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अब तक
Main....Prateek...Kal से मेरी दुनिया hi बदल गयी hai....aisi ऐसी बातें जानने को मिल रही है जो कभी सोचा भी नहीं tha...Master ने बताया मेरी एक बुआ भी है और मैं आज का पूरा दिन उन्ही का साथ गुजर रहा था...
अब आगे
नेक्स्ट डे
मैं उठा और सब कुछ सही tha....wahi हुआ जो अक्सर होता था मेरे साथ कितनी भी परेशानी हो रात में सोने से pahle...jaise hi में बीएड पे आता मुझे नींद आ जाती और सुबह सब सही सा lagta...kuch तो था इस रूम में...
मैं बीएड से उठा और फिर फ्रेश होने के बाद जैसे hi बहार आया बाथरूम se...meri नज़र उस लेटर पे padi...jo मुझे दिया tha...kal पूनम बुआ ne....fir से सब कुछ याद आ gaya....aur मैं सोचने लगा उसी बारे में की मास्टर की आवाज मेरे रूम में aayi.....wo मुझे मैडिटेशन के लिए बुला रही thi....maine वो लेटर को मोड़ के अपने पास रखा और चला गया मैडिटेशन के liye....waha पे अभी सिर्फ मास्टर थी और कोई nahi....main भी उनके बगल में बैठ के मैडिटेशन की कोशिश करने laga....Haa दिम्माग में बहुत कुछ चल रहा था par....unn सब को किसी तरह साइड करके बिठा hi था की वह पे बुआ आ गयी और मेरे बगल में बैठ gayi....ab उनका आना था की मेरा ध्यान टूट gaya....maine उनकी ओर देखा वो ध्यान में बैठ गयी टी आँखें बंद कर ली थी उन्होंने bhi...main भी फिर से आँखें बंद करके बैठ गया....
इस बार मैं अच्छे से कंसन्ट्रेट कर पा रहा था aur....pata नहीं कितनी देर तक करता raha...main अपने रूटीन से hi उठा था...4 बजे के आस पास और फिर फ्रेश होना और बाकी सब कुछ तो ज्यादा वक़्त नहीं लगा hoga...wahi करीब 30 minute.....fir मैं यहाँ आ गया ध्यान लगाने और अब जब मेरी आँखें खुली है तो करीब 8 बज रहे the.....maine देखा बुआ और मास्टर दोनों hi बातें कर रही thi...kisi बारे में मुझसे दूर जाके...
मैं भी उठा और उनकी तरफ जाने laga...main जब उनके पास पंहुचा तो वो दोनों मेरे क्लासेज के बारे में बात कर रहे the....Special बैच के क्लासेज भी अलग होते the....baaki सब से ज्यादा वक़्त हममे दिया जाता है और कुछ खास फैसिलिटीज bhi....Bua ने मुझे देखा और मुस्कारे हुए बोली...
बुआ- हां तो बच्चू तैयार हो पहली क्लास के लिए...
मैं - हां बुआ मैं तैयार hu...(master से) मास्टर कोई डेरी नहीं थी बस एक खत था जो बुआ ने दिया था...
मैंने वो चिट्टी मास्टर के हाथ में दे दिया...
मैं - मास्टर इनको भी पता है सायद की अभी सही वक़्त नहीं आया है वर्ण सायद ुये मुझे वो डेरी दे देती जो आप नहीं चाहती थी....
मास्टर मुझे देखने लगी....
मास्टर- हम्म ठीक hai...(Bua से) क्लासेज के लिए देर नहीं हो रही kya...isko लेके jao...ab ये तुम्हारी जिम्मेदारी है....
बुआ ये सुन के बहुत खुश हो गयी वही मैं pareshan....yyaar मैं भी जीता जगता insan...haaa अभी तक तो यही लगता है ना mujhe....aur मुझे ऐसे hi लोगो को सौपा जा रहा है....
मैं - मास्टर मैं खुद को संभल सकता hu....Bua आप परेशां ना हो मैं खुद को देख लूंगा...
मैंने ये बोलै और आगे जाने लगा की तभी मैं किसी पाथेर से ठोकर खा के निच्चे गिर गया और मास्टर और बुआ दोनों हसने lage....Main जल्दी से उठा एक बार पीछे मुद्दा और फिर अपने कपड़ो को साफ़ करके वापस चल दिया रूम mein....wahi इ mujhe...classes का पता चलना था......
वही वो दोनों है रही थी...
मेरे जाने के बाद....
पूनम - मैडम आपको लगता है की इसको मैं संभल paaungi...aapne जो कुछ बताया है उस हिसाब से तो....
मास्टर- चिंता मत करो तुम संभल hi logi....aur वो भी (हस्ते हुए) बड़ा हो गया है to....bas कुछ hi दिन की बात है मैं बहार जा रही hu....fir मैं रहूंगी hi यहाँ तुम्हारी मदद करने के liye....main तो कब से किसी को धुंध रही थी जो इस नए जगह पे उसकी सही से देख भल कर sakke...aur मुझे तुम मिल गयी...
पूनम - जी मैडम मैं पूरा ध्यान रखूंगी.....
मैं रूम में पहुंच गया था फिर मैंने वह पड़े हुए रूटीन को dekha....special क्लास की रूटीन बक्कियों से अलग thi....hamare लिए क्लासेज के दुराशंस दुगने the...sath hi प्रक्टिकल्स भी होते थे वो भी बाकियों से बहुत ज्यादा....
मैंने देखा 1सत period....Castle व में hai...uske निच्चे लिखा था की क्या क्या ले जाना hai...Talwar अगर हो तो एक शील्ड भी लेते जाना है वो शील्ड आपका अपना होना चाहिए अगर नहीं हो तो वो आपका टेस्ट करने के बाद वही से दिया jaayega...bas इतना hi लिखा था....
अब शील्ड तो था नहीं मेरे pass....bas एक तलवार थी उसको उठा के लेके जाने लगा main....Jab रूम से बहार पंहुचा तो वही पे वापस से बुआ मिल गयी....
बुआ - बच्चू आज शील्ड milegi...main भी रहूंगी वह पे मुझे भी देखना है कोण सा शील्ड मिलता है tumhe....waise तो मुझे पता है कोण सा मिलेगा....
मैं - ये शील्ड का क्या है और जब हम शॉपिंग करने गए तो आपने दिलाया क्यों नहीं....
मेरी इस बात पे वो भी सोच में पद गयी....
