Apne Pyaare rishte - Page 21 - SexBaba
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Apne Pyaare rishte

अपडेट 185



इस वक़्त लक्ष्मी और सन्तरी दोनों अटल लोक के अंतिम चोर पर मौजूद थे और उनके सामने थे वह के पहरेदार और सैनिकों की जाली कटी लाशे अभी वह दोनों मेरा इंतज़ार कर रहे थे की तभी वह एक और सैन्य टुकड़ी आ गयी जिसे देख कर दोनों उनसे लड़ने के लिए तैयार हो गए लेकिन इससे पहले की वह सैन्य टुकड़ी उन तक पहुँचती उससे पहले hi आसमान से तीरों की बारिश होने लगी जिससे वह पूरी सेना एक hi पल में ख़तम हो गयी और जब उन दोनों ने उन सैनिकों के पीछे देखा तोह उन्हें में आता हुआ दिखा और मेरे हाथ मद विजय धनुष देख कर दोनों को समझते देर नहीं लगा की ये तीरों की बारिश कैसे हुई फिर में उनके पास पंहुचा तोह हम तीनो वाइटल लोक के सीमा के पास पहुंच गए जहा पहुंच कर मेने अपना लेफ्ट हैंड ऊपर उठा दिया जिससे मेरे छहों से एक सफ़ेद किरण निकलने लगी जिससे वह एक पोर्टल सा बन गया जो हमे सीधा ले गया वाइटल लोक

और जब हम वाइटल लोक पहुंचे तोह वह का नज़ारा देखके तोह हम तीनों भी शॉकेड हो गए थे ये वाइटल लोक नहीं बल्कि कोई युद्ध की भूमि आग रही थी वह इतने सिपाही मौजूद थे जितने शायद पुरे पटल लोक में भी नहीं होंगे

स :- वाइटल लोक के बारे में जो सुना था वह सच निकला

लक्ष्मी :- मतलब

में :- ऐसा कहा जाता है की वाइटल लोक से hi सरे लोकों में आसुरी सैनिक भेजे जाते है ये वाइटल लोक पटल के लिए सोल्डिएर्स ट्रेनिंग अकादमी जैसा है

लक्ष्मी :- मतलब अगर इसे नष्ट कर दिया तोह उनकी सैन्य संख्या पर भरी प्रभाव दिखाई देगा

स :- तुम ऐसा बोल सकती हो लेकिन हर लोक में भी अलग अलग तरीके से सैनिकों को तैयार किया जाता है अगर ये लोक तबाह हो जाये तोह उनके सैनिकों पर असर तोह पड़ेगा लेकिन उतना ज्यादा नहीं जितना तुम सोच रही हो

में :- अगर तुम्हारा बोलना पूरा हो गया हो तोह आगे बढे यहाँ पर बहुत मेहनत करनी होगी

अभी मेने इतना बोलै hi था की तभी हम सबकी नज़र सामने से आ रही असुर सेना पे गयी जो की अपने पुरे स्पीड से हमारे तरफ hi बढ़ रही थी

जिन्हे देख कर मेने तुरंत अपना मचते निकल लिया हुए में भी उनके तरफ तेज़ी से बढ़ने लगा और मुजबे ऐसे भागते देख के सन्तरी और लक्ष्मी भी मेरे पीछे आने लगे लेकिन मेरी स्पीड उन दोनों से बहुत ज्यादा थी जिससे में जल्द hi उन सैनिकों के पास पंहुचा तोह सबसे पहले उन सिपाहियों ने मुझ लार हुम्ला किया लेकिन में उससे बच गया

और तुरंत hi में अपने मचते से वह मौजूद सभी सैनिकों को मारने लगा में कभी किसी का हाथ काटता तोह कभी किसी का गाला मेने अपने दूसरे हाथ में भी अब मचते ले लिया था जिससे अब में एक साथ 2 से लड़ सकता था जिससे अब वह असुर दोगुने स्पीड से काम हुए जा रहे थे और में अब तक उनके खून से पूरा सं गया था की तभी

मेरे सामने एक तेज़ विद्युत तरंग आ गिरी जिसने मेरे सामने मौजूद सैनिको को जला कर रख कर दिया था ये विद्युत् तरंग सन्तरी ने छोड़ी थी वह और लक्ष्मी भक अब मेरे पास पहुंच गए थे और उनहोने आते hi वह सैनिकों को मारना शुरू कर दिया

जहा लक्ष्मी के तैंतिक्लेस और तलवारे सब को कटे जा रही थी तोह वही सन्तरी अपने मैजिक से सबको मरे जा रहा था जिससे वह कुछ hi देर में साडी सेना ख़तम हो गयी थी और जब मेने आस पास नज़र घुमयी तोह उस जगह जमीं दिख hi नहीं रही थी पूरी जमीं असुरों की लाशे और खून के निचे चुप सी गयी थी

सन्तरी :- राज लगता है हम जैसे जैसे पटल लोम के नजदीप पहुंच रहे है वैसे वैसे तुम्हारा डेविल रूप और स्ट्रांग हो रहा है एक बार अपने मन को शांत कर लो ताकि तुम्हे आगे के प्रवेश में कोई दिक्कत न आये

में :- हमारे पास इतना समय नहीं है जल्दी वाइटल लोक के महल में चलो हमे जल्दी से पटल लोक पहुंचना है जल्दी करो

इतना बोलके में बिना उनकी बात सुमे वाइटल लोक के मध्य में स्थित राज महल में जाने लगा और जैसे hi हम राज महल के पास पहुंचे तोह वह पर पहले से hi वाइटल लोक का राजा अपनी सेना के साथ तैयार था हमसे युद्ध के लिए जिसे देख कर मेरे होठो पैर एक शैतानी मुस्कान आ गयी थी

और में फिर से अपने दोनों मचते को चलने लगा जहा वह राजा मुझे रोकने के लिए कुछ और करता उससे पहले hi मेने अपने स्पीड का इस्तेमाल कर सरे सैनिकों को एक सेकंड में काट दिया और तुरंत hi में उस राजा के सामने जा पहुंचा

मुझे ऐसे अचानक अपने सामने देख कर वह भी पूरी तरह से खून में सना हुआ ये सन देख कर तोह वह एक पल के लिए दर गया और यही में चाहता था

जैसे hi मुझे उसकी आँखों में दर दिखा मेने तुरंत hi devil's पावर का उसे किया और उसके अंदर के दर को इतना बढ़ा दिया की एक चिति भी अब उसे डायनासोर लग रही थी और में साक्षात् यमदेव

में (भरी आवाज में) :- क्या हुआ दर लग रहा है लग्न भी चाहिए अगर तड़प तड़प के मरना नहीं चाहते हो तोह मुझे सुतल लोक की छवि दे दो

राजा :- देता हूँ मारो मत मारो मत

फिर उसने अपनी आखे बंद की तोह उसके शरीर से इसबार लाल रंग की किरणे निकल के मेरे शरीर में जाने लगी जिसके मेरे शरीर में प्रवेश करते hi अटल लोक के तरह वह की जमीं से काली रेज़ निकल के मेरे शरीर में जाने लगी

जिससे मुझे वही चीत्र दिखाई देने लगा जहा मेरा डेविल रूप जो पहले से भी बहयनक था वह वाइटल लोक के सिंहासन पे बैठा था

उसके बाद जब मेने पलट के देखा तोह लक्स्जमि और सन्तरी दोनों मुझे घर के देख रहे थे जहा लक्ष्मी की आखों में शॉकिंग एक्सप्रेशन थे तोह सन्तरी को देख कर लग रहा था की जैसे वह मुझे स्कैन कर रहा हो

उन दोनों को ऐसे खुदको घूरता देख मेने तुरंत hi अपने जल तत्त्व को जागृत कर के मेरे शरीर पर लगी खून की एक एक बून्द साफ़ कर दी थी और जैसे hi में उनके पास पंहुचा तोह लक्ष्मी अभी भी मुझे घूरे जा रही थी

में :- (लक्ष्मी से) ाखियों से गोली मरोगी क्या अब

मेरे ऐसे बोलने से वह हड़बड़ा गयी

सन्तरी :- अगर तुम दोनों लैला मजनू का हो गया हो तोह आगे चले

में :- है चलो आगे चलते हैं

फिर हम वह से वाइटल लोक के अंतिम चोर तक भी पहुंच गए जहा पर पहुंच के मेने सुतल लोक का द्वार भी खोल दिया

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 186



इस वक़्त हम सभी सुतल लोक के सीमा पर मौजूद थे लेकिन बाकि दोनों लोकों से लोक अलग था जहा बाकि दोनों लोकों की सीमा में कला ध्वज लगा था तोह वही इस लोक की सीमा पर केसरी ध्वज था और इस लोक में एक अलग hi ऊर्जा महसूस हो रही थी जिसे महसूस कर के में शॉकेड हो गया था लेकिन जब मेने उस ऊर्जा को सेंस किया तोह मुझे इसका कारण भी समझ आ गया और सन्तरी को तोह इस सब के बारे में पहले से hi ज्ञान था लेकिन लक्ष्मी का चेहरा देख कर लग रहा था की उसे कुछ समझ नहीं आ रहा है

लक्ष्मी :- ये क्या है इस लोक में पॉजिटिव एनर्जी कैसे है ये तोह पटल लोक का हिस्सा है न कही ये कोई माया न हो

सन्तरी :- ये कोई माया नहीं है बल्कि इस लोक के राजा महँ असुर राजा बलि है जो खुद हरी के आज्ञा से इस लोक को नियंत्रित करते है और यहाँ मौजूद सरे असुर और दैत्य तामसिक न हो के सात्विक स्वाभाव के है

अभी वह बाते कर hi रहे थे की तभी मुझे मेरे शरीर में अत्यधिक पीड़ा होने लगी जिसे में छह कर भी रोक नहीं प् रहा था जिससे मेरे मुँह से एक जोरो की चीख निकल गयी

जिसे सुन के वह दोनों तुरंत hi मेरे पास आये और लक्ष्मी ने मेरा सर अपने गॉड में ले लिया और वही सन्तरी ने एक हाथ से मेरे सर को छुआ तोह दूसरा हैट मेरे दिल के ठीक ऊपर ईख दिया और अपनी आखे बंद करके कुछ मंत्र बोलने लगा

जिससे मेरे शरीर से एक सुनहरी किरण निकलने लगी जिसे देख कर सन्तरी शांत हो गया और उसने एक सफ़ेद ऊर्जा से मुझ पर वार किआ और वह वार जैसे hi मुझे लगा वैसे hi में बेहोस हो गया

लक्ष्मी :- राज तुम ठीक तोह हो न होश में आओ (सन्तरी से) तुम पागल हो गए हो क्या तुमने उसपे वार क्यों किया

सन्तरी :- यही उसके लिए बेहतर था तुम्हे मालूम hi होगा की उसके अंदर सात्विक और तामसिक दोनों hi शक्तिया मौजूद है और जब से हमने ये अभियान आरम्भ किया है तभी से इसके अंदर तामसिक शक्ति बढ़ते जा रही है और इसने अटल और वाइटल लोक की तामसिक ऊर्जा भी अपने अंदर समां ली है और जब यहाँ आके तामसिक की जगह सात्विक शक्तिया इसके अंदर सामने लगी तोह इसके सहरीर में उन दोनों ऊर्जाओं के मिश्रण से इसके शरीर में ये पीड़ा हो रही है इसे रोकने के लिए hi मेने इसे बेहोस किया है

सन्तरी की बाते सुनकर लक्ष्मी शांत हो गयी और अभी वह और कुछ बोलता की तभी वह पे कुछ सिपाही आ गए और उनके साथ एक वृद्ध असुर भी था

वृद्ध :- महँ सन्तरी को सुतल लोक के मंत्री का प्रणाम

स :- प्रणाम मंत्रिवर हमे जल्द hi महल ले चलिए हमारे मित्र की हालत ख़राब है इसके शरीर में ऊर्जा मिश्रण के वजह से पीड़ा निर्माण हो रही है

मंत्री :- अगर ऐसी बात है तोह जल्दी चलो

फिर वह सभी सुतल लोक के राज महल चले गए जहा राजा बलि ने भी सन्तरी का स्वागत किया और फिर उन्होंने मुझे एक कमरे में लिटा दिया और सभी वह से चले गए

ऐसे hi थोड़ी देर उसी कमरे में पड़े रहने के बाद मुझे होश आया और जैसे hi में होश में आया वैसे hi मेरे शरीर में पीड़ा फिर से आरम्भ हो गयी

लेकिन वह अभी फिर से मेरे नियंत्रण के बहार जाये उससे पहले hi में ध्यान केंद्रित करने लगा जैसे hi मेने अपनी आखे बंद की वैसे hi उस कमरे की सात्विक ऊर्जा फिर से मेरे शरीर में जाने लगी जिससे मुझे फिर से मेरे शरीर में अत्यधिक तापमान का अनुभव होने लगा जिसे महसूस कर के मेने तुरंत hi उस सात्विक ऊर्जा को अपने अंदर सामना बंद कर दिया

और फिर ध्यान लगाके सब से पहले जो अटल लोक और वाइटल ok की तामसिक ऊर्जा थी उसे अपने शरीर में अचे से समां लिया और फिर जब मेने आखे खोली तोह अब मुझे जरा भी पीड़ा नहीं हो रही थी बल्कि मेरे मन को एक अजीब सी शांति महसूस हो रही थी

जिससे मेने उस सात्विक ऊर्जा को फिर से अपने शरीर में प्रवाहित होने की आज्ञा दे दी ऐसा करते hi मेरे सरीर पे जो जैसें का कवच रूप था वह अपने आप गायब हो गया और में अपने एंजेल रूप में आ गया अभी में कुछ करता की तभी

मुझे लक्ष्मी और सन्तरी की याद आने लगी जिसके बाद में उन्हें ढूंढने के लिए उस कमरे से बहार निकला तोह मेरे कमरे के बहार 2 असुर सैनिक मौजूद थे जिन्होंने जैसे hi मुझे देखा तोह दोनी ऐसे शॉक हुए जैसे कोई भूत देख लिया हो

में :- ऐसे क्या घर रहे हो भोत देख लिया है क्या

मेरी आवाज सुन के वह दोनों जैसे होश में आये और तुरंत मेरे सामने अपने घुटनो पे बैठ गए लेकिन में उन्हें इग्नोर करके सन्तरी को ढूंढना शुरू किया

में जहा भी जाता सब पहले मुझे देख कर शॉकेड हो जाता और फिर तुरंत hi वह सभी अपने घुटनो पे बैठ जाते

