- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 84,779
सफर :- EPISODE NO ो4.
अह्ह्ह्ह अब्ब्ब ओफ्फिशलय सुचिता ुसस्स बाथरूम मैं ऊपर से पूरी नंगी हो चुकी थी और ये एक बोहत बड़ी चीज थी एक घरेलु औरत के लिए जिससे हम इज़्ज़त समझते hainn...upar से एक हाई क्लास औरत के लिए...
और उससे भी बड़ी बात ये थी की जोह औरत ट्रैन के बाथरूम मैं एक भिखारी के बहो मैं ऊपर से नंगी thi...uske दोनों बड़े बड़े दूध खुल्ले थे वोह एक सिक्योरिटी अफसर अफसर की बीवी thi....ufffff क्या रत थी वोह एक बुड्ढे भिकारी के लिए ...अह्ह्ह्ह.
और अब्ब्ब भिकारी कहा रूकने वाला था उसके हैट तोह आल्हा दीं का चिराग लग चूका था और एक नहीं दो do....aur अब्ब्ब भिकारी अपन पूरा जोर सुचिता को कसने मैं लगा रहा tha....tayar कर रहा था वोह बुद्धा सुचिता को एक बड़े मुकाबले के लिए....
काळा बुड्ढे भिकारी के हैट मैं सुचिता के बड़े बड़े डोह आजम क्या लग रहे थे अह्ह्ह भिकारी जोर जोर से ुसस्स नंगे खुली ायमो को आपने हटो मैं भर के जोर जोर से उसका रास निकल रहा था ...
उफ्फ्फ सुचिता जोर जोर से अपना बदन हिला के भिकारी को उत्तेजित कर रही thi...ahhhh.....
भिकारी :- अह्ह्ह्हह्हह क्या दूध hainn...tera...
सुचिता:- ouchhhhhhhhhh...ahhhh
भिकारी :- अह्हह्ह्ह्ह निकलता है. क्या अह्ह्ह्हह बता न....
सुचिता :- नहीं अह्ह्ह्हह dhire....ahhhhhh
भिकारी :- अह्ह्ह्हह्हह क्या मॉल हैं यार tu...ahhhh ऐसा लग रहा हैं तेरे इस्सस दूध को गन्ने के तरह निचोड़ के रख दू मेरे इन् काळा हटो se...ahhh
सुचिता :- अह्ह्ह्हह तोह निचोड़ो naa...ahhhh
सुचिता अब्ब्ब पूरी खुल चुकी थी भिकारी के प्लान मैं फास चुकी thi...ahhh...abbb उससे सिर्फ वोह खुद हे बचा सकती thi...ahhhh
और तभी बुद्धा आपने काळा हटो से दोनों ामो को बेरहमी से मसलने लगता हैं ...और पीछे सर्रे पैन गांड पैन अपन लुंड चुभने लगता हैं...
सुचिता इस्सस हमले से चीख उठती hainn...ahhhh क्या सन था.....
अह्हह्ह्ह्ह ुह्ह्हह्ह्ह्ह फ़क अह्ह्ह्हह्हह ुह्ह्हह्ह धीरे अह्ह्ह्हह धीरी
क्या मुलायम अह्ह्ह क्या सॉफ्ट उफ्फ्फ्फ़ क्या बूब्स थे सुचिता के और भिकारी की आराम से उन् दोनों को मसल रहा tha...ahhh
अब्ब्ब इस्सस घमासान ुद्धा मैं सुचिता बोहत तप चुकी थी वोह अब्ब्ब सिर्फ भिकारी को सपोर्ट हे नहीं बल्कि लीडिंग भी ले रही थी अह्ह्ह आपने कोमल मधुर सिसकारियों ने भिकारी को पागल कर रखा tha....uhhhhh
और तभी भिकारी सुचिता के बूब्स को मसलना बंद कर देता hainnn.....aur हलके से सुचिता को आपने बहो मैं से छोड़ देता हैंन..... सुचिता को सरप्राइज हो जाता हैं आखिर क्या huva....par तभी भिकारी अपना बुद्धा बदन लेके सुचिता के सामने आ जाता हैं...
उह्ह्ह भिकारी को इस्सस गन्दी हालत मैं देख सुचिता को घिन आने लगती hainnn...ahhh पर कभी न कभी तोह भिकारी को सुचिता के सामने आना हे था और प्लान के मुताबिक ये राइट टाइम था या रॉंग अब्ब्ब ये समय हे batayega....ahhh पर अब्ब्ब कुछ न कुछ होने वाला तह.....
और तभी सुचिता के मुहहह से थूक आता hainnn...par वोह अपना थूक आपने मुह्ह मैं हे रुख देती हैं.... भिकारी के सामने आने से बोहत गन्दी बदबू आए रही thi...itni बदबू तोह बाथरूम को भी नहीं थी बल्कि बाथरूम तोह पूरा क्लीन और फ्रेश था.... भिकारी के आने से लग रहा था ये कोई 3रद क्लास डिब्बे का बाथरूम हैं...
सुचिता और कुछ सोचते उसके पहले हे बुद्धा अपना मुह्ह निचे झुक के सुचिता के नंगे नैक को कुत्ते जैसा चाटने लगता hainn....ahhhh.... बुड्ढे का ये कॉन्फिडेंस देख सुचिता चौक जाती hainnn....uffff....buddha सुचिता के नैक और बूब्स के ऊपर के लाइन को आपने जबान से चाटने लगता hainn...ahhh क्या जज्बा था भिकारी का अह्ह्ह
सुचिता के छूट मैं ये बुद्धा फिर करंट पैदा कर देता hainn...ahhhh ये भिकारी सुचिता को मजबूर कर रहा था साथ देने को उफ्फफ्फ्फ़ क्या मंद था भिकारी का उफ्फ्फ्फ़ एक हाई क्लास औरत को आपने जुन्नों और दिमाग से बंद के रखा था ुसस्स टॉयलेट main....ahhh आसान चीज नहीं thi....yeeeeeeeee
उफ्फ्फफ्फ्फ़ और तभी आएग मैं डूबी सुचिता बुड्ढे के गंदे से सर को पकड़ लेती hainnn....aur आपने निचे बूब्स पैन दबाने का तरय करती hainn...ahhh पर बुद्धा किधर मैंने वाला था ...अह्ह्ह्ह वोह तोह सुचिता को और तड़पना चाहता था ....उफ्फ्फ्फगफ्फ
अब्ब्ब सुचिता बोहत उनकंट्रोल हो रही थी मनो उसका हक़ चीन लिया हो.....
पर तभी ाअगले हे पल सुचिता के पिंक पिंक निप्पल्स पर बुड्ढे की गन्दी जुबान फिरती hainnn...ahhhh और सुचिता एक सटिस्फैक्शन की सिसकारी भर देती हैंन
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh ..........
और अब्ब्ब बुद्धा दोनों बूब्स को बरी बरी चाटने लगता hainn...ahhhh
अह्ह्ह्ह सुचिता ने अब्ब्ब अपनी दोनों कोमल आँखे बंद कर लिए थी और साथ मैं नक् भी अह्ह्ह पर उसकी आएग अभी भी भड़क रही थी ..ahhhh.....buddha अब्ब रूकने का नाम नहीं ले रहा था.... सुचिता बोहत पागल हो रही थी ...
और तभी एक अविश्वसनीय सन देखने को मिलता hainnn...ahhhh सुचिता आपने हटो मैं बुड्ढे भिकारी का गन्दा सा सर पकड़ लेती hainnn...ufffff और तेजी से आपने बूब्स पर दबा देती hainnn...ahhhh...aur बुद्धा खुश होक सुचिता के दोनों बूब्स आपने मुह्ह से गिला कर देता हैंन.....
अह्ह्ह्ह क्या नजारा था ुसस्स बाथरूम मैं....
अब्बब्बब सुचिता जब कभी ये सन को यद् करेगी उससे खुद पैन यकीं नहीं होगा की उसने ऐसा किया और भिकारी जब सोचेगा तब उससे ये सपना lagega...ahhhhhh....
