Adultery BUDHHA TAILOR - Page 8 - SexBaba
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Adultery BUDHHA TAILOR

शर्म हाय को परे रख कर आज प्रिय अपने उस यार के लये सजाने जा रही थी ….जिससे उसने कभी काबुल नहीं किया tha…usske लये जिस से प्रिय आज तक नफ़रत कराती आ रही थी. उसके लये जिसके लये प्रिय के दिल मई कधवत के सिवाए कुछ नहीं था… लेकिन आज प्रिय उसके लिए तैयार हो रही थी.. जैसे वो उस हरामी की.. प्रिय उसे हमेशा हरामी hi कहती थी.. जैसे वो उस हरामी की दुइलहान हो और वो आपने डुले के लिए तैयार हो रही हो

उसने अपने सरे कपड़े उतर phenke….phir अपनी अलमारी खोल कर उसमे से रेड कलर के ब्रा और पेंटी निकल कर फेन lee….aur उसके ऊपर एक सेक्सी ब्लैक कलर के dress….jisme से रेड कलर के ब्रा और पेंटी साफ़ नज़र आ रही thee….phir ड्रेसिंग टेबल के सामने बेथ कर दोबारा से मेकअप किया… मैरून कलर का लिप कलर लगाया….

तभी अचानक से उसके रूम का दूर khula…ayane मई करीम उसे साफ़ दिखाई दी रहा था… उसे अहसास नहीं था की, करीम इतनी जल्दी आ जायेगा…. प्रिय ने हाथ मैं अभी भी वो मैरून कलर के लिपस्टिक पकड़ी हुई थी…. उसने करीम को जैसे ही ायने मई देखा तोह, वो उससे जल्दी से ड्रेसिंग टेबल पर रख दया… वो अंदर ही अंदर झुलस रही thee…..maan के साडी डवधाएं दूर हो चुकी थी… वो वही बैठी उस पल का इन्तजार कर रही थी की, कब करीम अग्गे बढ़ कर उसे अपनी बाहों मई भर ली.

वो मुस्कारते हुआ प्रिय के तरफ बढ़ा…. वो सर झुकाये हुए, अपनी कांखों से उससे ायने मई अपनी तरफ बढ़ता हुआ देख रही thee…wo धीरे-2 प्रिय के पास आ gaya…usne धीरे से प्रिय के दोनों कंधो को पकड़ा, तोह उसका पूरा बदन एक दम से कनाप गया…. वो अपने दोनों हाथों के उंगलयों को आपस मई फंसे हुए, उन्हें मसल रही थी….

फिर करीम ने उसे कंधे से पकड़ कर धीरे-2 ऊपर उठाया, तोह वो खुद ही उठती चली गए…

प्रिय अब्ब कड़ी थी….. उसकी पीठ करीम के तरफ thee….usne प्रिय को अपनी तरफ घुमाया और ड्रेसिंग टेबल के सामने बैठने वाले छोटे से टेबल को पीछे करके, उस पर प्रिय को बैठा दया… प्रिय अपनी तेज चलती सानो पर निरन्तरं पाने के कोशिश कर रही thee….abb वो खुद उठ कर बीएड पर नीचे के तरफ पेअर लटका कर बैठी ….और करीम उसके सामने खड़ा tha…usne प्रिय के और देखते हुए, अपनी कमीज़ को पकड़ा और ऊपर उठाते हुए अपने गले से उतर कर पीछे लगे सोफे पर फ़ेंक daya….phir एक कदम और अग्गे बढ़ कर उसने अपनी कमर के नीचे वाले हिस्से को थोड़ा सा अग्गे के तरफ निकला…

उसके पेण्ट मई बना हुआ उभर प्रिय को चीख -2 कर कह रहा था की, इसमें चिप्पे हुए खजाने को निकल लो और इससे जी भर कर प्यार करो….. प्रिय ने उसकी आँखों मई देखा तोह. वो उसको ऐसा देख रहा था की, जैसे कह रहा हो की, प्रिय अब तुम शुरू हो जाओ ….

न जाने कब प्रिय की साडी शर्म हाय गुस्सा सब कहा खो गया था …. उसे hi पता नहीं चला .. उसके हाथ खुद बा खुद उठे और प्रिय ने उसके पेण्ट के नदी को पकड़ा और धीरे-2 उससे खोलने लगी ….

प्रिय ने एक बार फिर से उसके आँखों मई देखा, तोह उसने सर hilaya….jaise प्रिय को अग्गे बढ़ने के लये हामी भर रहा हो….. प्रिय को नहीं पता था की वो सब ये क्यों किये जा रही थी. पर प्रिय ने अपना एक हाथ उसके नदी के वह से पंत के अंदर डालते हुए, उसके अंडरवियर के अंदर डाला, तोह प्रिय को झटका सा laga….jab प्रिय के हाथ उसके ढकते हुए लुंड पर जा लगे ….तब एक अजीब से सनसनी प्रिय के पूरे बदन मई दौड़ गए. उसका हाथ अपने आप ही करीम के लुंड के गिरथ पर कसता चला gaya…..aur फिर प्रिय ने उसके लुंड को उसके पेण्ट को निचे सरका के ांदेरपंथ से बहार निकल लाया

प्रिय को hi नहीं पता था की क्या वो आज आपने पूरे होशो हवस मई अपने मरज़ी से करीम के लुंड को अपने मुठी मई थामे हुए बैठी थी या नहीं … उसके लुंड का मोटा सुपड लाल होकर देहक रहा tha….ek अजीब से कशिश thee…uske उस लाल मोठे सुपड मई…. प्रिय ने उसके आँखों मई देखा, तोह करीम के होंटो पर तीखी मुस्कान thee….jo उसके विजय होने का प्रमाण दी रही थी…. प्रिय के ऊपर काबू पाने kaa…parmaan तह वो …. प्रिय भी अब उसके कई प्रेमिकयों मई से एक बन चुकी थी ….उसका का प्रमाण था वो ….

करीम ने प्रिय के आँखों मई झांकते हुए उसके गाल पर अपना हाथ रखते हुए, अपने लुंड को उसके होंटो के तरफ बढ़ाया….. प्रिय अभी भी करीम के आँखों मई आंखे डेल उसके तरफ देख रही thee….jaise ही उसके लुंड का मोटा सुपड प्रिय के होंटो से टकराया तोह, उसने अपनी नज़रे नीचे करके उसके लुंड के सुपड को देखा, और फिर धीरे-2 अपने होंटो को खोल कर उसके इरडा गिर्दा लपटाती चली गए….

शहीइइइइइइ priyyyyyyaaaaaaaaaa……..

chinaaaaaaallllllllllllllllllll….

जैसे ही करीम के लुंड का सुपड प्रिय के मुँह मई गया तोह, उसने सिसकते हुए दोनों हाथो से प्रिय के सर को पकड़ laya…abb वो उसके लुंड के सुपड पर अपने होंटो को रगड़ते हुए उससे मुँह मई लेकर अंदर बहार कर रही थी….

प्रिय को उसके लुंड के नशे अपने हाथ मई और फूलती हुई महसूस हो रहे the….par इसके साथ hi प्रिय के मान मई एक अजीब सा दर डेरा जमाये बैठा tha….kahi करीम मुझे जलील करेगा .. सबके सामने .. या फिर … या फिर वो मेरे मुँह मई ही अपना वीर्ये छोड़ना तोह नहीं chatha…kya वो मुझे जान बुज कर तरसता हुआ चोर कर चला jayega…kya करीम ये छठा है, की मई किसी लुंड के भूखी रंडी के तरह उसके मिनटाइन करू…..

पर प्रिय के दिमाग मई जो भी ख्याल आ रहे थी…. करीम के अगले कदम ने उन् सब को खारिज कर daya….usne अपने लुंड को प्रिय के मुँह से बहार निकला और झुक कर प्रिय के होंटो पर अपने होंठ रख daye…..kuch पल तोह प्रिय बहुत बानी rahi….par थोड़ी ही देर मैं उसने भी उससे रिस्पांस देना शुरू कर daya….aur अपने होंटो को ढीला चोर कर खोल दया. उसने प्रिय के नीचे वाले होंटो को चूसते, उसे बीएड से खड़ा काया, और अपनी बाहों को उसके कमर मई कस्ते हुए, उसे अपने से एक दम चिपका लाया….

अब प्रिय के मम्मी उसके चेस्ट मई धंस गए thee….usne प्रिय के कमर को सहलाते हुए, अपने हाथो को नीचे लेजाना शुरू काया… प्रिय का पूरा बदन उसके हाथों के हरकतों के साथ-2 कनाप रहा tha….poore बदन मस्ती भरी सिहरन दौउड़ाती जा रही thee….uske हाथो का दबाव प्रिय के जिस्म पर लगतार बढ़ता जा रहा tha…..phir जैसे ही उसने दोनों हाथों से प्रिय के बड़े-2 गोल चूतड़ों को पकड़ कर दोबच्चे, तोह वो एक दम से सिसकते हुए, उससे लिपट गए…..

प्रिय आज मुझे अपनी छूट मरने दोगी…..

करीम ने प्रिय के चूतड़ों को दोनों तरफ पहला कर मसलते हुए कहा…

प्रिय करीम के मुँह से अपने लाये ऐसे बोर्डिंग सुन कर एक दम शर्मा gaye….use आपने कानो मई से सेंक निकलता हुआ महसूस हो रहा था…. वो उसके बाहो से निकल कर सोफे के तरफ जाकर उसके तरफ पीठ करके कड़ी हो गए… प्रिय को यकीन नहीं हो रहा था की, करीम जैसा गन्दा आदमी उसे साफ़-2 लफजो मई कह रहा है, की वो मेरे छूट मरना छठा है… उसे पता था करीम हरामी है .. पर फिर भी इतने साफ़ साफ़ बोर्डिंग मई कोण कहता है क्या .. फिर उसका दूसरा मैं कहता है .. करीम कहता है.. जो कोई नहीं कहता वो करीम कहता है ..

उसका दिल जोरो से धड़क रहा था …. छूट मई धुनकी से बजानी लगी थी… अब करीम प्रिय के तरफ badha….iss बार उसने प्रिय के कंधो पर हाथ रखा, और उसके ड्रेस के स्ट्रैप्स कंधो से सरकने लगा…

प्रिय ने अपनी आंखे बंद कर ली, उसका दिल इस बात स्वीकार कर चुक्का था की, आज करीम हर कमीत पर उसकी छूट मरेगा ….जैसे ही ड्रेस के स्ट्रैप्स उसके कंधो से सार्क कर नीचे ए, तोह उसने अपने हाथो को अग्गे के तरफ बढ़ा कर उसके बाहों से वो स्ट्रैप्स निकल daye…..phir ड्रेस को पकड़ कर थोड़ा सा नीचे के तरफ झटका दया तोह, उसका ड्रेस खिसक कर प्रिय के मोठे चूतड़ों पर आकर अटक gaye….phir एक और झटका और अगले ही पल प्रिय का ड्रेस उसके कदमो मई पढ़ा था….

फिर ब्रा और फिर पेंटी तीनो एक के ऊपर एक ढेर हो चुकी थी…. प्रिय बिकुल नंगी हो चुकी thee…..ankhe बंद कए हुआ, तेज धड़कते दिल के साथ उस पल का इन्तजार कर रही थी, जब करीम उसके नंगे जिस्म को अपने बाँहों मई लेकर मसलना शुरू करेगा. रूम मई ऐसा सनता चाय हुआ tha….jaise उस रूम मई कोई हो ही naa….phir अगले ही पल प्रिय को अपने पीठ पर उसके नंगी चेस्ट का अहसास हुआ, उसके हाथ प्रिय के कमर के बगलो से निकल कर अग्गे के तरफ ए, फिर पेट से होते हुए, प्रिय के नंगी तानी हुई चुच्यों पर….

जैसे ही उसने प्रिय के नंगी चुच्यों को अपने हाथों मई भर कर मसाला. तोह प्रिय एक दम सिसक uthi…..aur उसके तरफ पालते हुए, उसके बाहों मई समाती चली गए….

और फिर करीम प्रिय को आपने बाँहों मई कस्ते हुए, उसके नंगे चूतड़ों को अपने हाथ मई लेकर मसलता तोह, वो उससे और चिपक जाते…. प्रिय को अपने मम्मो के निप्पल्स उसके चेस्ट मई रगड़ कहते हुए साफ़ महसूस हो रहे थी…. उसके रोम-2 मई मस्ती के लहर दौड़ती जा रही थी…

छिनाल…. बोल ना मुझे अपनी छूट मरने degee….kya …

अह्ह्ह्ह ये कैसा तरीका है पूछने का…..

प्रिय ने मान ही मान socha….jahil कही का….

उसने प्रिय के कानो को अपने होंटो मई लेकर चूसा तोह, वो एक दम से तड़प उठी

ुन्नन बूढ़े मुझे बीएड पर ली चलो……

प्रिय ने सिसकते हुए kaha….aur अपनी तरफ से उसके सवाल का जवाब भी दी daya…usne प्रिय को बाँहों मई भरते हुए उठा लाया...

और बीएड के पास आकर उसे धीरे-2 बीएड पर लेता daya…..uska लुंड प्रिय के आँखों के सामने फनफटा हुआ झटके खा रहा tha…..agle ही पल उस्सने बीएड पर एते हुए, उसके पेट पर अपने खुरदते होंटो को रख कर चूमना शुरू कर दया….

जैसे ही उसके खुरदते होंठ प्रिय को अपने पेट पर महसूस हुए, तब प्रिय ने सिसकते हुए, अपने सर के नीचे रखे तकए को अपने दोनों मुठयों मई बीच लाया….

shiiiiiiiiii सा …..kkkkk…aaaa…. रररीी… … मममममम…. मेरे… रज्जा…

प्रिय की आंखे मस्ती मई भरी होकर बंद होती चली gaye….hont बुरी तरह से थरथराने लगी थी…..

वो कभी उसके पेट को चूमता कभी अपने होंटो को रगड़ता तोह, कभी अपनी जीभ निकल कर पेट को चाटना शुरू कर deta….uske जीभ का स्पर्श अपने नंगे पेट और नाभि पर महसूस करके प्रिय का पूरा बदन कनाप रहा था…. उसके साँसे लगतार तेज होती जा रही thee…..saans लेना भी मुश्किल लग रहा था उसे …छूट मई तेज खिंचाव महसूस हो रहा tha…wo धीरे-2 अपने होंटो को पेट पर रगड़ते हुए, प्रिय के चुच्यों के तरफ बढ़ने laga...toh उसके बदन मई तेज गुदगुदी से दौड़ gaye….usne अपनी गुदाज चुच्यों को अपने हाथो से छुपा laya…par वो धीरे-2 ऊपर बढ़ता raha…phir प्रिय के हाथो के बिलकुल पास अपने होंटो को लेजाकर पागलो के तरह उस हिस्से को चूसने लगा….

काम मई बेहाल होकर प्रिय के हाथ धीरे-2 उसके चुच्यों पर से हटते जा रहे thee….aur उसके होंटो प्रिय के चुच्यों के हर इंच पर अपनी मोहर लगते जा रहे थी… फिर अचानक से उसने प्रिय के दोनों हाथो को पकड़ कर बीएड पर सत्ता daya….aur अगले ही पाल किसी वहशी के तरफ उसके राइट मम्मी को मुँह मई लेकर सूचक करना शुरू कर दया….

ुंहःहःहःहः shiiiiiiiiii ahhhhhhhhhh बुधीइ………

प्रिय ने सिसकते हुए अपने बदन को अकड़ा laya…itana मज़ा आ रहा था की, उससे बर्दास्त भी नहीं हो पा रहा था…

उसके मम्मी का निप्पल करीम के ताली और जुबान के बीच मई पीस रहा था… करीम प्रिय के निप्पल को भोत जोर से दबा -2 कर चूस रहा था…. प्रिय एक दम मस्त हो चुकी thee…..kab उसके टाँगे खुली और कब वो उसके टैंगो के बीच मई आकर बेथ गया…. प्रिय को पता नहीं चला. प्रिय आंखे बंद कए हुए किसी और ही दुनिया मई पहुंच गए thee…uss दुन्या मई जहा से वो हरगिज वापिस नहीं आना छथि thee…par अगले ही पल जब प्रिय को उसके धुनकी के तरह बज रही छूट के छेद पर करीम के लुंड का गरम और मोटा सुपड महसूस हुआ, तोह वो एक दम से तड़प उठी….

उसके छूट ने अपने गधे पानी का खजाना खोल दया… उसके छूट का छेद तेजी से खुलता और बंद होता प्रिय को महसूस हो रहा tha…mano जैसे अपने ऊपर दस्तक दी रहे उस सुपड को अपने अंदर जल्द से जल्द खेंच लेना छथि हो उसकी चैनल छूट …और प्रिय की हालत शायद अब्ब करीम भी अच्छे से समाज चुक्का tha….par वो बेहराम तोह, छूट के छेद पर लुंड का सुपड बिहड़ै हुए, उसके मम्मी को बचो के तरह चूस रहा tha…..jab प्रिय के बर्दास्त के इंतहा हो गए तोह, वो खुद ही बोल उठी…..

ओह्ह्ह्हह करीम प्लीज अब्ब और ना tadhphao…..maar लो मेरे छूट अह्ह्ह्ह जितनी देर मरज़ी मार lo….please मारो ना……

तभी प्रिय के आँख खुली … रात के 2 बजे थे… वो उठ के बीएड पाई बैठी थी.. आपने चेहरा आपने दोनों हाथो मई समाते हुई .. वो सोचने लगी .. ये कैसा सपना .. और सेल सपने मई वो कमीना .. साला सपने मई भी मुझे नहीं चोर रहा है .. प्रिय अगर तू नहीं उठाती तो अब तक तेरे साथ उसने चुदाई शुरू की होती…

ोूहु .. माय गोड्ढ.. ये कैसे हो रहा है .. इस कमीने का कुछ न कुछ सोचना पड़ेगा .. नहीं तो साला सचमुच मई मेरे साथ सुहागरात मनाएगा ..

फिर उसने बाजु मई रखे गिलास मई से पानी लिया .. और पानी पिने लगी.. फिर दिन भर हुई घटना को याद करनी लगी..

सुबह सुबह वो पूजा के घर गयी .. आपने शॉपिंग के लिए… फिर आपने आप को कहने लगी.. मई अगर पूजा के घर नहीं गयी होती तो ये सबकुछ मेरे साथ नहीं होता .. फिर से वो याद करने लगी.. वह पूजा नहीं मिली.. फिर मैंने आंटी और उस कमीने का पीछा किया .. उस कमीने ने मोके का फायदा उठा लिया.. मेरे बॉडी के साथ पुरे मज़े किये.. मुझे किश करने पर मजबूर किया.. फिर वो वाह से चला gaya…fir मई बहार आयी तो क्या देखा .. आंटी उसे पैसे दे रही थी.. 2000 के नोट्स की गद्दी थी.. तब मई सोचने लगी .. साला ये लेडीज को पाटकर पैसे भी आतता है क्या.. मई वही कड़ी रही .. मुझे लगा अगर मई अन्दर घर मई गयी तो साला फिर से मोके का फायदा न उठा ले .. और फिर से मेरे साथ सुरु न हो जाये… थोड़े देर बाद वो वह से आंटी को किश करके चला गया.. सेल ने आंटी को भी अपनी जाल मई फंसा लिया है.. मई अन्दर चली गयी.. तो पूजा मुज पर hi चिल्ला रही थी.. इतना लेत क्यों आयी.. मई कबसे तुम्हारा वेट कर रही हु.. मैंने उसे कहा ..मई कबसे आयी हु .. तो उसने कहा .. फिर तू इतने देर कहा थी.. अब मई कैसे बता सकती थी की तेरे यार ने मेरे को आने नहीं दिया … मैंने उसे कहा ..मई तुम कबसे ढूंढ रही हु.. तू कहा थी.. फिर हम लोगो ने ऐसे hi कुछ बातचीत की … फिर हम लोग शॉपिंग चले गए.. शॉपिंग करते वक़्त मुझे हमेशा लगता था की वो कमीना मेरे आस पास hi है.. मुझे देख रहा है.. मेरे हिप्पस को देख रहा है.. कही से आएगा और मुझे दबोच लेगा.. पर वो आया नहीं.. लेकिन मई डरती रही .. दिनभर मेरे दीमक मई वही चाय हुआ था.. शॉपिंग मई मेरा ध्यान hi नहीं था.. बाद मई रात मई राजीव के साथ डिनर के टाइम मई भी वही.. मेरे दीमक मई वही था.. और अब ये ड्रीम..

फिर प्रिय खुद को hi कहने लगी..

मई कुछ सोचती हु इस के बारे मई .. नहीं तो ये मुझे कही का नहीं रहने देगा..

और फिर वो पानी पीकर सो गयी..

उधर करीम का हल भी कोई ज्यादा अच्छा नहीं था. वो तो वैसे भी प्रिय के बारे मई इतना गन्दा गन्दा सोच चूका था .. उसको चूमने और मम्मी दबाने के बाद .. उसका लोढ़ा पहले से hi कण्ट्रोल मैं नहीं था.. ऊपर से उसने जब से उसके कहने पर करीम का चूमा तो करीम को लगा ये साली मुजसे जल्दी hi चुद जाएगी .. ये बात सोच के उसका लोढ़ा कण्ट्रोल के बहार हो गया था.. उसका मन तो कर रहा था अभी hi प्रिय के घर जा के उससे छोड़ दो.. पर यह तो वो कभी भी कर सकता tha..Usse तो इस पारी को अपने लोडे का घुलम बनाना tha...Essi घुलम जो उसकी हर इच्छा को हुकम समझे... जिसके लिए उसकी हर फरमाइश पूरा करना अपना धर्म हो.. करीम बैठे बैठे लुंगी पे hi अपने लोडे को सेहला रहा था और प्रिय के सेक्सी जिस्म को याद कर रहा था ..

करीम का अब खुद पर काबू नहीं था.. उसका लोढ़ा एक डैम टाइट हो चूका था... वो लुंगी के ऊपर से hi अपने लोडे को मसलते मसलते अपने आगे के प्लान के बारेमे सोचने लगता thai..Par करीम एक्ससिटेमेंट मई भी अपने होश नहीं खोता था... प्रिय जैसे कमसिन कलिओ को छोड़ पाने की सोच इतनी एक्ससिटिंग थी की वो कुछ और सोच नहीं पा रहा था, वो भी तब जब उसने प्रिय की खूबसूरती को आपने बहो मई लेके महसूस किया था .. ... पर इन सब के साथ साथ वो ये भी जनता था के ये साब तब hi मुमकिन है जब प्रिय उसकी रंडी बन जाएगी... अगर एक बार प्रिय उसकी हो गई तो मज़ा आ जायेगा .. ऐसा वो सोचता है ..

सवेरे 7 बजे जब अलार्म बजा तब प्रिय की आँखे खुली.. उस का उठने का मन तो नहीं था पर उठना पड़ा.. उठते hi उसको आपने पंतय मई कुछ अजीब सा फील हुआ .. तब उसे रात का पूरा सपना याद आ गया. उसके बदन से एक तेज़ झुरझुरी सी पास हो gai..karim ने उसके साथ ये सब कुछ किया ये सोच के उससे अपनी छूट में एक गुदगुदी सी महसूस हुई..

सुबह उतने के बाद से प्रिय को बहुत सिरदर्द हो रहा था .. उसे कुछ समाज मई नहीं आ रहा था .. सिरदर्द का टेबलेट खाने के बाद मई भी उसका दर्द काम नहीं हो रहा था .. उसे कुछ समाज मई नहीं आ रहा था.. करीम ने उसके दीमक की बत्ती गुल कर रखे थे..

वो सोचने लगती है.. कहा से इस कमीने पूजा ने पूर्वी भाभी के लिए टेलर के लिए पूछा और मैंने इस हरामी बूढ़े का नाम उसको बता दिया.. अगर पूजा ने मुझे ये नहीं पूछा होता और मैंने न बोलै होता तो आगे का ये सबकुछ न हुआ होता (.. और शयद स्टोरी भी नहीं बन पति )अब ये साला मुझे ठीक तरीके से सोने भी नहीं दे रहा है ..

फिर वो सोचने लगी .. मई किश से इस के बारे मई बात करू .. मेरे सबसे अच्छी जमती है पूजा और काजल भाभी से.. उसमे से एक को इस कमीने ने अपनी रांड बना के रखा है .. और दूसरे को क्या बना रखा है मुझे hi पता नहीं.. फिर वो कुछ सोचती है .. सोचने के बाद वो फैसला करती है की मई करीम को मिलूंगी.. शायद उसे किस चीज़ का तो लालच देने पड़ेगे.. मुझे पता है वो जल्द नहीं मानाने वाला पर मुझे तरय तो करना पड़ेगा hi …

प्रिय के लिए भी ये आसान नहीं tha...Ek गैर मर्द, वो भी इतना गन्दा ..जब वो कल उसके बूब्स दबा रहा था तो एक अजीब दर और एक्ससिटेमेंट का मिक्सचर वाली फीलिंग हुई थी उसे तब ... उसे ये फीलिंग थोड़ी बहोत पसंद तो आयी थी.. पर वो घबरा भी गयी thi..Uski शर्म उसको रोक रही थी... उसका दिमाग काम करना बांध कर चूका था.. वो तय नहीं कर प् रही थी की वो क्या करे...

प्रिय को ये एक्ससिटिंग लग रहा था पर वो यह नहीं सोच रही थी की उसके ऐसे करने से वो करीम का काम आसान और खुद का काम मुश्किल बना रही थी...

उसका मैं तो नहीं हो रहा था की करीम को कॉल करे पर दूसरा कोई ऑप्शन उसके पास नहीं था .. कुछ देर सोच कर वो करीम को कॉल करने लगती है.. उधर करीम प्रिय के बारे मई hi सोच रहा तह .. तभी प्रिय का कॉल देखते hi कुश हो जाता है .. कॉल उठाते hi वो बोलता है

ारे रंडी .. तू .. सुबह सुबह .. मुझे याद किया … छूट मई बहुत खुजली हो रही है क्या ..

एकदम से करीम से कही गई इस बात से प्रिय क्या रिएक्शन दे ये सोच नहीं पति.. प्रिय एक डैम से खुद को ज़लील होता हुवा महसूस कर रही थी... वैसे सोचा तो उसने ये भी नहीं था के कोई उसे रंडी बुलाएगा.. वो भी इतना गन्दा इंसान.. और अभी तो बहोत कुछ होना था जो उसने कभी सपने मई भी नहीं सोचा था.. अब वो रंडी शब्द पे कोई ऑब्जेक्शन नहीं ले सकती थी .. उसे पता था करीम ऐसा hi है .. ..

मुझे तुमसे मिलाना है .. कहा मिलोगे.. शादी का कार्ड देना है..

प्रिय के ऐसे कहते hi करीम बहुत कुश हो जाता है ..

कब मिलाना चाहती हो ..

आज .. दोपहर मई ..

आ जाओ मेरे घर मई

दूसरी किसी जगह पाई मिल नहीं सकते क्या

नहीं रांड ..

ठीक है .. मई आ जाउंगी .. पर ये बात किसी को मत बताना ..पूजा को भी

क्यों

आने के बाद बता दूंगी..

ठीक है .. आ जाना

प्रिय ने आज एक बैकलेस - स्लीवलेस क्रीम ब्लाउज पहना था.





ऊपर क्रीम कलर की साड़ी पहनी थी. .. बल खुले हुए थे… काळा काळा बाल उसके गांड तक लम्बे थे.. गले में एक सोने की चैन , हाथ में सोने की चुडिया और पेअर में पायल. .. होठो पे लाल लिपस्टिक. ..और एकदम हल्का सा makeup.Priya आज इस ड्रेस मई एक डैम बाला सी खूबसूरत लग रही थी. देखते hi लोडे का पानी निकल jaye…uski 34-26-36 के साइज को इस सरे मई देखकर करीम पागल होने वाला था आज..

प्रिय काजल के साथ शॉपिंग मॉल मई आ जाती है .. शॉपिंग के बहाने .. वो काजल को कहती है .. बहभी .. मई 15 मिनट मई आती हु .. एक फ्रेंड का घर है यहाँ नज़दीक .. उसको शादी का कार्ड देके ..

हाँ .. ठीक है जल्दी आना..

फिर वो करीम के घर अपनी कार लेके जाने लगती hai..Uske दिमाग मई अब भी करीम चल रहा था.. उसकी एक एक बात उसे याद आ रही थी.. करीम ने जब पहली मुलाकात मई उसे मॉडल कहा था वो याद करके वो थोड़ा शर्मा गई... शर्म के साथ साथ एक गुरुर का एहसास भी उसे होने laga..Uska दिमाग न चाहते हुए भी ये सोच रहा था …

क्या मई सुच मच इतनी ख़ूबसूरत हु???


अब करीम का घर आ गया था ... टॉँग गालिओ क बिच मई से एक पुराने और छोटे मकानो की लाइन थी... जो थे तो पक्के, पर झोपड़ियों से ज्यादा नहीं थे..!

दरवाज़ा खोते hi करीम की नजर प्रिय पर पड़ी.. और वो उससे देखता hi रह गया..





करीम की नजर जैसे hi प्रिय पे पड़ी, उसके लोडे मई हलचल होने लगी. एक तो वैसे hi प्रिय इतनी सेक्सी थी और स्लीवलेस ब्लाउज और सदी मई वो और भी सेक्सी दिख रहे थे. और ऊपर से जब उसने सोचा की कुछ hi दिनों मई वो इस ख़ूबसूरत बाला को छोड़नेवाला है तो उसका लोढ़ा टाइट हो क दर्द करने laga.use देख कर मैं मई कहने लगा ..

बनछोड़.. क्या मस्त लग रही है... और इस्सके पसीना... है .. साली .. लगता है आज मेरा कतल कर के रहेंगे..

फिर भी उस्सने अपने आप को संभाला .. संभालते हुई आपने आप को समजने लगा ..

अभी मुझे अपने आप को कण्ट्रोल करना होगा, वर्ण शायद इस्को कण्ट्रोल करने का मौका hi न मिले..

करीम की नजर प्रिय के हलके से दिख रहे क्लीवेज के बिच बेहराहे पसीने की धार पर जाता है.. और वही रुक जाती है.. ये देखकर करीम क लोडे मई हरकत होने लगती है...





प्रिय को देख के करीम मैं मई सोचने लगा .. साली साड़ी मई क्या दिख रही है...! ऐसा लग रहा है इसकी लचकती कमर और गांड, टाइट साड़ी मई मुझे हर डैम बुला रही है और कह रही है आओ मुझे chodo...aur इसकी ब्लाउज मई से दिखती नंगी पीठ मुझे बुला रही है और कह रही है की आओ चूमो मुझे...

करीम ने शर्ट, अंडर एक जालीदार बनियान और निचे एक चेक्स वाली ब्लू लुंगी पहन राखी थी.. ये उसका रेगुलर कस्टम था..

साड़ी मई ढके हुए उसके आम साँस लेने की वजह से ऊपर निचे हो रहे थे... करीम की नजर भी अभी प्रिय क आम पर hi थी.. उसके गोल गोल आम को ब्लाउज मई देख कर भी करीम क लोडे मई गुदगुदी हो रही थी.. पता नहीं जब कभी वो नंगी प्रिय को देखेगा तब क्या होगा...

प्रिय कुछ देर तक लम्बी लम्बी सांसे लेती हुयी दूसरे तरफ नज़र करकर hi देखती रहती है..

आज तू एक डैम मस्त लग रही hai...Aur इस साड़ी मई तू और भी मस्त लग रही है..!

उसे पता था करीम कुछ गन्दा बोलेगा पर उसे यकीं नहीं था की करीम ऐसा कुछ बोलेगा ..प्रिय को करीम की ये फ्लिर्टिंग थोड़ी अच्छी लग रही थी.. वैसे भी नोर्मल्ली हर लड़की तारीफ की भूखी होती है.. और अपनी तारीफ को इग्नोर नहीं कर sakti..Waise भी प्रिय को ऐसी ओपन फ्लिर्टिंग ज्यादा सुनने को नहीं मिलती थी.. और अपने बॉयफ्रेंड से तो बिलकुल नहीं.. उनके बीच मई ज्यादा कोई रोमांटिक टॉक अभी होती hi नहीं थी... पहले होती थी.... उसके लिए भी ये साडी चीजे महज एक फ़िल्मी चीज hi थी.. कोई उसके लिए ऐसा उसके सामने बोलेगा ये उसने कभी सोचा नहीं tha..Esi बातो से उससे भी नए रोमांच का अनुभव हो रहा था…

करीम फिर एक नजर प्रिय क बदन पर डालता है... प्रिय का पसीना अब रूम मई जो फैन की हवा थी उससे सुख चूका था..

पानी चाहिए क्या तुजे ..

प्रिय हां कहती है

मुझे भी चाहिए ..

करीम ने ऐसे कहते hi प्रिय उसे आचार्य से देखने लगी ..





फिर करीम अपनी हसी चहरे पर लेट हुई कहता है ..

उस मटके मई पानी है .. वह गिलास है .. तू उस से पानी ले ले .. और मुझे भी दे दे..

प्रिय बात को ज्यादा बिगड़ना नहीं चाहती थी इस लिए वो करीम की बात मान लेते है ..

इसी अजीब सी खुसी और एक्ससिटेमेंट और नर्वस्नेस की मिक्स फीलिंग क साथ प्रिय पानी निकल कर करीम को देती है.. प्रिय के हाथ से पानी लेते वक़्त करीम जानभूझ कर अपना हाथ प्रिय के हाथ को लगता है.. पर उसे पता था करीम ऐसा hi है और इस चीज को इग्नोर कर देती है.. और करीम क सामने क बीएड पे बेथ जाती है ..

और सोचने लगती है की बात को आगे कैसे बढ़ाये.. शुरुआत कैसे करे??

जब करीम को प्रिय ने बताया था की वो उसको मिलाने आये है .. तब करीम ने आपने घर के सरे लोंगो को बहार भेज दिया था .. घर मई वो अकेला hi था ..

जब प्रिय मटके से पानी निकलते वक़्त थोड़ी झुकती है और उसकी गांड थोड़ी बहार निकलती है.. करीम चेयर पाई बैठ कर यही देख रहा था.. वो अपने लुंड को लुंगी के ऊपर से मसलने लगता है.. पानी निकलने के बाद प्रिय करीम की तरफ मुड़ती है उसे पानी देने के लिए... पर करीम को अपने लुंड को मसलते देख एक डैम से आपने जगह पाई रुख जाती है .... वो सोचती है .. कमीना साला .. मेरे अस्स को देख कर ऐसे गंदे हरकते कर रहा है..

वो दोबारा करीम को देखती है और उस को मुस्कुराता हुआ पति है... करीम ने अपना लुंड मसलना तभी बंद कर दिया था जब प्रिय पीछे मुद कर सीधी हुई थी..

पानी देते वक़्त करीम प्रिय के सॉफ्ट हाथो का टच पा कर खुद को कैसे कण्ट्रोल कर रहा था ये सिर्फ वही जनता था... उसका मन तो कर रहा था के प्रिय को यही नंगा कर के छोड़ दे.. पर उसने खुद को रोका... उसका मकसद रपे करके घडी दो घडी का मजा लेना नहीं था.. वो तो वो कभी बे उठा सकता था.. पर वो तो इस बाला को अपना गुलाम बनाना छह रहा था... ऐसा गुलाम जो उसके लुंड के अलावा कुछ न सोचे.. जो उसके कहने पर कुछ भी करे... उसका हुकम hi जिसके लिए सुब कुछ हो..

पानी देने के बाद प्रिय करीम के सामने जो एक छोटा सा बीएड था उसपर जेक बैठ जाती है ..

अरे इतनी दूर क्यों बैठी है मेरी रंडी. आजा मेरे पास एके बेथ

उसने घर से आते वक़्त hi सोच लिया था की वो करीम की लैंग्वेज को इग्नोर करेंगे .. उसका इशू नहीं बनायेगे .. करीम की ऐसी लैंग्वेज सुन क प्रिय थोड़ी ुनस्य फील जरूर करती है.. पर पता नहीं क्यों उससे ये लैंग्वेज थोड़ी पसंद भी आ रही थी.. और वैसे भी पसंद अगर उसे न भी आती तो वो क्या करनेवाली थी..

नहीं करीम मई यही ठीक हु...

किन साली.. मरे पास बैठने से दर रही है क्या ..

वैसे बात नहीं है .. करीम

फिर वो बोलने लगी ..

करीम मई तुम मेरे शादी का कार्ड देने आये हु ..

ऐसा कह के करीम के पास जाती है .. और उसे कार्ड देने लगती है .. कार्ड देने के लिए करीम जिस चेयर पाई बैठा था वह उसे थोड़ा जुकना पड़ा था ..

इस लिए उसके ब्लाउज से थोड़े क्लीवेज करीम को दिख जाते है .. करीम वो देख के कुश हो जाता है .. जब प्रिय ने देखा की करि कहा देख रहा है तब वो सीधा खड़े होक आपने जगह पाई बैठ जाती है..

घूमके आपने जगह पर बैठते वक़्त करीम पीछे से प्रिय को जाते हुए देख रहा था..

चलते वक़्त उसकी लचकती हुई गांड देख कर करीम एक पल के लिए मदहोश होने लगा.. उसका लुंड फड़फड़ाने लगा.. ऊपर से प्रिय का क्रीम कलर स्लीवलेस और बैकलेस ब्लाउज, जिसमे एक 2 इंच की पट्टी hi थी जो उसकी पीठ पर थी.. एक कन्धा जो साडी का पल्लू लिया हुआ था उस पर से निचे कुछ काम दिख रहा था क्यों की पल्लू बिच मई आ रहा था.. पर दूसरी साइड का पूरा व्यू कमर तक नंगा था सिवाय एक पतली सी ब्लाउज की पट्टी के और प्रिय के लम्बे बालो के अलावा... करीम प्रिय की गांड को देखता रहता है.. और सोचता है ..

हाय sali..Iss गांड मई अपना मुसल तो घुसना hi है... बस मौका मिलने दे. सुहागरात तक का मई कैसे इंतजार करूँगा Janeman?...kab तेरी छूट का पानी चखने को मिलेगा? कब मेरे लोडे को तेरे मोह की गर्मी नसीब होगी.? कब मेरे लोडे को तेरी छूट की दीवारों को छोड़ा करनेका मौका मिलेगा? ? और कब बनेगी तू मेरी रांड .??.

अब करीम ख़ुशी से शादी का कार्ड देखने लगता है .. वो मैं मई कहता है .. साली ने कार्ड तो बहुत महँगा बनाया है.. तो शादी भी बहुत बढ़िया होगी .. और हनीमून उसे भी बढ़िया .. साली के साथ सुहागरात मानाने मई बहुत मज़ा आ जायेगा ..

और फिर वो प्रिय की तरफ देखते हुई कहता है..

थैंक्स .. प्रिय .. तूने मुझे आपने शादी मई बुलाया .. और पर्सनली मेरे घर आये मुझे ये कार्ड देने के लिए .. मई तेरे शादी मई जरूर आऊंगा ..

करीम को देख कर प्रिय एक बार मुस्कुराती है..

वेलकम करीम..

प्रिय करीम का ये बदला हुआ रूप देख के कुश हो जाती .. उसे लग रहा था अब गन्दी बात करीम नहीं करेगा ..

वैसे रांड.. तू नहीं बुलाती तभी भी मई तेरे शादी मई आ hi जाता ..

पर करीम तो करीम है .. वो आपने आदत कैसे छोड़ेगा ..

करीम के ऐसे कहते hi वो उसे अजीब से नज़रो से देखने लगी ..





ऐसे मत देख मुझे.. मैंने पहले hi बोलै है न तुजे मई तेरे साथ सुहागरात मानाने वाला हु.. तो उसके लिए मुझे तेरे शादी मई आना hi पड़ता hi न ..

करीम के ऐसे कहते hi वो डरने लगी ..

देखो करीम .. मई सिर्फ तुम कार्ड hi देने नहीं आये हु ..

तो क्या छूट देने आये है ..

मेरे बात तो सुनो

हाँ .. बता रांड ..

मई तुमसे फ्रेंडशिप करना चाहती हु .

प्रिय के इस बात से करीम बहुत कुश हो जाता है

वो तो बहुत अच्छी बात है ..

ठीक है तू फ्रेंडशिप कर .. पर फ्रेंडशिप के चक्कर मई मई तुम्हारे छूट छोड़ने वाला नहीं हु .. समजे रांड ..

प्रिय आज तक किसी से दबी नहीं thi...Kisi ने आज तक करीम की तरह ऑथोरेटिवे टोन मई प्रिय से बात नहीं की थी.. उसे आज तक जो भी मिला प्यार करने वाला मिला.. पर करीम के अग्रेसिव बेहेवियर मई कुछ बात थी..

देख रांड .. तुजे मई आसानी से छोड़ने वाला नहीं हु..

प्रिय की दर के मरे हालत ख़राब हो रही थी. वो सोचने लगी .. क्या करू ? कही ये फिर से मुझे न पकड़ ले. हे भगवान् क्या करू अब ? उस वक़्त तो जैसे प्रिय के दिमाग ने काम करना बिलकुल बंद hi कर दिया था.

उसने डर्टी हुई आवाज में कहा…

देखो .. करीम .. मई तुम्हारे साथ एक सोडा करना चाहती हु ..

रांड .. तू .. और मेरे साथ सोडा ..

प्रिय ने करीम की मुस्कान, उसकी बात में खुद को इज़्ज़त न देना जैसी बातो पर जरूर गौर किया. पर उसे ये पता था की करीम ऐसा hi है ..पर ये शायद एक बड़ी गलती होने वाली थी.

हाँ

बोल .. क्या कहना चाहती है ..

मई आपने मंगेतर से बहुत प्यार करती हु .. मैंने अपनी जवानी राजीव क लिए hi राखी है .. आपने बदन को किसी के हवाले मैंने अब तक नहीं किया है .. मेरे विर्जिनिटी सिर्फ राजीव उतरेगा .. ऐसा मैंने तै किया है ..

तो मई क्या कहु..

मई तुमसे फ्रेंडशिप के लिए तैयार हु .. पर तुम ये भूल जाना पड़ेगा की तुम मुजसे सुहागरात मनाओगे..

कभी नहीं …

प्ल्ज़ मान जाओ करीम

तेरे सोडा यही है क्या ..

नहीं

तो जल्दी बोल न क्या सोडा है .. बात को क्यों घुमा रही है ..

वो निचे गर्दन कर के शरमाते हुई कहने लगी

मई तुम किश देने के लिए रेडी हु .. और ..

और क्या ..

डरते हुई .. कहती है..

और शादी के बाद.. याने राजीव के बाद हनीमून होने के बाद मई आपने शरीर तुम सपने को तैयार हु ..

करीम मन में कहता है साली आज तू सिर्फ किश दे पर थोड़े दिन के बाद तू मुझसे आपने छूट मरवाने के लिए गिड़गिड़ायेगी... तुझे मेरी हर बात मानाने होगी ... अपनी पर्सनल रैंड बनाऊंगा मई तुझे... बस तू देखती जा

अपनी सुहागरात बचने के लिए , अपनी विर्जिनिटी बचने के लिए और अपनी नथनी सिर्फ आपने राजीव के हाथ से उतरने के लिए उसे आज सब मंजूर tha...Par उसका सामना करीम से था .. शयद वो ये बात भूल गयी थी.. वो करीम को जितना कमीना समजती थी उसे कई गुणा ज्यादा करीम कमीना था..

तू क्या मुझे पागल समजते है क्या

मतलब

मतलब तेरे हनीमून तक मई शांत राहु .. तू उस राजीव के साथ सुहागरात मनाएंगे .. और बाद मई मेरे गांड पाई लात मरेंगे

नहीं करीम ऐसा नहीं करुँगी ..

पक्का करेंगे.. और किश का क्या वो तो मैंने पहले hi तुजे कल किया था न

वो तो तुमने जबरदस्ती किया था .. अब मई अपनी मर्ज़ी से दे रही हु ..

प्रिय को पहले लगा जब वो करीम को कहेगे की वो उसे किश देने को रेडी है तब उसे लगा था की करीम मान जायेगा .. पर उसके बार बार कहने पर भी जब करीम मान नहीं रहा था तब प्रिय अब थोड़ी फ्रुस्ताते भी हो रही थी... इतना तो आज तक उसने किसी को नहीं मनाया था. .. उसने फिर एक कोशिश की..

Ok ठीक है.. तो तुम hi बताओ के मई क्या करू जिससे तुम्हे यकीन हो जायगा के मई तुम आपने बदन हनीमून के बाद सौंप दूंगी..? तुम्हे किस बात का भरोसा चाहिए ?"

देख.. अगर तू सच मई रेडी है तेरे होनेमून के बाद तेरे छूट मुझे देने को तो मेरी 2 शर्त है... अगर तू मानेगी तो hi मुझे यकीन होगा की तू जो कह रही है सुच है... और एक गारंटी भी मिल जाएगी मुझे की तू अपनी बात से मुकर नहीं जायेगे

गारंटी??

है गारंटी.. मैं नहीं चाहता के तू आपने बात से पलट जय .. और तू जानते है की मई कितना कमीना हु.. अगर तू अपनी बात से मुकर गयी न रांड .. फिर तू भी जानती है मई तेरा ककया हशर होगा .. पर ये सब मई नहीं करना चाहता .. इसलिए मुझे गुरंटी चाहिए ..

गुरंटी ?? वो तो दे रही हु न .. किश दे रही हु न..

किश देकर तू मुज पर मेहरबानी नहीं कर रही है

क्या शर्त है तुम्हारी

प्रिय भी अब उत्सुक थी की करीम क्या शर्त रखेगा

"पहले बोल की तुझे मेरी शर्त मंजूर है"

"पहले शर्त तो बताओ.."

"नहीं.. पहले शर्त को मन फिर hi बताऊंगा.. अगर तू सच मई मेरे सात डील करना चाहती है तो मन मत कर.. मेरे शर्त को ...

प्रिय थोड़ी कंफ्यूज थी... क्या करे? शर्त मने या नहीं? पर फिर उसने अपने आपको मनाया के शर्त hi तो है...!!

शर्त मानना … न मानना .. शर्त पाई देपेंद करता है ..

ठीक है तेरे बात मंजूर है .. फिर सुन मेरे शर्त…

ठीक है बताओ

नहीं ऐसे नहीं.. अपने होने वाले पति की कसम खा.. के तू मेरी दोनों शर्त मानेगी और पीछे नहीं हटेगी

करीम प्रिय का स्वाभाव अचे से जनता था .. उसी स्वाभाव का करीम बखूबी से फायदा उठा रहा था...

प्रिय थोड़ी शॉक हुई और कंफ्यूज भी.. फिर उसने सोचा .. जब उसने इतना रिस्क लेनेका सोच hi लिया है तो ये थोड़ा और सही.. ये सोच कर प्रिय बोली

ठीक है अपने होने वाले पति की kasam...Ab तो बताओ

करीम थोड़ा रुकता है और " तुझे बुरा तो नहीं लगेगा न?"

करीम एक निहायती कमीना इंसान था. वो जवान लड़कीओ का बहोत शौखीन था, खास कर के शादीशुदा औरतो का… तो घर मई आये ऐसे बाला की खूबसूरत जवान ुनचुइ लड़की को कैसे chorega…priya करीम के शर्त के लिए खुद को तैयार कर रही थी.. उसे पता था करीम बहुत कमीना इंसान है .. वो कोई गन्दी hi शरत रखेगा .. जिससे मई आसानी से पूरी न कर पाव या मेरा मैं वो शर्त पुरे करने से डरेगा .. जिस वजह से वो मुज पर यकीं नहीं करेगा… थोड़ी झिजक के साथ प्रिय ने यही सोचा ... पर वो करीम को यकीन दिलाना छह रही थी की वो उसको धोका नहीं देगी .. ... साथ hi पता नहीं किन वो करीम को मायूस भी नहीं करना छह रही थी...

इधर करीम भी समाज रहा था की बर्फ टूटनी शुरू हो गई है.. अब अगर सही वार किये तो बर्फ चुरा हो hi जायगी..

ठीक है ..? मई बुरा नहीं मानूंगी .. अब बताओ तुम क्या कह रहे थे? क्या है तुम्हारे शर्त?"

देख रांड .. मई अपनी शर्त बता दूंगा .. पहले ये बता .. देख तू बुरा तो नहीं मानेगी न?

नहीं manungi...bola न बाबा.. बताओ न.. अब ..

देख बुरा मत मानना... पर मेरी शर्त है की.. मई चाहता हु के अगर मई तुज पर यकीं दिखाऊ .. तेरे बात पर भरोसा करू .. तो बदले मई तुजे मेरा लुंड चूसना होगा ..

ये क्या बकवास है.. ये मई नहीं कर सकते..

प्रिय ये शर्त सुन कर एक डैम से डुंग रह गयी... और प्रिय क मुँह से शॉक क मरे ये निकल गया... ये एक सुद्दीन रिएक्शन था.. प्रिय अपने अप्प को कण्ट्रोल नहीं कर पायी..

क्यों मंजूर नहीं है क्या..?

प्रिय समझ नहीं पा थी की वो क्या रिएक्शन de...Uska दिल जोरो से धड़क रहा tha..Wo थोड़ी शॉक मई थी... इस वजह से वो करीम क चेहरे का रिएक्शन नहीं देख पायी... और फिर इतना hi बोली..

देखो करीम ये मई नहीं कर सकती...

वाह्ह तो तूने अभी से हार मन ली न...? मुझे पता था ..!

उसने अपना गुस्सा कण्ट्रोल किया और करीम को समझने की कोशिश करते हुए कहा

प्लीज करीम ... तुम मुझे किश करो वह तक ठीक है.. पर ये .. नहीं नहीं.. मेरी इज्जत की …

हाँ .. हाँ .. पता है..

करीम ने प्रिय की बात काटते हुई कहा ..

प्रिय को पता था की करीम को समझाना बहोत मुश्किल है, क्यों की जब करीम पर हवस हावी होती है तो वो बहोत वेह्शी हो जाता है... कुछ भी कर सकता है और किसी की नहीं सुनता.. फिर भी एक कोशिश के तौर पर उसने करीम से कहा..

नहीं करीम .. मुझे माफ़ कर दो.. मुझसे नहीं होगा…

करीम ने मोके को भाप कर बोलै

सब समझ ता हु.. रहने de...Aur अपने होने वाले पति की कसम भी खायी थी न.. तूने !! फिर भी मेरी शर्त को मान न पायी न..

नहीं ऐसी कोई बात नहीं है

प्रिय थोड़ी घबरा गई.. उससे लगा शायद वो सिचुएशन को हैंडल नहीं कर प् रही है.

अब मई तुझपे कैसे भरोसा करू क तू तेरे बात से मुकर नहीं जायेगे ?

करीम ने ऐसा दिखाया जैसे वो कुछ ज्यादा गुस्सा है..

नहीं तुम गलत समाज रहे हो

है है.. में सब समझता हु.. दोस्त कहती है ? साली कामिनी कही की.. रैंड साली..

करीम प्रिय के दिमाग से खेल रहा था. ताकि वो उसे आगे से रोके नहीं पाए. एक पड़ी लिखी होने के बावजूद प्रिय करीम के इस खेल को पहचान न saki.karim के मुँह से खुद के लिए कामिनी और रैंड सुन के उससे कुछ अजीब फीलिंग हो रही थी... वो पता नहीं क्यों पर थोड़ा अडवेंचरउस फील कर रही थी जैसे उसने कुछ डेरिंग वाला काम किया ho...Par उसने अपने दिमाग में आयी इस फीलिंग को एक साइड मई हटा दिया...

नहीं करीम तुम मुझे गलत समाज रहे हो.

क्या गलत समाज रहा हु .. अपनी बात से अभी के अभी तूने पालते मरे .. और मई तुझपर भरोसा क्यों करू.. इतने दिनों बाद तू आपने शबद पर कैसे कायम रहेंगे..

प्रिय अब सोच रही थी की बात हाथ से बहार जा रही है... अभी दो मं पहले तो दोस्ती की बाटे हो रही थी और अभी ये बाते..

मुझे माफ़ कार्डो.... लेकिन मई ये नहीं कर सकती..

अच्छा अभी मेरा लुंड मू मई तुजे लेने को तकलीफ हो रही है तो शादी के बाद कैसे मेरा कला मुसल लुंड आपने छूट मई लगे..

प्रिय शॉक हो गई.

वो निचे गार्डन कर के कहती है ..

वो मई तब कर लुंगी ..

झूठी… तू कुछ नहीं करेंगे.. तू सिर्फ तिमेपास करेंगे.. और तेरे सुहागरात होने तक मुझे ऐसे hi घुमएगे.. एक दो किश देकर..

प्रिय सोच रही थी .. मई जितना इससे कमीना समाज रही टी उसे ज्यादा चालू निकला ये तो..... वो इस सिचुएशन को अब कण्ट्रोल भी नहीं कर पा रही थी. उसे एक अज्जेब सा दार लग रहा था.. प्रिय कुछ भी समझ नहीं पा रही थी. प्रिय एक अज्जेब सी मुश्किल में thi..Wo तय नहीं कर प् रही थी की क्या उसे करीम के साथ आगे बढ़ना चाहिए या नहीं? क्या करीम की शरत मानना ठीक रहेगा?

करीम प्रिय को अपनी और खींच रहा था.. प्रिय करीम को सेक्स के िर्रादे से नहीं, पर हआ! सोच जरूर रही थी उसके बारे मई . उसे ये पता नहीं चल पा रहा था की वो क्या करे अब ..

प्रिय ने मन में सोचा के अब चाहे कुछ भी हो जय.. कुछ भी सहना पड़े.. कुछ बी सुन्ना पड़े बोलना पड़े... मई पीछे नहीं हटूंगी... अगर करीम का मुझे मू मई लेना पड़े तो मई ले लुंगी .. नहीं तो ये मेरे शादी को स्पोइल करेगा .. मई जैसा राजीव के साथ सुहागरात मानना चाहती हु वैसे ये मानाने नहीं देगा.. ..पर मई अब अपनी सुहागरात बचके रहूंगी ..

