- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 132,788
अपडेट 185
इस वक़्त लक्ष्मी और सन्तरी दोनों अटल लोक के अंतिम चोर पर मौजूद थे और उनके सामने थे वह के पहरेदार और सैनिकों की जाली कटी लाशे अभी वह दोनों मेरा इंतज़ार कर रहे थे की तभी वह एक और सैन्य टुकड़ी आ गयी जिसे देख कर दोनों उनसे लड़ने के लिए तैयार हो गए लेकिन इससे पहले की वह सैन्य टुकड़ी उन तक पहुँचती उससे पहले hi आसमान से तीरों की बारिश होने लगी जिससे वह पूरी सेना एक hi पल में ख़तम हो गयी और जब उन दोनों ने उन सैनिकों के पीछे देखा तोह उन्हें में आता हुआ दिखा और मेरे हाथ मद विजय धनुष देख कर दोनों को समझते देर नहीं लगा की ये तीरों की बारिश कैसे हुई फिर में उनके पास पंहुचा तोह हम तीनो वाइटल लोक के सीमा के पास पहुंच गए जहा पहुंच कर मेने अपना लेफ्ट हैंड ऊपर उठा दिया जिससे मेरे छहों से एक सफ़ेद किरण निकलने लगी जिससे वह एक पोर्टल सा बन गया जो हमे सीधा ले गया वाइटल लोक
और जब हम वाइटल लोक पहुंचे तोह वह का नज़ारा देखके तोह हम तीनों भी शॉकेड हो गए थे ये वाइटल लोक नहीं बल्कि कोई युद्ध की भूमि आग रही थी वह इतने सिपाही मौजूद थे जितने शायद पुरे पटल लोक में भी नहीं होंगे
स :- वाइटल लोक के बारे में जो सुना था वह सच निकला
लक्ष्मी :- मतलब
में :- ऐसा कहा जाता है की वाइटल लोक से hi सरे लोकों में आसुरी सैनिक भेजे जाते है ये वाइटल लोक पटल के लिए सोल्डिएर्स ट्रेनिंग अकादमी जैसा है
लक्ष्मी :- मतलब अगर इसे नष्ट कर दिया तोह उनकी सैन्य संख्या पर भरी प्रभाव दिखाई देगा
स :- तुम ऐसा बोल सकती हो लेकिन हर लोक में भी अलग अलग तरीके से सैनिकों को तैयार किया जाता है अगर ये लोक तबाह हो जाये तोह उनके सैनिकों पर असर तोह पड़ेगा लेकिन उतना ज्यादा नहीं जितना तुम सोच रही हो
में :- अगर तुम्हारा बोलना पूरा हो गया हो तोह आगे बढे यहाँ पर बहुत मेहनत करनी होगी
अभी मेने इतना बोलै hi था की तभी हम सबकी नज़र सामने से आ रही असुर सेना पे गयी जो की अपने पुरे स्पीड से हमारे तरफ hi बढ़ रही थी
जिन्हे देख कर मेने तुरंत अपना मचते निकल लिया हुए में भी उनके तरफ तेज़ी से बढ़ने लगा और मुजबे ऐसे भागते देख के सन्तरी और लक्ष्मी भी मेरे पीछे आने लगे लेकिन मेरी स्पीड उन दोनों से बहुत ज्यादा थी जिससे में जल्द hi उन सैनिकों के पास पंहुचा तोह सबसे पहले उन सिपाहियों ने मुझ लार हुम्ला किया लेकिन में उससे बच गया
और तुरंत hi में अपने मचते से वह मौजूद सभी सैनिकों को मारने लगा में कभी किसी का हाथ काटता तोह कभी किसी का गाला मेने अपने दूसरे हाथ में भी अब मचते ले लिया था जिससे अब में एक साथ 2 से लड़ सकता था जिससे अब वह असुर दोगुने स्पीड से काम हुए जा रहे थे और में अब तक उनके खून से पूरा सं गया था की तभी
मेरे सामने एक तेज़ विद्युत तरंग आ गिरी जिसने मेरे सामने मौजूद सैनिको को जला कर रख कर दिया था ये विद्युत् तरंग सन्तरी ने छोड़ी थी वह और लक्ष्मी भक अब मेरे पास पहुंच गए थे और उनहोने आते hi वह सैनिकों को मारना शुरू कर दिया
