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- Dec 5, 2013
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अपडेट - 11
अब तक आपने देखा .....हीरो का
janam........ab आगे....
समय ऐसे hi गुजरता चला gaya....aur अब नन्हा अभी 5 साल का होने वाला था......
R.V.S भी अपनी धक् बुसिनेस्स लॉबी में और अपने दूसरे रूप
( संघारक) जो कहानी में आगे देखने को मिलेगा क रूप में अंडरवर्ल्ड क लोगो में अपना दर बिठा चूका था.
ऐसे hi एक दिन जब R.V.S पूजा में बैठे थे तब उन्हें अंतर्मन में महागुरु की आवाज आई....
महागुरु - पुत्र अब समय आगया है अभी क जन्म क दूसरे पड़ाव का
इसीलिए तुम्हारे पुत्र क आनेवाले पान्हवे जन्मदिन का उत्सव तुम्हे अपने महल में hi मानना पड़ेगा
R.V.S - आप जो कहोगे वही होगा गुरुदेव..
पूजा से उठकर R.V.S ने अपनी पत्नी से इस बारे में बात की , वही नन्हा अभी अपने रूम में सो रहा था और ऋतू वही बैठकर अपना होमवर्क कर रही थी .....
तभी अभी अचानक रट हुए उठा
ऋतू - अरे की हुआ मेरे बेतु को क्यों रो रहा है चुप हो जाओ ...
अभी - दी ....दी .....वह ...बहुत बाला शेर था दी .....वह मुज़हे खा जाएगा
.....मिली तलफ देख कल हैश रहा था दी
इतना बोल कर रोने लगा....
ऋतू - नहीं बेतु यहाँ कोई शेर नहीं है
देख (गले लगाकर) तूने सपना देखा होतगा बेतु चुप हो जा....
देख तू मेरा बहादुर भाई है न ....इतना कहकर ऋतू क आँखों से भी आंसू निकलने लगे
अपनी दी की आँखों में आंसू देखकर ...अभी अपना रोना भूल गया.
अभी - अल्ले मिली प्याली दी अब आप ट्यू लो लहि हो, देखो में नहीं रो रहा न दी
अब आप भी मत रोवो
तभी रूम के दूर पर नॉक होता है.... ऋतू जल्दी से अपने और अपने भाई क आंसू पोंछते हुए
ऋतू - कौन है , दूर खुला है आजाओ
तभी एक सर्वेंट अंदर आता है .....
छोटी मालकिन आपकी माँ आपको निचे बुला रही है...
इतना कहकर वह चला गया
अभी - दी में भी चलूँगा....
ठीक है भाई ......फिर दोनों निचे आजाते है
निचे जैसे hi अभी अपनी माँ को देखता है तोह दौड़कर गोदी में बैठ जाता है, और माँ क गालो पर एक किश कर देता है,
अपने बेटे का प्यार देखकर नैना भी अभी का गाल चुम लेती है और गले लगाती है ....अरे मेरा प्यारा शोना
R.V.S - क्या बात है बीटा सारा प्यार माँ क लिए..... और हमारे लिए कुछ नहीं..
अभी - पापा भी तोह में माँ को hi प्यार करूँगा आपका नंबर बाद में आएगा..
ऋतू - अच्छा बेतु और मेरा नंबर
अभी - अरे डीडू आप यहाँ आजाओ न हम दोनों hi माँ को प्यार करेंगे
अब ऋतू भी अपनी माँ क पास पहुँच गयी और नैना क गाल पर किश करके बैठ गयी माँ को पकड़कर
R.V.S - ( ज़्हूटी नाराजगी जताते हुए)
अच्छा अब तुम तीनो तोह एक हो गए अब गाओं जाने का प्लान कैंसिल ,
दादा - दादी से मिलने का भी प्लान कैंसिल
अभी - ऋतू कौनसा प्लान पापा आपने तोह हमे बताया hi नहीं
R.V.S - बीटा अभी हमारे इस नन्हे अभी का जन्मदिन आने वाला है तोह सोचा इससबार गाओं क महल में सभी रिश्तेदारों क साथ मनाएंगे ...