बुआ- पता नहीं मुझे तो वही से तुम्हे तुम्हारा शील्ड दिला देना चाहिए tha...aur उस दूकानदार ने हममे शील्ड दिखाया भी नहीं tha...main तो तुमसे मिलने की खुसी में खोयी हुई थी तो होश hi नहीं था mujhe....accha छोड़ो वो वैसे भी यहाँ से तुम्हारे शील्ड का पोता चल hi जाएगा और फिर हम उसी एलिमेंट का नया शील्ड ले लेंगे...
मैं - एलिमेंट ???
बुआ - हां Element...kya इसके बारे में भी नहीं बताया है मैडम ने....
मैं - नहीं इसका कुछ पता नहीं है मुझे...
बुआ- हम्म चलो क्लास में चलते है वह प्रोफेसर इसी पे आज लेक्चर denge....aur मुझ पक्का पता है तुम समझ hi jaaoge...aisa नहीं की मुझे नहीं आता पर अब अगर मैं अभी बताऊँ फिर वही बात वह सुननोगे तो बोर ना हो जाओ इस्सलिये...
उनसके ऐसे बोलने पे मैंने उनकी ओर dekha....aur फिर आगे बढ़ गया..
वो भी आने lagi...aur वो है रही thi...pata नहीं क्यों....
मैं - क्या बात है आप है क्यों रही हो...
बुआ- ये तलवार ऐसे क्यों लेके जा रहे ho....isko छोटा karlo...iss तलवार की वजह से तुम्हारी चल बहुत अलग लग रही थी....
मैं - क्या मतलब अलग लग रही thi....wo तो लगेगी hi ना मैं थोड़ी ना तलवार बाँध के चलता....
बुआ- तो वो जो सूट ख़रीदा है उसका क्या करना hai...usko पेहेन लेते उसमे मयान भी है बैक साइड में वो भी 2 - 2 साथ में शील्ड रखने की जगह और भी बहुत कुछ है usme....par नहीं तुम ये कपडे पहन के तलवार को करम के पास टांग के चल रहे ho...aas पास देखो जरा कोई दिख रहा है ऐसा tumhe....naam ख़राब कर रहे हो मेरा तुम....
मैंने आस पास देखा तो ना सिर्फ बुआ है रही थी बल्कि बाकी सब भी मुझे देख देख है रहे the....unn सब ने सूट पेहेन रखा tha....armour पहन रखा था...
मैं - आपने पहले क्यों नहीं बताया मुझे....
बुआ - तुमने पूछा kya.....aur तुम तो बड़े हो गए हो ना मास्टर के सामने क्या बोल रहे थे....
मैं अपने रूम की तरफ गया जल्दी से और फिर दरवाजा बंद करने लगा पर बुआ भी अंदर आ गयी....
मैं - आप यहाँ क्या कर रहे हो मुझे चेंज करना है....
बुआ - ये आर्मर पहनना आता है क्या tumhe...jo चेंज करना है बोल रहे हो....
मैंने देखा आर्मर की oor....aisa कोई ड्रेस होता है kya...Ye एक ताम्बे का आर्मर था जिसको मुझे पेहेनना tha...par उसके साथ साथ और भी बहुत कुछ था इस ड्रेस में....
बुआ- क्या हो gaya....chalo अब चुप चाप रहो और कपडे utaro...bas इनर वियर में खड़े रहो यहाँ....
मैं - पर आप...
बुआ- मैं यहाँ बस तुम्हे आज बताने आयी हु एक बार देख लो फिर खुद करना...
मैंने भी अपने कपडे उत्तर diye....aur खड़ा हो गया उनके सामने सिर्फ अंडरवियर में....
बुआ- कुछ कहते थे भी या हवा पानी पे जिन्दा the,,,,,sharir में ताकत भी है yaa....nahi
मैं क्या बोलयता अब मैं था hi थोड़ा दुबला पतला....
उन्होंने उस ब्रोंज के आर्मर को उठाया और मेरे सर से होते हुए मुझे पहना diya...Main भी वैसे अकेले पहनना सच में मुश्किल था isko....fir बाकी की चीज़ज़े जैसे वो टॉलर के मयान के लिए wo...belts ये सब अकेले मुश्किल तो था hi...mujhe थोड़ी देर में बुआ ने तैयार किया और फिर मैं मैंने जैसे hi तलवार राखी अपने मयान में तलवार गायब हो गयी...
मैं - ये क्या हुआ ये कहा गया...
बुआ - यही hai...ye लेटेस्ट आर्मर सूट है इसमें ये सारे फैसिलिटीज hai....tunne ध्यान नहीं दिया पर ये सूट अपने पहनने वाले के साइज का हो जाता है तभी तो तुम्हारे साइज में एकदम फिट आ रहा है...
मैं - हम्म ठीक hai...aur भी कुछ है जो बताना है....
बुआ- हां मैं भूल gayi,...Madam बहार गयी hai...kuch दिन बाद लौटेंगी तब तक तुम्हे अपना वो पुराण रूटीन फॉलो करने को कहा है और साथ hi मेरी हर बात माने को भी...
मैं - क्या मास्टर चली गयी मुझे बिन्ना बताये....
बुआ- हां पर कुछ hi दिंनो के liye...to चिंता मत करो वो आ jaayengi.....aur
मैं - और क्या...
बुआ - अब अगर ऐसे hi टाइम वास्ते करते रहे तो पनिशमेंट मिलेगी वह ....चलो जल्दी..
मैं भी रूम से निकला और जल्दी जल्दी जाने laga...Waha से कैसल व में जहा शील्ड मिलने वाली थी....
थोड़ी hi देर में हम क्लास में पहुंच gaye...bada सा हॉल tha...aur उसी जगह पे कुछ लोग the...jaise hi हम अंदर गए सब हुम्म्मे देखने लगे....
बुआ- प्रोफ. सूरज सॉरी आपको डिस्टर्ब करने के liye....wo एक नया स्टूडेंट है स्पेशल बैच ka..ussi को पहुंचने आयी हु...
Prof.Suraj- आपने ये सब कब से शुरू किया पूनम ji...aur ये कोण से नए स्टूडेंट है जिनका मुझे नहीं पता hai....kal hi तो सबसे मिला था मैं ग्राउंड पे.....
बुआ- हां तब ये नहीं होगा waha....kyunki कल hi तो टेस्ट दिया है isne....reports आपके पास पहुंच गयी होगी और अपने अटेंडेंस नहीं देखा होगा...
