ABHI -- THE WARRIOR (Completed) - SexBaba
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ABHI -- THE WARRIOR (Completed)

hotaks

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ABHI ----- THE WARRIOR

Dosto Yeh kahani hai ek aise yodha ki jisko kalug mein iss srihsti k santulan ka baar saupa gaya hai.

yeh puri tarah kalpanik hai

Friends mein koi writer nahi hu isiliye galtiya toh hogi , unko najarandaj karke

kahani ka aanand uthaye

yeh meri pahli kahani hai , friends aap apna saath banaye rakhe

Humari duniya badi rahsyamayi hai, iss poore brahmand mein 14 lok hai

prithvi se upar 7 lok

भूलोक, भुवलोक , स्वर्गलोक, महर्लोक, जनलोक , तपलोक और सत्यलोक

Aur prithvi k niche 7 lok,

तललोक, अतललोक, वितल, सुतललोक, तलातल, रसातल और पाताललोक

इस ब्रह्मांड का रक्षक वो ही बन सकता है , जिसके पास इन 14 लोको की शक्तियां हो

इन 14 लोको मे कुछ स्थुललोक है कुछ सूक्ष्म

स्थूल का मतलब जिन्हे हम आंखो से देख सकते है

और सूक्ष्मलोक वह जिन्हे केवल दिव्य दृष्टी से और सिद्धियो से देखा जा सकता है

इन 14लोको से उपर 3 लोक और है

ब्रह्मलोक, वैकुण्ठलोक , शिवलोक जो इस सारी सृष्टी का संचालन करते है

★ इंडेक्स ★

☟



फॅमिली इंट्रोडक्शन ♡

अपडेट 1अपडेट 2अपडेट 3अपडेट 4अपडेट 5अपडेट 6अपडेट 7अपडेट 8अपडेट 9अपडेट 10अपडेट 11अपडेट 12अपडेट 13अपडेट 14अपडेट 15अपडेट 16अपडेट 17अपडेट 18अपडेट 19अपडेट 20अपडेट 21अपडेट 22अपडेट 23अपडेट 24अपडेट 25अपडेट 26अपडेट 27अपडेट 28अपडेट 29अपडेट 30अपडेट 31अपडेट 32अपडेट 33अपडेट 34अपडेट 35अपडेट 36अपडेट 37अपडेट 38अपडेट 39अपडेट 40अपडेट 41अपडेट 42अपडेट 43अपडेट 44अपडेट 45अपडेट 46अपडेट 47अपडेट 48अपडेट 49अपडेट 50अपडेट 51अपडेट 52अपडेट 53अपडेट 54अपडेट 55अपडेट 56अपडेट 57अपडेट 58अपडेट 59अपडेट 60अपडेट 61अपडेट 62अपडेट 63अपडेट 64अपडेट 65अपडेट 66अपडेट 67अपडेट 68अपडेट 69अपडेट 70अपडेट 71अपडेट 72अपडेट 73अपडेट 74अपडेट 75अपडेट 76अपडेट 77अपडेट 78अपडेट 79अपडेट 80अपडेट 81अपडेट 82

अपडेट ♡ 83♡अपडेट ♡ 84♡अपडेट ♡ 85♡अपडेट ♡ 86♡अपडेट ♡ 87♡अपडेट ♡ 88♡अपडेट ♡ 89 ♡अपडेट ♡ 90 ♡अपडेट ♡ 91 ♡अपडेट ♡ 92 ♡अपडेट ♡ 93 ♡अपडेट ♡ 94 ♡अपडेट ♡ 95 ♡अपडेट ♡ 96 ♡अपडेट ♡ 97 ♡अपडेट ♡ 98 ♡अपडेट ♡ 99 ♡अपडेट ♡ 100 ♡अपडेट ♡ 101 ♡अपडेट ♡ 102 ♡अपडेट ♡ 103 ♡अपडेट ♡ 104 ♡अपडेट ♡ 105 ♡अपडेट ♡ 106 ♡अपडेट ♡ 107 ♡अपडेट ♡ 108 ♡अपडेट ♡ 109 ♡अपडेट ♡ 110 ♡अपडेट ♡ 111 ♡अपडेट ♡ 112 ♡अपडेट ♡ 113 ♡अपडेट ♡ 114 ♡अपडेट ♡ 115 ♡अपडेट ♡ 116 ♡अपडेट ♡ 117♡अपडेट ♡ 118 ♡अपडेट ♡ 119 ♡अपडेट ♡ 120 ♡अपडेट ♡ 121 ♡अपडेट ♡ 122 ♡अपडेट ♡ 123 ♡अपडेट ♡ 124 ♡अपडेट ♡ 125 ♡अपडेट ♡ 126 ♡अपडेट ♡ 127 ♡अपडेट ♡ 128 ♡अपडेट ♡ 129 ♡अपडेट ♡ 130 ♡अपडेट ♡ 131 ♡अपडेट ♡ 132 ♡अपडेट ♡ 133 ♡अपडेट ♡ 134 ♡अपडेट ♡ 135 ♡अपडेट ♡ 136 ♡अपडेट ♡ 137 ♡अपडेट ♡ 138 ♡अपडेट ♡ 139 ♡अपडेट ♡ 140 ♡अपडेट ♡ 141 ❤



Update 1

अब आते है कहानी पर---------

Roopnagar k ek hospital k Operation theter ek bahar 4 log intezar kar rahe the, sab ki aankon mein aansoo the, unn k chehro ko dekhkar lagta hai ki koi unka apna Operation thetor mein maut se lad raha hai

unme ek 22 saal ki ladki ki toh haalat aisi hai k baar baar rote rote behosh ho rahi hai aur 45 saal k lagbhag ek aurat aur 55 k karib ek aadmi usse sambhalne mein lage hai aur unke saath khada tha koi 20 saal ka yuvak jo apne dukh ko dil mein dabaye intejar kar raha tha

aurat -- ladki se --- beta uth jaa na, kyu aisa kar rahi hai, dekh tu bhi aise karegi toh hum kya karenge kuch nahi hoga hamare abhi ko, uth jaa naa laado apne bhai ki khatir , agar tuzhe kuch hua toh hum abhi ko kaise sambhalenge, uth jaa na Ritu

Haa yeh hamare hero ki family hai

Short intro -----

Rana Vikram singh -- age 60 Hero's dad, lekin dikne mein 40 k lagte hai

yeh Roopnagar k raja , India k top most business man hai

Naina devi -- hero's mom 45 yrs , ekdum rajsi look aur chehre par ek alag tej

Ritika singh --- badi behan 22yrs bhut hi beautiful, bilkul apni maa ki tarah isski jaan apne bhai mein basti hai

Adira singh --- Choti behan abhi hostel mein padti hai bahut hi cute aur bachpane se bharpur

aur jo ladka hai woh Rakesh sharma hero ka frnd hai

yeh ek chotta intro tha poora intro Hero ki jubani milega

Yaha ritu ki haalat bigati jaa rahi thi

(ab naina devi ko maa kahunga)

maa -- dekho meri beti bhi dur jaa rahi hai agar isse kuch ho gaya toh sab khatam ho jaayega jaldi doctor ko bulaaeye

rakesh doctor ko bulane chala jaata hai

maa - itna kuch ho gaya aur aap but bankar khade ho, na kuch bolte ho na kuch kar rahe ho, kya itne patthar dil ho.

apne patni ki baatein sunkar Vikarm singh k dhyra ka baand tut gaya aur rote hue bolne laga

R.V.S -- naina muzhe kuch samz nahi aaraha hai kya karu , ek taraf toh mera abhi maut se lad raha hai, aur dusri taraf ritu ki aisi haalat aur ab toh Adira ko bhi sambhalna padega kyu ki woh aarahi hai,

maa -- aap usse rok lo yaha aane se nahi toh pata nahi kya ho jaayega

R.V.S -- Kaise roku kal 2 din se uski ph par abhi se baat nahi hui aur tum jaanti ho ,abhi se baat kiye bagair woh nahi rah sakti

tabhi Rakesh doctor ko leke aagaya ,Ritu ko check karke ICU mein le gaye

operation chalte hue 4 ghante ho gaye the ,aur teeno intezhar kar rahe the apne pyare abhi k wapas lautne kaa .....


अगला अपडेट जल्द hi......
 
अपडेट -- 2

अभी तक आपने देखा हीरो का ऑपरेशन चल रहा है ........ अब आगे

R.V.S ने देखा ऑपरेशन थेटर का लाइट बंद हो हुआ , सभी का ध्यान उसकी तरफ hi था, तभी डॉक् को बहार आते देखा तोह तीनो डॉक्टर क पास पहुंच गया , डॉक्टर ने R.V.S आंखों hi आंको में इशारा काके अलग बुलाया

R.V.S -- क्या हुआ डॉक् सब मेरा बीटा कैसा है अब, चाहे जो भी करो किसी स्पेशलिस्ट को बुलाना है तोह बुलाओ मेरा बीटा ठीक होना चाहिए डॉक्

(इतना कहकर आंको से आंसू निकल पड़े)

डॉक् -- धीरे रखे राणा साहब , हम पूरी कोशिश का रहे है , आपका बीटा की विल पपोवेर हैरान करनेवाली है 12 गोली लगने क बाद भी और 1गोली दिल में लगने पर भी वह जीवन से हार नहीं मन रहा हमने साड़ी गोलिया निकल दी, अब देखते है क्या होता है

R.V.S -- कब तक होश आजायेगा उससे

डॉक् -- अभी कुछ कह नहीं सकते, 24 हरष बहुत क्रिटिकल है

माँ से रहा नहीं गया और वह भी डॉक् क पास आकर पूछने लगी

माँ -- क्या हुआ डॉक् , क्या कह रहे है मेरा बीटा ठीक तोह हो जाएगा न , अगर उससे कुछ हो गया तोह, तुम जानते हो क्या होगा

(इतना कहकर माँ जोर जोर से रोने लगी, आंखें पूरी लाल हो गयी R.V.S ने कुछ अनर्थ की आशंका से उससे गले लगा लिए और शांत करने लगे , ऐसे hi गले लगे रट रट माँ बेहोश हो गयी)

माँ को एक चेयर पर बिठा कर राकेश से बोले

R.V.S -- सुनो बीटा जरा ऋतू को भी देख आओ कैसी है तब तक में यहाँ देखता हु

राकेश -- अंकल मेरी डॉक् से बात हो गयी है , दी अभी बेहोश है वीकनेस की वजह से ,जल्दी ठीक हो जायेगी

R.V.S -- तुम्हे पता है कौन थे वह लोग जिन्होंने यह किया है

राकेश -- अंकल जब में वह पहुंचा तब वह लोग वह से निकल रहे थे , उनका पीछा करना चाहता था लेकिन वह अभी की ऐसी हालत और ऋतू दी का रोना देखकर में उन्हें यहाँ ले आया

R.V.S -- कोई बात नहीं बीटा, आज में तुम्हारा कर्जदार होगया किस मुँह से तुम्हारा शुक्रिया करू बीटा.