पर अभी ये गर्मी का खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा था ...ये गुलाबी ठंडी उसमे पिंक पिंक निप्पल्स दूध जैसे गोर बॉल्स अह्ह्ह्ह उसपे गन्दी काली जुबान ...और उससे निकला हुवा भिकारी का thuk...ahhhh....kya सुचिता अह्ह्ह कैसे ये सब अह्ह्ह महसूस कर रही थी क्या पता
उफ्फ्फफ्फ्फ़ अब्ब्ब सुचिता के पंतय इतनी गीली हो चुकी थी की पंतय से सर्रे मैं पानी टिपक रहा था अह्ह्ह लाइफ मैं पहली बार बिना सेक्स किये सुचिता का इतना माल निकला था अह्ह्ह्ह की जबरदस्त अह्ह्ह्ह बैटल चल रहा tha...par यहाँ भिकारी का लुंड एकदम सख्त था उसका कला टोपा थोड़ा गिला हो चूका tha...ahhhhh....
अब्ब्ब भिकारी हाफ रहा tha...uffff क्या स्टैमिना था उसका भी .... सुचिता के दोनों बूब्स को उसने चाट चाट के लाल कर दिया था ..अह्ह्ह्हह्हह
.
उफ्फफ्फ्फ़ सुचिता को भी अब्ब्ब अपनी भूक मिटानी thi...ahhhh उसका आअज आएग मैं तड़प तड़प के मरना लिखा नहीं था ..अह्ह्ह क्या पता अब्ब क्या होने वाला था....... भिकारी कोई बड़ी चल खेलने के फ़िराक मैं था........
उफ्फ्फ्फ़ तभी भिकारी रूक जाता hainn...ahhh सुचिता को देखता हैं सुचिता भी बुड्ढे के आँखों मैं देखने लगती हैं.... बुद्धा सुचिता को देख कामिनी स्माइल देता हैं...
बुद्धा सुचिता के बदन से हैट जाता hainn...aur सुचिता को देखने लगता hainn...ahhh सुचिता की आग भड़क रही थी छूट से घोड़े दौड़ रहे थे
तभी भिकारी बाजु के टॉयलेट को देखता है. टॉयलेट के कैप को निचे कर देता hainn....aur उस टॉयलेट पैन बैठ जाता हैंन.....
सुचिता को कुछ समझ मैं नहीं आता आखिर भिकारी कर क्या रहा हैंन ...उफ्फ्फ्फ़ पर सुचिता को अब्ब्ब ठंडी मैं उसके बूब्स सत्ता रहे थे टॉयलेट के खिड़की से आए रही बहार की हवा उसके बूब्स को अलग हे फीलिंग दे रही थी......
अह्ह्ह तभी भिकारी अपनी गन्दी सी बनियान को निकल फेकता hainnn...aur उसके छाती खुली हो जताई hainn...ewwww कितनी गन्दी छाती थी उसकी पुरे सफ़ेद सफ़ेद bal....the सुचिता को वोह देख उलटी जैसा हो जाता हैंन....
और अगले हे पल बुद्धा अपनी लुंगी निकल के सुचिता का ब्लाउज जहा था उसके ऊपर फेक देता हैंन....
उह्ह्ह सुचिता के डिज़ाइनर ब्लाउज के ऊपर बुड्ढे की गन्दी डेग वाली लुंगी गिर जताई है n...ahhhh
और अगले हे पल बुद्धा पूरा नंगा हो जाता hainn....ewwwwwww सुचिता को अब्ब पूरी उलटी जैसा हो जाता हैंन....
बुड्ढे का बदन किता गन्दा था ऊपर से कितना डर्टी दिख रहा था
अह्ह्ह पर एक चीज ऐसे थी जहा आके सुचिता की नजर अटक जाती hainnn...aur वोह था बुड्ढे का मोटा लुंड अह्ह्ह वोह देख सुचिता के छूट कद काढ़ने लगती hainn...ahhh इतना मोटा तोह संजय का भी नहीं hainn...ahhhh....
और सुचिता उसी लुंड पैन अपनी नजरे टिका के रखती हैंन ...
उफ्फ्फ्फ़ क्या दिमाग था बुड्ढे का और क्या कामिनी स्माइल देके वोह बैठा था मनो अब्ब्ब उसका हे राज हो....
उसका कला बुद्धा लुंड क्या सख्त था सुचिता के बदन के तरफ केले जैसा खड़ा था ..और झट के बल एव्व कितने गंदे थे न जाने कितने दिनों से भिकारी नहाया नहीं होगा अहह लुंड की बदबू पुरे बाथरूम मैं घूम जाती hainn...aur सुचिता उसी लुंड को देखती रहती हैंन. ..
लुंड की बदबू उसके नाक मैं घूम रही थी ..अह्ह्ह और सुचिता उस बदबू को आपने अंदर ले रही थी मनो उसको वोह पसंद आ रहा हो......
बुद्धा बिलकुल बेख्वाफ होक बैठा था और सुचिता के आँखों मैं आँखे दाल के देख रहा था ......
भिकारी :- नाआम क्या हैं तेरा....
सुचिता :- सूचि .... सुचिता....
भिकारी :- मजा आया न तुझे.....
सुचिता गाल मैं हे मुस्कुराते हैं.....
भिकारी :- तेरी जैसी कही नहीं देखि बोहत मॉल हैं तू और फटका भी आआ अब्ब अपनी आएग मिटा .....
सुचिता आपने बारे मैं ये सब शब्द सुन मचल जाती hainnn...aaj पहली बार उसे ये अग्ली लैंग्वेज पसंद आ रही थी....
सुचिता :- माफ़ कीजिये मुझे अभी जाना हैं....
भिकारी :- अच्छा जा लेकिन आपने गीली छूट को क्या karogi....chal नाटक मत कर बोहत आग लगी हैं तेरे अंदर देख लुंड लुंड होता hainnn....vaise भी मेरे नसीब मैं तेरी जैसी माल कहा पर तेरे नसीब मैं मेरे जैसा लुंड कहा ...चल सोच तब तक मैं तुझे देख के हिलता हु अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह....
और बुद्धा सामने कड़ी सुचिता को देख अपना लुंड जोर जोर से हिलने लगता hainn...apna बुद्धा कड़क लुंड आपने काळा हटो से बुद्धा मसलने लगता हैंन....
ये नजारा देख सुचिता का पता नहीं मगर उसके छूट का पानी और बहाने लगता hainn...ahhh और साड़ी निचे से गीली होने लगती हैंन.... सुचिता बुड्ढे के आँखों मैं आँख डालके देख रही थी और लुंड को घर रही thi...ahhhh.... सुचिता को वोह देख आपने छूट मैं खुजली महसूस होती hainnn...aur उसके छूट के एक हे मांग thi...ahhhh...
सुचिता मन मैं :-
( अह्हह्ह्ह्ह क्या कर रही हैं सुचिता तेरा पति सिक्योरिटी अफसर अफसर हैं और तू इस्सस बुड्ढे के सामने ऊपर से नंगी कड़ी hainn....chi......thu....itni गिर गयी तू.....
अह्ह्ह्ह. पर इस्सस छूट के आएग का क्या करू अहह लुंड तोह लुंड होता hainn...abbb पति ने नहीं मरी तोह क्या हुवा भूल गयी क्या तू कॉलेज के डेज तब कहा पति tha...abbb एक बार क्या होता hainnn...ahhh सुचिता अह्ह्ह्ह क्या करू मैं....)
भिकारी अपने लुंड को सुचिता के तरफ मुठ्ठ मर के हिला रहा tha.....jor जोर से और सुचिता के आँखों को हवस से देख रहा था....
अह्ह्ह तभी बुद्धा सुचिता के सामने आपने हतेली पैन थूकता hainn....chiiiii और उससे अपने लुंड को गिला कर मसलने लगता hainnn...ahhhhh....aur जोर जोर से हिलने लगता हैंन.....
अह्ह्ह्हह्हह अह्ह्ह ायजा सुचिता जाएं एक रत की बायत हैंन अह्ह्ह्ह अजा अपनी आग मिटा मेरे इस्सस 2 साल से भूके लुंड से ाआजा..... सुचिता अह्ह्ह्ह अह्ह्ह कुट्टी अह्ह्ह्ह ायजा ....
बुड्ढे के बायतो का असर सीधा सुचिता के छूट पैन हो रहा tha....aur तभी उसको क्या होता हैं लता नहीं काम के वासना मैं भड़क रही सुचिता आज क्या हो गया पता नहीं अपनी मर्यादा भूक के आपने कदम टॉयलेट के तरफ बुड्ढे के दिशा के और भेदने लगती hainnn....ufffffff....kya नजारा था ...
बुड्ढे ने आपने आँखे बंद कर लेता hainn....usse नहीं पता था सुचिता उसकी तरफ बढ़ रही हैंण्ण्ण्न....
