बससससस.. करो ..(नम्रता एक पहेली) - Page 8 - SexBaba
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बससससस.. करो ..(नम्रता एक पहेली)

सफर :- EPISODE NO ो4.

अह्ह्ह्ह अब्ब्ब ओफ्फिशलय सुचिता ुसस्स बाथरूम मैं ऊपर से पूरी नंगी हो चुकी थी और ये एक बोहत बड़ी चीज थी एक घरेलु औरत के लिए जिससे हम इज़्ज़त समझते hainn...upar से एक हाई क्लास औरत के लिए...

और उससे भी बड़ी बात ये थी की जोह औरत ट्रैन के बाथरूम मैं एक भिखारी के बहो मैं ऊपर से नंगी thi...uske दोनों बड़े बड़े दूध खुल्ले थे वोह एक सिक्योरिटी अफसर अफसर की बीवी thi....ufffff क्या रत थी वोह एक बुड्ढे भिकारी के लिए ...अह्ह्ह्ह.

और अब्ब्ब भिकारी कहा रूकने वाला था उसके हैट तोह आल्हा दीं का चिराग लग चूका था और एक नहीं दो do....aur अब्ब्ब भिकारी अपन पूरा जोर सुचिता को कसने मैं लगा रहा tha....tayar कर रहा था वोह बुद्धा सुचिता को एक बड़े मुकाबले के लिए....

काळा बुड्ढे भिकारी के हैट मैं सुचिता के बड़े बड़े डोह आजम क्या लग रहे थे अह्ह्ह भिकारी जोर जोर से ुसस्स नंगे खुली ायमो को आपने हटो मैं भर के जोर जोर से उसका रास निकल रहा था ...

उफ्फ्फ सुचिता जोर जोर से अपना बदन हिला के भिकारी को उत्तेजित कर रही thi...ahhhh.....

भिकारी :- अह्ह्ह्हह्हह क्या दूध hainn...tera...

सुचिता:- ouchhhhhhhhhh...ahhhh

भिकारी :- अह्हह्ह्ह्ह निकलता है. क्या अह्ह्ह्हह बता न....

सुचिता :- नहीं अह्ह्ह्हह dhire....ahhhhhh

भिकारी :- अह्ह्ह्हह्हह क्या मॉल हैं यार tu...ahhhh ऐसा लग रहा हैं तेरे इस्सस दूध को गन्ने के तरह निचोड़ के रख दू मेरे इन् काळा हटो se...ahhh

सुचिता :- अह्ह्ह्हह तोह निचोड़ो naa...ahhhh

सुचिता अब्ब्ब पूरी खुल चुकी थी भिकारी के प्लान मैं फास चुकी thi...ahhh...abbb उससे सिर्फ वोह खुद हे बचा सकती thi...ahhhh

और तभी बुद्धा आपने काळा हटो से दोनों ामो को बेरहमी से मसलने लगता हैं ...और पीछे सर्रे पैन गांड पैन अपन लुंड चुभने लगता हैं...

सुचिता इस्सस हमले से चीख उठती hainn...ahhhh क्या सन था.....

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अह्हह्ह्ह्ह ुह्ह्हह्ह्ह्ह फ़क अह्ह्ह्हह्हह ुह्ह्हह्ह धीरे अह्ह्ह्हह धीरी

क्या मुलायम अह्ह्ह क्या सॉफ्ट उफ्फ्फ्फ़ क्या बूब्स थे सुचिता के और भिकारी की आराम से उन् दोनों को मसल रहा tha...ahhh

अब्ब्ब इस्सस घमासान ुद्धा मैं सुचिता बोहत तप चुकी थी वोह अब्ब्ब सिर्फ भिकारी को सपोर्ट हे नहीं बल्कि लीडिंग भी ले रही थी अह्ह्ह आपने कोमल मधुर सिसकारियों ने भिकारी को पागल कर रखा tha....uhhhhh

और तभी भिकारी सुचिता के बूब्स को मसलना बंद कर देता hainnn.....aur हलके से सुचिता को आपने बहो मैं से छोड़ देता हैंन..... सुचिता को सरप्राइज हो जाता हैं आखिर क्या huva....par तभी भिकारी अपना बुद्धा बदन लेके सुचिता के सामने आ जाता हैं...

उह्ह्ह भिकारी को इस्सस गन्दी हालत मैं देख सुचिता को घिन आने लगती hainnn...ahhh पर कभी न कभी तोह भिकारी को सुचिता के सामने आना हे था और प्लान के मुताबिक ये राइट टाइम था या रॉंग अब्ब्ब ये समय हे batayega....ahhh पर अब्ब्ब कुछ न कुछ होने वाला तह.....

और तभी सुचिता के मुहहह से थूक आता hainnn...par वोह अपना थूक आपने मुह्ह मैं हे रुख देती हैं.... भिकारी के सामने आने से बोहत गन्दी बदबू आए रही thi...itni बदबू तोह बाथरूम को भी नहीं थी बल्कि बाथरूम तोह पूरा क्लीन और फ्रेश था.... भिकारी के आने से लग रहा था ये कोई 3रद क्लास डिब्बे का बाथरूम हैं...

सुचिता और कुछ सोचते उसके पहले हे बुद्धा अपना मुह्ह निचे झुक के सुचिता के नंगे नैक को कुत्ते जैसा चाटने लगता hainn....ahhhh.... बुड्ढे का ये कॉन्फिडेंस देख सुचिता चौक जाती hainnn....uffff....buddha सुचिता के नैक और बूब्स के ऊपर के लाइन को आपने जबान से चाटने लगता hainn...ahhh क्या जज्बा था भिकारी का अह्ह्ह

सुचिता के छूट मैं ये बुद्धा फिर करंट पैदा कर देता hainn...ahhhh ये भिकारी सुचिता को मजबूर कर रहा था साथ देने को उफ्फफ्फ्फ़ क्या मंद था भिकारी का उफ्फ्फ्फ़ एक हाई क्लास औरत को आपने जुन्नों और दिमाग से बंद के रखा था ुसस्स टॉयलेट main....ahhh आसान चीज नहीं thi....yeeeeeeeee

उफ्फ्फफ्फ्फ़ और तभी आएग मैं डूबी सुचिता बुड्ढे के गंदे से सर को पकड़ लेती hainnn....aur आपने निचे बूब्स पैन दबाने का तरय करती hainn...ahhh पर बुद्धा किधर मैंने वाला था ...अह्ह्ह्ह वोह तोह सुचिता को और तड़पना चाहता था ....उफ्फ्फ्फगफ्फ

अब्ब्ब सुचिता बोहत उनकंट्रोल हो रही थी मनो उसका हक़ चीन लिया हो.....

पर तभी ाअगले हे पल सुचिता के पिंक पिंक निप्पल्स पर बुड्ढे की गन्दी जुबान फिरती hainnn...ahhhh और सुचिता एक सटिस्फैक्शन की सिसकारी भर देती हैंन

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh ..........

और अब्ब्ब बुद्धा दोनों बूब्स को बरी बरी चाटने लगता hainn...ahhhh

अह्ह्ह्ह सुचिता ने अब्ब्ब अपनी दोनों कोमल आँखे बंद कर लिए थी और साथ मैं नक् भी अह्ह्ह पर उसकी आएग अभी भी भड़क रही थी ..ahhhh.....buddha अब्ब रूकने का नाम नहीं ले रहा था.... सुचिता बोहत पागल हो रही थी ...

और तभी एक अविश्वसनीय सन देखने को मिलता hainnn...ahhhh सुचिता आपने हटो मैं बुड्ढे भिकारी का गन्दा सा सर पकड़ लेती hainnn...ufffff और तेजी से आपने बूब्स पर दबा देती hainnn...ahhhh...aur बुद्धा खुश होक सुचिता के दोनों बूब्स आपने मुह्ह से गिला कर देता हैंन.....

अह्ह्ह्ह क्या नजारा था ुसस्स बाथरूम मैं....

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अब्बब्बब सुचिता जब कभी ये सन को यद् करेगी उससे खुद पैन यकीं नहीं होगा की उसने ऐसा किया और भिकारी जब सोचेगा तब उससे ये सपना lagega...ahhhhhh....

पर अभी ये गर्मी का खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा था ...ये गुलाबी ठंडी उसमे पिंक पिंक निप्पल्स दूध जैसे गोर बॉल्स अह्ह्ह्ह उसपे गन्दी काली जुबान ...और उससे निकला हुवा भिकारी का thuk...ahhhh....kya सुचिता अह्ह्ह कैसे ये सब अह्ह्ह महसूस कर रही थी क्या पता

उफ्फ्फफ्फ्फ़ अब्ब्ब सुचिता के पंतय इतनी गीली हो चुकी थी की पंतय से सर्रे मैं पानी टिपक रहा था अह्ह्ह लाइफ मैं पहली बार बिना सेक्स किये सुचिता का इतना माल निकला था अह्ह्ह्ह की जबरदस्त अह्ह्ह्ह बैटल चल रहा tha...par यहाँ भिकारी का लुंड एकदम सख्त था उसका कला टोपा थोड़ा गिला हो चूका tha...ahhhhh....

अब्ब्ब भिकारी हाफ रहा tha...uffff क्या स्टैमिना था उसका भी .... सुचिता के दोनों बूब्स को उसने चाट चाट के लाल कर दिया था ..अह्ह्ह्हह्हह

.

उफ्फफ्फ्फ़ सुचिता को भी अब्ब्ब अपनी भूक मिटानी thi...ahhhh उसका आअज आएग मैं तड़प तड़प के मरना लिखा नहीं था ..अह्ह्ह क्या पता अब्ब क्या होने वाला था....... भिकारी कोई बड़ी चल खेलने के फ़िराक मैं था........

उफ्फ्फ्फ़ तभी भिकारी रूक जाता hainn...ahhh सुचिता को देखता हैं सुचिता भी बुड्ढे के आँखों मैं देखने लगती हैं.... बुद्धा सुचिता को देख कामिनी स्माइल देता हैं...

बुद्धा सुचिता के बदन से हैट जाता hainn...aur सुचिता को देखने लगता hainn...ahhh सुचिता की आग भड़क रही थी छूट से घोड़े दौड़ रहे थे

तभी भिकारी बाजु के टॉयलेट को देखता है. टॉयलेट के कैप को निचे कर देता hainn....aur उस टॉयलेट पैन बैठ जाता हैंन.....

सुचिता को कुछ समझ मैं नहीं आता आखिर भिकारी कर क्या रहा हैंन ...उफ्फ्फ्फ़ पर सुचिता को अब्ब्ब ठंडी मैं उसके बूब्स सत्ता रहे थे टॉयलेट के खिड़की से आए रही बहार की हवा उसके बूब्स को अलग हे फीलिंग दे रही थी......

अह्ह्ह तभी भिकारी अपनी गन्दी सी बनियान को निकल फेकता hainnn...aur उसके छाती खुली हो जताई hainn...ewwww कितनी गन्दी छाती थी उसकी पुरे सफ़ेद सफ़ेद bal....the सुचिता को वोह देख उलटी जैसा हो जाता हैंन....

और अगले हे पल बुद्धा अपनी लुंगी निकल के सुचिता का ब्लाउज जहा था उसके ऊपर फेक देता हैंन....

उह्ह्ह सुचिता के डिज़ाइनर ब्लाउज के ऊपर बुड्ढे की गन्दी डेग वाली लुंगी गिर जताई है n...ahhhh

और अगले हे पल बुद्धा पूरा नंगा हो जाता hainn....ewwwwwww सुचिता को अब्ब पूरी उलटी जैसा हो जाता हैंन....

बुड्ढे का बदन किता गन्दा था ऊपर से कितना डर्टी दिख रहा था

अह्ह्ह पर एक चीज ऐसे थी जहा आके सुचिता की नजर अटक जाती hainnn...aur वोह था बुड्ढे का मोटा लुंड अह्ह्ह वोह देख सुचिता के छूट कद काढ़ने लगती hainn...ahhh इतना मोटा तोह संजय का भी नहीं hainn...ahhhh....

और सुचिता उसी लुंड पैन अपनी नजरे टिका के रखती हैंन ...

उफ्फ्फ्फ़ क्या दिमाग था बुड्ढे का और क्या कामिनी स्माइल देके वोह बैठा था मनो अब्ब्ब उसका हे राज हो....

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उसका कला बुद्धा लुंड क्या सख्त था सुचिता के बदन के तरफ केले जैसा खड़ा था ..और झट के बल एव्व कितने गंदे थे न जाने कितने दिनों से भिकारी नहाया नहीं होगा अहह लुंड की बदबू पुरे बाथरूम मैं घूम जाती hainn...aur सुचिता उसी लुंड को देखती रहती हैंन. ..

लुंड की बदबू उसके नाक मैं घूम रही थी ..अह्ह्ह और सुचिता उस बदबू को आपने अंदर ले रही थी मनो उसको वोह पसंद आ रहा हो......

बुद्धा बिलकुल बेख्वाफ होक बैठा था और सुचिता के आँखों मैं आँखे दाल के देख रहा था ......

भिकारी :- नाआम क्या हैं तेरा....

सुचिता :- सूचि .... सुचिता....

भिकारी :- मजा आया न तुझे.....

सुचिता गाल मैं हे मुस्कुराते हैं.....

भिकारी :- तेरी जैसी कही नहीं देखि बोहत मॉल हैं तू और फटका भी आआ अब्ब अपनी आएग मिटा .....

सुचिता आपने बारे मैं ये सब शब्द सुन मचल जाती hainnn...aaj पहली बार उसे ये अग्ली लैंग्वेज पसंद आ रही थी....

सुचिता :- माफ़ कीजिये मुझे अभी जाना हैं....

भिकारी :- अच्छा जा लेकिन आपने गीली छूट को क्या karogi....chal नाटक मत कर बोहत आग लगी हैं तेरे अंदर देख लुंड लुंड होता hainnn....vaise भी मेरे नसीब मैं तेरी जैसी माल कहा पर तेरे नसीब मैं मेरे जैसा लुंड कहा ...चल सोच तब तक मैं तुझे देख के हिलता हु अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह....

और बुद्धा सामने कड़ी सुचिता को देख अपना लुंड जोर जोर से हिलने लगता hainn...apna बुद्धा कड़क लुंड आपने काळा हटो से बुद्धा मसलने लगता हैंन....

ये नजारा देख सुचिता का पता नहीं मगर उसके छूट का पानी और बहाने लगता hainn...ahhh और साड़ी निचे से गीली होने लगती हैंन.... सुचिता बुड्ढे के आँखों मैं आँख डालके देख रही थी और लुंड को घर रही thi...ahhhh.... सुचिता को वोह देख आपने छूट मैं खुजली महसूस होती hainnn...aur उसके छूट के एक हे मांग thi...ahhhh...

सुचिता मन मैं :-

( अह्हह्ह्ह्ह क्या कर रही हैं सुचिता तेरा पति सिक्योरिटी अफसर अफसर हैं और तू इस्सस बुड्ढे के सामने ऊपर से नंगी कड़ी hainn....chi......thu....itni गिर गयी तू.....

अह्ह्ह्ह. पर इस्सस छूट के आएग का क्या करू अहह लुंड तोह लुंड होता hainn...abbb पति ने नहीं मरी तोह क्या हुवा भूल गयी क्या तू कॉलेज के डेज तब कहा पति tha...abbb एक बार क्या होता hainnn...ahhh सुचिता अह्ह्ह्ह क्या करू मैं....)

भिकारी अपने लुंड को सुचिता के तरफ मुठ्ठ मर के हिला रहा tha.....jor जोर से और सुचिता के आँखों को हवस से देख रहा था....

अह्ह्ह तभी बुद्धा सुचिता के सामने आपने हतेली पैन थूकता hainn....chiiiii और उससे अपने लुंड को गिला कर मसलने लगता hainnn...ahhhhh....aur जोर जोर से हिलने लगता हैंन.....

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अह्ह्ह्हह्हह अह्ह्ह ायजा सुचिता जाएं एक रत की बायत हैंन अह्ह्ह्ह अजा अपनी आग मिटा मेरे इस्सस 2 साल से भूके लुंड से ाआजा..... सुचिता अह्ह्ह्ह अह्ह्ह कुट्टी अह्ह्ह्ह ायजा ....

बुड्ढे के बायतो का असर सीधा सुचिता के छूट पैन हो रहा tha....aur तभी उसको क्या होता हैं लता नहीं काम के वासना मैं भड़क रही सुचिता आज क्या हो गया पता नहीं अपनी मर्यादा भूक के आपने कदम टॉयलेट के तरफ बुड्ढे के दिशा के और भेदने लगती hainnn....ufffffff....kya नजारा था ...

बुड्ढे ने आपने आँखे बंद कर लेता hainn....usse नहीं पता था सुचिता उसकी तरफ बढ़ रही हैंण्ण्ण्न....

बुड्ढे का गन्दा बदन उसके ऊपर का मॉल सब सुचिता देख रही थी पर फिर भी सुचिता आपने कदम हलके हलके भिकारी के लुंड को देख चल रही thi...ahhh ये जनम था एक काम देवी का काम के वासना का......

बुद्धा आपने आँखे खोलता hainn...aur आपने सामने अप्सरा को पता हैंन.....

सुचिता उससे देख के मुस्कान देती hainnn......aur दोनों मनो आँखों आँखों मैं बाटे कर रहे थे....

बुद्धा ाअपनी जंघे फैला देता hainnn....aur सुचिता अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह सुचिता ाअपनी सारी ऊपर कर देती hainnn....ufffff क्या सन था..... सुचिता ाअपनी साड़ी कमर तक ऊपर कर देती hainnn....aur और और....... उसके पंतय का स्मेल बुड्ढे को आए जाता hainn....uski गोरी गोरी जंघे देख बुद्धा पागल हो जाता हैंन....

ुह्ह्ह्ह. अह्ह्ह्ह और सुचिता अपनी टंगे खोल के सर्रे पकड़ के उससस काळा

बुड्ढे भिकारी के काळा गंदे जांघो पैन बैठ जाती hainnn....ufffffff.......

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ुह्ह्ह्ह सुचिता बाजु के बाथरूम के पाइप को पकड़ लेती hainnn...ahhhh क्या सन था याररर अह्ह्ह्ह और उसकी मदमस्त गांड बुड्ढे के लुंड को छू जाती hainnn...ahhh एक मिलान मिलान था सुचिता के गांड और लुंड का ...अह्ह्ह्ह सुचिता को बड़ा ऑक्वर्ड लग रहा था उससे यकीं नहीं हो रहा था वोह बुड्ढे के ऊपर आकर बैठ गयी वोह शर्म के मारे आपने आँखे बंद कर लेती हैंन....

बुद्धा भी सुचिता को थोड़ा कम्फर्टेबले फील करने के लिए टाइम देता hainnn...aur हल्का सा मचलता हुवा लुंड गांड पैन घिसने लगता हैं..... सुचिता ुसस्स स्लो घर्षण को फील करने लगती हैंन...

बुद्धा सुचिता की हलकी से पंतय आपने हटो से निचे कर देता hainnn....aur सुचिता भी सपोर्ट करती हैंन बिना बोले .... सुचिता की परमिशन देख बुद्धा सुचिता की पूरी पंतय निकल देता hainnn.....uhhhhh क्या गीली हो चुकी थी सुचिता की पंतय.....

भीआकृ :- अह्हह्ह्ह्ह जान तेरी पंतय तोह बोहत गीली हो गयी अह्ह्ह्ह क्या मदमस्त छूट होगी तेरी ....

सुचिता ये सुन के हलकी सी मुस्कुरा देती हैंन.....

अब्ब्ब्ब बुद्धा टाइम नहीं गौना चाहता था. ..वोह सुचिता को हल्का सा ऊपर करता hainn...aur सुचिता के गीले छूट का छेद ढूंढ़ता हैंन.....

सुचिता अभी भी ऑक्वर्ड थी पर अह्ह्ह्ह आँख बंद करने के वजह से बुड्ढे की हरकते उससे मजा दे रही thi....aur तभी बुद्धा सुचिता के छूट के छेद पैन अपना बड़ा सा लुंड रख देता hainnn....uhhhhhh....

...

सुचिता की छूट आग मरने लगती hainnn...ahhh न जाने कितने दिनों से नहाया नहीं होगा बुद्धा अह्ह्ह उसका लुंड तोह बोहत गन्दा हो चूका था ....

छूट के छेद पैन लुंड टच होते हे सुचिता उछाल जाती hainn....uski छूट झटका देने लगती hainnn....aur देखते हे देखते बुद्धा उसके लुंड का टोपा सुचिता के मदमस्त कड़क छूट मैं घुसा देता हैंन ....

भिकारी :- अह्हह्ह्ह्ह बीटा अहह घबराना मत मुझे पता हैं तुम्हे आदत नहीं होगी अह्ह्ह जणू दर मत jana....tummhe ताकत नहीं होगी इतनी .....अह्ह्ह्ह

सुचिता को समझ नहीं आता बुद्धा समझा रहा हैं या चिड़ा रहा हैं... चैलेंज कर रहा हैं क्या मतलब ताकत नहीं hogi....toh

छूट के हवस मैं सुचिता खुद आपने छूट के ऊपर प्रेशर देती hainnn.....ufffff और आधा सा लुंड सुचिता के छूट मैं घुस जाता hainnn..ahhh क्या सन था एक बुड्ढे भिकारी भिक मांगने वाले बुड्ढे के लुंड मैं सुचिता जैसी मदमस्त औरत की छूट फास चुकी थी ..अह्ह्ह....

उफ्फ्फ्फ़ और सच मैं इतना मोटा लुंड था की सुचिता की चीखठह्ह्ह्ह निकल जाती हैंन....

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Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh fuck.......bc......ahhhhhhhh माहाआशाए

सुचिता के छूट लाल लाल हो जाती hainnn....uske छूट मैं मनो तलवार घुसा दिया ho...ahhhhh....aur सुचिता के आधे मैं हे बुड्ढे का लुंड अटक जाता hainnn...aur बुड्ढे का लुंड फड़फड़ने लगत हैंन....

भिकारी :- अह्हह्ह्ह्ह कुट्टी बोलै था धीरे धीरे ले अह्ह्ह्हह अब क्या करेगी छूट फैट जाएगी पूरी तेरी अह्ह्ह्ह देख कैसा अटक गया अह्ह्ह अह्ह्ह्ह मर अब्ब्ब अह्ह्ह्ह

सच मैं आधे मैं हे सुचिता की हालत ख़राब हो गयी .........कितना मोटा लुंड था.... सुचिता का छेद छोटा पद gaya.....ahhhhh

क्या नजारा था....... बुड्ढे के गॉड मैं बैठे सुचिता का हल देखने लायक था......