अब में देखलूँगा उनको जिनकी मौत अब कोई नहीं रोक सकता

इतना कहकर R.V.S I.G को पह लगते है

यहाँ राकेश मैं में( अंकल आप से पहले में उनको ऐसी मौत दूंगा की देखने वालो की रूह काफ जायेगी) और

उस्सकी आंको से आग निकलने लगी जैसे गरम लावा हो , लेकिन जल्दी hi उसने अपने ऊपर कण्ट्रोल कर लिया

यहाँ पह पर िग से

R.V.S -- िग साहब जड़ली से पता कीजिये उनका नहीं तोह आप को पता है में क्या क्या कर सकता हु

िग -- राणा साहब आप चिंता मत करिये, अभी में आपका hi काम कर रहा हु जल्दी hi पता लग जाएगा

यह माँ को भी होश आगया , ऋतू को भी अलग रूम में शिफ्ट कर दिया था.

तीनो ने हीरो को िक क बहार लगे शीशे से देखा तोह दिल में एक तीस उठी अभी का हस्ता मुस्कुराता चेहरा आंखों क सामने आया

अब तीनो ऋतू क रूम में उसके होश आने का इंतजार कर रहे थे

की अचानक एक चीख गुंजी ...........

नेक्स्ट अपडेट सून
 
अपडेट -- 3



अब तक आपने देखा हीरो का ऑपरेशन हो गया है ........ और R.V.S , नैना और राकेश तीनो ऋतू क पास बैठे है.... अब आगे.....

अचानक ऋतू चीखते हुए उठी ... नहीं ... अभी को छोड़ दो उससे कुछ मत करो ... और इधर उधर देखकर जोर जोर से रोने लगी .. अभी बेटी का ऐसा हाल देखकर दोनों माता पिता क आंको में ासो आ गए

नैना ने आगे बढ़कर गले लगा लिया और प्यार से सर पर हाथ फेरते हुए बोली

नैना -- बेटी चुप हो जाओ कुछ नहीं होगा हमारे अभी को , शांत हो जा बीटा हम्हरा प्यार और विश्वास अभी को कुछ नहीं होने देगा

माँ ऐसी hi होती है एक तरफ तोह बेटे की हालत देखकर दिल घबरा रहा है और दूसरी तरफ अपने दिल का दर्द छुपा कर बेटी के दुःख को काम कर रही है

R.V.S -- ऋतू क सर पर प्यार से हाथ फेरते हुए ---

बीटा ऋतू चुप हो मेरी गुड़िया , देख तू तोह मेरी प्यारी बेटी है ऐसे हिम्मत हारेगी तोह कैसे चलेगा, डॉक् से मेरी बात हो गयी है बीटा , कल तक अभी को होश आजायेगा

R.V.S का मैं साड़ी बातें ऋतू से पूछने का मैं का रहा था लेकिन बेटी की ऐसी हालत देखकर पूछ न पाया

और राकेश जाने कहा खोया हुआ था क्या सोच रहा था

पह क रिंग की आवाज सुनकर राकेश का ध्यान उस तरफ गया, तोह देखा राणा साहब का पह पर कॉल आरही थी, कॉल देखककर R.V.S बहार आये और कॉल पिक करके बोलने लगे और यहाँ राकेश ने भी अपनी श्रवण शक्ति उस और लगा दी

R.V.S -- हां बोलो िग क्या खबर है

िग -- राणा साहब हमने पता कर लिया है , जहा यह घटना हुई वह की कक्तव फुटेज से कुछ जानकारी हासिल हुई

R.V.S -- कौन थे वह लोग

िग --- सर हमलावर क मुँह ढके हुए थे , लेकिन उनकी गाडी का नंबर मिल गया है,

R.V.S -- किसकी है वह गाडी पता किया

िग - सर गाडी तोह मला राघव की है , लेकिन उन्होंने उसकी चोरी होने की कंप्लेंट 4 दिन पहले की थी

सर लगता है यह हमला प्रेपलन्नेड़ था कोई गहरी साज़िश लगती है, जल्द hi अपराधी आपके सामने होगा

कॉल ख़तम होते hi वह वापस रूम में आये ,राकेश कुछ सोचते हुए बोलै -- अंकल मुज़हे कुछ बहुत जरूरी काम है , अगर आपकी इज़्ज़ज़त हो तोह हो औ

R.V.S -- अरे बीटा इससमे पूछने वाली कौनसी बात है ,तू भी कल से यही है

राकेश -- ठीक है अंकल , में जल्दी hi आजाऊंगा , और अंकल आप लोगो ने कल से कुछ खाया नहीं है , यदि आप मुज़हे अपना बीटा माते है तोह तोह आंटी और ऋतू दी को कुछ खिला दीजिये और आप भी कुछ खा लीजिये

इतना कहकर वह बहार चला गया

ऋतू -- पापा मुज़हे अभी को देखना है मुज़हे वह ले चलिए

R.V.S -- नहीं बीटा हम अभी उस रूम में नहीं जा सकते ,

ऋतू -- नहीं पापा मुज़हे देखना है मेरे भाई को , बहार से hi देख लुंगी

R.V.S -- ठीक है बीटा लेकिन तुम्हे कसम है अभी की क उसके बाद तुम्हे कुछ खाकर आराम काना होगा, नहीं तोह अभी जब होश में आएगा और तुम्हे इस हाल में देखेगा तोह ुसस्पर क्या बीतेगी

नैना तुम नर्स को साथ लेकर ऋतू को ले जाओ में कैंटीन से होकर आता हु

अब तक राणा ने यह बात बहार नहीं जाने दी लेकिन न जाने कैसे मीडिया को बात पता चल गयी, जैसे राणा साहब कैंटीन की और जाने लगे वह लगे टीवी पर यह न्यूज़ चलने लगी

देश क टॉप बिज़नेस मन राणा विक्रम सिंह क बेटे पर जानलेवा हुम्ला ....

और हॉस्पिटल क बहार मीडिया वालो गाड़ियों की कतार बढ़ती जा रही

जिस बात का दर था वही हुआ अब सारे रिश्तेदारों क कॉल पे कॉल आने लगे, R.V.S इन सबको जवाब देते देते परेशां होगया तोह पह साइलेंट मोड पर कर दिया

इन् सबको को यही छोड़कर देखते है हीरो का हाल

एक सफ़ेद प्रकाश से परिपूर्ण मानव आकृति किसी ऐसी जगह जा रही थी जहा चारो तरफ दिव्यता का वातावरण था

वह मानव आकृति यानि क राणा अभिनव सिंह मतलब हमारा हीरो अभी

अब अभी को में लिखूंगा

आज मुज़हे ऐसा महसूस हो रहा है की जैसे में मुक्त हु न कोई भाव है न vichar...na कोई तकलीफ , लग रहा है जैसे असीम आनंद और शक्ति का स्रोत में हु ,

एक तरफ हॉस्पिटल में रखा मेरा शरीर और दूसरी तरफ में ......सब कुछ देख रहा हु लेकिन कोई भाव नहीं नजाने यह कैसी स्तिथि है ....बढ़ चला हु में न जाने किस मंज़िल की और

चारो तरफ कमल क पुष्पों की सुगंध थी.... जब मैंने देखा तोह एक विशाल सागर क मध्य में खड़ा था ... जिसका जल दूध जैसा tha....muzhe आश्चर्य हुआ की में तोह वह हॉस्पिटल में था ......तोह यहाँ कैसे , कहा हु

कैसे में पानी पर खड़ा हु कुछ समाज नहीं आ रहा था.

तभी वह एक आवाज गुंजी इतने परेशां क्यों हो पुत्र आओ माने hi तुम्हे यहाँ बुलाया है

जब मैंने देखा तोह सामने एक बड़ा से सफ़ेद कमल पुष्प प्रगट हुआ और उसपर बैठे हुए सफ़ेद प्रकाश से भरपूर एक दिव्या विभूति

मैंने जब उनका दर्शन किया तोह देखा उनके 4 सर थे और चार हाथ सफ़ेद दिव्या वस्त्र तब मुज़हे ध्यान आया क यह छवि तोह ब्रह्मा जी की है में यहाँ कैसे कही यह सपना तोह नहीं या मार तोह नहीं गया तभी उनकी आवाज आयी

ब्रह्मा जी -- सही पहचाना पुत्र इस समय तुम ब्रह्मलोक में हो और अभी तुम मृत्यु को प्राप्त नहीं हुए हो पुत्र,

में -- प्रणाम परमपिता आपको शाट शाट नमन . हे शृस्टीकर्ता मेरा शरीर तोह पृथिवी पर है तोह फिर में यहाँ कैसे मेरे ाप्रदो को क्षमा करना प्रभु आपसे प्रश्न पूछ रहा हु

ब्रह्मा जी - पुत्र जो धरती पर है वह तुम्हारा हाड मॉस का बना हुआ स्थूल शरीर है और यहाँ जो है वह सुक्ष्म शरीर है जो केवल ऊर्जा से बना है .......



अगला अपडेट जल्द hi
 
अपडेट - 4

अब तक आपने देखा......... हीरो का सुक्ष्म शरीर ब्रम्हलोक में hai....aur अब आगे ..........

में यह सोच रहा था की यह सब की चक्कर है और यह सूक्ष्मा शरीर क्या है , तभी ...

