...aur जब बाकियों ने मुझे देखा तो वापस से भुनुर भुनुर की aawajein....Db मुझे इशारे करने लगा मैंने उसको भी बैठने को कहा और हम दोनों hi बैठ गए....
प्रोफ. ने एक बार सबको शांत कराया और क्लॉस लेने lage....Sab यही सोच रहे थे मेरा जवाब सही भी है या nahi....waise मैं भी सोच रहा tha...iss ध्रुव की बात पे अभी तो बिलकुल भरोषा नहीं था मुझे...
कुछ 10 मिनट baad...Prof. मुद्दे और हम दोनों को dekha....aur घूरने लगे...
प्रोफ. - अब तक गए नहीं bahar....DB जी आपके परम मित्र ने ना जाने कहा से ये बनाबटी जवाब दे दिया hai...par ये गलत hai...aapko तो अब तक चले जाना चाहिए tha...apne इस दोस्त के साथ...
मैं - प्रोफ. अन्सिएंट रमेडीएस नाम की एक किताब hai....Merlin ने लिखा है usko....aur उसमे उन्होंने ना सिर्फ उस प्लेनेट के बारे में बताया है बल्कि वह पाए जाने वाले हर तरह के मेडिसिनल प्लांट्स का भी बताया hai....aur मर्लिन कोण थे ये बताना तो सायद उनकी बेज़्ज़ती होगी....
मर्लिन का नाम आया तो वापस से जो क्लास अभी शांत थी वो आवाज करने लगी thi.....Merlin के बारे में क्या hi कहा jaaye....wo पहले ऐसे जादूगर हुए the...jinko टाइटन वर्ल्ड में देवताओं की लाइब्रेरी का हेड बनाया गया tha...unko कुछ स्पेसिफिक पावर्स deke...Merlin की नॉलेज के बारे में बात कर hi नहीं sakte...warna सायद इतना वक़्त निकल जाए की हम भी उसी वक़्त के साथ निकल ले.... उन्होंने ऐसी बहुत सी किताबें likhi...Prof. भी एक बार उनका नाम सुन के चौंक gaye....aur main...main खुद ये नाम पहली बार सुन रहा tha....aur बोल भी रहा tha....par सबको देख के ये समझ gaya...Merlin बाँदा स्मार्ट था...
प्रोफ. ने एक बार सबको शांत karaya...aur खुद सायद याद करने लगे इस किताब के बारे mein....aur वो दब उसने वो किताब की कॉपी कही से निकली और प्रोफ. को dedi...Prof. उसको गुस्से से देख रहे the....Prof, ने फिर किताब के पैन पलटने शुरू किये....
ध्रुव ने मुझे पेज नंबर और पैराग्राफ भी बता diya....aur मैंने वो प्रोफ. को bataya....mere बताने पे उन्होंने वो पेज खोला और देखने lage....aur उनसे पहले hi एक स्टूडेंट ने बोल diya....ye तो सच बोल रहा tha...likha हुआ है किताब में ये dekho...uske पास भी किताब की कॉपी आ गयी होगी....
दब - हाशह चलो अब तो क्लास कर hi सकते है....
प्रोफ. -अरे बीटा अभी रूक्को jarra....ye जवाब कहा से hua...aapne तो बस इलाज का तरीका बताया naa....ye कहा बताया की इलाज करोगे kaise....kaha से लाओगे ये पौधा..
मैं - प्रोफ. सवाल था मैं क्या karunga....to मैं कुछ नहीं karunga...main बस इतना करूँगा की अपने दोस्त को जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी मेडिकल डिपार्टमेंट में ले jaaun...waha बहुत से एक्सपर्ट्स hoge...jo उसको बच्चा hi लेंगे....
प्रोफ.- हम्म ठीक hai....baith जाओ....
मैं भी बैठ गया और फिर क्लास शुरू hui....wapas se...par अब दब रह रह के उसी किताब में लखि हुई बाते पढ़ रहा था कुछ इस तरीके से की वो प्रोफ. को सुनाई de.....aur इसका अंजाम ये हुआ की गुस्से में आके उन्होंने दब को क्लास से निकल hi दिया...
ये क्लास भी ख़तम हो gayi....aur मैं बन गया स्पेशल सबके liye...sabhi मेरी तारीफ़ कर रहे the...arre बहुत से लोगो को तो ये भी पता नहीं था वह पे की ऐसी कोई किताब भी है...
नेक्स्ट क्लास थी प्रोफ. नमन ki....hum सब चल दिए waha...DB भी ग्राउंड में मिल गया मुझे,....
दब - यार टुन्ने कहा सुन्ना था इस किताब के बारे में...
मैं - बस ऐसे hi लाइब्रेरी में घूम रहा था तो दिख गयी थी वही उठा के पढ़ li....bas याद हो गयी थी...
दब - हम्म सही है.....
मैं - वैसे बेकार में पन्गा नहीं लेना चाहिए yaar...wo प्रोफ. है यहाँ पे....
दब - अरे वो तो बस भावनाओं में बाह गया tha...aur ऐसा कुछ नहीं hai....chal आज देखते है क्या होता है प्रोफ. नमन के क्लास mein...waise तू क्या करेगा waha....spirit तो है नहीं तेरी....