और अब तुम्हारी माँ को भी जरुरत है तोह वह वह कुछ दिन रहेगी जब तक नन्हा मेहमान नहीं आजाता
अभी - कौन आनेवाला है पापा ,
R.V.S - बीटा तुम्हारे साथ खेलने क लिए एक नन्ही पारी आएगी
( जी हाँ नीना को अभी 8 महीने का गर्भ है)
अब R.V.S & फॅमिली पहुँच गए गाओं
जन्मदिन में होनेवाले उत्सव क लिए महल को खूब सजाया गया था
राणा महल --
राणामहल को खूब चमकाया गया
फिर आया वह दिन ...जब अभी पूरे 5 वर्षा का होने वाला था...
आज पूरा गाओं खुश था ..क्यों की R.S.S ने अपने पोते क जन्मदिन की ख़ुशी में, फिर अपने भंडार गोवालो क लिए खोल दिए
आज पूजन और हवन की तैयारी आचार्य सोमदत्त कर रहे थे ... तभी वह महागुरु यग्नेश का भी आगमन हुआ..
R.V.S ने बड़े श्रद्धा भाव से उनका स्वागत किया और आसान पर बिठाया ...
यहाँ अभी अपनी दे क गोदी में बैठा बड़ा खुश हो रहा था
सुष्मिता देवी (दादी)- बीटा नैना तुम थोड़ी देर आराम करो आज अपने लाला को में अपने हाथो से तैयार करुँगी
नैना - नहीं माँ जी में कर लुंगी अभी पूजन का भी समय होने वाला है
दादी - अभी महागुरु जी ने बताया की मुहूर्त में 4 हरष बाकी है
ऋतू - आप क्यों परेशां होती है दादी में भाई को तैयार कर लुंगी
दादी - अरे मेरी प्यारी लाडू बड़ी समज्जदार हो गयी है... लेकिन बीटा तुम अपनी माँ का ध्यान रखो ...में इससे तैयार कर देती हु
अभी - हां डीडू माँ को आराम करने दो... दादी मुज़हे तैयार कर देगी..
अब में बड़ा हो गया हु
माँ - वह मेरा बेतु तोह समज़दार हो गया
फिर अभी अपने दादी क साथ उनके रूम में चला गया
वह जैसे hi अभी पहुंचा तोह न जाने क्यों अभी को नींद आने लगी
अभी - दादी मुज़हे बहुत नींद आरही है मुज़हे सोना है
दादी - नहीं बेतु अभी तोह आपको तैयार होना है पूजा में बैठने क लिए
अभी - दादी प्लस थोड़ी देर सोने दो न
दादी ने सोचा अभी अभी तोह बहुत समय है .....
ठीक है बेतु सो जा थोड़ी देर...
यहाँ महागुरु अपने आसान पर बैठकर साड़ी स्थिति का जायजा ले रहे थे, तभी कुछ सोचकर उन्होंने अभी क दादा और दादी को बुलावा भेजा
महागुरु क बुलावे पर पर दादी को तुर्रंत अभी को सोता हुआ छोड़ कर जाना पड़ा
यहाँ पटल लोक में दुर्मुखासुर (D.S.R) आपने पिता क परम शत्रु की खोज में लगा हुआ था ....की तभी उससे पृथ्वी पर और 14 लोको में एक अलग ऊर्जा का आभास होने लगा.
( ध्यान रहे आज अभी क साथ साथ 14 लोको में जन्म लेने वाली उसकी शक्तिया भी 5 वर्ष की होने वाली है)
तभी एक नन्ही पारी सी लड़की दौड़ कर वह आजाती है ...भाई ..भाई करते हुए रट हुए आती है
D.S.R - अरे क्या हुआ मेरी गुड़िया क्यों रो रही है...
लड़की - आपको मेरा जन्मदिन याद नहीं रहा अज्ज
D.S.R - अरे मेरी प्यारी गुड़िया नहीं भुला आज रात को खूब जासं होगा
( जी हां यह K.S की छोटी रानी की पुत्री जो अभी की hi शक्तियों में से एक है
जिस्का नाम है - मदालसा)
यहाँ धरती पर महल में महागुरु को अंदेशा हो गया की दुर्मुखासुर ऊर्जा का पीछा करते हुए यहाँ पहुँच सकता hai...toh उन्होंने अपने मंत्र शक्ति से राणामहल को एक कवच में बंद दिया......