सूरज - हम्म चलिए मैं देख लेता हु...
वो इतना बोल के अपने टेबल पे पड़े हुए अटेंडेंस में देखता है जिसमे मेरा नाम होता है फिर उसी टेबल पे राखी हुई मेरी रोपर्ट को भी देखा usne...aur उसको देख वो मुझे देखने लगा...
सूरज - बिना एनिमल स्पिरिट के 2 लड़को को हर्रा diya...Element कोण सा है तुम्हारा....
मैं - मुझे नहीं पता....
प्रोफ. सूरज ने मेरे इस बात पे एक बार वापस से रिपोर्ट को dekha...fir उसपे कुछ किया जिससे उस टेस्ट का वीडियो वह चलने लगा जो सब देख सकते the.....sab ने उसको देखा और फिर सूरज सर मुझे देखते हुए बोले...
सूरज - हम्म प्रजेंस ऑफ़ mind...sahi इस्तेमाल किया है uska...chalo तुम्हारा भी एलिमेंट देख लेंगे aaj...yaha लगभग सबको पता है उनका एलिमेंट और शील्ड भी मिल चुकी hai..bas कुछ hi है जो किसी और चाकर में ये सब भूल जाते hai.....Hai ना एल्फ प्रिंस....
वही पे एक लड़का खड़ा था ये वही है जिसको मैंने कल देखा था उसको hi बोल रहे थे प्रोफ. Suraj...Wo एल्फ प्रिंस था....
नई करैक्टर -:
दब - एल्फ prince...ye स्ट्रेंज वर्ल्ड में रहता था पर वह इसने ऐसे ऐसे कारनामे किये की इसको इसके पिता यानी एल्फ किंग ने यहाँ एअर्थ पे भेज दिया है इस स्कूल में....
बैक तो स्टोरी
दब - प्रोफ. मैं तो बस...
सूरज - चुप hi रहो तो बेहतर है...
वो चुप हो gaya....Wahi सूरज ने एक बार बाकियों की ओर देखा और फिर बोलना शुरू किया...
सूरज - एलिमेंट्स और शील्ड्स दोनों का नाता बहुइट hi पुराण है पर ये इस स्कूल में पहले से नहीं सिखाया जाता tha...ye सब सिखने के लिए आपको कही और जाना होता था या जैसे किसी मास्टर के pass...par जब से वो घटनाये badhi...app जानते होंगे कोण si...tab से ये तय हुआ की अब शील्ड और एलिमेंट्स इन् सब के बारे में भी सबको पता होना चाहिए ताकि वो खुद की रक्षा कर sakke.....kul 5 एलिमेंट्स होते hai...sab जानते honge...Air, Water,Fire ,लैंड और Sky...bas यही सिखाया जाएगा यहाँ pe...agar हम क्लास के नियमों से चले तो par....hum ऐसा नहीं karenge....main तुम्हे इन् 5 के आवला भी जो एलिमेंट्स होते है उनसे भी तुम्हारी पहचान karaunga...par वक़्त आने pe...ab आते है शील्ड pe...to ये होते है आपके एलिमेंट को अलग तरह का रूप देने के liye.....matlab मान लो किसी के पास फायर एलिमेंट hai...to आपका shield...usko अलग अलग रूप dega...jaise में फायर wave...yaa कुछ aur.....Shield के बारे में और भी बहुत सी बातें है जो वक़्त के साथ hi सामने आये तो सही hoga..kyunki इसको अभी समझा पाना मेरे लिए उतना hi मुश्किल है जितना तुम सब के लिए इसको समझ पाना hoga....to इसको वक़्त पे छोड़ देते hai....ab जो लोग अपना अपना एलिमेंट नहीं जानते वो एक साइड में आ jaaye....(Bua से) पूनम जी अब आप यहाँ पे है hi तो मेरी मदद कर दीजिये...
बुआ - जी बिलकुल....
बुआ ने अपनी आँखें बंद करि और उस हॉल के दीवारों पे बनने हुए कुछ ड्रॉइंग्स चमकने lage...aur उनके अंदर से कुछ शील्ड्स निकलने lage...wo शील्ड्स हवा में लटक रहे थे...
सूरज - हम्म तो ये है मास्टर शील्ड्स इनसे हम पता करते है की किस्मे कोण सी एलिमेंट hai...jab पता चल जाए तो इन्ही मास्टर शील्ड्स में से उनके लिए एक एक शील्ड खुद निकल आती है और उनकी हो जाती hai...Chalo आओ सब आगे...
हम सब आगे गए एक लाइन se...sabse पहले एक लड़का था जिसके बाल बहुत लम्बे लम्बे the...wo gaya....samne..kul 5 शील्ड the....Prof. सूरज ने उसको सभी शील्ड्स को एक एक बार चुनने को kaha...usne chua...fir कुछ देर कुछ नहीं hua...sab शांत tha...Ki उसके ऊपर लाल रोशनी पड़ी...
सूरज - फायर Element...wo रोशनी जो उसपे पद रही थी वो एक शील्ड में बदल गयी और उसके हाथ में आ gayi...aur वो चला gaya....fir 2ंद नंबर वाले पे लाइट ब्लू light...jo वाटर का tha...3rd वाले पे blue...matlab...Sky....fir बाजरी आयी वो दब की वो गया तो uspe...green कलर aaya...par ऐसा कुछ था hi nahi...usko प्रोफ. ने सबसे अलग खड़ा कर diya...fir एक पे ब्राउन आया तो वो लैंड हो gaya...fir एक काग्रे जैसा कुछ आया तो वो एयर का हो gaya...fir ऐसे hi हॉट रहा मेरा नंबर 7तह tha...main गया मुझपे कोई रोशनी hi नहीं aayi...ye देख बुआ को लगा की मैंने सही से टच नहीं किया है उन् शील्ड को...
बुआ- वापस से टच करके देखो..
मैंने किया पर फिर से कोई लाइट नहीं...
सूरज - हम्म interesting...tum भी दब के पास खड़े हो जाओ...
बुआ- प्रोफ. सायद कुछ गलत...
सूरज - जो भी कर रही है आप कर रही है मैं तो बस देख रहा hu.....to कैसे कहु की आप कुछ गलत कर रही hai...waise एल्फ प्रिंस का तो पता है वो अपने खानदानी शील्ड को hi उसे karenge...Par ये बचा इसका समझ नहीं आ रहा hai....Prateek...Yahi नाम है ना इसका...
