कुछ देर हैदर मीणा क सास को बातो में उलझने क बाद जब उसे लगा की सास क सामने मीणा खुल नह पा रही है तो उसने अपना मोबिल निकला और एक मश्ग टाइप किया और दूसरी तरफ देख कर मीणा को सेंड किया ताकि सामने बैठी सास को थोड़ा बी शक हो न jaaye…aur जैसे hi उस मश्ग का नोटिफिकेशन अपने मोबाइल में पाया मीणा ने मश्ग देखा जिसमे लिखा tha..tum कुछ कहती क्यू नह..
मीणा ने मश्ग पड़ा और एक हल्का सा मुस्कान अपने चेहरे पे लाते हुए रिप्लाई टाइप किया.. सॉरी वोऊ सास क होते हुए मुझे डर लगता hai…mai तुमसे रात में चाट करलूँगी..
इधर हैदर ने मीणा क बजेझे हुए मश्ग को पढ़कर तुरंत रिप्लाई kiya..par रात में बी तो तुम्हारे साथ सास होगी न तो कैसे मश्ग करोगी..
मीणा- अरे रात भर सास थोड़ी मेरे साथ होगी जब डिनर होजायेगा वो अपने कमरे में सोयेगी और मई अपने कमरे में..
मीणा ने तो इ बात सहज रूप से सच कहा था पर शायद इ हैदर क लिए उसके मंज़िल हासिल करने क लिए सुनहरा मौका बन जायेगा शायद इ मीणा को बी पता नह था और वो हैदर क अगले मश्ग का वेट करने लगी क्यू की सास क होते हुए हैदर से वार्तालाप करने में मश्ग hi सही रास्ता समाज कर..
वही मीणा क जवाब सुनकर हैदर ने मैं hi मैं में एक प्लान बनाया और कुछ 5 मीन्स मीणा क सास क साथ बात करके अचानक उठ खड़ा हुआ और मीणा क सास से बोलै ाचा माजी लगता है अब आपको खाना करके गोली बी लेनी होगी सो मई चलता हु.. और वह से निकल गया
लेकिन मीणा इ सब देख कर कुछ सोचने में padhayi…ki हैदर ऐसे बिना कुछ बोले कैसे चला गया हलाकि उसने उसे इस बात का बी जवाब नह दिया था की वो रात में उसके साथ चाट करेगा बी nh…kuch देर मीणा सोच hi रही थी तभी उसके मोबाइल में हैदर का मश्ग आया" रात को डिनर करने क बाद गेट बंद करने क बहाने 5 मं अकेले बहार आ जाना'
हैदर का इ मश्ग पड़ते hi मीणा को समाज आया की हैदर उसे रात को क्यू बहार बुलाना चाहता hai…fir बी नादाँ बन कर पूछी क्यू?
हैदर- वही हुग करेंगे हेहेहे
Meena-pagal हो क्या ऐसे खुले में
हैदर- खुले में कहा वह तो अँधेरा रहता है…
मीणा- पर माजी….
हैदर- तुम उनकी चिंता मत करो कुछ नह पता चलेगा unhe..bas आजवो…
मीणा बी तो यही छह रही थी की उसके प्यासे जिस्म पर हैदर अपना मोहर जल्द से जल्द लागले और उनका इ गले मिलने का बहाना जल्द से जल्द उनके जिस्म क मिलान क लिए रास्ता बनादे सो वो वो बिना इंकार किये हुए likhi…thik है कोशिश करती hu…par पहले डिनर तो हो जाने दो…
हैदर- कोशिश नह आजाना plzzzzzzz..bahut दिल कर रहा है.
हैदर का प्ल्ज़ मीणा क दिल को छू गया था अब वो हैदर को अपनी सहमति देते हुए बोली ठीक hai…par सास को कुछ बी पता नह चलना चाहिए इसका ख्याल जरूर रखना bye..
हैदर - bye
मीणा और हैदर क बीच इ छोटी सी चाट मीणा क सास क मौजूदगी में hi हुई thi..halaki हैदर क जाने क बाद मीणा सास क साथ बात करते हुए hi हैदर से चाट कर रही थी और उसकी सास ने इस बारे में मीणा से कुछ बी नह कहा था क्यू की मीणा की सास को लगा आज कल ज्यादातर लोग मोबिल में hi अपने फ्रेंड्स या रिश्तेदारों क साथ आज कल बिजी रहते है वैसे उसकी बहु बी किसी फ्रेंड क साथ चाट कर रही hogi…lekin उसे कदापि अंदाज़ा नह था की संस्कारी होने का नकाब पहनी हुए उसकी प्यारी बहु किसी गैर मर्द क साथ gutur-gu करने में लगी हुई है…
खैर कुछ देर बाद सास बहु की बातो का बी सिलसिला ख़तम हुआ और दोनों अंदर आके किचन में hi बैठ कर डिनर करने lage..idhar उधर की बातो को करते हुए तभी मीणा का मोबिल में फिर से मश्ग टोन बजा और मीणा ने खाना खाना छोड़कर उस मश्ग को देखा क्यू क वो मश्ग हैदर का tha..jisme लिखा था खाना फिनिश हुआ क्या
मीणा ने तुरंत रिप्लाई दिया नह बस और 15 मं..
हैदर- ok ठीक hai…mai वेट करता हु…
मीणा- तुम्हारा खाना
हैदर- अभी फिनिश करके तुम्हारा hi वेट कर रहा हु..
Meena-acha…q
मीणा जानती थी हैदर किस लिए उसका वेट कर रहा है फिर बी वो हैदर को छेड़ने क अंदाज़ में इ मश्ग सेंड किया था और जब वो मश्ग सेंड कर रही थी तो उसके चेहरे पे एक ख़ुशी की मुस्कान लहार उठी थी जिसे सामने बैठी सास ने देख लिया था और वो मैं में hi सोच ने लगी इ मेरी बहु इस वक़्त बी किस्से मश्ग कर रही है है और इतना hi नह इसके चेहरे पे एक अलग hi रंग छाया हुआ इ सब नज़ारा देख कर मीणा क सास क मैं में एक बार अपने बहु क खिलाफ गलत सोच आने से नह रोक paayi…par जब उसे ख्याल आया की आज कल शहरी लोग ज्यादातर hi अपना वक़्त फ़ोन पे hi बिताते hai..e सोच आते hi सास ने अपने सोच पर काबू पाया और अपनी बहु से बोलै क्या मीणा बीटा पहले खाना तो खालो फिर मोबाइल देखना….
सास की बात सुनकर जैसे मीणा को होश आगया वो हड़बड़ाते हुए जीई maaaji….wo सहेली जान कहा रही thi…..kehte हुए उसने आखरी मश्ग टाइप किया माजी चिल्ला रही hai…tum गेट पास आते hi मश्ग करना कुछ देर बाद bye….
इस तरह हैदर और मीणा क बीच कुछ hi देर बाद गेट क पास कुछ देर क लिए मिलना तैय होगया tha..aur कुछ hi देर बाद सास और बहु दोनों का डिनर बी फिनिश होगया tha…aur रूटीन की तरफ मीणा सब बर्तन उठके साफ़ करने चालीगयी. कुछ देर क मेहनत क बाद मीणा पूरा किचन और सभी बर्तनो की साफ़ सफाई करने में कामयाब हो गयी thi…ab उसके सामने एक hi लखस्या था की बहार गेट क पास खड़े हैदर क पास जाना और हैदर को गले मिलकर अपने तरफ से ग्रीन सिग्नल देना क्यू की जब मीणा बर्तन साफ़ कर रही थी तब hi हैदर ने अपने आने की खबर मश्ग क रूप में मीणा को दे दी थी जो मीणा ने बर्तन साफ़ होते hi आकर किचन में रखे अपने मोबिल में देख लिया tha…par इसके लिए अब बी उसकी सास खबब में हड्डी बानी हुई थी जो अब तक मीणा क साथ इधर उधर क बातो में लगी हुई thi..aur मीणा उन्हें मन बी नह कर सकती thi...par मीणा मैं hi मैं बोली कोई बात नह सासु माँ आज तो मई हैदर को सिर्फ अपनी हामी देने जा रही hu..humara खेल तो शहर में मेरे घर में होगा और वह मई हैदर को वो चीज़ देने वाली हु जो आपके बेटे का हक़ होते हुए बी कभी ढंग से इस्तेमाल नह कर पाया अब तक उस चीज़ को आपके बेटे से बी ज्यादा प्यार से जमील जी ने hehehe…..meena मैं hi मैं सोच कर हस्ते हुए सास को दवाई देने lagi..aur जब सास दवाई खाकर बिस्टेर पर लेट गयी मीणा सास से बोली माजी मई वो गेट एक बार चेक करके आती हु आप सो जाईये..
मीणा की सास जवाब देते हुए बोली अरे बीटा अब तो कुछ देर पहले अंदर आते वक़्त मैंने hi बंद किया हुआ है और क्यू?
सास की बात से मीणा को क्या जवाब देना कुछ सज़ा नह पर उसे किसी न किसी बहाने बहार बी तो जाना तो वो सास से बोली अरे माजी इसी बहाने कुछ देर हवाकि की ठंडक जो मिल जाएगी ाचा लगता है ऐसे मौसम में कुछ देर बहार खड़े रहने me…meena ने अपने आप को जस्टिफाई करने की कोशिश करते हुए सास को बोलै…
पर मीणा की सास की बड़ी नज़र आज अपने बहु में कुछ अलग सा बदलाव ढूढने में कामयाब होगये the..saas को लगा शायद कुछ तो बात है जिससे आज उसकी बहु थोड़ी ज्यादा खुश नज़र आ रही है..
मीणा की सास मीणा की चेहरे क पीछे छुपी ख़ुशी की रास तो नह जनपयी पर उसने अंदाज़ा लगाया की पहल बार उसकी बहु को गांव का नज़ारा ाचा लगा होगा इसलिए वो मैं hi मैं खुश नज़र आ रही hai..par मीणा की सास मीणा क चेहरे क पीछे छुपे सचाई का रास जाने बिना बहु से बोली ठीक है बीटा जल्द जाके गेट चेक करलो और तुम बी अपने कमरे में सो जावो…
मीणा- जी माजी सिर्फ 5 मीन्स में aayi…kehte हुए सास क कमरे से बहार निकल गयी और मैं दरवाजा खोला तो उसे अपने घर क गेट क पास एक शख्स टहलता हुआ नज़र आया जिसे देख कर मीणा को समझने में देर नह लगी की वो शख्स कौन hai..meena एक बार पीछे मुद क देखि और सीधे पाँव गेट की तरफ निकल पड़ी..
गेट की तरफ बाद रहे मीणा क कदम डर क मरे कांप रहे थे उसका दिल जोरो से धड़क ने लगा था. आज वो अपनी जिंदगी में में पति क अलावा कोई तीसरे मर्द को अपने जिस्म पर अधिकार सौपने जा रही thi…isi कंपते कदम क साथ जब वो गेट क पास पहुंची तो ठीक उसके सामने हैदर खड़ा होकर मीणा को देख खिलखिलाकर मुस्कुराते हुए पूछा क्या हुआ मीणा इतना डर क्यू रही हो….
दर्रू नह तो और क्या करू पता है सास अभीतक सोई nh…aur तुम ज़िद्द है हुग karneki..mai थोड़ी भाग क जानेवाली thi…meena ने अपने धड़कते आवाज़ को काबू करते हुए धीरे से बोलै..
मीणा की बात सुन क हैदर बोलै अरे दर्रो मत मीणा बुध्दि बहार नह आएगी तुम बेफिक्र होकर मेरे गले मिलकर इस नाचीज़ की दोस्ती काबुल करने का मोहर lagado..kehte हुए हैदर कुछ आगे बड़ा..
हैदर का इस तरह अपनी सास को बुध्दि कहकर सम्भोदित करना मीणा को ाचा तो नह लगा था पर इस वक़्त मीणा का ध्यान बुध्दि शब्द से ज्यादा हैदर को अपने आप को नाचीज़ कहने पे था सो वो हैदर से थोड़ी पीछे सरकने का नाटक करते हुए बोली देखो मुझे तुम अपने आपको ऐसे नाचीज़ वगैरा कहना ाचा नह लगता..
मीणा की बात सुन क हैदर बोलै ok बाबा सॉरी अब तो गले मिलोगी कहते हुए इस बार हैदर ने अपने बहे फैलाये तो मीणा एक बार पीछे मुड़कर घर क दरवाजे क तरफ देखि फिर मुद क हैदर को देख कर स्माइल देते हुए हम्म्म्म कहते हुए उसके बहो में चालीगयी तो हैदर ने तुरंत अपने हातो को मीणा क पीठ पर रख कर कैद करलिया और जवाब ने मीणा ने बी हैदर क पीठ इर्दगिर्द अपने बहे फैलाडिये….