मैं - नहीं है ना....
मैंने बस इतना hi ओला की ध्रुव ने मुझे रोक दिया...
ध्रुव - सबको बताने की जरुरत नहीं hai.....sabko क्या तुम किसी को नहीं बताओगे....
मैं - पर मेरा स्पिरिट एनिमल...
ध्रुव - वो भी बनना lenge....par गलती से भी किसी को ये ना कह देना तुम ड्रैगन्स लिए घूम रहे ho.....aisi स्पिरिट्स आम नहीं होती...
दब - हां वही तो यार नहीं hai....par चिंता मत kar.....maine सुन्ना था कही जितना ज्यादा टाइम स्पिरिट शैल लेती है उतना hi खतरनाक और ताकतवर स्पिरिट बहार निकलती hai....aur वैसे भी तू दुसरो से चीन भी तो सकता hai....yaa फिर सेकेंडरी स्पिरिट एनिमल्स lele....market में बहुत चल रही है ये आज kal....tunne तो सुन्ना भी होगा....
मैंने साला प्राइमरी का नहीं सुन्ना था और ये सेकेंडरी का बोल रहा hai...aur भला स्पिरिट एनिमल्स किसी से चीनी भी जाती है kya....Main तो ये सब जानता भी नहीं tha....baat करते करते हम पहुंच गए क्लास में....
क्लास में पहुंचे तो वह पे पहले से प्रोफ. आये हुए थे...
ध्रुव - मैं तुम्हारे स्पिरिट एनिमल को छुपा रहा hu...saath hi उसके बदले में एक नया स्पिरिट एनिमल बना रहा hu....ye बस दिखावे के लिए hi hogi....ye किसी काम का नहीं hoga...kaam सारे ड्रैगन्स hi karenge...batao क्या चाहिए स्पिरिट...
मैं - मुझसे क्या उच्च रहे हो बना दो कुछ bhi...main तो ये भी समझ नहीं पा रहा की ये सब है क्या....
ध्रुव - समझ jaaoge,....aaj इसी के बारे में बात करेंगे....
मैं क्लास में एंटर kiya...aur प्रोफ. नमन ने मुझे साइड में चलने को kaha...waha पे एक असीस. प्रोफ. पहले से tha...ek अलग सा सफर लिए hue....main भी गया उसके pass....ye देखने में कल वाले से बड़ा था...
नमन - हम्म जाओ उसको टच karo....ye स्पिरिट एनिमल के बारे में पक्का बता hi dega....ye बहुत पावरफुल hai....isse हम किसी नए जन्मे ुए बच्चे तक के स्पिरिट am=nimal को देख लेते है....
मैं - ठीक है (ध्रुव से) अब क्या karu...ye तो सबको पता चल जाएगा ना...
ध्रुव - बस थोड़ी देर रुक जाओ....10 तक गिन्नो उसके बाद चुनना उसको...
मैं - ठीक है...
मैं अब गया उस असीस. प्रोफ. के पास...
मैं - ये इससे कोई दिक्कत तो नहीं होगी naa...kahi कुछ...
A.prof. - नहीं बच्चे ऐसा कुछ नहीं hoga...ye खास कर टाइटन से मंगवाया है प्रोफ. ne....isse खतरा नहीं हो सकता कुछ....
मैं - पर मुझे तो दर लग रहा hai...pata नहीं क्या होगा मेरा स्पिरिट animal...sayad नर्वस हु मैं...
A.Prof. - अरे ऐसा होता hai...aur तुम्हारे केस में तो सच में होना chahiye...ab इतनी आगे तक अगर स्पिरिट अपने शैल से ना निकले तो कोई भी डरेगा...
मैं - मुझे मिल तो जायेगी ना स्पिरिट...
A.prof. - हां मिल जायेगी चिंता मत karo...aur हिम्मत रखो...
ध्रुव - रेडी जाओ...
ध्रुव ने बोल दिया मैं भी जो अभी तक A.Prof. से बातें कर रहा tha...turant hi उस सफर को chua...aur बस.... :सिघ:
ये एक चूहा tha.....usne मेरे लिए एक सफ़ेद चूहे को मेरा स्पिरिट एनिमल बना diya....pata नहीं ये चूहा एनिमल होता भी है या nahi....aur उस ध्रुव ने ऐसा किया....
जब सबने ये देखा तो सब हसने lage....saare के सारे है रहे the....maine नमन की ओर देखा तो उसके चेहरे पे अजीब सी रेखाएं thi....wo सायद समझ नहीं पा रहा था ये हुआ तो हुआ कैसे.....
A.Prof. ने सबको शांत कराया और मुझे मेरी जगह पे जाने को kaha.....aaj जो काढ़े वाली क्लास में हीरो की तरह था वापस से :सिघ:
प्रोफ. नमन को तो इससे इतना बड़ा झटका लगा की वो क्लास से hi चले gaye...unhone A.prof. को बोलै क्लास लेने को...
