अपडेट 51
में जब थान लाया तो मैंने को कहा नास्ता ले जाओ पर आपि बोली अम्मी को देदो में जैसे hi किचन में गया फिर इक हादसा मेरे सामने आ गया जिसे देख कर मेरा और दिमाग ख़राब हुआ
शायद अम्मी को अहसास नहीं में इतनी जल्दी आ जाऊंगा
अब आगे.......
में देख रहा था मेरे चाचू मेरी अम्मी को पीछे से पकडे हैं और अम्मी के बूब्स दवा रहे हैं और गर्दन चूम रहे हैं और अम्मी की कुर्ती भी कन्धों से नीचे करदी है चाचू न
में ये नज़ारा देख कर वही रुक गे
मुझे अम्मी और चाचू पे शक तो पहले से hi था पर आज कन्फर्म देख भी लिया
ये चाचू ने इक मिंट के लिए hi किया था पर मेरा वक़्त अच्छा था में उसी टाइम आ गे
अम्मी - चोरो रफ़ीक कोई देख लेगा
इतना कहा था अम्मी ने और मेरी तरफ देख कर चौंक गे
अम्मी - बीटा तू टूउउउ तू ले लाया
अम्मी की जवान लड़खड़ाने लगी चाचू का भी गाला सूखने लगा
में - हाँ अम्मी ले आया लो तैयार कार्डो में ममी के पास हु
मैंने ऐसे रियेक्ट किया जैसे मैंने कुछ देखा hi नहीं हो
फिर चाचू किचन से निकले सीधे बाहर जाने ला
में - चाचू बैठो न नास्ता करके जाओ
ममी - हाँ बैठ भी जाओ
इतने दिनों में तो हम आये हैं
चाचू हैरान थे आखिर रिहान ने हमें देख लिया पर ये ऐसे क्यू रियेक्ट कर रहा जैसे कुछ देखा hi न ह
मेरे दिमाग में इक प्लान चलने लगा था
अभी चाचू को फुल छोट दो टेक अम्मी की पूरी असलियत सामने आये
मेरा दिल इस बात पे राज़ी नहीं हो रहा था के सिर्फ अम्मी का चक्कर hi है चाचू के सात
बल्कि ये फीलिंग थे के कुछ और राज़ भी हैं
खस्मकश थी जैसे कुछ बहुत गलत और भी है
फिर खशीश मुझसे बोली जो इतनी देर से बीएस घूरे hi जा रही थी
खशीश - तुम बहुत बेकार हो गए हो अब
में - हस्ता हुआ क्यू मैंने किया है तेरा
खशीश - मतलब न hi कॉल करते हो न घर आते हो पहले जब में आती थी तो मुझे घूमने ले जाते थे और जाने किया खिलते थे
और अब बीएस हर टाइम गुस्सा करना
और घर से भाग जाना
ये hi सीख लिया है
मुझे ये तना बहुत बुरा लगता था पर शायद सब का भरम रखना था कुछ बोल नहीं सकता था
वर्ण वे अदब कहलाता
में - मतलब मुझे लुटना अभी भी नहीं छोड़ेगी
खशीश - उफ्फ्फ जनाब को खिलाना पिलाना लूटना लगता है
इतने कंजूस मत बनो
में - ममी ये कुछ मोती नहीं हो रही खा खा क्र पहले सूखी लकड़ी जैसी तह
खशीश - ो hello में मोती नहीं हूँ समझ
अपनी तरफ देख पूरे सांड बन गए हो
में - में सांड पगल इसे बॉडी कहते है
ममी - अरे बीएस करो लड़ना और रफ़ीक तुम्हारा काम धाम कैसा चल रहा है
रफ़ीक - बस ठीक ठाक ह और तुम्हारे लड़के की जॉब लगी या नहीं
कशिश मेरी आँखों में आंखें दाल कर मुस्कुराते हुए ांडे टेड़े इशारे अपनी भौं उठा उठा कर इशारे क्र रही तह
में भी उसे देख रहा था उसके प्यार में पगल पैन
कशिश ने मौका देखते hi मुझे फ्लाइंग किश करदी