और ये सोचते हुई प्रिय है केर बोली

ठीक है .. जैसे तुम चाहो..

ये सुन के hi करीम के लोडे मई हलचल बढ़ गई.. वो समझ गया के वो सही रस्ते पर जा रहा है.. अगर सही से उसने बात आगे बधाई तो ये वो सब कुछ करेगी जो एक सस्ती रंडी भी करने से मन करती है... इतनी ख़ूबसूरत लड़की के साथ वो क्या क्या करेगा ये सोच कर उसका लुंड अब दर्द करने लगा था...

वह मेरी रैंड... तो सुच मई मेरी दोस्त है..!

सो तो मई हु

प्रिय ने थोड़ा कॉन्फिडेंस दिखते हुए कहा

करीम ने सोचा .. यही सही मौका है.. अब मुझे खुल के इससे बाते करनी पड़ेगे ..

चल अब बता तू मेरा लौड़ा कैसे चूसेगी?

क्या??


प्रिय शॉक हो गई.. उसे कुछ समझ में नहीं आया

करीम ने मान मई सोचा .. साली एक बार लुंड चूस मेरा .. हे हे.. फिर कल से तू मेरी होगी.. तेरी छूट, गांड, मुँह.. तेरा ये पूरा मखमली बदन मेरा होगा... और उसके बाद तो तू खुद चल कर मेरे पास ayegi..Bus एक बार मेरा लोढ़ा आपने मू मई ले तो ...जानेमन

बता न रांड ..

प्रिय ने भी अब तक नहीं सोचा था तो वो करीम को क्या बताएगी.. ??

ठिका है .. जाने दे .. अब हो जा शुरू..

क्या .. हो जा शुरू..

मेरा लुंड चूसना

अभी .. और यहाँ ..

प्रिय ने बनावटी गुस्से से कहा

क्यों आपने यार के घर उसका कला मोटा लुंड चूसना अच्छा नहीं लगेगा क्या तुजे

नहीं ऐसी कोई बात नहीं है

तो बात क्या है ..

नहीं.. आज नहीं.. बहभी वह मॉल मई मेरा वेट कर रही है ..

देख साली... नखरे मात कर.. आज मेरा बहोत मान है.. मुझे किसी भी हालत मई तेरे साथ ये करना है.. तेरे मुलायम मू मई मेरा सख्त लुंड डालना है.. और इस तेरे मुलायम हूंतो से मेरे लुंड को चुसवाना है..

प्रिय ाभ ख़ामोशी से बहार की ओरे देख रही thi......aur बीच बीच मई थोड़े थोड़े डियर के लिए वो एक नज़र करीम की ओरे देख लेती थी ......

प्रिय एक नज़र करीम की ओरे डेक्टि हैं फिर वो अपने खुले बालों को बाँड्ने लगती हैं........

ये देखकर करीम बोल पड़ता हैं.....

रहने दे न रांड ........ तेरे बल खुले होते हैं तो तू और भी सेक्सी लगती हैं.....

प्रिय को लगा अब यहाँ से जाना hi बेहतर होगा .. नहीं तो ये हरामी मुझसे ऐसे hi गन्दी भाषा मई बाते करेगा ..इसलिए वो वह से जाने से पहले आपने आप को ठीक करके यहाँ से जाना उसने ठीक समजा .. इसलिए प्रिय वह एक टूटा फूटा ड्रेसिंग टेबल था उसके सामने बेथ गयी और अपने साड़ी और बालू को ठीक करने लगी ….और उसके पीछे करीम खड़ा था… हाथ मई आपने हतियार पकड़ के ..

आह जाएं आज तोह गजब ध रही ho….sachi तुम्हारे होंटो पर ये मैरून लिप कलर भोत सेक्सी लगता है….

उसने प्रिय के पीछे आकर उससे अपने बाँहों मई भरते हुए कहा..

आह्ह्ह्हआआ… चोरो मुझे .. मुझे जाना है .. तुम्हारे इरादे मुझे कुछ सही नहीं लग रहे है.. मैंने यहाँ आके गलती की है ..

प्रिय ने अपने दोनों हाथ से करीम ने जो दो हाथ से उसके कमर को पकड़ा था उसको चुराते हुई कहा ..

आज इस मैरून के लिप्स से लुंड चुसवाने का दिल कर रहा है…. रांड…

ड्रेसिंग टेबल पर bethe-bethe करीम के तरफ घूमते है … प्रिय एक क्रीम रंग की ट्रांसपेरेंट साडी पहन कर करीम के सामने सेक्सी अंदाज़ मई बैठे हुई थे..

उसी जगह पाई जहा करीम की बहुत साडी बाज़ारू रंडिया इस से पहले बैठे थी.. .......उसका ब्लौसे डीप कट था और पीठ आधी से ज्यादा नंगी thi.......blowse के अंदर ब्रा की स्ट्रिप्स साफ़ दिखाई दे रही थी....... आम का करीब 25% हिस्सा बहार की ओरे दिख रहा tha....jo किसी भी मर्द का खून गरम करने के लिए काफी tha.....blowse इतनी टाइट की मनो अभी उसके दोनों आम ब्लौसे से बहार निकल padenge.....in कपड़ों में वो आज भी पूरी क़यामत लग रही thi......priya एक नज़र करीम की ओरे देखती हैं और धीरे से मुस्कुराते कहते है …

अच्छा तुम्हारा दिल कर रहा है ….और तुम्हारे दिल की इच्छा पूरी करने के लिए मई क्या तुम्हारी काजल या पूर्वी या पूजा नहीं हु ..

प्रिय ने करीम को चिढ़ाते हुई कहा..

करीम आँखे फाड़े प्रिय को देख रहा tha.......is वक़्त उसकी निगाह प्रिय के आम पर thi......uska हाथ अपने पेण्ट के ऊपर चला जाता हैं और वो अपने लुंड को पेण्ट के ऊपर से मसल देता हैं...... प्रिय करीम को ऐसा करते हुई देख रही थी.. पर कुछ कहती नहीं है..

करीम ने प्रिय के आँखों मई देखते हुए अपने लुंड को पंत से बहार nikala……tube लाइट के रोशनी मई उसके लुंड का लाल सुपड एक दम चमक रहा था… करीम ने जब ऐसा किया तो प्रिय ने उससे गुस्से से देखा..

का.. का.. करीम .. ये तुम क्या कर रहे हो...

और उठाकर वह से जाने लगी … करीम उसके सामने खड़ा था..

करीम यी क्या कर रहे हो तुम मेरे सामने .. हटो peeche…muje जाना है..

प्रिय ने उसके छाती पर हाथ रखते हुए, उसको पीछे के और दखलाते हुए कहा….

आज तू भोत सेक्सी लग रही ho…tere होंठ को देख कर मेरे लुंड का बुरा हाल हो गया hai…..dekho ना कैसे तन कर खड़ा hai….please इससे अपने रसीले होंटो मई लेकर शांत कर दो ना…..

करीम तुम ये सब मेरे साथ क्यों कर रहे ho….akhir तुम छठे क्या हो मुझसे…?

प्रिय ने उसे फिर से गुस्से से देखा जिसका करीम पर कोई असर नहीं हुआ

कुछ भी नहीं baby….thoda से मौज मस्ती और कुछ nahi…please चुसो ना इससे मुँह मई लेकर….

करीम ने नीचे झुक कर उसके हाथ को पकड़ कर अपने मोठे लुंड पर रख daya..aur फिर उसके हाथ को मुठी बनाते हुए, अपने लुंड पर धीरे-2 कसके हिलने लगा….

शी ओह्ह्ह प्रिय मेमसाब … तेरे हाथ भोत नरम hai…..bhot सॉफ्ट hai…..dekh ना मेरा लुंड कैसे खड़ा हो गया है……

प्रिय ने उससे गुस्से से देखा और उसने झटके से अपना हाथ पीछे खींचा और फिर उसे गुस्से से देखा जिसका करीम पर फिर एक बार कोई असर नहीं हुआ

प्लीज करीम मुझे ये सब करना अच्छा नहीं लगता….

पर मुझे तोह अच्छा लगता है naa…please इससे चुसो…

नहीं करीम मुझसे नहीं होगा…..

देख lo….abb ये खड़ा हो चूका hai….ye शांत यह तोह तेरे होंटो के बीच मई जाकर hoga…yaan फिर तेरी छूट मई जाकर ….अब्ब इसको शांत किश तरह करना है वो मई तुज पर चोरता हूँ…

फिर से उसने आपने लौड़े पाई प्रिय का हाथ रख दिया .. और आपने लौड़े को प्रिय के हाथ से दबा दिया …अब उसने अपना हाथ प्रिय के हाथ से हटा लाया….. प्रिय के हाथ मई करीम का तना हुआ मोटा लुंड tha…jise प्रिय अपने हाथ झटके खता हुआ साफ़ महसूस कर पा रही थी…. प्रिय की बेचैनी एक बार फिर से बढ़ गयी thi......uska दिल फिर से ज़ोरों से धड़कने लगा tha......wo बार बार अपने सांसिओन को अपने बस में कर रही thi.......kafi डियर तक वो करीम के बारे में hi सोचती रहती हैं और आखिर कर वो झट से उसके लुंड से आपने हाथ को हटा लेते है ........आज उसे अपने आप पर भी हैरानी हो रही थी .........

फिर वो करीम की तरफ आचार्य से देखते हुई कहती है ..

लेकिन हमारी डील हुई थी .. न.. करीम ..

करीम ने बड़े प्यार से प्रिय के गले में बहन दाल दी और उसके गाल पर हल्का सा किश करते हुए बोलै..

हुई है न डील… मेरे चैनल रांड.. प्रिय मेमसाब.. छूट के बदले तू मुझे तेरा मू देगी … मतलब तुजे अगर अपनी छूट बचानी है मेरे लुंड से .. कुछ दिनों के लिए .. तो ये कला अजगर आपने मू मई लेना होगा..

ऐसा कह के आपने लुंड एक हाथ मई पकड़ कर हिलाकर उसे दिखने लगा.. प्रिय भी बड़े गौर से आँखे फाड़ कर उसके मुसल लुंड से देखने लगी..

फिर करीम उसका एक हाथ प्रिय के कमर मई दाल के उसको आपने बहो मई बेचते हुई कहता है..

थैंक यू .. प्रिय रांड .. तू सच में बहुत hi अच्छी है… तू मेरे सबसे बेस्ट रांड बनेगे..

प्रिय निचे गार्डन कर के कहती है ..

भाभी वह वेट कर रही होंगे..

करने दे न …

इस बार वो अपना एक हाथ झट से प्रिय के एक आम पर ले जाता हैं और बड़े हलके हाथों से उसके आम पर फिरने लगता हैं..... प्रिय के जिस्म में एक सिरहन सी दौड़ पड़ती हैं......

वो मुझे गुस्सा होंगे

मई उस रांड को बुला लू क्या इधर

और धीरे धीरे उसके दोनों आम को अपने हाथों में लेकर उसे मसलना शुरू करता हैं....... अब प्रिय का जिस्म किसी आग के भत्ते की तरह तपने लगता हैं.....

नहीं नहीं
 
करीम झट से अपने एक हाथ मई उसका एक निप्पल्स को लेकर उसे मसलना शुरू करती हैं....... लज्जत से प्रिय की आँखें बंद हो जाती हैं और उसके मुँह से एक सिसकारी फुट पड़ती हैं.....





aaaaaaaaaaaaa.............ssssss..iiiiiiiiiiihhhhhhhhhhhh ......

तो क्या उसको कॉल करके बोल दू क्या .. तेरा वेट न करे.. तू मेरे साथ है ..

वो इस बार अपनी आँखें खोलती हैं और करीम को देखते हुए कहते है..

नहीं नहीं .. करीम .. उनको मैंने बताया नहीं है..

अब करीम उसके दोनों निप्पल को सहलाना शुरू करता हैं..... अब प्रिय करीम के मज़बूत जिस्म मई खुद को पाकर अच्छा फील कर रही थी..

क्या नहीं बताया मेरी रांड..

अब करीम उसके मज़बूत हाथों से प्रिय के निप्पल्स को मसलता hain......ek बार फिर से प्रिय की सांसें तेज़्ज़ हो जाती हैं.....

यही की मई तुम्हारे यहाँ आये हु..

साली रांड .. तू तो छुपी रुस्तम निकली .. ठीक है वो जाने दे.. चल लुंड चूस मेरा अब..

नहीं तुम मुझे जल्दी नहीं छोड़ोगे .

ारे तुजे क्या मई छोड़ने वाला हु क्या ..जो ज्यादा टाइम लगेगा ..

मुझे तुम्हारे साथ यहाँ किसी ने देख लिया तो मई बदनाम हो जाउंगी...

कोण देखेगा..

तुम मिलाने कोई आ गया तो

कोई नहीं आएगा यहाँ मुझसे मिलाने .. मेरी रानी..

मई कोई तुम्हारी रानी नहीं हु...

हां.. हां.. पता है..

पता है तो बोलते क्यों हो..

करीम के हाथो को आपने आम पर से हटती है .. और थोड़ा पीछे हैट जाती है..

नहीं है तो बन जाओगी...

मुझे नहीं बनाना है..

करीम उसके पास फिर से जाता है और धीरे से आपने हाथ उसके कमर पर रखता है.. उसको धीरे धीरे उप्पर सरकता है.. और आपने चेहरा प्रिय के चहरे के पास लता hai..aab करीम प्रिय के हूंतो के पास आपने हूंठ लता hai..aur किस करनेवाला था अब .. और दूसरा हाथ जैसे hi करीम उसके आम पर हाट रखता है.. प्रिय जाट से पीछे हैट जाती है...

अब क्या हुआ ..

कुछ नहीं

तूने hi तो बोलै था न .. की तू खुद होक मुझे किश देंगे..

प्रिय कुछ सोचती है

ठीक है .. पर सिर्फ किश.. नथिंग ेल्स..

लुंड कोण चूसेगा .. तेरे माँ..

मम्मी को बीच मई मत लाओ तुम

ठीक है तेरे चैनल माँ को बीच मई नहीं लाऊंगा.. पहले लुंड चूस..

वो भी करुँगी बाबा ..

तो कर न शुरू..

आज अभी नहीं..

क्या नौटंकी कर रही है.. साली… पहले बोलती है किश दूंगी .. पास आता हु तो पीछे हैट जाती है… लुंड चूसूंगी नहीं बोलते है.. फिर मान जाती है.. फिर बोलती है आज नहीं.. क्या नाटक लगा रखा है.. इतने टाइम मई तो मैंने उन तीनो को पटाया था..

कोण तीन

पूजा .. पूर्वी … और काजल.. इन् तीनो को मिल कर जितना टाइम लगा पटाने मई उतना टाइम मुझे तेरे को अकेले को पटाने मई लग रहा है..

प्रिय हँसाने लगती है..

है क्यों रही है.. चल जल्दी से किश दे और लुंड चूसना शुरू कर..

मई क्या कोई मशीन हु क्या.. तूने बोलै और मई शुरू हो गयी .. मुझे मेंटली प्रेपर होने मई थोड़ा टाइम तो लगेगा न.. किसी उन्कोणौं पर्सन का डिक सूचक करना इतना आसान नहीं है..

क्या .. क्या .. बोलै तूने रांड..

कुछ नहीं.. इंग्लिश वर्ड थे वो .. तू नहीं समजेगा..

फिर हिंदी मई बोल न..

तुजे बड़ा मज़ा आता है न ऐसी गन्दी भाषा उसे करने में.

क्यों तुझे नहीं आता? मुझे तो वाकई बहुत मजा आता है.

मुझे नहीं आता कोई मज़ा ..

अपनी छूट को हाथ लगा कर देख ले .. थोड़ी भी गीली अगर तेरे छूट हुई है तो समझ उसे भी बहुत मजा आता है ऐसी बातें सुनकर.

बस कर अब ..

रांड .. तेरे जैसी रांड सामने कड़ी होगी तभी तो सिर्फ बात करने से क्या देखने से hi लुंड खड़ा हो जाता है.

बस बोलै न … अब बंद करो तुम्हारे ये गन्दी बकवाज ..

ठीक है … एक काम कर पहले.

क्या

प्रिय करीम की तरफ गुस्से से देखते है

करीम अपनी वासना भरी नज़र लेके प्रिय की तरफ देखते हुई उसके पास आया और उसकी बदन की खुसबू को सूंघने लगाह . उसके बदन की खुसबू इस ठरकी बुड्ढे को पागल बनाये जा रही थी. वो अब उसके स्लीवलेस ब्लाउज के ऊपर वाले हिस्से से झलकती उसके उभार को देख रहा तह .. करीम को आपने इतने करीब पाकर प्रिय दर गयी थी..

अब करीम की नज़र उसके रसीले लाल होंठों पर थी .. वो अपनी जीभ निकाल कर उसके रसेले होंठों को चाटना छह रहा था. जीभ तो उसने निकाली और प्रिय के होंठों के पालस भी ले गया पर फिर एक बार वो पीछे हैट गयी .. प्रिय जैसे hi पीछे हैट गयी वैसे hi उसको देखने लग गया .. वो भी उसे hi आपने सेक्सी अदा दिखा रही थी..

उसे देखते हुई करीम ने आपने एक हाथ से अपने लुंड को मसल दिया …करीम को कुछ समाज मई नहीं आ रहा था .. वो सोच रहा रहा था की ये साली मुझे ऐसे क्यों तड़पा रही hai..jee तो कर रहा है की उसके नरम आम को मई अपने कठोर हाथों में ले कर नीम्बू की तरह निचोड़ दू! पर क्या करू जबरदस्ती तो नहीं कर सकता न .. इसके साथ सुहागरात जो माननी है .. वो भी उसके हनीमून स्पॉट पाई .. या उसके पति के आलीशान घर मई .. जबरदस्ती की तो ये मौका हाथ से चला जायेगा.. सुनाने मई आया है इसका पति बहुत आमिर है .. पूर्वी के ससुर से भी … एक बार ये हाट मई आये तो ये माल भी और पैसा भी हाथ मई आएगा … इसलिए गुस्से पाई कण्ट्रोल करना पड़ेगा..

फिर करीम फिर से प्रिय के पास जाता है और उसका हाथ पकड़के हुई बोलता है

ारे रांड … तेरे लिए hi बोल रहा हु.. तेरे इतनी अच्छी साडी उस गंदे बेडशीट से ख़राब हो जायेगे ..

करीम के हाथ पकड़ने से प्रिय के जिस्म मई एक करंट दौड़ता hai.Apna हाथ चुराने की कोशिश करते हुई वह बोलती है

क्यों ख़राब होंगे

अब करीम उसके सफ़ेद चिकने पेट को देखने लगा ... देखते हुई उसने आपने दूसरा हाथ प्रिय के कमर के पास रख दिया.. तब झट से प्रिय ने उसका वो हाट वह से हटा दिया ..

मेरे हाथ को क्यों पकड़ा है? चोर दो मेरा हाथ..

प्रिय के ऐसे कहने पर करीम मुस्कुराता है और प्रिय का दूसरा हाथ भी पकड़ते हुई उसको देखने लगता है. करीम की बोल्डनेस और डेरिंग देखके प्रिय दांग रह जाती है .. जिंदगी मई पहली बार उसे किसी मर्द ने ऐसा पकड़के रखा था …प्रिय आपने दोनों हाथ चुराने की नाकाम कोशिश करती है ..

अब करीम उसके दोनों हाथ पकड़ के प्रिय के बदन की तरफ झुकता है .. .. और अपना मू को उसके गार्डन से बस एक धागे भर की दूरी पर रख कर उसके पूरे बदन को वो अब सुंग रहा था .. तब प्रिय सोचने लगती है क्या ये मुझे किश करेगा वह .. अब ..

क्या वो सूचक करेगा वह या चाटेगा ..ऐसा प्रिय सोचने लगती है ..

जब तू वह सोयेगे तब तेरे सदी ख़राब होगी न रांड ..

प्रिय आपने सोच से बहार आते हुई उसने जाहत से कहा

मई क्यों सोऊंगी ..

अब करीम उसके दोनों हाथ को आपने एक हाथ मई पकड़ लेता है और आपने दूसरे हाथ को 2-3 बार वो प्रिय के आम तक ले जाता है … पर चुवा नहीं था करीम ने उसके आम को ..

उसके आम के पास जो हाथ था वो हाट करीम प्रिय के खंडो पे रखते हुई बोलै ..

प्रिय तूने कभी आपने आप को आयने मई ठीक से देखा है? तेरा बदन कितना भरा हुआ है... तेरा ये नाज़ुक jism..yeh kasi-kasi gaand..mast कड़क मम्मी… तेरे ये रसेले हूंठ… किसी फ़िल्मी हीरोइन से काम नहीं है तू.. मुझे तो दर लगता है

किस बात का डर

प्रिय चौंकाते हुई पूछते है

तेरे जैसे इतनी खूबसूरत लड़की को कोई भी मावली उठके ले जायेगा तो सोचो क्या होगा?

ऐसा कभी नहीं होगा

तू तो इस साडी मई दीपिका पादुकोणे जैसे लग रही hai.Wohi टाइट गोरा jism,waisa hi तना हुआ sina,waise hi गोरी taange.Tu भी उसके जैसा मस्त माल है .कसम से तेरा यह मस्त जिस्म देखके कोई भी मर्द तुझे अपनाना चाहेगा.

करीम का हाथ और डायरेक्ट करीम की ऐसे बोलने से प्रिय को अच्छा तो लगता है लेकिन वो खुद को सम्बल कर प्रिय कैसे तो अपने दोनों हाथ उसके हाथ से चुराते है और थोड़ा पीछे होक कड़ी होती है. और शरमाते हुई नीचे देखकर आपने सदी का पल्लू ठीक करने लगती है ..

करीम की बाते सुनके उसका दिल जोरसे धड़कने लगता है.

प्रिय को ये सब अच्छा भी लग रहा था.. उसे अब करीम से आँख मिलाने भी दार लग रहा था … लेकिन आपने आपको सम्हालते वह करीम से बोलती है

तुम्हारा क्या इरादा है .. करीम

प्रिय की बात सुनकर करीम उसके पल्लू से खेलते हुई बोलता है





जान .. दर मत .. तेरे मर्ज़ी के खिलाफ मई कुछ नहीं करूँगा ..

प्रिय करीम के तरफ देखते हुई कहती है .. थोड़ा डरते हुई ..

पक्का न ..

पक्का ..

हाथो से करीम प्रिय के ब्लाउज के उप्पर का सदी का पल्लू थोड़ा साइड मई करता है जिससे अब प्रिय का ब्लाउज थोड़ा एक्सपोज़ होता है.

उस मई से प्रिय के टाइट स्लीवलेस ब्लाउज मई उस के कड़क मम्मी दिकने लगते hai.Us ब्लाउज की तरफ ललचाई नज़र से देखते हुई करीम बोलता है..

ऐसे सज धज के जाया मत कर कहा .. ये दुनिया बहुत हरामी है .. सज धज के सिर्फ मेरे पास hi आया कर..

करीम के ऐसे बोलने से प्रिय स्माइल करती है .. और मैं मई कहती है हरामी साला.. मुझे सज धज के आने को बोल रहा है ..

करीम के ऐसे कहने से और ब्लाउज पर से साडी थोड़ी हटाने से उससे अच्छा लगता है और वह फीलिंग चहरे पे दिखती भी है लेकिन फिर भी करीम का हाथ आपने पल्लू से दूर करने की झूटी कोशिश करती है…

पल्लू थोड़ा हटने से उसका धड़कता सीना अब करीम के सामने tha.Woh भगवान् से दुआ कर रही थी की इस वक़्त इस रूम मई कोई आये नहीं .फिर अपना पल्लू साइन पे लेन की नाकाम कोशिश करते है .. पर करीम वैसे करने नहीं देता है … अपने ब्लाउज के उप्पर के नंगे साइन पे हाथ रखते वह बोली

तुम्हारे इरादे कुछ सही नहीं लग रहे है.. मुझे ..

आपने सामने कड़ी अपनी छोटी रंडी प्रिय के मम्मी देखके करीम का लुंड उछलने लगा. उसके मम्मो की golai,nipples का ब्राउन कलर, ब्रा स्ट्राप की मार्किंग इतने नज़दीक से उससे साफ़ दिखाई दे रहा थी.

क्यों

हमारे बात सिर्फ किश की हुई थी..

तू हमेशा लुंड चूसना क्यों भूल जाती है … रांड ..

वो करुँगी पर तुम किश करते हुई यहाँ वह हाथ मत लगाओ

तेरे जैसे कमसिन बदन की मालकिन सामने हो तो यहाँ वह हाथ तो जायेंगे hi न

ऐसा नहीं चलेगा करीम

क्या नहीं चलेगा

हमारी डील हुई है

डील मई तूने ऐसा कही नहीं कहा की यहाँ वह हाथ नहीं लगाओ बोलके

अभी बोल रही हु न

तो तेरे ये डील मुझे मंजूर नहीं है.. जा तू आपने घर ..

करीम तुम मुझे अब ब्लैकमेल कर रहे हो

नहीं

फिर आपने वादे को चेंज क्यों कर रहे हो

तू कंडीशन क्यों चेंज कर रही है .. छिनाल ..

टिक है लेकिन कुछ hi जगह पाई हाथ लगाओ .. सरे जगह पाई नहीं ..पर मई कपडे नहीं उतरूंगी ..

ठीक है .. ( करीम मैं मई कहता है .. साली रांड .. ये कुछ जगह कोनसी है ये मई तुम आगे बताऊंगा)… फिर मई उतरूंगा

करीम…. क्यों मुझे परेशां कर रहे हो ..

करीम हस्ता है ..

ारे रांड .. मई आपने कपडे उतरने की बात कर रहा हु ..

ठीक है..

चल अब .. वो बेडशीट चेंज कर ..

प्रिय अलमारी जेक नया बेडशीट प्यूरीन बेडशीट पाई डालते है

ऐसा क्यों किया

अच्छा लगेगा

अब्ब और एक काम कर

अब क्या है

रूम बहुत गन्दी हुई है .. जरा जादू लेके ये कचरा साफ़ कर दे न

प्रिय गुस्से से करीम की तरफ देखते है..

तेरे लिए hi बोल रहा हु

मेरे लिए

मान लो तेरे सदी वह निचे गिर गयी तो ख़राब हो जायेंगे न

तुमने वडा किया है .. तुम मेरे कपडे नहीं उतरोगे

मैंने ऐसा वडा किया है क्या ?

मतलब मई नहीं उतरूंगी … और तुमभी नहीं उतरोगे ..

करीम हस्ता है

करीम .. प्ल्ज़ .. बताओ न.. तुमरा कोई गलत इरादा तो नहीं न ..

अगर तुम्हारा मुज पर भरोसा नहीं है तो तू जा सकती है ..

वैसे नहीं .. फिर रूम मुझसे क्लीन क्यों करवा रहे हो

ारे तुम जब मेरा लुंड चूसने को निचे बैठोगे तब तेरे सदी कहरब हो जायेंगे..

ठीक है.. पर करीम मई कभी मेरे रूम को भी क्लीन नहीं आकृति ..

रांड .. ये तेरा घर नहीं . अक्रम का घर है..

प्रिय कुछ नहीं बोलती है .. और रूम साफ़ करने लगती है .. वो हाथ मई जादू लेके रूम साफ़ करके कचरा एक कार्नर मई लेजा रही थी तब करीम प्रिय के पास आके उसे पकड़ लेता है ...

उसके कमर मई हाट डालके अपनी और पीछे खींचता है .. तब उसकी आहे निकल जाती है..





आआअह्हह्ह्हह्हआआआ…. क्या कर रहे हो …

कुछ नहीं रांड

मुझे रूम साफ़ करने दो न

फिर करीम प्रिय के गार्डन के आगे हाथ डालके उसको अपनी और खींचते हुई उसके शोल्डर पर आपने हूंठ रख दिए और एक हाथ गांड पे रखता है . . और वह जोर से दबाता है ..

ोोोूछ्हःहःहः… आआह्ह्ह्हह्ह.. कुत्ते आह आह …. वाह्ह्ह्हआआ.. नाहीईई आह ाहाहह आह आह आह आठ..





प्रिय आँखें बंद किये कराह रही थी..

तभी करीम वही पाई जोर से दबाता है

प्रिय आँखे बंद करते हुई वह से हाथ हटती है ..

नहीं बोलै न बूढ़े ..

फिर से करीम वह हाथ रख के उसकी गांड दबाते है ..

करीम फिर अपनी कमर धीरे धीरे ऊपर नीचे करने लगता हैं और करीम आपने दोनों हाथों को उसके नवल पर रखकर धीरे धीरे मसलने लागत हैं......... करीम अब पूरे उफान पर आ चूका tha.....aab उसे कोई परवाह नहीं थी की प्रिय क्या कहेगी .......

करीम की इस हरकत से प्रिय की सेक्स की भूख जागने लगी थी और वो आँखें बंद करके इन सब चीजों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही थी… फिर भी वो खुद पाई कण्ट्रोल करने की कोशिश करते है ..

प्रिय झिझकते हुए करीम का हाथ आपने बदन से हटाने लगी .. ........न जाने क्यों उसके हाथ आज डगमगा रहे थे .... शायद इसकी सबसे बड़ी वजह थी....... करीम ...... इस वक़्त उसका साबरा पूरी तरह से टूटने के कगार पर आ चुक्का था ..... शयद उसे भी अपने छूट की आग शांत करनी thi........uske लिए उसे सबसे पहले शर्म और झिजक को हटाना था ..........पर इसके लिए उसका मैं अभी भी तैयार नहीं था ......

करीम झट से अपना मू प्रिय के गार्डन के पास ले जाता ..





और उसकी खुसबू एक बार फिर से अपने अंदर उतरने लगता हैं……. गार्डन से प्रिय के बदन की खुसबू आ रही थी …… वो अब अपनी जीभ शोल्डर पर ले जाता है और वह चाटने लगता है …..

इस वक़्त करीम का लुंड किसी लोहे की तरह सख्त tha…….itna सख्त की उसे अपने आप पर हैरानी हो रही थी……

फिर वो बड़े डियर तक अपनी जीभ गार्डन पर फिरता हैं…… और करीम के लगातार जीभ फिरने से गार्डन का एक हिस्सा लगभग पूरी तरह से गिला हो चुक्का tha…..wo फिर आपने हाथ कमर से धीरे से आम की तरफ ले जाने लगता है तभी प्रिय उसका हाथ पकड़ लेती है ..

करीम फिर अपनी जीभ शोल्डर से गरदन तक अपनी आँखें बंद करके तेज़ी से चाटने लगता हैं…….

प्रिय करीम की बहो से छूटने की तिलमिला रही थी.. वहीँ दूसरी तरफ करीम अपने लुंड को बार बार प्रिय के गांड पर सेहला रहा था........ प्रिय लुंड को चूसने वाली है ये सोचकर उसका लुंड बार बार बेकाबू होता जा रहा था..... इस झटपट मई करीम उसका गार्डन को काटता है .. कैसे तो प्रिय उसके जकड से आपने आप को हटा लेते है .. फिर घूम जाती है और आँखे खोल के करीम की और देखते है ..

ये क्या है करीम

किश

ऐसे काटोगे तो मई तुम किश नहीं करूंगी..

मत कर .. मैंने इनविटेशन नहीं दिया था.. तू hi यहाँ आके ये ऑफर दिया था.. खुद की सुहागरात बचने के लिए..

मेरे मज़बूरी का फायदा उठा रहे हो तुम करीम ..

हहहह.

प्रिय कड़ी होकर करीम को चुप चाप देख रही थी......... वही दूसरे तरफ करीम के चेहरे पर एक विजयी मुस्कान thi.......shayad जैसा वो चाह रहा था कुछ वैसा hi सब कुछ हो रहा था........ अब प्रिय को एक एक पल वह काटना मुश्किल होता जा रहा tha………par अभी तो यहाँ उसे कुछ और वक़्त बिताना था…….

करीम कुछ डियर तक ऐसे hi खामोश रहता हैं फिर वो प्रिय को देखकर मुस्कुरा पड़ता हैं..

रांड .. एक काम करेंगे क्या

अब क्या बचा है काम .. करीम .. बेडशीट चेंज करवा लिया.. रूम साफ़ करवा लिया.. अब क्या तुम्हारे लिए खाना बनाऊ क्या ?

वैसे तू करना चाहती है तो मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है… वैसे मई भी देखना चाहता हु मेरे प्रिय रांड को खाना बनाने आता भी है या नहीं..

चुप करो.. अब इतना hi काम करना बाकि है… बी थे वे तुम्हारे काजल रांड .. से तुम्हारी ये प्रिय रा…. ( ऐसा कहके वो चुप हो जाती है .. वो क्या बोलने वाली है उसे समाज मई आ जाता है ).. मई अच्छा खाना बनती हु ..

करीम हस्ता है..

वैसे मेरा काम दूसरा hi था

अब क्या काम करना है .. जल्दी बता दो.. मुझे जाना है..

हाँ बता रहा हु.. वो तुजे मैरून कलर के लिपस्टिक दिख रही है क्या ..

प्रिय ड्रेसिंग टेबल के तरफ देखती है .. तब उसे वो लिपस्टिक दिख जाती है

उसका क्या

उसको लगा दो

क्यों

मेरे खातिर

प्रिय करीम की तरफ देखती है .. और स्माइल करती है ..

क्या मेरे लिपस्टिक अच्छी नहीं है..

रांड .. वो भी अच्छी है ..पर ये बहुत सेक्सी लगेंगे तेरे हूंतो पर … तेरे इस साडी पर ये मार्रोन कलर सूट करेगा

तुम बहुत पता है रे .. कोनसे साडी पाई कोनसा लिपस्टिक सूट होगा

मुझे तो पता hi होगा... टेलर जो हु ..

वैसे ये लिपस्टिक किस की है.. तुम्हारे बीवी की ..

नहीं

फिर किसकी है

शज़िआ ..का ..

कोण है

रांड़ी है

प्रिय हस्ती है ...

तुम क्या सभी को hi रंडी कहके बुलाते हो क्या

ये सचमुच वाली है .. धंदा करती है..

उसका लिपस्टिक यहाँ क्या कर रहा है

कल रात वो यहाँ hi थी

क्या ?? तुम वैसे बाजारू रंडी के पास भी चले जाते हो क्या

हाँ

क्या आदमी हो

क्या हो गया ..

तुम्हारे पास तो काजल भाभी है, पूर्वी भाभी है .. फिर भी ...

शज़िआ बहुत मज़ा देते है

हाँ .. पता है.. फिर भी.. उसका लिपस्टिक मुझे लगाने को कह रहे हो

हाँ .. तो क्या हुआ

एक बाजारू रंडी का लिपस्टिक मुझे लगाने को कह रहे हो

तू भी तो रंडी है न मेरे

नहीं हु ...

पक्का नहीं है

नहीं हु.. तू ऐसे hi बोलता है ..

फिर तूने क्यों बोलै था

मैंने कब बोलै था

थोड़े देर पहले तूने कहा था न

वो गलती से

जो भी हो तू भी शज़िआ के जैसे मेरे रंडी है

कभी नहीं .. वो बाज़ारू रंडी

और तू

मुझे नहीं पता

शर्माकर प्रिय कहती है

बता न

ऐसा कह के करीम उसके पास आके उसका चेहरा उप्पर उठा लेता है

घरेलु

ठीक है.. अब लिपस्टिक लगा दे..

प्रिय फिर कुछ देर उस लिपस्टिक को देखने लगती है ..पता नहीं क्यों प्रिय के हाथ खुद बा खुद उस लिपस्टिक को उठाने के लये बढ़ gaye….usne उसका ढकन खोला और उससे अपने होंटो पर लगाने लगी… प्रिय खुद पर हरिजन भी हो रही थी की, वो ये काया कर रही है….

अब दोनों एक दूसरे क सामने खड़े थे ..अब दोनों एक दूसरे की आँखों मई देखकर एक पल के लिए कही घूम से हो गए.. दोनों के दिल धड़क उठे .. प्रिय के लैब लरज उठे और वो थोड़ा आगे खिसक आये ..करीम के बिलकुल करीब

इतने करीब की उसकी साँसे वो आपने चहरे पर महसूस कर प् रही थी ..

प्रिय आगे आये है ये जानकर करीम आपने हाथ उसके मम्मी पाई रखने के लिए आगे बढ़ाता है ..तभी करीम का हाथ प्रिय ने अपनी छथि के बिलकुल सामने पकड़ लिया था.. करीम की बड़ी उंगली उसकी ब्रैस्ट को टच कर रही थी.. उसका मैं तो कर रहा था की आपने हाथ और अन्दर दबा दे .. पर ऐसा करना उसे थोड़ी जल्दबाज़ी लगी.. उसने सोचा कही ये यहाँ से भाग न जाये ..

प्रिय को बहुत प्यास लगी थी .. इसलिए वो पीछे हैट जाती है .. उसने फ़रीदेगे को देखा और उसने ठंडा पानी फ्रिज मैं से निकला और ड्रेसिंग टेबल पर बेथ गयी ...





और गिलास मैं पानी दाल कर पीने लगी.

इस तरह करीम के सामने उसके छोटे से गंदे से घर मैं बेथ कर पानी पीना उसे बूथ अजीब सा लग रहा था …ठंडा पानी उसके अंदर गया तो एक चैन उसे मिला . और फिर वो वह बेथ कर उस सब के बारे मैं सोचने लगी जो के उसने अभी अभी किया तह.

वो सोचने लगी .. मई इतने खूबसूरत, गोर , हाइली एडुकेटेड हु .. मेरा बदन हमेशा से एक बुहत अट्रैक्टिव से परफ्यूम की खुसबू से महकता रहता है.. मेरे हूंठ कितने नाज़ुक प्यारे है … कितने रसेले है .. जिसकी राजीव हमेशा से टैरिफ करता है … उसपर मैंने ऐसे औरत की लिपस्टिक लगाए है . जो एक लौ स्टैंडर्ड है .. बहुत गन्दा काम करती है .. दिखने मई कैसे है मुझे अब तक पता नहीं है … काली है या गोरी है .. बदसूरत है या अच्छी दिखती है… जिसके हूंठ अब तक किस किस ने चूसे होंगे.. किस ने चूसे होंगे.. करीम जैसे गंदे गलीज़, काळा से बदसूरत और लौ स्टैण्डर्ड के लॉन्ग ेके हूंतो ने उस औरत के हूंतो को चूसा होगा ..क्या पता उसके मुंह से बदबू आती होगी … सुना है ऐसे बाज़ारू रंडिया दारू ( वो भी लौ स्टैंडर्ड ) पीती है.. बीड़ी ..सिगरेट पीती भी है … ऐसे ोारत के लिपस्टिक मैंने लगाई … शेम ों यू प्रिय … शी… कितनी गन्दी है ये लिपस्टिक.. उसे आपने आप से घिन सी आ रही थी …

प्रिय ख़ामोशी से वह बैठी रही और करीम खामोशी से उसकी तरफ देखने लगा. थोड़े देर बाद करीम बोलै

रांड ..तुम्हारे मरुँ लिपस्टिक लगे होंटो मई मेरा लुंड कितना सेक्सी लगेगा मेरे जान…….

फिर प्रिय के पास आके उसने उसका हाथ एक दम से पकड़ लाया… प्रिय ने चौंकाते हुए उसके तरफ dekha….wo उसकी तरफ बड़ी हसरत भरी नज़रो से देख रहा था….

बुरा लग रहा है ..

उसने थोड़ा सा मुस्कराते हुए कहा.,…

प्रिय ने उसके तरफ देखा लेकिन कुछ नहीं कहा

एक बाजारू रंडी की लिपस्टिक लगा के बुरा लग रहा है

हाँ …. लेकिन उसका तुम क्या ..

प्रिय ने गुस्से से कहा

मुझे भी बुरा लग रहा है ..

तुम बुरा लगेगा … वो भला क्यों .. तुम ने तो ये जलील हरकत करवाई मुझसे .. चोरो मेरा हाथ ..

जनता हूँ मई ने hi ये हरकत करवाई .. लेकिन मई भी क्या करू … मेरे इच्छा थी ..

ऐसे कैसे इच्छा.. मुझे ज़लील करने की ..

जान .. तुम मई ज़लील कैसे करवाता.. मई ये लिपस्टिक तुम जब लगाओगे तब इतना hi देखना चाहता था की तुम उस बाज़ारू रंडी से कितने अचे दीखते हो या..

या .. . क्या करीम.

या वो तुमसे हसीं दीखते है ..

अब प्रिय बहुत ज्यादा गुस्सा हो जाती है ..

करीम तुम मेरे कपरिसिओं उस बाज़ारू रंडी से कर रहे हो .. जॉब hi नाम है उसका.. तुम ऐसे कैसे कर सकते हो ..

शज़िआ

हाँ .. हाँ .. शज़िआ .. उसके साथ मेरे कपरिसिओं कैसे कर सकते हो

जान ये कपरिसिओं नहीं है

तो क्या है ..करीम मेरा हाथ चोर दो .. मुझे नहीं रहना है यहाँ पाई ..

और डील

भाड़ मई जाये वो डील

और फिर सुहागरात .. तेरे इच्छा .. आपने पति के साथ मानाने की..

मुझे कुछ नहीं पता ..

करीम प्लीज मेरा हाथ चोरो….

करीम ने उसका हाथ चोर दिया…. और फिर उसने उसे एक बार ऊपर से नीचे तक देखते हुए कहा….

प्रिय आज तू सच मई भोत हॉट लग रही हो …

हटो मेरे सामने से

क्यों

मुझे जाना है .. भाभी वह वेट कर रही है

हमारी डील

मुझे नहीं पता

रुक जाओ न

क्यों .. और जलील होने के लिए

प्रिय के मान मई उठा पुथल मची हुई thee….use समाज मई नहीं आ रहा था की, आज उस को काया हुआ है…. वो सोचने लगी ... वो इस तरह इतना कुछ होने के बाद यहाँ क्यों कड़ी है …. और वो उसके इस तरह रोकने पर ये क्यों सोच रही हूँ की, मई यहाँ से जॉन यान नहीं…

रुक जाओ न

क्यों….?

वैसे ही मई कह रहा हूँ ना….. इस लिए ..

अच्छा मेरे ऊपर हक़ जाता रहे ho….aur मुझे इतने जलील करने के बाद .. मुझे पर हक़ जाता रहे हो ..

अच्छा तोह मेरे इतना कहना का भी हक़ नहीं है ….

नहीं…..

क्यों

राजीव का है हक़

तोह फिर थोड़ा सा हक़ हमे भी दे दो प्रिय जी….

हक़ तोह खुद बनाना पढ़ता है……

अच्छा अब्ब मुझे अपना हक़ खुद साबित करना होगा इसका मतलब…..?

हिम्मत है तोह साबित करके दिखा दो…..

प्रिय ने शरारती मुस्कान के साथ करीम के तरफ देखा





और फिर करीम प्रिय के करीब आ गया .. करीम के लये प्रिय के ये बात सीधे-2 एक चैलेंज थी… करीम जान चूका था की, प्रिय उसके साथ सबदों का खेल खेल रही है. अब्ब करीम ने इस खेल को उसके अंजाम तक पहुंचने के फैंसला कर लाया था…. करीम नज़दीक आया है ये देखकर प्रिय पलट गयी और बाल को कंगी करने का नाटक करने लगी…..

अब करीम और नज़दीक आया था .. जैसे ही करीम उसके और नज़दीक आया वैसे hi प्रिय ने ने एक बार अपना फेस घुमा कर उसकी तरफ देखा





और मुस्कराते हुए अग्गे फेस करके फिर से मिर्रेर मई देखते हुई बाल को कंगी करनी लगी ..

करीम अब प्रिय के ठीक पीछे आकर खड़ा हो गया था ….

क्या कर रहे हो

प्रिय ने बाल बनाते हुए कहा…..

करीम ने थोड़ा सा अग्गे के और सरकते हुए कहा…..

कुछ नहीं

करीम ने एक दम से प्रिय के कमर मई से अपने बाँहों को गुजरते हुए उससे पीछे से बाँहों मई भर laya….aur उसके पिट को चुम लिया..





और अगले ही पल प्रिय के मोठे-2 मुम्मो को अपने हाथों मई कास कर पकड़ते हुए जोर से दबा दया…..

अह्ह्ह बूढ़े काया कर रहा है ….

प्रिय एक दम से मचल उठी…..

आज पहली बार कोई आदमी प्रिय के इतना करीब खड़ा था और उसकी बॉडी प्रिय के बॉडी पर रगड़ रहा था..

मई अपना हक़ जाता रहा हूँ….

करीम ने प्रिय के चुच्यों को उसकी साड़ी के ऊपर से मसलते हुए कहा…….

सीईई ुम्हह चोरो इस तरह ये ये काया कर रहे हो…..

वो अब करीम का लुंड आपने गांड के उप्पर महसूस कर पा रही थी..

मुझे तोह इसी तरह अपना हक़ जाताना अट्टा hai…tumhe कोई इतराज है….

प्रिय छथि तोह करीम को पीछे धकेल सकती थी ..

हाय करीम ऐसे हक़ जटाओगे तुम मुज पर….

प्रिय ने अपनी गांड को पीछे के और देखेलते हुए कहा. जैसे ही करीम को अपने लुंड पर प्रिय के गांड सदी के ऊपर से दबती महसूस हुई, ये देख कर करीम का दिल खुसी से उछाल पढ़ा…. तभी प्रिय को ध्यान मई आ गया की उसने जोश मई आके क्या कर दिया … फिर उसने अपनी कमर फिर से आगे कर ली..

करीम और प्रिय लुंड और गांड के अहसास पाकर दोनों के दिल की धड़कने काफी तेज हो गयी थी .. पहले दोनों ने जो डीडे किया था शायद वो हवा हो गया था.. पर प्रिय हवा कैसे होने देते ये सब.. उसको तो अपनी नटनी आपने पति से hi उतरनी थी.. प्रिय समाज चुकी थी की करीम क्या चाहता है .. पर प्रिय वो नहीं चाहती थी यौ ो अभी के लिए नहीं चाहती थी.. उदार करीम उसको जबरदस्त वाला बूब्स मसाज दे रहा था..

आआह्ह्हआआह्ह्ह्ह… करीम .. तुम अपनी डील भूल गए हो शायद..

कोनसी डील.. रांड..

अभी तक करीम के हाथो को आपने आम के उप्पर और उसके आस पास प्रिय ने महसूस किया था.. और उसके लुंड को आपने गांड पर .. प्रिय के लिए ये नया अहसास था.. इसलिए वो उसे एन्जॉय करना चाहती थी पर उसका दीमक ये मानाने को तैयार नहीं था ..

प्रिय हस्ती है ..

आआह्ह्ह्हह्ह...... दर्द हो रहा है...

कहा गांड मई या चूचियों पर

बूब्स पर...

तो धीरे से दबाउ के

थोड़े देर पहले जो डील हुई थी ..

उसका क्या

शयद तुम भूल गए हो

तुमने hi कहा था भाड़ मई जाये ये डील ..

गुस्से मई कहा था

तो मई क्या करू .. तुजे गुस्सा आया तो

करीम ने आपने लुंड को उसके गांड पर उप्पर निचे करना शुरू कर दिया .. प्रिय ने जब ये महसूस किया तो उसकी उत्तेजना और ज्यादा बाद गयी .. हालाँकि वो उसका लुंड देख पाने मई असमर्थ थी .. पर उसको करीम का लुंड देखने की क्या जरूरत थी.. उसको थो उसने पहले देखा hi था… और उस उत्तेजना मई वो बोल पड़ी ..

सॉरी.. डार्लिंग..

डार्लिंग … रांड तूने मुझे डार्लिंग कहा..

तब प्रिय आपने हूंठ चभा लेती है .. और सोचने लगती है .. ये मैंने क्या कह दिया.. तभी उसके गाल पर वो चूमता है..





इस वजह से उसके दिल की धड़कन बाद गयी.. करीम ने ये जब देखा की प्रिय की साँसे तेज हो रही है तब उसने फिर से उसके लुंड को पकड़ कर उसके गांड पर उप्पर निचे करना शुरू कर दिया …

हमारे डील मई सिर्फ किश.. और वो था.

वो क्या रांड..

सकिंग

क्या सकिंग

पेनिस

हिंदी मई बोल

तुम पता है मई क्या बोल रही हु .. ज्यादा नाटक मत कर ..

तो हमारे डील मई तुम अब जो कर रहे हो वो कुछ नहीं है ..

पता है

फिर क्यों कर रहे हो

ऐसे hi

तुम मुझे क्या तुम्हारे शज़िआ समाज रहे हो क्या

बन जाओ एक दिन के लिए.. मेरे शज़िआ ..

तुम्हारी शज़िआ तुम मुबारक ..

बन जा न रांड..

नहीं .. कभी नहीं .. मई प्रिय hi ठीक हु ..

ठीक है प्रिय नहीं .. प्रिय रांड बन जाओ..

अब वो तुमने बना hi दिया है न .. कुछ बाकि है क्या ..

बहुत कुछ बाकि है ..

अब तक जो हुआ वही तक hi ठीक है

मुझे तो आगे और कुछ करने का इरडा है

मुझे पता है तुम्हारा इरडा क्या है ..

तो मान क्यों नहीं जाती

प्रिय भी उसके बातो मई आ hi गयी और धीरे से बोली

वैसे वो तुम्हारी शज़िआ रांड तुम्हारे साथ क्या क्या करती थी या तुम उसके साथ क्या क्या करते थे ..

मई तो उसके साथ बहुत कुछ करता हु

क्या क्या

ऐसे hi ड्रेसिंग टेबल के सामने उसे खड़ा किया था मैंने कल ..

फिर क्या किया .. करीम तुमने उस बाज़ारू रांड के साथ

पहले उस बाजारू रांड के गार्डन पर चुम्मा मैंने ..

वैसे hi करीम ने प्रिय के गार्डन पाई चुम लिया

sssssssssshhhhhhhhhh……. आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह….

सिर्फ यही निकला प्रिय के मू से .. और उसने आपने दोनों हाथ आगे मिर्रेर पर रख दिए.. ताकि वो गिर न जाये ..

फिर आगे क्या किया

फिर उसके शोल्डर को चूमने लगा …

और फिर करीम प्रिय के साथ ये सब करने लगा..

फिर

फिर आगे चूमते चूमते निचे आने लगा .. उसके ब्लाउज के उप्पर से उसके कमर तक ..

क्या उसने सदी पहनी थी

हाँ

कोनसा कलर था सदी का

ब्लैक

ब्लैक hi होगी इसलिए ब्लैक पहनी होगी .. आगे क्या किया ..

जीभ से उसके कमर को चाटने लगा.. चूमने लगा..

वैसे hi करीम ने प्रिय के साथ किया..





aaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhaaaaa………….

ऊऊऊऊऊहूऊऊऊओ………. Karimmmmmmmmmmmmmmmmm…

ऐसे hi जीभ से चाट रहे थे क्या उसे

हाँ मेरे जान पर साडी का पल्लू निकल के

ये कहते हुई उसके साड़ी का पल्लू करीम निकल लेता है..





तब आपने सांस को संभालते हुई कहते है

आगे

करीम के हाथ की स्पीड बढ़ाने लगी और उसके मम्मी को जोरसे दबाने लगा

आगे … निचे आकर … तुम्हारी गांड… मतलब उसकी गांड…

ऐसा कह के करीम उसके गांड को आपने मू मई लेने लगता है

आआआअह्ह्ह्हह्ह्हह्हआआ…. Karimmmmmmmmmmm… ऊऊओह्ह्हूऊओ… yessssssssssssssssss…. ऐसे hi सूचक किया क्या उसके गांड को तुमने करीम.. इतने hi जोरसे…

इससे ज्यादा ..

करीम आगे से आपने दोनों हाथो से उसके मम्मी को ऐसे मसल रहा था जैसे वो कोई घबरा हो ..

करीम को भी साबरा नहीं हो पाया . ..और मू से गांड हटके कहने लगा ..

aaaaaaaaahhhhhhhhhhhh… मेरे बाजारू रंडी… आअह्हह्हआआआ… खा जाऊंगा .. तेरे ये कातिल गांड… सदी निकल न .. तेरे गांड को खा जाऊंगा.. उसे चाटूँगा भी .. उप्पर से निचे तक .. तेरा पूरा शरीर चाट lunga..ahhhhhhhhhhaaaaaaaaa…

ऐसा कहके उसके मम्मी और जोर से दबाने लगा

… प्रिय पूरा तरय कर रही थी की वो खुद को आपने कण्ट्रोल मई रखे .. अपर करीम के हरकतों ने उसे बेबस बना दिया था..

ahhhhhhhhhhhhhh… बुढहहहह्हैईईई…. जरा धीरे दबा न …

प्रिय के रिस्पांस से बुड्ढे की हिम्मत थोड़ी बढ़ गयी थी. उसके सीने पर से वो अंचल हटा देता है

और फिर उसके चुकी को हल्का हल्का सहलाने लगता है . प्रिय की चुकी ब्लाउज के बटन को तोड़ कर बहार निकलने को बेताब हो उठी थी . उसकी, दिल की धड़कने फुल स्पीड पर चल रहे राजधानी एक्सप्रेस की तरह चल रही थी. अपनी साँसों के ले को बनाये रखने में hi प्रिय पसीना पसीना हो रही थी.

करीमने प्रिय की छाती को हाथ से सहलाया. फिर किसी रंडी पर जैसे अपनी भूख मिटने के लिए टूथ पड़ता है वैसे hi प्रिय पर टूथ पड़ा .. पर प्रिय रंडी नहीं थी. प्रिय को भी कभी किसी ने इस तरह से नहीं छुआ था. कोण छूटा .. उसके मंगेतर के बिना.. उसने कभी प्रिय को निवस्त्र नहीं किया था. पहली बार किसी मर्द का हाथ उसकी जिश्म के उन हिस्सों पर जा रहा था जो वो दुनिया से छिपा कर रखती थी . पहली बार उसे लड़की होने का सुख मिल रहा था.