ऐसे hi यहाँ वह घूमते हुए में एक कमरे के पास पहुंच गया जहा से मुझे लक्ष्मी की ऊर्जा महसूस hi रही थी जिसे महसूस कर के में बिना कुछ सोचे समझे उस कमरे में घुस गया

और जैसे hi में उस कमरे में पंहुचा तोह में शॉकेड हो गया की ये किसी राजमहल का सभा गृह था जिसके अंदर लक्ष्मी और सन्तरी सभा के मध्य में खड़े थे और पूरी सभा में हर तरफ असुर थे और राजा के सिंहासन पर एक मनुष्य विराजमान था

वही मुझे वह देख कर सन्तरी और लक्ष्मी के अलावा सब शॉकेड हो गए और राजा समेत सब एक साथ अपने घुटनो पे बैठ गए और इस बार में भी ये देख कर अब में भी शॉकेड हो गया था की मामूली सिपाहियों तक ठीक था लेकिन अब खुद सुतल लोक का राजा भी घुटनो पे बैठा था

में (सन्तरी से) :- क्या हुआ सब ऐसे क्यों बैठे है और हम कहा है

सन्तरी :- हम सुतल लोक के राज्यसभा में है और ये सब तुम्हारे यानि एंजेल के सम्मान में अपने घुटनों पर बैठे है

में :- (सब से) आप सब खड़े हो जाइये (सुतल लोक के राजा से) राजा बलि को एंजेल का प्रणाम मुझे नहीं पता की में कितने समय से बेहोस था लेकिन हम एक ऐसे अभियान पर है जहा पे हम एक पल की भी देरी नहीं कर सकते इसीलिए में सीधा मुद्दे पे आ रहा हु मुझे रसातल लोक जाने की चाबी दे दो

बलि (सिंहासन पे बैठ के) :- माफ़ी चाहेंगे एंजेल लेकिन हम वह ऊर्जा नहीं दे सकते वही ऊर्जा है जो हमे यहाँ सुरक्षित रखती है नहीं तोह यहाँ के असुर कब का हम सब पर हुम्ला करके इस जगह को भी दूषित कर देते

में :- आप निश्चिन्त रहिये में उन्ही असुरों का अंत करने जा रहा हु और आपको फिर भी भरोषा न हो तोह सन्तरी यही पर रहेगा आपकी सुरक्षा के

बलि :- भरोशे की बात नहीं हज (कुछ सोच के) ठीक है में तैयार हु आप आगे ध्यान रखियेगा अगले लोक में तामसिक ऊर्जा अधिक प्रबल होगी तोह आपको फिर से पीड़ा हो सकती है

में :- ठीक है आप निश्चिंत रहिये

फिर बलि ने मुझे वह शक्ति दे दी फिर में भी जैसें के रूप में आ गया और मेरे वचन अनुसार सन्तरी वही उनके सुरक्षा के लिए रुक गया फिर में और लक्ष्मी निकल चले रसातल लोक की तरफ

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 187



अभी में और लक्ष्मी रसातल लोक के सीमा पर मौजूद थे जहा पर पहुंचते hi मेदा शरीर फिर से तामसिक ऊर्जा सोखने लगा था लेकिन इस बार मेने तुरंत hi वह साडी ुजा का प्रभाव अपने त्रि नेत्र के तरफ मोड़ दिया जिससे मुझे अब कोई तकलीफ नहीं हो रही थी

ल :- तुम ठीक तोह hi न राज

में :- है बस थोड़ा गुस्सा आ रहा है की में जितना जल्दी ये सब निपटकना चाहता हूँ उतना hi देर हो रहा है इस मकसद में

ल :- देखो तुम शांत रहो ये तुम्हारे अंदर की तामसिक ऊर्जा है इसे काबू करो

अभी हम बात कर रहे थे की तभी वह की जमीं हिलने लगी जैसे मनो भूकंप hi आया हो और धरती के कम्पन के साथ वह पर एक ध्वनि भी आ रही थी जैसे की कोई जमीं पर जोरो से हथोड़ा मार रहा हो और जब हमने उड़ ध्वनि की दिशा में देखा तोह वह पर एक दो नहीं बल्कि 100 की तादाद में महाकाय दैत्य थे जिनके चलने से hi वह की दहाड़ती में कम्पन निर्माण हो रहा था जब वह हमारे थोड़े करीब पहुंचे तोह मेने तुरंत उनके ऊपर विद्युत् तरंग से आक्रमण कर दिया लेकिन जब विद्युत् तरंग उनके पास पहुंची तोह मनो उन दैत्यों ने उस विद्युत् को अपने अंदर समां लिया वह बिना रुके हमारे तरफ बढ़ते hi जा रहे थे मेरे सभी आक्रमण केवल उनकी तेज़ी काम कर रहे थे लेकिन रोक या मार नहीं प् रहे थे

ल :- ये क्या हो रहा है राज तुम्हारी शक्तिया इनको रोक क्यों नहीं प् रही है

में :- में भूल गया था की इस रसातल लोक में वो असुर रहते है जो पाप और तामसिकता फ़ैलाने के लिए मशहूर है और ये सभी देवताओ से भी लड़ाई लड़ चुके हैं जिससे इन पर ये छोटे मोठे प्रहार काम नहीं आने वाले

ल :- तोह अब क्या करेंगे हम

में :- डरो मत इनके लिए भी मेरे पास कुछ खास है

इतना बोलके मेने अपने विजयी धनुष का आव्हान किया और जैसे hi वह मेरे हाथ में आया मेने तुरंत hi एक मंत्र को बोलना शुरू किया और जैसे जैसे मेरे मंत्र पूरा होता जा रहा था वैसे वैसे में धनुष की प्रत्यंचा खींच रहा था जिससे मेरे धनुष पर एक बाण प्रकट हो गया था और जैसे hi धनुष की प्रत्यंचा मेरे कानो तक पहुंची वैसे hi मेने वह तीर आसमान में छोड़ दिया

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और फिर वह तीर आसमान से सीधा उन सभी दैत्यों के बिच में जेक ब्लास्ट हो गया लेकिन उससे भी उन्हें कोई चोट नहीं आयी थी

ल :- इतना बिल्ड उप किया तीर चलने के लिए और हुआ तोह कुछ नहीं

लक्ष्मी अभी बोल hi रही थी की अचानक उसके शब्द उसके गले में hi अटक गए सामने का नज़ारा देखके हमारे सामने इस वक़्त जो दैत्य हमे मारने बढ़ रहे थे वह अभी खुद एक दूसरे से लड़ रहे सरे दैत्य हमे भूल के एक दूसरे के hi जान ले रहे थे

ल (शॉकेड से) :- ये सब कैसे

में (बिच में hi रोकते हुए) :- त्वश्तर अस्त्र (लक्ष्मी की और देख कर) ये अस्त्र मित्र और शत्रुओं को पहचानने की क्षमता मिटा देता है जिससे सब अपने शत्रु को छोड़ कर आपस में hi लड़ लड़ कर मर जाते है

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तवसथर अस्त्र

मेरे अस्त्र के बारे में सुन के लक्ष्मी का मुँह खुला का खुला रह गया क्यूंकि ये सब उसने अब तक मैथोलॉजिकल शोज में hi देखा था और आज उसके सामने सब हो रहा था

में :- मुँह बंद करि माखी घुस जाएगी अंदर

फिर में और लक्ष्मी वह से चल पड़े अपने अगले लक्ष्य की तरफ जो था रसातल लोक का राज महल था जब हम वह पहुंचे तोह वह पाए रसातल लोक का राजा अपनी सेना के साथ हमारा hi इंतज़ार कर रहा था और उसकी सेना देखके ऐसा लग रहा था की पुरे संसार के महाकाय दैत्य एक साथ आये है वह पे लाखो की तादाद में दैत्य थे जैसे hi हम दोनों वह पहुँचबे तोह वह पर मौजूद सभी दैत्य तुरंत हमारे तरफ बढ़ने लगे जिसे देख कर मेने तुरंत hi अपने धनुष की प्रत्यंचा खींचना शुरू किया जिससे एक बार फिर से मेरे धनुष पर एक तीर आ गया जो की त्वश्तर अस्त्र से अलग था

में :- (मुस्कुराते हुए) पर्वत अस्त्र

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इतना बोलके मेने वह पर्वत अस्त्र आसमान में छोड़ दिया जिससे वो अस्त्र उन दैत्यों के ठीक ऊपर पहुंचते hi गायब हो गया जो देख कर सरे दैत्य और वह राजा सब मेरे ऊपर हसने लगे लेकिन जल्द hi उनके हसी पे रोक लग गया क्यूंकि जब वह है रहे थे तब मेरे चेहरे पे एक शैतानी मुस्कान च गयी थी जिससे सब शांत हो गए फिर ंसने केवल एक चुटकी बजायी और उन दैत्यों के ऊपर आसमान से बड़े बड़े पर्वत गिरने लगे जो की उन्ही दैत्यों के सामान विशाल थे जिससे वह सभी भाग भी नहीं प् रहे थे और देख ते hi देखते वह पे आधे से ज्यादा सेना पर्वतों के निचे डाब के मर गयी और बाकि बचे हुए दैत्य कुछ समझ पते उससे पहले hi मेने एक और तीर चला दिया और जैसे hi वह तीर उन असुरों के नजदीक पंहुचा तोह उस तीर से वह तेज़ बारिश होने लगी जिससे सभी भीग चुके थे ये अस्त्र देख कर वह राजा शॉकेड हो गया था

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राजा :- (मन में) वरुणा अस्त्र आखिर ये लड़का इस अस्त्र से हमारा क्या बिगड़ लेगा

वह जब ये सब सोच रहा था तोह उस वक़्त मेरे चेहरे की मुस्कान देख कर वह भी सोच में पद गया था और वह कुछ समझ पता की तभी मेने एक और तीर का आव्हान किया जिसे देख कर उस राजा के चेहरे पर मौत का दर साफ़ दिख रहा था

राजा (मन में) :- ये.. ये तोह वज्रा अस्त्र है

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में (लक्ष्मी से) :- वज्रा अस्त्र इस अस्त्र की खासियत है भयंकर विद्युत् प्रहार

इतना बोलके मेने उस अस्त्र को उन दैत्यों पर छोड़ दिया और वह सभी दैत्य पहले से hi वरुणा अस्त्र के प्रहार से गीले थे और अब वज्रा अस्त्र के वजह से भयानक विद्युत् का प्रहार वाटर एंड इलेक्ट्रिसिटी को अगर एक कर दे तोह क्या होगा वह सब जानते hi है और हुआ भी वही बाकि के बचे कूचे दैत्य भी इस कॉम्बिनेशन से जल के रख हो गए

अभी बस वह राजा बचा था जो वज्रा अस्त्र उस तक पहुंचने से पहले hi गायब हो गया था उसे गायब होता देख में भी तुरंत उसके पास चला गया और वह कुछ समझ पता उससे पहले hi मेने अपने धनुष के मुँह को उसकी तरफ कर दिया था और प्रत्यंचा खींच दी थी भले hi अभी धनुष पे कोई बन नहीं था लेकिन फिर भी इस धनुष का कमल वह देख चूका था जिससे उसके आखों में दर साफ़ दिख रहा था

में :- (भरी आवाज में) चुप चाप वह शक्ति मुझे दे दो नहीं तोह मेरे तूणीर (एरो होल्डर) में अभी भी बहुत दिव्यास्त्र है जो तुम्हे एक पल में जला कर रख कर देगा इसीलिए अब मेरी बात मनो

मेरी बात सुन कर उसने बिना कोई सवाल जवाब किये मुझे वह शक्ति दे दी जिसके फल स्वरुप मेने अपने सोर्ड के मदद से उस राजा के गर्दन को उसके धड़ से अलग कर दिया

और फिर हम वह से अपने अगले लक्ष की और चल पड़े जो था तलातल लोक

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 188



अभी हम दोनों तलातल लोक के सीमा पर पहुंच गए थे वह का हाल देख कर हमारे होश hi उड़ गए ऐसा नज़ारा शायद hi हमने देखा होगा ये तलातल लोक नहीं बल्कि स्वर्ग लोक लग रहा था हर तरफ हरयाली छायी हुई थी पेड़ पौधे रंगबिरंगी फूल मनमोहक सूर्योदय का समय आसमान में सरे पंछी उड़ रहे थे जिन्हे देख के हम दोनों hi शॉकेड थे वह पर बिलकुल एअर्थ जैसी वेव्स आ रही थी जिन्हे महसूस कर के मेरे मन को एक अजीब हु शांति मिल रही थी लेकिन तभी मेरा दिमाग में सन्तरी की बात याद आयी

लक्ष्मी :- राज इस सो ब्यूटीफुल शायद हम किसी दूसरे hi लोकेशन पर आ गए है वैसे में ऐसे hi किसी जगह पर तुम्हारे साथ आना चाहती थी देखो कितनी हसीं जगह है ये

में :- है हसीं तोह है लेकिन खतरनाक भी ये तलातल लोक है यहाँ पर सरे मायावी जीव रहते है ये सब सिर्फ माया है ये जितनी खूबसूरत है उतनी hi खतरनाक भी हो सकती है

लक्ष्मी :- इसमें क्या खतरनाक है ये जगह इतनी सुन्दर है देखो न

अभी हम बाते hi कर रहे थे की तभी हमे वह कुछ लोग आते दिखे जो की कही से भी सैनिक नहीं लग रहे थे लेकिन में उनके और को महसूस नहीं कर प् रहा था जब वह हमारे पास पहुंचे तोह में उन्हें देख कर अलर्ट हो गया था वह 5 लड़किया थी

1 लड़की :- आप दोनों का इस तलातल लोक में स्वागत है

में :- कोण hi तुम

1 लड़की :- में यहाँ का मामूली सेविका हूँ और ये मेरे साथी हम यहाँ आपकी सहायता और सेवा करने आये है

1 लड़की :- लेकिन आप थक गए होंगे पहले शरबत का लुफ्त उठके अपने आपको तारो ताज़ा कर लीजिये

में :- नहीं जरुरत नहीं है इसकी तुम लोग हमे ये बता दो की यहाँ राजमहल कहा है हमे इस लोक के राजा से मिलना है

लड़का 2 :- राजा से मिलना है इसमें क्या तकलीफ है हम आपको उन तक ले चलते है पहले हमारा आतिथ्य स्वीकार कर लीजिये ये शरबत हमने बड़ी मेहनत से बनाया है पि लीजिये नहीं तोह शरबत बुरा मान जायेगा

में :- हमने नहीं कहा था इसे बनाने को और हमे तुम्हारी जरुरत नहीं है चलो लक्ष्मी

इतना बोलके मेने लक्ष्मी का हाथ पकड़ के चलने लगा लेकिन तुरंत hi वह तीनो लड़के हमारे सामने आ गए जिन्हे देख के मेरा गुसा अब बढ़ने लगा था

लड़की 3 :- अरे इतनी क्या जल्दी है पहले शरबत तोह पि लीजिये

में (गुस्से में) :- तुम्हारी तोह..