बुड्ढे का गन्दा बदन उसके ऊपर का मॉल सब सुचिता देख रही थी पर फिर भी सुचिता आपने कदम हलके हलके भिकारी के लुंड को देख चल रही thi...ahhh ये जनम था एक काम देवी का काम के वासना का......
बुद्धा आपने आँखे खोलता hainn...aur आपने सामने अप्सरा को पता हैंन.....
सुचिता उससे देख के मुस्कान देती hainnn......aur दोनों मनो आँखों आँखों मैं बाटे कर रहे थे....
बुद्धा ाअपनी जंघे फैला देता hainnn....aur सुचिता अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह सुचिता ाअपनी सारी ऊपर कर देती hainnn....ufffff क्या सन था..... सुचिता ाअपनी साड़ी कमर तक ऊपर कर देती hainnn....aur और और....... उसके पंतय का स्मेल बुड्ढे को आए जाता hainn....uski गोरी गोरी जंघे देख बुद्धा पागल हो जाता हैंन....
ुह्ह्ह्ह. अह्ह्ह्ह और सुचिता अपनी टंगे खोल के सर्रे पकड़ के उससस काळा
बुड्ढे भिकारी के काळा गंदे जांघो पैन बैठ जाती hainnn....ufffffff.......
ुह्ह्ह्ह सुचिता बाजु के बाथरूम के पाइप को पकड़ लेती hainnn...ahhhh क्या सन था याररर अह्ह्ह्ह और उसकी मदमस्त गांड बुड्ढे के लुंड को छू जाती hainnn...ahhh एक मिलान मिलान था सुचिता के गांड और लुंड का ...अह्ह्ह्ह सुचिता को बड़ा ऑक्वर्ड लग रहा था उससे यकीं नहीं हो रहा था वोह बुड्ढे के ऊपर आकर बैठ गयी वोह शर्म के मारे आपने आँखे बंद कर लेती हैंन....
बुद्धा भी सुचिता को थोड़ा कम्फर्टेबले फील करने के लिए टाइम देता hainnn...aur हल्का सा मचलता हुवा लुंड गांड पैन घिसने लगता हैं..... सुचिता ुसस्स स्लो घर्षण को फील करने लगती हैंन...
बुद्धा सुचिता की हलकी से पंतय आपने हटो से निचे कर देता hainnn....aur सुचिता भी सपोर्ट करती हैंन बिना बोले .... सुचिता की परमिशन देख बुद्धा सुचिता की पूरी पंतय निकल देता hainnn.....uhhhhh क्या गीली हो चुकी थी सुचिता की पंतय.....
भीआकृ :- अह्हह्ह्ह्ह जान तेरी पंतय तोह बोहत गीली हो गयी अह्ह्ह्ह क्या मदमस्त छूट होगी तेरी ....
सुचिता ये सुन के हलकी सी मुस्कुरा देती हैंन.....
अब्ब्ब्ब बुद्धा टाइम नहीं गौना चाहता था. ..वोह सुचिता को हल्का सा ऊपर करता hainn...aur सुचिता के गीले छूट का छेद ढूंढ़ता हैंन.....
सुचिता अभी भी ऑक्वर्ड थी पर अह्ह्ह्ह आँख बंद करने के वजह से बुड्ढे की हरकते उससे मजा दे रही thi....aur तभी बुद्धा सुचिता के छूट के छेद पैन अपना बड़ा सा लुंड रख देता hainnn....uhhhhhh....
...
सुचिता की छूट आग मरने लगती hainnn...ahhh न जाने कितने दिनों से नहाया नहीं होगा बुद्धा अह्ह्ह उसका लुंड तोह बोहत गन्दा हो चूका था ....
छूट के छेद पैन लुंड टच होते हे सुचिता उछाल जाती hainn....uski छूट झटका देने लगती hainnn....aur देखते हे देखते बुद्धा उसके लुंड का टोपा सुचिता के मदमस्त कड़क छूट मैं घुसा देता हैंन ....
भिकारी :- अह्हह्ह्ह्ह बीटा अहह घबराना मत मुझे पता हैं तुम्हे आदत नहीं होगी अह्ह्ह जणू दर मत jana....tummhe ताकत नहीं होगी इतनी .....अह्ह्ह्ह
सुचिता को समझ नहीं आता बुद्धा समझा रहा हैं या चिड़ा रहा हैं... चैलेंज कर रहा हैं क्या मतलब ताकत नहीं hogi....toh
छूट के हवस मैं सुचिता खुद आपने छूट के ऊपर प्रेशर देती hainnn.....ufffff और आधा सा लुंड सुचिता के छूट मैं घुस जाता hainnn..ahhh क्या सन था एक बुड्ढे भिकारी भिक मांगने वाले बुड्ढे के लुंड मैं सुचिता जैसी मदमस्त औरत की छूट फास चुकी थी ..अह्ह्ह....
उफ्फ्फ्फ़ और सच मैं इतना मोटा लुंड था की सुचिता की चीखठह्ह्ह्ह निकल जाती हैंन....
.
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh fuck.......bc......ahhhhhhhh माहाआशाए
सुचिता के छूट लाल लाल हो जाती hainnn....uske छूट मैं मनो तलवार घुसा दिया ho...ahhhhh....aur सुचिता के आधे मैं हे बुड्ढे का लुंड अटक जाता hainnn...aur बुड्ढे का लुंड फड़फड़ने लगत हैंन....
भिकारी :- अह्हह्ह्ह्ह कुट्टी बोलै था धीरे धीरे ले अह्ह्ह्हह अब क्या करेगी छूट फैट जाएगी पूरी तेरी अह्ह्ह्ह देख कैसा अटक गया अह्ह्ह अह्ह्ह्ह मर अब्ब्ब अह्ह्ह्ह
सच मैं आधे मैं हे सुचिता की हालत ख़राब हो गयी .........कितना मोटा लुंड था.... सुचिता का छेद छोटा पद gaya.....ahhhhh
क्या नजारा था....... बुड्ढे के गॉड मैं बैठे सुचिता का हल देखने लायक था......
उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ सुचिता की छूट अब्ब्ब्ब और भड़कने लगती hainnn...aur उसकी आएग बुड्ढे के लुंड पैन भी महसूस हो रही thi....aur लुंड का अटकना सुचिता को मजा दे रहा था ... सुचिता की छूट अब्ब्ब तय कर चुकी थी..... ुह्ह्हह्ह बुद्धा भी सुचिता को कास के पकड़ लेता हैं..... सुचिता भी तैयार हो जाती hainnn.......aur .........अह्हह्ह्ह्ह
भिकारी :- अह्ह्ह्हह जणू धीरे से करना मैंने भी 2 साल से नहीं किया हैंन.....
उफ्फ्फ्फ़ भीआकृ का वोह सुचिता के लिए बार बार बोलै गया जणू शब्द वोह भी अलग फीलिंग दे रहा था और सुचिता के छूट को उत्तेजना दे रहा था....
अब्बब्बब बूढ़े का लुंड जोह टोपा सुचिता के अंदर था वोह गरम गरम भाप छोड़ रहा था और सुचिता की छूट भी अनादर पूरी गरम हो चुकी थी और अब्ब्ब इतनी साडी गरमी निकालनी हो तोह एक हे चारा था अह्ह्ह्हह सुचिता उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़....
सुचिता देखती हैं उसका गोरा गोरा बदन कैसे बुड्ढे के गंदे बदन से चिपका हुवा hainnn...aur ये उससे अलग गन्दी फीलिंग दे रहा tha...aur तभी सुचिता अह्ह्ह्हह उत्तेजना के लहर मैंन....
ाअपनी गांड धीरे धीरे निचे दबा देती hainnn...aur बुड्ढे का लुंड अआपने छूट मैं हलके हलके घुसा रही thi.....uffffffffffff...... सुचिता की चींख दबी हुवी थी दर्द तोह बोहत हो रहा था मगर ये तूफान के पहले की शांति थी ..अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह.......
वोह क्या सन था बुड्ढे के बदन पैन सुचिता जैसी हसीना ऊपर से ट्रैन का बाथरूम टॉयलेट पे बुद्धा और उसके लुंड पैन धीरे धीरे आप ने छूट मैं कला बुद्धा लुंड लेती हुवी suchita........ahhhhhhhhh
Uffffffffffff अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ोुछहहहह fuckkkkkkkkkk.......
ुह्ह्ह्हह्ह जैसे जैसी लुंड अंदर छूट को कप्टा हुवा अंदर घुस रहा था वैसे वैसे सुचिता के चेहरे के भाव बदल रहे थे छूट की गरमी चेहरे पे साफ दिखाई दे रही थी..