अब बुड्ढे ने उसकी पूरी चुकी को अपने हाथों में भरा और उसे दबाते हुए ऊपर उठाया तो एक करंट की लहार प्रिय के चुकी से चलती हुई सीधे उसकी छूट तक पहुंची.

प्रिय को लगा जैसे उसके चुकी से गीलेपन की धरा बाह निकली हो. आनंद के जिस झूले में अभी वो हिचकोले खा रही थी, इससे पहले उसने उस झूले को कभी महसूस तक नहीं किया tha.josh मई आके उसने अपनी गर्दन पीछे कर ली..

और जोर से चिल्ला उठी

आआआह्ह्हह्हआआआ...

mumiiiiiiiiiiiiii...ye कमीनाआआआ.. बुढ़हा...

वो खुद अपने कण्ट्रोल से बहार जा रही थी. वो अपनी हूंतो को दांतो मई लेके पेश रही थी..

और आँख को ज़ोर से बंद किये हुए थी. उसका पूरा बदन अकड़ा हुआ था.

जब उसके चुकी पर करीम ने दबाब बढ़ाया तब उसे प्रिय के दिल की धड़कन मह्शूश हुई, और वो अब समझ चूका था की लोहा गरम है, अब बस हथोड़ा मारना है. उसका हथोड़ा भी तो काफी गरम हो चूका था! उसने प्रिय की चुकी को और कॉन्फिडेंस से मसलना सुरु कर दिया. प्रिय आनंद के ऐसे मुकाम पर पहुँच चुकी थी जहाँ sahi-galat, uchit-anuchit, ये सब तर्क मनुष्य नहीं सोचता. सोचता है तो सिर्फ सेक्स के बारे मई.. छूट और लुंड के बारे मई ..

वो काम देव के तीर का शिकार हो चुकी थी. उसका अंतर्मन करीम से निवेदन कर रहा था - थोड़ा और ज़ोर से, और जोर से दबाओ ..तुम्हे रोका किसने है, किस्से डर रहे हो? इससे सोच मई वो बोल पड़ी

तुमने शाज़िया और मेरे बदन को चुवा है … तुम कोण बेहतर लगी ..

प्रिय ये भूल गयी थी की वो एक रंडी के साथ खुद का कपरिसिओं कर रही है ..

वो प्रिय की तरफ झुका हुआ था, उसने अपने क़ुतुब मीनार को प्रिय की गांड पर दबाया. उसके पुरुषत्व के संपूर्ण ताकत को प्रिय अपने गांड पर महशूस कर रही थी. उसका कण्ट्रोल अब कमज़ोर होने लगा था, वो बेकाबू हुई जा रही थी. बुड्ढे ने उसकी बायीं चुकी को अपने दायीं हाथ में पकड़ कर दबाया और अपने मुंह को प्रिय के होंठों के पास ले गया. उसके मुंह से देसी दारु की तेज़ बॉस आ रही थी. उस तेज़ बॉस से प्रिय को उलटी सा आने लगी, पर वो इस मज़े को उलटी से ख़राब नहीं कर सकती थी! वो आँख बंद किये वैसे hi शिथिल कड़ी रही.

तुम … मेरे रांड…

अच्छा! ऐसा क्या है मुझमे? जो शाज़िया मई नहीं है …

प्रिय अपने तारीफ सुनाने के लिए इतनी बेचैन थी की वो बिलकुल भूल गयी थी की करीम से थोड़े देर पहले क्या डील हुई है और वो अब क्या कर रहा है उसके साथ .. प्रिय को पूरा पता था की उसके ऐसे कहने पर करीम क्या बोल सकता है .. और क्या कर सकता है .. बुद्धा क्या बोलेगा और फिर उसके साथ क्या करेगा ये सोचकर hi उसके जिश्म में शीरन दौर गयी थी. उसके दिल की धड़कन फिर तेज़ हो रही थी, उसके गुफा से कॉमर्स फिर से बहने लगी थी..
 
प्रिय अब खुल गयी है ये सोचकर बुड्ढे का हौसला उसके लुंड की तरह hi शशक्त हो चूका था. उसने दोनों चूचियों के बीच बानी घाटी में अपना एक ऊँगली घुसा दी..

पशीने से भीगी प्रिय की छाती में आसानी से उसकी ऊँगली फिसलती हुई अंदर चली गयी. उसने ऊँगली दाएं बाएं घुमा कर प्रिय की चुकी को छुआ. पर ऐसे थोड़ा थोड़ा से करीम की प्यास बुझने की जगह और तीव्र होती जा रही थी. अपने संपूर्ण अकार में प्रिय की उत्तेजित चूचियां बहार आने को मचलने लगी थी.. उसने हिम्मत कर के एक झटका देते हुए प्रिय के ब्लाउज के एक बटन को खोल दिया.

बहुत बदमाश हो तुम! बूढ़े !! मैंने तुम कुछ पूछा है और तुम जवाब देने के बजाये मेरे ब्लाउज के बटन खोल रहे हो..

करीम कुछ नहीं बोलता .. और एक बटन और खोलता है ..

और एक बटन खोलोगे तो एक झापड़ मरूंगी

प्रिय के आवाज़ में शरारत आ गयी थी. करीम का सूरजमुखी फिर खिलने laga.wo सोचता है थोड़ा इसको ओपन करते है

करीम उसके ब्लाउज का एक और बटन खोलता है .. उसके ब्लाउज के तीन बटन खुल चुके थे .. सिर्फ एक बटन बाकि था..

तेरा वो बहुत मस्त है.. रांड ..

वो क्या?

प्रिय अब धीरे धीरे करीम के जाल मई फंस रही थी. वो एक बूढ़े के साथ उसके गंदे से रूम में इस वक़्त अकेली थी. एक ऐसे बूढ़े के साथ जिसको प्रिय अचे से जानती थी की वो कितना कमीना है.. वो कितना पागल है लड़कियों के पीछे .. ये सब वो जानती थी..

तेरे ये संतरे.. तेरे ये रसीले आम ..

करीम ने अपने गंदे लम्बे लम्बे दांत को बहार निकाल बेशर्म की तरह मुश्कुराते हुए कहा. करीम का क़ुतुब मीनार अपने सम्पूर्ण अकार में पंत मई खड़ा था. प्रिय उसे अचे से महसूस कर रही थी आपने गांड के उप्पर ..

संतरा या रसिलए आम ? पहले डीडे करो और फिर बोलो…

करीम अपने चेहरे पर बेशर्मी भरे मुस्कान लिए अपनी दायीं हाथ से प्रिय की दायीं चुकी दबाते हुई बोलै

तुम्हारा ये रसेला आम बहुत मस्त है

और फिर बाये हाथ से प्रिय की बायीं चुकी को पकड़ कर दबाते हुए बोलै

तुम्हारे ये संतरा तो लाजवाब है ..

“हैट बेशर्म!”

ऐसा कहते हुई करीम को पीछे धकेल के वो घूम जाती है .. प्रिय का चेहरा लाल था, धड़कने तेज़, साँसे बढ़ी हुई, अब उसका पल्लू गिरा हुआ था .. ब्लाउज के तीन बटन खुले हुई थे.. वो सिर्फ एक बटन पर टिका हुआ था .. प्रिय की नज़र करीम के पंत पर तिकी हुई थी. और करीम की नज़र उसके काळा ब्रा पर..

ऐसे कैसे हो सकता है .. एक आम और एक संतरा … दोनों की साइज तो शामे है .. फिर तुम एक को आम और एक को संतरा कैसे कह सकते हो ..

प्रिय के शब्दों में शहमति छिपी थी. बुड्ढे के आँखों के सामने लाल ब्लाउज के अन्दर सफ़ेद गोल चूचियों के ऊपर काली डिज़ाइनर ब्रा थी .. जो न तो पूरी तरह से चुकी को धक् रही थी, न पूरी तरह से उसे नंगा किये हुई थी, ऐसे मादक दृश्य को देख कर बुड्ढे के मुंह और लुंड दोनों से लार टपकने लगी. लम्बे खड़े हुई लुंड पर प्रिय का ध्यान टिका हुआ था. उसे इस बात की न तो फिक्र थी और न hi उसे फर्क पड़ता था की करीम उसके ब्रा के भीतर कड़ी उसके निप्पल को ब्रा के ऊपर से hi घूर रहा है.

तुमने भी नाज़िया जैसे hi काली ब्रा पहनी हुई है ..

मेरे डिज़ाइनर ब्रा है

तो क्या हुआ

मेरे के जितने कीमत है जितने मई तुम्हारे नाज़िया के सरे ,पेटीकोट और ब्रा आ जाये ..

और पंतय भी..

धत्त... बेशरम... तुम तो सिर्फ चांस hi चाहिए बोलने मई ..

वैसे क्या फरक पड़ता है ब्रा और पंतय कितने की है .. आख़िरकार इसको मई hi उतरने वाला हु न.. छाए वो नाज़िया की सिंपल सी काली ब्रा हो या तुम्हारे डिज़ाइनर ब्रा हो..

अच्छा जी .. कुछ फरक नहीं होता है क्या ..

थोड़ा बहुत होता है ..

और क्या अच्छा लगा तुम मुज मई

अब बुद्धा जोश मई आ गया था

क्या मस्त गोरा ख़ूबसूरत चेहरा है साली रैंड तेरा..! तेरे ये लम्बे बाल..! गुलाब की पंखुड़ियों जैसे होठ...! साली जब तू उन नाजुक होठो से मेरे हूंठ चूसेगी तो मेरा क्या होगा? जब तू उन्ही प्यारे होठो से मेरे लोडे को चूसेगी तब मई कैसे सेह पाउँगा?

धत्त!! बेशरम !!!.. बहुत बेशरम हो तुम ..कुछ भी बोलते हो ..

ऐसा कहके करीम की और देखते हुई आपने ब्लाउज के बटन लगा लेती है …और साडी का पल्लू आपने शोल्डर पर डालकर चुप चाप बिस्टेर पाई जेक बैठ जाते है .. अपने दोनों पवन ऊपर करके .....दिल उसका ज़ोरों से धड़क रहा tha.....magar छूट में धीरे धीरे सेंसेशन अभी भी हो रहा tha.......kuch गीलापन उसके छूट में भी होने लगा था.........

अब करीम प्रिय के ठीक पीछे जाकर बैठ जाता hain......aur अपने दोनों पवन दोनों तरफ पूरा फैला देता hain.....beech में प्रिय खामोश बैठी हुई थी...... वैसे बैठते हुई करीम अपना होंठ प्रिय के गलों पर रखकर बड़े प्यार से चूम लेता hain......wahin प्रिय बस हौले से मुस्कुरा पड़ती हैं........

थोड़े देर करीम शांत रहता है .. कुछ नहीं करता .. वैसे hi बैठा रहता है .. कुछ देर के बाद करीम उसी तर्हां बैठते हुई करीम अपने तपते होंठ प्रिय के गर्दन पर रखदेता है और उसको चूमने लगता है ..





आआअह्ह्ह्हह्हआआ… बुद्धि… मुझे चोर दे.. मुझे जाना है .. भाभी वेट कर रही होगी

अब आपने हूंठ उसके गार्डन पर घूमते हुए, करीम उस की चुच्यों को मसलने लगा …….

करने दे न वेट.. क्या होता है..

मेरे ससुराल वाले आनेवाले है ..

वो चक्का भी आने वाला है क्या

कोण

तेरा मंगेतर

राजीव नहीं आनेवाला है

अच्छा है.. वैसे आके भी वो क्या करता .. आज तक कुछ नहीं किया तो अब क्या करेगा

ऐसा कह के प्रिय के सीने पर से सदी का पलु हटा देता है .. और अपना एक हाथ करीम ने उसके मम्मी पर रखा और हल्का हल्का उस को सहलाने लगा और दूसरे हाथ करीम प्रिय के जांघ पर रख देता है और वह सहलाने लगता है .. उसकी सफ़ेद, नरम, मुलायम जाँघों के स्पर्श से करीम को बेचैन कर रहा tha.aab करीम धीरे धीरे प्रिय की साड़ी को ऊपर सरकने लगा… जब प्रिय की साड़ी एक पेअर पर से थोड़े उप्पर आने लगी तब प्रिय को पता चल गया की करीम क्या कर रहा है या करना चाहता है ..

no ..करिमम.. ऐसे चालाकी मेरे साथ नहीं चलेंगे.. साड़ी उप्पर मत lena..jitane डील हुई है उतना hi .. नहीं तो मई यहाँ से चली जाउंगी …

ऐसा कह के साड़ी निचे करती है ..

ठीक है रांड ..जैसा तुम चाहो..

ऐसा कह के करीम थोड़े देर के लिए उसकी साड़ी उप्पर लेना बांध कर देता है..

अब करीम का एक हाथ तो प्रिय के संतरे का रास निचोड़ने में लगा हुआ था, तो दूसरा हाथ जाँघों को सहलाने मई लगा हुआ था ..

प्रिय करीम के ऐसे दोहरे हमले से उसकी बाँहों मैं मछली जा रही thee….aur वो उस के हाथों को अपनी चुकी और जांग पर से हटाने के कोशिश कर रही थी…… करीम के मरदाना हाथों के अग्गे उसकी एक ना चल रही थी….. करीम उसकी चुच्यों को बेदर्दी से मसलते हुए फिर से उसके गरदन को चेतना शुरू कर देता है …….प्रिय को ऐसा लग रहा था जैसे उसके बदन मैं जान ही ना बची हो…… उसके पेअर उसके बदन का साथ छोड़ने lagee….priya किसी मछली के तरहं तड़पती हुई धीरे-2 आपने बदन पीछे करीम के शरीर पर डालती है ..…. अब भी करीम उसकी चुच्यों को नहीं चोर रहा tha…….wo लगतार प्रिय के दोनों चुच्यों को मसल रहा था…… एक hi हाथ से .. एक के बाद दूसरे.. जैसे प्रिय पीछे को हो रही thee…wo वही बैठते हुए उसके गर्दन गैलन और कानो के पास अपनी जीभ को घुमा रहा था…..

प्रिय के बदन मैं न छठे हुए भी मस्ती के लेहरे कौंधने lagee…..uske सांसे अब्ब और तेज से चल रही थी…… मस्ती का आलम प्रिय पर इस कदर हावी हो गया की, वो अपने पेअर नीचे जमीं पर रखकर टांगों को इधर उधर हिलने लगी ..और उसकी मस्ती भरी सिसकार्यं पूरे कमरे मैं गूंजने लगी…..

ाहहए.. करीम … मत कर मेरे साथ ऐसा ..

अब्ब बस प्रिय सिर्फ मुँह से ही करीम को चोर देने के लये कह रही thee……uske उलट उसके बदन ने करीम का विरोध करना चोर दया था …..

ये देखते हुए करीम अब उसका जो हाथ उसके झांग पर था ो हाथ वो उसकी झांग को सहलाते हुई उस के गुलाबी गुफा की ओरे तेजी से बढ़ा रहा था जिसमे प्रिय ने अपने यौवन के खजाने को छिपा रखा था.

अब करीम उसके चुकी को निचोड़ रहा था और साथ मई उसके झांग को भी सहला रहा था .. पर इस वजह से प्रिय के गुलाबी गुफा से उसका रास रिस रिस कर बाह रहा था. जब तक करीम प्रिय की चुकी तक था, तब तो प्रिय मज़े ले रही थी. पर जब वो तेजी से उस के छूट की तरफ बढ़ा तो प्रिय परेशां हो गयी. प्रिय ने ये कभी नहीं सोचा था की वो ऐसे बदसूरत अधेड़ उम्र के दो कौड़ी के इंसान के सामने अपने जिश्म की सबसे कीमती भाग को खोल देगी… वो भी पहली बार.. जो उसने राजीव के लिए इतने दिनों से संभल के रखा था ..उसने पहले hi सोच लिया था की ये सब वो उसके पति के साथ करेंगे.. यही सोच कर वो यहाँ आयी थी और यही डील उसने करीम के साथ किट hi.. प्रिय ये भी जानती थी की अगर ये कमीना उसकी छूट तक पहुँच गया तो वो उसे रोक नहीं पायेगी. उसे तो ये भी नहीं पता था की वो खुद को रोक पायेगी या नहीं? वो आपने आप से कहने लगी ..

नहीं नहीं.. ये नहीं हो सकता .. ये राजीव की अमानत है.. ये मई इस कमीने के हवाले कभी नहीं करूंगी .. इस कमीने को रोकना hi होगा. पर कैसे? नहीं वो काफी तेज़ी से छूट की तरफ बढ़ रहा है. अगर उसने मेरी गीली पंतय को छू लिया तो उसे पता चल जायेगा की मैं भी गरम हो गयी हूँ. नहीं, अब सोचने का समय नहीं है, कुछ करना होगा! प्रिय तुजे … जल्दी से कर नहीं तो भूल जा राजीव के साथ सुहागरात ..

और वो जोर से चिल्ला उठी...

तभी करीम एक दम से प्रिय के साड़ी के ऊपर से उसकी छूट को अपनी मुठी मैं भर कर जोर से मसल दया…… प्रिय को एक जोर दर झटका laga…..mano उसके पूरे बदन मैं बिजली कोंध गए ho….uske ऑंखें मस्ती मैं एक दम से बंद हो गए….

अह्ह्ह्ह बुद्धि एई तुम ठीक नहीं कर रहे अहह ुंहःहःह चोर दो मुजीब

प्रिय के छूट को साड़ी के ऊपर से सहलाते हुए कहता है

ायःहा रांड ….कसम से तेरा जैसा गदराया हुआ माल आज तक नहीं choda……aaj तेरे गदराये हुए छूट छोड़ कर मेरे लुंड के किस्मत जाग जायगे…

करीम के मुँह से अपनी छूट के बारे मैं ऐसे बातें सुन कर चौंकाते हुए प्रिय कहती है

आह चोर न मुझे .. …..आह्हः मैं मैं राजीव के साथ देखा नहीं कर सकती….. प्ल्ज़ समजा कर न .. करीम ..

साली रांड तुन उस तेरे छक्के मंगेतर के साथ छुड़वा सकती hai..aur इधर तेरा इतना बड़ा आशिक़ कब से तरस रहा है तेरे छूट के lye…..tuje मेरे परवाह नहीं है kaya……aaj तो तेरे छूट मैं अपना लुंड ग़ुस्सा कर ही दम lunga…..saali एक बार मेरा लुंड अपनी छूट मैं ले लेगी तो सब भूल जायगे…

ये कहते हुए, करीम ने एक झटके मैं प्रिय के साड़ी को उसके कमर तक ऊपर उठा daya….priya तो जैसे शर्म के मरे जमीन मैं गढ़ gaye…..usne अपने इज्जत यानि छूट को छुपाने के लये अपने झांगों को अप्प्स मैं सत्ता laya…..par करीम ने अपने ताकतवर हाथों से उसकी झांगों को पहला दया. प्रिय के छूट उसके सामने थी एक पंतय मई ढकी हुई .. उसकी छूट कॉमर्स से लबलबा रही thee……jisse देख पीछे बैठे करीम का लुंड एक दम से फनफना उठा…..

अह्ह्ह्ह क्या कमल के छूट है री तेरे रांड अह्ह्ह देख ना साली कैसे पानी बहा रही hai….aur ऊपर से तुन नखरे छोड़ रहे hai…..chal आज देख तेरे छूट कैसे फाड़ता हूँ…..

ये कहते हुए पीछे बैठे करीम ने अपना चेहरा उसके छूट के पास ले गया और उसकी खुसबू सुंघाने लगा..

माशा.. अल्लाह... क्या खुसबू है तेरे छूट की रांड ... मज़ा आ गया ..

करीम के इस हरकत से प्रिय शर्मा जाती है ..

बेशरम.. तुम्हारे ये गंदे हरकते बंद कर दो ..

तब करीम उसके छूट पर अपनी उंगली घूमने लगता है .. और उसकी पंतय थोड़े बाजु से उप्पर करता है ..

तब प्रिय एक दम से सिसक उठाती है .. …….उसके ऑंखें मस्ती मैं बंद होने लगी….

अह्ह्ह नहीं चोर दो ओह्ह्ह्ह अहह नहीं बूढ़े मैंण्ण्ण्ण्न अह्ह्ह्हह्हह हमारी डील हुई है ..

पर करीम के दिमाग पर तो जैसे वासना का भूत चाय हुआ था…..

भाड़ मई जाये तेरे दिल .. ऐसे कुंवारे छूट के खातिर मई 100 डील कुर्बान कर दू..

नहीं करीम तुम ऐसे नहीं कर सकते ..

साली इधर मेरा लोढ़ा दर्द कर रहा hai...aur तुजे डील की पड़ी हुई है .. आज मुझे छोड़ने से मात रोक... मई तेरे सुहागरात तक इंतजार नहीं कर सकता..

भाभी .. वेट कर रही है

ऐसा कह के वो करीम को पीछे धक्का देके वह से उठ जाती है .. दरवाजे की तरफ जाने लगती है ..

प्रिय दरवाजे तक पहुँच गयी थी..

जाना है तो जाओ.. लेकिन बाद मई मुझे कुछ मत कहना .. फिर मई भी डील भूल जाऊंगा.. उसकी जिम्मेदारी तुम्हारे रहेंगे..

करीम के ऐसे कहने से प्रिय वही रुख जाती है और पीछे गर्दन घुमा के करीम की और देखने लगती है.. गुस्से से..





करीम कुछ नहीं बोलता उसे hi देखता है..

मुझे धमका रहे हो

नहीं चेतावनी है

तुमने hi तो अभी डील थोड़ी है न

ठीक है .. जैसा तुम चाहो .. डील तोड़ने है तो तोड़ दो.. मुझे कुछ फरक नहीं पड़ेगा ..

करीम के ऐसे कहने के बाद प्रिय कुछ सोचने लगती है …कुछ सोचने के बाद सामने थोड़ा चल कर आके एक स्टूल था वह पाई बैठ जाती है ..और करीम की और देखने लगती है..

करीम वह चला जाता है .. वो सोचता है .. कुछ झूठ मूठ बोलके इसको रुकना होगा यहाँ पाई ..

वो यही सोचकर बोलता है ..

मुझे माफ़ कर दो प्रिय

प्रिय के चहरे पर हसी आ जाती है





 तेरे जैसी सुन्दर लड़की सामने प् कर मई अपने ऊपर काबू नहीं रख पाया.

प्रिय करीम को अचे से जानती थी ..

बकवास बंद करो!

बकवास नहीं सच कह रहा हु

प्रिय को करीम फिरसे अपनी बातों में फंसने की कोशिश करने लगा tha.priya दीवार के पास जेक कड़ी हो जाती है

चलो हटो! बातें मत बनाओ. मैं तुम्हारी बातों में नहीं आने waali.hu.. मई तुम अचे से जानती हु .. आपने काम निकलवाने के लिए तुम झूठ बहुत बोलते हो मई अचे से जानती हु

ऐसा कह के प्रिय घूम जाती है .. .अब प्रिय की मक्खन जैसे चिकने कोमल पीठ करीम के आँखि के सामने थी ..





उसपर पतली से लाल ब्लाउज के लास थी . क्या दृश्य था! उसकी चिकने पीठ देख के करीम प्रिय से और चिपक gaya..uska खड़ा लुंड प्रिय के गांड पर फिर से सात गया था.

करीम ने प्रिय के खुले बाल जो उसके पीठ पर थे वो समेत कर आगे कर लिए और उसने प्रिय की संगमरमर से पीठ पर हाथ सहलाने लगा.

क्या कर रहे हो? गुदगुदी होती है!

अपने सामने इतनी मादक गोरी नंगी पीठ देख कर करीम के मुंह में पानी आ चूका था.

रांड तेरे पीठ तो मक्खन जैसे हैं.

करीम ने अपनी जीभ निकाल कर प्रिय के पीठ को चाटने की कोशिश की.





aahhhhhhhhhha... कमीने.. मुझे जाने दे...

तभी प्रिय के मोबाइल पाई कॉल आता है..

कॉल किस का है ये देखने के लिए जब प्रिय पार्स से कॉल निकलने लगती है तब करीम उसका हाथ पकड़ लेता है ..

करीम मेरा हाथ चोर दो .. मुझे देखने दो कॉल किस का है

करीम वो हाथ नहीं चोरता है .. और उसका हाथ पकड़े हुई प्रिय को एक तक निहार रहा था .. दोनों बस एक दूसरे को देख रहे थे .. प्रिय का दिल ज़ोरों से धड़क रहा था .. तभी प्रिय के आँखों मई देखते हुई करीम उसके चहरे को दोनों हाथो मई पकड़कर उसके हूंतो को आपने हूंतो मई लेके पहले चूसता है और फिर काट लेता है ..

प्रिय उसका चेहरा आपने से दूर करती है

आहहहआ... कमीने ..

करीम के इस हरकत पर प्रिय को गुस्सा आने के बजाये उसे शर्म आ रही थी .. वो शर्म से गार्डन निचे जुका लेती है.. शर्म साफ़ साफ़ उसके चहरे से झलक रही थी ..वहीँ करीम प्रिय के खूबसूरती को बस निहार रहा था.......

प्रिय तुम सच में बहुत खूबसूरत हो .......तुम जानती हो जब से तुम देखा है तब से दिन बा दिन मेरी चाहत तुमने पाने की बढ़ती चली जा रही है ....... पिछले 4 सैलून से मैं तुम्हें पाने की हर मुमकिन कोशिश की hain.....aur देखो आज इतने सैलून की मेहनत मेरी रंग layi.....aaj तुम मेरी बाँहों में ho.........sach hi लोग कहते हैं की पाने की आस कभी नहीं छोड़नी chahiye........aab मुझे कुछ नहीं chahiye........bus तुम मिल गयी हो मुझे सब मिल गया.......

और करीम इतना कहकर धेरेसे उसके चीन को हाथ लगा कर उसका चेहरा उप्पर उठा लेता है .. अब करीम बिलकुल खामोश था ........ प्रिय को देखे जा रहा था वहीँ प्रिय बस ख़ामोशी से करीम की बातें सुन रही थी......

थोड़े देर शांत रहने के बाद बड़े प्यार से करीम के चेहरे की तरफ देखने लगती हैं.......

उसके चेहरे पर हल्की मुस्कान thi...aab न जाने क्यों उसे इस कमीने बूढ़े पर बहुत प्यार आ रहा था......

तुम झूट बोलते हो करीम ........ तुम्हारी चाहत मुझसे नहीं बल्कि मेरे जिस्म से हैं........

इतना कह के प्रिय फिर से दुबारा खामोश हो जाती हैं....

नहीं .. ऐसे बात नहीं है ..मई तुम्हारे जिस्म के तरफ देखता हु .. उसे पाने की मुझे चाहत भी है.. पर मई तुम चाहता भी हु प्रिय.. मुझे लगता है इसमे गलत कुछ नहीं है ..

करीम ......... तुम क्यों ऐसा लगता हैं की मैं तुम नहीं चाहती ........बहुत चाचती हूँ मैं तुम .....मगर मेरी चचत वो नहीं हैं जो तुम समझ रहे हो ........मैं तुम अपने भाभी के यार की नज़र से चाहती hoon....na की प्रेमिका के रूप में.......

ऐसा कह के हस्ते हुई करीम को पीछे धकेल के थोड़ा पीछे हो जाती है ..

अब कॉल की रिंग बज बज कर कॉल कट हो गया था ..

प्रिय की आँखों से शरारत, शर्म और कामना छलक छलक कर बहार आ रही थी. .. और फिर कहने लगती है

मैं ये भी जानती हूँ की तुम्हारी नज़र मुझपर बहुत दिनों से hai......jab भी तुम मौका मिलता था तुम मेरे बदन को घूरते रहते हो .......ये बात नहीं थी की मुझे नहीं पता tha.......magar मैं बस चुप चाप ये सब देखते रहती ........शायद तुम मेरे बदन को देखने में मज़ा आता है ...... और शायद इस वजह से मैं तुम्हारे करीब नहीं आती thi......ye बात तुम भी बहुत ाचे से जानते हो करीम .......

प्रिय करीम के चेहरे की तरफ देखते हुए ये सब कहती हैं और फिर से हौले से मुस्कुरा पड़ती hain.....aab उसकी बाटिओं में शरारत साफ़ झलक रही थी.......

बुद्धा इशारा समझ चूका था.

तुम जो चाहे कह लो मगर सच तो ये हैं की मैं अब तुम्हारे बगैर और नहीं रह सकता........ अब तुम मेरी सबसे बड़ी कमज़ोरी बन गयी हो.......

ऐसा कह के प्रिय के पास आके उसने प्रिय के सीने पर से अंचल को हटाया. प्रिय की तरफ झुक कर दोनों हाथों से प्रिय की ब्लाउज का एक बटन को खोलने लगा.

तभी प्रिय करीम के हाथ को मरती है और उसके ब्लाउज का बटन फिर से लगाती है .. फिर करीम उसके चहरे के पास आपने चेहरा लता hai..uska चेहरा प्रिय के मुंह के सामने था, और दारु की दुर्गन्ध भड़ी सांस सीधा प्रिय के मुंह पर छोड़ रहा था.

लेकिन प्रिय अब तो तुम मेरे करीब आ गयी हो न

करीम के ऐसे कहने से प्रिय करीम की और देखते हुई हौले से मुस्कुरा पड़ती हैं...... तब करीम उसका चेहरा उसके हूंतो के और पास लता है .. करीम के मू से आ रही गरम सांसोसे प्रिय मदहोश से होने लगी थी.. इस वजह से वो आँखे बंद कर लेते है ..

आँखे बंद करते हुई शरारती अंदाज़ मई वो कहती है

आ गयी हु मगर डील के कंडीशनल अप्लाई के तहत

करीम मैं मई कहता है .. साला इस डील के माँ की छूट..

ऐसा सोचते हुई वो प्रिय के सर के पीछे से उसके सर पर हाथ रख देता है और आपने प्यासे हूंठ प्रिय के नाज़ुक से पंखुडे जैसे गुलाभी हूंतो पर रख देता है

और जैसे hi उसे चूसने वाला होता है तभी प्रिय को मोबाइल फिर से बजने लगता है ..

मोबाइल के रिंग के वजह से प्रिय होश मई आ जाती है और थोड़ा पीछे हैट जाती है..

करीम गुस्से मई कहता है..

साला .. इस मोबाइल के माँ की छूट .. इससे अभी hi बजाना था क्या ...

प्रिय हस्ते हुई कहती है ..

सही मोके पाई बज उठा है ..

ऐसा कह के जोर जोर से हँसाने लगती है ..

कॉल उसके भाभी का था .. काजल भाभी का ..

कहा हो प्रिय

करीम फिर कुछ सोचकर प्रिय के पास जाता है और अपना लैब प्रिय के गाल पर ले जाती हैं और बहुत आहिस्ता से प्रिय के गाल को चूम लेता hain......wahin प्रिय ख़ामोशी से बस करीम को एक तुक देख रही थी ...... कान पाई मोबाइल लगाके ..

Hello .. hello.. प्रिय … मई कुछ पूछ रही हु …

प्रिय अपने आप को संभालते हुई मोबाइल को देखने लगती है और करीम को आपने से दूर करने के लिए करीम को उसके कंधो से थम लाया….

भाभी आ रही हु .. थोड़ा ट्रैफिक मई अटकी हु

करीम के किश की वजह से प्रिय के बदन मैं मनो बिजली कोंध gaye……ankhen ऐसे खुल gaye..jaise कभी बंद ही ना ho….usne एक बार अपने आप को सँभालते हुए, करीम को पीछे काया….. प्रिय अब्ब भी वैसे हालत मैं thee…uske साड़ी का पल्लू निचे गिरा हुआ था और उसके ब्लाउज पर करीम की गन्दी नज़र थी ..

प्रिय ने अपने आप को सँभालते हुए मोबाइल आपने शरीर से थोड़ा दूर करते हुई लदखती आवाज़ मैं कहा……

चलो अब्ब अब्ब बहुत हो गया .. मुझे भोत लेत हो गया है.. भाभी भी बुला रही है ..

प्रिय करीम को देखते हुई ये कह रही थी.. घबराहट की वजह से उसके साँसे जोर से चल रही थी.. …….उसके ब्लाउज का पल्लू जो खुला था … इस वजह से उसकी 38 साइज के चुच्यां जो उप्पर निचे हो रही और उसके बड़े-2 डार्क ब्राउन निप्पल करीम के आँखों के सामने थी….. करीम उसे hi घर रहा था .. करीम से रहा नहीं gaya…..aur उसने एक और नादानी कर dee……jo शायद प्रिय के जिंदगी को बदल कर रख देने वाली थी.

क्या चूचिया है

ये कहते हुए करीम ने प्रिय का लेफ्ट निप्पल को मुँह मैं भर laya…….isse पहले की प्रिय कुछ बोल पति या करती……. करीम के गरम जीभ को अपने मोठे गुलाभी निप्पल पर महसूस करते ही उसके बदन मैं मस्ती के तेज लहर दौड़ गए…

आआअह्हह्ह्ह्हह्हआआआआ…. मरररररररर…….. gayiiiiiiiiii….Myyyyyyy.. godddddddddd…

ऐसे सिसकते हुई उसने करीम को हटाना chaha….par उसके बदन मैं मनो जैसे जान ही ना बची हो…….

अह्ह्ह्हह्हह करीम हैट जाए ना… ऐसा मत कर मेरे साथ …….नहीं तो तुजे डांटूंगे ुंहःहःह सीईई करीम .. बूढ़े.. क्या कर रहा hai…….ohhhhhhh रुक जा kamineeeeeee….nahi… नहीं… भगवन के लिए ऐसा पाप न कर मेरे साथ ..

पर करीम तो जैसे उसकी बात सुन ही नहीं रहा tha…….wo इतना उत्तजित हो गया था की, उसने जितना हो सकता था. अपना मुँह खोल कर उसके चुकी को ब्लाउज के उप्पर से मुँह मैं भर कर चूसना चालू कर दया….. करीम कोई बचा नहीं था…… प्रिय के चुच्यों को आज तक किसी ने नहीं चूसा tha.yahan तक की उसके होने वाले पति ने भी नहीं….. प्रिय के हालत ख़राब होती जा रही thee…..abb वो बदहवाशी मैं बडबत्ते हुए करीम को अपने से अलग करने के नाकाम कोशिश कर रही थी….

पर करीम पूरे जोर से उसकी चुकी के निप्पल को चूस रहा tha…..barso दबा कामवासना का जवळ मुखी प्रिय के अन्दर दहकने लगा tha….apne आप को इस पाप से बचने के लये प्रिय ने आखरी कोशिश kee…..usne करीम को कंधो से पकड़ कर पीछे हटाना chaha….par करीम पीछे hatata…uske उलट वो खुद पीछे के और होते हुए एक दम पीछे जो वाल थी वह तक चली गयी .. वो अब सीढ़ी खड़े थी …… और करीम उससे ऐसे चिपका हुआ tha…..mano उससे अपनी इस नहीं चाहत से कोई अलग ना कर सके ….नतीजा ये हुआ की, अब्ब प्रिय के पीठ के पीछे वाल थी और आगे से करीम उसके ऊपर झुका हुआ, उसकी चुकी को चूस रहा था…. करीम प्रिय के चुकी चूसते जा रहा था.. और प्रिय की साँसे जोर से चलने की वजह से ऐसा लग रहा था की उसकी छथि जोर से झटके खा रही हो …

तभी फ़ोन से काजल कहती है

प्रिय .. प्रिय..

प्रिय आपने साँसे संभालते हुई कहती है

हैं… बहहहहआ….. हहहह…. भ्हीइ…

कहा हो ..

भाभी… यही हु ..

इतना हांफ क्यों रही हो…

तब प्रिय करीम को गुस्से से देखते है और आपने से दूर करती है.. उसे लगा शयद भाभी को पता चल न जाये ..

नहीं तो …

मुजसे क्यों झूठ बोल रही हु ..

नहीं भाभी मई आप से क्यों झूठ बोलने लगी

पक्का .. तुम आपने फ्रेंड के यहाँ गए हो क्या

क्यों भाभी

कुछ नहीं..

आप को क्या लग रहा है मैंने आप को झूठ बोलै है क्या

नहीं .. जल्दी आना .. तुम्हारे सांस और सिस्टर इन लॉ वेट कर रही है ..

आ रही हु बाबा .. जरा उनको बिजी कर दो .. किसी शॉपिंग मई .. प्ल्ज़ भाभी..

उअतना तो करना पड़ेगा न .. मेरे नांद रानी के लिए ..

थैंक यू .. मेरे प्यारे भाभी ..

मस्का मत लगा और जल्दी से यहाँ आ जा..

ok .. भाभी आती हु..

ऐसा कह के काजल फ़ोन रख देती है

अब मुझसे और साबरा नहीं हो रहा प्रिय .........प्लीज एक बार इसे अपने मुँह में लेकर चूसो न........

जैसे hi प्रिय ने फ़ोन रखा वैसे hi करीम प्रिय को देखते हुई आपने लुंड को हाथ मई लेके हिलाते हुई उसे कहा और फिर से उसे आपने बहो मई भर के उसे चिपक गया ..…





करीम के मुन्न में जो बात थी अब उसके जुबान पर आ चुकी thi.....wahin प्रिय एक नज़र करीम के चेहरे की तरफ देखती हैं और हौले से मुस्कुरा पड़ती हैं....... वहीँ करीम बड़े प्यार से प्रिय के तरफ देख रहा tha........aur उसके बालों को सेहला रहा था......

करीम का लुंड उसकी पंत मैं एक दम तना हुआ था….. चिपकने की वजसे वो ठीक प्रिय के झंगो के बीच आ टिका……

करीम आपने चेहरा प्रिय के चहरे के पास लेक कहता है

डील तो कैंसिल भी हो सकती है न

और अगले ही पल उसने अपने होंटो को खोल कर प्रिय के गार्डन को मुँह मई भर कर चूसते हुए, चूमते हुई , धीरे-2 अपने हाथ को उसके कमर पर .. उसके नवल पर उप्पर निचे घूमना शुरू कर दया.

उसके लुंड का मोठे सुपड ने अब प्रिय के झंगो पर अपना कमाल दिखाना शुरू कर दिया था ….

नहीं हो सकती

प्रिय ने ऐसे कहते hi करीम प्रिय के गार्डन को चोर कर उसके चुकी के निप्पल को मू मई लेके चूसने लगा ..

चूस चूस कर करीम ने उसे एक दम लाल कर दया था… प्रिय का निप्पल्स एक दम कड़क हो गया था …..और नीचे करीम अपनी झांगों को प्रिय के झांगों के बीच मैं सेट करने के कोशिश कर रहा tha….issi वजह से करीम का लुंड पंत के ऊपर से प्रिय के छूट के छेद पर जा लगा……

ुंहःहः करीम

प्रिय ने सिसकते हुए अपनी झांगों को ढीला चोर दया……

तो क्या उसमे एक चीज़ ऐड हो सकती है क्या

करीम के झंगे अब्ब प्रिय के झंगो के बीच मैं आ गए थे ….. करीम ने अपना एक हाथ नीचे लेजाकर अपने पंत को नीचे सरकना शुरू kiya….jab प्रिय को इस बात का अहसास हुआ तो, प्रिय एक दम से हरिजन रह gaye…aur मान ही मान सोचने लगी….

हए भगवन यी बुद्धा यी क्या करने जा रहा hai…kaha से सीखा इसने ये sab…..muje तो ये सब किसी स्फोरम पे के स्टोरी जैसा लग रहा है.. पर मुझे इससे यही पाई रोक देना चाहिए….

अपने आप को संभालने के कोशिश मैं प्रिय के गदराये हुए झंगें खुल gaye…..aur करीम का तना हुआ लुंड ठीक प्रिय के झांगों के बीच छूट पर आ गया……

फिर भी करीम क्या बोलना चाहता है इस ठुसक्ता से प्रिय पूछती है

Aaaaaaahhhhhhhhhhh…. क्या

करीम अब प्रिय के दूसरे चुकी चूसने लगा ..

करीम ने अपने दांतो को हल्का सा प्रिय के निप्पल पर गधा दया….. प्रिय के आंखे मस्ती और दर्द के कारन बंद हो गए…..

तू मेरा लुंड चूसने वाली है तो बदले मई मई भी तुम्हारे छूट चूसना चाहता हु

प्रिय ने अपनी नशीली आँखों को बड़ी मुश्किल से खोला और करीम के तरफ देखते हुए बोली……

ये एईई तुम क्या कह रहे हो कारीमंम एई पॉसिबल नहीं है ुंहःहःह...

पर तब तक भोत देर हो चुकी थी….. अपने लुंड को उसकी छूट के उप्पर .. सदी के उप्पर से रखा कर करीम पागलो के तर्हां उसकी घिसाये करने लगा….. अपने लुंड के सुपड को प्रिय के छूट के उप्पर इधर उधर रगड़ते हुए करीम पागल हुआ जा रहा था……

नहीं कभी नहीं

क्यों

करीम ने एक दम से उसकी छूट को अपने हाथों मैं दबा कर भींच दया……

अह्ह्ह्ह करीम हैट जाए ओह्ह्ह्हह्हह ुंहःहःहः तुन चन्नण ईई सबबबब सबबबब क्यों ओह्ह्ह….

प्रिय इससे अग्गे नहीं बोल पाए….. उसकी ऑंखें मस्ती मैं बंद हो gaye….hath अपने आप करीम के पीठ पर आ gaye…..aur कमुक्तार होकर वो अपने इस बूढ़े यार के पीठ को सहलाने लगी…. करीम समाज गया की , अब्ब प्रिय को भी मज्जा ऐनी लगा hai….apni छूट के मुहानेपर करीम के सख्त लुंड और हाथ को महसूस करके प्रिय एक दम मदहोश हो गए ….. बदहवास हो चुकी प्रिय को समाज मैं नहीं आ रहा था की, आखिर हो काया रहा है उसे …..इससे पहले के प्रिय कुछ और कर पति करीम ने अपनी एक उंगली उसके छूट मई थोड़ी अन्दर घुसा दी …

आआअह्ह्ह्हह्हआआआ..

ऐसा सिसकते हुई प्रिय ने दोनों हाथ उसके गार्डन के पीछे दाल के उसे आपने और करीम को दबा दिया … तभी करीम थोड़ा निचे जुका और उसके नवल को चूमने लगा ..

आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह.....

मुझे पता है …

करीम अब अपनी उंगली को प्रिय के छूट के और अन्दर करने के कोशिश कर रहा था…. क्योंकि उसे उतना मज़ा नहीं आ रहा था जितना आना चाहिए .…. पर सदी .. पेटीकोट और पंतय के होते हुई बेचारे उंगली कितनी अन्दर जाती .. और इधर जब करीम के उंगली थोड़ी अन्दर गयी प्रिय के छूट मई तो प्रिय के छूट मैं सरसरहाट दौड़ गयी …..अब उसकी छूट लुंड लेने के लये मचलने लगी थी …..

क्या पता है

थोड़ा उप्पर आके उसके बूब्स के उप्परि हिस्से को चूमते हुई कहता है

वो लगातार अपने लुंड को उसकी छूट के उप्पर रगड़ने लगा……. प्रिय कामवासना से बेहाल हो gaye…..aur वो करीम के पीठ को अपन हाथों से और तेजी से सहालने lagee….jab उस का लुंड प्रिय के छूट के फैंको के उप्पर रगड़ खता , तो प्रिय का पूरा बदन मस्ती के लहर मैं कनाप जाता…. उसके के छूट मैं से पानी निकल कर उसकी गांड के छेद को भिगोने lagata…..aur वो अपनी गाड़ के छेद पर जब गीला पैन महसूस करती तो और मदहोश हो जाते …..

अब कामवासना मैं जलती हुई प्रिय ने मनो जैसे अपने आप को उस बूढ़े के सामने समर्पित कर दिया हो…. प्रिय ने अपने होंटो को हल्का सा खोल कर ढीला चोर दया….. करीम तो जैसे सातवे आस्मां मैं thaa…..wo आपने हूंठ प्रिय के हूंतो पर रख देता है .. और उसे चूमने लगता है.. फिर वो पागलो तर्हां प्रिय के होंटो पर टूट पड़ता है …..और उसके होंटो को चूस चूस कर लाल करने लगा….

अपने रैली होंटो को एक बूढ़े से चुसवाते हुए, प्रिय भोत जायदा उत्तेजित हो रही thee….neeche करीम अभी भी अपनी कमर को छोड़ने वाले दांग से हिला रहा tha…honto को चूसते हुए उसको यी भी नहीं पता था की, उसका लुंड अब्ब प्रिय के गदराये हुए पेट पर रगड़ खा रहा है….. प्रिय अब्ब पूरी तरहं बहक चुकी थी….. किश तोड़ते हुई वो कहती है

ये तुम्हारा बहाना है

कैसा बहाना

करीम का कॉन्फिडेंस लगतार बढ़ता जा रहा tha…aur उसके रगड़ने के स्पीड तेज होती जा रही थी… जो प्रिय को उस चरम सुख के और ली जा रही thee..jo उससे जिंदगी मई पहली बार मिलाने वाला tha…..phir तो जैसे वासना का भूत प्रिय पर हावी हो gaya…..usne अपने बाँहों को करीम के पीठ पर कास लाया.. रिप्लाई मई करीम ने भी उसे अपनी बहो मई भर लिया

तब प्रिय पूरी रफ़्तार से अपनी कमर को हिलने lagi…aapni गांड को ऊपर के और उछलते हुए करीम के लुंड पर अपनी छूट पटकने लगी..

मेरे मरने के लिए

नहीं तो

ऐसा कहते हुई उसके नवल को फिर से चूमने लगा

मुझे पता है

अब तुम यकीं दिलाने के लिए मई क्या करू

कुछ भी मत करो मुझे जाने दो

तभी करीम अपनी उंगली प्रिय के छूट के थोड़ी अंदर दल के हिलने लगा

अह्ह्ह्हह करीम मेरी कमीने उह्ह्ह उन्घ्ठ्ह सीईई अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह बुढहस्सी थोड़ी दररर और ओह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्हह्ह… मेरे राजा ..मुझे बक्श दो

करीम ने उसके फेस को दोनों हाथो से पकड़ कर उसकी आँखों मई देखते हुए कहा….

क्या कहा तुमने मेने सुना नहीं….

उसने तेज साँसों के साथ कहा….

है यी मई क्या कह gaye…uff इस कमीने ने मुझसे बुलावा ही लाया…

प्रिय ने शर्म से दोहरी होती हुए मान ही मान socha….toh करीम ने अपने लुंड के सुपड को हलके से छूट के छेद पर दबाते हुए फिर से कहा….

क्या हुआ मेरे जान बोलो ना… क्या कहा तुमने .. मेरे राजा ..

प्रिय शर्माकर आपने चेहरा दूसरे और घूमते है .. उसका चेहरा अपनी और घूमते हुई करीम कहता है

मरने दोगी ना… मेरे रानी..

प्रिय मैं मई कहने लगी.. अब्ब मई क्या karu….iss कमीने को कैसे समाजो….

बोल ना रानी …

इसकी तोह मई…..

प्रिय ने मान ही मान कहा …

करीम के सवाल से प्रिय परेशां हो गयी थी .. प्रिय के पास कोई जवाब नहीं था .. ये सब सोचते हुई अब उसे एक ही रास्ता उसका मुँह बंद करवाने का dikha…..wahi उसने kiya…usne उसके फेस को पकड़ कर अपने होंटो पर झुका daya…aur उसके होंटो को अपने होंटो मई भर कर बंद कर दया… अब्ब वो उसके होंटो को चूस रही thee…aur अपनी गांड को ऊपर उठाते हुए, अपने छूट को उसके लोहे के रोड के तरह तने हुए लुंड पर दबा रही thee…..thode देर बाद किश तोड़ते हुई कहती है

मेरे राजा .. जितना जी छाए मर लेना .. पर मेरे राजीव के साथ सुहागरात के बाद ..

अब मुज से साबरा नहीं हो रहा है ..

साबरा करना पड़ेगा ..

काम से काम लुंड को चूस कर उसे शांत कर दो न .. मेरे रांड..

ये कहते हुए करीम ने अपनी ांडरपांत को खोल कर बीएड पर फ़ेंक daya.aur खुद प्रिय के सामने खड़ा हो gaya…..uska कला लुंड किसी नाग के तरह फुँकारते हुए, हवा मैं झटके खा रहा था….

जिससे देख प्रिय के ऑंखें झपकना भूल gaye….uski सांसे तेज होने लगी…..

ये ये क्या कर रहा हैं तू बूढ़े

प्रिय ने उसके लुंड को देखते हुई लड़खड़ाती हुई आवाज़ मैं कहा……

करीम: (मुस्कारते हुए) आपने रानी को अपने दिल का हाल दिखा रहा हूँ …..देख ना जब से इसने डील की बात सुने है तब से ये बैठने का नाम ही नहीं ली रहा है …….

प्रिय उसके लुंड की तरफ देखते हुई स्माइल कर के कहती है ..

इस कमीने को सुनाई भी देता है क्या

हाँ ... न.. इसके पास आकर बात तो कर न .. फिर तू भी समाज जाएँगे..

लगता है ये तुम्हारे जैसे hi चालू है

टास्ते कर के पता कर ..

तभी बहार के आवाज आती है .. उस आवाज से प्रिय घबरा कर बहार के और देखते हुए कहती है

यहाँ नहीं

क्यों.. मेरे घर मई क्या दिक्कत है

देख नहीं रहे हो ..वो बहार दरवाजा खुला hai…..agar कोई आ गया और हमें उस हालत मैं देख लाया तो, वो मेरे बारे मैं काया सोचेगा……

कोई नहीं आएगा यहाँ .. और अगर कोई आ गया और उसने आपने को देख लिया ..और आपने बारे मई कुछ भी सोचा तो भी मुझे कोई फरक नहीं पड़ता…..

प्रिय: (कनपटी हुई आवाज़ मैं) देख … बुद्धि.. तुम फरक नहीं पड़ता होगा ..पर मुझे फरक पड़ता है .. मेरे शादी होने वाली है .. और मई राजीव से बहोत प्यार करती हु .. उसे खोना नहीं चाहती हु

कर न उस राजीव से प्यार.. तेरा जितना जी चाहे.. किसने तुजे रोका है.. पर साथ मई मेरा भी ख्याल रख .. मुझे भी कुश किया कर

बाते मत बना बूढ़े ..इसी वजह से काजल भ्भी की शादी टूटते टूटते रह गयी थी ..

वो मुझे नहीं पता …अब देर मत कर .. मुझसे रहा नहीं जार अहा है .. चल जल्दी से शुरू हो जा..

बूढ़े ज्यादा.. शहाणपति मैट कर .. आपने ये गन्दी से ांदेरपंथ और पंत पहन ले ….

इतने मैं बहार से कुछ औरत के हँसाने के आवाज़ ए, तब प्रिय ने अपनी सरे फ़ौरन hi ठीक कर ली….. औरत के आवाज़ घर के बहार से आ रही thee….shayad कोई आवर्त वो किसी दूसरे औरत से बात करते हुए घर के बहार कड़ी थी… या इस रूम के तरफ आ रही थी .. उस औरत की आवाज़ सुन कर प्रिय बुरी तर्हां घबरा गए……

शयद तुम्हारे बीवी या बेटे आ गयी है .. बहार ..

ऐसा कहते हुई प्रिय तुरंत दूर की तरफ भागी और तुरंत उसने दूर क्लोज कर लिया..

तभी पीछे से जेक करीम उसे आपने बहो मई भर लेता है

डर मत कोई नहीं आएगा ...

पर अपनी और आ रही आवाज से प्रिय घबरा रही थी.. और दूर की तरफ देखने लगती है..

करीम ने उसके गले मई अपने बाहो का हार डालते हुए, आपने चहरे को उसकी गार्डन पर झुका लाया…

करीम ने एक हाथ नीचे लेजाकर फिर से उसके छूट के फैंको को सहलाना शुरू कर दया…..

अह्ह्ह्ह करीम हैट जोऊ ओह्ह मुजी कुछ हो रहा हैई ओह्ह्ह्हह्ह karim…..dekho नाहा अहह अह्ह्ह्हह ुंहःहःहः कोई अह्ह्ह्हह्हह भहहहरररर

करीम के इस हरकत से प्रिय के आंखे मस्ती मई बंद होती चली गए….

अर्र्रे वाह रांड साली तेरे छूट तो भोत पानी चोर रही hai….abb तेरे छूट मैं लुंड पेलने का और मजा आएगा……

no .. ऐसे डील नहीं हुई है ..

तभी बहार जैसे आवाज आता है

चाचा … सलमा है क्या

आवाज आते hi प्रिय घबरा जाती है .. और आपने छूट के उप्पर का करीम का हाट निकल देती है ..

नहीं है

ठीक है चाचा ..

फिर करीम ने अपने दोनों हथेलिओं मैं उसके चुकी को भर laya…..aur उसके निप्पल्स को दबाते हुए, अपने हथेलिओं से रगड़ने लगा… प्रिय एक दम से सिसक उठी

अह्ह्ह्हह्हह्हआआआ….

धीरीईईई से नाआआआ… बूढ़ी..

अब्ब वो अपना अप्पा खोते जा रही thee….uske मुँह से मस्ती भरी सिसकार्य निकल कर पूरे कमरे मैं गूंज रही थी…..

करीम एक दम से घूम कर प्रिय के सामने आकर खड़ा हो गया….. प्रिय ने अपने ऑंखें खोल कर देखा, तो करीम को अपने सामने खड़ा पाया….

वो अपने हाथ मई अपना लुंड लेके खड़ा था ….. करीम का कला लुंड एक दम चमचमा रहा tha…..aur उसके गुलाबी सुपड देख कर तो जैसे प्रिय अपनी पलकने झपकना भूल गए…. करीम ने प्रिय के तरफ मुस्करा कर देखते हुए पुछा…..

क्यों अच्छा लगा रहा हैं ना अपने आशिक़ का लौड़ा

प्रिय कुछ नहीं बोलती … सिर्फ उसे देखे जा रही थी

क्यों बोल ना raand…..chal अब्ब इससे चूस

यहह्हह्हआआ

मेरे प्यारे लुंड को गुआराना बंद कर अब …..