बुआ- हम्म
सूरज- हां तो देखा aapne...Elements के बारे में मैंने कहा था की बस 5 hi है जिनके बारे में हममे जाना होता hai....par यहाँ तो ऐसे दो लोग है जिनके पास ये एलिमेंट्स है hi nahi....Elf प्रिंस की बात करते hai....to इनके परिवार की हिस्ट्री को देखते हुए मुझे लग hi रहा था इनके अंदर इन् पांचो एलिमेंट्स से अलग hi कोई एलिमेंट hoga...Crowned एल्फ डायनेस्टी जिससे ये बिलोंग करते है वह पेय आम बात hai...inke परिवार में हर 2 पीढ़ी को छोड़ के कोई ऐसा होता hi है जो इनके फॅमिली के काश एलिमेंट के साथ आता hai...Wo है Nature...To दब जी के पास है नेचर एलिमेंट जो केवल एक hi शील्ड उसे कर सकती है जो इनके परिवार के पास होगा hi...(DB से) हां तो एल्फ प्रिंस आप एल्फ किंग से बात करेंगे या फिर मैं ये खुशखबरी उन्हें सुनौ....
दब ने उनको खुद बताने के लिए बोल diya..aur फिर वही खड़ा रहा.....
सूरज - अब आते है inpe...Prateek...aap इन् सब से अलग hai...koi भी लाइट ना आयने का बस 2 मतलब है या तो आपके पास कोई एलिमेंट है hi nahi....jo की बहुत hi रेयर बात hai...wahi दूसरी बात उससे भी रेयर hai...ki अभी तक आपका ेलमेंट जाएगा hi नहीं ho...ye ना के बराबर होता hai....har किसी का एलिमेंट उसके पैदा होते hi जाग जाता hai....Ab देखना ये होगा की आप इन् दोनों में से किस में आते है...
मैं - ये पता करने के लिए मुझे क्या करना होगा...
सूरज - करने को तो बहुत उच्च है पर अभी के लिए अस इंतज़ार karo...main पहले इस बारे में कुछ किताबों को पढ़ना चाहता हु फिर तुम्हे कुछ और बताऊंगा...
मैंने बुआ की ओर dekha...wo दुखी थी उन्होंने इशारे में मुख्य हां kaha....aur वह से चली gayi...Main वही रहा
क्लास शुरू हुई फिर se...aur हममे बस एक दूसरे का इंट्रो दिया गया और वही थोड़ी बहुत दूसरी बातें की ये पढ़ना है वो पढ़ना hai....ye क्लास ख़तम हुई और फिर हममे जानना था कैसल म में मैजिक क्लास के liye....waha गया तो बुआ थी waha...wo hi तो वह की मैजिक की प्रोफ. thi...yaha भी हम सबके साथ वैसा hi कुछ hua...class ख़तम होते होते उन्होंने हुमसेकल एक टेस्ट के बारे में bataya....iss टेस्ट में वो ये देखती की कोण कितना कुछ जानता hai...yaha भी मैं गोल होने वाला हु kal...yaar मैजिक का म तक नहीं आता मुझे और स्पेशल बैच में आए गया हु...
क्लास ख़तम हुई और इतने देर में कुछ लोगो से बातें हुई meri...wo अच्छे थे...
अब मैं रूम में आ gaya...yaha आया तो बुआ भी तुरंत आ गयी और मुझे अपने साथ अपने ऑफिस में ले गयी....
बुआ- तुम्हारे पसस कोई एलिमेंट नहीं है ये कैसे हो सकता hai...kuch तो गड़बड़ hai...ye मैडम भी चली गयी वर्ण सायद में जान पाती kuch...tum घबराना नहीं मैं भी कियताबों में देखूंगी की ऐसा कैसे हो सकता है साथ hi इस विषय में लोगो से बात भी करुँगी....
मैं - हां ठीक है पर आराम से karna...aur मैं कुछ बताना चाहता था....
बुआ- हां पता hai...magic नहीं आता tuumhe...par सीखना तो है hi ना उसी लिए लेके आयी hu.....ye लो ये बैग...
एक बैग उन्होंने मुझे दे दिया...
मैं - इसमें क्या है...
बुआ- ये एक पोर्टेबल लाइब्रेरी hai...isme तुम्हे बहुत सी किताबे milengi...bas उस किताब के बारे में socho...yaa फिर तुम्हे जो भी पढ़ना हो वो सोचो वो चीज़ जिस भी किताब में होगी वो तुम्हारे पोएस आ जायेगी...
मैं - हम्म ठीक hai..to मुझे मैजिक की किताब पढ़नी होगी..
बुआ- हां आज hi तुम्हे मैजिक के बेसिक्स को जानना hoga...kal याद रहे टेस्ट hai...agar कुछ गड़बड़ की तो तुम्हे छोडूंगी नहीं मैं,,,,,
मैं - पर इतने काम वक़्त में...
बुआ- वक़्त काम नहीं है तुम चाहो तो कर सकते हो और तुम्हे करना hi होगा समझे...
मैं - हां हां ठीक है आप गुस्सा क्यों हो रही हो मैं कर लूंगा...
मैं वह से वो बैग लेके चल दिया वापस अपने रूम mein....fir उस बैग में हाथ दाल के एक ऐसे किताब के बारे में सोचा जिसमे मैजिक के बेसिक्स ho...to मेरे हाथ में आ गया एक kitab..usko मैं पढ़ने laga..ye सब मैडिटेशन क कमल था साथ hi उस किताब की आसान भासा का भी की मैं जल्दी hi सब समझ पा रहा tha...khane के लिए जाते वक़्त तक मैंने लगभग आधी किताब पढ़ डाली thi...ab जब वह गया..
हां अब यहाँ दिंनिंग हॉल का भी नज़ारा बदल गया था अब यहाँ पे बैच के अनुसार बैठना था और अगर आप चाहे तो कही और भी जा सकते hai...niyam बदले है कुछ...
अब खाना खाने के बाद में चल दिया वापस रूम और फिर रात तक में पूरी किताब चाट gaya....sab कुछ पढ़ डाला ता maine....jo समझ ना आये उसके लिए एक सबदकोष भी उसी बैग से निकल लिया था.....
रात बहुत हो गयी थी तो फिर मैं सो gaya....ab कल देखना था की क्या होता है...