सुचिता :- ुह्ह्हह्हह्ह्ह्ह ouchhhhhhhhhh धीरे अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह
बुड्ढे का कला मोटा लुंड सुचिता के छूट को कप्टा हुवा अंदर जा रहा था सुचिता के दोनों आँखों से पानी आआ रहा था और चेहरा पूरा लाल लाल हो चूका था और सांसे तेज हो चुकी थी......
ाअखिर कर बुड्ढे का पूरा मोटा लुंड सुचिता के छूट मैं घुस जाता hainnnn.....aur सुचिता की छूट बुड्ढे के लुंड से लाल लाल हो जाती hainnn.......ufffff बुद्धा आअज पूरा खुश था जैसे लाटरी लग गयी ho.....ahhhh कहा रोज रोज भिक मांगता था और घरेलु औरतो को देख लुंड हिलता था और आअज ास्ज एक हाई क्लास वाइफ उसके लुंड पैन थी ufffffffffffffff
सुचिता :- ouchhhhhhhhhh मास्साआ ahhhhhhhhhhhhh
भिकारी :- अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मेरी कुट्टी ज्यादा मत चिल्ला अभी तोह शुरू हुवा हैं .....अह्ह्ह्हह्हह
सुचिता :- ouchhhhhhhhhh दर्द हो रहा हैं अंदर...
भिकारी :- अह्ह्ह्हह्हह क्या इतनी हे आएग हे तेरे मैं चल शुरू हो जा अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह
सुचिता :- अह्हह्ह्ह्ह आग तोह बोहत hainn...par अह्ह्ह्हह पर अभी दर्द हो रहा हैंन क्या लुंड hainn.....itna बड़ा अह्ह्ह्हह छूट तन दिए मेरी .....
अह्ह्ह्ह सच मैं अंदर सुचिता के छूट का बुरा हल हो रहा था .....मनो अब्ब्ब्ब पूरी फैट हे जाएगी अह्ह्ह्ह पर उसको मजा भी उतना हे अअअअअ रहा था. .अह्हह्ह्ह्ह....
और तभी सुचिता के छूट के अंदर का भूका पैन जग जाता hainn...andar की रंडी उससे कहती हैंन...( अह्ह्ह्हह कुट्टी अब्ब्ब बैठ हे गयी हैं तोह ले पूरा मजा अह्ह्ह्ह चल शुरू हो जा अह्ह्ह भूल गयी क्या तू क्या चीज hainnn....ahhh ये लुंड तोह कुछ भी नहीं तेरे सामने अह्ह्ह चल अह्ह्ह्हह )
छूट की आवाज सुन्नन सुचिता मैं काम वासना की लहर घोड़े की तरह भागने लगती hainnn...aur सुचिता की छूट ऊपर निचे होने लगती हैंन.... बुद्धा चौक जाता hainnn...ki सुचिता सच मैं उसका बड़ा लुंड ले रही थी..... बुद्धा सोच मैं पद जाता हैं ...अह्ह्ह क्या चीज हैंन.... इतने दर्द के बाद तोह रंडियो को भी लेने मैं दर्द होता हैं ..और ये औरत अह्ह्ह्ह क्या माल hainnnnn.ahhhhhhhh
Uffffffffffff अह्हह्ह्ह्ह बुड्ढे का कला लुंड सुचिता के छूट के पानी से पूरा भीग जाता hainnn...ahhhh और सुचिता के छूट से निकला हुवा कला लुंड पूरा चमक उठता hainnn...ahhhhh....
भिकारी :- अह्हह्ह्ह्ह घुसा अह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह कुट्टी अह्ह्ह्हह क्या माल hainn...ahhhh...
सुचिता :- अह्ह्ह्हह ोुछःह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह
सुचिता को आपने छूट के अंदर कुछ कम्प रहा हैं ऐसा महसूस होता hainnn..ahhh....kya सन था यारो अह्ह्ह्ह सुचिता खुद बुड्ढे के लुंड पैन बैठ अपनी छूट घुसा रही थी ...अह्ह्ह्ह.... बुड्ढे की हालत अब्ब्ब ख़राब हो रही thi....uska लुंड अह्ह्ह्हह तन के सुचिता के छूट को छोड़ रहा था uffffffffffff.........
अब्बब्बब सुचिता का स्पीड बढ़ जाता hainnn....voh पीछे बुड्ढे के लुंड को देख रही थी की कैसे उसका लुंड उसके छूट मैं घुस रहा hainnn...ahhh....aur बुद्धा आराम से बैठ के सबका मजा ले रहा था ...अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह......
कला चमचमता हुवा लुंड सुचिता अब्ब्ब बड़ी मुश्किल से आपने आधे छूट तक ले रही थी और बुद्धा भी बैठ के मजा देख रहा था उससे पता था सुचिता लुंड लेगी पर पूरा लेगी या नहीं उसपे डाउट था..... इस्सलिये बुद्धा अभी सुचिता का अंदाज ले रहा था......
अह्ह्ह पर सुचिता कहा रूकने वाली थी उससे अब्ब भिकारी के मोठे लुंड का अंदाज आआ जाता hainn.....akhir वोह भी प्यासी मजी हुवी खिलाडी thi...ahhhh.....uska छूट का और लुंड ले भूक का नशा अब्ब्ब्ब जोर जोर से फनप रहा था.....
ुह्ह्ह्ह सुचिता की गुलाबी छूट अब्ब्ब फैट फैट से बुड्ढे के लुंड पैन नाचने लगती hainnn......chut की हर एक ृहह्ह्ह्ह ृहहहह तक लुंड का स्वाद पोहच जाता hainnn....aur देखते हे देखते बुड्ढे को सुचिता का नशा चढ़ जाता hainnn...ahhhh सुचिता को अब्ब्ब वोह कुट्टी समझने लगाता hainn.....usko यकीं नहीं होता ये कुट्टी उसका लुंड इस्सस तरह ले रही hainnn...ahhhhhhhhh.........
भिकारी :- अह्ह्ह्हह्हह मेरी कुत्त्तीय अह्ह्ह्हह और जोर से अहह निकल ाअपनी पूरी आएग अह्ह्ह कुट्टी अह्ह्ह्हह्हह
अह्ह्ह्ह अपने लिए भिकारी के मुहहह से कुट्टी शब्द बार बार सुन के सच मैं सुचिता कुट्टी जैसी गरम हो जाती hainnn....aur जोर जोर से ाअपनी तानी हुवी गुलाबी छूट लुंड पाई. मरने लगती hainnn.....ahhhhhh
उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ सुचिता के छोड़ने का स्पीड इतना था की बुड्ढे के ांडे से उसकी गांड लग रही thi....aur पुरे बाथरूम मैं छोड़ने का
फट्ट्ट्ट्ट fatttttttttt फट्ट्ट्ट्ट अह्ह्ह्हह्हह fatttttttttt
का आवाज घूम रहा था बुद्धा अपनी तरफ से कुछ नहीं कर रहा था ुह्ह्ह्ह पर सुचिता का जोश असमं पे था ....
सुचिता :- अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह फ़क finally.....ahhhhh.... फ़क मेईयहहहहहह ोुछहहहहहह अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह
सुचिता आँखे बंद कर लुंड को पूरा फील कर रही थी उसका .....उछलता हुवा मंगल मंगल सूत्र बुड्ढे के साइन पैन गिर रहा tha...ahhh.....uske बल बुड्ढे के मुहहह पैन थे और उसके दोनों बूब्स बुड्ढे के साइन पैन घिस रहे थे.... ुह्ह्हह्ह बुड्ढे की गरम गरम सांसे सुचिता के चेहरे पैन गिर रही थी पर सुचिता आपने मुह्ह ऊपर हे रख रही थी ताकि बुद्धा उससे किस्स्स न करे अह्ह्ह्ह .......
ुह्ह्हह्ह्ह्ह अब्ब्ब्ब सुचिता पुरे जोर पैन थी उसके छूट का पानी बुड्ढे के लुंड पैन साफ आता दिख रहा tha...aur उस पानी से बुड्ढे का लुंड चमक रहा था अह्ह्ह्ह...
बुड्ढे और सुचिता को अह्ह्ह्ह इस खेल को चालू हुवे 25 मिनट्स हो चुके थे और अभी तक सुचिता रूकने का नाम नहीं ले रही thi...ahhhhh....buddhe को यकीं नहीं हो रहा था एक घरेलु औरत ऐसी भी चुद सकती हैंन.....