प्रिय कनपटी हुई आवाज़ मई कहा….

क्यों…..?

करीम : (उसके सर पर हल्का सा थपड मरते हुए) ……. डील हुई है हमारी .. डील मई लुंड को गुराना लिखा नहीं है..

इस पर स्माइल देते हुई करीम के आँखों मई अपनी मस्ती से भरी आँखों से प्रिय ने देखा, तोह वो ऐसे मुस्करा रहा था जैसे कोई बिजडे प्यार करने वाले मिलाने के बाद मुस्कराते है … प्रिय को उसके इस तरह देखने से शर्म भी आ रही thee…aur हंसी bhee…uska फेस की तरफ अभी भी प्रिय देख रही थी..

तभी करीम ने अपने होंठ प्रिय के होंठों पर रख दिए और उन्हें चूसने लगा... ऐसा लग रहा था जैसे वो उसे कच्चा चबा jayega..fir करीम ने उसके मुंह से अपने होंठ छुडवाये और उसे उसके गर्दन पर ले गया... ऐसा लग रहा था जैसे कोई फ़िल्मी पोज़ हो ... करीम उसके गर्दन को चूमता हुआ नीचे आने लगा..

नीचे आकर उसने धीरे-2 प्रिय के ब्लाउज के बटन खोलने शुरू कर दिए... जैसे-2 वो उन्हें खोलता गया, उसका नंगा सीना सामने आता गया... करीम ने दो बटन खोले और तीसरा बटन खोलने वाला था की प्रिय ने उसे रोक दिया ..... करीम ने मुस्कुराते हुए उसे देखा और फिर धीरे से नीचे झुककर उसने उसका अंगूर दाना अपने मुंह में भर लिया...

उसके निप्पल्स लगभग एक इंच बहार निकल चुके थे, एकदम लाल सुर्ख दानो को जब उसने ब्लॉउस के उप्पर से मुंह में भरकर चूसा तो प्रिय की आँखे बंद होती चली गयी

uuuuuuuuuuufffffffffffff…….

Kamineeeeeeeeeeee…

aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh…

वो सिसक उठी और उसने करीम के सर को पकड़ कर और ज़ोर से अपने छातियों में दबा लिया..

aaaaaaaaaaaaaaaaahah बूढ़ी ....... और ज़ोर से सूचक करो..

करीम उसके ब्लाउज को कंधे से सरका कर शोल्डर से बाजु करने लगा पर पूरा बाजु मई नहीं निकल पाया .. थोड़ा hi निकल पाया ..

उसके रसीले आम चूसते हुए करीम का एक हाथ उसकी साड़ी के उप्पर से पंतय के उप्पर चला गया ... और वो उसके ुंचुड़े छूट में अपनी उंगली डालकर उसके उत्तेजना को और भड़का रहा tha...jaise आग में घी काम करता है ठीक वैसे hi उसके छूट में करीम के उंगलिन ने काम किया... वो एकदम से भड़क से गयी और करीम को बुरे तरह से चूमने लगी.. चुमतेते –चाटते हुई उसे धक्का देते हुए बीएड पर बिठा diya.aise इतना अच्छा ट्रीटमेंट मिलाने से करीम आज अपने आप को किसी राजा के तरह फील कर रहा था..

ये पहला मौका था जब प्रिय ने खुद होक पहल की थी और धूर्त करीम ने मौका देखते hi उसका फायदा उतने का सोचा

aaahhhhhhhhhhhh…. प्रियाआआआ… तेरे हूंठ कितने मुलायम्म है ..मज़ा आ गया.. ऐसा लग रहा है जैसे किसी मुलायम सा .. नाज़ुक सा .. स्वेब्ट सा रसगुल्ला खा रहा हु मई .. और जब तू खुद होक मेरे हूंठ चूसते है तब और hi मज़ा आता है…

प्रिय का दिल धड़ धड़ कर रहा था .. उसके झंगो के बीच रसीलापन आ गया था और आँखों मई गुलाभिपन

और चूस न मुझे ..

शर्मा कर प्रिय निचे देखने लगी तो उसने उसने जो देखा तो उसके तो आँखे फटने को हो gaye...saamane था करीम का कड़क लुंड ....एकदम तन कर खड़ा hua...uspar लगा हुआ जमुनी रंग का सूपड़ा .. वो इतना मोटा था के प्रिय को दर लगाने लगा के जब ये मेरे अंदर जायेगा तो उसके छूट के लकीरे फिर कभी आपस में नहीं मिल payenge...ek परमानेंट गैप बना देगा ये लुंड तो मेरे छूट में ... ये तो नार्मल लुँडो के मुक़ाबले काफी लम्बा और मोटा लग रहा है ... राजीव के पंत मई मैंने कभी इतना बड़ा तनाव कभी नहीं देखा था.. पर करीम के लुंड ने उसे ऐसा मदहोश कर दिया था की वो उससे नज़र हटा hi नहीं प् रही थी .. प्रिय की निगाहें उसके कद्दू पर तिकी हुई हुई थी. उसने बूढ़े का लुंड देखने से पहले सपने में भी नहीं सोचा था की आदमी का लुंड इतना बड़ा भी हो सकता है. और सोचे भी तो कैसे? उसने अपने जीवन में बस एक राजीव का लुंड देखा था ( वो भी पंत मई से बना हुआ उसका तम्बू) जो बुड्ढे के कद्दू के सामने मिर्च जैसा था. और उसका जी उस मोठे लुंड को हाथ में लेने के लिए मचल utha.aur इधर करीम तो कब से उसके कड़क कबूतरों को देखकर लार टपका रहा था...

उससे अब और देर सहन नहीं हो रही थी .. करीम उसके करीब आकर खड़ा हो गया और उसने प्रिय का हाथ पकड़ लिया .. प्रिय को एक hi झटके में आपने तरफ खिंच लिया .. उसे आपने से लिपट लिया और प्रिय कुछ समज पति उसे पहले प्रिय को लेके बीएड पाई बैठ गया .. अब प्रिय उसके गॉड में थी .. करीम ने बड़ी आसानी से प्रिय के यौवन से जेड शरीर को अपने गॉड में बिठा रखा था ...जैसे कोई फूल हो... प्रिय आँखे बंद करते हुई न न करने का नाटक करनी लगी .. और अपनी गांड हिलने लगी तो उसकी गांड करीम के लुंड से घिसने लगी ...

इस वजह से प्रिय की तो हालत खराब हो रही थी ...उसे तो ऐसा लग रहा था जैसे उसके गांड के नीचे कोई बड़ा सा बेलन लेकर वहां के मालिश कर रहा hai...us बेलन जैसे लुंड पर अपने कोमल से गांड घिसते हुए प्रिय के मुंह से सिसकारी निकल गए...

ahhhhhhhhhhhhh…………

करीम ने फिर जोश मई आके प्रिय को लेके पीछे बीएड पर गिर पड़ा.. करीम ने फिर देर न करते हुई उसके मुम्मे को मुंह में लेकर चूसने लगा ...

उसके दोनों मुम्मो को वो अपने नुकीली दांतो से कुतरने में लगा था... करीम की धड़ी मूंछे प्रिय के मुम्मो पर रगड़ खाकर उनपर लाल निशाँ बना रहे the...par प्रिय को इस वक़्त उससे कुछ फरक नहीं पद रहा tha...wo तो इस वक़्त अपने यौवन का करीम को अमृतपान करवाना छथि the..aur फिर करीम ने उसके पीठ पर हाथ फेरना शुरू कर diya...aur धीरे-2 करीम का एक हाथ उसके पीठ से पेट तक आगये और फिर उसके ब्लाउज के अंदर निचे से एक उंगली करीम ने अन्दर सरका दी ...

noooooooooooo……

क्यों रानी ..

मेरा ब्लाउज फाड़ने का इरादा है क्या तुम्हारा

फिर बटन खोल दू क्या

नहीं .. ये डील मई नहीं है ..

ऐसा कह के वो स्माइल करने लगी

हाँ अब तो डील के मुताबिक hi जाना पड़ेगा..

इतना कहकर उसने प्रिय का चेहरा अपने तरफ किया और उसके होंठो पर टूट पड़ा....

uuuuffffffffffff.....kya नरम होंठ है तुम्हारे ..पहली बार चूसा था तब एकदम कठोर the...par चूसते - 2 कब वो पिघलकर एकदम नरम हो गए है पता hi नहीं चला और फिर इनमें से जो रास निकल रहा है उसका मुकाबला तो महंगे से महंगे शराब भी नहीं कर सकते...

आपने हूंतो की तारीफ सुनकर प्रिय तो पागल से हो रही थी .... वो उधर करीम बुरी तरह से बेचारे के छाते पर लगे निप्पल्स को कचोटते हुए दूसरे हाथ से उसके गांड को सदी के उप्पर से सहला रहा था ........ इस वक़्त करीम के कठोर हाथो के मज़े प्रिय ले रही थी ....

करीम फिर उसके हूंतो को चूसने लगा .. करीम ने उसके होंठ चूसते -2 उसे अपने लुंड पर बिठा दिया .. फिर अपने हाथ ऊपर करके उसकी कड़क चूचियों को ज़ोर-2 से रगड़ने लगा.... प्रिय अपने आँखे बंद करके करीम के सख्त हाथो का मज़ा ले रहे थी ...

अब उसका लुंड और भी ज़्यादा उतावला होकर उसके गांड के नीचे हलचल मचा रहा था... करीम के हाथ और गांड के नीचे उसके लुंड को महसूस करके परिणा ने आवेश में आकर एक ही झटके में करीम का शर्ट फाड़ दिया … उसके शर्ट के सब बटन टूट गए थे .. उसने फिर करीम का शर्त उतार फेंका .... और फिर वो करीम के नंगे जिस्म पर टूथ पड़ी .. उसके छठी को बताशा वो चूमने लगी .. करीम ने भी देखा अब प्रिय जोश मई आ गयी है .. अब मोके का फायदा उठा लेते है .. वो अब उसके दोनों हाथ प्रिय के गांड पर ले गया .. और वह उसके हाथ से उसके गांड दबाने लगा .. इधर प्रिय उसकी छथि को चूमते हुई उप्पर उसके गार्डन ताका आ गयी थी .. और करीम एक हाथ से उसके गांड को मज़ा दे रहा था और दूसरे हाथ से उसके साड़ी थोड़ी थोड़े उप्पर खिंच रहा था ..

वो अब जो हाथ प्रिय के गांड के उप्पर था उस हाथ की उंगली धीरे से उसके गांड के छेद पर रख देता है और धीरे से उसे उसके गांड के छेद के अन्दर दाल देता है .. तभी प्रिय सिसक उठाती है

Aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhaaaa..

अब करीम तेजी से अपनी उंगलयों को प्रिय के गांड के अंदर बहार करने लगा….. इस वजह से प्रिय के छूट मैं सरसराहट एक दम से बढ़ गए….. प्रिय बुरी तर्हां चटपटा रही thee….usse ऐसा लग रहा tha.jaise उसकी छूट से कुछ निकलने वाला है…..…… अब करीम पूरी रफ़्तार से अपने उंगलयों को प्रिय के गांड के अंदर बहार करने लगा जवाब मई प्रिय भी करीम के छःठी को , गार्डन को , उसके गालो को चूस रही थी…..

प्रिय का बदन बुरी तर्हां से कनापने लगा….……. प्रिय के कमर लगतार झटके खा रहे thee…..aab करीम ने अपनी उंगलयों को रोक दिया था .. और दोनों हाथो से उसके सरे उप्पर खिंच ली थी उसके घुटनो के उप्पर ..….…. प्रिय के ऑंखें मस्ती मैं पूरी तर्हां से बंद थी…..

फिर आँखे खोल कर प्रिय ने एक बार करीम के चहरे के और dekha…..jo उसके और ही देख रहा tha…aur फिर धीरे से करीम उसके हूंतो पर आपने कठोर उंगली रख दी .. और उसको घूमने लगा ..

अह्ह्ह चूस ना साली

करीम नई कमर को मस्ती मैं एक झटका देते हुए कहा…..

कामविह्ल हो चुकी प्रिय अब्ब सब कुछ भूल चुकी the…..aab उसके मस्त गोल गोल बूब्स करीम के आँखों के सामने थे … .... इस वक़्त तो वो ये भी भूल चुके थे के वो यहाँ क्या सोच के आयी है और अब क्या कर रही है …....

करीम ने उसको घुमा कर आपने गॉड मई बिठा दिया और उसके शोल्डर को चूमने लगा ..

फिर उसके ब्लाउज की स्ट्रिप निकलने लगा .. उसको चूमते हुई ..

तभी प्रिय पलट जाती है और वो करीम के सर को पकड़ती है और अपने छाती से लगाकर अपने गुलाभी निप्पल उसके मुंह में ठूस देते है .... करीम ने अपना कला सा मुंह खोलकर उसके दाने समेत पूरे मम्मी को hi अपने मुंह में निगल liya...bechare दर्द से छटपटाने लगे...

aaaaaaaaaaaaahah ..... budhhheeeeeeeeeee..................aaaaaaahah माआर डाला रे ........ kamineeeeeeeeeeeee…. Tuneeeeeeeeee… sassssssssssssass.....

अपने कमसिन छाती पर पहली बार किसे मर्द के दांतो को महसूस करके उसकी छूट ने पानी चोर दिया... करीम का लुंड एक कुंवारी छूट के गंध को सूंघ कर बेकाबू सा हो गया... इधर प्रिय तो पागल से हो गए ....

तभी करीम प्रिय का हाथ पकड़ के उसके हाथ को नीचे तक ले गया और आपने लुंड को पकड़ा दिया … उसका कड़क लुंड हाथ मई आते hi जोश मई आके प्रिय ने आपने हूंठ करीम के हूंतो पर रख दिए और उसे जोर शोर से चूसने लगी ..

करीम को तो यही चाहिए tha..uski अब लार टपकने लगी ....

करीम ने प्रिय की पीठ पर हाथ रख कर उसकी पीठ को सहलाने लगा . और दूसरे हाथ से रही सही साड़ी उसके गांड तक उप्पर कर दी . इस बार प्रिय की साड़ी उप्पर होने के बाद भी प्रिय ने कुछ नहीं कहा था .. वो तो करीम के हूंतो को चूसे जा रही थी ..उसके व्यवहार में प्रार्थना नहीं थी, एक आदेश था, और प्रिय उसके आदेश को न जाने क्यों मान रही थी. बुड्ढे ने उसकी पीठ को सहलाते हुए उसके गांड पर पंतय के उप्पर आपने हाथ रख दिया और वह जोर से दबा दिया .. प्रिय बूढ़े के मू मई hi सिसक पड़ी ..

ummmmmmmmmmmmm

उप्पर की हुई साडी , उसके अन्दर रेड कलर की पंतय, पंतय के उप्पर बुड्ढे के काले कठोर हाथ, और हाथ के नीचे प्रिय की प्यारी, komal,gol, पुष्ट, सफ़ेद गांड . बुड्ढे ने दोनों हाथों में प्रिय की गांड को जकड़ कर ज़ोर से मसला.

आउच! इतने ज़ोर से मत दबाओ न. दर्द होता है

किश तोड़ते हुई प्रिय कहती है ..

जैसे hi बुड्ढे ने प्रिय की गांड को दबाया, एक पिचकारी की तरह प्रिय के छूट से रास की फुहार निकल पड़ी. दर्द में इतना मज़ा प्रिय को कभी नहीं आया था. प्रिय की पंतय गीली हो चुकी थी, और वो अपने छूट से चिपकते पंतय को मह्शूश कर प् रही थी.

उसने फिर प्रिय के पंतय को एक कार्नर से पकड़ के निचे करने लगा तब प्रिय ने उसको चुमानते हुई न न मई गार्डन हिला दे .. और उसके उस हाथ को नखरा दिखाते हुई एक चपत मरी .. और किश तोड़ते हुई आपने दोनों हाथो से आपने साडी फिर से निचे कर दी ..

डील मई नहीं है ..

करीम ने हस्ते हुई उसके चहरे को अपनी और खिंचा और उसको चूमने लगा..

अब करीम दोनों हाथों की हथेली से उसके पीठ पर रख कर धीरे धीरे दोनों तरफ उसकी बाजुओं की तरफ बढ़ा. प्रिय ज़ोर ज़ोर से सांस ले रही थी और सांस के साथ लयबद्ध हो कर उसकी पीठ ऊपर नीचे हो रही थी. . बुड्ढे ने अपने दोनों हाथ को धीरे धीरे दोनों तरफ सरकते हुए प्रिय की चुकी पर ले गया और दोनों हाथो से उसके मम्मी को जोर से दबाने लगा ..

aaaaaaaaaaahah .... बूढ़े ............ sasssssssssssass ..... खा जा इन्हे........ बड़े प्यासे है ये............ तेरे बारे मई पहले से इतना पता होता न बूढ़े ....तो कब का इसे अपने छूट में ले चुके होती ..... पर क्या करू .. अब बेबस हु .. मई .. आपने आप के सामने ..

टेंशन मत ले .. आज न कल तू अपनी छूट मई मेरा लुंड लेनेवाली है hi न..

बहुत कॉन्फिडेंस है तुजे आपने आप पर

उसे कन्फैन्डेन्स के चलते hi तू मुझे चुम रही है न

ऐसा कहते हुई करीम उसके ब्लाउज का बटन खोल देता है .. तब प्रिय उसके हाथ को पकड़ लेते है

नहीं .. ऐसा नहीं चलेगा

करीम एक धीरे से थप्पड़ जड़ देता है प्रिय को और उसकी सरे उप्पर करने लगता है

यी यी काया कर रहे हो करीम .. चोरो मुझे … ये हमारे बीच मई तै नहीं हुआ है

पर करीम ने उसके बात नहीं सुनी….
 
रूम मई छोटा सा बल्ब जल रहा था…… अब करीम ने प्रिय को नीचे बिस्तर पर पटक daya….isse पहले के वो कुछ कर पति वो उसके ऊपर आ gaya,….aur उसके ब्लाउज के बटन खोलने लगा .. प्रिय ने उसके हाथ पकड़े तो प्रिय के दोनों हाथ आपने एक हाथ मई पकड़ कर दूसरे हाथ से उसके ब्लाउज के सरे बटन खोल दिए ..

अब वो उसके ब्रा के स्ट्रैप्स पकड़ कर खेंचते हुए, उसके कंधो से सरकने लगा… वो हड़बड़ा गए…. प्रिय ने उसके हाथो को पकड़ कर रोकने के भोत कोशिश की….. अब प्रिय उठ कर बैठ गयी थी ..

अगले ही पल उसने अपने ब्लाउज को अपने मम्मो के ऊपर से कसके पकड़ लाया….

देखो करीम प्लीज मुझे जाने दो…. ये सब ठीक नहीं है ..देखो हमने तै किया है .. ये सब मेरे शादी के बाद करना है

पक्का शादी के बाद

ी मैं मेरे राजीव के साथ सुहागरात होने के बाद

मई और कुछ नहीं करना चाहता .. बस तेरे मम्मी को चूसना चाहता हु ..

अब तक चूसा न

ब्लाउज के उप्पर से मज़ा नहीं आता

तो

तेरे मम्मी नंगे चूसना चाहता हु

नहीं कभी नहीं .. वो राजीव का हक़ है

उस छक्के का hi हक़ है .. मुझे पता है .. पर एक बार मुझे चूसने दे न

प्ल्ज़ .. ऐसा मई नहीं कर सकती … प्लीज मुझे जाने दो….

चली जाना मेरे jaan….pehale मुझे ये तुम्हारे मम्मी चूसने तो दे न

ये कहते हुए करीम ने उसके कंधो को पकड़ कर नीचे दबाते हुए उसे लेता daya…aur फिर उसके दोनों हाथों को उसके मम्मो से पकड़ कर हटते हुए नीचे बिस्तर पर सत्ता दया..,..…. ब्रा के अंदर से उसके चुच्यों के निप्पल भी साफ़ नज़र आ रहे थी.. प्रिय को करीम के आँखों मई वासना के बढाती हुई भूख साफ़ नज़र आ रही थी …. और अगले ही पल उसने झुक कर उसके पतली से ब्रा के ऊपर से उसके राइट चुकी को मुँह मई भर लाया….

अह्ह्ह ओह्ह्ह करीम नहीं प्लीज ओह्ह्ह अह्ह्ह्ह नहीं ruko…..ahhhh सही….

वो पागलो के तरह उसके निप्पल को ब्रा के ऊपर से चूसे जा रहा था….

प्रिय को अपने निप्पल्स मई तनाव बढ़ता हुआ साफ़ महसूस हो रहा था…. उसके दोनों हाथ उसके हाथों मई बंधे हुए thee….aur प्रिय अपने दोनों हाथों को और अपने आप को उससे छुड्वने के पूरी कोशिश कर रही थी…. उसे लग रहा था की आज मई इस कमीने के हाथ मई लूट jaungi….aur मई छह कर भी किसी को मदद के लये नहीं पुकार सकती thee….khud के बदनाम होने के दर के कारन….

प्रिय अपनी आवाज़ को दबाये हुए thee….wo पागलो के तरह प्रिय के हर बात हर डीलाल को अनसुना करते हुए, उसके चुकी के निप्पल को चूसे जा रहा tha….aur प्रिय उसके नीचे लेते हुए मचल रही थी….

जब अपनी पूरी ताकत लगा देने के बाद भी प्रिय उसकी गिरफत से निकल ना पाए, तोह उसने कोशिश करनी भी चोर दी…. वो जान चुकी थी की, अब्ब वो उसकी गिरफत से नहीं निकल payengi…aur अब्ब उसमे और विरोध करने के ताकत नहीं बची thee….ooper से जिस तरह से करीम उकसे निप्पल को चूस रहा था…. उसका विरोध अपने आप ही काम होता जा रहा था… और इससे बात का फायदा उठाते हुए, उसके पालक झपकते ही उसके हाथो को चोर कर उसके ब्रा को मम्मो से पकड़ कर उप्पर सरका दया…..

उसके मम्मी उछाल कर बहार आ gaye….jiske निप्पल्स एक दम तन चुके thee….aur उन्हें देख कर तोह जैसे करीम के आँखों के चमक कई गुणा और जायदा बढ़ गए ho….sharam के मरे प्रिय ने अपने अपनी चुच्यों को फिर से अपने हाथों से छुपाने के कोशिश की..

हे भगवन... करीम ऐसा मत करो न ..

पर अगले ही पल उसने प्रिय के हाथो को पकड़ कर फिर से नीचे बिस्तर पर सत्ता daya….aur पालक झपकते झुक कर उसके राइट चुकी को मुँह मई भरते हुए चूसना शुरू कर दया…. जैसे ही प्रिय को अपनी नंगे निप्पल पर उसके गरम जीभ और होंटो को अहसास हुआ, वो एक दम से मचल uthi…use लगा के अब्ब वो और सेहन नहीं कर पाएंगी….

उसने करीम के मुंह से अपना बूब छुडवाये और उसे बीएड पर लिटाकर धीरे-2 किसी नागिन के तरह वो नीचे की तरफ सरकने lagee...aur उसके लुंड को देखते हुई कहते है …

अह्ह्ह्ह बूढ़ी… ...... कमीने .. क्या लैंड है tera.....kasam se....mujhe मौका मिला है अब … अब तो पूरा लुंड निगल जाउंगी एक ही बार में ......

चूस न .. मई भी यही चाहता हु ..

फिर वो कड़ी हुई .. ब्रा को उप्पर करके आपने मम्मी को धक् लिया उसने ..

रहने दे न ..तेरे ये गोर गोर मम्मी देखने का बहुत मैं कर रहा है

प्रिय नखरा दिखाते हुई कहती है

देख लिए न .. अब बहुत हो गया .. देखना.. अब मई कैसे तुम्हारे सेवा करती हु वो देख लो ... तुम मेरा ये काम देख कर नाज़िया को भूल जाओगे..

ठीक है रंडी.. चल जल्दी से सुरु हो जा.. पर मम्मी खुले रख कर चूस न ..

ब्लाउज के बटन लगते हुई प्रिय कहती है ..

चुप रहो .. ज्यादा बदमाशी नहीं चलेंगे..

ब्लाउज तो खुला रहने दो न .

नहीं

और वो फ़ौरन पास में पार्स मई रखा हुआ कैडबरी अपने हाथों में लेती हैं और उसे लेके बहुत आहिस्ता से करीम के पास आती है .......

करीम के लुंड के पास ..

करीम ने आज एक बात सोच hi ली थी की आज किसी भी कीमत पर उसके लुंड को प्रिय से चुसवा के hi रहेगा. फिर करीम खड़ा हुआ और करीम ने उसके कान को मुंह में भर कर ज़ोर से चूसा

और धीरे से कहा :

ो प्रिय ....मेरी जान..... आपने इस बूढ़े आशिक़ का लुंड चूस न .....

जवाब में प्रिय ने आपने आवाज़ में बहरेपन और मिठास लेट हुए कहा :

"हाँ मेरे बूढ़े आशिक़ ..... चूसूंगी न तेरा ये मुसल लुंड ......

प्रिय करीम के मुसल लुंड को देख hi रही थी .. ये वही लुंड था जो कल उसने देख लिया था पर काफी दूर से... लेकिन हाथ मई नहीं लिया था ..अब वो किसी भी कीमत पर इंतजार नहीं करना चाहती थी..

करीम उसकी तरफ मुदा और मुस्कुरा दिया.

प्रिय भी मुस्कुरायी तब करीम बड़ी बेशर्मी से उसके दायी चुकी को अपने अंगूठे से दबा दिया. प्रिय शर्मा गयी पर बिलकुल बुरा नहीं मन उसने . एक ऐसा आदमी जो लगातार 2 घंटे से प्रिय के साथ ऐसा अभद्र व्यवहार कर रहा तह उसका अब प्रिय बुरा नहीं मान रही थी. वो खुद hi हैरान होने लगी थी की हर गुजरते पल के साथ वो बेशर्मी की नयी उचाईयों को क्यों छू रही है.

करीम आपने मोठे होठ वो प्रिय के कान के पास ले गया .. और उसे छूटे हुई वो कहता है ..

मेरे रांड … मेरे लिए करेंगे न .. इतना ..

उसने अपनी बांह प्रिय के पीछे से डालकर उसे हलके से आलिंगन में लिया हुआ था. करीम के ऐसे रोमांटिक हरकत से प्रिय के बदन में कंपकपी दौड़ गयी और वो बहुत शर्मा गयी. उसे ऐसा लग रहा था की जैसे वो एक कॉलेज की लड़की है और अपनी पहली डेट पर है .. आपने आशिक़ के साथ.. उसका दिल जोरो से धड़क रहा था और उसकी भावनाये बिलकुल वैसी hi थी जैसे कॉलेज के दिनों में डेटिंग पर जाते हुए हुआ करती थी.

प्रिय करीम का हाथ पकडे हुए थी और वो उसकी पतली अँगुलियों से खेल रहा था. उसकी हथेली गरम महसूस हो रही थी और इससे प्रिय को और भी उत्तेजना आ रही थी. फिर करीम ने प्रिय के साड़ी के पल्लू के अंदर हाथ दाल दिया और उसकी मुलायम चूचियों को सहलाने लगा. उसके प्यार से प्रिय के चूचियों को सहलाने से वो मन hi मन मुस्कुरायी… अब करीम धीरे से उसकी चुकी को दबा रहा था. उसे इतना अच्छा लग रहा था की प्रिय ने आँखे बंद कर ली. उसकी अँगुलियों को वो अपने ब्लाउज के ऊपर घूमती हुई महसूस कर रही थी. उसकी अंगुलियां ब्लाउज के ऊपर से उसकी ब्रा में निप्पल को ढूंढने की कोशिश कर रही थी.

करीम – प्रिय रानी , तुमने अपने निप्पल्स कहाँ छुपा दिए ? मई ढूंढ नहीं प् रहा हु .

प्रिय ने शर्माकर बनावटी गुस्से से उसके हाथ में थप्पड़ मार दिया.





हैट बदमाशह!!!!

अब उत्तेजना से उसका कान गरम होने लगे थे.

बोल न रांड.. करेंगे न मेरे लिए ..

प्रिय पर अब चउदसे बुरे तरह से चढ़ चुके थे.... वो कंपते हुई से आवाज़ में बोली





हाँ .... करुँगी मैं ... अपने यार के लिए .... कुछ भी करने को तैयार हूँ ... जो तुम कहोगे... वो सब ... करूंगी....

फिर हस्ते हुई कहती है

वो चोर कर .. वो बाद मई ..

करीम भी स्माइल करता है

और ये बोलते-2 वो इतनी भावुक से हो गयी की उसने अपने वो कांपते हुए होंठ करीम के होंठों पर रख दिए और उन्हें ज़ोर-2 से चूसने लगी ...

करीम भी उसके गदराये हुए जिस्म को अपने हाथों से मसलता हुआ उसके चूचियों को अपने हथेलियों के बीच रखकर उनमे हवा भरने लगा.. होंठों के साथ-2 वो उसके कानो को भी चुभला रहा था, जो प्रिय का सबसे बड़ा वीक पॉइंट था.

करीम को अपने से छोटी उम्र की जवान औरत को बिना किसी रोकटोक के आलिंगन करने में बहुत मज़ा आ रहा था. उसने प्रिय के सभी गुपंतानगो पर छुआ था .. उसने प्रिय के ब्लाउज के ऊपर से छुआ , ब्रा के स्ट्राप को छुआ , पंतय को सदी के ऊपर से छुआ.

प्रिय ने अब करीम के आगे समर्पण कर दिया. करीम ने उसे कास के पकडे हुए था और प्रिय भी अपनी रसीली चूचियों को उसके मुंह में दबा रही थी. वो ब्लाउज के बहार से hi चूचियों पर दांत गदा रहा था.

फिर करीम ने उसका हाथ पकड़ा और आपने लुंड पर रख दिया .. प्रिय ने बनावटी गुस्से से करीम को देखा ..और करीम को पकड़कर उसे बीएड पाई बिठा दिया और फिर उसके सामने निचे बैठ गयी ..और आपने हाथ मई जो कैडबरी था उसे बहुत आहिस्ता से करीम के लुंड पर मलने लगती हैं .......

और करीम की तरफ देखने लगती है ..

करीम उसका आपने तरफ ऐसे देखने के बाद कहता है

चूस न रांड…

तब आपने कटतिल ाड्दा के साथ प्रिय उसके लुंड पर जीभ लगाकर चाटने लगती है ..

Aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhh.. राण्डड्द..

अब प्रिय उसके लुंड पर जो चॉकलेट लगा था ो चाटने लगी thi..Wo देखते hi करीम कुश हो जाता है .. उसे अब बर्दास्त नहीं हो रहा था .. उसने प्रिय के सर को पकड़ कर उसके होंटो को अपने लुंड के लाल देहक रहे सुपड पर झुकना शुरू कर diya….aur जैसे ही उसके लुंड का गरम सुपड प्रिय के होंटो से तकार्य, तोह उसका पूरा बदन कनाप गया …. होंटो उसके लुंड के सुपड के गोलाई को अपने अंदर समाते हुए, अपने आप खुलने lagee….aur कुछ ही पालो मई उसका मोटा लुंड प्रिय के रसीले होंटो मई tha.usne अपना मुंह गोल किया और नीचे झुख कर बिना किसी भूमिका के उसे मुंह के अंदर लेकर चूसने लगी ..

aaaaaaaaaaaaaahah प्रिय रआनंदददददद

करीम के मुंह से सिर्फ यही निकला..

प्रिय धीरे-2 उसके लुंड के सुपड को अपने होंटो मई भर कर चूसने लगी…

अह्ह्ह ओह्ह्ह प्रिय जब से मेने तुम्हारे इन हूंतो को इस कलर मई रेंज हुए देखा है, तब से मेरा दिल भोत बेचैन tha….shiiiii तुम भोत सेक्सी लग रही ho….ahhh तुम्हारे होंटो मई मेरे लुंड का सुपड भोत सेक्सी लग रहा hai….aur तेजी से चुसो इससे दबा-2 कर चुसो…

ऐसा कह के करीम ने उसके ब्लाउज के बटन खोल दिए और ब्रा उप्पर कर के उसके दोनों रसेले आम को आज़ाद कर दिया

प्रिय उसके लुंड को अब्ब मदहोश होकर चूस रहे थी…. करीम का एक हाथ उसके सर पर था... प्रिय खुद को कण्ट्रोल करने की कोशिश कर रही थी ताकि अपने उत्तेजना में बहकर वो उसके लुंड को कोई नुक्सान न पहुंचा दे, पर वो अपनी hi धुन में , बावले से होकर उसके लुंड को चोसे जा रही थी .

प्रिय के मुंह से लार निकल-2 कर उसके hi छाती पर गिर रही थी ... जिन निप्पलों को करीम ने अभी कुछ देर पहले चूस –चूस कर सुजा सा दिया था, उनपर गर्म लार किसे दवाई का काम कर रही थी ...वो अपने छातियों को एक हाथ से मसलते हुए उस मलाई को अपने बूब्स पर मलने लगी ..

बीच-2 में वो उसके बॉल्स को भी चूस रही थी ...

उसने गौर किया के करीम के लुंड के साथ-2 उसके बॉल्स भी काफी बड़े the...aur बॉल्स पर जीभ या होंठ लगते hi वो और ज़्यादा उत्तेजित हो जाता था... और एक अछि लड़की अगर ये समझ जय के उसके यार को क्या-2 करने से मज़ा मिलता है , और वो उन्हें बार-2 करते रहे तो सवाल hi नहीं उठता की वो उसे चोर कर कभी चला जाये..

अब करीम कभी अपने लुंड को मुँह से बहार निकल लेता और हाथ से इशारा करते हुए प्रिय को वह अपने होंटो को रगड़ने के लये kehata….toh कभी अपने लुंड के झाड़ mai…toh कभी प्रिय को अपने बॉल्स को मुँह मई लेकर सूचक करने को कहता… प्रिय उसके हर बात ऐसे मान रही थी….

जैसे वो उसके दासी बन गए हो … यही इस वक़्त प्रिय कर रही थी .. वो हर 10 सेकंड के बाद अपने मुंह से करीम का लुंड बहार निकलते, अपने हाथ से उसके गोटियां सहलाती और फिर दांतों se...honthon se....jeebh से उन्हें चुभलाती . करीम को उसका ये सेंसुअल मसाज में काफी मज़ा आ रहा tha...uske कड़क निप्पल्स को देखते हुए वो उसके मुंह में अपने लुंड को डालकर जोरों से हिला भी रहा tha...aab प्रिय बुरी तरह से हांफ रही थी…. उसे अपनी छूट मई तेज सरसरहाट महसूस हो रही थी.

करीम से बैठना अब मुश्किल सा हो गया, वो बीएड के सामने खड़ा होकर अपना लुंड चुसवाने लगा, पंत उसके पैरों में आ गिरे .. प्रिय उसके पैरों में बैठी उसका लुंड अब चूस रही थी

वो अपने हाथों से लगतार प्रिय के सर को दबा रहा tha.......wahin प्रिय अब आहिस्ता आहिस्ता उसके लुंड को अपने गले तक उतरती जा रही थी.......

aaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhh… मेरे रांड …कम्मं ूणण… चूस और मेरे लुंड को …

लुंड मोटा होने की वजह से अब उसका सास लेना मुश्किल होता जा रहा था...... प्रिय के मुँह से निकलता थूक अब उसके लुंड पर से बहते हुए नीचे फर्श की तरफ तापक रहा tha.......wahin अब प्रिय की दोनों आँखें बहार की तरफ आने लगी थी ........ आधे से ज़्यादा वो करीम के लुंड को अपने मुँह में ले चुकी thi.....aab उसे भी तकलीफ हो रही थी मगर वो अब करीम को नाराज़ नहीं करना चाहती थी.......

कुछ सोचकर वो फ़ौरन अपना मुँह हटा लेती हैं और करीम का फनफनाता हुआ लुंड जो इस समय प्रिय के थूक से पूरी तरह सना हुआ था वो ुसवके आँखों के सामने झूलने लगता हैं...... करीम एक नज़र प्रिय के चेहरे की तरफ देखता हैं और फिर से उसे चूसने का इशारा करता हैं........ प्रिय इस बार वहीँ घुटनों के बल आकर बैठ जाती हैं और इस बार अपना मुँह जितना खोल सकती थी पूरा खोल देती हैं और करीम को धीरे धीरे आगे बढ़ें का इशारा करती हैं ........ करीम अपने दोनों हाथों से प्रिय के सर को कसकर पदके हुए था और लगात वो उसके सर को दबाता जा रहा था ......... प्रिय करीम का आधे से ज़्यादा लुंड अपने मुँह मरीन ले चुकी thi......magar करीम तो उसके हलक तक अपना लुंड उतरना चाहता था जैसे नाज़िआ उसका लुंड चूसती थी......

इसे और अंदर तक उतरो न प्रिय ........ नाज़िआ तो इसे अपने हलाकत तक ले लेती hain.......thodi कोशिश करो तुम भी ले लोगी......

और इतना कहकर वो प्रिय के सर पर थोड़ा और दबाव डालता हैं और प्रिय की तकलीफें बढ़ने लगती hain.........kuch सोचकर वो और कोशिश करती हैं और इस बार करीम उसके ऊपर आता हैं और उसके सर को कसकर अपने दोनों हाथों में थम लेता हैं और इस बार पूरे प्रेशर से अपने लुंड को बहार निकलकर एक hi झटके में पूरा अंदर तक उतर देता हैं...... करीम के इस हरकत से प्रिय मनो तड़प सी गयी thi........uski सांस रुकती हुई महसूस हो रही थी ...... आँखों से आंसूं चालक पड़े the......aur दोनों आँखें बहार की तरफ उबाल मर रहे थे.........

वो वहीँ कसकर करीम के पैरों को अपने से दूर धकेल रही thi....magar करीम तो अब हैवान बन चूका tha.......wo अब अपना लुंड प्रिय के हलक में उतरना चाहता था और वो इसमें बहुत हुड्ड तक कामयाब भी हो चूका tha.....wahin प्रिय का अब बुरा हाल tha.....uski सांस अब रूकती हुई सी महसूस हो रही thi.......jab करीम का लुंड प्रिय के हलक में पूरा उतर जाता हैं वो कुछ पल तक ऐसे hi अपने लुंड को ऐसे hi रखता हैं वहीँ प्रिय इस बार तड़प उठती hain.....wo कसकर अपने दोनों हाथों से करीम के पेअर को मरने लगती हैं.........

करीम के तो हालत ख़राब हो चुकी थी ...

और वही दूसरे तरफ प्रिय के हालत देखते hi बनती थी ...अब उसे ऐसा लग रहा था जैसे आज उसकी जान निकल jayegi......uski इस तड़प पर करीम को उसपर ज़रा भी दया नहीं आ रही थी.... करीम को उसके तपते हुई मुँह की तपिश ने जला डाला.. उसने ये महसूस किया की लड़की जितना ज्यादा उत्तेजित होती है उसके मू की गर्माहट उतनी hi ज्यादा होती है.. और इस वक़्त करीम उसी तपिश को महसूस करते हुई आपने ऑरगनासिम के बहुत करीब आ पहुंचा था ..

करीब 10 सेकंड बाद आखिर करीम का साबरा जवाब दे देता हैं… उसके मेहनत का परिणाम उसके सामने था … और फिर जल्द hi उसने आपने जड़ने का एलान कर दिया

aaaaaaaaaahhhhhhh…. साली … तू बहुत हॉट है ….

वो उसी पोस्टिव में अपना पूरा छुम प्रिय के हलक में उतरता चला जाता hain........wahin प्रिय इस बार ज़ोरों से उसे ढाका देती हैं और इस बार वो वहीँ उसपर चीख पड़ती hain........aab करीम का लुंड बहार आ चूका tha......magar उसपर अभी भी छुम लगा हुआ tha.......ek लुम्बी लार थी जो उसके लुंड से अभी तक प्रिय के होंठों से जुडी हुई थी..... प्रिय वहीँ फर्श पर बैठी हुई लुम्बी लुम्बी सांसें ले रही thi........wahin उसका खासी से बुरा हाल tha...chehra पूरा लाल पद चूका tha......aur आँखों में आंसूं लगातार बह रहे थे.............. करीम के लुंड से निकली प्रेकम के बुँदे जब उसके चहरे पर पद रही थी तो उसका चेहरा और ज्यादा खिल उठा था.. अब उसके लम्बे लुंड की पैदाइश यानि उसका गदा रास निकलकर प्रिय के चहरे की पुताई करने लगा था .. वो आँखे बंद करके उन गर्म बूंदो को अपने चहरे पर महसूस कराती रही ....जैसे कोई फेस पैक लगवा रही हो. गद्दे रास से ढाका चेहरा बड़ा hi सेक्सी सा लग रहा था. करीम के लुंड के एक-2 बूंदो को उसने अपने चहरे पर मॉल डाला ...

तब उसकी और देखते हुई कहती है





कर लिया बूढ़े तूने जो तुम करना था......... तुम ज़रा भी मुज पर दया नहीं आयी...... तुम पूरे जानवर हो .......अब मुझे तुम से बात नहीं करनी है . .......

ऐसा प्रिय ने गुस्से मई कहा ..

सॉरी रांड.. तेरे खूबसूरती देखकर मई अपने ऊपर काबू नहीं रख पाया .

अब अपने चहरे पर गिरे बूंदो को महसूस करते हुई प्रिय ने आँखे खोल दी ... और सामने जो उसने देखा, वो उसके जिंदगी का सबसे हसीं दर्शाया tha..uska ये बुद्धा आशिक़ अपने आँखे बंद किये अपना खड़ा लुंड लिए उसे आगे पीछे करते हुई उसे हिला रहा tha....aur उसे के लुंड से निकली बूंदे उसके चहरे को छू रही थी... बाकि की बुँदे फर्श पर अपने निशाँ छोड़ चुके थे .. करीम के गाड़े और सफेद रास से भेजा उसका चेहरा और छातियाँ बड़े सेक्सी लग रहे थे.

प्रिय को गुस्सा आया था पर उसने जब अपने चहरे के सामने करीम के नाग को फुफकारते हुए देखा तो उसका गुस्सा कहा से कहा चला गया .. प्रिय एक नज़र करीम के चहरे की तरफ देखती हैं फिर वो अपना मुँह हौले से पूरा खोल देती hain.....tab करीम आपने लुंड उसके मू के पास ले जाता है .. आपने गदा रास उसके मू मई डालने लगता है .. एक दो बुँदे मू के अन्दर गिरते hi प्रिय आपने मू बंद कर लेती है ..

प्रिय को भी अब सब्र नहीं हो रहा था ... प्रिय ने करीम के लैंड को अपने हाथ में पकड़ा और अपने जीभ से उसे चाटने लगी ..

शयद कैडबरी कुछ बची हुई थी .. प्रिय पहले उस कैडबरी को अपने जीभ से चाट कर ाचे से साफ़ करती हैं ..फिर उसने दोनों हाथो से उसके लुंड को पकड़ते हुई उसे फिर से मुंह में ले लिया... फिर वो उस लुंड को अपने मुँह की गहराई में उतरती चली जाती हैं........ बड़े प्यार से

अपने मुंह को जितना खोल सकते थे उसे खोला और करीम के प्यारे लुंड को मुंह में लेकर चूसने लगी ..

अब जैसे hi करीम प्रिय के और करीब जाता हैं प्रिय हौले से अपना मुँह पूरा खोल लेती हैं और करीम के लुंड को अपने मुँह में लेकर धीरे धीरे चूसने लगती हैं......

वहीँ करीम के मुँह से भी सिसकारी फुट पड़ती hain.......lajaat की वजह से उसकी भी आँखें बंद हो चुकी thi.....uske लुंड को अब पूरा अन्दर बहार करते हुए प्रिय चूसने लगे... लार निकल-2 कर साइड में गिर रहे थी .... उसे सांस लेने में मुश्किल हो रहे थे पर प्रिय ने इस बार लुंड चूसना नहीं छोरा... उसके सुपडे को अपने मुँह में लेकर फिर से हौले हौले चूसना शुरू करती हैं.......

इस तरह से प्रिय के मुँह का स्पर्श करीम के मुँह से सिसकारी निकलने के लिए काफी था ........ लजात में उसकी दोनों आँखें बंद हो चुकी thi.......wo अपने हाथों को प्रिय के सर पर रखता हैं और उसे धीरे धीरे दबाना शुरू करता हैं......

प्रिय तेज़ी से करीम के लुंड को चूस रही थी… प्रिय के दोनों बूब्स इस वक़्त करीम के हाथों में the...........wo उन्हें बड़ी hi बेरहमी से मसल रहा था...... ........जैसी जैसे उसकी चूसने की रफ़्तार बढ़ रही थी वैसे वैसे करीम भी उसके बूब्स को मसलने की रफ़्तार बढ़ाते जा रहा tha..........poore कमरे में उन दोनों की सिसकारी निकल रही थी........

करीम ने उसके सर पर हाथ रखा और अपनी तरफ से जोरदार झटका मारा और अपना लुंड उसके मुंह में पूरा पेल दिया...

aaaaaaaaaaahah बूढ़े ......मेरा मुंह फाड़ेगा क्या.....

बेचारी से लुंड पूरा निगला नहीं गया और उसने वो बहार निकाल दिया...

वो सोचने लगी की जब ये मुंह में पूरा नहीं जा रहा है तो छूट में कैसे घुसेगा... फिर वो सोचने लगी फिर थोड़े देर पहले कैसे इस कमीने ने आना हतियार मेरे मू मई डाला था .. अब तो नहीं जा रहा है.. अब तो ऐसे लग रहा था जैसे कोई भीमकाय जानवर एक हिरानी से लुंड चुसवा रहा है... करीम का लुंड जितना बड़ा था उसका आकार भी उतना hi बड़ा था ..

उसके बाद प्रिय ने उसके रास से साणे लुंड को मुंह में लिया और उसे चूसने लगी .. फिर से करीम के लुंड से निकले गाड़े रास को महसूस करते हुई प्रिय अपना चेहरा पीछे करने लगे पर करीम ने अपने सख्त हाथ उसके सर पर लगाकर उसे हटाने हे नहीं diya...aur अंत में न चाहते हुए भी उसे करीम के लुंड के क्रीम अपने गले से नीचे उतरने पड़ी ...पर एक बार जब उस रास का स्वाद उसके जीभ को लगा तो वो सोचने लगे के मैं तो बेकार में hi उस रसेले पानी को छोड़ने लगे thi.....aisa मज़ा तो किसी भी जूस में भी नहीं होता ... bas...phir क्या tha....ek रंडी की तरह प्रिय ने करीम के लुंड को निचोड़ daala...uske लुंड के बांसुरी तब तक बजती रही जब तक उसमें से सुर निकलने बंद नहीं हो gaye...sur तो करीम के मुंह से भी नहीं निकल रहे थे aab....sale ने उसके लुंड को इतने बुरे तरह से चूसा था के अब उसे खड़ा होने में करीब 1-2 घंटे और लगाने थे....

उठ जाती हैं और अपने साड़ी ठीक करने लगती hain.....tabhi करीम झट से प्रिय के पास आता हैं और अकार उसके लबों को बड़े प्यार से चूम लेता हैं.....

उसका एक हाथ उसके सर पर tha.....wo उसके बालों पर बड़े प्यार से अपना हाथ फेर रहा था..... जवाब मई वो भी उसे चूसने लगती hai..priya इतनी उत्तेजित हो चुकी थी की उसे अब बुड्ढे के मुंह से आती बदबू उतनी बुरी नहीं लग रही थी.

प्रिय अब बहुत गरम हो चुकी थी.. वो उसके हूंतो को चूसना चोर के उसके पेट पाई आपने मू रख के वह से छथि तक चाटने लगती है ..

प्रिय के इस हमले से करीम भी अब बेकाबू हो जाता है ..वो उसको आपने बहो मई उतके उसे चूमने लगता है ..

प्रिय पूरे मस्ती के मूड में आ गयी थी.

प्रिय भी उसे चूमने लगती है .. पर करीम भी कोई काम नहीं था. करीम उसको उतके बीएड पाई ले जाता और उसके रसेले हूंतो को रास पिने लगता है ..

प्रिय भी उसे ाचे से रिस्पांस देने लगती है ..करीम के हाथ उसको चूमते हुए प्रिय की ब्रा में घुस गयी और उसके चुकी को टटोलने लगी, मानो कुछ ढूंढ रहे हो. बुड्ढे को अभी भी प्रिय को छोड़ने की इच्छा नहीं थी. बुड्ढे ने प्रिय के ब्रा के लास को उसके कंधे से सरकाया और ब्रा को नीचे सरका कर उसकी चुकी को पूरा नंगा कर दिया..

करीम फिर प्रिय को बिस्टेर पर सुलाता हैं और फिर उसके जिस्म पर अपना होंठ फेरने लगता हैं...... प्रिय की आहें एक बार उस कमरे में गूँज उठी thi.....ek बार फिर से वो इस सफर पर जाने को तैयार थी.......... करीम हौले हौले हूंतो से होते हुई नीचे की तरफ बढ़ रहा tha.......uske लैब प्रिय की पल पल बेचैनी को बढ़ता जा रहा tha.........jab वो नीचे की तरफ आता हैं तो वो बड़े प्यार से प्रिय के नवल को देखें लगता हैं.......

क्या देख रहे हो

तुम्हारा सेक्सी बदन …

चुप करो बदमाश..

कहते है नाभि से छूट का रास्ता मिलता है

बकवाज़ बंद करो

कितने प्यारे है तुम्हारे नाभि ..नाभि छूट सामान मीठी होती है .. और आजकल सभी औरते नाभि आसानी से दिखती भी है.. बहुत मज़ा आता है देखने मई.. ऐसे सेक्सी नाभि..

प्रिय अब सोचने लगी ......

हे भगवान्! ये बुद्धा क्या कर रहा है अब ? फिर से सुरु न हो जाये .. मैं पागल हो जाउंगी अब . वह सभ मेरे रह देख रहे होंगे … पूजा या काजल भाभी यहाँ आ न जय .. इस बूढ़े पाई ट्रस्ट भी नहीं कर सकती .. क्या पता भाभी या पूजा को चुपके से बुला न लिया हो .. यहाँ से जल्दी से निकलना होगा .. नहीं तो ये कमीना फिर से मुझे बहका न दे..

अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा. ये तो रुकने का नाम hi नहीं ले रहा है . मेरी तो पूरी पंतय गीली हो गयी है. इसका गरमा गरम मोटा तगड़ा लुंड हाथ में मह्शूश करके मई विचलित हो रही हु.

यही सोचकर वो झट से वह से उठ जाती है .. आपने ब्रा , ब्लाउज ठीक करती है ...

बाद में दोनों उस गन्दी सी बाथरूम में गए और अछि तरह से साफ़ होकर बहार आये. प्रिय का चेहरा अब बहुत चमक रहा tha..pata नहीं ये चमक उसके इस बूढ़े यार के वीर्य को मलने से आये थी या उसकी बातों se.par जो भी था, आने वाले समय में दोनों को ऐसे काम करने थे जिसमे ये चमक और भी बढ़ने वाली थी

फिर वो करीम के रूम से जाने लगती है .. जाने के लिए वो दूर तक पहुँच गयी थी .. फिर वह रुख जाती है .. उसे कुछ याद आता है .. वो करीम के तरफ घूम कर स्माइल करती है ..

और प्यार से उसको कहती है ..

मई यहाँ आयी थी इस बारे मई किसी से मत कहना .. पूजा को भी नहीं .. समजे ..

करीम हां मई गार्डन हिलता है ..

जो कुछ हमारे बीच मई हुआ उसके बारे मई भी

करीम सिर्फ गर्दन हिलता है .. प्रिय को कुछ समज मई नहीं आ रहा था .. वो मान रहा है या नहीं .. ये उसे समज मई नहीं आ रहा था..

मई कुछ कह रही हु करीम

हाँ मेरी रानी.. मई किसी को कुछ नहीं बताऊंगा ..

अब कुश

हाँ.. और डील की बात भी याद रखना ..

ok

ऐसा कह के प्रिय वह से चली जाती है ..रूम के बहार आते hi कुछ 1-2 गली के टपोरी लड़के खड़े थे.. वो प्रिय को देखते हुई कहते है ..

क्या साली माल है .. इतने देर तक अन्दर क्या कर रही होगी

दूसरा कहता है

मेज़रमेंट देने आयी होगी

इतने देर .. चाचा ने तो खूब मज़े से इस माल का मेज़रमेंट लिया होगा ..

प्रिय को ये सुनते हुई गुस्सा तो आया था पर उसे पता था ऐसे लड़के से उलझ के कोई फायदा नहीं है .. वो आपने बुरा सा मू बनके कार मई बैठ के शॉपिंग मॉल चली जाती है ..

कार मई पुरे वक़्त प्रिय करीम के बारे मई hi सोचती रहती है.. वो छह कर भी करीम को अपने दिमाग से हटा नहीं पति है.. पुरे रस्ते मई जो भी बाटे हुई वो उस के दिमाग मई जैसे मूवी की तरह चल रही थी... करीम का कहा एक एक बोल उसके कानो में गूंज रहा था. वो सोचने लगी की क्या मई सच में इतनी सेक्सी हु की ये कमीना मुझे पाने के लिए मेरे झूठे टैरिफ करने लगा था. उसने सोचा की अब मई उस कमीने के बारे मई अब और ज्यादा नहीं सोचूंगी … पर उसके मन में bar-bar करीम के hi ख्याल आ रहे थे. उसका कहा एक एक बोल उसके मन में मनो बस गया था. उसका लुंड तो मानो एक मूवी की तरह उसके दिमाग में घूम रहा था.

वो फिर आपने आप से कहने लगी ..मई किसी भी हालत में अपनी शीमाये नहीं लाँघ सकती .आखिर मेरा एक परिवार बनानेवाला है . राजीव मेरे पति बनानेवाले है .. मई सिर्फ करीम को एक बार दूंगी और वो भी शादी के बाद .. और बाद में मई उसके कोई रिलेशन नहीं रखूंगी …

प्रिय ये सब, सोच hi रही थी की, ड्राइवर ने अचानक गाड़ी रुका दी . प्रिय ने उसे पूछा क्या हुवा. वो बोलै मॉल आ गया मैडम .. प्रिय मैं मई कहती है कब मॉल आ गया पता hi नहीं चला .. इस कमीने के बारे मई सोचकर ..