कुछ पल ख़ामोशी छायीगयी थी और जैसे जैसे ठंडी हवा की झोके दोनों को जिस्म को चुकार निकल ने लगी तो दोनों क जिस्म में कुछ अलग सी बेचैनी बढ़ाने लगी thi..aur इसी बेचैनी क चलते अब दोनों क हाथ हरकत में आने लगे थे और जैसे hi मीणा ने महसूस किया की हैदर क हाथ उसके पीठ पर चलने लगे तो मीणा क दिल की धड़कन ने तेज़ रफ़्तार पकड़ ली थी और उसका जिस्म को गर्मी का ऐसाह होने लगा जो उसे बहुत hi सुखद लगाने लगा tha..isliye इ जानते हुए बी हैदर क हाथ उसके पुरे जिस्म पर चलने क लिए तैयार हो रहे है, मीणा बिना कुछ बोले हैदर को देख एक स्माइल पास की जैसे कह रही हो तुम लगे रहो मुझे कोई आपत्ति nh…Chand की रोशनी में साफ़ झलक रही मीणा की इस मुस्कान क पीछे छुपे सचाई को पहचान लिए हैदर की हिम्मत और बढ़गयी थी और उसने इस बार मीणा को कास क ऐसे बहो में भर लिया की इस बार मीणा क मोठे दूध हैदर क सीने से पूरी तरह चिपक कर अपना मुलामियत और मोटेपन का एसएस हैदर को दिलाने क लिए कामयाब होगये the…hyder ने इतनी ताकत से मीणा क दूध से अपना सीना दबोच लिया था की मीणा की मुँह से अह्ह्ह्ह हैदर धीरे se…uuuuuhhh की सिसकारी निकल पड़ी thi…ek तरफ मीणा क कोमल अंग से अपना अंग स्पर्श का मधुर अनुभव और दूसरी तरफ इसपर मीणा की कोई आपत्ति या विरोध न पाकर हैदर ने मीणा क पीठ पे चल रहे एक हाथ को धीरे से निचे सरककर मीणा की मोती मखमली गांड पर रख कर हलके से सवारने लगा तो मीणा कुछ पल क लिए सहम सी gayi..meena क लिए तो इ पल आनंद दायक था hi पर उसके दिल में अब बी सास का डर था, और हैदर का इस तरह खुल्लम खुल्ला आगे बढ़ाने का मतलब बात हुग से बदल कर और आगे यानि जिस्म की गर्मी मिठाने तक बाद सकती है और जिसे पूरा करने क लिए नहीं इ सही समय है और नहीं सही jagah…aur जगह अँधेरे में बन बी गयी तो बी उनके पास पर्याप्त समय नह है.. इसलिए मीणा ने हैदर को रोकना hi सही समजा और हैदर से दूर होने की कोशिश करते हुए boli…hhhh छोड़ दो न हैदर इ क्या कर रहे ho….baat तो सिर्फ हुग करने की thi…e सब nh…plz…e सब गलत hai….plz छोड़ doooo….meena ने अपना डर और अपनी पतिव्रता को साबित करने की कोशिश करते हुए हैदर को दूर करते हुए बोलै…
लेकिन हैदर तो मीणा क जिस्म का मधुर स्पर्श को पाकर पागल हो गया tha..aaj तक उसने कभी बी इतना कोमल मुलायम किसी औरत क सेक्सी जिस्म को अपने सीने से नह लगाया हो …वो किसी बी हालत में हाथ आये मीणा का जिस्म को छोड़ना नह चाहता था सो वो मीणा को रोकते हुए बोलै nh….meena प्ल्ज़ और कुछ der..maine जिंदगी में कभी तुम्हारे जैसा सुन्दर जिस्म क मालकिन को देखा नह कितना मस्त मजा आरा है तुम्हारे एक एक अंग को चुने me..jee कर रहा है इन्हे यही रात भर अपनी बाहोंमे समेटे hi rahu….plz ajavo……uhhhhhh
मीणा बी तो यही छह रही थी पर उसका डर उसे रोक रहा था पर हैदर की इस बात ने मीणा को बी थोड़ा और उत्तेजित बना दिया और वो कुछ देर और अपने जिस्म को हैदर क बहो में जुलने क लिए हल्का छोड़ दी तो हैदर आगे बढ़ाने hi वाला था की घर से मीणा की सास की आवाज़ आयी अरे कहा हो मीणा बीटा गेट बंद करने में इतना देर क्यू?.....
सास क आवाज़ सुनते hi मीणा ज़हत से हैदर से अलग होगयी और कुछ दूर जाने hi वाली थी की हैदर ने फिर से मीणा की कलाई थम ली और दोनों की नज़र फिर से एक दूसरे से मिल gayi..dono की प्यासी नज़ारे एक दूसरे क दिल में चल रही हलचल को साफ़ साफ़ पद चुके the..dono क लिए बस एक मौका का इंतज़ार tha…jo इस वक़्त मीणा क लिए काफी मुश्किल लग लगा tha…aur वो जानती थी सास एक बार आवाज़ दे चुकी है और किसी बी वक़्त उसका कोई जवाब न पाकर बहार आसक्ति hai..jisse मीणा की चोरी पकड़ी जा सकती है इसलिए मीणा ने हैदर से अपने आंखे चुराए और घर की तरफ देख जोरो की आवाज़ में बोली जी आयी माजी वो बहार ाचा लगा सो थोड़ा टहल रही थी….
मीणा की आवाज़ अंदर पहुंचते hi उसकी सास का रिप्लाई आया ok..beta जल्दी आजाना मुझे सोना hai…aur जब तक तुम बहार रहोगी मुझे नींद नह aayegi…saas ने सोते सोते hi अपने रूम से आवाज़ दिया tha…jo की रात का सन्नाटे क वजह से बहार तक क्लियर सुनाई दे रहा था…
सास की बात सुनते hi मीणा फिर से जोर लगाके बोली जी माजी बस 5 मं aayi…..aur फिर मुड़कर हैदर की तरफ देखि मानो की कह रही हो सिर्फ 5 मीन्स है तुम्हारे पास जो करना है करलो….
लेकिन हैदर कुछ और hi सोच कर आया हुआ था उसे आज मीणा क साथ सिर्फ 5 मीन्स में hi मजा ख़तम करने की कोई मंशा नह tha…wo तो आज मीणा क साथ उस खेल का शुरुवात करना सोच कर आया था जो एक औरत और मर्द क बीच खेला जाता है एक दूसरे में समां kar…so वो मीणा को फिर से अपनी और खींच कर कास क बहो में लेकर बताशा मीणा क गलो को चूमने लगा और अपने एक हाथ से मीणा का पीठ और दूसरी हाथ से मीणा की मखमली गांड को मसलने लगा.. अचानक हुए इस हमले से मीणा एक पल क लिए सहम सी गयी उसका जिस्म डर क मरे हैदर से आज़ाद होने क लिए छटपटाने लगा tha…par उसकी कोशिश नाकामयाब रही क्यू की हैदर ने मीणा को इतना कस क पकड़ा हुआ था की हवा का ज़ौक बी उनके जिस्म से पार होने से पहले उनका परमिशन मांग ले…
कुछ hi सेकंड क जिस्म क घर्षण क बाद मीणा बी अपने जिस्म में गर्मी महसूस करने लगी और वो बी हैदर का साथ देते हुए अपने आप को ढीला छोड़ di..aur मीणा क तरफ से अब कोई विरोध न पाकर हैदर मीणा क गांड क दोनों खुल्ला को अपने एक एक हाथ में दबोच कर धीरे से मसलते हुए bola….sach मीनू डार्लिंग तुम बहुत बहुत मस्त ho….jee कर रहा है आज पूरी रात तुम्हारे साथ हुई hi खेलता rahu….ahhhhh कहते हुए हैदर में गांड पे और जोर डाला और मीणा क गाल को हलके से काट लिया तो मीणा की अह्हह्ह्ह्ह की सिसकारी निकली और boli…e क्या कर रहे hoooo…hyder…e सब ह्ह्हह्ह गलत है….

हैदर- कुछ गलत नह मीनू darling…..ek बार मजा करके dekho…,tume बी मजा aayega…ohhhhhh कितना सेक्सी हो तुम…….
मीणा- हम्म्म हैदरररररर ह्ह्ह्ह वोओओओ साआस ह्ह्ह्ह plzzz…meena मन तो कर रही थी पर उसे देख नह लगता था की वो इसवक्त हैदर क बहो से अलग होना चाहती थी…
सच बात तो इ थी की मीणा तो पहले से hi चाहती थी की हैदर और उसका मिलान हो जाए और उसने मैं hi मैं पहले hi तैय किया हुआ था की जब वो अपने शहर लौटेगी तो हैदर को घर बुला लेगी और मौका पाकर हैदर क लिए अपना जिस्म का दरवाजा खोल देगी, पर आज hi इ सब होगा इ सब उसके लिए काफी मुश्किल था और उसके सोच क बहार tha…q की मीणा चाहे अब पहले जैसी पतिव्रता औरत नह थी पर अब बी वो अपने सास और परिवार को उतना hi सम्मान करती थी जितना पहले से वो करते आयी है और हमेशा सास पति या परिवार क सामने अपने आप को शरीफ दूध की धूलि साबित करने की कोशिश की है पर जब अब उसकी सास घर में मौजूद है वो बी अभीतक जाएगी हुई है ऐसे सिचुएशन में हैदर क लिए अपने बहे खोलना किसी खतरे से खली नह है इ बात बी मीणा अछि तरह जानती thi..…uski एक छोटी सी छोटी गलती बी उसके और सास क बीच क रिश्ते में दारार फयदा कर सकती hai…jisse सिर्फ रिश्ता hi नह बिगड़ेगा बल्कि मीणा को अपने पति परिवार क सामने बी शक क दायरे में खड़ा होना padega..jo मीणा बिलकुल नह चाहती thi…so वो अपनी पूरी ताकत लगाकर हैदर को दूर करते हुए boli..nh हैदर इ सब नह प्ल्ज़….
अचानक इस तरह अपने से दूर हुए मीणा को देख हैदर मीणा से पूछा क्या हुआ मीणा क्यू रोक दिया….
मीणा- नह हैदर इ सब नह प्ल्ज़…..
हैदर- पर q?....jab हम दोनों को ाचा लग रहा था तो क्यू???? हुई बीच में अपने चाहने वाले को निराश करना ठीक है क्या?
हैदर की बात सुनकर मीणा कुछ नह बोली क्यू की हैदर क बात सच जो thi..q की मीणा बी इस पल को दिल से एन्जॉय कर बी रही थी और सास शायद इस वक़्त नह होती तो पूरा सिद्दत से एन्जॉय करना बी छह रही थी…
मीणा की ख़ामोशी देख हैदर ने फिर से मीणा को अपने और खिंच ने की कोशिश करते हुए पूछा क्यू मीनू डार्लिंग बोलो न…
हैदर का इस तरह डार्लिंग कहकर पुकारना मीणा क दिल में कही न कही एक ख़ुशी की लहार बना रहा था .. हैदर का इस तरह उसका नाम मीणा से बदलकर मीनू कहना मीणा क मैं में हैदर क लिए एक जगह बनाते गयी thi…wo अपनी ख़ुशी को दिल में hi समेटे हुए हैदर को टोकने नाटक करते हुए बोली बस हैदर और nh….aur मई तुम्हारी डार्लिंग नह हु जो तुम मुझे डार्लिंग कह रहे ho…meena ने जानबूजकर हैदर को इ बात कही थी ताकि वो हैदर क इस तरह उसे डार्लिंग कह क पुकारने क पीछे का सच जानना चाहती थी…
हैदर मीणा को और अपने और खींचते हुए बोलै …ाचा तो बन जावो न मेरी डार्लिंग इसके लिए तो इतनी म्हणत की है maine…anjaan बने दिन रात तुम्हारे मश्ग का इंतज़ार किया है maine…ab जब मुश्किल से तुम्हारे करीब आ गया हु तो तुम डार्लिंग बनाये बिना कैसे छोड़ सकता हु…
हैदर क खींचने पर इस बार मीणा बिना कोई विरोध क उसके बहो में आयी और बोली ..acha..to जनाब इतना म्हणत कर चुके है तो मई थोड़ी रोक सकती हु पर हैदर मुझे नह लगता है की इ ठीक वक़्त hai…wo माजी किसी बी waqt…bahar आ सकती hai…plz संजो muje….nh plz..mat chumo…maaji देखेगी to……kisi और दिन अह्ह्ह अह्ह्ह्ह उम्मम्मम
उधर हैदर मीणा की सहमति से खुश मीणा क गले और गलो पर अपने होतो की मोहर लगाने लगा tha…aur मीणा जो हो रहा है उसे गलत नह केहरहि थी बल्कि इ सब करने क लिए अपने सास का डर को सामने ला रही थी जिससे हैदर अब मीणा की मनोषिथि को पहचान गया और बोलै डरो नह कुछ नह होगा उम्मम्मम …अगर तुम चाहो तो हम सास क मौजूदगी में उन्हें बिना पता चले अपना काम निपटा सकते है…
मीणा- हैदर को सवाल भरे नज़रो से देखते हुए मीणा बोली वो कैसे???
