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शर्म हाय को परे रख कर आज प्रिय अपने उस यार के लये सजाने जा रही थी ….जिससे उसने कभी काबुल नहीं किया tha…usske लये जिस से प्रिय आज तक नफ़रत कराती आ रही थी. उसके लये जिसके लये प्रिय के दिल मई कधवत के सिवाए कुछ नहीं था… लेकिन आज प्रिय उसके लिए तैयार हो रही थी.. जैसे वो उस हरामी की.. प्रिय उसे हमेशा हरामी hi कहती थी.. जैसे वो उस हरामी की दुइलहान हो और वो आपने डुले के लिए तैयार हो रही हो
उसने अपने सरे कपड़े उतर phenke….phir अपनी अलमारी खोल कर उसमे से रेड कलर के ब्रा और पेंटी निकल कर फेन lee….aur उसके ऊपर एक सेक्सी ब्लैक कलर के dress….jisme से रेड कलर के ब्रा और पेंटी साफ़ नज़र आ रही thee….phir ड्रेसिंग टेबल के सामने बेथ कर दोबारा से मेकअप किया… मैरून कलर का लिप कलर लगाया….
तभी अचानक से उसके रूम का दूर khula…ayane मई करीम उसे साफ़ दिखाई दी रहा था… उसे अहसास नहीं था की, करीम इतनी जल्दी आ जायेगा…. प्रिय ने हाथ मैं अभी भी वो मैरून कलर के लिपस्टिक पकड़ी हुई थी…. उसने करीम को जैसे ही ायने मई देखा तोह, वो उससे जल्दी से ड्रेसिंग टेबल पर रख दया… वो अंदर ही अंदर झुलस रही thee…..maan के साडी डवधाएं दूर हो चुकी थी… वो वही बैठी उस पल का इन्तजार कर रही थी की, कब करीम अग्गे बढ़ कर उसे अपनी बाहों मई भर ली.
वो मुस्कारते हुआ प्रिय के तरफ बढ़ा…. वो सर झुकाये हुए, अपनी कांखों से उससे ायने मई अपनी तरफ बढ़ता हुआ देख रही thee…wo धीरे-2 प्रिय के पास आ gaya…usne धीरे से प्रिय के दोनों कंधो को पकड़ा, तोह उसका पूरा बदन एक दम से कनाप गया…. वो अपने दोनों हाथों के उंगलयों को आपस मई फंसे हुए, उन्हें मसल रही थी….
फिर करीम ने उसे कंधे से पकड़ कर धीरे-2 ऊपर उठाया, तोह वो खुद ही उठती चली गए…
प्रिय अब्ब कड़ी थी….. उसकी पीठ करीम के तरफ thee….usne प्रिय को अपनी तरफ घुमाया और ड्रेसिंग टेबल के सामने बैठने वाले छोटे से टेबल को पीछे करके, उस पर प्रिय को बैठा दया… प्रिय अपनी तेज चलती सानो पर निरन्तरं पाने के कोशिश कर रही thee….abb वो खुद उठ कर बीएड पर नीचे के तरफ पेअर लटका कर बैठी ….और करीम उसके सामने खड़ा tha…usne प्रिय के और देखते हुए, अपनी कमीज़ को पकड़ा और ऊपर उठाते हुए अपने गले से उतर कर पीछे लगे सोफे पर फ़ेंक daya….phir एक कदम और अग्गे बढ़ कर उसने अपनी कमर के नीचे वाले हिस्से को थोड़ा सा अग्गे के तरफ निकला…
उसके पेण्ट मई बना हुआ उभर प्रिय को चीख -2 कर कह रहा था की, इसमें चिप्पे हुए खजाने को निकल लो और इससे जी भर कर प्यार करो….. प्रिय ने उसकी आँखों मई देखा तोह. वो उसको ऐसा देख रहा था की, जैसे कह रहा हो की, प्रिय अब तुम शुरू हो जाओ ….
न जाने कब प्रिय की साडी शर्म हाय गुस्सा सब कहा खो गया था …. उसे hi पता नहीं चला .. उसके हाथ खुद बा खुद उठे और प्रिय ने उसके पेण्ट के नदी को पकड़ा और धीरे-2 उससे खोलने लगी ….
प्रिय ने एक बार फिर से उसके आँखों मई देखा, तोह उसने सर hilaya….jaise प्रिय को अग्गे बढ़ने के लये हामी भर रहा हो….. प्रिय को नहीं पता था की वो सब ये क्यों किये जा रही थी. पर प्रिय ने अपना एक हाथ उसके नदी के वह से पंत के अंदर डालते हुए, उसके अंडरवियर के अंदर डाला, तोह प्रिय को झटका सा laga….jab प्रिय के हाथ उसके ढकते हुए लुंड पर जा लगे ….तब एक अजीब से सनसनी प्रिय के पूरे बदन मई दौड़ गए. उसका हाथ अपने आप ही करीम के लुंड के गिरथ पर कसता चला gaya…..aur फिर प्रिय ने उसके लुंड को उसके पेण्ट को निचे सरका के ांदेरपंथ से बहार निकल लाया
प्रिय को hi नहीं पता था की क्या वो आज आपने पूरे होशो हवस मई अपने मरज़ी से करीम के लुंड को अपने मुठी मई थामे हुए बैठी थी या नहीं … उसके लुंड का मोटा सुपड लाल होकर देहक रहा tha….ek अजीब से कशिश thee…uske उस लाल मोठे सुपड मई…. प्रिय ने उसके आँखों मई देखा, तोह करीम के होंटो पर तीखी मुस्कान thee….jo उसके विजय होने का प्रमाण दी रही थी…. प्रिय के ऊपर काबू पाने kaa…parmaan तह वो …. प्रिय भी अब उसके कई प्रेमिकयों मई से एक बन चुकी थी ….उसका का प्रमाण था वो ….
करीम ने प्रिय के आँखों मई झांकते हुए उसके गाल पर अपना हाथ रखते हुए, अपने लुंड को उसके होंटो के तरफ बढ़ाया….. प्रिय अभी भी करीम के आँखों मई आंखे डेल उसके तरफ देख रही thee….jaise ही उसके लुंड का मोटा सुपड प्रिय के होंटो से टकराया तोह, उसने अपनी नज़रे नीचे करके उसके लुंड के सुपड को देखा, और फिर धीरे-2 अपने होंटो को खोल कर उसके इरडा गिर्दा लपटाती चली गए….
शहीइइइइइइ priyyyyyyaaaaaaaaaa……..
chinaaaaaaallllllllllllllllllll….
जैसे ही करीम के लुंड का सुपड प्रिय के मुँह मई गया तोह, उसने सिसकते हुए दोनों हाथो से प्रिय के सर को पकड़ laya…abb वो उसके लुंड के सुपड पर अपने होंटो को रगड़ते हुए उससे मुँह मई लेकर अंदर बहार कर रही थी….
प्रिय को उसके लुंड के नशे अपने हाथ मई और फूलती हुई महसूस हो रहे the….par इसके साथ hi प्रिय के मान मई एक अजीब सा दर डेरा जमाये बैठा tha….kahi करीम मुझे जलील करेगा .. सबके सामने .. या फिर … या फिर वो मेरे मुँह मई ही अपना वीर्ये छोड़ना तोह नहीं chatha…kya वो मुझे जान बुज कर तरसता हुआ चोर कर चला jayega…kya करीम ये छठा है, की मई किसी लुंड के भूखी रंडी के तरह उसके मिनटाइन करू…..
पर प्रिय के दिमाग मई जो भी ख्याल आ रहे थी…. करीम के अगले कदम ने उन् सब को खारिज कर daya….usne अपने लुंड को प्रिय के मुँह से बहार निकला और झुक कर प्रिय के होंटो पर अपने होंठ रख daye…..kuch पल तोह प्रिय बहुत बानी rahi….par थोड़ी ही देर मैं उसने भी उससे रिस्पांस देना शुरू कर daya….aur अपने होंटो को ढीला चोर कर खोल दया. उसने प्रिय के नीचे वाले होंटो को चूसते, उसे बीएड से खड़ा काया, और अपनी बाहों को उसके कमर मई कस्ते हुए, उसे अपने से एक दम चिपका लाया….
अब प्रिय के मम्मी उसके चेस्ट मई धंस गए thee….usne प्रिय के कमर को सहलाते हुए, अपने हाथो को नीचे लेजाना शुरू काया… प्रिय का पूरा बदन उसके हाथों के हरकतों के साथ-2 कनाप रहा tha….poore बदन मस्ती भरी सिहरन दौउड़ाती जा रही thee….uske हाथो का दबाव प्रिय के जिस्म पर लगतार बढ़ता जा रहा tha…..phir जैसे ही उसने दोनों हाथों से प्रिय के बड़े-2 गोल चूतड़ों को पकड़ कर दोबच्चे, तोह वो एक दम से सिसकते हुए, उससे लिपट गए…..
प्रिय आज मुझे अपनी छूट मरने दोगी…..
करीम ने प्रिय के चूतड़ों को दोनों तरफ पहला कर मसलते हुए कहा…
प्रिय करीम के मुँह से अपने लाये ऐसे बोर्डिंग सुन कर एक दम शर्मा gaye….use आपने कानो मई से सेंक निकलता हुआ महसूस हो रहा था…. वो उसके बाहो से निकल कर सोफे के तरफ जाकर उसके तरफ पीठ करके कड़ी हो गए… प्रिय को यकीन नहीं हो रहा था की, करीम जैसा गन्दा आदमी उसे साफ़-2 लफजो मई कह रहा है, की वो मेरे छूट मरना छठा है… उसे पता था करीम हरामी है .. पर फिर भी इतने साफ़ साफ़ बोर्डिंग मई कोण कहता है क्या .. फिर उसका दूसरा मैं कहता है .. करीम कहता है.. जो कोई नहीं कहता वो करीम कहता है ..
उसका दिल जोरो से धड़क रहा था …. छूट मई धुनकी से बजानी लगी थी… अब करीम प्रिय के तरफ badha….iss बार उसने प्रिय के कंधो पर हाथ रखा, और उसके ड्रेस के स्ट्रैप्स कंधो से सरकने लगा…
प्रिय ने अपनी आंखे बंद कर ली, उसका दिल इस बात स्वीकार कर चुक्का था की, आज करीम हर कमीत पर उसकी छूट मरेगा ….जैसे ही ड्रेस के स्ट्रैप्स उसके कंधो से सार्क कर नीचे ए, तोह उसने अपने हाथो को अग्गे के तरफ बढ़ा कर उसके बाहों से वो स्ट्रैप्स निकल daye…..phir ड्रेस को पकड़ कर थोड़ा सा नीचे के तरफ झटका दया तोह, उसका ड्रेस खिसक कर प्रिय के मोठे चूतड़ों पर आकर अटक gaye….phir एक और झटका और अगले ही पल प्रिय का ड्रेस उसके कदमो मई पढ़ा था….
फिर ब्रा और फिर पेंटी तीनो एक के ऊपर एक ढेर हो चुकी थी…. प्रिय बिकुल नंगी हो चुकी thee…..ankhe बंद कए हुआ, तेज धड़कते दिल के साथ उस पल का इन्तजार कर रही थी, जब करीम उसके नंगे जिस्म को अपने बाँहों मई लेकर मसलना शुरू करेगा. रूम मई ऐसा सनता चाय हुआ tha….jaise उस रूम मई कोई हो ही naa….phir अगले ही पल प्रिय को अपने पीठ पर उसके नंगी चेस्ट का अहसास हुआ, उसके हाथ प्रिय के कमर के बगलो से निकल कर अग्गे के तरफ ए, फिर पेट से होते हुए, प्रिय के नंगी तानी हुई चुच्यों पर….
जैसे ही उसने प्रिय के नंगी चुच्यों को अपने हाथों मई भर कर मसाला. तोह प्रिय एक दम सिसक uthi…..aur उसके तरफ पालते हुए, उसके बाहों मई समाती चली गए….
और फिर करीम प्रिय को आपने बाँहों मई कस्ते हुए, उसके नंगे चूतड़ों को अपने हाथ मई लेकर मसलता तोह, वो उससे और चिपक जाते…. प्रिय को अपने मम्मो के निप्पल्स उसके चेस्ट मई रगड़ कहते हुए साफ़ महसूस हो रहे थी…. उसके रोम-2 मई मस्ती के लहर दौड़ती जा रही थी…
छिनाल…. बोल ना मुझे अपनी छूट मरने degee….kya …
अह्ह्ह्ह ये कैसा तरीका है पूछने का…..
प्रिय ने मान ही मान socha….jahil कही का….
उसने प्रिय के कानो को अपने होंटो मई लेकर चूसा तोह, वो एक दम से तड़प उठी
ुन्नन बूढ़े मुझे बीएड पर ली चलो……
प्रिय ने सिसकते हुए kaha….aur अपनी तरफ से उसके सवाल का जवाब भी दी daya…usne प्रिय को बाँहों मई भरते हुए उठा लाया...
और बीएड के पास आकर उसे धीरे-2 बीएड पर लेता daya…..uska लुंड प्रिय के आँखों के सामने फनफटा हुआ झटके खा रहा tha…..agle ही पल उस्सने बीएड पर एते हुए, उसके पेट पर अपने खुरदते होंटो को रख कर चूमना शुरू कर दया….
जैसे ही उसके खुरदते होंठ प्रिय को अपने पेट पर महसूस हुए, तब प्रिय ने सिसकते हुए, अपने सर के नीचे रखे तकए को अपने दोनों मुठयों मई बीच लाया….
shiiiiiiiiii सा …..kkkkk…aaaa…. रररीी… … मममममम…. मेरे… रज्जा…
प्रिय की आंखे मस्ती मई भरी होकर बंद होती चली gaye….hont बुरी तरह से थरथराने लगी थी…..
वो कभी उसके पेट को चूमता कभी अपने होंटो को रगड़ता तोह, कभी अपनी जीभ निकल कर पेट को चाटना शुरू कर deta….uske जीभ का स्पर्श अपने नंगे पेट और नाभि पर महसूस करके प्रिय का पूरा बदन कनाप रहा था…. उसके साँसे लगतार तेज होती जा रही thee…..saans लेना भी मुश्किल लग रहा था उसे …छूट मई तेज खिंचाव महसूस हो रहा tha…wo धीरे-2 अपने होंटो को पेट पर रगड़ते हुए, प्रिय के चुच्यों के तरफ बढ़ने laga...toh उसके बदन मई तेज गुदगुदी से दौड़ gaye….usne अपनी गुदाज चुच्यों को अपने हाथो से छुपा laya…par वो धीरे-2 ऊपर बढ़ता raha…phir प्रिय के हाथो के बिलकुल पास अपने होंटो को लेजाकर पागलो के तरह उस हिस्से को चूसने लगा….
काम मई बेहाल होकर प्रिय के हाथ धीरे-2 उसके चुच्यों पर से हटते जा रहे thee….aur उसके होंटो प्रिय के चुच्यों के हर इंच पर अपनी मोहर लगते जा रहे थी… फिर अचानक से उसने प्रिय के दोनों हाथो को पकड़ कर बीएड पर सत्ता daya….aur अगले ही पाल किसी वहशी के तरफ उसके राइट मम्मी को मुँह मई लेकर सूचक करना शुरू कर दया….
ुंहःहःहःहः shiiiiiiiiii ahhhhhhhhhh बुधीइ………
प्रिय ने सिसकते हुए अपने बदन को अकड़ा laya…itana मज़ा आ रहा था की, उससे बर्दास्त भी नहीं हो पा रहा था…
उसके मम्मी का निप्पल करीम के ताली और जुबान के बीच मई पीस रहा था… करीम प्रिय के निप्पल को भोत जोर से दबा -2 कर चूस रहा था…. प्रिय एक दम मस्त हो चुकी thee…..kab उसके टाँगे खुली और कब वो उसके टैंगो के बीच मई आकर बेथ गया…. प्रिय को पता नहीं चला. प्रिय आंखे बंद कए हुए किसी और ही दुनिया मई पहुंच गए thee…uss दुन्या मई जहा से वो हरगिज वापिस नहीं आना छथि thee…par अगले ही पल जब प्रिय को उसके धुनकी के तरह बज रही छूट के छेद पर करीम के लुंड का गरम और मोटा सुपड महसूस हुआ, तोह वो एक दम से तड़प उठी….