फिर प्रिय कार से उतर जाती है और मॉल के अन्दर जाने लगती है …

और अन्दर जेक काजल भाभी के पास जाती है ..

काजल – आ गयी महारानी

सॉरी भाभी .. वो लेत हो गयी मई

प्रिय की ननद – कुछ नहीं .. हम शॉपिंग कर hi रहे the..priya .. ज्यादा लेत नहीं हुई हो .. थोड़ा hi लेत हुई हो ..

ऐसा कह के हँसाने लगती है ..

सॉरी ..

तभी पूजा वह आ जाती है .. और उन सब लोगो को शॉपिंग करने ले जाती है .. पूजा प्रिय को पूछती है कहा थी इतने देर तो वो कोई झूठ मूठ बोलती है .. फिर वो सब लोग 3-4 घंटे शॉपिंग करते है .. और आखिर मई प्रिय बिल देने के लिए उसकी ननद के साथ लाइन मई कड़ी हो जाती है ..

प्रिय जब पेमेंट करने के लिए आपने पर्स खोलते है तो उसे उसमे से बदबू आते है .. प्रिय इधर उधर देखने लगती है .. काउंटर वाले लड़की को पूछते है कहा से बदबू आ रही है .. उसकी ननद अपनी नाक बंद कर के पीछे हैट जाते है .. और प्रिय से पूछते है

कहा से इतने गन्दी सी बॉस आ रही है.. प्रिय ..

पता नहीं दीदी

जब प्रिय कार्ड निकलने के लिए पार्स मई हाथ डालती है तब उसके हाथ मई ुंदरपनत लगती है .. प्रिय पार्स थोड़ा निचे कर के देखते है तो वो ुंदरपनत करीम की थी .. बहुत hi गन्दी से .. फटी हुई ांदेरपंथ.. केशियर गर्ल पाचन जाती है वो बदबू कहा से आ रही है.. अब करीम पाई प्रिय को गुस्सा आ रहा था .. वो सोच रही थी इस कमीने ने कब अपनी गन्दी से ुंदरपनत मेरे पार्स मई दाल दी .. प्रिय यही सोच रही थी की तब उस केशियर गर्ल ने प्रिय की तरफ देखते हुई कहा

मैडम .. शयद आप के पार्स से बदबू आ रही है ..

उस लड़की ने ऐसे कहती hi प्रिय की ननद प्रिय की तरफ आचार्य से देखने लगती है .. प्रिय शहत रह के पेमेंट करने लगती है … और वो लड़की प्रिय के तरफ देख के स्माइल करने लगती है .. उस लड़की का बिहेवियर प्रिय के ननद को कुछ समज मई नहीं आ रहा था पर प्रिय को समज मई आ रहा था .. उसे करीम पाई बहुत गुस्सा आ रहा तह.. पेमेंट होते hi प्रिय पीछे हैट जाती है आपने नांद को कहती है मई वाशरूम मई से आती हु .. 5 मिनट मई .. वो कहती है ठीक है .. प्रिय गुस्से मई वाशरूम मई जाते है वो ांडरपांत डस्टबिन मई दाल देते है और करीम को गुस्से मई कॉल लगाती है ..

तुम्हारी हिमायत कैसे हुई..

क्या हुआ रांड

तुम्हारी गन्दी से ांडरपांत मेरे पार्स मई डालने की .. हिम्मत कैसे हुईतुमारे ..

प्रिय को गुस्से से बोलने की वजह से करीम भी गुस्से मई आ जाता है

मेरे हिम्मत की बात मत कर चैनल ..

गली मत दो

चैनल मुज पे गुस्सा कैसे हो सकती है कमीने तू..

तो तुम मेरे साथ ऐसा बेहवे कैसे कर सकते हो

प्रिय ने भी गुस्से मई कहा

मई ऐसा hi हूँ

आगे से ऐसा मेरे साथ नहीं करो

प्रिय ने थोड़ा शांत होक कहा

क्यों

कितने बदबू आ रही थी

तुम मेरे लुंड की याद आएंगे इसलिए मैंने ांडरपांत डाली थी तेरे पार्स मई चैनल

मैंने वो दाल दी डस्टबिन मई

करीम गुस्से मई कहता है

तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरे ुंदरपंथ डस्टबिन मई डालने की

बदबू आ रही थी ..और दीदी भी थी साथ मई

कोण दीदी

मेरे ननद

कैसे है ..माल है क्या ..

चुप हो जा कमीने ..मुझे कितने ेम्बरसेमेन्ट हो रही थी पता है क्या तुम .. दीदी और उस केशियर गर्ल के सामने

करीम हँसाने लगता है ..

जब उस लड़की ने कहा की आप के पार्स से बदबू आ रही है तो दीदी मेरे तरफ शक से देखने लगी …

करीम अब जोर जोर से हँसाने लगा ..

प्रिय डार्लिंग, मैं ऐसा Hi हूँ!!!

अब हसो मत .. और आगे से प्ल्ज़ ऐसा कुछ मेरे साथ मत करो …

ठीक है रांड …

और इस बारे मई पूजा को कुछ मत बताना …

Ok .. डार्लिंग…

अब मई रखती हु .. दीदी मेरा वेट कर रही है ..

डार्लिंग .. एक बात बता न

प्रिय नखरा दिखाते हुई कहती है

अब क्या है

मई बहुत कुश हु …

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हाँ पता है .. क्यों कुश हो

मई बहुत धन्यवाद देते हु तुम डार्लिंग

प्रिय शर्मा जाती है … करीम के ऐसे बातो से

तुम खुद मेरे घर आये और आपने शादी का इनविटेशन दिया ..

थैंक यू प्रिय डार्लिंग

वेलकम

और सुहागरात का इनविटेशन देने के लिए भी धन्यवाद् ..

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प्रिय हस्ती है ..

कमीने .. तू सुदरेगा नहीं ..

करीम जोर जोर से हँसाने लगता है ..

इतना hi कहना था न तुम.. अब फ़ोन रखती हु मई

नहीं नहीं .. एक मिनट ..

बोलो .. जल्दी .. मुझे जाना है ..

बात कुछ और hi है ..

प्रिय chup-chap कड़ी रही. वो सोच रही थी की, बड़ा hi शरारती है ये बाँदा , पता नहीं अब क्या, कहने वाला है मुझसे .

वो थोड़ी देर बाद बोलै

कैसा लगा मेरे लुंड तुम.

प्रिय शर्मा जाती है करीम के ऐसे कहने से ..पर वो उसे गुस्सा दिखती है .. फिर प्रिय ने उसे डांटते हुवे कहा,

तुम पागल हो ?

पागल hi सही पर मेरा लुंड पसंद आया न तुम

मुझे जाना है .. दीदी ढूंढते हुई आ न जाये

बता न रांड

काम से काम, अपनी नहीं तो, मेरी इज्जत की तो परवाह करो.

बता न …

मुझे नहीं पता

मई रख रही हु .. डील याद रखना आपने दिमाग मई .. कोई ऐसे वैसे हरकत न कर न ..

हाँ नहीं .. करूँगा ..

थैंक यू ..

पर फिर क्या करना पड़ेगा , मालूम हे न तुजे ?

क्या ?

तुम हररोज मुझसे छुड़वाना पड़ेगा .

हररोज .. नहीं ..सिर्फ .. एक बार …

नहीं

तुम ऐसे हर बार डील तोड़ नहीं सकते

मई कुछ भी कर सकता हु .. रांड ..

नहीं कर सकते

कर सकता हु ..तुजे अगर मेरे शर्त मंजूर है तो डील आगे बड़ेगे.. वर्ण नहीं ..

हआ .

क्या

कमीने.. मंजूर है .. मेरे मज़बूरी का फायदा उठा रहा है तू

जहा भी बुलाऊंगा वह आना पड़ेगा .

प्रिय गुस्से मई कहती है

हाआआआ ाङ्गीइ .

मेरी रंडी बनकर रहना पड़ेगा , में चहु तब आकर छोड़ जाऊंगा .

हाआआआ .. हांण.. बाबा हैं

कहकर प्रिय ने अपना हाथ आपने सर पर मारा .

अब एक काम कर ..

अब और क्या है

तू मॉल मई है न अब

हाँ

वह .. 3 रद फ्लोर मई एक अजित रेडीमेड नाम की एक दुकान है ..

हाँ .. तो उसका क्या ..

उसके वह मेरे कुछ उदारी है..

प्रिय गुस्से मई कहती है ..

मई क्या अब तुम्हारे उदारी चूकते बैठु क्या

सुन न.. ज्यादा नहीं कुछ 20-30 हज़ार की होंगी वो चुक्का दे..

नहीं .. चुक्का सकती ..

क्यों रांड ..

नहीं .. बोलै न .. तो नहीं ..

ठीक है .. तो भूल जा डील ..

तुम मुझे ब्लैकमेल कर रहे हो ..

नहीं तो

तो ये क्या है

तू अब मेरे रांड है .. तो आपने मालिक के लिए इतना तो तुजे करना पड़ेगा hi न ..

प्रिय को करीम पाई बहुत गुस्सा आ रहा था .. उसे लग रहा था क्या सोच के मई इस हरामी के घर गयी और डील की ऑफर दी … ये हरामी अब मेरे को hi ब्लैकमेल कर रहा है..

फिर थोड़ा सोचकर खुद से कहती है .. अब तू और कुछ नहीं कर सकती .. बस तेरा ये कमीना मालिक जैसा बोल रहा है वैसा तुजे करना पड़ेगा..

ठीक है ..

तो वह अजित नाम का बाँदा है उसको पैसे दे दे.. वो जितना बोलेगा उतना ..

मई नहीं जाउंगी ..

अभी तो रेडी हुई थी न

पैसे देने को रेडी हुई हु .. वह जाने को नहीं

अब मुझे क्यों बुला रही है रांड .. तू वह hi है तो दे दे.. न ..

नहीं

क्यों

मेरे साथ यहाँ पूजा है .. भाभी है .. मेरे सांस है .. नानन्द है ..

तो क्या हुआ ..

बाथरूम के बहाने उनसे दूर जा थोड़े देर और पैसे देके आ

अब मई बाथरूम मई hi हु

इसपर करीम हँसाने लगता है

कमीने है मत .. तेरे वजह से मुझे सबसे झूठ बोलना पद रहा है

तो क्या हुआ

तेरे लिए ये नार्मल होगा लेकिन मेरे लिए नहीं ..

क्यों रांड

जिंदगी मई पहली बार मई उनसे झूठ बोल रही हु

करीम हसने लगता है

अब है मत .. तेरा अकाउंट नंबर दे मई पैसे ट्रांसफर कर दूंगी ..

नहीं .. मेरे पास अकाउंट नंबर नहीं है ..

कमीने झूठ मत बोल .. तू इतना भी उनपद नहीं है किट ेरे पास अकाउंट नंबर नहीं है

अकाउंट नंबर का झंझट मई मुझे मत दाल .. मई कब बैंक मई जाऊंगा .. पैसे कब निकलूंगा और उसको कब दूंगा.. वो पैसे की वजह से मेरे माँ बहन निकल रहा है ..

इस पर प्रिय हँसाने लगती है ..

तू है मत और वह जेक पैसे देके आ

लेकिन मई उसे क्या बोलूंगी

क्या ..का क्या मतलब है

मई क्या बोलूंगी उसे ..मई कोण हु तुम्हारे

बोल न करीम मेरा मालिक है और मई उसकी रांड हु ..

चुप कर कमीने … वो तो हम दोनों के बीच वाली बात है .. मई उस आंजने आदमी को कैसे बता सकती हु ..

बोल न .. करीम चाचा ने दिए है ..

हम्म्म

जायेंगे न .. उस चूतिये का hi फ़ोन आ रहा है उसको मई बोल दूंगा तुम आ रहे हो बोलके

हाँ बोल दो

ठीक है बोल देता हाउ

और हमारे बीच की बात किसी को भी मत बताना .. पूजा या भाभी को भी नहीं

नहीं बताऊंगा ..मेरे रांड .. पर

पर क्या अब

अब तूने मुझे इतना गरम किया है ..मेरे लौड़े का बुरा हाल किया है तो अब किसी को भी तो छोड़ना पड़ेगा न

प्रिय हस्ती है

तुम्हारे वो नाज़िया है न

वो नहीं .. उसको तो कल hi छोड़ा है ..

कमीने.. फिर अब किस की बारी

तुम्हारे सहेले की

कोण.. पूजा

प्रिय हस्ती है . ..मर गयी पूजा अब ..

हाँ

उसका तुम अब बुरा हाल करोगे

हाँ वो तो है

पर उसको कुछ मत बताना

नहीं बताऊंगा .. रांड .. उसको छोड़ू क्या

मुझे क्यों पूछ रहे हो .. उसको hi पूछ लो

बताओ न

जाओ बाबा.. तुम जिस के साथ जो करना है वो कर लो .. लेकिन मुझे बक्श दो ...

तुम कैसे बक्श दू .. अब तुम्हारे साथ तो सुहागरात जो माननी है ...

प्रिय हस्ते है

कमीने ..

ऐसा कह के हँसाने लगती है

फिर bye कह के फ़ोन रख देती है .. प्रिय जैसे hi मोबाइल रखती है वैसे hi वो झट से बहार जाती है आपने ननद रानी के पास .. उसे ऐसा दिखते है जैसे कोई कुछ हुआ hi नहीं हो.. उसकी ननद भी कुछ नहीं बोलती है .. फिर वो लोग बहार आ जाते है .. प्रिय आपने ननद रानी , पूजा , काजल भाभी से बात कर रही थी पर उसके दीमक मई करीम की बात hi थी .. फिर उसे झट से याद आ जाता है की करीम ने उसे एक काम दिया है उसे पूरा करना है .. वो पूजा को कहती है ..

पूजा जरा मई 2 मिनट मई जेक आती हु ..

तभी उसकी ननद कहती है

प्रिय .. अब कहा जा रही हो ..

प्रिय डर जाती है .. वो डरते हुई hi कहती है ..

वो निचे एक गारमेंट का शॉप है वह जेक आती हु

रानी वह क्या काम है

कुछ बिल पेंडिंग है .. वो बिल पेमेंट करना है ..

बाद मई कर देना .. मुझे उंडेर्गारमेंट लेने है .. वह षाले है पहले … पूजा तू भी चल ..

प्रिय – हाँ .. पूजा तुम दीदी को लेके जाओ .. उंडेर्गारमेंट के शॉप मई .. मई तब पेमेंट करके वह आती हु 2 मिनट मई ..

रानी – हाँ चलो पूजा .. हम लोग उंडेर्गारमेंट देखते है तबतक प्रिय भी आ जायेंगे

पूजा - नहीं दीदी .. आप जाओ . प्रिय को लेके .. मई और काजल भाभी जरा ज्वेल्लेरी के शॉप मई जेक आते है .. वह आर्डर दिया हुआ है .. उसने क्या क्या बनाया है वो हम लोग देखके आते है ..

प्रिय गुस्से से प्रिय की तरफ देखते है ..

पूजा – सॉरी .. प्रिय … जरा अर्जेंट है .. नहीं तो लास्ट मई वो ज्वेल्लेरी वाला कुछ गड़बड़ कर देगा

प्रिय मैं मई कहती है .. साली पूजा 2 मिनट दीदी के साथ जाओगे तो तुम्हारा क्या जायेगा .. बहुत नखरा कर रही है .. रुक थोड़े देर और फिर तेरा सब नखरा करीम उतर देगा ..

रानी – हाँ प्रिय .. पूजा की बात सही है .. हम लोग तुम्हारा वो पेमेंट करते है और फिर मेरे वाले शॉप मई जाते है

प्रिय न चाहते हुई भी बुरा सा मू बनती है और हाँ कहती है ..

प्रिय – हाँ .. ठीक है .. दीदी आप जैसे बोल रहे हो वैसा hi करते है

तभी प्रिय के मोबाइल पाई कॉल आता है .. कॉल करीम का कॉल था .. प्रिय कॉल नहीं उठाती है .. और मोबाइल साइलेंट करके रानी से बात करने लगती है ..

तभी काजल बोलती है .. भूक लगी है कुछ कहते है पहले और बाद मई बाकि की शॉपिंग करते है .. प्रिय चोर के बाकि के सब हाँ बोलते है .. इतने देर तक प्रिय के मोबाइल पर कंटीन्यूअस करीम कॉल कर रहा था .. पहले रिंग बजती थी की प्रिय उसे साइलेंट करती थी .. कुछ 5-6 बार कॉल आता है .. प्रिय कॉल नहीं उठाती है .. अब करीम ने कॉल करना बंद कर दिया था .. फिर सब बाजु के फ़ास्ट फ़ूड मई जाते है .. सब पिज़्ज़ा खाने लगते है की प्रिय का मोबाइल फिर से बजने लगता है .. प्रिय उसे शांत करती है .. तभी रानी कहती है ..

किसका कॉल आ रहा है प्रिय तुम कही राजीव का तो नहीं है न .. देदो मुझे मई उस से बात करती हु ..

तभी झट से प्रिय बोलती है

राजीव का नहीं है

रानी – वही मई सोच रही हु .. राजीव इतने लगातार कॉल नहीं कर सकता .. वैसे भी वो आज बिजी है … वो कैसे कॉल कर सकता है ..

प्रिय शांत hi रहती है .. तभी फिर से कॉल आता है ..

रानी – किसका कॉल है .. कही कोई दूसरा बॉयफ्रेंड तो नहीं न प्रिय ..

प्रिय झट से बोलती है

नहीं दीदी .. ऐसे बात नहीं है …

रानी हस्ते हुई कहती है ..

मई जानते हु तू ऐसा नहीं करेंगे .. तू राजीव से बहुत प्यार करते है .. तू कैसे राजीव को धोका दे सकते है ..

काजल - प्रिय कभी भी ऐसा नहीं कर सकती ..

रानी – मई जानती हु .. मई तो मजाक कर रही थी .. पर इतना लगातार कोण कॉल कर रहा है ..

प्रिय – एक फ्रेंड है

रानी हस्ते हुई

बॉय या गर्ल

पूजा – ऑफ कोर्स .. दी .. गर्ल hi होगी ..

इस पर सब हसने लगते है

रानी – फिर भी रानी बताओ न कोण है

प्रिय हस्ते हुई कहती है

गर्लफ्रेंड है ..

रानी हस्ते हुई

हमारे यहाँ लेस्बियन अल्लोव नहीं है प्रिय

इसपर सब हसने लगती है

प्रिय को फिर से कॉल आता है

रानी – ुअतो न प्रिय .. कुछ अर्जेंट बात करनी होगी उसे .. तुमसे ..

प्रिय न चाहते हुई कॉल उठा लेते है ..

hello रांड .. उसका पैसा नहीं दिया क्या ..

हाँ .. वह जा hi रही हु …

कितने देर.. वो मादरचोद मेरे माँ छुड़ा रहा है और तुम यहाँ तिमेपास कर रही हो ..

थोड़ी hi देर मई

क्या थोड़े hi देर मई ..मेरा फ़ोन क्यों नहीं उठा रही थी ..

मॉल मई हु ..

तो साथ मई कोण कोण है

सब hi है

पूजा है क्या वह

हाँ

एक काम कर तू उसको मेरे पास भेज दे .. मेरा लुंड बहुत दर्द कर रहा है .. जरा मेरे गर्मी उसके छूट मई उतरता हु

तुम hi बोलो उसे

फ़ोन दे उस छिनाल को

उसके मोबाइल पाई कॉल कर

तेरे मोबाइल पाई कॉल किया तो तेरे बाप का क्या जायेगा ..

नहीं हो सकता

क्यों

मुझे नहीं मालूम

रांड तुजे पता है क्या

क्या

तू मेरे रांड है

प्रिय स्माइल करती है पर कुछ नहीं बोलती है

तुजे पता है क्या जिस तरह तू ख़ूबसूरत हैं उसी तरह तेरा जिस्म भी बहुत खूबसूरत हैं........

..इस वक़्त उसका चेहरा शर्म से बिलकुल लाल पढ़ गया था......

अगर तू छोड़ने देते तो बहुत मज़ा आ जाता ..

प्रिय कुछ बोल नहीं पा रही थी .. सामने रानी और पूजा थी और बाजु मई काजल बैठी थी .. करीम के ऐसे भाषा की वजह से प्रिय के चेहरे के भाव बदल रहे थे .......अब उसकी आँखें सुर्ख लाल हो चुकी thi.......vaasna उसकी आंखों से साफ़ चालक रही थी ........

तेरे छूट पाई थोड़े बाल थे सुहागरात के टाइम उसे निकल देना

करीम ने ऐसे कहते hi प्रिय झट से अपनी आँखें बंद कर लेती हैं ....... और मैं मई कहती है ..

कमीना कही का .. ये जनता है मई सब के साथ हु इसलिए ऐसे गंदे भाषा बोल रहा है .. मई चाहकर भी इससे गन्दा नहीं बोल पा रही हु .. और फिर सब सात मई है ये जानकर आँखे खोल देते है .. और करीम को कहते है ..

Bye ..

चैनल .. पैसे दे देना उसके ..

हाँ

कहके प्रिय फ़ोन कट कर देते है ..

फिर सब वह से उठ जाते है .. प्रिय और रानी वह से करीम ने बोलै हुआ शॉप पाई जाते है .. अब प्रिय को डर लग रहा था की रानी दीदी के सामने कैसे उसे कॅश काउंटर वाले बन्दे को बोलू की मुझे करीम ने भेजा है .. इस वजह से वो रानी को दिखने के लिए वह एक अच्छा सा कपडा लटका हुआ था उसे देखने लगती है .. रानी भी उसके पीछे और वह जो अलग अलग तरह के कपडे थे वो देखने लगती है तभी जाहत से प्रिय कॅश काउंटर पाई जाती है और उसे करीम ने भेजा है ऐसा बोल के पेमेंट कर देते है .. और फिर रानी के पास आके उसे कहते है ..

चले भाभी .. मेरा काम हो गया है .. चले आप के वाले शॉप पाई ..

रानी – हां चलो ..

अब प्रिय और रानी ान्देरगार्मेंट के शॉप मई थे .. और अलग अलग टाइप के ान्देरगार्मेंट देख रहे थे .. नानन्द भाभी बाते करते हुई ान्देरगार्मेंट देख रही थी .. ऐसा कुछ आधा गहनता बीत गया .. तब फिर से प्रिय के मोबाइल पे करीम का कॉल आता है .. जैसे hi प्रिय पार्स से मोबाइल निकलती है वैसे hi उसके चहरे का रंग खिल जाता है .. वो रानी की तरफ देखती है ..रानी उसको देख के कहती है ..

उठा उठा .. बिचारा कब से परेशां हुआ होगा .. बात कर ले राजीव के साथ .. उसके दिल को भी ठंडक मिल जायेंगे ..

रानी को लगा था राजीव का कॉल है ..
 
ये साफ़ था की प्रिय करीम की तरफ आकर्षित होने लगी thi.uska मैं हो रहा था कॉल उतने का .. पर फिर भी प्रिय कॉल नहीं उठा रही थी .. वो रानी से डर रही थी .. उसे अपने दिल की धड़कने तेज होती हुई महसूस हो रही थी.. ..

शर्मा मत .. मई कुछ नहीं बोलूंगी .. अब कुछ hi दिनों मई तुम दोनों की शादी होने वाली है ..

ठीक है दी..

ऐसा कह के मोबाइल उठा लेते है ..

hello

hello डार्लिंग … दे दिए क्या पैसे

हाँ

उसका फ़ोन आया था ..बोल रहा था तुम्हारे फटका आइटम ने पैसे दे दिए ..

पता है तो फ़ोन क्यों किया

नाकारा दिखते हुई प्रिय कहते है

मैंने सही सुना था की लड़कियां बहुत नखरे करती हैं....... बहुत नखरा कर रही हो

हाँ कर रही हो .. करू नहीं क्या..

करो न .. इतने खूबसूरत हो … तुम नहीं तो कोण नाकारा करेंगे .. वैसे नखरा करते हुई तुम और hi खूबसूरत देखते होगी .. मतलब सेक्सी देखते होगी..

रानी सामने hi कड़ी थी .. गारमेंट देखते हुई उन दोनों के बीच की बाते सुनाने का प्रयास कर रही थी..

वैसे अब कहा हो

मॉल मई

मॉल मई हो .. लेकिन वह कहा ..

तुम क्या करना है ..

अब इतने सेक्सी दिख रही हो तो सोचा एक बार देख लू वह आके

नहीं .. यहाँ आने के जरूरत नहीं है ..

ये सुनके रानी प्रिय के तरफ देख के स्माइल करते है .. रानी को अब भी लग रहा था मोबाइल पाई राजीव hi है ..

करीम – मैं कर रहा है

प्रिय धीरे से करीम की बाटिओं से मुस्कुरा देती हैं..

आप सच में बहुत बदमाश हो ......

जान तुम्हारे बहुत याद आ रही है .. एक बार फिर से तुम चूमने का मैं कर रहा है .. तुम्हारे रसेले हूंतो का स्वाद फिर से छकाने का मैं कर रहा है ..

प्रिय ना में अपना सर हिलती हैं और झट से अपनी आँखें बंद कर लेती हैं........

प्रिय का चेहरा इस वक़्त शर्म से लाल पद गया tha.....wo चुप चाप वहीँ अपनी नज़रें झुकाये नीचे फर्श की ओरे देख रही थी......

मुझे ऐसा लग रहा है जनन

कैसे

रानी प्रिय की तरफ hi देख रही थी और उन दोनों की बात सुन रही थी और प्रिय के चहरे को पड़ने की कोशिश कर रही थी

जैसे तुम आपने किचन मई हो .. कुछ काम कर रही हो .. मई वह आते hi तुम घूम कर मुझे देखने लगते हो ..

फिर मई तुम आपने बहो मई लेता हु और तुम चूमने लगता हु ..

अब तुम मेरे लबों को चूस रही हो ..

ये सुन के प्रिय के चहरे पर हल की सी हसी आ जाती है .. रानी वो देख लेती है

अब मई अपने दोनों हाथों से तुम्हारे मम्मी और निप्पल्स को मसल रहा हु ...... अब मैंने आपने एक हाथ से तुम्हारे साडी को ऊपर तुम्हारे कमर तक उठाया हैं........ और फिर…

करीम रुक जाता है .. कुछ नहीं बोलता है

फिर क्या ..

प्रिय पूछती है

करीम – हम इस वक़्त तुमरे किचन मई है .. मई वहीँ रखा बटर को अपने हाथों में लेता हु और उसे तुमरे निप्पल्स और तुमरे पंतय निचे कर के तुम्हारे छूट के पास ले जाकर अपने हाथों से मलने लगता हु ........फ्रीज में का बटर था इस वजह से इस वक़्त बटर बहुत ठंडा था जैसे hi मई वो बटर तेरे छूट पर रखता हु वैसे hi तेरे मुँह से एक सिसकारी निकल पड़ती हैं......

aaaaaaaaahhhhhhhhhhhh… मेरे .. राजा .. करीम….

और फिर मई बिना रुके तेरे छूट पर वो बटर मलने लगता हु......

मई अब ज़ोरों से तुम्हारे दोनों निप्पल्स को बरी बरी मसल रहा हु और उधर तुम्हारे सिसकरी लगातार बढ़ते जा रही थी..... तुम बार बार मेरे होंठों को चूसे जा रही हो ......

तेरे बदन पर हाथ फेरने से तुम कुछ hi पलों में मेरे आगे झुक जाती हो और अपनी दोनों टांगें पूरा फैला कर अपने दोनों पैरों को किचन स्लिप पर रख लेती हो .......इस पोजीशन में तुम्हारे छूट पूरी तरह से मेरे सामने खुली थी...

चुप हो जाओ तुम

फिर तुम मुस्कुराते हुए अपने दोनों हाथों को अपने छूट की तरफ ले जाती हो और धीरे से अपने उंगिलयों के बीच अपने छूट के लिप्स को धीरे धीरे मेरे आँखों के सामने फ़ैलाने लगती हो ......

अपनी ननद रानी के सामने खड़े होकर ये सब सुनकर प्रिय को शर्म बहुत आ रही थी …

मई अपने एक हाथ में बटर लेता हु और उसे तुम्हारी छूट के अंदर धीरे धीरे सरकने लगता hu......tera मुँह लज्जत से पूरा खुल गया था.... तू मुझे अपने छूट में बटर डालते हुए देख रही थी .. तुजे भी अब इन सब चीज़ों में मज़ा आने लगा tha.....jaise hi बटर छूट के अंदर जाता हैं तू मुँह से एक ज़ोरदार सिसकारी निकलती है ..

aaaaaaaaaaaaa...........ssssssssssssssssssssshhhh..........kkk... aaa...rriiimmmm….

बटर तेरे छूट के अंडे जाने से तेज़ी से पिघलना शुरू हो जाता hain.......shayad छूट की गर्मी की वजह से........ तेरे छूट से इस वक़्त तेरे छूट का रूस और बटर का मिला जुला रूस धीरे धीरे बहार आ रहा था.....

मई बिना देर किये झट से अपना मुँह तेरे छूट पर रख देता हु और मेरे लुम्बी जीभ धीरे धीरे फिरने लगता हु ...... और तेरे छूट का रास पिने लगता हु ..

nooooooooooo…

रानी समझ नहीं पा रही थी की इन् दोनों के बीच क्या चल रहा है ..

तू तड़प उठती hain.....aur लज्जत में आपने आँखें बंद कर लेती हैं........ मई बहुत आराम से तेरे छूट के अंदर अपने जीभ के पॉइंट से हरकत कर रहा था......

तेरे छूट से लगातार पानी और बटर का मिला जुला रूस बह रहा tha....aur तेरे सिसकारी भी और तेज़ होती जा रही thi.....kuch डियर तक मई ऐसे hi अपने जीभ को तेरे छूट के अंदर हरकत करता हु .....

चुप हो जाओ तुम ..

ऐसा कह के रानी से थोड़े दूर प्रिय चली जाती है ..

रानी चाहते हुई भी प्रिय के पीछे नहीं जा पति .. उन दो की प्राइवेसी को वो डिस्टर्ब नहीं करना चाहती थी ..

करीम की ऐसी बाटिओं से प्रिय का चेहरा शर्म से लाल पद जाता हैं ........मगर सामने आपने ननद कड़ी थी इस वजह से वो कुछ बूल भी नहीं पा रही थी और मोबाइल भी नहीं काट पा रही थी क्यों की करीम ने इस वक़्त जो उसके अंदर आग लगायी थी उस वजह से वो इस वक़्त सही गलत समझने की स्तिथि में बिलकुल नहीं थी..... इस वजह से वो आपने ननद के सामने होते हुई भी आपने बूढ़े यार से बाते कर रही थी और अपनी ननद को ऐसा दिखा रही थी जैसे वो उसके भाई से बात कर रही है ..

रानी से दूर होते hi वो कहती है

तुम सच में बहुत गंदे ho........tumhein ज़रा भी शर्म नहीं आती......... एक लड़की से भला कोई ऐसा बात करता हैं क्या????

करीम ये सुनकर मुस्कुरा देता हैं -

मैंने क्या गलत कहा ........ रानी ..

तुम कितने गंदे लैंग्वेज उसे करते ho........tumhein ज़रा भी शर्म नहीं आती की मेरे सामने तुम्हें क्या बोलना चाहिए..........

मैंने तो बिलकुल सही कहा ....... मुझे जो लगा वो मैंने कहा .. इसमे गन्दा क्या है ..

प्रिय का चेहरा एक बार फिर से शर्म से लाल पढ़ जाता हैं

तुम नहीं सुधरोगे.........

ऐसे बोलने से तेरा जैसा माल पैट रहा हो तो भला कौन सुधारना चाहेगा रांड ........

प्रिय चाह कर भी कुछ नहीं बोल पा रही thi.......ek तरफ उसकी छूट गीली हो रही थी वहीँ उसकी दिल भी अब पूरी तरह से उसके बस मई नहीं था .........अब धीरे धीरे उसके दिल पर से उसका कण्ट्रोल पूरा ख़तम होने लगा था........

मई कोई तुमसे पैट नहीं रही थी

तो क्या हो रही थी

कुछ नहीं

फिर कुछ कहा क्यों नहीं

कहा न

सिर्फ एक बार.. वो भी बहुत धीरे से

दी थी सामने

कोण दी

बताया न मेरे ननद है यहाँ शॉपिंग के लिए मेरे साथ

कैसा है माल

प्रिय हस्ती है

अब क्या उसको पटाने का इरादा है क्या

अच्छा माल हो तो चकने मई क्या हर्ज़ है

कमीने कही के ..

अब क्या ले रही हो

दी के लिए शॉपिंग कर रही हु

कोनसे शॉपिंग

शरमाते हुई कहती है

उनके लिए ब्रा ले रही थी

नाम क्या है

प्रिय को इस वक़्त ये सब बताते हुई बहुत शर्म आ रही थी मगर आज उसे हवस के आगे कुछ भी समाज नहीं आ रहा था....... जो हवस करीम ने उसके अन्दर जगाई थी ..

जॉकी

ब्रा का नहीं तुम्हारे ननद रानी का नाम

रानी

क्या

रानी

साइज क्या है

32

काफी बड़े है

चुप हो जाओ बदमाश

तुम्हारे भी बड़े है ..

प्रिय शर्मा की वजह से शांत रहती है

मुझे तुम्हारे दोनों मम्मी देखने हैं........ अभी .. .......

अभी नहीं

फिर कभी

शादी के बाद

सुहागरात मई

उसके बाद

इतने दिन कैसे सबर करू

करो न वैसे hi

जैसे इतने दिन किया

तब टास्ते नहीं किया था न

मुझे तुम्हारे दोनों मम्मी देखने हैं........ अभी .. .......

अभी नहीं

फिर कभी

शादी के बाद

सुहागरात मई

उसके बाद

इतने दिन कैसे सबर करू

करो न वैसे hi

जैसे इतने दिन किया

तब टास्ते नहीं किया था न

अब इतना साबरा नहीं होता है क्या तुम्हें ... मैंने कहा है न तुम करीम मई अपना सब कुछ तुम्हारे हवाले कर दंगे ...... जो तुम कहोगे वो सब मैं करुँगी पर प्लीज अब नहीं ...... मेरे शादी के बाद.. राजीव के साथ मेरे सुहागरात होने के बाद ..

ठीक हैं जान .. मई साबरा कर लूंगा .. बस तुम्हें मेरा एक छोटा सा काम करना होगा.... अगर मेरा काम करोगी तभी मई तुम्हारी ये बात मान लूंगा .. ......

क्या......... अब क्या चाहते हो करीम तुम .....

एक नहीं दो बाते तुम मेरे मानाने पड़ेगे ..

कोनसी

पहली बात ये है की तुम मुझसे ओपन बाटिओं karo...jaise छूट , लुंड.... वगेरा ..... वगेरा ...

प्रिय झट से ना में अपनी गार्डन हिलती हैं और नखरा दिखते हुई प्रिय कहती है .

ूहु.. ये तो बहुत गलत बात है .. एक तो तुमने अभी थोड़े देर पहले मेरे साथ वो सब किया .. जो तुम मेरे साथ नहीं करना चाहिए था .. और अब तुम चाहते हो की मई तुम्हारे साथ गन्दी भाषा मई बात कर लू ..

ये बोलते हुई प्रिय के नज़रो मई गुलाभिपन उतर आया था ..

हाँ मेरे जान

नहीं करीम मैं ये सब नहीं बोल pawongi.......please मुझे इतना बेशरम मुट्ठ banawo.....main ये शब्द कभी नहीं कह sakti......reham करो मुझपर प्लीज करीम ...............

नहीं प्रिय अब हमारे बीच मई कैसी शर्म............ देखना तुम्हें भी बहुत मज़ा आएगा......

प्रिय का दिल ज़ोरों से धड़क रहा था वो इस समय बहुत असमंजस में फांसी हुई thi......aaj तक उसने कभी गली भी अपने मुँह से नहीं निकलती थी तो ये सब शब्दों का भला कैसे उसे karti......uske मुन्न में बहुत झिझक थी मगर करीम इतने आसानी से कहाँ मैंने वाला था.....

तुम कहना hi होगा .. वैसे तुम्हारे मई इतने बाते मान रहा हु तो तुम ये मेरे 1-2 बाते मानाने मई क्या प्रॉब्लम है

सच में तुम बहुत गंदे ho.......pata नहीं और क्या क्या मुझसे गन्दी गन्दी हरकतें करवाओगे...... एक hi दिन हुआ है और तुम कैसी कैसी बेशर्मी का खेल मुझसे खेल रहे हो.....

तो बोलो

क्या बोलू

गंदे वर्ड्स

ये सुनते हुई उसके चहरे पर एक कातिलाना मुस्कान तैर गयी …

मुझे नहीं आते

सीखा दू क्या

हाँ

करीम मेरी प्यास बुझा do.....main बहुत प्यासी हूँ.......

प्रिय हसने लगती है

हसो मत बोलो

मई कोई प्यासी बीसी नहीं हु .. समजे .. बूढ़े

बलवान मई तेरे माँ का क्या जायेगा

प्रिय कुछ देर तक चुप रही .. फिर उसने अपनी नज़ारे निचे कर ली ..और कहना शुरू कर दिया ..

m….aaaa..iii.. बहूत्त… प्यासी.. …ीी .. ी ..हुऊ.. मेरे प्यास बजाओ

ये एक एक शब्द बोलते हुई प्रिय का सीना धड़ धड़ बज रहा था .. सदी के अन्दर छुपी छूट से रसेले पानी की बूंदो ने उसके पंतय को गिला कर दिया था .. ये सब उसने इसलिए बताया था की अब उसके छूट की खुजली उसके बर्दाश्त से बहार हो गयी थी …

करीम कोण तेरा बाप बोलेगा का क्या

करीम हर बात पर उसे जलील कर रहा था

सॉरी .. गलती से रह गया ..

तो बोलो

मई प्यासी हु .. करीम मेरे प्यास बजाओ

बोल रांड मई कैसे तेरे प्यास बजाओ

मुझे नहीं पता

तूने बोलै है तो तुजे पता होगा की प्यास कैसे बजाते है ..

तुमने कहा इस लिए मैंने कहा ये सब .. अब मुझे ये सब बोलके जलील मत करो ..

खुले शब्दों मई बोलो

मतलब

करीम मेरे छूट की आग बजा दो

प्रिय जानती थी की पहले वाला सेन्टेन्सेस hi उसने कैसे कहा tha.......uska गाला सुख गया था उस वक़्त और अब इतना गन्दा बोलने का सोच कर hi उसकी धड़कनें बहुत ज़ोरों से धड़क रही थी......

करीम के चेहरे पर मुस्कान थी.. वो प्रिय के जवाब का इंतजार कर रहा था .. प्रिय कुछ नहीं बोलती है .. करीम ने इस बार प्रिय को फिर से नहीं कहा .. वो धीरे धीरे प्रिय को अपने रंग में रंगना चाहता था........

प्रिय ने कभी भी नहीं सोचा था की वो करीम के जाल में ऐसे बुरी तरह से फंस jayegi......aab तो उसे ऐसे गंदे वर्ड्स न चाहते हुए भी करीम के सामने ( मतलब मोबाइल पर ) बोलने the........aaj करीम ने उसे पूरी तरह से बेशरम बनाने का ठान लिया tha......dekhna ये था की प्रिय अब किश हुड्ड तक आगे जा सकती हैं ........ या वो जाना चाहती है ..

करीब 2 मिनट के बाद प्रिय ने कहा ........

प्लीज करीम ऐसा मुट्ठ करो मेरे saath.........main तुम्हें अपना जिस्म तो सौप hi रही हूँ na........fir ये सब क्यों गन्दा खेल मेरे साथ खेल रहे हो........

अगर तुम मेरे इतने छोटी से बात नहीं मानाने है तो मई भी तुम्हारे बात क्यों मनु.. आखिर मई भी डील से क्यों खुद को बांड लू..

प्रिय उस उंडेर्गारमेंट के शॉप मई ब्रा हाट मई पकड़ के अपनी नज़रें झुकाये कड़ी हुई thi......wo कोई भी फैसला नहीं ले पा रही थी की उसे करीम की बात माननी चाहिए या nahin........wo ये बात ाचे से जानती थी की उसके लिए ये सब करना इतना आसान नहीं hain......magar करीम तो आज अपनी ज़िद्द पर ऐडा हुआ tha........ek तरफ उसके ऊपर हवस इस कदर हावी थी की उसकी रही सही सोचने की शक्ति भी अब धीरे धीरे ख़तम होने लगी thi.........priya को ऐसे खामोश देखकर करीम तुरंत बोल पड़ता हैं.......

क्या हुआ रांड ........ तू किस सोच में डूब गयी.........

आज उसका दिल भले hi उसका साथ नहीं दे रहा था मगर उसका दिमाग कह रहा था ये सब करना ठीक नहीं है

प्लीज करीम …. ये सब मुझसे नहीं होगा

बोलना पड़ेगा

क्या करूँ मुझसे ये सब नहीं बोलै जाएगा .........

मेरा लुंड चूसने में तुजे शर्म नहीं आये और अब बोलने में इतनी शर्म ........ रहने दे .......... तू बहुत नाटक कर रही है .. मई भी देखता हु तू कैसे आपने पति के साथ सुहागरात मानती है ..

फिर गुस्से मई आके प्रिय कहती है .. ठीक है अब तुम जो भी चाहोगे वो मैं सब कुछ karungi........jo तुम सुन्ना चाहते हो वो मैं bolungi........tum मेरी बेशर्मी देखना चाहते हो na........mujhe आज अपनी सुहागरात बचने के लिए ये सब मंज़ूर hain........main दिखाउंगी तुम्हें अपनी besharmi.........jo कहोगे जैसे कहोगे वो मैं सब कुछ karungi...........tumne आज तक किसी औरत की शर्म और हाय देखि हैं न आज मैं तुम्हें दिखएंगी की जब औरत अपना शर्म पीछे छोड़ देती हैं तो वो किस हुड्ड तक जा सकती हैं.........

ये सुनकर करीम कुश हो जाता हैं........

ठीक है तो कहो .. मई तुम्हारी रंडी हु ......... बोल कहेगे न ..

हाँ कहूँगी … तुमने मुझे जलील करने की ठान hi ली है तो वही सही ..

तो बोल ..

हाँ बोलती हु .. जो तुम चाहते हो वही hoga..........main तुम्हारी r...a...n...d...i. हूँ........

ये कहते हुई प्रिय के दिल की धड़कनें एक बार फिर से ज़ोरों से धड़कने लगती hain........wo बड़े मुश्किल से ये शब्द कह पायी thi........aaj तक अपनी पूरी ज़िन्दगी में उसने कभी भी रंडी शभ नहीं कहा था......... प्रिय के मुँह से रंडी शब्द सुनकर करीम के चेहरे पर मुस्कान आ जाती हैं …

जरा खुल के बोल न

करीम ये प्रिय पटेल .. जो अब राजीव की बीवी बनाने वाली है वो तुम्हारी रांड है

करीम ये सब सुन्न के मुन्न hi मुन्न बहुत खुस हो रहा था........

तो बोलो करीम मेरे चूचिया तुमने बहुत अचे से चूसी ..

करीम तुमने मेरे ये चूचिया बहुत अचे से चूसी

ऐसे नहीं

तो कैसे

एक हाथ से चूचिया दबाते हुई

पागल हो गए हो क्या .. यहाँ मई शॉप मई कड़ी हु.. सब लोग है.. दी भी है ..

तेरे वो रानी दी को शक तो नहीं हुआ न

नहीं .. उसे लग रहा है मई राजीव से बात कर रही हु

इस पर करीम हसने लगता है

एक साइड मई जेक दिवार के तरफ मू करके कर

तुम मुज से क्या क्या करवाओगे .. पता नहीं

ऐसा कह के प्रिय वैसे hi करती है .. उसकी एक चुकी हाट मई लेके दबाते हुई कहती है

सचमुच करीम तुमने मेरे चूचिया बहुत मस्त दबाये थी..

अब प्रिय करीम के रंग मई रंगने लगी थी ..

प्रिय तुम मेरा लुंड पसंद आया न

जब करीम ने उसे आपने लुंड के बारे मई पूछा तो प्रिय को करीम के रूम मई आज दिन मई हुई एक एक बात याद आने लगी ..अभी तक उसके मू से करीम के लुंड से निकले मीठे पानी की खुसबू आ रही थी ..आपने हूंतो पर अभी तक करीम के कठोर हूंतो और तेज दांतो की चुंबन उसे महसूस हो रही थी …

मेरा लुंड तुम कैसा लगा .. अच्छा लगा न

प्रिय ने शरमाते हुई अपनी नज़ारे निचे जुका ली जैसे करीम के सामने कड़ी हो .. और बहुत धीमी आवाज मई बलुई

हाँ .. करीम .. अच्छा लगा मुझे .. तुम्हारा .. कला मोटा सा … लूँड़..

तू तो किसी बाजारू रांड़ी की तरह बोल रही हो प्रिय

प्रिय ने बड़ी बेशर्मी से कहा

तुम hi हो जिम्मेदार … इस सब के .. मुझे बेशरम बना दिया तुम ने .. एक hi दिन मई..

प्रिय के रिस्पांस से करीम आपने लुंड को दबाते हुई उसे मैं मई कहता है .. देख बीटा .. शायद ये शादी से पहले तुज से चुद न जय .. फिर मज़ा आ जायेगा ..

अब बोलो मुझे तुम्हारा मोटा लुंड चूसने मई बहुत मज़ा आ रहा था

मुझे तुम्हारा मोटा सा कला सा गन्दा सा लुंड चूसने मई बहुत मज़ा आ रहा था

रांड तुजे पता है क्या गांड मरवाना किसे कहते है ..

प्रिय के अंदर अब झिझक काफी हुड्ड तक निकल चुकी thi.......Priya बड़े hi बेशरम तरीके से कहते है

पता है

फिर बता न

जब कोई लेडी के साथ कोई मन अनल सेक्स करता है उसे

ऐसे नहीं जरा खुल के मेरे रांड ..

कमीने मुझे तुम पूरी तरीके से बेशरम बनके रहोगे

जब किसी मर्द का lu....nd किसी औरत की ga..nd में जाता हैं और वो उस lun...d से उसकी chu...dai करता हैं उसे गांड मरना कहते हैं........

बहुत मुश्किलों से प्रिय ये शब्द बोल पायी thi......uske जिस्म के रोएं एक बार फिर से पूरे खड़े हो गए the......chehra शर्म से लाल पढ़ गया था........

क्या रांड .. मैंने गांड मरवाना पूछा था .. तूने गांड मरना क्या होता है वो बोलै है..

कमीने वही तो होता है

वही होता है क्या चैनल

वो अब समझ चुकी थी की अब करीम उसे पूरी तरीके से नंगा करना चाहता है .. आपने बातो से.. और वो अगर उसे बहस करेंगे तो करीम उसे और जलील करता जायेगा.......

नहीं .. थोडासा अलग होता है

तो बता न

जब कोई ोारत किसी मर्द का lu..nd अपने गांड में लेकर chu..dai करवाएंगी तो उसे ga...nd मरवाना कहते हैं......

और अगर मई तुम्हारी गांड मरूंगा तो कैसे मरूंगा

तुम मेरी g...and में अपना lu...nd डालोगे और अपने lu..nd से मेरी गांड मरोगे ..

तो अब तू hi बता की तुजे क्या पसंद हैं .....अपनी गांड मरवाना या मैं तेरे गांड खुद मरूंगा वो.......

प्रिय का चेहरा शर्म से बिलकुल लाल tha......wo बिलकुल समझ नहीं पा रही थी की उसे करीम की बाटिओं का क्या जवाब देना चाहिए

बता न रांड

मुझे नहीं पता

बता जल्दी …

उसकी छूट इस वक़्त बहुत ज़्यादा गीली हो चुकी थी....... उसपर हवस हावी हो गयी थी.. प्रिय के अंदर अब किसी बात का कोई विरोध नहीं था या यु कहो की अब विरोध पूरी तरह से ख़तम हो चूका था.....

जो तुम्हें ठीक lage........mujhe दोनों मंज़ूर हैं.....

करीम ये सब सुनकर मुस्कुरा देता हैं...... प्रिय के मुँह से ऐसी अश्लील बाटिओं को सुनकर उसका लुंड भी अब तेज़ी से हरकत में आ गया था.........

अब दोनों थोड़े देर शांत रहते है .. फिर प्रिय कहती है

तुम्हारे दूसरे बात कोनसी है .. जो मुझे मानाने है ..

तभी प्रिय के शोल्डर पाई रानी हाथ रखती है ..

क्या बात चल रही है इतने देर से लव बर्ड मई .. मई भी तो सुन लू.. मेरा भाई कब से इतना रोमांटिक हो गया है ..

कुछ नहीं दी … जस्ट शॉपिंग की बात कर रहे थे..

इतने देर तक शॉपिंग की बात .. इतने देर तक तो मैंने मेरे शॉपिंग ख़तम कर दी..

नहीं दी .. ऐसे hi थोड़ा इधर उधर की बात कर रहे थे..

करीम वो ये सब उधर से सुन रहा था ..

रानी – जरा मोबाइल मुझे दे ने .. मुझे भी राजीव से बात करनी है .. इधर उधर की..

ऐसा कह के हसने लगी..

तभी प्रिय कॉल कट करती है ..

लगता है बिजी हो गए है फिर से.. इस लिए कॉल कट कर लिया ..

रानी स्माइल करती है और कहती है

इतने देर तक आपने बीवी से बात कर रहा था , आपने बहन की बात करने की बात आयी की कॉल कट कर लिया .. शर्मा गया शयद मुझे ..

ऐसा कह के प्रिय को दूसरे शॉप मई ले जाने लगती है .. तभी वह पूजा और काजल आ जाती है ..

फिर सब दूसरे शॉप मई जाते है .. कुछ 10 -15 मिनट शॉपिंग करने के बाद प्रिय बाथरूम का बहाना बनके उनसे दूर चली जाती है .. और बाथरूम मई जेक करीम को कॉल लगा लेते है .. उसे बहुत जल्दी दी करीम की दूसरे बात सुनाने के

hello

अब बता दो ..

करीम थोड़े देर कुछ नहीं बोलता है

क्या सोच रहे हो

बास यही सोच रहा था की आवाज़ इतनी सेक्सी है तोह फिगर कैसी होगी..

पहले प्रिय समाज नहीं पायी करीम ने क्या कहा

मेरे फिगर तो देख चुके हो … तुम किस के बारे मई बात कर रहे हो ..

थोड़े देर सोचकर कहती है

ओह्होऊ… तुम दी के बारे मई बोल रहे हो ..

हाँ रांड मई तुम्हारे ननद रानी के बारे मई बोल रहा हु ..

तुम शर्म नहीं आती

किस बात की

मेरे सामने मेरे hi ननद पाई लाइन मरने का तरय कर रहे हो

मई लाइन कहा मार रहा हु मई तो उसके आवाज की टैरिफ कर रहा हु

तुम कैसे आदमी हो ..एक तोह इतने हॉट से लड़की खुद सामने से फ़ोन कर रही

है.. आपने शादी की शॉपिंग चोर कर ... तुम उससे बात करने के बजे उसके ननद के आवाज की टैरिफ के फ्यूल बांड रहे हो

ऐसे बात नहीं है

हहहहह.... ी क्नोव यू वैरी वेल..

तभी तोह तुमने फ़ोन किया.. मुझे

तुम एक नंबर के कमीने हो

वो तोह में हूँ hi.. वैसे और भी खासियत है मुझ में ..

करीम ने डबल मीनिंग भाषा का इस्तेमाल किया

जिसमे वो माहिर था

" हम्म हम्म जानती हूँ.. अछि तरह जानती हूँ , सब जानती हूँ तुम्हारे बार्रे में बच्चू.. "

साली बड़ी चालू चीज़ है तू .. एक hi दिन में मुझे इतना अच्छी तरह से जान गयी…

पर साला ये हुआ कैसे

प्रिय हँसाने लगती है …

ह्ह्ह्हआआ… ी ऍम स्मार्ट

वैसे आज तक में खुद को नहीं जान पाया तोह तू कैसे जान गयी

एक दिन मई नहीं .. तुम मई पहले से जानती हु .. अचे से …

प्रिय ने थोड़ी नशीली आवाज़ में कहा.

अब जब सब पता चल hi गया है तोह मुझे ज्यादा म्हणत नहीं करनी पड़ेगी...

करीम ने थोड़ा मज़ाकिया अंदाज़

में कहा.

हम्म.. हम्म... म्हणत तोह करनी hi पड़ती है , बिना म्हणत के ये काम पूरा कहाँ होता है करीम चाचा ..

प्रिय ने भी मज़ाकिये अंदाज मई जवाब दिया

मई तो मेहनत करने के लिए कब से रेडी हु .. डार्लिंग

हम्म्म चिंता मत करो.. इतनी म्हणत करनी पड़ेगी की परेशां हो जाओगे मुझसे..

ऐसी बातें न करो.. दर्द होता है ..

मर्द को कभी दर्द नहीं होता चाचा ...

प्रिय ने ये बात बेहद आराम से कही मनो करीम के सामने बिना कपड़ों के कड़ी हो और उसके चेहरे पे अपनी गरम सांसें छोड़ते हुए बोल रही हो .

चाचा जी बोलै न करो .. प्रिय जी

करीम की बात सुनकर प्रिय जोर जोर से हसने लगी

फिर भी मर्द को दर्द नहीं होता है न

हाँ जी बात तोह आपकी ठीक है. लेकिन असली मर्द वही है जिसको दर्द होता है क्यों की उससे पता चलता है की

वो बेचारा काम कर रहा है..

प्रिय फिर से हसने लगी ..