अह्ह्ह्ह अब्ब्ब ओफ्फिशलय सुचिता ुसस्स बाथरूम मैं ऊपर से पूरी नंगी हो चुकी थी और ये एक बोहत बड़ी चीज थी एक घरेलु औरत के लिए जिससे हम इज़्ज़त समझते hainn...upar से एक हाई क्लास औरत के लिए...
और उससे भी बड़ी बात ये थी की जोह औरत ट्रैन के बाथरूम मैं एक भिखारी के बहो मैं ऊपर से नंगी thi...uske दोनों बड़े बड़े दूध खुल्ले थे वोह एक सिक्योरिटी अफसर अफसर की बीवी thi....ufffff क्या रत थी वोह एक बुड्ढे भिकारी के लिए ...अह्ह्ह्ह.
और अब्ब्ब भिकारी कहा रूकने वाला था उसके हैट तोह आल्हा दीं का चिराग लग चूका था और एक नहीं दो do....aur अब्ब्ब भिकारी अपन पूरा जोर सुचिता को कसने मैं लगा रहा tha....tayar कर रहा था वोह बुद्धा सुचिता को एक बड़े मुकाबले के लिए....
काळा बुड्ढे भिकारी के हैट मैं सुचिता के बड़े बड़े डोह आजम क्या लग रहे थे अह्ह्ह भिकारी जोर जोर से ुसस्स नंगे खुली ायमो को आपने हटो मैं भर के जोर जोर से उसका रास निकल रहा था ...
उफ्फ्फ सुचिता जोर जोर से अपना बदन हिला के भिकारी को उत्तेजित कर रही thi...ahhhh.....
भिकारी :- अह्ह्ह्हह्हह क्या दूध hainn...tera...
सुचिता:- ouchhhhhhhhhh...ahhhh
भिकारी :- अह्हह्ह्ह्ह निकलता है. क्या अह्ह्ह्हह बता न....
सुचिता :- नहीं अह्ह्ह्हह dhire....ahhhhhh
भिकारी :- अह्ह्ह्हह्हह क्या मॉल हैं यार tu...ahhhh ऐसा लग रहा हैं तेरे इस्सस दूध को गन्ने के तरह निचोड़ के रख दू मेरे इन् काळा हटो se...ahhh
सुचिता :- अह्ह्ह्हह तोह निचोड़ो naa...ahhhh
सुचिता अब्ब्ब पूरी खुल चुकी थी भिकारी के प्लान मैं फास चुकी thi...ahhh...abbb उससे सिर्फ वोह खुद हे बचा सकती thi...ahhhh
और तभी बुद्धा आपने काळा हटो से दोनों ामो को बेरहमी से मसलने लगता हैं ...और पीछे सर्रे पैन गांड पैन अपन लुंड चुभने लगता हैं...
सुचिता इस्सस हमले से चीख उठती hainn...ahhhh क्या सन था.....
अह्हह्ह्ह्ह ुह्ह्हह्ह्ह्ह फ़क अह्ह्ह्हह्हह ुह्ह्हह्ह धीरे अह्ह्ह्हह धीरी
क्या मुलायम अह्ह्ह क्या सॉफ्ट उफ्फ्फ्फ़ क्या बूब्स थे सुचिता के और भिकारी की आराम से उन् दोनों को मसल रहा tha...ahhh
अब्ब्ब इस्सस घमासान ुद्धा मैं सुचिता बोहत तप चुकी थी वोह अब्ब्ब सिर्फ भिकारी को सपोर्ट हे नहीं बल्कि लीडिंग भी ले रही थी अह्ह्ह आपने कोमल मधुर सिसकारियों ने भिकारी को पागल कर रखा tha....uhhhhh
और तभी भिकारी सुचिता के बूब्स को मसलना बंद कर देता hainnn.....aur हलके से सुचिता को आपने बहो मैं से छोड़ देता हैंन..... सुचिता को सरप्राइज हो जाता हैं आखिर क्या huva....par तभी भिकारी अपना बुद्धा बदन लेके सुचिता के सामने आ जाता हैं...
उह्ह्ह भिकारी को इस्सस गन्दी हालत मैं देख सुचिता को घिन आने लगती hainnn...ahhh पर कभी न कभी तोह भिकारी को सुचिता के सामने आना हे था और प्लान के मुताबिक ये राइट टाइम था या रॉंग अब्ब्ब ये समय हे batayega....ahhh पर अब्ब्ब कुछ न कुछ होने वाला तह.....
और तभी सुचिता के मुहहह से थूक आता hainnn...par वोह अपना थूक आपने मुह्ह मैं हे रुख देती हैं.... भिकारी के सामने आने से बोहत गन्दी बदबू आए रही thi...itni बदबू तोह बाथरूम को भी नहीं थी बल्कि बाथरूम तोह पूरा क्लीन और फ्रेश था.... भिकारी के आने से लग रहा था ये कोई 3रद क्लास डिब्बे का बाथरूम हैं...
सुचिता और कुछ सोचते उसके पहले हे बुद्धा अपना मुह्ह निचे झुक के सुचिता के नंगे नैक को कुत्ते जैसा चाटने लगता hainn....ahhhh.... बुड्ढे का ये कॉन्फिडेंस देख सुचिता चौक जाती hainnn....uffff....buddha सुचिता के नैक और बूब्स के ऊपर के लाइन को आपने जबान से चाटने लगता hainn...ahhh क्या जज्बा था भिकारी का अह्ह्ह
सुचिता के छूट मैं ये बुद्धा फिर करंट पैदा कर देता hainn...ahhhh ये भिकारी सुचिता को मजबूर कर रहा था साथ देने को उफ्फफ्फ्फ़ क्या मंद था भिकारी का उफ्फ्फ्फ़ एक हाई क्लास औरत को आपने जुन्नों और दिमाग से बंद के रखा था ुसस्स टॉयलेट main....ahhh आसान चीज नहीं thi....yeeeeeeeee
उफ्फ्फफ्फ्फ़ और तभी आएग मैं डूबी सुचिता बुड्ढे के गंदे से सर को पकड़ लेती hainnn....aur आपने निचे बूब्स पैन दबाने का तरय करती hainn...ahhh पर बुद्धा किधर मैंने वाला था ...अह्ह्ह्ह वोह तोह सुचिता को और तड़पना चाहता था ....उफ्फ्फ्फगफ्फ
अब्ब्ब सुचिता बोहत उनकंट्रोल हो रही थी मनो उसका हक़ चीन लिया हो.....
पर तभी ाअगले हे पल सुचिता के पिंक पिंक निप्पल्स पर बुड्ढे की गन्दी जुबान फिरती hainnn...ahhhh और सुचिता एक सटिस्फैक्शन की सिसकारी भर देती हैंन
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh ..........
और अब्ब्ब बुद्धा दोनों बूब्स को बरी बरी चाटने लगता hainn...ahhhh
अह्ह्ह्ह सुचिता ने अब्ब्ब अपनी दोनों कोमल आँखे बंद कर लिए थी और साथ मैं नक् भी अह्ह्ह पर उसकी आएग अभी भी भड़क रही थी ..ahhhh.....buddha अब्ब रूकने का नाम नहीं ले रहा था.... सुचिता बोहत पागल हो रही थी ...
और तभी एक अविश्वसनीय सन देखने को मिलता hainnn...ahhhh सुचिता आपने हटो मैं बुड्ढे भिकारी का गन्दा सा सर पकड़ लेती hainnn...ufffff और तेजी से आपने बूब्स पर दबा देती hainnn...ahhhh...aur बुद्धा खुश होक सुचिता के दोनों बूब्स आपने मुह्ह से गिला कर देता हैंन.....
अह्ह्ह्ह क्या नजारा था ुसस्स बाथरूम मैं....
अब्बब्बब सुचिता जब कभी ये सन को यद् करेगी उससे खुद पैन यकीं नहीं होगा की उसने ऐसा किया और भिकारी जब सोचेगा तब उससे ये सपना lagega...ahhhhhh....
पर अभी ये गर्मी का खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा था ...ये गुलाबी ठंडी उसमे पिंक पिंक निप्पल्स दूध जैसे गोर बॉल्स अह्ह्ह्ह उसपे गन्दी काली जुबान ...और उससे निकला हुवा भिकारी का thuk...ahhhh....kya सुचिता अह्ह्ह कैसे ये सब अह्ह्ह महसूस कर रही थी क्या पता
उफ्फ्फफ्फ्फ़ अब्ब्ब सुचिता के पंतय इतनी गीली हो चुकी थी की पंतय से सर्रे मैं पानी टिपक रहा था अह्ह्ह लाइफ मैं पहली बार बिना सेक्स किये सुचिता का इतना माल निकला था अह्ह्ह्ह की जबरदस्त अह्ह्ह्ह बैटल चल रहा tha...par यहाँ भिकारी का लुंड एकदम सख्त था उसका कला टोपा थोड़ा गिला हो चूका tha...ahhhhh....