फिर क्या था आज का टॉपिक शुरू hua...apne एनिमल स्पिरित्य की ग्रोथ का कैसे ध्यान रखा jaaye...ye क्लास भी ख़तम ो गयी और सब बहार जाने lage....par तभी A.prof, ने मुझे रोका और कहा की प्रोफ. नमन के केबिन में उनसे मिलने जाना hai...main भी चला गया waha....waha गया तो वो वह भी उसी क्रिस्टल सफर को रखे हुए थे....
मैं बैठा उनकी केबिन में और उन्होंने मुझे वो क्रिस्टल दे diya...aur मैंने उसको वापस से chua....ek बार नहीं दो बार नहीं बार बार chua...aur प्रोफ. मेरे एनिमल स्पिरिट को स्टडी कर रहे the....aant में मुझे कहना पड़ा की नेक्स्ट क्लास के लिए लेट हो रहा है तब जाके कही मुझे जान ेडिया unhone...aur मैं पहुंच गया बुआ के क्लास mein....late हो चूका था मैं..
मैं क्लास में एंटर किया तो बुआ सबको किसी जादू के बारे में बता रही thi.....main गया तो मैं भी सुनने laga...par आधी बात में क्या hi समझ में aayega....wo तो अच्छा hua....ek लड़की ने कुछ डॉब्टस पूछे और उन् डॉब्टस के बारे में सुनते सुनते मेरा वो टॉपिक सही हो गया...
फिर बारी आयी प्रक्टिकल्स ki....aaj बुआ सबके लिए मैजिक स्टिक्स लेके आयी thi....sabke लिए मतलब टेस्ट मैजिक sticks....pichli बार जो टेस्ट लिया था उसका रिजल्ट hi इतना अच्छा tha.....ki उन्होंने तय किया सबको बस और बस टेस्ट स्टिक्स hi milegi....sabne उठा लिए ek....maine भी uthayi....par मेरी वाली टूटी हुई nikli...aur कोई एक्स्ट्रा मैजिक स्टिक्ट थी नहीं वह pe....to बुआ ने मुझे बैठ के देखने को कहा सिर्फ...
ये गलत है यार किसी और का मांग के मुझे दे सकती थी वो आखिर बुआ है meri...ye मेरे दिम्माग में आया पर बुआ ने ऐसा नहीं kiya...ye सोच के मैं खुश भी hua....wo यहाँ पे कोई रिश्ता नहीं देख रही अपने काम mein...haa क्लास के बहार कुछ हेल्प कर देती है पर ज्यादा नहीं...
मैं यही सब सोचता hua....aur बाकी सब को मैजिक स्टिक उसे करते हुए देखता raha...aur ये क्लास भी निकल गयी...
क्लास कहातम hui...sab जाने लगे तो बुआ ने मुझे रुकने को kaha...aur अपने साथ अपने केबिन में ले गयी....
बुआ - देखो दुखी मत hona...aisa होता hai...hum तुम्हारे लिए कोई सेकेंडरी स्पिरिट ले aayenge...yaa फिर तुम म्हणत करो और इसी वालो को इतना पावरफुल बनाओ की कोई सोच भी नहीं sakke...pata है ना चूहे कितने तेज़ होते hai...aur वो चाहे तो क्या कुछ नहीं कर सकते....
मैं समझ गया बुआ को पता चल गया है मेरे पास चूहा है स्पिरिट एनिमल के नाम पे और ये उनको भी अच्छा नहीं लगा hoga...par अभी मुझे समझा रही है ताकि मैं खुद को छोटा ना समझू...
मैंने एक बार सोचा बुआ से कह दू के ये बस दिखने के लिए है असल में तो कुछ और hi मिला है mujhe...par ये Dhruv.....isne मन्ना कर दिया बोलता है वक़्त आने दो उन्हें खुद सक होगा और जब वो पूछे तभी बताना..
ये कैसी बात hui...jab वो पूछे तब batana....arre जब बताना hi है तो अभी क्यों nahi...abhi hi बता देते hai...baat ख़तम हो jaayegi...Bua खुश हो जायेगी और मैं bhi...par नहीं...
बुआ - अच्छा चलो आज बहार डिनर पे चलते hai...waha से कुछ सामान भी लेना है मुझे....
मैं - आज???
बुआ - पूछा नहीं है बताया है रेडी rahna....samjhe....
मैं - हम्म ठीक है...
फिर में वह से निकल लिया रूम में आने ko.......par यहाँ भी मुझे निकिता मिल gayi...wo वैम्पायर ladki....pata नहीं क्या करने आयी है ये ab....main बुआ जे केबिन से निकला था और वो वही दरवाजे पे hi thi...mujhe लगा बुआ से मिलने आयी है तो बस स्माइल पास की और आगे को बढ़ gaya...par ये तो मेरे पीछे आने lagi...thodi दूर चलने पे जब मैंने ये नोटिस किया तो मैं भी मुद के उससे पूछने को hua....par वो आगे निकल gayi...aur जाके कैसल के बहार कड़ी हो gayi...main बहार गया तो...
निकिता - एक सवाल है मेरे मान में जो अब मान से दिम्माग तक पहुंच गया है और दिम्माग को ख़राब किये जा रहा hai....sayad कुतर रहा है मेरे दिम्माग को जैसे चूहा कट्टरता है...
