सफर :- EPISODE NO ो8.
आधी रात का समय tha.....charo तरफ शांति thi....rat की ठंडी ठंडी hawa.....aaass पास के जगह को बर्फ की तरह ठण्ड कर रही थी.......
नम्रता आपने रूम main....ek फूल की तरह आपने बीएड pain...badan दाल के सू रही thi....itni ठण्ड थी की सब लेने के bavjud......gore बदन पैन ठण्ड का स्पर्श हो रहा tha....par....isi ठण्ड के कारन सब आपने मीठे नींद का आनंद उठा रहे थे.....
यहाँ सुचिता और संजय भी आपने रूम मैं सोये हुवे थे .....और सुचिता का अब्ब थोड़ा दर्द काम हो रहा tha...par ठण्ड के कारन भिकारी से थुकि हुवी छूट अभी भी आपने छोड़ने का दर्द जाता रही थी.....
यहाँ मिश्रा के रूम मैं उनकी पत्नी और वोह सोये the.......patni की तबियत अभी भी ख़राब thi.......kya पैट कल का सफर वोह कर पायेगी या नहीं.....
पर कुछ आहत सा महसूस होता hainn....kuch गरम sa....mishra अभी सोया नहीं tha....uski आँखे बंद थी पर दिमाग चालू था.....
और साफ झलक रहा था.... नम्रता के कातिल जवानी ने उसके दिमाग और दिल पे असर शुरू करना चालू कर दिया tha.....aankhe पालक झपक रही thi...par....aankho के सामने का नजारा नहीं जा रहा था ....मिश्रा ये सोचना नहीं छह रहा था ...उससे ये गलत लग रहा tha....par.....uske अंदर का मर्द और जूनून उससे उस अप्सरा के लचीले बदन के बारे मैं सोचने के लिए मजबूर कर रहा था.......
उससे कुछ देर पहले का वोह पल यद् आता हैं जब उसने नम्रता को आपने आँखों मैं उस जवान बदन को पहली बार भरा था .....उससस चेरे की खूबसूरती मिश्रा को ठरक के दुनिया मैं ले जा रही थी.............
उसको नम्रता का वोह गुलाबी जटिल बदन यद् आता hain....jab वोह बैठी thi....uske चेरे का दूध सा सफ़ेद रंग उससे नम्रता के बारे मैं गन्दा सोचने के लिए मजबूर कर देता हैंन......
उफ्फ्फ मिश्रा खुद को नम्रता के उससस गुलाबी रसीले लिप्स ोठो के बारे मैं सोच के खुद पैन कण्ट्रोल नहीं कर पता ....नम्रता का वोह पिक्चर उसके दिमाग और थोड़ा बोहत लुंड मैं मनो चाप सा जाता हैंण्ण्न.......
और उसका लुंड वोह पल कैसे भूल सकता था जब नम्रता का ड्रेस हवा से ऊपर हो gaya....aur उसके.... तिघ्त छूट के लाइन और चउरवे के दर्शन उसके आँखों को हो गए.......
ये सब सोच के मिश्रा के हैट उसके टाइट हुवे तम्बू पैन जाने हे वाले थे की....
मिश्रा :- अहह ये क्या कर रहा hu....main....randi को ठीक hainn...voh तेरे बेटी जैसे hain....pagal....
वैसे मिश्रा एक अच्छा आदमी tha....par अब्ब्ब ये सोच के वोह अब टिपिकल सिक्योरिटी अफसर वाले जैसा , रंडी को बेदम छोड़ने वाला एक हरामी बुद्धा बन रहा था और ये उसके लिए कितना बुरा और अच्छा था ये तोह वक्त बताएगा.........
मॉर्निंग..............7 :00 ऍम बजे............
Tring....Tring......tirng...... ट्रिंग.........
नम्रता उठ के दरवाजा खोल देती हैंन....
सुचिता :- चलो बीटा तुम अब तक तैयार नहीं huvi....hame निकलना हैं......
नम्रता :- है माँ वोह ठण्ड इतनी थी की आँख हे नहीं खुली......
सुचिता :- कोई बात नहीं जल्दी से नाहा लो और तैयार हो जाओ........
नम्रता :- ोककक माँ....