अब्ब्ब भिकारी हाफ रहा tha...uffff क्या स्टैमिना था उसका भी .... सुचिता के दोनों बूब्स को उसने चाट चाट के लाल कर दिया था ..अह्ह्ह्हह्हह
.
उफ्फफ्फ्फ़ सुचिता को भी अब्ब्ब अपनी भूक मिटानी thi...ahhhh उसका आअज आएग मैं तड़प तड़प के मरना लिखा नहीं था ..अह्ह्ह क्या पता अब्ब क्या होने वाला था....... भिकारी कोई बड़ी चल खेलने के फ़िराक मैं था........
उफ्फ्फ्फ़ तभी भिकारी रूक जाता hainn...ahhh सुचिता को देखता हैं सुचिता भी बुड्ढे के आँखों मैं देखने लगती हैं.... बुद्धा सुचिता को देख कामिनी स्माइल देता हैं...
बुद्धा सुचिता के बदन से हैट जाता hainn...aur सुचिता को देखने लगता hainn...ahhh सुचिता की आग भड़क रही थी छूट से घोड़े दौड़ रहे थे
तभी भिकारी बाजु के टॉयलेट को देखता है. टॉयलेट के कैप को निचे कर देता hainn....aur उस टॉयलेट पैन बैठ जाता हैंन.....
सुचिता को कुछ समझ मैं नहीं आता आखिर भिकारी कर क्या रहा हैंन ...उफ्फ्फ्फ़ पर सुचिता को अब्ब्ब ठंडी मैं उसके बूब्स सत्ता रहे थे टॉयलेट के खिड़की से आए रही बहार की हवा उसके बूब्स को अलग हे फीलिंग दे रही थी......
अह्ह्ह तभी भिकारी अपनी गन्दी सी बनियान को निकल फेकता hainnn...aur उसके छाती खुली हो जताई hainn...ewwww कितनी गन्दी छाती थी उसकी पुरे सफ़ेद सफ़ेद bal....the सुचिता को वोह देख उलटी जैसा हो जाता हैंन....
और अगले हे पल बुद्धा अपनी लुंगी निकल के सुचिता का ब्लाउज जहा था उसके ऊपर फेक देता हैंन....
उह्ह्ह सुचिता के डिज़ाइनर ब्लाउज के ऊपर बुड्ढे की गन्दी डेग वाली लुंगी गिर जताई है n...ahhhh
और अगले हे पल बुद्धा पूरा नंगा हो जाता hainn....ewwwwwww सुचिता को अब्ब पूरी उलटी जैसा हो जाता हैंन....
बुड्ढे का बदन किता गन्दा था ऊपर से कितना डर्टी दिख रहा था
अह्ह्ह पर एक चीज ऐसे थी जहा आके सुचिता की नजर अटक जाती hainnn...aur वोह था बुड्ढे का मोटा लुंड अह्ह्ह वोह देख सुचिता के छूट कद काढ़ने लगती hainn...ahhh इतना मोटा तोह संजय का भी नहीं hainn...ahhhh....
और सुचिता उसी लुंड पैन अपनी नजरे टिका के रखती हैंन ...
उफ्फ्फ्फ़ क्या दिमाग था बुड्ढे का और क्या कामिनी स्माइल देके वोह बैठा था मनो अब्ब्ब उसका हे राज हो....
उसका कला बुद्धा लुंड क्या सख्त था सुचिता के बदन के तरफ केले जैसा खड़ा था ..और झट के बल एव्व कितने गंदे थे न जाने कितने दिनों से भिकारी नहाया नहीं होगा अहह लुंड की बदबू पुरे बाथरूम मैं घूम जाती hainn...aur सुचिता उसी लुंड को देखती रहती हैंन. ..
लुंड की बदबू उसके नाक मैं घूम रही थी ..अह्ह्ह और सुचिता उस बदबू को आपने अंदर ले रही थी मनो उसको वोह पसंद आ रहा हो......
बुद्धा बिलकुल बेख्वाफ होक बैठा था और सुचिता के आँखों मैं आँखे दाल के देख रहा था ......
भिकारी :- नाआम क्या हैं तेरा....
सुचिता :- सूचि .... सुचिता....
भिकारी :- मजा आया न तुझे.....
सुचिता गाल मैं हे मुस्कुराते हैं.....
भिकारी :- तेरी जैसी कही नहीं देखि बोहत मॉल हैं तू और फटका भी आआ अब्ब अपनी आएग मिटा .....
सुचिता आपने बारे मैं ये सब शब्द सुन मचल जाती hainnn...aaj पहली बार उसे ये अग्ली लैंग्वेज पसंद आ रही थी....
सुचिता :- माफ़ कीजिये मुझे अभी जाना हैं....
भिकारी :- अच्छा जा लेकिन आपने गीली छूट को क्या karogi....chal नाटक मत कर बोहत आग लगी हैं तेरे अंदर देख लुंड लुंड होता hainnn....vaise भी मेरे नसीब मैं तेरी जैसी माल कहा पर तेरे नसीब मैं मेरे जैसा लुंड कहा ...चल सोच तब तक मैं तुझे देख के हिलता हु अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह....
और बुद्धा सामने कड़ी सुचिता को देख अपना लुंड जोर जोर से हिलने लगता hainn...apna बुद्धा कड़क लुंड आपने काळा हटो से बुद्धा मसलने लगता हैंन....
ये नजारा देख सुचिता का पता नहीं मगर उसके छूट का पानी और बहाने लगता hainn...ahhh और साड़ी निचे से गीली होने लगती हैंन.... सुचिता बुड्ढे के आँखों मैं आँख डालके देख रही थी और लुंड को घर रही thi...ahhhh.... सुचिता को वोह देख आपने छूट मैं खुजली महसूस होती hainnn...aur उसके छूट के एक हे मांग thi...ahhhh...
सुचिता मन मैं :-
( अह्हह्ह्ह्ह क्या कर रही हैं सुचिता तेरा पति सिक्योरिटी अफसर अफसर हैं और तू इस्सस बुड्ढे के सामने ऊपर से नंगी कड़ी hainn....chi......thu....itni गिर गयी तू.....
अह्ह्ह्ह. पर इस्सस छूट के आएग का क्या करू अहह लुंड तोह लुंड होता hainn...abbb पति ने नहीं मरी तोह क्या हुवा भूल गयी क्या तू कॉलेज के डेज तब कहा पति tha...abbb एक बार क्या होता hainnn...ahhh सुचिता अह्ह्ह्ह क्या करू मैं....)
भिकारी अपने लुंड को सुचिता के तरफ मुठ्ठ मर के हिला रहा tha.....jor जोर से और सुचिता के आँखों को हवस से देख रहा था....
अह्ह्ह तभी बुद्धा सुचिता के सामने आपने हतेली पैन थूकता hainn....chiiiii और उससे अपने लुंड को गिला कर मसलने लगता hainnn...ahhhhh....aur जोर जोर से हिलने लगता हैंन.....
अह्ह्ह्हह्हह अह्ह्ह ायजा सुचिता जाएं एक रत की बायत हैंन अह्ह्ह्ह अजा अपनी आग मिटा मेरे इस्सस 2 साल से भूके लुंड से ाआजा..... सुचिता अह्ह्ह्ह अह्ह्ह कुट्टी अह्ह्ह्ह ायजा ....
बुड्ढे के बायतो का असर सीधा सुचिता के छूट पैन हो रहा tha....aur तभी उसको क्या होता हैं लता नहीं काम के वासना मैं भड़क रही सुचिता आज क्या हो गया पता नहीं अपनी मर्यादा भूक के आपने कदम टॉयलेट के तरफ बुड्ढे के दिशा के और भेदने लगती hainnn....ufffffff....kya नजारा था ...
बुड्ढे ने आपने आँखे बंद कर लेता hainn....usse नहीं पता था सुचिता उसकी तरफ बढ़ रही हैंण्ण्ण्न....