मैं - ये मुझसे पूछने आयी हो tum...pucho...batao क्या है वो मान की बात...
निकिता - यहाँ पूछना कुछ सही नहीं लग रहा hai...chalo वह चलते है जहा से ये सवाल मेरे मान में आया और फिर मेरे दिम्माग तक पहुंच के उसको.....
मैं - है है उसको चूहे की तरह कुत्तर रहा hai...chalo जहा चलना है...
निकिता मुझे कल वाली जगह पे ले gayi...kal रात वाली jagah...wo तालाब वाली jagah...jaha पंकज और उसके लड़को ne...samajh गए ना..
मैं सोचने लगा ये भला यहाँ क्यों लेके आयी है mujhe...aur यहाँ से इसके मान में कोण सा सवाल आ गया...
मैं - यहाँ पे कोण सा सवाल आ गया तुम्हारे मान mein,...aur मुझे hi क्यों लायी हो.....
निकिता - अरे वो क्या है naa...kal एक फाइट देखि थी maine....theek थक thi...par एक ऐसे बन्दे के liye...jiska स्पिरिट एनिमल एक चूहा हो उसके हिसाब से तो बहुत hi अच्छी फाइट थी....
मैं - तुम कहना क्या चाहती हो...
निकिता - ये स्पिरिट एनिमल कैसे छुपाया apna...ye बता दो बस...
मैं - मैं नहीं जानता किस बारे में बात कर रही हो tum.....mujhe लगता है कोई ग़लतफहमी हुई है tumhe...tumne वो क्रिस्टल सफर नहीं देखा था क्या आज....
निकिता - देखा था ना पर उससे पहले जो कल यहाँ देखा था वो मुझे मने hi नहीं दे रहा इस बात ko....tum बस बता दो मुझे कैसे किया ये मैं चली jaungi......kabhi परेशां नहीं करुँगी तुम्हे...
मैं - मैं नहीं जानता किस बारे में बात कर रही हो tum....chalo अब जाने दो mujhe...main लेट हो रहा हु...
मैं वह से निकल gaya...par निकिता वही पे रही....
मैं रूम में आया और ऐसे hi एक किताब निकल के उसको पढ़ने laga....bas मूड नहीं था कुछ और करने ka...time काट gaya.....fir बुआ ने याद दिलाया की डिनर पे भी जान है और शॉपिंग भी तो मैं चल diya...taiyaar होने और रेडी होक पहुंच गया बुआ के केबिन mein.....Bua भी रेडी hi थी और हम दोनों निकल गए वह से....
हम दोनों जब उस मार्किट जाने वाली जगह पे पहुंचे तो वह पे कुछ लोग मिले जिन्होंने लम्बे लम्बे कपडे पहन रखे the....unn लोगो ने बुआ को ग्रीट kiya...matlab स्टूडेंट्स hi honge...unn सभी में से एक पे पता नहीं क्यों मेरी नजर atki....par मैं उससे कुछ बात करता उससे पहले hi दरवाजा खुला और हम अंदर.....
आज के लिए इतना hi
नेक्स्ट अपडेट रोमांचक होने वाला hai...kuch बाते सामने आएगी किसी के बारे mein...aur वो पंकज को भी तो देखना है जो आज वाले में नहीं मिला...
बनने रहिये
अब तक
क्लास में से मुझे और दब को निकलने की पूरी तैयारी कर के आये थे आज पंकज के पिता ji....jo की हमारे स्कूल के प्रोफ. hai...Kadho ke...unhone दब के साथ साथ मुझे भी लपेटे में लिया और मुझसे एक सवाल kiya....aur वो बिलकुल सूरे थे की मैं नहीं बता पाउँगा और फिर मुझे और दब दोनों को hi क्लास से जाना होगा....
सवाल :- आपके किसी दोस्त के खून में कोई जहरीला द्रव्य मिल गया ho...kisi भी कारण से किसी कीड़े ने काट लिया ho....yaa सांप ne,...to आप उसको कैसे बचाएंगे...
अब आगे.
मैं - वैसे तो बहुत से जवाब है इस सवाल के liye...par आपके लिए मैं बेस्ट जवाब दूंगा....
मेरी बात सुन के एक मुस्कान फैल गयी प्रोफ. के चेहरे pe....aur मुझे देखते हुए बोले...
प्रोफ - बहुत से तरीके hai....accha ठीक है हम भी देख लेंगे कोण कोण से तरीके है आपके पास बताओ jazza....par याद रहे गलत जवाब होने pe...aap और दब जी आप याद है ना क्या hoga...ab ज्यादा वक़्त ना लेते हुए जल्दी से जवाब दे ताकि बाकी की क्लास कम्पलीट कर सकू main....waqt नहीं है हमारे पास....
प्रोफ. के इसी बात से किसी को भी पता चल जाता वो आये hi हम दोनों को निकलने के लिए hai...par भला किसी सब्जेक्ट के होड़ से कोण बेकार में पन्गा le...sab बस चुप रहे....