जहा लक्ष्मी के तैंतिक्लेस और तलवारे सब को कटे जा रही थी तोह वही सन्तरी अपने मैजिक से सबको मरे जा रहा था जिससे वह कुछ hi देर में साडी सेना ख़तम हो गयी थी और जब मेने आस पास नज़र घुमयी तोह उस जगह जमीं दिख hi नहीं रही थी पूरी जमीं असुरों की लाशे और खून के निचे चुप सी गयी थी
सन्तरी :- राज लगता है हम जैसे जैसे पटल लोम के नजदीप पहुंच रहे है वैसे वैसे तुम्हारा डेविल रूप और स्ट्रांग हो रहा है एक बार अपने मन को शांत कर लो ताकि तुम्हे आगे के प्रवेश में कोई दिक्कत न आये
में :- हमारे पास इतना समय नहीं है जल्दी वाइटल लोक के महल में चलो हमे जल्दी से पटल लोक पहुंचना है जल्दी करो
इतना बोलके में बिना उनकी बात सुमे वाइटल लोक के मध्य में स्थित राज महल में जाने लगा और जैसे hi हम राज महल के पास पहुंचे तोह वह पर पहले से hi वाइटल लोक का राजा अपनी सेना के साथ तैयार था हमसे युद्ध के लिए जिसे देख कर मेरे होठो पैर एक शैतानी मुस्कान आ गयी थी
और में फिर से अपने दोनों मचते को चलने लगा जहा वह राजा मुझे रोकने के लिए कुछ और करता उससे पहले hi मेने अपने स्पीड का इस्तेमाल कर सरे सैनिकों को एक सेकंड में काट दिया और तुरंत hi में उस राजा के सामने जा पहुंचा
मुझे ऐसे अचानक अपने सामने देख कर वह भी पूरी तरह से खून में सना हुआ ये सन देख कर तोह वह एक पल के लिए दर गया और यही में चाहता था
जैसे hi मुझे उसकी आँखों में दर दिखा मेने तुरंत hi devil's पावर का उसे किया और उसके अंदर के दर को इतना बढ़ा दिया की एक चिति भी अब उसे डायनासोर लग रही थी और में साक्षात् यमदेव
में (भरी आवाज में) :- क्या हुआ दर लग रहा है लग्न भी चाहिए अगर तड़प तड़प के मरना नहीं चाहते हो तोह मुझे सुतल लोक की छवि दे दो
राजा :- देता हूँ मारो मत मारो मत
फिर उसने अपनी आखे बंद की तोह उसके शरीर से इसबार लाल रंग की किरणे निकल के मेरे शरीर में जाने लगी जिसके मेरे शरीर में प्रवेश करते hi अटल लोक के तरह वह की जमीं से काली रेज़ निकल के मेरे शरीर में जाने लगी
जिससे मुझे वही चीत्र दिखाई देने लगा जहा मेरा डेविल रूप जो पहले से भी बहयनक था वह वाइटल लोक के सिंहासन पे बैठा था
उसके बाद जब मेने पलट के देखा तोह लक्स्जमि और सन्तरी दोनों मुझे घर के देख रहे थे जहा लक्ष्मी की आखों में शॉकिंग एक्सप्रेशन थे तोह सन्तरी को देख कर लग रहा था की जैसे वह मुझे स्कैन कर रहा हो
उन दोनों को ऐसे खुदको घूरता देख मेने तुरंत hi अपने जल तत्त्व को जागृत कर के मेरे शरीर पर लगी खून की एक एक बून्द साफ़ कर दी थी और जैसे hi में उनके पास पंहुचा तोह लक्ष्मी अभी भी मुझे घूरे जा रही थी
में :- (लक्ष्मी से) ाखियों से गोली मरोगी क्या अब
मेरे ऐसे बोलने से वह हड़बड़ा गयी
सन्तरी :- अगर तुम दोनों लैला मजनू का हो गया हो तोह आगे चले
में :- है चलो आगे चलते हैं
फिर हम वह से वाइटल लोक के अंतिम चोर तक भी पहुंच गए जहा पर पहुंच के मेने सुतल लोक का द्वार भी खोल दिया
~~~~~~~~~~~~~~~~~~