इतना बोलके मेने उस शरबत के थाली को उनके हाथों से उछाल दिया जिससे वो शरबत गिर गया और फिर तुरंत अपना धनुष का आव्हान किया और जैसे hi वह मेरे हाथों में आया वैसे hi मेने तुरंत उस धनुष के मुँह को उन पांचों के तरफ कर के धनुष की प्रत्यंचा खींच दी

लड़की 1 :- क्या किया तुमने मनुष्य हमारे मेहनत का अपमान किया है तुमने हमारे शरबत को नाश्ता कर दिया है अब तुम इसका परिणाम भुगतोगे

इतना बोलके वह पांचों पीछे हटने लगे जिसे देख मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था तभी मुझे एक आईडिया आया और मेने अपने धनुष को आसमान के और मोड़ दिया और

में (जोर से) :- मोहिनी अस्त्र

मेरे इतना बोलते hi मेरे धनुष पर एक बाण आ गया था जिसके आते hi मेने उसे आसमान के और छोड़ दिया था हुए जब वह अस्त्र आसमान में पंहुचा तोह वह आसमान में hi रुक गया और तुरंत hi उसके नोक पर एक अलौकिक प्रकाश आ गया जो देखते hi देखते पुरे लोक में फ़ैल गया और जब प्रकाश हटा तोह वह का नज़ारा hi बदसल गया जो कुछ समय पहले तक स्वर्ग लग रहा था वह अब नर्क से भी बत्तर बन गया था और जो पांच लोग अब तक हमारे साथ थे वह भी आपने असली रूप में आ गए थे

लक्ष्मी :- ये सब क्या है राज

में :- कहा था न मायावी असुर रहते है यहाँ वह सब माया थी लेकिन इनका बाद लक की मोहिनी अस्त्र के आगे कोई माया नहीं टिकती

लड़की 1 :- तुमने अपने मौत को आमंत्रण दिया है लड़के अब तेरा मरना तय है

में :- हां बाप का राज है न तेरे आ दिखा क्या कर सकती है तू

मेरे इतना बोलते hi वह पांचों एक दूसरे में सामने लगे और वह एक महाकाय दानव के रूप में आ गए जिसे देख कर hi कोई भी दर जाये और जैसे hi वह दानव के रूप में औए वैसे hi वह एक साथ कई सरे पोर्टल्स ओपन हुए और अनगिनत संख्या में वह दानव आने लगे इतने सभी दानवों को एक साथ देख कर कुछ समय के लिए में भज असमंजस में आ गया था की तभी मेरे दिमाग में एक आईडिया आया और मेने एक और अश्त्र का आव्हान किया

में (छिलके) :- ऐन्द्र अस्त्र

इतना बोलके मेने वह अस्त्र फायर कर दिया जिससे वह देखते hi देखते आसमान से तीरों की बारिश होने लगी जिससे वह पर जितने भी दानव पोर्टल से आ रहे थे वह सब मरने लगे जिसे देख कर मेरे होठो पैर मुस्कान च गयी थी लेकिन तभी उन्ही पोर्टल मेसे पहले से भी दो गुना दानव निकलने लगे जिसे देख कर मेरे होठो की मुस्कान गायड हो गयी

दानव :- है है है मानव तुम इन्हे कभी ख़तम नहीं कर पाओगे तुम एक को मरीज यहाँ 2 आएंगे जब तक इनकी ससे चलेंगी तब तक hi ये पोर्टल शांत रहेगा लेकिन अगर इनकी ससे चलेगी तिह ये तुम्हे जीने नहीं देंगे अब तू दिखा क्या कर सकता है

ल :- राज अब क्या करंगे हम

में :- तुम चिंता मत करो

भले hi में लक्ष्मी को शांत बैठने के लिए बोल रहा था लेकिन में भी उसी टेंशन में था की तभी मुझे एक आईडिया आया और मेने फिर से अपने धनुष की प्रत्यंचा खींच दी और अस्त्र आव्हान करने लगा जिसे देख कर उस दानव की हसी और गहरी हो गयी तोह वही लक्ष्मी शॉकेड थी की में फिर से क्यों बाण चला रहा हु

में :- (दानव से) थैंक्स हिंट देने के लिए (आव्हान करते हुए) प्रस्वपास्त्र

इतना बोलके मेने वह बाण छोड़ दिया जो की हवा को चीरा हुआ उन दानवों के ऊपर जाकर गायब हो गया जो देख वह दानव जोरों से हसने लगा लेकिन कुछ hi देर में उसकी हसी पर रोक लग गया हुआ यु की जैसे hi बाण गायब हुआ वैसे hi वह पर सरे दानव एक एक करके गिरने लगे जैसे की वह मर गए हो लेकिन उस पोर्टल से और दानव नहीं निकले थे

दानव :- ये कैसे हो सकता है पोर्टल से दानव निकल क्यों नहीं प् रहे है

में :- (दानव से) ये प्रस्वपास्त्र है इसकी ताहि खासियत है की ये किसी को मारता नहीं लेकिन अपने निशाने पर आये पूरी सेना को एक hi झटके में अनंत निद्रा में सुला देता है

दानव :- बड़े चतुर हो बालक

में :- तभी तोह इतनी महँ शक्तियों का धारक चुना है मुझे

दानव :- लेकिन तुम्हारा कोई भी दिव्यास्त्र मुझे मार नहीं पायेगा और में बिना मरे तुम्हे आगे जाने दूंगी नहीं

ल :- राज अब इसे भी मार दो मेने मूवी में देखा था की ब्रम्हास्त्र नाम का अस्त्र सबसे शक्तिशाली है क्या वह नहीं है तुम्हारे पास

दानव :- (हस्ते हुए) है चलाओ ब्रम्हास्त्र लेकिन वह सिर्फ इस लोक का विनाश कर सकेगा न की मेरा मेरे शरीर को भेदना ब्रम्हास्त्र और रुद्रास्त्र जैसे महा शक्तिशाली अस्त्रों के लिए भी न मुमकिन है

इतना बोल के वह दानव और जोरो से हसने लगा लेकिन उसकी इस हसी को भी ब्रेक लगाने का आईडिया मुझे पता था इसीलिए मेने बिना एक पल गवाए उस अस्त्र का आव्हान करने लगा

में :- (आव्हान करते हुए) ब्रह्मदत्त बना

मेरे इस अस्त्र का नाम सुनके hi उसके चेहरे की हसी गायब हो गयी थी और जब वह बाण मेरे धनुष पे प्रकट हुआ तोह उसे दर के मारे पसीने छूटने लगे थे

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दानव :- नहीं तुम ऐसा नहीं कर सकते में तुम्हे आगे जाने की शक्ति देती हूँ मुझे जाने दो

में :- सॉरी मम बूत यू हुर्ट्स में सो यू डेसेर्वे तो दिए

इतना बोलके मेने वह बाण छोड़ दिया जो की तेज़ गति से हवा को चीरता हुआ सीधा जेक उस दानव के ह्रदय वाली जगह पर जा लगा जिससे वह वही मरी गयी

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और उसके मरते hi उसका पूरा शरीर चमकने लगा और उस मेसे एक बेहद hi सुन्दर महिला बहार निकली

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में :- कोण हो तुम

महिला :- में माया हूँ इस तलातल लोक की रानी मुझे मानवों को तड़प तड़प के मारने में बड़ा आनंद मिलता था इसीलिए में आये दिन किसी न किसी मानव के साथ खुनी खेल खेलती लेकिन एक दिन मेने भूल वाश एक तपस्वी साधु के साथ ये खेल खेलना चाहा लेकिन उसने मुझे श्राप दे दिया की जब तक मेरे दानव रूप को कोई मानव आके नहीं मरेगा तब तक इस श्राप से मेरी मुक्ति नामुमकिन है और आज तुमने मुझे मुक्त कर दिया जिससे में तुम्हे वह देती हूँ जिसके लिए तुम सर्वोत्तम हो सबसे काबिल हो

उसजे इतना बोलते hi बाकि के लोकों के तरह hi इस लोक की भी ऊर्जा मेरे अंदर समां गयी और वह शक्ति भी मिल गयी जिससे में अपने लक्ष्य के और करीब पहुंच गया था महातल लोक की चाभी

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 189



अभी हम तलातल लोक के रानी को हराकर हम पहुंच गए थे वह जो हमारा आखरी पड़ाव था हमारे लक्ष्य प्राप्ति के लिए महातल लोक जब हम वह पहुंचे तोह वह सीमा पर hi दो बड़े बड़े नागों की मूर्ति बानी हुई थी वह मुर्तिया ऐसी लग रही थी जैसे वह वह की रखवाली कर रहे हो उन दोनों के भी हाथ में भला था जो की क्रॉस में पकडे हुए थे जैसे की अंदर जाने के लिए मन कर रहे हो और वही उनके आस पास बहुत से लोगों की मुर्तिया पड़ी हुई थी हम जैसे hi उन मूर्तियों के पास पहुंचे तोह ऐसा लगा की जैसे उनमे जान आ गयी हो और हम जैसे hi आगे बढ़ने लगे की तुरंत वह न जाने कहा से एक कुछ चाबुक सा मेरे छाती पर लगा जिससे में और लक्ष्मी पीछे की और गिर पड़े और जब हमने उठ कर देखा तोह वह दोनों मुर्तिया जीवित हो गयी थी और दोनों महाकाय नाग में परावर्तित हो गए थे

नाग 1 :- मानव तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई एक आम मानव हो कर महातल लोक में प्रवेश करने की

में :- हम यहाँ किसी भी नाग को हानि पहुंचने नहीं आये है हमे केवल पटल लोक के दरवाजे की चाबी चाहिए जिससे हम वह क्व दुष्ट राक्षस और दानवों का संघार कर सके

नाग 2 :- तुम्हारा उद्देश्य नेक है लेकिन इस महातल लोक के नियम अनुसार अगर तुम्हे अंदर जाना है तोह तुम्हे हमारे 3 सवालों के जवाब देने होंगे या तोह हमे युद्ध में हराना होगा

ल :- राज ये क्विज में टाइम वास्ते करेंगे अपना धनुष निकालो और मार गिराओ इन्हे

में :- नहीं लक्ष्मी युद्ध हमेशा आखरी रास्ता होना चाहिए अगर युद्ध के अलावा कोई और रास्ता है तोह युद्ध टालना hi सर्वोत्तम है (नागों से) में तैयार हु आप सवाल पूछिए

नाग 1 :- पहले नियम सुन लो अगर तुम 3 सवालों मेसे 1 का भी गलत उत्तर देते हो तोह तुम उसी पल सदा सदा के पत्थर की मूर्ति बन जाओगे जैसे ये सभी के तरह (बाकि मूर्तियों के तरफ इशारा करके)

नाग 2 :- हर सही जवाब के साथ तुम्हे एक ीचा मिलेगी जोस्का इस्तेमाल तुम तीनो सवालों के सही जवाब देने के बाद hi कर पाओगे

में :- ठीक है

नाग 1 :- पहिला सवाल वह कोण है जो मनुष्यों से लेके देवताओ तक सब के साथ रहता है उनके जीवन काल में एक 0अल के लिए भी पीछा नहीं छोड़ता बल्कि मृत्य के बाद दूसरे लोक में भी वह उनके साथ हो होता है

में :- (कुछ देर सोच कर) कर्म किसी भी जीव के कर्म उसके सम्पूर्ण जीवन काल में उसके साथ रहता है और मृत्य के बाद दूसरे लोक में वह कैसे रहेगा इसका फैसला भी उसके कर्मों से किया जाता है

नाग 2 :- उत्तम जवाब सही है तुम्हारा अब दूसरा प्रश्न ऐसा कोण सा विष है जिसको जिसने भी पिया है वह हमेशा खुश रहा है उस विष को पीना hi सर्वोत्ताह उचित मन गया है

ल :- ये कैसा फालतू क्वेश्चन है ऐसा कोनसा पाइजन है जिसे पीना सही है (कुछ सोच कर) में समझ गयी ये मेडिसिन्स की बात कर रहे है वो आखिर एक तरह के ड्रग्स hi होते है जिनको पिने से हम बिमारियों से बचते है

में :- शांत हो जाओ लक्ष्मी ये इसका उत्तर नहीं है मुझे सोचने दो (सोच कर) ऐसा एक hi विष है जिसे पिने से कोई भी किसी भी परिस्थितियों से बहार निकल सकता है और वह है क्रोध गुस्सा वह एक hi ऐसा विष है जो सबकुछ तबाह कर सकता है और उसको पिने से हम किसी भी मुसीबत मस शांत दिमाग से सोच सकते है

नाग 1 :- उत्तम फिर से सही जवाब अब में समझ प् रहा हूँ की तुम इतने निचे तक कैसे पहुंच पाए

नाग 2 :- अब तीसरा प्रश्न ऐसी कोण सी वस्तु है जो अगर किसी के पास हो तोह वह इस संसार का सबसे शक्तिशाली जीव बन जाता है और अगर कोई उससे वह छिन्न ले तोह सबसे कमजोर और वह क्या है जिसे अगर कोई प् ले तोह उसे कोई नहीं हरा पायेगा और जो उसे गवा दे वह त्रिलोक विजयी होक भी सब हार जाता है

में :- ये तोह सबसे आसान है घमंड अगर किसी के पास हो तोह वह खुदको सबसे शक्तिशाली मानता है और अगर कोई उसका घमंड तोड़ दे तोह वह खुद को सबसे कमजोर समझने लगता है (लक्ष्मी की तरफ देख के) सही कहा न लक्ष्मी और दूसरे भाग का उत्तर है धैर्य खुद पे विश्वास जो भी धैर्य या खुद के ऊपर विश्वास खो देता है वह सबसे सबसे कमजोर हो जाता है

मेरे ऐसे बोलने से लक्ष्मी हड़बड़ा गयी थी क्यूंकि वह तब की बात सोच रही थी जब वह एक घमंडी थी

नाग 2 :- शाबाश मानव अब तुमने तीनों सवालों के सही जवाब दिए है तोह तुम्हारी तीन िछाये हम पूरी करेंगे बोलो क्या चाहते हो तुम

में :- मेरी पहली ीचा है की ये सभी जो यहाँ पर मूर्ति बने कैद है इन्हे आज़ाद कर दिया जाये और जहा से आये थे वही भिजवाया जाये और मेरी दूसरी ीचा है की इस जगह की कोई यादे इन लोगो के मस्तिष्क में न रहे नहीं तोह ये फिर से यहाँ आने का प्रयाश करेंगे और तीसरा ीचा है की हम दोनों को अंदर जाने दिया जाये.