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उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ सुचिता की छूट अब्ब्ब्ब और भड़कने लगती hainnn...aur उसकी आएग बुड्ढे के लुंड पैन भी महसूस हो रही thi....aur लुंड का अटकना सुचिता को मजा दे रहा था ... सुचिता की छूट अब्ब्ब तय कर चुकी थी..... ुह्ह्हह्ह बुद्धा भी सुचिता को कास के पकड़ लेता हैं..... सुचिता भी तैयार हो जाती hainnn.......aur .........अह्हह्ह्ह्ह

भिकारी :- अह्ह्ह्हह जणू धीरे से करना मैंने भी 2 साल से नहीं किया हैंन.....

उफ्फ्फ्फ़ भीआकृ का वोह सुचिता के लिए बार बार बोलै गया जणू शब्द वोह भी अलग फीलिंग दे रहा था और सुचिता के छूट को उत्तेजना दे रहा था....

अब्बब्बब बूढ़े का लुंड जोह टोपा सुचिता के अंदर था वोह गरम गरम भाप छोड़ रहा था और सुचिता की छूट भी अनादर पूरी गरम हो चुकी थी और अब्ब्ब इतनी साडी गरमी निकालनी हो तोह एक हे चारा था अह्ह्ह्हह सुचिता उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़....

सुचिता देखती हैं उसका गोरा गोरा बदन कैसे बुड्ढे के गंदे बदन से चिपका हुवा hainnn...aur ये उससे अलग गन्दी फीलिंग दे रहा tha...aur तभी सुचिता अह्ह्ह्हह उत्तेजना के लहर मैंन....

ाअपनी गांड धीरे धीरे निचे दबा देती hainnn...aur बुड्ढे का लुंड अआपने छूट मैं हलके हलके घुसा रही thi.....uffffffffffff...... सुचिता की चींख दबी हुवी थी दर्द तोह बोहत हो रहा था मगर ये तूफान के पहले की शांति थी ..अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह.......

वोह क्या सन था बुड्ढे के बदन पैन सुचिता जैसी हसीना ऊपर से ट्रैन का बाथरूम टॉयलेट पे बुद्धा और उसके लुंड पैन धीरे धीरे आप ने छूट मैं कला बुद्धा लुंड लेती हुवी suchita........ahhhhhhhhh

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Uffffffffffff अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ोुछहहहह fuckkkkkkkkkk.......

ुह्ह्ह्हह्ह जैसे जैसी लुंड अंदर छूट को कप्टा हुवा अंदर घुस रहा था वैसे वैसे सुचिता के चेहरे के भाव बदल रहे थे छूट की गरमी चेहरे पे साफ दिखाई दे रही थी..

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सुचिता :- ुह्ह्हह्हह्ह्ह्ह ouchhhhhhhhhh धीरे अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

बुड्ढे का कला मोटा लुंड सुचिता के छूट को कप्टा हुवा अंदर जा रहा था सुचिता के दोनों आँखों से पानी आआ रहा था और चेहरा पूरा लाल लाल हो चूका था और सांसे तेज हो चुकी थी......

ाअखिर कर बुड्ढे का पूरा मोटा लुंड सुचिता के छूट मैं घुस जाता hainnnn.....aur सुचिता की छूट बुड्ढे के लुंड से लाल लाल हो जाती hainnn.......ufffff बुद्धा आअज पूरा खुश था जैसे लाटरी लग गयी ho.....ahhhh कहा रोज रोज भिक मांगता था और घरेलु औरतो को देख लुंड हिलता था और आअज ास्ज एक हाई क्लास वाइफ उसके लुंड पैन थी ufffffffffffffff

सुचिता :- ouchhhhhhhhhh मास्साआ ahhhhhhhhhhhhh

भिकारी :- अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मेरी कुट्टी ज्यादा मत चिल्ला अभी तोह शुरू हुवा हैं .....अह्ह्ह्हह्हह

सुचिता :- ouchhhhhhhhhh दर्द हो रहा हैं अंदर...

भिकारी :- अह्ह्ह्हह्हह क्या इतनी हे आएग हे तेरे मैं चल शुरू हो जा अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह

सुचिता :- अह्हह्ह्ह्ह आग तोह बोहत hainn...par अह्ह्ह्हह पर अभी दर्द हो रहा हैंन क्या लुंड hainn.....itna बड़ा अह्ह्ह्हह छूट तन दिए मेरी .....

अह्ह्ह्ह सच मैं अंदर सुचिता के छूट का बुरा हल हो रहा था .....मनो अब्ब्ब्ब पूरी फैट हे जाएगी अह्ह्ह्ह पर उसको मजा भी उतना हे अअअअअ रहा था. .अह्हह्ह्ह्ह....

और तभी सुचिता के छूट के अंदर का भूका पैन जग जाता hainn...andar की रंडी उससे कहती हैंन...( अह्ह्ह्हह कुट्टी अब्ब्ब बैठ हे गयी हैं तोह ले पूरा मजा अह्ह्ह्ह चल शुरू हो जा अह्ह्ह भूल गयी क्या तू क्या चीज hainnn....ahhh ये लुंड तोह कुछ भी नहीं तेरे सामने अह्ह्ह चल अह्ह्ह्हह )

छूट की आवाज सुन्नन सुचिता मैं काम वासना की लहर घोड़े की तरह भागने लगती hainnn...aur सुचिता की छूट ऊपर निचे होने लगती हैंन.... बुद्धा चौक जाता hainnn...ki सुचिता सच मैं उसका बड़ा लुंड ले रही थी..... बुद्धा सोच मैं पद जाता हैं ...अह्ह्ह क्या चीज हैंन.... इतने दर्द के बाद तोह रंडियो को भी लेने मैं दर्द होता हैं ..और ये औरत अह्ह्ह्ह क्या माल hainnnnn.ahhhhhhhh

Uffffffffffff अह्हह्ह्ह्ह बुड्ढे का कला लुंड सुचिता के छूट के पानी से पूरा भीग जाता hainnn...ahhhh और सुचिता के छूट से निकला हुवा कला लुंड पूरा चमक उठता hainnn...ahhhhh....

भिकारी :- अह्हह्ह्ह्ह घुसा अह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह कुट्टी अह्ह्ह्हह क्या माल hainn...ahhhh...

सुचिता :- अह्ह्ह्हह ोुछःह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

सुचिता को आपने छूट के अंदर कुछ कम्प रहा हैं ऐसा महसूस होता hainnn..ahhh....kya सन था यारो अह्ह्ह्ह सुचिता खुद बुड्ढे के लुंड पैन बैठ अपनी छूट घुसा रही थी ...अह्ह्ह्ह.... बुड्ढे की हालत अब्ब्ब ख़राब हो रही thi....uska लुंड अह्ह्ह्हह तन के सुचिता के छूट को छोड़ रहा था uffffffffffff.........

अब्बब्बब सुचिता का स्पीड बढ़ जाता hainnn....voh पीछे बुड्ढे के लुंड को देख रही थी की कैसे उसका लुंड उसके छूट मैं घुस रहा hainnn...ahhh....aur बुद्धा आराम से बैठ के सबका मजा ले रहा था ...अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह......

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कला चमचमता हुवा लुंड सुचिता अब्ब्ब बड़ी मुश्किल से आपने आधे छूट तक ले रही थी और बुद्धा भी बैठ के मजा देख रहा था उससे पता था सुचिता लुंड लेगी पर पूरा लेगी या नहीं उसपे डाउट था..... इस्सलिये बुद्धा अभी सुचिता का अंदाज ले रहा था......

अह्ह्ह पर सुचिता कहा रूकने वाली थी उससे अब्ब भिकारी के मोठे लुंड का अंदाज आआ जाता hainn.....akhir वोह भी प्यासी मजी हुवी खिलाडी thi...ahhhh.....uska छूट का और लुंड ले भूक का नशा अब्ब्ब्ब जोर जोर से फनप रहा था.....

ुह्ह्ह्ह सुचिता की गुलाबी छूट अब्ब्ब फैट फैट से बुड्ढे के लुंड पैन नाचने लगती hainnn......chut की हर एक ृहह्ह्ह्ह ृहहहह तक लुंड का स्वाद पोहच जाता hainnn....aur देखते हे देखते बुड्ढे को सुचिता का नशा चढ़ जाता hainnn...ahhhh सुचिता को अब्ब्ब वोह कुट्टी समझने लगाता hainn.....usko यकीं नहीं होता ये कुट्टी उसका लुंड इस्सस तरह ले रही hainnn...ahhhhhhhhh.........

भिकारी :- अह्ह्ह्हह्हह मेरी कुत्त्तीय अह्ह्ह्हह और जोर से अहह निकल ाअपनी पूरी आएग अह्ह्ह कुट्टी अह्ह्ह्हह्हह

अह्ह्ह्ह अपने लिए भिकारी के मुहहह से कुट्टी शब्द बार बार सुन के सच मैं सुचिता कुट्टी जैसी गरम हो जाती hainnn....aur जोर जोर से ाअपनी तानी हुवी गुलाबी छूट लुंड पाई. मरने लगती hainnn.....ahhhhhh

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उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ सुचिता के छोड़ने का स्पीड इतना था की बुड्ढे के ांडे से उसकी गांड लग रही thi....aur पुरे बाथरूम मैं छोड़ने का

फट्ट्ट्ट्ट fatttttttttt फट्ट्ट्ट्ट अह्ह्ह्हह्हह fatttttttttt

का आवाज घूम रहा था बुद्धा अपनी तरफ से कुछ नहीं कर रहा था ुह्ह्ह्ह पर सुचिता का जोश असमं पे था ....

सुचिता :- अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह फ़क finally.....ahhhhh.... फ़क मेईयहहहहहह ोुछहहहहहह अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह

सुचिता आँखे बंद कर लुंड को पूरा फील कर रही थी उसका .....उछलता हुवा मंगल मंगल सूत्र बुड्ढे के साइन पैन गिर रहा tha...ahhh.....uske बल बुड्ढे के मुहहह पैन थे और उसके दोनों बूब्स बुड्ढे के साइन पैन घिस रहे थे.... ुह्ह्हह्ह बुड्ढे की गरम गरम सांसे सुचिता के चेहरे पैन गिर रही थी पर सुचिता आपने मुह्ह ऊपर हे रख रही थी ताकि बुद्धा उससे किस्स्स न करे अह्ह्ह्ह .......

ुह्ह्हह्ह्ह्ह अब्ब्ब्ब सुचिता पुरे जोर पैन थी उसके छूट का पानी बुड्ढे के लुंड पैन साफ आता दिख रहा tha...aur उस पानी से बुड्ढे का लुंड चमक रहा था अह्ह्ह्ह...

बुड्ढे और सुचिता को अह्ह्ह्ह इस खेल को चालू हुवे 25 मिनट्स हो चुके थे और अभी तक सुचिता रूकने का नाम नहीं ले रही thi...ahhhhh....buddhe को यकीं नहीं हो रहा था एक घरेलु औरत ऐसी भी चुद सकती हैंन.....
 
Uffffffffff बुड्ढे को अभी भी विश्वास नहीं हो रहा था अहह सुचिता के बदन की और छूट की खुसबू बुड्ढे के शरीर को उत्तेजना दे रही थी....

सुचिता की गरम गरम सांसे बुड्ढे के छाती और मुझ पैन जेक गिर रही thi.....uhhhhh सुचिता का मंगल सूत्र अभी भी बुड्ढे के काळा बदन पैन घिस रहा tha....aur सुचिता की छूट की आएग अभी भी भड़क रही thi....ahhhhh

अब्ब्ब कुछ वक्त के बाद सुचिता की रफ़्तार थोड़ी धीमी हो रही thin....aur ाआहे भरना और सिसकारियां का आवाज भी काम आने लगा tha....joh देख बुद्धा मुस्कुराते हुवे बोलता हैंन....

भिकारी :- अह्ह्ह्हह्हह कुत्त्तीय क्या हुवा छूट थक गयी क्या तेरी अह्ह्ह्ह बोलललललल

सुचिता :- अह्ह्ह्ह नहीं नहीं ...ahhhh.....ouchhh...

भिकारी:- अह्ह्ह्हह फिर लगा न jor....meri कुट्टी अह्ह्ह्ह janeman.....ahhhhh ......

भिकारी के शब्द सुन्नन सुचिता और उत्तेजित हो जाती hainnn...aur आपने छूट को बुड्ढे के लुंड पैन घुसाने लगती hainnn....ahhhh.... सुचिता का स्पीड तोह बोहत tha...par समझ नहीं आ रहा था बुद्धा झटके क्यू नहीं दे रहा .....ुह्ह्हह्ह्ह्ह

पर जोह बाथरूम मैं चल रहा था वोह देखने लायक था... हहहहहह..... सुचिता आपि छूट का मुह्हह्ह बुड्ढे के लुंड के आधे भाग मैं घुसा रही thi.....iska मतलब सुचिता थक चुकी थी......

Ouchhhhhhhhhh अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह फ़क अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

पर तभी सुचिता बुड्ढे के जांघो पैन अपना गोरा कोमल हैट रख देती hainnn.....aur कुट्टी की तरह छोड़ने लगती hainnnn....ahhhh स्पीड से लग रहा था ये सुचिता का आखरी राउंड hainnn....uhhhhhh.....buddha सुचिता का स्टैमिना देख खुश हो जाता हैंन....

भिकारी :- अह्हह्ह्ह्ह मेरी कुट्टी अह्ह्ह्हह ऐसे हे अह्ह्ह्हह

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ोुछःह ouchhhhhhhhhh फ़क अह्ह्ह्ह बस अह्ह्ह्ह फ़क अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह मायआ ोुछहहहह अह्ह्ह्ह फ़क में अह्ह्ह

ुह्ह्हह्ह क्या गोरा गोरा मातुरे फिगर वाला बदन था क्या माल थी सुचिता जोह भिकारी के बुड्ढे लुंड पैन कूद रही thi...ahhhhh

सुचिता का जोश तोह पूरा था ओर छूट और चेहरा कुछ और बता रहा था ...चीरा साफ कह रहा था सुचिता को कितना दर्द हो रहा hainn...aur अंदर उसकी छूट फटने वाली हैंन....

क्यू की सुचिता मोठे काळा लुंड को पूरा के हे नहीं रही थी बस टोपे से और आधे लुंड से खुश thi....ahhhhh.....par बुद्धा कुछ और हे सोच रहा था अह्ह्ह्हह....

अह्ह्ह्ह गौर से देखा जाये तोह सुचिता के छूट का छेद की चमड़ी पूरी बहार निकल आयी thi....aur छूट के बाजु की पूरी स्किन लाल लाल हो चुकी thi...ahhhhh...aur उसका चेरा साफ बता रहा था की सुचिता अह्ह्ह की बोहत मरी गयी hainnn....uhhhhhhhh

ओह्ह्ह्हह्ह और तभी ....

अचानक से सुचिता का बैलेंस बिघड जाता hainnn...aur उसकी स्पीड थम जाती hainnn....voh बुड्ढे के बदन पैन अपना बदन दाल देती हैंन.....

ुह्ह्हह्ह उसका सीना सीधा जेक भिकारी के साइन से मिलता hainnn....uhhhh भिकारी के छाती के बाल सुचिता के बड़े बड़े बूब्स को चुभते hainnn...ahhh.... सुचिता का मंगल सूत्र बुड्ढे और उसके साइन के बिच डाब जाता hainnn....uhhh सुचिता आपने मुहहह भिकारी के मुह्ह से दूर कर लेती hainnn....ahhhh सुचिता थक चुकी thi...uhhh सुचिता उठने की कोशिश करती hainn...par भिकारी उसके पीठ को दबा देता हैंन.........

सुचिता :- ुह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह जाने दो अब्ब्ब मुझे अह्ह्ह्ह

भिकारी :- क्या कुत्त्तीय जाने दोऊ tujhe....ahhh

सुचिता :- हा ोुछः है.....

भिकारी :- अह्हह्ह्ह्ह ारे मेरी कुट्टी 2 साल से लुंड लुंगी मैं hainn....aur जाने दू तुझे ...अह्ह्ह अभी तोह खेल शुरू हुवा हैंन.....

ये बात सुनके सुचिता के होश उड़द जाते hainnn....uski शट को दर का और तूफान का अंदाजा होता hainn...ahhh गरम छूट को अब्ब्ब ठंडी पद जाती हैंन....

उह्ह्ह सुचिता को आपने बहो मैं भर के भिकारी अपना कड़क हतियार सुचिता के छूट मैं हिलना शुरू कर देता hainnn....uhhhhhh...

सुचिता पूरी बेजान हो जाती hainnn...aur भिकारी के बदन पैन अपना पूरा बदन दाल देती hainnn...ahhhh.....

और तभी भिकारी के सुचिता को बहाओ मैं भर के हलके हलके झटके देना चालू हो जाता hainnn...ahhhhh.....

सुचिता इसके लिए बिलकुल भी तैयार नहीं थी पर भिकारी का यही प्लान tha...ahhh...isss कामदेवी को वोह क्या एक राउंड मैं छोड़ने वाला tha..ahhhh..nahi...ahhh...pura निचोड़ के chodega....ahhhhhhh

ुह्ह्हह्ह और तभी भिकारी अपना सांप सुचिता के पुरे छूट मैं घुसा देता hainnn...ahhhhhh

सुचिता के छूट को पुरे छूट को काटते हुवे वोह धार धार लुंड आखिर तक पोहचता hainnn...ahhh बुड्ढे की गोटिया सुचिता के छूट को टच हो जाती हैंन....

सुचिता की जोर की चीख निकल जाती hainn....joh पुर बाथरूम मैं गूंज उठती हैंन...

Ouchhhhhhhhhh माआआआ छोड़ड़ड़ड़ड़ दोओओओओओ fuckkkkkkkkkk bc.......kahi के..... ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh mccccccccccc

सुचिता के इतनी बड़ी चीख से लग रहा था की उसकी छूट को बोहत नुक्सान हुवा hainnn....aur छूट का और बुरा हल होने वाला हैंन...

बुड्ढे को भी अंदाज था की सुचिता क्या झेल रही हैंन... इस्सलिये वोह आहिस्ता आहिस्ता अब्ब्ब लुंड की स्पीड करता हैं....

और सुचिता के सर को और बल को पकड़ के सहलाने लगता hainnn...aur पीठ को भी सहलाता हैं.... ुह्ह्ह्हह्ह

और तभी सुचिता के छूट से भिकारी का लुंड नाहा लेता hainn....q की सुचिता का काम रास भिकारी के लुंड पैन चमक उठता hainn....uhhhhh क्या दिख रहा था वोह सफ़ेद सफ़ेद रॉस भिकारी के लुंड पैन ......और इसी का फायदा उठा के भिकारी अपनी इन्निंग्स स्टार्ट कर देता हैंन....

ुह्ह्ह्ह सुचिता को आपने बहो मैं जाखड़ के बुद्धा शॉट मरना चालू कर देता hainnn..ahhh....aur धीरे धीरे स्पीड बढ़ा देता hainnn....ahhhhh....ahhhhhh.....ouchhhhh...

अह्ह्ह लुंड पैन छूट का रास होने के कारन सुचिता को थोड़ा आराम फील होता hainnn...ahhhh....par अगला हे शॉट छूट के एकदम अंदर लग जाता hainnn....ahhhhhhh...... fuckkkkkkkkkk अह्हह्ह्ह्ह

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ुह्ह्ह्हह्ह अभी भी पूरा मोटा लुंड जा नहीं रहा था ..पर सुचिता की छूट आअज फटने वाली thi...ahhhhh....chut के आखिर तक लुंड सिर्फ दोऊ बार गया tha...aur ये हल tha...ahhhhhh....

और तभी बुद्धा सुचिता के चेहरे को देख कहता हैंन.

भिकारी :- अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह कुट्टी तैयार हो हआ ...अह्ह्ह्हह

और सुचिता दर जाती hainnn.....aur....aur ...

बुड्ढे का एकदम कड़क शॉट छूट के भीतर पद दे पैन जेक लगता hainnnn....aur बुड्ढे के बदन पैन सुचिता 2फट तक उछाल जाती hainnnn...ahhh....chut से पानी निकल जाता hainnn....ahhhhhh

Ouchhhhhhhhhh mc.....ahhhh fuckkkkkkkkkk अह्ह्ह्ह

बुद्धा अब्ब्ब्ब लुंड को इतने फ़ास्ट थोक रहा था की पुरे बाथरूम मैं....

थकककककककक

Thakkkkkkkkkkkkk

Fattttttttttttttttt.

Fatttttttttttttttt....

केईएएए ाआव्जे आआ रही थी.... तरीन की आवाज कोऊ इस्सस दर्दनाक चुदाई ने दबा दिया था ...ुह्ह्ह्हह्ह....

सुचिता अब्बब्बब कुछ नहीं कर सकती थी कैसे भी कर के उसको इस्सस शैतान को पेलना tha...ahhhh....aur झेलना भी था ...uhhhhhhhhhhhhhhhh

अगले हे पल सुचिता के तरफ से हल्का सा रिस्पांस मिलता hainnnnn.....ahhhhhh......

बुद्धा अब्ब्ब्ब रोकने का नाम नहीं ले रहा था ... सुचिता की छूट भी अह्ह्ह्ह सब दर्द को सेहहहह रही थी.... सुचिता का मुहहह भिकारी के कंधे पैन tha...ahhh....aur सुचिता ाआहे भर रही थी ....ुह्ह्ह्हह्ह्ह्ह......

और तभी कुछ कड़क कड़क शॉट्स का आवाज चारो तरफ गूंजने लगता हैंन ... ुह्ह्हह्ह और तभी सुचिता के गांड को दर्द होता hainnn....ahhhh....

शॉट छूट मैं लग रहे थे और दर्द गांड मैं हो रहा tha....uhhhhh पर ऐसा लग रहा था सुचिता की नंगी गुलाबी छूट अह्ह्ह्ह छोड़ने मैं सपोर्ट कर रही thi...ahhhhh सुचिता को भी अब्ब्ब होश आयने लगा था ...ुह्ह्हह्ह सुचिता अब्ब्ब्ब अआपने गांड को हिला रही thi....uhhhhh....

और तभी सुचिता के छूट से हल्का सा मुत्तत निकल जाता hainnn...joh भिकारी के लुंड को भिगो देता hainnn...ahhhhh और तभी सुचिता के गांड से भी अह्ह्ह्ह पानी की धार निकलने लगती hainnn....uhhhh लुंड ने सुचिता के छूट के अंदर मुत्तत को रुख रखा tha...uhhhh....

लुंड का कड़क शॉट गांड को भी दर्द दे रहा था....