हैदर- मीणा क चेहरे पे अपनी ऊँगली फेरते हुए बोलै.. माजी बहार आये इससे पहले hi हम अंदर चले जायेंगे किसी को कुछ नह पता चलेगा.. …..सोच lo…..kehte हुए हैदर ने मीणा क साथ रात बिस्टेर में कटाने की बात को झहीर कर दी थी.. और इस बात को सुनकर मीणा एक पल क लिए हैरान सी रह gayi..use समाज में तो आया की हैदर क्या कहना चाहता है पर उसके लिए मुश्किल था की इ सब होगा कैसे….. एक पल क लिए मीणा कुछ नह बोली बस हैदर को hi देखते रही फिर अपने आप को नार्मल बनाते हुए हैदर से बोली क्या बात कर रहे हो हैदर तुम जानते बी हो …….अगर माजी को पता चलेगा तो क्या होगा??? नह नह इ बिलकुल nh…mai रिस्क नह ले sakti….plz संजो..
Hyder-ha मीणा मैंने सोच समाज कर hi बोलै है अगर आज हमारा मिलान होना है तो छोटा सा रिस्क लेना hi होगा तुम…
हैदर अब डायरेक्टली मिलान जैसे शब्द इस्तेमाल करते हुए देख मीणा क दिल में बी उत्तेजना बढ़ाने लगी थी साथ hi साथ डर क मरे उसका पसीना बी निकलने लगा tha..use समाज में नहीं आरहा था की वो हैदर को क्या जवाब de..hyder क साथ वो रात कटाने मैं hi मैं तैयार तो थी पर इ सब इतना जल्दबाज़ी में मीणा ने कभी सोचा नह tha….aur मीणा कुछ सोच hi रही थी अंदर से सास की फिर से आवाज़ आयी अरे मीणा बीटा कितनी देर लगा रही हो कोई प्रॉब्लम तो नह….
सास की आवाज़ सुनकर मीणा फिर से सहम गयी और हैदर बी जंगया था की अब मीणा और रुकनेवाली नह है सो वो मीणा को अपने से आज़ाद करते हुए बोलै देखो मीणा मई यही खड़ा hu…bas तुम सोच समाज कर डेसिओं लेना मई जनता हु तुम बी वही छह रही हो जो मई चाहता हु पर तुम डर है सास ka….kuch देर क लिए सास का डर निकालो और सोचो अगर आज तुमने थोड़ा सा रिस्क लिया तो हमारा पहला मिलान होने में कोई रोक नह सकता और जस्ट इमेजिन करो कितना मजा आएगा हम दोनों ko…saas अपने कमरे में सोती रहेगी मई और तुम एक दूसरे क बहो में प्यार भरा मिलान का मजा लेते हुए दूसरे कमरे में सोच lo…kehte हुए हैदर ने मीणा को आज़ाद करदिया तो मीणा एक पल हैदर को देख दबे पाँव घर क तरफ निकल पड़ी..
गेट से घर आने तक मीणा को 10-15 कदम चलना था पर इन 10-15 कदम क छोटी सी सफर में मीणा 100 बार हैदर का hi बात सोच ने लगी thi…uska दिल कह रहा था सास क होते हुए इ सब करना ठीक नह रहेगा खतरे से खली नह रहेगा तो वही उसका प्यासा जिस्म बार बार एक hi बात कह रहा था की एक बार रिस्क लेने में क्या हर्ज़ है, वैसे बी सास निचे कमरे में सोती है और तुम ऊपर कमरे में, ऊपर तेरे और हैदर क बीच क्या होगा वो सास को कैसे पता chalega…meena मैं hi मैं हर पहलू को अछि तरह सोच रही thi…wo जानती थी उसे जिस चीज़ की इंतज़ार पिछले एक महीने से थी वो आज खुद उसके दरवाजे क कुछ दुरी पर कड़ी है मीणा क एक फैसले पर आज उसकी जन्नत की सैर होने वाली hai…par अब बी उसके दिल में सास का डर खयाम था जो जाइज़ बी था, क्यू की इन 14-15 साल की शादीशुदा जिंदगी में मीणा ने बिना कोई शिकायत का मौका दिए अपना पति और परिवार का ध्यान रखा हुआ था, इसलिए उसके लिए खास कर उसका पति और सास सबसे ज्यादा विश्वास बी करते थे, मीणा की सास तो ऐसे सुशिल संपन्न बहु मिलने पर अपने आप में गर्व बी महसूस करती thi.isliye सास क प्रति मीणा का डर जाइज़ बी था. लेकिन जब से जमील की एंट्री मीणा क लाइफ में हुई है तब से मीणा में बहुत कुछ बदलाव आ चुके थे …इसलिए वासना की नशे में चूर मीणा का बहकना बी अब असंभव नह tha..akhir कर मीणा एक ग़हरी सोच को अपने सर में लिए दरवाजे तक आगयी thi…ab उसके पास दो hi रस्ते थे एक दरवाजा बंद करके हैदर को आज क लिए गुड bye कर de…aur दूसरा एक बार रिस्क लेके हैदर को अंदर le…kaafi सोच में डूबी हुई मीणा का मैं एक पल क लिए सास क डर क मरे दरवाजा बंद करने का फैसला लिया और मीणा धीरे से hi सही बहार गेट क पास खड़े हैदर को देखते हुए दरवाजा बंद करने lagi..lekin मीणा का हाथ पुरे दरवाजा बंद नह कर पाए पता नह उन्हें मीणा क किश मैं ने रोका और दरवाजा आधा खुला छोड़ मीणा सीधे अपने सास क रूम में गयी और सास को बोली की वो गेट बंद करके आयी और सोने जा रही hai…jab सास ने कहा ठीक है तो मीणा सास क रूम से बहार निकल hi रही थी की उसने मैं दरवाजे पे हैदर को खड़ा पाकर उसके कदम वही रुक गए the…meena जानती थी वो खतरे से खेलने जा रही है फिर बी उसका मैं हैदर को वापिस भेजने क लिए तैयार नह tha…meena ने हैदर को देखा तो हैदर दरवाजे क पास खड़े होक मीणा को ऐसे देख रहा था जैसे अंदर आने की परमिशन मांग रहा ho…aur हैदर क चेहरे क एक्सप्रेशन को बहुत अछि तरह पद चुकी मीणा एक बार सास की तरफ देखि और फिर हैदर की तरफ देख कर एक ऐसी मुस्कान पास करदी जो हैदर क लिए अंदर आने का इशारा बन गया tha..aur मीणा का इशारा पाते hi हैदर ने अपने कदम अंदर दाल दिए और मीणा को इशारो में hi पूछने लगा की तुम्हारा रूम कौनसा hai…wahi सास क रूम क दरवाजे क पास किसी मूरत की तरह कड़ी मीणा एक बार फिर से सास की तरफ देखि और तुरंत हैदर को ऊपर की तरफ इशारा करके दिखाई तो हैदर तुरंत ऊपर जाने की दो सीडी चढ़ क वही खड़ा होगया तो मीणा अपने सास से बोली माजी मई सोने जा रही हु कुछ चाहिए तो फ़ोन करना कहते हुए सास क रूम को बंद करके बहार आके फिर मैं दरवाजा बंद करके ऊपर सीडी की तरफ देखि तो वह खड़ा हैदर को देख एक पल शर्मा gayi....aur अपना चेहरा निचे झुकाये हुए hi एक सीडी ऊपर छड़ी और सीडीवाला दरवाजे को अंदर से कुण्डी लगाडी और फिर मुद क देखि तो इस बार हैदर ने ने अपना हाथ आगे बढ़ाया तो मीणा बिना किसी विरोध क हैदर क हाथ को थम ली और दोनों सीडी चढ़ क ऊपर जाने लगे जैसे एक नयी नवेली दुल्हन अपने दूल्हे क साथ सुहाग रात मानाने क लिए श्रृंगार भारत रूम में जा रही ho..ab शर्म क मरे मीणा का चेहरा लाल पद चूका tha..meena जानती जिस इंसान क हाथ को थम कर वो ऊपर कमरे में जा रही है वही इंसान क हाथो कुछ hi देर में उसके कपडे उत्तरमेवाले hai…aur उस इंसान को वो अपने जिस्म का वो कीमती अंग सौपने वाली है जो एक औरत की इज्जत प्रतिष्ठा, सम्मान, और खास कर क अपनी पति क प्रति वफादारी का साबुत होता hai…Sharm और लज्जा क मरे मीणा की दिल की धड़कन तेज होने लगी थी इस वजह से उसकी छतो की उभर ऊपर निचे होते हुए मीणा क और बी हॉट बनाने लगा tha……kuch hi देर में दोनों सीडी पार कर क हॉल क पास आ पहुंचे the..ab दोनों की आंखे फिर से एक दूसरे से मिल gayi..dono क हाथ आपस में जुड़ गए और कुछ hi पल में मीणा हैदर क बहो में कैद थी और मीणा ने सहारे क लिए हैदर क पीठ को दोनों हाथो से लपेटा हुआ tha…dono क बीच कोई बातचीत तो नह हो रही थी पर दोनों आँखों hi आँखों में एक दूसरे क इशारे को समाज कर ऐसे पोजीशन में आगये थे जहा से मीणा और हैदर क होठ एक दूसरे क मिलान क लिए आतुरता से पेश आने लगे थे और देख थे hi देखते मीणा ने अपने हॉट खोल हैदर को खुल्ला इशारा दे दिया tha..meena आंखे बंद किये अपने हॉट खोल कर हैदर क होतो का रसपान करने क लिए उत्सुक थी तो वही पहली बार मीणा क गुलाबी रसभरे होतो का रसपान करने क लिए हैदर ने अपने हॉट आगे बढ़ाये तो कुछ hi सेकण्ड्स में दोनों क हॉट एक दूसरे क रसपान करने में मग्न हो गए the…dono बिना किसी संकोच क एक दूसरे में खो जाने क लिए तैयार होने लगे the…kareeb 1 महीने से प्यासी मीणा को आज हैदर क होतो क रसपान करते हुए एक अलग hi मजे का अनुभव होने लगा था इसलिए वो अब बिना कोई विरोध बिना कोई रूकावट क हैदर क गले में अपने हाथो से माला बनाकर अपने हॉट चुसवाने में मस्त thi..wahi हैदर मीणा क जिस्म को पाकर अपने आप को धन्य महसूस कर रहा tha…pure हॉल में चाप चाप उम्मम्मम ममममम की हॉट क मिलान से उघ रही आवाज़ गूंज ने लगी thi..hot चुसाई का नशा जैसे दोनों में बढ़ता गया वैसे उनके जुबान न एक दूसरे क मुँह में बारी बारी में मिलान का सुख लेने लगे the…kabhi ऊपर क हॉट तो कभी निचले तो कभी दोनों हॉट एक साथ और फिर जुबान से जुबान का milan..ne दोनों को जिस्म में इतनी गर्मी प्रधान कर दिया था की दोनों अब किसी बी हालत में अपना असली काम किये बिना रुक नह सकते थे…

दोनों ने करीब 10-15 मीन्स तक खड़े खड़े hi एक दूसरे क हॉट चुसाई का मजा लेने क बाद दोनों एक पल क लिए रुक gaye…dono जोरो से हाफ रहे the…meena क गुलाबी हॉट हैदर क कठोर होतो टेल पीसके पुरे लाल हो चुके the..bahut दिन क बाद ऐसे हॉट चुसाई का मजा लिए मीणा मैं hi मैं बहुत खुश लग रही thi…alag होते hi फिर से दोनों की नज़र एक दूसरे से मिल गयी तो हैदर ने मीणा को देख इशारो में hi कुछ पूछा तो मीणा शर्मा क अपना सर झुकाली और गार्डन हिलाते हुए है में इशारा की…
दरअसल हैदर ने इशारो में मीणा को चुदाई क लिए प्रोपोज़ किया था जो मीणा हैदर क लिए शरमाते हुए है में जवाब दी थी क्यू की मीणा और हैदर क इ पहला मिलान था सो मीणा का शर्माना जाइज़ था… मीणा का है का इशारा पाते hi हैदर ने मीणा को गॉड में उठा लिया और सीधे बैडरूम में ले गया और फिर मीणा को बीएड पे लिटाया तो मीणा हैदर की तरफ देख कर बोली दरवाजा लगा लो..
मीणा की बात सुनकर हैदर ने बिना देर किये दरवाजा बंद किया और मीणा क बगल में लेट gaya..aur मीणा क गालो को हलके से चूमते हुए पूछा अब तो मेरी मीनू डार्लिंग बन ने तैयार हो…
मीणा हैदर को देख मुस्कुराते हुए बोली अब दरवाजा बंद hi करदिया तो पूछना जरुरी है क्या,,..