उसके छूट ने अपने गधे पानी का खजाना खोल दया… उसके छूट का छेद तेजी से खुलता और बंद होता प्रिय को महसूस हो रहा tha…mano जैसे अपने ऊपर दस्तक दी रहे उस सुपड को अपने अंदर जल्द से जल्द खेंच लेना छथि हो उसकी चैनल छूट …और प्रिय की हालत शायद अब्ब करीम भी अच्छे से समाज चुक्का tha….par वो बेहराम तोह, छूट के छेद पर लुंड का सुपड बिहड़ै हुए, उसके मम्मी को बचो के तरह चूस रहा tha…..jab प्रिय के बर्दास्त के इंतहा हो गए तोह, वो खुद ही बोल उठी…..
ओह्ह्ह्हह करीम प्लीज अब्ब और ना tadhphao…..maar लो मेरे छूट अह्ह्ह्ह जितनी देर मरज़ी मार lo….please मारो ना……
तभी प्रिय के आँख खुली … रात के 2 बजे थे… वो उठ के बीएड पाई बैठी थी.. आपने चेहरा आपने दोनों हाथो मई समाते हुई .. वो सोचने लगी .. ये कैसा सपना .. और सेल सपने मई वो कमीना .. साला सपने मई भी मुझे नहीं चोर रहा है .. प्रिय अगर तू नहीं उठाती तो अब तक तेरे साथ उसने चुदाई शुरू की होती…
ोूहु .. माय गोड्ढ.. ये कैसे हो रहा है .. इस कमीने का कुछ न कुछ सोचना पड़ेगा .. नहीं तो साला सचमुच मई मेरे साथ सुहागरात मनाएगा ..
फिर उसने बाजु मई रखे गिलास मई से पानी लिया .. और पानी पिने लगी.. फिर दिन भर हुई घटना को याद करनी लगी..
सुबह सुबह वो पूजा के घर गयी .. आपने शॉपिंग के लिए… फिर आपने आप को कहने लगी.. मई अगर पूजा के घर नहीं गयी होती तो ये सबकुछ मेरे साथ नहीं होता .. फिर से वो याद करने लगी.. वह पूजा नहीं मिली.. फिर मैंने आंटी और उस कमीने का पीछा किया .. उस कमीने ने मोके का फायदा उठा लिया.. मेरे बॉडी के साथ पुरे मज़े किये.. मुझे किश करने पर मजबूर किया.. फिर वो वाह से चला gaya…fir मई बहार आयी तो क्या देखा .. आंटी उसे पैसे दे रही थी.. 2000 के नोट्स की गद्दी थी.. तब मई सोचने लगी .. साला ये लेडीज को पाटकर पैसे भी आतता है क्या.. मई वही कड़ी रही .. मुझे लगा अगर मई अन्दर घर मई गयी तो साला फिर से मोके का फायदा न उठा ले .. और फिर से मेरे साथ सुरु न हो जाये… थोड़े देर बाद वो वह से आंटी को किश करके चला गया.. सेल ने आंटी को भी अपनी जाल मई फंसा लिया है.. मई अन्दर चली गयी.. तो पूजा मुज पर hi चिल्ला रही थी.. इतना लेत क्यों आयी.. मई कबसे तुम्हारा वेट कर रही हु.. मैंने उसे कहा ..मई कबसे आयी हु .. तो उसने कहा .. फिर तू इतने देर कहा थी.. अब मई कैसे बता सकती थी की तेरे यार ने मेरे को आने नहीं दिया … मैंने उसे कहा ..मई तुम कबसे ढूंढ रही हु.. तू कहा थी.. फिर हम लोगो ने ऐसे hi कुछ बातचीत की … फिर हम लोग शॉपिंग चले गए.. शॉपिंग करते वक़्त मुझे हमेशा लगता था की वो कमीना मेरे आस पास hi है.. मुझे देख रहा है.. मेरे हिप्पस को देख रहा है.. कही से आएगा और मुझे दबोच लेगा.. पर वो आया नहीं.. लेकिन मई डरती रही .. दिनभर मेरे दीमक मई वही चाय हुआ था.. शॉपिंग मई मेरा ध्यान hi नहीं था.. बाद मई रात मई राजीव के साथ डिनर के टाइम मई भी वही.. मेरे दीमक मई वही था.. और अब ये ड्रीम..
फिर प्रिय खुद को hi कहने लगी..
मई कुछ सोचती हु इस के बारे मई .. नहीं तो ये मुझे कही का नहीं रहने देगा..
और फिर वो पानी पीकर सो गयी..
उधर करीम का हल भी कोई ज्यादा अच्छा नहीं था. वो तो वैसे भी प्रिय के बारे मई इतना गन्दा गन्दा सोच चूका था .. उसको चूमने और मम्मी दबाने के बाद .. उसका लोढ़ा पहले से hi कण्ट्रोल मैं नहीं था.. ऊपर से उसने जब से उसके कहने पर करीम का चूमा तो करीम को लगा ये साली मुजसे जल्दी hi चुद जाएगी .. ये बात सोच के उसका लोढ़ा कण्ट्रोल के बहार हो गया था.. उसका मन तो कर रहा था अभी hi प्रिय के घर जा के उससे छोड़ दो.. पर यह तो वो कभी भी कर सकता tha..Usse तो इस पारी को अपने लोडे का घुलम बनाना tha...Essi घुलम जो उसकी हर इच्छा को हुकम समझे... जिसके लिए उसकी हर फरमाइश पूरा करना अपना धर्म हो.. करीम बैठे बैठे लुंगी पे hi अपने लोडे को सेहला रहा था और प्रिय के सेक्सी जिस्म को याद कर रहा था ..
करीम का अब खुद पर काबू नहीं था.. उसका लोढ़ा एक डैम टाइट हो चूका था... वो लुंगी के ऊपर से hi अपने लोडे को मसलते मसलते अपने आगे के प्लान के बारेमे सोचने लगता thai..Par करीम एक्ससिटेमेंट मई भी अपने होश नहीं खोता था... प्रिय जैसे कमसिन कलिओ को छोड़ पाने की सोच इतनी एक्ससिटिंग थी की वो कुछ और सोच नहीं पा रहा था, वो भी तब जब उसने प्रिय की खूबसूरती को आपने बहो मई लेके महसूस किया था .. ... पर इन सब के साथ साथ वो ये भी जनता था के ये साब तब hi मुमकिन है जब प्रिय उसकी रंडी बन जाएगी... अगर एक बार प्रिय उसकी हो गई तो मज़ा आ जायेगा .. ऐसा वो सोचता है ..
सवेरे 7 बजे जब अलार्म बजा तब प्रिय की आँखे खुली.. उस का उठने का मन तो नहीं था पर उठना पड़ा.. उठते hi उसको आपने पंतय मई कुछ अजीब सा फील हुआ .. तब उसे रात का पूरा सपना याद आ गया. उसके बदन से एक तेज़ झुरझुरी सी पास हो gai..karim ने उसके साथ ये सब कुछ किया ये सोच के उससे अपनी छूट में एक गुदगुदी सी महसूस हुई..
सुबह उतने के बाद से प्रिय को बहुत सिरदर्द हो रहा था .. उसे कुछ समाज मई नहीं आ रहा था .. सिरदर्द का टेबलेट खाने के बाद मई भी उसका दर्द काम नहीं हो रहा था .. उसे कुछ समाज मई नहीं आ रहा था.. करीम ने उसके दीमक की बत्ती गुल कर रखे थे..
वो सोचने लगती है.. कहा से इस कमीने पूजा ने पूर्वी भाभी के लिए टेलर के लिए पूछा और मैंने इस हरामी बूढ़े का नाम उसको बता दिया.. अगर पूजा ने मुझे ये नहीं पूछा होता और मैंने न बोलै होता तो आगे का ये सबकुछ न हुआ होता (.. और शयद स्टोरी भी नहीं बन पति )अब ये साला मुझे ठीक तरीके से सोने भी नहीं दे रहा है ..
फिर वो सोचने लगी .. मई किश से इस के बारे मई बात करू .. मेरे सबसे अच्छी जमती है पूजा और काजल भाभी से.. उसमे से एक को इस कमीने ने अपनी रांड बना के रखा है .. और दूसरे को क्या बना रखा है मुझे hi पता नहीं.. फिर वो कुछ सोचती है .. सोचने के बाद वो फैसला करती है की मई करीम को मिलूंगी.. शायद उसे किस चीज़ का तो लालच देने पड़ेगे.. मुझे पता है वो जल्द नहीं मानाने वाला पर मुझे तरय तो करना पड़ेगा hi …
प्रिय के लिए भी ये आसान नहीं tha...Ek गैर मर्द, वो भी इतना गन्दा ..जब वो कल उसके बूब्स दबा रहा था तो एक अजीब दर और एक्ससिटेमेंट का मिक्सचर वाली फीलिंग हुई थी उसे तब ... उसे ये फीलिंग थोड़ी बहोत पसंद तो आयी थी.. पर वो घबरा भी गयी thi..Uski शर्म उसको रोक रही थी... उसका दिमाग काम करना बांध कर चूका था.. वो तय नहीं कर प् रही थी की वो क्या करे...
प्रिय को ये एक्ससिटिंग लग रहा था पर वो यह नहीं सोच रही थी की उसके ऐसे करने से वो करीम का काम आसान और खुद का काम मुश्किल बना रही थी...
उसका मैं तो नहीं हो रहा था की करीम को कॉल करे पर दूसरा कोई ऑप्शन उसके पास नहीं था .. कुछ देर सोच कर वो करीम को कॉल करने लगती है.. उधर करीम प्रिय के बारे मई hi सोच रहा तह .. तभी प्रिय का कॉल देखते hi कुश हो जाता है .. कॉल उठाते hi वो बोलता है
ारे रंडी .. तू .. सुबह सुबह .. मुझे याद किया … छूट मई बहुत खुजली हो रही है क्या ..
एकदम से करीम से कही गई इस बात से प्रिय क्या रिएक्शन दे ये सोच नहीं पति.. प्रिय एक डैम से खुद को ज़लील होता हुवा महसूस कर रही थी... वैसे सोचा तो उसने ये भी नहीं था के कोई उसे रंडी बुलाएगा.. वो भी इतना गन्दा इंसान.. और अभी तो बहोत कुछ होना था जो उसने कभी सपने मई भी नहीं सोचा था.. अब वो रंडी शब्द पे कोई ऑब्जेक्शन नहीं ले सकती थी .. उसे पता था करीम ऐसा hi है .. ..
मुझे तुमसे मिलाना है .. कहा मिलोगे.. शादी का कार्ड देना है..
प्रिय के ऐसे कहते hi करीम बहुत कुश हो जाता है ..
कब मिलाना चाहती हो ..
आज .. दोपहर मई ..
आ जाओ मेरे घर मई
दूसरी किसी जगह पाई मिल नहीं सकते क्या
नहीं रांड ..
ठीक है .. मई आ जाउंगी .. पर ये बात किसी को मत बताना ..पूजा को भी
क्यों
आने के बाद बता दूंगी..
ठीक है .. आ जाना
प्रिय ने आज एक बैकलेस - स्लीवलेस क्रीम ब्लाउज पहना था.

ऊपर क्रीम कलर की साड़ी पहनी थी. .. बल खुले हुए थे… काळा काळा बाल उसके गांड तक लम्बे थे.. गले में एक सोने की चैन , हाथ में सोने की चुडिया और पेअर में पायल. .. होठो पे लाल लिपस्टिक. ..और एकदम हल्का सा makeup.Priya आज इस ड्रेस मई एक डैम बाला सी खूबसूरत लग रही थी. देखते hi लोडे का पानी निकल jaye…uski 34-26-36 के साइज को इस सरे मई देखकर करीम पागल होने वाला था आज..
प्रिय काजल के साथ शॉपिंग मॉल मई आ जाती है .. शॉपिंग के बहाने .. वो काजल को कहती है .. बहभी .. मई 15 मिनट मई आती हु .. एक फ्रेंड का घर है यहाँ नज़दीक .. उसको शादी का कार्ड देके ..
हाँ .. ठीक है जल्दी आना..
फिर वो करीम के घर अपनी कार लेके जाने लगती hai..Uske दिमाग मई अब भी करीम चल रहा था.. उसकी एक एक बात उसे याद आ रही थी.. करीम ने जब पहली मुलाकात मई उसे मॉडल कहा था वो याद करके वो थोड़ा शर्मा गई... शर्म के साथ साथ एक गुरुर का एहसास भी उसे होने laga..Uska दिमाग न चाहते हुए भी ये सोच रहा था …
क्या मई सुच मच इतनी ख़ूबसूरत हु???
अब करीम का घर आ गया था ... टॉँग गालिओ क बिच मई से एक पुराने और छोटे मकानो की लाइन थी... जो थे तो पक्के, पर झोपड़ियों से ज्यादा नहीं थे..!
दरवाज़ा खोते hi करीम की नजर प्रिय पर पड़ी.. और वो उससे देखता hi रह गया..

करीम की नजर जैसे hi प्रिय पे पड़ी, उसके लोडे मई हलचल होने लगी. एक तो वैसे hi प्रिय इतनी सेक्सी थी और स्लीवलेस ब्लाउज और सदी मई वो और भी सेक्सी दिख रहे थे. और ऊपर से जब उसने सोचा की कुछ hi दिनों मई वो इस ख़ूबसूरत बाला को छोड़नेवाला है तो उसका लोढ़ा टाइट हो क दर्द करने laga.use देख कर मैं मई कहने लगा ..
बनछोड़.. क्या मस्त लग रही है... और इस्सके पसीना... है .. साली .. लगता है आज मेरा कतल कर के रहेंगे..
फिर भी उस्सने अपने आप को संभाला .. संभालते हुई आपने आप को समजने लगा ..
अभी मुझे अपने आप को कण्ट्रोल करना होगा, वर्ण शायद इस्को कण्ट्रोल करने का मौका hi न मिले..
करीम की नजर प्रिय के हलके से दिख रहे क्लीवेज के बिच बेहराहे पसीने की धार पर जाता है.. और वही रुक जाती है.. ये देखकर करीम क लोडे मई हरकत होने लगती है...

प्रिय को देख के करीम मैं मई सोचने लगा .. साली साड़ी मई क्या दिख रही है...! ऐसा लग रहा है इसकी लचकती कमर और गांड, टाइट साड़ी मई मुझे हर डैम बुला रही है और कह रही है आओ मुझे chodo...aur इसकी ब्लाउज मई से दिखती नंगी पीठ मुझे बुला रही है और कह रही है की आओ चूमो मुझे...
करीम ने शर्ट, अंडर एक जालीदार बनियान और निचे एक चेक्स वाली ब्लू लुंगी पहन राखी थी.. ये उसका रेगुलर कस्टम था..
साड़ी मई ढके हुए उसके आम साँस लेने की वजह से ऊपर निचे हो रहे थे... करीम की नजर भी अभी प्रिय क आम पर hi थी.. उसके गोल गोल आम को ब्लाउज मई देख कर भी करीम क लोडे मई गुदगुदी हो रही थी.. पता नहीं जब कभी वो नंगी प्रिय को देखेगा तब क्या होगा...
प्रिय कुछ देर तक लम्बी लम्बी सांसे लेती हुयी दूसरे तरफ नज़र करकर hi देखती रहती है..
आज तू एक डैम मस्त लग रही hai...Aur इस साड़ी मई तू और भी मस्त लग रही है..!
उसे पता था करीम कुछ गन्दा बोलेगा पर उसे यकीं नहीं था की करीम ऐसा कुछ बोलेगा ..प्रिय को करीम की ये फ्लिर्टिंग थोड़ी अच्छी लग रही थी.. वैसे भी नोर्मल्ली हर लड़की तारीफ की भूखी होती है.. और अपनी तारीफ को इग्नोर नहीं कर sakti..Waise भी प्रिय को ऐसी ओपन फ्लिर्टिंग ज्यादा सुनने को नहीं मिलती थी.. और अपने बॉयफ्रेंड से तो बिलकुल नहीं.. उनके बीच मई ज्यादा कोई रोमांटिक टॉक अभी होती hi नहीं थी... पहले होती थी.... उसके लिए भी ये साडी चीजे महज एक फ़िल्मी चीज hi थी.. कोई उसके लिए ऐसा उसके सामने बोलेगा ये उसने कभी सोचा नहीं tha..Esi बातो से उससे भी नए रोमांच का अनुभव हो रहा था…
करीम फिर एक नजर प्रिय क बदन पर डालता है... प्रिय का पसीना अब रूम मई जो फैन की हवा थी उससे सुख चूका था..