बुड्ढे का गन्दा बदन उसके ऊपर का मॉल सब सुचिता देख रही थी पर फिर भी सुचिता आपने कदम हलके हलके भिकारी के लुंड को देख चल रही thi...ahhh ये जनम था एक काम देवी का काम के वासना का......
बुद्धा आपने आँखे खोलता hainn...aur आपने सामने अप्सरा को पता हैंन.....
सुचिता उससे देख के मुस्कान देती hainnn......aur दोनों मनो आँखों आँखों मैं बाटे कर रहे थे....
बुद्धा ाअपनी जंघे फैला देता hainnn....aur सुचिता अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह सुचिता ाअपनी सारी ऊपर कर देती hainnn....ufffff क्या सन था..... सुचिता ाअपनी साड़ी कमर तक ऊपर कर देती hainnn....aur और और....... उसके पंतय का स्मेल बुड्ढे को आए जाता hainn....uski गोरी गोरी जंघे देख बुद्धा पागल हो जाता हैंन....
ुह्ह्ह्ह. अह्ह्ह्ह और सुचिता अपनी टंगे खोल के सर्रे पकड़ के उससस काळा
बुड्ढे भिकारी के काळा गंदे जांघो पैन बैठ जाती hainnn....ufffffff.......
ुह्ह्ह्ह सुचिता बाजु के बाथरूम के पाइप को पकड़ लेती hainnn...ahhhh क्या सन था याररर अह्ह्ह्ह और उसकी मदमस्त गांड बुड्ढे के लुंड को छू जाती hainnn...ahhh एक मिलान मिलान था सुचिता के गांड और लुंड का ...अह्ह्ह्ह सुचिता को बड़ा ऑक्वर्ड लग रहा था उससे यकीं नहीं हो रहा था वोह बुड्ढे के ऊपर आकर बैठ गयी वोह शर्म के मारे आपने आँखे बंद कर लेती हैंन....
बुद्धा भी सुचिता को थोड़ा कम्फर्टेबले फील करने के लिए टाइम देता hainnn...aur हल्का सा मचलता हुवा लुंड गांड पैन घिसने लगता हैं..... सुचिता ुसस्स स्लो घर्षण को फील करने लगती हैंन...
बुद्धा सुचिता की हलकी से पंतय आपने हटो से निचे कर देता hainnn....aur सुचिता भी सपोर्ट करती हैंन बिना बोले .... सुचिता की परमिशन देख बुद्धा सुचिता की पूरी पंतय निकल देता hainnn.....uhhhhh क्या गीली हो चुकी थी सुचिता की पंतय.....
भीआकृ :- अह्हह्ह्ह्ह जान तेरी पंतय तोह बोहत गीली हो गयी अह्ह्ह्ह क्या मदमस्त छूट होगी तेरी ....
सुचिता ये सुन के हलकी सी मुस्कुरा देती हैंन.....
अब्ब्ब्ब बुद्धा टाइम नहीं गौना चाहता था. ..वोह सुचिता को हल्का सा ऊपर करता hainn...aur सुचिता के गीले छूट का छेद ढूंढ़ता हैंन.....
सुचिता अभी भी ऑक्वर्ड थी पर अह्ह्ह्ह आँख बंद करने के वजह से बुड्ढे की हरकते उससे मजा दे रही thi....aur तभी बुद्धा सुचिता के छूट के छेद पैन अपना बड़ा सा लुंड रख देता hainnn....uhhhhhh....
...
सुचिता की छूट आग मरने लगती hainnn...ahhh न जाने कितने दिनों से नहाया नहीं होगा बुद्धा अह्ह्ह उसका लुंड तोह बोहत गन्दा हो चूका था ....
छूट के छेद पैन लुंड टच होते हे सुचिता उछाल जाती hainn....uski छूट झटका देने लगती hainnn....aur देखते हे देखते बुद्धा उसके लुंड का टोपा सुचिता के मदमस्त कड़क छूट मैं घुसा देता हैंन ....
भिकारी :- अह्हह्ह्ह्ह बीटा अहह घबराना मत मुझे पता हैं तुम्हे आदत नहीं होगी अह्ह्ह जणू दर मत jana....tummhe ताकत नहीं होगी इतनी .....अह्ह्ह्ह
सुचिता को समझ नहीं आता बुद्धा समझा रहा हैं या चिड़ा रहा हैं... चैलेंज कर रहा हैं क्या मतलब ताकत नहीं hogi....toh
छूट के हवस मैं सुचिता खुद आपने छूट के ऊपर प्रेशर देती hainnn.....ufffff और आधा सा लुंड सुचिता के छूट मैं घुस जाता hainnn..ahhh क्या सन था एक बुड्ढे भिकारी भिक मांगने वाले बुड्ढे के लुंड मैं सुचिता जैसी मदमस्त औरत की छूट फास चुकी थी ..अह्ह्ह....
उफ्फ्फ्फ़ और सच मैं इतना मोटा लुंड था की सुचिता की चीखठह्ह्ह्ह निकल जाती हैंन....
.
Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh fuck.......bc......ahhhhhhhh माहाआशाए
सुचिता के छूट लाल लाल हो जाती hainnn....uske छूट मैं मनो तलवार घुसा दिया ho...ahhhhh....aur सुचिता के आधे मैं हे बुड्ढे का लुंड अटक जाता hainnn...aur बुड्ढे का लुंड फड़फड़ने लगत हैंन....
भिकारी :- अह्हह्ह्ह्ह कुट्टी बोलै था धीरे धीरे ले अह्ह्ह्हह अब क्या करेगी छूट फैट जाएगी पूरी तेरी अह्ह्ह्ह देख कैसा अटक गया अह्ह्ह अह्ह्ह्ह मर अब्ब्ब अह्ह्ह्ह
सच मैं आधे मैं हे सुचिता की हालत ख़राब हो गयी .........कितना मोटा लुंड था.... सुचिता का छेद छोटा पद gaya.....ahhhhh
क्या नजारा था....... बुड्ढे के गॉड मैं बैठे सुचिता का हल देखने लायक था......
उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ सुचिता की छूट अब्ब्ब्ब और भड़कने लगती hainnn...aur उसकी आएग बुड्ढे के लुंड पैन भी महसूस हो रही thi....aur लुंड का अटकना सुचिता को मजा दे रहा था ... सुचिता की छूट अब्ब्ब तय कर चुकी थी..... ुह्ह्हह्ह बुद्धा भी सुचिता को कास के पकड़ लेता हैं..... सुचिता भी तैयार हो जाती hainnn.......aur .........अह्हह्ह्ह्ह
भिकारी :- अह्ह्ह्हह जणू धीरे से करना मैंने भी 2 साल से नहीं किया हैंन.....
उफ्फ्फ्फ़ भीआकृ का वोह सुचिता के लिए बार बार बोलै गया जणू शब्द वोह भी अलग फीलिंग दे रहा था और सुचिता के छूट को उत्तेजना दे रहा था....
अब्बब्बब बूढ़े का लुंड जोह टोपा सुचिता के अंदर था वोह गरम गरम भाप छोड़ रहा था और सुचिता की छूट भी अनादर पूरी गरम हो चुकी थी और अब्ब्ब इतनी साडी गरमी निकालनी हो तोह एक हे चारा था अह्ह्ह्हह सुचिता उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़....
सुचिता देखती हैं उसका गोरा गोरा बदन कैसे बुड्ढे के गंदे बदन से चिपका हुवा hainnn...aur ये उससे अलग गन्दी फीलिंग दे रहा tha...aur तभी सुचिता अह्ह्ह्हह उत्तेजना के लहर मैंन....
ाअपनी गांड धीरे धीरे निचे दबा देती hainnn...aur बुड्ढे का लुंड अआपने छूट मैं हलके हलके घुसा रही thi.....uffffffffffff...... सुचिता की चींख दबी हुवी थी दर्द तोह बोहत हो रहा था मगर ये तूफान के पहले की शांति थी ..अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह.......
वोह क्या सन था बुड्ढे के बदन पैन सुचिता जैसी हसीना ऊपर से ट्रैन का बाथरूम टॉयलेट पे बुद्धा और उसके लुंड पैन धीरे धीरे आप ने छूट मैं कला बुद्धा लुंड लेती हुवी suchita........ahhhhhhhhh
Uffffffffffff अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ोुछहहहह fuckkkkkkkkkk.......
ुह्ह्ह्हह्ह जैसे जैसी लुंड अंदर छूट को कप्टा हुवा अंदर घुस रहा था वैसे वैसे सुचिता के चेहरे के भाव बदल रहे थे छूट की गरमी चेहरे पे साफ दिखाई दे रही थी..