कहते हुए मीणा पूरी तरह से हैदर क बहो में समां गयी thi…ab दोनों ने एक दूसरे को अपने बहो में जकड क रखा हुआ था और उनके बीच अब प्यार की बात से शुरुवात होने लगी thi…jaise hi मीणा हैदर क बहो में पूरी तरह समां गयी तो हैदर मीणा क जिस्म पे हाथ फेरते हुए बोलै दरवाजा तो सेफ्टी क लिए बंद हुआ hai..isse तो तुम मेरी मीनू डार्लिंग नह बन जावेगी न…
मीणा हैदर क छाती पर चुम्बन करते हुए बोली तो तुम क्या करना है वो karlo…mai थोड़ी रोक सकती हु तुम….
हैदर- ाचा सोच lo….agar तुम ऐसे कहोगी तो तुम्हारे इ कपड़ो की खैर नह किसी बी वक़्त इसे उतर कर तुम नंगा करदूंगा और तुम्हारी इ चिकनी छूट में लुंड पेलडंगा फिर मुझे कुछ मत kehna….hyder ने बड़े जोश में आते हुए बोलै और तुरंत मीणा क होतो की चुम्मी ली…
हैदर क मुँह से पहले दफा hi छूट और लुंड शब्द सुन ते hi मीणा की रोमते खड़े होगये थे मीणा मैं hi मैं सोचने लगी हैदर तो काफी फ़ास्ट hai..itna फ़ास्ट तो जमील जी बी नह the….chalo ाचा hi हुआ देर से hi सही पर सही इंसान से मिलान हो रहा है और नखरे दिखते हुए हैदर से बोली shi….kaisi गाँधी बात कर रहे हो…
हैदर तुरंत बोलै क्या गाँधी बात मीनू….
मीणा- वही जो तुम अब बोले… chuuu….lun…….chi ची कोई औरत क सामने ऐसे बोलते है क्या?...
हैदर- औरत क सामने तो पता नह पर मई मेरी मीनू डार्लिंग क आगे जरूर बोलना पसंद करूँगा.. और मुझे ख़ुशी होगी अगर मेरी मीनू डार्लिंग बी खुल क बात करेगी…
हैदर की बात तो मीणा क लिए खुल्ला दावत थी पर मीणा नह चाहती की वो हैदर क सामने पहली बार में hi खुल जाए क्यू की अब बी उसे हैदर क सामने अपने आप को संस्कारी औरत का दर्जा देना था सो वो हैदर से boli..meri पूरी कोशिश रहेगी तुम्हारे साथ खुल क रहने की पर इ मेरा पहली बार है किसी गैर मर्द क साथ so….muje थोड़ा वक़्त lagega…plz..samjo ….कहते हुए मीणा ने फिर से झूट hi सही पर अपने आप को सुशिल साबित करने की कोशिश की.
मीणा की बात क पीछे सचाई को जाने बिना हैदर बोलै -ok मेरी मीनू डार्लिंग लेकिन तुम जितना जल्द खुलेगी उतना hi मजा आएगा…..
मीणा जानती थी हैदर जो कह रहा है वो सही hai…q की जब वो पहली बार जमील क साथ खुल गयी थी तो उसे जन्नत का दरवाजा खुलता हुआ आभास हुआ tha…isliye वो बी यही छह रही थी पर कही न कही अब बी उसका बचा हुआ संस्कार एक गैर मर्द क सामने आसानी से अपने आप को पूरी तरह समर्पण करने तैयार नह हो रहा tha…aur मीणा अछि तरह जानती थी अगर ऐसा होना है तो एक बार दोनों क बीच दमदार चुदाई होना जरुरी hai….aur हैदर क बहो में समायी हुई मीणा का जिस्म की गर्मी अब हैदर क साथ समागम होने बेताब हो रहा था और वो अपनी बढ़ती उत्सुकता को हैदर क सामने ज़ाहिर करते हुए बोली लगता है हैदर हमे अब बात काम करनी चाहिए और हमे वो करना चाहिए जो इस वक़्त हम दोनों क लिए बेहद जरुरी है कहते हुए मीणा ने डायरेक्टली चुदाई की ीचा झहीर करदी thi…jise बखूबी समाज हैदर मुस्कुराते हुए मैं hi मैं सोचने लगा लगता है बहुत प्यासी hai…..chalo इ तो अछि बात है एक शादीशुदा औरत और इतनी तड़प मजा आएगा कहते हुए वो मीणा पे सीधे लेट गया तो मीणा उसके निचे अपने आप को एडजस्ट karli…..hyder मीणा क होतो को चूसते हुए बोलै मीनू डार्लिंग तुम्हारा मतलब चुदाई….
हैदर क मुँह से फिर से चुदाई शब्द सुनते hi मीणा क नस नस में खून का संचार बाद गया और वो और उत्तेजित होगयी थी वो जानती थी हैदर जानबूजकर ऐसे गांधी शब्दों से उसे सडके करना छह रहा hai…so वो हैदर क नाक से अपनी नाक को रगड़ते हुए boli….chi….fir से गाँधी baat….shi…….muje शर्म आती है…
लेकिन हैदर कहा सुननेवाला था उसके हाथ आज सोने की चिड़िया जो लगी हुई थी आज वो उस सोने की चिड़िया का भरपूर मजा लेना चाहता tha…so वो बात को आगे बढ़ाते हुए बोलै अब शर्म कैसी मीनू अब जब हम चुदाई करने hi वाले है….
बार बार हैदर क जुबान से अपनी चुदाई होनेवाली बात सुनकर मीणा काफी एक्सीटेंड होते जा रही thi..ab उससे रहा नह जा रहा था वो जानती थी की हैदर उसे ओवर सडके करना छह रहा hai….isliye वो इस बार थोड़ा खुल क बोली तो छोड़ दो न क्यू बेकार में बातो में टाइम वास्ते कर रहे ho…isse पहले सास का डर मुझे फिर से सताए कार्डो मुझे अपना बनालो muje…kehte हुए मीणा एक जोर दार ांगलादि लेती हुई हैदर क शर्ट में अपना हाथ डाले अपनी उत्सुकता को झहीर की…
अब हैदर बी समाज गया था की मीणा चुदाई की लिए बेताब है सो अब देर न करते हुए फिर से मीणा क होतो का रसपान करने laga…hyder ठीक मीणा क ऊपर सोया हुआ मीणा क हॉट चूस रहा था इस वजह से मीणा क मोठे दूध हैदर क सीने क निचे पुरे दबे हुए थे जिसका मधुर एसएस मीणा अपने दिल hi दिल में उतर रही थी साथ hi साथ हैदर क होतो से अपने होतो को मिलके रसपान का कोई मौका नह छोड़ रही थी. कुछ देर ौसे hi चला तो मीणा ने हैदर क शर्ट क एक बटन खोल क उसके नंगी छाती को चूमने लगी तो हैदर बी समाज गया की मीणा क्या कहना छह रही hai…ab हैदर मीणा क होतो को चूमना छोड़ धीरे से निचे सरक गया और एक हाथ में मीणा क एक बूब थामे उसे कपडे क ऊपर से जोर जोर से मसलने लगा और साथ hi साथ मीणा क नंगे गले पर अपनी जुबान फेरने laga…hyder क इस हरकत से मीणा पुरे जोश में आगयी थी.. करीब एक महीने क अंतराल क बाद कोई मर्द उसके जिस्म क नाज़ुक अंग उसके दूध से खेल रहा था इ मीणा क लिए जन्नत क सुख से कोई काम नह tha…e बात बी सच थी की इन एक महीने में वो अपने पति से तीन चार बार चुद बी चुकी थी पर उसे आज जो मजा मिल रहा था उसका कोई ठीकहाना नह था सो वो हैदर को बिना कोई विरोध किये अपने मम्मो को मसलवाने में मस्त हो गयी thi…dusri तरफ हैदर बी मीणा क मम्मो का आकर और गोलाई देख कर पागल हो गया था उसे यकीं नह हो रहा था की शादीशुदा औरत क मोममे इतने मस्त और मुलायम बी होते hai….meena क मम्मो को देख कर hi वो जंगया था की मीणा का पति मीणा क जिस्म पे काम कसरत करता hai..aur वो बताशा मीणा क मम्मो को बारी बारी में मसलने लगा तो कभी कपडे क ऊपर hi मम्मो को मुँह में भरने लगा tha…kuch 10 मीन्स दोनों एक दूसरे क बहो में कैद मम्मो का मजा लेने क बाद मीणा ने हैदर क एक हाथ को अपने टॉप में घुसा लिया और अपना पेट को सवरलेने लगी शायद इ मीणा का इशारा था हैदर क लिए की वो जल्द से जल्द उसके कपडे उतर de….par हैदर को कोई जल्दबाज़ी नह नह उसने मीणा क टॉप को थोड़ा ऊपर किया और अपने हॉट को मीणा क नंगे नाभि पर हॉट टिका दिए और धीरे से अपनी ज़ुबान को नाभि क गोल गोल चाटते हुए चूमने लगा तो मीणा मज़े क मरे छटपटाने लगी और अपने उत्तेजना पर काबू पाने क लिए मीणा ने हैदर क सर को जोर से थम लिया और उसे अपने नाभि पर दबाने लगी..
हैदर एक तरफ मीणा क नंगी नाभि क साथ छेद चढ़ कर रहा था तो उसका एक हाथ मीणा क टॉप क अंदर घुस कर क ब्रा क ऊपर से hi मीणा क बूब्स क माफ़ लेने में लगा हुआ tha..is दुगने हमले से मीणा काफी उत्तेजित होने लगी thi…ek अनगिनत ख़ुशी उसके जहां में उतरने लगी thi..meena इस पल का आनंद एक पल क लिए बी खोना नह छह रही thi..aur इसी क चलते अब उसके सासे बी तेज़ होगये the…aur हैदर की हर हरके पर मीणा क मुँह से अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह ुह्ह्हह्ह्ह्ह की नशीली सिसकारी निकलने लगी थी….
दूसरी तरफ हैदर का बी लुंड पंत में hi अपना कमल दिखने क लिए तैयार खड़ा हो गया था और पंत से बहार आने क लिए तड़प रहा tha…lekin हैदर इतने जल्द अपने हथियार को मीणा क सामने नह लाना चाहता था वो छह रहा था की मीणा खुद उसके हथियार को अपने मुट्ठी में भर क अपना ले और उसे पंत से बहार निकल de….already हैदर मीणा का मखली जिस्म का मजा कपड़ो क ऊपर ले चूका था अब उसे मीणा को नंगा करके वो खूबसूरत नग्न दृश्य को आँखों में भरना का मैं हो रहा था जिसे देखने क लिए आज तक कितने मर्द मीणा क पीछे पड़े हुए थे और नाकामयाब बी रहे the…par हैदर वो दूसरा शख्स था जिसे मीणा ने अपने नग्न सौंदर्य को दिखने का मैं बना लिया था.. …सो अब हैदर ने देर न करते हुए मीणा क टॉप को ऊपर किया तो मीणा समाज गयी अब उसका नग्न रूप को हैदर क लिए प्रदर्शित करने का वक़्त आगया और वो उठ क बैठ गयी और अपने हाथ ऊपर करदिये ताकि टॉप आसानी से उसके जिस्म से अलग हो jaaye..aur जैसे hi मीणा का टॉप मीणा क जिस्म से अलग हुआ मीणा शर्म क मरे अपनी आंखे झुकाली और उसी टॉप को ऊपर से अपने छाती को धक् ली ताकि उसके काले रंग की ब्रा में छुपी उसकी दूध हैदर को नज़र न आये…
मीणा क लिए गैर मर्द क सामने नंगी होना इ पहली बार या नया थोड़ी नह था वो अनगिनत बार जमील क सामने नंगी हो चुकी thi…hui कहो तो वो जमील क बहो में नंगा रहना hi पसंद करती thi…q की जमील ने उसे इस कदर सुख का एसएस दिलाया था की वो छह कर बी जमील को रोक नह सकती थी जमील क प्रति मीणा का सोच बी कुछ हटके hi thi…meena अपनी पति से ज्यादा अपने जिस्म का हक़दार जमील को मानती थी. इसलिए जमील क सामने नंगी होने क लिए मीणा को कोई आपत्ति नह thi..…….par मीणा जैसी सुशिल पतिव्रता औरत अपने वासना क चलते अपनी जिस्म की प्यास मिठाने क लिए बहक कर तीसरे मर्द क सामने अपने गुप्तांग को खोलना वो बी एक ऐसे आदमी क सामने जिसे वो कल तक अनजान thi…so मीणा क लिए शर्म आना जाइज़ hi tha…aur वही हैदर बी मीणा को हुई शरमाते हुए देख समाज गया की इ तो पक्का घरेलु फ्रेश माल hai…ise तो पुरे मजे से खाना पड़ेगा सोचते हुए मीणा क नंगे पीठ पर हाथ फेरते हुए अपने ज़ुबान फेरने लगा जिसे मीणा क जिस्म में बिजली सी दौड़ने लगी thi…is अनगिनत ख़ुशी का एसएस लिए मीणा धीरे से फिर से बीएड पे लेट गयी और हैदर क एक हाथ को अपने कमर तक ले जाकर अपने लेग्गिंग्स क दोनों तरफ घुसली और हैदर को प्यासी नज़र से देखने लगी…
मीणा क इशारा बखूबी समाज हैदर निचे किसक गया और अपने दोनों हाथो को मीणा की लेग्गिंग्स दोनों तरफ फसके निचे खींचने लगा तो मीणा ने अपनी कमर उठके लेग्गिंग्स को उतरने में हैदर क मदत ki..jaise जैसे मीणा क लेग्गिंग्स मीणा की कमर क निचे से उतारते गया वैसे वैसे मीणा क गोर मोठे मखमली जंघे हैदर क सामने खुलते जा रहे थे जिसे देख हैदर क आँखों में रोशनी की चमक दौड़ने लगी thi..kuch hi देर में मीणा का लेग्गिंग्स मीणा क जिस्म से पूरी तरह अलग होक जमीन पर गिर चूका था अब मीणा सिर्फ एक काले रंग की ब्रा और चड्डी में थी ऊपर से मीणा ने अपने टॉप से छाती ढकी हुई थी लेकिन निचे से उसके जंघे पुरे नंगे थे जिसे देख हैदर बिना पलके झुकाये मीणा की खूबसूरत नंगे बदन को देखता hi raha..meena की चौड़ी कमर को इस वक़्त काले रंग क चड्डी में कैद उसके निचे मीणा क बलिष्ट मोठे मुलायम मखमली सूंदर दश्त पुष्ट गोर जंगो क बीच हैदर ने अपने सर घुसेड़ दिया और मन चाहे उसे चूमने लगा चाटने laga…shayad हैदर ने पहले कभी इतनी सुन्दर नज़ारा देखा hi नह था और इ बात मीणा क जांघो क साथ खेलते हुए हैदर क जुबान से निकल hi पड़ी thi…wo मीणा क जंगो को चूमते हुए मीणा से बोलै सच कहु मीणा यकीं नह होता की तुम शादीशुदा हो….