एक बार दर्शन करा दे न

किस के

तेरे ननद रानी के

ऐसे बोल रहे हो जैसे किसी बहगवां के दर्शन करना चाहते हो

मेरे लिए तो अब वो देवी hi है

इसपर प्रिय हसने लगी

है ले पर दर्शन कर दे

बाद मई फोटो भेज देती हु उनका … पहले मैंने जिस काम के लिए कॉल किया था उस काम के बारे मई पूछ लू

पूछ न रांड

तुम्हारी दूसरी कोण सी बात है जो मुझे माननी पड़ेगे

बहुत जल्दी है तुजे बात जानने मई..

बताओ न चाचा

पहले दर्शन करा दे

ठीक है फोटो भेज देती हु

ऐसा कह के करीम से बात करते हुई रानी का फोटो करीम को भेज देते है

फोटो से उतना मज़ा नहीं आएगा

तो क्या दीदी को तुम्हारे घर पािल ेके आ जाऊ

आ गयी तो बड़ी मेहरबानी होगी

पागल कही के .. फोटो भेज दिया है .. देख लेना

करीम फोटो देख लेता है … माशा अल्लाह…

क्या हुआ कैसे लगी मेरे ननद रानी
 
जैसी hi करीम ने फोटो मई रानी को देखा वो एक दम दांग रह गया …

साला यकीं नहीं हो रहा है मुझे .. तुम्हारी ननद इतनी खूबसूरत है …

क्या सचमुच दी इतनी खूबसूरत है

क्या किस्मत वाला है तेरे पति का जिआजि.. एकदम फटका आइटम मिला है उसे …

चुप करो कुछ भी मत बोलो ..

शॉर्ट्स में कड़ी 5 फ़ीट 5 इंच की लड़की … मतलब औरत .. लम्बी लम्बी गोरी टांगें , उप्पर पहना हुआ शार्ट , रेड कलर का प्रिंटेड टॉप जिसमे उसकी फिगर कातिलने लग रही है

ूहु माय गॉड .. तुम वो फोटो चला गया क्या

पर उससे कहीं ज्यादा सेक्सी है उसका फेस..

उसका स्टाइल ... चेहरा इतना खुबडुरत , सेक्सी हॉट एक दम...

सच में तेरे ननद एकदम कम्पलीट पैकेज है .. हॉट माल बनाना के लिए ..

बहुत हो गया .. अब टैरिफ करना मेरे ननद की .. पहले वो दूसरे वाली बात बता दो

बताता हु पहले लाइव दर्शन करा आपने ननद के

मई उन तुम्हारे घर नहीं ले आ सकती

वीडियो कॉल लगा

सब है वह

चुप के दिखा दे न

ठीक है तरय करती हु .. अब बता दूसरी बात ..

बहुत हो गया .. अब टैरिफ करना मेरे ननद की .. पहले वो दूसरे वाली बात बता दो

बताता हु पहले लाइव दर्शन करा आपने ननद के

मई उन तुम्हारे घर नहीं ले आ सकती

वीडियो कॉल लगा

सब है वह

चुप के दिखा दे न

ठीक है तरय करती हु .. अब बता दूसरी बात ..

तुम खुद पूजा को मेरे घर भेजना है अभी

प्रिय बेबस भरी आवाज़ से करीम को कहती हैं.....

करीम प्लीज मुझसे ये नहीं hoga.....please मैं तुम्हारे आगे हाथ जोड़ती हूँ .........तरय तो अंडरस्टैंड.......

मेरी जान .. मई तुम यहाँ आके छुड़वाने को नहीं कह रहा हु .. सिर्फ पूजा को भेजना है मेरे पास .. और वैसे भी तुम्हारे और मेरे बीच शर्म की कोई दीवार न रहे तो ाचा हैं....... तो hi हम लोग हमारे सुहागरात मई खुल कर एन्जॉय करसकते है ...... फिर देखना बहुत मज़ा आएगा तुम्हें....

करीम की आपने सुहागरात की बात से प्रिय का चेहरा शर्म से फिर से लाल पद जाता हैं....... लेकिन अपनी सुहागरात कहने से उसे गुस्सा आया था ..क्यों की सुहागरात तो उसे आपने पति यानि राजीव के साथ माननी थी .. पर फिर भी प्रिय ने करीम पाई गुस्सा नहीं किया .. क्यों की छूट की आग ऐसी होती है जो ाचे ाचे को बेशरम बना देती hain......shayad अब एहि हालत प्रिय की भी इस वक़्त थी.....

फिर थोड़ा देर सोचने के बाद प्रिय कहती है





मई क्या बोलूंगी पूजा को

और प्रिय इतना कहकर बिलकुल शांत हो जाती हैं .. इतने देर तक वो बाथरूम मई जो इधर उधर घूमते हुई करीम से बात कर रही थी .. अब उसके बढ़ते कदम थम जाते हैं.....

यही बोलना है की मैंने उसे मेरे घर बुलाया है

तो वो जान जाएगी की मई कब से वो बात कर रही थी वो राजीव से नहीं तुमसे बात कर रही हु

जान ले देना

मतलब

उसको तो तेरे बारे मई सब कुछ पता है hi न

तभी अचानक से उसके दिमाग मैं एक सवाल umda..kya जो वो कर रही है, वो ठीक है….. पुजा से चुपके ये सब करना .. नहीं नहीं ये बिलकुल ठीक नहीं है..

पूजा को ये सब पता नहीं है ..

तो बता दे न ..

नहीं बता सकती ..

वो तू देख ले मुझे पता नहीं ..मुझे आज मेरे घर मई पूजा चाहिए ..

करीम तुम ऐसे जबरदस्ती मेरे साथ नहीं कर सकते

मेरे जान .. तू तो जानती hi है न करीम कुछ भी कर सकता है .. नहीं तो तू अंजाम जानती है hi ..

ठीक है मई कुछ सोचती हु ..

अब तू बाथरूम मई है न

हाँ

चल तेरे मम्मी दिखा .. बहुत मैं हो रहा है..

कमीने मुझे बहुत लेत हो रहा है..

चल नाटक मत कर और वीडियो कॉल ों कर ..

कमीने मई क्या तुम्हारी प्राइवेट प्रॉपर्टी हु .. जो तू मुझे आर्डर पाई आर्डर दे रहा है ..

चल नखरा मत खर .. बाद मई मुझे तेरे सहेली को भी छोड़ना है ..

मई भेजूंगी तो वो आएगी न ..

तू क्या तेरा बाप भी भेजेगा.. उस चैनल को मेरे पास..

प्रिय स्माइल करती है और कॉल कट कर के वीडियो कॉल लगाने लगती है





अब तेरा ये ब्लाउज निचे कर और मम्मी बहार निकल कर तेरे मम्मी के साथ खेल

प्रिय गुस्से से करीम की तरफ देखने लगती है पर वो कुछ और नहीं कर पति है सिवाय करीम को गुस्सा दिखने के अलावा ..

प्रिय ने अपने कंधे पे से पल्लू की पिन निकली और अपने साड़ी के पल्लू को हटाया... जिससे उसके ब्लाउज मई कैद दोनों बूब्स दिखने लगे.. स्लीवलेस ब्लाउज, और फ्रंट से दीखता थोड़ा सा क्लीवेज जिसपर झूलता हुवी सोने की चैन जो राजीव ने उसे आपने इंगेजमेंट मई गिफ्ट दी थी .. जो उसके बूब्स के ऊपर झूल रहा thi...priya ने अपनी साड़ी के पल्लो को अपने बदन से अलग कर दिया .... और जैसे hi उसने आपने गार्डन उप्पर उठायी तो उसने खुद को सामने वाले बड़े से आईने मई देखा... सिर्फ ब्लाउज मई खुद को देख कर प्रिय थोड़ी शर्मा गई... और फिर देखने लगी के वो कितनी ख़ूबसूरत है...

पता नहीं प्रिय को क्या सुझा उसने बड़े से आईने के शामे एक दो मॉडल जैसे पोज़ बनाये.. सामने मोबाइल रख कर .. करीम मोबाइल मई से सब देख रहा था ..एक अजीब सा मजा था, आपने आशिक़ के सामने ऐसा कुछ करना जो कभी न किया हो.... इस वजह से ये सब करने का मजा प्रिय के लिए कुछ और hi बढ़ गया तह ... थोड़े पोज़ बनाने के बाद प्रिय थोड़ी शर्मा जाती है...





ये उसकी वही सोच थी जो उसने बचपन से जी थी.. जो उसे ये सब करने से शर्मा ने पर मजबूर कर रही थी...

पर आज पिछले दो घंटो मई जो भी हुवा था... करीम के साथ ऐसे ाशील बाटे करना , और आज जान बुझ कर करीम के हाथो अपने बूब्स dabvana..priya को अपनी शर्म का पर्दा हटाने के लिए उकसा रहे थे... उससे कह रहे थे..(किन? तू तो रंडी है न?? करीम की रंडी? फिर शर्म कैसी? निकल ब्लाउज साली रंडी) ये सब सोच के एक अजीबसा नशा च रहा था... प्रिय को अपनी छूट मई एक गुदगुदी सा एहसास होता है...

और फिर जैसे जैसे करीम बोलता है वैसे वैसे प्रिय करते जाती है.. आपने ब्लाउज निकल कर मम्मी के साथ वो खेलने लगती है ..

सामने का नज़ारा देखकर करीम के सांस मनो जैसे रुक गए ho….uski ये नयी रांड उसके सामने ब्लाउज निचे करके कड़ी thee…..gore रंग के चुच्यों पर पिंक कलर के निप्पल एक दम कयामत ध रहे thee…..jiss तरहं करीम प्रिय के चूचियों की तरफ देख रहा tha……ye देख के प्रिय मान ही मान खुस हो रही थी……

ये सब देख कर करीम का लुंड एक दम फूल गया…… उसने आपने लुंड पंत मई से बहार निकल के उसे हिलना शुरू कर दिया..

थोड़े देर के बाद जैसे hi प्रिय ने आपने ब्लाउज ठीक किया तो करीम बोल पड़ा ..

वीडियो कॉल ऐसे hi चालू रख के रानी के पास ले चल.. मुझे उसे लाइव देखना है …

प्रिय बहोत अच्छे से जानती थी की वो कितनी ख़ूबसूरत hai..Acche अच्छे लड़के मुद मुद कर के उसे एक बार जरूर देखते है... हर कोई लड़का उसकी तारीफ करने मई पीछे नहीं था उसकी कॉलेज का .. प्रिय सोचती है .. ये बुद्धा मेरे सामने मेरे साथ इतना सब करने के बाद और अब मेरे बूब्स देखने के बाद भी दी को देखने की जिद्द कर रहा है .. शयद ये कमीना मुझे जलना चाहता है ..

प्रिय इसी दिमागी उदंडभण्ड मई थी .. पता नहीं वो करीम को दीकहान चाहती थी या खुद को परखना चाहती थी, साबित करना छह रही थी के वो ख़ूबसूरत है.. किसी से भी .. आपने ननद से भी .. बहोत ख़ूबसूरत है!!

यही सोचते हुई प्रिय बहार चली जाती है .. बहार वो तीनो लॉन पाई खड़े थे .. प्रिय आपने मोबाइल थोड़ा उप्पर उठा लेती है .. पहले पूजा ..फिर काजल ..और बाद मई रानी पर..





रानी जैसे hi मोबाइल के सामने आती है वैसे hi वो घूम जाती है ..

अब ऊपर से लघबघ नानाजी रानी उसकी तरफ पीठ करके कड़ी थी….. रानी ने पतला सा ब्लाउज पहन लिया था …..उसकी कमर जो सनाप के तरहं बल खा रही thee…uss पर से करीम छह कर भी अपनी नज़र हटा नहीं पा रहा था… उसकी नज़र रानी के सॉफ्ट गांड पर hi थी .. ये सब देख के करीम का लुंड फिर से उसके चढ़ी के अंदर कुलांचे भरें लगा ..

और फिर तभी रानी प्रिय के तरफ मुड़ी…… और निचे जुख के कुछ चीज़ उतने लगी ..

मस्त नाजुक लम्बी सुराहीदार गर्दन.. निचे क्रीम कलर के ब्लाउज मई ढके दो मामे.. और बूब्स का साइड से देखा हुवा व्यू.. जिसमे रानी के बूब्स का पूरा साइज और गोलाई को दिखा रही थी... रानी के बूब्स को देख के करीम का का लुंड धीरे धीरे और ज्यादा अकड़ने लगा था...

रानी जब कड़ी हुई तो एक अड्डा के साथ आपने सर के पीछे हाथ रख के कड़ी हुई ..

उसके इस अड्डा से उसकी नैवेल करीम के सामने आ गयी .. उसके नवल ने तो करीम को पागल सा बना दिया .. ये साब देख के वो बहोत एक्ससिटेड फील कर रहा था...

ये सब देखते हुई करीम करीम पंत के ऊपर से अपना लुंड मसल ने लगा

प्रिय थोड़ा पीछे आयी और करीम को बोली

कैसे लगे मेरे ननद

क्या माल है

प्रिय शांत hi रही .. वो जानती थी की करीम ऐसा hi कुछ बोलेगा .. पर उसे लग रहा रहा था करीम उसको जलने के लिए बोल रहा है

तू डील चाहती है न .. तेरे शादी से पहले तुजे मई छोड़ू नहीं

हाँ

प्रिय को कुछ पता नहीं चल रहा था की करीम क्या बोल रहा है

तो तू है न एक कम् कर .. इसको एक बार मेरे निचे सुला दे मई तेरे शादी से पहले तुजे कुछ नहीं करूँगा

करीम के ऐसे कहने से प्रिय पगला जाती है .. उसको देख के कहती है ..





पागल हो गया है क्या करीम तुम

देख न नहीं तो तू मुझे जानती है मई कुछ भी कर सकता हु

पागल मत बन .. मई ऐसा कुछ नहीं कर सकती

तो ठीक है मई करता हु

नहीं तू भी कुछ नहीं करेगा

देख सोच ले

मई लेकिन कैसे करू ये सब

वो तू सोच ले

उसको बनक भी लगी तो मेरे शादी टूट जायेगे

वो तेरा प्रॉब्लम है

प्रॉब्लम मई तू दाल रहा है मुझे

तो रहने दे मई करता हु सबकुछ

रुक न मुझे सोचने दे

ऐसा कह के करीम को कहती है मई बाद मई बात करती हु

पूजा को अभी भेज दे

प्रिय हाँ कह के फ़ोन कट कर देती है

प्रिय का इस वक़्त बुरा हाल था........ उसका दिल जोरो से धड़क रहा था .......... ऐसा पहली बार था जब उसने इस तरह से किसी के साथ ओपनली बात की थी और इस वजह से वो ऐसी प्रॉब्लम मई ातक गयी थी .. वैसे मज़ा तो उसे काफी आया था ..

अब प्रिय अपना सर घुमाकर पूजा के चेहरे की ओरे बड़े गौर से देखने लगती हैं.......





इस समय प्रिय का दिल बहुत ज़ोरों से धड़क रहा था....... इधर पूजा प्रिय को देखकर धीरे धीरे मुस्कुरा रही थी........ प्रिय का दुर्र से गाला सुख रहा था.. उसे कुछ समझ मई नहीं आ रहा था की वो अपने सबसे अचे फ्रेंड को कैसे बताये की उसके यार ने उसे आपने घर बुलाया है ..

वो सोच रही थी कहा से सुरु किया जय .. ....... कभी उसकी नज़र अपने सामने खड़े पूजा पर जा रही थी तो कभी रानी पर ......पूजा अब बार बार अपने बेस्ट फ्रेंड प्रिय को देख रही थी ...... इधर प्रिय ने कभी भी अपने यार करीम से ऐसा एक्सपेक्ट बिलकुल नहीं किया था...... करीम के डिमांड पे सोचा तो एक बार फिर से उसके पूरे बदन में चीटियां सी रेंग जाती हैं.......

पूजा - प्रिय तू कुछ टेंशन मई है क्या ........मैं कब से देख रही हूँ की तू कब से मुझे और दी को देखे जा रही है ..

ये सुनकर प्रिय का चेहरा शर्म से लाल पढ़ गया tha......wo कैसे उसे बताती की इस वक़्त मई यही सोच रही हु की मई कैसे तुजे तेरे यार के पास भेज दू ..

haan.......w....o......maiin.........theek....hoon.....bus ....aiise.....hi....

पूजा – तो प्रिय तेरे तबियत तो ठीक हैं ना.......

रानी बड़े गौर से प्रिय को एक तुक देखने लगती हैं...... प्रिय के चेहरे पर पसीने की बूँदें थी

रानी – हाँ .. पूजा ..तू सच कह रही है .. देख न प्रिय को कितनी गर्मी हो रही हैं.......

नहीं नहीं .. ऐसा कुछ नहीं है ..

ऐसा कह के वो एक नज़र पूजा के चेहरे पर डालती हैं......





पूजा उसे hi देखकर हौले हौले मुस्कुरा रही थी.......





प्रिय की आँखों में फर्याद साफ़ दिखाई दे रहे the........wo नहीं चाहती थी की पूजा के अलावा किसी और को इस बात का पता चले ......

पूजा - क्या हुआ प्रिय ....... तुम तो पसीने से पूरी तरह से भीग गयी हो.......

फिर पूजा अपनी हैंकि प्रिय को देती है …..... प्रिय न चाहते हुए भी पूजा के हैंकि लेके पूरा चेहरा साफ़ कर देती है .. ....... रानी की भी नज़र प्रिय पर hi थी....... प्रिय की इस वक़्त हालत ख़राब thi........wo चाह कर भी पूजा को कुछ बता नहीं पा रही थी........

फिर उसके चहरे पर हलकी सी हसी आ जाती है .. अब उसकी आँखों में भी हवस साफ़ झलक रही थी........ पता नहीं करीम अब पूजा के साथ क्या क्या करेगा एहि सोचकर प्रिय के चेहरा शर्म से पूरा लाल पढता जा रहा था............... अब प्रिय का ध्यान बिलकुल उन्दोनो के तरफ नहीं था........ वो करीम के बारे मई hi सोच रही थी ........ ये भी सच था की करीम का इस तरह से उसके साथ बात करना उसे ाचा लग रहा था........

इस वक़्त उसकी सांसें बहुत ज़ोरों से चल रही थी जिससे उसके दोनों बूब्स ऊपर नीचे हो रहे थे......

अब प्रिय अपनी आँखें फाड़े कभी पूजा के चेहरे को देखती तो कभी ऊपर नीचे हो रहे उसके बूब्स को घूरती....... वो अब चाहा रही थी की आपने यार करीम के मैं की बात पूजा को बता दे और उसे राजी कर के उसे करीम के घर भेज दे ….......मगर बगल में रानी कड़ी थी इस लिए वो अपनी नज़रें उससे बचा रही थी........ यही सोच कर अब प्रिय की छूट अब गीली हो चुकी thi........wo खुद हैरान थी की उसे क्या हो गया हैं...........

करीब एक घंटे बाद जब रानी और काजल दोनों इन् दोनों के पास से दूर चली जाती है तब प्रिय पूजा के खंडो पर हाथ रखते है …........ पूजा उसे देखकर धीरे से मुस्कुरा देती हैं........

पूजा - ohhh.....my लवली डार्लिंग priya......ek बात पूछूं तुमसे ......... तुजे क्या हो गया है .......

वो बस ऐसे hi.....

पूजा बड़े गौर से प्रिय की आँखों में देखने लगती हैं........

तू झूठ बोल रही हैं ........ज़रूर कुछ बात है …

प्रिय कुछ देर तक खामोश रहती हैं फिर बोलती हैं

हाँ ........ बात है …

तो क्या बात है ..बता न मेरे डार्लिंग …

ाचा एक बात बता ...... करीम कैसा बाँदा हैं............

प्रिय के मुँह से ऐसा सवाल सुनकर पूजा हैरान हो कर उसे एक तुक देखने लगती हैं......

कैसा बाँदा हैं का क्या मतलब प्रिय ......... उसको मुझसे पहले तू जानती है …

लेकिन अब उसे तू मुझसे ज्यादा अचे से जानती है …

प्रिय की बाटिओं को सुनकर पूजा ज़ोरों से हंस पड़ती हैं

अरे नहीं प्रिय .. ऐसे कोई बात नहीं है.. लेकिन अचानक उसके बारे मई क्यों पूछने लगी..

करीम का कॉल आया था ..

पूजा को प्रिय की बाटिओं पर बिलकुल यकीन नहीं हो रहा tha........wo अपनी आँखें फाड़े प्रिय को देखे जा रही थी........

ये तुम क्या कह रही हो ........ उसने तुम क्यों कॉल किया …और कबसे जो तुम मोबाइल पाई बात कर रही हो .. क्या वो अक्रम था ….

नहीं नहीं .. उसका अभी अभी उसका कॉल आया था …

मगर क्यों.......

प्रिय कुछ नहीं बोलती .. सिर्फ सोचने लगती है ..

क्या सोचने लग गयी .........

पूजा को प्रिय की बाटिओं पर बिलकुल यकीन नहीं हो रहा tha........wo अपनी आँखें फाड़े प्रिय को देखे जा रही थी........

ये तुम क्या कह रही हो ........ उसने तुम क्यों कॉल किया …और कबसे जो तुम मोबाइल पाई बात कर रही हो .. क्या वो अक्रम था ….

नहीं नहीं .. उसका अभी अभी उसका कॉल आया था …

मगर क्यों.......

प्रिय कुछ नहीं बोलती .. सिर्फ सोचने लगती है ..

क्या सोचने लग गयी .........

पूजा प्रिय के तरफ देख रही थी .....इधर प्रिय उसे देखकर धीरे से मुस्कुरा देती है.....

करीम के बात पर

क्या कहा अब उसने

प्रिय कुछ नहीं बोलती मगर वो पूजा को देखे जा रही थी …

बता न क्या कहा उसने

प्रिय एक नज़र पूजा के चेहरे पर डालती हैं…

थोड़ी डियर बाद प्रिय अपनी चुप्पी तोड़ती हैं....... एक नज़र पूजा के चेहरे को देखते हुई …

तुम बुलाया है उसने .. आपने घर… पर ..

मगर क्यों ..

ऐसा कहते हुई पूजा आपने नज़ारे निचे जुका लेते है … शर्मा कर.. और स्माइल करती है ..

प्रिय पूजा की बाटिओं को सुनकर धीरे से मुस्कुरा देती हैं

मुझे क्या पता .. तुम दोनों को क्या चल रहा है..

नहीं .. नहीं . .. प्रिय .मेरा और उसका कुछ भी नहीं चल रहा है …

प्रिय घूर कर पूजा को देखती हैं

पूजा तुम मुझसे झूट बोल रहे हो.....

पूजा एक मिनट के लिए कुछ नहीं कहती और चुप चाप अपनी गार्डन नीचे झुका कर उसके सामने कड़ी रहते है ..........

क्या चल रहा हैं पूजा ....... तुम दोनों के बीच … क्यों तुम मुझे नहीं बता रही हो ….

नहीं प्रिय .. मई क्यों तुमसे झूठ बोलने लगी.. तुमसे क्यों छुपाने लगी..

अगर मुझसे झूठ नहीं बोल रही हो तो नीचे गार्डन कर के क्यों बात कर रही हो ..

वोऊ… वोऊ… ऐसे होई…

पूजा की बात सुनकर प्रिय मुस्कुरा देती है ..

तुम दोनों का कुछ नहीं चल रहा है तो उसने क्यों बुलाया है .. तुम..

वो तुम्हारे शाद्दी को लेके..

मेरे शादी को लेके ..

प्रिय पूजा को देखते हुई पूछती है ..

वो तुम्हारे शादी मई का छोटा मोटा कपडे शिलायी का कोण्टार्कट चाहता है वो ..

उसके लिए वो तुम क्यों कॉल कर रहा है ..

क्यों की तुम उसे बात नहीं करती न इस वजह से

तो वो भाभी को भी तो बता सकता है न ..

क्या पता काजल भाभी और वो फिर से बात कर रहे है या नहीं..

कर रहे होंगे..

तुम कैसे पता

मैंने देखा था

क्या

भाभी से उसे बात करते वक़्त ..

क्या तुम हमेशा उसका पीछा करती रहती हो क्या प्रिय

नहीं.. मई क्यों उसका पीछा करने लगी..

मुझे क्या पता प्रिय …

पूजा .. क्या तुम अब उसके घर जाओगे क्या..

नहीं .. नहीं.. मई क्यों जाउंगी.. और वैसे भी उसने मुझे थोड़ा hi कॉल किया था..

तो ठीक है.. मई उसको कॉल करके बता दंगे की पूजा तुम्हारे घर नहीं आ रही है ..

ारे रूक.. तुम इतने क्या जल्दी है..

प्रिय गुस्से से पूजा को देखते है

मुझे अब पूरा यकीं हो गया है की तुम दोनों के बीच कुछ न कुछ है

पूजा कुछ नहीं बोलती है

मैं तुम्हसे कुछ पूछ रही हूँ पूजा ......... बोलो तुम दोनों के बीच क्या चल रहा है .. ........अगर तुमने कोई जवाब नहीं दिया तो मैं अभी भैय्या को फ़ोन करती हूँ और उनको तुम दोनों की साडी करतूत बताती हूँ........

पूजा तुरंत प्रिय का हाथ पकड़ लेती है …

मुझे माफ़ कर दो प्रिय ........ प्लीज तुम ये बात किसी से मुट्ठ कहना ......... भैय्या से तो कभी मत कहना .. नहीं तो वो मुझे मार hi डालेंगे ..

प्रिय एक नज़र पूजा को देखती हैं ..

कब से चल रहा हैं ये सब........

2 महीने से ....मगर सच कहती हूँ प्रिय मैंने आज तक कभी कुछ नहीं किया .......... उसके साथ..

प्रिय के चेहरे पर मुस्कान तैर जाती हैं

क्या नहीं किया पूजा .......ज़रा मुझे खुल कर बताओ.......

अब प्रिय पूजा के मजे लेना चाहती थी .. और इधर पूजा का चेहरा शर्म से लाल पढ़ चूका था............

वोऊ… ी मैं sexxxxxxxxxxxx….

मुझे क्या पागल समाज रखा है क्या तुमने पूजा.. इतने दिन तक तुम्हारा उसके साथ चल रहा है और उसने तुम्हारे साथ कुछ नहीं किया है.. मई कैसे ट्रस्ट करू.

पूजा प्रिय के इस तरह पूछे गए सवालों को सुनकर हड़बड़ा जाती हैं

नहीं प्रिय .......सच mein....main उसके साथ कभी कुछ ऐसा वैसा नहीं किया है .......

ाचा........ जी … कुछ भी नहीं ..

हाँ कुछ भी नहीं ..

किश भी नहीं ..

प्रिय शर्माकर निचे गर्दन कर के कड़ी रहती है ....

पूजा ... क्या किश भी नहीं किया क्या तुम इन् दो महीनो मई ..

पूजा हाँ मई गर्दन हिलती है..

अभी तो कह रही थी कुछ भी नहीं किया है ..

मेरा कहने का मतलब..

तभी प्रिय झट से कहते है ..

अच्छा अच्छा .. समाज गयी ... ठीक हैं....... ठीक है.. इतना तो चलता है ... ये तो आने वाला वक़्त hi बताएगा की तुम मुझसे कितना सच कह रहे ho......aab यहीं खड़े रहोगे क्या....... उसको कॉल करके बताना पड़ेगा न .. नहीं तो अगर वो यहाँ आ गया और फिर उसने तुम्हारे साथ कुछ ऐसा वैसा किया तो तुम सोच लेना की तुम्हें क्या जवाब देना पड़ेगा .. दोनों भाभी को ......

फिर ठीक hain.......ye तो आने वाला वक़्त hi बताएगा की तुम मुझसे कितना सच कह रहे ho......aab यहीं खड़े रहोगे क्या....... उसको कॉल करके बताना पड़ेगा न .. नहीं तो अगर वो यहाँ आ गया और फिर उसने तुम्हारे साथ कुछ ऐसा वैसा किया तो तुम सोच लेना की तुम्हें क्या जवाब देना पड़ेगा .. दोनों भाभी को ......

करीम के यहाँ आने का सुनते hi पूजा को पसीना आने लगता है .. ....... वो सोचने लगती है पता नहीं यहाँ आने के बाद करीम मेरे साथ कैसे बर्ताव करेगा ..........आज तो मैंने प्रिय से झूट बोलै था मगर करीम यहाँ आ जायेगा तो उसके बर्ताव से प्रिय को जल्द hi ये बात पता चल जायेंगे की उसका और मेरा रिलेशन कहा तक चला गया है ..

ये सब सोचते हुई पूजा फिर से एक बार बेचैन हो उठी thi........wo बिलकुल नहीं समझ पा रही थी की वो करीम के पास जाये या न जाये .. अगर उसने जाने का डिसिशन लिया तो वो जानती नहीं थी की जो वो कर रही हैं क्या वो सही hain.......ek तरफ तो उसका दिल इस बात की गवाही नहीं दे रहा था वहीँ उसका जिस्म उसका साथ चोरता जा रहा tha......kafi डियर तक सोचने के बाद भी पूजा कुछ तय नहीं कर पति और आने वाले समय पर सब कुछ छोड़ देती हैं.......

इस वक़्त दोपहर के करीब 2 बज रहे थे...... करीम अपने घर में अकेला चुप चाप बैठा हुआ tha.......uska दिल कहीं भी नहीं लग रहा tha......baar बार उसका धयान कभी पूजा की ओरे तो कभी प्रिय की तरफ जा रहा था ….......मगर इस वक़्त दोनों मई से कोई भी उसके पास नहीं थी…

अब करीम अपने कमरे में बीएड पर पड़ा हुआ था ....... मौसम काफी अच्छा था ........ सो इस वजह से करीम दारू पिने लगता है .. नशे की हालत में वो अपने सरे कपडे उतर का पूरा नंगा होकर अपने लुंड को धीरे धीरे मसल रहा tha......saath में शराब और सिग्रत्ते की काश भी ले रहा tha......uski आंखें सुर्ख लाल हो चुकी thi.....us वक़्त उसे जिस चीज़ की सबसे ज़्यादा ज़रुरत थी वो थी औरत की छूट .......

इधर पूजा चुप चाप कड़ी थी उस मॉल मई ....... अब भी उसके चहरे पर परेशानी साफ़ झलक रहें the........wo अब करीम का सामना नहीं करना चाहती थी .......

प्रिय फिर अपनी बेस्ट फ्रेंड पूजा के पीछे कड़ी होकर उसके गले में हाथ दाल देती हैं

एक बात पूछों पूजा ........ क्या तुम दोनों डेली बात करते हो क्या ..

पूजा गार्डन घुमाकर एक नज़र प्रिय पर डालती हैं

नहीं प्रिय .....

प्रिय एक नज़र पूजा को देखती हैं फिर धीरे से मुस्कुराकर पूछते है ..

तो कितने दिनों मई

पूजा भी बिना एक पल के डियर किये जवाब देती है ..

बस यु hi........ कभी कबर …

फिर भी कितने दिनों मई तुम्हारे बात होती है करीम से

बताया तो न प्रिय ...... कभी कभी … बात होती है ..

फिर भी कितने दिनों के बाद ..

बार बार तुम ये सवाल मुझसे दुबारा क्यों पूछ रही हो....... जब भी उसे मेरे याद आती है तब वो कॉल करता है मुझे…

तुम नहीं कॉल करती क्या उसे

पूजा नहीं मई गार्डन हिलती है..

वैसे जब उसको तुम्हारी याद आती है तब वो तुम कॉल hi करता है या तुम मिलाने भी आता है

कभी कभी मिलाने भी आता है … पर तुम पूछने से पहले hi बता देते हु .. कॉल hi ज्यादा होता है मिलाना काम hi होता है..

इस पर प्रिय है पड़ती है

अभी तो कह रही थी की कभी कबर बात होती है और अब कह रही हो कॉल ज्यादा होता है

पूजा अब प्रिय से गुस्सा हो जाती है ..

ोूईई.. मेरे maa..mere कहने का मतलब है की मिलाने से ज्यादा बात होती है..

प्रिय स्माइल करती है ..

बात क्या करता है वो तुमसे ..

ऐसा कुछ खास नहीं …

ाचा वो तुम्हारे बारे में क्या सोचता हैं.......

वो क्या सोचता है मुझे क्या पता प्रिय ..

मतलब .. ी मैं तो से क्या वो तुमको लिखे करता हैं....... तुम पसंद करता है क्या वो..

करता होगा

होगा का क्या मतलब है पूजा

मई कैसे बता सकते हु

क्या कभी उसने तुमपर अपनी तिरछी निगाहें डाली.....

प्रिय की ऐसी बाटिओं को सुनकर पूजा बड़े गौर से प्रिय को एक तुक देखने लगती हैं.....

मतलब … हवस की नज़र से क्या उसने तुम देखा क्या कभी…

एक काम कर प्रिय .. तेरा मोबाइल दे मुझे .. मई कॉल लगा देती हु .. तू उसे पूछ लेना ..

गुस्सा दिखते हुई पूजा कहती है ..

गुस्सा मत हो पूजा .. मुझे समाज मई नहीं आ रहा है की अगर वो तुम पसंद करता है .. तुम्हारे पीछे वो पड़ा है .. तो वो मुझे क्यों परेशां कर रहा है..

क्या वो तुम परेशां कर रहा है..

पूजा.. ी मैं .. वो मेरे पीछे क्यों पड़ा है..

इसपर पूजा कुछ नहीं कहती ..

प्रिय न चाहते हुए भी मुस्कुरा पड़ती हैं......

एक बात कहूं पूजा .......

हाँ

उसे मैं ज़्यादा ाचे लगती हूँ या फिर तुम .......

पूजा प्रिय के इस बात को सुनकर एक नज़र प्रिय के चेहरे की ओरे देखने लगती हैं.......

ये कैसा सवाल हैं प्रिय.....

क्या गलत सवाल है पूजा.. उसने एक तो तुम्हारे पीछे पड़ना चाहिए या मेरे .. हम दोनों के पीछे एक साथ पड़ना नहीं चाहिए..

शयद उसे हम दोनों पसंद हैं.........

क्या मतलब है तुम्हारा पूजा

कुछ नहीं

ऐसा तो नहीं है न पूजा की अब उसका तुमसे दिल भर गया है और अब उसको तुम मई कोई इंटरेस्ट नहीं बचा इसलिए वो अब मेरे पीछे पड़ा है ..

पूजा एक नज़र प्रिय को घूर कर डेक्टि hain.....is वक़्त उसने जान बूझ कर अपने चेहरे पर गुस्से के भाव बनाये थे.....

या उसकी कोई इच्छा हो और तुमने उसे पूरी नहीं की हो …

पूजा को प्रिय के ऐसे बातो से बहुत गुस्सा आ रहा था.. पर वो कुछ नहीं बोल रही थी वो सिर्फ प्रिय को देखे जा रही थी ..वो चाह कर भी एक शब्द भी नहीं बोल पाती......

एक बात बता पूजा मिलाने के बाद क्या कुछ गन्दी हरकत करता है क्या तुमसे वो

प्रिय के इस बात को सुनकर पूजा बड़े गौर से अपनी प्यारे सहेले को एक तुक देखने लगती हैं.....

प्रिय तुम ऐसे सवाल मुझसे क्यों पूछ रही हो.....

इस वक़्त प्रिय के चेहरे पर एक शरती मुस्कान थी.........

बता न पूजा …

कोनसे गन्दी हरकते

यही बॉडी पाई हाट लगाना .. बूब्स दबाना यही

पूजा शर्माकर निचे गार्डन करके कहती है

हाँ

कितने बार किया ऐसा उसने तुम्हारे साथ

एक दो बार किया

और किश कितने बार किया उसने तुम्हारे साथ

2 बार

और तुमने

पूजा गार्डन उतके प्रिय के तरफ गुस्से से देखते है

ओह्ह्ह … सॉरी

फिर थोड़े देर शांत रहने के बाद पूजा से प्रिय पूछती है..

क्या कभी पूजा तुमने करीम को किश नहीं किया क्या

पूजा गुस्से से उसकी तरफ़ा देखती है …

पक्का न

क्या पक्का न

उसको तुमने कभी किश नहीं किया

कोनसे किश के बात हो रही है गर्ल्स

तभी वह रानी आ जाती है और वो उन दोनों को कहने लगती है

दोनों अब षांत रहती है … दोनों को शांत देख कर रानी कहती है

गर्ल्स ..मई तुम दोनों के शामे आगे की hi हु.. मुझे आपने फ्रेंड hi मान लो.. मुझसे कोई बात छुपाने की कोई जरूरत नहीं है..

फिर भी दोनों एक दूसरे को देखते रहती है पर बात कुछ नहीं कहती..

पूजा क्या तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है क्या

नहीं दी

फिर प्रिय क्या कह रही थी

वो कुछ भी कहती है ..दी..

सच न .. ऐसे कोई बात नहीं है न .. प्रिय

नहीं दी.. मई तो ऐसे hi मज़ाक कर रही थी..

सच

हाँ दी

दोनों एक साथ hi बोलते है

फिर कुछ देर तक सब लोग मॉल मई घूमते रहते है ..

इधर प्रिय ने पूजा से अब तक अचे से बाते कर ली थी पर अब उस के चहरे पर परेशानी साफ़ झलक रहीं thi.......wo बिलकुल तय नहीं कर पा रही थी की वो करीम के साथ कैसा रिलेशन रखे ......... वो सोचने लगती है वो अगर ऐसा hi करीम के बारे मई सोचने लगी तो बहुत जल्द वो मुझे अपने नीचे सुला dega.........ek बार प्रिय के मुन्न में करीम के लुंड का ख्याल आते hi उसके जिस्म के रोएं पूरी तरह से खड़े हो जाते हैं......... और उसके आँखों के सामने करीम का मोटा सा लुंड खड़ा हो जाता है ..

कुछ देर बाद जब प्रिय बाथरूम मई जा रही थी तब प्रिय को करीम की अंडरवियर डस्टबिन पर पड़ी दिखी .. उसे एक बार देखकर प्रिय हौले से मुस्कुरा देती हैं..... और चुप चाप बाथरूम में चली जाती hain......fir थोड़े डियर बाद उसे करीम के ांडरपांत की याद आ जाती है .. वो बाथरूम से बहार आ जाती हैं...... अब इस वक़्त उसकी निगाह करीम के ांडरपांत पर पड़ती hain...agle hi पल उसके चेहरे पर खुशियां झलक पड़ती hain.....wo बिना एक पल के डियर किया उस की ांडरपांत को अपने हाथों में लेती हैं और उसे अपने नाक के पास ले जाती हैं...... करीम के लुंड की खुसबू उस से अब भी आ रही थी...... वो झट से इधर उधर देखती है और अन्दर बाथरूम मई चली जाती है .. ांडरपांत को लेके ..

अन्दर जाते हे वो करीम के ांडरपांत को अपने मुँह के पास लेकर उसको फिर से सुंघाने लगती है … करीम के ांडरपांत को सुंघाने से प्रिय के ऊपर मनो एक नशा सा हो गया tha........wo सब कुछ भूल कर उसकी खुसबू में डूबना चाहती थी....... प्रिय मनो उसकी खुसबू में खो सी गयी थी ....अब वो अपने जीभ उसपर हौले से फेरने लगते हैं...... ये सब उसका पहला एक्सपीरियंस था...... प्रिय ने कभी ऐसा कुछ भी नहीं किया था ........वो अपने जीब को उन हिस्सों पर फेर रही थी जहाँ पर करीम के लुंड की खुसबू ज़्यादा आ रही thi.......kuch डियर तक चाटने के बाद वो हिस्सा उसके थूक से पूरा गीला हो चूका था.......

थोड़ी डियर बाद वो उस ांडरपांत को अपने चहरे के ऊपर ले जाती हैं और करीम की ांडरपांत को अपने चहरे पर ाचे से रख देते hain.......fir अपनी आंखें बंद कर अपने हाथों को धीरे धीरे हरकत करने लगती हैं...... आपने चहरे के उप्पर करीम के ांडरपांत की मालिश करने लगती है ..उसके ऊपर एक अलग सा खुमार चाय हुआ tha...is वक़्त उसे कोई होश नहीं था.....

इधर उसके हाथों की रफ़्तार धीरे धीरे बढ़ती जा रही थी वहीँ उसके मुन्न में करीम के लिए सोच और भी गहराती जा रही थी........ एक हाथ से वो करीम के ांडरपांत को आपने चहरे के उप्पर रब कर रही थी और दूसरे हाथ से आपने एक बूब्स को दबा रही थी..

प्रिय की आँखें सुर्ख लाल हो चुकी थी......... इतने दिनों तक वो आपने मंगेतर से दूर रही थी पर अब करीम ने उसके जिस्म में आग लग्न शुरू कर दिया था .. ........ और वो आग अब बाद चुकी थी..

aahhhhhhhhhhh.. करीम .. बताओ न.. पूजा के अचे बूब्स है या मेरे ..

आह्ह्ह्हह… ी ऍम सूरे.. मेरे hi अचे है.. तुम मेरे बूब्स से जितना मज़ा आएगा उतना किसी और के बूब्स से नहीं आएगा… karimmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmm…………. Aaaaaaaaaaa… मम…

अब प्रिय के आँखे बंद थी… तब उसके चहरे के सामने करीम का चेहरा आ जाता है ..

इस वक़्त उसके दोनों हाथों की उंगलियां प्रिय के दोनों हाथों पर धीरे धीरे सरक रही thi........aab प्रिय करीम के बाँहों में अपने आप को समर्पण करना चाहती थी....... फिर करीम प्रिय के आँखों मई देखते हुई उसके हूंतो को आपने उँगलियों मई पकड़ लेता है …

और उसे आपने बाँहों मई पकड़ लेता है ..

और उसके गले को चूमने लगता है ..

करीम फिर अपने होंठ प्रिय के लबों पर रख देता हैं और उसके लबों को धीरे धीरे चूसने लगता हैं.......

जवाब में प्रिय एक नज़र करीम की आँखों में देखती हैं फिर वो भी अपना होंठ खोल देती हैं....... प्रिय की छूट इस कदर गीली हो चुकी थी की उसकी पंतय लगभग पूरी तरह से भीग गयी thi.......uska साबरा भी अब टूटता सा जा रहा tha.........idher करीम प्रिय के गुलाबी लबों को हौले हौले चूस रहा tha........aur उधर उसके दोनों हाथ प्रिय के बदन पर सरक रहे थे........

करीम फिर अपने होंठ प्रिय के नंगी गर्दन पर रख देता हैं

और बड़े आराम से वहां चूम लेता हैं....... प्रिय के मुँह से लाजत भरी सिसकारी फुट पड़ती हैं................ करीम फिर धीरे धीरे अपने होंठों को निचे सरकते हुए प्रिय के पीठ पर ले जाता हैं और अपना जीभ निकल कर वहां भी चाटने लगता hain.......idher प्रिय की सांसें पूरी तरह से बेकाबू हो चुकी थी.......

करीम अपना एक हाथ सरकते हुए प्रिय के कंधे पर ले जाता हैं फिर उसे बहुत आहिस्ता से सरकते हुए नीचे उसके मम्मी की ओरे ले जाता hai........kuch डियर बाद करीम का एक हाथ प्रिय के दये मम्मी पर होता हैं और वो उसे पहले हलके हाथों से अपने कठोर हाथों में फील करता हैं फिर बाद में उसे पूरी ताक़त से अपनी मुट्ठी में ज़ोरों से भींच लेता हैं....... प्रिय करीम के इस हरकत से मनो उछाल पड़ती hain........uske मुँह से एक ज़ोरदार सिसकारी फुट पड़ती है ....

aaaaaaaaaaaaaaaaa................hhhhhhhhhhhhhhh...........sssssssssssssssssss ....

तभी थोड़े डियर बाद करीम अपना दूसरा हाथ सरकते हुए नीचे प्रिय के गांड पर ले जाता हैं और वहां भी अपना हाथ धीरे धीरे फेरने लगता हैं.....

प्रिय इस वक़्त पूरी तरह करीम की बाँहों में समर्पित thi.........aab उसके जिस्म से उसका पूरा कण्ट्रोल खो चुकी thi........wo अपनी आँखें बंद किये हुए करीम के लबों को धीरे धीरे चूसने लगती हैं..........

इधर करीम का लुंड पुरे उफान पर tha......uska लुंड अब प्रिय के गांड पर दस्तक दे रहा था जिसको प्रिय पल पल महसूस कर रही थी........ करीम अपना एक हाथ फिर प्रिय के कन्धों पर ले जाता हैं और धीरे धीरे उसके कंधे से उसकी साडी सरकने लगता हैं........ प्रिय एक नज़र करीम की आँखों में देखती हैं फिर वो तेज़ी से करीम के लबों को चूसने लगती हैं.......

प्रिय तुम सच में बहुत ख़ूबसूरत ho........maine जिस दिन तुम्हें पहली बार देखा था उसी दिन मैं तुम्हारा दीवाना हो गया था........ मुझे पूरा यकीन है की मुझे तुम कभी निराश नहीं करोगी.......

प्रिय एक नज़र करीम की आँखों में देखती हैं फिर वो शर्मा कर अपनी नज़रें नीची कर लेती हैं.........

करीम फिर प्रिय के सीने से साडी का पल्लू नीचे गिरा देता हैं और अपने दोनों हाथों से प्रिय के नरम बूब्स को अपने कठोर हाथों में थम लेता हैं....... और उसके नवल को चूमने लगता है ..

प्रिय पूरी तरह से मचल जाती हैं करीम की इस हरकत par.........uski सांसें पूरी तरह से बेकाबू हो चुकी thi.........priya अब पूरी तरह से करीम के मुट्ठी में आ चुकी thi........wo भी अपना एक हाथ पीछे लेजाकर करीम के सर पर रख देती हैं और धीरे धीरे सहलाने लगती हैं........

तभी प्रिय के कानो मई आवाज आती है ..

प्रिय कितना टाइम लगेगा..

ये आवाज थी काजल की …

तभी प्रिय होश मई आती है .. आपने खयालो से बहार आ जाती है .. अभी भी उसके चहरे के उप्पर करीम की गन्दी से ांडरपांत थी.. प्रिय वो अब हटा लेती है ..

आयी भाभी..

ऐसा कह के सामने मिर्रेर मई आपने आप को देखने लगती है .. और खुद पर hi शर्मा जाती है..

वो करीम की ांडरपांत को वहीँ बाथरूम में एक कार्नर मई रख देती हैं ...... थोड़ी डियर बाद वो बहार आता hain.......aabhi भी वो करीम के ख्यालों में डूबी हुई थी..... आपने hi हरकतों से उसे मज़ा तो बहुत आया था और साथ मई उसपर उसे हसी भी आ रही थी …

क्या कर रहे थी इतने देर तक अन्दर..

कुछ नहीं भाभी..

चलो अब बहोत देर हो गयी है .. मई तुम्हारे लिए रुकी हुई हु.. वो लोग चले गए ..

सॉरी भाभी..

फिर प्रिय बिना एक पल के डियर किये वहां से चुप चाप अपने घर चली जाती हैं..... काजल के साथ..

घर जाने के बाद कुछ देर सोचने के बाद पूजा करीम के घर जाती है ...........इस वक़्त वो एक रेड रंग की साड़ी पहनी हुई thi.......bal खुले हुए the......uske बदन से आज भी परफ्यूम की भीनी भीनी खुसबू आ रही thi........tabhi थोड़े डियर बाद करीम के घर का बेल्ल बजती हैं....... करीम झट से जाकर दरवाज़ा खोलता hain.......samne करीम खड़ा था ......... पूजा उसे देखकर धीरे से मुस्कुरा देती हैं...... सामने पूजा को देख के करीम के चेहरे पर एक बार फिर से मुस्कान तैर जाती हैं…

ये तुम ने मुझे किस लिए बुला लिया है .......और वो भी इस वक़्त .......और वो भी प्रिय को कह कर .. अगर तुम मुजसे मिलाना था तो मुझे डायरेक्ट कॉल कर देते मई तुम्हारे लिए आ जाती .......

करीम पूजा की बाटिओं से मुस्कुरा देता है …

करीम की नज़र पूजा पर hi थी....... करीम की नज़र उसके क्लीवलगे को घूर रही थी...... पूजा भी करीम की नज़र ाचे से पहचान रही थी ......... वो जैसा पूजा के बारे में सोच रहा था उसे ज्यादा पूजा और भी निखार गयी थी........ उसकी नज़रें पूजा के पुरे बदन को स्कैन कर रही thi......waise तो वो अब प्रिय के पीछे हाथ धोकर पड़ा हुआ tha....magar आज वो एक बार फिर से पूजा के साथ मज़ा करना चाहता था ..

आज तुम यहाँ बुलाने का एक स्पेशल वजह है .. मकसद है.. वैसे मई डायरेक्ट तुजे कॉल करके बुला सकता था पर मैंने प्रिय के हांतो तुजे बुला लिया .. इस के भी एक वजह है..

पूजा करीम को सवाल भरे नज़रियों से देख रही thi......use करीम की बात बिलकुल समझ में नहीं आ रही थी की वो कहना क्या चाहता हैं.......

मैं ........कुछ समझी nahin.......tum क्या कहना चाहते हो.......

तू सवाल बहुत पूछती हो ....... थोड़ा धीरज रख .. तुजे सब समझ में आ जायेगा......

मतलब ..

और करीम झट से पूजा को अपनी बाँहों में पकड़ लेता हैं....... पूजा भी धीरे से मुस्कुरा देती हैं......

वैसे पूजा ........एक बात कहूं .........

कहो …

तू अब दिन बा दिन निखरती जा रही hain.........aaj तो मुझे तू और भी ख़ूबसूरत लग रहीं हैं......

पूजा झट से करीम की ओरे अपना चेहरा करती हैं और कहती है ..

अच्छा जी… मई निखारते जा रही हु …

हाँ.. लगता है .. सब मेरे इस लुंड का कमल हैं .............

हाँ .. जैसे .. तुम मेरे जिंदगी मई आने से पहले मई खूबसूरत दिखती hi नहीं थी..

दिखती थी न .. बहुत खूबसूरत दिखती थी..

मस्का मत मारो .......मैं ाचे से जानती हूँ की इसके पीछे तुम्हारा क्या मकसद हैं.......

क्या मकसद है

मुझे नहीं पता ..

जैसे ही पूजा ने ये कहा वैसे hi करीम ने पूजा की कमर को पकड़ा और अपनी तरफ खींचा और उसके होंठों को बेहरमी से चूसने लग्गा ,

पूजा हल्का सा चटपटे लेकिन जल्द hi वो भी एक जंगली बिल्ली की तरह करीम को किश करने लग्गी ...

कुछ देर करीम वैसे hi खड़े खड़े उसके होंठों को चुस्त रहा और वो करीम के हूंतो को चूसती रही ..फिर अपने होंठ हटा के पूजा की गर्दन पे किश करता हुआ उसके मम्मी को जोर से दबा देता है...

आह्हः सीईई कक्क.. aaa..rriiii…mmm....

सिसकी भरते हुए पूजा करीम को ढाका दे देती है , दोनों की सांसें तेज़्ज़ चल रही थी , दोनों एक दूसरे की आँखों में देख रहे थी....

कमीने यहाँ hi सब कुछ करना है क्या .. मुझे अन्दर तो आने दे न ..

पूजा ने अपनी नशीले अदा के साथ कहा … लेकिन करीम तोह आज दूसरे ही मूड में था.. फिर पूजा अंदर आने लगी ......इस वक़्त पूजा आगे आगे चल रही थी और उधर करीम की नज़र पूजा की गांड से मनो चिपक सी गयी thi......wo पूजा के गांड और कमर की हर एक मूवमेंट को बड़े गौर से देख रहा था...............

बार बार उसका मुन्न कर रहा था की वो अभी के अभी पूजा को यहीं पटक कर अपना लुंड उसकी गांड में पूरा उतर दें.......

अब पूजा थोड़ा अन्दर जेक करीम के और आपने मू करके कड़ी हो जाती है .. पूजा उसके तरफ स्माइल करते हुई देखते है पर कुछ नहीं बोलती है ..

अब जब पूजा वह कड़ी थी तब करीम थोड़ा दूर खड़े रहकर उसे hi देख रहा था

क्या देख रहे हो

तुम्हारा सेक्सी बदन …

चुप करो बदमाश..

कहते है नाभि से छूट का रास्ता मिलता है.. क्या सेक्सी है तेरे नाभि..

बकवाज़ बंद करो

ऐसा कह के आपने नाभि साड़ी के पल्लू से वो ढकने लगी..

कितने प्यारे है तुम्हारे नाभि ..नाभि छूट सामान मीठी होती है .. और आजकल सभी औरते हो या लड़की नाभि आसानी से दिखती भी है.. बहुत मज़ा आता है देखने मई.. ऐसे सेक्सी नाभि..

करीम ने ऐसे कहते hi पूजा आपने सेक्सी अदा के साथ उसे देखते हुई आपने हूंठ काटने लगती है ..





फिर करीम झट से आगे बढ़ता हैं और पूजा का लैब चूम लेता हैं.. और बड़े प्यार से ..आहिस्ता से उसको किश करने लगता है..

अब तू मेरे रंडी hain.......aab तेरे जिस्म पर मेरा हक़ हैं...... और हाँ मेरा जैसा जी करेगा मई तेरे जिस्म के साथ खेलूंगा......

हाँ करीम .......मेरे जिस्म पर अब तुम्हारा पूरा हक़ hain.........main तुम्हारी रंडी हूँ......

पूजा की सांसें भरी हो चली थी....... उसके जिस्म के रोएं खड़े हो गए थे.......

तब तो अगर मैं आज तुम्हारे गांड भी मैरून तो भी तुम इस बात का कोई ऐतराज़ नहीं होना chahiye.......hain न रंडी ......मरवाओगी न अपनी गांड mujhse.......logi न मेरा लुंड पूरा अपनी गांड mein.......bolo......

तुम एक नंबर के कमीने हो ... मई ऐसा कुछ भी नहीं करनेवाली ..

फिर करीम उसके हूंतो को जोर से चूसने लगता है..

फिर उसको थोड़े देर बेरहमी से चूसने के बाद करीम कहता है..