ब्रम्हा जी :- बीटा हर व्यक्ति क 3 शरीर होते है

स्थूल शरीर... जो 5 तत्व

( एलिमेंट्स ) का बना होता है,

दूसरा सुक्ष्म शरीर यह यह इन्द्रियों की ऊर्जा, अंतर्मन और कुन्डलीशक्ति से बनना हुआ है

तीसरा कारण शरीर जो कर्मो क फाल से बनता बिगड़ता है है

में - यह परमपिता आप तोह इस सृष्टि क निर्माण करते है , तोह फिर मुज़ह जैसे एक साधारण मानव को यहाँ आने का सौभाग्य कैसे प्राप्त हुआ, क्युकी जहा तक मैंने सुना है आप त्रिदेव क दर्शन तोह देवताओ को भी दुर्लभ है, फिर मेरा जैसा एक बहुत hi साधारण मानव पर यह कृपा क्यों

ब्रम्हा जी -- पुत्र तुम यहाँ हो ,इससे जान लो की तुम कोई साधारण नहीं हो,

तुम हम त्रिदेवो क अंश से बनने हो,

तुम हर कलियुग में ब्रम्हांड क रक्षक हो पुत्र

में - रक्षक और में ....कैसे प्रभु ..में तोह कुछ गुंडों का भी सामना नहीं कर पाया ....तोह फिर रक्षक कैसे

ब्रम्हा जी - पुत्र तुम अपनी शक्तियों को जागृत करो अब समय आगया है , पुत्र

इतना कह कर उनके हातो में रखे वेद से एक प्रकाश निकला और मेरे भीतर सामने लगा, मुज़हे मेरे भीतर अनेको वेद मंत्र गूंजते हुए से महसूस हुए, और उन् मंत्रो से उत्पन होनेवाली ऊर्जा को में महसूस कर रहा था, एक दिव्यता का अभाव

ब्रह्मा जी -पुत्र अब इससे आगे का रास्ता तुम्हारे गुरु बताएँगे

में - परन्तु प्रभु मेरे शरीर की ऐसी हालत..

ब्रह्मा जी -- कुछ नहीं हुआ पुत्र , तुम बिलकुल स्वस्थ हो , जब तुम्हे तुम्हारे प्राणशक्ति की धारक स्पर्श करेगी , तब तुम्हे चेतना आजाएगे

और तुम इस यात्रा को भूल जाओगे सिर्फ मेरा दिया हुआ वेदो का ज्ञान hi जागृत होगा

जब तुम अपने स्वरुप और शक्तिओ को पा लोगे तभी हम त्रिदेवो को अपने भीतर पाओगे

यशश्वी बाव पुत्र ..

.अब में वह मेरे सामने से ब्रह्मा लोक का दृश्य अदृश्य हो हो गया और प्रकाशरूप हो गया और चल पड़ा अपनी मंजिल की और

अब मुज़हे दिख रहा है हॉस्पिटल में पड़ा मेरा शरीर और उससे देखते hi साड़ी भावनाये और यादें मेरी जागृत हो गयी

तभी मुज़हे किसकी दर्द भरी पुकार सुनाई दी क जैसे कोई मुज़हे पुकार रहा है..... उस पुकार की तरफ जैसे hi मेरा ध्यान गया तोह पहुंच गया एक रूम में वह मैंने देखा एक बीएड पर मेरी ऋतू दी बैठी है उनको देखते hi मुज़हे एक दर्द का अहसास हुआ

दी आंखें बंद कर क बैठी हुई है उनके गालो पर सुख चुके आंसूं क निशान दिख रहे है , और बंद आंखों से भी आंसू बाह रहे है ,

दी क दिल की पुकार मुज़हे सुनाई दे रही है ( उठ जा न भाई देख तेरे बिना तेरे दी का क्या हाल हो गया है बेतु, अगर आज तू नहीं उठा तोह में इस दुनिया से hi उठ जाउंगी.. मेरी वजह से hi यह सब हुआ है ...जब तू hi नहीं रहेगा तोह में जी कर क्या करुँगी)

दी का यह दर्द मुजह्से सहा नहीं जा रहा था में उन्हें बताना चाहता था लेकिन में कुछ कर नहीं पा रहा था

तब मैंने अपने आपको शांत किया और दी को मैं में पुकारा

में -- दी आप से दूर होक कहा जा सकता हु में , मुज़हे कुछ नहीं हुआ दी ....तुम्हे ऐसी हालत में नहीं देख सकता दी चुप हो जाओ.... अब में आगया हु .. लेकिन मुज़हे अपनी दी का वही खिलता हुआ चेहरा देखना है

दी को अपने दिल में मेरी आवाज सुनाई देती है वह आंखें खोल कर चारो तरफ देखती है

ऋतू - बेतु कहा है तू .....क्यों चुप रहा hai...betu सामने आजा न

दी की आवाज वह बैठी माँ सुन लेती है

माँ - क्या हुआ बीटा ..किसको पुकार रही है

माँ की आवाज सुनकर मेरा ध्यान उनकी तरफ गया तोह देखा उनकी आँखें भी रो रोकर लाल हो गयी है मुज़हे उनके दिल में छुपा हुआ दर्द दिखाई देने लगा , दिल में ममता का सागर और मेरा ठीक होने की निरन्तर भगवन की प्रार्थना देख कर मेरा मन उनको गले लगाने का हुआ ..लेकिन में अभी असमर्थ था

ऋतू दी -- माँ अभी बेतु ने मुजह्से बात की वह आनेवाला है maa....bhai ठीक हो गे है माँ ...इतना कह कर दी वाशरूम में चली गयी

अब में पापा को ढूंढ़ने लगा तोह देखा वह वेटिंग रूम में मेरी पूरी फॅमिली से घिरे हुए है ..सब आये है दादा, दादी ... नाना ,नानी दोनों बुआ की फॅमिली , मां मौसी सब रिश्तेदार और पापा अपने दिल का दर्द छुपकर उनको साड़ी स्थिति बता रहे थे

की तभी वह पर किसी की आवाज आयी

पापा ....... जब मेरा ध्यान उस तरफ गया तोह देखा मेरी जान जिसमे बस्ती है .. मेरे दिल का टुकड़ा ...मेरी छोटी बहिन ...आदिरा

डूअड़ कर आई और पापा क गले लगकर रोने लगी ...उस्सको रट देखकर सबके आंखों में ांसो आगये और पापा भी अपने आप को नहीं रोक पाए

पापा -- चुप हो जाओ मेरी गुड़िया

आदिरा -- पापा आप बहुत बुरे हो ....इतना कुछ हो गया आपने मुज़हे बताया नहीं ..मैंने भाई को पह करने की बहुत कोशिश की लेकिन मेरी बात नहीं हुई ..और पता नहीं क्यों मुज़हे बार बार रोना आरहा tha,tab मैंने यहाँ आने का सोचा ... और जब में घर गयी तोह वह कोई नहीं था .....शंकर काका ने कहा की सब बहार गए है उन्होंने भी कुछ नहीं बताया .....लेकिन जब मैंने टीवी पर न्यूज़ देखि तोह सब पता चला

और वह जोर जोर से रोने लगी , उसका दर्द देखकर में भी दर्द से तड़फ उठा

आदिरा -- पापा मुज़हे अभी ले चलो भाई क पास मुज़हे अभी देखना है भाई को

पापा - बीटा देखो अभी वो िक में है हम उससे सिर्फ बहार से देख सकते है

आदिरा - में कुछ नहीं जानती पापा मुज़हे अभी भाई से मिलना है आप कुछ भी करो

यह कहकर वह जोर जोर से रोने लगी

अपने दिल क तुड़कदे की ऐसी हालत देखकर R.V.S ने डॉक् से बात की और बड़ी मुश्किल से शरीफ एक को जाने की परमिशन मिली

पापा आदिरा को लेकर िक की तरफ चल पड़े वह जाकर देखा तोह माँ और ऋतू दी भी िक क बहार मिली आदिरा को लेकिन सिर्फ अपने भाई को देखने की जल्दी थी इस पहले माँ और दी कुछ कहती डॉक् ने िक का दूर खोल दिया और आदिरा तुरंत अंदर चली गयी और साथ hi साथ में भी सुक्ष्म रूप से भीतर गया, और अंदर अपने शरीर को देखने लगा जहा ऑक्सीजन कैलेंडर लगा हुआ था और सेलाइन से कोई दवा मेरी अंदर पहुचायी जा रही थी कुछ मशीन भी लगी हुई थी जो आवाज से मेरे जीवित होने का प्रमाण दे रही थी

मेरी ऐसी हालत देखकर छोटी की आंखों से आंसू बाह निकले , और कहने लगी

आदिरा -- उठ जाओ न भाई देखो आपकी गुड़िया आपको पुकार रही है, आपने मुजह्से रोज बात करने का वादा किया था उठो न भाई ...अब में आपसे कोई जिद नहीं करुँगी .. भाई अगर आप आज नहीं उठे तोह में भी आज क बाद किसी से बात नहीं करुँगी

इतना कहते हुए विह आगे बड़ी और मेरा हाथ पकड़ लिया...... जैसे hi गुड़िया ने मेरा हाथ पकड़ा गुड़िया की आंखों से वाइट रौशनी निकलने लगी .... और वह सफ़ेद ऊर्जा उसके हातो क जरिये मेरे भीतर जा रही थी

बहार से माँ, डैड और दी गिलास में से देख रहे थे लेकिन उन्हें वह प्रकाश नज़र नहीं आया

अचानक मुज़हे ऐसा लगा जैसे मुज़हे अपने शरीर में कोई शक्ति खींच रही है और में प्रवेश कर गया अपने शरीर में

गुड़िया ने महसूस किया की मेरा हाथ हिल रहा है तोह उसकी पकड़ और मजबूत हो गयी और भाई भाई करके पुकारने लगी.

तभी धीरे धीरे मेरी आंखें खुला और मेरा मुँह से निकला .....गुड़िया

अभी क लिए इतना hi ..... नेक्स्ट अपडेट सून
 
अपडेट - 5

अब तक आपने देखा ....आदिरा क चुनने से हीरो का सुक्ष्म शरीर वापस उसके शरीर में आजाता है....... और हीरो की आँखें खुलती है..... अब आगे

में - गुड़िया .... मेरा बच्चा

मेरी आवाज सुनकर वह मेरे गले लगकर रोने लगी

आदिरा - भइआ ..आप बहुत बुरे हो आप अपनी गुड़िया को छोड़ कर जा रहे थे न

में - नहीं मेरी प्यारी आड़ू में कैसे तुमको छोड़ कर जा सकता हु

और में प्यार से उसके सर पर हाथ फेरने लगा

यहाँ बहार खड़े माँ ,डैड और दी ने मुज़हे होश में आते हुए और गुड़िया से बात करते देखा

डैड ने फ़ौरन पास खड़े डॉक् को आवाज देकर बुलाया , और तीनो डॉक् क साथ अंदर आगये

अंदर आते hi डॉक् ने मचिनेस चेक की तोह सब नार्मल देखकर हैरान हो गया .