आज का यही तक रखते है आगे का नेक्स्ट अपडेट mein....jaha हम मैजिक टेस्ट देखेंगे और साथ hi में स्कूल के दादा से मिलेंगे मतलब वही गुंडा
अब तक
Main....Prateek...Kal से मेरी दुनिया hi बदल गयी hai....aisi ऐसी बातें जानने को मिल रही है जो कभी सोचा भी नहीं tha...Master ने बताया मेरी एक बुआ भी है और मैं आज का पूरा दिन उन्ही का साथ गुजर रहा था...
अब आगे
नेक्स्ट डे
मैं उठा और सब कुछ सही tha....wahi हुआ जो अक्सर होता था मेरे साथ कितनी भी परेशानी हो रात में सोने से pahle...jaise hi में बीएड पे आता मुझे नींद आ जाती और सुबह सब सही सा lagta...kuch तो था इस रूम में...
मैं बीएड से उठा और फिर फ्रेश होने के बाद जैसे hi बहार आया बाथरूम se...meri नज़र उस लेटर पे padi...jo मुझे दिया tha...kal पूनम बुआ ne....fir से सब कुछ याद आ gaya....aur मैं सोचने लगा उसी बारे में की मास्टर की आवाज मेरे रूम में aayi.....wo मुझे मैडिटेशन के लिए बुला रही thi....maine वो लेटर को मोड़ के अपने पास रखा और चला गया मैडिटेशन के liye....waha पे अभी सिर्फ मास्टर थी और कोई nahi....main भी उनके बगल में बैठ के मैडिटेशन की कोशिश करने laga....Haa दिम्माग में बहुत कुछ चल रहा था par....unn सब को किसी तरह साइड करके बिठा hi था की वह पे बुआ आ गयी और मेरे बगल में बैठ gayi....ab उनका आना था की मेरा ध्यान टूट gaya....maine उनकी ओर देखा वो ध्यान में बैठ गयी टी आँखें बंद कर ली थी उन्होंने bhi...main भी फिर से आँखें बंद करके बैठ गया....
इस बार मैं अच्छे से कंसन्ट्रेट कर पा रहा था aur....pata नहीं कितनी देर तक करता raha...main अपने रूटीन से hi उठा था...4 बजे के आस पास और फिर फ्रेश होना और बाकी सब कुछ तो ज्यादा वक़्त नहीं लगा hoga...wahi करीब 30 minute.....fir मैं यहाँ आ गया ध्यान लगाने और अब जब मेरी आँखें खुली है तो करीब 8 बज रहे the.....maine देखा बुआ और मास्टर दोनों hi बातें कर रही thi...kisi बारे में मुझसे दूर जाके...
मैं भी उठा और उनकी तरफ जाने laga...main जब उनके पास पंहुचा तो वो दोनों मेरे क्लासेज के बारे में बात कर रहे the....Special बैच के क्लासेज भी अलग होते the....baaki सब से ज्यादा वक़्त हममे दिया जाता है और कुछ खास फैसिलिटीज bhi....Bua ने मुझे देखा और मुस्कारे हुए बोली...
बुआ- हां तो बच्चू तैयार हो पहली क्लास के लिए...
मैं - हां बुआ मैं तैयार hu...(master से) मास्टर कोई डेरी नहीं थी बस एक खत था जो बुआ ने दिया था...
मैंने वो चिट्टी मास्टर के हाथ में दे दिया...
मैं - मास्टर इनको भी पता है सायद की अभी सही वक़्त नहीं आया है वर्ण सायद ुये मुझे वो डेरी दे देती जो आप नहीं चाहती थी....
मास्टर मुझे देखने लगी....
मास्टर- हम्म ठीक hai...(Bua से) क्लासेज के लिए देर नहीं हो रही kya...isko लेके jao...ab ये तुम्हारी जिम्मेदारी है....
बुआ ये सुन के बहुत खुश हो गयी वही मैं pareshan....yyaar मैं भी जीता जगता insan...haaa अभी तक तो यही लगता है ना mujhe....aur मुझे ऐसे hi लोगो को सौपा जा रहा है....
मैं - मास्टर मैं खुद को संभल सकता hu....Bua आप परेशां ना हो मैं खुद को देख लूंगा...
मैंने ये बोलै और आगे जाने लगा की तभी मैं किसी पाथेर से ठोकर खा के निच्चे गिर गया और मास्टर और बुआ दोनों हसने lage....Main जल्दी से उठा एक बार पीछे मुद्दा और फिर अपने कपड़ो को साफ़ करके वापस चल दिया रूम mein....wahi इ mujhe...classes का पता चलना था......
वही वो दोनों है रही थी...
मेरे जाने के बाद....
पूनम - मैडम आपको लगता है की इसको मैं संभल paaungi...aapne जो कुछ बताया है उस हिसाब से तो....
मास्टर- चिंता मत करो तुम संभल hi logi....aur वो भी (हस्ते हुए) बड़ा हो गया है to....bas कुछ hi दिन की बात है मैं बहार जा रही hu....fir मैं रहूंगी hi यहाँ तुम्हारी मदद करने के liye....main तो कब से किसी को धुंध रही थी जो इस नए जगह पे उसकी सही से देख भल कर sakke...aur मुझे तुम मिल गयी...
पूनम - जी मैडम मैं पूरा ध्यान रखूंगी.....
मैं रूम में पहुंच गया था फिर मैंने वह पड़े हुए रूटीन को dekha....special क्लास की रूटीन बक्कियों से अलग thi....hamare लिए क्लासेज के दुराशंस दुगने the...sath hi प्रक्टिकल्स भी होते थे वो भी बाकियों से बहुत ज्यादा....
मैंने देखा 1सत period....Castle व में hai...uske निच्चे लिखा था की क्या क्या ले जाना hai...Talwar अगर हो तो एक शील्ड भी लेते जाना है वो शील्ड आपका अपना होना चाहिए अगर नहीं हो तो वो आपका टेस्ट करने के बाद वही से दिया jaayega...bas इतना hi लिखा था....
अब शील्ड तो था नहीं मेरे pass....bas एक तलवार थी उसको उठा के लेके जाने लगा main....Jab रूम से बहार पंहुचा तो वही पे वापस से बुआ मिल गयी....
बुआ - बच्चू आज शील्ड milegi...main भी रहूंगी वह पे मुझे भी देखना है कोण सा शील्ड मिलता है tumhe....waise तो मुझे पता है कोण सा मिलेगा....
मैं - ये शील्ड का क्या है और जब हम शॉपिंग करने गए तो आपने दिलाया क्यों नहीं....
मेरी इस बात पे वो भी सोच में पद गयी....