पानी चाहिए क्या तुजे ..
प्रिय हां कहती है
मुझे भी चाहिए ..
करीम ने ऐसे कहते hi प्रिय उसे आचार्य से देखने लगी ..

फिर करीम अपनी हसी चहरे पर लेट हुई कहता है ..
उस मटके मई पानी है .. वह गिलास है .. तू उस से पानी ले ले .. और मुझे भी दे दे..
प्रिय बात को ज्यादा बिगड़ना नहीं चाहती थी इस लिए वो करीम की बात मान लेते है ..
इसी अजीब सी खुसी और एक्ससिटेमेंट और नर्वस्नेस की मिक्स फीलिंग क साथ प्रिय पानी निकल कर करीम को देती है.. प्रिय के हाथ से पानी लेते वक़्त करीम जानभूझ कर अपना हाथ प्रिय के हाथ को लगता है.. पर उसे पता था करीम ऐसा hi है और इस चीज को इग्नोर कर देती है.. और करीम क सामने क बीएड पे बेथ जाती है ..
और सोचने लगती है की बात को आगे कैसे बढ़ाये.. शुरुआत कैसे करे??
जब करीम को प्रिय ने बताया था की वो उसको मिलाने आये है .. तब करीम ने आपने घर के सरे लोंगो को बहार भेज दिया था .. घर मई वो अकेला hi था ..
जब प्रिय मटके से पानी निकलते वक़्त थोड़ी झुकती है और उसकी गांड थोड़ी बहार निकलती है.. करीम चेयर पाई बैठ कर यही देख रहा था.. वो अपने लुंड को लुंगी के ऊपर से मसलने लगता है.. पानी निकलने के बाद प्रिय करीम की तरफ मुड़ती है उसे पानी देने के लिए... पर करीम को अपने लुंड को मसलते देख एक डैम से आपने जगह पाई रुख जाती है .... वो सोचती है .. कमीना साला .. मेरे अस्स को देख कर ऐसे गंदे हरकते कर रहा है..
वो दोबारा करीम को देखती है और उस को मुस्कुराता हुआ पति है... करीम ने अपना लुंड मसलना तभी बंद कर दिया था जब प्रिय पीछे मुद कर सीधी हुई थी..
पानी देते वक़्त करीम प्रिय के सॉफ्ट हाथो का टच पा कर खुद को कैसे कण्ट्रोल कर रहा था ये सिर्फ वही जनता था... उसका मन तो कर रहा था के प्रिय को यही नंगा कर के छोड़ दे.. पर उसने खुद को रोका... उसका मकसद रपे करके घडी दो घडी का मजा लेना नहीं था.. वो तो वो कभी बे उठा सकता था.. पर वो तो इस बाला को अपना गुलाम बनाना छह रहा था... ऐसा गुलाम जो उसके लुंड के अलावा कुछ न सोचे.. जो उसके कहने पर कुछ भी करे... उसका हुकम hi जिसके लिए सुब कुछ हो..
पानी देने के बाद प्रिय करीम के सामने जो एक छोटा सा बीएड था उसपर जेक बैठ जाती है ..
अरे इतनी दूर क्यों बैठी है मेरी रंडी. आजा मेरे पास एके बेथ
उसने घर से आते वक़्त hi सोच लिया था की वो करीम की लैंग्वेज को इग्नोर करेंगे .. उसका इशू नहीं बनायेगे .. करीम की ऐसी लैंग्वेज सुन क प्रिय थोड़ी ुनस्य फील जरूर करती है.. पर पता नहीं क्यों उससे ये लैंग्वेज थोड़ी पसंद भी आ रही थी.. और वैसे भी पसंद अगर उसे न भी आती तो वो क्या करनेवाली थी..
नहीं करीम मई यही ठीक हु...
किन साली.. मरे पास बैठने से दर रही है क्या ..
वैसे बात नहीं है .. करीम
फिर वो बोलने लगी ..
करीम मई तुम मेरे शादी का कार्ड देने आये हु ..
ऐसा कह के करीम के पास जाती है .. और उसे कार्ड देने लगती है .. कार्ड देने के लिए करीम जिस चेयर पाई बैठा था वह उसे थोड़ा जुकना पड़ा था ..
इस लिए उसके ब्लाउज से थोड़े क्लीवेज करीम को दिख जाते है .. करीम वो देख के कुश हो जाता है .. जब प्रिय ने देखा की करि कहा देख रहा है तब वो सीधा खड़े होक आपने जगह पाई बैठ जाती है..
घूमके आपने जगह पर बैठते वक़्त करीम पीछे से प्रिय को जाते हुए देख रहा था..
चलते वक़्त उसकी लचकती हुई गांड देख कर करीम एक पल के लिए मदहोश होने लगा.. उसका लुंड फड़फड़ाने लगा.. ऊपर से प्रिय का क्रीम कलर स्लीवलेस और बैकलेस ब्लाउज, जिसमे एक 2 इंच की पट्टी hi थी जो उसकी पीठ पर थी.. एक कन्धा जो साडी का पल्लू लिया हुआ था उस पर से निचे कुछ काम दिख रहा था क्यों की पल्लू बिच मई आ रहा था.. पर दूसरी साइड का पूरा व्यू कमर तक नंगा था सिवाय एक पतली सी ब्लाउज की पट्टी के और प्रिय के लम्बे बालो के अलावा... करीम प्रिय की गांड को देखता रहता है.. और सोचता है ..
हाय sali..Iss गांड मई अपना मुसल तो घुसना hi है... बस मौका मिलने दे. सुहागरात तक का मई कैसे इंतजार करूँगा Janeman?...kab तेरी छूट का पानी चखने को मिलेगा? कब मेरे लोडे को तेरे मोह की गर्मी नसीब होगी.? कब मेरे लोडे को तेरी छूट की दीवारों को छोड़ा करनेका मौका मिलेगा? ? और कब बनेगी तू मेरी रांड .??.
अब करीम ख़ुशी से शादी का कार्ड देखने लगता है .. वो मैं मई कहता है .. साली ने कार्ड तो बहुत महँगा बनाया है.. तो शादी भी बहुत बढ़िया होगी .. और हनीमून उसे भी बढ़िया .. साली के साथ सुहागरात मानाने मई बहुत मज़ा आ जायेगा ..
और फिर वो प्रिय की तरफ देखते हुई कहता है..
थैंक्स .. प्रिय .. तूने मुझे आपने शादी मई बुलाया .. और पर्सनली मेरे घर आये मुझे ये कार्ड देने के लिए .. मई तेरे शादी मई जरूर आऊंगा ..
करीम को देख कर प्रिय एक बार मुस्कुराती है..
वेलकम करीम..
प्रिय करीम का ये बदला हुआ रूप देख के कुश हो जाती .. उसे लग रहा था अब गन्दी बात करीम नहीं करेगा ..
वैसे रांड.. तू नहीं बुलाती तभी भी मई तेरे शादी मई आ hi जाता ..
पर करीम तो करीम है .. वो आपने आदत कैसे छोड़ेगा ..
करीम के ऐसे कहते hi वो उसे अजीब से नज़रो से देखने लगी ..

ऐसे मत देख मुझे.. मैंने पहले hi बोलै है न तुजे मई तेरे साथ सुहागरात मानाने वाला हु.. तो उसके लिए मुझे तेरे शादी मई आना hi पड़ता hi न ..
करीम के ऐसे कहते hi वो डरने लगी ..
देखो करीम .. मई सिर्फ तुम कार्ड hi देने नहीं आये हु ..
तो क्या छूट देने आये है ..
मेरे बात तो सुनो
हाँ .. बता रांड ..
मई तुमसे फ्रेंडशिप करना चाहती हु .
प्रिय के इस बात से करीम बहुत कुश हो जाता है
वो तो बहुत अच्छी बात है ..
ठीक है तू फ्रेंडशिप कर .. पर फ्रेंडशिप के चक्कर मई मई तुम्हारे छूट छोड़ने वाला नहीं हु .. समजे रांड ..
प्रिय आज तक किसी से दबी नहीं thi...Kisi ने आज तक करीम की तरह ऑथोरेटिवे टोन मई प्रिय से बात नहीं की थी.. उसे आज तक जो भी मिला प्यार करने वाला मिला.. पर करीम के अग्रेसिव बेहेवियर मई कुछ बात थी..
देख रांड .. तुजे मई आसानी से छोड़ने वाला नहीं हु..
प्रिय की दर के मरे हालत ख़राब हो रही थी. वो सोचने लगी .. क्या करू ? कही ये फिर से मुझे न पकड़ ले. हे भगवान् क्या करू अब ? उस वक़्त तो जैसे प्रिय के दिमाग ने काम करना बिलकुल बंद hi कर दिया था.
उसने डर्टी हुई आवाज में कहा…
देखो .. करीम .. मई तुम्हारे साथ एक सोडा करना चाहती हु ..
रांड .. तू .. और मेरे साथ सोडा ..
प्रिय ने करीम की मुस्कान, उसकी बात में खुद को इज़्ज़त न देना जैसी बातो पर जरूर गौर किया. पर उसे ये पता था की करीम ऐसा hi है ..पर ये शायद एक बड़ी गलती होने वाली थी.
हाँ
बोल .. क्या कहना चाहती है ..
मई आपने मंगेतर से बहुत प्यार करती हु .. मैंने अपनी जवानी राजीव क लिए hi राखी है .. आपने बदन को किसी के हवाले मैंने अब तक नहीं किया है .. मेरे विर्जिनिटी सिर्फ राजीव उतरेगा .. ऐसा मैंने तै किया है ..
तो मई क्या कहु..
मई तुमसे फ्रेंडशिप के लिए तैयार हु .. पर तुम ये भूल जाना पड़ेगा की तुम मुजसे सुहागरात मनाओगे..
कभी नहीं …
प्ल्ज़ मान जाओ करीम
तेरे सोडा यही है क्या ..
नहीं
तो जल्दी बोल न क्या सोडा है .. बात को क्यों घुमा रही है ..
वो निचे गर्दन कर के शरमाते हुई कहने लगी
मई तुम किश देने के लिए रेडी हु .. और ..
और क्या ..
डरते हुई .. कहती है..
और शादी के बाद.. याने राजीव के बाद हनीमून होने के बाद मई आपने शरीर तुम सपने को तैयार हु ..
करीम मन में कहता है साली आज तू सिर्फ किश दे पर थोड़े दिन के बाद तू मुझसे आपने छूट मरवाने के लिए गिड़गिड़ायेगी... तुझे मेरी हर बात मानाने होगी ... अपनी पर्सनल रैंड बनाऊंगा मई तुझे... बस तू देखती जा
अपनी सुहागरात बचने के लिए , अपनी विर्जिनिटी बचने के लिए और अपनी नथनी सिर्फ आपने राजीव के हाथ से उतरने के लिए उसे आज सब मंजूर tha...Par उसका सामना करीम से था .. शयद वो ये बात भूल गयी थी.. वो करीम को जितना कमीना समजती थी उसे कई गुणा ज्यादा करीम कमीना था..
तू क्या मुझे पागल समजते है क्या
मतलब
मतलब तेरे हनीमून तक मई शांत राहु .. तू उस राजीव के साथ सुहागरात मनाएंगे .. और बाद मई मेरे गांड पाई लात मरेंगे
नहीं करीम ऐसा नहीं करुँगी ..
पक्का करेंगे.. और किश का क्या वो तो मैंने पहले hi तुजे कल किया था न
वो तो तुमने जबरदस्ती किया था .. अब मई अपनी मर्ज़ी से दे रही हु ..
प्रिय को पहले लगा जब वो करीम को कहेगे की वो उसे किश देने को रेडी है तब उसे लगा था की करीम मान जायेगा .. पर उसके बार बार कहने पर भी जब करीम मान नहीं रहा था तब प्रिय अब थोड़ी फ्रुस्ताते भी हो रही थी... इतना तो आज तक उसने किसी को नहीं मनाया था. .. उसने फिर एक कोशिश की..
Ok ठीक है.. तो तुम hi बताओ के मई क्या करू जिससे तुम्हे यकीन हो जायगा के मई तुम आपने बदन हनीमून के बाद सौंप दूंगी..? तुम्हे किस बात का भरोसा चाहिए ?"
देख.. अगर तू सच मई रेडी है तेरे होनेमून के बाद तेरे छूट मुझे देने को तो मेरी 2 शर्त है... अगर तू मानेगी तो hi मुझे यकीन होगा की तू जो कह रही है सुच है... और एक गारंटी भी मिल जाएगी मुझे की तू अपनी बात से मुकर नहीं जायेगे
गारंटी??
है गारंटी.. मैं नहीं चाहता के तू आपने बात से पलट जय .. और तू जानते है की मई कितना कमीना हु.. अगर तू अपनी बात से मुकर गयी न रांड .. फिर तू भी जानती है मई तेरा ककया हशर होगा .. पर ये सब मई नहीं करना चाहता .. इसलिए मुझे गुरंटी चाहिए ..
गुरंटी ?? वो तो दे रही हु न .. किश दे रही हु न..
किश देकर तू मुज पर मेहरबानी नहीं कर रही है
क्या शर्त है तुम्हारी
प्रिय भी अब उत्सुक थी की करीम क्या शर्त रखेगा
"पहले बोल की तुझे मेरी शर्त मंजूर है"
"पहले शर्त तो बताओ.."
"नहीं.. पहले शर्त को मन फिर hi बताऊंगा.. अगर तू सच मई मेरे सात डील करना चाहती है तो मन मत कर.. मेरे शर्त को ...
प्रिय थोड़ी कंफ्यूज थी... क्या करे? शर्त मने या नहीं? पर फिर उसने अपने आपको मनाया के शर्त hi तो है...!!
शर्त मानना … न मानना .. शर्त पाई देपेंद करता है ..
ठीक है तेरे बात मंजूर है .. फिर सुन मेरे शर्त…
ठीक है बताओ
नहीं ऐसे नहीं.. अपने होने वाले पति की कसम खा.. के तू मेरी दोनों शर्त मानेगी और पीछे नहीं हटेगी
करीम प्रिय का स्वाभाव अचे से जनता था .. उसी स्वाभाव का करीम बखूबी से फायदा उठा रहा था...
प्रिय थोड़ी शॉक हुई और कंफ्यूज भी.. फिर उसने सोचा .. जब उसने इतना रिस्क लेनेका सोच hi लिया है तो ये थोड़ा और सही.. ये सोच कर प्रिय बोली
ठीक है अपने होने वाले पति की kasam...Ab तो बताओ
करीम थोड़ा रुकता है और " तुझे बुरा तो नहीं लगेगा न?"
करीम एक निहायती कमीना इंसान था. वो जवान लड़कीओ का बहोत शौखीन था, खास कर के शादीशुदा औरतो का… तो घर मई आये ऐसे बाला की खूबसूरत जवान ुनचुइ लड़की को कैसे chorega…priya करीम के शर्त के लिए खुद को तैयार कर रही थी.. उसे पता था करीम बहुत कमीना इंसान है .. वो कोई गन्दी hi शरत रखेगा .. जिससे मई आसानी से पूरी न कर पाव या मेरा मैं वो शर्त पुरे करने से डरेगा .. जिस वजह से वो मुज पर यकीं नहीं करेगा… थोड़ी झिजक के साथ प्रिय ने यही सोचा ... पर वो करीम को यकीन दिलाना छह रही थी की वो उसको धोका नहीं देगी .. ... साथ hi पता नहीं किन वो करीम को मायूस भी नहीं करना छह रही थी...
इधर करीम भी समाज रहा था की बर्फ टूटनी शुरू हो गई है.. अब अगर सही वार किये तो बर्फ चुरा हो hi जायगी..
ठीक है ..? मई बुरा नहीं मानूंगी .. अब बताओ तुम क्या कह रहे थे? क्या है तुम्हारे शर्त?"
देख रांड .. मई अपनी शर्त बता दूंगा .. पहले ये बता .. देख तू बुरा तो नहीं मानेगी न?
नहीं manungi...bola न बाबा.. बताओ न.. अब ..
देख बुरा मत मानना... पर मेरी शर्त है की.. मई चाहता हु के अगर मई तुज पर यकीं दिखाऊ .. तेरे बात पर भरोसा करू .. तो बदले मई तुजे मेरा लुंड चूसना होगा ..