नाग 1 :' ठीक है तुम्हारी तीनो िछाये पूरी की जाती है इतना बोलके उन दोनों ने अपने भालों को रस्ते से हटा दिया जिससे अनादर जाने का रास्ता खुल गया फिर में और लक्ष्मी अंदर चले गए और उन दोनों नागों ने बाकि के लोगों को भी आज़ाद कर दिया वही जब हम दोनों अंदर पहुंचे hi थे की तभी वह एक साथ बहुत से सैनिक आ गए

ल :- राज देखो सिपाही यही आ रहे है हमे तैयार रहना चाहिए

में :- डरो मत हम पहरेदारों की आज्ञा से आये है हमे युद्ध नहज करना है

अभी में लक्ष्मी से बात के रहा था की तभी उन सैनिकों ने हमे घेर लिया

सैनिक 1 :- कोण हो तुम कहा से आये हो और ऐसे बिना आज्ञा हमारे क्षेत्र सीमा में क्यों आये हो

ल :- हम बिना आज्ञा के नहीं बल्कि पहरेदारों के सवालों के जवाब देकर यहाँ आये है

सैनिक :- पहरेदार कोनसे पहरेदार की बात कर रही हो तुम

ल :- वही पहरेदार वह बड़ी मूर्ति वाले जिनके पास जाते hi वह जिन्दा हो जाते है और सवालों के जवाब न देने पर पत्थर की मूर्ति बना देते है

लक्ष्मी की बात सुन कर वह सभी सैनिक हसने लगे

सैनिक :- अरे ये दोनों तोह मति मंद लगते है आखिर तुम कोनसे मूर्तियों की बात कर रहे हो ऐसा कुछ भी नहीं है यहाँ

में :- देखिये आप हमारी बात भरोषा क्यों नहीं कर रहे ये में नहीं जानता लेकिन आप हमे एक बार अपने राजा से मिलवा दीजिये

सिपाही :- अरे वह दुष्ट पहले तोह बिना आज्ञा के हमारे राज्य की सीमा में घुस आते हो और हमारे राजा से मिलना चाहते हो

उनकी बाते सुनके अब मुझे गुस्सा आ रहा था लेकिन में उसे काबू कर रहा था क्यूंकि हमारे पास इसके लिए ज्यादा समय नहीं था

में :- (लक्ष्मी से) लक्ष्मी इस सब के लिए हमारे पास समय नहीं है चलो हम खुद hi रास्ता ढूंढ लेंगे.

इतबा बोलके मेने लक्ष्मी का हाथ पकड़ लिया और वह से निकलने लगा की तभी वह सभी मेरे सामने आ गए

सिपाही :- कहा जा रहे हो मुर्ख मानव हमसे युद्ध किये बिना तुम नहीं जा सकते

में उनकी बात को इग्नोर कर के वह से जाने लगा लेकिन तभी उस मेसे एक ने लक्ष्मी का हाथ पकड़ लिया

सिपाही :- तुम्हे जाना है तोह जाओ लेकिन ये सुंदरी हमारे साथ रह कर हमे मनोरंजित करेगी अरे वह कमल की है ऐसा हुस्न तो महलो में भी न देखा है

में :- सैनिक जी अपने हद में रहे यही आपके लिए ाचा होगा

सैनिक :- तुम हमें हद सिखाओगे पता भी है हम कोण hai..hum राज महल के सबसे ताकतवर सैनिक है

में :- मुझे तो तुम सभी महल के सबसे घटिया सैनिक लगते हो

सैनिक :- तुम लोग ऐसे नहीं मानोगे अब तुम सब को जलाकर रख कर देंगे

इतना बोलके वह कुल 4 सैनिक थे सभी ने अपने अपने हाथ फैला लिया और उनके दोनों हाथो में आग दहकने लगी ये देख में भी अलर्ट हो गया था की तभी सब ने एक साथ मेरे ऊपर आग के लहरे फेकि मेरे चारो और से आग की लहरें मेरे तरफ बढ़ने लगी उनकी हसी की आवाज आने लगी लेकिन

जैसे hi लहरे मेरे पास पहुंची मैंने अपनी रफ़्तार पकड़ी और तेज़ी से कुड़के उन चारो के पास पंहुचा और एक एक मुक्का उनके जबड़े पे मारा जिससे उनके जबड़े टूट गए ये सब इतनी जल्दी हुआ था के उनको सँभालने का मौका नहीं मिला इतना सब

में :- शांति से जाना चाहता था लेकिन तुमने और तुम्हारे साथी ने मुझे मजबूर किया है

अभी में कुछ करता की तभी वह पर एक साथ बहुत सरे नाग सैनिक आ गए जिन्हे देख कर उन चरों के चेहरे की हवाएं उड़ गयी थी खासकर उन नाग सैनिकों के बिच में चल रहे महानाग को देख कर शायद ये यहाँ का सेनपातु होगा और जैसे hi वह हमारे पास पंहुचा तोह

सेनापति :- किसने इतनी हिम्मत की हमारे सैनिकों पर हाथ उठाने की

उसने इतना बोलै hi था की तभी उन चरों मेसे 1 सिपाही उठ कर उसके पास गया

सिपाही :- सेनापति जी ये दोनी बिना आज्ञा के हमारे क्षेत्र में आ रहे थे और हमने रोकना चाहा तोह हम पर हुम्ला किया

सेनापति :- तेरी इतनी हिम्मत लड़के अब तुम दोनों भुगतोगे

इतना बोलके वह तुरंत अपनी टॉवल लेके मुझ पर हुम्ला करने आया में उनसे बात करने की कोशिश करता लेकिन तभी वह के सरे साप अपने जीभ निकल के हिसस की आवाज निकलने लगे जिससे अब मेरा गुस्सा बढ़ रहा था लेकिन में उसे काबू किये जा रहा था की तभी उस सेनापति ने अपनी तलवार से मुझ पर वार करना चाहा लेकिन मेने अपने तलवार के मदद से बच गया था लेकिन मेरे इस एक बचाव में hi उस सेनापति की तलवार उसके हाट से छूट गयी जिसे देख कर सरे नाग शॉकेड हो गए और वह सेनापति मेरे आगे झुक गया

सेनापति :- आज तक मुजबे नाग लोक का राजा भी हरा नहीं पाया लेकिन आपने मुझे इतने आसानी से हरा दिया आप जरूर कोई महँ शक्ति के अंश होंगे

अभी वह बोल रहा था की तभी वह एक और नाग आया जो देखने से hi सब का राजा लग रहा था लेकिन था बड़ा कमजोर उसे देख कर मुझे दया आ रही थी की अगर ये मेरे से लड़ा तोह इसका क्या हॉल होगा

राजा :- सेनापति ये क्या है तुम एक मानव के चरणों में

सेनापति :- जी महाराज ये महँ शक्ति के ाँस है इन्होने मुझे एक वार में हरा दिया

राजा :- (हस्ते हुए) अगर ऐसा है तोह हम भी इनके साथ दो दो हाथ लड़ना चाहेंगे क्यों मानव तैयार हो

सेनापति :- है बोल दीजिये महोदय ये मुझे भी नहीं हरा पते आप के सामने क्या hi टिकेंगे

उसकी बात सुन कर में समझ गया की यहाँ क्या हो रहा है फिर में आगे बढ़ कर उस राजा के सामने गया और उसके तरफ बढ़ते वक़्त मेरी पकड़ अपने तलवार पे कस्ती जा रही थी और जैसे hi वह मुझ पर हुम्ला करता उससे पहले hi मेने अपनी तलवार को दोनी हाथों में पकड़ के नागराज के सामने आत्मसमर्पण कर दिया

नागराज :- ये क्या है मानव हमने तुम्हे युद्ध की चेतावनी दी थी और तुम कायरों के भाटी आत्मसमर्पण कर रहे हो

में :- महँ नागराज राजा भद्रक को इस मानव का प्रणाम मेरा समर्पण स्वीकार कर महाराज

राजा :- मानव तुमने हमारे सेनापति को बालकों के भाटी हराया है और तुम हमसे लड़ने में दर रहे हो कैसे वीर हो तुम तुम्हे तोह जीने का भी हक़ नहीं है मार डालो इन दोनों को

उसके इतने बोलते hi वह खड़े सरे नाग मेरे और अपने हथियार लेके मेरे तरफ बढ़ने लगे जो देख के लक्ष्मी मेरे पास आ गयी

ल :- क्या कर रहे हो राज जल्दी अपने हथियार उठाओ और लाधो इनसे नहीं तोह ये हमे मार देंगे

में :- शांत हो जाओ लक्ष्मी स्वयं नागराज हमारे समक्ष है इनको प्रणाम करो हमे कुछ नहीं होगा

ल :- लेकिन राज

में :- मुझ पर विश्वास है न तुम्हे

मेरी ये बात सुनकर लक्ष्मी भी अपने हाथ जोड़ कर नागराज के सामने बैठ गयी इतने देर में वह सरे नाग सैनिक हमारे तक पहुंच चुके थे और जैसे hi उनके अस्त्र मेरे शरीर को छुए वैसे hi वह पर सभी नाग सैनिक फ्रीज हो गए और मेरे सामने खड़े नाग राज मेरे सामने अपने असली रूप में आ गए एक विशाल महाकाय भयानक नाग के रोऊ में जिसे देख कर लक्ष्मी शॉकेड हो गयी

ल :- राज ये सब

में :- हमारी परीक्षा थी हमारी काबिलियत परखने के लिए पहले हमारे कर्मों को जच्चा गया 3 िछाये देके फिर हमारे क्रोध को उन 4 सिपाहियों के द्वारा फिर घमंड की परीक्षा के लिए सेनापति जी सामने आये जिन्होंने महाराज को बार बार कमजोर बता कर हमे घमंड के जाल में फ़साने की साज़िश रची और फिर मेरा धैर्य और खुद पे विश्वास परखने के लिए ये हुम्ला

नागराज :- उत्तम तुम सही कह रहे हो मानव और आज तुमने इस परीक्षा में उत्तीर्ण हो के अपनी काबिलियत दर्शा दी है में तुम्हे आगे जाने की आज्ञा देता हु और साथ में वह जिसके तुम काबिल हो

उसके वही हुआ जो हर लोक में हुआ था साडी काली ऊर्जा मेरे अंदर समां गयी और पटल लोक की चाभी मिल गयी

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 190 (थे फाइनल वॉर बिगिन)



अभी हम दोनों पटल लोक पहुंचे hi थे की वह का नज़ारा देखके लक्ष्मी शॉकेड हो गयी थी क्यूंकि वह की जमीं पूरी तरीके से सोने की बानी हुई थी और साथ hi वह आसमान में कही भी सूरज का नमो निशान नहीं था फिर भी वह उजाला hi उजाला था वह का माहौल पूरी तरीके से धरती के सामान hi था लेकिन फिर भी धरती से बहुत अलग था अभी हम आगे बढ़ hi रहे थे की तभी वह पटल लोक की विशाल सेना मौजूद थी लेकिन सभज शांत थे

में (लक्ष्मी से) :- समय आ गया है उस काम का जिसके लिए हम यहाँ आये हैं अब बारी है आखिरी युद्ध के आगाज़ की

इतना बोलके मेने अपना दोनों हाथों को फैलाया जिससे मेरे दोनों हाथों में विद्युत् तरंग जमा होने लगी जिसे मेने उस सेना के बिलकुल मध्य में छोड़ दिया जिससे वह पर हाहाकार मच गया था

में :- में राज प्रदतत हु युद्ध के लिए आज में इस कहानी को ख़तम करने आया हूँ तोह तुम जो कोई भी हो सामने आओ आज दो दो हाथ हो hi जाये

मेरे इतना बोलते hi वह पर मौजूद सभी सिपाहियों का ध्यान मेरी तरफ गया तोह सभी अलर्ट हुए और मेरे तरफ बढ़ने लगे जिनको अपने तरफ आते देख कर मेने एक बार फिर से अपने दोनों हाथों को फैला कर उनपे विद्युत् प्रहार किया लेकिन फिर भी वह लोग मेरे तरफ बढ़ रहे थे ऐसा लग रहा था की ये सब अभी मरते दम तक रुकेंगे नहीं ये देख कर मेने भी बड़ा दिल रख के सबकी ीचा पूरी कर दी उसके लिए मेने सबसे पहले अपने धनुष का आव्हान किया और फिर उन सैनिकों पर अपने ऐन्द्र अस्त्र का इस्तेमाल किआ जिससे उन सबके ऊपर तीरों की बारिश होने लगी जिससे आधे से ज्यादा असर वैसे hi मरे गए

लक्ष्मी :- ये क्या है राज इतने सरे असुर मारने के बाद भी इनकी संख्या क्रोरो में है

में :- ये पटल लोक है तहा ये कब्जों की गिनती में होंगे फिलहाल इन करोड़ सैनिकों को कहातम करते है

इतना बोल के में फिर से एक अस्त्र का आव्हान करने लगा

में (आव्हान करते हुए) :- रुद्रास्त्र

जैसे hi रुद्रास्त्र मेरे धनुष पर विराज मन होते hi मेने उसे फायर कर दिया और फिर वह जहा वह सेना मौजूद थी वह पूरी जगह धमाकों से भर गयी और देखते hi देखते वह पर क्रोरो की संख्या में मौजूद सैनिक अब शुन्य में रह गए थे में अभी अगले खतरे के लिए तैयार होता की तभी वह एक मेरे hi उम्र का लड़का आ गया जो की मेरे तरह hi फुल बॉडी आर्मर में था



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लड़का :- आम सैनिकों पर शक्ति प्रदर्शन करने से कोई वीर नहीं हो जाता हिम्मत है तोह मेरे सामने टिक के बताओ

में :- कोण हो तुम

लड़का :- तुम युद्ध करने आये हो या पहचान बनाने

में :- ठीक है अगर तुम्हे नाम बताने शर्म आ रही है तोह मुझे दिक्कत नहीं है

इतना बोल के मेने तुरंत उस पे एक तीर से हुम्ला किया जो कोई अस्त्र नहीं लेकिन अस्त्र से काम भी नहीं था जैसे hi मेने तीर छोड़ा उसने भी तुरंत अपने धनुष से एक तीर चला दिया जिससे हम दोनों के तीर एक दूसरे से टकरा गए जिससे वह धमाका हुआ जिसमे दोनों तीर नष्ट हो गए वही जब मेने वह धमाका होते देखा तोह