मीणा- ुह्ह्हह्ह्ह्ह हैदर aise…q. बॉऊल ररराहही hooooo..meena हैदर क होतो क जादू अपने जांघो पर चढ़ते हुए नशे में बोली…
हैदर- और नह तो क्या मीनू डार्लिंग मैंने कभी किसी औरत क इतने खूबसूरत चौड़ी कमर और जंघे देखि nh…meri बीवी की बी नह….
मीणा- अह्ह्ह्हह हैदर ऐसे मातटटट bolo…..mai पागल हो रही हूउउउउ hi hu……aaj सिर्फ tumari…..hu…..muje अपना बना lo….jald hi…muje कुछ हो रहा hai…..kuch चीज़ चाहिए muujjjj….uhhhhhh दे do….muje अह्ह्ह्हह ुह्ह्ह्हह्ह्ह्ह हैदररररर ..वासना क नशे में चूर मीणा अब हैदर क सर में हाथ डेल खिंच क अपने बगल में लेता क अपने और हैदर क बीच दरार बने टॉप को फेक ते हुए बोल पड़ी थी..

अब मीणा क जिस्म में ब्रा और चड्डी क आवला कोई और कपड़ा नह था ….और बगल में लेता हैदर ने अब देर नह की मीणा की नशीली आवाज़ सुन कर hi वो जान गया था की मीणा अब चुदाई क लिए मैं बना चुकी hai..aur उसे जल्द से जल्द चुदाई की शुरुवात बी करनी पड़ेगी सो वो बिना देर की मीणा क बूब्स को ब्रा क ऊपर से मुँह में भर लिया और चूसने लगा तो मीणा ने अपनी एक टांग उठके हैदर पे डाली दिया इस वजह से अब मीणा की जांग क साथ मीणा की गांड बी हैदर क हाथो में सामने लगी थी..
हैदर एक तरफ मीणा क दूध को चूस चूस कर लाल कर रहा था वही दूसरी तरफ निचे मीणा क जांघ और गांड हैदर क हाथो पीसने लगी थी और मीणा अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ुह्ह्ह्हह्ह्ह्ह hyder…..ohhhhhhhh सच मई kamallllllll…uyyy मेरी gaaaandddd…ahhh डीईईडीईए कककककारे हूऊऊ अह्ह्ह्हह meri……lleeeeloooooo प्ललज़्ज़्ज़्ज़ अह्हह्ह्ह्ह नशीली सिसकारी क साथ हैदर क जोश बढ़ाने क काम बहुत अछि तरह निभा रही थी.. करीब 5 - 10 मं एक hi पोजीशन में दोनों ने अपना जिस्म की मरम्मत करने क बाद इस बार हैदर ने मीणा क ब्रा का हुक खोल दिया तो मीणा क मोठे बूब्स बहार ऐसे आगये जैसे कोई संगमरमर का मोठे गोल पत्तर निकल क आये ho…Gol गोल स्तन क ऊपर नीच गुलाबी रंग क एक बड़ा सा सर्किल उसके बीच पिंक कलर का निप्पल को देख हैदर क मुँह खुला का खुला रह गया और दूसरे hi पल वो निप्पल हैदर ने अपने मुँह में भर लिए the…ek निप्पल हैदर क मुँह में था तो दूसरा मां हैदर क हाथ टेल आते की तरह पीसने लगा tha…hyder इतनी जोर से निप्पल चूसने क साथ दूध को मसल रहा था की मीणा को दर्द का एसएस होने लगा tha..meena का मैं कर रहा था की इस मीठे दर्द को चिल्लाते हुए काम करने की कोशिश करू पर वो जानती थी जहा पे उनका खेल चल रहा है उसके ठीक निचे क रूम में उसकी सास सोई हुई है.. इसलिए मीणा ने अपनी आवाज़ को दबा इ हुए सुख का अनुभव करने lagi…kareeb 1 महीने क बाद कोई मर्द इस कदर मीणा की जिस्म क मसल रहा था और मीणा इ सब गलत जानते हुए बी बिना किसी विरोध क हैदर का भरपूर साथ देने में लगी thi…is वक़्त मीणा भूल गयी थी की उसने जमील क साथ रिश्ता जुड़कर अपने पति को एक बार धोके में रखा hi hai…aur अब अपनी प्यास को मिठाने क लिए वो दूसरे मर्द क साथ बी सोने क लिए तैयार हो रही hai….aur इ सरासर बचलन, चुड़क्कड़ बन ने का पहला निशान hai…lekin मीणा को इस वक़्त इस बात की कोई फ़िक्र नह थी उसे बस अब एक लुंड चाहिए था जो इस वक़्त उसकी छूट को सही ढंग से चोदे और चरम सीमा तक ले jaaye…meena मस्त मजे क साथ ऊपर से पूरी नंगी अपने हॉट अपने गाल अपने नंगी चाहती अपनी मोठे बूब्स को बारी बारी मसलवा रही थी चुसवा रही थी और खुद बी हैदर क होतो को चुम कर अपनी ख़ुशी को झहीर कर रही thi….kareeb 15 मीन्स दोनों ने एक दूसरे क जिस्म का भरपूर मजा लिया हैदर ने कुलमिलाकर पिछले 20-25 मं में मीणा क जिस्म को ऐसे कुचला था की मीणा मैं hi मैं हैदर क डोमिनेंट अंदाज़ की दीवानी हो गयी thi….q की मीणा क जिस्म को अब तक सिर्फ दो hi लोगो ने भोगा है एक उसका पति और दूसरा उसका पहला प्यार jamil..in दोनों में से पति की बात छोड़ hi दे ते है क्यू की मीणा का पति कभी बी मीणा को जिस्मानी सुख देने में कामयाब नह हुआ था मीणा को जिंदगी में पहली बार सेक्स का असली सुख मिलता वो जमील से पर जमील ने बी पहली बार में hi ऐसे डोमिनेंट अंदाज़ में मीणा को नह रगड़ा था जैसे आज हैदर मीणा क एक एक जिस्म को रगड़ रगड़ क मरम्मत कर रहा tha….isliye मीणा हैदर को लेकर काफी एक्सीटेंड और खुश thi…wo मैं hi मैं सोच रही thi..jaise हैदर ने उसे बदन को निचोड़ा है वैसे hi वो उसकी छूट की खुजली पूरी मिठड़े और उसे बार बार हैदर से छोड़ने पर विवश banade….isi आशा क साथ मीणा हैदर को प्यासी नज़र से देख रही थी की हैदर का मैं कब होता hai…aur वही हैदर का बी वही हाल था उसका लुंड आस्मां को चुने की कगार पर था, हैदर का मैं अब बी मीणा क जिस्म क साथ फोरप्ले करके मीणा को ज्यादा से ज्यादा सडके करके मौके का दुगना मजा वसूल करने का कर रहा था पर इन सब क लिए फिलहाल उसका खड़ा लुंड क पास वक़्त नह tha…hyder का लुंड इतना तन कर खड़ा हो गया था की मीणा की chut.me फ़साने क लिए बेताब हो गया था इसी बेताबी क चलते हैदर ने मीणा क चड्डी में हाथ डाला और मीणा की चिकनी छूट क दरार पर हलके से ऊँगली से सवारने laga…jise मीणा की तड़प और बी बाद गयी thi…meena जोरो से हफते हुए वही कसमसाने लगी thi..apne छूट पे हैदर क कठोर हाथ फेरने से मीणा क रोम रोम खड़े हो गए the…na चाहते हुए बी उसकी छूट से प्रेमरस क हलकी सी बुँदे टपकने लगे जिसका ऐसाह हैदर अपनी उंगलियों पर करने लगा tha….meena हैदर क क्रीड़ा का बिना कोई विरोध किये बस अपनी चड्डी क भीतर हो रही हैदर क हाथ क कमल को अपने आँखों में भरे लुफ्त उठाते हुए हैदर क होतो को फिर से किश करते हुए boli…ahhhhh हैदर बड़े प्यारे होओओओ तुममममम अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह बस आईसीई hi करत्तीीे राहूऊ अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ुह्ह्हह्ह मममममम
मीणा की नशीली बात सुनकर हैदर और बी खुश हो गया और एक कदम आगे बढ़ते हुए उसने मीणा की चड्डी को आगे से निचे किया और मीणा कुछ सोच पति अपनी एक ऊँगली मीणा क छूट में घुसेड़ दिया…..
अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह इ क्या शह्ह्ह्हह्ह बोल क तो daaallttttee…..uyuyyyy अह्हह्ह्ह्ह धीरे से karo…..ahhhhhh अहिस्ताआआ.. …नशे में चूर मीणा अपनी आंख बंद किया हैदर को गले लगाकर बड़बड़ा रही थी और अपनी छूट में आगे पीछे हो रही हैदर क हाथ को पकड़ कर धीरे से अपने छूट की दरार को ऊँगली क सहारे खुलवाने लगी thi…wahi हैदर मीणा क एक मोममे को फिर से मुँह में दबा लिए ऊँगली से मीणा की छूट छोड़ने लगा tha….lekin इ बहुत देर नह चला क्यू की मीणा अब पूरी तरह से चुदाई क लिए तड़प रही thi..ab वो लुंड लिए बिना नह रह सकती थी सो वो हैदर क बालो को कास क पकड़ कर अपनी छूट में हिल रही हैदर क ऊँगली को एक हाथ से रोकते हुए boli…bas हैदर अब ऊँगली nh….ab वो डाल्दो जिसे डालना chahiye….plz और bas……ahhhh कहते हुए मीणा ने अपनी चड्डी को पूरी निचे करदी और निकल कर फेक di…ab मीणा पूरी तरह से नंगी एक गैर मर्द को अपना जिस्म परोसने को तैयार कड़ी thi….aur मीणा का इ नग्न रूप देख हैदर का लुंड पूरा तन कर खड़ा हुआ था और उसने देर न करते हुए अपने कपडे उतर दिए और सिर्फ अंडरवियर पहने मीणा क बगल में लेट गया तो इस बार मीणा ने उसे अपने ऊपर आने को कहा और खुद सीधे लेट gayi….aur जैसे hi हैदर मीणा क ऊपर लेट गया तो मीणा ने अपनी टाँगे खोल दी इस वजह से अंडरवियर में खड़ा हैदर का लुंड सीधे मीणा की छूट को दस्तक देने लगा था और इस असीम पल का आनंद लेने क लिए दोनों ने फिर से एक दूसरे क हॉट मिलाये और इस बार दोनों आंखे बंद किये बिना किसी क पर्व किये एक दूसरे क होतो क जाम को मस्ती क साथ पीने लगे थे अब पुरे कमरे में दोनों की हॉट चुसाई क चाप चाप की आवाज़ गूंज रही थी, और शायद इ आवाज़ निचे सोई मीणा क सास क कानो तक बी पहुंच जाती अगर वो गलती से बी जाग जाती to..par दवा की असर में खोयी मीणा क सास बिना इस बात की खबर एक ग़हरी नींद में सोई हुई थी…
इधर ऊपर हैदर और मीणा एक दूसरे क हॉट और अन्य गुप्त अंग को चुम्मा छाती में व्यस्त थे तो मीणा से अब रोका नह जा रहा था क्यू की अंडरवियर में तना हुआ लुंड बार बार मीणा क छूट क हिस्से को चूब रहा था जिसे मीणा की प्यास और बढ़ती जा रही thi…aur मीणा से अपने आप को रोका नह गया और उसने बीच में से हाथ हैदर क अंडरवियर में दाल hi दिया और वह खड़े लुंड को अपना हाथ लगते hi मीणा से रुका नह गया और उसके मुँह से वहह्ह्ह्ह की आवाज़ निकल पड़ी thi…hyder का फौलादी लुंड ने मीणा क हाथ पे अपना कमल दिखा दिया था और मीणा ने सिर्फ उसको चुने से hi अंदाज़ा लगा लिया था की हैदर काफी मोठे और लम्बे लुंड का मालिक hai…aur इ बात मीणा क लिए सोने पे सुहागा tha…..jaise मीणा का हाथ हैदर क लुंड क करीब गया तो मीणा से रुका नह गया और उसने अपनी छोटी सी कलाई में हैदर क लुंड को थम liya..hyder क खड़े गरम लुंड की गर्मी में फिर से एक बार मीणा क मुँह से वहहहह क्या मस्त hai…kehne पे मजबूर किया था जिसे बखूबी इस बार हैदर ने सुनलिया और अपने लुंड को मीणा क कलाई में ऊपर निचे करते हुए पूछा ाचा लगा मीनू…
मीणा बस शरमाते हुए हैदर से नज़ारे चुराते हुए बोली है… बहुत ाचा है…..