ये क्या बकवास है.. ये मई नहीं कर सकते..
प्रिय ये शर्त सुन कर एक डैम से डुंग रह गयी... और प्रिय क मुँह से शॉक क मरे ये निकल गया... ये एक सुद्दीन रिएक्शन था.. प्रिय अपने अप्प को कण्ट्रोल नहीं कर पायी..
क्यों मंजूर नहीं है क्या..?
प्रिय समझ नहीं पा थी की वो क्या रिएक्शन de...Uska दिल जोरो से धड़क रहा tha..Wo थोड़ी शॉक मई थी... इस वजह से वो करीम क चेहरे का रिएक्शन नहीं देख पायी... और फिर इतना hi बोली..
देखो करीम ये मई नहीं कर सकती...
वाह्ह तो तूने अभी से हार मन ली न...? मुझे पता था ..!
उसने अपना गुस्सा कण्ट्रोल किया और करीम को समझने की कोशिश करते हुए कहा
प्लीज करीम ... तुम मुझे किश करो वह तक ठीक है.. पर ये .. नहीं नहीं.. मेरी इज्जत की …
हाँ .. हाँ .. पता है..
करीम ने प्रिय की बात काटते हुई कहा ..
प्रिय को पता था की करीम को समझाना बहोत मुश्किल है, क्यों की जब करीम पर हवस हावी होती है तो वो बहोत वेह्शी हो जाता है... कुछ भी कर सकता है और किसी की नहीं सुनता.. फिर भी एक कोशिश के तौर पर उसने करीम से कहा..
नहीं करीम .. मुझे माफ़ कर दो.. मुझसे नहीं होगा…
करीम ने मोके को भाप कर बोलै
सब समझ ता हु.. रहने de...Aur अपने होने वाले पति की कसम भी खायी थी न.. तूने !! फिर भी मेरी शर्त को मान न पायी न..
नहीं ऐसी कोई बात नहीं है
प्रिय थोड़ी घबरा गई.. उससे लगा शायद वो सिचुएशन को हैंडल नहीं कर प् रही है.
अब मई तुझपे कैसे भरोसा करू क तू तेरे बात से मुकर नहीं जायेगे ?
करीम ने ऐसा दिखाया जैसे वो कुछ ज्यादा गुस्सा है..
नहीं तुम गलत समाज रहे हो
है है.. में सब समझता हु.. दोस्त कहती है ? साली कामिनी कही की.. रैंड साली..
करीम प्रिय के दिमाग से खेल रहा था. ताकि वो उसे आगे से रोके नहीं पाए. एक पड़ी लिखी होने के बावजूद प्रिय करीम के इस खेल को पहचान न saki.karim के मुँह से खुद के लिए कामिनी और रैंड सुन के उससे कुछ अजीब फीलिंग हो रही थी... वो पता नहीं क्यों पर थोड़ा अडवेंचरउस फील कर रही थी जैसे उसने कुछ डेरिंग वाला काम किया ho...Par उसने अपने दिमाग में आयी इस फीलिंग को एक साइड मई हटा दिया...
नहीं करीम तुम मुझे गलत समाज रहे हो.
क्या गलत समाज रहा हु .. अपनी बात से अभी के अभी तूने पालते मरे .. और मई तुझपर भरोसा क्यों करू.. इतने दिनों बाद तू आपने शबद पर कैसे कायम रहेंगे..
प्रिय अब सोच रही थी की बात हाथ से बहार जा रही है... अभी दो मं पहले तो दोस्ती की बाटे हो रही थी और अभी ये बाते..
मुझे माफ़ कार्डो.... लेकिन मई ये नहीं कर सकती..
अच्छा अभी मेरा लुंड मू मई तुजे लेने को तकलीफ हो रही है तो शादी के बाद कैसे मेरा कला मुसल लुंड आपने छूट मई लगे..
प्रिय शॉक हो गई.
वो निचे गार्डन कर के कहती है ..
वो मई तब कर लुंगी ..
झूठी… तू कुछ नहीं करेंगे.. तू सिर्फ तिमेपास करेंगे.. और तेरे सुहागरात होने तक मुझे ऐसे hi घुमएगे.. एक दो किश देकर..
प्रिय सोच रही थी .. मई जितना इससे कमीना समाज रही टी उसे ज्यादा चालू निकला ये तो..... वो इस सिचुएशन को अब कण्ट्रोल भी नहीं कर पा रही थी. उसे एक अज्जेब सा दार लग रहा था.. प्रिय कुछ भी समझ नहीं पा रही थी. प्रिय एक अज्जेब सी मुश्किल में thi..Wo तय नहीं कर प् रही थी की क्या उसे करीम के साथ आगे बढ़ना चाहिए या नहीं? क्या करीम की शरत मानना ठीक रहेगा?
करीम प्रिय को अपनी और खींच रहा था.. प्रिय करीम को सेक्स के िर्रादे से नहीं, पर हआ! सोच जरूर रही थी उसके बारे मई . उसे ये पता नहीं चल पा रहा था की वो क्या करे अब ..
प्रिय ने मन में सोचा के अब चाहे कुछ भी हो जय.. कुछ भी सहना पड़े.. कुछ बी सुन्ना पड़े बोलना पड़े... मई पीछे नहीं हटूंगी... अगर करीम का मुझे मू मई लेना पड़े तो मई ले लुंगी .. नहीं तो ये मेरे शादी को स्पोइल करेगा .. मई जैसा राजीव के साथ सुहागरात मानना चाहती हु वैसे ये मानाने नहीं देगा.. ..पर मई अब अपनी सुहागरात बचके रहूंगी ..
और ये सोचते हुई प्रिय है केर बोली
ठीक है .. जैसे तुम चाहो..
ये सुन के hi करीम के लोडे मई हलचल बढ़ गई.. वो समझ गया के वो सही रस्ते पर जा रहा है.. अगर सही से उसने बात आगे बधाई तो ये वो सब कुछ करेगी जो एक सस्ती रंडी भी करने से मन करती है... इतनी ख़ूबसूरत लड़की के साथ वो क्या क्या करेगा ये सोच कर उसका लुंड अब दर्द करने लगा था...
वह मेरी रैंड... तो सुच मई मेरी दोस्त है..!
सो तो मई हु
प्रिय ने थोड़ा कॉन्फिडेंस दिखते हुए कहा
करीम ने सोचा .. यही सही मौका है.. अब मुझे खुल के इससे बाते करनी पड़ेगे ..
चल अब बता तू मेरा लौड़ा कैसे चूसेगी?
क्या??
प्रिय शॉक हो गई.. उसे कुछ समझ में नहीं आया
करीम ने मान मई सोचा .. साली एक बार लुंड चूस मेरा .. हे हे.. फिर कल से तू मेरी होगी.. तेरी छूट, गांड, मुँह.. तेरा ये पूरा मखमली बदन मेरा होगा... और उसके बाद तो तू खुद चल कर मेरे पास ayegi..Bus एक बार मेरा लोढ़ा आपने मू मई ले तो ...जानेमन
बता न रांड ..
प्रिय ने भी अब तक नहीं सोचा था तो वो करीम को क्या बताएगी.. ??
ठिका है .. जाने दे .. अब हो जा शुरू..
क्या .. हो जा शुरू..
मेरा लुंड चूसना
अभी .. और यहाँ ..
प्रिय ने बनावटी गुस्से से कहा
क्यों आपने यार के घर उसका कला मोटा लुंड चूसना अच्छा नहीं लगेगा क्या तुजे
नहीं ऐसी कोई बात नहीं है
तो बात क्या है ..
नहीं.. आज नहीं.. बहभी वह मॉल मई मेरा वेट कर रही है ..
देख साली... नखरे मात कर.. आज मेरा बहोत मान है.. मुझे किसी भी हालत मई तेरे साथ ये करना है.. तेरे मुलायम मू मई मेरा सख्त लुंड डालना है.. और इस तेरे मुलायम हूंतो से मेरे लुंड को चुसवाना है..
प्रिय ाभ ख़ामोशी से बहार की ओरे देख रही thi......aur बीच बीच मई थोड़े थोड़े डियर के लिए वो एक नज़र करीम की ओरे देख लेती थी ......
प्रिय एक नज़र करीम की ओरे डेक्टि हैं फिर वो अपने खुले बालों को बाँड्ने लगती हैं........
ये देखकर करीम बोल पड़ता हैं.....
रहने दे न रांड ........ तेरे बल खुले होते हैं तो तू और भी सेक्सी लगती हैं.....
प्रिय को लगा अब यहाँ से जाना hi बेहतर होगा .. नहीं तो ये हरामी मुझसे ऐसे hi गन्दी भाषा मई बाते करेगा ..इसलिए वो वह से जाने से पहले आपने आप को ठीक करके यहाँ से जाना उसने ठीक समजा .. इसलिए प्रिय वह एक टूटा फूटा ड्रेसिंग टेबल था उसके सामने बेथ गयी और अपने साड़ी और बालू को ठीक करने लगी ….और उसके पीछे करीम खड़ा था… हाथ मई आपने हतियार पकड़ के ..
आह जाएं आज तोह गजब ध रही ho….sachi तुम्हारे होंटो पर ये मैरून लिप कलर भोत सेक्सी लगता है….
उसने प्रिय के पीछे आकर उससे अपने बाँहों मई भरते हुए कहा..
आह्ह्ह्हआआ… चोरो मुझे .. मुझे जाना है .. तुम्हारे इरादे मुझे कुछ सही नहीं लग रहे है.. मैंने यहाँ आके गलती की है ..
प्रिय ने अपने दोनों हाथ से करीम ने जो दो हाथ से उसके कमर को पकड़ा था उसको चुराते हुई कहा ..
आज इस मैरून के लिप्स से लुंड चुसवाने का दिल कर रहा है…. रांड…
ड्रेसिंग टेबल पर bethe-bethe करीम के तरफ घूमते है … प्रिय एक क्रीम रंग की ट्रांसपेरेंट साडी पहन कर करीम के सामने सेक्सी अंदाज़ मई बैठे हुई थे..
उसी जगह पाई जहा करीम की बहुत साडी बाज़ारू रंडिया इस से पहले बैठे थी.. .......उसका ब्लौसे डीप कट था और पीठ आधी से ज्यादा नंगी thi.......blowse के अंदर ब्रा की स्ट्रिप्स साफ़ दिखाई दे रही थी....... आम का करीब 25% हिस्सा बहार की ओरे दिख रहा tha....jo किसी भी मर्द का खून गरम करने के लिए काफी tha.....blowse इतनी टाइट की मनो अभी उसके दोनों आम ब्लौसे से बहार निकल padenge.....in कपड़ों में वो आज भी पूरी क़यामत लग रही thi......priya एक नज़र करीम की ओरे देखती हैं और धीरे से मुस्कुराते कहते है …
अच्छा तुम्हारा दिल कर रहा है ….और तुम्हारे दिल की इच्छा पूरी करने के लिए मई क्या तुम्हारी काजल या पूर्वी या पूजा नहीं हु ..
प्रिय ने करीम को चिढ़ाते हुई कहा..
करीम आँखे फाड़े प्रिय को देख रहा tha.......is वक़्त उसकी निगाह प्रिय के आम पर thi......uska हाथ अपने पेण्ट के ऊपर चला जाता हैं और वो अपने लुंड को पेण्ट के ऊपर से मसल देता हैं...... प्रिय करीम को ऐसा करते हुई देख रही थी.. पर कुछ कहती नहीं है..
करीम ने प्रिय के आँखों मई देखते हुए अपने लुंड को पंत से बहार nikala……tube लाइट के रोशनी मई उसके लुंड का लाल सुपड एक दम चमक रहा था… करीम ने जब ऐसा किया तो प्रिय ने उससे गुस्से से देखा..
का.. का.. करीम .. ये तुम क्या कर रहे हो...
और उठाकर वह से जाने लगी … करीम उसके सामने खड़ा था..
करीम यी क्या कर रहे हो तुम मेरे सामने .. हटो peeche…muje जाना है..
प्रिय ने उसके छाती पर हाथ रखते हुए, उसको पीछे के और दखलाते हुए कहा….
आज तू भोत सेक्सी लग रही ho…tere होंठ को देख कर मेरे लुंड का बुरा हाल हो गया hai…..dekho ना कैसे तन कर खड़ा hai….please इससे अपने रसीले होंटो मई लेकर शांत कर दो ना…..
करीम तुम ये सब मेरे साथ क्यों कर रहे ho….akhir तुम छठे क्या हो मुझसे…?
प्रिय ने उसे फिर से गुस्से से देखा जिसका करीम पर कोई असर नहीं हुआ
कुछ भी नहीं baby….thoda से मौज मस्ती और कुछ nahi…please चुसो ना इससे मुँह मई लेकर….
करीम ने नीचे झुक कर उसके हाथ को पकड़ कर अपने मोठे लुंड पर रख daya..aur फिर उसके हाथ को मुठी बनाते हुए, अपने लुंड पर धीरे-2 कसके हिलने लगा….
शी ओह्ह्ह प्रिय मेमसाब … तेरे हाथ भोत नरम hai…..bhot सॉफ्ट hai…..dekh ना मेरा लुंड कैसे खड़ा हो गया है……
प्रिय ने उससे गुस्से से देखा और उसने झटके से अपना हाथ पीछे खींचा और फिर उसे गुस्से से देखा जिसका करीम पर फिर एक बार कोई असर नहीं हुआ
प्लीज करीम मुझे ये सब करना अच्छा नहीं लगता….
पर मुझे तोह अच्छा लगता है naa…please इससे चुसो…
नहीं करीम मुझसे नहीं होगा…..
देख lo….abb ये खड़ा हो चूका hai….ye शांत यह तोह तेरे होंटो के बीच मई जाकर hoga…yaan फिर तेरी छूट मई जाकर ….अब्ब इसको शांत किश तरह करना है वो मई तुज पर चोरता हूँ…
फिर से उसने आपने लौड़े पाई प्रिय का हाथ रख दिया .. और आपने लौड़े को प्रिय के हाथ से दबा दिया …अब उसने अपना हाथ प्रिय के हाथ से हटा लाया….. प्रिय के हाथ मई करीम का तना हुआ मोटा लुंड tha…jise प्रिय अपने हाथ झटके खता हुआ साफ़ महसूस कर पा रही थी…. प्रिय की बेचैनी एक बार फिर से बढ़ गयी thi......uska दिल फिर से ज़ोरों से धड़कने लगा tha......wo बार बार अपने सांसिओन को अपने बस में कर रही thi.......kafi डियर तक वो करीम के बारे में hi सोचती रहती हैं और आखिर कर वो झट से उसके लुंड से आपने हाथ को हटा लेते है ........आज उसे अपने आप पर भी हैरानी हो रही थी .........
फिर वो करीम की तरफ आचार्य से देखते हुई कहती है ..
लेकिन हमारी डील हुई थी .. न.. करीम ..
करीम ने बड़े प्यार से प्रिय के गले में बहन दाल दी और उसके गाल पर हल्का सा किश करते हुए बोलै..
हुई है न डील… मेरे चैनल रांड.. प्रिय मेमसाब.. छूट के बदले तू मुझे तेरा मू देगी … मतलब तुजे अगर अपनी छूट बचानी है मेरे लुंड से .. कुछ दिनों के लिए .. तो ये कला अजगर आपने मू मई लेना होगा..
ऐसा कह के आपने लुंड एक हाथ मई पकड़ कर हिलाकर उसे दिखने लगा.. प्रिय भी बड़े गौर से आँखे फाड़ कर उसके मुसल लुंड से देखने लगी..
फिर करीम उसका एक हाथ प्रिय के कमर मई दाल के उसको आपने बहो मई बेचते हुई कहता है..
थैंक यू .. प्रिय रांड .. तू सच में बहुत hi अच्छी है… तू मेरे सबसे बेस्ट रांड बनेगे..
प्रिय निचे गार्डन कर के कहती है ..
भाभी वह वेट कर रही होंगे..
करने दे न …
इस बार वो अपना एक हाथ झट से प्रिय के एक आम पर ले जाता हैं और बड़े हलके हाथों से उसके आम पर फिरने लगता हैं..... प्रिय के जिस्म में एक सिरहन सी दौड़ पड़ती हैं......