और तभी सुचिता अआपने हैट को पीछे ले जाती hainnn...aur गांड के होल पैन अह्ह्ह्ह गांड के छेद पैन अपनी एक ऊँगली दबा देती hainnn...ahhhh....aur दर्द से चिल्लाने लगती हैंन.....

अह्हह्ह्ह्ह मादरचोद अह्ह्ह्हह fuckkkkkkkkkk ahhhhhhhhhh ouchhhhhhhhhh अह्ह्ह्हह्हह फ़क.....

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ोुछहहहह क्या सन था yaro....ahhhhh.... सुचिता का दर्द सिर्फ सुचिता हे जानती thi....ahhh छूट का तड़का गांड को भी दर्द दे रहा tha...ahhhhh.....

और गांड का दर्द काम करने के लिए पीछे गयी हुवी ऊँगली को कब सुचिता गांड के छेद मैं दाल देती hainnn...yeeee उसको भी नहीं समझ आटा अह्ह्ह्हह....

बुद्धा ये देख के पागल हो जाता hainnn...ahhh.....aur सुचिता भी शर्मा जाती hainnn....uhhhh..... सुचिता की मुस्कान देख बुद्धा कहता हैंन...

भिकारी :- अह्ह्ह्हह तू तोह बोहत बड़ी कुत्त्तीय निकली भेनचोद अह्ह्ह्हह गली भी दे दीदी ोुछःह अह्ह्ह्हह इतना गरम हैं तोह चुद न अह्हह्ह्ह्ह....

सुचिता :- अह्ह्ह्ह चुद हे तोह रही हु. अह्हह्ह्ह्ह.....

और तभी सुचिता का ये रूप देख भिकारी उत्तेजना मैं और ठोकने लगता hainnnn..ahhh.... सुचिता भी अब्ब्ब उठ के सपोर्ट करती हैंन...

दोनों की सिसकारियां एक हो जाती hainnn....dono एक दूसरे मैं घुल जाते hainnnn....aur बुद्धा आपने इन्निंग्स का फाइनल ओवर खेलने मैं लग जाता hainnn...aur अह्ह्ह्हह क्या स्पीड से पेलना चल कर देता हैंण्ण्न....

भिकारी :- अह्हह्ह्ह्ह कुट्टी छोड़ड़ड़ड़ अह्ह्ह्ह कुत्तिया अह्ह्ह्हह behanchod...ahhhhhhh

सुचिता :- अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह फ़क अह्हह्ह्ह्ह fuckkkkkkkkkk में अह्हह्ह्ह्ह छुम इनसाइड में अह्हह्ह्ह्ह fuckkkkkkkkkk

.....

अह्ह्ह्हह िण्णं आवाजों मैं घमासान चुदाई का आवाज गूंजने लगता हैंन....

और भिकारी आपने फाइनल स्ट्रोक सुचिता के छूट को अह्ह्ह्ह हिला के और अआपने तलवार से काट के देता hainnnn....ahhhh ुसस्स स्ट्रोक के साथ सुचिता और भिकारी दोनों का माल एक दूसरे से मील जाता hainnn....uhhhhhh...

क्या मिलान था .......अह्ह्ह्हह्हह.....

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ुह्ह्हह्ह दोनों का काम रास एकदूसरे के साथ मील जाता हैं ुह्ह्हह्हह्ह्ह्ह

सुचिता के छूट के अंदर तक बुड्ढे का गधा माल पोहचता hainnn..ahhhh.....

एक घरेलु सिक्योरिटी अफसर अफसर के सुशिल पति के छूट के अंदर प्लेटफार्म पैन भिक मांगने वाले 75 साल के भिकारी बुड्ढे का गधा माल अह्ह्ह अंदर तक बेहटा जाता हैंन...

उह्ह्ह सुचिता का गरम गरम माल लुंड से बेहहह के भिकारी के गोटियों को भीगा देता hainnn....ahhhhh

....

बूढ़ा टॉयलेट पैन पूरा लेट जाता hainnn...uhhh...aur सुचिता को देख मुस्कुराते हुवे आँखों से कुछ कहता हैंन ...

अह्ह्ह सुचिता के एक्सप्रेशन बता रहे थे की उसको क्या फील हो रहा hainnnnn......ahhhh.....

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अह्ह्ह्ह जोह एन्ड मैं पूरी माल की पिचकारी निकलने की जोह मुस्कान थी वोह थी संतुष्टि वोह था सटिस्फैक्शन जोह उसको आज भिकारी से मिला था ..जिस के लिए वोह तड़प रही थी....

अह्ह्ह्ह सुचिता आपने पूरा बदन बुड्ढे के बदन पैन दाल देती hainnn....uhhhhhh....aur बुद्धा उससे बहो मैं भर लेता हैंन ...

दोनों की गरम गरम सांसे एकदूसरे के मुहहह पैन गिरने लगती हैंन ...

.

एक बार फिर सुचिता का गोल्डन मंगल सूत्र बुड्ढे के और उसके बूब्स मैं घिस जाता हैंन.....

..

तरीन के आवाज मैं ये तूफान शांत हो जाता hainnn...aur ठंडी ठंडी हवा मैं गंदे से टॉयलेट के अंदर दोनों एक दूसरे को गर्मी देते हुवे बहो मैं लिपट जाते hainnn....ahhhh सुचिता की कमर तक के साड़ी अब्ब्ब दिल्ली हो जाती हैंण्ण्न.....

और हफ्ते हफ्ते भिकारी की काली मोती ऊँगली सुचिता के गांड के छेद को टटोलने लगती हैंण्ण्न.........

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh...................

EPISODE 03 एंड EPISODE 04 एंडेड

तो बे कॉन्टिनोएड......

कीप सपोर्टिंग..........

स्टे सेफ.............................
 
डिअर रीडर्स........

हेरे इस थे episode नंबर 05

सॉरी फॉर लेट उपदटेस.......( ऑफिस चालू होने के बाद टाइम इशू हो रहा हैं ) बूत जब वक्त मिले तब अपडेट का काम करता हु

नोट :-

स्टार्टिंग मैं कहा था सफर सीरीज मैं 5 episode रहेंगे बूत अभी चेंज हुवा हैं.....

टोटल episode रहेंगे :- 10

6 episode (सुचिता)

4 episode (नम्रता)

कीप सपोर्टिंग...

स्टे सेफ........
 
सफर :- EPISODE NO ो5.

एकदम से काली रात मैं एक्सप्रेस अपनी पूरी स्पीड से दौड़ रही थी सर्दी के ुन्नन रातो मैं काफी शांत कल रत मैं सोये हुवे गाओं गुजर रहे थे बदन को ठण्ड करदे ऐसे ठंडी मैं ुसस्स ट्रैन के एक टॉयलेट मैं गर्मी की कमी नहीं थी.........

टॉयलेट के खिड़की से जोह ठण्ड आए रही थी वोह भी टॉयलेट मैं आके गरम हो रही थी और इसकी वजह थी एक बदबूदार काळा बुड्ढे भिकारी और एक हाई क्लास औरत का मिलान जोह सभी सीमाएं पर कर के एक लैंगिक रिश्ता बना चूका था ....

सुचिता के छूट से निकला पानी बुड्ढे के लुंड पैन गर्मी दे रहा था ........बुड्ढे के झटको से न न न बुड्ढे के असाधारण झटको से थकी हुई सुचिता बुड्ढे के बदन पे न चाहते हुवी भी अपना चेरा टिका के लेट गयी thi.....buddhe ने सुचिता को अपनी काली बहो मैं भर लिया था.....

सुचिता को आपने छूट से मॉल निकलता हुवा महसूस हो रहा था उसका पानी अभी अभी बूँद बूँद कर के निकल रहा था ...

बुड्ढे को होश था वोह सुचिता की हालत देख रहा था और सुचिता के बदन को गहराई से देख रहा था. ..

बुद्धा भिकारी सुचिता को बहो में भर कुछ सोच रहा था...

( अह्ह्ह्ह मादरचोद क्या चुदाई हुवी हे आअज अह्ह्ह्ह इस्सस मेमसाहब को ऐसा छोड़ के मेरे बरसो से शांत पड़े लुंड ने अह्ह्ह्ह मुझे रंडियो की याद दिलाई अह्ह्ह्ह रंडिया भी सेहहह नहीं सकती थी मेरा लुंड पर इस्सस अह्ह्ह्ह एक घरेलु औरत ने ले लिया क्या औरत हे yar...ahh मजा आयेगा...............)

और बुद्धा सुचिता को टटोलने लगता हैं उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ क्या चूचिया हैंन इस्सस रंडी की अह्ह्ह्ह ब्लाउज कितना टाइट था इसका अह्ह्ह्हह और ये कमर अह्ह्ह्ह saaali....ahhh क्या छूट हैं. अभी अभी साड़ी के अंदर से पानी छोड़ रही hainnn....ahhh साली साड़ी ऊपर कर के चुद रही thi....kash पूरा नंगा कर पता इस्सस घरेलु माल ko....ahhhhh

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ुह्ह्ह्ह .......आइटम हैं यार अह्ह्ह्ह क्या माल लगा हे मेरे हटो मैं अह्ह्ह हटो मैं नहीं ये तोह बहो मैं हैं.....

ुह्ह्ह्ह इसकी चूचियों का गोरा पैन और गरम गरम लहू मेरे बदन को तड़पा रहा हैं गरम कर रहा हैं..... ुह्ह्हह्ह इसकी मुलायम चूचिया मेरे बदन पे घिस के मुझे उत्साहित कर रही हैंन..... .

और तभी बुद्धा सुचिता के बड़े बड़े ायमो को देखने लगता hain....aur उन्हें देख आपने हटो को ुन्नन चूचियों के ऊपर ले जाता hainnnn.....aur हलके हटो से सुचिता की बड़े बड़े आम दबाने लगता hainnn....ahhhhhh.....

सुचिता मनो पूरी बेहोश होक बुड्ढे के बदन पे गिरी हुवी थी पर बुड्ढे की उंगलियों को वोह आपने चूचियों पे महसूस कर प् रही थी और उंगलियों से उसके बूब्स मैं करंट दौड़ रहा था .....

अह्ह्ह्ह बुद्धा अब्ब्ब्ब काली उंगलियों से सुचिता का ढूढ़ को नोचने लगता hainnn......uska उत्साहहह और बढ़ रहा था उत्त्तेजना की दूसरी लहर उसके लुंड से दौड़ रही thi....aur कमोड पे बैठे दोनों को ुसस्स उत्तेजना का शिकार होना था ....क्यू की दोनों का एक हे मकसद था अह्ह्ह इस्सस भयानक उत्तेजना की लहर को पूरा शांत करना ...और इसके लिए बुद्धा भिकारी कुछ भी कर सकता था.........

सुचिता :- ोुछहहहह धीरे अह्ह्ह धीरे थक चुकी हु...

भिकारी :- अह्ह्ह्हह है जान ऐसे हे कर रहा हु....

सुचिता :- अह्ह्ह्ह तोह धीरे karo...ahhhh....

ऐसा लग रहा था बोहत काम समय में सुचिता और भिकारी कनेक्ट हो चुके थे बदन से तोह थे हे मगर फीलिंग से भी....

पर बुद्धा अब्ब्ब्ब भूके की तरह ायमो को नोचने लगता हैंन....

जिससे मैं सुचिता का दर्द बढ़ जाता hainn....aur वोह लेते लेते सिसकारियां भरने लगती हैंन...

सुचिता :- ोुछःह मा ोुछःह धीरे अह्ह्ह्ह ouchhhhhhhhhh

सुचिता की बड़ी बड़ी चूचियों को बड़े नजाकत से मसला जा रहा था बुड्ढे के उंगलियों से उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़

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अह्ह्ह्ह हुवा नहीं क्या अह्ह्ह्हह बस्स्स जाना हे मुझे ....अह्ह्ह ोुछः

भिकारी :- अह्ह्ह्ह तेरी जैसी औरत रोज नहीं मिलती बीटा अह्ह्ह्हह बोहत माल हो तुम अह्ह्ह्ह

सुचिता :- अह्ह्ह्हह जाने दो अब्ब मुझे. .

भिकारी :- नाम क्या हे tera....jaan ... अह्ह्ह्हह

सुचिता :- सुचिता hain...ahhhhh

भिकारी :- अह्ह्ह्ह मेरी सुचिता जाएं अगर तुजे जाना होता तोह मेरे बदन पे न लेती होती.....

सुचिता :- अह्ह्ह ऐसा कुछ नहीं .....

भिकारी :- अह्ह्ह्ह मेरी सुचिता रानी तोह ये सिसकारियां क्यू भर रही hainn.....ahhhh मजा ले न तू सुचिता अह्ह्ह्ह

सुचिता :- अह्ह्ह्हह ouchhhhhhhhhhhh

और तभी बुद्धा सुचिता के बड़े बड़े रसीले ायमो पे ाअपनी जुबान को रख देता हैंन....

सुचिता :- अह्ह्ह्हह ोुछहहहहहहह अह्ह्ह्हह्हह

और सुचिता के रेड रेड पिंक कलर के निप्पल पैन आपने कला मुहहह रगड़ने लगता hainnn....aur एके गुलाबी निप्पल को आपने जबान से सहलाने लगता हैं.....

सुचिता :- अह्हह्ह्ह्ह मा तुम तोह फिर से चालू हो गए अह्हह्ह्ह्ह ोुछहहहहह...

भिकारी :- तू भी तोह चालू हो गयी सुचिता janu...ahhhh

सुचिता :- ोुछःह जणू मत कहो मुझे.

भिकारी :- तोह क्या कहु मेरी एक दीं की रानी तुझे.......

सुचिता :- अह्ह्ह्ह कुछ मत कहो.....

भिकारी :- अह्ह्ह्ह तोह मजा कैसे आएगा raani....ahh

. सुचिता :- अह्ह्ह्ह पता नहीं......

भिकारी :- बोलने दे फिर मुझे जणू रानी और मेरी मुह्ह बोली रंडी..... अह्हह्ह्ह्ह...

सुचिता :- नहीं कुछ नहीं अह्ह्ह्हह....

भिकारी :- बोलने दे na....ahhhh

सुचिता :- nahiiiiii.......ahhhhhh

और िस्स्सस्स बातो मैं दोनों की सांसे बढ़ रही थी बातो बातो में कण बुद्धा सुचिता के ायमो को चूसने लगा था पता हे नहीं चला और कब सुचिता उसको सपोर्ट करने लगी पता नहीं चला.............

भिकारी :- बोलने दे वार्ना....

सुचिता :- अह्ह्ह्ह वार्ना क्या .....

बुड्ढे को तभी सुचिता के कासी हुवी गांड का छेद मिल जाता hainn....aur उसके आजु बाजु वोह हाट घूमने लगता hainn.....aur सुचिता के गरम गरम गांड को दबाने लगता हैंन...

भिकारी :- वार्ना और तड़पेगी तू जणू......

सुचिता :- अह्ह्ह्ह कैसे ....

भिकारी :- अह्ह्ह्हह ये देख ऐसे .....

और तभी भिकारी अह्ह्ह्ह सुचिता के बड़े गांड के छोटे छेद मैं ाअपनी काली मोती ऊँगली को थुश देता hainnn.....aur बिना लुब्रीकेंट या थूक के बिना वोह ऊँगली सुचिता के गांड मैं पूरा दर्द करती हैं....

सुचिता की गांड दर्द से मचल उठ जाती hainnn...dard की लहर गांड के अंदर तक जाती hainnn......aur अलग अनुभव दे जाती हैंन

गांड के दर्द से सुचिता चीख उठती हैं....

Ouchhhhhhhhhh हरामी भिकारी ahhhhhhhhhhh ouchhhhhhhhhhhh बहार निकल....

आधी गयी हुवी ऊँगली भिकारी सुचिता के गांड मैं और थुश देता हैंन .....

Ouchhhhhhhhhh बक्कक्कक्कक्स अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

भिकारी :- बोल. बोलने देगी.....

सुचिता :- अह्ह्ह्हह क्या......

भिकारी :- rani.....janu..... Randi....ahhh maal....bajaru...

.

सुचिता :- अह्ह्ह्हह है पर ऊँगली को निकल ....

भिकारी :- हां हआ....

और भिकारी झट से ऊँगली को निकल देता हैंन......

सुचिता चैन की सास लेती hainnn....par ज्यादा देर नहीं........

तभी बुद्धा और जोर से सुचिता के गांड में ऊँगली को घुसा देता हैंन.......

और एक हे आवाज सुचिता के मुहहह से निकलती हैं...

हरामी बुड्ढे bccccc.........nikal अह्ह्ह्हह ोुछहहह दर्द हो रहा हैं.... ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

भिकारी :- अह्ह्ह्हह निकल चैनल तेरे मुहहह से अह्ह्ह्ह हो जा मेरे साथ अह्ह्ह्हह nalayak....ahhhhhh बन जा मेरी रंडी.... अह्ह्ह्ह

.....

उफ्फ्फ्फ़ तोह ये बुड्ढे का प्लान था सुचिता के अंदर के भड़ास को निकलने का एक रंडी को निकलने का जिस मैं वोह सफल होता दिख रहा था ....

और अब्ब्ब सन कुछ ऐसा था .......

अह्ह्ह्हह ouchhhhh......ahhhh.....

बुद्धा तेजी से ायमो को मुहहह से निचोड़ रहा था ...और एक हैट से ऊँगली को गांडू सुचिता के अंदर दाल रहा था.

.

ुह्ह्ह्ह गांड की ऊँगली अपना स्पीड पकड़ रही thi....aur सुचिता की सिस्क्रिया आसमान को छू रही thi....uhhhh.....kya सन था अह्हह्ह्ह्ह

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ुह्ह्ह्ह क्या नसीब था बुड्ढे का अह्ह्ह्हह सुचिता जैसे औरत के बड़े बड़े अह्ह्ह आजम मुहहह मैं और ऊँगली गांड मैं ुह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह ोुछहहह

बुड्ढे की काली काली उंगलिया सुचिता के गांड मैं दर्द कर रही थी ...और सुचिता की गांड भी बुड्ढे की उंगलियों से उछाल रही थी और मचल रही थी....

अहह जिंदगी मैं पहली बार सुचिता के गांड को किसी अनजान पर्सन ने ऐसे छेड़ा था ...और पहली बार मैं हे सुचिता के गांड मैं करंट दौड़ने लगा tha....aur बुड्ढे की काली मदमस्त गन्दी ऊँगली सुचिता के छेद मैं घूम रही थी.......

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh ouchhhhhhhhhhhhhhhh

भिकारी :- क्या गांड हैं यार तेरी मेरी रानी.... पति मरता नहीं लगता hainnn......ah

सुचिता :- ऐसा कुछ नहीं अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह धीरी

और भिकारी माहौल देख के सुचिता के मदमस्त गांड में अपनी दो बड़ी बड़ी उंगलियों को रोड देता हैं और गांड के छेद में अपनी उंगलियों को गोल गोल घूमने लगता हैं......

Ouchhhhhhhhhh बुड्ढे ahhhhhhhhhhhhh bc......ahhhhhhhhhhhhhhhhh ऊँगली nikalo.....ahhhhhhhhhhhhhhh दर्द हो रहा hain.......buddhe ......ऊँगली निकल.....

भिकारी :- अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह जणू तू दर्द मैं हे मस्त लग रही हैंण्ण्ण्न............

रात के अब्बब्बब तीन बज चुके थे और बुद्धा अब्ब्ब जल्दबाज़ी कर रहा था क्यू की आगे अब्ब्ब बड़ा स्टेशन आयने वाला था उसके पास काम से काम 1 घंटा था सुचिता को पूरा चूसने के लिए लेकिन सवाल ये था की इतनी घमासान चुदाई के बाद सुचिता ुसस्स हल में थी की और राउंड खेल सके..... लेकिन बुद्धा पूरी कोशिश करने वाला था इस्सस माल को चूसने की और मसलने की ....

भिकारी :- अह्ह्ह्हह ये बस मक क्या करती हैं तू क्या हे ईई.....

सुचिता :- अह्ह्ह्हह गालिया हैं ये ....

भिकारी :- लगता हैं तुम आमिर औरते ऐसे गालिया देती हो . मतलब क्या हैं इसका....

सुचिता :- अह्ह्ह्ह बस मतलब bhenchod.....aur मक मतलब madarchod.....ahhhhh.....

भिकारी :- अह्हह्ह्ह्ह साली तू इतनी देर से मुझे ये गालिया दे रही थी ........गांडू कही की.....

सुचिता :- अह्हह्ह्ह्ह ha.....ahhhhhhh आउच धीरे न...

बुड्ढे का जोश ये सुन्नन बढ़ जाता hainn....aur वोह सुचिता के गांड मैं अपनी दोनों उंगलियों को बेरहमी से अंदर बहार करने लगता hainn....aur घुसाने लगता हैंन.......

अह्ह्ह्हह थकी हुवी शुचि का गोरा गोरा बदन भिकारी के काळा छाती पैन घिसने लगता hainnn....aur बुद्धा सुचिता को पूरा बहो मैं भर के गांड को रौदने लगता हैंन.......

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गांड के दर्द से सुचिता के चिके निकल पड़ती hainnn..m

सुचिता :- fuckkkkkkkkkk yar................kya कर रहे हो ouchhhhhhhhhhhh ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh ahhhhhhhhhhhh

भिकारी :- अह्ह्ह्हह्हह जणू ायजा नखरे मत कर बोहत काम टाइम hainn....ahhhhh.....aage बड़ा स्टेशन आएगा तोह कोई न कोई बाथरूम के लिए आएगा और ट्रैन भी रखेगी ....ahhh.....tere परिवार से कोई भी उठ सकता hainnn....ahhhhhh.........

सुचिता :- क्या चाहिए तुम्हे सब तोह हो गया hainnnn...ahhhh...

भिकारी :- तेरी जैसी औरत फिर से मेरे नसीब में नहीं aayegi.....ahhhhh....toh मेहः तुझे चूस के खाना चाहता हु ....अह्ह्ह्हह.....

सुचिता :- अह्ह्ह्हह्हह आउच चूस के खाना मतलब क्या करना चाहते हूऊऊ.......

( और सुचिता थोड़ी मुस्कुराती हैं....)

भिकारी :- मतलब तुझे बोहत दर्द देना छठा हु ....एक यादगार दर्द मेरी रानी.........

सुचिता :- अह्ह्ह्हह देखो मैं कुछ नहीं कर सकती abbbb.....aur वोह ऊँगली निकल दो मुझे अब्ब जाना hoga....ahhhhh

भिकारी :- जा मेरी रानी लेकिन मेरे लुंड को सुलाके....

सुचिता :- और नहीं गयी तोह.....

भिकारी :- देख ुसस्स कोने मैं तेरा ब्रा कैसे फाड् के रख दिया हैं.............