बुआ- पता नहीं मुझे तो वही से तुम्हे तुम्हारा शील्ड दिला देना चाहिए tha...aur उस दूकानदार ने हममे शील्ड दिखाया भी नहीं tha...main तो तुमसे मिलने की खुसी में खोयी हुई थी तो होश hi नहीं था mujhe....accha छोड़ो वो वैसे भी यहाँ से तुम्हारे शील्ड का पोता चल hi जाएगा और फिर हम उसी एलिमेंट का नया शील्ड ले लेंगे...
मैं - एलिमेंट ???
बुआ - हां Element...kya इसके बारे में भी नहीं बताया है मैडम ने....
मैं - नहीं इसका कुछ पता नहीं है मुझे...
बुआ- हम्म चलो क्लास में चलते है वह प्रोफेसर इसी पे आज लेक्चर denge....aur मुझ पक्का पता है तुम समझ hi jaaoge...aisa नहीं की मुझे नहीं आता पर अब अगर मैं अभी बताऊँ फिर वही बात वह सुननोगे तो बोर ना हो जाओ इस्सलिये...
उनसके ऐसे बोलने पे मैंने उनकी ओर dekha....aur फिर आगे बढ़ गया..
वो भी आने lagi...aur वो है रही thi...pata नहीं क्यों....
मैं - क्या बात है आप है क्यों रही हो...
बुआ- ये तलवार ऐसे क्यों लेके जा रहे ho....isko छोटा karlo...iss तलवार की वजह से तुम्हारी चल बहुत अलग लग रही थी....
मैं - क्या मतलब अलग लग रही thi....wo तो लगेगी hi ना मैं थोड़ी ना तलवार बाँध के चलता....
बुआ- तो वो जो सूट ख़रीदा है उसका क्या करना hai...usko पेहेन लेते उसमे मयान भी है बैक साइड में वो भी 2 - 2 साथ में शील्ड रखने की जगह और भी बहुत कुछ है usme....par नहीं तुम ये कपडे पहन के तलवार को करम के पास टांग के चल रहे ho...aas पास देखो जरा कोई दिख रहा है ऐसा tumhe....naam ख़राब कर रहे हो मेरा तुम....
मैंने आस पास देखा तो ना सिर्फ बुआ है रही थी बल्कि बाकी सब भी मुझे देख देख है रहे the....unn सब ने सूट पेहेन रखा tha....armour पहन रखा था...
मैं - आपने पहले क्यों नहीं बताया मुझे....
बुआ - तुमने पूछा kya.....aur तुम तो बड़े हो गए हो ना मास्टर के सामने क्या बोल रहे थे....
मैं अपने रूम की तरफ गया जल्दी से और फिर दरवाजा बंद करने लगा पर बुआ भी अंदर आ गयी....
मैं - आप यहाँ क्या कर रहे हो मुझे चेंज करना है....
बुआ - ये आर्मर पहनना आता है क्या tumhe...jo चेंज करना है बोल रहे हो....
मैंने देखा आर्मर की oor....aisa कोई ड्रेस होता है kya...Ye एक ताम्बे का आर्मर था जिसको मुझे पेहेनना tha...par उसके साथ साथ और भी बहुत कुछ था इस ड्रेस में....
बुआ- क्या हो gaya....chalo अब चुप चाप रहो और कपडे utaro...bas इनर वियर में खड़े रहो यहाँ....
मैं - पर आप...
बुआ- मैं यहाँ बस तुम्हे आज बताने आयी हु एक बार देख लो फिर खुद करना...
मैंने भी अपने कपडे उत्तर diye....aur खड़ा हो गया उनके सामने सिर्फ अंडरवियर में....
बुआ- कुछ कहते थे भी या हवा पानी पे जिन्दा the,,,,,sharir में ताकत भी है yaa....nahi
मैं क्या बोलयता अब मैं था hi थोड़ा दुबला पतला....
उन्होंने उस ब्रोंज के आर्मर को उठाया और मेरे सर से होते हुए मुझे पहना diya...Main भी वैसे अकेले पहनना सच में मुश्किल था isko....fir बाकी की चीज़ज़े जैसे वो टॉलर के मयान के लिए wo...belts ये सब अकेले मुश्किल तो था hi...mujhe थोड़ी देर में बुआ ने तैयार किया और फिर मैं मैंने जैसे hi तलवार राखी अपने मयान में तलवार गायब हो गयी...
मैं - ये क्या हुआ ये कहा गया...
बुआ - यही hai...ye लेटेस्ट आर्मर सूट है इसमें ये सारे फैसिलिटीज hai....tunne ध्यान नहीं दिया पर ये सूट अपने पहनने वाले के साइज का हो जाता है तभी तो तुम्हारे साइज में एकदम फिट आ रहा है...
मैं - हम्म ठीक hai...aur भी कुछ है जो बताना है....
बुआ- हां मैं भूल gayi,...Madam बहार गयी hai...kuch दिन बाद लौटेंगी तब तक तुम्हे अपना वो पुराण रूटीन फॉलो करने को कहा है और साथ hi मेरी हर बात माने को भी...
मैं - क्या मास्टर चली गयी मुझे बिन्ना बताये....
बुआ- हां पर कुछ hi दिंनो के liye...to चिंता मत करो वो आ jaayengi.....aur
मैं - और क्या...
बुआ - अब अगर ऐसे hi टाइम वास्ते करते रहे तो पनिशमेंट मिलेगी वह ....चलो जल्दी..
मैं भी रूम से निकला और जल्दी जल्दी जाने laga...Waha से कैसल व में जहा शील्ड मिलने वाली थी....
थोड़ी hi देर में हम क्लास में पहुंच gaye...bada सा हॉल tha...aur उसी जगह पे कुछ लोग the...jaise hi हम अंदर गए सब हुम्म्मे देखने लगे....
बुआ- प्रोफ. सूरज सॉरी आपको डिस्टर्ब करने के liye....wo एक नया स्टूडेंट है स्पेशल बैच ka..ussi को पहुंचने आयी हु...
Prof.Suraj- आपने ये सब कब से शुरू किया पूनम ji...aur ये कोण से नए स्टूडेंट है जिनका मुझे नहीं पता hai....kal hi तो सबसे मिला था मैं ग्राउंड पे.....
बुआ- हां तब ये नहीं होगा waha....kyunki कल hi तो टेस्ट दिया है isne....reports आपके पास पहुंच गयी होगी और अपने अटेंडेंस नहीं देखा होगा...