में बड़ी गौर में उसको देख रहा था
और कशिश में शायद इक अलग खशीश थी
खहते हैं न नाम का असर ज़ात पर पड़ता है
में न चाहते हुए भी उसकी तरफ खींच गया
उसका हॉट फिगर जो टाइट जीन्स टॉप में कमल का लग रहा था
इक मेरा घर hi था खानदान में जिसमे मेरी बहने छोटे कपडे नहीं पहनती थीं और हिजाब में जियादा निकलती थीं
मैंने खुद से वडा किया था कभी में खशीश से ऑंखें नहीं मिलाऊँगा
पर इक जानते भी अपने वेड को न निभा सका
और फिर मेरी छोटी भने स्कूल से आ गयी फ़िज़ा काफी अच्छी दोस्त थी खशीश की
वो आते hi गले मिल गयी जैसे कब के बिछड़े हुए हम आज कहा आके मिले
माहि शीध मेरे आके चिपक गयी
पहले तो उसने ममी को सलाम किया और ऐसे हाल चल
माहि - भैया इक बात बचन सानिया की
सानिया - कुट्टी मार दूंगी तुझे
सानिया माहि का मुँह बंद कर रही थी दोनों लड़ रही तह
माहि मेरी ज़िद्दी वो कहा मने
सानिया - कृत्य चुप जा हरमन कही
भैया इसको अज्ज्ज
सानिया फिर मुँह बंद कर देती ह
में अपनी बहनो के इस प्यार भरी लड़ाई में बीच में दवा आखिर किस की सुनु
हाँ इक सुकून था अपनी बहनो का इस तरह मुझे बताना
शायद ये फीलिंग कोई समझे
सानिया और माहि के बूब्स मुझसे काफी टच हो रहे तह
पर इस प्यार में हवस नहीं थी में बस कभी माहि से कहता हाँ बोल गद्य सानिया हाथ मुँह से हटाता
और माहि बोलने को होता सानिया फिर दवा देती
ममी - अरे लड़ो तो मत आखिर किया बात है सानिया बताने तो दे माहि क
सानिया - ममी मुझे आज सबके सामने सेर ने मुर्गा बना दिया
( सानिया बुरा सा मुँह बनके बोली )
हम सब हसने लग
में - हहहहहह तू तो क्लास की मॉनिटर थी तुझे कैसे मुर्गा बना दिया
माहि - भैया और बचन
सानिया - फिर माहि का मुँह दवाने लगी
कुट्टी तू कुछ मत बोल अब
में - अरे रुक जाओ एरर चोरो ये सब अब तुम जाओ फ्रेश हो जाओ खाना बन गया ह आपि को बोलो खाना लगाए
ममी को भी भूक लगी है
फिर साजिद मेरा सबसे छोटा भाई वो ाईकिस के रूम से निकला
में - ोये साजिद खला को बुला la.bolna रिहान भाई बुला रहे है खाना खालो
चल जल्दी जा
फिर हलीमा मेरे पास आयी और बोली भाई रूम में चलो कुछ काम है तुमसे
में - ok तू चल आ रहा हु
हलीमा मेरे hi रूम में थे में रूम में गया साज़िया भी वही लेती थी
मुझे देखते hi वो उठ गयी वो काफी परेशान थी
में किया हुआ तू इतनी परेशां क्यू ह
साज़िया - हलीमा तुम hi बताओ
में - हाँ बता किया हुआ ह
हलीमा - मुझे घूरते हुए बोली तुम दोनों की मैंने हेल्प hi गलत क्र दी
में - किया हुआ बता तो
और हाँ असद कहा है उसे में काफी देर से देख रहा हु
हलीमा - गुस्से में तुम्हारी साड़ी करतूतें की उसे पता चल गयी इस लिए चला गया
में - मतलब साड़ी बात बता
हलीमा - एरर तुम दोनों को ज़रा भी डॉ नहीं लगा घर में सब थे और तुम दोनों. सेक्स क्र रहे तह