यहाँ अचानक अभी की नींद खुल जाती है वह अपने चारो तरफ देखता है
उससे एक मधुर संगीत सुनाई देता है, ौसा लगता है जैसे उससे कोई बुला रहा है......
तभी उस्सकी नज़र सामने दिवार पर पड़ी .....वह अचानक प्रकाश से चमकता हुआ दरवाजा प्रगट hua...jo महल में बनने हुए गुप्त शिवालय तक जाता hai......isske बारे में केवल अभी क दादा और पापा hi जानते थे.
अभी को ऐसा लगा जैसे उससे उस दरवाजे क भीतर कोई पुकार रहा है ...वह आगे बड़ा तोह देखा वह निच्चे की और सिद्दिया जार रही है
उन सिद्दियों से होते हुए पहुंच गया अभी वह बने गुप्त शिवालय में वह अद्भुत शिवलिंग क दर्शन करते hi अभी क मुख से मन्त्र निकलने लगा ॐ नमः शिवाय और बैठ गया दोनों हाथ जोड़कर तभी उसकी नज़र वह पड़े दो बॉक्स पर पड़ी जिनमे एक वाइट था और एक रेड
रेड बॉक्स से कुछ तरंगे निकलने लगी
और आवाज आने लगी आओ मेरे मालिक अपना लो मुज़हे कब से आपका hi इंतजार कर रहा tha....Tab अभी ने वह रेड बॉक्स उठाया और जैसे hi खोला तोह एक तेज़ लाल कलर की रौशनी निकली वैसे एक एनर्जी अभी क अंदर से निकली ...जब दोनों एनर्जी आपस में मिली तोह प्रगट हुई एक भयंकर आकृति और फिर गुंजी एक भयंकर शेर की दहाड़..
अभी क लिए इतना hi....
अगला अपडेट जल्द hi....
अब तक आपने देखा .....हीरो का
janam........ab आगे....
समय ऐसे hi गुजरता चला gaya....aur अब नन्हा अभी 5 साल का होने वाला था......
R.V.S भी अपनी धक् बुसिनेस्स लॉबी में और अपने दूसरे रूप
( संघारक) जो कहानी में आगे देखने को मिलेगा क रूप में अंडरवर्ल्ड क लोगो में अपना दर बिठा चूका था.
ऐसे hi एक दिन जब R.V.S पूजा में बैठे थे तब उन्हें अंतर्मन में महागुरु की आवाज आई....
महागुरु - पुत्र अब समय आगया है अभी क जन्म क दूसरे पड़ाव का
इसीलिए तुम्हारे पुत्र क आनेवाले पान्हवे जन्मदिन का उत्सव तुम्हे अपने महल में hi मानना पड़ेगा
R.V.S - आप जो कहोगे वही होगा गुरुदेव..
पूजा से उठकर R.V.S ने अपनी पत्नी से इस बारे में बात की , वही नन्हा अभी अपने रूम में सो रहा था और ऋतू वही बैठकर अपना होमवर्क कर रही थी .....
तभी अभी अचानक रट हुए उठा
ऋतू - अरे की हुआ मेरे बेतु को क्यों रो रहा है चुप हो जाओ ...
अभी - दी ....दी .....वह ...बहुत बाला शेर था दी .....वह मुज़हे खा जाएगा
.....मिली तलफ देख कल हैश रहा था दी
इतना बोल कर रोने लगा....
ऋतू - नहीं बेतु यहाँ कोई शेर नहीं है
देख (गले लगाकर) तूने सपना देखा होतगा बेतु चुप हो जा....
देख तू मेरा बहादुर भाई है न ....इतना कहकर ऋतू क आँखों से भी आंसू निकलने लगे
अपनी दी की आँखों में आंसू देखकर ...अभी अपना रोना भूल गया.