माँ और दी मुज़हे होश में देखकर बहुत खुश हुए और उनकी आंखों से खुसी क ांसो निकल ने

यह ांसो भी अजब चीज है, गम हो या ख़ुशी, बहार आने को तैयार रहते है

तभी दी ने प्यार से मेरे सर पर हाथ रखा तोह उनका मेरे लिए प्यार देखकर मेरे आंखों में भी आंसू आगये

ऋतू दी - मत रो बेतु देखब तू जड़ी ठीक हो जाएगा, तूने मुज़हे तोह रोने क लिए मन किया था और अब तू खुद रो रहा है

मुज़हे कुछ समाज नहीं आरहा था की दी क्या कह रही है, क्यों की में सूक्ष्मा श्री द्वारा देखा गया सब कुछ भूल गया था

माँ ने आगे बढ़ क मेरे ाँसों पोछे ाद्दु बही तक मेरे ऊपर गले लगी हुई सिसक रही थी

जैसे अगर वह छोड़ देगी तोह में कही चला जाऊँगा

डॉक् - राणा साहब अभी आप इससे अकेला छोड़ दे प्लीज, अभी हमे इनको check-up करना है , फिर इन्हे रूम में शिफ्ट करना है, वह आप सब मिल सकते हो

पापा मेरी तरफ देख रहे थे अपने दिल का दर्द दिल में छुपाये, और मेरा सर पर उन्होंने ने हाथ रखा , और बोले ...... मेरा प्यारा बहादुर बीटा इन छोटी मोती छोटो से हमारे खून को कुछ नहीं हो सकता ....बेटे अभी तोह बहुत लम्बी लड़ाई है

माँ - क्या जी आप अभी मेरा बीटा होश में आया और आप लड़ाई की बात लेकर बैठ गए, कही नहीं जाने दूंगी अपने लाल को कहकर ....अपने आँचल से मेरो मुँह साफ़ करने लगी ..... माँ के आँचल की वह दिव्या सुगंध ने मेरे शरीर को एक आराम सा mila.....aurmuzhe अचानक नींद सी आगयी

माँ - डॉक् देखो न की हुआ फिर से

डॉक् - कुछ नहीं माँ जी अभी पेशेंट को आराम की जरुरत है

पापा - बीटा ाद्दु छोड़ दो अब भाई को देखो उनको आराम की जरुरत है, तुम छाती हो न की तुम्हारा भाई जल्दी ठीक हो जाए

Adira(addu) - लेकिन पापा में भी भाई क ......

पापा - लेकिन वेकिन कुछ नहीं , क्या तुम अपने भाई को तकलीफ देना चाहती हो

इतना सुनते hi ाद्दु उठ गयी....

नहीं पापा में भाई को कैसे तकलीफ पंहुचा सकती हु.... आप जो बोलोगे में वह करुँगी

फिर सब बहार आगये , और डॉक् ने मुज़हे चेक करना शुरू किया , तोह वह हैरान रह गए

डॉक् - नहीं यह नहीं हो सकता, इतस इम्पॉसिबल, इतस रियली ा मिरेकल ...कैसे हो सकता है यह

असिस्टेंट - क्या हुआ सर क्या नहीं हो सकता

डॉक् - इधर देखो इस पेशेंट के सारे घाव अपने आप कैसे भर गए ,और ऑपरेशन का निषान कहा गया

असीस - हां सर यह तोह ुंबीलिवब्ले है

डॉक् - एक बात ध्यान रहे यह बात बहार नहीं निकालनी चाहिए , नहीं तोह कई सवाल खड़े हो जाएंगे

असीस - जी सर जैसा आप कहे

अब मुज़हे एक बड़े से रूम में शिफ्ट कर दिया गया , यह एक बड़ा रूम था क्यों की डॉक् को पता था की विसिटोर्स की लिस्ट बहुत लम्बी है

और में यहाँ सपने में एक गोल्डन कलर क रूम में अपने आप को देख्ग्ता हु जहा वेदो क मंत्र गूंज रहे है

और धीरे धीरे वह मंत्र मेरे बुद्धि में अपनी जगह बना रहे है ...में उनकी ऊर्जा महसूस कर रहा हु

जैसे hi मंत्र ध्वनि रुकी एक आवाज गुंजी आज क लिए इतना hi पुत्र

और फिर मेरी आँखें खुल गयी और मैंने आपने आपको एक रूम में पाया मेरा सर माँ की गोदी में था और वह प्यार से मुज़हे hi देख रही थी , मुज़हे होश में आते देखकर उनके चेहरे पर मुस्कराहट आगयी

मेरी गुड़िया और दी भी मुज़हे उठा देखकर ख़ुशी से गले लग गयी .

और भी भी सपने की बातो में खोया हुआ था , मुज़हे अंदर एक नयी ऊर्जा का अहसास हो रहा था , मेरे मस्तिष्क में कई मंत्रो का आभास होने लगा अभी में सोच hi रहा था की यह मंत्र मेरे भीतर कहा से आये तो गुड़िया ने मुज़हे हिलाये

ाद्दु - भाई कहा खो गए हो में आपसे कुछ बोल रही हु...

में - में सुन रहा हु बेतु क्या बोल रही हो

ाद्दु - भाई अब में हॉस्टल नहीं जाउंगी , आपको छोड़कर कही नहीं जाउंगी,

में - देख बेतु ऐसे जिद नहीं करते

ाद्दु - नहीं भाई मुज़हे और कुछ नहीं चाहिए ,मुज़हे सिर्फ आप चाहिए

इतना कह कर वह रोने लगी

में - चुप जो जा बेतु मत रो, ठीक है जो तू कहेगी वही hoga....aur मेरी गुड़िया तू इतनी रोंदू कब से हो गयी.

चुप हिओ जाओ सोना, में प्रॉमिस करता हु जो तू चाहेगी वही होगा

इतने में ाद्दु क आंसू बंद हो गए और वह खिलाकर हस्ते हुए बोली

ाद्दु - आपकी गुड़िया रोंदू नहीं है भैया, अब आपने प्रॉमिस किया है

में सब समाज गया की िस्सने नाटक करके मुजह्से प्रॉमिस ले लिए

में -- ाद्दु तू न बहुत शैतान हो गयी है, तोह में प्यार से एक चपत उसके सर पर लगा दी

माँ और दी भी ाद्दु की नौटंकी देखकर हसने लगी

यहाँ रूम क बहार डॉक् और R.V.S


डॉक् - राणा साहेब जो मैंने देखा में विश्वास नहीं कर सकता

लगता है आपके बेटे में पावर्स है

R.V.S - मन में (कही डॉक् ने यह बात बहार बता दी तोह मुश्कुल होंगी... कुछ करना होगा) तभी हु बोले

डॉक् साहब जरा धीरे से नहीं तोह कोई सुन लेगा, और फिर डॉक् की आँखों में देखकर मन में कुछ बोलने लगे .. इससे डॉक् का सर भरी सा होने लगा

R.V.S - क्या हुआ डॉक् साहब आप ठीक तोह है na.....kya कहरहे थे आप

डॉक् - कुछ नहीं राणा साहब हल्का सा सर दर्द है ठीक हो जाएगा .......

और हां में कह रहा था डिस्चार्ज पेपर कल तक मिल जाएंगे

(R.V.S ने ऐसे क्या किया ....... जो डॉक् सब भूल गया.... )

डॉक् से बात करके R.V.S बेटे क पास आगया

पापा - उठ गए यंग मन अब कैसा फील कर रहे हो

में - अब अच्छा लग रहा है पापा , (इधर उधर देखते हुए) पापा राकेश कही दिखाई नहीं दे रहा कहा है वह

पापा - बीटा वह मुजह्से पूछकर hi गया था, आजायेगा जल्दी

इतने में आवाज आई हां दोस्त को बड़ा याद कर रहा है , कभी हमे भी याद कर लिया करो

मैंने दरवाजे पर देखा तोह मेरिन दोनों बुआ और उनकी फॅमिली थी

इन् सब क बारे में फुल फॅमिली इंट्रो में पता चलेगा

यहाँ विसिटोर्स का और मीडिया वालो का और बयां लेने क लिए पुलिस का ताँता लगा हुआ hai...............yaha इन्हे छोड़ते है और चलते है है इसी शहर क एन्ड में फारेस्ट क पास एक फार्म हाउस में कुछ धमाका होनेवाला है वह

रूपनगर क दक्षिण दिशा में एक घन्ना जंगल है , जहा से जुगल शुरू होता है वह कई रिसॉर्ट्स बने हुए है, वही होटल्स और रिसॉर्ट्स से कुछ दुरी पर ेककंठ में एक आलिशान बांग्ला है.. जिसके चारो और 20 फट ऊँची दीवारे है और एक बड़ा सा गेट लगा हुआ है ... जहा 4 गॉर्डस हमेशा

एक 56 से लांस पहरा देते है अंदर एक बहुत सूंदर पार्क और बिच में वाटर फाउंटेन उसकी सुंदरता को चार चाँद लगा रहे है, शाम क समय लाइट से और भी शानदार लग रहा था

बहार से जितना बड़ा दिख रहा है उससे ज्यादा अंदर से बड़ा है


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अंदर एक छोटी सी ड्रिंक पार्टी चल रही है जहा करीब 10 लड़के शराब और शबाब का लुत्फ़ उठा रहे थे

उनमें से एक ... यार विलास आज तोह मज़ा आगया

विलास (मला का छोटा लड़का)- हां यार आज तोह जश्न मन्नने का दी है

यह सब मला का लड़का और उसके दोस्त थे जो किसी बात का जश्न मन्ना रहे the....aanewali मौत से अनजान

विलास - यारो आज खुलकर पियो मेरे रस्ते का काँटा आज उखाड़ गया

बाकि को L1,L2 लिखूंगा...