सुचिता :- पापा कब से निचे चले gaye....tum डायरेक्ट वह आए जाना....
Kuchhhh......samay......baaad.....
नम्रता तैयारी कर के निचे चली जाती hainnn.....jaha पैन अभी मिश्रा , संजय और सुचिता थी....
उन लोगो को नम्रता आती दिखती हैं....
और नम्रता को देख मिश्रा मन मैं से एक शब्द निकलता हैंन....
Wowwwwwwwwww...................
न चाहते हुवे भी मिश्रा ुस्स्सस्स खूबसूरती को ताड रहा था..... उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ उससस काली के स्तनों को नहीं देखना चाहता tha....par.....ahhh नजरे ुस्ससी स्तनों पैन तिकी हुवी thi....kya उभरे हुवे स्तन थे ुसस्स हसीना के .........
उफ्फ्फफ्फ्फ़ जैसे जैसे नम्रता ुसस्स ऑउटफिट मैं और पास आ रही थी वैसे वैसे ......इधर मिश्रा के पंत मैं तनाव बढ़ रहा. था वाहहहहह दांग रह गया था ुसस्स टाइट जीन्स और टॉप मैं ुसस्स हसीना का रूप देख क्या .
टाइट स्तन था जीसस मैं अंदर पहने हुवे ब्रा का शेप साफ दिख रहा था और ुसस्स जीन्स मैं गदरायी हुवी जंघे और टाइट गांड उफ्फ्फ्फ़ किसी पे भी बिजली गिरा दे ......
सुचिता :- मरस मिश्रा कहा hainn...unki तैयारी हुवी नहीं क्या अब तक....
मिश्रा :- ऐसा कुछ नहीं उसकी तबियत ख़राब हैं वोह नहीं आए सकती .....और मैं भी नहीं आने वाला था पर तुम लोगो को गाइड कर dunga....thoda रिस्की hain....vaha जाना....
नम्रता :- कहा जाने वाले हैं हम.....
मिश्रा :- आएञि बीटा...... गुड मॉर्निंग...
नम्रता :- गुड मॉर्निंग अंकल.....
मिश्रा :- तोह मैंने 3 स्कूटर बुक किये hainn....jiss पैन हम एक प्रकार के लॉन्ग ड्राइव पर जाने वाले hainn...jaha हम सब एक्स्प्लोर करेंगे लिखे माउंटेन्स, रिवर्स , विलेज , ेट्स ेट्स....
नम्रता :-wow.......it's ग्रेट.....
संजय :- सर अगर मरस मिश्रा नहीं आने वाले तोह 3 स्कूटर क्यू ........हम अब एडजस्ट कर लेंगे ..
मिश्रा :- हारे कहे की एडजस्टमेंट एन्जॉय करो....
सुचिता :- नहीं नम्रता का ऐसे माहौल मैं स्कूटर चला न रिस्की हैंन.....
नम्रता :- ऐसा कुछ नहीं आती हैं मुझे स्कूटर....
संजय :- है बीटा थोड़ा तुम चला लेना ....थक गयी तोह .....सर चला lenge....boht लम्बा सफर होने वाला हैं....
नम्रता :- है papa....mujhe कोई प्रॉब्लम नहीं हैंन..
मिश्रा :- अगर बेटी को कोई प्रॉब्लम नहीं हैं तोह मुझे भी नहीं हैंन....
संजय :- तोह दोने .....
अब्ब्ब निकलने के लिए थोड़ा हे टाइम बाकि था और सब बोहत एक्सीटेंड थे और सब मैं एक अलग से एक्ससिटेमेंट थी जोह की उनको उनके इस सफर के लिए उत्साहित कर रही थी
तभी नम्रता की नजर इस्सस आलीशान होटल के बग़ीचे पे जाती hainnn......usss बगीचे के सुन्दर सुन्दर फूल उसके मन को लुभा लेते hainn.....usko इस्सस माहौल मैं बोहत अच्छा फील हो रहा tha.......aur क्या पता उसको इस सुंदरता मैं खुद के पिक्चर निकलने का मन होता हैंन..