वो मुझे गुस्सा होंगे
मई उस रांड को बुला लू क्या इधर
और धीरे धीरे उसके दोनों आम को अपने हाथों में लेकर उसे मसलना शुरू करता हैं....... अब प्रिय का जिस्म किसी आग के भत्ते की तरह तपने लगता हैं.....
नहीं नहीं
उसने अपने सरे कपड़े उतर phenke….phir अपनी अलमारी खोल कर उसमे से रेड कलर के ब्रा और पेंटी निकल कर फेन lee….aur उसके ऊपर एक सेक्सी ब्लैक कलर के dress….jisme से रेड कलर के ब्रा और पेंटी साफ़ नज़र आ रही thee….phir ड्रेसिंग टेबल के सामने बेथ कर दोबारा से मेकअप किया… मैरून कलर का लिप कलर लगाया….
तभी अचानक से उसके रूम का दूर khula…ayane मई करीम उसे साफ़ दिखाई दी रहा था… उसे अहसास नहीं था की, करीम इतनी जल्दी आ जायेगा…. प्रिय ने हाथ मैं अभी भी वो मैरून कलर के लिपस्टिक पकड़ी हुई थी…. उसने करीम को जैसे ही ायने मई देखा तोह, वो उससे जल्दी से ड्रेसिंग टेबल पर रख दया… वो अंदर ही अंदर झुलस रही thee…..maan के साडी डवधाएं दूर हो चुकी थी… वो वही बैठी उस पल का इन्तजार कर रही थी की, कब करीम अग्गे बढ़ कर उसे अपनी बाहों मई भर ली.
वो मुस्कारते हुआ प्रिय के तरफ बढ़ा…. वो सर झुकाये हुए, अपनी कांखों से उससे ायने मई अपनी तरफ बढ़ता हुआ देख रही thee…wo धीरे-2 प्रिय के पास आ gaya…usne धीरे से प्रिय के दोनों कंधो को पकड़ा, तोह उसका पूरा बदन एक दम से कनाप गया…. वो अपने दोनों हाथों के उंगलयों को आपस मई फंसे हुए, उन्हें मसल रही थी….
फिर करीम ने उसे कंधे से पकड़ कर धीरे-2 ऊपर उठाया, तोह वो खुद ही उठती चली गए…
प्रिय अब्ब कड़ी थी….. उसकी पीठ करीम के तरफ thee….usne प्रिय को अपनी तरफ घुमाया और ड्रेसिंग टेबल के सामने बैठने वाले छोटे से टेबल को पीछे करके, उस पर प्रिय को बैठा दया… प्रिय अपनी तेज चलती सानो पर निरन्तरं पाने के कोशिश कर रही thee….abb वो खुद उठ कर बीएड पर नीचे के तरफ पेअर लटका कर बैठी ….और करीम उसके सामने खड़ा tha…usne प्रिय के और देखते हुए, अपनी कमीज़ को पकड़ा और ऊपर उठाते हुए अपने गले से उतर कर पीछे लगे सोफे पर फ़ेंक daya….phir एक कदम और अग्गे बढ़ कर उसने अपनी कमर के नीचे वाले हिस्से को थोड़ा सा अग्गे के तरफ निकला…
उसके पेण्ट मई बना हुआ उभर प्रिय को चीख -2 कर कह रहा था की, इसमें चिप्पे हुए खजाने को निकल लो और इससे जी भर कर प्यार करो….. प्रिय ने उसकी आँखों मई देखा तोह. वो उसको ऐसा देख रहा था की, जैसे कह रहा हो की, प्रिय अब तुम शुरू हो जाओ ….
न जाने कब प्रिय की साडी शर्म हाय गुस्सा सब कहा खो गया था …. उसे hi पता नहीं चला .. उसके हाथ खुद बा खुद उठे और प्रिय ने उसके पेण्ट के नदी को पकड़ा और धीरे-2 उससे खोलने लगी ….
प्रिय ने एक बार फिर से उसके आँखों मई देखा, तोह उसने सर hilaya….jaise प्रिय को अग्गे बढ़ने के लये हामी भर रहा हो….. प्रिय को नहीं पता था की वो सब ये क्यों किये जा रही थी. पर प्रिय ने अपना एक हाथ उसके नदी के वह से पंत के अंदर डालते हुए, उसके अंडरवियर के अंदर डाला, तोह प्रिय को झटका सा laga….jab प्रिय के हाथ उसके ढकते हुए लुंड पर जा लगे ….तब एक अजीब से सनसनी प्रिय के पूरे बदन मई दौड़ गए. उसका हाथ अपने आप ही करीम के लुंड के गिरथ पर कसता चला gaya…..aur फिर प्रिय ने उसके लुंड को उसके पेण्ट को निचे सरका के ांदेरपंथ से बहार निकल लाया
प्रिय को hi नहीं पता था की क्या वो आज आपने पूरे होशो हवस मई अपने मरज़ी से करीम के लुंड को अपने मुठी मई थामे हुए बैठी थी या नहीं … उसके लुंड का मोटा सुपड लाल होकर देहक रहा tha….ek अजीब से कशिश thee…uske उस लाल मोठे सुपड मई…. प्रिय ने उसके आँखों मई देखा, तोह करीम के होंटो पर तीखी मुस्कान thee….jo उसके विजय होने का प्रमाण दी रही थी…. प्रिय के ऊपर काबू पाने kaa…parmaan तह वो …. प्रिय भी अब उसके कई प्रेमिकयों मई से एक बन चुकी थी ….उसका का प्रमाण था वो ….
करीम ने प्रिय के आँखों मई झांकते हुए उसके गाल पर अपना हाथ रखते हुए, अपने लुंड को उसके होंटो के तरफ बढ़ाया….. प्रिय अभी भी करीम के आँखों मई आंखे डेल उसके तरफ देख रही thee….jaise ही उसके लुंड का मोटा सुपड प्रिय के होंटो से टकराया तोह, उसने अपनी नज़रे नीचे करके उसके लुंड के सुपड को देखा, और फिर धीरे-2 अपने होंटो को खोल कर उसके इरडा गिर्दा लपटाती चली गए….
शहीइइइइइइ priyyyyyyaaaaaaaaaa……..
chinaaaaaaallllllllllllllllllll….
जैसे ही करीम के लुंड का सुपड प्रिय के मुँह मई गया तोह, उसने सिसकते हुए दोनों हाथो से प्रिय के सर को पकड़ laya…abb वो उसके लुंड के सुपड पर अपने होंटो को रगड़ते हुए उससे मुँह मई लेकर अंदर बहार कर रही थी….
प्रिय को उसके लुंड के नशे अपने हाथ मई और फूलती हुई महसूस हो रहे the….par इसके साथ hi प्रिय के मान मई एक अजीब सा दर डेरा जमाये बैठा tha….kahi करीम मुझे जलील करेगा .. सबके सामने .. या फिर … या फिर वो मेरे मुँह मई ही अपना वीर्ये छोड़ना तोह नहीं chatha…kya वो मुझे जान बुज कर तरसता हुआ चोर कर चला jayega…kya करीम ये छठा है, की मई किसी लुंड के भूखी रंडी के तरह उसके मिनटाइन करू…..
पर प्रिय के दिमाग मई जो भी ख्याल आ रहे थी…. करीम के अगले कदम ने उन् सब को खारिज कर daya….usne अपने लुंड को प्रिय के मुँह से बहार निकला और झुक कर प्रिय के होंटो पर अपने होंठ रख daye…..kuch पल तोह प्रिय बहुत बानी rahi….par थोड़ी ही देर मैं उसने भी उससे रिस्पांस देना शुरू कर daya….aur अपने होंटो को ढीला चोर कर खोल दया. उसने प्रिय के नीचे वाले होंटो को चूसते, उसे बीएड से खड़ा काया, और अपनी बाहों को उसके कमर मई कस्ते हुए, उसे अपने से एक दम चिपका लाया….
अब प्रिय के मम्मी उसके चेस्ट मई धंस गए thee….usne प्रिय के कमर को सहलाते हुए, अपने हाथो को नीचे लेजाना शुरू काया… प्रिय का पूरा बदन उसके हाथों के हरकतों के साथ-2 कनाप रहा tha….poore बदन मस्ती भरी सिहरन दौउड़ाती जा रही thee….uske हाथो का दबाव प्रिय के जिस्म पर लगतार बढ़ता जा रहा tha…..phir जैसे ही उसने दोनों हाथों से प्रिय के बड़े-2 गोल चूतड़ों को पकड़ कर दोबच्चे, तोह वो एक दम से सिसकते हुए, उससे लिपट गए…..
प्रिय आज मुझे अपनी छूट मरने दोगी…..
करीम ने प्रिय के चूतड़ों को दोनों तरफ पहला कर मसलते हुए कहा…
प्रिय करीम के मुँह से अपने लाये ऐसे बोर्डिंग सुन कर एक दम शर्मा gaye….use आपने कानो मई से सेंक निकलता हुआ महसूस हो रहा था…. वो उसके बाहो से निकल कर सोफे के तरफ जाकर उसके तरफ पीठ करके कड़ी हो गए… प्रिय को यकीन नहीं हो रहा था की, करीम जैसा गन्दा आदमी उसे साफ़-2 लफजो मई कह रहा है, की वो मेरे छूट मरना छठा है… उसे पता था करीम हरामी है .. पर फिर भी इतने साफ़ साफ़ बोर्डिंग मई कोण कहता है क्या .. फिर उसका दूसरा मैं कहता है .. करीम कहता है.. जो कोई नहीं कहता वो करीम कहता है ..
उसका दिल जोरो से धड़क रहा था …. छूट मई धुनकी से बजानी लगी थी… अब करीम प्रिय के तरफ badha….iss बार उसने प्रिय के कंधो पर हाथ रखा, और उसके ड्रेस के स्ट्रैप्स कंधो से सरकने लगा…
प्रिय ने अपनी आंखे बंद कर ली, उसका दिल इस बात स्वीकार कर चुक्का था की, आज करीम हर कमीत पर उसकी छूट मरेगा ….जैसे ही ड्रेस के स्ट्रैप्स उसके कंधो से सार्क कर नीचे ए, तोह उसने अपने हाथो को अग्गे के तरफ बढ़ा कर उसके बाहों से वो स्ट्रैप्स निकल daye…..phir ड्रेस को पकड़ कर थोड़ा सा नीचे के तरफ झटका दया तोह, उसका ड्रेस खिसक कर प्रिय के मोठे चूतड़ों पर आकर अटक gaye….phir एक और झटका और अगले ही पल प्रिय का ड्रेस उसके कदमो मई पढ़ा था….
फिर ब्रा और फिर पेंटी तीनो एक के ऊपर एक ढेर हो चुकी थी…. प्रिय बिकुल नंगी हो चुकी thee…..ankhe बंद कए हुआ, तेज धड़कते दिल के साथ उस पल का इन्तजार कर रही थी, जब करीम उसके नंगे जिस्म को अपने बाँहों मई लेकर मसलना शुरू करेगा. रूम मई ऐसा सनता चाय हुआ tha….jaise उस रूम मई कोई हो ही naa….phir अगले ही पल प्रिय को अपने पीठ पर उसके नंगी चेस्ट का अहसास हुआ, उसके हाथ प्रिय के कमर के बगलो से निकल कर अग्गे के तरफ ए, फिर पेट से होते हुए, प्रिय के नंगी तानी हुई चुच्यों पर….
जैसे ही उसने प्रिय के नंगी चुच्यों को अपने हाथों मई भर कर मसाला. तोह प्रिय एक दम सिसक uthi…..aur उसके तरफ पालते हुए, उसके बाहों मई समाती चली गए….
और फिर करीम प्रिय को आपने बाँहों मई कस्ते हुए, उसके नंगे चूतड़ों को अपने हाथ मई लेकर मसलता तोह, वो उससे और चिपक जाते…. प्रिय को अपने मम्मो के निप्पल्स उसके चेस्ट मई रगड़ कहते हुए साफ़ महसूस हो रहे थी…. उसके रोम-2 मई मस्ती के लहर दौड़ती जा रही थी…
छिनाल…. बोल ना मुझे अपनी छूट मरने degee….kya …
अह्ह्ह्ह ये कैसा तरीका है पूछने का…..
प्रिय ने मान ही मान socha….jahil कही का….
उसने प्रिय के कानो को अपने होंटो मई लेकर चूसा तोह, वो एक दम से तड़प उठी
ुन्नन बूढ़े मुझे बीएड पर ली चलो……
प्रिय ने सिसकते हुए kaha….aur अपनी तरफ से उसके सवाल का जवाब भी दी daya…usne प्रिय को बाँहों मई भरते हुए उठा लाया...
और बीएड के पास आकर उसे धीरे-2 बीएड पर लेता daya…..uska लुंड प्रिय के आँखों के सामने फनफटा हुआ झटके खा रहा tha…..agle ही पल उस्सने बीएड पर एते हुए, उसके पेट पर अपने खुरदते होंटो को रख कर चूमना शुरू कर दया….
जैसे ही उसके खुरदते होंठ प्रिय को अपने पेट पर महसूस हुए, तब प्रिय ने सिसकते हुए, अपने सर के नीचे रखे तकए को अपने दोनों मुठयों मई बीच लाया….
shiiiiiiiiii सा …..kkkkk…aaaa…. रररीी… … मममममम…. मेरे… रज्जा…
प्रिय की आंखे मस्ती मई भरी होकर बंद होती चली gaye….hont बुरी तरह से थरथराने लगी थी…..
वो कभी उसके पेट को चूमता कभी अपने होंटो को रगड़ता तोह, कभी अपनी जीभ निकल कर पेट को चाटना शुरू कर deta….uske जीभ का स्पर्श अपने नंगे पेट और नाभि पर महसूस करके प्रिय का पूरा बदन कनाप रहा था…. उसके साँसे लगतार तेज होती जा रही thee…..saans लेना भी मुश्किल लग रहा था उसे …छूट मई तेज खिंचाव महसूस हो रहा tha…wo धीरे-2 अपने होंटो को पेट पर रगड़ते हुए, प्रिय के चुच्यों के तरफ बढ़ने laga...toh उसके बदन मई तेज गुदगुदी से दौड़ gaye….usne अपनी गुदाज चुच्यों को अपने हाथो से छुपा laya…par वो धीरे-2 ऊपर बढ़ता raha…phir प्रिय के हाथो के बिलकुल पास अपने होंटो को लेजाकर पागलो के तरह उस हिस्से को चूसने लगा….
काम मई बेहाल होकर प्रिय के हाथ धीरे-2 उसके चुच्यों पर से हटते जा रहे thee….aur उसके होंटो प्रिय के चुच्यों के हर इंच पर अपनी मोहर लगते जा रहे थी… फिर अचानक से उसने प्रिय के दोनों हाथो को पकड़ कर बीएड पर सत्ता daya….aur अगले ही पाल किसी वहशी के तरफ उसके राइट मम्मी को मुँह मई लेकर सूचक करना शुरू कर दया….
ुंहःहःहःहः shiiiiiiiiii ahhhhhhhhhh बुधीइ………
प्रिय ने सिसकते हुए अपने बदन को अकड़ा laya…itana मज़ा आ रहा था की, उससे बर्दास्त भी नहीं हो पा रहा था…
उसके मम्मी का निप्पल करीम के ताली और जुबान के बीच मई पीस रहा था… करीम प्रिय के निप्पल को भोत जोर से दबा -2 कर चूस रहा था…. प्रिय एक दम मस्त हो चुकी thee…..kab उसके टाँगे खुली और कब वो उसके टैंगो के बीच मई आकर बेथ गया…. प्रिय को पता नहीं चला. प्रिय आंखे बंद कए हुए किसी और ही दुनिया मई पहुंच गए thee…uss दुन्या मई जहा से वो हरगिज वापिस नहीं आना छथि thee…par अगले ही पल जब प्रिय को उसके धुनकी के तरह बज रही छूट के छेद पर करीम के लुंड का गरम और मोटा सुपड महसूस हुआ, तोह वो एक दम से तड़प उठी….
उसके छूट ने अपने गधे पानी का खजाना खोल दया… उसके छूट का छेद तेजी से खुलता और बंद होता प्रिय को महसूस हो रहा tha…mano जैसे अपने ऊपर दस्तक दी रहे उस सुपड को अपने अंदर जल्द से जल्द खेंच लेना छथि हो उसकी चैनल छूट …और प्रिय की हालत शायद अब्ब करीम भी अच्छे से समाज चुक्का tha….par वो बेहराम तोह, छूट के छेद पर लुंड का सुपड बिहड़ै हुए, उसके मम्मी को बचो के तरह चूस रहा tha…..jab प्रिय के बर्दास्त के इंतहा हो गए तोह, वो खुद ही बोल उठी…..