ल1 - लेकिन भाई उस्का बाप बहुत पावरफुल है

विलास - हमने भी कच्ची गोलिया नहीं खेली उसका बाप तोह क्या किसी को भी पता नहीं चलेगा , यह हमारा कांड है

ल2 - वह भाई कमल कर दिया, लेकिन उस फूलजहांदी ऋतू को क्यों छोड़ दिया उससे ले आते तोह आज मज़ा आजाता

ल3- अरे बेवकूफ सबर से काम ले , भाई ने कुछ सोचा होगा

विलास - हां यार , मेरे बारे में जिस्सको पता था, उसका वह भाई तोह अब नहीं रहा , जो मेरे लिए कगतरा बन सकता था, उस ऋतू को अब कभी भी उठा सकते है

ल5 -हां भाई बड़ा उछलता था अभी और वह उसका दोस्त हां क्या नाम था uska...haa राकेश इतने में hi एक जोर का धमाका हुआ और हॉल का दरवाजा टूट कर गिर गया, वह का सिक्योरिटी अलार्म बज उठा और देखते hi दहकते उस बंगले क तहखानने से करीब 100 गॉर्डस आदुनिक हतियारो क साथ विलास और उसस्के दोस्तों की सिक्योरिटी क लिए उनको घेर कर खड़े हो गए

सब टूटे हुए दूर क तरफ देखते है तोह वह उठा धुआँ छत्ते hi एक साया नज़र आया

तभी वह भयानक एक आवाज गुंजी

मौत हु में ....महाकाल का अंश तुम्हारा काल हु में....

अभी क लिए इतना hi.....

अगला एक्शन से भरपूर अपडेट रात को
 
अपडेट - 6

अब तक आपने देखा हीरो को होश आगया hai.....Aur यहाँ मला क फार्महाउस पर धमाका हुआ ....अब आगे...

सब गॉर्डस और विलास &फ्रेंड्स ने जब टूटे हुए दरवाजे की तरफ देखा तोह धुए में एक साया दिखा ...और गुंजी एक आवाज

तब उन् गॉर्डस क चीफ ने कहा

चीफ - कौन है बे वह, और तुम अंदर कैसे aaye....tumahari हिम्मत कैसे हुई यहाँ आने की ... लगता है तुम्हारी मौत hi तुम्हे यहाँ लेकर आयी है

तभी साया आगे आया (अरे यह तोह राकेश है , लेकिन अलग भेष में आंखों में मौत की शांति लिए)


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राकेश (काल)-- मौत को मौत की धमकी देते हो, आज मौत का तांडव तोह यहाँ होगा

चीफ - मरने वाले तोह तुम हो यहाँ 100 गॉर्डस जब गोलिया चलाएंगे तोह तुम्हारे चीथड़े उड़ जाएंगे बच्चे

लेकिन पहले यह बताओ किस भेजा है तुम्हे यहाँ

राकेश क बदले रूप को अब काल लिखूंगा

काल - विलास की और देखकर ... क्यों बे हरामजादे तू मरेगा मेरे मालिक को

पहले मुजह्से तोह निपट ले

काल की आंखों में मौत की आग देखकर विलास की रूह तक काँप गयी ..लेकिन फिर भी हिम्मत जूता कर बोलै

विलास - देख क्या रहे हो ख़तम कर दो इससे

विलास क बोलने पर चीफ ने गॉर्डस को इशारा किया 5 गॉर्डस आगे आये एक साथ गन लेकर , लेकिन यह क्या जैसे hi ट्रिगर दबाते काल की आंखों से निकली लाल रौशनी ने उनको जाम का दिया और शुरू हुआ मौत का खेल

अभी चीफ कुछ समज़ता उससे पहले पांचो क सर धड़ से अलग हो गए और निकला खून का फवारा...... यह सन देखकर सबकी रूह फ़ना हो गयी

काल --- है है है एक भयानक हसी क साथ , लकी थे यह पांच जो इतनी आसान मौत मिली

सब उस खौफनाक हस्सी को सुनकर कापने लगे ... फिर भी चीफ ने हिम्मत करके आर्डर दिया

चीफ - भूंडो इस्को सब एक साथ फायर करो 95 गन्स एक साथ गरजी शुरू हुई गोलियों की बारिश ...लेकिन यह क्या एक भी गोली काल को छू नहीं पायी

काल दोनों हातो से समुराई ऐसे घुमा रहा था की साड़ी गोलियां तलवार से टकराकर गिरने लगी

काल समुराई चलते हुए -- अब बास बहुत हुआ यह khel...itna कह कर काल का चेहरा बदल गया ...अब इंसानी चेरे क बदले लायन का सर हो गया ...और गूंज उठी एक गर्जना..... जिसकी आवाज से ऐसी तरंगे निकली की सबकी गन्स बंद हो गयी

काल क इस बदले रूप को देखकर सब की रन काँप गयी .. काल ने अपनी दोनों समुराई ऊपर उठायी ..तोह दोनों गायब हो गयी पल भर में पहुंच गया चीफ क साम ने और चीफ कुछ सोचता उसके पहले .. काल का पंजा चीफ क चेस्ट में और खून से सना हुआ धड़कता हुआ दिल बहार वह धड़कता दिल पहुंचा काल क जबड़े में और काल उससे कगा गया

यह दृश्य देखकर सबको अपनी मौत नज़र आने लगी , विलास और कुछ लोग भागना चाहते थे लेकिन न जाने कौसी शक्ति से सब क पेअर जाम हो गए

अब वह सिर्फ चीखे गूंजने लगी और चारो तरफ इंसानी जिस्म क टुकड़े ...2 मं में hi सब गॉर्डस क टुकड़े पड़े थे ... किसी का सर उखड दिया था तोह किसी के हाथ ...किसी का पेट फाड़ दिया तोह आंतड़िया बहार आगयी थी....

अब बचे थे सिर्फ विलास और उसके दोस्त...

यह सब देखकर उनको उल्टिया होने लगाई, दर क मारे आगे से गीले और पीछे से पीले हो गए.

अब काल वापस अपने वारियर रूप में आया ...

काल - अब बोलो क्या करू तुम्हारा विलास

विलास कापते हुए बड़ी मुश्किल से

मुज़हे चूऊऊद दोऊ.... ma..i ाआफि मांगता हु अपने गलतियों की में ाअपना जुर्म kaaa.bool करता हु

काल -ऐसे नहीं अपना बयां रिकॉर्ड करो ...विलास अपना वीडियो बनते हुए सारे गुनाह कबूल करता है, बंगलो क गोडौन्से ड्रग्स और हथियारों का काम होने क बारे में भी बताया , कितने रपे और मर्डर किये सब कबूला ...काल के मन करने पर सिर्फ अभी पर जो हुम्ला हुआ उसके बारे में नहीं बोलै..

विलास --- अब तोह तुमने जैसे कहा मैंने वाइज hi किया ...ाआअब तूह मुज़हे छोड़ दो ...

काल - है है है ...हरामजादे तुम जैसे कमीनो क लिए काल क पास केवल एक चीज hai.......aur वह है मौत

इसी क साथ फिर एक बार काल की समुराई चमकी और पल भर में विलास और उसके दोस्तों क शरीर क टुकड़े फर्श पर

काल पूरा खून से सना हुआ था अपने चारो तरफ एक बार देखा ...फिर िग और मीडिया को यहाँ की जानकारी दी और आगया वापस अपने राकेश वाले रूप में .... जिससे देखकर कोई नहीं कह सकता की यह किसी को मार भी सकता है.

तभी राकेश ने हाथ गोल घुमाये और वह एक सफ़ेद रौशनी का दरवाजा सा बन गया ... राकेश उस्समे प्रवेश कर गया और पहुँच गया हॉस्पिटल क छत पर ..

चाट से उतारकर राकेश बढ़ चला अपने मालिक यानि दोस्त क रूम की और

अभी रात क 8 बज रहे थे विजिटर टाइम ख़तम होगया था ... सारे रिस्तेदार और फ्रेंड्स मिलकर जा चुके थे .....

रिस्तेदार अभी क घर राणामहल में तहरे थे , कुछ को कल की पार्टी की तैयारी का कार्य सौपा गया था

यहाँ जैसे hi राकेश अभी क रूम में जाने को हुआ तोह R.V.S किसी से पह पह बात करते हुए बहार निकल रहे थे

जैसे hi उन्होंने राकेश को देखा तोह बोले --- एक मिनट िग सर पक्ष होड़ कीजिये... अरे बीटा राकेश आगये चलो अच्छा हुआ , अभी ठीक होगया जाओ जाकर मिल लो उससे

राकेश - सॉरी अंकल कुछ काम में फास गया था आने में देर हो गयी

R.V.S -कोई बात नहीं बीटा मिल लो

इतना कह कर फिर कॉल अटेंड किया --- हां िग सर -- क्या ----- कैसे

उनकी बातें सुनकर राकेश मुस्कुरा उठा क्युकी वह जानता था पह पर क्या बात हो रही है

जैसे hi राकेश रूम में पंहुचा तोह देखा माँ की गॉड में सर रखकर अभी सोया है और पास hi सोफे पर ऋतू दी और आदिरा बैटीहि हुई अपने भाई को देख रही है

मुज़हे कुछ आहात सी सुनाई दी तोह मेरी आंखें खुल गयी तोह सामने देक्ग तोह राकेश आया था

उस्सने मुज़हे आराम काने का इशारा किया..

में - अरे यर अब में बिलकुल ठीक हु क्या मुजह्से गले भी नहीं मिलेगा.

मेरी बात सुनकर वह मेरे गले लग गया हम दोनों को ऐसे देखकर माँ और मेरी बहने भी मुस्कुरा उठी

राकेश ने माँ क पेअर छुए और ऋतू दी और आदिरा से भी मिला.


आज क लिए इतना hi .......

अगला अपडेट कल........
 
अपडेट - 7

अभी तक आपने dekha...kaise राकेश ने काल बनकर ...संघार kiya...ab आगे....

R.V.S - Ritu beta tum aur Addu apni mom k saath abhi ghar jaao , aur kuch aaram kar lo yaha mein hu

mom - nahi mein Abhi ko chodkar kahi nahi jaanewali

Ritu & Adira dono ek saath ...

haa papa hum bhai k saath hi yaha se jaayenge

Papa - Samzha karo tum log, kal se tum dono ne aaram nahi kiya , aise mein dono ki tabiyat kharab ho jaayegi, yaha kya karogi ..... hum kal subah hi Abhi k discharge papers banwa kar usse ghar le aayenge....