में :- (मन में) अगर ऐसे hi धमाके होते रहे तोह लक्ष्मी को चोट लग सकती है इस लड़के को कही दूर ले जाना होगा

इतना सोच कर मेने तुरंत hi अपने विंग्स निकल के दूर आसमान के मध्य में आ गया हुए मेरे पीछे

वह लड़का भी आ गया

लड़का :- क्या बात है राज अपनी प्रेमिका को बचने के लिए मुझे यहाँ ले आये लेकिन अब उसे कैसे बचाओगे

इतना बोलके उसने लक्ष्मी के तरफ इशारा किया जिससे वह पर एक साथ कई सरे असुर सैनिक आ गए ये देख कर में लक्ष्मी के तरफ बढ़ने लगा की तभी मेरे कान के करीब से एक तीर तेज़ी से निकल गया

लड़का :- लड़ाई अधूरे में नहीं छोड़ने दूंगा ये युद्ध ख़तम किये बिना तुम नहीं जा सकते

उसकी बात सुन कर में चिंता में आ गया था भले hi लक्ष्मी के पास मेरा दिया हुआ कवच था लेकिन फिर भी एक साथ इतने सिपाहियों को संभल पाना मुश्किल था में अभी सोच रहा था की तभी मुझे जवाब भी मिल गया और मेने लक्ष्मी की सहायता करने के लिए थे रीपर को बुला लिया

में :- (लड़के से) मेरे भी कुछ सैनिक है पटल में

इतना बोलके मेने रीपर की तरफ इशारा कर दिया

लड़का :- बहुत खूब

अभी वह रीपर और उसकी सेना को लड़ते हुए देख hi रहा था की तभी मेने एक तीर उसके और चवला दिया जिसे उसने बिना देखे hi अपने हाथों में पकड़ लिया

लड़का :- तुम कब से पीठ पीछे वार करने लगा

में :- क्या करे गन्दगी साफ़ करने के लिए उसमे उतरना hi पड़ता है

इतना बोल के मेने फिर से एक तीर उसके तरफ छोड़ दिया लेकिन उसने भी तुरंत अपना धनुष चलाया और एक बार फिर हम दोनों के तीर आपस में टकराके नष्ट हो गए उसके बाद हम दोनों लगातार एक दूसरे पर वार करने लगे लेकिन उसका अंजाम एक hi होता दोनों के तीर आपस में टकराके नष्ट हो जाते जो देख कर में शॉकेड हो गया था क्यूंकि मेरे पास विजयी धनुष था जिसके रहते कोई मुझे हरा नहीं सकता था लेकिन ये लड़का हर तीर को काटते जा रहा था

में (मन में) :- इसके सामने आम तीरों का इस्तेमाल बेवकूफी है मुझे अपने अस्त्रों का इस्तेमाल करना होगा

इतना सोच कर मेने तुरंत अपने धनुष की प्रत्यंचा खींच कर सबसे पाहे मेने आग्नेय अस्त्र का इस्तेममा किया जिससे उस के ऊपर भयानक अग्नि का हुम्ला होने लगा लेकिन तभी उसने वरुणा अस्त्र का इस्तेमाल किआ जिससे वह पानी की लहरे आ गयी जिससे मेरा आग्नेय अस्त्र विफल चला गया जिसके बाद मेने तुरंत hi वायु अस्त्र का आव्हान किया जिससे वह तेज़ तूफानी हवाएं चलने लगी ये देख कर उसके चेहरे पे मुस्कान सी आ गयी और उसने तुरंत hi सैलाशत्र का इस्तेमाल किआ जिससे वह की साडी हवा गायब सी हो गयी

में :- अब मज़ा आएगा पहली बार मुकाबला बराबरी वाले से है लेकिन ये मुकाबला अब ज्यादा देर नहीं चल पायेगा

इतना बोलके मेने तुरंत आग्नेय और वायु अस्त्र का इस्तेमाल एक साथ किया जिससे वह आग का तूफ़ान आ गया जिसे देख कर मेरे चेहरे पे मुस्कान आ गयी थी क्यूंकि इस वार से वह मौजूद सभी बड़ी बड़ी चट्टानें भी पिघने लगे थे लेकिन उस लड़के के चेहरे पर दर का नामोनिशान भी नहीं था जैसे की उसे पहले से पता था क्या होगा में अभी उस लड़के को गौर से देख रहा था की तभी उसने तुरंत hi वरुणा और सैलाशत्र का मिक्सचर चला दिया जिससे मेरा कॉम्बी अटैक भी विफल गायब हो गया

में (मन में) :- इस पर आम अस्त्रों का इस्तेमाल करने का कोई फायदा नहीं है कुछ बड़ा करना होगा

इतना सोच कर अब मेने उसपे सबसे खतरनाक अस्त्रों मेसे एक नारायण अस्त्र का इस्तेमाल किआ जिससे उस लड़के के ऊपर मिलियंस ऑफ़ ार्रोस एंड चक्रास से हुम्ला होने लगा इस ास्त्रक को रोकने का एक hi तरीका था और वह था कम्पलीट सरेंडर इसीलिए मेने इस अस्त्र का इस्तेमाल किआ था लेकिन तभी उस लड़के ने अंतर्ध्यान अस्त्र का इस्तेमाल कर के वह से गायब हो कर ठीक मेरे पीछे आ गया जिससे नारायण अस्त्र भी मेरे तरफ मुद गया और उससे बचने के लिए मुझे उसे वापस बुलाना पड़ा अभी वह अस्त्र गायब हुआ hi था की तभी उस लड़के ने मेरा हाथ को पकड़ कर मुझे घुमा दिया अचानक से हुए इस हमले से मेरे हाथ से विजयी धनुष छूट गया तोह वही मुझे घूमते hi उसने अपने एक हाथ से मेरा गाला पकड़ लिया और अपने दूसरे हाथ से मेरा कवच यानि जैसें को और फिर जो हुआ उसे देख कर मेरे होश hi उड़ गए उस लड़के ने केवल एक हाथ की ताकत से मेरे शरीर से जैसें को खींच कर बहार निकल लिया और एक हाथ से उसका भी गाला पकड़ लिया था जब की महाजिन्न बनाने के बाद से जैसें की शक्ति पहले से 10 गुना बढ़ गयी थी फिर भी उस लड़के के ऐसे पकड़ने से जैसें बेहोस हो गया था लेकिन उस लड़के को इससे घंटा फरक पद रहा था और अभी में इस झटके से उभरता की तभी उसने जैसें को निचे धरती पर फेक दिया और फिर तुरंत hi मेरे पेट में किक मार के मुझे दूर फेक दिया फिर मेरे पास आने लगा जिसे आता देख कर मेने तुरंत अपने पांच तत्वों की शक्ति का इस्तेमाल कर के उसपर अग्नि का प्रहार किया वह इतना खतरनाक हुम्ला था की मुझे भी कुछ दिखाई नहीं दे रहा था अभी में कुछ देख पता की तभी वह लड़का उस आग को चीरते हुए आया और इस वक़्त वह बिना आर्मर के था और उसका चेहता मुझे साफ़ दिख रहा था जो किसी और का नहीं बल्कि खुद मेरा था बिलकुल डिट्टो शामे तो शामे अभी में अब तक के सरे झटकों से उभरता की तभी उस लड़के ने अपनी तलवार मेरे पेट में घुसा दी

वह :- जानना चाहते थे न कोण हूँ में पहले ये जान लेना तुम कोण हो वैसे ाचा हुआ तुम्हारे परिवार को मेने पहले hi ख़तम कर दिया नहीं तोह वह तुम्हे मरते नहीं देख सकते थे

उसकी ये बात सुन कर मेरा गुस्सा अब लिमिट से पार हो गया था इतना गुस्सा मुझे आज से पहले कभी नहीं आया था इससे मेरी दोनों आखे खून की तरह क्रिमसन रेड हो गयी थी ये देख कर उस लड़के के चेहरे पर दर में देख सकता था लेकिन तभी उसके चेहरे का दर गायब हो गया और उसने अपनी तलवार को बहार निकल के तुरंत फिर एक बार घुसा दी जिससे में शक्तिया अब पूरी तरीके से हीलिंग पे फोकस्ड थी

वह :- गुस्सा बाद में दिखा देना पूरा जीवन साथ hi रहना है

जितना बोलके उसने मुझे लक्ष्मी और रीपर के पास फेक दिया और वह अपनी पूरी सेना लेके वह से ऐसे निकल गया जैसे वह कोई हो hi न

नेक्स्ट अपडेट :- थे मिस्ट्री बिहाइंड थे रक्त चाँद

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 191 (थे मिस्ट्री बिहाइंड थे रक्त चाँद)



इस वक़्त में एक बंद अँधेरे कमरे में था जहा पर न मुझे कोई खिड़की दिख रही थी और न hi कोई दरवाजा अभी में उस कमरे को देख रहा था की तभी उस कमरे की दीवारे धीरे धीरे गायब होने लगी जिससे वह अब प्रकाश फैलने लगा और जैसे hi वह प्रकाश हटा तोह वह का नज़ारा देखके में पूरी तरीके से शॉकेड हो गया था क्यूंकि वह मेरा पूरा परिवार यानि दादा दादी माँ डैड चाचा और मेरी दोनों बहने भी मौजूद थी उन्ही के साथ मेरे असली माता पिता भी थे जिन्हे मेने बचपन से सिर्फ तस्वीरों में देखा था वही में अपने परिवार को देख कर कितना खुश हो गया था ये में बता नहीं सकता था उन्हें देख मेरे आखों से ासु निकलने लगे थे में सीधा जेक दादाजी के गाके लगने वाला था लेकिन तभी दादाजी ने मुझे बिच में hi रोक दिया

दादाजी :- राज बीटा ये समय नहज है हमारे मिलने का तुम्हारे ऊपर पुरे ब्रम्हांड की सुरक्षा की जिम्मेदारी है उस जिम्मेदारी का भार तुम्हारे जीवन में सर्वाधिक होना चाहिए

दादाजी का यु मुझे रोकना मेरे दिल को चिर रहा था में वही अपने जगह पर घुटनो के बल बैठ गया और रोने लगा

में (रट हुए) :- ये भार उठाते हुए मेरे कंधे दुःख ने लगे है जब मेरे कन्धों पर बस इस जिम्मेदारी का hi नहीं बल्कि आप सबके ार्थियों का वजन भी है मेरे वजह से आप सब....

इतना बोलके में और जोर से रोने लगा की तभी दादी मेरे पास आयी और मेरे सर को सहलाते हुए मेरा सर अपने गॉड में रख लिया

दादी :- ऐसे निराश नहीं होते बीटा और हम कहा तुम्हे छोड़ के गए है जब भी मन करे अपने दिल के अंदर झांकना जहा हम हर वक़्त मौजूद होंगे

असली पिता :- है राज तू ठाकुरों का खून है ऐसे रट नहीं ुर ख़ास कर अपने शत्रु द्वारा दिए हुए चोट पर तोह बिलकुल भी नहीं

असली माँ :- बीटा में तुम्हारी असली माँ हूँ शायद मुझे खुदको माँ भी नहीं कहलाना चाहिए क्यूंकि में तोह तुम्हारा चेहरा भी नहीं देख सकीय थी लेकिन जब भी मेने यहाँ से तुम्हे देखा तोह हमेशा ये सोच कर खुद पे गर्व हुआ की तुम मेरे कोख से जन्मे हो

माँ :- है राज तुम्हारे चाचा पिता या फिर तुम्हारे दादाजी भी सबने अपना जो भी नाम कमाया वह सब तोह उसे विरासत में मिली थी जब की तुमने वह कमाया है जब भी कोई गांव वाला अपनी शिकायत लेके वहार आता था तोह तुम हर कीमत पर उसकी हेल्प करते थे और इसी वजह से सरे गांव वालों के भरोसे की पहचान और उनके मालिक तुम थे इस पर हमे तुम्हारे ऊपर बहुत गर्व है

दादाजी :- और राज इस बार सिर्फ कुछ गावों की बात नहीं है बल्कि पुरे संसार के भरोसे की नीव तुम पर है राज और तुम इतने जल्दी भरोसा हार गए ये तोह सही नहीं है न

रीना एंड मीणा :- जाओ भाई और जिसने तुम्हे इतनी चोट दी है उसे उसकी औकात याद दिला दो

इन सब बातों के बिच दादी मेरा सर बार बार सहला रही थी जिससे में कब सुकून की नींद सो गया मुझे खुद पता नहीं चला आज में न जाने कितने दिनों के बाद सुकून की नींद सो रहा था और जब मेरी नींद खुली तोह मुझे अपने पुरे शरीर में अत्यधिक पीड़ा का अनुभव हुआ ख़ास कर मेरे पेट में तोह वही मुझे मेरे सर पे किसी का हाथ महसूस हुआ जिसे महसूस कर मुझे दादी के टच की याद आ गयी लेकिन जब मेने देख तोह वह लक्ष्मी थी जो शायद मेरा सर सहलाते हुए hi सो गयी थी जैसे hi मेने उठने की कोसिस की वैसे hi मेरे शरीर में अत्यंत पीड़ा होने लगी जिससे मेरे मुँह से अहह निकल गयी जिससे सुन कर को तोह उस कमरे से निकलता हुआ दिखा तोह वही लक्ष्मी की भज नींद खुल गयी

में :- कोण है वह सामबे आओ

ल :- क्या हुआ राज किसे बोल रहे हो

में :- वह कोई बहार जाता हुआ दिखा.