सुचिता :- toh......main ब्लाउज पहन लुंगी.....

भिकारी :- अगर मैंने तेरे ब्लाउज को खिड़की के बाहर फेक दिया तोह नंगी जाएगी क्या तू बहार .........

सुचिता :- अह्ह्ह्हह्हह नाहीईई .....

भिकारी :- अह्ह्ह्हह जणू नंगी से यद् aaya......chal ....ahhh.....nangi हो abbb....ahhhhhh....

सुचिता :- ये नहीं हो सकता कुछ भी मत कहो........

भिकारी :- साली कैसे नहीं हो सकता .....तू चुद सकती hainn....toh नंगी क्यू नहीं हो सकती chal.....chal हो जा.....

सुचिता :- अह्हह्ह्ह्ह नहीं nahii...mm

भिकारी :- नहीं तोह में करूँगा तुझे nangi....ahhhhh...janu......

और सुचिता को खुद के लिए बार बार नंगी और जणू वैगेरा सुन के खुद के ऊपर शर्म आने लगती hainnn...aur सुचिता का बदन करंट से उछाल जाता हैंन.....

सुचिता बुड्ढे को देख एक गन्दी से हवस वाली स्माइल देती hainnn.....ahhh.... सुचिता को भी पता tha...abb....usse जाना होगा.... तोह इस्सस भिकारी से जल्द से जल्द पीछा छुड़ाना hainnn....ahhhh.... सुचिता अब्ब्ब भिकारी को जोह चाइये वोह देने के लिए और यहाँ से निकलने के लिए तैयार thi...ahhhh.....

और सुचिता बुड्ढे के बदन से उठ जाती hainnnn....aur बुड्ढे के सामने आपन ऊपर का नंगा बदन लेके कड़ी हो जाती हैंन ....

बुड्ढे का लोहा सुचिता को देख गरम हो जाता hainnn...aur सुचिता के बदन को सलामी देने लगता hainnn..ahhhhhh.

सुचिता को भी बुड्ढे का उछला हुवा कला लुंड अलग फीलिंग देता हैंन.....

भिकारी :- अह्हह्ह्ह्ह साली उतर दे तेरी साड़ी निचे से हो जा nangi....ahhhhhhh

सुचिता :- अह्हह्ह्ह्ह बुड्ढे जरा सबर रख ....

भिकारी :- अह्हह्ह्ह्ह आज पहली बार कोई घरेलु ाचे घर की औरत ऐसे रंडी जैसे नंगी होगी सामने तोह सबर कैसे होगा रंडी ....रानी.....

सुचिता :- अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह

सुचिता का बदन अब्ब्ब आपने अंदर हवस के आग को जला न चालू कर रहा था सुचिता क्या पता अपना कण्ट्रोल खो रही थी

इतने घमसान छूट फाड् चुदाई के बाद भी उसकी छूट गर्म हो रही थी ...

.

उसको आपने ऊपर की शर्म अब बेशर्मी मैं तब्दील होक सच मैं रंडी फीलिंग दे रही thi....aur खुद के लिए रंडी सुनना उसको अह्ह्ह तापा रहा था. ..

सुचिता मन मैं ....

..

( अह्ह्ह्हह संजय देखो तुम्हारे वजह से मैं अहह क्या कर रही ho....ahh....ye भिकारी मुझे प्यार दे रहा hainn...aur में ले रही hu...ahhh....aisa लग रहा hainn...ye पल ऐसे हे चलते रहे अह्ह्ह आज इतने दिनों बाद मेरे छूट को शांति मिली hainn....lekin....main बेशर्मो की तरह इस्सस काळा भिकारी के लुंड को देखे जा रही हु ...ahhhh....meri छूट आपने मुहहह से फिरसे पानी टपका रही hainnn...ahhhh....)

भिकारी :- अह्हह्ह्ह्ह जणू क्या huva....khol तेरा nada....ahhhhhh पेटीकोट ka...ahhhh...

सुचिता अह्ह्ह्ह भिकारी को एकदम हवस वाली स्माइल देती hainnn....aur कहती हैंन...

सुचिता :- अह्हह्ह्ह्ह बुड्ढे तैयार हो जा तेरे लुंड का पानी निकलने के लिए अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह

और सुचिता बुड्ढे के सामने आपने आजम लेके झुक जाती hainnn....aur एक सेक्सी वाला एक्सप्रेशन देती hainnn....aur

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बुद्धा झुके हुवे आजम देख आपने लुंड हिलने लगता हैंन.......

ुह्ह्ह्ह सुचिता के झुके हुवे आजम देख बुद्धा तड़प जाता hainnn....ahhhhh....aur लुंड को देखने लगता हैंन......

सुचिता भी बुड्ढे के लुंड को देखती hainn....ahh बुड्ढे का कला लुंड धीरे धीरे कड़क हो रहा था और सुचिता वोह देख आपने बदन को हिला रही थी और बुड्ढे के मुह्ह के एकदम सामने आपने बूब्स को ले जा रही थी........

भिकारी :- अह्हह्ह्ह्ह साली तड़पा मत हो जा जल्दी nangi.....ahhhhhh....

सुचिता बुड्ढे के सामने अआपने साड़ी को निचे कर देती hainn.....aur भिकारी को सुचिता का वाइट पेटीकोट दिखने लगता hainnn.....uhhhh...

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अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ऐसे किसी अनजान भिकारी के सामने एक्सपोज्ड होते हुवे और उसके लिए स्ट्राइपिंग करते हुवे सुचिता को बोहत मजा आआ रहा था उसका बदन मनो तैयार था उसके लिए अह्ह्ह्ह और बुद्धा भी सुचिता को ऐसा देख तड़प रहा था ..

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भिकारी :- अह्ह्ह्हह जणू क्या दूध जैसा गोरा रंग hainn....tera ....ahhh....maja आए रहा hainnn....m

सुचिता को बुड्ढे की बाते एक अलग मजा दे रही thi....uhhh.....uski आएग तड़पने के लिए वोह बाट मदत कर रही thi......aur तभी ऊपर से नंगी सुचिता का पेटीकोट का नाडा खुल जाता हैंन......

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और हलके हलके बालो के दर्शन बुड्ढे को हो जाते hainn....ahhh.....aur सुचिता की सांसे पेटीकोट निचे करते वक्त ऊपर निचे हो जाती hainnn....ahhh...usko इस्सस खेल मैं मजा आए रहा tha.....aisa तड़पना उससे अच्छा लग रहा था .....अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह......

बुद्धा अब्ब्ब पुरे जोश मैं आए रहा था उससे लग रहा था अभी सुचिता को इस्सस बाथरूम के फर्श पे लिटा के रंडी की तरह चोदे ahhhh...par भिकारी सुचिता की तड़पने की आग लगने की राह देख रहा था .......

आओर आपने लुंड को जिंदगी के सबसे बड़े जुंग के लिए तैयार कर रहा था ......अह्ह्ह्ह....

भिकारी :- अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह साली जल्दी निकल यहाँ हालत ख़राब हो रही hainn....ahh....aankhe तरस रहे hainn....tere छूट के दीदार के लिए.... muhhhh....ahhhh...

और तभी सुचिता की चिकनी गीली कोमल छूट पेटीकोट से दिखने लगती हैंन......

और दोनों के गरम गरम साँसे उससस छूट को देख के अह्ह्ह्ह सिसकारियों में तब्दील हो जाते हैंन.........

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भिकारी :- अह्हह्ह्ह्ह मादरचोद क्या छूट हैं तेरी अह्ह्ह्ह आमिर औरतो की ऐसी छूट होती hainnn...ahhh एकदम कड़क अह्ह्ह्ह लाइन mainn....ouchhhhhh sali......ahhhhhh.....randi ....उतर दे नंगी हो जा पूरी अह्ह्ह्हह....... bhenchod.....ahhhhh

इतनी गालिया आपने लिए सुन के सुचिता मचल जाती hainnn....uski छूट मैं भयानक ाआग भड़क जाती hainn....aur छूट की आएग मुह्ह मैं आके कहती हैंन....

.

सुचिता :- अह्हह्ह्ह्ह तोह देख न हरामी बुड्ढे अह्ह्ह्ह तेरे लिए नंगी हो गयी हु..... सेल अह्ह्ह्हह्हह......

सुचिता के मुह्ह से गालिया सुन बुद्धा और तड़प जाता hainn...ahhhhh.....

भिकारी :- अह्हह्ह्ह्ह साली क्या बदन दिखा रही hainnn....randi रंडी ..जन्नत hainnn...tu....uhhhh...

सुचिता :- अह्ह्ह्हह बस हुवा अब्ब्ब हो गई नंगी अब्ब जाने दो...

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

भिकारी :- अह्ह्ह्हह्हह जणू ऐसे नहीं ahhhhh.....pata hainn....mujhe तुझ मैं आग लगी hainnn.....abbb मिटा के ja....mere इस्सस गरीब लुंड से अह्ह्ह्हह. ...

सुचिता :- अह्हह्ह्ह्ह बुड्ढे बोहत हरामी hainn....tu...ahhh....sab खेला तूने मुझ से सेल ahhhh....par अब्ब्ब मजा आए रहा हैंन....

भिकारी :- tohhh....aana साली और मजा करते hainnn....meri jaaan.....ahhhhh....

सुचिता :- अह्ह्ह्हह्हह सिर्फ एक आधा घंटा hainn....tere pass....Hhhhhh..... अह्हह्ह्ह्ह......

भिकारी :- अह्हह्ह्ह्ह पता था मुझे बोहत आग hain....tujh में sali....ahhhh.....aaaja.......

सुचिता बिना कुछ सोचे बूढ़े के तरफ आपने अब्ब पूरा नंगा बदन लेके जाती hainn....uhhhh.....aur बुड्ढे का कड़क कला लुंड देख मुस्कुराते huve....ahhh...ahhhh बोलती हैंन.....

सुचिता :- अह्ह्ह्हह आधे घंटे के लिए मैं तुम्हारी बुड्ढे.... अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह....

भिकारी सुचिता को पकड़ लेता hainn....aur उसके गांड को अआपने मुह्ह के तरफ कर देता hainnn...ahhh..... सुचिता को समझता नहीं बुद्धा क्या करना छठा hainn...ahhh...

और सुचिता को आगे मोड़ के उसके गांड को आपने जांघो पैन बिठा लेता hainnn....aur ....अह्ह्ह्हह सुचिता बैठ जाती हैंन.....

भिकारी :- अह्ह्ह्हह तैयार हो जा साली आखरी पालो के liye....ahhh

सुचिता :- उम्म्म्म तैयार hu...ahhhh......

अह्ह्ह्हह सुचिता कोऊ आपने गोरी गोरी गांड पैन भिकारी के खत के बल चुभने लगते hainnn....ahhh....aur वोह भी सुचिता को कामुक लगता हैंन...

अह्ह्ह्हह एक आमिर आमिर हाउसवाइफ आपने जांघ पिन गांड टिका के दूसरी बार बैठ गयी अह्ह्ह इस चीज को भिकारी अपनी बोहत बड़ी जीत समझता hainn....aur सुचिता के कंधो को चाटने लगता hainnn.....ahhhh....

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क्या सेक्सी नजारा था..... टॉयलेट के खिड़की से आती हुवी हवा .... सुचिता के लम्बे बालो को उदा रही thi....aur बुद्धा सुचिता की कमर को पकड़ के बैठ गया था....... भिकारी का तगड़ा खड़ा हुवा लुंड सुचिता के गांड के दरार को छेद रहा tha....aur सुचिता की नंगी छूट हवस की वासना मैं गरम हो रही थी........
 
सफर :- EPISODE NO ो6.

भिकारी के बुड्ढे बदन में मनो 440 वाल्ट का करंट मर रहा था उसका अंग अंग कम्प रहा था और हवस के भूक में इतने सालो के बाद लुंड छूट के लिए तड़प रहा था ........और ये सब हो रहा था क्यू की सुचिता जैसी माल औरत उस भिकारी के जांघो पैन बिना शरण के बैठी हुवी थी और आपने जवानी का असर बुड्ढे के लुंड पे देख रही थी ......उफ्फ्फफ्फ्फ़.....

उफ्फ्फफ्फ्फ़ सुचिता के कासी हुवी घरेलु छूट और बुड्ढे के भद्दे लुंड मैं कुछ हे दुरी का फैसला था पर बुद्धा सुचिता के बदन को अआपने बुड्ढे बदन पे पाके और सुचिता के सुब्दर बालो की खुसबू लेने मैं दांग था .....उह्ह्ह उसको पता था एक बार सुचिता चली जाएगी उसके बाद वोह ये सब सर्फ सपने मैं सोच सकता था और मरने के बाद भी उसको ऐसी अप्सरा नहीं मिल सकती जोह उसका गन्दा बरसो से सदा हुवा बदबूदार मोटा लुंड आपने गोरी से गुलाबी छूट मैं le......ufffff .....

ुह्ह्ह्ह अब्ब्ब बुड्ढे का कला लुंड तन के सुचिता के छूट तक पोहचने की कोशिश कर रहा था ....उह्ह्ह सुचिता भी बुड्ढे के लुंड की तड़प देख रही thi.....ghane ाअन्धेरे मैं से उस काळा लुंड का तेज कुछ अलग हे था ....भर रात थी पर अंदर मिलान का दीं उजल रहा था. ....

ुह्ह्ह्ह और बुड्ढे का कला बदबूदार लुंड इतना तन जाता है. की सुचिता के छूट तक पोहच सके ....उह्ह्ह... और वोह लुंड सुचिता के गुलाबी पंखो तक पोहच जाता हैं ....अह्ह्ह.. सुचिता को अलग हे फील होता हैं...

काले काले लुंड का टोपा सुचिता के गुलाबी छूट को छू जाता हैं..... और एक बार फेई बुड्ढे के लुंड से सुचिता की छूट कम्प उठती hain...aur मचल जाती हैं....

सुचिता मन में .....( हाय ये भिकारी ुह्ह्ह्ह तड़पा रहा हैं मुझे अह्ह्ह्हह अब्ब निकलना चाहिए मुझे अह्ह्ह बोहत निचे गीर गयी main....ahhh पर ये भिकारी का लुंड निकलने नहीं दे रहा ....और ये भी कहा मुचे छोड़ने वाला hainn....ahhh.....abb इस्सस भिकारी के लुंड को हरा के हे निकलना padega....ahhhh....kya करू अब्ब..... संजय नहीं तोह नम्रता जग गयी तोह मुश्किल हो jayegi....ahh....aur ऊपर से ब्रा भी नहीं है..... अह्ह्ह्हह. ...इस्सस छूट की आग ने .... बेशरम बना दिया मुझे ......)

और ये सब सोचते सोचते कब सुचिता अआपने गुलाबी छूट की भिकारी के लुंड पे रगड़ने लगती hain....usko भी नहीं पता चलता ....अह्ह्ह्हह...

ुह्ह्ह्ह सुचिता अब्ब पूरी खुल जाती hainn.....ahhh अपना नंगे बदन को बुड्ढे के बदन पे घिसने लगती hainn.....ahhhh अआपने नंगे छूट को बुड्ढे के लुंड के टोपे पे घूमने लगती हैं ....उह्ह्ह... सुचिता की गरम गरम छूट की चमड़ी अआपने लुंड पे घूमता देख भिकारी जन्नत मैं चला जाता हैंन. ..ुह्ह्हह्ह. .

भिकारी उत्तेजना मैं टॉयलेट के कमोड पे पूरा लेट जाता hainn....uhhh.... आपने माथा फ़्लैश के टंकी पे टिका देता हैंन. .....

उह्ह्ह इस्सस वजह से सुचिता को बोहत स्पेस मिलती hainn....aur abbb....voh जोर जोर से छूट को हिलने लगती hainn...ahhhhh ...

......

ये एक तैयारी थी बड़े संग्राम की महा संग्राम एक हाउसवाइफ और बुड्ढे प्लेटफार्म के भिकारी के बीच. अह्ह्ह .....

अह्ह्ह्ह सुचिता का मुह्ह अब सिसकार्य से मचल जाता हैं ....बुद्धा भी अब्ब तप चूका था. सुचिता को अब्ब्ब्ब. Ahhhh....bhuk लगी थी लुंड की भूक जोह की उसके नुचे घिस रहा था. .

और तभी भिकारी आपने कला लुंड का टोपा सुचिता के छूट के दरवाजे मैं घुसा देता hain....uhhh लुंड को टोपा सुचिता के छूट में घुसते हे........

Fuchhhhhhhhhhhh.....pachhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh. ......की मममम

की ाआवाज आती hain...uhhh...joh दोनों को उत्तेजित कर देती hainn....ahhhh.....

सुचिता भी बड़ी चालू माल थी ....पिछली बार की तरह वोह पूरा लुंड लेके गलती नहीं करने वाली थी. ..उठ ...बस ुसस्स लुंड का टोपा और आधा लुंड अआपने छूट मैं घुमा घुमा के ले रही thi....yani की छूट का छेद बड़ा हो जाये और छूट को लुंड का मोटा प् सेहन करने की शक्ति मिले ुह्ह्हह्ह....

हरामी सुचिता ाब्ब ुसस्स लुंड को बड़े आयरन से छूट में घूमने लग. जाती hainn....ahhh आपने गुलाबी छूट मैं भिकारी का लुंड लेके सुचिता के चेरे पे कमीने एक्सप्रेशन थे. ..ुह्ह्ह्ह.....

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Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh ouchhhhhhhhhhhhhhhh अह्ह्ह्हह्हह ामममममममम ahhhhhhhhhhhh

भिकारी समझ जाता हैं सुचिता उसके कड़क लोहे जैसे लुंड पे सेट होने की कोशिश कर रही हैं इस्सलिये भिकारी सुचिता के गांड को पकड़ उठा लेता hainn.....aur आपने लुंड एकदम सीधा कड़क कर लेता hainn.....aur abbb....uspe सुचिता की छूट रखने को उत्तेजित करता हैं......

ुह्ह्ह्हह्ह सुचिता को पता था पूरा लुंड बिना ायकः से पानी निकले ले पाना उसके लिए नामुमकिन था अह्ह्ह्ह .....पर कड़क लुंड के ऊपर का कामुक पैन उससे उत्तेजित कर रहा था ये मुश्किल कण करने का सहस वही लुंड दे रहा था जिसे वोह दर रही थी..........

सुचिता अआपने आंख बंद कर लेती hainn.....aur जोर से अपनी गुलाबी छूट भिकारी के लुंड पे दबा देती hainn.....aur सुचिता के मुह्हह्ह से कण को दर्द करे उतनी बड़ी आआह निकल जाती हैं......

Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhh.........bcccc.....mar gayi......maaaaaaaaa......ouchhhhh.....

बुड्ढे के लुंड को भी दर्द होता hainn....uska लुंड भी सुचिता के छूट के दरवाजे तक अंदर घुस जाता hainn....aur भिकारी भी सिसकारियां भरता हैं ....

आआआह्ह्ह्हह्ह..... मादरचोद अह्ह्ह्हह क्या छूट hain....teri......ahhhhh...

सुचिता का चेहरा खास कर आआँख पानी से भर आयति hainn.....aur जीसस स्पीड से लुंड घुसा था उसी स्पीड से दर्द के कारन छूट लुंड के बहार आए जाती हैं......

Uhhhh.....ye कामुकता से भरा नजारा लुंड फाडू ...था. ..

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सुचिता का पूरा मुहहह लुंड के दर्द से खुल जाता hainn....uhhh दोनों जंघे छूट के झटके से पास आ जाती hainn.....aur सुचिता ुंबलानेद होक अह्ह्ह छूट का दर्द अह्ह्ह्ह आपने जेहन मैं दबा लेती हैं.....

भिकारी :- अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह क्या हुवा अह्ह्ह्ह थक गयी ...ahhh.....dard हो रहा हैं...... बता न अह्ह्ह्हह्हह.....

सुचिता :- अह्ह्ह्हह बुड्ढे दिख नहीं रहा क्या तुझे अह्ह्ह्हह. ....... ouch....ahhhh...

भिकारी :- अह्हह्ह्ह्ह साली लिया हैं की नहीं कभी ऐसा लुंड या सिर्फ मिर्ची लुंड लेती hainn....aaaaahhh

सुचिता :- अह्ह्ह्हह ोुछःह ऐसा नहीं लिया कभी. ..उह्ह्ह

भिकारी :- अह्ह्ह्ह साली लिया नहीं या मिला nahi....ahhhh...

सुचिता :- अह्हह्ह्ह्ह लिया नहीं......

भिकारी :- अह्ह्ह्हह तोह साली मिलता तोह लेती क्या ...अह्ह्ह्ह

सुचिता :- अह्ह्ह्हह बुड्ढे अभी मिला हे तोह ले हे रही हु न ...अह्ह्ह्हह्हह...

भिकारी :- अह्ह्ह्हह सही बात किए ....tune....ahhh... तुम्हारे जैसी .... घरेलु ...औरते तोह खोज मैं हे रहती hain....lund ke....ahhhh....

. अह्हह्ह्ह्ह ोुछःह.... dhire.....ahhhh....

और सुचिता का स्पीड अब्ब बढ़ जाता hainn........usko अब्ब छूट का कड़क दर्द मीठा लगने लगता hainn....ahhh..... सुचिता की हिम्मत नहीं हो रही थी बुड्ढे का लुंड गोटियों तक लेनी ki....ahhhhh.....

.....

सुचिता भिकारी का लोहा आधा हे अंदर ले रही thi....par अब्ब्ब स्पीड एक्सप्रेस से भी ज्यादा tha....aur avaj.....train से भी मस्त और बड़ा....

Khachhhhhhhh.....khachh........fuckkkkkkkkkk......puchhhhhhhhhhh......pachhh........pavhhhhhhh......ahhhh..... सुचिता के छूट का आवाज सुन बुद्धा और उत्तेजित हो जयते हैं...

सुचिता अआपने मैक्सिमम स्पीड pain....thi....ahhh.adha हे लुंड ले रही thi....par पूरी स्पीड se....aghhhh.... देखने वाला वही पंत में. अपना रास छोड़ ज्याये इतना कामुक सन tha....ahhhhhhh......

भिकारी के बदन पे बैठी सुचिता अपनी पूरी ताकत से भिकारी के लुंड को पकड़ पकड़ के अआपने छूट खुदवा रही thi....ahhhhhhhh......

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ुह्ह्ह्हह्ह दर्द काम हो इस्सलिये सुचिता एक हैट से आपने छूट के सेहला भी रही thi.....aur आधा हे सही पर पुरे स्पीड से सुचिता लुंड को जस्टिस दे रही thi....ahhhhh.... सुचिता का सुख abb.....badal को छू रहा tha....ahh....saadhe लुंड से वोह सटिस्फी हो रही thi....ahh....pure लुंड का तोह व्4 भी नहीं tha....ahhhhhh....