सूरज - हम्म चलिए मैं देख लेता हु...
वो इतना बोल के अपने टेबल पे पड़े हुए अटेंडेंस में देखता है जिसमे मेरा नाम होता है फिर उसी टेबल पे राखी हुई मेरी रोपर्ट को भी देखा usne...aur उसको देख वो मुझे देखने लगा...
सूरज - बिना एनिमल स्पिरिट के 2 लड़को को हर्रा diya...Element कोण सा है तुम्हारा....
मैं - मुझे नहीं पता....
प्रोफ. सूरज ने मेरे इस बात पे एक बार वापस से रिपोर्ट को dekha...fir उसपे कुछ किया जिससे उस टेस्ट का वीडियो वह चलने लगा जो सब देख सकते the.....sab ने उसको देखा और फिर सूरज सर मुझे देखते हुए बोले...
सूरज - हम्म प्रजेंस ऑफ़ mind...sahi इस्तेमाल किया है uska...chalo तुम्हारा भी एलिमेंट देख लेंगे aaj...yaha लगभग सबको पता है उनका एलिमेंट और शील्ड भी मिल चुकी hai..bas कुछ hi है जो किसी और चाकर में ये सब भूल जाते hai.....Hai ना एल्फ प्रिंस....
वही पे एक लड़का खड़ा था ये वही है जिसको मैंने कल देखा था उसको hi बोल रहे थे प्रोफ. Suraj...Wo एल्फ प्रिंस था....
नई करैक्टर -:
दब - एल्फ prince...ye स्ट्रेंज वर्ल्ड में रहता था पर वह इसने ऐसे ऐसे कारनामे किये की इसको इसके पिता यानी एल्फ किंग ने यहाँ एअर्थ पे भेज दिया है इस स्कूल में....
बैक तो स्टोरी
दब - प्रोफ. मैं तो बस...
सूरज - चुप hi रहो तो बेहतर है...
वो चुप हो gaya....Wahi सूरज ने एक बार बाकियों की ओर देखा और फिर बोलना शुरू किया...
सूरज - एलिमेंट्स और शील्ड्स दोनों का नाता बहुइट hi पुराण है पर ये इस स्कूल में पहले से नहीं सिखाया जाता tha...ye सब सिखने के लिए आपको कही और जाना होता था या जैसे किसी मास्टर के pass...par जब से वो घटनाये badhi...app जानते होंगे कोण si...tab से ये तय हुआ की अब शील्ड और एलिमेंट्स इन् सब के बारे में भी सबको पता होना चाहिए ताकि वो खुद की रक्षा कर sakke.....kul 5 एलिमेंट्स होते hai...sab जानते honge...Air, Water,Fire ,लैंड और Sky...bas यही सिखाया जाएगा यहाँ pe...agar हम क्लास के नियमों से चले तो par....hum ऐसा नहीं karenge....main तुम्हे इन् 5 के आवला भी जो एलिमेंट्स होते है उनसे भी तुम्हारी पहचान karaunga...par वक़्त आने pe...ab आते है शील्ड pe...to ये होते है आपके एलिमेंट को अलग तरह का रूप देने के liye.....matlab मान लो किसी के पास फायर एलिमेंट hai...to आपका shield...usko अलग अलग रूप dega...jaise में फायर wave...yaa कुछ aur.....Shield के बारे में और भी बहुत सी बातें है जो वक़्त के साथ hi सामने आये तो सही hoga..kyunki इसको अभी समझा पाना मेरे लिए उतना hi मुश्किल है जितना तुम सब के लिए इसको समझ पाना hoga....to इसको वक़्त पे छोड़ देते hai....ab जो लोग अपना अपना एलिमेंट नहीं जानते वो एक साइड में आ jaaye....(Bua से) पूनम जी अब आप यहाँ पे है hi तो मेरी मदद कर दीजिये...
बुआ - जी बिलकुल....
बुआ ने अपनी आँखें बंद करि और उस हॉल के दीवारों पे बनने हुए कुछ ड्रॉइंग्स चमकने lage...aur उनके अंदर से कुछ शील्ड्स निकलने lage...wo शील्ड्स हवा में लटक रहे थे...
सूरज - हम्म तो ये है मास्टर शील्ड्स इनसे हम पता करते है की किस्मे कोण सी एलिमेंट hai...jab पता चल जाए तो इन्ही मास्टर शील्ड्स में से उनके लिए एक एक शील्ड खुद निकल आती है और उनकी हो जाती hai...Chalo आओ सब आगे...
हम सब आगे गए एक लाइन se...sabse पहले एक लड़का था जिसके बाल बहुत लम्बे लम्बे the...wo gaya....samne..kul 5 शील्ड the....Prof. सूरज ने उसको सभी शील्ड्स को एक एक बार चुनने को kaha...usne chua...fir कुछ देर कुछ नहीं hua...sab शांत tha...Ki उसके ऊपर लाल रोशनी पड़ी...
सूरज - फायर Element...wo रोशनी जो उसपे पद रही थी वो एक शील्ड में बदल गयी और उसके हाथ में आ gayi...aur वो चला gaya....fir 2ंद नंबर वाले पे लाइट ब्लू light...jo वाटर का tha...3rd वाले पे blue...matlab...Sky....fir बाजरी आयी वो दब की वो गया तो uspe...green कलर aaya...par ऐसा कुछ था hi nahi...usko प्रोफ. ने सबसे अलग खड़ा कर diya...fir एक पे ब्राउन आया तो वो लैंड हो gaya...fir एक काग्रे जैसा कुछ आया तो वो एयर का हो gaya...fir ऐसे hi हॉट रहा मेरा नंबर 7तह tha...main गया मुझपे कोई रोशनी hi नहीं aayi...ye देख बुआ को लगा की मैंने सही से टच नहीं किया है उन् शील्ड को...
बुआ- वापस से टच करके देखो..
मैंने किया पर फिर से कोई लाइट नहीं...
सूरज - हम्म interesting...tum भी दब के पास खड़े हो जाओ...
बुआ- प्रोफ. सायद कुछ गलत...
सूरज - जो भी कर रही है आप कर रही है मैं तो बस देख रहा hu.....to कैसे कहु की आप कुछ गलत कर रही hai...waise एल्फ प्रिंस का तो पता है वो अपने खानदानी शील्ड को hi उसे karenge...Par ये बचा इसका समझ नहीं आ रहा hai....Prateek...Yahi नाम है ना इसका...