मैं - वैसे तो इस सवाल के जवाब के लिए 2 केसेस बनाने honge....kyunki जहरीले इन्सेक्ट और जहरीले सांप के काटने से अलग अलग प्रभाव पड़ता है और उनका इलाज भी अलग अलग है पर मैं ऐसा एक इलाज बताऊंगा जिससे दोनों hi केसेस में इलाज हो सकता है.....
इतना बोलने के बाद में जान बुझ के रुक gaya...aur इसके बाद वापस se....charo ओर भुनुर भुनुर की आवाजें फैलने lagi...main बस प्रोफ. को देखना चाहता था वैसे फटती हुई मेरी भी thi....jo मेरी हेल्प कर रहा tha...uspe याक्किन करना... :स्वेट: ..बहुत मुश्किल tha....prof. के चेहरे पे एक विजयी मुस्कान आ gayi....wahi मैंने जब दब की ओर देखा तो वो अपना सामन समेत रहा tha....wo तो रेडी हो रहा था की कब मैं पूरा जवाब दू और वो निकल जाए वह से...
मैं (गहरी सांस लेते हुए) - डेमोस वर्ल्ड से कुछ hi दुरी पे एक बहुत hi छोटा सा प्लेनेट hai....waha पे सिर्फ जंगली ड्वार्फस की एक प्रजाति पायी जाती hai....Wo प्लेनेट छोटा है और ना हो वो प्रमुख प्लैनेट्स में आता है साथ hi उधर बस जंगल hi hai...waha पे एक नीले रंग का पौधा पाया जाता है जिसके पत्ते छोटे छोटे होते hai....aur वो पानी के पास hi उगता hai..uss पौधे की ये खासियत है वो किसी भी तरह के जाहे को काट सकती है अब चाहे वो किसी कीड़े के वजह से हो या फिर सांप....
मैंने अपना जवाब पूरा kiya....DB सामान उठा के निकलने laga...sab अभी भी भुनुर भुनुर किये जा रहे the....wahi प्रोफ. ने एक किताब उठायी और पढ़ना शुरू कर diya....main बैठ गया अपने जगह pe...aur जब बाकियों ने मुझे देखा तो वापस से भुनुर भुनुर की aawajein....Db मुझे इशारे करने लगा मैंने उसको भी बैठने को कहा और हम दोनों hi बैठ गए....
प्रोफ. ने एक बार सबको शांत कराया और क्लॉस लेने lage....Sab यही सोच रहे थे मेरा जवाब सही भी है या nahi....waise मैं भी सोच रहा tha...iss ध्रुव की बात पे अभी तो बिलकुल भरोषा नहीं था मुझे...
कुछ 10 मिनट baad...Prof. मुद्दे और हम दोनों को dekha....aur घूरने लगे...
प्रोफ. - अब तक गए नहीं bahar....DB जी आपके परम मित्र ने ना जाने कहा से ये बनाबटी जवाब दे दिया hai...par ये गलत hai...aapko तो अब तक चले जाना चाहिए tha...apne इस दोस्त के साथ...
मैं - प्रोफ. अन्सिएंट रमेडीएस नाम की एक किताब hai....Merlin ने लिखा है usko....aur उसमे उन्होंने ना सिर्फ उस प्लेनेट के बारे में बताया है बल्कि वह पाए जाने वाले हर तरह के मेडिसिनल प्लांट्स का भी बताया hai....aur मर्लिन कोण थे ये बताना तो सायद उनकी बेज़्ज़ती होगी....
मर्लिन का नाम आया तो वापस से जो क्लास अभी शांत थी वो आवाज करने लगी thi.....Merlin के बारे में क्या hi कहा jaaye....wo पहले ऐसे जादूगर हुए the...jinko टाइटन वर्ल्ड में देवताओं की लाइब्रेरी का हेड बनाया गया tha...unko कुछ स्पेसिफिक पावर्स deke...Merlin की नॉलेज के बारे में बात कर hi नहीं sakte...warna सायद इतना वक़्त निकल जाए की हम भी उसी वक़्त के साथ निकल ले.... उन्होंने ऐसी बहुत सी किताबें likhi...Prof. भी एक बार उनका नाम सुन के चौंक gaye....aur main...main खुद ये नाम पहली बार सुन रहा tha....aur बोल भी रहा tha....par सबको देख के ये समझ gaya...Merlin बाँदा स्मार्ट था...
प्रोफ. ने एक बार सबको शांत karaya...aur खुद सायद याद करने लगे इस किताब के बारे mein....aur वो दब उसने वो किताब की कॉपी कही से निकली और प्रोफ. को dedi...Prof. उसको गुस्से से देख रहे the....Prof, ने फिर किताब के पैन पलटने शुरू किये....
ध्रुव ने मुझे पेज नंबर और पैराग्राफ भी बता diya....aur मैंने वो प्रोफ. को bataya....mere बताने पे उन्होंने वो पेज खोला और देखने lage....aur उनसे पहले hi एक स्टूडेंट ने बोल diya....ye तो सच बोल रहा tha...likha हुआ है किताब में ये dekho...uske पास भी किताब की कॉपी आ गयी होगी....
दब - हाशह चलो अब तो क्लास कर hi सकते है....
प्रोफ. -अरे बीटा अभी रूक्को jarra....ye जवाब कहा से hua...aapne तो बस इलाज का तरीका बताया naa....ye कहा बताया की इलाज करोगे kaise....kaha से लाओगे ये पौधा..