Aur ghar mein itne mehman hai.....

kal ki tayari bhi tum logo ko karni hai

Beta Ritu ....aur Addu kya tum apne bhai k thik hone ki khushi aur 18th birthday ki party arrangment nahi karogi...

Ji haa humara hero Abhi ka kal janamdin hai sep 5

Abhi k birthday party k baare mein sunkar teeno ghar jaane k liye maan gaye.

R.V.S ne ph karke driver aur gaurds ko bulaye aur unhe ghar bhej diya.

Abhi aaram ki nind soya tha

R.V.S - beta Rakesh jis kaam k liye tum gaye the uss mein koi pareshani toh nahi aayi (ek rahshymai muskurahat k saath)

Rakesh - ( aankhon mein chamak aur muskurahat k saath) Nahi uncle koi problem nahi aayi .

Yaha farmhouse par dekhte hai

raat k kareeb 10 baj rahe the, aur farmhouse k bahar police k gadiya aur media walo ki bhid lagi hui thi ,

IG - Kya hua sp kya report hai ander ki

SP - sir jab hum yaha aaye bahar teen gaurds ki laashe padi hui mili , aur ek gaurd pagal jaise ho gaya jo bhut bhut bol raha hai, aur jab hum ander gaye toh waha ka sceen dekhkar humare jawano ki haalat kharab ho gayi hai

IG - aisa kya hai ander , ig itna kahkar

ander gaya, arre yeh kya ander jaate hi turant bahar bhag kar aaya aur ultiya karne laga

tab tak foriensik team aur morchury k log aaye aur woh apna kaam karne lage.

wha police ko bahut matra mein drugs aur hatiyar baramad hue jinki kimat lagbhag 5 hazar ccr thi

ab dekhte hai hero k paas powers kaise aai ....kaun hai woh

Jab iss sansar mein kuch nahi tha tab kewal ek shakti yaha sarva vyapt thi

jiska na koi roop tha aur na koi aakar

jo vedo mein aanek naamo se jaani jaati hai jaise ... parbrahma, parashakti, ...ityadi

ussi shakti se ek sankalp utha

एकोऽहं बहुस्यायाम्

iss sankalp se janam hua Trishakti ka

Brahma, Bhagwan Vishnu ,Aur Bhagwan Shiv

jab yeh teen dev pragat ho rahe the tab uss samay jo urja pragat hui woh jab brahmand mien faile charo taraf andhere se mili tab janm hua ek Shaitan ka jisko hum ..eblis ..naam se jaanenge

jab tridevo dwara sansar ki rachna hui 14 lok bane, tab tridevo ne dekha ki sansar mein paap failne laga

Tridevo ne vichar kiya ki humne toh iss paap aur buraiyo ka nirman nahi kiya, toh phir yeh kaha se fail raha hai

tab Maa parashakti ki awaaj waha gunji .... isska meri hi urja aur tamogun se nirman hua hai

shrishti k santulan k liye yeh jaruri hai

acchai k saath burai, sukh k saath dukh tabhi iss sansar ka santulan bana rahega

yeh jab jab apni sima paar karne ki koshish karega tab isska daman karne wali shakti ka nirman tumein hi karna hoga

ussi samay tridevo k sharir se urja nikal kar ek aakar lene lagi Aur janam hua 14 loko mein santulan banaye rakhnewale Rakshak ka


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उसने परगट होते hi त्रिदेवो को प्रणाम किया

भगवन शिव - यशस्वी भाव पुत्र तुम हम तीनो की ऊर्जा से परगट हुए हो , इसीलिए तुम्हे हम तीनो की शाकीय होगी पुत्र . तुम्हे आयु और समय कभी बाधित नहीं करेगा इसीलिए तुम्हारा नाम होगा अभिनव

अभिनव - आज्ञा करे प्रभु मुज़हे क्या करना होगा

विष्णु जी - पुत्र तुम्हे इन 14 लोको का संतुलन बनाये रखना है

सृष्टि क नियम क अनुसार बुराई और पाप को राज क लिए पृथ्वी से निचे क 7 लोक दिए गए hai.....jab जब यह अपनी सीमा तोड़कर ऊपर क 7 लोको में आने की कोशिश करे तुम्हे इनका दमन करना पड़ेगा

त्रिदेवो क कहने पर hi हर युग में अभिनव अपनी इच्छा अनुसार नया शरीर धारण करता हुआ 14 लोको का रक्षा करनेलगा,

जब जब भी इब्लीस ने अपना पाप का राज्य फ़ैलाने क लिए किसी काली शक्ति का निर्माण किया , तब तब hi अभिनव ने उनका नाश किया

अब आते है इस समय चल रहे कलियुग की और

आज से लगभग सवा पांच हज़ार साल पहले महाभारत युद्ध क बाद hi कलियुग की शुरुवात हुई

तब ेबिल्स ने सोचा अब तोह कलियुग है और इस युग में मेरा राज फैलाने से कोई नहीं रोक सकता

तोह इब्लीस ने कुरुक्षेत्र में महाभारत युद्ध क समय मारे गए पापी लोगो की आत्माओ को और उनके रक्त को िकाथा कर क निर्माण किया एक परम शक्तिशाली असुर कालासुर का

और अपनी शक्ति और माया से निर्माण किया उसके साथी योद्धाओ का जिनमे इब्लीस ने अपनी शक्तियों का संचार कर दिया......

इनके नाम है .....

मयासुर, (सेनापति) ,लोभासुर, कामासुर, क्रोधासुर, मोहासुर, मदासुर, और मत्सरासुर

यह सब मिलकर कलियुग में बुराई और पाप फ़ैलाने लगे तब अभिनव ने इस युग में प्रगट होने का सोचा

क्यों की पृथ्वी पर दिव्या शरीर नहीं मानव शरीर धारण करके hi कर्म करना पड़ता है

इसीलिए देवताओ को भी आपने दायित्व निभाने क लिए यहाँ अवतार लेना पड़ता है

ऐसे hi योग्य वंश में जन्म लेने क लिए पृथ्वी पर खोज करने लगा

तभी त्रिदेवो की प्रेणा से पहुँच गया रूपनगर क पूर्व दिशा में एक सरोवर क पास एक बड़ा शिवालय है वह एक विशाल यज्ञ चल रहा था और यज्ञ कर रहे थे वह क राणा

राणा विक्रम सिंह और उनकी पत्नी अपने दिव्या रूप से अभिनव ने देखा की राणा क चेहरे पर एक तेज है और भगवन शिव की कुछ शक्तिया भी

तब अभिनव ने कुछ फैसला लिया और बदल गया प्रकाश रूप में और समां गया R.V.S क साथ हवन में बैठी हुई नैना देवी क गर्भ में....

अभी क लिए इतना hi .....

अगला अपडेट जल्द hi .........
 
अपडेट - 8

अब तक आपने अभिनव की उत्पत्ति कैसे हुई ..... और उसको क्या कार्य भर सौंपा गया........

Eblis.....aur .....उसके बनने asur..........Abhi की खोज .......शिवालय ....... R.V.S क द्वारा चल रहा hawan......aur अभी का नैना क गर्भ में प्रवेश karna.........ab आगे..


जैसे hi नैना क गर्भ में अभी क प्रकाश रूप में प्रवेश हुआ ..उसका शरीर चमकने लगा और नैना क श्री से एक तेज निकलने लगा राणा साहब ने जल्दी से हवन में पूर्ण आहुति दी और नैना को सँभालने लगे ...

धीरे धीरे निआना का तेज बढ़ता hi जा रहा था और इतना बढ़नेलगा की वह साड़ी जगह प्रकाशित होने लगी

और अब नैना को भी अहसहनिया पीड़ा का अनुभव होने लगा.... आखिर मानव शरीर की भी एक सीमा होती है जो अनंत ऊर्जा को साधारण व्यक्ति नहीं संभल पाटा

R.V.S - आचार्य जी आप कुछ करते क्यों नहीं ..... यह क्या है ...कैसा प्रकाश है

आचार्य सोमदत्त - राणा साहब में भी इस ऊर्जा को समज़ने का पययस कर रहा हु.... परन्तु मेरी समाज में कुछ नहीं आरहा है

तभी वह एक दिव्या आवाज गुंजी

चिंता मत करो पुत्र.. यह कोई आपदा नहीं ..... यह त्रिदेवो का वरदान है

आवाज आते hi नैना की पीड़ा शांत हो गयी , लेकिन शरीर का प्रकाश ऐसे hi बढ़ रहा था

आवाज को पहचानकर R.V.S और आचार्य सोमदत्त हाथ जोड़कर अपने घुटनो पर आगये और ने एक साथ पुकारा .....महागुरु यग्नेश जी

तभी वह एक दिव्या विभूति प्रगट हुई

दोनों - प्रणाम महागुरु

महागुरु - यशस्वी भाव पुत्र

R.V.S - महा गुरु यह सब क्या है क्या हुआ है नैना को

महागुरु - कुछ नहीं हुआ पुत्र यह तुम्हारे पूर्वजो को मिला वरदान है

परन्तु मानव शरीर की कुछ सीमाएं होती है पुत्र ...

त्रिदेवो से उत्पन्न जिसमे तीनो की शक्तिया और 14 लोको की असीम ऊर्जा जिसमे है वह महँ योद्धा अभिनव तुम्हारे पुत्र क रूप में आनेवाला hai......iss आसिम ऊर्जा को नीना का शरीर संभल नहीं पा रहा है..

R.V.S - गुरुदेव कैसा वरदान और कौन अभिनव

महागुरु - शांत रहो पुत्र पहले में अपना कार्य कर लू.... हजारो साल पहले शायद इसी दिन क लिए मुज़हे त्रिदेवो ने शक्ति विभाजन की कला दी और केवल एक बार hi प्रयोग करने को कहा ..

तभी महागुरु ने त्रिदेवो का ध्यान किया और अपना हाथ आगे किया और कुछ मंत्र मैं में पढ़ने लगे और उनके हाथ में तीन धागे प्रगट हुए ...जिनका रंग वाइट, रेड & येलो था

महागुरु - पुत्र यह धागे लो और सफ़ेद वाला दाहिने हाथ में ...पीला धागा बाए हाथ में और लाल धागा गले में बांड दो

धागे बंद दिए गए....