ओह्ह्ह्हह करीम प्लीज अब्ब और ना tadhphao…..maar लो मेरे छूट अह्ह्ह्ह जितनी देर मरज़ी मार lo….please मारो ना……
तभी प्रिय के आँख खुली … रात के 2 बजे थे… वो उठ के बीएड पाई बैठी थी.. आपने चेहरा आपने दोनों हाथो मई समाते हुई .. वो सोचने लगी .. ये कैसा सपना .. और सेल सपने मई वो कमीना .. साला सपने मई भी मुझे नहीं चोर रहा है .. प्रिय अगर तू नहीं उठाती तो अब तक तेरे साथ उसने चुदाई शुरू की होती…
ोूहु .. माय गोड्ढ.. ये कैसे हो रहा है .. इस कमीने का कुछ न कुछ सोचना पड़ेगा .. नहीं तो साला सचमुच मई मेरे साथ सुहागरात मनाएगा ..
फिर उसने बाजु मई रखे गिलास मई से पानी लिया .. और पानी पिने लगी.. फिर दिन भर हुई घटना को याद करनी लगी..
सुबह सुबह वो पूजा के घर गयी .. आपने शॉपिंग के लिए… फिर आपने आप को कहने लगी.. मई अगर पूजा के घर नहीं गयी होती तो ये सबकुछ मेरे साथ नहीं होता .. फिर से वो याद करने लगी.. वह पूजा नहीं मिली.. फिर मैंने आंटी और उस कमीने का पीछा किया .. उस कमीने ने मोके का फायदा उठा लिया.. मेरे बॉडी के साथ पुरे मज़े किये.. मुझे किश करने पर मजबूर किया.. फिर वो वाह से चला gaya…fir मई बहार आयी तो क्या देखा .. आंटी उसे पैसे दे रही थी.. 2000 के नोट्स की गद्दी थी.. तब मई सोचने लगी .. साला ये लेडीज को पाटकर पैसे भी आतता है क्या.. मई वही कड़ी रही .. मुझे लगा अगर मई अन्दर घर मई गयी तो साला फिर से मोके का फायदा न उठा ले .. और फिर से मेरे साथ सुरु न हो जाये… थोड़े देर बाद वो वह से आंटी को किश करके चला गया.. सेल ने आंटी को भी अपनी जाल मई फंसा लिया है.. मई अन्दर चली गयी.. तो पूजा मुज पर hi चिल्ला रही थी.. इतना लेत क्यों आयी.. मई कबसे तुम्हारा वेट कर रही हु.. मैंने उसे कहा ..मई कबसे आयी हु .. तो उसने कहा .. फिर तू इतने देर कहा थी.. अब मई कैसे बता सकती थी की तेरे यार ने मेरे को आने नहीं दिया … मैंने उसे कहा ..मई तुम कबसे ढूंढ रही हु.. तू कहा थी.. फिर हम लोगो ने ऐसे hi कुछ बातचीत की … फिर हम लोग शॉपिंग चले गए.. शॉपिंग करते वक़्त मुझे हमेशा लगता था की वो कमीना मेरे आस पास hi है.. मुझे देख रहा है.. मेरे हिप्पस को देख रहा है.. कही से आएगा और मुझे दबोच लेगा.. पर वो आया नहीं.. लेकिन मई डरती रही .. दिनभर मेरे दीमक मई वही चाय हुआ था.. शॉपिंग मई मेरा ध्यान hi नहीं था.. बाद मई रात मई राजीव के साथ डिनर के टाइम मई भी वही.. मेरे दीमक मई वही था.. और अब ये ड्रीम..
फिर प्रिय खुद को hi कहने लगी..
मई कुछ सोचती हु इस के बारे मई .. नहीं तो ये मुझे कही का नहीं रहने देगा..
और फिर वो पानी पीकर सो गयी..
उधर करीम का हल भी कोई ज्यादा अच्छा नहीं था. वो तो वैसे भी प्रिय के बारे मई इतना गन्दा गन्दा सोच चूका था .. उसको चूमने और मम्मी दबाने के बाद .. उसका लोढ़ा पहले से hi कण्ट्रोल मैं नहीं था.. ऊपर से उसने जब से उसके कहने पर करीम का चूमा तो करीम को लगा ये साली मुजसे जल्दी hi चुद जाएगी .. ये बात सोच के उसका लोढ़ा कण्ट्रोल के बहार हो गया था.. उसका मन तो कर रहा था अभी hi प्रिय के घर जा के उससे छोड़ दो.. पर यह तो वो कभी भी कर सकता tha..Usse तो इस पारी को अपने लोडे का घुलम बनाना tha...Essi घुलम जो उसकी हर इच्छा को हुकम समझे... जिसके लिए उसकी हर फरमाइश पूरा करना अपना धर्म हो.. करीम बैठे बैठे लुंगी पे hi अपने लोडे को सेहला रहा था और प्रिय के सेक्सी जिस्म को याद कर रहा था ..
करीम का अब खुद पर काबू नहीं था.. उसका लोढ़ा एक डैम टाइट हो चूका था... वो लुंगी के ऊपर से hi अपने लोडे को मसलते मसलते अपने आगे के प्लान के बारेमे सोचने लगता thai..Par करीम एक्ससिटेमेंट मई भी अपने होश नहीं खोता था... प्रिय जैसे कमसिन कलिओ को छोड़ पाने की सोच इतनी एक्ससिटिंग थी की वो कुछ और सोच नहीं पा रहा था, वो भी तब जब उसने प्रिय की खूबसूरती को आपने बहो मई लेके महसूस किया था .. ... पर इन सब के साथ साथ वो ये भी जनता था के ये साब तब hi मुमकिन है जब प्रिय उसकी रंडी बन जाएगी... अगर एक बार प्रिय उसकी हो गई तो मज़ा आ जायेगा .. ऐसा वो सोचता है ..
सवेरे 7 बजे जब अलार्म बजा तब प्रिय की आँखे खुली.. उस का उठने का मन तो नहीं था पर उठना पड़ा.. उठते hi उसको आपने पंतय मई कुछ अजीब सा फील हुआ .. तब उसे रात का पूरा सपना याद आ गया. उसके बदन से एक तेज़ झुरझुरी सी पास हो gai..karim ने उसके साथ ये सब कुछ किया ये सोच के उससे अपनी छूट में एक गुदगुदी सी महसूस हुई..
सुबह उतने के बाद से प्रिय को बहुत सिरदर्द हो रहा था .. उसे कुछ समाज मई नहीं आ रहा था .. सिरदर्द का टेबलेट खाने के बाद मई भी उसका दर्द काम नहीं हो रहा था .. उसे कुछ समाज मई नहीं आ रहा था.. करीम ने उसके दीमक की बत्ती गुल कर रखे थे..
वो सोचने लगती है.. कहा से इस कमीने पूजा ने पूर्वी भाभी के लिए टेलर के लिए पूछा और मैंने इस हरामी बूढ़े का नाम उसको बता दिया.. अगर पूजा ने मुझे ये नहीं पूछा होता और मैंने न बोलै होता तो आगे का ये सबकुछ न हुआ होता (.. और शयद स्टोरी भी नहीं बन पति )अब ये साला मुझे ठीक तरीके से सोने भी नहीं दे रहा है ..
फिर वो सोचने लगी .. मई किश से इस के बारे मई बात करू .. मेरे सबसे अच्छी जमती है पूजा और काजल भाभी से.. उसमे से एक को इस कमीने ने अपनी रांड बना के रखा है .. और दूसरे को क्या बना रखा है मुझे hi पता नहीं.. फिर वो कुछ सोचती है .. सोचने के बाद वो फैसला करती है की मई करीम को मिलूंगी.. शायद उसे किस चीज़ का तो लालच देने पड़ेगे.. मुझे पता है वो जल्द नहीं मानाने वाला पर मुझे तरय तो करना पड़ेगा hi …
प्रिय के लिए भी ये आसान नहीं tha...Ek गैर मर्द, वो भी इतना गन्दा ..जब वो कल उसके बूब्स दबा रहा था तो एक अजीब दर और एक्ससिटेमेंट का मिक्सचर वाली फीलिंग हुई थी उसे तब ... उसे ये फीलिंग थोड़ी बहोत पसंद तो आयी थी.. पर वो घबरा भी गयी thi..Uski शर्म उसको रोक रही थी... उसका दिमाग काम करना बांध कर चूका था.. वो तय नहीं कर प् रही थी की वो क्या करे...
प्रिय को ये एक्ससिटिंग लग रहा था पर वो यह नहीं सोच रही थी की उसके ऐसे करने से वो करीम का काम आसान और खुद का काम मुश्किल बना रही थी...
उसका मैं तो नहीं हो रहा था की करीम को कॉल करे पर दूसरा कोई ऑप्शन उसके पास नहीं था .. कुछ देर सोच कर वो करीम को कॉल करने लगती है.. उधर करीम प्रिय के बारे मई hi सोच रहा तह .. तभी प्रिय का कॉल देखते hi कुश हो जाता है .. कॉल उठाते hi वो बोलता है
ारे रंडी .. तू .. सुबह सुबह .. मुझे याद किया … छूट मई बहुत खुजली हो रही है क्या ..
एकदम से करीम से कही गई इस बात से प्रिय क्या रिएक्शन दे ये सोच नहीं पति.. प्रिय एक डैम से खुद को ज़लील होता हुवा महसूस कर रही थी... वैसे सोचा तो उसने ये भी नहीं था के कोई उसे रंडी बुलाएगा.. वो भी इतना गन्दा इंसान.. और अभी तो बहोत कुछ होना था जो उसने कभी सपने मई भी नहीं सोचा था.. अब वो रंडी शब्द पे कोई ऑब्जेक्शन नहीं ले सकती थी .. उसे पता था करीम ऐसा hi है .. ..
मुझे तुमसे मिलाना है .. कहा मिलोगे.. शादी का कार्ड देना है..
प्रिय के ऐसे कहते hi करीम बहुत कुश हो जाता है ..
कब मिलाना चाहती हो ..
आज .. दोपहर मई ..
आ जाओ मेरे घर मई
दूसरी किसी जगह पाई मिल नहीं सकते क्या
नहीं रांड ..
ठीक है .. मई आ जाउंगी .. पर ये बात किसी को मत बताना ..पूजा को भी
क्यों
आने के बाद बता दूंगी..
ठीक है .. आ जाना
प्रिय ने आज एक बैकलेस - स्लीवलेस क्रीम ब्लाउज पहना था.

ऊपर क्रीम कलर की साड़ी पहनी थी. .. बल खुले हुए थे… काळा काळा बाल उसके गांड तक लम्बे थे.. गले में एक सोने की चैन , हाथ में सोने की चुडिया और पेअर में पायल. .. होठो पे लाल लिपस्टिक. ..और एकदम हल्का सा makeup.Priya आज इस ड्रेस मई एक डैम बाला सी खूबसूरत लग रही थी. देखते hi लोडे का पानी निकल jaye…uski 34-26-36 के साइज को इस सरे मई देखकर करीम पागल होने वाला था आज..
प्रिय काजल के साथ शॉपिंग मॉल मई आ जाती है .. शॉपिंग के बहाने .. वो काजल को कहती है .. बहभी .. मई 15 मिनट मई आती हु .. एक फ्रेंड का घर है यहाँ नज़दीक .. उसको शादी का कार्ड देके ..
हाँ .. ठीक है जल्दी आना..
फिर वो करीम के घर अपनी कार लेके जाने लगती hai..Uske दिमाग मई अब भी करीम चल रहा था.. उसकी एक एक बात उसे याद आ रही थी.. करीम ने जब पहली मुलाकात मई उसे मॉडल कहा था वो याद करके वो थोड़ा शर्मा गई... शर्म के साथ साथ एक गुरुर का एहसास भी उसे होने laga..Uska दिमाग न चाहते हुए भी ये सोच रहा था …
क्या मई सुच मच इतनी ख़ूबसूरत हु???
अब करीम का घर आ गया था ... टॉँग गालिओ क बिच मई से एक पुराने और छोटे मकानो की लाइन थी... जो थे तो पक्के, पर झोपड़ियों से ज्यादा नहीं थे..!
दरवाज़ा खोते hi करीम की नजर प्रिय पर पड़ी.. और वो उससे देखता hi रह गया..

करीम की नजर जैसे hi प्रिय पे पड़ी, उसके लोडे मई हलचल होने लगी. एक तो वैसे hi प्रिय इतनी सेक्सी थी और स्लीवलेस ब्लाउज और सदी मई वो और भी सेक्सी दिख रहे थे. और ऊपर से जब उसने सोचा की कुछ hi दिनों मई वो इस ख़ूबसूरत बाला को छोड़नेवाला है तो उसका लोढ़ा टाइट हो क दर्द करने laga.use देख कर मैं मई कहने लगा ..
बनछोड़.. क्या मस्त लग रही है... और इस्सके पसीना... है .. साली .. लगता है आज मेरा कतल कर के रहेंगे..
फिर भी उस्सने अपने आप को संभाला .. संभालते हुई आपने आप को समजने लगा ..
अभी मुझे अपने आप को कण्ट्रोल करना होगा, वर्ण शायद इस्को कण्ट्रोल करने का मौका hi न मिले..
करीम की नजर प्रिय के हलके से दिख रहे क्लीवेज के बिच बेहराहे पसीने की धार पर जाता है.. और वही रुक जाती है.. ये देखकर करीम क लोडे मई हरकत होने लगती है...

प्रिय को देख के करीम मैं मई सोचने लगा .. साली साड़ी मई क्या दिख रही है...! ऐसा लग रहा है इसकी लचकती कमर और गांड, टाइट साड़ी मई मुझे हर डैम बुला रही है और कह रही है आओ मुझे chodo...aur इसकी ब्लाउज मई से दिखती नंगी पीठ मुझे बुला रही है और कह रही है की आओ चूमो मुझे...
करीम ने शर्ट, अंडर एक जालीदार बनियान और निचे एक चेक्स वाली ब्लू लुंगी पहन राखी थी.. ये उसका रेगुलर कस्टम था..
साड़ी मई ढके हुए उसके आम साँस लेने की वजह से ऊपर निचे हो रहे थे... करीम की नजर भी अभी प्रिय क आम पर hi थी.. उसके गोल गोल आम को ब्लाउज मई देख कर भी करीम क लोडे मई गुदगुदी हो रही थी.. पता नहीं जब कभी वो नंगी प्रिय को देखेगा तब क्या होगा...
प्रिय कुछ देर तक लम्बी लम्बी सांसे लेती हुयी दूसरे तरफ नज़र करकर hi देखती रहती है..
आज तू एक डैम मस्त लग रही hai...Aur इस साड़ी मई तू और भी मस्त लग रही है..!
उसे पता था करीम कुछ गन्दा बोलेगा पर उसे यकीं नहीं था की करीम ऐसा कुछ बोलेगा ..प्रिय को करीम की ये फ्लिर्टिंग थोड़ी अच्छी लग रही थी.. वैसे भी नोर्मल्ली हर लड़की तारीफ की भूखी होती है.. और अपनी तारीफ को इग्नोर नहीं कर sakti..Waise भी प्रिय को ऐसी ओपन फ्लिर्टिंग ज्यादा सुनने को नहीं मिलती थी.. और अपने बॉयफ्रेंड से तो बिलकुल नहीं.. उनके बीच मई ज्यादा कोई रोमांटिक टॉक अभी होती hi नहीं थी... पहले होती थी.... उसके लिए भी ये साडी चीजे महज एक फ़िल्मी चीज hi थी.. कोई उसके लिए ऐसा उसके सामने बोलेगा ये उसने कभी सोचा नहीं tha..Esi बातो से उससे भी नए रोमांच का अनुभव हो रहा था…
करीम फिर एक नजर प्रिय क बदन पर डालता है... प्रिय का पसीना अब रूम मई जो फैन की हवा थी उससे सुख चूका था..
पानी चाहिए क्या तुजे ..
प्रिय हां कहती है
मुझे भी चाहिए ..
करीम ने ऐसे कहते hi प्रिय उसे आचार्य से देखने लगी ..