मीणा को हुई शरमाते हुए देख हैदर बोलै तो शर्मा क्यू रही हो मेरी डार्लिंग.. ऐसे शरमावोगी तो इसे कैसे अंदर logi…hehehee
हैदर की बात सुनकर मीणा शरमाते हुए हैदर क छाती पर दोनों हाथो से मुक्का मरते हुए बोली तुम सिर्फ गांधी hi नह हो बड़े बदमाश बी हो….
हैदर- ाचा अब बदमाश बी बनगया तो इस बदमाश की बदमाशी बी देखो कहते हुए हैदर ने मीणा क निप्पल को जोरो से काटा तो….
ुह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह ममममम अह्ह्ह्हह…. mummmy….dhire kaato..koi इतना बी जोर लगता है क्या इस नाजुक चीज़ par…meena दर्द और सुख मिश्रित आवाज़ में कंपते हुए बोली.,
हैदर मीणा क गाल को सवारते हुए है बदमाश जरूर काटता hai…aur काटू क्या कहते हुए हैदर ने मीणा का दूसरा मोममे को हाथ में लेकर अपना मुँह आगे बढ़ाया तो मीणा उसे अपने सीने से लगते हुए boli…kaato न जितना चाहे काटो chuso…par धीरे से karo…mai नह rokungi….ahhhh ajavo….uhhhhhhhh सच में बहुत मजा आरहा है मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करने me…ahhhh हैदर सो स्वीट हहहहहह….
फिर कुछ देर दोनों एक दूसरे क बहो में लिपट गए और मैं चाहे जगह पर हाथ फेरने लगे चूमने lage….aur इस हरकत से हैदर का लुंड अब और बी तन्न कर खड़ा हो गया था और मीणा की नंगी छूट पर अंडरवियर से hi दस्तक देते हुए मीणा की छेद को चोट पहुंचने लगा तो मीणा से रहा नह गया और वो हैदर को देख प्यार से बोली अब बस बी करो हैदर अब दाल बी do…mujse रहा नह jaara…plz …..
मीणा ने अपनी तरफ से शुरुवात करते हुए हैदर को चुदाई की दावत दे दी thi…par हैदर का जी अब बी नह भरा था मीणा क नंगे जिस्म se..so वो मीणा को बोलै है डाल्डुन्गा मीनू उसके पहले तुम्हारे जिस्म क मलाई तो पूरी तरह से चाट लू…..
हैदर की बात सुनकर मीणा जान गयी थी हैदर और उसके जिस्म क साथ छेड़छाड़ करके उसे और ज्यादा सडके करके तड़पना चाहता hai….par मीणा क लिए अब परिस्थिति कण्ट्रोल क बहार हो चुकी थी क्यू की पिछले एक महीने से दबी हुई उसकी वासना का बांड किसी बी समय फुट सकता tha…so वो हैदर को boli…ha हैदर करो तुम जो चाहिए karo..mai नह रोकूंगी पर उसके पहले प्ल्ज़ अपना इ हथियार से मेरे साथ मिलान karo…bahut प्यास लगी hai…tumare इस मोरे हथियार को अह्ह्ह्ह तड़प रही हु इसे अपने भीतर सामने ुह्ह्हह्ह mmmmmm…ahhhhhh मिठाडो मेरी pyaas…uske बाद जो चाहे karo……plz डालल do….ahhhhh कहते हुए मीणा अपनी कमर को ऊपर निचे करने lagi..aur हैदर क लुंड से अपने छूट को घिसने लगी…
मीणा को हुई वासना क नशे में तड़पता देख हैदर से बी अब रोका नह गया और उसने अपनी अंडरवियर उतर फेक दी और सीधे मीणा क ऊपर लेट gaya…aur मीणा से बोलै तैयार हो मीनू…?
मीणा हैदर को देख मुस्कुराते हुए हैदर क होतो से अपने हॉट मिलायी और एक हाथ से हैदर क लुंड को थम कर अपने छूट क छेद पर रख क अपनी टाँगे फैलते हुए boli…daldo मेरे raja.ander पुश करूऊओ
…हुइइइइइ haaaa.maaaaas.uhhhhh

अब दोनों तरफ से पोजीशन सेट था और माहौल बी पूरा गरम और कामुक बनगया tha…hyder ने मीणा क छूट क छेद पर हलके से एक बार लुंड को घिसा और धीरे से पुश किया तो मीणा एक पल क लिए हिल सी गयी उसके रोम रोम में बिजली सी फ़ैलाने lagi…meena जानती थी इ सब क्यू हो रहा hai…darasal सच बात तो इ थी की जमील क जाने क बाद करीबन एक महीने तक सही लुंड से चुदाई न होने से मीणा की छूट क पाकले फिर से अंदर की तरफ होकर मीणा की छूट में फिर से तिघटनेस पकड़ ली थी… और क्यू की दिनु का 5" का लुंड मीणा को ऊँगली क सामान था सो मीणा की छूट पिछले एक डेड महीने में 4-5 बार दिनु से छोड़ने पर बी उसकी तिघटनेस पर कोई फरक नह पड़ा tha….par आज फिर से एक फौलादी लुंड मीणा की चिकनी छूट को चीरने की तैयारी में था
सो हैदर का पहला धक्का सिर्फ मीणा की छूट में सुपडे तक hi सिमित रहा और हैदर को बी इस धक्के से अपने लुंड में थोड़ा सा दर्द सा महसूस हुआ और उसे समाज ने में देर नह लगी की मीणा की छूट काफी टाइट hai….aur उसे इस बात की ख़ुशी बी हुई की आज उसका पला एक ऐसी औरत से पड़ा है जिसका सील बी अबतक ठीक से टुटा बी nh….hyder ने इस बार और एक झटका मारा और मीणा से बोलै कितना कासी हुई छूट है तेरी मीनू लगता है इसपर थोड़ी काम म्हणत हुई hai…hehehe…le अह्ह्ह्हह फिर से एक धक्के को मीणा क छूट में उतारते हुए बोलै
हैदर क धक्के को अपने ज़हन में उतारते हुए मीणा दर्द को सहन करते हुए हैदर से बोली तो इसे अपने हथियार से चौड़ा कार्डो na…haa….uhhh और मारो धक्का जोर से do…..ahhhhh ुह्ह्ह्ह
मीणा को दर्द तो हो रहा था फिर बी उसे जो सुख मिलने वाला था उसे सोच कर मीणा हैदर क लुंड को अपनी छूट में पूरी तरह समां लेने में कोई कसरत नह छोड़ रही थी और देखते hi देखते और दो तीन जोर दार झटको क बाद आखिर कर हैदर का फौलादी 9" का लुंड ने मीणा की छूट में अपनी जगह बना लिया tha…dono अब बेहद खुश नज़र आ रहे थे और दोनों ने एक दूसरे क आँखों में आंखे डेल एक मुस्कान क साथ अपनी ख़ुशी को एक दूसरे क लिए ज़ाहिर किया और तुरंत दोनों का ऊपर hi हिस्सा फिर से एक दूसरे से पूरी तरह से चिपक गया और दोनों बताशा एक दूसरे क चेहरे पे होतो पे चूसते हुए गर्मी को ाधन प्रधान करने लगे थे और निचे अब बी हैदर का लुंड मीणा क छूट में समाये हुए अपनी बारी का इंतज़ार कर रहा था…
कुछ देर एक दूसरे क जिस्म की गर्मी मिठाने क बाद दोनों की नज़ारे फिर से मिलगई और मीणा ने अपने कमर को थोड़ा हिलाते हुए हैदर से बोली करो न hyder….itna बी मत तडपावो….
हैदर अपनी लुंड को एक धक्का देते हुए बोलै कहा सत्ता रहा हु मीनू बस तुम सेट होने का वेट कर रहा था….
इस बात पे मीणा कुछ नह बोली और अपनी टंगे पूरी तरह फैलाके हैदर को लपेट ली और हैदर को देख शर्मा हैट क मरे मुस्कुराने lagi…meena की इस हरकत से हैदर समाज गया था की मीणा अब पूरी तरह सेट है और वो धीरे से hi सही धक्के को बढ़ाने लगा और मीणा हैदर क हर धक्के पर अह्हह्ह्ह्ह हैदररररर अह्ह्ह्हह mast….aise hi….ohhhhh करते राहूऊओ हूउउउउ बहुत ache….maar दूऊऊ ुह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह थैंक you….hyder…aisa सुख डीएनईई क लिएएररर उह्ह्ह इहह्ह्ह्ह की सिसकारी लेते हुए हैदर क लुंड को अपने छूट में पूरी तरह समां लेने की कोशिश करने लगी thi…aur मीणा की ऐसे नशीली सिसकारी हैदर क जोश को और बी दुगना कर रही thi…ab दोनों बिना कोई रूकावट बिना कोई रोकटोक क छूट और लुंड की संगम का भर पुर मजा लेते हुए एक अलग hi दुनिया में खोते जा रहे थे…

और कुछ 5 मीन्स की hi ठुकाई हुई थी मीणा का सेल फ़ोन रिंग करने लगा और दोनों को अपने मजे पर कुछ देर की ब्रेक लगनी पड़ी…
मीणा मैं hi मैं इस वक़्त फ़ोन करनेवालों को कोसते हुए बीएड क दूसरे किनारे पड़े अपने मोबिल को उठाकर देखि तो उसका पति का फ़ोन tha…meena ने तुरंत वक़्त देखा तो करीब रात क 10 बजने में 10-12 मीन्स काम hai…aur मीणा को समझने में देर नह लगी की सोने क पहले रूटीन की तरह उसका पति बात करना चाहता hai…jise वो इंकार बी नह कर सकती थी सो वो हैदर को देख धीरे से बोली मेरे पति का फ़ोन है…
मीणा की बात सुनकर हैदर को लगा जब तक अपने पति से बात नह होगी मीणा को रेस्ट चाहिए सो वो अपना लुंड को मीणा की छूट से अलग hi करने वाला था मीणा उसे रोकते हुए बोली नह नह इसे मत निकालो पूरा मोमेंटम बिगड़ जायेगा तुम एक काम करो जब तक मई बात ख़तम नह करती तुम बस धीरे से करते raho…samje na…kehte हुए मीणा ने दिनु का कॉल रिसीव किया और hello बोलै..
पर इधर हलके धक्के से मीणा की छूट की भराई करते हुए हैदर मैं hi मैं सोचने लगा कितनी प्यासी है मीणा लगता hai…meena और उसके पति क बीच कुछ काम hi कसरत होती hai…aur वो अपनी किस्मत पर खुश होगया की उसे एक बहुत hi खूबसूरत और बहुत से ज्यादा सेक्सी हॉट औरत क साथ चुदाई करने का मौका मिल गया है…
वही मीणा अपने पति को hello बोलते हुए पूछी क्या बात hai..aap अभीतक सोये नह…
दिनु- नह मीणा बस वो अब सोने जा रहा tha…acha माजी कैसी hai…unki तबियत…..
मीणा- हैदर क देखे क साथ ऊपर निचे होते हुए बोली वोओओओओ ठीककक hai…ab उनमममम
मीणा की आवाज़ में कुछ बदलाव सा पाकर दिनु बोलै क्या हुआ मीणा तुम ऐसे क्यू कंपनी जैसे बात कर रही ho..tum ठीक तो हो न…
मीणा इस बार हैदर को थोड़ा स्लो करने का इशारा करते हुए अपने पति से boli…woooo मई सके बात कर रही हु न इसलिए आपको ऐसा लग रहा है.