मैं - प्रोफ. सवाल था मैं क्या karunga....to मैं कुछ नहीं karunga...main बस इतना करूँगा की अपने दोस्त को जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी मेडिकल डिपार्टमेंट में ले jaaun...waha बहुत से एक्सपर्ट्स hoge...jo उसको बच्चा hi लेंगे....
प्रोफ.- हम्म ठीक hai....baith जाओ....
मैं भी बैठ गया और फिर क्लास शुरू hui....wapas se...par अब दब रह रह के उसी किताब में लखि हुई बाते पढ़ रहा था कुछ इस तरीके से की वो प्रोफ. को सुनाई de.....aur इसका अंजाम ये हुआ की गुस्से में आके उन्होंने दब को क्लास से निकल hi दिया...
ये क्लास भी ख़तम हो gayi....aur मैं बन गया स्पेशल सबके liye...sabhi मेरी तारीफ़ कर रहे the...arre बहुत से लोगो को तो ये भी पता नहीं था वह पे की ऐसी कोई किताब भी है...
नेक्स्ट क्लास थी प्रोफ. नमन ki....hum सब चल दिए waha...DB भी ग्राउंड में मिल गया मुझे,....
दब - यार टुन्ने कहा सुन्ना था इस किताब के बारे में...
मैं - बस ऐसे hi लाइब्रेरी में घूम रहा था तो दिख गयी थी वही उठा के पढ़ li....bas याद हो गयी थी...
दब - हम्म सही है.....
मैं - वैसे बेकार में पन्गा नहीं लेना चाहिए yaar...wo प्रोफ. है यहाँ पे....
दब - अरे वो तो बस भावनाओं में बाह गया tha...aur ऐसा कुछ नहीं hai....chal आज देखते है क्या होता है प्रोफ. नमन के क्लास mein...waise तू क्या करेगा waha....spirit तो है नहीं तेरी....
मैं - नहीं है ना....
मैंने बस इतना hi ओला की ध्रुव ने मुझे रोक दिया...
ध्रुव - सबको बताने की जरुरत नहीं hai.....sabko क्या तुम किसी को नहीं बताओगे....
मैं - पर मेरा स्पिरिट एनिमल...
ध्रुव - वो भी बनना lenge....par गलती से भी किसी को ये ना कह देना तुम ड्रैगन्स लिए घूम रहे ho.....aisi स्पिरिट्स आम नहीं होती...
दब - हां वही तो यार नहीं hai....par चिंता मत kar.....maine सुन्ना था कही जितना ज्यादा टाइम स्पिरिट शैल लेती है उतना hi खतरनाक और ताकतवर स्पिरिट बहार निकलती hai....aur वैसे भी तू दुसरो से चीन भी तो सकता hai....yaa फिर सेकेंडरी स्पिरिट एनिमल्स lele....market में बहुत चल रही है ये आज kal....tunne तो सुन्ना भी होगा....
मैंने साला प्राइमरी का नहीं सुन्ना था और ये सेकेंडरी का बोल रहा hai...aur भला स्पिरिट एनिमल्स किसी से चीनी भी जाती है kya....Main तो ये सब जानता भी नहीं tha....baat करते करते हम पहुंच गए क्लास में....
क्लास में पहुंचे तो वह पे पहले से प्रोफ. आये हुए थे...
ध्रुव - मैं तुम्हारे स्पिरिट एनिमल को छुपा रहा hu...saath hi उसके बदले में एक नया स्पिरिट एनिमल बना रहा hu....ye बस दिखावे के लिए hi hogi....ye किसी काम का नहीं hoga...kaam सारे ड्रैगन्स hi karenge...batao क्या चाहिए स्पिरिट...
मैं - मुझसे क्या उच्च रहे हो बना दो कुछ bhi...main तो ये भी समझ नहीं पा रहा की ये सब है क्या....
ध्रुव - समझ jaaoge,....aaj इसी के बारे में बात करेंगे....
मैं क्लास में एंटर kiya...aur प्रोफ. नमन ने मुझे साइड में चलने को kaha...waha पे एक असीस. प्रोफ. पहले से tha...ek अलग सा सफर लिए hue....main भी गया उसके pass....ye देखने में कल वाले से बड़ा था...
नमन - हम्म जाओ उसको टच karo....ye स्पिरिट एनिमल के बारे में पक्का बता hi dega....ye बहुत पावरफुल hai....isse हम किसी नए जन्मे ुए बच्चे तक के स्पिरिट am=nimal को देख लेते है....
मैं - ठीक है (ध्रुव से) अब क्या karu...ye तो सबको पता चल जाएगा ना...
ध्रुव - बस थोड़ी देर रुक जाओ....10 तक गिन्नो उसके बाद चुनना उसको...
मैं - ठीक है...
मैं अब गया उस असीस. प्रोफ. के पास...
मैं - ये इससे कोई दिक्कत तो नहीं होगी naa...kahi कुछ...
A.prof. - नहीं बच्चे ऐसा कुछ नहीं hoga...ye खास कर टाइटन से मंगवाया है प्रोफ. ne....isse खतरा नहीं हो सकता कुछ....