ल :- ाचा वह तोह यहाँ का सिपाही था जो शायद तुम्हारे उठने की खबर सबको देने गया है

में :- सैनिक... हम कहा है इस वक़्त

ल :- जीन लोक में थे सन्तरी यहाँ ले आया है हमे

अभी लक्ष्मी इतना बोली hi थी की तभी वह जैसें आ गया और उसके साथ उसका परिवार भी था और साथ में सन्तरी भी

जैसें :- ाक अब आप ठीक है न

में :- है मेरी हीलिंग पावर्स मुझे तेज़ी से हील कर रही है लेकिन मुजगे अभी भी ये समझ नहीं आया की उसने तुम्हे कैसे मेरे से अलग किया ये तोह असंभव है और वह बिलकुल मेरे जैसे दिख रहा था उसकी शक्तिया उसका ज्ञान जैसे सब मेरे सामान hi थे ये असंभव है

ज. दादाजी :- नहीं मालिक ये संभव है

में :- कैसे

ज. दादाजी :- नहीं मालिक जितना मुझे ज्ञान है उसके हिसाब से आप दोनों किसी शक्ति पुंज के दो हिस्से हो जैसे स. क्वीन के दो हिस्से हुए थे वैसे लेकिन ये केवल अंदाजा है मेरा

ल :- ये कैसे पॉसिबल है ये इम्पॉसिबल है

अभी लक्ष्मी ये बोली hi थी की तभी वह एक आवाज सुनाई देने लगी

आवाज :- क्यों लक्ष्मी तुम्हारे भी तोह दो भाग हुए थे तोह अब ये असंभव क्यों है

ये आवाज सुनके सब शॉकेड थे की अब कोण आ गया तोह वही सबसे ज्यादा में शॉकेड था क्यूंकि में जान गया था की ये आवाज किसकी है और उस आवाज को पहचान ते hi में बीएड से उठा और जमीं पर अपने घुटनो के बल बैठ गया हीलिंग पावर्स के वजह से मेरी इंजरी अब 90% तक ठीक हो गयी थी

वही सब मुझे यु जमीं पे बैठा देख कर शॉकेड हो गए थे की तभी उस कमरे में प्रकाश फ़ैल गया और जब प्रकाश हटा तोह वह खुद प्रभु मौजूद थे जिन्हे देख कर सब पहले शॉकेड हुए लेकिन फिर तुरंत hi अपने घुटनो पर बैठ गए शिवाये लक्ष्मी के क्यूंकि वह नहीं जानती थी की ये कोण है

प्रभु :- सब खड़े हो जाइये और (मुझ से) मित्र तुम्हे कभी भी मेरे आगे झुकने की जरुरत नहीं है वैसे अब तुम्हारी हालत ठीक है न

इतना बोलते हुए उन्होंने अपना हाथ मेरे कंधे पर रख दिया जिससे ऐसा लगा जैसे कुछ हुआ hi नहीं था मुझे

में :- अब आपने hi ठीक किया है तोह आपको क्या बताना

ल :- लेकिन क्या में जान सकती हु की आप कोण है.

जैसे hi सबने लक्ष्मी का सवाल सुना सब उसे ऐसे घूरने लगे जैसे उसने कितनी बड़ी गलती कर दी हो

में :- (लक्ष्मी से) ये वह है जिनकी वजह से आज हम यहाँ है ये इस सम्पूर्ण सृष्टि के पालनहार सयम भगवन बृजेश है

मेरा जवाब सुनके लक्ष्मी हड़बड़ा गयी जिसमे बाद उसने प्रभु से माफ़ी मांगी और फिर हम सब आज हुए युद्ध के बारे में बात करने लगे

में :- मुझे अब तक ये समझ नहीं आया की उसे इतने सरे दिव्यास्त्रों का ज्ञान कैसे है और उसकी आखरी लाइन "गुस्सा बाद में दिखा सेना पूरा जीवन साथ hi रहना है"

प्रभु :- उसके लिए तुम्हे एक कहानी सुन्नी होगी वह सचाई जननी होगी जिसके बारे में सब भूल गए हैं सचाई रक्त चाँद की

में :- इस बारे में मुझे ज्ञान है लेकिन इसका इस वक़्त क्या काम है

प्रभु :- कहानी सुनो फिर सब तुम्हे पता चल जायेगा

आज से कई कब्जों वर्ष पहले जब पृथ्वी पे केवल बड़े जीवों का राज था जिन्हे तुमदीनोसौर्स के नाम से जानते हो उस समय पुरे संसार के अँधेरे के ताकत के मालिक या फिर सम्पूर्ण तामसिक शक्तियों के राजा भी आप उन्हें कह सकते हो उसका नाम कोई नहीं जानता था सब उसे शैतान कह कर hi बुलाते थे लेकिन उनके 2 रूप थे ाचा और बुरा और जब शैतान की मृत्यु नजदीक थी तोह उसने अपने सम्पूर्ण शक्तियों को एक अंगठी में कैद किआ था और उसे चाँद के बीचो बिच गहराई में छुपा दिया था

और जब वह मारा तोह बहुत से देवी देवता असुर या बड़े बड़े राजा महाराजा हर वह शख्स जिसे इन शक्तियों के बारे में जानकारी थी वह सब उस अंगूठी को ढूंढते हुए चाँद पर आये

लेकिन उन्हें अंगूठी तोह नहीं मिली लेकिन चाँद पर उन सबके बिच महा भयंकर युद्ध जरूर शुरू हो गया जिससे उस राजा की आत्मा जो अपनी शक्तियों के पास hi बैठी अपनी मुक्ति के लिए तप कर रही थी उसने अपने सरे शक्तियों की मदद से वह मौजूद हर एक को मौत के घाट उतर दिया

और उसी वक़्त से उस रात का नाम रक्त चाँद की रात पद गया

और उस राजा ने अपनी hi शक्तियों को खुद से आदिदेव के चरणों में समर्पित कर दिया और उनसे ये वचन मांग लिया की

चाहे परिस्थिति कैसी भी हो कोई कितना hi बड़ा तप करे लेकिन जब तक वह इन शक्तियों के लायक नहीं बनता तब तक ये शक्तिया वह किसी को न दे और जब ये बात पुरे संसार में पता चली तोह सबने उन शक्तियों की आस hi छोड़ दी

क्यूंकि वह जानते थे की न वह किसी भी सूरत में स्वयं आदिदेव से युद्ध में जित पाएंगे और न hi उन शक्तियों के काबिल बन पाएंगे

में :- (बिच में hi रोकते हुए) ये जैसें मुझे पहले hi बता चूका है

प्रभु :- तोह अब इसके आगे के भाग पर चलते है

तोह अब कई असुर और देवी देवता फिर भी आदिदेव का तप करके उनसे वह शक्तिया वरदान मांग लेते लेकिन उस वरदान के बदले आदिदेव उन सबकी एक परीक्षा लेते जिसमे हर कोई असफल हो जाते तोह वही आदिदेव ने उस अंगूठी को देवपूणज जिसमे सभी देवतों की शक्तिया है उसमे लेकिन उस अंगूठी को एक ऐसे कवच में कैद कर दिया जिससे कोई भी उसे धुंध न पाए और उस अंगूठी के साथ शैतान की आत्मा भी उस पुंज में समां गयी और उस पुंज के सुरक्षा की जिम्मेदारी 4 संघों में बात दी

संघ 1 :- डेविल और रीपर

संघ 2:- एंजेल और सन्तरी

संघ 3 :- काल लोक के राजा काल

संघ 4 :- आचार्य राघवेंद्र

तोह वही दूसरी तरफ एक बेहद चालक असुर ने आदिदेव को प्रसन्न करके खुद मरे हुए शैतान को अपने पुत्र रूप में मांग लिया वह भी पितृभक्त हो जो वरदान देने के लिए आदिदेव वरदान में बांध गए थे और उस असुर को वरदान दे दिया और जब उस बालक का जन्म हुआ तोह उस बालक ने सर्व प्रथम अपने अंगूठी और अपनी पिछले जनम की आत्मा को अनजाने में hi अपने पास बुला लिया जिससे उस देव पुंज में भयानक हलचल निर्माण हुई और उस वक़्त उस पुंज के नजदीक केवल डेविल और एंजेल थे जो उस अंगूठी को रोकने के चकार में वह दोनों भी उसमे समां गए और जब इसकी जानकारी ट्रीगोड़ को हुई तोह आदिदेव ने अपने महापाशुपतास्त्र तोह प्रभु आदिपुरुष ने अपने चक्र और परमपिता ने अपने ब्रम्हाण्डास्तरअ से उस अंगूठी को रोकने का प्रयास किया जिससे न सिर्फ वह अंगूठी बल्कि उस शैतान की आत्मा भी दो भागों में बात गयी पहला भाग अपने सही जगह उस बचे के शरीर में चला गया तोह वही दूसरा भाग अपने दिशा से अलग धरती लोक पर जन्मे एक मरे हुए बचे में समां गयी और फिर उस बचे को अपनी शक्तियों को संभल के इस्तेमाल करने का पथ सीखने के लिए आचार्य राघवेंद्र को चुना गया

प्रभु :- (मुझ से) अब तुम बताओ राज उस बचे का नाम क्या है और वह कोण है

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 192 (थे फिनाले part 1)



प्रभु :- (मुझ से) अब तुम बताओ राज उस बचे का नाम क्या है और वह कोण है

में जो ये पूरी कहानी ध्यान से सुन रहा था तोह प्रभु के अचानक इस सवाल से में जैसे होश में आ गया तोह वागी वह खड़े बाकि सभी तोह जैसे जैम गए थे आज एक hi दिन में इतने झटके सहन करना उनका दिमाग के बस में नहीं था

में :- में इस कहानी का सारांश समझ गया प्रभु अब मार्गदर्शन कीजिये अब में क्या करू

प्रभु :- ध्यान लगाओ सब पता चल जायेगा

इतना बोलके वह गायब हो गए और में भी आस पास सब को इग्नोर कर के वही जमीं पे बैठ के ध्यान लगाने लगा और जैसे hi में ध्यान केंद्रित करने लगा तोह में अपने अंतर्मन में पहुंच गया और जब मेने वह देखा तोह मेरी साडी शक्तिया मेरे अंतर्मन के मध्य भाग में मौजूद एक महँ शक्ति पुंज के तरह लग रही थी और जैसे hi में उस पुंज के नजदीक पहुंच गया तोह वह पुंज जोरो से गोल घूमने लगा जिससे वह सभी शक्तियों का अब मिश्रण हो गया था में अभी उन शक्तियों को महसूस कर hi रहा था की तभी मेरे अंतर्मन में एक ट्राज़ प्रकाश फ़ैल गया और जब प्रकाश हटा तोह वह खुद ट्रीगोड़ मौजूद थे जिन्हे देख के मेने तुरंत उनके सामने दंडवत प्रणाम किया

आदिदेव :- उठो राज हमारा आशीर्वाद हमेशा hi तुम्हारे साथ है

में :- आज मेरा जीवन धन्य हो गया जो मुझे स्वयं ट्रीगोड़ के दर्शन हो गए

परम पिता :- राज पुत्र अभी समय इन सब बातों का नहीं है बल्कि अब तुम्हारे ऊपर पुरे संसार की जिम्मेदारी है

में :- जी परमपिता में इस बात से पूरी तरह से अवगत हूँ अब आप बताइये मुझे क्या करना है

प्रभु :- तुम्हे वह करना है जी तुम्हारा मन बोले हम तोह बस तुम्हे कुछ देने के लिए आये हैं जो तुम्हारे काम आएगा

में :- आपका आशीर्वाद hi काफी है प्रभु

आदिदेव :- राज तुम्हारे पास इस संसार के सरे अस्त्रों का ज्ञान है जिनका इस्तेमाल करने में तुम पूरी तरीके से सक्षम हो परन्तु फिर भी कुछ अस्त्र ऐसे है जिनका ज्ञान तुम्हारे पास नहीं है और उसी में एक अस्त्र है महापाशुपतास्त्र इसकी उत्पत्ति मेरे से hi हुई है इसीलिए इसे रोकना असंभव है याद रखना इसका इस्तेमाल तुम एक hi बार कर पाओगे उसके बाद ये मेरे पास पुनः लौट आएगा

आदिदेव के इतना बोलते hi उनके त्रि नेत्र से एक ऊर्जा निकल के मेरे त्रि नेत्र के अंदर समां गयी

परमपिता :- राज में तुम्हे जो अस्त्र दे रहा हु उनकी खासियत ये है की इसे कोई भी रोक नहीं सकता चाहे पापियों की संख्या कब्जों में क्यों न हो ये आसानी से सबको दंड देने में सक्षम है चाहे सामने कोई भी हो उसे उसके पापों की सजा मिलकर रहेगी और वह अस्त्र है पहला अस्त्र है याम्यादण्डास्त्र और फिर है कालदण्ड

इसके बाद परमपिता के शरीर से दो ऊर्जा किरण निकल के मेरे शरीर में जाने लगे

आदिपुरुष :- रह में तुम्हे जो अस्त्र दे रहा हु वो तीन भागों में बता हुआ है पहला तुम्हारे शत्रुओं को पहचानेगा दूसरा तुम्हारे दोस्तों को पहचानेगा तोह तीसरा तुम्हारे शत्रुओं का विनाश करेगा ये अस्त्र तुमसे पहले महँ यिधा बर्बरीक के पास था जो इस अस्त्र के सहायता से महाभारत का युद्ध चुटकियों में समाप्त करने की ताकत रखता था

आदिदेव :- राज ये सभी अस्त्रों में इतनी शक्ति है की ये चाहे तोह सम्पूर्ण लोक या संसार का विनाश पल भर में कर दे इसीलिए हमारी आशा है की तुम इनका इस्तेमाल सोच समझ के करोगे

में :- जी प्रभु में समझ गया आपको चिंता करने की जरुरत नहीं है में इन अस्त्रों का इस्तेमाल तभी करूँगा जब इनके उपयोग के अलावा कोई और रास्ता न हो

प्रभु :- ये सभी अस्त्रों का इस्तेमाल तुम केवल एक hi बार कर पाओगे याद रखना

में :- जी

फिर उसके बाद उन्होंने मुजगे इन ास्तों के इस्तेमाल करने की विद्या सिखाई और सभी वह से गायब हो गए और मेने भी अपना ध्यान तोड़ दिया जब मेने ध्यान तोडा तोह में जिन्नलोक के उसी कमरे में मौजूद था और बाकि सभी भी वही मौजूद थे अभी तक मेरे हीलिंग पावर्स ने अब तक मुझे पूरी तरीके से हील कर दिया था

में :- (सभी से) अपने अपने लोकों की सेना को तैयार करो अंतिम युद्ध आरम्भ होने वाला है जिसे जाना हो वह अभी जा सकते है बाद में मौका नहीं मिलेगा

ज. किंग :- ये आप क्या बोल रहे हो मालिक हम जीन है अपने आका को किसी भी युद्ध में अकेला छोड़ना हमारे लिए मृत्यु सामान है

ल :- है राज मेने तोह तुम्हारे साथ जीवन गुजरने का फैसला किआ है में तुम्हे ऐसे अकेले छोड़ के नहीं जा सकती

काल :- है राज तुम काल लोक के युवराज हो तुम युद्ध करोगे और काल लोक उसमे तुम्हारा साथ न दे तोह ये काल लोक के लिए शर्मनाक बात सिद्ध होगी हम सभी हमले के लिए तैयार hi है बस एक इशारे की जरुरत है जिससे हम सभी पुरे पटल लोक को तहस नहस कर देंगे