और महागुरु अभिमंत्रित जल कुछ मंत्र पड़ते हुए नैना पर छिड़क ने लगे .... ऐसे उन्होंने 14 बार जल छिड़का ..और एक - एक करके 14 अलग अलग रंग क गोले 14 लोको में समां गए

फिर महा गुरु ने तीन और प्रकाश क गोले नैना क शरीर से निकले जिसमे एक गुलाबी रंग का प्रकाश पुंज ...वह एक आसान पर सोई R.V.S की पहली संतान ऋतू क श्री में प्रवेश कराई

महा गुरु - पुत्र यह थी समृद्धि शक्ति ... यानि धन vaibav......ab यह तुम्हारी बड़ी पुत्री में समाहित रहेगी जहा भी यह रहेगी वह धन की कोई कमी नहीं आएगी.... जब उचित समय आएगा तब यह शक्ति वापस अपने स्वामी क पास पहुँच जायेगी

दूसरा लाल रंग का प्रकाश पुंज और सफ़ेद रंग का प्रकाश पुंज दोनों को अलग अलग डिब्बे में डालकर राणा को देते हुए कहा

पुत्र यह दोनों लाल और सफ़ेद डिब्बा अपने महल क गुप्त शिवालय जहा भगवन शिव आत्मलिंग क रूप में विराज मन है वह सावधानी से रखना ..... इससमे जो सफ़ेद वाला डिब्बा है उसमे प्राणशक्ति है ...जब इस क बाद तुम्हारी तीसरी संतान होने वाली होगी तब इससे खोलना....... और लाल डिब्बे को वही खोलेगा जिस्सकी यह अमानत है

R.V.S - गुरुदेव यह 14 प्रकाश पुंज का क्या राज़ है

महागुरु - यह 14 प्रकाश पुंज 14 शक्तिया है ...जो अभिनव की चिरसंगनिया है यह शक्तिया तभी हासिल होगी जब 14 लोको में इन् शक्ति धारक कन्याओ से इस्सके मिलान होगा

R.V.S - यानि महा गुरु मेरे होनेवाले पुत्र की 14 शादिया होगी

महागुरु - हां पुत्र , और यह जो संतान तुम्हारे यहाँ जन्म लेने वाली है ....यह 5 तत्त्व ( 5 एलिमेंट्स) की शक्तियों क साथ जनम lega....lekin जबतक यह 5 वर्ष का नहीं होता तब तक यह शक्तिया जागृत नहीं होगी....

और जब वह 5 वर्ष का हो जाएगा और शक्तिया जागृत होगी तब तुम्हे उससे कुछ वर्षो तक मुज़हे सौपना होगा

नहीं तोह अनियंत्रित शक्तिया या तो तुम्हारे पुत्र का विनाश करेगी या तुम्हारे पुत्र का

R.V.S - जैसी आपकी आज्ञा गुरुदेव........

गुरुदेव आपने कहा था की यह संतान मेरे पुरवाजी को मिला वरदान है ....कृपया क्या आप बातएंगे

महागुरु - आवश्य putra..suno

तुम्हारे 5 पीडियो पहले एक राजा हुए जिनका नाम था

राणा सूर्यप्रताप सिंह

( R.S.S).....woh त्रिदेवो क परम भक्त और तपस्वी थे

उन्होंने बहुत कठिन तपस्या से त्रिदेवो को प्रसन्ना किया ...जिसके फल स्वरुप उनको त्रिदेवो क दुर्लभ दर्शन हुए .....और जब त्रिदेवो ने वरदान मांगने को कहा तब

R.S.S - प्रभु जब मुज़हे आप तीनो क दर्शन हो गए अब मुज़हे क्या चाहिए

तरदेव - राजन हम तुम्हारी भक्ति से प्रस्सना hai....humara दर्शन कभी व्यर्थ नहीं जाता

हम तीनो तम्हे तीन शक्तिया देते है जो तुम्हारे वंश में जो भी बड़ा पुत्र होगा उन् सब में यह शक्तिया जनम से hi होगी .....जो यज्ञोपवीत संस्कार क बाद जागृत होगी

पहली शक्ति होगी शास्त्र शक्ति (एक दिव्या अस्त्र जो महा संहारक होगा)

दूसरी शक्ति होगी किसी क भी मन को पड़ने वाली , विचारो को बदलने वाली और वश में करने वाली वशीकरण शक्ति

और तीसरी शक्ति होगी जिससे पृथ्वी पर कही भी एक पल में पहुंच सके वह भ्रमण शक्ति

और पुत्र तुम्हारा वंश हमेशा से इस पृथ्वी पर बुराइओं का अंत करता आरहा है इसीलिए ..एक और वरदान तुम्हे देते है

जब इस संसार में पाप अधिक मात्रा में फैलने लगेगा तब आज से तुम्हारी पांचवी पीढ़ी में .....

जनम होगा हमारी शक्तियों से सम्पन्न ..हम त्रिदेवो क पुत्र का

महा गुरु - अब समय आगया है उस वरदान की पूर्ति का

इतना कह कर महागुरु यग्नेश

अंतर्ध्यान हो गए

यहाँ R.V.S महागुरु की बातें सुनकर बड़ा प्रसन्ना हुआ ...तब तक निआना को भी होश आज्ञा था...

तब R.V.S महागुरु क द्वारा दिए गए सफ़ेद और लाल बॉक्स को लेकर आचार्य सोमदत्त को प्रणाम करके अपनी पत्नी और नन्ही ऋतू को लेकर वापस अपने महल आगये.

अभी क लिए इतना hi .......

अगला अपडेट रात को ........
 
अपडेट - 9

अभी तक आपने dekha.......Abhi का गर्भ प्रवेश.....

महागुरु यग्नेश का आगमन

शक्तियों का विभाजन.......

....राणा परिवार का अतीत.......

अब ....आगे...


R.V.S अपने महल में बने हुए गुप्त शिवालय में जाकर महागुरु क दिए हुए दोनों बॉक्स रख देता है

इस शिवालय की एक खासियत है यहाँ वही जा सकता है जो राणा खंडन क शक्तियों का धारक हो या वारिस हो

इस का दरवाजा भी अदृस्य hai....aut केवल उससे hi दिखाई पड़ता है जो इससमे प्रवेश पा सकता हो

यहाँ स्थापित शिवलिंग स्वयं महादेव द्वारा R.S.S को दिया हुआ है.

इनको यही छोड़ते है ..... देखते है शैतानो की टोली क्या कर रही है


यहाँ पातळ लोक में कलासुर संसार में और ज्यादा बुराई फ़ैलाने की योजना बना रहा था... की अचानक ..उससे सकारात्मक ऊर्जा ( पॉजिटिव एनर्जी का आभास हुआ)

उस्सने अपनी आंखें बंद करके बहुत कोशिश की ऊर्जा के स्रोत को जानने की, लेकिन असफल रहा.

आखिर कार हारकर पातळ लोक में बने हुए अपने पूजा रूम में एक काले पत्थर क सामने पहुँच gaya...jo इब्लीस का प्रतिक tha..waha उसने कुछ पूजा की ....

K.S - मेरे मालिक ....यह कैसी ऊर्जा है मेरे maalik.....jissko महसूस करके एक डर सा मेरे भीतर महसूस हो रहा है...... बताओ मालिक ...आप तोह सर्व शक्तिमान ho....aapse क्या चुप्पा है....

इतना कहकर वह वह पहरा दे रहे कुछ ासुरो को इशारा करते hai....jo एक कन्या को बांधकर लाते है.....

कालासुर -- है है है भयानक हँसी क साथ ---- जानता हु मेरे मालिक बिना भोग लगाए आप नहीं बताओ गए

इतना कहकर Kalasur(K.S) ने ासुरो द्वारा लायी कन्या क आंखों में देखा ...जिससे वह वश में हो गयी

..और खुद उस काले पत्थर क आगे सर ज़्हुककर बैठ gayi.......fir चमका

K.S का खडग पल में हुआ उस कन्या का सर ..धड़ से अलग

तभी उस पाथेर से उठा एक काला धुआँ और एक साये में बदल गया

K.S - जय हो मेरे मालिक ...जय हो

इब्लीस - कालासुर जो ऊर्जा तुमने महसूस की ...वह मेरे परम शत्रु की है

लड़ता है वह जल्दी hi आने वाला है ..

और इस बार उसके साथ वह ऊर्जा भी साथ होगी जिससे मेरा भी जनम हुआ है ..... इसीलिए में सीधे सीधे कुछ नहीं कर सकता... लेकिन मेरी साड़ी शक्तिया तुम्हारे साथ होगी

लेकिन तुम उस्का सामना केवल मेरी शक्तियों द्वारा नहीं कर सकते ....

तुम्हे और शक्तियां हासिल करनी पड़ेगी..

K.S - वह कैसे मेरे मालिक

इब्लीस - तुम्हे 18 साल तक आसुरी देवी

माँ निकुम्बाला की कठिन सड़ना करनी पड़ेगी , तब तक पातळ लोक का राज्य तुम्हारा बेटे संभालेगा .

K.S - जो आज्ञा मेरे मालिक..

लेकिन महागुरु क मंत्र शक्ति से K.S और इब्लीस नहीं जान सके की उस महाशक्ति क 14 अंश 14 लोक में जन्म लेने वाले है ..... एक तोह यहाँ पटल लोक में hi.

इब्लीस की बातो का पालन करते हुए K.S ने अपने बड़े बेटे को राज सौप दिया और अपनी तीनो रानियों से मिलकर 18 वर्ष क लिए बंद हो गया अपने साधना कक्ष में

इंट्रो ..ऑफ़ ..कलासुर फॅमिली

कालासुर - ेबिल्स का प्रतिरूप

रक्तिका - बड़ी रानी

इससे दो पुत्र दुर्मुखासुर ( इसी को अपना राज सौप गया है K.S) , और भयाक्षा

दुरुक्ति - मंजली रानी

इस्सकी एक कन्या दो पुत्र मारकेश और रक्तासुर , और कन्या कनकिनी

मदनसा - यह सबसे छोटी रानी जो पराशक्ति की परम भक्त, अपने पति से छुपकर सदा मन में उनका ध्यान करती है, K.S को सबसे प्यारी

अभी गर्ब्वती हुई है ( क्या बता सकते हो कौन होगा इस गरब में)

अब देखते है पृथ्वीलोक की तरफ...


इंट्रो ऑफ़ राणा फॅमिली ...