लेगी न मेरा लुंड आपने गांड मई ..

पूजा करीम को देखती हुई हस्ती है ..

और न मई गर्दन हिलती है ..

जैसे ही पूजा न मई गार्डन हिलती है वैसे hi करीम उसको पकड़ के उसे पीछे की और घूमता है और खुद ठीक उसके पीछे सात के खड़ा हो जाता है ..और उससे वाल से चिपका देता है..... पीछे उसको पकड़ के उसके गालो के पास आपने चेहरा ले जाता है

असली कमीं पैंटी तोह आज दिखाऊंगा तुझे .. मई रांड ..

ऐसा कहते हुए करीम ने उसके हाथ पकडे और उप्पर की तरफ ले जाके वाल से चिपका दिये....... और उसके गाल को किश करने लगा ..

आअह्ह्ह्हह... कमीने..

पूजा की ऑंखें मस्ती में बंद हो रही थी , क्यों की पीछे से करीम ने अपने होंठ उसकी गर्दन पे लगा दिए

और वहां पागलों की तरह उससे चूमने - चाटने लग्न...

फिर अपनी कमर को आगे बड़ा कर करीम पूजा से पुर्रा चिपक गया और अपनी कमर हिलने लग्गा , करीम के पंत का फुला हुआ हिस्सा पूजा की पतली सी साड़ी के उप्पर से उसके गांड पे रगड़ खाने लग्गा .. अब करीम अपने हाथ से उसके मम्मी को दबाने लग्गा.. जो वाल के वजह से पिचक के उसके ब्लाउज के साइड में से बहार की तरफ निकल रहे थे....

आह... करीम ..... pleas.e...e.e. ऐस टार्चर मत कर... आहहहहह प्लीज.... बेबी…

ऐसे साड़ी के उप्पर से लुंड को गांड बे चुबता महसूस कर पूजा पागल होती जा रही थी उससे अपनी छूट की गर्मी बर्दाश्त नहीं हो रही थी , वो चाहती थी की ये लुंड साड़ी पर से नहीं बल्कि उसकी छूट के अंदर धक्के मारी....

आहहह कामिनी , जो मुझे टार्चर तू इतने दिनों से खुद की गांड दिखा देखकर कर रही उसे ये काम है और उसका ये बदला है

ऐसा कहते हुए करीम पीछे से तेज़्ज़ी से अपनी कमर उप्पर निचे करने लग्गा , जिससे उसकी पंत के अंदर फंसा लुंड ठीक पूजा की गांड के बीचों बिच फंस के उप्पर निचे हो रहा था , पूजा की तोह सांसें अटकी पड़ीं थी , बिच बिच में

वो लुंड छूट के उप्पर भी दस्तक दे जाता जिसे पूजा और कपकपा जट्टी...

आआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह करीम noo..please... ओह्ह्ह दमण गॉड.... फुकक ु ... ु बास्टर्ड.. आअह्हह्ह्ह्ह

पूजा सिसकते हुए कुछ भी बोले जा रही थी उसकी ऑंखें हलकी सी बंद थी लेकिन चेहरे पे वासना और चुदाई की लालसा बहार निकल निकल के आ रही थी....

आअज तुझे ऐसे ही छोडूंगा कुत्ते ... तेरी छूट को सुलगता रहूँगा पर उसका पन्नी नहीं निकलने दूंगा ..

ऐसा कहते हुए करीम ने पूजा की कमर को पकड़ के थोड़ा बहार निकला जिससे उसका लुंड उसकी गांड के बीचों बिच जा फंसा .. सदी के उप्पर से और हल्का सा अंदर घुस गया जिससे पूजा मदहोशी भर्री आवाज़ में सिसक पड़ीं...

ओह्ह्ह पलासी.... आअह्ह्ह्हह

लेकिन करीम ने तोह कुछ और ही सोचा था , जैसे ही उसका लुंड पूजा के गांड के छेद पर जा टिका वैसे hi करीम ने अपना हाथ आगे ले जाके पूजा की छूट के उप्पर रख दिया और उससे मसलने लग्गा , घिसने लग्गा मनो कपड़ों को प्रेस कर रहा हूँ , ये सब करीम के लिए नार्मल था लेकिन पूजा के लिए नहीं वो वहां कड़ी

छटपटाने लग्गी , उसके घुटने कंपनी लग्गे

aaaaaaaaaaaaaah ओह्ह्ह yess..s.s. बेबी आअह्ह्ह्ह पलासी.. फुकक माय छुट्ट्ट्ट… यू बास्टर्ड... कमीने… kuttee…fuckkkk mee.e.. आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह्ह माय पुसी .. ओह्ह माँ maa..aaahahh

पूजा ज़ोर ज़ोर से चिल्लाते हुई सिसक रही थी , उसका पुर्रा चेहरा लाल हो गया था , उससे खड़ा नहीं हुए जा रहा था इसलिए उसने वह एक पानी की टंकी थी उस का सहारा लिया ....

पीछे से करीम अपनी कमर उप्पर निचे कर रहा था उसका लुंड गांड की दरार में फंसा हुआ हल्का सा उप्पर निचे हो रहा था और आगे से पूजा की छूट को रगड़ रहा था.... पूजा पागलों की तरह कम्पटी हुई सिसक रही थिई....

बोल गांड देंगे न मुझे आपने .. आज..

नहीं!!!! मैं वहां नहीं ले सकती tumhara.........us दिन तुमने मेरी छूट का क्या हाल किया tha......pata नहीं जब ये मेरी गांड में जाइएगा तो मेरी तो पूरी फट jayegi........please करीम .........मुझे सब मंज़ूर हैं मगर गांड नहीं........

फिर से नखरे..

नखरे नहीं कर रही हु.. डर लग रहा है ..

मई तो तेरे गांड आज मार के रहूँगा…. प्यार से या जबरदस्ती से…

करीम के चेहरे पर गुस्से के भाव साफ़ दिखाई दे रहे थे......

देख कैसे पन्नी बहा रही है तेरे छूट ...

करीम को पूजा के साड़ी के उप्पर से गिल्ला पैन उसके हाथ में महसूस हो रहा था जिससे साफ़ लग रहा था मनो पूजा झाड़ चुकी हो , लेकिन करीम इस मामले में गलत था...

हहहह .... आअह्ह्ह्हह ओह्ह्ह ससीसीईई ुहम्म्म्म

पूजा हस्ते हुए सिसक रही थी .. जो करीम को बता रही थी की उसका अभी निकला नहीं है , ये तोह सिर्फ उसकी छूट का लीक आउट है जो उससे चुने पर बरसता है....

पर आज करीम ने तोह जैसे ठान राखी थी की वो पूजा की अचे से लगाने वाला है , उसने अपनी कमर पीछे खींच ली जिससे उसका लुंड उसकी गांड के छेद से बहार आ गया पर उसने अपना हाथ छूट पे से नहीं हटाया , पर जब उससे गांड पे घिसता हुआ लुंड महसूस नहीं हुआ तोह उसने पीछे मुद के देखने की सोची लेकिन उससे पहले ही

उसकी ऑंखें पुररी खुल गयी , उसकी छूट में झुनझुनाहट शुरू हो गयी , छूट ने हल्का सा पन्नी और निकल दिया...... वजह सिर्फ ये थी... की पीछे से अब पूजा की गांड के बीचों बिच फंसा करीम का लुंड पूजा की गांड को साफ साफ

महसूस हो रहा था...

तेरे गांड मेरे लुंड को बहुत पसंद आ रही है

करीम ने पूजा के कानो के पास ात्ते हुए हलकी आवाज़ में कहा और उसके कानो को मुँह में भर के चूसने लग्गा ..... ये एक ऐसा प्रहार था जिसमे कोई भी लड़की अपना दिमाग अपना दिल सब हर जाती है उस वक़्त कोई बोलता है तोह वो सिर्फ शरीर .. यही पूजा के साथ

हो रहा था , उसकी ऑंखें आधी बंद थी और मुँह हल्का सा खुला हुआ था ........

पीछे से करीम का लुंड गांड के छेद में घुसा होक उप्पर निचे फिसल रहा था , आगे से उसके हाथ ने पूजा की छूट का बुर्रा हाल बना रखा था , इसलिए वो अपने आप को रोक नहीं पायी...

" ओह्ह्ह्ह एस्सस babbby...ohhh aaaaaaaaaaaaaaahhhhhh मआयीय .. g...od...aahahha आह्ह्ह्ह "

पूजा की सांसें सिअकते हुए उखड रही थी..... उसका गल्ला सुख रहा था क्यों की शरीर का सर्रा पन्नी उसकी छूट की तरफ बढ़ चूका था क्यों की करीम की दो तरफ़ा हल चलने से अब उसका शरीर उससे पन्नी निकलने को तैयार था

ओह्ह्ह करीम aahhhh...ohhh मा बेबी ओह्ह्ह्ह yess.s..s. ुहममम ी अम्म्म cumingg.g.g..g.g ी ऍम कमिंग्ज... एस... माय सुंत्त... आह..

ी ऍम कमिंग्ज....

पूजा सिसक ही रही थी और उसका निकलने ही वाला था की करीम एक दम से उसके शरीर

से हैट गया.........

करीम के ऐसे हैट जानने से एक पल के लिए पूजा समझ ही नहीं पायी की अचानक हुआ क्या , उसकी छूट की तरफ बेहटा पन्नी अचानक से वापिस शरीर में कहीं जा के खो गया .... पूजा को बहुत ज़ोरों से गुस्सा आ रहा था , वो गुस्से में पीछे मुद्दि और करीम को देखने लग्गी....

वहीँ सामने खड़ा करीम अपने लुंड को हिला रहा तह और पूजा की तरफ देखते

हुई ऐसे मुस्कुरा रहा था मनो उसने कितनी बड़ी वॉर जीत ली हूँ...

" यू बास्टर्ड.... इलल किल यू... "

कहते हुए पूजा उसकी तरफ भागते हुई आयी , एक भड़की बिल्ली को अपनी तरफ अत

देख , करीम भी भागने लग्गा....

इधर प्रिय काजल के साथ आपने घर जाने लगी .. रस्ते मई उन दोनों में कोई बात नहीं हुई . रस्ते मई प्रिय के मन में बहुत कुछ चल रहा tha..abhi के किस्से को लेकर... और आने वाले कल को लेकर... आज वो बहुत खुश थी .. पता नहीं क्यों लेकिन वो बहुत कुश थी.. प्रिय अब दिमागी उधेड़बून्द मई थी..

अब वो अपने घर पर बैडरूम मई अपने बीएड पर बैठी थी... करीम की बातो को याद करके गर्मी महसूस कर रही थी.. एक मई भी पसीना जिसका सबूत था... पर उसने अपनी सोच को साइड मई रखा और कपडे बदलने की सोची... और वो कपडे बदलने के बाथरूम जाने लगी ..

जाते वक़्त उसके दीमक मई करीम hi था.. वो पीछे मुद मुद कर देखने लगी जैसे पीछे करीम खड़ा हो और वो उसे देख रहा हो..

बैठूं से बहार आने के बाद वो मिरर के सामने खड़े रहकर आपने बदन को देखने लगी और खुद पर फकर करने लगी..

वो सोचती है ये क्या हो रहा है मुझे.. मैंने क्यों करीम से ऐसे बात की .. ये क्या महज एक इंफेक्टटिव है.. किसी चीज को अगर पहली बार एक्सपीरियंस करो और अगर वो चीज बुरी न लगे तो दिमाग उसे फिर से एक्सपेरिस करना चाहता है.. और कई बार उसे पसंद करने के बहाने सोचने लगता है... शायद मेरे साथ भी यही हो रहा है.. और इसी लिए मुझे करीम बार बार याद आ रहा है.. और इसी वजह से मैंने करीम से ऐसे बात की..

पर अचानक उसके संस्कार उसके सामने आ जाते है, वो सोचती है… ये मई क्या सोच रही हु? मई ऐसा नहीं सोच सकती !! .. मुझे उसे सीरियसली नहीं लेना है.. बस मेरा पूरा ध्यान मेरे शादी पर और आपने होने वाले हस्बैंड के साथ होने वाले सुहागरात पर होना चाहिए..

पर एक सेकंड के लिए भी जो गन्दी सोच उसके दिमाग मई आयी थी उसने अपना काम तो कर दिया था... अपने अप्प को कितना भी समझने पर भी वो सोच कही न कही तो प्रिय के दिमाग मई घर कर गयी थी, पर छुपे तौर पर..!!! आज तक उसके मान मैं करीम के लये कभी ऐसा विचार नहीं किया tha…..par आज दिन मई करीम ने जो उसके साथ किया था उस वजह से उसकी अंदर छुपी हुई वासना ने सर उठा लाया था…..

इधर करीम को ऐसे भागते हुआ देखकर पूजा झट से उसके पास आती हैं और उसके सीने से लग जाती हैं........

वो अब करीम की बाँहों में लिपट जाती hain.........is वक़्त दोनों की सांसें बहुत ज़ोरों से चल रही thi........us रूम के अंदर दोनों की धड़कनों को साफ़ सुना जा सकता था.......... पूजा अभी भी लुम्बी लुम्बी सांसें ले रही thi........aabhi भी उसका दिल ज़ोरों से धड़क रहा था......... करीम इस वक़्त पूजा को अपने सीने से लगाए वहीँ खड़ा हुआ tha.......thodi डियर बाद जब वो दोनों नार्मल होते हैं तब करीम झट से पूजा के हुँते के पास अपना होंठ ले जाता हैं और फिर से उसके लबों को धीरे धीरे चूसना शुरू करता hain........jawab में पूजा भी उसका पूरा साथ देती हैं....

और फिर करीम झट से पूजा को उससे दूर धकेल देता हैं

nahin.........agar तू मुझे अपनी गांड डौगी तभी मेरे पास आना......

पूजा की आंखें अभी भी पूरी तरह से लाल thi.......ek अजब सी प्यास उसकी आँखों से झलक रहे थे.........

करीम ......ये क्या पागलपन hain......main तुम्हें अपनी छूट तो दे रही हूँ .........फिर मुझसे गुस्सा किस लिए........ ज़िद्द छोड़ो न करीम ........

बस बहुत हुआ.......... मैंने अपना फैसला सुना दिया हैं … मुझे तेरे गांड चाहिए … बाकि कुछ नहीं ….

पूजा इस समय बहुत उलझन में फांसी हुई thi........wo एक तरफ अपने हवस के आगे मज़बूर थी और दूसरी तरफ करीम को अपनी गांड देना नहीं चाहती थी ... वो उसका आजम अचे से जानती थी .....काफी डियर तक वो ऐसे hi चुप रहती हैं........

मुझे तेरा जवाब चाहिए रांड ..........

प्लीज...... करीम .....ये कैसी ज़िद्द hain......maine ...... आपने छूट तो दी है तुम ..

मुझे अब तेरे गांड चाहिए…

क्यों नहीं समझते तुम करीम .........मुझे वहां पर सेक्स पसंद nahin....pata नहीं क्यों मुझे बहुत घबराहट होती hain.......maine आज तक कभी किसी को भी वहां पर सेक्स तो दूर वह हाट भी नहीं लगाने दिया .........

तो क्या हुआ रांड .. तेरे छूट मैंने मरने से पहले तूने किसी को आपने छूट दे थी क्या ..

वो बात नहीं है …

तो बात क्या है रांड ..

ऐसा कह के उसके बाल हाट मई पकड़ के करीम झट से उसे पीछे की तरफ जोर से जुका देता है .. पूजा के आँखों से आंसूं निकल पड़ते हैं........

आआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह.. कमीने दर्द होता है..

ऐसा कह के पूजा करीम को जतका देके पूजा झट से दूर के ओरे बढ़ जाती हैं....... अब उसको यहाँ रुकने का मैं नहीं tha..jaise hi वो दूर का दरवाज़ा खोलती हैं बहार जाने के लिए वैसे hi करीम झट से उसके आगे आकर खड़ा हो जाती हैं........ करीम गुस्से से पूजा को घूर रहा था........

मैं कहती हूँ हुत्त जाओ मेरे रस्ते से ......... तुम्हारे दिल मई मेरे लिए कोई हमदर्दी नहीं हैं.......

क्यों रांड क्या हो गया मैंने कहाँ तुम मेरे रस्ते से हुत्त जाओ ........मुझे नहीं सुन्नी तुम्हारे ये बकवास...... तुम सिर्फ मेरे गांड चाहिए ...... मेरे तकलीफ से तुम क्या............ तुम तो बस मज़े चाहिए ........

और इतना कहकर पूजा करीम को ज़ोर से धक्का देता हैं.... पर फिर से करीम पूजा से आकर लिपट जाता हैं........
 
छोड़ दो मुझे.........

पर करीम अब पूजा के बदन से खेलने लगा था..

उसके गर्दन से लेके उसके छाती तक आपने एक उंगली घुमाकर पूजा को पागल करे जा रहा था..

पूजा अब ाचे से जान गयी थी की करीम आज नहीं mananewala.......is वजह से पूजा को करीम के आगे झुकना पड़ता hain.....aur वो करीम की बात मान लेती हैं........

ठीक हैं karim........agar तुम्हारी एहि ज़िद्द हैं तो फिर एहि sahi.........mujhe तुम्हारी हर बात मंज़ूर hain.......agar तुम मेरी गांड मरना चाहते हो और अगर तुम्हें इसमें ख़ुशी मिलती हैं तो मुझे तुम्हारे ख़ुशी के लिए ये भी मंज़ूर hain........lo निकल लो अपनी पूरी bhaddaas.....kar लो अपने सरे अरमान poore......aab मैं तुम्हें कभी किसी बात की लिए मन नहीं karoongi......ye मेरा अब तुमसे वादा हैं..........

पूजा झट से अपने सीने से साडी का पल्लू गिरा देती hain.......aab भी उसकी आँखों में आंसूं थे....... करीम उसे बड़े गौर से एक तुक देख रहा था.........

सोच ले रांड फिर से एक baar......kahin इस बार तेरा इरादा तो नहीं बदल जायेगा.......

नहीं करीम ........अब मैं अपनी जुबान से पीछे नहीं hatungi........tum मुझे जैसा चाहे वैसा आज़मा लो........

करीम के चेहरे पर कुटिल मुस्कान thi........aab वो पूजा को फिर से अपनी मुट्ठी में कर चूका tha..........aab उसका एक और सपना भी पूरा होने वाला tha........wo औरत की छूट की आग से ाची तरह वाकिफ था........

इधर प्रिय सोचने लगी .. आखिर क्यों मुझे अकेला पा कर भी उसने मुझे छोड़ने के कोशिश नहीं की…. उसका तन बदन सुलग रहहा था … उसके अन्दर आग बाधक उठी थी….. और फिर वो खुद को hi कहने लगी .. अगर वो मुझे थोड़ा सा भी एप्रोच करता, तोह शायद मई उसके नीचे लेत jati….par उसने ऐसा कुछ नहीं किया… यही सोचते हुई वो आँखे बंद कर लेती है … पर उसके चहरे पर स्माइल थी ..

तब उसके आँखों के सामने करीम का मजबूत बदन आ जाता है . ये अब साफ़ था की वो करीम की तरफ आकर्षित होने लगी थी. उसे अपने दिल की धड़कने तेज होती हुई महसूस हुई .. उसे ऐसा लग रहा था वो किसी कॉलेज गोइंग लड़के के पीछे पागल हो रहे है..

यही सोचते हुई वो हसकर आपने सर को हल के हाथो से मरती है .. और कहते है..

पागल…

इधर करीम के रूम मई

ठीक हैं karim........agar तुम्हारी एहि ज़िद्द हैं तो फिर एहि sahi.........mujhe तुम्हारी हर बात मंज़ूर hain.......agar तुम मेरी गांड मरना चाहते हो और अगर तुम्हें इसमें ख़ुशी मिलती हैं तो मुझे तुम्हारे ख़ुशी के लिए ये भी मंज़ूर hain........lo निकल लो अपनी पूरी bhaddaas.....kar लो अपने सरे अरमान poore......aab मैं तुम्हें कभी किसी बात की लिए मन नहीं karoongi......ye मेरा अब तुमसे वादा हैं..........

पूजा ने ये बात भले hi करीम से कह दी थी मगर वो ाचे से जानती थी की आने वाला पल उसके लिए कितनी तकलीफ देने वाला hain......magar उसे करीम के लिए आज सब कुछ मंज़ूर था........ करीम एक तुक पूजा के चेहरे को देख रहा tha....uske चेहरे पर भी मुस्कान साफ़ झलक रहे थे........

करीम जैसे उसे देख रहा था इस वजह से शर्माकर पूजा वह से जैसे hi जाने के लिए मुड़ती है तभी करीम झट से पूजा का हाथ पकड़ लेता हैं..... करीम के इस तरह हाथ पकड़ने से पूजा वहीँ रुक जाती हैं और करीम की ओरे एक तुक देखने लगती हैं......

करीम जब उसे आपने नज़दीक आने का इशारा करता है तब पूजा भी कुछ ज़्यादा सवाल नहीं करती और झट से करीम के पास आती हैं और उसके गले लग जाती हैं.... करीम बड़े प्यार से उसके लबों को चूम लेता हैं.......

अब ये हमारे बीच की दीवार हटा भी दो ....... कब तक तुम इसे अपने बदन पर एक बोझ की तरह संभाली रखेंगी......

करीम पूजा के कपड़ों की ओरे इशारा करते हुए कहता हैं.......

पूजा करीम के ऐसे कहने पर धीरे से मुस्कुरा पड़ती hain.....wahin जवाब में करीम के चेहरे पर भी हल्की सी स्माइल आ जाती hain.....munn hi मुन्न वो ख़ुशी से झूम उठा था........

ऐसा कहके वो फिर से पूजा को अपने सीने से लगा लेता हैं और उसके गलों , होंठों और सर को पागलों की तरह चूमने लगता हैं........

और उसके मुँह से बस इतना hi लफ्ज़ निकल पड़ता हैं ....................... ी लव YOU........................jaannnnnnnnnnn..............................

पूजा भी जवाब मई उसके हूंतो को चूमने लगती है ..

पर तभी करीम ने वो किया जिसके बारे मई पूजा ने कभी सोचा भी नहीं tha…karim ने उसके इनर थिगह पर छूट से थोड़ा नीचे जोर से चिकोटी काट दी….

अह्ह्ह्हह

वो एक दम से चीख uthi….sach मई भोत दर्द और जलन से हो रही थी उसे … उसकी चीख सुन कर करीम ने बहुत hi शरारती अंदाज़ मई कहा

क्या हुआ रांड

ऐसा कहते हुई करीम ने फिर से अपना हाथ उसके झांग पर रख दया…

करीम - अच्छा देखो तोह सही…

पूजा ने करीम के तरफ गुस्से वाले नज़रों से देखा

तोह वो उसके और देख कर मुस्कारने laga….uska हाथ रेंगता हुआ फिर से उसके झांग के उसी हिस्से पर पहुंच gaya…..jaha पर उसने चिकोटी काट thee…karim धीरे-2 उस हिस्से को सहलाने लगा. उसके आंखे एक बार फिर से मस्ती मई बंद होने lagee…par फिर से करीम ने वही काम doharaya…iss बार उसकी ऊँगली और ुंगथे का दबाव धीरे धीरे उसके झांग पर बन रहा था… उसने करीम के तरफ थोड़ा सा गुस्से से देखा तोह वो फिर से पूजा के तरफ देख कर मुस्कुराने लगा…

करीम के इस हरकत से फिर से उसे तेज दर्द का अहसास हुआ…. उसे आपने झांग मई अभी भी भोत तेज जलन महसूस हो रही थी ….भोत सेंक निकल रहा था …. जैसे वह पर उबलता हुआ पानी गिर गया हो…

उसके तरफ मुस्कुराते हुई देख कर करीम कहता है

पूजा आज तोह तुम बाला के खूबसूरत लग रही ho….mene तुम्हे इस रूप मई पहले कभी नहीं dekha….sach मई भोत खुसकिमत इंसान हूँ मई …जो तुम जैसे अप्सरा मुझे मिली..

ऐसा कह के उसके कमर को अपनी बाहों मई लेते हुए करीम ने उसे अपनी तरफ खेंच कर उसे अपने सीने से लगा लिया….

उसके मुम्मे ब्लाउज और ब्रा के ऊपर से करीम के छाती मई जा लगे.

करीम के चेस्ट मई हलका सा मुका मार कर अपनी नाराज़गी जताते हुए पूजा ने कहा

जाओ मई तुमसे बात नहीं करती…. तुम मुझे प्यार hi नहीं करते हो..

क्यों ऐसे लगा तुम

प्यार करने वाले इंसान के साथ कोई ऐसे करता है क्या …..

क्यों काया हुआ काया क्या मेने….?

करीम ने मुस्कारते हुए कहा….

इतनी जोर से चिकोटी काटी तुमने .. पता है कितनी जलन हो रही है वह .. इतना दर्द देता है क्या कोई …

उसने बचो जैसे बात करते हुए कहा…..

सच मई जयादा दर्द हो रहा काया…

करीम ने उसके फेस को अपने हाथो मई लेते हुए kaha….aur पूजा ने हाँ मई सर हिलाते हुए कहा…

पता है एक दम लाल कर दी है तुमने मेरे थिगह….

करीम ने पूजा के आँखों मई देखते हुए उसके होंटो के तरफ अपने होंटो को बढ़ा दिया… पूजा ने शर्मा कर अपने फेस को दूसरी तरफ कर liya…aur करीम के बाहों से निकल कर थोड़ा सा अग्गे बढ़ कर दिवार के तरफ फेस करके कड़ी हो गए…. करीम उसके तरफ badha….uske कदमो के नाज़िडेक ऐनी के आहत सुन कर पूजा का दिल dhak-dhak करने लगा था. ऐनी वाले पालो के बारे मई सोचते हुए उसकी आंखे बंद होने lagee…uske होंटो पर एक सुखद मुस्कान पहेली हुई थे…. करीम उसके पीछे एक दम करीब आ चूका था… उसने पूजा के दोनों कंधो पर हाथ रखा और पीछे से उसको अपनी बहो मई जकड लिया ..

और फिर धीरे-2 उसे अपनी तरफ घुमा लिया.

पूजा भी उसके हाथों के इशारे पर उसकी तरफ घूम gaye…pooja के आंखे शर्म के मरे बंद the…hont थरथरा रहे थे….. करीम ने अपने ढकते हुए होंटो को उसके होंटो के तरफ बढ़ाना शुरू कर diya…uski गरम साँसे पूजा के फेस से टकरा रही thee…jisse पूजा के बदन मई सिहरन से उठ रही थे …. तभी उसे करीम के साँसे आपने मुम्मो के बीच मई महसूस हुई और फिर धीरे-2 उसके कमर पर… वो एक दम सीधे उसस्के होंटो के लर्ज़िश को अपने होंटो पर महसूस करने के बेताब हुई जा रही थे…

पर जब कुछ देर कुछ ना हुआ तोह पूजा ने आंखे खोल कर देखा तोह पाया के करीम घुटनो के बल नीचे बैठा हुआ tha…usne उसके और देखते हुए अपने दोनों हाथ पूजा के झंगो पर घुटनो से थोड़ा ऊपर साइड से रख दये….

दिखो कहा पर जलन हो रही है….

करीम ने पूजा की और देखते हुए मुस्करा कर kaha…uske यी बात सुनते hi वो एक दम से लरज़ा gaye…aur अपने फेस को दूसरी तरफ घुमा कर शर्माने लगी इ….

रांड .. मुझसे काया शर्माना ….प्लीज दिखाओ तोह सही कहा मेरे जान को चोट ए hai….please दिखाओ ना….

पूजा कनपटी हुई आवाज़ मई कहती है ..

नहीं मुझे शर्म आ रही है….

तुम मुझे वो जगह dikhao…jo मेरे वजहसे तुम्हारे दर्द का कारन बानी है…. मेरे एंटी से भी बात नहीं मानोगे….

शर्म के मरे पूजा का फेस एक दम रेड हो गया था…. उसने अपनी साड़ी को पेटीकोट के साथ दोनों हाथों से पकड़ कर धीरे-2 ऊपर उठाना शुरू कर दया…. पूजा ने अपने फेस को दूसरी तरफ घुमा रखा tha…par चोर नज़रो से करीम के आँखों मई उठती हुई चमक वो साफ़ देख पा रही thee…jaise जैसे साड़ी ऊपर उठ रही thee…karim के हाथ उसके झंगो को सहलाते हुए ऊपर के और जा रहे थी…..

अब्ब जहा पर दर्द हो रहा tha…wo पूजा के पंतय के ठीक थोड़ा सा नीचे राइट झांग पर tha…par पूजा भी इतनी मदहोश हो चुकी थी …की वो अपनी शर्म हाय को भूल चुकी थे…. उसने अपनी साड़ी को अपनी पंतय तक ऊपर उठा laya…aur अपनी फेस को सीधा करके नीचे करीम के तरफ देखने लगे …. करीम के दोनों हाथ अब्ब उसके पंतय को टच हो रहे the…aur उसका बदन थरथरा रहा था….

कहा मुझे तोह कुछ नज़र आ नहीं रहा…

करीम ने उसके तरफ देखते हुए कहा…..

अब्ब उसको नज़र आता भी कैसे उसने चिकोटी तोह इनर थिगह पर कटी thee…aur पूजा के दोनों झंगे आपस मई सटी हुई thee…phir करीम ने धीरे -2 पूजा के झंगो को पकड़ के खोला और उससे वो लाल हुआ हिस्सा नज़र आया…

ओह्ह ये तोह सच मई भोत लाल है….

करीम ने ये कहते हुए उसके राइट वाली झांग को दोनों हाथों से पकड़ laya…abb उसका हाथ पूजा के राइट झंगे के अंदर के तरफ tha….wo उससे धीरे-2 सहलाने लगा…. पूजा अपनी नंगी झांग पर करीम के हाथों का स्पर्श पाकर एक दम से मदहोशी मई सिसक उठी….

उम्म्म्ममममममहहहह...

आआआआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह

करीम ने उसके झंगो से हाथ हटा कर उसके कमर को दोनों तरफ से पकड़ कर उसे बीएड के पास लेजाते हुए बीएड के किनारे बैठा daya…aur फिर खुद बीएड के किणरै बैठते हुए उसे कंधो से पकड़ कर धीरे-2 बीएड पर लेता daya…uske टंगे अभी भी बीएड से नीचे लटक रही थी….. करीम ने पूजा के साड़ी को फिर से पकड़ कर उसके कमर तक सरका daya…aur फिर उसके दोनों झंगो को खोलते हुए मदहोशी भरी आवाज़ मई बोलै….

पूजा तुम तोह आज मुझे गिफ्ट दे देने वाली हो …अब्ब मेरे बरी है तुम्हे गिफ्ट देने की. जिस जगह पर मेने तुम्हे दुःख दया hai…waha पर महरम भी मई ही लगूंगा.

ये कहते हुए करीम ने पूजा के झंगो को सहलाते हुए एक दम से अपने होंटो को उस लाल निशान पर रख daya….wo हिस्सा उसके छूट के एक दम पास tha…isslye जैसे ही उसके होंठ वह लगे तोह पूजा एक दम से सिहर उठी…

Aaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhh…….

ककककककाआरिममममममममम

ऊऊओह्ह्ह्हह्हहोओओओओ....

वो जोर जोर से सिसकना छथि the…par उसने अपने होंटो को अपने दांतो से काटते हुए दबा laya….masti के लहर पूरे जिस्म मई दौड़ gaye…gardan के सहारे उसने अपनी पीठ को अपने चूतड़ों तक ऊपर उठा कर अकड़ा लाया था…..

और अगले ही पाल करीम ने पागलो के तरह वह उस लाल हिस्से पर चाटना शुरू कर दया…

Aaaahhhhhhhhhhhh………..

ओहूऊऊऊ … करिममममममम..

मज़ाहा .. आए गयाए… ummmmmmmhhhhhhhhhhhhhhh.. chatoooooooooo… isseeeee…sab तुम्हारे लिए hai…aahhhhhhh… चुस्सस्स्स्सह्ह्ह.. dalooooooooooo… मुजीबी… ाअंदेरररररर.. टकककक….. मुजेईईईई…. Uuuuuummmmmhhhhhhhhhhhh….

पूजा मस्ती मई एक दम से पागल से हो गए…. उसने अपने दोनों हाथो को नीचे लेजाते हुए करीम के बालो को कसके पकड़ लाया…

सीईई ुंहःहः ओह्ह्ह्हह करीम प्लीज ओह्ह्ह नहीं करीम ुंहःहःहःहः

वो एक दम मस्त होकर तड़पने लगी thee…..agle ही पल करीम ने अपने होंटो को वह से hataya…aur बीएड के किनारे बैठते हुए फिर से उसके साड़ी को ऊपर उठाने laga…dhere-2 उसकी साड़ी ब्लूए मई कासी हुई चुच्यों से भी ऊपर उठ चुकी थी….

पूजा एंटी मदमस्त हो चुकी थी, की उसने खुद hi अपनी बाहों को ऊपर उठा लाया, और फिर करीम ने उसकी साड़ी को उसके बदन से निकल कर नीचे फ़ेंक daya….abb उसके बदन पर ब्लाउज ब्रा और पेटीकोट था …करीम का हाथ उसके झांग से सरकता हुआ ऊपर उसके पंतय के छूट वाले हिस्से को दबाता हुआ उसके चुच्यों पर आ पहुंचा. उसने ब्लाउज के ऊपर से ही उसके चुच्यों को जैसे ही मसला वो एक दम से कनाप गए.

ahhhhhhhhhhhhhhh....

कमीनेईईईई

शर्म के मरे उसने करवट लेते हुए करीम के तरफ पीठ कर ली…..

पूजा एंटी मदमस्त हो चुकी थी, की उसने खुद hi अपनी बाहों को ऊपर उठा लाया, और फिर करीम ने उसकी साड़ी को उसके बदन से निकल कर नीचे फ़ेंक daya….abb उसके बदन पर ब्लाउज ब्रा और पेटीकोट था …करीम का हाथ उसके झांग से सरकता हुआ ऊपर उसके पंतय के छूट वाले हिस्से को दबाता हुआ उसके चुच्यों पर आ पहुंचा. उसने ब्लाउज के ऊपर से ही उसके चुच्यों को जैसे ही मसला वो एक दम से कनाप गए.

ahhhhhhhhhhhhhhh....

कमीनेईईईई

शर्म के मरे उसने करवट लेते हुए करीम के तरफ पीठ कर ली…..

इधर प्रिय आपने बैडरूम मैं अपने चेयर पर अपना सर सीट की बैक से लगते हुई लम्बे लम्बे सांस लेती होइ अपने आप को शांत करने की कोशिश कर रही थी. लेकिन उसके छूट के अंदर की जलन और तरप ख़तम होने का नाम hi नहीं ले रही थी .

खुश दिएर के बाद वो उठी आईने के सामने खड़े हो गयी .. खुद को आईने मैं देखा तो उसे ऐसा लगा जैसे उसके चहरे से ये साफ़ लग रहा था के जैसे वो अभी अभी चूड़ी होइ हो. प्रिय की हालत बुहत ख़राब हो रही थी लेकिन उसे इसका कोई इलाज सामने नज़र नहीं आ रहा था.. वो सोचने लगी क्या मई पूजा को कॉल करू क्या .. क्या वो करीम के पास गयी है या नहीं .. या डायरेक्ट करीम को कॉल करके पूछ लू की पूजा आयी है या नहीं .. और अगर वह पूजा आयी होगी और मेरा कॉल है ये उस कमीने ने उसको बता दिया तो क्या सोचेंगे पूजा मेरे बारे मई … क्या मई जेक देख लू …वह .. वो दोनों क्या कर रहे है … नहीं नहीं .. ऐसा करना ठीक नहीं होगा .. कही मुझे पूजा या उस कमीने ने देख लिया तो .. फिर तो मेरे खैर hi नहीं … और वो बस्ती भी कितनी गन्दी थी …

जिस जगह कल मैंने आपने कार रुके थी वो एक बुहत hi कोई गरीब सा इलाक़ा लग रहा था. वह पर हर तरफ गन्दगी hi गन्दगी नज़र आ रही थी. पुरे इलाक़े मैं अजब सी बदबू थी .. मैंने वह उतरते hi अपनी नाक पर अपना रूमाल निकाल कर रख लिया था ..

फिर वो यही सोचते हुई बाथरूम मई चली गयी और अपने चेहरे पर ठंडा पानी दाल कर खुद को फ्रेश किया.. और फिर दुबारा से मेक उप कर के अपना हुलिया दुरुस्त किया.. और बीएड पर लेत गयी ..

इधर पूजा बीएड पाई लेती थी तब करीम उसका मोबाइल लेता है और बीएड के सामने जो छोटा सा शेल्फ था वह रख देता है .. और प्रिय को वीडियो कालिंग लगता है .. इधर प्रिय को भी आश्चर्य होता है की पूजा तो अभी करीम के पास होगी फिर उसने कॉल क्यों लगाया .. यही सोचते हुई प्रिय कॉल उठाती है .. तो सामने का नज़ारा देखकर प्रिय ढंग रह जाती है … प्रिय करीम के रूम मई थी ..जहा थोड़े देर पहले वो खुद थी … और उसकी गांड प्रिय के सामने थे.. मतलब मोबाइल के कैमरा के सामने थी.. फिर करीम आपने मू घुमाके मोबाइल के कैमरा मई देखता है .. और उधर देख कर आँख मरता है .. तब प्रिय समाज जाती है ये करीम की हरकत है..

प्रिय रूम पाई नज़र डालती है ..वह पर हर तरफ गन्दगी hi गन्दगी नज़र आ रही थी. उस रूम मैं हर तरफ गंडागि और माटी धुल थी. उस रूम के वाल पर कोई पुराण सा कलर था ..प्रिय सोच रही थी के ऐसी गन्दी सी जगा पर पूजा क्यों गयी होगी .. फिर खुद से कहने लगी मई भी गयी थी वह .. लेकिन मई तो शादी का कार्ड देने गयी थी..

फिर प्रिय आपने आप से कहती है कितने गन्दगी है रूम मई .. पूरे रूम मैं कितनी बदबू आती होगी.. यही सोचते हुई प्रिय ने अपनी नाक पर अपना रूमाल निकाल कर रख लिया.. प्रिय ने ऐसे करते hi करीम ने उसकी तरफ मुस्कुराखार देखा औरर पूजा के मखमली कमर की और आपने हाथ बढ़ाया … और उस ने आहिस्ता से अपना हाथ पूजा के मखमली कमर पर रखा तो उसके बदन मैं करंट सा दौड़ गया. …और इस वजह से कमरे के शांति भांग सी हो गयी .. पूजा के आवाज से….

आआआह्ह्हह्ह्ह्हह्हआआआ…. करिमममम.. क्या जादू है तेरे हाथो मई

पूजा के ऐसे कहने से प्रिय हैरान हो गयी .. लकिन वो हिली नहीं अपनी जगा से और अपनी पोजीशन से . प्रिय अभी भी उन्दोनो को देखे जा रही थी ..

करीम पूजा के साथ हरकत कर रहा था और इधर प्रिय के बदन मई आग बढ़ती जा रही थी.. ..

अब करीम के हाथ पूजा के कमर से फिसलते हुई उसके गांड पाई आ गए .. अब वो पेटीकोट के ऊपर से उसकी गांड को सहलाने लगा. करीम के बुहत hi भरी भरकम मोठे मोठे हाथ पूजा के गांड को सहलाने लगे थे और प्रिय अपनी प्यासी नज़र से उसे देख रही थी ... जैसे जैसे उसके हाथ पूजा के गांड को सहला रहे थे वैसे वैसे पूजा के साथ प्रिय के अन्दर आग बढ़ती जा रही थी .. पूजा खुद को हवा मैं ुरता हुआ महसूस कर रही थी. जैसे वो इस दुनिया को भूल चुकी हो और इस दुनिया का कोई भी बोज उनके ऊपर न हो और न उन को कोई भी परेशानी की फ़िक्र हो.

पूजा तो बस बुड्ढे के हथून के जादू से hi बेहाल होती जा रही थी. उसने उसके हथून की लज़्ज़त मैं डूबते हुई आहिस्ता से अपना सर पीछे की और घुमा लिया .. उसकी आंखें बंद हो चुकी थीं. और पूजा बंद आँखों से सिर्फ और सिर्फ करीम के हथून के जड़ो के बारे मैं सोच रही थी और उसका आनंद महसूस कर रही थी और खुद को हवाओं मैं ुरता हुआ महसूस कर रही थी.

अब माहौल ऐसा था की करीम के हाथ पूजा के गांड पाई चल रहे थे और वो देख रहा था मोबाइल की और .. मतलब प्रिय की और ..

ये देखते हुई प्रिय धीरे से बोली..

कमीने कुत्ते ...... बास्टर्ड .. मुझे क्यों दिखा रहा है ..

वो इतने धीरे से बोली की सिर्फ करीम सुन्न पाया उसे .. क्यों की पूजा तो अपनी मदहोशी की वजह से सुन hi नहीं पायी ..

और फिर प्रिय अपना सर पाकर कर बेथ गई. वो बहुत परेशान थी के यह सुब क्या हो रहा है ये सोचकर और फिर खुद को hi कहने लगी .. क्या हो गया है मुझे . क्या मैं अपनी हवस के चक्कर मैं इस हद तक निचे गिरते जा रही हु की मई इस कमीना जो गन्दी हरकत पूजा के साथ कर रहा है और मुझे दिखा रहा है वो मई देख रही हु..

अब करीम पूजा की गांड को अछि तरह से नाप टोल रहा था.. प्रिय ने ऐसे कहते hi प्रिय की तरफ वो देखने लगा .. ....

प्रिय के ऐसे कहने का करीम पर कोई असर नहीं पड़ा .. करीम के चेहरे पे एक खतरनाक स्माइल ने जनम लेना शुरू कर दिया....

उसने आपने मू निचे कर दिया और पूजा के पेटीकोट के उप्पर से hi उसके गांड को आपने मू मई ले लिया और उसे धीरे से काट लिया ..

ooouuuuuuuuchhhhhhhhhhhh………. क्या कर रहे हो करीम

पूजा सिसक उठी ..

कुछ नहीं रांड .. आज तेरे गांड खा जाने का मैं कर रहा है …

पूजा करीम की तरफ गार्डन करके उसके तरफ देखते हुई स्माइल करती है ..

तब करीम बोल पड़ा

क्या गांड है तेरे.. बहुत hi मुलाम .. मखान के माफिक ..

पूजा शर्माके आपने चेहरा दोनों हाथ के नीचे धक् लेती है और कहती है..

हत्तत्त.. बिश्रामममममममम..

कुछ नहीं रांड .. आज तेरे गांड खा जाने का मैं कर रहा है …

पूजा करीम की तरफ गार्डन करके उसके तरफ देखते हुई स्माइल करती है ..

तब करीम बोल पड़ा

क्या गांड है तेरे.. बहुत hi मुलाम .. मखान के माफिक ..

पूजा शर्माके आपने चेहरा दोनों हाथ के नीचे धक् लेती है और कहती है..

हत्तत्त.. बिश्रामममममममम..

वो आगे बढ़ा और पूजा के बूब्स को मुठी मैं ले कर दबा कर बोलै..

रांड तुम्हारे मम्मी बहुत खूबसूरत है …

इसपर पूजा शर्मा जाती है …

इससे मुझे बिना ब्रा और ब्लाउज के देखने है ..

नहीं मुझे शर्म आती है ..

ारे रांड इस कयामती मम्मी को ब्रा और ब्लाउज की क्या ज़रूरत है .. यह तो ब्रा और ब्लाउज के बग़ैर hi कितने टाइट हैं.

पूजा मुस्कराई

रांड तुजे पता है तेरी छूट के कितने दीवाने है ..

चुप करो बदमाश

अपनी इस छूट को बचने की कोशिश करो …

इसका तो मालिक तुम हो ..

मई तो हु hi .. लेकिन और भी मालिक बनाना चाहता है

कोण

राजीव

राजीव का नाम सुनते hi प्रिय आपने आँखे खोल के उन्दोनो की तरफ आचार्य से देखने लगती है ..

फिर सोचने के बाद उसे लगा की करीम जान बुज कर ऐसा बोल रहा है ..

नहीं .. वो वैसा नहीं है ..

तुम कैसे पता ..

वो मेरे बेस्ट फ्रेंड का होनेवाला हस्बैंड है

वो तो है .. पर तुम्हारे छूट का दीवाना भी है ..

अब प्रिय अनडू की बात ध्यान दे कर सुन रही थी

नहीं .. ऐसा नहीं है वो .. लेकिन तुम कैसे पता .. की वो मेरा दीवाना है ..

पूजा ऐसा बोलते हुई उसके चहरे पर हलकी सी स्माइल आ जाती है ..

ये देख के प्रिय को गुस्सा आने लगता है .. वो सोचती है ये बताते वक़्त पूजा स्माइल क्यों कर रही है ..

तुम्हारा नहीं तुम्हारे छूट का

इसपर पूजा उसके तरफ तिरछी नज़रो से देखने लगती है

मई ने देखा था ..

क्या ..

उस दिन मार्किट मई तुम दोनों राजीव के साथ कही बहार गए थे.. प्रिय राजीव से बात कर रही थी और उसकी नज़र तेरे मम्मी पाई hi थी ..

ये सुन के प्रिय को राजीव पर गुस्सा आने लगा था.. वो सोचने लगती है मैंने कभी राजीव पर ध्यान hi नहीं दिया .. उसकी नज़र कहा है

कब ..

4 दिन पहले … सैटरडे को .. वो मॉल मई गए थे न तुम तीनो ..

करीम के ऐसे कहने पर उधर प्रिय फिर से सोचने लगी .. कमीने की बात तो सही है ..

करीम पूजा को आंख मार कर बोलै. पूजा भी मुस्करा दी.

तो उस राजीव से बचके रहना .. राजीव तुम को नहीं छोड़ेगा ..

पूजा बोली

नहीं राजीव ऐसा लड़का नहीं है वो तो बुहत शरीफ है.

पूजा हँसते हुई बोली .. पर इसका अलग hi असर प्रिय पाई पड़ने लगा .. प्रिय सोचने लगी … मैं सोच भी नहीं सकती थी की मेरे बहन जैसे फ्रेंड पर राजीव की नज़र है .. और पूजा इतने यकीं के साथ कैसे कह सकती है राजीव ऐसा नहीं है .. मई भी ऐसा कुछ नहीं कह सकती तो ये कमीने कैसे कह सकती है .. क्या शायद इसका और राजीव का क्या सच मई चक्कर है ... आएगी से मई कभी पूजा को राजीव के सामने आने नहीं दूंगी ..

करीम ने आहिस्ता से अपना हाथ पूजा के गांड पर रखा और उसके गांड को सहलाते हुई बोलै,

सच क्या तुजे पता नहीं था की राजीव तुजे देखता है या नहीं ..

करीम के ऐसे कहने से पूजा शर्म से पानी पानी हो रही थी.. और प्रिय गुस्से से लाले लाल..

बताओ न शर्मा क्यों रही हो

वो ..वो…

शाबाश .. शाबाश ..बताओ.. बताओ.. पूजा यहाँ दूसरा कोण है.. सुननेवाला..

करीम उसकी गांड आपने हाथ मई लेके दबाते हुई बोलै

ोोोुछहहहह… करीम धीरे करो…

वो मुझे शक हुआ था.. पर यकीं नहीं था..

करीम ने मुस्कुराकर उसके पीठ को टच किया

और बोलै

कब शक हुआ था

प्रिय ने पूजा की तरफ थोड़ा सा नशीली आंखों से देखा..

तब करीम प्रिय को देख के समाज गया की अब ये मेरे जाल मैं फंसती जा रही है तो उसने थोड़ा सा सरक कर पूजा की तरफ हुआ और उसके ननगे पीठ को चुम लिया

और बोलै

अब बता भी दो न पूजा… तुम कब शक हुआ था

लास्ट मंथ

करीम ने उसके नंगे गोर गोर नरम और मुलायम पीठ पर अपनी जीभ फेरते हुई पूछा

कैसे

Sssssssssssssssssssssssss

सिसकारी लेते हुई पूजा बोली.. शरमाते हुई ..

वो कॉलेज मई और प्रिय बैठे थे ..और हमारे सामने राजीव खड़ा था .. तब मुझे लगा की राजीव प्रिय के बगैर मुझे hi देख रहा है ..

करीम ने पूजा को पलट दिया और उसके दूसरे साइड आपने एक घुटना रख दिया ..

ऐसा क्यों लगा तुजे रांड

पूजा का हाथ उसके बाज़ू से होते हुई उसके सीने पर पहुंचा … अब पोज्जा का गोरा गोरा हाथ उस के कोयले जैसे जिस्म पर हरकत कर रहा था… पूजा ने करीम के आँखों मई देखते हुई एक अड्डा से कहा

उस दिन मैंने थोड़ा लूसे टी – शर्ट पहना था और मई थोड़े जुख़ी हुई थी तब मेरे बूब्स थोड़े सामने आये थे .. तब उसे राजीव घूर रहा था ..

ओह्ह्ह.. माय गॉड .. ये मई क्या सुन रही हु ..

पूजा की बात सुनकर प्रिय चौंक उठाती है ..

करीम का एक हाथ उसके गोर मुलायम सीने पर से सरकते हुई उसके निप्पल के पास पहुंचा और करीम ने अपनी ऊँगली से उसको चुना शुरू किया.

इस मम्मी पाई उस कमीने की नज़र थी क्या रांड

ऐसे कहते हुई करीम ने दूसरे हाथ मई उसका दूसरा मां लेके जोर से दबाया

Mumiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii…. मर गईइइइइइइइ..

फिर करीम ने उसके निप्पल को अपने बड़े बड़े नाखून से ढर्रे से कुरेदा तो वो एक सिसकारी ले उठी.

Mumiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii..

फिर उसने क्या किया आगे

कुछ नहीं किया

करीम ने उसके मुलायम से मम्मी को अपने गंदे से काळा से हाथ से सहलाते हुई उस ने पूजा की आँखों मैं देखा और बोलै

और कुछ नहीं किया उस हरामी ने

पूजा न मई गार्डन हिलती है

तब करीम ने उसके निप्पल को अपनी दो उंगलिओं के बीच मैं पकड़ा और थोड़ा सा मसलते हुई बोलै

ठीक से बता न रांड

आआआअह्ह्ह्हह्ह्हह्हआआ...

करिमममममममम... डरडडडडडडड... हो राहाआआ.. है..

बता न रैंड..

वो मुझे ऐसा देख रहा है ये जानते hi मई सीदा हो गयी और राजीव ने ये जब जान लिया की मई देख रही हु तो उसने अपनी नज़र घुमा ली

ये सब सुन के प्रिय को बहुत गुस्सा आ रहा था ..

करीम अब उसके मम्मी को सहला रहा था .. पूजा को अब मज़ा आने लगा था तो वो भी उसके सीने को सहलाने लगी … और इधर प्रिय गुस्से से पागल हो रही थी..

पूजा ने अब उसके सीने को सहलाते हुई एकदम अपनी उंगली करीम के छोटे से निप्पल पर रख दी .. और वह कुरेदने लगी तब करीम उछाल पड़ा .. ये देखते hi प्रिय के चहरे पर हल की सी हसी आ जाती है ..

अब पूजा की उंगलिया करीम के निप्पल के साथ खेल रही थी .. इससे करीम को मजा आ रहा था .. और इधर करीम पूजा के मम्मी के साथ खेल रहा था ..ये सब देखते हुई प्रिय के बदन मैं अब खुश हो रहा था .. और उसके टैंगो के बीच गीलापन होना शुरू हो गया था ..

अब पूजा ने एक हाथ करीम के सीने से हटा के उसके थिगह पर रख दिया था… और करीम पूजा के शोल्डर को सहला रहा था .. इस सरे वक़्त प्रिय इन् दोनों की हरकतों को बारे गौर से देख रही थी ..

तूने ये बात प्रिय को बताये क्या

मुझे क्यों बताती .. मेरे पति को जो फंसना चाहती है ये

प्रिय खुद को hi कहने लगती है

नहीं

अब करीम ने पूजा के पीठ पर आपने हाथ ले गया और उसके ब्लाउज के बटन खोलने लगा ..

क्यों

ऐसे कहते हुई उसने अपने हूंत उसके राइट शोल्डर पर रख दिए.

Sssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssss

और पूजा की आँखे बंद हो गेन और उसने करीम की मोती थिगह को मज़बूती से थाम लिया. और कहने लगी

मुझे डर लगा

फिर करीम उसके गार्डन को किश करने लगा ..

और फिर अपनी जुबान बहार निकल के वह चाटने लगा..

Mmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmssssssssssssssssssssssssss karrrrimmmmmmmmmmm

Mereeeeeeeeeeeeeeeeeeeeee

Rajaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

ईईईईई kyaaaaaaaaaa

कररररर रहईये हो.. मुजेईईई तो तुमनेईईईई पागल सा बना दिया है … मुझे तुमने अपनी दासी बना दी है करीम .. बनाओगे न मुझे अपनी दासी …

अपनी बेकाबू सांसो पर कण्ट्रोल करने के नाकाम कोशिश करते हुई वो कहती है... और प्रिय पूजा के ऐसे कहने को सुन कर सोच मई पद जाती है .. और मैं मई कहने लगती है ..

सच मई करीम ने पूजा को पागल बना दिया है ..

तब करीम पूजा को एक जोरदार थप्पड़ लगता है ..

दासी नहीं रांड … तुम मेरे रखेल है ..

करीम का ये बर्ताव देख के उधर प्रिय को आचर्य भी होता है और दर भी लगाने लगता है

तू मेरे रखेल है .. समजे चैनल..

हाँ करीम .. मेरे राजा..

बता रांड .. तुजे किश बात का डर लगा ..

ऐसे कहते हुई उसके लेफ्ट हैंड ने पूजा के ब्लाउज के बटन खोल दिए और फिर उसने उसका ब्लाउज उसके बदन से अलग कर दिया ..