आज के लिए इतना hi
~~~~~~~~~~~~~~~~~~
इस वक़्त लक्ष्मी और सन्तरी दोनों अटल लोक के अंतिम चोर पर मौजूद थे और उनके सामने थे वह के पहरेदार और सैनिकों की जाली कटी लाशे अभी वह दोनों मेरा इंतज़ार कर रहे थे की तभी वह एक और सैन्य टुकड़ी आ गयी जिसे देख कर दोनों उनसे लड़ने के लिए तैयार हो गए लेकिन इससे पहले की वह सैन्य टुकड़ी उन तक पहुँचती उससे पहले hi आसमान से तीरों की बारिश होने लगी जिससे वह पूरी सेना एक hi पल में ख़तम हो गयी और जब उन दोनों ने उन सैनिकों के पीछे देखा तोह उन्हें में आता हुआ दिखा और मेरे हाथ मद विजय धनुष देख कर दोनों को समझते देर नहीं लगा की ये तीरों की बारिश कैसे हुई फिर में उनके पास पंहुचा तोह हम तीनो वाइटल लोक के सीमा के पास पहुंच गए जहा पहुंच कर मेने अपना लेफ्ट हैंड ऊपर उठा दिया जिससे मेरे छहों से एक सफ़ेद किरण निकलने लगी जिससे वह एक पोर्टल सा बन गया जो हमे सीधा ले गया वाइटल लोक
और जब हम वाइटल लोक पहुंचे तोह वह का नज़ारा देखके तोह हम तीनों भी शॉकेड हो गए थे ये वाइटल लोक नहीं बल्कि कोई युद्ध की भूमि आग रही थी वह इतने सिपाही मौजूद थे जितने शायद पुरे पटल लोक में भी नहीं होंगे
स :- वाइटल लोक के बारे में जो सुना था वह सच निकला
लक्ष्मी :- मतलब
में :- ऐसा कहा जाता है की वाइटल लोक से hi सरे लोकों में आसुरी सैनिक भेजे जाते है ये वाइटल लोक पटल के लिए सोल्डिएर्स ट्रेनिंग अकादमी जैसा है
लक्ष्मी :- मतलब अगर इसे नष्ट कर दिया तोह उनकी सैन्य संख्या पर भरी प्रभाव दिखाई देगा
स :- तुम ऐसा बोल सकती हो लेकिन हर लोक में भी अलग अलग तरीके से सैनिकों को तैयार किया जाता है अगर ये लोक तबाह हो जाये तोह उनके सैनिकों पर असर तोह पड़ेगा लेकिन उतना ज्यादा नहीं जितना तुम सोच रही हो
में :- अगर तुम्हारा बोलना पूरा हो गया हो तोह आगे बढे यहाँ पर बहुत मेहनत करनी होगी
अभी मेने इतना बोलै hi था की तभी हम सबकी नज़र सामने से आ रही असुर सेना पे गयी जो की अपने पुरे स्पीड से हमारे तरफ hi बढ़ रही थी
जिन्हे देख कर मेने तुरंत अपना मचते निकल लिया हुए में भी उनके तरफ तेज़ी से बढ़ने लगा और मुजबे ऐसे भागते देख के सन्तरी और लक्ष्मी भी मेरे पीछे आने लगे लेकिन मेरी स्पीड उन दोनों से बहुत ज्यादा थी जिससे में जल्द hi उन सैनिकों के पास पंहुचा तोह सबसे पहले उन सिपाहियों ने मुझ लार हुम्ला किया लेकिन में उससे बच गया
और तुरंत hi में अपने मचते से वह मौजूद सभी सैनिकों को मारने लगा में कभी किसी का हाथ काटता तोह कभी किसी का गाला मेने अपने दूसरे हाथ में भी अब मचते ले लिया था जिससे अब में एक साथ 2 से लड़ सकता था जिससे अब वह असुर दोगुने स्पीड से काम हुए जा रहे थे और में अब तक उनके खून से पूरा सं गया था की तभी
मेरे सामने एक तेज़ विद्युत तरंग आ गिरी जिसने मेरे सामने मौजूद सैनिको को जला कर रख कर दिया था ये विद्युत् तरंग सन्तरी ने छोड़ी थी वह और लक्ष्मी भक अब मेरे पास पहुंच गए थे और उनहोने आते hi वह सैनिकों को मारना शुरू कर दिया