राणा रणबीर सिंह (R.S.S)- हीरो क दादा जो विरासत में मिली शक्तियों का लोक कल्याण क लिए प्रयोग करते है .


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सुष्मिता देवी - हीरो की दादी, यह भी अपने क सेवा मेह hi लगी रहती है.

सारा रूपनगर इनको माँ सामान मानता है


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इनकी 4 संतान हुई जीन में दो लड़के और दो कन्या है

राणा विक्रम सिंह (R.VS) - हीरो क डैड यह अपने पिता से भी बढ़कर शूरवीर है ...आधुनिक विज्ञानं और विरासत में मिली शक्तियों को मिलकर उपयोग करते है...... इनका व्यकित्वा बड़ा रहस्यमयी है ....आगे कहानी में पता चलेगा


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नैना देवी - हीरो की माँ , यह एक दम सरल स्वाभाव की है , हीरो क गर्भ में प्रवेश करने से ..इन् में

रचनात्मक शक्ति - ( किसी भी वास्तु का निर्माण करना) आगयी है , लेकिन अभी यह इस बात से अनजान है... समय आने पर पता चलेगा

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इनके तीन संतान हुए

ऋतू - हीरो की बड़ी बहिन और समृद्धि सजक्ति की धारक, इस क पॉर्न हीरो में बास्ते है, अपनी माँ की तरह hi सरल और सूंदर


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राणा अभिनव सिंह - यानि अभी हमारा हीरो इस्सके ...स्वभाव और शक्तियों क बारे में आगे पता चलेगा

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आदिरा सिंह - हीरो की छोटी बहिन और प्राणशक्ति की धारक

हीरो क प्राण इस्स्में बास्ते है

बहुत hi cute,masoom और नटखट है


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अभी क लिए इतना hi बाकी

कल .....
 
अपडेट - 10

पिछले अपडेट में आपने देखा ...... विल्लन फॅमिली का intro.......Rana फॅमिली का इंट्रो...

अब आगे देखते है और कौन कौन है फॅमिली मैं......


विनय सिंह - हीरो क चाचा , इनको अपने भाई की शक्तियों क बारे में कुछ नहीं पता....

राणा फॅमिली का राज सिर्फ वह hi जानता है जो इन् शक्तियों का धारक हो

यह बहुत hi काबिल और बिज़नेस माइंडेड है


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शुशीला सिंह - हीरो की चची , थोड़ी घमंडी है लेकिन दिल की अच्छी है

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इनके भी तीन संतान है

पायल - यह बड़ी बेटी जो हीरो क 1साल बड़ी है, ( इनका इस कहानी में रोले काम है

श्रेया सिंह - विनय सिंह की दूसरी बेटी

सोनू सिंह - बीटा , अभी छोटा है

इनके अल्वा हीरो की दो बुआ है

1:- शर्मिष्ठा सिंह

2 :- निराली सिंह

अब देखते है हीरो क माँ की फॅमिली

ठाकुर निर्मल सिंह - नाना जी

लक्ष्मी देवी - नानी

इनकी 5 संतान हुई ... 3 बेटी और 2 बेटे

नैना सिंह -- हीरो की माँ

सुनीता सिंह - मासी

नीलिमा सिंह - छोटी मस्सी ( ऋतू की hi आगे की है)

सतीश सिंह और राजू सिंह -- मां

यह हुई हीरो क फॅमिली की इंट्रो.....

जैसे जैसे कहानी आगे बढ़ेगी ...

वैसे वैसे और पत्र कहानी में शामिल होते रहेंगे...

अब आते है हीरो क जन्म समय.....

आज राणा महल बड़ा hi खूबसूरत सजा हुआ था , कृष्णा जन्माष्ठमी का उत्सव जो था... रात क 12 बज रहे थे और .. कृष्णा जनम पूजा चल रहा थी ... ऋतू न जाने अपने माँ क बड़े हुए पथ की तरफ बार बार देखते हुई क्या सोच रही thi..jaise hi पूजा समाप्त हुई

नैना को पेट में दर्द शुरू हुआ , मौसम बदलने laga...joro की बारिश शुरू हु ..... कुछ कुछ वैसा की हाल हुआ जैसे कृष्णा जनम क समय हुआ था...... राणा साहब नैना को सँभालने लगे...... ऋतू अपने माँ की हालत देखकर परेशां हो गयी थी.

R.V.S ने दे माँ को बुलावा भेजा , यह महल ओल्ड रूपनगर में स्थित

जो इतना विक्सित नहीं है , यहाँ हॉस्पिटल की सुविधा नहीं थी ...

नैना को रूम में ले जाय गया ...

तभी R.V.S के मैं में में एक आवाज आई

पुत्र सब को जल्दी इस रूम से बहार निकालो ...आवाज पहचानकर राणा साहब ने वही किया ...तभी वह महागुरु प्रगट हुए

R.V.S - प्रणाम महागुरु

महा गुरु - यशश्वी भाव पुत्र, पुत्र तुम्हारे इस पुत्र क जनम क लिए किसी दायमा की जरुरत नहीं है....

यह कोई साधारण बालक नहीं है ...तभी महागुरु एक जड़ी और यन्त्र R.V.S को देते हुए कहते है पुत्र जड़ी से इस यन्त्र को इनको धारण कराओ और इस जड़ी का जल पिलाओ .. R.V.S ने वैसे hi kiya....tab महागुरु बोले

महा गुरु - अब बहार चलो पुत्र, जब तक बच्चे की रोने की आवाज न आते यहाँ कोई नहीं आएगा

R.V.S - परन्तु क्यों गुरुदेव

महागुरु - यह दिव्या बालक 5 तत्त्व की शक्ति क साथ जनम लेने वाला hai.isska जन्म वही पराशक्ति hi कराएगी जो त्रिदेवो की hi जननी है.

नैना को रूम में छोड़कर R.V.S और महागुरु बहार आगये

देखते है वह अंदर क्या हो रहा है

शक्ति यन्त्र से तभी एक रोशनी निकली और नैना क गर्भ में जाने लगी तब नैना का सारा दर्द पल बहार में समाप्त हो गया, और नैना बेहोश हो गयी..... , तभी गर्भ से 5 रंग की रौशनी निकलने लगी ,...और वह पांच रौशनी एक जगह इक्कठा हुई और उस्सने आकर लिया एक बहुत hi सूंदर बालक का .... जो दूध में केसर मिली हुई रंगत

थी.. जन्म लेते hi बालक इधर उधर देखने laga...aur किसी को न पास न पाकर जोर जोर से रोने लगा

बहार खड़े R.V.S ने जैसे hi बालक क रोने की आवाज सुनी तोह उनके आनंद की कोई सीमा न रही .राणा साहब ने तुरंत दायी माँ को भीतर की परिस्थिति देखने क लिए भेजा , अंदर जाकर दैमा ने अद्भुत दृश्य देखा ..

और सोचने लगी यह कैसे सम्बव है बालक का जनम हुआ लेकिन न कोई खून का कटरा कही दिखाई दिया और नहीं नाड़ी छेदन की जरुरत पड़ी, और जब दैमा ने बालक को देखा तोह और भी चकित रह gayi....balak उनकी तरफ देखकर मुस्कुरा रहा था...

इस तरह हुआ हमारे हीरो का जनम

सारा रूपनगर खुशियों से सराबोर हो गया, राणा साहब ने गरीबो क लिए अपने भादर खोल रहे थे

अंदर नैना अपने पास सो रहे बालक को बड़े प्रेम से निहार रही थी, तभी एक आवाज से उस्का ध्यान टुटा

छोटी ऋतू - मुम्मा यह कुआँ है इतना छोटा से और कहा से आया है

नैना - बीटा यह भगवन जी ने तुम्हारे लिए भाई भेजा है

ऋतू - सच ...मुम्मा क्या में isshe..haath लागू ....aale...yeh मेला प्याला bhai.....kitna क्यूट है

नैना - हां बीटा यहाँ आओ

ऋतू तुर्रंत नन्हे बही क पास लेट गयी

और बड़े धीरे धीरे उसस्के सर पर हाथ फेरने लगी

ऋतू - माँ देखो न मेला भाई कैसे है रहा है ..अले अले कितना क्यूट है न

R.V.S ने अपनी शक्ति से दायमा ने जो कुछ देखा था उससे बुला दिया, और उसस्के मैं में ऐसा बिठा दीयजैसे बालक का जन्म उसी क हाथ से हुआ हो

और फिर समय आने पर महागुरु क निर्देश अनुसार नामकरण संस्कार हुआ और नाम रहका गया......

राणा अभिनव सिंह


समय आगे बढ़ने लगा और R.V.S की दोनों संतान बढ़ने लगी....

समय क साथ ऋतू का अपने भाई क प्रति प्रेम और गहरा होता गया ....

वह अपने नन्हे भाई का बिलकुल किसी माँ की तरह hi ख्याल रखती थी ...

केवल स्कूल जाने क समय hi hi अलग रहती थी

समय क साथ आगे बढ़ने और समाज क प्रति अपने कार्य पूरे करने क लिए

R.V.S नई रूपनगर सिटी में शिफ्ट हो गए ......और महल में रह गए

हीरो क दादा और daadi....R.V.S समय समय पर वह जाकर अपने माता पिता का ध्यान रखते थे...

ऋतू क भीतर समृद्धि शक्ति होने क कारण दिन पर दिन उनका धन और वैभव बढ़ने लगा.... और धीरे धीरे सारे देशो में उनका बिज़नेस फैलने लगा ... R.V.S ने अपने बिज़नेस की 3 देशो में मैं ब्रांचेज बनाई ..... जहा का काम अपने भाई बहनो की शादी के बाद उन्हें भेज दिया था

उसे का काम छोटे भाई

विनय सिंह को सौपा गया

ऑस्ट्रेलिया का काम अपनी बहिन शर्मिष्ठा सिंह को सौपा गया


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जिनकी शादी दीपक ठाकुर से हुई

और इनकी दो कन्याये हुई

पारी, ाव्य

जापान का काम अपनी छोटी बहिन

निराली सिंह को सौपा गया

जिनकी शादी उन्ही क साथ कॉलेज में पड़नेवाले एक अनाथ लड़के से हुई


नितिन से

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इनकी तीन संतान

आकांक्षा सिंह, प्रीती सिंह

और श्रेयश सिंह

अभी क लिए इतना hi ......


अगला अपडेट जल्द hi....
 
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