में अब थोड़ा झिझका और बोलै तुझे कैसे पता
हलीमा - मुझे तुम दोनों पे बहुत गुस्सा आ रहा है
तुम दोनों जब सेक्स क्र रहे थे तो असद ने तुम्हारी आवाज़ें सुन ली
में - किया एरर कैसे तुझे बोलै था उसे रोकने के लिए
हलीमा - में असद से बातें कर रही थी तो असद बार बार तुम्हारे रूम की तरफ देख रहा मुझे भी काफी अजीब लग रहा था तुम दोनों अकेले रूम में बंद
काफी देर तक में असद को रोके रही फिर ाईकिस तुम्हारे रूम की तरफ गयी वो तुम्हारे रूम के पास थोड़ी देर रुकी
और चली फिर आपि भी तुम्हारे रूम के पास से निकली वो भी रुकी कुछ देर में फिर चली गयी
फिर आपि मुझे बुलाने लगी और हेल्प के लिए किचन साफ़ करने को बोलने लगी
मैंने बहुत जल्दी जल्दी किचन साफ़ किया
जैसे hi किचन से निकली असद तुम्हारे रूम के दरवाजे पर खड़ा था
में जब उसके पास गयी तो तुम दोनों की सेक्स की आवाज़ें बाहर साफ़ साफ़ आ रही थी
असद को बहुत गुस्सा आया वो बिना कुछ बोले hi चला गे
में - उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़ो एरर आपि और ाईकिस ने भी सुन लिया
साज़िया - तुम्हे उनकी पड़ी है मुझे असद भाई की फर्क वो मुझे बहुत मरेंगे
अम्मी अब्बू से कह दिया तो किया होगा
और साज़िया रोने लगी
में - याररर असद की टेंशन मत ले वो नहीं कहेगा वो मुझपे चोर दे वो तुझे से इक लफ्ज़ भी नहीं कहेगा
मुझपे यकीन क्र
फिर साज़िया कुछ देर में चुप हो गयी .और हलीमा जो अभी भी थोड़ी तिलमिला रही थी और बोली
रिहान भाई तुम बहुत बड़े कमीने हो
मैंने तुम्हारी साड़ी बातें सुन ली हैं
में - थोड़ा परेशां हुआ मतलब किया सुना ह तूने
हलीमा - पहले तो मैंने तुम्हारी हेल्प करके बहुत बड़ी गलती करदी और तुम इतने गन्दा बोल रहे थे मेरे लिए
में - तेरे लिए किया बोलै मैंने
हलीमा - मुझे गुस्से से घूरते हुए अपनी बहन के लिए किया बोल रहे थे
में - मतलब अपनी बहन के लिए किया
हलीमा - में तुम्हारी बहन नहीं हूँ किया
में - समझ चूका था इसने सच कुछ लिया
तो यार ऐसे तो साज़िया भी मेरी बहन hi लगती ह
हलीमा - वो अलग उससे तुम शादी क्र सकते हो मुझसे नहीं
हम दोनों में इक hi खून है
में - बातों को लम्बा करते हुए मतलब
हलीमा - मतलब हम दोनों ढूढ़ शरीक ह और बच्चे का खून ढूढ़ से बनता ह
इस लिए में तुमपे हराम हूँ हम दोनों सेज भाई बहन की तरह ह समझे
में - अच्छा तुझे इतना कुछ पता ह वह याररर
हलीमा - अब बात मत पलटो और
में - और किया
हलीमा - भाड़ में जाओ तुम दोनों मुझसे आअज के बाद मत बोलना कुछ भी
और वो रूम से निकल गयी
मुझे हलीमा की फ़िक्र नहीं थी ये किसी से कुछ नहीं कहेगी पर ाईकिस और आपि का सोच कर परेशान था
के जाने कोण कोण से बातें सुन ली होंगे
में - साज़िया एरर अब उठ जा एरर यकीन केर असद कुछ नहीं कहेगा बस इक काम क्र हलीमा से ये पूछ उसने किया किया सुना ह