सुचिता :- ुह्ह्हह्हह्ह्ह्ह ouchhhhhhhhhh धीरे अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह
बुड्ढे का कला मोटा लुंड सुचिता के छूट को कप्टा हुवा अंदर जा रहा था सुचिता के दोनों आँखों से पानी आआ रहा था और चेहरा पूरा लाल लाल हो चूका था और सांसे तेज हो चुकी थी......
ाअखिर कर बुड्ढे का पूरा मोटा लुंड सुचिता के छूट मैं घुस जाता hainnnn.....aur सुचिता की छूट बुड्ढे के लुंड से लाल लाल हो जाती hainnn.......ufffff बुद्धा आअज पूरा खुश था जैसे लाटरी लग गयी ho.....ahhhh कहा रोज रोज भिक मांगता था और घरेलु औरतो को देख लुंड हिलता था और आअज ास्ज एक हाई क्लास वाइफ उसके लुंड पैन थी ufffffffffffffff
सुचिता :- ouchhhhhhhhhh मास्साआ ahhhhhhhhhhhhh
भिकारी :- अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मेरी कुट्टी ज्यादा मत चिल्ला अभी तोह शुरू हुवा हैं .....अह्ह्ह्हह्हह
सुचिता :- ouchhhhhhhhhh दर्द हो रहा हैं अंदर...
भिकारी :- अह्ह्ह्हह्हह क्या इतनी हे आएग हे तेरे मैं चल शुरू हो जा अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह
सुचिता :- अह्हह्ह्ह्ह आग तोह बोहत hainn...par अह्ह्ह्हह पर अभी दर्द हो रहा हैंन क्या लुंड hainn.....itna बड़ा अह्ह्ह्हह छूट तन दिए मेरी .....
अह्ह्ह्ह सच मैं अंदर सुचिता के छूट का बुरा हल हो रहा था .....मनो अब्ब्ब्ब पूरी फैट हे जाएगी अह्ह्ह्ह पर उसको मजा भी उतना हे अअअअअ रहा था. .अह्हह्ह्ह्ह....
और तभी सुचिता के छूट के अंदर का भूका पैन जग जाता hainn...andar की रंडी उससे कहती हैंन...( अह्ह्ह्हह कुट्टी अब्ब्ब बैठ हे गयी हैं तोह ले पूरा मजा अह्ह्ह्ह चल शुरू हो जा अह्ह्ह भूल गयी क्या तू क्या चीज hainnn....ahhh ये लुंड तोह कुछ भी नहीं तेरे सामने अह्ह्ह चल अह्ह्ह्हह )
छूट की आवाज सुन्नन सुचिता मैं काम वासना की लहर घोड़े की तरह भागने लगती hainnn...aur सुचिता की छूट ऊपर निचे होने लगती हैंन.... बुद्धा चौक जाता hainnn...ki सुचिता सच मैं उसका बड़ा लुंड ले रही थी..... बुद्धा सोच मैं पद जाता हैं ...अह्ह्ह क्या चीज हैंन.... इतने दर्द के बाद तोह रंडियो को भी लेने मैं दर्द होता हैं ..और ये औरत अह्ह्ह्ह क्या माल hainnnnn.ahhhhhhhh
Uffffffffffff अह्हह्ह्ह्ह बुड्ढे का कला लुंड सुचिता के छूट के पानी से पूरा भीग जाता hainnn...ahhhh और सुचिता के छूट से निकला हुवा कला लुंड पूरा चमक उठता hainnn...ahhhhh....
भिकारी :- अह्हह्ह्ह्ह घुसा अह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह कुट्टी अह्ह्ह्हह क्या माल hainn...ahhhh...
सुचिता :- अह्ह्ह्हह ोुछःह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह
सुचिता को आपने छूट के अंदर कुछ कम्प रहा हैं ऐसा महसूस होता hainnn..ahhh....kya सन था यारो अह्ह्ह्ह सुचिता खुद बुड्ढे के लुंड पैन बैठ अपनी छूट घुसा रही थी ...अह्ह्ह्ह.... बुड्ढे की हालत अब्ब्ब ख़राब हो रही thi....uska लुंड अह्ह्ह्हह तन के सुचिता के छूट को छोड़ रहा था uffffffffffff.........
अब्बब्बब सुचिता का स्पीड बढ़ जाता hainnn....voh पीछे बुड्ढे के लुंड को देख रही थी की कैसे उसका लुंड उसके छूट मैं घुस रहा hainnn...ahhh....aur बुद्धा आराम से बैठ के सबका मजा ले रहा था ...अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह......
कला चमचमता हुवा लुंड सुचिता अब्ब्ब बड़ी मुश्किल से आपने आधे छूट तक ले रही थी और बुद्धा भी बैठ के मजा देख रहा था उससे पता था सुचिता लुंड लेगी पर पूरा लेगी या नहीं उसपे डाउट था..... इस्सलिये बुद्धा अभी सुचिता का अंदाज ले रहा था......
अह्ह्ह पर सुचिता कहा रूकने वाली थी उससे अब्ब भिकारी के मोठे लुंड का अंदाज आआ जाता hainn.....akhir वोह भी प्यासी मजी हुवी खिलाडी thi...ahhhh.....uska छूट का और लुंड ले भूक का नशा अब्ब्ब्ब जोर जोर से फनप रहा था.....
ुह्ह्ह्ह सुचिता की गुलाबी छूट अब्ब्ब फैट फैट से बुड्ढे के लुंड पैन नाचने लगती hainnn......chut की हर एक ृहह्ह्ह्ह ृहहहह तक लुंड का स्वाद पोहच जाता hainnn....aur देखते हे देखते बुड्ढे को सुचिता का नशा चढ़ जाता hainnn...ahhhh सुचिता को अब्ब्ब वोह कुट्टी समझने लगाता hainn.....usko यकीं नहीं होता ये कुट्टी उसका लुंड इस्सस तरह ले रही hainnn...ahhhhhhhhh.........
भिकारी :- अह्ह्ह्हह्हह मेरी कुत्त्तीय अह्ह्ह्हह और जोर से अहह निकल ाअपनी पूरी आएग अह्ह्ह कुट्टी अह्ह्ह्हह्हह
अह्ह्ह्ह अपने लिए भिकारी के मुहहह से कुट्टी शब्द बार बार सुन के सच मैं सुचिता कुट्टी जैसी गरम हो जाती hainnn....aur जोर जोर से ाअपनी तानी हुवी गुलाबी छूट लुंड पाई. मरने लगती hainnn.....ahhhhhh
उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ सुचिता के छोड़ने का स्पीड इतना था की बुड्ढे के ांडे से उसकी गांड लग रही thi....aur पुरे बाथरूम मैं छोड़ने का
फट्ट्ट्ट्ट fatttttttttt फट्ट्ट्ट्ट अह्ह्ह्हह्हह fatttttttttt
का आवाज घूम रहा था बुद्धा अपनी तरफ से कुछ नहीं कर रहा था ुह्ह्ह्ह पर सुचिता का जोश असमं पे था ....
सुचिता :- अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह फ़क finally.....ahhhhh.... फ़क मेईयहहहहहह ोुछहहहहहह अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह
सुचिता आँखे बंद कर लुंड को पूरा फील कर रही थी उसका .....उछलता हुवा मंगल मंगल सूत्र बुड्ढे के साइन पैन गिर रहा tha...ahhh.....uske बल बुड्ढे के मुहहह पैन थे और उसके दोनों बूब्स बुड्ढे के साइन पैन घिस रहे थे.... ुह्ह्हह्ह बुड्ढे की गरम गरम सांसे सुचिता के चेहरे पैन गिर रही थी पर सुचिता आपने मुह्ह ऊपर हे रख रही थी ताकि बुद्धा उससे किस्स्स न करे अह्ह्ह्ह .......
ुह्ह्हह्ह्ह्ह अब्ब्ब्ब सुचिता पुरे जोर पैन थी उसके छूट का पानी बुड्ढे के लुंड पैन साफ आता दिख रहा tha...aur उस पानी से बुड्ढे का लुंड चमक रहा था अह्ह्ह्ह...
बुड्ढे और सुचिता को अह्ह्ह्ह इस खेल को चालू हुवे 25 मिनट्स हो चुके थे और अभी तक सुचिता रूकने का नाम नहीं ले रही thi...ahhhhh....buddhe को यकीं नहीं हो रहा था एक घरेलु औरत ऐसी भी चुद सकती हैंन.....