बुआ- हम्म
सूरज- हां तो देखा aapne...Elements के बारे में मैंने कहा था की बस 5 hi है जिनके बारे में हममे जाना होता hai....par यहाँ तो ऐसे दो लोग है जिनके पास ये एलिमेंट्स है hi nahi....Elf प्रिंस की बात करते hai....to इनके परिवार की हिस्ट्री को देखते हुए मुझे लग hi रहा था इनके अंदर इन् पांचो एलिमेंट्स से अलग hi कोई एलिमेंट hoga...Crowned एल्फ डायनेस्टी जिससे ये बिलोंग करते है वह पेय आम बात hai...inke परिवार में हर 2 पीढ़ी को छोड़ के कोई ऐसा होता hi है जो इनके फॅमिली के काश एलिमेंट के साथ आता hai...Wo है Nature...To दब जी के पास है नेचर एलिमेंट जो केवल एक hi शील्ड उसे कर सकती है जो इनके परिवार के पास होगा hi...(DB से) हां तो एल्फ प्रिंस आप एल्फ किंग से बात करेंगे या फिर मैं ये खुशखबरी उन्हें सुनौ....
दब ने उनको खुद बताने के लिए बोल diya..aur फिर वही खड़ा रहा.....
सूरज - अब आते है inpe...Prateek...aap इन् सब से अलग hai...koi भी लाइट ना आयने का बस 2 मतलब है या तो आपके पास कोई एलिमेंट है hi nahi....jo की बहुत hi रेयर बात hai...wahi दूसरी बात उससे भी रेयर hai...ki अभी तक आपका ेलमेंट जाएगा hi नहीं ho...ye ना के बराबर होता hai....har किसी का एलिमेंट उसके पैदा होते hi जाग जाता hai....Ab देखना ये होगा की आप इन् दोनों में से किस में आते है...
मैं - ये पता करने के लिए मुझे क्या करना होगा...
सूरज - करने को तो बहुत उच्च है पर अभी के लिए अस इंतज़ार karo...main पहले इस बारे में कुछ किताबों को पढ़ना चाहता हु फिर तुम्हे कुछ और बताऊंगा...
मैंने बुआ की ओर dekha...wo दुखी थी उन्होंने इशारे में मुख्य हां kaha....aur वह से चली gayi...Main वही रहा
क्लास शुरू हुई फिर se...aur हममे बस एक दूसरे का इंट्रो दिया गया और वही थोड़ी बहुत दूसरी बातें की ये पढ़ना है वो पढ़ना hai....ye क्लास ख़तम हुई और फिर हममे जानना था कैसल म में मैजिक क्लास के liye....waha गया तो बुआ थी waha...wo hi तो वह की मैजिक की प्रोफ. thi...yaha भी हम सबके साथ वैसा hi कुछ hua...class ख़तम होते होते उन्होंने हुमसेकल एक टेस्ट के बारे में bataya....iss टेस्ट में वो ये देखती की कोण कितना कुछ जानता hai...yaha भी मैं गोल होने वाला हु kal...yaar मैजिक का म तक नहीं आता मुझे और स्पेशल बैच में आए गया हु...
क्लास ख़तम हुई और इतने देर में कुछ लोगो से बातें हुई meri...wo अच्छे थे...
अब मैं रूम में आ gaya...yaha आया तो बुआ भी तुरंत आ गयी और मुझे अपने साथ अपने ऑफिस में ले गयी....
बुआ- तुम्हारे पसस कोई एलिमेंट नहीं है ये कैसे हो सकता hai...kuch तो गड़बड़ hai...ye मैडम भी चली गयी वर्ण सायद में जान पाती kuch...tum घबराना नहीं मैं भी कियताबों में देखूंगी की ऐसा कैसे हो सकता है साथ hi इस विषय में लोगो से बात भी करुँगी....
मैं - हां ठीक है पर आराम से karna...aur मैं कुछ बताना चाहता था....
बुआ- हां पता hai...magic नहीं आता tuumhe...par सीखना तो है hi ना उसी लिए लेके आयी hu.....ye लो ये बैग...
एक बैग उन्होंने मुझे दे दिया...
मैं - इसमें क्या है...
बुआ- ये एक पोर्टेबल लाइब्रेरी hai...isme तुम्हे बहुत सी किताबे milengi...bas उस किताब के बारे में socho...yaa फिर तुम्हे जो भी पढ़ना हो वो सोचो वो चीज़ जिस भी किताब में होगी वो तुम्हारे पोएस आ जायेगी...
मैं - हम्म ठीक hai..to मुझे मैजिक की किताब पढ़नी होगी..
बुआ- हां आज hi तुम्हे मैजिक के बेसिक्स को जानना hoga...kal याद रहे टेस्ट hai...agar कुछ गड़बड़ की तो तुम्हे छोडूंगी नहीं मैं,,,,,
मैं - पर इतने काम वक़्त में...
बुआ- वक़्त काम नहीं है तुम चाहो तो कर सकते हो और तुम्हे करना hi होगा समझे...
मैं - हां हां ठीक है आप गुस्सा क्यों हो रही हो मैं कर लूंगा...
मैं वह से वो बैग लेके चल दिया वापस अपने रूम mein....fir उस बैग में हाथ दाल के एक ऐसे किताब के बारे में सोचा जिसमे मैजिक के बेसिक्स ho...to मेरे हाथ में आ गया एक kitab..usko मैं पढ़ने laga..ye सब मैडिटेशन क कमल था साथ hi उस किताब की आसान भासा का भी की मैं जल्दी hi सब समझ पा रहा tha...khane के लिए जाते वक़्त तक मैंने लगभग आधी किताब पढ़ डाली thi...ab जब वह गया..
हां अब यहाँ दिंनिंग हॉल का भी नज़ारा बदल गया था अब यहाँ पे बैच के अनुसार बैठना था और अगर आप चाहे तो कही और भी जा सकते hai...niyam बदले है कुछ...
अब खाना खाने के बाद में चल दिया वापस रूम और फिर रात तक में पूरी किताब चाट gaya....sab कुछ पढ़ डाला ता maine....jo समझ ना आये उसके लिए एक सबदकोष भी उसी बैग से निकल लिया था.....
रात बहुत हो गयी थी तो फिर मैं सो gaya....ab कल देखना था की क्या होता है...
आज का यही तक रखते है आगे का नेक्स्ट अपडेट mein....jaha हम मैजिक टेस्ट देखेंगे और साथ hi में स्कूल के दादा से मिलेंगे मतलब वही गुंडा