फिर करीम अपनी हसी चहरे पर लेट हुई कहता है ..
उस मटके मई पानी है .. वह गिलास है .. तू उस से पानी ले ले .. और मुझे भी दे दे..
प्रिय बात को ज्यादा बिगड़ना नहीं चाहती थी इस लिए वो करीम की बात मान लेते है ..
इसी अजीब सी खुसी और एक्ससिटेमेंट और नर्वस्नेस की मिक्स फीलिंग क साथ प्रिय पानी निकल कर करीम को देती है.. प्रिय के हाथ से पानी लेते वक़्त करीम जानभूझ कर अपना हाथ प्रिय के हाथ को लगता है.. पर उसे पता था करीम ऐसा hi है और इस चीज को इग्नोर कर देती है.. और करीम क सामने क बीएड पे बेथ जाती है ..
और सोचने लगती है की बात को आगे कैसे बढ़ाये.. शुरुआत कैसे करे??
जब करीम को प्रिय ने बताया था की वो उसको मिलाने आये है .. तब करीम ने आपने घर के सरे लोंगो को बहार भेज दिया था .. घर मई वो अकेला hi था ..
जब प्रिय मटके से पानी निकलते वक़्त थोड़ी झुकती है और उसकी गांड थोड़ी बहार निकलती है.. करीम चेयर पाई बैठ कर यही देख रहा था.. वो अपने लुंड को लुंगी के ऊपर से मसलने लगता है.. पानी निकलने के बाद प्रिय करीम की तरफ मुड़ती है उसे पानी देने के लिए... पर करीम को अपने लुंड को मसलते देख एक डैम से आपने जगह पाई रुख जाती है .... वो सोचती है .. कमीना साला .. मेरे अस्स को देख कर ऐसे गंदे हरकते कर रहा है..
वो दोबारा करीम को देखती है और उस को मुस्कुराता हुआ पति है... करीम ने अपना लुंड मसलना तभी बंद कर दिया था जब प्रिय पीछे मुद कर सीधी हुई थी..
पानी देते वक़्त करीम प्रिय के सॉफ्ट हाथो का टच पा कर खुद को कैसे कण्ट्रोल कर रहा था ये सिर्फ वही जनता था... उसका मन तो कर रहा था के प्रिय को यही नंगा कर के छोड़ दे.. पर उसने खुद को रोका... उसका मकसद रपे करके घडी दो घडी का मजा लेना नहीं था.. वो तो वो कभी बे उठा सकता था.. पर वो तो इस बाला को अपना गुलाम बनाना छह रहा था... ऐसा गुलाम जो उसके लुंड के अलावा कुछ न सोचे.. जो उसके कहने पर कुछ भी करे... उसका हुकम hi जिसके लिए सुब कुछ हो..
पानी देने के बाद प्रिय करीम के सामने जो एक छोटा सा बीएड था उसपर जेक बैठ जाती है ..
अरे इतनी दूर क्यों बैठी है मेरी रंडी. आजा मेरे पास एके बेथ
उसने घर से आते वक़्त hi सोच लिया था की वो करीम की लैंग्वेज को इग्नोर करेंगे .. उसका इशू नहीं बनायेगे .. करीम की ऐसी लैंग्वेज सुन क प्रिय थोड़ी ुनस्य फील जरूर करती है.. पर पता नहीं क्यों उससे ये लैंग्वेज थोड़ी पसंद भी आ रही थी.. और वैसे भी पसंद अगर उसे न भी आती तो वो क्या करनेवाली थी..
नहीं करीम मई यही ठीक हु...
किन साली.. मरे पास बैठने से दर रही है क्या ..
वैसे बात नहीं है .. करीम
फिर वो बोलने लगी ..
करीम मई तुम मेरे शादी का कार्ड देने आये हु ..
ऐसा कह के करीम के पास जाती है .. और उसे कार्ड देने लगती है .. कार्ड देने के लिए करीम जिस चेयर पाई बैठा था वह उसे थोड़ा जुकना पड़ा था ..
इस लिए उसके ब्लाउज से थोड़े क्लीवेज करीम को दिख जाते है .. करीम वो देख के कुश हो जाता है .. जब प्रिय ने देखा की करि कहा देख रहा है तब वो सीधा खड़े होक आपने जगह पाई बैठ जाती है..
घूमके आपने जगह पर बैठते वक़्त करीम पीछे से प्रिय को जाते हुए देख रहा था..
चलते वक़्त उसकी लचकती हुई गांड देख कर करीम एक पल के लिए मदहोश होने लगा.. उसका लुंड फड़फड़ाने लगा.. ऊपर से प्रिय का क्रीम कलर स्लीवलेस और बैकलेस ब्लाउज, जिसमे एक 2 इंच की पट्टी hi थी जो उसकी पीठ पर थी.. एक कन्धा जो साडी का पल्लू लिया हुआ था उस पर से निचे कुछ काम दिख रहा था क्यों की पल्लू बिच मई आ रहा था.. पर दूसरी साइड का पूरा व्यू कमर तक नंगा था सिवाय एक पतली सी ब्लाउज की पट्टी के और प्रिय के लम्बे बालो के अलावा... करीम प्रिय की गांड को देखता रहता है.. और सोचता है ..
हाय sali..Iss गांड मई अपना मुसल तो घुसना hi है... बस मौका मिलने दे. सुहागरात तक का मई कैसे इंतजार करूँगा Janeman?...kab तेरी छूट का पानी चखने को मिलेगा? कब मेरे लोडे को तेरे मोह की गर्मी नसीब होगी.? कब मेरे लोडे को तेरी छूट की दीवारों को छोड़ा करनेका मौका मिलेगा? ? और कब बनेगी तू मेरी रांड .??.
अब करीम ख़ुशी से शादी का कार्ड देखने लगता है .. वो मैं मई कहता है .. साली ने कार्ड तो बहुत महँगा बनाया है.. तो शादी भी बहुत बढ़िया होगी .. और हनीमून उसे भी बढ़िया .. साली के साथ सुहागरात मानाने मई बहुत मज़ा आ जायेगा ..
और फिर वो प्रिय की तरफ देखते हुई कहता है..
थैंक्स .. प्रिय .. तूने मुझे आपने शादी मई बुलाया .. और पर्सनली मेरे घर आये मुझे ये कार्ड देने के लिए .. मई तेरे शादी मई जरूर आऊंगा ..
करीम को देख कर प्रिय एक बार मुस्कुराती है..
वेलकम करीम..
प्रिय करीम का ये बदला हुआ रूप देख के कुश हो जाती .. उसे लग रहा था अब गन्दी बात करीम नहीं करेगा ..
वैसे रांड.. तू नहीं बुलाती तभी भी मई तेरे शादी मई आ hi जाता ..
पर करीम तो करीम है .. वो आपने आदत कैसे छोड़ेगा ..
करीम के ऐसे कहते hi वो उसे अजीब से नज़रो से देखने लगी ..

ऐसे मत देख मुझे.. मैंने पहले hi बोलै है न तुजे मई तेरे साथ सुहागरात मानाने वाला हु.. तो उसके लिए मुझे तेरे शादी मई आना hi पड़ता hi न ..
करीम के ऐसे कहते hi वो डरने लगी ..
देखो करीम .. मई सिर्फ तुम कार्ड hi देने नहीं आये हु ..
तो क्या छूट देने आये है ..
मेरे बात तो सुनो
हाँ .. बता रांड ..
मई तुमसे फ्रेंडशिप करना चाहती हु .
प्रिय के इस बात से करीम बहुत कुश हो जाता है
वो तो बहुत अच्छी बात है ..
ठीक है तू फ्रेंडशिप कर .. पर फ्रेंडशिप के चक्कर मई मई तुम्हारे छूट छोड़ने वाला नहीं हु .. समजे रांड ..
प्रिय आज तक किसी से दबी नहीं thi...Kisi ने आज तक करीम की तरह ऑथोरेटिवे टोन मई प्रिय से बात नहीं की थी.. उसे आज तक जो भी मिला प्यार करने वाला मिला.. पर करीम के अग्रेसिव बेहेवियर मई कुछ बात थी..
देख रांड .. तुजे मई आसानी से छोड़ने वाला नहीं हु..
प्रिय की दर के मरे हालत ख़राब हो रही थी. वो सोचने लगी .. क्या करू ? कही ये फिर से मुझे न पकड़ ले. हे भगवान् क्या करू अब ? उस वक़्त तो जैसे प्रिय के दिमाग ने काम करना बिलकुल बंद hi कर दिया था.
उसने डर्टी हुई आवाज में कहा…
देखो .. करीम .. मई तुम्हारे साथ एक सोडा करना चाहती हु ..
रांड .. तू .. और मेरे साथ सोडा ..
प्रिय ने करीम की मुस्कान, उसकी बात में खुद को इज़्ज़त न देना जैसी बातो पर जरूर गौर किया. पर उसे ये पता था की करीम ऐसा hi है ..पर ये शायद एक बड़ी गलती होने वाली थी.
हाँ
बोल .. क्या कहना चाहती है ..
मई आपने मंगेतर से बहुत प्यार करती हु .. मैंने अपनी जवानी राजीव क लिए hi राखी है .. आपने बदन को किसी के हवाले मैंने अब तक नहीं किया है .. मेरे विर्जिनिटी सिर्फ राजीव उतरेगा .. ऐसा मैंने तै किया है ..
तो मई क्या कहु..
मई तुमसे फ्रेंडशिप के लिए तैयार हु .. पर तुम ये भूल जाना पड़ेगा की तुम मुजसे सुहागरात मनाओगे..
कभी नहीं …
प्ल्ज़ मान जाओ करीम
तेरे सोडा यही है क्या ..
नहीं
तो जल्दी बोल न क्या सोडा है .. बात को क्यों घुमा रही है ..
वो निचे गर्दन कर के शरमाते हुई कहने लगी
मई तुम किश देने के लिए रेडी हु .. और ..
और क्या ..
डरते हुई .. कहती है..
और शादी के बाद.. याने राजीव के बाद हनीमून होने के बाद मई आपने शरीर तुम सपने को तैयार हु ..
करीम मन में कहता है साली आज तू सिर्फ किश दे पर थोड़े दिन के बाद तू मुझसे आपने छूट मरवाने के लिए गिड़गिड़ायेगी... तुझे मेरी हर बात मानाने होगी ... अपनी पर्सनल रैंड बनाऊंगा मई तुझे... बस तू देखती जा
अपनी सुहागरात बचने के लिए , अपनी विर्जिनिटी बचने के लिए और अपनी नथनी सिर्फ आपने राजीव के हाथ से उतरने के लिए उसे आज सब मंजूर tha...Par उसका सामना करीम से था .. शयद वो ये बात भूल गयी थी.. वो करीम को जितना कमीना समजती थी उसे कई गुणा ज्यादा करीम कमीना था..
तू क्या मुझे पागल समजते है क्या
मतलब
मतलब तेरे हनीमून तक मई शांत राहु .. तू उस राजीव के साथ सुहागरात मनाएंगे .. और बाद मई मेरे गांड पाई लात मरेंगे
नहीं करीम ऐसा नहीं करुँगी ..
पक्का करेंगे.. और किश का क्या वो तो मैंने पहले hi तुजे कल किया था न
वो तो तुमने जबरदस्ती किया था .. अब मई अपनी मर्ज़ी से दे रही हु ..
प्रिय को पहले लगा जब वो करीम को कहेगे की वो उसे किश देने को रेडी है तब उसे लगा था की करीम मान जायेगा .. पर उसके बार बार कहने पर भी जब करीम मान नहीं रहा था तब प्रिय अब थोड़ी फ्रुस्ताते भी हो रही थी... इतना तो आज तक उसने किसी को नहीं मनाया था. .. उसने फिर एक कोशिश की..
Ok ठीक है.. तो तुम hi बताओ के मई क्या करू जिससे तुम्हे यकीन हो जायगा के मई तुम आपने बदन हनीमून के बाद सौंप दूंगी..? तुम्हे किस बात का भरोसा चाहिए ?"
देख.. अगर तू सच मई रेडी है तेरे होनेमून के बाद तेरे छूट मुझे देने को तो मेरी 2 शर्त है... अगर तू मानेगी तो hi मुझे यकीन होगा की तू जो कह रही है सुच है... और एक गारंटी भी मिल जाएगी मुझे की तू अपनी बात से मुकर नहीं जायेगे
गारंटी??
है गारंटी.. मैं नहीं चाहता के तू आपने बात से पलट जय .. और तू जानते है की मई कितना कमीना हु.. अगर तू अपनी बात से मुकर गयी न रांड .. फिर तू भी जानती है मई तेरा ककया हशर होगा .. पर ये सब मई नहीं करना चाहता .. इसलिए मुझे गुरंटी चाहिए ..
गुरंटी ?? वो तो दे रही हु न .. किश दे रही हु न..
किश देकर तू मुज पर मेहरबानी नहीं कर रही है
क्या शर्त है तुम्हारी
प्रिय भी अब उत्सुक थी की करीम क्या शर्त रखेगा
"पहले बोल की तुझे मेरी शर्त मंजूर है"
"पहले शर्त तो बताओ.."
"नहीं.. पहले शर्त को मन फिर hi बताऊंगा.. अगर तू सच मई मेरे सात डील करना चाहती है तो मन मत कर.. मेरे शर्त को ...
प्रिय थोड़ी कंफ्यूज थी... क्या करे? शर्त मने या नहीं? पर फिर उसने अपने आपको मनाया के शर्त hi तो है...!!
शर्त मानना … न मानना .. शर्त पाई देपेंद करता है ..
ठीक है तेरे बात मंजूर है .. फिर सुन मेरे शर्त…
ठीक है बताओ
नहीं ऐसे नहीं.. अपने होने वाले पति की कसम खा.. के तू मेरी दोनों शर्त मानेगी और पीछे नहीं हटेगी
करीम प्रिय का स्वाभाव अचे से जनता था .. उसी स्वाभाव का करीम बखूबी से फायदा उठा रहा था...
प्रिय थोड़ी शॉक हुई और कंफ्यूज भी.. फिर उसने सोचा .. जब उसने इतना रिस्क लेनेका सोच hi लिया है तो ये थोड़ा और सही.. ये सोच कर प्रिय बोली
ठीक है अपने होने वाले पति की kasam...Ab तो बताओ
करीम थोड़ा रुकता है और " तुझे बुरा तो नहीं लगेगा न?"
करीम एक निहायती कमीना इंसान था. वो जवान लड़कीओ का बहोत शौखीन था, खास कर के शादीशुदा औरतो का… तो घर मई आये ऐसे बाला की खूबसूरत जवान ुनचुइ लड़की को कैसे chorega…priya करीम के शर्त के लिए खुद को तैयार कर रही थी.. उसे पता था करीम बहुत कमीना इंसान है .. वो कोई गन्दी hi शरत रखेगा .. जिससे मई आसानी से पूरी न कर पाव या मेरा मैं वो शर्त पुरे करने से डरेगा .. जिस वजह से वो मुज पर यकीं नहीं करेगा… थोड़ी झिजक के साथ प्रिय ने यही सोचा ... पर वो करीम को यकीन दिलाना छह रही थी की वो उसको धोका नहीं देगी .. ... साथ hi पता नहीं किन वो करीम को मायूस भी नहीं करना छह रही थी...
इधर करीम भी समाज रहा था की बर्फ टूटनी शुरू हो गई है.. अब अगर सही वार किये तो बर्फ चुरा हो hi जायगी..
ठीक है ..? मई बुरा नहीं मानूंगी .. अब बताओ तुम क्या कह रहे थे? क्या है तुम्हारे शर्त?"
देख रांड .. मई अपनी शर्त बता दूंगा .. पहले ये बता .. देख तू बुरा तो नहीं मानेगी न?
नहीं manungi...bola न बाबा.. बताओ न.. अब ..
देख बुरा मत मानना... पर मेरी शर्त है की.. मई चाहता हु के अगर मई तुज पर यकीं दिखाऊ .. तेरे बात पर भरोसा करू .. तो बदले मई तुजे मेरा लुंड चूसना होगा ..
ये क्या बकवास है.. ये मई नहीं कर सकते..
प्रिय ये शर्त सुन कर एक डैम से डुंग रह गयी... और प्रिय क मुँह से शॉक क मरे ये निकल गया... ये एक सुद्दीन रिएक्शन था.. प्रिय अपने अप्प को कण्ट्रोल नहीं कर पायी..