दिनु- ठीक hai…agar कुछ प्रॉब्लम हो तो छुपाना नह …
मीणा- हैदर को देखते हुए एक फ्लाइंग किश पास करते हुए दिनु से boli…problem यहाँ कुछ बी प्रॉब्लम नह hai..yaha तो बहुत मजा आता है दिन में बी और रात में बी…..
मीणा डबल मीनिंग से तो बात कर रही थी और इ दिनु क समाज क बहार thi…q की दिनु सपने में बी सोच नह सकता था की उसकी बीवी एक गैर मर्द का लुंड अपनी छूट में लिए उससे बात कर रही है वो बी फॉर्मलिटीज क liye…bechara दिनु इस बात से अनजान मीणा से पूछा अरे दिन में तो ठीक है रात में कैसा मजा..
मीणा ने शायद इस सवाल का जवाब पहले hi सोच रखा था वो झट से बोली रात में यहाँ इतनी मस्त हवा आती है की जिस्म क हर एक हिस्से को ठंडक मिल जाती hai…sach में बहुत मस्त जगह है…
दिनु- ाचा बाबा काम से काम तुम गांव की असलियत तो मालूम पड़ा..
इस बीच हैदर को धीरे से धक्के मार कर कुछ मजा नह आरहा था सो वो एक जोर का धक्का मारा तो मीणा की चिक निकल padi…isse पहले सामने से दिनु उसकी चिक सुन लेता मीणा
मीणा- हम्म्म्म अह्ह्ह्हह मस्त maja….ahhhhh कहते हुए फिर से मौसम का तारीफ़ ki…aur हैदर की तरफ देख धीरे से कानो में बोली बस और थोड़ी der…jald hi निपटा दूंगी inhe…tab तक धीरे से करो न कुछ देर….

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हैदर क लिए इससे बड़ा ख़ुशी का मौका क्या होगा एक खूबसूरत घरेलु औरत उसके निचे लेती उसके लुंड को अपने छूट में समाये हुए अपने पति से बात करते हुए बी चुद ने को बेताब hai….hyder इस सिचुएशन से काफी खुश और एक्सीटेंड था और इसी एक्सिटमेंट क मरे उसने मीणा क हॉट को हलके से काट लिया तो मीणा की मुँह से फिर से अह्ह्ह की आवाज़ निकल padi…jise सुन दिनु मीणा से पूछा क्या हुआ मीणा..
मीणा हड़बड़ाते हुए एक बार हैदर को देखि पर उसे हैदर पर गुस्सा नह बल्कि और बी प्यार आया था वो जान गयी थी हैदर उसकी छूट की जोरदार चुदाई करने बेताब है …और वो हैदर को स्माइल देते हुए दिनु से बोली wo…ek मचार आ गया था ..ok ठीक है तो फिर मई रखती hu…bye कहते हुए पति क bye का इंतज़ार किये बिना hi कॉल काट कर हैदर को देख इशारो में hi शरमाते हुए आगे बढ़ाने की इशारा kiya…meena की तरफ से फिर से ग्रीन सिग्नल पाते hi हैदर क धक्को ने फिर से तेजी पकड़ ली और मीणा बी हैदर क कमर को पकड़ कर एक डैम सही पोजीशन में हैदर क निचे लेटर अपने दोनों टैंगो को हवा में फैलाकर हैदर क जोरदार धक्को का लुफ्त उठाने लगी
…अह्हह्ह्ह्ह हैदररररर…. ुष्ठ्हहह कितना मस्त करते ho…..ayyyyyy हूउउउउ ऐसे hi …..chodo….mujeeeee अह्हह्ह्ह्ह मर ज्जाएवंगीयी ुह्ह्हह्ह
हैदर- ले मेरी जान हाआल ले हूउउउउ आअज तू तेरी छूट का भोसड़ा hi बना दूंगा ुह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह सच में बहुत चिकनी छूट hai….Teri..kisi लड़की की तरहहहह ुह्ह्ह्हह्ह इतनी टाइट छूट ….मेरी बीवी की शादी क वक़्त बी नह thi……….uhhhhhhh…sach में कमल की औरत हूऊऊ ुह्ह्ह्ह
हैदर अपने धक्के की रफ़्तार को बढ़ाते हुए धनधन मीणा की छूट फाड़ने लगा tha…aur वही मीणा अह्ह्ह्हह हैदरररर राआजास ुह्ह्ह्हह्ह जरा डीईईडीईए ुह्ह्ह्हह्ह इतनी जल्दी बी क्या haiiiiiiiiii ुह्ह्हह्ह्ह्ह ुष्ठ्हह अह्ह्ह्हह ऐसी हूऊऊ mast…..aur karo….bahut देर karooo..ahhhh बस करते राहूऊ हैदर का लम्बा फौलादी लुंड किसी तलवार की धार की तरह मीणा की छूट को चीरते जा रहा था वही मीणा इस मीठे दर्द और असीम आनंद से मिश्रित ख़ुशी को अपने चेहरे पे लाते हुए एक एक धक्के का दिल से स्वागत करते हुए अपनी ज़हन में उतारते हुए इस पल मजा उठाने ने लगी थी…

दोनों एक दूसरे क होश बढ़ाते हुए चुदाई क मस्त मजा लुटाने लगे थे अब आलम इ था की हैदर क हर धक्के क साथ मीणा बी अपनी कमर उछाल कर लुंड को पुरे अंदर तक लेने लगी थी इससे दोनों का मजा दुगना होने लगा था ..एक तरफ मीणा की नशीली सिसकारी तो दूसरी तरफ हैदर की मर्दानी जुर्रत माहौल को और बी कामुक बना चूका tha…aur हैदर अब पुरे जोश में किसी आते की चक्की में बसा पिस्टन की तरह बहुत तेजी से मीणा की छूट की खुदाई करने लगा तो, इससे मीणा को मजा तो दुगना ठिगना मिल रहा था पर मीणा को लगा अगर इसी स्पीड में हैदर छोड़ता रहा तो वो जल्द hi भरकास्ट हो जायेगा और खेल जल्द hi ख़तम हो jayega…jo इस वक़्त मीणा को बिलकुल hi पसंद नह था इतना जल्द खेल की समाप्ति होना सो वो हैदर को रोकते हुए boli…nh…hyder..itna स्पीड से करोगे तो जल्द hi ख़तम हो जायेंगे धीरे करो naaaa..maje लेकर karo…ahhhh देर तक छोड़ो…. पलज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़ बस छोड़ते रहो…….
मीणा की बात सुनकर हैदर मैं hi मैं मुस्कुराया और मीणा की मम्मो पे अपना वॉर करते हुए बोलै इ हैदर का घोडा है meenu….jab तक इसका मैं नह करेगा इ झड़ने वाला nh…tum बेफिक्र होकर मजे lo….e घोडा बहुत लम्भा चलता hai…..le मेरी darling..le…..ahhhhhh घच घच घच…..
मीणा- अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह ुह्ह्ह्ह सच में कमल क मर्द हो हैदर ……छोड़ो और जोर लगवाऊऊऊ chodho……uhhhhh मममम अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह आईसीईई uhhhhhhh….maiiii तो पागल हो राहहीइ hu…kya मस्त लल्लूऊउउउनदडड mila…wahhhhhh मजा aagaya…ughhhhh यहहगहह अहहहहहह ठोकूवो
मीणा अपनी मान मर्यादा लज्जा शर्म हाय सबकुछ भूल कर इस पल का खुल कर आनंद लेने में लगी थी…

अब दोनों को किसी बात की कोई परवा नह थी हलाकि कुछ देर क लिए मीणा इ बी भूल गयी थी की वो अपने ससुराल में सास क घर में है और उसकी सास ठीक उसके निचे वाले कमरे में सोई हुई है ऊपर क कमरे में हो रही हलचल का अंदाज़ा उसे लग बी सकता hai..….par मीणा को अब इस वक़्त किसी बात का फरक नह था उसे बस अपनी छूट में पद रहे हैदर क तेज प्रहार धक्को से मिल रहे सुकून को अपने नस नस में समां न था और मीणा बखूबी इस काम को निभा रहे thi…aur लगातार 20 मीन्स तक हैदर ने मीणा को इसी पोजीशन में छोड़ा तो मीणा का सब्र का बंद टूट गया और वो आंखे बंद किये तृप्ति से अपने अंदर उगे हुए ज्वालामुखी को प्रेमरस क रूप में बहाने लगी..
मीणा को जड़ता हुआ देख हैदर क आँखों में चमक सी आगयी और वो कुछ देर क लिए अपने धक्के को रोक मीणा पे सीधे लेट गया और मीणा को बड़े आराम से जड़ने क लिए छोड़ दिया…
जैसे hi मीणा पूर्ण रूप से ज़द क शांत हुई तो उसने आंखे खोले तो हैदर बिना पलके झुकाये उसे hi देखता देख मीणा शर्म से लाल लाल हो गयी thi…aur होती बी क्यू nh…aaj तक उसका पति दिनु कभी कामयाब नह हुआ था मीणा को चुदाई क वक़्त जड़ने में पर इ काम दो पराये मर्दो ने कर क दिखाया tha..pehla वाला था मीणा का पहला प्यार जमील तो दूसरा मर्द आज हैदर ने मीणा की शर्म को चढ़ा tha…meena अपने आप को हैदर क सामने जड़ने पर बहुत शर्म सी गयी और हैदर से आंखे चुराने क लिए अपने हथेली से चेहरा धक् liya..aur हैदर से बोली ऐसे मत देखो मुझे शर्म आ रही है…
मीणा को हुई शर्माता देख हैदर मीणा क चेहरे से उसकी हथेली को दूर करता हुआ बोलै इसमें शर्माना क्या है meenu…chudayi हो रही है तो झड़ना कॉमन है…..
मीणा- chi….kitne गांधी हो tum….muje शर्म आ रही hai…chod do….kehte हुए अपने हाथो को हैदर से अलग करते हुए फिर से चेहरे को धक् ने लगी तो हैदर ने इस बार बी मीणा की हथेली को मीणा क चेहरे से दूर करते हुए इसमें गंधा क्या है darling….e तो एक डैम खुश करनेवाला काम है….
मीणा- है खुश तो करता hai….par बोलना या सुन्ना गंधा लगता hai……uhhhhh..
हैदर- ाचा तो अब मई क्या karu….tum तो ज़द गयी मुझे भूका मरकर….
मीणा- चुप करो मैंने कहा भूका मारा hai…tum करो तो सही …..
हैदर- मई तो कब से तैयार खड़ा हु पर तुम hi इसे गंधा कह रही हो……
मीणा जंगायी थी हैदर उसे टॉन्ट मर रहा hai…aur मीणा इ बी जानती थी अब टॉन्ट का जवाब टॉन्ट से hi दे इसके लिए इ सही वक़्त बी नह है सो वो हैदर को देख मुस्कुराते हुए बोली तो संजो क मुझे इ गंधा काम करने में मजा आ रहा hai…..hehehe..