और ायकिस से पूछ
प्लीज एरर मुझे टेंशन हो रही
साज़िया ok जाती हूँ
फिर ऐसे hi शाम हो गयी ममी और खशीश भी जाने लगी
खशीश ने काफी कोशिश की मुझे अकेले में ले जाने की टेक वो कुछ करे
पैर में टेंशन में था मैंने कुछ नहीं किया बीएस आपि ाईकिस अम्मी को hi देखे जा रहा और अलग अलग ख्याल आ रहे थे
फिर वक़्त नीलकल hi गया ममी और खशीश चली गयी और साज़िया आयी में सोफे पे बहैठ टीवी देख रहा था पास में हाय भी थी जो लेट क्र अपनी टंगे मेरी रनो पर राखी थी
मेरे कान में साज़िया बोली फ़िक्र मत करो उसने कुछ जियादा नहीं सुना
बोल रही थी बातें कुछ समझ नहीं आ रही थी तुम्हारी बीएस इक लफ्ज़ सुन लिया
में - किया
साज़िया - वो जब सना बाज़ी को उन लड़को ने बाद पर लिटाया था तो असद भाई ने बोलै फाड़ दो इस रंडी की छूट अब
तो तुम भी थोड़ी ज़ोर से जोश में बोल गए हाँ फाड़ दो मेरी बहन की छूट अहह
ये लफ्ज़ उसकी समझ आ गया वो कान लगा क्र सुन रही थी और ाईकिस आपि को शायद पक्का कुछ समझ नहीं आया होगा
उन्होंने रूम से काफी दूरी से आवाज़े सुनी
में - वो सच बोल रही ह पक्का पुछा
साज़िया - कसम खा खिला के पुछा ह
अब मुझे थोड़ी तसल्ली मिली
साज़िया - एरर अब हमें घर चोर आओ असद भाई तो आने से रहे
में - ok चल
हाय - एरर जा रही हो रुक जाओ यही पे कल चली जाना
में - हाँ एरर कल जाना में खला से बोल देता हूँ
मैंने खला से थोड़ी ज़िद्द की तो खला रुक गयी
और मैंने रात का प्लान बना लिया साज़िया को फिर छोड़ने का
फिर में बाहर शॉप पे बैठा रहा
अनिल आया और हम दोनों बातें करने लगे
अनिल - सेल कुत्ते तू बड़ा हरामी तूने उसकी माँ और दोनों बहनो को छोड़ दिया
में - भोस्डिके माँ कहा छोड़ पाया
अनिल - सेल मैंने सोचा था काजल को में पतङ्गा
पर सेल पहले hi उसकी तूने फाड़ी
पर भीड़ भी एरर वो काफी हॉट लड़की थी एरर मेरी सेटिंग करवा दे
में - करवा दूंगा उसने कहा था आज आएगी पर अभी तक आयी नहीं ह
मैंने अनिल को छोड़ने के बारे में hi बताया था
काजल ने मुझसे ी लव यू बोल दिया ये नहीं बताया
में अपने दोस्त का दिल नहीं तोडना चाहता था
फिर साहिल मेरा जिगरी दोस्त भी आ गया हमें बैठा देख बो भी शॉप में गश गया
हमने छाए वगैरा पी और वही लड़कियों की गन्दी बातें करने लगे
हम थे hi बिगड़े तो ये बातें तो ज़रूरी थीं
अनिल - एरर अब किसी रंडी को बुला ले बहुत दिन हो गए किसी की चुदाई नहीं की है
भोस्डिके तेरे मज़े है हर बार नयी छूट मिल जा रही है
साहिल - हाँ एरर मेरा लुंड भी दर्द करने लगा कोई नहीं मिल रही है
में - तू चाहे तो आज रात को इक लड़की छोड़ने को मिल सकती है बहुत हॉट लड़की है तूने देखा भी है
अनिल - कोण है बता एरर
में - हस्ता हुआ भोस्डिके पहले मेरा लुंड चूसो फिर बाटूंगा
साहिल - मेरे गले में हाथ दाल कर देवता हुआ जानवर जियादा मत ुझल .