क्यों मंजूर नहीं है क्या..?
प्रिय समझ नहीं पा थी की वो क्या रिएक्शन de...Uska दिल जोरो से धड़क रहा tha..Wo थोड़ी शॉक मई थी... इस वजह से वो करीम क चेहरे का रिएक्शन नहीं देख पायी... और फिर इतना hi बोली..
देखो करीम ये मई नहीं कर सकती...
वाह्ह तो तूने अभी से हार मन ली न...? मुझे पता था ..!
उसने अपना गुस्सा कण्ट्रोल किया और करीम को समझने की कोशिश करते हुए कहा
प्लीज करीम ... तुम मुझे किश करो वह तक ठीक है.. पर ये .. नहीं नहीं.. मेरी इज्जत की …
हाँ .. हाँ .. पता है..
करीम ने प्रिय की बात काटते हुई कहा ..
प्रिय को पता था की करीम को समझाना बहोत मुश्किल है, क्यों की जब करीम पर हवस हावी होती है तो वो बहोत वेह्शी हो जाता है... कुछ भी कर सकता है और किसी की नहीं सुनता.. फिर भी एक कोशिश के तौर पर उसने करीम से कहा..
नहीं करीम .. मुझे माफ़ कर दो.. मुझसे नहीं होगा…
करीम ने मोके को भाप कर बोलै
सब समझ ता हु.. रहने de...Aur अपने होने वाले पति की कसम भी खायी थी न.. तूने !! फिर भी मेरी शर्त को मान न पायी न..
नहीं ऐसी कोई बात नहीं है
प्रिय थोड़ी घबरा गई.. उससे लगा शायद वो सिचुएशन को हैंडल नहीं कर प् रही है.
अब मई तुझपे कैसे भरोसा करू क तू तेरे बात से मुकर नहीं जायेगे ?
करीम ने ऐसा दिखाया जैसे वो कुछ ज्यादा गुस्सा है..
नहीं तुम गलत समाज रहे हो
है है.. में सब समझता हु.. दोस्त कहती है ? साली कामिनी कही की.. रैंड साली..
करीम प्रिय के दिमाग से खेल रहा था. ताकि वो उसे आगे से रोके नहीं पाए. एक पड़ी लिखी होने के बावजूद प्रिय करीम के इस खेल को पहचान न saki.karim के मुँह से खुद के लिए कामिनी और रैंड सुन के उससे कुछ अजीब फीलिंग हो रही थी... वो पता नहीं क्यों पर थोड़ा अडवेंचरउस फील कर रही थी जैसे उसने कुछ डेरिंग वाला काम किया ho...Par उसने अपने दिमाग में आयी इस फीलिंग को एक साइड मई हटा दिया...
नहीं करीम तुम मुझे गलत समाज रहे हो.
क्या गलत समाज रहा हु .. अपनी बात से अभी के अभी तूने पालते मरे .. और मई तुझपर भरोसा क्यों करू.. इतने दिनों बाद तू आपने शबद पर कैसे कायम रहेंगे..
प्रिय अब सोच रही थी की बात हाथ से बहार जा रही है... अभी दो मं पहले तो दोस्ती की बाटे हो रही थी और अभी ये बाते..
मुझे माफ़ कार्डो.... लेकिन मई ये नहीं कर सकती..
अच्छा अभी मेरा लुंड मू मई तुजे लेने को तकलीफ हो रही है तो शादी के बाद कैसे मेरा कला मुसल लुंड आपने छूट मई लगे..
प्रिय शॉक हो गई.
वो निचे गार्डन कर के कहती है ..
वो मई तब कर लुंगी ..
झूठी… तू कुछ नहीं करेंगे.. तू सिर्फ तिमेपास करेंगे.. और तेरे सुहागरात होने तक मुझे ऐसे hi घुमएगे.. एक दो किश देकर..
प्रिय सोच रही थी .. मई जितना इससे कमीना समाज रही टी उसे ज्यादा चालू निकला ये तो..... वो इस सिचुएशन को अब कण्ट्रोल भी नहीं कर पा रही थी. उसे एक अज्जेब सा दार लग रहा था.. प्रिय कुछ भी समझ नहीं पा रही थी. प्रिय एक अज्जेब सी मुश्किल में thi..Wo तय नहीं कर प् रही थी की क्या उसे करीम के साथ आगे बढ़ना चाहिए या नहीं? क्या करीम की शरत मानना ठीक रहेगा?
करीम प्रिय को अपनी और खींच रहा था.. प्रिय करीम को सेक्स के िर्रादे से नहीं, पर हआ! सोच जरूर रही थी उसके बारे मई . उसे ये पता नहीं चल पा रहा था की वो क्या करे अब ..
प्रिय ने मन में सोचा के अब चाहे कुछ भी हो जय.. कुछ भी सहना पड़े.. कुछ बी सुन्ना पड़े बोलना पड़े... मई पीछे नहीं हटूंगी... अगर करीम का मुझे मू मई लेना पड़े तो मई ले लुंगी .. नहीं तो ये मेरे शादी को स्पोइल करेगा .. मई जैसा राजीव के साथ सुहागरात मानना चाहती हु वैसे ये मानाने नहीं देगा.. ..पर मई अब अपनी सुहागरात बचके रहूंगी ..
और ये सोचते हुई प्रिय है केर बोली
ठीक है .. जैसे तुम चाहो..
ये सुन के hi करीम के लोडे मई हलचल बढ़ गई.. वो समझ गया के वो सही रस्ते पर जा रहा है.. अगर सही से उसने बात आगे बधाई तो ये वो सब कुछ करेगी जो एक सस्ती रंडी भी करने से मन करती है... इतनी ख़ूबसूरत लड़की के साथ वो क्या क्या करेगा ये सोच कर उसका लुंड अब दर्द करने लगा था...
वह मेरी रैंड... तो सुच मई मेरी दोस्त है..!
सो तो मई हु
प्रिय ने थोड़ा कॉन्फिडेंस दिखते हुए कहा
करीम ने सोचा .. यही सही मौका है.. अब मुझे खुल के इससे बाते करनी पड़ेगे ..
चल अब बता तू मेरा लौड़ा कैसे चूसेगी?
क्या??
प्रिय शॉक हो गई.. उसे कुछ समझ में नहीं आया
करीम ने मान मई सोचा .. साली एक बार लुंड चूस मेरा .. हे हे.. फिर कल से तू मेरी होगी.. तेरी छूट, गांड, मुँह.. तेरा ये पूरा मखमली बदन मेरा होगा... और उसके बाद तो तू खुद चल कर मेरे पास ayegi..Bus एक बार मेरा लोढ़ा आपने मू मई ले तो ...जानेमन
बता न रांड ..
प्रिय ने भी अब तक नहीं सोचा था तो वो करीम को क्या बताएगी.. ??
ठिका है .. जाने दे .. अब हो जा शुरू..
क्या .. हो जा शुरू..
मेरा लुंड चूसना
अभी .. और यहाँ ..
प्रिय ने बनावटी गुस्से से कहा
क्यों आपने यार के घर उसका कला मोटा लुंड चूसना अच्छा नहीं लगेगा क्या तुजे
नहीं ऐसी कोई बात नहीं है
तो बात क्या है ..
नहीं.. आज नहीं.. बहभी वह मॉल मई मेरा वेट कर रही है ..
देख साली... नखरे मात कर.. आज मेरा बहोत मान है.. मुझे किसी भी हालत मई तेरे साथ ये करना है.. तेरे मुलायम मू मई मेरा सख्त लुंड डालना है.. और इस तेरे मुलायम हूंतो से मेरे लुंड को चुसवाना है..
प्रिय ाभ ख़ामोशी से बहार की ओरे देख रही thi......aur बीच बीच मई थोड़े थोड़े डियर के लिए वो एक नज़र करीम की ओरे देख लेती थी ......
प्रिय एक नज़र करीम की ओरे डेक्टि हैं फिर वो अपने खुले बालों को बाँड्ने लगती हैं........
ये देखकर करीम बोल पड़ता हैं.....
रहने दे न रांड ........ तेरे बल खुले होते हैं तो तू और भी सेक्सी लगती हैं.....
प्रिय को लगा अब यहाँ से जाना hi बेहतर होगा .. नहीं तो ये हरामी मुझसे ऐसे hi गन्दी भाषा मई बाते करेगा ..इसलिए वो वह से जाने से पहले आपने आप को ठीक करके यहाँ से जाना उसने ठीक समजा .. इसलिए प्रिय वह एक टूटा फूटा ड्रेसिंग टेबल था उसके सामने बेथ गयी और अपने साड़ी और बालू को ठीक करने लगी ….और उसके पीछे करीम खड़ा था… हाथ मई आपने हतियार पकड़ के ..
आह जाएं आज तोह गजब ध रही ho….sachi तुम्हारे होंटो पर ये मैरून लिप कलर भोत सेक्सी लगता है….
उसने प्रिय के पीछे आकर उससे अपने बाँहों मई भरते हुए कहा..
आह्ह्ह्हआआ… चोरो मुझे .. मुझे जाना है .. तुम्हारे इरादे मुझे कुछ सही नहीं लग रहे है.. मैंने यहाँ आके गलती की है ..
प्रिय ने अपने दोनों हाथ से करीम ने जो दो हाथ से उसके कमर को पकड़ा था उसको चुराते हुई कहा ..
आज इस मैरून के लिप्स से लुंड चुसवाने का दिल कर रहा है…. रांड…
ड्रेसिंग टेबल पर bethe-bethe करीम के तरफ घूमते है … प्रिय एक क्रीम रंग की ट्रांसपेरेंट साडी पहन कर करीम के सामने सेक्सी अंदाज़ मई बैठे हुई थे..
उसी जगह पाई जहा करीम की बहुत साडी बाज़ारू रंडिया इस से पहले बैठे थी.. .......उसका ब्लौसे डीप कट था और पीठ आधी से ज्यादा नंगी thi.......blowse के अंदर ब्रा की स्ट्रिप्स साफ़ दिखाई दे रही थी....... आम का करीब 25% हिस्सा बहार की ओरे दिख रहा tha....jo किसी भी मर्द का खून गरम करने के लिए काफी tha.....blowse इतनी टाइट की मनो अभी उसके दोनों आम ब्लौसे से बहार निकल padenge.....in कपड़ों में वो आज भी पूरी क़यामत लग रही thi......priya एक नज़र करीम की ओरे देखती हैं और धीरे से मुस्कुराते कहते है …
अच्छा तुम्हारा दिल कर रहा है ….और तुम्हारे दिल की इच्छा पूरी करने के लिए मई क्या तुम्हारी काजल या पूर्वी या पूजा नहीं हु ..
प्रिय ने करीम को चिढ़ाते हुई कहा..
करीम आँखे फाड़े प्रिय को देख रहा tha.......is वक़्त उसकी निगाह प्रिय के आम पर thi......uska हाथ अपने पेण्ट के ऊपर चला जाता हैं और वो अपने लुंड को पेण्ट के ऊपर से मसल देता हैं...... प्रिय करीम को ऐसा करते हुई देख रही थी.. पर कुछ कहती नहीं है..
करीम ने प्रिय के आँखों मई देखते हुए अपने लुंड को पंत से बहार nikala……tube लाइट के रोशनी मई उसके लुंड का लाल सुपड एक दम चमक रहा था… करीम ने जब ऐसा किया तो प्रिय ने उससे गुस्से से देखा..
का.. का.. करीम .. ये तुम क्या कर रहे हो...
और उठाकर वह से जाने लगी … करीम उसके सामने खड़ा था..
करीम यी क्या कर रहे हो तुम मेरे सामने .. हटो peeche…muje जाना है..
प्रिय ने उसके छाती पर हाथ रखते हुए, उसको पीछे के और दखलाते हुए कहा….
आज तू भोत सेक्सी लग रही ho…tere होंठ को देख कर मेरे लुंड का बुरा हाल हो गया hai…..dekho ना कैसे तन कर खड़ा hai….please इससे अपने रसीले होंटो मई लेकर शांत कर दो ना…..
करीम तुम ये सब मेरे साथ क्यों कर रहे ho….akhir तुम छठे क्या हो मुझसे…?
प्रिय ने उसे फिर से गुस्से से देखा जिसका करीम पर कोई असर नहीं हुआ
कुछ भी नहीं baby….thoda से मौज मस्ती और कुछ nahi…please चुसो ना इससे मुँह मई लेकर….
करीम ने नीचे झुक कर उसके हाथ को पकड़ कर अपने मोठे लुंड पर रख daya..aur फिर उसके हाथ को मुठी बनाते हुए, अपने लुंड पर धीरे-2 कसके हिलने लगा….
शी ओह्ह्ह प्रिय मेमसाब … तेरे हाथ भोत नरम hai…..bhot सॉफ्ट hai…..dekh ना मेरा लुंड कैसे खड़ा हो गया है……
प्रिय ने उससे गुस्से से देखा और उसने झटके से अपना हाथ पीछे खींचा और फिर उसे गुस्से से देखा जिसका करीम पर फिर एक बार कोई असर नहीं हुआ
प्लीज करीम मुझे ये सब करना अच्छा नहीं लगता….
पर मुझे तोह अच्छा लगता है naa…please इससे चुसो…
नहीं करीम मुझसे नहीं होगा…..
देख lo….abb ये खड़ा हो चूका hai….ye शांत यह तोह तेरे होंटो के बीच मई जाकर hoga…yaan फिर तेरी छूट मई जाकर ….अब्ब इसको शांत किश तरह करना है वो मई तुज पर चोरता हूँ…
फिर से उसने आपने लौड़े पाई प्रिय का हाथ रख दिया .. और आपने लौड़े को प्रिय के हाथ से दबा दिया …अब उसने अपना हाथ प्रिय के हाथ से हटा लाया….. प्रिय के हाथ मई करीम का तना हुआ मोटा लुंड tha…jise प्रिय अपने हाथ झटके खता हुआ साफ़ महसूस कर पा रही थी…. प्रिय की बेचैनी एक बार फिर से बढ़ गयी thi......uska दिल फिर से ज़ोरों से धड़कने लगा tha......wo बार बार अपने सांसिओन को अपने बस में कर रही thi.......kafi डियर तक वो करीम के बारे में hi सोचती रहती हैं और आखिर कर वो झट से उसके लुंड से आपने हाथ को हटा लेते है ........आज उसे अपने आप पर भी हैरानी हो रही थी .........
फिर वो करीम की तरफ आचार्य से देखते हुई कहती है ..
लेकिन हमारी डील हुई थी .. न.. करीम ..
करीम ने बड़े प्यार से प्रिय के गले में बहन दाल दी और उसके गाल पर हल्का सा किश करते हुए बोलै..
हुई है न डील… मेरे चैनल रांड.. प्रिय मेमसाब.. छूट के बदले तू मुझे तेरा मू देगी … मतलब तुजे अगर अपनी छूट बचानी है मेरे लुंड से .. कुछ दिनों के लिए .. तो ये कला अजगर आपने मू मई लेना होगा..
ऐसा कह के आपने लुंड एक हाथ मई पकड़ कर हिलाकर उसे दिखने लगा.. प्रिय भी बड़े गौर से आँखे फाड़ कर उसके मुसल लुंड से देखने लगी..
फिर करीम उसका एक हाथ प्रिय के कमर मई दाल के उसको आपने बहो मई बेचते हुई कहता है..
थैंक यू .. प्रिय रांड .. तू सच में बहुत hi अच्छी है… तू मेरे सबसे बेस्ट रांड बनेगे..
प्रिय निचे गार्डन कर के कहती है ..
भाभी वह वेट कर रही होंगे..
करने दे न …
इस बार वो अपना एक हाथ झट से प्रिय के एक आम पर ले जाता हैं और बड़े हलके हाथों से उसके आम पर फिरने लगता हैं..... प्रिय के जिस्म में एक सिरहन सी दौड़ पड़ती हैं......
वो मुझे गुस्सा होंगे
मई उस रांड को बुला लू क्या इधर
और धीरे धीरे उसके दोनों आम को अपने हाथों में लेकर उसे मसलना शुरू करता हैं....... अब प्रिय का जिस्म किसी आग के भत्ते की तरह तपने लगता हैं.....
नहीं नहीं
















