नम्रता :- माँ चलो न वह मेरे फोटोज निकालो न
सुचिता :- हारे बीटा रुको जरा मैं तैयारी कर रही हु थोड़ा सामान लेना हैंन....
तभी ये बाजु मैं बैठे मिश्रा जी सुन लेते हैंन...
मिश्रा:- आओ बीटा मैं निकल देता हूँ....
नम्रता :- आपको आते हैं....
मिश्रा :- बीटा हम सिक्योरिटी अफसर वाले हैं हमें सब आता हैंन....
नम्रता :- ठीक हैं.... अंकल .......
मिश्रा :- चलो ...
नम्रता :- ये लो मेरा phone....uncle अच्छे निकलना है
मिश्रा :- काफी ाचा फ़ोन हैं बीटा ....
नम्रता :- हाआआआ....
और तभी नम्रता बोहत हे ख़ुशी से उस सुन्दर से फूलो के सामने और छोटे छोटे सुन्दर प्लांट के सामने कड़ी हो जाती हैंन........
मिश्रा को समझ नहीं आए रहा था नम्रता की सुंदरता मस्त हैं या उन फूलो की उफ्फ्फ पर तभी उसकी नजर नम्रता के उससस चउरवे फिगर पैन जाती हैंन...
और उसका दिल मनो कह जाता हैं...
Uffffff.....kya रूप hain......isss ....लड़की ka.....aaaye दीं से ये मुझ पैन केहर उठा रही hainnn..ah आखिर क्या करू मैं इसका....
नम्रता मिश्रा के तरफ .... ...हस्स के देखती hainnn...aur कहती हैंन....
नम्रता :- निकालो न अंकल.......
मिश्रा :- अह्ह्ह इसका तोह हर एक शब्द अब्ब मुझ पैन वर कर रहा hainnn.....akhir ....क्या हो रहा hainn....mujhe इसकी स्माइल कुछ अलग हे लग रही hainn...jadu सा हैं कुछ इस मैं....
मिश्रा अआपने आँखों से नम्रता के ुसस्स गुलाबी चेहरे को देखता हे रहता हैं क्या नजाकत थी ुसस्स चेरे मैं
नम्रता बड़ी हे कामुक अंदाज से कड़ी थी ....मिश्रा नम्रता के रूप मैं अब्ब डूबे जा रहा था ....आखिर वोह भी एक इंसान था कब तक आपने भावना ो पे काबू रख सकता था.....
और फाइनली मिश्रा के नजरे नम्रता के दोनों उभर पैन जा गिरती हैं जोह की ुसस्स वक्त काफी टाइट लग रहे थे .........मिश्रा को वोह डोह बड़े बड़े गुब्बारे अब्ब मनो आपने आँखों मैं देखने के लिए उसके जज्बात बेकाबू हो रहे थे ............नम्रता अब्ब मिश्रा पे हावी हो रही थी........
नम्रता :- अंकल ऐसा भी एक निकालो.....
और नम्रता आने पास मैं खड़े हुवे छोटे से पौधे के फूल को हैट लगाती हैं
..
और ुसस्स फूल को पकड़ने के लिए थोड़ा निचे झुक जाती हैंण्ण्ण्न
और मिश्रा के मुह्ह से एक हे शब्द निकलता हैं...
मिश्रा :- UFFFFFFFFFFF..........
ओह्ह्ह्हह्ह क्या हॉट और लुंड गरम कर देनी वाली पोज़ थी..........
नम्रता के बड़े बड़े 34 के ाआम एकदम से लटक गए मनो आसमान मैं तैर रहे हो ......और एकदम से मिश्रा के आँखों के सामने ुन्नन बड़े बड़े चुचो की मूवमेंट देख मिश्रा का लुंड हल्का सा सिग्नल देने laga......ufffffffff......aisa नजारा ..... शायद किसी ने देखा होगा.....
मिश्रा को तोह यकीं नहीं हो रहा tha....ki वोह जिससे अपनी बेटी मंटा है. ...उसकी तरफ वोह ऐसे नजरो से देख रहा hainnnn........par उसकी क्या गलती thi....namrta माल हे ऐसा हैं की कोई भी पिघल जाए.........