एक्चुअली .. प्रिय राजीव से बहोत प्यार करती है .. अगर मैंने ऐसा कुछ कहा होता तो उसे बुरा लगता या मुज पाई बहुत गुस्सा हो जाती .. और मुझे पक्का यकीं नहीं था की राजीव ने ये हरकत जांभोज कर की है या उसे गलती से वह नज़र गयी है ..

अच्छा ..

करीम ने पूजा के गार्डन को किश करते हुई उसके गार्डन के नीचले हिस्से पर हाथ फिरते हुई अपने हाथ को नीचे उसके ब्रा मैं क़ैद उसके मम्मी की तरफ ले जाते हुई बोलै,

मतलब तुम अभी भी यकीं है की राजीव वैसा नहीं है ..और उस से वो गलती से हो गया होगा ..

प्रिय अनडू की बाते और हरकत बहुत ध्यान से सुन रही थी .. देख रही थी .. वो अब बीएड पाई उलटी सोई थी ..मतलब पेट पर .. और बीएड पर मोबाइल रख कर बहुत नज़दीक से ये देख रही थी..

नहीं .. नहीं..

पूजा के ऐसे कहने से प्रिय को बहुत आचर्य हुआ ..

जैसे hi उसने ऐसे कहा वैसे hi करीम ने आपने हाथ पूजा के राइट मम्मी पर ब्रा के ऊपर से रख दिया .. वैसे hi एक बार फिर पूजा की आँखे बंद हो गयी. करीम ने अपने लेफ्ट हैंड से उसके रिघ्ता मम्मी को सहलाते हुई उसके गार्डन को चूमते हुई अपना राइट हैंड उसके कमर के नंगे हिस्से पर फैरना शुरू कर दिया.

उसका लेफ्ट हैंड पूजा के ब्रा के साथ खेल रहा था और इस वजह से पूजा के बदन मैं मस्ती की लहरें उठ रहीं थीं.

उसके हूंठ अब गार्डन को किश करते हुई पूजा के गाल की तरफ बढ़ रहे थे .एक बार तो उसने पूजा के गार्डन पर अपने दांत दबाये और ज़ोर से उसके गार्डन को कटाने लगा … तो पूजा ज़ोर से चिल्ला उठी….

आआआआह्ह्ह्हह्ह… कामिनीईईई.. काट mattttttttttttttttttttttt…

काटते वक़्त उसकी ग्रिफ्ट पूजा के मम्मी पर सख्त हो गयी..

पूजा ने छीलते हुई उसकी थिगह को इस क़दर ज़ोर से अपनी मुट्ठी मैं दबाया के उसके नाख़ून उसकी काली स्किन मैं चुभ गए और पूजा उसके दांतो की ग्रिफ्ट को अपने गार्डन पर काम करने के लिए खुद बा खुद उसकी तरफ सरक गयी.

क्या मतलब है तुम्हारा

ऐसा कहते हुई करीम ने आपने राइट हैंड उसके ब्रा के अंदर घुसा दिया .. निचे से..

Ssssssssssssssssssssssssssssssssssssssssmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmoooooooooooooooooooooooooooooohhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

उसके खुरदते हाथ आपने नंगे बूब्स पर टच होते hi पूजा के मुंह से सिसक्रियण निकलने लगी.

अब उसका लेफ्ट हैंड पूजा के रेशमी बालो को सहलाता हुआ उसके सर पर पहुँच गया. उसने अपने लेफ्ट हैंड से उसके सर को पीछे से पाकर कर पूजा के चहरे को अपनी और दबोचा और इस से पहले के वो खुश समजती या कुछ करती तब तक करीम ने अपने गंदे बदबूदार काळा होंठ पूजा के गुलाबी गुलाबी मीठे होंटो पर रख कर उसे चूमना शुरू कर दिया.

और फिर करीम ने उसके नीचले होंटो को अपने हूंतो की ग्रिफ्ट मैं लिया और पूजा के हूंतो को चूसने लगा.

ये सब करीम का तरीका देखकर उधर प्रिय डरने लगी थी .. प्रिय खुद से hi कहती है .. मैं कभी इमेजिन भी नहीं कर सकती की पूजा जैसे खूबसूरत और हाइली एडुकेटेड लड़की इस तरह से गंदे तरीके से किसी बूढ़े के साथ ऐसा कुछ करेंगे ..

अब पूजा करीम की बहून मैं झूल रही थी और फिर आहिस्ता आहिस्ता पूजा की जीभ उस के मुंह मैं दाखिल हो गयी थी. उसने पूजा के जीभ को अपने होंटो के बीच लिया और उसको चूसने लगा.

करीम और पूजा दोनों एक दूसरे के होंठों को चुम रहे थे , करीम ने अपना हाथ ले जात्ते हुए पूजा की छूट के उप्पर रख दिया और उससे मसलने लग्गा ..

क्या मतलब है तुम्हारा .. राजीव ने ऐसा क्या किया जिस वजह से राजीव अच्छा है ये तुम नहीं कह रही हो

छूट पे ऊँगली महसूस करते ही पूजा ने अपनी टांगें सिकोड़ ली , वो नहीं चाहती थी की अब ऊँगली की मदद से हे वो झाड़ जाये....

पूजा ने करीम के होंठों से अपने होंठ अलग किये..

उस दिन के 4-5 दिन बाद मई राजीव और प्रिय कॉलेज जा रहे थे तब चलते वक़्त राजीव ने मेरे कमर पर हाथ रख दिया था .. मैंने वो हाथ उसको गुस्से से देखते हुई हटा दिया ..

ये इधर प्रिय ने सुनते hi प्रिय आग बबूला होने लगी ..

गलती से हुआ होगा पूजा

करीम प्रिय की तरफ मोबाइल की तरफ देखते हुई कहता है ..

नहीं करीम उसके बाद 2-3 बात कब उसने मेरे कमर पाई हाथ रखा तो कभी अस्स पर मतलब गांड पर ..

अब इधर प्रिय पागल होते जा रही थी ..

तभी करीम ने साडी के उप्पर से hi उसके छूट को कुरेदने लगा उंगली से

नहीं अब ऊँगली से नहीं....

पूजा बोल पड़ी

उसकी बात सुन के करीम मुस्कुरा

पड़ा और अपने लुंड को हाथ से पकड़ के हिलने लग्गा ..

अगर कुछ और चाहिए तोह कुश करना पड़ेगा..

करीम ने अपने लुंड को आगे पीछे करते हुए कहा , करीम की बात सुन के पूजा के चेहरे पे एक कामुक मुस्कान फिकल गयी उसने फ़ौरन और अपने कनपटी हुए हाथ से करीम के सख्त लुंड को अपनी मुठी मैं भर लाया….. और अपने हाथ मई पकड़ के हिलने लग्गी

ाः.. बढ़िया...

सिसकते हुए करीम ने ऑंखें बंद कर ली .. इधर ये सब प्रिय बड़े आशर्य से देखने लगी थी.. उसे पूजा ये सब करेंगे कभी सोचा नहीं था ..

अब करीम को मज़ा अत देख पूजा ने अपनी गर्दन निचे कर ली

और करीम के लुंड को हिलाते हुई अपने होंठ उसके सुपडे पे रख दिए..

फिर उसके लुंड को चाटने लगी

शसि... पूजा...

करीम सिसक पड़ा उससे ऐसे सिसकता देख पूजा ने अपना मुँह खोला और लुंड के सुपडे को अपने होंठ में दबा के उसपे जीभ चलने लग्गी

सी आअह्ह्ह haye.e.. पूजा .....

करीम ने सिसकते हुए उसके बालों को पकड़ लिया.... गरम जीभ का आभास सुपडे पे पड़ते ही करीम पगला सा गया था....

देखते ही देखते पूजा ने अपने होंठ खोले और उससे लुंड पे रगड़ते हुए निचे ले जानने लग्गी और उसके ांडो को चाटने लगी

अब देखते ही देखते उसने उसका आधा लुंड मुँह में उतर लिया और फ़ीस अपने होंठ वापिस खींच लिए , इस आभास से तोह करीम चारपाई पे चटपटा सा पड़ा...

आह पूजा .... साली

सिसकते हुए उसने पूजा के बल खास के पकड़ लिए और अपने लुंड को पूजा के मुँह में धाकड़े मारा मनो उसका मुँह नहीं उसकी छूट छोड़ रहा हो....
 
पूजा भी उसके लुंड को मुँह में अंदर बहार करने लग्गी वहीँ करीम ने उसके बालों को पकड़ के आपने लुंड को अंदर बहार करना शुरू कर दिया ..

ुहममम उहुउउउ... ट्सस्सुप्प...

जैसी आवाज़ें कमरे में गूंजने लग्गी..

करीम पागल हो चूका था..

आआह्ह्ह हाँ ऐसे ही चूस इससे .. चूस इससे... chinnaaalllllllllll.. ओह्ह्ह.. रायण…. ड़ड़ड़ड़…. ीी..

करीम पागलों की तरफ अपने लुंड को पूआज के मुँह में अंदर बहार कर रहा था ..

करीम के ऑंखें मस्ती मैं बंद होने लगी, और वो अपनी कमर को धीरे-2 हिलने लगा…

इधर ये सब देख के अब्ब तक प्रिय जान चुकी थी, की उसके छूट भी पूजा के छूट के जैसे hi करीम के लुंड के लाये पानी बहा रही है…. और इधर पूजा एक दम मस्ती के साथ करीम के लुंड के सुपड को अपने होंटो के बीच मैं दबा -2 कर चूस रही थी….

पूजा अब बीच -2 मैं वो अपने जीभ से लुंड के पेशाब वाले छेद को कुरेद देती….

करीम मस्ती मैं सिसक uthata….aur पूजा के सर को दोनों हाथो से पकड़ कर तेजी से अपनी कमर हिलाते हुए, अपने लुंड को उसके मुँह के अंदर बहार करने लगता……. ये देख कर प्रिय के चहरे पर स्माइल आ जाती

तभी उससे लगा की उसका निकलने वाला है इसलिए उसने फ़ौरन अपना लुंड पूजा के मुँह से बहार निकल लिया....

अचानक से ऐसे लुंड बहार निकलने से पूजा उसकी तरफ घूरने लग्गी...

आह... हां.. सल्ली अभी hi निकलना चाहती है क्या मेरा..

पूजा को ऐसे घूरता देख करीम ने हँसते हुए कहा तोह पूजा भी हंस पड़ीं.....

बोल आज तेरी इस कल्ली को किस तरह सजाऊँ..

करीम ने अपना हाथ उसके छूट पर ले जात्ते हुए उस की छूट को मसलते हुए कहा....

आह्हः.... कमीने .... कैसे भी कर लेकिन बस कर दे.... अब सेहन नहीं होता..

पूजा ने कामुकता से कहा जिससे

देख करीम अपने आप को कण्ट्रोल नहीं कर पाया और उसने अपने होंठ पूजा कहोंटों से जोड़ दिए और दोनों एक दूसरे के होंठों को चूसने लग्गे , फिर करीम अलग हुआ और बीएड से निचे उतर गया , पूजा हैरानी से उससे देखती तोह कभी उसके रोड जैसे लुंड को देखती जो उसके थूक से गिल्ला पड़ा था.... यही हाल इधर आपने रूम मई बैठे प्रिय का भी था ..

पूजा कुछ कहती उससे पहले ही करीम ने पूजा की तंग पकड़ के उससे बीएड से खींचा और खींचते हुए उसकी गांड तक उससे बीएड से निचे कर दिया.. पूजा तुरंत समझ गयी की करीम कौन सी पोजीशन में उसे लाना चाहता है .. तभी पूजा के मोबाइल पाई एक कॉल आती है ..जिस वजह से जो लाइव वीडियो प्रिय देख पा रही थी वो बंद हो जाती है ..

बिना वक़्त गवाते हुए अंकित ने दिशा की टांगों को फैलाया और उसकी टांगों के बिच आ गया

ये कॉल था रानी का .. प्रिय की ननद का .. इसी कॉल के वजह से वीडियो कॉल कट होता है .. पूजा को समाज आये इस से पहले करीम उसका मोबाइल शेल्वे से लेके आता है ..

पूजा पूछती है किसका है

रानी दी लिखा हुआ है .. कट कर दू क्या

नहीं नहीं दे दो नहीं तो वो मेरा जीना मुश्किल कर देंगे

कोण है माल तो बहुत बढ़िया है

मोबाइल पे जो फोटो आ रहा था उसे देख के करीम कहता है

चुप करो बदमाश .. नयी लेडी दिखी नहीं की उसके पीछे पड़ते हो

बताओ न कोण है

मोबाइल देते हुई करीम पूछता है

प्रिय की ननद …

प्रिय की ननद या तुम्हारे राजीव की बहन

चुप करो बदमाश

इधर प्रिय टेंशन मई आ जाती है .. वो सोचने लगती है की क्या करे .. अभी तक प्रिय का कॉल ख़तम हुआ होगा क्या .. यही सोचते हुई वो पूजा को कॉल लगाने का सोचा टी है .. पर वो सोचते है की अगर कॉल ख़तम नहीं हुवा और प्रिय ने मेरा कॉल देख लिया और प्रिय ने कॉल उठा लिया तो .. यही सोच कर पूजा को कॉल लगाने का विचार चोर देती है .. और फिर जाहत से करीम को वीडियो कॉल करती है ..

करीम आपने मोबले देख के खुश हो जाता है .. पूजा को उसका मोबाइल देके थोड़ा पीछे चेयर पाई आके बैठ जाता है .. उधर पूजा रानी का फ़ोन ुटटी है और इधर करीम प्रिय का और

जैसे hi पूजा ने फ़ोन पिक किया सामने से आवाज़ आयी...

हेलो.. सो रही थी क्या..

हाँ … नहीं … दीदी …

दीदी को क्या जवाब दू ये पूजा को समाज मई नहीं आ रहा था

इधर कॉल उठाते hi करीम आपने मोबाइल का कैमरा आपने नंगे लुंड पर रखता है .. उसके काळा नंगे लुंड को देखते hi प्रिय को गुस्सा आ जाता है ..

कमीने कैमरा घुमा लो ..

क्यों पसंद नहीं आया क्या मेरा लुंड ...

कमीने हरकत मत कर मेरे साथ ...

बता रांड.. क्या काम है

पहले मोबाइल तो घुमा लो

नहीं घुमाऊंगा .. क्या कर लगे

प्ल्ज़ करीम

फिर करीम आपने चहरे की और कैमरा घुमा लेते है

इतना मेरा चेहरा पसंद है क्या

नहीं पसंद है

तो क्यों घूमने क लिए बोलै

मुझे तुमसे बात करने है

बता बता

पूजा कहा है

किसी से बात कर रहे है

किस से

तुम्हारे ननद रानी और मेरे बुलबुल से

क्या .. उसने क्यों कॉल किया पूजा को

मुझे क्या पता डार्लिंग

प्ल्ज़ उधर मोबाइल घुमा लो न

क्यों ..

मुझे देखना है और सुनना भी है ..

मई क्यात ेरे बाप का नौकर हु .. जो तू बोलेगे और मई वो करूंगी ..

नौकर नहीं हो .. लेकिन प्ल्ज़ मेरे लिए ..

नहीं करूँगा ..

तुमने थोड़े देर पहले एक काम बताया था मुझे वो मैंने किया न

तो

तो अब एक काम मेरा कर लो न

नहीं करूँगा

प्ल्ज़

करूँगा तो मुझे क्या मिलेगा

तुम क्या चाहिए

ये प्रिय ने बोल दिया पर फिर सोचने लगी मैंने ऐसा क्यों कहा

तेरे छूट

प्ल्ज़ करीम वो नहीं

तूने वडा तो किया है न .. फिर क्यों नहीं ..

लेकिन वडा तो मेरे शादी के बाद का है न .. मेरे हस्बैंड के साथ मेरे सुहागरात होने के बाद का वडा है ..

मई भी तो वही बोल रहा हु न ..

इस बात पर प्रिय शांत हो जाती है .. फिर करीम कहता है ..

तुजे क्या लगा ..

प्रिय कुछ नहीं बोलती..

तुजे के लगा .. मई तेरे छूट अब मांग रहा हु ..

प्रिय अब भी कुछ नहीं बोलती ..

बोल न रांड

हैं..

बहुत जलबाज़ी है तुजे .. आपने छूट मुझे देने मई ..

करीम के ऐसे बोलने से प्रिय खुद को ज़लील होते हुई महसूस कर रही थी..

क्या .. रांड .. तुजे मेरा लुंड इतना पसंद आ गया .. जो राजीव के साथ सुहागरात करने से पहले मेरा लुंड आपने छूट मई डालना चाहती है ..

नहीं . मई ऐसा कुछ नहीं चाहती

तो क्या आपने गांड मई डालना चाहती है क्या ..

नहीं कभी नहीं ..

तो क्या चाहती है तू रांड

मई सिर्फ पूजा और रानी दी की बात सुनना चाहती हु

सुना दूंगा रांड पर मेरा क्या फायदा होगा

तुम जो चाहते हो वो मई अभी नहीं दे सकती ..

मुझे भी अभी नहीं chahiye..mai तो तुम तेरे सुहागरात मई किसी आलीशान होटल मई या किसी आलीशान जगह पाई तेरे आलीशान रूम मई सुहाग से से सेज़ पाई तुजे चौंदूंगा ..

ये सुनकर प्रिय को बहुत बुरा लग रहा था..

प्ल्ज़ दिखा दो न

दिखा दूंगा पर मुझे क्या मिलेगा

तुम मई पैसे दूंगी इसके

वो तो तुम ऐसे भी दे दूंगी .. उसके लिए मुझे ये सब करने की क्या जरूरत है

फिर दूसरा क्या दे सकती हु मई ..

तुम बहुत मस्त लुंड चूसती हो.. एक बार और चूस लो न .. मेरा लुंड ..

ये सुनकर प्रिय शांत हो जाती है ..

कुछ तो बोल न रांड

अब तुम्हारे डिमांड बढ़ती जा रही है .. मैं ीक बार कहा था तो एक बार मैंने वो कर भी लिया ..

हमारे कोण्टार्कट मई ऐसा कही नहीं कहा गया किट ु मेरा लुंड एक hi बार चूसेंगे ..

करीम अब तुम मेरे मज़बूरी का फायदा उठा रहे हो .. ये सब ठीक नहीं है ..

ये मज़बूरी क्या होती है रांड .. मैंने कहा था क्या तुजे मेरे घर आने मई.. मैंने कहा था क्या तुजे रांड की ऐसा कोई प्रपोजल मुझे देने को

अब करीम प्रिय को जलील कर रहा था

थिस इस नॉट फेयर करीम

मई तो ऐसा hi हु.. तुजे पहले से पता था .. फिर भी तू मेरे पास आयी और मेरा लुंड चूसा तूने ..

प्रिय शांत रह के करीम को देखे जा रही थी और सुन रही थी

कुछ भी हो प्रिय.. लेकिन तू लुंड बहुत मस्त चूसती है .. कहा से सीखा तूने ये सब … कही राजीव ने तो नहीं सिखाया न तुजे ..

तुम मुझे उन दोनों की बात सुनाओगे या मई फ़ोन राखु

बुरा मत मान रांड .. मई सुना दूंगा तुजे उन दोनों की बात .. पर ..

अब पर क्या

मई कल सुबह तेरे घर आ रहा हु.. तू तब मस्त ड्रेस मई रेडी रहना .. और फिर मुझे मस्त किश देना और मेरा लुंड भी चूसना ..

नहीं .. ऐसा मई कुछ नहीं करूंगी..

तो तेरे उस ननद रानी को पता के दे मुझे

नहीं …

क्यों

मुजसे नहीं होगा ये

काम से काम मेरे उसके साथ पहचान तो करा दे

करीम तुम समजते कैसे नहीं हो .. मई क्या बोल के पहचान करवा दू.. तुम मेरे उम्र के भी नहीं की मई तुम फ्रेंड कह के दी से इंट्रोडस करवा दू …

साली .. टेलर बोल के इंट्रोडस करवा दो … कपडे सिलने के बहाने बाकि का काम मई कर लूंगा

उन अगर तुजसे कपडे सिलने नहीं होंगे तो

तू इंट्रोडस तो करा .. बाकि का मई कर लूंगा ..

करीम लेकिन वो बहुत hi फि है .. कपडे भी फैशनेबुल पहनती है .. तुमसे नहीं सिलायेगी

तुजे उसे क्या है .. बाकि का मई खुद कर लूंगा

कर लेना .. पर मेरा नाम कही पाई नहीं आना चाहिए

नहीं आएगा बुलबुल

तो ठीक है

तो कल मई तेरे घर आ रहा हु और तू पहले मेरा लुंड चूसेंगे और बाद मई तेरे ननद से मुझे मिलवाएंगे

वो नहीं .. सिर्फ रानी दी से मिलवाउंगी .. बाकि कुछ नहीं .. अब बाटे मत बना .. और मोबाइल उधर घुमा लो … कही हमारे बात ख़तम होने से पहले उनकी कॉल ख़तम न हो जाये

ठीक है .. तू जैसा बोले ..

ऐसा कह के करीम चेयर से उठ जाता है और चेयर पाई मोबाइल खड़ा कर देता है और चेयर थोड़ा छोत के पास खिंच लेता है और खुद पूजा के पास जेक बैठ जाता है .. पूजा अभी भी रानी से बात कर रही थी ..

फिर करीम ने बीएड पाई जेक उसके पीछे बैठ के पीछे से अपने होंठ पूजा की नुदे बैक पे रख दिए

ससीईईई …

होंठों का स्पर्श पड़ते ही पूजा

सिसक उठी....

ुहममम दीदी इस वक़्त कैसे फ़ोन किया... कुछ ख़ास काम था या ऐसे hi जनरल मई फ़ोन किया

पूजा ने मस्ती में ऑंखें बंद करते हुए अपने होंठों को किसी तरह दबाते हुए करीम के सर को पीछे धकेलते हुए बोलै...

उधर करीम अपने होंठों को बढ़ाता हुआ उप्पर लंङे लग्गा और धीरे धीरे उसकी गर्दन पे ली आया

और अपनी हाथ की मदद से पूजा के ब्लाउज के बटन खोलने लगा और उसके कन्धों पे अपने होंठ रख दिया....

इसी बिच पूजा हलके हलके सिसके जा रही थी......

पूजा की हालत देख के इधर प्रिय को हसी आ रही थी .

मई क्या तुम ऐसे कॉल नहीं कर सकती क्या पूजा

रानी बोल पड़ी

ब्लाउज के बटन खोलने के बाद करीम उसका ब्लाउज उसके कंधे से उतरना शुरू कर दिया और फिर उसका ब्लाउज निकल के बीएड पाई रख दिया और फिर उसने अपने हाथ आगे बढ़ाये और उसके नरम नरम बूब्स पे रख दिए

और उन्हें जेंटली दबाने लग्गा

आहहहहहहह ुहम्म्म्म ..

सिसकते हुए पूजा ने अपनी गर्दन पीछे घुमाई , उसकी सांसें करीम के चेहरे पे पढ़ रही थी और करीम की सांसें उसके चेहरे पे

हाँ .. दी.. आप कर सकते है न कॉल मुझे कभी भी .. मुझे लगा कुछ ख़ास काम मई इसलिए आपने कॉल किया है .. आप को बुरा लगा हो तो ी ऍम सॉरी दी..

ारी यार मैंने तो ऐसे hi मजाक मई कहा था पूजा . तुम क्या लगा मुझे बुरी लगी तुमरे बात

तब करीम ने उसके मम्मी को एक हाथ से दब्या और दूसरा हाथ फिसलते हुआ निचे ले जाने लग्गा और उसके पेटीकोट के नदी पे वो हाथ अब आ गया था ..

करीम के ऐसे करने से पूजा सियस्क पड़ी ..

ुहममम.. ुहममम acha.a.a..

बड़ी मुश्किल से पूजा ने कहा और फिर बिना आवाज़ करे " आह्हः " उसके मुँह से निकली

जैसे ही करीम ने पूजा की पेटीकोट को छुआ वो समझ गयी की करीम अब क्या करने वाला है .. तभी करीम ने उसके पेटीकोट का नाडा खोल दिया ..

करीम ने ऐसे करते hi उसने करीम

की तरफ देखते हुए कहा ..

करीम .. रुख जाओ .. कुछ समय के लिए ..

ये सुनते hi प्रिय उधर है पड़ी ..

करीम ने पूजा के आँखों मई देखते हुई

अपने होंठ आगे बड़ा के पूजा के होंठों पे रख दिए

और दोनों एक दूसरे के होंठों को चूसने लग्गे , जीभ से लड़ाई लड़ने लग्गे और करीम ने आपने हाथ नाडा खुले हुई पेटीकोट मई से उसके पंतय पाई ले गया ..

जैसे ही आपने पंतय पे करीम के ठन्डे हाथों का स्पर्श हुआ तोह पूजा ने अपने होंठ करीम से हूंतो से अलग किये और बिना देर करे अपनी कमर हवा में उठा ली ..

अब करीम के चेहरे के बिलकुल करीब रह कर ही पूजा तेज़्ज़ी तेज़्ज़ आहें बाहरणे लग्गी

आहहहहह ओह्ह्ह ुहममम आह्हः

yes.s.s. yes.s.s...

जैसे hi उसने कमर ऊपर उठा ली वैसे hi करीम ने उसकी गांड से उसके पेटीकोट को निकल फेंका और सीधे अपने हाथ ले जेक उसकी पंतय के उप्पर से छूट पर रख दिया

अब पूजा को पुर्रा मज़ा चढ़ चूका था.. उधर करीम को भी ज्यादा प्लेससुरे देने में मज़ा आ रहा था

क्यों की वो जनता था की इस वक़्त पूजा की क्या हालत है...

तो अब क्या कर रही हो पूजा

पूजा अपनी बात कहने वाली थी इस से पहले hi करीम ने पंतय के साइड से अपनी उंगली पंतय के अन्दर से उसके नंगे छूट पर रख दी

हैं ुहँन... हां... aaaahhhhhhhhhhh...

चाहते हुई भी इस बार वो अपनी सिसकी नहीं रोक पायी.. पर दी को आवाज न जाये इस लिए उसने मोबाइल को हवा मई उठा लिया..

उसकी गरम हवा करीम के चेहरे पे लग रही थी , उसके होंठ कैंप रहे थे उसका पुर्रा चेहरा लाल हो चूका था.. करीम उस्सकी इस खूबसूरती को ऑंखें फाड़े देख रहा था , सच इस वक़्त पूजा का चेहरा किसी पररि से काम नहीं लग रहा था जो वासना के आग में जल रही थी......

तभी करीम ने पूजा की छूट का दाना पकड़ के खींच लिया .... तब

आआआआह्ह्ह्हह्हआआ… कामिनी..

ऐसे पूजा सिसक पड़ी और फ़ौरन अपने होंठ अपने दन्त के निचे दबाये लेकिन तब तक तोह रानी ने उसकी इस आह को सुन लिया था...

क्या हुआ तुझे...

रानी ने उसे पूछा....

रानी ने पूछते hi पूजा ने अपनी नज़रें गुस्से से करीम की तरफ कर ली तोह देखा करीम उसकी तरफ देखते हुए मुस्कुरा रहा था

कुछ नहीं दी.. वो बीएड से टकरा गयी मई...

पूजा ने करीम की तरफ गुस्से भर्री नज़रों से देखा , पर वो मुस्कुराया और फिर से अपना उंगली हलकी से उसकी छूट मई

दबा दी .....

हम्म्म्म.. ... ओह्ह्ह्हह......

पूजा फिर से सिसक पड़ी और इस बार तोह उसकी कमर भी उप्पर उठ गयी , जैसे hi उसकी कामर उप्पर उठी करीम ने अपना हाथ ले जेक निचे उसके गांड पे टिक्का दिया और उसकी गांड को थोड़े आगे खिंच के उसके पेअर हवा मई कर के उसके छूट पर आपने मू रख दिया ..

ओह्ह ाचा.. मुझे न तुजसे न प्रिय के बारे मई बात करनी है ..

ये सुनते hi प्रिय चौंक पड़ी .. और डरने लगी..

जैसे hi करीम की जीभ उसके छूट पाई आ गए वैसे hi पूजा फिर से सिसक पड़ी

ाहः एस please.e.e..e दो.. इत्... आह्हः सो गुड...

अब क्या हुआ..

रानी ने फिर से पूछा...

कुछ नहीं दी .. वो जहाँ लग्गी है वहां हलकी दवाई लगा रही थी....

अब भर्री सांसें लेती हुई पूजा ने अपनी ऑंखें बंद की और फ़ोन को कण से हटा लिया उससे अब बहुत मज़ा आ रहा था , शरीर में मस्ती की लहर दौड़ रही थी और कभी भी वो लहर छूट से बहार निकल सकती थी , उसका पुर्रा चेहरा लाल पढ़ चूका था , गहरी गहरी सांसें लेती हुई कुछ मिनट ऐसी hi लेती रही

अब उसकी बेहद गरम देखती जगह पे करीम की दो उंगलियुं अंदर बहार हो रही थी..... और साथ मई वो उसे चाट भी रहा था ..

इस वजह से पूजा स्याक्ति हुई पीछे की तरफ गिरने लग्गी , करीम ने भी उससे पीछे गिरने दिया लेकिन पुर्रा नहीं , वो आधी लेती हुई थी और उसकी टाँगें अभी भी हवा मई लटक रही थी

छूट में से निकलता रास बेहटा हुआ बीएड पे गिर रहा थाआ......

आअह्ह्ह ुहममम ाःह ओह्ह एस...

पूजा की ऑंखें आधी खुली थी और उसकी नज़र उप्पर छत्त की तरफ थी , करीम उसकी छूट में ऊँगली करते हुए उसके चेहरे को ही देखे जा रहा था...

न जान्ने क्यों उसका मन कर रहा था की वो उससे ऐसा चोदे की आज ये रात भी काम पड़ जाई......

बास यही सोचते हुए उसने अपनी ऊँगली बहार निकली , ऊँगली बाहर ात्ते ही पूजा की मस्ती भर्री ऑंखें पुररी

खुल गयी वो फिर से थोड़ा नाराज़ हो गयी लेकिन वो कुछ कहती उससे पहले ही करीम ने पूजा की कमर से उससे पकड़ के उसे उठाया और पलंग पे पीठ के बल पटक दिया और उसकी दोनों टांगें खोल के उसके प्यार के घुटने उसकी चूचियूं में घुसा दिए.......

ऐसे जंगली पैन देख उधर प्रिय के चेहरे पे मुस्कान आ गयी , लेकिन इधर

पूजा के चेहरे पे खुमारी च गयी क्यों की निचे से करीम ने अपने होंठ पूजा की छूट के उप्पर रख दिया था और वहां उससे बड़ी बुररी तरह से चाट रहा था...

ओह्ह गोड़.. यू अरे ा बास्टर्ड... आअह्ह्ह ुहम्म्म्म

पूजा अपनी गर्दन उचका के सिसक hi रही थी की तभी हेलो हेलो की आवाज़ फ़ोन से उसके कानो में पड़ीं. आवाज़ सुनते hi पूजा ने मैं मई रानी को गालिया देते हुई ( साली .. बास्टर्ड .. इस दी को अभी hi फ़ोन करना था क्या .. और बात भी जल्दी ख़तम नहीं कर रही है .. और फ़ोन भी नहीं रख रही है ) एक बार फिर कण पे लगाया और बेहद हलकी आवाज़ में कहा...

हेलो...

क्या हुआ तुझे बड़ा अजीब बेहवे कर रही है , ड्रिंक बैंक कर ली है क्या तूने .. नशे में है क्या तू ..

नहीं दी

ठीक तोह है न...

हाँ... बिलकुल..

नशीली आँखों को चढ़ाते हुए एक ज़ोर दर कपकपी प्पोजा के मुँह से निकली.. अब रानी को क्या पता की जो नशा वो अब कर रही थी वो दारू के नशे से 100* गुणा ज्यादा नशा इस वक़्त उसके शरीर में रेंग रहा है....

हाँ ..दी … आप को क्या पूछना है प्रिय के बारे मई

aaahhhhhhhhhh ohhhhhhhhhhh kkkk.aaariimmmm ............ ु जुस्त... आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह्हह ओह्ह्ह्हह्हह

सिसकते हुए उसकी सांसें उखड रही थी , वो तेज़्ज़ी से सांसें ले रही थी , उसके बूब्स तेज़्ज़ी से उप्पर निचे हो रहे थी उसस्के हाथ करीम की बालों की तरफ बड़े और वो उनके नोचने लग्गी , लेकिन करीम को इसका कोई असर नहीं था उसके मन में बास इस वक़्त पूजा को बेहद प्यार देने का मन था इसलिए वो बास वही कर रहा था....

आपने नाम लेते hi प्रिय उधर गुस्से मई आ गयी … वो कहने लगी ..

चुप चाप अपनी छूट चुसवा न आपने यार से .. मेरा नाम क्यों ले रही है ..

अब मई कैसे पुछु .. पूजा .. मई वही सोच रही हु ..

रानी ने कहा

तभी करीम ने अपनी जीभ उसके छूट पे फिराई जोकि जोश में और फूल गयी थी.

आआह्ह्हह्ह्ह्ह

पूजा अब मस्ती में अपना सर idhar-udhar झटका रही थी. फिर करीम ने अपनी नाक उसके छूट मई डाली तब पूजा चिल्ला उठी ..

oohhhhh..karim ..नहीं..!

और बिस्तर पे उचकने लगी और जोश मई आके पूजा पलट गयी … अब उसके टैंगो के बीच करीम आ बैठा था ..टांगों के बिच ात्ते ही पूजा ने करीम की कमर को अपनी टांगों से जकड लिया

क्या हो गया दी.. एनीथिंग सीरियस..

फिर से उसके छूट पाई करीम ने आपने जीभ लगते hi पूजा हल्का सा सिसकी और उसकी टाँगें करीम की कमर पे और कस गयी...

अब सीरियस है या नहीं ये भी नहीं पता मुझे या ये मेरा शक है क्या .. ये भी नहीं पता है

क्या बात है दी

जय hi उसने अपनी जीभ उसके छूट मई थोड़ी अन्दर डाली वैसे hi उसकी गांड हवा में हल्का उठ गयी और उसकी छूट फिकल गयी..

अब देख क्या हाल करता हूँ तेरा...

करीम के ऐसे कहने पाई पूजा उसकी तरफ देख के गार्डन न मई हिला के कहने लगी

no

अब मई जो पूछ रही हु न .. शयद ये मेरा शक भी हो सकता है .. इसलिए प्ल्ज़ इसके बारे मई प्रिय को मत बताना .. मई जानते हु तुम प्रिय की सबसे अचे सहेली है .. तू मुझे दी कहती है तो बड़ी दी के नाते ये मई पूछ रही हो.. वैसे मई भगवन को गुजारिश कर रही हु की मई गलत हो जाऊ ..

दी आप बेफिकर रहिये.. मई कुछ भी प्रिय को नहीं बताउंगी …

ये सब सुनके उधर प्रिय का बप बढ़ता जा रहा था

इस पोजीशन में आटे ही करीम अब पागलों की तरह उसके छूट चाटने लग्गा ..

उसके छूट के अन्दर अपनी जीभ डालके उसे अन्दर बहार करने लगा

आअह्ह्ह ओह्ह्ह्ह yes.s... .. आआह्ह्ह ुहममम ससीई ओह्ह्ह yes.s.. ओह एस....

पूजा पागलों की तरह सिसक रही थी..

तो मई तुम पे ट्रस्ट कर सकती हु न

हाँ दी पक्का कर सकती हो आप

सिसकते हुई पूजा कहती है

क्या प्रिय का अफेयर है क्या

ये सुनते hi उधर प्रिय आपने जगह पाई उछाल पड़ी और इधर पूजा और करीम भी एक दूसरे को देखने लगे .. दोनों सोचने लगे की ये इसको कैसे पता चला ..

तब तुरंत पूज्जा ने कहा

नहीं दी .. ऐसा कुछ भी नहीं है ..

तब करीम प्रिय के तरफ देखने लगा ..प्रिय उसको इशारो से कहने लगी ..

सब तुम्हारे वजह से हुआ ये सब

पक्का न ..पूजा

रानी ने कहा

अब फिर से करीम ने आपने उंगली उसके छूट मई दाल दी और पागलों की तरह से उसे अन्दर बहार करने लगा.. फिर उसकी जीभ दाल दी उसके छूट के अन्दर .. उसकी जीभ गरम छूट को अछि तरह से महसूस कर रही थी ... वहीँ पूजा भी छूट में करीम की जीभ को प् कर पागल हुए जा रही थी , उसकी गरम छूट में जीभ उसे

शांत करने के लिए अंदर बहार हो रही थी , जीभ अन्दर जाते hi उससे शांति और मज़ा देरही थी...

इस सब से दिशा अपने चेहरे पे हाथ रखे सिसकियाँ भर रही थी , बिच बिच में दर्द में अपनी कमर

उछाल देती , लेकिन वो जानती थी की वो कुछ नहीं कर सकती , क्यों की दूसरी तरफ उसका शरीर थक गया था पर छूट नहीं वो तोह अभी भी कितनी बार झाड़ जाना चाहती थी....

हाँ दी .. ऐसा कुछ होता तो मुझे पता होता और मुझे पता होता तो मई आप से क्यों छुपाती

वो भी सही है ..

ओह्हो कामिनीई . .. रांड…... ाः.. क्या छूट है तेरी पूजा .. आह्हः

करीम सिसकते हुई उसकी टंगे पकड़ लेता है और पागलों की तरह अपने जीभ को छूट के अंदर बहार कर रहा था..

पर कल हम मॉल मई थे न प्रिय लगातार किसी से बाते कर रही थी..

ये सुनते hi प्रिय आपने सर पाई हाथ मरती है ..

और करीम की तरफ गुस्से से देखने लगती है ..

आअह्ह्ह्ह करीम .... स्टॉप आईटी पलासी.... दी कुछ कह रही है .. मुझे उनसे दो मिनट बाते करने दो ..प्ल्ज़्ज़्ज़्ज़…. ुहममम...

पूजा सिसकते हुए अपनी झंगें जोड़ने की कोशिश कर रही थी जिससे करीम अपना चेहरा हटा ले और अपनी छूट को अपनी टांगों में बिच ले लेकिन करीम ने झागों को पुररी ताकत से पकड़ा हुआ था , वो तोह कभी अपनी जीभ अंदर डालता कभी होटों से छूट के डेन को मुँह में लेके खींच देता , तोह कभी हलके दन्त लगा देता....

ummmmmmmmmm

राजीव से बाटे कर रही होगी ..दी

सिसकते हुई पूजा कहती है

ुहम्म रांदड़ ... आज तुझे नहीं छोडूंगा..

करीम ने अपना चेहरा हटा के बोलै , उसके होत्नों के अजु बाजु हर जगह छूट के कामर्स लगा हुआ था , इतना कह के वो फिर लग गया पूजा की छूट चाटने में.....

नहीं पूजा मुझे भी पहले ऐसे hi लगा ..पर अभी थोड़े देर पहले मैंने राजीव से पूछा तो उसने मन कर दिया ..

ऊह्ह्ह्होऊ गुड.. ये मुझसे क्या हो गया

उधर प्रिय रानी के कहने पर खुद से hi कहती है

किसी फ्रेंड का कॉल होगा दी .. आप खेमका शक कर रही है प्रिय पर .. वो ऐसा कभी नहीं कर सकती .. वो राजीव से बहुत प्यार करती है .. aaaaaaahhhhhhhhhhh

पूजा फिर से सिसक पड़ीं , उसको ऐसा सिसक देख करीम और जोश में आ गया उसने फ़ौरन उसके छूट के मॉस को मू मई लेके थोड़ा बहार खिंचा

aaaaaahhhhhhhhhhaaaaaa… कामिनी.. मुझे क्या मार डालने का इरादा है क्या आज

इसपर प्रिय पूजा को थैंक यू पूजा कहती है

पूजा मेरा दिल भी यही कह रहा है पर दिमाग कुछ और hi कह रहा है ..

इसपर प्रिय कहने लगती है ..

क्या औरत है .. दिल और दिमाग की चकार मई मेरे पाई शक कर रही है

तब पूजा कहती है ..

दी कभी कभी दिमाग झूठ भी कहता है .. या हम जो सोच रहे होते है वैसे चीज़े नहीं होते ..

पूजा ने निचे बीएड शीट को अपनी

मुठी में भरते हुई कहा .. उस्का शरीर बुररी तरह से हिल रहा था...

पूजा तू तो बहुत अच्छे बाते करने लगी है

ऐसा प्रिय कहते है

आअह्ह्ह कमीने .. ु बास्टर्ड.. आह्हः... ओह्ह yes.s.. .. ..डोंट स्टॉप... ऐसे hi .. बेबी.. harder.r... हर्डर..

तेज़्ज़ तेज़्ज़ चिल्लाते हुए पूजा का चेहरा लाल पड़ने लगा था वहीँ करीम भी इस मदहोशी को देख पागल हो चूका था इसलिए वो भी ज़ोर ज़ोर से जीभ अन्दर बहार कर रहा था....

सही कहा पूजा तुमने .. पर मेरे लिए एक काम करोगे पूजा

हाँ बोलिये न दी .. अहहहआ

पूजा ऐसा कहते हुई अपनी कमर को झटके मरने लग्गी और देखते ही देखते उस्सकी छूट ने अपने रस को बाहर टपकना शुरू कर दिया...

कल सिर्फ पूजा को पूछ लो की कल वो इतना देर किस से बाते कर रही थी ..

एस... एस.. ओह्ह .. .. ओह्ह्ह . ाःह. ाःह... आअह्ह्ह...

ऐसा सिसकते हुई कहने लगी

हाँ ..पूछ लुंगी … दी ..

और वो मैंने तुम पूछने के लिए बोलै है ऐसा मत बताना उसे

नहीं बताउंगी दी..

इधर करीम अब इस खेल को ख़तम करने के मूड में था... इसलिए उसने अपना चेहरा हटाया , छूट की फांकों को अलग किया और अपनी तीन ऊँगली को सीधा अंदर घुसा के उससे तेज़्ज़ी से अंदर बहार करने लग्गा

सापपप..

अजीब सी आवाज़ के साथ छूट में से रास बहार निकला और पूजा की हालत पतली हो गयी.....

नू.. करीम........ ुहममममम ...

इतना कहते हुए पूजा नई अपने होंठ बिच लिए और अपनी ऑंखें खोल दी और उसकी कमर ने झटके खाने शुरू कर दी , एक के बाद एक झटके ने उसकी छूट का रास बहार निकल दिया .

करीम ... पूजा .. करीम कहा तूने अभी..?

रानी की बात सुनते hi पूजा की ऑंखें खुल गयी .. और इधर प्रिय कहती है ..

पकड़ी गयी तू पूजा

पर पूजा ने हड़बड़ाते हुए कहा..

क्या यार दी इतने रात को मुझे क्यों परेशां कर रही हो

ारे मैंने सुना तुम्हारे मू से करीम वर्ड

यार दी .. पहले प्रिय पाई शक कर रही थी और अब मुझे आप बोल रही हो की मेरे मू से कोई करीम वाला वर्ड सुना

हाँ .. सुना मैंने पूजा .. मई क्यों झूठ बोलूंगी

झूठ नहीं .. आप को नींद आ रही होगी तो उसमे आप ने ऐसा वैसा कुछ सुना नहीं बस आपको वैसे लगा होगा ..

ारे यार मुझे अब तक नींद नहीं आ रही है ..

पर मुझे तो नींद आ रही है.. कल जल्दी उठना है.. और आपका काम भी जो करना है .. ok गुड नाईट दी ..

गुड नाईट पूजा ..

इतना कह के उसने फ़ोन पलंग पे फेंक दिया .. उसे लगा उसने बंद किया है ..

ये सुनकर प्रिय कहने लगी ..

मान गए तुजे पूजा .. हारी हुई बाज़ी तूने पलट दी ..

पूजा ने फ़ोन बाजु मई रखते hi करीम ने उसे सीधा सुला दिया ....

बास अब कितनी बातें karogi.....aapne दी से

ऐसा कहते हुए करीम ने पूजा के शरीर को बीच लिया..

ये उधर सुनते hi रानी धीरे से कहती है

ooohhh..my गुड.. मतलब वह लड़का है और पूजा मुजसे झूठ बोल रही थी ..

आह्ह्ह्ह करीम ... ी चैंट होल्ड इत् anymoree...ohh.h... अब साबरा नहीं होता है ..

ऐसा कहते हुए पूजा की कमर हवा में उछाल गयी उसके हाथ करीम के सर पे कस गए उसने फ़ौरन करीम के सर को उठाया और धीरे धीरे खींचते हुए अपने उप्पर करा , करीम भी कटपुतली की तरह पूजा के उप्पर आ गया , दोनों के चेहरे एक दूसरे के करीब पहुंच गए , पूजा करीम की आँखों में देख रही थी , उसके होंठों के आस पास लग्गे अपने कामर्स को लगा देख उसके चेहरे पे स्माइल आ गयी और चेहरे पे एक असीम सटिस्फैक्शन वाली ळक्रें ऐनी लग्गी...

अगले पल उसने उससे बाँहों में भरते हुए अपने होंठ उसके होंठों पे रख दिए

और वो पागलों की तरह अपनी कमर को झटक देते हुई उसे चूमने लगी ..

अब दोनों एक दूसरे के होंठों को प्यार से चूसने लग्गे.........







हह

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हब्ब   हह

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हहज गगग

 हहह

 हह

घ  हह



 हहफ़्ह  फग

 हज

हज्ज

aaaaaahhhhhhhhhhhhhaaaaaaaaaaaaaa…

 गव्व

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 घह  हहह  फ़कवव  फह     घ

हह

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हह

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घ  फग









 घ  घ

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ऐसा कहते हुए पूजा की कमर हवा में उछाल गयी उसके हाथ करीम के सर पे कस गए उसने फ़ौरन करीम के सर को उठाया और धीरे धीरे खींचते हुए अपने उप्पर करा , करीम भी कटपुतली की तरह पूजा के उप्पर आ गया , दोनों के चेहरे एक दूसरे के करीब पहुंच गए ,

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पूजा करीम की आँखों में देख रही थी , उसके होंठों के आस पास लग्गे अपने कामर्स को लगा देख उसके चेहरे पे स्माइल आ गयी और चेहरे पे एक असीम सटिस्फैक्शन वाली ळक्रें ऐनी लग्गी...

अगले पल उसने उससे बाँहों में भरते हुए अपने होंठ उसके होंठों पे रख दिए

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और वो पागलों की तरह अपनी कमर को झटक देते हुई उसे चूमने लगी ..

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अब दोनों एक दूसरे के होंठों को प्यार से चूसने लग्गे......... जान .. अब वक़्त आ गया हैं........ असली खेल सुरु करने का .. ......

पूजा एक नज़र करीम की आँखों में देखती हैं फिर वो भी धीरे से मुस्कुरा देती हैं.......

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तो तुम्हें किसने रोका hain........aawo और अपने मुन्न की साडी इच्छा पूरी कर लो........

ये सुनते hi उधर रानी कहती है

ये क्या कह रही है ये लड़की .. और उस लड़के को खुली छूट दे रही है ..

फिर करीम अपना लुंड पूजा के छूट के पास ले जाता हैं और अपना सूपड़ा उसके छूट पर रख देता हैं.......

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फिर वो वहीँ कुछ डियर रुक जाता हैं...... पूजा फिर से उसे एक तुक देखने लगती hain......wo भी न जाने कब से करीम के लुंड को अपने अंदर लेने को तरस रही थी.....

रुक क्यों गए मेरे राजा .......कर लो अपने मुन्न की ..........भोग लो mujhe.....aaj मैं खुद तुमसे ये कह रही hoon.....bujha दो मेरी ये कभी न मिटने वाली प्यास....

रानी – हे भगवन … ये मई क्या सुन रही हु

आज तो मई तुजे अचे से भोगूँगा रांड ..आज तेरे सर्जरी गर्मी उतर देता हूँ

रानी – क्या रांड … ोूहु.. माय गॉड .. ये बाँदा पूजा को अपनी रांड कह रहा है

इधर प्रिय कुछ नहीं कह रही थी सिर्फ देखे जा रही थी ..

ऐसा कहते हुए करीम ने झट से अपने लुंड का सूपड़ा पूजा के छूट पे सेट कर दिया

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और हल्का सा ढाका मारा..

स्सीइ...

रानी – ओह्हू माय गॉड.. इसने शयद शुरू कर दिया … इनके गंदे बाते सुनाने से अच्छा है मई मोबाइल कट कर दू ..

ऐसा कह के रानी मोबाइल कट कर देती है

फिर वो पूजा की आँखों में देखते हुए धीरे धीरे अपना लुंड पूजा के छूट में डालने लगता hain.........fir करीम ने और तेज़्ज़ ढाका मारा तोह गिल्ला लुंड गिल्ली छूट में उतरता चला गया

अब जैसे जैसे करीम अपने लुंड पर दबाव बना रहा था वैसे वैसे पूजा का मुँह लज्जत से खुलती जा रहा था .........

पूजा के मुँह से aaaaaaaaaaa........ssssssssss..........hhhhhhhhhhhh की सिसकारी निकल रही थी जो पूरे माहोल को और भी रंगीन बना रही थी ........... करीम बहुत आराम से अपना लुंड पूजा के छूट में पूरा उतरता जा रहा tha........jaise जैसे लुंड पूजा के छूट की गहराई में जा रहा था वीएस वैसे पूजा की तड़प और भी बढ़ती जा रही थी..... करीम कुछ डियर तक वैसे hi अपने लुंड को रोके रखता हैं फिर वो झट से एक hi झटके में अपना लुंड पूजा के छूट के अंदर दाल देता हैं....

पूजा का मुँह पूरा खुल जाता हैं करीम के उस ज़ोरदार धक्के se.......shayad वो इस हमले से बिलकुल तैयार नहीं थी....

aaaaaaaaaaaa.........hhhhhhhhhhhhhhhh

इतना कहकर पुजा झट से करीम के बदन से लिपट जाती हैं और अपने नाखूनों को उसके पीठ पर गाड़ने लगती hain........udher करीम भी अपनी सिसकारी नहीं रोक पाटा और वो भी चीख पड़ता hain........uska लुंड पूजा की छूट को चीरता हुआ पूरे गहराई में उतरता चला जाता हैं..........

अब करीम झट से पूजा के लिप्स को अपने मुँह में लेकर चूसने लगता हैं......

जिससे उसकी सिसकारी भी उसके मुँह में अंदर घुट जाती हैं........

पूजा एक तुक करीम की आँखों में देख रही थी...... करीम भी बिना रुके अपने लुंड को तेज़ी से आगे पीछे कर रहा tha.......aab उसका पूरा लुंड पूजा के छूट की गहराई में उतर चूका tha........idher जैसे जैसे करीम की रफ़्तार बढ़ रही थी वैसे वैसे पूजा की तड़प और बेकरारी भी बढ़ती जा रही थी.......

पूरे रूम में fanch.....fanch ......की मधुर आवाज़ गूँज रही thi........aur साथ hi साथ दोनों की सिसकारी भी........

आअह्ह्ह्ह ुहममम karim..fuck में....

करीम का लुंड पूरी तरह से गिला हो गया था पूजा के छूट के पानी se.......idher पूजा की बेचैनी भी धीरे धीरे बढ़ती जा रही थी........

अपनी कमर पीछे की और लेके करीम ने फिर आएगी की तरफ बड़ाई जिससे लुंड छूट से बहार निकलते हुए अंदर जा गुस्सा

आअह्ह्ह ओह्ह्ह्ह yes.s... फुकक में हार्ड.. ु सोन ऑफ़ ा बीच.. आआह्ह्ह ुहममम ससीई ओह्ह्ह yes.s.. ओह एस.... फुकक

फुकक yes.s.. फ़क मी हरड़... aaaahhhhhhhhhhhhhh ओह्ह yes.s... .

पूजा पागलों की तरह सिसक रही थी..

अब ठप्प ठप्प्प की आवाज़ गूंजती जब जब

करीम की झंगें पूजा की गांड से टकराती... इस खेल में पूजा की गोरी गांड बिलकुल लाल हो चुकी थी... छूट की

फांकें भी खुल बंद हो रही थी... पन्नी छोड़ रही थी जो करीम के लुंड पे चिपका हुआ था और बक्की का निचे बीएड पे गिर रहा था....

" गच्छ गच्छ... सर्र सर्र... " लुंड और छूट की लड़ाई में आवाज़ें गूंज रही थी..

कुछ देर करीम ने ऐसे ही धकए लगाए लेकिन पूजा की कस्सी हुई टांगें उसकी कमर को ज्यादा फ्रीली हिलने नहीं दे रही थी , इसलिए करीम ने पूजा के प्यारों को अपनी कमर से अलग किया और उसकी टांगों को मोड़ के उसस्के चुचों पे दबा दिया..

इस पोजीशन में आटे ही करीम पागलों की तरह धक्के लगाने लग्गा , ढाका धक्.. लुंड छूट के अंदर समता

और बहार निकल अत...

वो अब अपने मंज़िल के बहुत करीब थी ........पूजा पागलों की तरह करीम के होंठों को चूसे जा रही thi.......is वक़्त दोनों के जिस्म पसीने से पूरी तरह से भीगे हुए the.......is वक़्त दोनों को कोई होश नहीं था.......

तभी अचानक करीम ने पूजा के छूट से आपने लुंड झट से बहार निकल लिया ..

करीम के ऐसे करने से एक पल के लिए पूजा समझ ही नहीं पायी की अचानक इससे हुआ क्या , उसकी छूट की तरफ

बेहटा पन्नी अचानक से वापिस शरीर में कहीं जा के खो गया .... पूजा को बहुत गुस्सा आ रहा था , वो गुस्से में करीम को देखने लग्गी....

वहीँ सामने खड़ा करीम अपने लुंड को उसके छूट से बाहर निकल चुक्का था और पूजा की तरफ देखते हुई ऐसे मुस्कुरा रहा था मनो उसने कितनी बड़ी वॉर जीत ली हूँ...
 
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