में :- तोह हम अभी हुम्ला करेंगे

मेरे मुँह से इतना निकलते hi सब वह से अपने अपने लोक चले गए और कुछ पलों में hi अपने सम्पूर्ण सैन्य शक्ति के साथ वह मौजूद थे ये देख कर मेने भी रीपर और डेविल्स आर्मी को बुला लिया और फिर हम सभी पटल लोक की और बढ़ गए रस्ते में सुतल और महातल लोक की सेना भी हमारे साथ जुड़ गयी थी इस वक़्त मेरे शरीर पर काल का कस्टम था जैसें साडी जीन सेना का नेतृत्व कर रहा था और अभी हम पटल लोक की सीमा पर पहुंचे थे की वही पे हमे पटल लोक की सेना पहले से hi हमारे स्वागत के लिए मौजूद थी जीने देख कर मेने तुरंत अपने इन्द्रास्त्र का इस्तेमाल किया जिससे वह तीरों की बारिश होबे लगी लेकिन अभी कोई घायल होता की उससे पहले hi वह एक तीर और चल जिसे देख कर मेरे होठो पैर मुस्कान च गयी

में :- अन्तर्ध्यानास्त्र आ गया वह जिसके लिए हम यहाँ आये

जो दूसरा अस्त्र चला था वह अन्तर्ध्यानास्त्र जिसने मेरे चलाये हुए इन्द्रास्त्र को गायब कर दिया था

वह इस वक़्त एक ड्रैगन पर बैठा हुआ था जिसे देख कर मेने भी अपने ड्रैगन को बहार निकलने के लिए बोल दिया जिससे अब हम दोनों आसमान में सामान ऊंचाई पर थे तोह वही हुमारु सेना निचे धरती लोक के जमीं पर जो हमारे एक आदेश का इन्तजार कर रही थी

शैतान :- आ गए मेरे भाई

में :- में तुम्हारा भाई नहीं हूँ

शैतान :- अरे हम दोनों एक hi पुंज के दो हिस्से है जिससे हमारा नाता भाई वाला hi है

में :- अगर ऐसा है तोह आज एक भाई दूसरे भाई के मौत का कारन बनेगा

इतना बोलके मेने उसपे वरुणास्त्र का इस्तेमाल किआ जिसके जवाब में उसने आदित्यस्तरा का इस्तेमाल किआ जिसके प्रभाव से वरुणास्त्र से निकलता सारा जल सूखा दिया था जिससे मेरस वरुणास्त्र विफल हो गया था वही हम दोनों को युद्ध करते देख निचे जमीं पे भी युद्ध आरंभ हो गया था जहा मेरे सरे सेनापति तेज़ी से आगे बढ़ कर सभी दानव और राक्षसों का अंत कर रहे थे और बाकि सैनिक आम असुरों से लड़ने में व्यस्त थे तोह वही में और शैतान ऊपर आसमान में लड़ रहे थे लेकिन हम दोनों के बीच hi रहे युद्ध का प्रभाव निचे भी दिकब रहा था जब भी हमारे अस्त्र आपस में टकराते तोह उनके बिच होने वाले भयानक धमाके से निचे दोनों पक्ष के सैनिक मरे जा रहे थे जिसे देख कर मेने ज्योतिशास्त्र का आव्हान किया जिससे वह पूरी जगह अँधेरे में दुब गयी और इसी बात का फायदा उठाते हुए मेने ठीक शैतान के ड्रैगन के पीछे एक पोर्टल ओपन कर दिया जिसके मदद से में उसे यहाँ से दूर ले जाना छठा था तोह वही मेरे ज्योतिशास्त्र के इस्तेमाल करने के बाद उसने तुरंत hi सूर्यास्त्र का इस्तेमाल किआ जिससे वह पर हर तरफ उजाला च गया लेकिन तब तक मैंने अपना काम कर दिया था जैसे hi आंध्र हटा तोह में उसके ठीक सामने था और वह कुछ समझ पता उससे पहले hi में उसे लेके पोर्टल के दूसरी तरफ चला गया उसका ड्रैगन हमारे पीछे आने की कोशिश कर रहा था लेकिन मेरे ड्रैगन ने उसे पहले hi रोक दिया था इस वक़्त में उसे लेके तुरंत hi उसी जगह आ गया था जहा से इस कहानी का आरम्भ हुआ था चाँद पर

जब हम चाँद पर पहुंच गए तोह में उससे थोड़ी दूरी पे खड़ा हो गया और जब उसे समझ आया की अभी मेने क्या किया है तोह वह हसने लगा

शैतान :- हाहाहाहा बहुत खूब तोह हम वही आ गए जहा से ये सब शुरू हुआ था

में :- हाँ में ने सोचा खुल के लड़ा जाये वर्ण वह में सही से लड़ नहीं पता फालतू में हमारे वजह से न जाने कितने लोक युद्ध कर रहे है फालतू में वह तबाही मच जाता

शैतान :- फ़िक्र न करो वह पे होते तो बी तबाही न होते इक लम्हे के बात थे और तुम्हारा सर तुम्हारे धार से अलग होता

में :- बातो का कोई फ़ायदा नहीं है में भी जानता हूँ की तुम मुझे तब तक नहीं मार पाओगे जब तक मैं हार न मान लू तोह शुरू करे

शैतान :- (शॉक से) ाचा तोह तुम सब जानते हो वैसे भी में तोह इसी इन्तिज़ार में हूँ तोह शुरू करते है यह अंतिम युद्ध

शैतान के ये कहने के साथ हे मेने उस पर हमला कर दिया लेकिन शैतान अपनी जगा से हिला तक नहीं वो अपनी जगा खरा रहा मेरा हमला उस थक पांच हे नहीं प् रहा था मेने बहुत कोशिश के पंचेस किक्स कोई भी वार उस तक पहुंच नहीं प् रहा था

शैतान :- तुम ने अपनी कोशिश कर ली अब मेरे बारी

इसी के साथ पालक जपकते वो मेरे पास पोंछा और इस एक सेकंड में मुझपर पता नहीं कितने पंचेस पड़े जिन्हे में भी जिन्न नहीं पाया और जब उसका मन भर गया तोह अगले पल वो मुझसे दूर हो गया और वही में पूरी तरह से लहू लुहान वह पर हीर गया लेकिन अगले हे पल मेरे घाव खुद बा खुद भरने लगे और कुछ हे पल में मैं बिलकुल ठीक वह खड़ा हो गया था

शैतान :- क्यों राज मज़ा आया

में कुछ कह नहीं प् रहा था क्यूंकि गलती मेरी भी थे ट्रीगोड़ से वरदान मिलने के बाद में शेरान को ुँडेरेस्तिमाते कर रहा था में भूल गया था की वह मेरा hi आधा हिस्सा है इतना सोच के मेने तुरंत hi अपने दोनों हाथो को जतका दिया और जिससे मेरे हाथो में एंजेल और डेविल दोनों स्वोर्ड्स आ गए और इसी के साथ शैतान की आंखें अब चमकने लगी और वह पे तेज़ हवाएं चलने लगे जिससे देख कर मेने जल्दी से अपने दोनों स्वोर्ड्स अपने सामने कर दिए क्यूंकि वो हवा ब्लेड्स में तब्दील हो गई थे जो तलवार से टकरा कर ख़तम हो गई और फिर जैसे हे हवा ख़तम हुई मेने तेज़ी से उस पर हमला कर दिया और लगातार वॉर करने लगा जिससे अब वह भी पूरी तरह से लहू लुहान हो गया था और फिर में अपने जगह पर वापस आ गया

में :- क्यों शैतान मज़ा आया

शैतान :- अब बस बहुत हुआ मुझे मेरी आत्मा का हिस्सा चाहिए वह चाहे तुम्हे मार के hi क्यों न हासिल करना पड़े

इतना बोलके उसने अपनी सभी शक्तियों को एक कर के मेरे ऊपर छोड़ दिया जिससे उसकी खुद की हालत ख़राब हो गयी थी और जैसे hi वह शक्ति जैसे hi मुझसे टकराई तोह वह इतना बड्स धमाका हुआ की वह हर तरफ धूल फ़ैल गयी थी और जब वह धूल हटी तोह ने वह जमीं पे गिरा हुआ था और मेरी आखे अब बंद हो गयी थी

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आज के लिए इतना hi


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अपडेट 193 (थे फिनाले part 2)



जहा एक तरफ में बेहोस पड़ा हुआ था तोह वही निचे

इस वक़्त मेरे सरे साथी पटल लोक में लड़ रहे थे

जहा एक तरफ लक्ष्मी अपने स. क्वीन वाले अवतार में दानवों पर बिजली बांके टूट पड़ी थी आज वह अलग hi उत्साह और गुस्से में दिख रही थी जिसके सामने जो भी दानव और राक्षस आता वह उसे अपने टेण्टैलेस से पकड़ के मार देती सभी लोग आज लक्ष्मी को ऐसे लड़ते देख कर सब शॉकेड थे

तोह वही थे सन्तरी भी अपने कुल्हाड़ी के साथ लगा पड़ा था उससे देख के ऐसा लग रहा था की वह सभी दानव और राक्षसों के लिए मृत्य बन के जुंग में उतरा हो कभी वह अपने कुल्हड़ी से किसी की गर्दन काटता तोह कभी अपने हीट विज़न से सबको जला रहा था

तोह वही जैसें और रीपर तोह अपने hi जुगलबंदी में बिजी थे दोनों जान सब को ऐसे काट रहे थे जैसे कोई सब्जी काट रहे हो

तोह वही मेरा ड्रैगन (मद) और शेताम का ड्रैगन (सड़) भी लगे पड़े थे

जैसे hi मद ने सड़ को रोकने के लिए उसके गर्दन को पकड़ा तोह उसने तुरंत hi अपने मुँह को खोल के एक भयानक आग का हुम्ला किया इतने पास से आती आग को मद सह नहीं पाया और उसकी पकड़ ढीली हो गयी और अंत में मद उसे ज्यादा देर होल्ड नहीं कर पाया जिससे वह सड़ छूट के आसमान में उड़ने लगा उसे उड़ता देख मद ने भी खुदको संभाला और उसके पीछे उड़ते हुए जाने लगा और जैसे hi सड़ ने मद को आते देखा तोह उसने फिर से एक बार आग का हुम्ला किया लेकिन मद भी अभी तैयार था तोह उसने भी अपने तरफ से एक जोरदार आग का हुम्ला किया उन दोनों की hi आग जब एक दूसरे से टकराई तोह आस पास पूरी आसमान में जैसे आग सी लग गयी थी जब निचे कड़ी दोनी पक्ष की सेना ने आसमान में देखा तोह उन्हें वह ऐसा लगा की दो ड्रैगन सूरज के पास खड़े हो कर लड़ रहे है

वही बाके सरे भी इस युद्ध में जी जान से लड़ रहे थे तोह वही चाँद पर

राज... राज उठो मित्र तुम्हे इतनी जल्दी हार नहीं माननी है याद रखना राज तुम इस संसार की आखिरी उम्मीद हो जागो राज

में अभी बेहोस पड़ा हुआ था की तभी मेरे दिमाग में ये आवाज बार बार गूंज रही थी जो की किसी और की नहीं बल्कि खुद प्रभु की थी उनकी इस आवज ने जैसे मेरे अंदर एक नयी ऊर्जा का निर्माण किया और अभी मेने अपनी आखे खोली तोह में वही चाँद पे खून से लहू लुहान हुआ पड़ा था और मेरे सामने वही शैतान था जिसकी हालत मुझे कुछ खास सही नहीं लग रही थी की तभी वह लड़खड़ाते हुए मेरे पास आया और मुझे उठा के उसने एक पोर्टल खोला

जिसके दूसरे पटल लोक का युद्ध चल रहा था इस वक़्त हम दोनों की भी हालत ख़राब थी एयर जब वह पोर्टल ओपन हुआ तोह उसने मुझे सीधा उस पोर्टल में फेक दिया जहा पर मेरे सरे साथी असुरों पर भरी पद रहे थे की तभी उस युद्ध भूमि के बिच में मैं गिर गया जो देख कर सब शॉकेड हो गए और जब उन्होंने हम दोनों की हालत देखि तोह उनको हमारे बीच हुए युद्ध का अंदाज़ा आ गया लेकिन मेरी ऐसी हालत देख कर मेरे सेना का हौसला टूट सा गया

और इसी बात का फायदा उठके सरे असुर अब मेरे सेना पर भरी पद रहे थे लेकिन वही में अभी भी जमीं पे पड़ा हुआ अपने अगले मूव की तयारी कर रहा था मेने सोच लिया था की अब मुझे क्या करना है और उसके लिए में तैयार हु या नहीं वह करना सही है या गलत में कुछ नहीं जानता था और न में उस बारे में सोच रहा था

इस वक़्त में जमीं पर लेट कर अपनी सभी उर्जाये जागृत कर दी थी मेरी कुण्डलिनी शक्ति के जागृत होते hi मेरे सप्त चक्रों की ऊर्जा मेरे शरीर में फ़ैल गयी और में धीरे धीरे हवा में उड़ने लगा अब मेरे सरे घाव चुटकियों में भर गए थे और मेरा शरीर चमकने लगा था मेरी आखों से सफ़ेद रौशनी निकल रही थी ये देख कर मेरी सेना का हौसला लौट आया था

काल :- आचार्य ये क्या हो रहा है

आचार्य ;- राज अपनी पूरी सकती का इस्तेमाल करने जा रहा है उसने अपनी सभी शक्तियों को एक कर दिया है अब इसकी ऊर्जा इतनी हो गयी है की वह किसी को भी मार सकता है

में अभी हवा में उड़ते हुए अपनी शक्ति को महसूस कर रहा था की वह शैतान शॉकिंग एक्सप्रेशन के साथ मेरे सामने आया जैसे उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था की ये क्या हो रहा है तोह वही मेने जैसे hi उसे अपने सामने देखा तोह मेने तुरंत hi अपने त्रि नेत्र जागृत करके उसपर अपनी सम्पूर्ण ऊर्जा से वार किआ जिससे वह पटल लोक से होता हुआ महातल लोक फिर तलातल रसातल सुतल वाइटल अटल और पृथ्वी से होते हुए दूर अंतरिक्ष में पहुंच गया था

ाचा था की धरती के उस हिस्से में केवल पेंगुइन hi थे वही मेरा ये वार देख सरे दानव राक्षसों के साथ मेरी सेना भी दर रही थी की तभी मेने अपना लेफ्ट हाथ ऊपर उठाया की तभी मेरे हाथ में आया मेरा याम्यादण्डास्त्र जिसे देख सभी शॉकेड हो गए थे और मेने बिना सोचे समझे उस अस्त्र को सभी सैनिकों पे चला दिया जिससे वह पर अब मेरी सेना के अलावा कोई जिन्दा नहीं था सभी इस वक़्त यही देख रहे थे की तभी में उड़ता हुआ सीधा मंद की स्पीड से उस शेताम तक पहुंच गया जो शायद अपने ऊर्जा को रिकवर कर रहा था जब उसने मुझे देखा तोह वह भी मेरे सामने आ गया