अब्बब्बन मिश्रा नम्रता के पुरे बदन को घूरने लगता hainnn....dhire धीरे अब्ब्ब मिश्रा पैन नम्रता का नशा चढ़ रहा tha....aur .....एक बार इस्सस वर्दी के रक्षक के ऊपर नशा चढ़ गया तोह उसी राक्षस बनाने मैं कोई देर नहीं लगने वाली थी........
मिश्रा को अब्ब्ब नम्रता को आँखों से टटोलना अच्छा लग रहा tha....uski हर एक मूवमेंट उससे हॉट लग रही थी....
मिश्रा :- बीटा..... नेक्स्ट .... निकल लिया और kuch....alag पोज़ दू.....
नम्रता :- ठीक hain....uncle.......
और तभी नम्रता ऐसे पोज़ देती हैंन
जोह मिश्रा के आँखों को काफी सुख देने वाली thi.....aur.....uske लुंड को हिला देने वाली थी.......
नम्रता :- अंकल ऐसा थोड़ा पास आके क्लोज निकालो....
और नम्रता और झुक जाती hainn....aur हलकी से अपनी 36 की गांड को बहार निकल देती हैंन....
UFFFFFFFFFFF अब्ब्ब्ब मिश्रा को रहा नहीं जाता उससे समझ नहीं आता इस्सस बड़े बड़े झुके हुवे ...ायमो को देखने का सुख ले ya......feer....isss बहार निकली ....बड़ी बड़ी ...... gaddedar......gaand को dekhe.....ahhhhh .....आअज मनो ....सारा कण्ट्रोल जिंदगी भर का कण्ट्रोल मिश्रा कर रहा tha....ufffff....
मिश्रा नम्रता के ुसस्स बदन को देख आगे बढ़ता hainnn.....aur नम्रता की कसे पिछ खींचता hainnn......tabhi उससे आईडिया आता hainn....joh की बोहत कमीना आईडिया tha....joh एक सिक्योरिटी अफसर वाला हे लगा सकता हैं...
मिश्रा हलके हटो से कैमरा का ज़ूम नम्रता के ुसस्स चुचो के दरार मैं करता hainnn....ufff और कैमरा मैं उससस गोरी गोरी चमड़ी को देखने का आनंद लेता हैंण्ण्न.........
मिश्रा :- अह्हह्ह्ह्ह क्या उभर हैं यार नम्रता बेटी के अह्ह्ह नसीब हैं मेरा जोह ऐसा नजारा देखने को मिल रहा hainnn.......uffffff......
मिश्रा के नजर सब जगह पैन घूम रही थी ....अह्ह्ह क्या टाइट गांड hainn...sach मैं मुझे यकीं नहीं हो रहा hainn....ye सिर्फ 21 साल की hainnn....yaar.....uffffff....
और तभी वह ...... संजय और सुचिता साडी तैयारी कर के आते हैंन......
संजय :- chalo......ab निकलते हैंण्ण्न......
नम्रता :- haaaaàaa.
और सभी बाजु के यहाँ लगी पार्किंग लोट के यहाँ निकल पड़ते हैंन.....
कुछ हे देर मैं स्कूटी की चालू होने की आवाज आती hainnn.....aur एक अलग सा सुरूर सब के मन मैं मचल पड़ता हैं.... संजय और सुचिता की स्कूटी आगे निकल पड़ती hainnn....aur मिश्रा भी नम्रता को पीछे बिठा के निकल पड़ता हैंन.......
नम्रता पीछे से आसाराम से बैठ जाती hainnn......aur ठण्ड मैं उसका बदन पूरा निखार जाता hainn.....halka सा कोहरा रस्ते पैन था ठंडी ठंडी हवा एक अलग एहसास दे रही थी.............
कुछ हे देर मैं एक बड़ा सा ढलान आए जाता hainnn....jaha स्कूटी की स्पीड बढ़ जाती hainnn....aur नम्रता का पूरा दबाव आएगी हो जाता hainnn.....aur हवा के वजह से उसका जैकेट उड़द रहा था और उसके टाइट ड्रेस मैं से उसकी मलाईदार बदन पूरा खुल चूका था जोह के एकदम मलाई लग रहा tha....ufff क्या नजारा था......