अभी - अल्ले मिली प्याली दी अब आप ट्यू लो लहि हो, देखो में नहीं रो रहा न दी
अब आप भी मत रोवो
तभी रूम के दूर पर नॉक होता है.... ऋतू जल्दी से अपने और अपने भाई क आंसू पोंछते हुए
ऋतू - कौन है , दूर खुला है आजाओ
तभी एक सर्वेंट अंदर आता है .....
छोटी मालकिन आपकी माँ आपको निचे बुला रही है...
इतना कहकर वह चला गया
अभी - दी में भी चलूँगा....
ठीक है भाई ......फिर दोनों निचे आजाते है
निचे जैसे hi अभी अपनी माँ को देखता है तोह दौड़कर गोदी में बैठ जाता है, और माँ क गालो पर एक किश कर देता है,
अपने बेटे का प्यार देखकर नैना भी अभी का गाल चुम लेती है और गले लगाती है ....अरे मेरा प्यारा शोना
R.V.S - क्या बात है बीटा सारा प्यार माँ क लिए..... और हमारे लिए कुछ नहीं..
अभी - पापा भी तोह में माँ को hi प्यार करूँगा आपका नंबर बाद में आएगा..
ऋतू - अच्छा बेतु और मेरा नंबर
अभी - अरे डीडू आप यहाँ आजाओ न हम दोनों hi माँ को प्यार करेंगे
अब ऋतू भी अपनी माँ क पास पहुँच गयी और नैना क गाल पर किश करके बैठ गयी माँ को पकड़कर
R.V.S - ( ज़्हूटी नाराजगी जताते हुए)
अच्छा अब तुम तीनो तोह एक हो गए अब गाओं जाने का प्लान कैंसिल ,
दादा - दादी से मिलने का भी प्लान कैंसिल
अभी - ऋतू कौनसा प्लान पापा आपने तोह हमे बताया hi नहीं
R.V.S - बीटा अभी हमारे इस नन्हे अभी का जन्मदिन आने वाला है तोह सोचा इससबार गाओं क महल में सभी रिश्तेदारों क साथ मनाएंगे ...
और अब तुम्हारी माँ को भी जरुरत है तोह वह वह कुछ दिन रहेगी जब तक नन्हा मेहमान नहीं आजाता
अभी - कौन आनेवाला है पापा ,
R.V.S - बीटा तुम्हारे साथ खेलने क लिए एक नन्ही पारी आएगी
( जी हाँ नीना को अभी 8 महीने का गर्भ है)
अब R.V.S & फॅमिली पहुँच गए गाओं
जन्मदिन में होनेवाले उत्सव क लिए महल को खूब सजाया गया था
राणा महल --
राणामहल को खूब चमकाया गया
फिर आया वह दिन ...जब अभी पूरे 5 वर्षा का होने वाला था...
आज पूरा गाओं खुश था ..क्यों की R.S.S ने अपने पोते क जन्मदिन की ख़ुशी में, फिर अपने भंडार गोवालो क लिए खोल दिए
आज पूजन और हवन की तैयारी आचार्य सोमदत्त कर रहे थे ... तभी वह महागुरु यग्नेश का भी आगमन हुआ..
R.V.S ने बड़े श्रद्धा भाव से उनका स्वागत किया और आसान पर बिठाया ...
यहाँ अभी अपनी दे क गोदी में बैठा बड़ा खुश हो रहा था
सुष्मिता देवी (दादी)- बीटा नैना तुम थोड़ी देर आराम करो आज अपने लाला को में अपने हाथो से तैयार करुँगी
नैना - नहीं माँ जी में कर लुंगी अभी पूजन का भी समय होने वाला है
दादी - अभी महागुरु जी ने बताया की मुहूर्त में 4 हरष बाकी है
ऋतू - आप क्यों परेशां होती है दादी में भाई को तैयार कर लुंगी
दादी - अरे मेरी प्यारी लाडू बड़ी समज्जदार हो गयी है... लेकिन बीटा तुम अपनी माँ का ध्यान रखो ...में इससे तैयार कर देती हु
अभी - हां डीडू माँ को आराम करने दो... दादी मुज़हे तैयार कर देगी..