शैतान :- आज तक मेने 3 जनम लिए है लेकि मेरी इतनी बुरी हालत किसी ने नहीं की सच कहता था में की शैतान को उसके अलावा कोई मार नहीं सकता लेकिन आज बात ऐसी है की तुम मेरे hi भाग होकर भी मुझे नहीं मार पाओगे क्यूंकि मुझे मारते hi तुम भी मरे जाओगे

में :- और तुम्हे लगता है की मुझे अपनी जान की चिंता है

मेरी आवाज सुन के उसके पसीने छूटनस लगे थे क्यूंकि मेरी साडी ऊर्जा अब जागृत थी चाहे वह सप्त चक्रों की हो या मेरे रूपों की जिससे बोलते वक़्त मेरे मुँह से निकलती हवा में भी मेरा और साफ़ साफ़ कोई भी महसूस कर सकता था तोह वही मेरे शब्द सुनके वह मेरा प्लान जान गया था

स :- नहीं तुम ऐसा नहीं कर सकते अगर तुमने मुझे मार दिया तोह तुम्हारी पृथ्वी पर जो असुर है उनका तुम क्या करोगे क्यूंकि मेरे मरते hi वह सब एटम बम की तरह ब्लास्ट हो जायेंगे कैसे रोकोगे तुम उन्हें

में :- आज कोई भी दीवार तुम्हारे मौत का नहीं ताल सकती है

इतना बोल के मेने अपने धनुष का आव्हान किया जिसके आते hi मेने अपनी आखे बंद करके मेने एक मंत्र बोलते हुए धनुष की प्रत्यंचजा खींच दी जिससे एक बाण मेरे धनुष पर आ गया जिसके प्रकट होते hi मेने तुरंत उसे धरती पे छोड़ दिया और उसके बाद तुरंत hi एक और बाण उसके पीछे छोड़ दिया और अब तीसरा बाण मेरे धनुष पे आ गया था जिसे देख कर शैतान शॉकेड हो गया था

शैतान :- तुम्हारे पास ये बाण कहा से आये जितना मुझे याद है ये शक्ति हमारे पास नहीं थी ये केवल बर्बरीक के पास थी

जी है दोस्तों वह तीनो बाण बर्बरीक के hi बाण थे जो मुझे प्रभु ने दिए थे जिन्हे देख के शैतान चकित हो गया था लेकिन में उसे इग्नोर करके तीसरा बाण भी पृथ्वी की तरफ छोड़ दिया और जैसे सोचा था वैसे hi हुआ पहले बाण ने मेरे शत्रुओं पर निशान लगा दिया था तोह दूसरे बाण ने सरे धरती वासियों पर फिर बचे हुए सभी पर तीसरा बाण मृत्यु बनकर टूट पड़ा और उन्हें वही ख़तम किया वह भी ऐसे की उनकी रख भी न मिले जहा में धरती पर ध्यान दे रहा था की तभी

शैतान ने अपनी ऊर्जा को एकाग्र कर मुझ पर वॉर करने के लिए तैयार था की तभी मेने अपनी आखे बंद की और कालदण्ड का आव्हान किया और उसे शैतान पर छोड़ दिया जिसके बाद वह कालदण्ड शैतान की ऊर्जा काटते हुए उससे जा टकराया और वह बड़ा धमाका हुआ जिससे शैतान ने जितनी भी ऊर्जा रिस्टोर की थी वह सभी नष्ट hi गयी लेकिन अब में उसे बचने का एक भी मौका नहीं देना छठा था इसीलिए मेने तुरंत एक पोर्टल ओपन किया और उस पोर्टल से में उस शैतान के साथ अलग hi ब्रम्हांड में आ गया

शैतान ;- अब कहा ले आये हो तुम हमे

में :- वही जहा पर में तुम्हारा अंत करूँगा तुम्हे शक्तिया चाहिए थी न तोह ये लो शक्तिया

इतना बोलके मेने अपनी सभी शक्तियों को एयर शैतान के आत्मा को अपने शरीर से बहार निकल दिया केवल उस आत्मा के एक भाग को अपने पास राल्हा था जिससे में कुछ समय तक जीवित रह सकू एयर वही जैसे hi मेने उन शक्तियों को आज़ाद किया वह सभी शैतान के पास जाने लगी की तभी मेने अपने धनुष की प्रत्यंचा खींची जिससे मेरे धनुष पर अब ब्रम्हाण्डास्तरअ प्रकट हो गया था

जिसे देख कर शैतान को यकीं हो गया था की में क्या करने वाला हूँ लेकिन वह कुछ कर पता उससे पहले hi मेने ब्रम्हाण्डास्तरअ को छोड़ दिया जो मेरी शक्तिया और आत्मा को काटते हुए सीधा उस शैतान को जा लगा जिससे वह इतना बड़ा धमाका हुआ की वह पूरा ब्रम्हांड धमाकों की आवाज़ से गूंजने लगा और इससे पहले की वह संभालता मेने फिर से धनुष की प्रत्यंचा को खींचा जिससे अब धनुष पर महापाशुपतास्त्र आ गया था

जिसको फायर करने के लिए मेने अपनी ऊर्जा का आखरी कटरा तक खर्च कर दिया था और उस अस्त्र के छुट्टे hi उस शैतान का शरीर नष्ट हो गया था और अब उसकी शक्तिया और मेरी शक्तिया एक हो गयी थी और दोनों आत्माये भी मिल गए थे जिससे शैतान का असली चेहरा मेरे सामने था

शैतान :- शाबाश राज तुम ने मेरे उस शरीर को नष्ट कर दिया है और अब में तुम्हारे शरीर को अपना धारक चुनता हूँ तू आज से इन सभी शक्तियों के एकलौते मालिक हो वैसे भी अब मुझे मारने के लिए कोई अस्त्र नहीं है तुम्हारे पास

में (थकी हुई आवाज में) :- अभी भी एक वार बचा है आज में इस कहानी का और तुम्हारा अंत करके hi मानूंगा

मेरे इतना बोलते hi वह उस ब्रम्हांड में एक पोर्टल खुला और एक महाभयानक साप आ कर मेरे पीछे खड़ा हो गया और दीवार की तरह मुझे सपोर्ट देने लगा और अपने पूछ से मेरे पेअर पकड़ लिए तोह वही उस साप को देख कर शैतान शॉकेड था

शैतान :- शेषनाग

शेषनाग :- राज प्रभु जानते है की तुम अब किस शक्ति का इस्तेमाल करने वाले हो इसीलिए उन्होंने मुझे भेजा है की में तुम्हारी साहित्य करूँगा में अपनी ऊर्जा को तुम्हारे कुण्डलिनी शक्ति से जोड़ रहा हु इसीलिए अब ज्यादा देर न करो

उनके इतना बोलते hi मेने अपने लेफ्ट हाथ को ऊपर उठा दिया और मंत्र बोलने लगा जिससे मेरे हाथ में वह आ गया जिसे देख कर शैतान के पसीने छूटने लगे और वह था सुदर्शन चक्र

में :- अपनी अंतिम ससे गिनो

इतना बोलके मेने चक्र को उसपे छोड़ दिया और उसने उस शैतान की आत्मा को सदा के लिए मुक्त कर दिया और साथ में उन सभी शक्तियों को भी लेकिन इस वजह से हम भी जिस ब्रम्हांड में थे वह तबाह हो गया था और इसके बाद मेरे आत्मा का वह आखरी अंश भी तबाह हो गया तोह में वही पे गिर पड़ा और फिर शेषनाग मुझे या फिर ये कहे की मेरे मृत देह को लेकर पटल लोक आ गए

लेकिन लेकिन ये एन्ड नहीं है बिकॉज़ एव्री स्टोरी एंड्स विथ हैप्पी एंडिंग सो वेट फॉर हैप्पी एंडिंग

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आज के लिए इतना hi


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हैप्पी एंडिंग कल आफ्टरनून में 1 पं पर होगी सो वेट फॉर तहत अपडेट एंड गिव थे फीडबैक फॉर थिस स्टोरी
 
अपडेट 194 (हैप्पी एंडिंग)



अब तक आपने देखा की कैसे राज ने उस शैतान को मारने के लिए अपने ऊर्जा का आखिरी कटरा तक ख़तम कर दिया और उस शैतान के मरने के बाद में जो उसके आत्मा एक भाग उसने अपने पास रखा था वह भी ख़तम हो गया और राज के मरने के बाद शेषनाग उसके डेड बॉडी को लेके पटल लोक ले आये जहा सभी उसके अपने उसका इंतज़ार कर रहे थे

अब आगे

इस वक़्त सभी पटल लोक में खड़े हो कर मेरा इंतज़ार कर रहे थे सभी असुरों और राक्षसों को तोह मेने पहले hi मार दिया था जब सको आसमान में एक महा भयानक नाग आते देखा तोह सब दर के मरे उसपे आक्रमण करने के लिए तैयार हो गए लेकिन तभी नाग राज भद्रक ने उस नाग को पहचान लिया और सबको रोक दिया

नागराज :- ऐसा मत करना उनपे वार करना मतलब मृत्यु को आमंत्रण देना वह स्वयं शेषनाग है

जब सबने नागराज की बात सुनी तोह सभी अपने घुटनो पे बैठ गए और जितने भी नाग अपने मनुष्य रूप में थे वह पुनः नाग रूप धारण कर चुके थे तोह वही जैसे hi शेषनाग निचे उतरे तोह वह अपने इंसानी रूप में आ गए और में उनके गोद में था मुझे बेहोस देख कर सभी शॉकेड हो गए थे जिसके बाद उन्होंने मुझे जमीं पे लिटा दिया जैसे hi उन्होंने मुझे जमीं पे लिटाया तोह वैसे hi लक्ष्मी और बाकि सरे सेनापति मेरे पास आ गए

लक्ष्मी :- (शेषनाग से) क्या हुआ हाउ राज को वह बेहोस क्यों है और वह शैतान कहा है

शेषनाग :- उस शैतान को राज ने मौत के घाट उतर दिया वह युद्ध इतना घमासान था की पुरे ब्रम्हांड का विनाश हो गया था राज को ये बात पता थी इसीलिए उसने ऐसे ब्रम्हांड का चुनाव किआ था जिसमे कोई भी जीव न हो

लक्ष्मी :- वह सब ठीक है लेकिन राज को हुआ क्या है

शेषनाग :- पुरे संसार को शैतान के प्रकोप से मुक्त करने के लिए राज एक वीर योद्धा के तरह वीरगति को प्राप्त हो गया

शेषनाग के मुँह से इतना सुन कर सभी शॉकेड हो गए थे ये सुनने के बाद तोह लक्ष्मी के ासु जिन्हे वह कब से रोके राखी थी वह भी उसके आखों से निकल के बहने लगे और केवल लक्ष्मी hi नहीं तोह वह मौजूद सबके आखों से ासु फुट रहे थे

वह पर जब सभी रो रहे थे तोह वही दूसरी तरफ

जब मेरी आखे खुली तोह इस वक़्त में उसी अँधेरे कमरे में था जहा पिछले अपडेट में था और उस कमरे को देख कर मेरे चेहरे पे मुस्कान सी आ गयी थी क्यूंकि अब मुझे पता था की आगे क्या होगा और हुआ भी वैसे जब उस कमरे की दिवार हटी तोह सामने मेरा परिवार मौजूद था लेकिन अभी भी उनके चेहरे पर ख़ुशी मुझे दिख नहीं रही थी

दादाजी :- राज मेने कहा था की ये सही समय नहीं है फिर भी तुमने चाहकर भी अपने प्राणों को बचने का प्रयास नहीं किआ

में :- जीवित रहकर क्या करता आप सबके बिना क्या हूँ में

माँ :- तुम क्या हो ये तोह हमने तुम्हे पिछली बार hi बता दिया था और जीवित रहकर क्या करते मतलब क्या तुम्हारे नाना नानी वह तुम्हारा परिवार नहीं है उनके प्रति तुम्हारी जिम्मेदारी नहीं है और लक्ष्मी का क्या उसने तुम्हारे साथ जीवन बिताने के लिए इस युद्ध में भाग लिया था और तुम उसे hi छोड़ कर आगये

में :- लेकिन में थक गया हूँ और अब में आराम करना छठा हूँ

दादीजी :- स्वार्थी मत बनो राज अपने परिवार और प्यार करने वालों को यु तड़पना सही नहीं होता और रही बात थकने की तोह जीवम में उतर चढाव आते रहेंगे लेकिन अगर तुम उनसे दर के ऐसे hi पीछे हट्टे रहे तोह इस जीवन का क्या उपयोग

में (मायूसी से) :- ठीक है में तैयार हु

मेरी बात सुनकर दादी मेरे पास आयी और फिर से मेरे सर को गॉड में रख कर सहलाने लगी

तो वही दूसरी तरफ पटल लोक में

अभी वह पर सभी मेरे जाने का दुःख मन रहे थे की तभी मेरा शरीर चमकने लगा जिससे वह पर तेज़ प्रकाश फ़ैल गया और कोई कुछ समझ पता उससे पहले hi मेरे शरीर में मौजूद सप्त चक्र और कुण्डलिनी शक्ति जागृत हो गयी थी जिससे मेरे शरीर में अत्यधिक तापमान का अनुभव होने लगा था और तभी मेरे शरीर से निकलता प्रकाश काम हो गया और जैसे hi सबने मुझे देखा तोह मेरे शरीर के सरे घाव भर गए थे अभी कोई कुछ समझ पता की तभी में कराहते हुए उठ कर बैठ गया

में :- अह्ह्ह सर फैट रहा है मेरा

मुझे उठता देख कर लक्ष्मी आके तुरंत मेरे गले लग गयी और सुबकने लगी तोह मेने भी उसे बाँहों में भर लिया उसके बाद में सबसे मिला फिर बरी थी मेरे आखरी चुनाव की

काल :- तोह राज तुमने अपनी सभी शक्तियों को तोह कहि दिया अब क्या करोगे

में :- कहा काल अभी मेरे 5 शक्तिया शेष है और बात रही आगे की तोह आएंगे हम फिर से जब जरुरत होगी प्रभु का आशीर्वाद और आज्ञा होगी

काल :- कोनसी पांच शक्तिया राज

1 जैसें / रीपर

2 आचार्य का ज्ञान

3 आपके उत्तराधिकारी की ताकते यानि सप्त चक्र और पांच तत्त्व

4 विजयी धनुष और अस्त्रों का ज्ञान

5 और सबसे इम्पोर्टेन्ट आप सबका प्यार और मेरे अपने प्यारे रिश्ते

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थे एन्ड


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