एरर बता न कोण है
में - पहले मेरा लुंड चूसो
अनिल ने मेरा लुंड पकड़ लिया और बोलै ला भोस्डिके तेरा लुंड hi चूसो पहले
और ज़ोर से दवाने लगा
में - अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह भोस्डिके दर्द हो रहा चोर
अनिल - क्यू अभी चुसवायेगा नहीं
साहिल - एरर मज़ाक मत कर बता कोण है और दिलवाएगा या नहीं उसकी
में - फिर हस्ता हुआ थोड़ा ज़ोर दिया सालो बोलै न पहले मेरा लुंड चूसो वडा करता हूँ आज पक्का इक बहुत हॉट लड़की की छूट मिलेगी तुम दोनों को
अनिल - भोस्डिके अब बहुत हुआ मजाक चल पहले ये बता कोण है
में - अब थोड़ा सब्र करो सीधा दिखता hi हूँ उसे
में - 1 ह रुको बस
अनिल - सेल लुंड खड़ा करवा दिया अब किया करू
में - मुठ मारो और किया
साहिल - चल पोर्न देखते हैं
में - कहा यहाँ
साहिल - सेल तेरे रूम में चलते हैं
में - ok चलो
में - दोनों को घर में लाया तो साज़िया और ाईकिस सोफे पे बैठी थी और बाकि सब अपने अपने रूमो में
अम्मी फिर मुझे आवाज़ दी रिहान खला को चोर आ
तेरे खलु चिल्ला रहे हैं बोल रहे काम है कुछ
ये सुनते hi मेरा दिमाग ख़राब हो गया साला ये किया हुआ
साज़िया की तरफ देखा तो अनिल और साहिल को देख रही थी
और अनिल अपनी हवस भरी नज़रो से शयद मेरी बहन ाईकिस को देख रहा था मुझे ऐसा लगा
साहिल - अम्मी अभी जाना है
अम्मी - हां तुम दोनों बैठो में छाए बनती हूँ
अनिल - नहीं अन्त्य ग हम चलते हैं है बाद में पी लेंगे
रिहान चल ठीक है तू चोर आ खला को
में - ok एरर चल ठीक है
वो दोनों चले गए
अम्मी - खला चाचू की तरफ हैं बुला ला जल्दी से
में - ठीक हैं
मैं ाईकिस को देख को देखा वो आज मुझे अजीब नज़रों ने देख रही थी
में समझ गया इसको साज़िया ने सब बता दिया
में - ोई बिल्ली तुझे किया हुआ है
ाईकिस - कुछ नहीं तू अपना काम कर मुझसे मत बोल
में - साज़िया से पूछता हुआ इस बँदरया को कोण छेद गया
साज़िया - मुस्कुरा क्र तुम्हारे ऐब पता चल गए हैं इसे
में - अनजान बनता हुआ अरे इस पगल को हमेशा उल्टा hi सूज़ता है तू तैयार होजा जल्दी रात हो रही है
और हाय कहा ह क्यू बाकि बहने मेरी स्टडी कर रही थी रूम में
साज़िया - तुम्हारे चाचू की तरफ होगी
में - ok
में चाचू की तरफ गया मुझसे हलीमा टकराने को हुयी
और बोली
हैट न कुत्ते कही के
में - काली चुड़ैल तुझे बाद में बाटूंगा
हलीमा मुँह बिदागते हुए किचन में चली गयी
सोनी सोफे पे बैठी थी में उसके पास उसके गले में हाथ दाल कर उसे अपने सीने छिपकर
किया कर रही है मेरी जान
सोनी - भैया आज बहुत होमवर्क है कुछ हेल्प करो न
में - एरर मुझे टाइम नहीं ह हुमैरा कहा ह
सोनी - हाय बाज़ी के साथ रूम फ़ोन चला रही हैं
पता नहीं किया किया देखती रहती हैं
और इक बात बचन
रहने दो
में - किया बात है बता
सोनी - भाईजान वो न में नहीं बता सकती चोरो
में - यार में तुझे हर बात बताता हूँ मुझपे बिश्वास नहीं ह तुझे
सोनी - वो बात नहीं ह भाई
मतलब मैंने आयेजा आपि के फ़ोन में कुछ बहुत गलत देखा है
में - किया देखा है बता न
सोनी - में तुमसे कैसे कहु मुझे समझ नहीं आ रहा है
में - अरे इतना क्यू घबरा रही ह बोल दे इक बार में
सोनी - कल आपि फ़ोन मेरे पास चोर कर भथरूम में गयी तो मैंने आपि का फ़ोन उठा लिया अच्छे से लॉक नहीं लगा
मैंने गेरेल्ली देखि तो आपि इक लड़के के साथ
मतलब बहुत गंदे पिछ थे