अब में बड़ा हो गया हु
माँ - वह मेरा बेतु तोह समज़दार हो गया
फिर अभी अपने दादी क साथ उनके रूम में चला गया
वह जैसे hi अभी पहुंचा तोह न जाने क्यों अभी को नींद आने लगी
अभी - दादी मुज़हे बहुत नींद आरही है मुज़हे सोना है
दादी - नहीं बेतु अभी तोह आपको तैयार होना है पूजा में बैठने क लिए
अभी - दादी प्लस थोड़ी देर सोने दो न
दादी ने सोचा अभी अभी तोह बहुत समय है .....
ठीक है बेतु सो जा थोड़ी देर...
यहाँ महागुरु अपने आसान पर बैठकर साड़ी स्थिति का जायजा ले रहे थे, तभी कुछ सोचकर उन्होंने अभी क दादा और दादी को बुलावा भेजा
महागुरु क बुलावे पर पर दादी को तुर्रंत अभी को सोता हुआ छोड़ कर जाना पड़ा
यहाँ पटल लोक में दुर्मुखासुर (D.S.R) आपने पिता क परम शत्रु की खोज में लगा हुआ था ....की तभी उससे पृथ्वी पर और 14 लोको में एक अलग ऊर्जा का आभास होने लगा.
( ध्यान रहे आज अभी क साथ साथ 14 लोको में जन्म लेने वाली उसकी शक्तिया भी 5 वर्ष की होने वाली है)
तभी एक नन्ही पारी सी लड़की दौड़ कर वह आजाती है ...भाई ..भाई करते हुए रट हुए आती है
D.S.R - अरे क्या हुआ मेरी गुड़िया क्यों रो रही है...
लड़की - आपको मेरा जन्मदिन याद नहीं रहा अज्ज
D.S.R - अरे मेरी प्यारी गुड़िया नहीं भुला आज रात को खूब जासं होगा
( जी हां यह K.S की छोटी रानी की पुत्री जो अभी की hi शक्तियों में से एक है
जिस्का नाम है - मदालसा)
यहाँ धरती पर महल में महागुरु को अंदेशा हो गया की दुर्मुखासुर ऊर्जा का पीछा करते हुए यहाँ पहुँच सकता hai...toh उन्होंने अपने मंत्र शक्ति से राणामहल को एक कवच में बंद दिया......
यहाँ अचानक अभी की नींद खुल जाती है वह अपने चारो तरफ देखता है
उससे एक मधुर संगीत सुनाई देता है, ौसा लगता है जैसे उससे कोई बुला रहा है......
तभी उस्सकी नज़र सामने दिवार पर पड़ी .....वह अचानक प्रकाश से चमकता हुआ दरवाजा प्रगट hua...jo महल में बनने हुए गुप्त शिवालय तक जाता hai......isske बारे में केवल अभी क दादा और पापा hi जानते थे.
अभी को ऐसा लगा जैसे उससे उस दरवाजे क भीतर कोई पुकार रहा है ...वह आगे बड़ा तोह देखा वह निच्चे की और सिद्दिया जार रही है
उन सिद्दियों से होते हुए पहुंच गया अभी वह बने गुप्त शिवालय में वह अद्भुत शिवलिंग क दर्शन करते hi अभी क मुख से मन्त्र निकलने लगा ॐ नमः शिवाय और बैठ गया दोनों हाथ जोड़कर तभी उसकी नज़र वह पड़े दो बॉक्स पर पड़ी जिनमे एक वाइट था और एक रेड
रेड बॉक्स से कुछ तरंगे निकलने लगी
और आवाज आने लगी आओ मेरे मालिक अपना लो मुज़हे कब से आपका hi इंतजार कर रहा tha....Tab अभी ने वह रेड बॉक्स उठाया और जैसे hi खोला तोह एक तेज़ लाल कलर की रौशनी निकली वैसे एक एनर्जी अभी क अंदर से निकली ...जब दोनों एनर्जी आपस में मिली तोह प्रगट हुई एक भयंकर आकृति और फिर गुंजी एक भयंकर शेर की दहाड़..
अभी क लिए इतना hi....
अगला अपडेट जल्द hi....