उफ्फ्फफ्फ्फ़ नम्रता के ुसस्स खुली बदन पैन ठण्ड की हवा ऐसे घुस रही थी मनो उसके उभरे ुवे स्तनों का चुम्बन ले रही hoooo......aapne मलाईदार स्तनों को ठण्ड लगते हे नम्रता सिकुड़ जाती hainn.....lekin ठण्ड का वोह अहसास उसको अलग हे फेल्लिंग दे रहा tha....toh वोह अपना बदन वैसे हे रहने देती हैंन......
कुछ हे पालो मैंन.
और ढलान आए जाती hainnn....aur यहाँ नम्रता का शरीर आगे की और बढ़ जाता hainnn.....mano वोह अपने आप आगे खिसक रही होऊ.....
और अगले हे पल वोह सामने बैठे आपने अंकल से सात जाती हैंण्ण्न
और उसके मलाई दर बूब्स का एक कोना हलके से मिश्रा के कंधे पैन और पीठ पैन डाब जाता hainnnn.....aur नम्रता को अलग हे अहसास होता hainnnn.......mishra को भी कुछ अलग हे फील होता हैंन. ....मनो अचानक से कुछ हुवा hooo.......aur दोनों भी कुछ रेस्पोंद न करते हुवे ऐसा दिखते हैं जैसे कुछ हुवा नहीं.....
और तभी नम्रता को आपने सतानो मैं बदलव सा महसूस होता हैंन उसके 34 के मोठे गोर गोर स्तन मनो फूल जाते hainn.....aur दोनों स्तनों के निप्पल टाइट हो जाते hainnn.....namrta को लगता हैं ठण्ड की वजह से हो रहा हैंन.
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तभी अचानक से ब्रेक लगता hainnn.....aur.....namrta इस बार प्रेशर से और बोहत करीब चली जाती hainnn...usko अब्ब महसूस होता hainn....uske टाइट हो रहे चुके अंकल के पीठ पैन सात गए हैं....
उससे हलकी से शर्म महसूस होती हैं.....
वोह देखती hainnn....uske बड़े बड़े बूब्स कैसे अंकल के पीठ पैन चिपक रहे हैंन..... नम्रता को हलकी से गर्माहट महसूस होती हैं और उसके शरीर मैं गर्मी की सिहर निकल जाती hainnn....uske दोनों चुके अब्ब मिश्रा के पीठ पैन मनो घिस रहे थे.........
पर नम्रता खुद से पीछे हो जाती हैंन.....
आएगी सूती चला रहे मिश्रा को सब समझ आ जाता hainn......namrta के बूब्स की गर्मी उससे भी अच्छी लग रही thi.....aur सिक्योरिटी अफसर दिमाग वाला मिश्रा अचानक से एक बार ब्रेक लगा देता hainn....aur इस्सस बार जोर से था....
नम्रता का इस्सस बार पूरा बदन मनो मिश्रा के शरीर पैन झुक जाता hainnn....aur एक लगा सा फील दोनों को भी आता हैंण्ण्न......
नम्रता के दोनों भी बड़े बड़े मलाई से भरे गरम पहाड़ मिश्रा के पीठ पैन रगड़ जाते hainnn.....aur मनो नम्रता के मुहहह से हलकी सिसकारी भी निकलती हैंन....
मिश्रा नम्रता के दोनों गरम बूब्स को महसूस कर सकता tha....aur इस्सस बार वोह भी अपनी तरफ से थोड़ा पीछे दबाव देता hainnn.....aur नम्रता के दोनों आम मनो दोनों के बिच सॉफ्ट बॉल जैसे डाब जाते हैंन....
जीसीस महसूस कर नम्रता के चेहरे के हाव भाव ुसस्स ठण्ड मैं बदल से जाते हैं...
आपने शरीर का ऐसा गरम आघात देख उसकी भावना सिहर से जाती hainnn....aur चेरे पैन एक कामुकता भरा भाव ुमत जाता hainnn....joh काफी देखने लायक tha...aur मदमस्त भी......
मिश्रा के पीछे बैठी नम्रता आपने बूब्स की गरमी को पूरा महसूस कर रही थी और उसको महसूस हो रहा था कैसे उसका पूरा शरीर गरम हो रहा हैंन....