फ़क अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ोुछहहहह अह्हह्ह्ह्ह bc....ah.... फ़क अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह.......

भिकारी :- अह्हह्ह्ह्ह जणू ahhhh...ahhhhh...ahhhh.....

सुचिता :- ोुछःह अह्ह्ह्हह ोुछहहह...

भिकारी :- अह्ह्ह्ह जाने man...ahhh. आखिर के 40 मिनट्स ahhh.......teri छूट के ahhhh.....yad गर 40 मिनट्स hoge...ahhhh....ahhhhh...

सुचिता :- अह्ह्ह्हह ऐसा क्या होने वाला हैं...

भिकारी :- अह्ह्ह्ह तेरी छूट मैं ज्वालामुखी फटने वाला हैं ...sali....ahhh...

सुचिता :- अह्ह्ह्हह ये बस्स्स नहीं hainn....kya ..अह्ह्ह.

भिकारी :- अह्ह्ह्हह तू जोह कर रही hainn....voh मेरी कसरत थी जणू अब्ब्ब खेल चालू hoga....sali...ahhhh....

सुचिता भिकारी के ये शब्द sunnn....chouk जाती hainnn...ahhh....usne तेजी से शुरवात भिकारी को निपटने के लिए किए थी और उसी शुरवात को भिकारी कसरत कह रहा था.....

और अचानक से सुचिता के छूट मैं उन िमागिनाब्ले दर्द होता hainnn....aur ......muhhhh.....se शुद्ध गाली निकलती हैंन......

भेनचोद ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh........ ोुछहहहह माआआआ....... fuck...........saaaale........

भिकारी :- अह्ह्ह्हह मादरचोद साब आयी न.... लाइन painn....ahhhhhhh....

भिकारी ने बोहत बड़ा सुचिता के गुलाबी छूट मैं शॉट दिया tha...aur उसी शॉट से मैच का आगाज हो गया tha...ahhh... सुचिता के गली से तोह समझ हे चुके होंगे कितना दर्दनाक शॉट tha....joh सीधा छूट को कम्प diya...ahhhh.......

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh saaale.....ahhhhh मर गयी...

सुचिता के पुरे छूट मैं ाआग होने लगती hainn....ahhhh सुचिता लम्बी लम्बी सांसे लेते हुवे ोठो को दातो के निचे दबती hainnn....aur......lund को जेहरेली नजरो से देखती हैंन....

भिकारी अब्ब्ब धीरे से लुंड को अंदर घुसा देता हैं ....और सुचिता अह्ह्ह्हह एनर्जी को इखट्टा करते huve......lund को देखती hainn.....uhhh

बुद्धा अब्ब्ब थोड़ा तेज हो जाता hainn....aur सुचिता के छूट मैं आधा हे लुंड घुसा देता hainn.....jisss कारन सुचिता सवार सके.... uhhhhh....aur जैसे हे सुचिता संभल जाती hain.....tabhi......

भिकारी और एक कड़क शॉट देता hainn....ahhhhh...

इस्स्स्सस्स बार दर्द शामे था पर चीख काम थी ahhhh....aur एक्सप्रेशन bhi....ahhhh..... ऐसा लग रहा था सुचिता लुंड के और छूट के ाआग को समझ रही hainn....aur छूट के आएग को भाप रही हैंन....

और सुचिता के जेहरीले एक्सप्रेशन यही बता रहे थे की सुचिता भी abbb....tayar हैं.....

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ुह्ह्हह्ह्ह्ह मादरचोद अह्ह्ह्ह थोक दिया मेरे छूट को....

भिकारी :- हआ sali....ahhhh है अह्ह्ह्हह्हह ....

अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अब्ब्ब्ब सुचिता को भिकारी के बड़े से काळा लुंड की गहराई पता चल जाती hainnn....uhhhh.....aur ऐसी गहराई उसने अआपने 38 साआल जे उम्र मैं कभी नहीं लिए न सुनी अह्हह्ह्ह्ह..........

अह्ह्ह्ह अब्ब्ब मनो सुचिता भिकारी के आधे से लुंड पे सेट हो गई thi....ahhh....dar था unnn....jordar झटको जिस्सस से सुचिता की छूट कम्प उठ जाती thi....ahhhhh....

ुह्ह्हह्ह सुचिता का पूरा कमर abb....ahhh बड़े ाचे से भिकारी के लुंड पैन उड़ने लगा tha...ahhh..... सुचिता का पूरा बदन अह्ह्ह नाजुक फूल की तरह खिल कर उछाल रहा था ..ahhhh....abbb.... सुचिता को भी बुड्ढे के लुंड पैन मजा आयने लगा था .अह्ह्ह्ह ..

भिकारी के कभी सपने मैं भी ये सन नहीं आया होगा जोह अभी हो रहा tha...ahhh....nangi हरामी सुचिता का पूरा बदन भिकारी के लुंड आओर जांघ पैन उड़ रहा tha...ahhh..... खिड़की सीए आयति हुवी हवा अह्ह्ह दोनों को अलग फीलिंग दे रहे thi...ahhhhh.....

सुचिता के बूब्स अह्ह्ह क्या उछाल रहे थे ..uhhhh....gora वादन मनो कीचड़ मैं फास गया हो पर कमल की तरह निखार कर दिख रहा था ...ुह्ह्हह्ह...

सुचिता को भिकारी के लुंड पे देख और उड़ते बड़े बड़े 36 के बूब्स को देख बुड्ढे का भी लुंड हिलने का मन हो अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह क्या सन था......

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Ouchhhhhhhhhh फ़क मीटी. ....अह्ह्ह्हह ोुछःह अह्हह्ह्ह्ह ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

सुचिता का एक्सप्रेशन क्या बवाल tha....upar से होने वाला दर्द अह्ह्ह छूट को भड़का रहा tha.....uhhhhhh.....buddha भी बड़े आराम से लुंड घुसा रहा था ...और सुचिता को मजे दे रहा था....

ुह्ह्ह्ह पर बुद्धा पीछे से अह्ह्ह्हह कामिनी मुस्कान दे रहा tha....uske मुस्कान से ऐसा लग रहा था मनो सुचिता के छूट की सहमत आयने वाली हैंन.....

और तभी बुद्धा पीछे से आपने गन्दी सी काली नंगी गांड और कमर को ऊपर कर देता hainn....aur आपने भी लुंड का प्रेशर सुचिता के छूट के ऊपर लगा देता hainnn....uhhhhhh

भिकारी के प्रेशर से सुचिता एकदम से गड़बड़ा जाती हैं.... सुचिता के छूट मैं दर्द होने लगता hainnn...aur छूट का दर्द बढ़ के सुचिता के चेहरे पैन आए जाता hainn....joh की साफ दिख रहा था ...

सुचिता :- अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह ouchhhhhhhhhhhhhhhh

भिकारी अब्ब्ब सुचिता को पूरी तरीके से डोमिनेंट करने के लिए और सुचिता के छूट और बदन को पूरी तरह निचोड़ ने के लिए तैयार हो रहा था ....

भिकारी के मन मैं कुछ बोहत डांगर चल रहा tha....joh की उसके इरादे और चेरे पैन साफ दिख रहा था...

पर क्या .....

सुचिता तैयार थी िन्न्न सब के लिए .....

नहीं सुचिता नहीं thi.....uske छूट और पुरे जीवन मैं इतना गन्दा और मोटा लुंड कभी नहीं लिया था.... सुचिता का स्टैमिना भी 3-4 राउंड का था वोह भी पति के साथ यहाँ तोह पहले राउंड मैं हे सुचिता आधा लुंड लेके छूट गयी थी और ये दूसरा राउंड तोह मनो सुचिता बचने के लिए कर रही thi....uhhh सुचिता को वोह आग की जरुरत थी जोह अब्ब्ब्ब सिर्फ बुद्धा दिला सकता था और उसका लुंड............

और तभी भिकारी ाओंए पुरे लुंड को सुचिता के छूट मैं अंदर तक घुसाने के लिए जोर लगा देता hainn....ahhhhhh और सुचिता के गोरी गुलाबी छूट मैं फैट कर के भिकारी का लुंड घुस जाता hainnn.....aur सुचिता के मुहहह से बोहत बड़ी चीख निकल जाती हैं ...और ये चीख पुरे दर्द की चीख थी ....

सुचिता :- kamineeeeeeeeee बुड्ढे ...ahhhhhhhhhhhhhh ोुछहहहह अह्हह्ह्ह्ह माआआ मर गयी ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh अह्ह्ह्हह्हह

िस्स्सस्स बार सुचिता को बोहत दर्द हुवा tha....mano छूट अंदर काट गयी हूऊऊ....

सुचिता की दर्द भरी चीख सुनके बुद्धा मन मैं हसने लगता hainn...aur आपने लुंड को छूट के अंदर हे रहने देता हैंण्ण्न........

भिकारी :- अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह बस इतनी गर्मी हैं तुझ मैं जणू अह्ह्ह्हह

सुचिता :- अह्हह्ह्ह्ह कमीने निकल दे तेरा राक्षस दर्द हो रहा hainnn....maaaaa ुह्ह्हह्ह

भिकारी :- अह्हह्ह्ह्ह ये दर्द का तोह खेल hainn....ahhh जिसने सहा उसे सुख मिला अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह.....

सुचिता :- अह्ह्ह्हह निकल अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह निकल

भिकारी सुचिता की बायत मंटा hainnn....aur लुंड को निकल देता हैंन.

सुचिता रहत की साआस लेती हैंन

पर ये रहत ज्यादा देर टिकने नहीं वाली थी ....

भिकारी सुचिता को फिर से जाखड़ लेता hainn...aur....ek....ahhh....boht....here....jor ....dar....ahh....jahtaka ....देने.... ke.....liye.......aapna ....लुंड..... सुचिता..... के..... गुलाबी छेद मैं ठूसने के ....लिए ..तैयार हो जाता हैं.... सुचिता के हलक जान मैं aaa.jati हैंन...

.aur.........voh......shot..... भिकारी सुचिता की छूट कम्प उठे इतना जोर दर देता हैंन.........

सुचिता :- अह्हह्ह्ह्ह madarchod......mar gayi....buddhe .......रोड के bhikari....kahi के .....साले....... ouchhhhhhhhhh ममअअअअअअ

भिकारी :- अह्ह्ह्हह कुट्टी यही तोह चाहिए अह्ह्ह्ह निकल तेरी साआरी ाआग बहार अह्ह्ह्ह निकल....

और बुद्धा पूरी तेजी से सुचिता के छूट को ठोकने लगता हैंन..... सुचिता की जाएं थम जाती hainnn....uska शरीर सुंनंन हो जाता हैंन.... सुचिता अह्ह्ह्ह दर्द नहीं सेहन कर पति उसके ....ाअंखो से पानी निकल जाता hainnn....aur बुड्ढे के नाम से चुकिने लगती हैंन.....

Ouchhhhhhhhhh बुड्ढे अह्ह्ह्हह बसेस huva...mahhhh..

बोहत दर्द हो रहा hainn...ahhhhh.....uhhhhhhh....ouchhhhhhhh

बुद्धा थप्प्प्पप्प..... थप्प्प्पप्प....... सुचिता को छोड़ने लगता hainnn....kya आवाज आए रही thi....uhhhh... सुचिता के नंगे बॉब्स मनो कह रहे थे...

अह्ह्ह और ठोको इसी अह्ह्ह्ह और.....

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Ouchhhhhhhhhh अह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह maaaa.ahhhhhhh

भिकारी :- अह्ह्ह्हह आअज नहीं छोडूंगा अह्ह्ह तुझे ....ये मेरी जीवन की सबसे यद् गर चुदाई hogi....ahhhhhhhhh......

सुचिता :- अह्हह्ह्ह्ह मर गयी मैं साले अह्ह्ह्ह....

भिकारी :- अह्हह्ह्ह्ह तू मजा ले साली ....अह्ह्ह्ह

सुचिता :- अह्ह्ह्हह दर्द हो रहा hainn...kutte......ahhhhhh रूक हआ

भिकारी :- अगर मैं तेरा पति होता तोह ऐसे हे कहती kya....ahhhhh....tab तोह चुप चाप छोड़ना पड़ता ahhh.....chuddakad बना देता मैं तुझे ...ahhh......rani बना के रखता ....ahhhh.....roj तेरी बूर को फाड् देता ahhhh.....roj.....jannat dikhata.....uhhhh....ouchhh......ahhhh जणू.....

सुचिता को ये सब सून के अलग सा फील होता hainn....itne दर्द मैं भी वोह सोचने लगती hainnn....ahhhhh....

सुचिता :- ( मायआ अह्ह्ह्ह गॉड सच मई. ये भिकारी मेरा पति होता toh......ahhhh....meri तोह छूट का भोसड़ा बन जाता hainn....ahhhhh....ouchhhh सोच के कुछ हो रहा hainn....mujhe....ahhhh.....kya hoga....agar छूट को दर्द huva....toh ....ये दर्द आअज के दीं पर ये पल ......रोज नहीं आने vale....ahhh........dard hainn....par...

मजा .....भी hainnn...ahh......suchii....ahhhh....chod दे ये dard....ahhh.....isss....lund को ab....tujhe jhukana....hainn....ahh....ye फिर से नहीं आने वाला जिंदगी mainn...ahhhh....ouchhhh....).....

भिकारी :- अह्ह्ह्हह क्या हुवा कुट्टी .....थक gayi...ahhh

सुचिता :- अह्हह्ह्ह्ह थक गयी hu...ahhh...har नहीं gayi...ahhhhhh....kya करना चाहते हो tum....mere साथ..

भिकारी :- अह्ह्ह्ह ये चुदाई यद् गर चुदाई बनाना छठा hu...ahhhh....jindagi की...

सुचिता :- ोुछःह तोह बना लो na.....ahhhh...

भिकारी :- अह्हह्ह्ह्ह कुट्टी ये हुवी na....baaaat....

और तभी फिर से भिकारी सुचिता को कड़क शॉट दे देता hainnn...ahhh...

इस बहार फिर सुचिता को दर्द होता hainn...par सुचिता वोह दर्द दबा लेती hainnn....aur ....bada.....himmmat कर के लुंड पे कूदने लगती hainnn...uhhh...

सुचिता अआपने छूट के छेद को पूरा भिकारी के लुंड से कवर कर लेती hainnnn....uhhhh....aur हल्का सा दबाव देके सुचिता अआपने छूट को लुंड पे दबा देती हैं...

अह्ह्ह्ह ये दिख बुद्धा अह्ह्ह पागल हो जाता hainn...uske लुंड को और उत्तेजना मिल जाती hainnn..ahhhh...

सुचिता अआपने गुलाबी छूट को पूरा अंदर तक लुंड मैं घुसा देती hainnn.....uhhhhh....aur अह्ह्ह इस्सस प्रकार अह्ह्ह सुचिता बुड्ढे के पुरे अह्ह्ह कड़क गंदे काले मोठे लुंड को आपने नाजुक छूट मैं घुसा लेती hainnn..ahhhh

कला लुंड सुचिता के गुलाबी छूट मैं अह्ह्ह्ह पूरा घुस के बवाल मचा देता hainnn...uhhh....Gulabi छूट को पूरा लाल लाल कर देता हैं...

मनो कोई तलवार घुसा दिए हूऊऊ.....

और तभी सुचिता ाब्ब्ब खुद से भिकारी के लुंड से पूरा छोड़ने लगती hainnn..ahhh...

....

और दर्द के साथ छोड़ने लगती hainnn....kya एक्सप्रेशन थे उसके पता हे नहीं चल रहा था दर्द हो रहा hainn...ya मजा आए रहा hainnn...uhhh....par अह्ह्ह्ह लुंड पूरा ले रही थी ..अह्ह्ह्हह....

क्या सन था.....

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Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh fuckkkkkkkkkk अह्ह्ह fuckkkkkkkkkk अह्ह्ह्हह अह्हह्ह्ह्ह और अह्ह्ह्हह्हह fuckkkkkkkkkk.......

सुचिता के इस्सस उत्तेजना भरे आवाजों से टॉयलेट गूंझ उठ जाता hainnn....uhhhh....aur भिकारी तोह अह्ह्ह लुंड को काबू नहीं कर पता अह्ह्ह्ह भिकारी का लुंड और उछाल जाता हैं.... सुचिता के छूट मैं हे और बड़ा होने लगता hainnn...uske नस नस सुचिता के आवाज से करंट मरने लगती हैंण्ण्न...

और भिकारी अआपने पूरी पावर से सुचिता को ठोकने लगता हैंन....

भिकारी :- अह्ह्ह्हह्हह कुत्त्तीय अह्ह्ह्ह अब्ब्ब tu....gayi...ahhhhh.... जिंदगी भर मेरे लुंड को तू यद् करेगी ahhhhhh......jab भी तेरी छूट करंट मारेगी अह्ह्ह तुझे मेरा लुंड यद् aaayega...ahhhh

सुचिता :- ोुछहहहह अह्ह्ह्हह fuckkkkkkkkkk में अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह उह्ह्ह साले अह्ह्ह्हह

और भिकारी सुचिता को निचोड़ के ठोकने लगता hainnn...ahhhhh और ठुकाई का आवाज कानो को सुख दे जाता hainnn....ahhh...... स्पीड इतना tha....ki .......

सुचिता की जंघे और गांड लाल लाल हो जाती hainnn....buddhe की gotiya....ahh... सुचिता के छूट पैन जा के अह्ह्ह्ह चाप चाप आवाज कर रही thi....uhhh.... सुचिता दर्द का अब मजा ले रही thi...aur आपने बालो को पकड़ अह्ह्ह्ह ...... सिसकारियां भर रही थी ...uhhhhhh.....kya लुंड फाडू सन था....

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Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhh अह्हह्ह्ह्ह ोुछःह अह्ह्ह्हह माआआआ fuckkkkkkkkkk अह्ह्ह्हह्हह मर गईइइइइइइइइ uffffffffff बुड्ढे अह्हह्ह्ह्ह मजा अअअअअ रहा हैंण्ण्ण्ण्न अह्ह्ह्हह

भिकारी :- अह्हह्ह्ह्ह साली ाब्ब्ब्ब कैसे चुद रही hainnn..ahhhhh....le अह्ह्ह्हह kutti....ahhhhh

सुचिता :- अह्ह्ह्हह fuckkkkkkkkkk में अह्हह्ह्ह्ह ुह्ह्ह्ह

उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ बुड्ढे का लुंड घोड़े के रफ़्तार से सुचिता के छूट को चिर रहा tha...ahhh...

सुचिता को ऐसा लग रहा था जैसे कोई उसके छूट मैं चाकू धार धार चाकू घोप रहा ho....ahhh....usko इतना तोह पता था इस्सस चुदाई के बाअद अह्ह्ह्ह उसको बोहत परेशानिया आयने वाली hainnn....uffff फिर भी अभी के पल का वोह मजा उठा रही thi....ahhhhhh

ाआली 15 मिनट्स तक भीआकृ और सुचिता की घमासान चुदाई चलती हैंन...

जैसे की कोई लावा उफान के आए रहा ho.......aur ायब्ब मनो दोनों भी अआपने पिक लेवल पैन थे...

अब्ब्ब्ब इस्सस कहानी का अंत आआ रहा हैं. ये दोनों भी समझ जाते hainnnn....aur कहानी का ाअंत होने से पहले दोनों भी एकदूसरे को बहुत बोहत सारा गरम प्यार देने के लिए तैयार हो जाते हैंन....

सुचिता की छूट इस्सस कड़क चुदाई के बाद भी बुड्ढे के लुंड का सन्मान करने के लिए अआपने जोरो से दौड़ पड़ती hainn.....aur बुड्ढे का मोटा लुंड तोह मनो सुचिता के छूट को अआपने बीवी जयस्व पकड़ के रखा था मनो ुसस्स लुंड की सुचिता की छूट बीवी हो अह्ह्ह क्या कमल का कॉम्बिनेशन था..........

और तभी भिकारी के आखिरी कुछ फटाके चालू होते हैं जोह लग तोह छूट मैं रहे थे पर उसका दर्द पुरे बदन मैं नशा की तरह घूम रहा था.....

Ouchhhhhhhhhh fuckkkkkkkkkk.....

भिकारी :- अह्हह्ह्ह्ह कुट्टी कमल hainn....tuuuuuu

सुचिता :- अह्ह्ह्हह है बुड्ढे kutte...ahhhh फुकककक

भिकारी :- अह्ह्ह्हह अभी भी बोहत चर्बी हैं तुझ main....kuttiya साली....

. सुचिता :- अह्ह्ह्हह तोह मिटाओ न मेरी charbi...ahhhhh

भिकारी :- अह्ह्ह्हह तेरे छूट का जब कल भोसड़ा तंग करेगा न तब तुझे मेरी याद aayegi....ahhh

सुचिता :- अह्हह्ह्ह्ह फुककककक बुड्ढे जोह कुछ करना है. आअज कर अह्ह्ह्ह ोुछहहह

..

और तभी बुड्ढे के लुंड मैं करंट दौड़ के सुचिता के छूट मैं करंट डालने लगता hainn...jisss करंट से सुचिता पूरी हिल जाती hainn...ahhhh...

क्या घुस रहा था लुंड क्या स्पीड थी उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ क्या नजाकत थी इस्सस छूट और लुंड के मिलान मैंन...

और क्या चुद रही थी एक घरेलु हाउसवाइफ एक भिखारी se....ahhhhhhhhh....

अह्ह्ह्हह तभी सुचिता के मुहह्ह्ह्ह से जोर जोर से चीखे निकलने लगती हैंन...

Ouchhhhhhhhhh मादरचोद मर गयी धीरे....

उफ्फफ्फ्फ़ बुड्ढे ने ाअपनी साडी ताकत लगा दिए थी ...अह्हह्ह्ह्ह सुचिता की छूट मनो किसी ....... आटोमेटिक लुंड पे तापा तप तापा तप चुद रही थी....

अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह kuttti....ahhhhhhhh....ahhhhhhh

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अह्हह्ह्ह्ह मादरचोद कुत्त्ते मर गयी mainn....ahhhhh कितना अंदर घुस रहा hainn....saaale अह्ह्ह्हह ोुछःह अह्हह्ह्ह्ह......