जहा लक्ष्मी के तैंतिक्लेस और तलवारे सब को कटे जा रही थी तोह वही सन्तरी अपने मैजिक से सबको मरे जा रहा था जिससे वह कुछ hi देर में साडी सेना ख़तम हो गयी थी और जब मेने आस पास नज़र घुमयी तोह उस जगह जमीं दिख hi नहीं रही थी पूरी जमीं असुरों की लाशे और खून के निचे चुप सी गयी थी
सन्तरी :- राज लगता है हम जैसे जैसे पटल लोम के नजदीप पहुंच रहे है वैसे वैसे तुम्हारा डेविल रूप और स्ट्रांग हो रहा है एक बार अपने मन को शांत कर लो ताकि तुम्हे आगे के प्रवेश में कोई दिक्कत न आये
में :- हमारे पास इतना समय नहीं है जल्दी वाइटल लोक के महल में चलो हमे जल्दी से पटल लोक पहुंचना है जल्दी करो
इतना बोलके में बिना उनकी बात सुमे वाइटल लोक के मध्य में स्थित राज महल में जाने लगा और जैसे hi हम राज महल के पास पहुंचे तोह वह पर पहले से hi वाइटल लोक का राजा अपनी सेना के साथ तैयार था हमसे युद्ध के लिए जिसे देख कर मेरे होठो पैर एक शैतानी मुस्कान आ गयी थी
और में फिर से अपने दोनों मचते को चलने लगा जहा वह राजा मुझे रोकने के लिए कुछ और करता उससे पहले hi मेने अपने स्पीड का इस्तेमाल कर सरे सैनिकों को एक सेकंड में काट दिया और तुरंत hi में उस राजा के सामने जा पहुंचा
मुझे ऐसे अचानक अपने सामने देख कर वह भी पूरी तरह से खून में सना हुआ ये सन देख कर तोह वह एक पल के लिए दर गया और यही में चाहता था
जैसे hi मुझे उसकी आँखों में दर दिखा मेने तुरंत hi devil's पावर का उसे किया और उसके अंदर के दर को इतना बढ़ा दिया की एक चिति भी अब उसे डायनासोर लग रही थी और में साक्षात् यमदेव
में (भरी आवाज में) :- क्या हुआ दर लग रहा है लग्न भी चाहिए अगर तड़प तड़प के मरना नहीं चाहते हो तोह मुझे सुतल लोक की छवि दे दो
राजा :- देता हूँ मारो मत मारो मत
फिर उसने अपनी आखे बंद की तोह उसके शरीर से इसबार लाल रंग की किरणे निकल के मेरे शरीर में जाने लगी जिसके मेरे शरीर में प्रवेश करते hi अटल लोक के तरह वह की जमीं से काली रेज़ निकल के मेरे शरीर में जाने लगी
जिससे मुझे वही चीत्र दिखाई देने लगा जहा मेरा डेविल रूप जो पहले से भी बहयनक था वह वाइटल लोक के सिंहासन पे बैठा था
उसके बाद जब मेने पलट के देखा तोह लक्स्जमि और सन्तरी दोनों मुझे घर के देख रहे थे जहा लक्ष्मी की आखों में शॉकिंग एक्सप्रेशन थे तोह सन्तरी को देख कर लग रहा था की जैसे वह मुझे स्कैन कर रहा हो
उन दोनों को ऐसे खुदको घूरता देख मेने तुरंत hi अपने जल तत्त्व को जागृत कर के मेरे शरीर पर लगी खून की एक एक बून्द साफ़ कर दी थी और जैसे hi में उनके पास पंहुचा तोह लक्ष्मी अभी भी मुझे घूरे जा रही थी
में :- (लक्ष्मी से) ाखियों से गोली मरोगी क्या अब
मेरे ऐसे बोलने से वह हड़बड़ा गयी
सन्तरी :- अगर तुम दोनों लैला मजनू का हो गया हो तोह आगे चले
में :- है चलो आगे चलते हैं
फिर हम वह से वाइटल लोक के अंतिम चोर तक भी पहुंच गए जहा पर पहुंच के मेने सुतल लोक का द्वार भी खोल दिया
~~~~~~~~~~~~~~~~~~
आज के लिए इतना hi
~~~~~~~~~~~~~~~~~~