मैं - पर मुझे तो दर लग रहा hai...pata नहीं क्या होगा मेरा स्पिरिट animal...sayad नर्वस हु मैं...
A.Prof. - अरे ऐसा होता hai...aur तुम्हारे केस में तो सच में होना chahiye...ab इतनी आगे तक अगर स्पिरिट अपने शैल से ना निकले तो कोई भी डरेगा...
मैं - मुझे मिल तो जायेगी ना स्पिरिट...
A.prof. - हां मिल जायेगी चिंता मत karo...aur हिम्मत रखो...
ध्रुव - रेडी जाओ...
ध्रुव ने बोल दिया मैं भी जो अभी तक A.Prof. से बातें कर रहा tha...turant hi उस सफर को chua...aur बस.... :सिघ:
ये एक चूहा tha.....usne मेरे लिए एक सफ़ेद चूहे को मेरा स्पिरिट एनिमल बना diya....pata नहीं ये चूहा एनिमल होता भी है या nahi....aur उस ध्रुव ने ऐसा किया....
जब सबने ये देखा तो सब हसने lage....saare के सारे है रहे the....maine नमन की ओर देखा तो उसके चेहरे पे अजीब सी रेखाएं thi....wo सायद समझ नहीं पा रहा था ये हुआ तो हुआ कैसे.....
A.Prof. ने सबको शांत कराया और मुझे मेरी जगह पे जाने को kaha.....aaj जो काढ़े वाली क्लास में हीरो की तरह था वापस से :सिघ:
प्रोफ. नमन को तो इससे इतना बड़ा झटका लगा की वो क्लास से hi चले gaye...unhone A.prof. को बोलै क्लास लेने को...
फिर क्या था आज का टॉपिक शुरू hua...apne एनिमल स्पिरित्य की ग्रोथ का कैसे ध्यान रखा jaaye...ye क्लास भी ख़तम ो गयी और सब बहार जाने lage....par तभी A.prof, ने मुझे रोका और कहा की प्रोफ. नमन के केबिन में उनसे मिलने जाना hai...main भी चला गया waha....waha गया तो वो वह भी उसी क्रिस्टल सफर को रखे हुए थे....
मैं बैठा उनकी केबिन में और उन्होंने मुझे वो क्रिस्टल दे diya...aur मैंने उसको वापस से chua....ek बार नहीं दो बार नहीं बार बार chua...aur प्रोफ. मेरे एनिमल स्पिरिट को स्टडी कर रहे the....aant में मुझे कहना पड़ा की नेक्स्ट क्लास के लिए लेट हो रहा है तब जाके कही मुझे जान ेडिया unhone...aur मैं पहुंच गया बुआ के क्लास mein....late हो चूका था मैं..
मैं क्लास में एंटर किया तो बुआ सबको किसी जादू के बारे में बता रही thi.....main गया तो मैं भी सुनने laga...par आधी बात में क्या hi समझ में aayega....wo तो अच्छा hua....ek लड़की ने कुछ डॉब्टस पूछे और उन् डॉब्टस के बारे में सुनते सुनते मेरा वो टॉपिक सही हो गया...
फिर बारी आयी प्रक्टिकल्स ki....aaj बुआ सबके लिए मैजिक स्टिक्स लेके आयी thi....sabke लिए मतलब टेस्ट मैजिक sticks....pichli बार जो टेस्ट लिया था उसका रिजल्ट hi इतना अच्छा tha.....ki उन्होंने तय किया सबको बस और बस टेस्ट स्टिक्स hi milegi....sabne उठा लिए ek....maine भी uthayi....par मेरी वाली टूटी हुई nikli...aur कोई एक्स्ट्रा मैजिक स्टिक्ट थी नहीं वह pe....to बुआ ने मुझे बैठ के देखने को कहा सिर्फ...
ये गलत है यार किसी और का मांग के मुझे दे सकती थी वो आखिर बुआ है meri...ye मेरे दिम्माग में आया पर बुआ ने ऐसा नहीं kiya...ye सोच के मैं खुश भी hua....wo यहाँ पे कोई रिश्ता नहीं देख रही अपने काम mein...haa क्लास के बहार कुछ हेल्प कर देती है पर ज्यादा नहीं...
मैं यही सब सोचता hua....aur बाकी सब को मैजिक स्टिक उसे करते हुए देखता raha...aur ये क्लास भी निकल गयी...
क्लास कहातम hui...sab जाने लगे तो बुआ ने मुझे रुकने को kaha...aur अपने साथ अपने केबिन में ले गयी....
बुआ - देखो दुखी मत hona...aisa होता hai...hum तुम्हारे लिए कोई सेकेंडरी स्पिरिट ले aayenge...yaa फिर तुम म्हणत करो और इसी वालो को इतना पावरफुल बनाओ की कोई सोच भी नहीं sakke...pata है ना चूहे कितने तेज़ होते hai...aur वो चाहे तो क्या कुछ नहीं कर सकते....
मैं समझ गया बुआ को पता चल गया है मेरे पास चूहा है स्पिरिट एनिमल के नाम पे और ये उनको भी अच्छा नहीं लगा hoga...par अभी मुझे समझा रही है ताकि मैं खुद को छोटा ना समझू...