हैदर- इ हुई न बात अब तो तेरी खैर नह कहते हुए इस बार उसने मीणा क दोनों पैरो को ऊपर करके अपने हाथो क बीच फसलीय ताकि मीणा टांग को हिलने की कोशिश बी न करे और अपनी लुंड को मीणा की छूट में पेल दिया और फिर से धक्को ने अपनी रफ़्तार पकड़ ली thi….aur दोनों फिर से एक दूसरे क होश बढ़ाते हुए मस्त हो गए the…meena क मोठे मसल जंघे पूरी तरह से ऊपर होने क वजह से निचे से मीणा की गांड बी खुल चुकी थी और हैदर क लुंड कभी कभी निशाना चुकार एक दो बार गांड क दरार पे बी धक्के का एसएस मीणा को हो गया था जो बेहद दर्दनाक होने पर बी मीणा क मजे में कोई रूकावट नह tha….aur दोनों क बीच गाछ गाछ gach….thap थप थप आवाज़ क साथ धनधन चुदाई होने लगी thi…dono मस्ती में मनचाहे करने में व्यस्त the….dono की चुदाई क रफ़्तार इतना तेज थी की बहार से आ रही ठण्ड हवा के ज़ौके क बीच बी दोनों का जिस्म पसीने से भर पड़ा हुवा था और एक दूसरे क बदन क टकराहट क चिका छिकहत की आवाज़ पुरे रूम में एक मधुर कामुक आवाज़ की तरह गूंज रही थी तो वही हैदर क जांघो से मीणा क मोठे कूल्हे को घर्षण से थप थप की आवाज़ उस मधुर संगीत में अपना ताल मिला रहे the…..dono क बीच करीब 10 मं तक कुछ बी बात नहीं हुई पर दोनों एक दूसरे क आँखों में देख कर एक दूसरे की ख़ुशी को बताने का काम बखूबी निभा रहे थे…

मीणा अपने टंगे ऊपर किये हुए हैदर क बहो टेल पीस रही thi…niche से हैदर का बलिष्ट लुंड मीणा की छूट फाड़ने में व्यस्त था तो ऊपर हैदर ने मीणा क दोनों मम्मो को अपने हाथो में समाये हुए उसकी मस्त मरम्मत करने में लगा था और बारी बारी मीणा क हॉट और निप्पल बी हैदर क होतो का रसपान करने का कोई कसार नह छोड़ रहे the…kareeb 10 मं क बाद मीणा को अपने पावो में मोच आने का एसएस हुआ तो मीणा ने हैदर को बोलकर अपना पाँव निचे करलिया तो इस बार हैदर छोत से उतरा और निचे खड़े होकर मीणा क टैंगो को अपने और खिनः लिया इस वजह से अब मीणा क पेअर छोत क निचे हवा में तैर ने लगे थे और मीणा बी समाज गयी थी हैदर उसे अब किस पोजीशन में छोड़ना चाहता hai…so मीणा ने अपने दोनों पाँव ऊपर किये और हैदर क खन्धो पर चडडिये और हैदर क लुंड क लिए अपना छूट का रास्ता खोल diya……aur दूसरे hi पल हैदर का लुंड फिर से मीणा क छूट में विराजमान होकर अपना कमल दिखने में व्यस्त होगया tha…hyder खड़े खड़े मीणा को धनधन छोड़ रहा था तो मीणा बी अपने कमर को हैदर क धक्को क साथ अपना ताल मिलते हुए अपनी कमर को आगे पीछे करते हुए पुरे लुंड को अपने छूट में समां ने लगी थी…
meena-uhhhhhhh ुष्ठ्हह शह्ह्ह्ह hyder…….sach में bahut….tagade मर्द से पला पड़ा mera….ahhhhhh बहुत खूबबबबबब thoko…..aur ठोको रोको मत्तत्तत ुह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह्हह हैदरररररर मेरे ररररास्फा अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह
हैदर- उययययय उम्मम्मम लिए मीनू खा मेरा lund……bahut तमन्ना थी तुजे छोड़ने की अह्ह्ह्हह्हह ाआज हाथ aaayi…ab रोज़ छोडूंगा ….ुयुयियी tuje…..din raat……huuu ाःहाहागा…
मीणा- छोड़ …. chod…..jitna चाहे छोड़ उय्य्य्यय्माआ जरा डीईईडीईए हूउउउउ bas….thoko..ooooohhhhh अह्ह्ह्हह
Hyder-,uuuuuuuuuu अह्हह्ह्ह्हलीबीए लूउउउऊँड़द्द कहाआआआ मीईनुउउउ अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह ुह्ह्ह्हह्ह गाछ गाछ गाछ.....
फिर से कुछ 10-15 मीन्स तक दोनों छूट और लुंड क मिलान में एक दूसरे क जोश बढ़ाते मस्त होगये थे और आखिर कर वो घडी ाही गयी जिस घडी का इंतज़ार दोनों को था और हैदर जोरो से हफते हुए मीणा से पूछा मीणा मई झड़ने वाला हु अंदर या बहार…..
मीणा हैदर क माथे पे पसरे पसीने को अपने हाथो से पोछते हुए बोली म्हणत बेकार नह जानी चाहिए हैदर अंदर hi दाल दो …
मीणा की बात सुनते hi हैदर अपनी रफ़्तार को और बढ़ाया और 4-5 तेज धक्को क साथ गुर्राते हुए अपने प्रेमरस को मीणा की छूट में दाखिल करने लगा और जिसकी गर्मी का एसएस होते hi मीणा मदहोशी में खोयी अपनी बी सबर क बांड को तोड़ चुकी thi…aur कुलमिलाकर आज क डेट में तीसरी बार जड़ने लगी thi…kuch 2-4 मीन्स मीणा क छूट में होली खेलने क बाद हैदर ने अपने मुर्ज़े हुए लुंड को मीणा की छूट से बहार निकला और मीणा क ऊपर hi हफते हुए सो गया..
मीणा बी हैदर को बड़ी ख़ुशी से अपने बहो में उसे समां कर कुछ देर हैदर को प्यार से चुम्मा छाती कर क अपनी ख़ुशी को झहीर कर di…to कुछ देर बाद हैदर बी मीणा से अलग होकर वही हफते हुए लेट गया..
एक जोरदार और दमदार चुदाई क बाद मीणा काफी तृप्त और खुश नज़र आ रही thi..dono इतने जोरो से हाफ रहे थे की दोनों ने मिलकर कोई पहाड़ खोद कर आये ho…dono एक पल क लिए एक दूसरे को देखे और अपने होतो को हलके से चूमकर अपना प्रेमरस को अदला बदली कर क सुकून से कुछ देर क रेस्ट लेने क लिए आंखे बंद कर लिए..
यही मीणा आज उसे मिले अद्भुत आनंद का मजा अपने जहाँ में उतारते हुए हैदर क बारे में सोच में hi मग्न थी और फ़्लैश बैक जाने लगी थी कैसे हैदर ने उसके साथ पहले दोस्ती का हाथ बढ़ाया, फिर वो उसके नज़दीक कैसे aaya..hyder का वो अनजान बने मश्ग करना इ सब याद आते hi मीणा मैं hi मैं खिल खिलाकर हसने lagi..aur हैदर ने जो उसकी दमदार चुदाई की थी उसकी तो वो दीवाना हो चुकी thi..hyder क लुंड से जो उसे मजा सुकून मिला था वो सुकून उसे जमील से बी प्राप्त नह हुआ tha..hyder ने काफी वाइल्ड तरीके से मीणा की छूट की चुदाई की थी जो एक सेक्सी औरत को बहुत पसंद आता hai…wahi चीज़ आज मीणा क साथ हुआ tha…wo इसके पहले बी जमील से बहुत बार लगातार 15-20 दिन तो चढ़ चुकी थी
.पर जमील ने कभी बी मीणा को वाइल्ड तरीके से सेक्स नह किया था ..जमील हमेशा मीणा से प्यार से पेश आता था पर आज हैदर ने प्यार बी दुखाया था और चुदाई बी बहुत रफ़ तरीके से की thi..isliye मीणा हैदर को लेकर काफी खुश thi…...lekin अचानक इस ख्याल में खोये मीणा को फिर से एक बार गिलटी का आभास होने लगा tha…wo एक बार फिर से सोचने पर मजबूर होगयी थी क्या उसने किया वो सही है, या गलत. और मीणा खुद जानती थी की वो गलत रस्ते पर अपना कदम रख चुकी hai…sirf इतना hi नह वो अपने पति क साथ बार बार धोखा कर रही है और इ किसी बी दृष्टिकोण से सही साबित नह होता और इस गलती का एसएस मीणा को होते hi मीणा की आंखे फिर से नाम सी गयी थी और न चाहते हुए बी उसके आँखों से दो तीन असू क बुँदे टपक कर निचे गिरने लगे the…meena खुद तैय नह कर पा रही थी की इस वक़्त उसे जो हैदर ने जिस्मानी सुख दिया है उससे खुश होना चाहिए या अपने पति क साथ किये धोके को याद करके पछतावा करना chahiye…meena अपनी आंखे खुले छोड़ ऊपर चाट की तरफ किये सोच में डूबी हुई थी की तब हैदर ने मीणा क दिल में चल रही हलचल को पहचान लिया और उसने देखा की मीणा एक जुट होकर चाट की तरफ देख कर कुछ सोच में मग्न है तो हैदर ने मीणा क ऊपर अपना हाथ दाल क मीणा क तरफ करवट बदल कर सोते हुए मीणा से पूछा क्या हुआ मीनू darling….kya तुम खुश नह ho..ya मैंने hi कुछ काम प्यार किया…
हैदर की बात सुनकर मीणा बी हैदर क तरफ मुद क सोते हुए बोली नह हैदर तुमने जो किया उससे मई बहुत खुश हु….
हैदर- तो फिर इ ासु, इ एक जुट हो कर sochna….kya बात है…
मीणा एक ग़हरी सास लेते हुए बोली ऐसा कुछ नह हैदर पर पता नह एक गिलटी की भावना मैं को खाने लगी है…
हैदर- गिलटी किस बात की गिलटी तुमने तो मेरे साथ कुछ गलत नह किया बल्कि तुमने बी तो मेरा भरपूर साथ diya…muje तो नह लगता की तुम किसी बात क लिए गिलटी महसूस करना chahiye…sach बात तो इ थी हैदर को लगा की मीणा उसके साथ पहली बार hi खुल क चुदाई करने पर शर्मिंदा है और इस बात क लिए गिलटी महसूस कर रही है पर उसे सचाई पता नह थी सो मीणा उसे बोली अरे नह हैदर मई उस बात से नह पर मुझे लगा रहा है जो बी हम दोनों क बीच हुआ वो गलत है…
हैदर को मीणा क बाते कुछ पहेली जैसा लग रही thi…q की मीणा ने बड़ी ख़ुशी से मजे लेकर चुदाई में हैदर का साथ दिया tha…par अब मीणा उसे गलत तेहरा रही है उसे थोड़ा बी अंदाज़ा नह था की मीणा एक गैर मर्द से छुड़ाने पर अपने पति क प्रति गिलटी महसूस कर रही है सो वो मीणा से पूछा मई तुम्हारी बात को समाज नह पा रहा हु ..
मीणा अपने असू पोछते हुए बोली हैदर मुझे लगता है की मैंने तुम्हारे साथ जिस्मानी रिश्ता जोड़ क मेरे पति क साथ धोका किया hai…lagta नह बल्कि इ धोका hi hai…isliye मुझे अपने किये पे गिलटी महसूस हो रही है…
मीणा की बात अब हैदर क दिमागी पूरी तरह बस गयी thi..aur वो बी हकीकत से वाकिफ था की एक शादीशुदा औरत अपने पति क अलावा किसी गैर मर्द क साथ जिस्मानी रिश्ता जोड़ना मतलब उसके जीवन की सबसे बड़ी galti…par हैदर जनता था अगर इस वक़्त वो इस गलती को गलती कह कर मीणा को सँभालने की कोशिश करेगा तो हो सकता है मीणा आगे जाकर उसके साथ जिस्मानी मिलान नह करनेवाली जो हैदर बिलकुल नहीं चाहता tha…so वो कुछ देर चुप रहा मीणा को कोई जवाब दिए बगैर और मैं hi मैं इस सिचुएशन को हैंडल करने का बारे में सोचता रहा….
यहाँ पर जैसे hi मीणा क असू काम होते गए मीणा थोड़ी रिलैक्स बी फील करने लगी thi..sach बात तो इ थी की मीणा को अपने किये पर गिलटी तो हुआ था पर वो जानती थी उसके पास इसके सिवा कोई और रास्ता नह है अपने जिस्म की आग को शांत करने का, अगर उसे इस गिलटी का थोड़ा सा बी पछतावा होता तो शायद मीणा हैदर क बहो में अब बी नंगी लेती नह होती बल्कि अपने कपडे पहन कर हैदर से दूरिया खयाम करने की कोशिश करती लेकिन इस वक़्त ऐसा सन बिलकुल नह दिखाई दे रहा tha…aur शायद मीणा क मैं में कुछ और बी सोच ने जन्म लिया था जिससे वो जानबूजकर अब हैदर क सामने ऐसे पेश करना छह रही thi…hyder को खामोश सोता देख मीणा हैदर से पूछी क्या हुआ हैदर तुम कुछ बोलते क्यू नह….
इस बीच हैदर ने कुछ ऐसा सोच रखा था की मीणा फिर से उसके बहो में राज़ करने तैयार हो jaaye..aur वो मीणा से बोलै
हैदर- अब क्या बोलू मीणा मैंने तो पूरी कोशिश की तुम खुश करने की, फिर बी तुम लगता है की तुम उस इंसान क बारे में सोच कर गिलटी फील करना है जो शायद तुम जिस्मानी सुख देने में कामयाब न होता हो….
हैदर की बात सुनकर मीणा एक पल क स्तब्ध रह गयी वो सोच में पड़गयी की हैदर को कैसे पता चला की मई अपने पति से जिस्मानी टूर से खुश नह hu…aur वो कुछ सोच ते हुए हैदर से boli.,.par हैदर तुम कैसे कह सकते हो की मई अपने पति से खुश नह हु…..
हैदर मीणा को बड़े प्यार से देखते हुए बोलै सच कहु मीणा जब तुम सेक्स कर रही थी मई तुम्हारे में एक ऐसी प्यास देख रहा था जो बरसो से न भुजी ho…aur तो और जब मेरा लुंड तुम्हारे छूट में समां रहा था तुम इतने प्यार से लुंड का स्वागत अपने छूट में कर रही थी जैसे तुम जिंदगी का असली खजाना मिल गया ho..aur सबसे खास बात जब हम दोनों चुदाई में मग्न एक दूसरे क लउर्फ उठा रहे थे तब बीच में तुम्हारे उसी पति जिसके बारे में तुम गिलटी महसूस कर रही हो उसका फ़ोन आने पर बी तुमने मुझे रोकना नह चाहा बल्कि तुम छुड़वाते hi अपने पति से बात करते rahi…in सब बातो से मई यकीं क साथ कह सकता हु की तुम अपने पति से नाखुश हो….