अह्हह्ह्ह्ह अब्बब्बब भिकारी कुछ भी सुनाने के हालत मैं नहीं था और उससे सुनना था तोह सिर्फ अह्ह्ह इस्सस सुचिता की चीखे अह्ह्ह उसकी गरमी उसके छूट का pani...ufffff

भिकारी का कला लुंड अंदर तक जेक हीट कर रहा था अह्ह्ह्ह अब्ब्ब्ब सुचिता को लगने लगा था उसकी छूट अब्ब्ब नहीं बचने वाली उह्ह्ह लग रहा था सुचिता के चमड़े पुरे फैट चुके hain...andar की गोरी गुलाबी छूट पूरी लाल लाल हो चुकी हैंन....

और तभी उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ tabhi.........kya सन था ...

बुड्ढे के जंगो पर गरम गरम सा कुछ गिर जाता hainn....uhhhh और वोह सुचिता और भिकारी के लुंड और छूट के गैप से निकला सुचिता का गरम गरम मूत था जोह की फवारे की तरह अह्ह्ह सुचिता के छूट से निकल रहा था ुह्ह्हह्ह्ह्ह

सुचिता को बिलीव नहीं होता की बुड्ढे के लुंड ने उसके छूट का मुत्तत निजकल दिया था अह्ह्ह सुचिता अब्ब्ब पूरी बुड्ढे के बॉडी पे लेट के आपने झटको को सेहन कर रही थी...

अह्ह्ह बुद्धा खुश था अह्ह्ह्ह इतना खुश की उसके झटके और तेज हो रहा थे ...अह्ह्ह उसको एक घरेलु औरत को एक हाउसवाइफ को छोड़ने का फील आए रहा था उह्ह्ह किती भी कड़क चुदाई हो पर रंडिया मूत ते नहीं hainn....ahhh ये तोह एक हाउसवाइफ हे कर सकती hainnn....uhhhh..

क्या सन था बुड्ढे का लुंड पुरे मुत्तत से भीग गया था मुट्ठ की वजह से और भी लुंड अंदर

छप्पपपपप चप्प्पू छप्पपपपप करके जा रहा था ...

ुह्ह्ह्ह क्या सन था यारो......

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ुह्ह्हह्ह ouchhhhhhhhhh अह्ह्ह्हह्हह uffffffffff

सुचिता के छूट से किसी फाउंटेन की तरह मुट्ठ निकल रही thi......ohhhhh और वोह गरम गरम मूत बुड्ढे के जांघो को भिगो देता हैं.... सुचिता को भी अब्ब्ब वोह सब सेक्सी लग रहा था.....

अह्ह्ह्ह सुचिता मन मैं ( अह्हह्ह्ह्ह आअज तोह इस्सस भिकारी ने सच मैं मुझे अह्ह्ह्ह क्या मजा दिया हैं अह्ह्ह क्या थोक रहा hainn...ahhh काश संजय ऐसा थोक पता अह्ह्ह्ह मूत निकल दिया इसने मेरा अह्ह्ह अब्ब पता नहीं कल सुबह इसका मेरे छूट पैन क्या असर hoga.ahhhhhh.....uhhhhh )

और तभी सुचिता को कुछ महसूस होता hainn...ahhhh अब्ब्ब मुट्ठ के बाद उसके छूट से गरम गरम गधा गधा कुछ बहने का उसको अहसास होता hainnn...uske अंग अंग मैं वोह गरमी सवार जाती हैंन...

.और वोह गधा माल अंदर हे भिकारी के लुंड को टच होता hainnn....uhhh......andar भिकारी के काळा लुंड के टोपे से होते हुवे सुचिता का अह्ह्ह माल लुंड पैन बहाने लगता हैंन...

ुह्ह्ह्ह बुद्धा जोर सीस ाआहे भरता hainn...ahhh....usko अपनी जीत पैन गर्व हो रहा tha....aaaj एक अह्ह्ह घरेलु औरत उसके जैसे बुड्ढे भिकारी के लुंड पैन आपने माल छोड़ रही थी....

उह्ह्ह सुचिता भी उसके जांघो से निचे देखती hainn....ki कैसे उसके माल से भिकारी का काला लुंड भीग रहा था......

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ुह्ह्हह्ह सुचिता ाअपनी चूड़ी हुवी छूट को देख रही थी उफ्फ्फ्फ़ उसकी छूट लाल लाल हो चुकी थी ऊपर से ठोकरे खा खा के उसकी छूट और गांड का पूरा चमड़ा लाल लाल हो चूका था

भिकारी :- ुह्ह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह जणू अह्ह्ह क्या मजा दिया तूने अह्ह्ह्हह जैसे कोई ठेके की रंडी होऊ अह्ह्ह्ह

सुचिता :- अह्ह्ह्हह्हह हो गया क्या तेरा अह्ह्ह्हह

भिकारी :- अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह तू कोठे पे जायेगी तोह बोहत kamyegi.....ahhhhhhh

सुचिता :- अह्हह्ह्ह्ह कोई जरुरत नहीं hainn....mujhe अह्ह्ह्ह ये चुदाई काफी hainnn....mere लिए अह्ह्ह्हह....

भिकारी :- अह्ह्ह्हह्हह जणू....

सुचिता :- kya....ahhhhh

भिकारी :- अह्हह्ह्ह्ह अब्ब्ब जाएगी न तू.....

सुचिता :- अह्ह्ह्हह्हह है......

भिकारी :- अह्ह्ह्ह अगर मैंने नहीं छोड़ा तोह....

सुचिता :- अह्ह्ह्हह कुत्ते छोड़ना पड़ेगा तुझे मुझे जाना हैं....

भिकारी :- अह्ह्ह्हह है मेरी कुट्टी जा ....नहीं रोकहुँगा तुझे अह्ह्ह मेरा जीवन अब्ब्ब सफल हो गया....

सुचिता :- अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मजा आया अह्ह्ह दर्द हो रहा hainn..andar बोहत अह्ह्ह्ह.....

भिकारी :- अह्ह्ह्हह मेरा मलहम जब अबदार जायेगा तब अच्छा लगेगा तुझे अह्ह्ह और तब तू एआरएम से जाना.....

सुचिता :- कैसा malham.....ahhhh...

भिकारी:- वही जोह तेरा अभी मेरे लुंड पैन गहने की तरह टपक रहा हैंन......

सुचिता :- ुह्ह्ह्हह्ह ोुछहहहहह अब्ब. तोह धीरे से छोड़ो मुझे अह्ह्ह धीरे धीरे धक्के दो अब्ब्ब और आराम से हहहहहह

भिकारी :- अह्ह्ह्हह कुट्टी पास आना मेरे .....

सुचिता :- अह्ह्ह्ह पास हे तोह हूउउउउ....

भिकारी:- अह्हह्ह्ह्ह तेरे बदन को कास के पकड़ के अह्ह्ह तुझे शांति से सुख देना हैंन....

सुचिता :- अह्ह्ह्हह तोह dona.....ahhhh....tere पास हे तोह हु....

भिकारी :- अह्ह्ह्हह अब्ब्ब सीधी आए ja....ahhh....tujhe बहो मैं भर के अलविदा kahunga.....tere अह्ह्ह चुचो को काट के निशानी दूंगा....

सुचिता :- अह्ह्ह्ह ोुछः धीरे से कटना ...हआ...

भिकारी :- अह्ह्ह्ह ha....ghum जा baith.....aaaja...

सुचिता आपने नग्न बदन उठा के घूम जाती हैंन ....aur....abb.... सुचिता को फिर से बुद्धा पूरा देकता हैं....

ुह्ह्ह्ह सुचिता के छूट से अभी भी माल और मूत की खुसबू आए रही thi....uffff.....voh देख budhha....aur उत्तेजित हो जाता हैंन....

अब्ब्ब सुचिता सामने से बुड्ढे के बदन और जांघ पैन बैठ जाती हैंन....

ुह्ह्ह्हह्ह भिकारी सुचिता को पूरा कास लेता हैंन....

एक बार फिर सुचिता का मंगलसूत्र उसके बूब्स के यहाँ भिकारी के बालो वाले छाती पैन डाब जाता hainnn...aur घिसने लगता हैंन.....

उह्ह्ह सुचिता भी इस्सस आखरी वक्त मैं भिकारी से सुनीत हो चुकी थी वोह भी आपने बॉडी को भिकारी के बदन से चिपका लेती हैं....

भिकारी का थका हुवा लुंड सुचिता का छेद ढूंढ लेता hainn.....aur सॉफ्ट से झटके देने लगता hainnn....uffff...... भिकारी किश न करे इस्सलिये सुचिता भिकारी के मुह्ह मैं अपनी गर्दन दे देती hainnn....uhhh...

भिकारी भी सुचिता की गर्दन चाटने लगता हैंन.....

ुह्ह्ह्ह सुचिता भी भिकारी की जबान और उसके थूक को महसूस कर ाआहे भरने लगती हैंण्ण्न.....

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उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ ऐसा लग रहा था कोई इमोशनल अह्ह्ह्ह सेक्स चल रहा हो पर यहाँ भिकारी का लुंड कुछ अलग हे हरकत कर रहा था....

सुचिता को भी महसूस हो रहा था की भिकारी का लुंड अह्ह्ह्ह खुश तेज हो रहा hainnnnn...uffff

भिकारी :- अह्ह्ह्हह मेरी कुट्टी ...ahhhh....kuttiya...ahhhh.....abbb....akhri कुछ पल मेरे लुंड की सेवा कर....

सुचिता :- अह्ह्ह्ह क्या karu....mainn...

भिकारी:- अह्ह्ह्हह शांत कर दे मुझे ahhhh....nikal दे मेरा ....ahhh.....sab.....uhhhh.....tere छूट के आएग में मेरा पानी दाल दे जोह भाप बांके यद् रहेगा ...जणू .

सुचिता :- अह्ह्ह्हह तोह कार्डो ....utna....kam aapp....ahhhh.....mujhe भी शांत kardo....aur जाने दो......

और दोनों भी सिसकारियां भरने लगते hainnn....dono के uhhhh....ahhhh निकलने लगते hainnnnn.....ahhhh दोनों के बदन घिसने लगते hinnnn....uffff.....kya....ahhhh.....ouchhhhh

..

सुचिता भिकारी के लुंड पैन उछलने लगती hainnnn....ahhhhhh......

भिकारी का लुंड abbb......pura पाक चूका tha...kisi फल की tarh....ahhhh...

भिकारी:- अह्हह्ह्ह्ह शुक्रिया kuttiya...ahhhh...

सुचिता :- अह्हह्ह्ह्ह है buddhe....ahhhh ....मजा आया..

भिकारी को अब्ब्ब आपने लुंड से अह्ह्ह्ह आवाज आती hainnn...ahhh....chod दे abbb....ahhh....khatam कर दे ये sab....ahhh.........maja....aaayya.

.

भिकारी का लुंड अह्ह्ह्ह जोर से चीखता hainnn...ahhh.....ouchhhhh.....

भिकारी :- अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह जणू kutti...ahhh...sun...naaa...

सुचिता :- अह्ह्ह्ह ोुछःह बोल न.....

भिकारी :- ahhhhhh.....mera .....अमृत आह्हः आए रहा हैंन....

सुचिता :- अह्ह्ह्हह्हह अह्हह्ह्ह्ह toh....ahhhhhh

भिकारी :- छोड़ दू मेरी jaaan.....yadgar हो जायेगा ये पल...

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

सुचिता :- ahhhhhhhhh........daaaall.....doo.... बब्यीयययययय अह्हह्ह्ह्ह फुकककक मीटीए...

Uffffffffffff सुचिता क्या बोल gayi.....ahhh....usko होश नहीं था ya....sach मैं वोह ये करने वाली थी....

....

और तभी बुड्ढे के लुंड से सफ़ेद सफ़ेद gadha.....gadha......kuch ...अह्ह्ह..... अमृत की तरह चमकता हुवा.... भिकारी के बुड्ढे लुंड से बहार आता हैंन....

भिकारी जोर जोर से भांपने लगता hainnn......ahhhhh..... सुचिता को अपनी गुलाबी छूट के जख्मो पैन कुछ गरम गरम महसूस होता hainnn....aur सुचिता ुसस्स ख्याल से और मचल जाती हैंन.... सुचिता की गीली छूट भिकारी के माल से भर जाती हैंन...

अह्ह्ह्ह भिकारी कमोड पैन अपना पूरा शरीर को सुला देता hainnnn.....uffff....

और सुचिता को देखने लगता हैंण्ण्ण्न

सुचिता अभी भी गीले छूट लुंड पैन मसल रही थी..... सुचिता के छूट से भिकारी ka.....maaal टपकने लगता hainnn....aur सुचिता और उत्तेजित हो जाती hainnn....aur अआपने छूट को और लुंड मैं घुसाने लगती हैंन...

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भिकारी सुचिता को पूरा झकड़ के सो जाता हैं..... सुचिता की ाआहे उससे सुनाई देती हैंन..... सुचिता का उछलना उससे महसूस होता हैंन...

भिकारी मन हे मन मैं हसने लगता हैंन..

भिकारी :- अह्ह्ह्हह एक दीं तू बोहत बड़ी रंडी बनेगी.....

सुचिता को ये sunnn....ahhh अच्छा लगता hainnn....aur वोह और उछलने लगती हैंन....

सुचिता :- अह्हह्ह्ह्ह बुड्ढे अह्ह्ह्हह fuckkkkkkkkkk. .ahhhhhhhhh.....ouchhhh.....kya ....feel....ho रहा हैंन....

भिकारी :- अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह janu....aur आआ रहा hainn....mera.....

सुचिता :- अह्हह्ह्ह्ह छोड़ मेरे अंदर दाल pura...ahhh....boht ....जख्म हुवे होंगे छूट mainnn....ahh.....shant कर दे अह्ह्ह्हह ....

भिकारी :- अह्हह्ह्ह्ह रंडी उछाल और ahhhh....ahhh.... madarchod......ahhhh.....ouchhh....

और दोनों भी जोर जोर से एकदूसरे को पकड़ के उछलने लगते हैंण्ण्न... एकदूसरे को गालिया देते huve........buddhe के लुंड से आखरी पिचकारी निकलती हैंण्ण्न...

जोह सुचिता के छूट के अंदर तक जेक लगती हैंन.... सुचिता को बोहत मजा आता hainnn....aur सुचिता आपने छूट को लुंड के आखिर तक ऊपर निचे तक घुसा देती हैंन

Ahhhhhhh......buddhe का पूरा माल सुचिता के छूट से बेहटा hainnn....buddha हफ्ता huva....aankh बंद कर थक जाता हैंन...

सुचिता अब्ब्ब पूरा रंडी की तरह चढ़ के बुड्ढे के लुंड को आखिर का मजा देती हैंन......

अह्ह्ह

ये बता रहा था सुचिता की जीत हो चुकी hainnn....ahhhh....kya .....उछाल रही thi......ghayal ....हरे हुवे लुंड पैन.... suchita....ahhhh......uffffff......

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दोनों की जंघे एक दूसरे की माल से भर जाती hainnn....buddha पूरा गिर जाता हैंन....

सुचिता के अंदर का भिकारी का माल सुचिता के छूट मैं कही बह जाता हैंण्ण्न..... सुचिता को वोह माल अंदर लेके बोहत अच्छा लगता hainnn...aur वोह अब्ब्ब रूक जाती हैंण्ण्ण्न...

उफ्फ्फ्फ़..... सुचिता के टैंगो ....गांड और ....पुरे जांघो पैन भिकारी का छुम बहने लगत hainnn...aur सुचिता भिकारी के ऊपर से उठ जाती hainnnn...m

अपनी दर्द भरी छूट को आपने हटो से दबती हैंन.... भिकारी को देखती हैंन...

जोह पूरा नंगा कमोड पैन पड़ा huva....tha......

सुचिता अपनी साड़ी की तरफ बढ़ती hainnn...aanpna ब्लाउज पहन लेती हैंण्ण्न.

भिकारी का पूरा बदन उसके बदन पैन घिस चूका tha....uska पूरा गन्दा स्मेल उसके बदन से आआ रहा था ....पर .... सुचिता सब छोड़ के साड़ी पहने लगती हैंण्ण्न.....

और तभी भिकारी की आँख खुलती hainnn....voh सुचिता के गांड को घूरने लगता hainnn...uska आंग का एक एक बुर्जा सुचिता को देख ाआहे भरता हैंन...

सुचिता ाअपनी गीली कोने मैं पड़ी पंतय को पहन लेती हैंन...

अह्ह्ह भिकारी इस्सस पारी की गांड को पंतय पहनते dekh....soye लुंड को देखता hainn....joh गांड को देख करंट मरता hainnn....ahhhh...kya ...गांड थी....

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..

भिकारी :- अह्ह्ह्हह काश कहभी मुलाकात हो और इसके गांड मैं भी माल उतरने का मौका मिले अह्ह्ह्ह....

और तभी सुचिता बुड्ढे को देखती hainnn....aur दरवाजे के तरफ बढ़ती हैंन....

बुद्धा सुचिता को आँखे से आँखे मिला के आँख मरता हैंन.....

सुचिता भी रंडी की तरह शर्मा जाती हैंण्ण्न....

भिकारी :- अह्ह्ह्ह कुट्टी कभी मिलना फिर से ..अह्ह्ह

सुचिता कुछ भी न कहते हुवे अपनी गीली छूट थुकि हुवी छूट लेके बहार आआ जाती हैंण्ण्न.....

दरवाजे से आयति हुवी हवा अब्ब्ब सुचिता के बदन को चुटी hainnnn...ahhh....gila pan....abhi भी दर्द देता हैंण्ण्न..

और सुचिता अआपने सीट की तरफ निकल पड़ती हैंन..

और तभी सुचिता थम जाती हैंन.......

उसका नशा थोड़ा उतर जाता हैंन....

ऐसा लग रहा था जैसे सुचिता को साप सूंघ गया हो.....

सुचिता का चेहरा फीका पद जाता हैंन.....

सुचिता कुछ सोच मैं डूब जताई हैंन.....

ऐसा लग रहा था कुछ बोहत बुरा ya....kuch छूट हिला देने वाला कुछ सन हुवा हैंण्ण्न......

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सुचिता के आँख मैं दिख रहा था कुछ गलती हुवी हैंन.....

सुचिता मन मैं ( ओह्ह्ह्हह्ह ुह्ह्ह्ह माय god......ye क्या किया मैंने.......

उसका सब अंदर ले liya......abhi पीरियड्स मिस हुवे हैंण्ण्न......... fuckkkkkkkkkk..........

Abbbb......kya करू मैंनं..........

और सुचिता और सुचिता की छूट वही कड़क जाती hainn.........aur सुचिता के लिए अब्ब ये बोहत बड़ी चुनौती थी की अब्ब्ब इस सफर मैं वोह क्या करने वाली थी......

ट्रैन ......आपने डेस्टिनेशन पैन 2 घंटे मैं पोहचने वाली thi.....aur .....यहाँ से अब्ब्ब......

चालू .....hoga.....safar ......जवानी कहा

To........be....... कॉन्टिनोएड.........
 
डिअर रीडर्स..... हार्ट

सफर के 10 एपिसोड्स मैं से 6 कम्पलीट हो चुके हैं...

नाउ 4 रमैनिंग. एंड इस एपिसोड्स मैं बेस एंड प्लाट बिल्डिंग होगी. ... एंड ये 4 EPISODE नम्रता पे फोकस्ड होंगे .

सो आपके कोई फंतासी एंड सुग्गेस्टियन्स होंगे तोह कमेंट करो या फिर पर्सनल डीएम करो .

आपके सुग्गेस्टियन्स का हमेशा स्वागत हैं.. होर्सेरीदे

कीप सपोर्टिंग.

स्टे सेफ. ...
 
सफर :- EPISODE NO ो7.

PART :- ू1

आखिर कर एक काळा रात का आंत हो चूका था जिस रात मैं जोह नहीं होना चाहिए था वोह हो गया tha.....isss गुलाबी तेज ठंडी मैं गर्मी का अंत हो गया tha....kitna भी भड़क लो आखिर अंत तोह गर्मी बुझने हे वाला होता hainn....iska सही उदहारण था इस्सस भयानय मिलान का सम्भोग जोह डोह लोगो को संतुष्टि के करीब ले जेक आपने बीज अंदर छोड़ने तक का सफर होता hainn....aur वोह बीज आपने अंदर लिए रूप की अप्सरा ....आपने ....सीट पे शांति से गहरी नीड मैं सो चुकी थी.......

छूट का दर्द रत भर तरसा रहा था ....आँखों से आयसुओ की बाद निकल आयी thi....ye गलती कैसे हो गयी और अब्ब क्या होगा ...ये सोच के उसके गांड की नशा उतर चुकी थी शर्मिंदगी से उसकी भड़कती छूट भी साड़ी के आड़ आके चुप चुकी thi....aur अब्ब जोह कुछ होना था वोह होने वाला था.....

नियति को. .....KOIIIII.....TAL नहीं सकता ....

पर इसी नियति ने ....रत के कुछ पालो को किसी के आँखों से देख के. ....एक उम्मीद की किरण जगाई thi....ek aasha....joh ... दिवाली के रत गुमसुम हो गयी thi.....ek मुस्कान joh....dard के आड़ मैं चुप चुकी thi....aur एक ऐसा नशीला बदन ....joh.....shant अच्छा नहीं लग रहा tha.....ek ऐसा शोला joh.....thand मैं भी किसी को भी गरम कर दे. ......ुह्ह्ह्ह...

उससस शोले को कल chinagarri....lag चुकी थी ....जोह उसने देखा था उससे कुछ सीखा tha....kuch समजा था.... जिंदगी से कैसे डील करे उससे abb....samaj रहा tha.....aur....abb....kya होने वाला था पता नहीं पर सब सही होने वाला था ........

ुस्स्सस्स गुलाबी ठंडी मैं अब्ब्ब मनाली की हसीं वाडिया नजदीक आए रही थी बदलो को चीरते हुवे और हवा को स्पर्श कर के एक्सप्रेस धीमे गति से इस्सस कुदरत के कायनात का आनद ले रही थी......

ुस्ससी बिच अब्ब्ब मॉर्निंग के 7 बज चुके थे.........

नम्रता की आँख खुल चुकी थी आपने पापा को सोता देख नम्रता निचे उतर जाती hainnn......aaapni माँ भी सामने वाली बिरथ पर सोई हुवी thi.....aur.....namrta उसके सामने वाली खली सीट पैन बैठ जाती हैंण्ण्ण्न....

खिड़की बंद थी पर आयने मैं से नम्रता बहार झक्ति hainnn....aur उसके मुहहह से एक हे शब्द निकलता हैंण्ण्न....

Wowwwwwwwwww......... ब्यूटीफुल...........

नम्रता आपने नाजुक हटो से विंडो ओपन करती hainnn....aur .....हलकी से ठण्ड हवा उसके जुल्फों को पीछे करती hainnn....gore गोर चेरे पैन ठानी हवा नम्रता के चेहरे को गुलाबी कर देती hainnnn......and....namrta आपने आँखों को नेचर के ुसस्स सुन्दर दृश्य मैं डूबा देती हैंन......