मैंने एक बार सोचा बुआ से कह दू के ये बस दिखने के लिए है असल में तो कुछ और hi मिला है mujhe...par ये Dhruv.....isne मन्ना कर दिया बोलता है वक़्त आने दो उन्हें खुद सक होगा और जब वो पूछे तभी बताना..
ये कैसी बात hui...jab वो पूछे तब batana....arre जब बताना hi है तो अभी क्यों nahi...abhi hi बता देते hai...baat ख़तम हो jaayegi...Bua खुश हो जायेगी और मैं bhi...par नहीं...
बुआ - अच्छा चलो आज बहार डिनर पे चलते hai...waha से कुछ सामान भी लेना है मुझे....
मैं - आज???
बुआ - पूछा नहीं है बताया है रेडी rahna....samjhe....
मैं - हम्म ठीक है...
फिर में वह से निकल लिया रूम में आने ko.......par यहाँ भी मुझे निकिता मिल gayi...wo वैम्पायर ladki....pata नहीं क्या करने आयी है ये ab....main बुआ जे केबिन से निकला था और वो वही दरवाजे पे hi thi...mujhe लगा बुआ से मिलने आयी है तो बस स्माइल पास की और आगे को बढ़ gaya...par ये तो मेरे पीछे आने lagi...thodi दूर चलने पे जब मैंने ये नोटिस किया तो मैं भी मुद के उससे पूछने को hua....par वो आगे निकल gayi...aur जाके कैसल के बहार कड़ी हो gayi...main बहार गया तो...
निकिता - एक सवाल है मेरे मान में जो अब मान से दिम्माग तक पहुंच गया है और दिम्माग को ख़राब किये जा रहा hai....sayad कुतर रहा है मेरे दिम्माग को जैसे चूहा कट्टरता है...
मैं - ये मुझसे पूछने आयी हो tum...pucho...batao क्या है वो मान की बात...
निकिता - यहाँ पूछना कुछ सही नहीं लग रहा hai...chalo वह चलते है जहा से ये सवाल मेरे मान में आया और फिर मेरे दिम्माग तक पहुंच के उसको.....
मैं - है है उसको चूहे की तरह कुत्तर रहा hai...chalo जहा चलना है...
निकिता मुझे कल वाली जगह पे ले gayi...kal रात वाली jagah...wo तालाब वाली jagah...jaha पंकज और उसके लड़को ne...samajh गए ना..
मैं सोचने लगा ये भला यहाँ क्यों लेके आयी है mujhe...aur यहाँ से इसके मान में कोण सा सवाल आ गया...
मैं - यहाँ पे कोण सा सवाल आ गया तुम्हारे मान mein,...aur मुझे hi क्यों लायी हो.....
निकिता - अरे वो क्या है naa...kal एक फाइट देखि थी maine....theek थक thi...par एक ऐसे बन्दे के liye...jiska स्पिरिट एनिमल एक चूहा हो उसके हिसाब से तो बहुत hi अच्छी फाइट थी....
मैं - तुम कहना क्या चाहती हो...
निकिता - ये स्पिरिट एनिमल कैसे छुपाया apna...ye बता दो बस...
मैं - मैं नहीं जानता किस बारे में बात कर रही हो tum.....mujhe लगता है कोई ग़लतफहमी हुई है tumhe...tumne वो क्रिस्टल सफर नहीं देखा था क्या आज....
निकिता - देखा था ना पर उससे पहले जो कल यहाँ देखा था वो मुझे मने hi नहीं दे रहा इस बात ko....tum बस बता दो मुझे कैसे किया ये मैं चली jaungi......kabhi परेशां नहीं करुँगी तुम्हे...
मैं - मैं नहीं जानता किस बारे में बात कर रही हो tum....chalo अब जाने दो mujhe...main लेट हो रहा हु...
मैं वह से निकल gaya...par निकिता वही पे रही....
मैं रूम में आया और ऐसे hi एक किताब निकल के उसको पढ़ने laga....bas मूड नहीं था कुछ और करने ka...time काट gaya.....fir बुआ ने याद दिलाया की डिनर पे भी जान है और शॉपिंग भी तो मैं चल diya...taiyaar होने और रेडी होक पहुंच गया बुआ के केबिन mein.....Bua भी रेडी hi थी और हम दोनों निकल गए वह से....
हम दोनों जब उस मार्किट जाने वाली जगह पे पहुंचे तो वह पे कुछ लोग मिले जिन्होंने लम्बे लम्बे कपडे पहन रखे the....unn लोगो ने बुआ को ग्रीट kiya...matlab स्टूडेंट्स hi honge...unn सभी में से एक पे पता नहीं क्यों मेरी नजर atki....par मैं उससे कुछ बात करता उससे पहले hi दरवाजा खुला और हम अंदर.....
आज के लिए इतना hi
नेक्स्ट अपडेट रोमांचक होने वाला hai...kuch बाते सामने आएगी किसी के बारे mein...aur वो पंकज को भी तो देखना है जो आज वाले में नहीं मिला...
बनने रहिये