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ुस्स्सस्स सुन्दर दृश्य को देख नम्रता खुद मैं खो जाती hainnnnn......aapne खयालो मैं डूब जाती hainnn....isss दुनिया को वोह एक अब्ब्ब अलग नजरिये से देखने लगती हैंण्ण्ण्न....

इतने दिनों से जोह बात उसको खाये जा रही thi....voh....yad करने लगती hainnnn............usko यादो मैं ुसस्स रत का दृश्य दीखता hainnnn....akhir क्यू गयी थी मैं वह ऐसे क्या जरुरत पद गयी mujhe.....agar पापा ....कुछ देर पहले आते तोह क्या होता मुझे ऐसे देख के तोह वोह टूट jate...........akhir क्या गलती थी मेरी क्यू किया था मैंने ऐसा .......क्या हुवा था mujhe.........uffffff......

जीवन मैं ऐसे हालत आआ जाते hainn....lekin मुझे उनको हैंडल करना आयना chahiye.......aur आगे बढ़ना chaiye......issss दुनिया को देखना chahiye.....sab चीजे आगे बढ़ रही hainnn....kuch भी परमानेंट नहीं hainn....ye ट्रैन भी आगे बढ़ रही hainn.....ye नेचर bhi......toh मुझे भी अब्ब आगे बढ़ना चाहिए और सिचुएशन को हैंडल करने आना चाहिए....

जैसे का माँ ने kiya.......ha.....agar मैं होती तोह जोर से चिल्लाती और तमाशा हो जाता .......कैसे माँ ने उस भिकारी को भगा diya......par ....वोह इतनी देर कर क्या रहा था ....पर माँ तोह सोई हुवी thi.....maine देखा था वोह माँ के vah.......uhhhh.....mujhe तोह यद् करने मैं शर्म आआ रही hainnn......usne माँ के साड़ी मैं हैट डाला था .....और माँ बेचारी सोई huvi....thi......ufff......ahhhh मैं तोह चिल्लाने हे वाली थी जब वोह माँ के ऊपर चढ़ gaya.....aur....aurr.....ishhhhhhh.........ye मैं क्या सोच रही हु ....ये सोच के मुझे बुरा लग्न चाहिए पर ....अच्छा क्यू लग रहा हैंन..... एक्सिटिंग लग रहा हैंन.......

नम्रता को समझ नहीं आ रहा था वोह क्या सोच रही hainnn....par उससे वोह यद् करने मैं मजा आए रहा था......

अह्ह्ह मैंने देखा था कैसे उससस भिकारी ने माँ के ऊपर चढ़ के माँ के साड़ी को ऊपर kiya.....aur aurr............mom के उधर मुहहह घुसाने लगा .......िष्ठ्हहह माँ को कैसे पता नहीं चला इतना हो गया.............

वोह भिकारी ने तोह माँ के उधर पूरा मुह्हह्ह घुसा diya......ahhhhh............tab तोह गन्दा लगा दर लगा ....पर abb......q......kaise तोह लग रहा हैंन....

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नोट :- जिन्हे यद् नहीं आखिर नम्रता ने क्या क्या देखा था वोह......

EPISODE :- ो2 ( सफर ) पेज no :- ( 77 ..और 153) देखे.

क्या पता मुझे ऐसा लग रहा था माँ जगी हुवी hainnn......par माँ का कोई मूवमेंट नहीं था ....पर अगले हे पल जब उससस भिकारी ने माँ के vaha....uhh वह अपनी उंगलियों को घुसाया तोह मुझे एकदम झटका लगा .....ऐसे कैसे हो सकता हैं bc......mom ुसस्स भिकारी की उंगलियों को आपने उधर ले रही thi....aur मैं कन्फर्म हो गयी की .....ईशःठ माँ अपनी कमर हिला रही थी.....

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मुझे माँ का कमर तक का हिस्सा दिख रहा था और मुझे मेरे आँखों पे यकीं नहीं हो रहा था और कानो पैन भी क्यू की मुझे माँ की सिसकारियां सुनाई दे रही thi....aur उनकी अब्ब कमर भी हिल रही थी.....

Chiiiii.....kitna गांड बस आए रहा था उस भिकारी के बदन से ......और वोह गन्दा भिकारी माँ के उधर अपनी उंगलियों को जोर जोर से घुसा रहा tha.......tab मुझे कुछ हो रहा tha......mano दर मैं भी मेरे बदन मं कुछ हो रहा होओओओ........

और तब तोह मुझे माँ पैन इतना घुसआए आया की .....मुझे लगा हे नहीं ये मेरी माँ hainnn......usss भिकारी ने लिमिट क्रॉस की जब वोह माँ के पुरे बदन पैन चढ़ gaya.....aur.......mom कुछ नहीं कर रही थी ......पर उसने माँ के voh....bade बड़े हैट मैं liye....aur दबाने laga........mujhe तोह लग रहा tha....papa को उठा du....lekin .... कन्फर्म नहीं थी माँ जगी थी या सोई huvi......par.......mom ने ऐसा क्यू kiya......ky जरुरत thi....mom कुछ बोल भी नहीं रही थी...

और तब वोह मूवमेंट आया ......की मेरे भी मुह्हह्ह से सिसकारी निकल गयी....

क्यू की उससस भिकारी ने मेरे माँ के रेड ब्लाउज को हलके से नोचते हुवे निचे kiya.....voh इतना दिखा नहीं ....पर ....ufff.......mom का एक निप्पल पहले बहार आया और बाद मैं dusra.....aur वोह भिकारी दोनों को मसलने लगा.....

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तब मुझे बोहत घिन आयी और ग़ुस्सा भी ऐसा लग रहा था जोर से चिल्ला के पापा को उठा du....par ऐसा नहीं कर सकती थी ........पर वोह देख मुझे कुछ तोह होने laga.....mere अंदर का बदन ठण्ड से कुड़कुड़ाने laga......kuch होने लगा......

कैसे वोह माँ के ऊपर पड़ा था बदन नहीं टच हुवा पर बैलेंस कर के वोह माँ के बदन को छू रहा tha....maje ले रहा था और माँ का कोई विरोध नहीं था......

और ाअगले हे कुछ समय baaad..........voh वह से चला gaya.......ha.....kya पता ....क्या हुवा पर जाते वक्त माँ के ....ुसस्स...... निप्पल को अआपने मुह्ह main.....leke एक लव बाईट देते हैं वैसा देके कहला गया..........

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आखिर ऐसा क्या huva.....aur माँ ने सिर्फ उसको कुछ बोलै और कहला गया.... मुझे वोह देख क्या पता बोहत आचार्य huva.....aur.....tab laga.....ki ऐसे सिचुएशन मैं माँ ने उसे कैसे हैंडल kiya......abb....isse माँ की छलकी कहु ya....feer बेवकूफी पर माँ को कुछ हुवा तोह nahi.....yahi इम्पोर्टेन्ट hain......toh इस चीज को मुझे पोसिटीवेली लेना चाइये और बिरजू काका के साथ जोह कुछ हुवा उससे भूल कर आगे बढ़ना चाहिए..........

और इस्सस मिंडसेट के साथ नम्रता की इस्सस सुनहरी दीं की शुरुवात हो चुकी thi.....aur ये सब सोच के नम्रता को ाअलग हे फीलिंग आए रही थी..... विंडो मैं बैठी खूबसूरत नम्रता ......अआपने सामने सोये हुवे माँ को देख कुछ सोच रही थी.... ुसस्स सीट को देख उसे बार बार कल रत के सन की यद् आए ताहि थी...

नम्रता बेचारी को क्या पता उसके माँ ने कोई डील नहीं किए थी और नहीं ....किसी सिचुएशन को हैंडल किया था बल्कि ...... भिकारी गेम खेल के छोड़ने का इनविटेशन देके चला gaya....tha....aur.... सुचिता भी बेशर्मो की तरह चली गयी थी बाथरूम मैं रासलीला karne.....par ये नम्रता ने न देखा ....न अब्ब कोई उससे बताने वाला था.............

नम्रता का ध्यान बार बार उस सीट पैन जा रहा tha.....aur तभी नम्रता को आपने जांघो मैं बोहत ठण्ड महसूस होती hainn....aur ...... एकदम से गरमी भी लगती हैंन .........

नम्रता निचे सर कर के देखती hainnn....aur आपने हैट आपने जांघो पे रख के देखती हैंन....

ुह्ह्ह्ह हैट को कुछ लगते हैं नम्रता का चेहरा लाल लाल हो जाता hainnn......aur चेरे पैन ाचारिया की भावना आए जाती हैंन....

नम्रता को महसूस होता hainn....uski पंतय अनादर गीली हो चुकी hainnn....aur इतना हे नहीं वोह गीला पैन अब्ब्ब उसके लेग्गिंग्स मैं भी महसूस हो रहा था......

अआपने माँ और उससस भिकारी के बारे मैं सोचा के नम्रता के छूट ने ये ठंडी मैं इस प्रकार का गरम रिस्पांस दिया tha.....aur जोह लाजमी था...... बिरजू के इंसिडेंट के बाद मनो नम्रता की छूट सुखी पद गयी thi.......par आअज उस दीं के बाद पहली बार उसके जवान छूट ने रिस्पांस किया था..........

तभी नम्रता के जांघो मैं गिला पैन महसूस कर उसके अंदर अलग सा माहौल बन जाता hainnn......aur वोह सन यद् कर के वोह और सेहर जाती hainnnn......uske बड़े बड़े गोर चूचियां फूल जाती hainn....apne दरार मैं ठण्ड लेते हुवे उसके निप्पल टाइट हो जाते hainnn.....namrta ुसस्स गीली जांघो को एक दूसरे से बैठे बैठे घिसने लगती हैंन......

दोनों जांघो का घिसने का आवाज उससे अलग फील देता hainnn....andar पंतय भी घिसने लगती hainnn....namrta को मजा आने लगता हैंन....

और वोह ुसस्स फीलिंग को अंदर महसूस करते huve.....aankh बंद कर के मुह्ह ऊपर कर के एक संतुष्टि की सिसकारी भर देती हैंन.........

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Aaaaaahhhhhh.........ummmmmmmmmm......

अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह कितने समय बाद नम्रता को अह्ह्ह ऐसे फीलिंग दोबारा आयी thi....ahhh......uske छूट का अब्ब रास लेग्गिंग्स के उअप्र से साफ दिख रहा था बराबर दो जांघो के बिच उसकी लेग्गिंग्स गीली हो चुकी थी.......

उसके बड़े बड़े बूब्स ुसस्स टॉप मैं मस्त दिख रहे थे और उसमे ठण्ड के तड़के से और बड़े हो गए थे .... ufffffff............namrta को समझ नहीं आए रहा था सुबह सुबह उसके बदन मैं ये क्या हो रहा hainnnn.......aur तभी अब्ब्ब बौवनाओ का मिलान हो रहा था ......उसको सब अच्छी चीजे यद् आए रही thi....aur कुछ वोह सुख देने vali....ki कैसे सावला चाचा ने उसको इन् सब से इंट्रोडस kiya....kaise उसके अंदर चिंगारी Bhari....aur ....फिर कैसे बिरजू ने उस चिंगारी को आग लगाने का काम kiya.....aur .... दीवाल के रत उसके छूट मैं बम लगाने का प्लान kiya....kaise छूट फूटते फूटते बच gayi.....aur.....kaise उसने वोह सब एक बुड्ढे मर्द के साथ किया जोह उसने सपने मैं भी नहीं सोचा tha........aur ये सब सोचते सोचते उसके पंतय मैं ढब ढाबा बहने लगा वोह भी इतने ठण्ड मैं उसे पता भी नहीं cahala.....uhhhhhh.

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नाजुक छूट की छोटी से दरार ुसेड गरम काम रास को बहार फेकने लगी छूट मैं खुजली होने लगती hain.....aur अह्ह्ह्ह ुसस्स काम रास का हसीं सुगंध अहह नक् मैं घूमने लगता hainnn.....uhhhh....

अह्ह्ह्ह कैसे इस्सस काम रास को बिरजू चाचा ने कुत्ते की तरह छठा था इसका आनंद वोह पल देके जाता hainnn.....aur.....alag से संतुष्टि चेहरे पाई. आए जाती हैंन.......

और तभी ...... सूरज की किरण मुह्ह पैन गिरने लगती hainnn....aur.....kuch अलग सा महसूस होता hainn.....upar नम्रता के डैड उठ चुके थे .... स्टेशन आने मैं अब 15 मिनट्स the....aur.....yaha ..... सुचिता अभी भी सोई हुई थी....... संजय निचे ुअत्तर के सुचिता को उठा देता hainnn.....aur..... सुचिता भी उठ के सब रेडी करने लगती हैंन.....

नम्रता अब्ब्ब नार्मल होक ुसस्स दृश्य को देख रही thi....jaha.... कुदरत आपने कमल दिखा रहा tha.....aur एक्सप्रेस अपनी sundarta......kya.... दृश्य था......

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अब्ब्ब मंजिल नजदीक आए रही थी.....

मॉर्निंग के 8 ऍम बज चुके थे........

एक्सप्रेस का स्पीड काम काम हो रहा था..... प्लेटफार्म की सुंदरता दिख रही थी......

मनाली के नजदीक का स्टेशन आए चूका था वह से कैब कर के होटल पोहचना था.....

एक्सप्रेस रूक जाती hainnn....aur......teeno भी उस ट्रैन से उतर जाते हैंन......

सुचिता को उतारते समय ये ट्रैन हमेशा के लिए यद् rahegi....aur....uska बाथरूम bhi.....abb उसे एक हे चिंता थी इस्सस अनजान सिटी मैं ी- पिल अवेलेबल karna....q की आपने साड़ी के छूट के अंदर वोह भिकारी का माल लेके जोह घूम रही थी......

इन कैब.................

कैब मैं से नम्रता देखने लगती हैंन.....

नम्रता :- पापा कितनी देर lagegi......hotel पोहचने मैं.....

संजय :- बीटा बस पोहच गए 5 मिनट्स मैं....

और तभी नम्रता को बड़ा सा होटल नजदीक आता दीखता hainnn.....aur उसके मुहहह से एक हे वर्ड निकलता हैं....

नम्रता :- वववववव डैड बूटीफुल....

संजय :- है बीटा......5 स्टार होटल हैं....

नम्रता :- haaaaa....voh दिख रहा hainn...kitna बड़ा hainnn....door से हे कितना ....आलीशान लग रहा हैं...

संजय :- सुचिता तुम बोहत शांत हो क्या हुवा खुश नहीं हो.....

सुचिता :- ऐसा कुछ नहीं ......थोड़ी थक गयी हु... ट्रेवल के vajah....se......

संजय :- ok जणू आज हमें कुछ नहीं करना आज पूरा दीं होटल मैं आराम karenge....aur कल से हमारा सफर चालू.......

और तभी कैब होटल के सामने रूक जाती hainn.....aur नम्रता बहार उतरके पुरे होटल पैन नजर घुमा देती hainnn....joh नजरो मैं भी नहीं बैठ रहा था....

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नम्रता :- ओह्ह्ह्हह हो papa....kya होटल hainn....itna bada....itna sundar.....itna.... आलीशान.....

संजय :- है बीटा हमारे दसप साहब की चॉइस hainn....joh की हमेशा बराबर रहती हैंन....

सुचिता :- वोह पोहच गए होंगे न....

संजय :- हल कल रत हे दसप साहब और उनकी मरस . मिश्रा पोहच गए......

सुचिता :- अच्छा....

संजय :- चलो चेक इन कर लेते हैंन...

और िस्स्सस्स prakar.....hotel मैं नम्रता की एंट्री हो जाती हैंण्ण्न......

संजय रिसेप्शन के यहाँ अमाउंट एंड फॉर्मलिटीज पूरा कर देता hainnn.....aur कीस ले लेता हैंन....

अब्ब्ब तीनो आलीशान लिफ्ट से ऊपर चले जाते ....hainn.....boht ऊपर था उनका रूम....

और तभी संजय नम्रता का हैट आपने हैट मैं लेता hainn.....aur नम्रता के हैट मैं एक के रख देता हैंन....

नम्रता :- ये क्या हैं पापा.....

संजय :- तुम्हारी रूम की के.......

नम्रता :- ओह्ह्ह्हह्ह hoooo....papa.....sach मैं....

संजय :- है शोना.....

सुचिता :- क्या जरुरत थी अलग रूम की एक काफी था तीनो के लिए .....

संजय :- अरे कितने दिनों बाद घूमने आये हैं करने दो उससे भी एन्जॉय और दसप साहब ने खुद बोलै था अलग अलग रूम लेने के liye.....so ले लिए....

और वोह रूम के यहाँ पोहच जाते हैंन.....

संजय :- वोह देखो बीटा वह तुम्हारा रूम हैं.... तुम्हारी बाजु मैं मिश्रा साहब ka.....aur उनके बीवी ka......aur यहाँ हमारा .....

नम्रता :- ओह्ह्ह ok पापा....

सुचिता :- संभल के बीटा और कुछ लगे तोह आ जाना हमारे रूम मैं...

नम्रता :- एस्सस माँ....

संजय :- अब्ब्ब आराम कर लो मिश्रा साहब भी सोये honge.....so हम आफ्टरनून मैं उनके साथ निचे लंच करने जाने वाले hainnn....so रेडी रहना....

और सब आपने रूम मैं निकल जाते हैंन....

नम्रता का रूम खुलते heeeee....use यकीं नहीं hota....kya सुन्दर रूम था....

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नम्रता पहले जेक बीएड पैन कूद जाती hainn....aur आपने बदन को बीएड पैन सॉफ देती हैंन........
 
PART :- ो2

नम्रता थोड़ा आराम करने के लिए वैसे हे बीएड पैन आँख बंद कर लेट जाती हैंन.....

यहाँ सुचिता और sanjay....aapne रूम मैं पोहच जाते hainnn....aur संजय शावर लेने चला जाता हैंन...

सुचिता अब्ब्ब एक हे चक्र व्यू मैं थी की अब्ब यहाँ ी- पिल कहा मिलेगी .....और मिल भी जाये तोह वोह कैसे लेने जाएगी....

अब वोह मुश्किल था ऐसे अनजान जगह अकेले जेक कही लेना और जाये भी तोह कहा और आपने पति को तोह ये नहीं बता सकती ......abbb....uske सामने ये बड़ी मुश्किल आके कड़ी thi....kahi भिकारी का बीज इस्सस कामुक औरत के छूट मैं फूल न जाये.....

Yaha......DSP मिश्रा और उसकी patni.....aapne रूम मैं कल रात हे दाखिल हुवे थे ....वैसे देखा जाये तोह ये सब मिश्रा की प्लानिंग thi.....aur उसी की वजह से संजय यहाँ आया tha.....aur वैसे भी द्क्प अब्ब रिटायर्ड होने वाला था.......

वैसे देखा जाये तोह द्क्प मिश्रा काफी मांजा हुवा खिलाडी tha.....uske बड़े बड़े कांटेक्ट थे.... पॉलिटिक्स से leke....high आर्डर tak.....par अब अपना सब काम वोह संजय के हटो मैं देके सुखों की जिंदगी जीने की नयी शुरवात करने वाला था....

देखा जाये तोह मिश्रा साहब की जिंदगी काफी उन्स्तब्ले thi.....uski पत्नी हमेशा बीमार रहती thi....aur अभी भी उसको अस्थमा का प्रॉब्लम tha.....mishra के फाॅर्स के वजह से वोह यहाँ उसके साथ आयी थी....

देखा जाये तोह मिश्रा अब्ब बूढ़ा होने लगा tha....par उसके अंदर जूनून बोहत tha....aur....jawani bhi.....dikhne मैं गोरा सा पर एकदम कमीना लगता था......

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मिश्रा एक कोर्रुप्त अफसर था पर संजय के आने के बाद उसके सरे कोर्रुप्त काम बंद हो गए और संजय तरक्की करने लगा और मिश्रा ने भी अपने सर्विस का आखरी समय ईमानदार रहके gujara.....dekha जाये तोह मिश्रा संजय को आपने बेटे जैसा ट्रीट करता tha....q की मिश्रा की कोई औलाद नहीं थी.............

मिश्रा की मैरिड लाइफ भी पहले से कुछ खास नहीं thi....aapni ढलती उम्र मैं भी वोह रंडियो को जेक छोड़ता hainn......aur आपने लुंड को शांत करता hainnn.....kothe की रंडिया मिश्रा के नाम से डर्टी hainnn....q की जन्दगी की .....काम की.... ऑफिस की..... क्रिमिनल्स की साडी भड़ास ......मिश्रा रंडियो पैन निकलता tha.....aur.......jam कर के 7-8 घंटे चुदाई करता था......

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मिश्रा का एक रंडी के साथ अफेयर भी tha.....aur वोह भी मिश्रा से साडी अपनी जरूरते पूरी करती हैं.....

मिश्रा का एक रंडी के साथ अफेयर भी tha.....aur वोह भी मिश्रा से साडी अपनी जरूरते पूरी करती हैं.....

मिश्रा ने अब तक सिर्फ महंगी रंडियो को और अआपने बीवी को छोड़ा tha....uska मौसल लुंड का सुख उसकी बीवी ने ज्यादा नहीं लिया पर हाई पेड रंडियो ने जरूर लिया था.....

आपने रेपुटेशन और पोस्ट का लिहाज रख के मिश्रा ने कभी किसी घरेलु औरत या लड़की को चुवा नहीं tha....ya ....कभी ....तरय मारा tha.....par ....उसको जवान लड़की को देखने का बड़ा शौक tha....aur पोर्न वीडियोस मैं भी वोह वही देखता था.....

अब्ब्ब क्या पता ये सफर मिश्रा के रिटायर्ड जिंदगी को कहा ले जाने वाला था........

मॉर्निंग के 11 ऍम ..........

यहाँ सुचिता और सनजय फ्रेश होक बीएड पैन लेते थे..... सुचिता को वही टेंशन लगा हुवा tha....par abb....voh ....thoda....khul गयी thi....aur.....aapne पति को बुरा न लगे इस्सलिये अंदर का दुःख छुपा रही थी.....

Yaha.....namrta ....भी ....उठ कर फ्रेश होने चली gayi.......aur..... शावर ले लिया ....इस्सस ठंडी भरी मौसम मैं गरम पानी का शावर नम्रता के बदन को तृप्त कर देता हैंन......

उसके नंगे बदन pain....garam गरम पानी बह के छूट के दरार मैं मचलने लगता हैंन.......

और नम्रता शावर लेके बहार आए जाती हैंन......

इस्सस बार नम्रता ने आपने साथ बोहत अलग अलग ड्रेस लाये थे जोह उसने कभी तरय भी नहीं किये थे. ................पर फिलाल आज कही नहीं जाने का था तोह वोह एक ....

तिघ्त सा टॉप पहन लेती hainn...aur निचे कासी हुवी तिघ्त लेग्गिंग्स दाल देती hainn....uska बदन उस ड्रेस मैं तन जाता hainnn....aur......chati का भाग कास जाता हैं....

अह्ह्ह्ह क्या मॉल लग रही थी नम्रता .....

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अह्ह्ह्ह बूब्स तोह मनो उस टॉप मैं पके हुवे आम की तरह फूल गए थे और गांड का कोना हल्का सा लेग्गिंग्स मैं फूल के बहार आए चूका tha.....uffff....koi देखे तोह बस. अआपने लुंड को हिला ता जाये.........

और तभी .....नम्रता के दरवाजे पैन कोई तोह नॉक नॉक करता हैंण्ण्न.....

नम्रता दरवाजे के तरफ बढ़ जाती हैंन.....

सामने सुचिता और संजय थे .....

संजय :- हो गई तैयारी बीटा. ...

नम्रता :- है पापा .....हो गयी....

सुचिता :- खूबसूरत लग रही हो बीटा ...

नम्रता :- है आप भी माँ...

संजय :- चलो अब्ब हमें निचे लंच करने जाना hainnn....aur दसप साहब से भी मिलना hainnn....voh हमें आगे का प्लान batayenge.....kaha घूमना हैं क्या करना hain....vaigera ....

सुचिता :- अच्छा ठीक हैंन....

और तीनो भी निचे ....... लंच के yaha....chale जाते हैंण्ण्ण्न.......

संजय और सुचिता फॅमिली डाइनिंग टेबल पैन बैठ जाते हैं....

नम्रता आपने आँखों से इस्सस बड़े आलीशान होटल को निहार रही थी .....एक एक चीज बड़े अच्छे से देख रही thi....aur....tabhi....vaha....

मिश्रा और उसके पत्नी के एंट्री होती हैंन.......

संजय :- ाआरे सर आईये हम आपकी हे रह देख रहे थे .....

मिश्रा :- हारे बीटा अब्ब यहाँ तोह सर मत बोल.....

संजय :- है ha....par मेरे लिए आप सर हे हो....

मिश्रा :- और मेरे लिए तुम बच्चे हो बेटे जैसे ...

सुचिता :- कैसे hain...aap....( मिश्रा के पत्नी को.)

Mrs.mishra :- जी अच्छी हु बस कल पलाइन मैं थोड़ी तबियत बिघड गयी थी...

मिश्रा :- इनकी तोह हमेशा तबियत बिघड जाती हैं.

सुचिता :- तोह कुछ मेडिसिन लिए या नहीं...

मरस मिश्रा :- लिए hainn....main तोह आना भी नहीं चाहती थी पर इन्होने बोहत फाॅर्स किया...

मिश्रा :- है तोह ये सब कब देखोगी....

सुचिता :- अच्छा हैं अब्ब ए हो तोह बोहत घूमेंगे..

मिश्रा :- क्या घूमना डॉक्टर ने कहा हैं 3-4 दीं रेस्ट करने के लिए ...

संजय :- ओह्ह्ह तोह अब्ब्ब....

मिश्रा :- तोह abb...kya घूम लूंगा अकेला...

संजय :- और हम किश लिए hainnn...hum हैं न..

मिश्रा :- हारे नहीं बीटा तुम और तुम्हारी फॅमिली एन्जॉय करो....

सुचिता :- ऐसा कुछ नहीं ji....aap की कंपनी अच्छी लगेगी हमें

संजय :- और सारा प्लान आपका हे तोह hainnn....aur मुझे पता हैं आप कितने एडवेंचर्स हो... इसलिए अब कोई बहाना मत देना...

मिश्रा :- ठीक hainn...beta....aaare हमारी gudiya.kaha hainn....main तोह भूल हे gaya...usse..

Mrs.mishra :- है जे कितने साल हो gaye....last टाइम देखा था तोह कितनी छोटी थी....

सुचिता :- अब्ब्ब काफी बड़ी हो चुकी hainn..m

मिश्रा :- ारे पर कहा हैं नम्रता बेटी दिवाली के फंक्शन मैं भी नहीं थी....

सुचिता :- वोह रही वह बैठी हैंन.....

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मिश्रा और मिश्रा की बीवी नम्रता को देखती hainnn...aur उन्हें यकीं नहीं होता ये नम्रता hainn....q की उन् दोनों ने भी नम्रता को काफी टाइम से देखा नहीं था .......

उफ्फ्फ्फ़ नम्रता का बदन क्या दिख रहा था ..मनो एक हे नजर मैं किसी को मर dale....aur क्या रंग दिख रहा tha....aur उसके बदन का एक एक part क्या जांच रहा था उसके बॉडी पैन....

मिश्रा को तोह यकीं नहीं होता ये वही बच्ची हैं जिससे उसने नाम रखने के प्रोग्राम मैं गॉड मैं liya....tha....aur लास्ट टाइम जब देखा था तोह 7तह मैं होगी....

मिश्रा :- कितनी बड़ी हो गयी हैं नम्रता...

Mrs.mishra :- है न....

सुचिता :- अब्ब्ब आप आते हे नहीं मिलने तोह ऐसा हे होगा न....

सुचिता नम्रता को आवाज लगाती hainnn....aur नम्रता वह जाने के लिए कड़ी हो जाती हैंन....

नम्रता वह जाती हैंन....

मिश्रा :- कैसे हो बीटा....

नम्रता :- अच्छी हु अंकल अआप कैसे हो...

मिश्रा :- मैं एकदम मस्त बीटा ...

नम्रता :- अआप कैसी हो आंटी....

mrs.mishra :- मैं भी अच्छी हो बीटा....

और इस्सस तरह बातचीत चालू हो जाती hainnn....aur कब टाइम निकल जाता hainn...pata हे नहीं चलता ....

सब का लंच भी हो जाता हैंन....

लंच के बाद सब एक जगह पैन बैठ जाते हैं.... जहा मिश्रा नम्रता से एजुकेशन के बारे मैं पूछ रहा था.....

नम्रता मिश्रा के बाजु मैं बैठ जाती हैंन....

मिश्रा :- तोह आगे का क्या प्लान हैं फ्यूचर....

नम्रता :- अभी तक तोह तय नहीं किया ..पर कुछ अलग करना hainn...jis से मेरी अलग पहचान बने ...

मिश्रा :- अच्छा हैं.... तरक्की करो....

नम्रता :- जी अंकल....

संजय :- चलो लंच हो गया hainnn....abb जेक थोड़ा एआरएम करते हैंन ....

मिश्रा :- jarur....chalo...

तभी संजय मिश्रा के पेअर चुने के लिए निचे झुकता hainnn...aur सुचिता भी झुकती हैं...

मिश्रा :- हारे baccho....yaha भी तुम लोग हम घूमने आये hainn....abb ये छोड़ दो....

नम्रता भी पेअर चुने के लिए झुकती हैं...

पर मिश्रा उसे पकड़ लेता hainnn....aur बाजु मैं बिठा देता हैंन...

मिश्रा :- नहीं बीटा ....इसकी जरुरत नहीं हैंन....

और मिश्रा नम्रता के मखमली बालो पैन आपने हैट रख देता हैं....

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नम्रता हलकी से मुस्कान देके मिश्रा के आँखों मैं देखती हैंण्ण्न....

मिश्रा को नम्रता का ऑय कांटेक्ट थोड़ा अजीब फील करा देता hainn....par वोह नम्रता को आशीर्वाद देता hainnn...aur कहता हैंन...

मिश्रा :- बोहत एन्जॉय करो बीटा और आपने पापा का नाम रोशन करके तरक्की करो......

तभी मिश्रा आपने हैट नम्रता के सर से निकलते वक्त उसके नेक के यहाँ से पीछे लेता hainnn....aur .....नैक पैन हैट वैसा हे रह जाता हैं..

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नम्रता हलकी से मुस्कान देके कहती हैंन .

नम्रता :- जी अंकल ...

क्या पता मिश्रा का हैट नम्रता के गर्दन से निकल हे नहीं रहा था या मिश्रा खुद निकल नहीं रहा था....

( मिश्रा को नम्रता के गर्दन पैन एक अलग से गरमी लगती hainn....aur उसके हटो पैन गिला सा कुछ लगता hainn...ek तोह वोह नम्रता के बालो का पानी था या नम्रता का pasina...par .....क्या पता मिश्रा का हैट वही रूक गया था...)

तभी मिश्रा आपने हैट नम्रता के पीठ पैन घुमा के कहता हैं...

मिश्रा :- चलो अब्ब सब आराम कर lo.....feer मैं आपको कल का प्लानिंग बता देता हु ....

संजय :- अभी बता डोह न....

मिश्रा :- नहीं वोह कल के एक्ससिटेमेंट hainn...kal हे पता चलेगी....

सुचिता :- थोड़ा तोह बताओ ..न...

नम्रता :- है अंकल बताओ न...

मिश्रा :- कल हम मॉर्निंग को स्कूटर से यहाँ दूर बोहत सरे पहाड़ो मैं पॉइंट्स हैं वोह देखने वाले hainnn...aur खास बात ये हैं की इस ठंडी मैं स्कूटर से ड्राइविंग करने मैं बोहत मजा आता hainn...aur व्यूज भी जबरदस्त दीखते हैंन...

सुचिता :- ओह्ह्ह्हह्ह ववववव

मिश्रा :- है ऐसे वाओ कल बोहत निकलेंगे.....

संजय :- चलो अब्ब आराम karne.....boht टाइम निकल गया कल की थकन अभी भी गयी नहीं....

और सब आपने आपने रूम मैं निकल जाते हैंन...

नम्रता भी .......आराम करती hainnn....aur कब सो जाती hainn....usse भी नहीं समझ आता...

राआत के 8 बजे.................

सब शांत हो चूका tha....namrta की आँख खुल जाती hainnn....usko यकीं नहीं होता वोह इतनी देर सो रही थी वैसे डिनर का टाइम 10 का tha.......abbb....aapne हे रूम मैं डिनर आर्डर करना tha...toh कोई टेंशन नहीं था....

10 बज जाते hainn....namrta डिनर कर लेती hainnn....aapne माँ और डैड के रूम मैं भी जेक आती hain....unke साथ थोड़ा टाइम बिता के फिर आपने रूम के लिए वापिस आती हैंन...

तभी आगे जेक उससे एक बड़ी से गल्लारी दिखती hainn....jaha से बोहत हे खूबसूरत नजारा दिख रहा tha....aur काली रात का चाँद चमक रहा था....

नम्रता वही उससस नज़ारे को देखती रह जाती हैंन....

तभी नम्रता को किसी के पैरो के चलने की आवजा आपने कानो पैन सुनाई देती hainnn...aur नम्रता को सिग्रेटे की भी स्मेल आती हैंन...

उसको थोड़ा दर सा लगता hainnn....par उसको एक पहचान वाली आवाज सुनाई देती हैंन...

यहाँ क्या कर रही हो नम्रता बीटा.......

नम्रता पीछे मूड के देखती हैंन...

नम्रता :- कुछ नहीं अंकल चाँद और नज़ारे को देख रही हुऊ...

मिश्रा :- हारे वहहह चाँद चाँद को देख रहा हैं....

नम्रता थोड़ी शर्मा जाती hainnn...aur पीछे देख एकदम हसीं मुस्कान देती hainnn....joh देख कोई भी आपने दिल नम्रता को दे बैठे और मुर्दा भी नम्रता की इस्सस खूबसूरती देखने के लिए कब्र से जग जाये....

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मिश्रा नम्रता के इस्सस खूबसूरती से प्रभावित था पर उसके मन मैं कुछ नहीं था नहीं उसको नम्रता को देख कुछ वैसा फील हो रहा था...

पैट नम्रता के इस अनजान ऐडा और इस्सस गदराये हुवे बदन को देख कोई भी नम्रता के बारे मैं सोचने लगेगा ......और क्या दिख रहा tha...usss....dress मैं नम्रता के अंदर की ब्रा स्ट्रिप्स ैसिलय दिख रही thi....aur उसके बदन की खुसबू तोह किसी को भी अत्त्रक्ट कर सकती थी..........

मिश्रा :- जयदा देर मत रूकना यहाँ बीटा ...

नम्रता :- जी अंकल अभी निकल हे रही हु...

मिश्रा :- मॉर्निंग को जल्दी उठना और तैयारी करना बीटा ....

नम्रता :- है अंकल jarur.........ek बात पुछु...

मिश्रा :- है पूछो न बीटा ...

नम्रता :- आप स्मोकिंग करते होऊ....

मिश्रा :- हआ अब्ब आदत हो गयी.......

नम्रता :- मत करिये..... इंजूरियस हैं हेल्थ के लिए .

मिश्रा :- अह्ह्ह अब्ब जाने दो बीटा उम्र हो गयी और तुम्हे नहीं समझेगा इससे क्या होता hainn...aur कैसा लगता हैंन....

नम्रता :- मतलब क्या होता हैंन....

मिश्रा :- कुछ नहीं बीटा तुम अभी छोटी हुऊ.....( और मिश्रा थोड़ा हसने लगता हैं )

नम्रता :- अंकल छोटी हुऊ पर चीजे समझ आती हैं मुझे ........

मिश्रा को नम्रता का बेहेवियर अच्छा लगता hainn...uske आंसर देने का टाइप भी ...

मिश्रा :- ठीक हैं बीटा उम्र के साथ पता चल jayega...tumhe ......

नम्रता :- ok अंकल......

मिश्रा :- वैसे बीटा तुम बोहत हे खूबसूरत हो ....

नम्रता को ये कॉम्पलिमेंट अच्छी लगती hainn...aur इस्सस कॉम्पलिमेंट उसके लिए कुछ अलग थी क्यू की ये कॉम्पलिमेंट अंदर से थी न की उसको पाने के लिए....

नम्रता मिश्रा के तरफ देख हलकी से स्माइल करती hainn...aur मिश्रा के सामने आपने पूरा बदन कर के कड़ी हो जाती हैंन.....

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मिश्रा की नजर बार बार नम्रता के खूबसूरती पर जा रही thi.....mishra ने कभी ऐसे खूबसूरत यंग लड़की को करीब से नहीं देखा tha....par इस्सस लड़की को देखने का नजरिया कुछ अलग था....

पर साला लड़की ऐसे थी की नजर भी बदल जाये और नजरिया भी ........पर मिश्रा अभी bhi....namrta के इस खूबसूरती के लिए खुश tha....aur....najar सिर्फ चेरे पैन थी ....और मखमली गलो और गुलाबी हुवे चेरी par......aur मचलती हुवी चाँद के सामने इस्सस चांदनी के खूबसूरती पर...........

पर तभी ठंडी हवा का झोका आता hainnn....aur ठण्ड की गर gar.....hava को बदन पैन चुके चला जाता हैंन.....

नम्रता :- उठ बोहत ठण्ड hainn...yaha....

मिश्रा :- बीटा अब्ब ठण्ड जगा ठण्ड नहीं होगी तोह क्या होगा...

नम्रता :- हवा भी तेज बहने लगी हैंन...

मिश्रा :- है यही मौसम रहता hainn...yaha...

और अब्ब्ब और एक हवा का तेज झोका आता hainnn.....kudrat का ये खेल क्या अब्ब्ब कुछ करने वाला hainnn....ya ये सिर्फ एक साधरण झोका था.....

मिश्रा के ठीक सामने कड़ी नम्रता का ये तेज हवा का झोका नम्रता के बदन को चुके .....

तेजी से नम्रता का ऊपर का टॉप उदा देता हैंन......

गड़बड़ मैं हुवे इस्सस घटना को मिश्रा आपने आँख मैं समां लेता hainnnn......namrta का टॉप अभी भी हवा मैं tha....jab तक नम्रता को कुछ समझता

सामने खड़े दसप मिश्रा को कुछ ऐसा दिखा tha....joh....usne सोचा भी नहीं था ....aur.....kabhi छह भी नहीं राखी होगी की उससे ये देखना हैंन....

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अह्हह्ह्ह्ह नम्रता के टाइट लेग्गिंग्स मैं न चाहते हुवे भी मिश्रा को नम्रता के टाइट टाइट चउरवे दिख जाते हैंन .....ahhh....kya उभर tha....kya....maal tha....uffff.......andar पंतय होने के बावजूद इस्सस कुवारी छूट का शेप इतने टाइट लेग्गिंग्स मैं दिख रहा tha...aur ठण्ड मैं तोह और भी कड़क पैन आए गया था........

मिश्रा वोह देख अपनी नजर घुमा लेता hainnn....aur नम्रता आपने उड़ता हुवा टॉप आपने हटो से निचे कर देती hainnn....aur .....थोड़ा सा ऑक्वर्ड होक मिश्रा को स्माइल देती हैंण्ण्न.....

अहह कहते हैं न ......देवो की तपस्या भांग करने के लिए राक्षस अप्सरा को नाचने के लिए और बहकाने के लिए छोड़ देते थे ......

वैसे हे हवा की वजह से मिश्रा की तपस्या भांग हो चुकी thi....aur ....अचानक से उससे आपने पंत के अंदर कुछ हरकत महसूस हो रही thi....ahhh....itni सेक्सी और कामुक चीज देख के जिसका टाइट नहीं hoga...voh एक तोह मारा हुवा hoga...ya बिना लुंड ka...aur मिश्रा तोह मजा हुवा खिलाडी tha....uska ...झट से बड़ा सा मोटा लुंड पंत मैं टेंट बना लेता हैंण्ण्न....

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अह्ह्ह्ह धीरे धीरे वोह बड़ा लुंड फूलने लगता hainnn...aur ठण्ड की कारन और विशाल रूप धारण करने लगता hainnn....abbb.... चेरी की खूबसूरती नहीं छूट की लकीरो की शक्ति इस्सस का कारन thi....joh लुंड की लकीरो को बदल रही थी........
 
मिश्रा को भी बोहत ऑक्वर्ड लगने लगता hainn....aakhir नम्रता उसके लिए अपनी पोती जैसी thi...aur हो भी क्यू न मिश्रा ने इतनी सी थी नम्रता तब उसको गोदी मैं उठाया था....

पर आज चित्र कुछ अलग tha....vahi नम्रता के कारन आज 58 साल के मिश्रा का लुंड उसकी अंडरवियर आपने गोदी मैं उठा रही थी.....

इसके पहले की नम्रता कुछ ऑब्सेर्वे करे मिश्रा बोल पड़ता हैंन...

मिश्रा :- चलो जाओ बीटा अब्ब बोहत रात हो चुकी hainnn...aur हवा भी बोहत तेज बह रही hainn....chalo जल्दी जाओ....

नम्रता को कुछ समझ नहीं आता और वोह...

नम्रता :- जीईई..... अंकल.....

नम्रता ाअपनी पीठ मिश्रा के तरफ कर के निकल पड़ती hainnn....namrta की धीमी चल पीछे से मिश्रा न चाहते हुवे भी देख रहा था ........

नम्रता की मदमस्त जवान gaaand.....ek दूसरे के ऊपर घिसते हुवे अपनी हे धुन मैं ऊपर निचे हो रही thi......aur उसके कमर का लचीला pan...mano....kisi के भी मुहहह मैं पानी लेन के लिए मजबूर कर दे.......

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अह्ह्ह्ह मिश्रा वोह देखना तोह नहीं चाहा रहा था लेकिन अंदर का राक्षस वही निगाहे टिका रहा tha...aur नजर हटने नहीं दे रहा था ......uffff.....akhir कर लुंड भी मनो पंत से बाहर आने के liye....bol रहा हो....

नम्रता की बड़ी बड़ी मटकती गांड अब्ब सिडिया चढ़ के उसके रूम की तरफ जा रही thi...aur yaha...mishra के सिगरेट का धुवा उसकी नशा उदा रहा था.....

Uffffff.....aapne लुंड को काबू करने के लिए मिश्रा आपने पंत को हैट लगा देता hainnn....usko यकीं नहीं होता उसके शरीर मैं आपने पोती के उम्र के लड़की को देख ये सब हो रहा हैंन....

अब्ब्ब्ब कुछ आखरी पल थे और ये पल मनो उसका लावड़ा जी न छठा hooo...aapne मालिक को वोह तन के कुछ कह रहा था ...पर मालिक रिश्तो मैं अटका huva...tha...

अह्ह्ह्ह मिश्रा की नजर यही bhi....ussss कमसिन काली के कमसिन गांड पैन thi.....aur....kya गांड thi....uffff

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अह्ह्ह्हह आखिर कर मिश्रा के लुंड को जवाब मिल जाता hainnn....mishra का हैट आपने लुंड पैन वोह मटकती मोती गांड देख के मचल जाता hainnn....aaapne तने हुवे लुंड को मिश्रा एडजस्ट करने लगता hainnn.....aur उसके मुह्ह से एक हे शब्द निकलता हैं...

मिश्रा :- हैययय भगवन ये क्या हो रहा हैं....

अब्बब्बब नम्रता का रसीला बदन मिश्रा के आँखों से धुंदला होता हैंन...

पर मिश्रा के आँखों के सामने अभी bhi...voh पहले तोह छूट की कासी हुवी lakire....aur......abbb गांड का उभर और रसीला पैन tha....aur अचानक से हे इस्सस ठण्ड मैं सिगरेट का दम लेते हुवे मिश्रा आपने लुंड को हलके से दबा देता hainnn....aur क्या pata....uske जेहन मैं नम्रता की मटकती रसीली गांड आए जाती हैंन....

और आपने लुंड को उसी कमसिन कुवारी पारी को देख एकदम जोर से आपने लुंड को आपने पंत मैं मसलने लगता हैंन......

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मिश्रा :- अह्ह्ह ये क्या हो रहा हैं मैं क्या सोच रहा hu.....kya गजब का बदन पाया हैं बेटी ने उफ्फ्फ इस्सस उम्र मैं इतना बड़ा इम्पॉसिबल आखिर क्या चीज हैं ye....yakin नहीं होता इतना मदमस्त कोई हो सकता हैंन.....

कही kahi.....meri नियत.... बिघड तोह नहीं rahi....agar बिघड गयी तोह .....सहमत आए jaygei.....mujhe दायरे मैं रहना होगा वर्ण..........

क्या एक कुदरत का हवा का झोका पूरा माहौल बदल सकता hainn....kya नम्रता का ये सफर अब्ब नया मोड़ लेने वाला हैं ...

तो बे कॉन्टिनोएड........... होर्सेरीदे

कीप सपोर्टिंग....................

स्टे...... सेफ........ हार्ट
 
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